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बीरभूम

Bengal Cash Raid: बीरभूम में पत्थर कारोबारी के ठिकाने पर छापा, नोटों की गिनती में लगीं कई मशीनें

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुई एक बड़ी Cash Raid ने सभी को चौंका दिया है। जांच एजेंसियों ने एक पत्थर कारोबारी के घर पर कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर 28 करोड़ रुपये कैश और करीब 15 किलो सोना बरामद किया है। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद अधिकारियों को नोटों की गिनती के लिए कई मशीनें लगानी पड़ीं, लेकिन लगातार काम करने के दौरान 5 नोट गिनने वाली मशीनें खराब हो गईं। करोड़ों रुपये की इस बरामदगी के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना कहां से आया और इसके पीछे पूरा नेटवर्क क्या है। बस चलाने से Stone Business तक का सफर जांच में सामने आया है कि आरोपी की शुरुआत एक सामान्य जिंदगी से हुई थी। कभी वह बीरभूम में बस ड्राइवर के तौर पर काम करता था। समय के साथ उसने पत्थर के कारोबार में कदम रखा और धीरे-धीरे अपना व्यापार बढ़ाया। हालांकि, उसके घर से मिली करोड़ों की संपत्ति ने जांच एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। अब अधिकारी उसकी कमाई, कारोबार और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। 28 करोड़ Cash की गिनती में लगीं कई मशीनें छापेमारी के दौरान जब बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई तो अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती नोटों की गिनती करना था। कैश की मात्रा इतनी ज्यादा थी कि इसके लिए कई मशीनों की मदद ली गई। लगातार इस्तेमाल के कारण पांच मशीनों के खराब होने की जानकारी सामने आई। बरामद नकदी और सोने को जब्त कर लिया गया है। वहीं, आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियों की नजर कारोबारी नेटवर्क पर अब जांच एजेंसियां आरोपी के बैंक खातों, संपत्ति के रिकॉर्ड और कारोबारी लेन-देन की जानकारी जुटा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि बरामद रकम का असली स्रोत क्या है। एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस मामले में किसी और व्यक्ति या संस्थान की भूमिका है। करोड़ों की बरामदगी से इलाके में मचा हड़कंप बीरभूम की इस कार्रवाई ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर छिपी संपत्तियों और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक साधारण बस ड्राइवर से करोड़ों के कारोबारी बनने तक का सफर अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस Birbhum Cash Raid Case में और बड़े खुलासे होने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

Paper Leak पर सरकार का Action Mode, संसद में नया Bill पेश; PM Modi ने बुलाई High Level Meeting

देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। संसद के मानसून सत्र में राज्यसभा में Paper Leak से जुड़े संशोधन बिल को पेश किया गया। इस बिल का मकसद परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ करना है। पेपर लीक की घटनाएं पिछले कुछ समय से छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई हैं। लाखों युवा कड़ी मेहनत के बाद परीक्षा देते हैं, लेकिन कुछ लोगों की गलत गतिविधियों के कारण उनकी मेहनत प्रभावित होती है। सरकार का कहना है कि नए प्रावधानों के जरिए ऐसी गड़बड़ियों पर रोक लगाने और दोषियों की जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी। Rajya Sabha में Paper Leak Amendment Bill पेश संसद में पेश किए गए इस संशोधन विधेयक के जरिए परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं को रोकने के लिए कानूनी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। सरकार का फोकस परीक्षा प्रक्रिया में Transparency और Fairness बढ़ाने पर है, ताकि छात्रों को एक भरोसेमंद व्यवस्था मिल सके। बिल को लेकर आगे संसद में चर्चा होगी, जिसके बाद इसके प्रावधानों और संभावित बदलावों की तस्वीर साफ होगी। PM Modi ने की High Level Meeting वहीं, संसद की कार्यवाही के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने एक High Level Meeting की। इस बैठक में केंद्रीय मंत्रियों के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में देश से जुड़े अहम मुद्दों, संसद में सरकार के एजेंडे और वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक को सरकार की रणनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार का बड़ा कदम पेपर लीक का मुद्दा सीधे तौर पर युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों के कारण छात्रों में नाराजगी भी देखने को मिली है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि परीक्षा व्यवस्था में ऐसे बदलाव किए जाएं जिससे मेहनती छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिल सके। विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ कानून बनाना ही काफी नहीं होगा, बल्कि परीक्षा संचालन की निगरानी, डिजिटल सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत करना जरूरी होगा। संसद में आगे बढ़ेगी बिल पर चर्चा राज्यसभा में पेश किए गए इस Paper Leak Amendment Bill पर अब सदन में चर्चा होगी। सरकार इसे परीक्षा सुधारों की दिशा में एक अहम कदम बता रही है, जबकि विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगता रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि संसद में चर्चा के दौरान बिल में कौन-कौन से बदलाव और नए प्रावधान सामने आते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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GenZ

GenZ की Online Life पर बड़ा खुलासा: Likes-Comments से क्यों जुड़ रही है युवाओं की खुशी?

आज की GenZ Generation की जिंदगी में Social Media सिर्फ टाइम पास का जरिया नहीं, बल्कि उनकी रोजमर्रा की सोच और भावनाओं का हिस्सा बन चुका है। Instagram, TikTok और दूसरे सोशल प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले Likes, Comments और Shares अब कई युवाओं के लिए खुशी और आत्मविश्वास से जुड़ गए हैं। एक नई Study में सामने आया है कि जब Posts पर उम्मीद के मुताबिक Engagement नहीं मिलता, तो कई युवाओं का Mood खराब हो जाता है और वे खुद को कम खुश महसूस करने लगते हैं। Likes और Comments बन गए हैं Digital Validation सोशल मीडिया पर किसी पोस्ट को मिलने वाला Response आज कई युवाओं के लिए Digital Approval की तरह काम करता है। ज्यादा Likes और Comments मिलने पर उन्हें खुशी और Confidence महसूस होता है, वहीं कम प्रतिक्रिया मिलने पर निराशा या उदासी जैसी भावनाएं पैदा हो सकती हैं। Experts का कहना है कि लगातार Social Media Feedback पर निर्भर रहना युवाओं की सोच और Emotional Well-being को प्रभावित कर सकता है। कम Engagement से बढ़ता है Stress Study के अनुसार, GenZ के कई लोग अपनी Social Media Performance को अपनी Popularity से जोड़ने लगे हैं। जब किसी फोटो, वीडियो या पोस्ट पर कम Likes आते हैं, तो कुछ युवा इसे व्यक्तिगत असफलता की तरह लेने लगते हैं। हालांकि, विशेषज्ञ बताते हैं कि Social Media पर किसी पोस्ट की Reach या Likes किसी व्यक्ति की असली पहचान या क्षमता को नहीं दर्शाते। Social Media Comparison भी बड़ी वजह आज सोशल मीडिया पर हर कोई अपनी जिंदगी के खास और अच्छे पलों को शेयर करता है। ऐसे में युवा दूसरों की उपलब्धियों और Lifestyle को देखकर अपनी जिंदगी से तुलना करने लगते हैं। यह Comparison कई बार तनाव और असंतोष को बढ़ा सकता है। Experts का मानना है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज पूरी वास्तविकता नहीं होती। GenZ के लिए जरूरी है Digital Balance मनोवैज्ञानिकों की सलाह है कि युवाओं को Social Media का इस्तेमाल Balance तरीके से करना चाहिए। Likes और Comments को खुशी का एकमात्र पैमाना बनाने के बजाय अपनी Real Life Achievements, Family, Friends और Personal Growth पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल जानकारी, Creativity और लोगों से जुड़ने के लिए किया जाए तो यह एक सकारात्मक प्लेटफॉर्म साबित हो सकता है। Study का बड़ा संदेश नई Study यह बताती है कि Digital World का असर अब लोगों की भावनाओं तक पहुंच चुका है। खासकर GenZ के लिए जरूरी है कि वे Online Validation और Real Happiness के बीच अंतर समझें। कम Likes मिलने से किसी की Value कम नहीं होती। असली खुशी खुद पर भरोसा रखने और वास्तविक रिश्तों को मजबूत बनाने से मिलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pellet Gun

Jantar Mantar Protest Supreme Court ने दिए नए आदेश, Pellet Gun Injured लोगों के इलाज की जिम्मेदारी Delhi सरकार की

सुप्रीम कोर्ट ने पैलेट गन (Pellet Gun) के इस्तेमाल और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा को लेकर अहम निर्देश दिए हैं। अदालत ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया है कि पैलेट गन से घायल हुए प्रदर्शनकारियों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही केंद्र सरकार को कहा गया है कि जंतर-मंतर जैसे प्रदर्शन स्थलों पर इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों और सुरक्षा उपकरणों का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से रखा जाए। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद एक बार फिर प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल होने वाले सुरक्षा उपायों और नागरिक अधिकारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अदालत ने साफ किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ घायल लोगों की मदद करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। Pellet Gun से घायल लोगों को मिलेगी Medical Help सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि पैलेट गन से प्रभावित प्रदर्शनकारियों को जरूरी मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई जाए। कोर्ट ने कहा कि किसी भी कार्रवाई के बाद घायल लोगों की देखभाल और इलाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पैलेट गन का इस्तेमाल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है, लेकिन इसके प्रभाव को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। कई मामलों में इसके इस्तेमाल से लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं। Jantar Mantar Protest को लेकर Center को निर्देश अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि जंतर-मंतर और अन्य प्रदर्शन स्थलों पर इस्तेमाल किए गए हथियारों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए। इसमें हथियारों के उपयोग, तैनाती और संबंधित जानकारी को सुरक्षित रखने की बात कही गई है। सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि ऐसे रिकॉर्ड भविष्य में किसी भी जांच या विवाद की स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में पारदर्शिता भी बनी रहेगी। Democracy में Protest का अधिकार, लेकिन Security भी जरूरी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोगों का संवैधानिक अधिकार है। वहीं, सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। अदालत के इस फैसले को नागरिक अधिकारों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संतुलन बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई करनी होगी। Supreme Court के आदेश से बढ़ी जवाबदेही पैलेट गन (Pellet Gun) विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश प्रशासनिक जवाबदेही और सुरक्षा कार्रवाई में पारदर्शिता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। इससे भविष्य में प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों की निगरानी और बेहतर तरीके से हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sonam Wangchuk

Delhi-Srinagar वंदे भारत में सफर के बाद Sonam Wangchuk हुए खुश, रेलवे की जमकर की तारीफ

लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने पहली बार दिल्ली-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा की। इस सफर के बाद उन्होंने भारतीय रेलवे की आधुनिक सुविधाओं, कश्मीर तक बेहतर रेल कनेक्टिविटी और देश में तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे की खुलकर सराहना की। वांगचुक ने कहा कि “भारतीय रेल पर मुझे गर्व है। यह केवल एक ट्रेन नहीं, बल्कि देश को जोड़ने वाली विकास की नई रेखा है।” वंदे भारत यात्रा का अनुभव किया साझा दिल्ली से श्रीनगर तक वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान सोनम वांगचुक ने ट्रेन की गति, साफ-सफाई, समय की पाबंदी और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने यह महसूस कराया कि भारत का रेल नेटवर्क लगातार आधुनिक हो रहा है और दूर-दराज के क्षेत्रों तक भी बेहतर सुविधाएं पहुंच रही हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित सफर उपलब्ध कराना भारतीय रेलवे की बड़ी उपलब्धि है। कश्मीर तक बेहतर कनेक्टिविटी का स्वागत सोनम वांगचुक ने कहा कि दिल्ली-श्रीनगर वंदे भारत केवल एक नई ट्रेन सेवा नहीं है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से और अधिक मजबूती से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम है। उनका मानना है कि इससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल संपर्क से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटकों के लिए यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक होगी। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की सराहना वांगचुक ने भारतीय रेलवे में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुए बदलावों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक ट्रेनों, बेहतर स्टेशनों और नई तकनीकों के कारण रेलवे की तस्वीर तेजी से बदल रही है। वंदे भारत जैसी सेमी हाई-स्पीड ट्रेनें भारत की तकनीकी क्षमता और विकास की सोच को दुनिया के सामने प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बुनियादी ढांचे के विकास से देश की आर्थिक प्रगति को भी मजबूती मिलती है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान दिल्ली-श्रीनगर वंदे भारत यात्रा के दौरान सोनम वांगचुक का वीडियो और उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने उनके विचारों का समर्थन करते हुए भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की सराहना की, जबकि अनेक यूजर्स ने कश्मीर तक तेज और आरामदायक रेल सेवा को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। देश के विकास का प्रतीक बनी वंदे भारत विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इससे पर्यटन उद्योग, स्थानीय कारोबार और क्षेत्रीय विकास को भी दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Arvind Kejriwal

BJP vs AAP: Punjab Paper Leak को लेकर Delhi में सियासी संग्राम, Arvind Kejriwal घिरे

पंजाब में सामने आए कथित Paper Leak मामले ने अब दिल्ली की राजनीति को भी गरमा दिया है। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के खिलाफ राजधानी में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ता दिल्ली स्थित AAP मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस ने AAP कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। बैरिकेडिंग की गई और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी देखने को मिली, हालांकि स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई। Punjab Paper Leak को लेकर BJP का हमला भाजपा का आरोप है कि पंजाब में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कथित पेपर लीक ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि अगर परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर होगा तो युवाओं का विश्वास भी टूटेगा। भाजपा ने पंजाब सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए शिक्षा मंत्री और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। पार्टी का कहना है कि इस पूरे मामले पर अरविंद केजरीवाल को भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, क्योंकि पंजाब में उनकी पार्टी की सरकार है। क्या है पूरा Paper Leak विवाद? पंजाब में हाल ही में आयोजित कुछ भर्ती परीक्षाओं को लेकर पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और कथित तौर पर परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। विपक्ष का कहना है कि यह मामला केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है। वहीं सरकार का दावा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है। AAP ने आरोपों को बताया राजनीतिक आम आदमी पार्टी ने भाजपा के आरोपों को राजनीतिक करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष बिना जांच पूरी हुए सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। AAP का दावा है कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। दिल्ली में बढ़ा सियासी तापमान पंजाब का यह विवाद अब दिल्ली की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन चुका है। भाजपा लगातार इस मामले को लेकर AAP पर हमलावर है, जबकि आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक अभियान बता रही है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और राजनीतिक बयानबाजी, दोनों पर देशभर की नजर बनी रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CM Yogi

UP Politics: गाजीपुर से CM Yogi का विपक्ष पर वार, सपा पर लगाए गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। गाजीपुर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( CM Yogi) ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा। अपने भाषण में उन्होंने कानून-व्यवस्था, माफिया, भ्रष्टाचार और विकास जैसे मुद्दों को उठाते हुए विपक्ष पर तीखे आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता अब सच और झूठ का फर्क समझ चुकी है और जिन लोगों ने प्रदेश को वर्षों तक अपराध और अराजकता की ओर धकेला, उनका असली चेहरा धीरे-धीरे सामने आ रहा है। CM Yogi का सपा पर सीधा हमला जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी हिचकिचाहट के समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा, “जब इनके पाप का पर्दा पूरी तरह उठेगा, तब ये कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं बचेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के समय अपराधियों और माफियाओं को संरक्षण मिलता था, जबकि आज कानून सभी के लिए बराबर है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब उस दौर से आगे निकल चुका है, जहां अपराध और दबंगई राजनीतिक ताकत का प्रतीक माने जाते थे। वर्तमान सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया है। कानून-व्यवस्था पर सरकार का बड़ा दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण प्रदेश में निवेश बढ़ा है और उद्योगों का विस्तार हो रहा है। योगी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम नागरिक को सुरक्षित माहौल देना है, ताकि हर व्यक्ति बिना डर के अपना जीवन और व्यवसाय आगे बढ़ा सके। विकास कार्यों का भी किया जिक्र अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल बड़े शहरों का विकास नहीं, बल्कि गांवों तक सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि निवेश बढ़ने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं और प्रदेश तेजी से आर्थिक प्रगति की ओर बढ़ रहा है। विपक्ष पर लगाए जनता को गुमराह करने के आरोप मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर चुनावी राजनीति के लिए जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल विकास के बजाय केवल बयानबाजी की राजनीति करते हैं, जबकि उनकी सरकार जमीन पर काम करने में विश्वास रखती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सरकार का आकलन उसके कार्यों और विकास योजनाओं के आधार पर करें, न कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के आधार पर। प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल गाजीपुर की इस जनसभा के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी के इस बयान को भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच जारी राजनीतिक संघर्ष का नया अध्याय माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज हो सकती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BMC

Mumbai Politics: BMC की नई Car Purchase Plan पर सियासी संग्राम, विपक्ष बोला- जनता का पैसा बर्बाद

मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार चर्चा शहर के विकास कार्यों की नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों के लिए नई सरकारी कारें खरीदने के प्रस्ताव की हो रही है। करीब ₹1.5 करोड़ की लागत से छह नई Toyota Innova Crysta खरीदने की योजना ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। विपक्ष इसे जनता के टैक्स के पैसे का गलत इस्तेमाल बता रहा है, जबकि BMC प्रशासन इसे कामकाज की जरूरत और बेहतर सुविधा से जोड़ रहा है। BMC ने क्या प्रस्ताव रखा है? BMC प्रशासन ने उपमहापौर, सदन के नेता, विपक्ष के नेता और विभिन्न वैधानिक समितियों के अध्यक्षों के लिए नई Toyota Innova Crysta खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया है। फिलहाल इन पदाधिकारियों के पास Mahindra Scorpio-N वाहन उपलब्ध हैं, लेकिन अब उन्हें अधिक आरामदायक गाड़ियों से बदलने की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, इन छह नई गाड़ियों की खरीद पर करीब ₹1.5 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। प्रस्ताव फिलहाल मंजूरी की प्रक्रिया में है। आखिर नई गाड़ियों की जरूरत क्यों पड़ी? BMC अधिकारियों का कहना है कि कई जनप्रतिनिधियों को रोजाना मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में निरीक्षण, बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। भारी ट्रैफिक और लगातार यात्रा के कारण अधिक आरामदायक वाहन उपलब्ध कराने की मांग सामने आई थी। प्रशासन का मानना है कि बेहतर सुविधाओं वाले वाहन मिलने से जनप्रतिनिधि अपने काम को अधिक प्रभावी तरीके से कर सकेंगे। विपक्ष ने क्यों जताया विरोध? नई कारों की खरीद का प्रस्ताव सामने आते ही विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया। विपक्ष का कहना है कि मौजूदा Scorpio-N गाड़ियां अभी नई हैं और उन्हें बदलने की कोई जरूरत नहीं है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि जब मुंबई कई नागरिक समस्याओं से जूझ रही है, तब करोड़ों रुपये नई सरकारी गाड़ियों पर खर्च करना उचित नहीं कहा जा सकता। उनका कहना है कि यह राशि सड़कों, जल निकासी, सफाई व्यवस्था और अन्य जरूरी सार्वजनिक सुविधाओं पर खर्च की जानी चाहिए। कुछ विपक्षी नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी सरकारी गाड़ी बदलने की कोई मांग नहीं की थी। BMC ने क्या दी सफाई? BMC प्रशासन का कहना है कि यह फैसला केवल सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से लिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा Scorpio-N वाहनों को बेकार नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें निगम के अन्य अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा, जो अभी पुराने वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और सरकारी संपत्ति का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल जारी रहेगा। जनता के बीच भी छिड़ी बहस यह मामला अब केवल BMC तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इस पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग मानते हैं कि जिम्मेदार पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए ताकि वे अपने काम को आसानी से कर सकें। वहीं, बड़ी संख्या में लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब शहर में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे अभी भी बाकी हैं, तब नई लग्जरी गाड़ियों की खरीद प्राथमिकता क्यों बनाई जा रही है। अब आगे क्या? फिलहाल यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति का इंतजार कर रहा है। मंजूरी मिलने के बाद नई Innova Crysta गाड़ियों की खरीद प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि विपक्ष के कड़े विरोध को देखते हुए आने वाले दिनों में यह मुद्दा BMC की बैठकों से लेकर महाराष्ट्र की राजनीति तक चर्चा का विषय बना रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon Session

Monsoon Session 2026: Ram Mandir चढ़ावा विवाद पर संसद में हंगामा, Lok Sabha 2 बजे तक स्थगित

संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) का गुरुवार का दिन राजनीतिक हलचल और तीखी नोकझोंक के नाम रहा। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इसका असर लोकसभा की कार्यवाही पर भी देखने को मिला, जहां विपक्ष के हंगामे के चलते सदन को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा। दूसरी ओर, सरकार आज राज्यसभा में Paper Leak Bill पेश करने की तैयारी में है, जिसे प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसद संसद परिसर में एकत्र हुए और राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। विपक्ष का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सरकार को पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कई सांसदों ने इस मुद्दे को संसद में उठाने की बात कही और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई। लोकसभा में हंगामा, दोपहर 2 बजे तक स्थगित हुई कार्यवाही लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर चर्चा की मांग की। देखते ही देखते सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और कई सांसद अपनी सीट छोड़कर वेल में पहुंच गए। स्पीकर ने कई बार सदन को व्यवस्थित करने की कोशिश की, लेकिन लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा। हंगामे के चलते निर्धारित विधायी कार्य भी प्रभावित हुए। राज्यसभा में आज पेश होगा Paper Leak Bill लोकसभा में जारी गतिरोध के बीच राज्यसभा का एजेंडा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार आज Paper Leak Bill पेश करेगी। इस विधेयक का उद्देश्य भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त रोक लगाना और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि नया कानून परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाने के साथ-साथ लाखों युवाओं के हितों की रक्षा करेगा। हाल के वर्षों में कई परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों के बाद इस कानून की मांग लगातार उठ रही थी। विपक्ष ने सरकार को घेरने के दिए संकेत विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि वह केवल राम मंदिर चढ़ावा विवाद ही नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली, बेरोजगारी और अन्य जनहित के मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगता रहेगा। वहीं सरकार का कहना है कि वह संसद के मानसून सत्र में सभी महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए प्रतिबद्ध है और विपक्ष को सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देना चाहिए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में संसद के दोनों सदनों में इन मुद्दों को लेकर बहस और तेज हो सकती है। क्या है Paper Leak Bill? सरकार द्वारा लाए जा रहे इस विधेयक का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाना है। इसके तहत पेपर लीक कराने वाले नेटवर्क, तकनीकी धोखाधड़ी और परीक्षा प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने वालों के खिलाफ कड़े दंड का प्रावधान किया जा सकता है। इससे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Election

Election MP के Datia में सबसे अधिक मतदान, Bihar और Gujarat की सीटों पर भी वोटिंग जारी

भारत के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, बिहार और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर गुरुवार को उपचुनाव के लिए मतदान (Election) जारी है। सुबह 7 बजे शुरू हुई वोटिंग में शुरुआती घंटों से ही मतदाताओं में अच्छा उत्साह देखने को मिला। सुबह 9 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर सबसे अधिक 12.94% मतदान दर्ज किया गया। वहीं बिहार की चर्चित बांकीपुर सीट पर करीब 4.6% वोटिंग हुई, जबकि गुजरात की मांजलपुर सीट पर भी मतदाता बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचे। इन उपचुनावों को तीनों राज्यों की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। राजनीतिक दलों की नजर सिर्फ जीत-हार पर नहीं, बल्कि जनता के मूड पर भी टिकी हुई है। दतिया में सबसे ज्यादा वोटिंग, मतदाताओं में दिखा उत्साह मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की कतारें देखने को मिलीं। निर्वाचन आयोग के अनुसार सुबह 9 बजे तक यहां 12.94 प्रतिशत मतदान हुआ, जो तीनों सीटों में सबसे अधिक रहा। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इस सीट पर पूरी ताकत झोंकी है। स्थानीय मुद्दों और विकास के वादों के बीच मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। बांकीपुर में दिलचस्प मुकाबला बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट इस बार सबसे चर्चित सीटों में शामिल है। यहां भाजपा, राजद और जन सुराज के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। सुबह 9 बजे तक करीब 4.6 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सीट का परिणाम बिहार की भविष्य की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। गुजरात की मांजलपुर सीट पर भी मतदान जारी गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर भी मतदान शांतिपूर्ण माहौल में जारी है। सुबह से ही मतदाता मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने यहां भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी है और चुनाव आयोग के अधिकारी लगातार मतदान प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम तीनों राज्यों में निर्वाचन आयोग ने मतदान को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। साथ ही वेबकास्टिंग और सीसीटीवी के माध्यम से भी कई बूथों पर निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने मतदाताओं से बिना किसी डर या दबाव के मतदान करने की अपील की है। 3 अगस्त को आएंगे नतीजे तीनों विधानसभा सीटों पर मतदान निर्धारित समय तक जारी रहेगा। इसके बाद 3 अगस्त को मतगणना होगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। इन उपचुनावों के नतीजे केवल तीन सीटों तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि यह भी तय करेंगे कि संबंधित राज्यों में जनता का राजनीतिक रुझान किस दिशा में बढ़ रहा है। यही वजह है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर इन परिणामों पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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