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BRICS Summit 2026

BRICS Summit 2026: मोदी-पुतिन की Mega Meeting, गले मिले और फिर हुई अहम बातचीत

राजधानी दिल्ली में BRICS Summit 2026 को लेकर हलचल तेज है। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन की मुलाकात ने एक बार फिर पूरी दुनिया का ध्यान भारत-रूस रिश्तों की ओर खींच दिया है। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का स्वागत किया। पहले गले मिले और फिर हाथ मिलाकर बातचीत के लिए आगे बढ़े। मोदी और पुतिन की यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है, जब भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। इसलिए दोनों नेताओं की बैठक को Summit के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। मोदी-पुतिन Meeting में किन मुद्दों पर होगी चर्चा? प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच बातचीत में भारत-रूस के पुराने और मजबूत संबंधों के साथ कई नए क्षेत्रों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। इनमें Defence, Energy, Trade, Investment और Technology Cooperation जैसे मुद्दे अहम हो सकते हैं। भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। ऐसे में नई दिल्ली में होने वाली इस बातचीत पर रक्षा क्षेत्र की भी नजर बनी हुई है। BRICS Summit 2026 पर दुनिया की नजर दिल्ली में आयोजित हो रहे BRICS Summit 2026 में कई देशों के नेता और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच इस सम्मेलन को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BRICS के विस्तार के बाद संगठन का आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव पहले से बढ़ा है। ऐसे में Summit में Global Trade, Economy, Supply Chain, Digital Cooperation और Global South से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत की कोशिश है कि BRICS को विकासशील देशों की आवाज को मजबूती देने वाले मंच के रूप में और प्रभावी बनाया जाए। Xi Jinping से भी अहम मुलाकात पर नजर BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच संभावित मुलाकात पर भी नजर है। भारत और चीन के रिश्तों में हाल के वर्षों में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की आमने-सामने बातचीत सिर्फ BRICS के लिए ही नहीं, बल्कि एशिया की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकती है। भारत-रूस Friendship का दिखा खास अंदाज मोदी और पुतिन की मुलाकात की शुरुआत जिस गर्मजोशी के साथ हुई, उसने भारत-रूस के रिश्तों की तस्वीर एक बार फिर सामने रख दी। दोनों देशों के बीच दशकों पुराने संबंध हैं और बदलती वैश्विक राजनीति के बावजूद यह partnership लगातार चर्चा में रहती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि BRICS Summit 2026 के दौरान भारत किन मुद्दों को प्राथमिकता देता है और बड़े नेताओं की बैठकों से कौन से अहम नतीजे सामने आते हैं। फिलहाल दिल्ली में BRICS Summit की तैयारियां और विदेशी नेताओं की Meetings जारी हैं। आने वाले घंटों में मोदी-पुतिन समेत अन्य नेताओं की बैठकों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण Updates सामने आ सकती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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चिदंबरम

BRICS पर कांग्रेस में बहस: चिदंबरम के सवाल पर थरूर का जवाब, बताया भारत को क्या फायदा

भारत में होने वाले BRICS Summit 2026 से पहले इस अंतरराष्ट्रीय संगठन को लेकर कांग्रेस के भीतर ही अलग-अलग राय सामने आ गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने सवाल उठाया कि आखिर BRICS की बैठकों से भारत को अब तक क्या ठोस फायदा मिला है। इसके जवाब में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने BRICS के महत्व को समझाते हुए कहा कि इसका फायदा केवल पैसों या व्यापार के आंकड़ों से नहीं मापा जा सकता। चिदंबरम का सवाल सीधा था—अगर भारत लगातार BRICS, SCO, G20 और QUAD जैसे कई अंतरराष्ट्रीय मंचों का हिस्सा है, तो इनसे देश को वास्तविक और ठोस लाभ क्या मिल रहा है? वहीं थरूर ने BRICS को भारत की Global Diplomatic Strategy का अहम हिस्सा बताया। चिदंबरम ने उठाया BRICS पर सवाल पी. चिदंबरम ने BRICS की उपयोगिता को लेकर सवाल करते हुए कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय संगठन की सफलता को उसके नतीजों के आधार पर परखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, पिछले कुछ BRICS सम्मेलनों से भारत को ऐसा कोई बड़ा ठोस परिणाम नजर नहीं आया, जिसे सीधे देश के फायदे से जोड़ा जा सके। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस शुरू हो गई। सवाल यह भी उठने लगा कि क्या बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की मेजबानी और बैठकों के अलावा BRICS भारत के लिए वास्तव में कितना उपयोगी है। हालांकि, चिदंबरम ने यह भी माना कि BRICS के शुरुआती दौर में भारत को कुछ महत्वपूर्ण फायदे मिले थे। थरूर ने बताया- BRICS का फायदा सिर्फ पैसे से नहीं चिदंबरम की टिप्पणी पर शशि थरूर ने अलग नजरिया सामने रखा। उन्होंने BRICS के महत्व को केवल किसी एक व्यापारिक समझौते या तत्काल आर्थिक लाभ से जोड़कर देखने से इनकार किया। थरूर के मुताबिक, BRICS भारत को दुनिया के कई महत्वपूर्ण देशों के साथ एक ही मंच पर बातचीत करने का अवसर देता है। खासकर Global South के देशों के बीच भारत अपनी आवाज और भूमिका को मजबूत कर सकता है। उनका तर्क है कि जब दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के देश किसी एक मंच पर साथ आते हैं और भारत उस मंच की अध्यक्षता या मेजबानी करता है, तो इससे देश की Diplomatic Reach बढ़ती है। भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है BRICS? BRICS अब केवल कुछ देशों का आर्थिक समूह नहीं रह गया है। इसके विस्तार के बाद इसमें कई बड़े विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हुई हैं। ऐसे में भारत के लिए यह मंच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और वैश्विक कूटनीति के लिहाज से अहम हो गया है। भारत इस मंच के जरिए विकासशील देशों की चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश करता रहा है। खासकर Global South के देशों के लिए वित्तीय व्यवस्था, विकास और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दे भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं। Digital Payment और CBDC पर भी नजर BRICS के जरिए भारत आर्थिक सहयोग को नए क्षेत्रों तक ले जाने की कोशिश कर रहा है। इनमें Cross-Border Payments और डिजिटल करेंसी से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं। भारत BRICS देशों के बीच डिजिटल भुगतान को आसान बनाने की दिशा में काम करने की कोशिश कर रहा है। अगर भविष्य में अलग-अलग देशों की Central Bank Digital Currency (CBDC) प्रणालियों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनती है, तो सीमा पार भुगतान में समय और लागत दोनों कम हो सकते हैं। हालांकि, इस दिशा में कई तकनीकी और राजनीतिक चुनौतियां भी हैं। इसलिए इसका फायदा तुरंत दिखाई देने के बजाय आने वाले वर्षों में सामने आ सकता है। Trade और Investment में भी मिल सकता है फायदा BRICS भारत के लिए व्यापार और निवेश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। समूह में शामिल देशों के साथ भारत के आर्थिक संबंध लगातार बढ़े हैं। ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं बनी हुई हैं। अगर BRICS के भीतर व्यापारिक प्रक्रियाएं आसान होती हैं और भुगतान व्यवस्था मजबूत होती है, तो भारतीय कंपनियों के लिए नए बाजार खुल सकते हैं। यही वजह है कि BRICS का असर सिर्फ किसी एक Summit के फैसले से नहीं, बल्कि लंबे समय में होने वाले आर्थिक सहयोग से समझना ज्यादा सही होगा। BJP ने चिदंबरम के सवाल पर साधा निशाना चिदंबरम के बयान को लेकर BJP ने कांग्रेस पर निशाना साधा। BJP नेताओं का कहना है कि BRICS की बढ़ती भूमिका को केवल तत्काल आर्थिक लाभ के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। पार्टी की ओर से भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और BRICS में देश की सक्रिय भागीदारी का हवाला दिया गया। BJP ने यह भी तर्क दिया कि भारत का कई बड़े देशों के साथ एक ही मंच पर बातचीत करना अपने आप में एक रणनीतिक उपलब्धि है। असली सवाल- ठोस फायदा कब दिखेगा? BRICS को लेकर चिदंबरम और थरूर के विचारों में अंतर एक बड़ी बहस को सामने लाता है। सवाल यह नहीं है कि BRICS महत्वपूर्ण है या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि इसकी सदस्यता और नेतृत्व से भारत को जमीन पर कितना फायदा मिलता है। थरूर BRICS के कूटनीतिक महत्व और भारत की वैश्विक भूमिका को इसकी बड़ी उपलब्धि मानते हैं। वहीं चिदंबरम ठोस और मापे जा सकने वाले परिणामों पर जोर दे रहे हैं। अब नजर BRICS Summit 2026 पर है। अगर सम्मेलन में व्यापार, डिजिटल पेमेंट, निवेश और Global South से जुड़े मुद्दों पर ठोस फैसले होते हैं, तो भारत के लिए BRICS की उपयोगिता और मजबूत होकर सामने आ सकती है। फिलहाल बहस जारी है कि BRICS भारत के लिए सिर्फ एक बड़ा diplomatic platform है या आने वाले समय में यह देश के लिए बड़े आर्थिक फायदे का रास्ता भी खोलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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हमीरपुर

SP-BJP Clash: हमीरपुर में आमने-सामने आईं महिला नेत्रियां, जमकर हुआ विवाद

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ी दो महिला नेत्रियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि किसी मुद्दे को लेकर शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में तीखी बहस में बदल गई और देखते ही देखते दोनों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा होने लगी है। बहस के बाद बिगड़ा माहौल जानकारी के मुताबिक, दोनों महिला नेत्रियां एक-दूसरे के सामने आईं तो किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। शुरुआत में मामला सिर्फ कहासुनी तक सीमित था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता चला गया। बात इतनी बढ़ी कि हाथापाई की स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को अलग करने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई। Video सामने आने के बाद बढ़ी चर्चा इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में दोनों महिला नेत्रियों के बीच विवाद होता दिखाई देने की बात सामने आई है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की प्रतिक्रियाओं पर भी नजर बनी हुई है। पुलिस Complaint पर सबकी नजर मामले में पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई है, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। यदि किसी पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज कराई जाती है तो पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर सकती है। फिलहाल हमीरपुर की यह Political Clash घटना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों पक्षों का पूरा पक्ष और विवाद की वास्तविक वजह सामने आने के बाद ही तस्वीर और साफ हो पाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bank Holiday

Bank Holiday: 5-Day Working की मांग को लेकर हड़ताल, शनिवार-रविवार से लगातार 3 दिन असर

देशभर के Bank Holiday 5-Day Working की मांग को लेकर आज हड़ताल का रुख अपनाया है। बैंककर्मियों की मांग है कि बैंकों में सप्ताह में सिर्फ पांच दिन काम हो और शनिवार-रविवार को नियमित छुट्टी दी जाए। हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी होने से बैंक शाखाओं की सेवाओं पर लगातार तीन दिनों तक असर पड़ सकता है। बैंक यूनियनों की ओर से लंबे समय से 5-Day Banking System लागू करने की मांग उठाई जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर में काम का दबाव लगातार बढ़ा है। ऐसे में पांच दिन काम और दो दिन की छुट्टी से कर्मचारियों को आराम के साथ परिवार के लिए भी समय मिल सकेगा। Bank Strike का ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा? हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में होने वाले रोजमर्रा के कई काम प्रभावित हो सकते हैं। कैश जमा करना, नकद निकासी, चेक से जुड़े काम, बैंक ड्राफ्ट और दूसरी branch-related services के लिए ग्राहकों को इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को अपेक्षाकृत कम परेशानी होगी। UPI, ATM, Internet Banking और Mobile Banking जैसी सेवाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है। किसी तकनीकी समस्या या बैंक की अपनी व्यवस्था के कारण इनमें अस्थायी दिक्कत अलग बात हो सकती है। क्यों हो रही है 5-Day Working की मांग? बैंक कर्मचारियों का कहना है कि पांच दिन की working व्यवस्था से कर्मचारियों को बेहतर Work-Life Balance मिल सकता है। उनका मानना है कि लगातार दो दिन की छुट्टी मिलने से कर्मचारी अगले सप्ताह बेहतर ऊर्जा और क्षमता के साथ काम कर पाएंगे। यह मांग बैंकिंग कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चर्चा में रही है। यूनियनों का जोर है कि बैंकिंग व्यवस्था को आधुनिक कामकाजी माहौल के अनुरूप बनाया जाए। शनिवार-रविवार की छुट्टी से बढ़ेगा असर आज की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी होने के कारण कई बैंक शाखाएं लगातार तीन दिन प्रभावित रहेंगी। ऐसे में जिन ग्राहकों का कोई जरूरी branch work है, उन्हें अगले working day तक इंतजार करना पड़ सकता है। खासकर महीने या सप्ताह के जरूरी भुगतान, चेक क्लियरेंस या दूसरे शाखा संबंधी काम वाले ग्राहकों को पहले से योजना बनाना बेहतर रहेगा। Digital Banking से राहत की उम्मीद आज बैंकिंग का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन हो चुका है। मोबाइल से पैसे ट्रांसफर करने से लेकर बिल भुगतान और UPI transaction तक कई काम घर बैठे किए जा सकते हैं। इसलिए हड़ताल का असर मुख्य रूप से physical bank branches पर देखने को मिल सकता है। फिर भी जिन लोगों को बैंक शाखा में जाकर काम कराना जरूरी है, उन्हें बैंक दोबारा खुलने के बाद भीड़ का सामना करना पड़ सकता है। अब सरकार और बैंकिंग संगठनों पर नजर बैंक कर्मचारियों की 5-Day Working की मांग के बीच अब सभी की नजर आगे होने वाली बातचीत पर है। कर्मचारियों की मांग और बैंकिंग सेवाओं की जरूरतों के बीच संतुलन बनाना अहम होगा। फिलहाल ग्राहकों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि जरूरी branch-related काम को ध्यान में रखकर अपनी banking plan करें और जहां संभव हो, Digital Banking Services का इस्तेमाल करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BRICS Summit 2026

BRICS Summit 2026: Delhi पहुंचे Putin, Modi से Meeting पर नजर; Su-57 Deal की भी चर्चा

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS Summit 2026 में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। उनके भारत दौरे को लेकर पहले से ही काफी चर्चा थी। अब पुतिन के दिल्ली पहुंचने के बाद सबसे ज्यादा नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली उनकी मुलाकात पर है। भारत और रूस के रिश्ते कई दशकों पुराने हैं। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, अंतरिक्ष और रक्षा समेत कई क्षेत्रों में लगातार सहयोग रहा है। ऐसे समय में जब दुनिया कई बड़े भू-राजनीतिक बदलावों से गुजर रही है, पुतिन का भारत दौरा दोनों देशों के लिए अहम माना जा रहा है। Putin-Modi Meeting पर सबकी नजर पुतिन के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत होने की उम्मीद है। इस बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ वैश्विक परिस्थितियों और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग पर चर्चा हो सकती है। दोनों नेताओं की मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत लगातार अपनी Strategic Autonomy पर जोर देता रहा है। वहीं रूस भारत के प्रमुख रणनीतिक साझेदारों में शामिल है। Su-57 को लेकर भी चर्चा तेज पुतिन के भारत दौरे से पहले रूस के Su-57 Fighter Jet को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दोनों देशों के बीच इस विमान से संबंधित संभावित सहयोग पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, अभी इसे किसी पक्की डील के तौर पर नहीं देखा जा सकता। किसी संभावित समझौते की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही इसकी तस्वीर साफ होगी। इसलिए फिलहाल Su-57 को लेकर चल रही खबरों को संभावित बातचीत के तौर पर ही देखना बेहतर है। 2016 Goa Summit में हुआ था S-400 Agreement भारत और रूस के संबंधों में साल 2016 का Goa BRICS Summit भी काफी अहम रहा था। उस समय दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए थे। इनमें S-400 सिस्टम से जुड़ा अंतर-सरकारी समझौता भी शामिल था। अब करीब दस साल बाद एक बार फिर BRICS के मंच पर भारत और रूस की मुलाकात हो रही है। यही वजह है कि इस बार दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत को लेकर कूटनीतिक हलकों में खास दिलचस्पी है। BRICS Summit में कई Global Issues पर होगी चर्चा BRICS Summit ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया में कई मोर्चों पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। रूस-यूक्रेन संघर्ष से लेकर पश्चिम एशिया की स्थिति और बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था तक, कई मुद्दे अंतरराष्ट्रीय एजेंडे में हैं। भारत के लिए BRICS केवल आर्थिक सहयोग का मंच नहीं है। यह ऐसा प्लेटफॉर्म भी है जहां नई दिल्ली अलग-अलग देशों के साथ अपने संबंधों को संतुलित करते हुए वैश्विक मुद्दों पर अपनी बात रखती है। India-Russia Relations के लिए क्यों खास है दौरा? पुतिन की दिल्ली यात्रा को केवल एक BRICS दौरे के रूप में देखना आसान होगा, लेकिन इसके पीछे भारत-रूस संबंधों का बड़ा संदर्भ भी है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से भरोसे और रणनीतिक सहयोग की परंपरा रही है। अब देखना होगा कि Modi-Putin Meeting से दोनों देशों के रिश्तों को लेकर क्या नए संकेत मिलते हैं। खासकर व्यापार, ऊर्जा और भविष्य के रणनीतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर होने वाली बातचीत पर सबकी नजर रहेगी। फिलहाल पुतिन के दिल्ली पहुंचने के साथ ही BRICS Summit 2026 की हलचल तेज हो गई है। आने वाले दिनों में भारत-रूस बातचीत से निकलने वाले संदेश पर देश ही नहीं, बल्कि दुनिया की नजर भी रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kedarnath

Weather Update: Kedarnath में Cloudburst से पैदल मार्ग बंद, UP-MP में Flood जैसे हालात

देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही तेज बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। उत्तराखंड के केदारनाथ (Kedarnath) से लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कहीं बादल फटने के बाद लैंडस्लाइड से रास्ते बंद हो गए हैं, तो कहीं पुल और हाईवे पानी में डूब गए हैं। मौसम की इस मार से सबसे ज्यादा परेशानी पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को हो रही है। Kedarnath में Cloudburst, पैदल मार्ग पर आया मलबा उत्तराखंड के केदारनाथ क्षेत्र में भारी बारिश के बीच Cloudburst की घटना सामने आई है। इसके बाद पहाड़ी रास्ते पर मलबा आने से पैदल यात्रा मार्ग प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के कारण लैंडस्लाइड का खतरा भी बना हुआ है। केदारनाथ जैसे ऊंचाई वाले इलाके में मौसम अचानक बदलने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। प्रशासन के सामने फिलहाल रास्ते को सुरक्षित बनाने और यात्रियों की आवाजाही को लेकर चुनौती बनी हुई है। भारी बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा विशेष रूप से बढ़ जाता है।  Mirzapur में पुल पर बारिश का असर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में भी बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। तेज बारिश और बढ़ते पानी के कारण पुल और आसपास के इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर पानी भरने से स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण सड़क और पुलों पर पानी बढ़ने से प्रशासन को भी लगातार स्थिति पर नजर रखनी पड़ रही है। Farrukhabad में Highway पर भरा पानी फर्रुखाबाद में भारी बारिश के बाद हाईवे पर जलभराव की स्थिति बन गई। सड़क पर पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार थम गई और यात्रियों को परेशानी हुई। हाईवे पर पानी बढ़ने के कारण कई जगह यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी रही। बारिश का सबसे ज्यादा असर उन इलाकों में दिखाई दे रहा है जहां पहले से जलनिकासी की व्यवस्था कमजोर है। Damoh में बाढ़ जैसे हालात मध्य प्रदेश के दमोह में भी लगातार बारिश के बाद हालात चिंताजनक हो गए हैं। कई इलाकों में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के साथ निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। ग्रामीण और निचले क्षेत्रों में बारिश का पानी पहुंचने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। प्रशासन की नजर जलस्तर और प्रभावित इलाकों पर बनी हुई है। कई राज्यों में बारिश बनी आफत उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सामने आई तस्वीरें बताती हैं कि इस समय बारिश सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि कई इलाकों में बड़ी चुनौती बन चुकी है। पहाड़ों में Cloudburst और Landslide का खतरा है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में Waterlogging और Flood-like Situation लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। ऐसे मौसम में सबसे जरूरी लोगों की सुरक्षा है। प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने और जोखिम वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की जरूरत है। केदारनाथ जैसे संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम साफ होने और रास्तों की स्थिति सामान्य होने तक अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मणिपुर के संगीतकार विक्रम सिंह की हत्या पर राहुल गांधी बोले- पहचान के आधार पर हिंसा चिंता की बात

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मणिपुर के दिवंगत संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विक्रम सिंह की हत्या को लेकर हिंसा और पहचान के आधार पर किसी व्यक्ति को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई। राहुल गांधी ने कहा कि विक्रम को कथित तौर पर सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह मणिपुर से आते थे। उन्होंने कहा कि किसी युवा की हत्या अपने आप में बड़ी त्रासदी है, लेकिन किसी व्यक्ति की पहचान और उसके मूल स्थान के आधार पर हमला होना भी गंभीर चिंता का विषय है। राहुल बोले- हिंसा और नफरत का इस्तेमाल गलत राहुल गांधी ने कहा कि इस घटना में हिंसा साफ तौर पर दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि घटना में हिंसा, नफरत और अहंकार नजर आता है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी सोच बढ़ रही है कि अगर कोई व्यक्ति ताकतवर है तो वह दूसरे के खिलाफ हिंसा कर सकता है। राहुल गांधी ने इस रवैये को गलत बताते हुए कहा कि ताकत के आधार पर किसी के साथ हिंसा करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। 8 आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी शामिल विक्रम सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने मंगलवार को 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, घटना 6 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे दक्षिण दिल्ली के आश्रम इलाके में हुई। मणिपुर मूल के 54 वर्षीय संगीतकार विक्रम सिंह अपने घर के नीचे डिलीवरी बॉय और स्थानीय ढाबे के कर्मचारियों के बीच हो रहे कथित शोर और हंगामे पर आपत्ति जताने गए थे। आरोप है कि इसके बाद डिलीवरी बॉय और ढाबे के कर्मचारियों ने विक्रम सिंह के साथ मारपीट की। आरोपियों ने कथित तौर पर बिल्डिंग के अंदर उनका तीन मंजिल तक पीछा किया और लात-घूंसों से हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में भारी आंतरिक रक्तस्राव की पुष्टि गुरुवार को सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, विक्रम सिंह की मौत सीने और पेट पर गंभीर शारीरिक चोटों के कारण हुए भारी आंतरिक रक्तस्राव से हुई। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। घटना को लेकर हिंसा और पहचान के आधार पर भेदभाव के मुद्दे पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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Apple ने लॉन्च किया फोल्डेबल iPhone Duo, कीमत 4.50 लाख तक; iPhone 18 Pro सीरीज भी आई

Apple ने बुधवार रात आयोजित लॉन्च इवेंट ‘Surprise and Shine’ में कई नए डिवाइस पेश किए। कंपनी ने पहली बार फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च किया है। इसके साथ iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max समेत कुल 6 नए डिवाइस पेश किए गए। iPhone Duo को कंपनी का अब तक का सबसे महंगा iPhone बताया जा रहा है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 3 लाख रुपए है, जबकि टॉप मॉडल की कीमत करीब 4.50 लाख रुपए तक जाती है। iPhone Duo में 7.6 इंच की मेन स्क्रीन फोल्डेबल iPhone Duo में बाहर की तरफ 5.4 इंच का कवर डिस्प्ले दिया गया है। फोन खोलने पर अंदर 7.6 इंच की मेन स्क्रीन मिलती है। कंपनी के मुताबिक, यह अब तक किसी भी iPhone में दिया गया सबसे बड़ा डिस्प्ले है। फोन में पहली बार डुअल-बैटरी सिस्टम दिए जाने की जानकारी है। इसके अलावा इसमें फिजिकल SIM कार्ड का विकल्प नहीं होगा। iPhone Duo केवल e-SIM के जरिए काम करेगा। भारत में iPhone Duo की बुकिंग 16 अक्टूबर से शुरू होगी, जबकि इसकी बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है। iPhone 18 Pro और Pro Max में DSLR जैसी कैमरा टेक्नोलॉजी Apple ने इस बार iPhone 18 सीरीज में केवल प्रीमियम मॉडल iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max लॉन्च किए हैं। इन दोनों मॉडल्स में सबसे ज्यादा जोर कैमरा सिस्टम पर दिया गया है। इनके मेन कैमरे में प्रोफेशनल DSLR कैमरों जैसी टेक्नोलॉजी दिए जाने का दावा किया गया है। भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपए, जबकि iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपए रखी गई है। इन दोनों मॉडल्स की बुकिंग 12 सितंबर से शुरू होगी और बिक्री 18 सितंबर से शुरू होगी। AirPods 5 और नई Apple Watch भी लॉन्च Apple के लॉन्च इवेंट में iPhone के अलावा AirPods 5, Apple Watch Series 12 और Watch Ultra 4 भी पेश किए गए। कंपनी के नए प्रोडक्ट्स में सबसे ज्यादा चर्चा फोल्डेबल iPhone Duo की है, जिसे Apple के स्मार्टफोन लाइनअप में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
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जयपुर में Zepto और Blinkit के डार्क स्टोर पर छापा, खराब और एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट नष्ट

जयपुर। जयपुर में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की सेंट्रल टीम ने क्विक कॉमर्स कंपनियों Zepto और Blinkit के डार्क स्टोर पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दोनों स्टोर में बड़ी मात्रा में खराब, क्षतिग्रस्त और एक्सपायरी डेट के खाद्य उत्पाद मिले। टीम ने ऐसे खाद्य उत्पादों को मौके पर ही नष्ट करवाया। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान खाद्य पदार्थों के सुरक्षित स्टोरेज और तापमान मानकों की भी जांच की गई। कुछ खाद्य उत्पादों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। Zepto के डार्क स्टोर में 1,550 पैकेट डेयरी प्रोडक्ट मिले रामनगरिया विस्तार के ए-ब्लॉक स्थित मैसर्स जे.डी.एस. मार्केटिंग के वेयरहाउस का टीम ने निरीक्षण किया। यहां कोल्ड रूम और डीप फ्रीजर में डेयरी प्रोडक्ट रखने का तापमान निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिला। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षित स्टोरेज के लिए तापमान करीब 5 डिग्री या उससे कम होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान फ्रिज का तापमान 6 से 14 डिग्री तक पाया गया। इसके बाद सरस और अमूल के दूध, दही और छाछ के करीब 1,550 पैकेट मौके पर ही नष्ट करवाए गए। 7 किलो एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट भी मिले जांच के दौरान करीब 7 किलोग्राम एक्सपायरी डेट के खाद्य उत्पाद मिले। इनमें मूसली, कैंडी और भुजिया समेत अन्य सामान शामिल था। टीम ने इन्हें भी मौके पर नष्ट करवाया। इसके अलावा डार्क स्टोर और कोल्ड रूम के आसपास पान मसाला और जर्दा थूकने के निशान भी मिले। अधिकारियों ने स्टोर प्रबंधन को तत्काल सफाई और व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए। स्टोर मैनेजर की मौजूदगी में पीनट बटर और शहद के सैंपल भी लिए गए। इन्हें जांच के लिए सेंट्रल लैब भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस डार्क स्टोर से रोजाना करीब 500 ऑर्डर की डिलीवरी की जाती है। Blinkit के स्टोर में 800 पैकेट डेयरी प्रोडक्ट नष्ट इसके बाद सेंट्रल टीम ने आदर्श नगर स्थित Blinkit के डार्क स्टोर पर दोपहर करीब 1 बजे कार्रवाई की। यहां करीब 800 पैकेट डेयरी प्रोडक्टके साथ बड़ी मात्रा में खराब और एक्सपायरी डेट के खाद्य उत्पाद मिले। जांच के दौरान कोल्ड स्टोर का तापमान 32 डिग्री पाया गया, जबकि अधिकारियों के मुताबिक खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण के लिए यहां करीब 5 डिग्री या उससे कम तापमान होना चाहिए। बटर, जूस और दूध के खराब पैकेट भी मिले कार्रवाई के दौरान टीम को 24 पैकेट अमूल बटर, 60 बोतल बॉम्बे बंटा जूस, लो-फैट दूध के 11 पाउच, ट्रॉपिकाना जूस और काउ घी समेत अन्य खाद्य सामग्री मिली। इसके अलावा करीब 1,400 मिलीलीटर अमूल टोंड मिल्क के क्षतिग्रस्त और एक्सपायरी डेट वाले पैकेट भी मिले। टीम ने इन सभी खाद्य उत्पादों को मौके पर नष्ट करवाया। दूध, घी और कार्बोनेटेड वाटर के सैंपल लिए फूड सेफ्टी टीम ने Blinkit के डार्क स्टोर से मिल्क, फूड घी और Paper Boat कार्बोनेटेड वाटर के सैंपल भी लिए। सभी सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के कमिश्नर अविचल चतुर्वेदी के मुताबिक, खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षित स्टोरेज सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की जांच आगे भी जारी रहेगी।
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बिहार में बाढ़ का कहर जारी, 41 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित; भागलपुर में 5 की मौत

पटना। बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है, लेकिन कई जिलों में हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं। राज्य के 14 जिलों की 517 पंचायतें अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ के कारण करीब 41.45 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। भागलपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से 5 लोगों की मौत भागलपुर के बाईपास थाना क्षेत्र के कोयली खुटहा गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान मंचों देवी, सोनाक्षी कुमारी, प्रिंस कुमार, अभिषेक कुमार और अंशु प्रिया के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, सड़क पर पानी भरा होने के कारण गहराई का अंदाजा नहीं लग सका और हादसा हो गया। राघोपुर में बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे पप्पू यादव वैशाली के राघोपुर में बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात करने सांसद पप्पू यादव पहुंचे। इस दौरान वह पीड़ितों को आर्थिक मदद कर रहे थे, तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें पटना स्थित आवास लाया गया, जहां डॉक्टर ने उनका इलाज किया। पप्पू यादव ने कहा कि अगर तबीयत ठीक रही तो वह शाम 5 बजे सोनपुर में बाढ़ पीड़ितों से मिलने जाएंगे। अररिया में आकाशीय बिजली से 3 की मौत अररिया में भी मौसम से जुड़ी घटना में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। लगातार बारिश और बाढ़ के बीच राज्य के कई हिस्सों में लोगों को प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है। सामान्य से 35% कम बारिश बिहार में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसके बावजूद कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। खाना खाने को लेकर बाढ़ पीड़ितों में मारपीट समस्तीपुर के विद्यापतिनगर प्लस टू हाईस्कूल में बाढ़ राहत शिविर के दौरान खाना खाने को लेकर बेगूसराय और समस्तीपुर के बाढ़ प्रभावितों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर एक-दूसरे पर हमला करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज भी होती दिखाई दे रही है। बाढ़ के बीच राहत शिविर में हुई इस घटना ने प्रशासन के सामने राहत व्यवस्था और लोगों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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मां कूष्मांडा

Navratri 2026: चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा, जानें कथा, भोग और मंत्र

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में उन्हें सृष्टि की रचनात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि उनकी आराधना से भक्तों को उत्साह, सकारात्मकता और नई शुरुआत की प्रेरणा मिलती है। मां कूष्मांडा की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब चारों ओर अंधकार था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। इसी कारण उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति के रूप में पूजा जाता है। यह कथा सृजन और ऊर्जा के महत्त्व को दर्शाती है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः। भोग: मां को मालपुआ या मीठे फल अर्पित करने की परंपरा कुछ क्षेत्रों में प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gandhinagar

Gandhinagar Municipal Election: भाजपा को बहुमत, कांग्रेस को फायदा; AAP को एक भी सीट नहीं

Gandhinagar Municipal Election गुजरात की राजधानी गांधीनगर के नगर निगम चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा है। 44 सीटों वाले नगर निगम में भाजपा ने 38 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। वहीं, कांग्रेस 5 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) इस बार अपना खाता भी नहीं खोल पाई। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। 13 अक्टूबर को सामने आए चुनाव परिणामों में भाजपा के लिए राहत की बात यह रही कि नगर निगम की सत्ता उसके पास बनी रही। हालांकि, पिछली बार के मुकाबले पार्टी की सीटें कम हुई हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर स्थानीय राजनीति में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। Gandhinagar Election Result: BJP को 38, कांग्रेस को मिलीं 5 सीटें गांधीनगर नगर निगम की 44 सीटों के लिए 11 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई। मतगणना के बाद भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। पार्टीवार नतीजे इस प्रकार रहे: इन आंकड़ों से साफ है कि भाजपा ने नगर निगम में बहुमत बनाए रखा है। वहीं, कांग्रेस को मिली पांच सीटें और AAP का खाता नहीं खुलना इस चुनाव के प्रमुख नतीजे रहे। पिछली बार से BJP की सीटें घटीं, कांग्रेस ने बढ़ाई ताकत गांधीनगर नगर निगम के पिछले चुनाव अक्टूबर 2021 में हुए थे। उस समय भाजपा ने 44 में से 41 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं, जबकि आम आदमी पार्टी ने भी एक सीट हासिल की थी। इस बार तस्वीर में कुछ बदलाव देखने को मिला। भाजपा की सीटें 41 से घटकर 38 रह गईं, जबकि कांग्रेस दो से बढ़कर पांच सीटों तक पहुंच गई। AAP पिछले चुनाव में मिली अपनी एकमात्र सीट भी नहीं बचा सकी। यानी भाजपा ने अपनी सत्ता कायम रखी, लेकिन कांग्रेस ने पिछली बार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। इन नतीजों ने गांधीनगर की स्थानीय राजनीति में दोनों प्रमुख दलों की स्थिति को फिर चर्चा में ला दिया है। Ward No. 6 Result: कांग्रेस ने चारों सीटों पर दर्ज की जीत गांधीनगर नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 6 का परिणाम भी खास रहा। यहां कांग्रेस ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 7 में भी कांग्रेस को एक सीट मिली, जबकि बाकी तीन सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार विजयी रहे। इसके अलावा, वार्ड नंबर 2 में निर्दलीय उम्मीदवार दीपिका वाघेला ने जीत हासिल की। यह परिणाम दिखाता है कि भाजपा को कुल मिलाकर स्पष्ट बहुमत मिलने के बावजूद कुछ वार्डों में मुकाबला अलग रहा। Gandhinagar Municipal Election: कितना रहा मतदान? गांधीनगर नगर निगम चुनाव में 59.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव के लिए 11 वार्डों की 44 सीटों पर कुल 130 उम्मीदवार मैदान में थे। 11 अक्टूबर को मतदान के बाद 13 अक्टूबर को मतगणना हुई। नतीजे सामने आने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखने में सफल रही है। Gujarat Civic Polls: थारा और ओखा में भी BJP को बढ़त गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में गांधीनगर के अलावा थारा और ओखा नगरपालिका के नतीजे भी चर्चा में रहे। थारा नगरपालिका की 24 सीटों में भाजपा ने 19 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं। वहीं, ओखा नगरपालिका में मतदान वाली 32 सीटों में भाजपा ने 29 और कांग्रेस ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की। ओखा में चार अन्य सीटें भाजपा पहले ही निर्विरोध जीत चुकी थी। इस तरह गांधीनगर, थारा और ओखा के चुनाव परिणामों में भाजपा ने अपनी स्थिति बनाए रखी। हालांकि, गांधीनगर में कांग्रेस की सीटें बढ़ना भी इन नतीजों का एक अहम पहलू रहा। Gandhinagar Election Result 2026: आगे किस पर रहेगी नजर? चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब गांधीनगर नगर निगम में नई परिषद के गठन और महापौर के चयन की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। महापौर पद को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल, चुनाव का सबसे बड़ा नतीजा यही है कि भाजपा ने 38 सीटों के साथ नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखा है। कांग्रेस को पिछले चुनाव के मुकाबले तीन सीटों का फायदा हुआ, जबकि AAP इस बार एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी। गांधीनगर के ये नतीजे स्थानीय निकाय की राजनीति में भाजपा की स्थिति और कांग्रेस की बढ़ी हुई सीटों, दोनों को सामने रखते हैं। आने वाले समय में नगर निगम के फैसलों और नई परिषद के कामकाज पर लोगों की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UPI

UPI Charges Update: ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर 0.4% फीस, दिवाली तक टला फैसला

UPI Transaction Charges में डिजिटल पेमेंट करने वाले दुकानदारों और कारोबारियों के लिए UPI चार्ज से जुड़ा अहम अपडेट सामने आया है। ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% फीस लगाने की व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होनी थी, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए इसे दिवाली तक टालने की जानकारी सामने आई है। इससे त्योहारों के दौरान डिजिटल पेमेंट करने वाले कारोबारियों को फिलहाल राहत मिल सकती है। हालांकि, इस फैसले से जुड़ी नई तारीख और लागू होने वाली शर्तों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। इसलिए ग्राहकों और दुकानदारों को किसी भी बदलाव से पहले संबंधित दिशानिर्देशों पर ध्यान देना चाहिए। UPI Payment Charges: क्या है पूरा मामला? आज देश में छोटी दुकानों से लेकर बड़े शोरूम तक UPI के जरिए भुगतान किया जाता है। सब्जी खरीदने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और बड़े बिलों का भुगतान करने तक, QR कोड स्कैन करना लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुका है। इसी बीच ₹2,000 से ज्यादा के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की चर्चा है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने वाली थी, लेकिन दिवाली के दौरान बाजार में बढ़ने वाली खरीदारी और डिजिटल लेनदेन को देखते हुए इसे आगे बढ़ाने की बात कही गई है। यहां समझना जरूरी है कि MDR का संबंध कारोबारी भुगतान से है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर UPI यूजर को पैसे भेजने या प्राप्त करने पर अतिरिक्त फीस देनी होगी। क्या PhonePe और Google Pay से पेमेंट करना होगा महंगा? UPI चार्ज की खबर सामने आने के बाद कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या PhonePe, Google Pay और दूसरे UPI ऐप से भुगतान करने पर अब अतिरिक्त पैसे देने होंगे। फिलहाल आम ग्राहकों को यह समझना चाहिए कि प्रस्तावित मर्चेंट चार्ज और व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI ट्रांसफर अलग-अलग हैं। सामान्य P2P ट्रांजैक्शन पर इस तरह का MDR लागू नहीं होता। इसी तरह, निर्धारित नियमों के तहत आने वाले छोटे मूल्य के मर्चेंट ट्रांजैक्शन भी इस चार्ज से बाहर रह सकते हैं। इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि ₹2,000 से अधिक का हर UPI पेमेंट महंगा हो जाएगा। दुकानदारों को क्यों मिल सकती है राहत? दिवाली के समय बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। कपड़े, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और घरेलू सामान की दुकानों पर डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ता है। ऐसे में ट्रांजैक्शन चार्ज से जुड़े फैसले को आगे बढ़ाने से कारोबारियों को त्योहार के दौरान भुगतान व्यवस्था में बदलाव के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है। खासकर छोटे दुकानदारों के लिए यह मुद्दा महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके कारोबार में UPI पेमेंट की बड़ी भूमिका होती है। हालांकि, चार्ज किस पर और किन शर्तों के तहत लागू होगा, यह संबंधित आधिकारिक नियमों पर निर्भर करेगा। UPI Transaction Fee: कब लागू होगा नया नियम? ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% फीस से जुड़े फैसले को दिवाली तक टालने की खबर सामने आई है। लेकिन नई लागू तारीख और अंतिम नियमों की पुष्टि आधिकारिक घोषणा से ही की जानी चाहिए। इसलिए ग्राहकों और कारोबारियों को फिलहाल किसी भी अपुष्ट जानकारी के आधार पर यह नहीं मानना चाहिए कि सभी UPI पेमेंट पर चार्ज लगने वाला है। UPI यूजर्स के लिए जरूरी सलाह UPI ने देश में डिजिटल भुगतान को आसान और तेज बनाया है। ऐसे में चार्ज से जुड़ी किसी भी नई व्यवस्था का असर समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि नियम किस प्रकार के ट्रांजैक्शन पर लागू होता है। आम यूजर्स को अपने सामान्य डिजिटल पेमेंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, दुकानदारों को किसी भी संभावित चार्ज के बारे में अपने बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर से जानकारी लेनी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SIR

Patna SIR Protest: पटना में छात्रों का हंगामा, बैरिकेडिंग तोड़ी; छात्राओं को खींचकर ले जाने का आरोप

बिहार की राजधानी पटना (Patna) में SIR (Special Intensive Revision) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में सड़क पर उतरे छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबर सामने आई। वहीं, पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने और प्रदर्शन कर रही छात्राओं को खींचकर ले जाने के आरोपों ने भी इस मामले को चर्चा में ला दिया है। प्रदर्शन की इन घटनाओं के बीच अब पुलिस की कार्रवाई और SIR की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर सबकी नजर है। Patna में SIR के खिलाफ प्रदर्शन, सड़क पर उतरे छात्र पटना में SIR के विरोध में छात्रों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की नाराजगी मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से मतदाता सूची से न हटे। SIR यानी Special Intensive Revision का उद्देश्य मतदाता सूची की विशेष जांच और उसे अपडेट करना है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। Protest के दौरान टूटी बैरिकेडिंग, पुलिस से टकराव प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बन गई। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने की घटना भी सामने आई है। हालांकि, इस घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों के बारे में आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। छात्राओं को खींचकर ले जाने का आरोप पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि प्रदर्शन कर रही कुछ छात्राओं को पुलिसकर्मी खींचकर वहां से ले गए। इस घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, छात्राओं की संख्या, उन्हें हिरासत में लिए जाने की स्थिति और इस मामले में पुलिस का पक्ष स्पष्ट होने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आएगी। क्या है SIR और क्यों हो रहा है इसका विरोध? SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है। यह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाताओं के विवरण की जांच की जाती है और सूची को अपडेट किया जाता है। इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे संगठनों की प्रमुख चिंता यह है कि जांच के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। उनका जोर पारदर्शिता, सही दस्तावेजों और मतदाताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने का उचित अवसर देने पर है। वहीं, मतदाता सूची को अपडेट करना चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। ऐसे में इस मुद्दे पर स्पष्ट दिशा-निर्देश और शिकायतों का समय पर समाधान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Patna Protest के बाद पुलिस की कार्रवाई पर नजर पटना में SIR के खिलाफ हुए इस प्रदर्शन के बाद अब पुलिस की कार्रवाई और घटनास्थल से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी। बैरिकेडिंग तोड़ने, पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने और छात्राओं को खींचकर ले जाने के आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक बयान और उपलब्ध वीडियो अहम होंगे। फिलहाल, इस घटना से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और हिरासत से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Today: सेंसेक्स 600 अंक उछला, Nifty में 200 अंकों की तेजी; IT और Banking Stocks में खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में मंगलवार, 13 अक्टूबर को कारोबार के दौरान अच्छी तेजी देखने को मिली। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स ने जोरदार वापसी की और 600 अंकों से ज्यादा की बढ़त दर्ज की। वहीं, निफ्टी भी करीब 200 अंक चढ़ गया। IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी बढ़ने से बाजार को सहारा मिला। सुबह करीब 10 बजे BSE Sensex 72,500 के ऊपर कारोबार कर रहा था, जबकि NSE Nifty 50 भी 22,500 के पार पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों को राहत मिली। हालांकि, कई शेयरों में बिकवाली जारी रहने से बाजार की तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। Sensex-Nifty में तेजी, निवेशकों को मिली राहत शेयर बाजार में मंगलवार को खरीदारी का माहौल मजबूत होता दिखाई दिया। सेंसेक्स करीब 660 अंक चढ़कर 72,585 के आसपास पहुंच गया। दूसरी ओर, निफ्टी में लगभग 202 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,565 के स्तर के करीब कारोबार करता नजर आया। पिछले सत्रों में बाजार पर दबाव देखने को मिला था। ऐसे में प्रमुख सूचकांकों में आई इस तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत दी। हालांकि, बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। IT Stocks में सबसे ज्यादा हलचल मंगलवार को IT सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। HCL Technologies और Tata Consultancy Services (TCS) के शेयरों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा Infosys और Tech Mahindra के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रही। IT कंपनियों के तिमाही नतीजों और कारोबार से जुड़े अपडेट का असर शेयरों पर दिखाई दिया। खासकर HCLTech के नतीजों से जुड़ी सकारात्मक खबरों ने सेक्टर में खरीदारी को बढ़ावा दिया। IT शेयरों में आई तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। Banking Stocks ने भी दिया बाजार का साथ IT शेयरों के साथ बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। HDFC Bank, State Bank of India (SBI), Bajaj Finance और Bajaj Finserv जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग शेयरों में बढ़त का असर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर भी पड़ा। हालांकि, सभी सेक्टरों में एक जैसी तेजी नहीं रही। कुछ शेयरों में कमजोरी बनी रही, जिससे पता चलता है कि निवेशक चुनिंदा कंपनियों में ही पैसा लगा रहे थे। रुपये की मजबूती से बाजार को सहारा शेयर बाजार के अलावा मुद्रा बाजार में भी हलचल देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती से निवेशकों की धारणा को कुछ समर्थन मिला। रुपये की चाल पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कदमों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और डॉलर की वैश्विक स्थिति का असर पड़ता है। हालांकि, आने वाले दिनों में रुपये की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक हालात पर निर्भर करेगी। महंगाई और कच्चे तेल पर भी रहेगी नजर बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों की चिंताएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। खुदरा महंगाई, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे समय में कंपनियों के तिमाही नतीजे भी महत्वपूर्ण हैं। बेहतर नतीजे पेश करने वाली कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों पर दबाव बना रह सकता है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? सेंसेक्स और निफ्टी में आई तेजी बाजार के लिए राहत की खबर है, लेकिन इसे लगातार तेजी की गारंटी नहीं माना जा सकता। बाजार में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, शेयर की कीमत और उससे जुड़े जोखिमों को समझना जरूरी है। कुल मिलाकर, 13 अक्टूबर को IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बाजार अपनी बढ़त को कितना बरकरार रखता है और आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत किस तरह असर डालते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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