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इटावा के रामपुरिया गांव में फिर घुसा मगरमच्छ, रेस्क्यू कर चंबल नदी में छोड़ा गया

इटावा। इटावा क्षेत्र के रामपुरिया गांव में एक बार फिर मगरमच्छ के घुसने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सोमवार सुबह गांव की बस्ती में करीब 5 फीट लंबे और 40 से 45 किलोग्राम वजनी मगरमच्छ के दिखाई देने पर ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग और समाजसेवी हयात खान टाइगर को सूचना दी। रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित तरीके से मगरमच्छ को पकड़कर चंबल नदी में छोड़ दिया। तीन दिन में दूसरी बार गांव पहुंचा मगरमच्छ ग्रामीणों के अनुसार, गांव से करीब 2 से 3 किलोमीटर दूरी पर चंबल नदी बहती है। इसके अलावा गांव के पास एक तलाई भी है, जिसमें सालभर पानी भरा रहता है। माना जा रहा है कि इन्हीं जल स्रोतों के कारण मगरमच्छ अक्सर आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। गांव वालों ने बताया कि दो दिन पहले भी एक मगरमच्छ गांव के एक घर में घुस गया था। उस समय भी उसका सफल रेस्क्यू कर चंबल नदी में छोड़ा गया था। पहले पकड़े गए मगरमच्छ की लंबाई करीब साढ़े तीन फीट थी। मुंह पर टेप और पैरों को बांधकर किया सुरक्षित रेस्क्यू समाजसेवी हयात खान टाइगर ने बताया कि वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सबसे पहले मगरमच्छ के मुंह को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उस पर टेप लगाई गई। इसके बाद आगे और पीछे के पैरों को रस्सी से बांधा गया तथा उसकी पूंछ को भी नियंत्रित किया गया। पूरी प्रक्रिया सावधानीपूर्वक पूरी करने के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से चंबल नदी में छोड़ दिया गया। वन विभाग और स्थानीय लोगों ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि भविष्य में भी कोई वन्यजीव गांव में दिखाई दे तो उसे पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचना दें। देश और दुनिया की ताजा, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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CJP ने दी दोबारा आंदोलन की चेतावनी, छात्रों पर कार्रवाई नहीं रुकी तो फिर होगा देशव्यापी प्रदर्शन

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई नहीं रुकी और गिरफ्तार छात्रों को राहत नहीं मिली, तो पार्टी एक बार फिर देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। पार्टी का आरोप है कि सरकार ने आंदोलन स्थगित करने के दौरान हुए समझौते का उल्लंघन किया है। सोमवार को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP प्रवक्ता सौरव दास, पार्टी नेता आशुतोष रांका और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल मौजूद रहे। कपिल सिब्बल ने कहा कि वे पार्टी से जुड़े कानूनी मामलों में सहयोग की भूमिका निभा रहे हैं। सरकार पर वादा तोड़ने का आरोप सौरव दास ने आरोप लगाया कि बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने केंद्र सरकार के इस आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन अब इस वादे का पालन नहीं किया जा रहा। ‘साक्षी’ पोर्टल लॉन्च CJP ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ‘साक्षी (Saakshi)’ नाम का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इस पोर्टल के जरिए प्रदर्शनकारी छात्र पुलिस कार्रवाई से जुड़े फोटो, वीडियो और केस से संबंधित जानकारी सुरक्षित तरीके से साझा कर सकेंगे। पार्टी ने छात्रों से 20 जुलाई के ‘चलो संसद’ मार्च और उसके बाद हुई कथित पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी सबूत अपलोड करने की अपील की है। पुलिसकर्मियों की पहचान कर होगी कानूनी कार्रवाई सौरव दास ने कहा कि गंभीर चोट पहुंचाने, पेलेट गन चलाने या अन्य कथित ज्यादती करने वाले पुलिस और RAF कर्मियों की पहचान की जाएगी। उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने, एफआईआर करवाने और जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी की जा रही है। अन्य राज्यों में भी कार्रवाई का आरोप इससे पहले सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार सहित कई राज्यों में छात्रों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है। अस्पताल से डिस्चार्ज हुए सोनम वांगचुक वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। लद्दाख रवाना होने से पहले उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। वांगचुक ने शुक्रवार देर रात अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त किया था। वांगचुक बोले- गांधीजी का अहिंसा का रास्ता आज भी प्रभावी राजघाट में वांगचुक ने कहा कि पिछले कई वर्षों से लद्दाख में गांधीजी के अहिंसक मार्ग को अपनाया जा रहा है और यह बेहद प्रभावी साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने उनका विश्वास और मजबूत किया है कि गांधीजी का अहिंसा का रास्ता आज भी पूरे देश में उतना ही प्रासंगिक और असरदार है। देश और दुनिया की ताजा, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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IndiGo

Dubai to Mumbai IndiGo Flight: उड़ान के दौरान धुएं का अलर्ट, पायलट ने Rajkot में कराई Emergency Landing

दुबई से मुंबई आ रही IndiGo की एक फ्लाइट को सोमवार को गुजरात के राजकोट एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उड़ान के दौरान विमान के कार्गो कंपार्टमेंट में धुएं (Smoke Alert) का संकेत मिलने के बाद पायलट ने बिना देर किए सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विमान को निकटतम एयरपोर्ट पर उतारने का फैसला लिया। विमान में 194 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे। राहत की बात यह रही कि सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। कैसे सामने आया Smoke Alert? जानकारी के अनुसार, यह फ्लाइट दुबई से मुंबई के लिए नियमित यात्रा पर थी। उड़ान के बीच कॉकपिट में कार्गो होल्ड से धुएं का अलर्ट मिला। ऐसी स्थिति में विमानन नियमों के अनुसार किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जाता। पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया और राजकोट एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। Rajkot Airport पर पहले से थी Emergency Team तैयार इमरजेंसी की सूचना मिलते ही राजकोट एयरपोर्ट पर फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम, एंबुलेंस और एयरपोर्ट रेस्क्यू स्टाफ को अलर्ट कर दिया गया। विमान के सुरक्षित उतरते ही सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया। किसी यात्री के घायल होने या किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली। तकनीकी जांच शुरू, कारण की तलाश जारी लैंडिंग के बाद विमान को जांच के लिए अलग पार्किंग एरिया में ले जाया गया। एयरलाइन की इंजीनियरिंग टीम और तकनीकी विशेषज्ञ कार्गो कंपार्टमेंट की विस्तृत जांच कर रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि धुआं वास्तव में किस वजह से दिखाई दिया या अलर्ट किस कारण सक्रिय हुआ। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आएगी। यात्रियों की आगे की यात्रा के लिए की गई व्यवस्था इमरजेंसी लैंडिंग के कारण प्रभावित यात्रियों को मुंबई पहुंचाने के लिए इंडिगो ने वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी। एयरलाइन की ओर से यात्रियों को आवश्यक सहायता और यात्रा संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई, ताकि उन्हें अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े। क्यों जरूरी होती है Emergency Landing? एविएशन विशेषज्ञों के मुताबिक, उड़ान के दौरान यदि विमान में धुआं, आग या किसी तकनीकी गड़बड़ी का संकेत मिलता है, तो पायलट यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निकटतम सुरक्षित एयरपोर्ट पर विमान उतारने का निर्णय लेते हैं। यह अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा मानकों का हिस्सा है और ऐसे फैसले संभावित खतरे को टालने के लिए तुरंत लिए जाते हैं। सभी 194 लोग सुरक्षित, जांच रिपोर्ट का इंतजार इस घटना में सबसे बड़ी राहत यही रही कि विमान में मौजूद 194 यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं। फिलहाल एयरलाइन और संबंधित विमानन एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि कार्गो कंपार्टमेंट में Smoke Alert क्यों मिला और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था.
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Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir Update: चंदा मामले की जांच तेज, 4 सदस्यीय SIT में CA भी शामिल

अयोध्या के श्रीराम मंदिर से जुड़े चंदा मामले में जांच को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अब एक नई Special Investigation Team (SIT) का गठन किया गया है। चार सदस्यीय इस जांच टीम की कमान किरण एस को सौंपी गई है। वहीं, वित्तीय मामलों की बारीकी से जांच के लिए टीम में एक Chartered Accountant (CA) को भी शामिल किया गया है। नई SIT अब राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चंदे से जुड़े सभी रिकॉर्ड, लेन-देन और दस्तावेजों की जांच करेगी। टीम का उद्देश्य यह पता लगाना है कि चंदा संग्रह और उसके इस्तेमाल की प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता हुई है या नहीं। SIT करेगी Donation Collection और Financial Records की पड़ताल जांच टीम चंदा संग्रह से जुड़े बैंक रिकॉर्ड, रसीदों, खातों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की समीक्षा करेगी। CA की मौजूदगी से जांच में आर्थिक पहलुओं को समझने और रिकॉर्ड का सही तरीके से विश्लेषण करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, SIT मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जा सकती है। जांच पूरी होने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। चंदा मामले को लेकर उठे थे सवाल राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने योगदान दिया था। मंदिर निर्माण से जुड़ी चंदा प्रक्रिया को लेकर कुछ शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद मामले की जांच की मांग उठी थी। अब नई SIT के गठन के बाद उम्मीद है कि जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ेगी और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जाएगा। किरण एस की अगुवाई में आगे बढ़ेगी जांच चार सदस्यीय SIT की जिम्मेदारी किरण एस को दी गई है। टीम में विशेषज्ञों को शामिल किया गया है ताकि कानूनी और वित्तीय दोनों पहलुओं से मामले की जांच की जा सके। राम मंदिर से जुड़ा यह मामला लोगों की आस्था से जुड़ा होने के कारण काफी संवेदनशील माना जा रहा है। ऐसे में जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें बनी हुई हैं। Ram Mandir Chanda Case: क्या होगा आगे? अब SIT की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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परीक्षा संशोधन बिल

Education Reform Update: परीक्षा संशोधन बिल पर विपक्ष का विरोध, Student Issues पर बहस की मांग

संसद में Exam Reform Bill पर शुरू नहीं हो सकी चर्चा संसद में Exam Reform Bill (परीक्षा संशोधन बिल) पर चर्चा शुरू होने से पहले ही सदन का माहौल गर्म हो गया। विपक्षी दलों ने छात्रों से जुड़े एक मामले को लेकर जोरदार विरोध किया और मांग की कि इस मुद्दे पर पहले विस्तार से चर्चा की जाए। हंगामे के कारण बिल पर होने वाली बहस आगे नहीं बढ़ सकी। छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष ने उठाई आवाज विपक्ष का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सांसदों ने छात्रों के साथ हुई कथित पिटाई की घटना का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा और इस मामले पर सदन में तत्काल चर्चा कराने की मांग की। विपक्षी नेताओं ने कहा कि Education System और Exam Process में सुधार केवल कानून बनाने से संभव नहीं है, बल्कि छात्रों की सुरक्षा, परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है। परीक्षा सुधार बिल को लेकर सरकार का पक्ष सरकार की ओर से पेश किए गए परीक्षा संशोधन बिल का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी बनाना बताया जा रहा है। सरकार का मानना है कि नए प्रावधानों के जरिए परीक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा और भविष्य में होने वाली समस्याओं को कम किया जा सकता है। सदन में हंगामे के बीच स्पीकर की अपील विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच स्पीकर ने सभी दलों से सहयोग करने और आपसी सहमति बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार और विपक्ष दोनों को बातचीत के जरिए समाधान निकालना होगा। आगे क्या होगा? अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनती है या नहीं और Exam Reform Bill पर संसद में चर्चा कब शुरू होगी। छात्रों से जुड़े मुद्दों और परीक्षा सुधारों को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है।
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Sonam Wangchuk

Medanta Hospital से Sonam Wangchuk Discharged: स्वास्थ्य में सुधार

लंबे इलाज के बाद लद्दाख के पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपने स्वास्थ्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब उनके शरीर में पहले जैसी ऊर्जा वापस आ रही है और वह खुद को पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं। मेदांता अस्पताल से निकलने के बाद सोनम वांगचुक राजघाट के लिए रवाना हुए, जहां वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि बापू को नमन करने के बाद वह अपनी आगे की यात्रा शुरू करेंगे और जल्द ही वापस लद्दाख (Ladakh) जाएंगे। VIDEO जारी कर दी स्वास्थ्य की जानकारी Sonam Wangchuk ने वीडियो के जरिए लोगों को बताया कि इलाज के दौरान उन्हें काफी सहयोग मिला। उन्होंने अपने समर्थकों और शुभचिंतकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी दुआओं और समर्थन से उन्हें हिम्मत मिली। उन्होंने कहा कि अब स्वास्थ्य में सुधार है और शरीर में फिर से ताकत महसूस हो रही है। वांगचुक ने उम्मीद जताई कि वह जल्द ही अपनी जिम्मेदारियों और लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर दोबारा काम शुरू करेंगे। राजघाट पहुंचकर बापू को देंगे श्रद्धांजलि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सोनम वांगचुक ने सबसे पहले राजघाट जाने का फैसला किया। उनका कहना है कि महात्मा गांधी के विचार आज भी समाज को सही दिशा दिखाते हैं। वांगचुक लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीकों से अपनी मांगों और विचारों को सामने रखते रहे हैं। उन्होंने कई बार पर्यावरण संरक्षण और लद्दाख के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाई है। स्वास्थ्य ठीक होने के बाद Ladakh लौटने की तैयारी सोनम वांगचुक अब अपनी आगे की यात्रा को लेकर तैयार हैं। उन्होंने बताया कि राजघाट में श्रद्धांजलि देने के बाद उनका अगला लक्ष्य लद्दाख लौटना है। लद्दाख में पर्यावरण, शिक्षा और स्थानीय लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर सोनम वांगचुक लगातार सक्रिय रहे हैं। उनके डिस्चार्ज की खबर सामने आने के बाद समर्थकों और शुभचिंतकों ने राहत की सांस ली है। समर्थकों ने जताई खुशी सोनम वांगचुक के अस्पताल से बाहर आने की खबर के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने खुशी जाहिर की। कई लोगों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की और आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं दीं। Sonam Wangchuk Health Update के अनुसार, फिलहाल उनका पूरा ध्यान बेहतर स्वास्थ्य के साथ आगे की यात्रा और लद्दाख से जुड़े अपने कार्यों को जारी रखने पर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

Delhi Police Action on PM Modi Posts: सोशल मीडिया पर विवादित Content हटाने की तैयारी

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो और कमेंट्स के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस अब ऐसे कंटेंट की पहचान कर रही है, जो नियमों का उल्लंघन करता है या जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे मामलों में संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजकर विवादित सामग्री हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। Social Media Posts पर Delhi Police की नजर आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया पर किसी भी पोस्ट या वीडियो का असर तेजी से फैलता है। इसी को देखते हुए दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। पुलिस उन पोस्ट्स, वीडियो और कमेंट्स की जांच कर रही है, जिन पर आपत्ति जताई गई है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि आपत्तिजनक सामग्री किस अकाउंट से पोस्ट की गई और इसे कितने लोगों तक पहुंचाया गया। इसके बाद संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों को कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। Platforms से Content Removal के लिए मांगा जाएगा सहयोग दिल्ली पुलिस सोशल मीडिया कंपनियों से सहयोग लेकर ऐसे कंटेंट को हटाने की तैयारी में है। पुलिस का उद्देश्य सोशल मीडिया पर फैलने वाली ऐसी सामग्री को रोकना है, जो किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ आपत्तिजनक हो सकती है या सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकती है। नोटिस जारी होने के बाद प्लेटफॉर्म्स से संबंधित पोस्ट, वीडियो और कमेंट्स को हटाने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर अकाउंट से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने को भी कहा जा सकता है। कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में यदि किसी व्यक्ति की ओर से कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर अपनी बात रखने की आजादी के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की गलत जानकारी या विवादित सामग्री से परेशानी न बढ़े। Online Content Monitoring पर बढ़ा फोकस पिछले कुछ समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हुई हैं। दिल्ली पुलिस भी लगातार ऐसे मामलों की निगरानी कर रही है और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों और कंपनियों के साथ मिलकर कार्रवाई कर रही है। फिलहाल प्रधानमंत्री से जुड़े इस मामले में जांच जारी है। पुलिस की अगली कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तय होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ITR

Income Tax Return Update: ITR Filing की डेडलाइन करीब, 4 करोड़ पार हुआ रिटर्न का आंकड़ा

अगर आपने अभी तक Income Tax Return (ITR) दाखिल नहीं किया है, तो अब देर करना भारी पड़ सकता है। ITR फाइल करने की अंतिम तारीख तेजी से नजदीक आ रही है और आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 4 करोड़ से ज्यादा करदाता अपना रिटर्न दाखिल कर चुके हैं। विभाग ने बाकी टैक्सपेयर्स से भी समय रहते ITR फाइल करने की अपील की है ताकि अंतिम समय की भागदौड़ और तकनीकी परेशानियों से बचा जा सके। तेजी से बढ़ रही ITR Filing, अंतिम दिनों में बढ़ सकता है दबाव हर साल की तरह इस बार भी अंतिम तारीख नजदीक आते ही ITR फाइल करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। नौकरीपेशा कर्मचारी, कारोबारी, फ्रीलांसर और अन्य करदाता लगातार अपना रिटर्न दाखिल कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आखिरी कुछ दिनों में ई-फाइलिंग पोर्टल पर अधिक ट्रैफिक होने से सर्वर स्लो होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। यही वजह है कि करदाताओं को सलाह दी जा रही है कि वे अंतिम दिन का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द अपनी फाइलिंग पूरी कर लें। समय पर ITR भरने के क्या हैं फायदे? समय सीमा के भीतर ITR दाखिल करने से कई तरह के लाभ मिलते हैं। यदि आपका टैक्स रिफंड बनता है तो उसकी प्रक्रिया जल्दी शुरू हो जाती है। इसके अलावा लेट फीस और अन्य संभावित जुर्माने से भी बचाव होता है। आज के समय में ITR केवल टैक्स से जुड़ा दस्तावेज नहीं है। बैंक लोन, होम लोन, एजुकेशन लोन, वीजा आवेदन और कई वित्तीय प्रक्रियाओं में भी इसकी अहम भूमिका होती है। ITR फाइल करने से पहले इन दस्तावेजों की कर लें जांच रिटर्न दाखिल करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखना बेहद जरूरी है। इनमें शामिल हैं— सभी जानकारियों का मिलान करने के बाद ही रिटर्न सबमिट करें, ताकि बाद में संशोधित रिटर्न दाखिल करने की जरूरत न पड़े। सिर्फ ITR फाइल करना ही काफी नहीं कई करदाता रिटर्न दाखिल तो कर देते हैं, लेकिन e-Verification करना भूल जाते हैं। आयकर नियमों के अनुसार, ITR दाखिल करने के बाद उसका सत्यापन भी जरूरी होता है। बिना e-Verification के रिटर्न की प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाती। अंतिम समय की जल्दबाजी से बचें विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम तारीख के करीब पोर्टल पर भारी ट्रैफिक रहने की संभावना रहती है। ऐसे में लॉगिन, OTP या दस्तावेज अपलोड जैसी दिक्कतें आ सकती हैं। इसलिए यदि आपने अभी तक ITR दाखिल नहीं किया है, तो इसे टालने के बजाय जल्द पूरा कर लेना बेहतर रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Punjab Paper Leak

Punjab Paper Leak Update: CJP के अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, बोले- ‘अभी रणनीति तैयार कर रहे हैं’

Punjab Paper Leak मामले को लेकर राज्य में बहस तेज होती जा रही है। परीक्षा की निष्पक्षता और छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच CJP से जुड़े अभिजीत दीपके का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि “हम अभी इसके लिए प्लानिंग कर रहे हैं।” उनके इस बयान के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर कोई नई पहल या कार्रवाई देखने को मिल सकती है। Punjab Paper Leak मामले पर क्यों बढ़ा विवाद? कथित पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। शिक्षा विशेषज्ञ भी मानते हैं कि ऐसी घटनाएं परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर असर डालती हैं और मेहनत करने वाले छात्रों का मनोबल भी प्रभावित होता है। CJP के अभिजीत दीपके ने क्या कहा? मीडिया से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि “हम अभी इसके लिए प्लानिंग कर रहे हैं।” हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह योजना किस प्रकार की होगी और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने फिलहाल किसी संभावित कार्रवाई या कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। उनके इस बयान को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर अभी किसी नई पहल की घोषणा नहीं की गई है। जांच और पारदर्शिता की उठ रही मांग पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद कई पक्षों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। छात्रों का कहना है कि यदि किसी तरह की अनियमितता हुई है तो उसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच पूरी होने से परीक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार की जा सकेगी। अब किस पर टिकी हैं निगाहें? फिलहाल सभी की नजर पंजाब सरकार और संबंधित जांच एजेंसियों पर है। जांच की दिशा और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित पेपर लीक के आरोप कितने सही हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। इस बीच छात्र लगातार यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही स्थिति साफ होगी और उनके भविष्य को लेकर किसी तरह की अनिश्चितता नहीं रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon Session

Monsoon Session 2026: Rajya Sabha में Rule 267 पर टकराव, विपक्ष ने तत्काल चर्चा की उठाई मांग

संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) का सोमवार का दिन काफी हंगामेदार रहा। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने Rule 267 के तहत चर्चा कराने की मांग करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने छात्रों से जुड़े हालिया घटनाक्रम और कथित पुलिस कार्रवाई को बेहद गंभीर बताते हुए इसे “रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस” करार दिया। विपक्ष ने मांग की कि सदन की सामान्य कार्यवाही रोककर इस मुद्दे पर तुरंत चर्चा कराई जाए, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी और सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। Rule 267 को लेकर क्यों गरमाई Rajya Sabha? संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने Rule 267 के तहत नोटिस देकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन, कथित पुलिस कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मामलों पर विशेष चर्चा की मांग की। विपक्ष का कहना था कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला है, इसलिए इसे प्राथमिकता के साथ उठाया जाना चाहिए। मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में कहा कि ऐसे मामलों पर संसद में खुलकर चर्चा होनी चाहिए ताकि सरकार अपना पक्ष रख सके और विपक्ष अपनी चिंताओं को सामने ला सके। खड़गे ने सरकार पर साधा निशाना चर्चा की मांग करते हुए खड़गे ने कहा कि छात्रों के साथ जो घटनाएं सामने आई हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि संसद ऐसे विषयों पर चर्चा से पीछे नहीं हट सकती। विपक्षी दलों का आरोप है कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की गई, जबकि सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। सरकार ने क्या कहा? सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि वह किसी भी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है, लेकिन संसद की कार्यवाही तय नियमों और प्रक्रिया के अनुसार ही चलेगी। सरकार ने विपक्ष पर अनावश्यक हंगामा कर सदन का समय बर्बाद करने का आरोप भी लगाया। सत्ता पक्ष का कहना है कि यदि सभी दल निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें तो हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा संभव है। हंगामे की वजह से प्रभावित हुई कार्यवाही विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के चलते राज्यसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। कुछ समय तक सदन में शोर-शराबा जारी रहा, जिसके बाद कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। लोकसभा में भी विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। क्या है Rule 267? राज्यसभा का Rule 267 ऐसा प्रावधान है, जिसके तहत किसी अत्यंत महत्वपूर्ण और तात्कालिक जनहित के मुद्दे पर सदन की निर्धारित कार्यवाही रोककर तुरंत चर्चा कराई जा सकती है। हालांकि, इस नियम के तहत चर्चा की अनुमति देना पूरी तरह सभापति के अधिकार क्षेत्र में आता है। यदि सभापति को मामला पर्याप्त महत्वपूर्ण लगता है, तभी इस नियम के तहत चर्चा की अनुमति दी जाती है। आगे भी जारी रह सकता है टकराव मानसून सत्र के शुरुआती दिनों से ही कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। माना जा रहा है कि छात्रों से जुड़े मामलों, शिक्षा व्यवस्था और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर आने वाले दिनों में भी संसद का माहौल गर्म रह सकता है। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वह सदन के भीतर अपना विरोध जारी रखेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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