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शुभेंदु अधिकारी

JeM Terror Suspect Arrested: शुभेंदु अधिकारी पर हमले की कथित साजिश की जांच

पश्चिम बंगाल में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के बीच एक बड़ा मामला सामने आया है। राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित तौर पर जुड़े एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई गई है कि आरोपी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को निशाना बनाने की योजना से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है। कैसे हुआ खुलासा? सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को कुछ समय से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों और धमकी भरे इनपुट मिल रहे थे। इसके बाद STF ने तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर एक विशेष अभियान चलाया। ऑपरेशन के दौरान एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में उसके प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से संपर्क होने की आशंका सामने आई। फिलहाल एजेंसियां इस दावे की पुष्टि के लिए हर पहलू की जांच कर रही हैं। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की हो रही फोरेंसिक जांच गिरफ्तार आरोपी के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं। इन सभी को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था। उसके ईमेल, चैट, सोशल मीडिया गतिविधियों और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। क्या सचमुच CM को बनाया गया था निशाना? अभी तक किसी सरकारी एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर हमला निश्चित रूप से होने वाला था। जांच अधिकारी इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि आरोपी की मंशा क्या थी और क्या उसके पास किसी साजिश को अंजाम देने की वास्तविक तैयारी थी। यही वजह है कि एजेंसियां फिलहाल पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए हर सबूत की बारीकी से जांच कर रही हैं। बढ़ाई गई मुख्यमंत्री की सुरक्षा मामले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की गई है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह का जोखिम लेने के पक्ष में नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय में भी मुख्यमंत्री को लेकर कुछ धमकी भरे इनपुट मिले थे। ऐसे में मौजूदा गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। कई एजेंसियां कर रहीं संयुक्त जांच इस मामले की जांच केवल बंगाल STF तक सीमित नहीं है। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है। जांचकर्ताओं का फोकस इस बात पर है कि आरोपी के देश के भीतर या सीमा पार किसी आतंकी नेटवर्क से संबंध थे या नहीं। यदि जांच में किसी बड़े मॉड्यूल के संकेत मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। अफवाहों से बचने की अपील मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपुष्ट दावों पर भरोसा न करें। केवल आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित साजिश कितनी गंभीर थी और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Mandir

Ram Mandir चढ़ावा विवाद पर संसद में हंगामा, Pappu Yadav बने पुजारी, Rahul Gandhi ने दिया चंदा

संसद के मानसून सत्र में शुक्रवार को राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। विपक्ष ने इस मामले को लेकर संसद परिसर से लेकर लोकसभा के अंदर तक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव पुजारी के वेश में नजर आए। उनके हाथ में पूजा की थाली थी, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रतीकात्मक रूप से चंदा डालकर विरोध का समर्थन किया। इस अनोखे प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो पूरे दिन चर्चा का विषय बने रहे। Ram Mandir Donation Row पर विपक्ष का विरोध विपक्ष का आरोप है कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे के प्रबंधन में गड़बड़ियां हुई हैं। इसी मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव का पुजारी वाला रूप सभी का ध्यान खींचता नजर आया। उनके साथ मौजूद विपक्षी नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाए, जबकि राहुल गांधी ने पूजा की थाली में प्रतीकात्मक चंदा डालकर इस विरोध को समर्थन दिया। लोकसभा में नहीं चल सकी कार्यवाही संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने इस मुद्दे पर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांगता रहा, जबकि सत्ता पक्ष ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। कई बार शांति बनाए रखने की अपील के बावजूद जब स्थिति सामान्य नहीं हुई तो लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। सरकार ने आरोपों को किया खारिज सरकार और भाजपा नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि राम मंदिर ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है और चढ़ावे के प्रबंधन में किसी तरह की अनियमितता नहीं है। विपक्ष धार्मिक आस्था से जुड़े विषय को राजनीतिक मुद्दा बनाकर संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा । वहीं विपक्ष का कहना है कि यदि सब कुछ पारदर्शी है तो स्वतंत्र जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। जांच की मांग पर अड़ा विपक्ष विपक्ष ने मांग की है कि राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े सभी वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं और पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। उनका कहना है कि इससे श्रद्धालुओं के मन में उठ रहे सवालों का जवाब भी मिल सकेगा। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि मंदिर ट्रस्ट निर्धारित नियमों के तहत काम कर रहा है और बिना ठोस सबूतों के लगाए जा रहे आरोप केवल राजनीतिक बयानबाजी हैं। सोशल मीडिया पर छाया संसद का यह प्रदर्शन पप्पू यादव के पुजारी वाले अंदाज और राहुल गांधी द्वारा चढ़ावे की थाली में चंदा देने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। किसी ने इसे विपक्ष का अनोखा विरोध बताया तो किसी ने इसे राजनीतिक प्रतीकवाद करार दिया। अब यह मुद्दा संसद के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी रहने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhiwandi

Bhiwandi में मरम्मत के दौरान गिरी 4 मंजिला Building, 9 लोगों की मौत; कई के मलबे में फंसे होने की आशंका

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी (Bhiwandi) से शुक्रवार सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई। शहर के एक रिहायशी इलाके में स्थित चार मंजिला (G+4) इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। राहत एवं बचाव टीमों का कहना है कि मलबे के नीचे अभी भी 4 से 5 लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है। सुबह-सुबह मचा हड़कंप प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा सुबह उस समय हुआ जब आसपास के लोग अपने रोजमर्रा के काम में लगे हुए थे। अचानक तेज आवाज के साथ इमारत का बड़ा हिस्सा ढह गया। कुछ ही सेकंड में पूरा इलाका धूल के गुबार से भर गया और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय नागरिक सबसे पहले मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश शुरू की। Repair Work के दौरान हुआ हादसा शुरुआती जानकारी के अनुसार, इमारत में मरम्मत (Repair Work) चल रहा था। इसी दौरान भवन का एक हिस्सा अचानक गिर गया और देखते ही देखते पूरी संरचना मलबे में तब्दील हो गई। हालांकि हादसे की असली वजह क्या थी, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। Rescue Operation लगातार जारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, नगर निगम और NDRF की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी मशीनों, क्रेन और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरे मलबे की जांच नहीं हो जाती, तब तक राहत अभियान जारी रहेगा। बचाव दल हर संभावित जगह पर सावधानी से सर्च ऑपरेशन चला रहा है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका प्रशासन ने फिलहाल 9 लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं, राहत टीमों को आशंका है कि कुछ लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जर्जर इमारतों पर फिर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर महाराष्ट्र के पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई पुरानी इमारतें वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रही हैं, लेकिन समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए जाते। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे भवनों का नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट और समय पर मरम्मत बड़े हादसों को रोक सकती है। प्रशासन ने जांच के दिए आदेश हादसे के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाएंगे कि इमारत की स्थिति क्या थी, मरम्मत का काम किसकी निगरानी में चल रहा था और कहीं सुरक्षा नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्या है स्थिति? राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन ने लोगों से घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। जैसे-जैसे मलबा हटाया जा रहा है, वैसे-वैसे हादसे से जुड़ी नई जानकारियां सामने आ रही हैं। पूरे राज्य की नजर अब इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ITR

ITR Deadline 2026: आज चूके तो लगेगा ₹5,000 तक का जुर्माना, CA ने बताए 4 आसान Steps

अगर आपने अभी तक Income Tax Return (ITR) फाइल नहीं किया है, तो अब और इंतजार करना भारी पड़ सकता है। 31 जुलाई को ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख है और इसके बाद रिटर्न भरने वालों को नियमों के अनुसार ₹5,000 तक की लेट फीस चुकानी पड़ सकती है। आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 5 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना रिटर्न दाखिल कर चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी अंतिम समय का इंतजार कर रहे हैं। टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि आखिरी दिन पोर्टल पर ट्रैफिक काफी बढ़ जाता है। ऐसे में सर्वर धीमा होने या तकनीकी दिक्कत आने की संभावना रहती है। इसलिए अंतिम समय का जोखिम लेने के बजाय जल्द से जल्द ITR फाइल करना बेहतर रहेगा। देर से ITR भरने पर कितना लगेगा जुर्माना? अगर तय समय सीमा के बाद Income Tax Return दाखिल किया जाता है, तो आयकर कानून के तहत लेट फीस देनी पड़ सकती है। CA ने बताए ITR Filing के 4 आसान Steps चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का कहना है कि थोड़ी तैयारी के साथ ITR भरना काफी आसान हो जाता है। इसके लिए इन चार बातों का ध्यान रखें। 1. जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें रिटर्न भरने से पहले PAN, Aadhaar, Form-16, AIS (Annual Information Statement), बैंक अकाउंट की जानकारी, निवेश और TDS से जुड़े दस्तावेज अपने पास रखें। इससे फाइलिंग के दौरान समय बचेगा। 2. सही ITR Form का चयन करें हर टैक्सपेयर के लिए ITR फॉर्म अलग हो सकता है। आपकी आय का स्रोत वेतन, बिजनेस, किराया या अन्य किसी माध्यम से है, उसी के अनुसार सही फॉर्म चुनें। गलत फॉर्म भरने पर रिटर्न अमान्य हो सकता है। 3. सभी जानकारी अच्छी तरह जांच लें रिटर्न सबमिट करने से पहले बैंक अकाउंट, PAN, TDS, आय और टैक्स की सभी जानकारियों का मिलान जरूर करें। छोटी-सी गलती भी बाद में नोटिस या रिफंड में देरी की वजह बन सकती है। 4. e-Verification करना बिल्कुल न भूलें ITR जमा करने के बाद Aadhaar OTP, Net Banking या Digital Signature के जरिए e-Verification जरूर करें। बिना e-Verification के आपका रिटर्न अधूरा माना जाएगा। आखिरी दिन इन बातों का रखें विशेष ध्यान समय पर ITR भरना क्यों है जरूरी? Income Tax Return केवल टैक्स भरने का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह आपकी वित्तीय पहचान का भी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड होता है। होम लोन, पर्सनल लोन, वीजा आवेदन, क्रेडिट प्रोफाइल और टैक्स रिफंड जैसी कई प्रक्रियाओं में ITR की जरूरत पड़ती है। इसलिए समय पर रिटर्न दाखिल करना भविष्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Meta

Meta India Controversy: PM Modi से जुड़े AI Fake Content पर FIR, Cyber Crime ने शुरू की जांच

सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी Meta एक बार फिर विवादों में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कथित AI Morphed और आपत्तिजनक कंटेंट के प्रसार को लेकर हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। इस मामले में Meta India के हेड अरुण श्रीनिवास समेत कई Facebook और Instagram अकाउंट ऑपरेटर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच शुरू हो चुकी है और पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। क्या है पूरा मामला? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि Facebook और Instagram पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े AI की मदद से तैयार किए गए मॉर्फ फोटो, वीडियो और अन्य आपत्तिजनक पोस्ट साझा किए गए। इन पोस्ट्स को सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाया गया, जिससे गलत जानकारी और भ्रामक सामग्री फैलने की आशंका जताई गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संबंधित कंटेंट प्लेटफॉर्म पर काफी समय तक उपलब्ध रहा। इसी आधार पर Meta India के स्थानीय प्रबंधन की भूमिका और कंटेंट मॉडरेशन प्रक्रिया को भी जांच के दायरे में रखा गया है। किन लोगों पर दर्ज हुई FIR? हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने Meta India के हेड अरुण श्रीनिवास के अलावा कई सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवादित कंटेंट किसने तैयार किया, किसने अपलोड किया और उसके प्रसार में किन-किन लोगों की भूमिका रही। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या प्लेटफॉर्म की ओर से ऐसे कंटेंट को समय पर हटाने में किसी तरह की लापरवाही हुई थी। Student Protest के दौरान वायरल हुए पोस्ट बताया जा रहा है कि विवादित पोस्ट हाल ही में हुए छात्र आंदोलन के दौरान तेजी से वायरल हुए थे। शिकायत के अनुसार, इन पोस्ट्स ने कम समय में बड़ी संख्या में यूजर्स तक पहुंच बनाई। इसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठी और साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पहले भी Meta पर उठ चुके हैं सवाल यह पहला मौका नहीं है जब Meta किसी विवाद में घिरी हो। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक Facebook पोस्ट को तकनीकी कारणों से अस्थायी रूप से हटाए जाने के बाद भी कंपनी को सरकार के सवालों का सामना करना पड़ा था। उस समय Meta ने घटना पर खेद जताते हुए कहा था कि पोस्ट गलती से हटा था और कंपनी इस पूरे मामले की समीक्षा कर रही है। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी सुधार किए जाने की बात भी कही गई थी। जांच जारी, आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार फिलहाल हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। डिजिटल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट्स और पोस्ट की उत्पत्ति से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। Meta India की ओर से एफआईआर दर्ज होने के बाद अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। क्या हो सकता है आगे? विशेषज्ञों का मानना है कि AI से तैयार किए गए फर्जी या मॉर्फ कंटेंट को लेकर आने वाले समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और अधिक बढ़ सकती है। यह मामला केवल आपत्तिजनक पोस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि AI आधारित गलत सूचना, डिजिटल सुरक्षा और कंटेंट मॉडरेशन जैसे बड़े मुद्दों पर भी नई बहस छेड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Update: MP, UP सहित 7 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, Gujarat-Uttarakhand में Schools Closed

देश के कई हिस्सों में मानसून (Monsoon) एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। लगातार हो रही बारिश ने उत्तर से लेकर पश्चिम भारत तक हालात बदल दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और ओडिशा सहित सात राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कई जगहों पर नदियां उफान पर हैं, सड़कें पानी में डूबी हुई हैं और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। सबसे गंभीर स्थिति उत्तराखंड के हरिद्वार में देखने को मिल रही है, जहां गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। वहीं गुजरात और उत्तराखंड के कई जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। IMD ने जारी किया Heavy Rain Alert मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और ओडिशा के अनेक जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। कुछ इलाकों में बहुत भारी वर्षा होने के कारण जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता फिलहाल बनी रहेगी, इसलिए लोगों को मौसम विभाग की ताजा अपडेट पर लगातार नजर रखने की जरूरत है। हरिद्वार में गंगा का बढ़ा जलस्तर उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश का असर गंगा नदी पर साफ दिखाई दे रहा है। हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान तक पहुंच चुकी है। प्रशासन ने घाटों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने की अपील की है। आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। Gujarat और Uttarakhand में Schools Closed भारी बारिश को देखते हुए गुजरात के कई शहरों और उत्तराखंड के संवेदनशील जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। लगातार बारिश के कारण कई सड़कों पर जलभराव हो गया है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है। मौसम सामान्य होने के बाद ही स्कूल दोबारा खोले जाएंगे। MP और UP में भी बढ़ी चिंता मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। कई निचले इलाकों में पानी भरने की खबरें सामने आ रही हैं। स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और जरूरत पड़ने पर राहत दलों को तुरंत तैनात करने की तैयारी कर ली गई है। किसानों के लिए यह बारिश जहां खरीफ फसलों के लिहाज से फायदेमंद मानी जा रही है, वहीं लगातार बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बढ़ गई है। लोगों के लिए जरूरी सलाह भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। अगले कुछ दिन रहेंगे अहम मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। ऐसे में कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। बारिश जहां गर्मी से राहत लेकर आई है, वहीं कई इलाकों में यह लोगों की मुश्किलों की वजह भी बन रही है। ऐसे समय में थोड़ी सी सतर्कता और प्रशासन की सलाह का पालन करना ही सबसे सुरक्षित कदम साबित होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jantar Mantar

Jantar Mantar Protest पुलिसकर्मियों के परिजनों का छलका दर्द, बोले- ‘प्रोटेस्ट में Student नहीं, गुंडे थे’

जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद सामने आ रही तस्वीरें और परिवारों की आपबीती इस घटना की गंभीरता को बयां कर रही हैं। प्रदर्शन के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। इस बीच घायल जवानों के परिजनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब उनके पिता और परिवार के सदस्य ड्यूटी से घर लौटे, तो उनकी वर्दी खून से सनी हुई थी। परिवारों का कहना है कि यह दृश्य उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं था। ‘वर्दी पूरी तरह खून से लाल थी’ घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनके पिता कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर तैनात थे। शाम को जब वे घर पहुंचे तो उनकी वर्दी खून से लाल थी और शरीर पर चोट के कई निशान थे। परिवार के सदस्यों ने कहा कि उस पल उन्हें एहसास हुआ कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी किस तरह जोखिम उठाते हैं। एक परिजन ने कहा, “जब हमने पापा को देखा तो उनकी हालत देखकर पूरे परिवार की आंखें नम हो गईं। वे दर्द में थे, लेकिन सबसे पहले यही बोले कि ड्यूटी निभाना उनका फर्ज था।” परिजनों का आरोप- ‘प्रदर्शन में स्टूडेंट नहीं, उपद्रवी थे’ घायल जवानों के परिवारों का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लोग मौजूद थे, जिन्होंने पुलिस पर हमला किया। उनका कहना है कि यदि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होता तो इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी घायल नहीं होते। हालांकि, इस मामले में अलग-अलग पक्ष अपनी-अपनी बातें रख रहे हैं। घटना की परिस्थितियों और हिंसा के कारणों की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी। घटना के बाद बढ़ी सुरक्षा हिंसा के बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना दोबारा न हो। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। ड्यूटी निभाते पुलिसकर्मियों के सामने बड़ी चुनौती विशेषज्ञों का मानना है कि विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का अहम हिस्सा है, लेकिन किसी भी प्रदर्शन का हिंसक रूप लेना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन जाता है। ऐसे हालात में पुलिसकर्मियों पर सबसे अधिक जिम्मेदारी होती है, क्योंकि उन्हें कानून का पालन कराते हुए भी संयम बनाए रखना पड़ता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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पेपर लीक कानून पास होने के बाद पीएम मोदी का बड़ा संदेश, बोले- पेपर माफिया और गैंग को नहीं बख्शेंगे

संसद के दोनों सदनों से पेपर लीक से जुड़े संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद गुरुवार रात करीब 10:40 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कई दशकों से देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकारों को पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और तकनीक के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता महसूस की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि “कोई भी पेपर माफिया, पेपर लीक करने वाली गैंग या देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हमने संसद में जो वादा किया था, उसे पूरा करते हुए कठोर प्रावधानों वाला विधेयक दोनों सदनों से पारित कराया है।” 2 मिनट 26 सेकेंड के वीडियो को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम पर 2 मिनट 26 सेकेंड का वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। वीडियो पोस्ट होने के महज 17 मिनट के भीतर उसे 8 लाख से अधिक लाइक मिल गए, जिससे सोशल मीडिया पर भी इसे व्यापक प्रतिक्रिया मिली। 8 दिनों में चौथा इंस्टाग्राम वीडियो यह पिछले आठ दिनों में प्रधानमंत्री मोदी का इंस्टाग्राम पर साझा किया गया चौथा वीडियो है। इससे पहले रविवार को उन्होंने परीक्षा सुधार के लिए गठित हाईपावर टास्क फोर्स की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि छह सदस्यीय इस समिति की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी कर रहे हैं। यह समिति परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के लिए सुझाव देगी। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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पेपर लीक संशोधन विधेयक राज्यसभा से भी पास, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून

नई दिल्ली। पेपर लीक से जुड़े संशोधन विधेयक को लोकसभा के बाद गुरुवार को राज्यसभा से भी मंजूरी मिल गई। अब यह विधेयक राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून के रूप में लागू हो जाएगा। राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह जब विधेयक पर जवाब देने के लिए खड़े हुए, तभी विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इससे पहले चर्चा के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को समाप्त करने की मांग करते हुए तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि NTA को “बंगाल की खाड़ी में फेंक देना चाहिए।” वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा। अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ असंसदीय और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया तथा गंभीर और निराधार आरोप लगाए। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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नेपाल के सुनसरी में कांवड़ यात्रा के दौरान हिंसा, 2 की मौत; कई इलाकों में कर्फ्यू

नेपाल के सुनसरी जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए भारतीय सीमा से सटे सुनसरी और सिराहा जिलों के कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। डीजे की आवाज को लेकर शुरू हुआ विवाद जानकारी के अनुसार, रविवार को कांवड़िए कोसी बैराज से जल लेकर लौट रहे थे। इस दौरान डीजे और लाउडस्पीकर की तेज आवाज पर दूसरे समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। पुलिस की फायरिंग, दो लोगों की मौत स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस पर भी भीड़ ने पथराव किया, जिसमें एक इंस्पेक्टर सहित आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने पहले भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की, लेकिन हिंसा नहीं थमी। इसके बाद रात करीब 10:45 बजे पुलिस को गोली चलानी पड़ी। फायरिंग में ओम प्रकाश मेहता की मौके पर मौत हो गई, जबकि घायल जयप्रकाश मेहता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल और आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) की टीमें तैनात की गई हैं। तीन साल पहले दी गई थी चेतावनी नेपाल के तराई और मधेश क्षेत्र में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने तीन वर्ष पहले ही सरकार को आगाह किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट में धर्म और जातीय आधार पर लोगों को बांटने की संगठित कोशिशों की चेतावनी दी थी। रिपोर्ट में तत्काल राजनीतिक और प्रशासनिक कदम उठाने की सिफारिश की गई थी, लेकिन अधिकारियों के अनुसार उस समय इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि नेपाल को भारत के मणिपुर सहित दक्षिण एशिया के अन्य देशों में हुई सांप्रदायिक घटनाओं से सीख लेकर समय रहते कदम उठाने चाहिए। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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