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Global Trade 18% से 10% पर आया भारत का टैरिफ, ट्रम्प की नई नीति लागू

अमेरिका की व्यापार नीति में एक बड़ा और अचानक बदलाव देखने को मिला है। Donald Trump ने सभी देशों से अमेरिका में आयात होने वाले सामान पर 10% का नया यूनिवर्सल टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह फैसला ऐसे समय में आया जब इससे कुछ घंटे पहले ही Supreme Court of the United States ने एक पुराने आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत भारत पर 18% का विशेष टैरिफ लागू था। इस घटनाक्रम ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। क्या है पूरा मामला? पहले भारत से अमेरिका जाने वाले कुछ उत्पादों पर 18% तक का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था। इससे भारतीय निर्यातकों—खासतौर पर स्टील, इंजीनियरिंग गुड्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर—को सीधा असर झेलना पड़ रहा था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह 18% टैरिफ समाप्त हो गया। लेकिन उसी के तुरंत बाद 10% का नया सार्वभौमिक टैरिफ लागू करने की घोषणा ने तस्वीर बदल दी। भारत के लिए राहत या नई चुनौती? सीधी बात करें तो 18% से घटकर 10% होना भारत के लिए आंशिक राहत है।मतलब: लेकिन 10% टैरिफ पूरी तरह राहत नहीं है। इससे लागत बढ़ेगी और मुनाफे पर असर पड़ेगा। Global Trade पर क्या असर पड़ेगा? यह फैसला सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। सभी देशों पर समान 10% शुल्क लगाने से: विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिकी घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। आम लोगों पर क्या असर? यह सवाल भी अहम है।अगर आयात महंगे होंगे तो अमेरिका में उपभोक्ताओं को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। वहीं भारत में निर्यात से जुड़े उद्योगों और कामगारों के लिए यह राहत और चिंता—दोनों का मिश्रण है। आगे क्या? अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भारत सरकार इस नए 10% टैरिफ को लेकर क्या रुख अपनाती है। क्या द्विपक्षीय व्यापार वार्ता तेज होगी? क्या कुछ सेक्टर को छूट मिल सकती है? फिलहाल इतना साफ है कि अमेरिका की यह नई टैरिफ नीति वैश्विक व्यापार संतुलन को प्रभावित करेगी, और भारत को भी अपनी रणनीति नए सिरे से तय करनी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AI SUMMIT में कांग्रेस का विरोध, आज BJP का प्रदर्शन: भिवंडी में राहुल गांधी को काले झंडे

AI SUMMIT में कांग्रेस का विरोध, आज BJP का प्रदर्शन: भिवंडी में राहुल गांधी को काले झंडे

AI Summit के दौरान कांग्रेस के विरोध के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) सड़कों पर उतर आई है। इस पूरे घटनाक्रम ने राजधानी दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र के भिवंडी तक राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। भिवंडी में राहुल गांधी को दिखाए गए काले झंडे Rahul Gandhi जब महाराष्ट्र के भिवंडी पहुंचे, तो वहां कुछ लोगों ने उनका विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाकर नाराजगी जताई। मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को संभाला और किसी बड़े टकराव की खबर नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के राजनीतिक बयानों को लेकर असंतोष है, जिसके कारण यह विरोध हुआ। हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर BJP का प्रदर्शन राजधानी दिल्ली में भी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। Bharatiya Janata Party के कार्यकर्ताओं ने Indian National Congress मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। BJP नेताओं का कहना है कि AI समिट के दौरान कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन के जवाब में यह विरोध दर्ज कराया गया है। बढ़ता राजनीतिक तनाव दोनों पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले चुनावों को देखते हुए इस तरह के विरोध और प्रदर्शन और तेज हो सकते हैं। आम जनता के लिए यह राजनीतिक खींचतान कई सवाल खड़े करती है—क्या यह मुद्दों की राजनीति है या सिर्फ सियासी रणनीति? फिलहाल देश की राजनीति में गर्माहट बढ़ी हुई है और आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AI

AI Summit Controversy भारत मंडपम में Youth Congress का Protest, लगे “Modi is Compromised” के नारे

नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल एआई (AI) समिट उस समय अचानक सुर्खियों में आ गया, जब यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन किया। इस समिट में देश-विदेश से टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ, उद्योगपति और नीति-निर्माता शामिल हुए थे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi की मौजूदगी भी चर्चा का केंद्र थी। अचानक बदला माहौल कार्यक्रम अपने निर्धारित एजेंडे के अनुसार चल रहा था, तभी कुछ युवक अपनी सीटों से खड़े हुए और टी-शर्ट उतारकर नारे लगाने लगे। “Modi is Compromised” के नारे कुछ मिनटों तक गूंजते रहे। वहां मौजूद लोगों के लिए यह एक अप्रत्याशित पल था—तकनीक और भविष्य की बातों के बीच अचानक राजनीतिक विरोध ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को बाहर ले जाया। थोड़ी देर की अफरा-तफरी के बाद कार्यक्रम फिर सामान्य रूप से जारी रहा। विरोध की वजह क्या है? यूथ कांग्रेस से जुड़े प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर उनकी चिंताएं हैं। उनका आरोप है कि इस तरह के समझौते से छोटे उद्योगों, किसानों और स्थानीय व्यापारियों पर दबाव बढ़ सकता है। उनका मानना है कि सरकार को किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले व्यापक चर्चा और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। राजनीतिक बयानबाजी तेज घटना के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई। विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा बताया, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष के नेताओं ने इसे एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कदम करार दिया। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि वैश्विक साझेदारियों और आर्थिक नीतियों को लेकर देश के भीतर अलग-अलग मत मौजूद हैं। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल भारत मंडपम जैसे उच्च-सुरक्षा वाले स्थल पर इस तरह का विरोध कैसे हुआ, इसे लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया गया था और किसी तरह की बड़ी बाधा नहीं आई। तकनीक के मंच पर राजनीति की गूंज एआई समिट का मकसद भारत की तकनीकी क्षमता और वैश्विक सहयोग को मजबूत करना था। लेकिन इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि देश में आर्थिक नीतियों और अंतरराष्ट्रीय समझौतों को लेकर भावनाएं कितनी प्रबल हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tharoor

PR Show या Progress Delhi AI Summit पर Tharoor और Rahul आमने-सामने

नई दिल्ली में आयोजित Delhi AI Summit 2026 इन दिनों सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि राजनीति का भी बड़ा मुद्दा बन गया है। जहां एक तरफ यह समिट भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने की कोशिश के रूप में पेश किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर सियासी बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर के कार्यक्रमों में छोटी-मोटी गड़बड़ियां होना असामान्य नहीं है। उनका मानना है कि भारत को नई तकनीकों, खासकर AI, के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच बेहद जरूरी हैं। थरूर ने संकेत दिया कि कमियों पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन सकारात्मक पहल को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। वहीं कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने इस समिट को “PR तमाशा” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े आयोजनों के जरिए अपनी छवि चमकाने की कोशिश कर रही है, जबकि असली जरूरत रोजगार सृजन, शिक्षा सुधार और तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की है। क्या है Delhi AI Summit का मकसद? सरकार के अनुसार, इस समिट का उद्देश्य भारत को AI इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करना, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना और नीति-निर्माण में वैश्विक सहयोग बढ़ाना है। कई देशी-विदेशी विशेषज्ञों, कंपनियों और नीति-निर्माताओं की भागीदारी इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व का आयोजन बना रही है। राजनीतिक हलकों में क्यों बढ़ी चर्चा? दिलचस्प बात यह है कि एक ही पार्टी के दो बड़े नेताओं के अलग-अलग रुख ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। थरूर का संतुलित समर्थन और राहुल गांधी की कड़ी आलोचना इस बात की ओर इशारा करती है कि AI समिट अब तकनीकी मंच से आगे बढ़कर राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुका है। आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब? तकनीकी समिट की चर्चा भले ही बड़े मंचों पर हो रही हो, लेकिन आम नागरिक के मन में सवाल यही है—क्या इससे रोजगार बढ़ेंगे? क्या युवाओं को नए अवसर मिलेंगे? क्या भारत सच में AI क्षेत्र में अग्रणी बन पाएगा? फिलहाल, Delhi AI Summit 2026 ने एक बात साफ कर दी है—AI सिर्फ टेक्नोलॉजी का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह राजनीति, विकास और भविष्य की दिशा तय करने वाला विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में इस पर बहस और तेज होने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Himachal

Himachal Road Trip 2026 नई Entry Fee लागू, अब सफर होगा महंगा

अगर आप इस साल गर्मियों में Himachal Trip प्लान कर रहे हैं, तो आपके बजट पर थोड़ा अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। Himachal Pradesh सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर लगने वाली Entry Fee/Green Tax में बड़ा इजाफा कर दिया है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी। इस फैसले का सीधा असर उन पर्यटकों पर पड़ेगा जो अपनी गाड़ी से Shimla, मनाली या धर्मशाला जैसी जगहों की यात्रा करते हैं। क्या है नया Entry Fee Structure? सरकार द्वारा जारी नई दरों के अनुसार: कुछ श्रेणियों में फीस लगभग ढाई गुना तक बढ़ाई गई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह शुल्क केवल बाहरी राज्यों में रजिस्टर्ड वाहनों पर लागू होगा। हिमाचल में पंजीकृत गाड़ियों को इससे छूट मिलेगी। क्यों बढ़ाई गई फीस? राज्य सरकार का कहना है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्राकृतिक आपदाओं और वित्तीय दबाव के बीच सरकार नए संसाधन जुटाने की कोशिश कर रही है। सरकार का तर्क है कि पर्यटन से होने वाली आय का एक हिस्सा बुनियादी ढांचे और सड़कों के रखरखाव पर खर्च किया जाएगा। आम यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा? साफ है कि अब हिमाचल की यात्रा पहले से थोड़ी महंगी हो जाएगी। हालांकि कई पर्यटक मानते हैं कि हिमाचल की खूबसूरती और ठंडी वादियां आज भी हर खर्च को जायज़ ठहराती हैं। फिर भी, अगर आप Road Trip प्लान कर रहे हैं, तो अब अपने बजट में Entry Tax को जरूर शामिल करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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राहुल गांधी

Defamation Case में राहुल गांधी का बयान सुल्तानपुर कोर्ट के बाहर नजर आया ‘सत्यमेव जयते’

सुल्तानपुर, 20 फरवरी 2026: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज सुल्तानपुर कोर्ट पहुंचे, जहां उनका Defamation Case (मानहानि मुकदमा) सुनवाई के लिए निर्धारित था। यह मामला 2018 का है, जब स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी। राहुल गांधी सुबह कोर्ट पहुंचे और उन्होंने सीधे अपनी बयानबाजी की। सुनवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। कोर्ट परिसर के बाहर कांग्रेस समर्थकों ने ‘सत्यमेव जयते’ जैसे पोस्टर लगाकर सत्य और न्याय का संदेश फैलाया। केस की पृष्ठभूमि इस मानहानि केस में राहुल गांधी ने कथित रूप से अमित शाह (केंद्र गृह मंत्री) के खिलाफ बयान दिया था, जिसे वादी ने मानहानि बताया। पिछले पाँच साल से यह मामला कोर्ट में चल रहा है। दिसंबर 2023 में राहुल गांधी की गैरमौजूदगी के कारण उनके खिलाफ वारंट जारी हुआ था। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया और दो जमानतें (प्रत्येक ₹25,000) पर जमानत दी गई। राहुल गांधी ने अपनी बयानबाजी में खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। कोर्ट ने वादी को साक्ष्य पेश करने का निर्देश दिया था, और आज की सुनवाई में राहुल गांधी ने अपना बयान दर्ज करवाया। राजनीतिक और सामाजिक असर यह मामला न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि चुनावी माहौल पर भी असर डाल सकता है। कोर्ट के बाहर लगे पोस्टर और समर्थकों का उत्साह इस बात का संकेत दे रहे हैं कि यह केस जनता और मीडिया की नजरों में है। संक्षेप: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Om Birla

Speaker Om Birla AI Controversy लोकसभा विशेषाधिकार विभाग का कांग्रेस के 8 नेताओं को नोटिस

देश की राजनीति में एक बार फिर डिजिटल कंटेंट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) से जुड़े एक कथित AI-जनित वीडियो को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया सेल को लोकसभा के विशेषाधिकार विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इस मामले में पार्टी के आठ नेताओं से जवाब मांगा गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। क्या है पूरा मामला? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया गया, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से तैयार बताया जा रहा है। आरोप है कि वीडियो में लोकसभा स्पीकर के संदर्भ में आपत्तिजनक और भ्रामक प्रस्तुति की गई। शिकायत के मुताबिक, इससे न केवल एक संवैधानिक पद की गरिमा प्रभावित हुई, बल्कि संसद के विशेषाधिकार का भी संभावित उल्लंघन हुआ है। डिजिटल दौर में इस तरह की सामग्री तेजी से वायरल होती है और आम लोगों तक कुछ ही मिनटों में पहुंच जाती है। यही वजह है कि यह मामला राजनीतिक दायरे से निकलकर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है। शिकायत के बाद कैसे बढ़ा मामला? बीजेपी सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने इस वीडियो को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि वीडियो भ्रामक है और इससे लोकसभा की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। शिकायत मिलने के बाद लोकसभा के विशेषाधिकार विभाग ने संज्ञान लेते हुए कांग्रेस मीडिया सेल को नोटिस जारी कर दिया। किन नेताओं को मिला नोटिस? नोटिस के दायरे में कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत समेत कुल आठ पदाधिकारी शामिल हैं। सभी से तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है। सूत्रों के अनुसार, जवाब मिलने के बाद उसे स्पीकर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। AI और राजनीति: क्यों बढ़ रही चिंता? यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राजनीति में AI और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग न हो, तो इससे भ्रम, गलतफहमियां और संस्थाओं की साख पर असर पड़ सकता है। आम नागरिकों के लिए भी यह एक याद दिलाने वाला क्षण है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज पूरी तरह सच हो—यह जरूरी नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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RJD

Rajya Sabha Election 2026 5वीं सीट पर दिलचस्प मुकाबला, Owaisi–Mayawati दिलाएंगे RJD को जीत

बिहार में तेज हुई सियासी हलचल बिहार में राज्यसभा (Rajya Sabha)चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। विधानसभा के भीतर संख्या बल का गणित और बाहर जारी राजनीतिक बयानबाजी ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। खासकर 5वीं सीट को लेकर जो स्थिति बनी है, उसने सभी दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। RJD के सामने कठिन गणित मौजूदा समीकरणों के अनुसार राष्ट्रीय जनता दल (RJD) शुरुआती सीटों पर तो मजबूत नजर आती है, लेकिन 5वीं सीट के लिए उसे अतिरिक्त समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए तय कोटा पूरा करना जरूरी होता है, और यही गणित इस बार चुनौती बन गया है। Owaisi और Mayawati क्यों अहम? इस पूरे समीकरण में दो नाम लगातार चर्चा में हैं— असदुद्दीन ओवैसी और मायावती। AIMIM और BSP के विधायकों का रुख तय कर सकता है कि मुकाबला किस दिशा में जाएगा।अगर इनका समर्थन RJD को मिलता है, तो 5वीं सीट की राह आसान हो सकती है। लेकिन तटस्थता या विपक्ष का साथ पूरी तस्वीर बदल सकता है। सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम का असर राज्यसभा चुनाव सिंगल ट्रांसफरेबल वोट प्रणाली के तहत होता है। इसमें विधायकों की प्राथमिकताएं भी महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में क्रॉस-वोटिंग या रणनीतिक मतदान की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि यह मुकाबला आखिरी क्षण तक रोमांच बनाए रख सकता है। छोटे दल और निर्दलीय बन सकते हैं किंगमेकर इस चुनाव ने छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की अहमियत भी बढ़ा दी है। कई बार यही नेता सत्ता के समीकरण बदल देते हैं। पर्दे के पीछे जारी बैठकों और बातचीत का दौर इसी रणनीतिक महत्व को दर्शाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Macron

PM Modi–Macron Mumbai Meet 3.25 लाख करोड़ Defence Deal, 114 Rafale Jets से बढ़ेगी भारत की ताकत

मुंबई की हलचल के बीच जब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron का स्वागत किया, तो यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक कूटनीति नहीं थी। यह दो भरोसेमंद साझेदारों के बीच भविष्य की सुरक्षा, तकनीक और आर्थिक सहयोग की नई इबारत लिखने की कोशिश थी। बैठक में रक्षा सहयोग को केंद्र में रखते हुए करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये के संभावित सौदे पर चर्चा हुई। इस डील के तहत भारत को 114 Rafale fighter jets मिल सकते हैं, जो भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को नई ऊंचाई देंगे। Rafale Deal क्यों है खास? राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी Dassault Aviation द्वारा बनाए जाते हैं। ये मल्टीरोल फाइटर जेट्स हवा से हवा और हवा से जमीन पर सटीक हमले करने में सक्षम हैं। भारत पहले ही 36 राफेल विमानों को अपनी वायुसेना में शामिल कर चुका है। अब 114 अतिरिक्त विमानों की संभावित खरीद का मतलब है—सीमाओं की बेहतर सुरक्षा, तेज प्रतिक्रिया क्षमता और आधुनिक युद्ध तकनीक में बढ़त। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा क्षेत्रीय चुनौतियों को देखते हुए भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन की संख्या बढ़ाना समय की मांग है। ऐसे में यह सौदा सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। Make in India और रोजगार पर असर इस डील में तकनीक हस्तांतरण (Technology Transfer) और भारत में निर्माण (Make in India) को भी प्राथमिकता मिलने की संभावना है। अगर ऐसा होता है, तो यह सिर्फ रक्षा क्षेत्र नहीं बल्कि भारतीय उद्योग, MSME सेक्टर और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। स्थानीय उत्पादन से भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता (Defence Self-Reliance) को मजबूती मिलेगी और विदेशी निर्भरता घटेगी। Indo-Pacific Strategy में मजबूत साझेदारी भारत और फ्रांस के संबंध सिर्फ हथियारों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और अंतरिक्ष कार्यक्रमों में भी साथ काम कर रहे हैं। फ्रांस की इस क्षेत्र में रणनीतिक मौजूदगी और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका—दोनों मिलकर एक संतुलित और स्थिर क्षेत्रीय व्यवस्था की दिशा में काम कर रहे हैं। भरोसे की साझेदारी का नया अध्याय मुंबई में हुई यह मुलाकात एक संदेश भी देती है—भारत और फ्रांस का रिश्ता समय के साथ और मजबूत हो रहा है। रक्षा सौदे से आगे बढ़कर यह साझेदारी तकनीक, ऊर्जा, नवाचार और वैश्विक कूटनीति तक फैली हुई है। यदि 114 Rafale Jets की यह डील अंतिम रूप लेती है, तो यह न सिर्फ भारत की सुरक्षा क्षमता को मजबूत करेगी, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगी। यह सिर्फ एक रक्षा समझौता नहीं, बल्कि दो लोकतांत्रिक देशों के बीच साझा भविष्य की कहानी है—जहां रणनीति के साथ-साथ भरोसा भी सबसे बड़ी ताकत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chandigarh के एलांते मॉल में हंगामा, खाने में कीड़ा मिलने का आरोप

Chandigarh के एलांते मॉल में हंगामा, खाने में कीड़ा मिलने का आरोप

Chandigarh के Elante Mall के फूड कोर्ट में उस वक्त हंगामा हो गया, जब एक ग्राहक ने खाने में कीड़ा मिलने का आरोप लगाया। ग्राहक का कहना है कि उसने चाइनीज डिश ऑर्डर की थी, जिसमें उसे कीड़ा नजर आया। उसने इस घटना का वीडियो भी दिखाया, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में नाराजगी बढ़ गई। मामले के बढ़ने पर संबंधित कैफे के मैनेजर (GM) ने स्थिति संभालने की कोशिश की। उन्होंने ग्राहक से माफी मांगी और कहा कि इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। घटना के बाद फूड कोर्ट में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अन्य ग्राहकों ने भी खाने की क्वालिटी और सफाई को लेकर चिंता जताई। यह मामला एक बार फिर फूड सेफ्टी और हाइजीन को लेकर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त जांच और कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
Parshuram Jayanti पर इंदौर में भव्य शोभायात्रा, मुख्यमंत्री ने किए बड़े ऐलान

Parshuram Jayanti पर इंदौर में भव्य शोभायात्रा, मुख्यमंत्री ने किए बड़े ऐलान

Indore में Parshuram Jayanti के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और पूरा शहर भक्तिमय माहौल में रंगा नजर आया। यह शोभायात्रा Sarv Brahmin Samaj की ओर से आयोजित की गई, जिसमें पारंपरिक झांकियां, बैंड-बाजे और धार्मिक उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Mohan Yadav भी शामिल हुए। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए तीर्थ स्थलों के विकास और सनातन संस्कृति के संरक्षण को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। उनका कहना था कि सरकार धार्मिक स्थलों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इस मौके पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि समाज को एकजुट करने का भी संदेश देता नजर आया।
तन्वी कोलते बनीं Bigg Boss Marathi 6 की विनर, राकेश-विशाल को मिली हार

तन्वी कोलते बनीं Bigg Boss Marathi 6 की विनर, राकेश-विशाल को मिली हार

रियलिटी शो Bigg Boss Marathi 6 का फिनाले काफी रोमांचक रहा। इस सीजन की ट्रॉफी Tanvi Kolte ने अपने नाम कर ली। शो के आखिरी मुकाबले में कई मजबूत कंटेस्टेंट्स के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। Rakesh और Vishal भी फाइनल तक पहुंचे, लेकिन अंत में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस शो को Salman Khan के पॉपुलर रियलिटी शो के फॉर्मेट से जोड़ा जाता है, जिसकी वजह से दर्शकों में इसका क्रेज काफी ज्यादा रहता है। तन्वी कोलते की जीत के बाद उनके फैंस में खुशी की लहर है। पूरे सीजन में उनकी परफॉर्मेंस और स्ट्रॉन्ग पर्सनैलिटी को दर्शकों ने काफी पसंद किया। फिनाले एपिसोड में इमोशंस, ड्रामा और एंटरटेनमेंट का जबरदस्त तड़का देखने को मिला, जिसने दर्शकों को आखिरी तक बांधे रखा।
महिला आरक्षण के समर्थन में BJP की रैली, सीएम बोले- विशेष सत्र बुलाया जाएगा

महिला आरक्षण के समर्थन में BJP की रैली, सीएम बोले- विशेष सत्र बुलाया जाएगा

Bhopal में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। BJP ने इस मुद्दे के समर्थन में आज आक्रोश रैली निकालने का ऐलान किया है। रैली से पहले मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि सरकार इस विषय पर गंभीर है और जल्द ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। उनका कहना है कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए और इसमें किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। सीएम ने Indian National Congress पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष महिलाओं के अधिकारों को रोकने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है और आम लोगों की नजरें भी अब आने वाले फैसलों पर टिकी हुई हैं।
ई-रिक्शा में महिला के 5 लाख के जेवर चोरी, Gwalior में वारदात

ई-रिक्शा में महिला के 5 लाख के जेवर चोरी, Gwalior में वारदात

Gwalior में एक हैरान करने वाली चोरी की घटना सामने आई है। शादी में जा रही एक महिला के करीब 5 लाख रुपये के जेवर ई-रिक्शा में सफर के दौरान चोरी हो गए। जानकारी के अनुसार, महिला आराम से ई-रिक्शा में बैठकर अपने गंतव्य की ओर जा रही थी। रास्ते में गड्ढों और खराब सड़क के कारण रिक्शा में बार-बार झटके लग रहे थे। इसी दौरान किसी ने मौके का फायदा उठाकर बैग से जेवर पार कर दिए। महिला को चोरी का पता तब चला जब वह अपने गंतव्य पर पहुंची। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं और यात्रियों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर भीड़भाड़ या खराब रास्तों पर सफर करते समय अपने सामान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

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