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Rahul Gandhi

Membership Controversy in Parliament BJP का Rahul Gandhi पर एक्शन, रिजिजू के Video से मचा हंगामा

संसद के बजट सत्र 2026 में सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। लोकसभा में हंगामे, आरोप-प्रत्यारोप और संवैधानिक प्रक्रियाओं पर उठे सवालों के बीच अब मामला सीधे Rahul Gandhi की सदस्यता (Membership) और स्पीकर चैंबर विवाद (Speaker Chamber Row) तक पहुंच गया है। सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं, और संसद का माहौल असाधारण रूप से तनावपूर्ण बना हुआ है। BJP MP का नोटिस: राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने की मांग बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में एक नोटिस देकर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। उनका आरोप है कि राहुल गांधी ने सदन के भीतर ऐसे बयान दिए जो तथ्यों पर आधारित नहीं थे और जिनसे देश की छवि प्रभावित होती है। दुबे का कहना है कि संसद की गरिमा बनाए रखना हर सदस्य की जिम्मेदारी है, और अगर कोई सदस्य भ्रामक जानकारी देता है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस नोटिस के सामने आते ही सदन में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कांग्रेस सांसदों ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया, जबकि बीजेपी इसे संसदीय अनुशासन का मामला बता रही है। Speaker Chamber Video: रिजिजू ने जारी किया क्लिप विवाद उस समय और गहरा गया जब केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप साझा की। इस वीडियो में कथित तौर पर कुछ विपक्षी सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के चैंबर में मौजूद दिखाई दे रहे हैं। रिजिजू ने दावा किया कि कुछ कांग्रेस सांसद स्पीकर के कक्ष में पहुंचे और वहां अनुचित व्यवहार किया। उन्होंने इसे संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताया। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई। विपक्ष का जवाब: लोकतांत्रिक अधिकारों का सवाल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि उनके नेताओं को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा था, जिसके चलते विरोध दर्ज कराया गया। उनका आरोप है कि सदन की कार्यवाही निष्पक्ष नहीं चल रही। कुछ विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा कि स्पीकर की भूमिका पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकारों के दायरे में आता है। संसद में बढ़ता टकराव लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही कई बार बाधित हुई। नारेबाजी, वेल में आना और विरोध प्रदर्शन के चलते प्रश्नकाल और अन्य कामकाज प्रभावित हुआ। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल एक बयान या वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार और विपक्ष के बीच गहरे अविश्वास को दर्शाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

UNSC Report on Delhi Blast Jaish-e-Mohammed Link से Pakistan की मुश्किलें बढ़ीं

Delhi के ऐतिहासिक लाल किले (Red Fort) के पास हुए आतंकी हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की ताज़ा रिपोर्ट ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर दिया है। रिपोर्ट में पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) का नाम सामने आने के बाद इस मामले ने वैश्विक स्तर पर गंभीर रूप ले लिया है। क्या हुआ था Delhi Red Fort के पास? 10 नवंबर 2025 को लाल किले के नजदीक कार बम विस्फोट हुआ था। यह इलाका देश की ऐतिहासिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील जगहों में गिना जाता है। धमाके में कई लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। घटना के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसियों ने इसे सुनियोजित आतंकी हमला बताया था। शुरुआती जांच में सीमा पार आतंकी नेटवर्क की भूमिका की आशंका जताई गई थी। UN Report में क्या बड़ा खुलासा हुआ? संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध निगरानी समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हमले के तार जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े नेटवर्क तक जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार: रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ सदस्य देशों का मानना है कि यह संगठन अब भी खतरा बना हुआ है, जबकि कुछ इसे कमजोर बता रहे हैं। यही मतभेद अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। पाकिस्तान पर क्या असर? UNSC की रिपोर्ट में नाम आने के बाद पाकिस्तान की स्थिति असहज मानी जा रही है। पाकिस्तान लंबे समय से दावा करता रहा है कि उसने आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज में Jaish-e-Mohammed का जिक्र होने से पाकिस्तान पर जवाबदेही का दबाव बढ़ गया है। कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण Diplomatic Win हो सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह रिपोर्ट? भारत वर्षों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाता रहा है। ऐसे में UN Report में संगठन का नाम आना भारत के रुख को मजबूती देता है। इसके अलावा, यह रिपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी अहम संकेत देती है कि आतंकी संगठन अपनी रणनीति और संरचना में बदलाव कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BNP

BNP vs Jamaat Clash Bangladesh Election 2026 में किसके हाथ जाएगी सत्ता?

ढाका से लेकर चिटगांव और खुलना तक आज माहौल अलग है। सड़कों पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी है, मतदान केंद्रों के बाहर कतारें हैं और लोगों के चेहरों पर उम्मीद भी। Bangladesh Election 2026 के तहत देश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान जारी है। करीब 12 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि पिछले कुछ वर्षों की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद देश के भविष्य की दिशा तय करने का दिन माना जा रहा है। BNP vs Jamaat: किसके हाथ में जाएगी सत्ता? इस बार मुकाबला मुख्य रूप से Bangladesh Nationalist Party (BNP) और Jamaat-e-Islami के बीच देखा जा रहा है। देशभर में 50 से ज्यादा दलों और बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवारों सहित लगभग दो हजार से अधिक प्रत्याशी मैदान में हैं। कई सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। अवामी लीग की गैरमौजूदगी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी Awami League इस चुनाव में हिस्सा नहीं ले रही है। 2024 के छात्र आंदोलन और उसके बाद बने राजनीतिक हालात ने देश की राजनीति को नई दिशा दी। उसी पृष्ठभूमि में अंतरिम सरकार के तहत ये चुनाव कराए जा रहे हैं। “आजादी जैसा दिन” — Yunus का भावनात्मक संदेश अंतरिम सरकार के प्रमुख Muhammad Yunus ने मतदान के दिन को “आजादी जैसा दिन” बताया। उन्होंने कहा कि यह मौका है जब देश एक नया Bangladesh बनाने की ओर कदम बढ़ा सकता है। मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में खड़े युवाओं और बुजुर्गों से बात करने पर एक बात साफ दिखती है—लोग बदलाव चाहते हैं, लेकिन स्थिरता भी। कई पहली बार वोट डालने वाले युवाओं ने इसे “फ्यूचर तय करने वाला दिन” बताया। कड़ी सुरक्षा, शांतिपूर्ण मतदान चुनाव के मद्देनज़र देशभर में सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। सेना और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। अधिकांश इलाकों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है, हालांकि कुछ जगहों से हल्की तनाव की खबरें भी आई हैं। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक भी चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखे हुए हैं। कब आएंगे नतीजे? मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना शुरू होगी। शुरुआती रुझान देर रात या अगले दिन सामने आ सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव के परिणाम न केवल देश की आंतरिक राजनीति बल्कि उसकी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय नीति को भी प्रभावित करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

US Trade Agreement Controversy “देश को बेच दिया” – Lok Sabha में Rahul Gandhi का बड़ा बयान

संसद के बजट सत्र में भारत-अमेरिका (India-US) Trade Deal को लेकर सियासत तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “US की शर्तों पर डील करना शर्मनाक है” और सरकार ने देश के हितों से समझौता किया है। उनके इस बयान के बाद सदन में जोरदार बहस छिड़ गई। क्या है पूरा मामला? हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते (Trade Agreement) को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। Rahul Gandhi ने अपने भाषण में कहा कि यह डील भारत की आर्थिक और रणनीतिक स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बातचीत में सख्त रुख नहीं अपनाया। राहुल गांधी ने खास तौर पर ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security), कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) और डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि अगर किसी समझौते से यह स्थिति बनती है कि भारत की तेल खरीद नीति या डिजिटल डेटा पर बाहरी दबाव बढ़े, तो यह देश के भविष्य के लिए चिंता की बात है। डेटा और तेल नीति पर सवाल अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने भारतीय डेटा को देश की “सबसे बड़ी संपत्ति” बताया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में डेटा ही नई ताकत है और भारत को इसे किसी भी वैश्विक दबाव में नहीं छोड़ना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका यह तय करने लगे कि भारत किस देश से तेल खरीदेगा, तो यह स्वतंत्र विदेश नीति के सिद्धांत के खिलाफ होगा। टैरिफ और व्यापारिक असर विपक्ष का दावा है कि इस डील के बाद कुछ क्षेत्रों में टैरिफ (Tariff) संरचना में ऐसे बदलाव हुए हैं, जिससे भारतीय उद्योग और निर्यातकों पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए अधिक मजबूत बातचीत करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर विपक्षी गठबंधन सत्ता में होता, तो वह भारत के हितों को प्राथमिकता देते हुए अलग तरीके से बातचीत करता। सरकार का जवाब सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। केंद्रीय मंत्रियों का कहना है कि India-US Trade Deal भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और वैश्विक बाजार में नई संभावनाएं खोलने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार के मुताबिक, यह समझौता भारतीय उद्योग, निवेश और रोजगार के लिए फायदेमंद साबित होगा। क्यों अहम है यह बहस? भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रणनीतिक रिश्तों के बीच यह व्यापार समझौता महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेकिन संसद में जिस तरह से इस पर सवाल उठे हैं, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और आर्थिक दोनों स्तर पर चर्चा में रहेगा। आखिरकार सवाल सिर्फ एक डील का नहीं है, बल्कि उस भरोसे का है जो देश की जनता अपनी सरकार से करती है—कि हर समझौता भारत के हित में हो। यही वजह है कि लोकसभा में हुई यह बहस आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UP Budget

UP Budget 2026 ₹9,12,696 करोड़ से Industrial Development और MSME को नई रफ्तार

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹9,12,696 करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश किया है। यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जिसमें Industrial Development, Infrastructure Expansion और MSME Growth को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का स्पष्ट संदेश है—उत्तर प्रदेश को निवेश, रोजगार और उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना। UP Budget केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि प्रदेश के युवाओं, उद्यमियों, कारीगरों और छोटे व्यापारियों के लिए नई उम्मीदों का खाका भी है। Industrial Development: इंफ्रास्ट्रक्चर से उद्योग को ताकत इस बार बजट में सड़क, एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक्स हब और औद्योगिक कॉरिडोर के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा फायदा उद्योगों को मिलेगा—माल ढुलाई सस्ती होगी, समय की बचत होगी और उत्पादन लागत कम होगी। बुंदेलखंड समेत कई क्षेत्रों में औद्योगिक पार्क विकसित करने की योजना से पिछड़े इलाकों में भी निवेश का रास्ता खुलेगा। इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। Investment और Employment: निवेश से रोजगार तक सरकार ने निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की प्रतिबद्धता दोहराई है। बड़े पैमाने पर हुए निवेश समझौतों (MoUs) से लाखों रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत करने और प्रक्रियाओं को आसान बनाने की पहल से उद्योग स्थापित करना पहले से सरल होगा। यह कदम खासकर नए उद्यमियों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है। MSME Sector: छोटे उद्योग, बड़ी ताकत उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में MSME सेक्टर की भूमिका बेहद अहम है। लाखों लोग सीधे या परोक्ष रूप से इससे जुड़े हैं। बजट में इस क्षेत्र के लिए कई अहम प्रावधान किए गए हैं— 1. आसान वित्तीय सहायता छोटे और मध्यम उद्योगों को ऋण और कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है, ताकि वे विस्तार कर सकें। 2. TReDS प्लेटफॉर्म का विस्तार MSME को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए TReDS को बढ़ावा मिलेगा, जिससे कैश फ्लो की समस्या कम होगी। 3. पारंपरिक उद्योगों को सपोर्ट हथकरघा, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल और ग्रामीण उद्योगों के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी। इससे कारीगरों को बाजार और आधुनिक तकनीक से जोड़ने में मदद मिलेगी। 4. टेक्नोलॉजी और डिजिटल कनेक्ट छोटे उद्योगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-मार्केट से जोड़ने की पहल से उनके उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकेंगे। क्यों खास है यह बजट? UP Budget केवल बड़े उद्योगपतियों के लिए नहीं, बल्कि छोटे दुकानदार, कारीगर, स्टार्टअप फाउंडर और ग्रामीण उद्यमियों के लिए भी अवसर लेकर आया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lok Sabha

No-Confidence Motion Drama Lok Sabha में हंगामा, Kiren Rijiju ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

संसद का बजट सत्र इस बार सामान्य बहसों से आगे बढ़कर तीखे राजनीतिक टकराव का मंच बन गया है। Lok Sabha में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते तनाव ने हालात को ऐसा मोड़ दे दिया है, जहाँ आरोप-प्रत्यारोप, अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) और संसदीय गरिमा पर सवाल एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। स्पीकर के चैंबर में क्या हुआ? केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू (Kiren Rijiju) ने कांग्रेस सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि लगभग 20–25 कांग्रेस सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) के चैंबर में गए और वहां अनुचित व्यवहार किया। रिजिजू के अनुसार इस दौरान ऐसी भाषा का इस्तेमाल हुआ, जिससे स्पीकर आहत हुए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ वरिष्ठ नेता, जिनमें प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य प्रमुख चेहरे शामिल थे, उस समय मौजूद थे। रिजिजू ने इस पूरे घटनाक्रम को “संसदीय मर्यादा के खिलाफ” बताया और कहा कि लोकतंत्र में असहमति ज़रूरी है, लेकिन गरिमा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। बोलने की अनुमति पर विवाद मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेताओं ने यह कहा कि उन्हें सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकसभा के नियमों के अनुसार, बिना अध्यक्ष की अनुमति कोई भी सदस्य बोल नहीं सकता, चाहे वह किसी भी दल से हो। सत्ता पक्ष का कहना है कि नियमों की अनदेखी से संसद की कार्यवाही प्रभावित होती है और इससे जनता के मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। No-Confidence Motion क्यों? दूसरी ओर, विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion against Speaker) पेश किया है। विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही के दौरान उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया और कुछ मामलों में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया। करीब 118 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ यह प्रस्ताव लोकसभा सचिवालय को सौंपा गया है। हालांकि, इस पर कुछ बड़े नेताओं के हस्ताक्षर न होने को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी है। BJP MPs की प्रतिक्रिया भाजपा की कुछ महिला सांसदों ने भी स्पीकर को पत्र लिखकर विपक्ष के व्यवहार पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सदन के अंदर और बाहर विरोध का तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो। संसद में बढ़ता गतिरोध लगातार हो रहे हंगामे और आरोपों के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है, खासकर यदि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। लोकतंत्र की असली कसौटी संसद सिर्फ बहस का मंच नहीं, बल्कि देश की जनता की आवाज़ है। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि क्या राजनीतिक मतभेदों को संवाद से सुलझाया जा सकता है? लोकतंत्र में विरोध और सवाल उठाना ज़रूरी है, लेकिन उसकी भाषा और तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। फिलहाल देश की निगाहें लोकसभा पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह विवाद सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा या संसद की कार्यप्रणाली पर गहरा असर डालेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vande Mataram

नई गाइडलाइन 2026 Vande Mataram पहले, Jana Gana Mana बाद में गाया जाएगा

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वन्दे मातरम् (Vande Mataram) को लेकर नई ऑफिशियल गाइडलाइन 2026 जारी की है। अब स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों में वन्दे मातरम् राष्ट्रीय गीत जन‑गण‑मन (Jana Gana Mana) से पहले गाया जाएगा। गाइडलाइन के अनुसार, सभी 6 पैरे गाए जाएंगे और सुनने वाले खड़े होकर सम्मान करेंगे। सभी 6 पैरे अब होंगे ऑफिशियल इस गाइडलाइन में वन्दे मातरम् (Vande Mataram) के पूरे छह पैरों को गाने की बात कही गई है। इनमें वे पैरे भी शामिल हैं जो पहले आधिकारिक कार्यक्रमों में नहीं गाए जाते थे। प्रत्येक पैरा मातृभूमि के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को जगाता है। स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों में नया नियम ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व Vande Mataram को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था और यह गीत स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रतीक बन गया। पहले इसे केवल दो पैरों तक सीमित रखा गया था, लेकिन अब सभी छह पैरे गाने का निर्देश है। यह बदलाव बच्चों और नागरिकों के बीच देशभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान की भावना को और मजबूत करेगा। सरकार का उद्देश्य सरकार का लक्ष्य वन्दे मातरम् को केवल गीत के रूप में नहीं बल्कि राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक बनाना है। इससे बच्चों और नागरिकों में देशभक्ति की भावना को जागरूक करने में मदद मिलेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lok Sabha

Lok Sabha में सियासी घमासान स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, दो स्थगन के बाद Budget पर चर्चा

संसद के बजट सत्र में सोमवार को लोकसभा (Lok Sabha) का माहौल काफी तनावपूर्ण नजर आया। एक तरफ विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया, तो दूसरी ओर हंगामे और स्थगन के बाद आखिरकार आम बजट पर चर्चा की शुरुआत हुई। स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस दिया है, जिस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही निष्पक्ष रूप से नहीं चलाई जा रही और उनकी बातों को बार-बार अनदेखा किया जा रहा है। यह कदम विपक्ष की नाराज़गी और सरकार के प्रति उसके आक्रामक रुख को दिखाता है। हंगामे के कारण दो बार स्थगित हुई कार्यवाही अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी सांसदों की नारेबाज़ी और विरोध के चलते लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। कुछ समय तक सदन का कामकाज पूरी तरह बाधित रहा, जिससे राजनीतिक टकराव साफ झलकता रहा। Budget Discussion की शुरुआत हंगामे और स्थगन के बावजूद लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू की गई और केंद्र सरकार के आम बजट (Union Budget) पर चर्चा शुरू हुई। सत्तापक्ष के सांसदों ने सरकार की आर्थिक नीतियों, विकास योजनाओं और भविष्य की रणनीति को सामने रखा। वहीं विपक्ष ने महंगाई, बेरोज़गारी, किसानों की समस्याओं और आम जनता पर बढ़ते खर्च जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। संसद में टकराव के बीच आगे की राह लोकसभा (Lok Sabha) स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस और बजट पर चर्चा का एक साथ चलना यह दर्शाता है कि संसद के भीतर सियासी खींचतान तेज है। इसके बावजूद सरकार बजट से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा कर विधायी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर क्या निर्णय लिया जाता है और बजट बहस आने वाले दिनों में किस दिशा में आगे बढ़ती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Naravane

Penguin India का Official Statement General Naravane की Unpublished Book पर Legal Action की चेतावनी

भारत में इस वक्त एक unpublished book controversy सुर्खियों में है। विवाद का केंद्र है पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (General Manoj M. Naravane) की आत्मकथा “Four Stars of Destiny”, जो अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। मामला तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में इस किताब का कथित अंश दिखाया और सरकार पर सवाल उठाए। किताब क्या है? Naravane की किताब “Four Stars of Destiny” उनके सैन्य करियर, भारत‑चीन सीमा विवाद और महत्वपूर्ण सैन्य निर्णयों का विवरण बताती है। हालांकि, यह अभी तक प्रकाशित नहीं हुई और न ही कोई आधिकारिक प्रति (print या digital) सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। पेंगुइन इंडिया (Penguin Random House India) का बयान पेंगुइन इंडिया ने स्पष्ट किया कि: इसका मतलब यह है कि पेंगुइन ने कोई भी आधिकारिक रिलीज़ नहीं की है और किसी भी लीक को मान्यता नहीं दी है। FIR और Delhi Police की जांच दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है, क्योंकि: पुलिस का कहना है कि मामला copyright/लेखक अधिकारों और unauthorized dissemination से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। Parliament Controversy: राहुल गांधी और किताब का प्रदर्शन विवाद तब राजनीतिक रूप ले गया जब राहुल गांधी ने लोकसभा में कथित किताब की प्रति दिखाकर सरकार पर सवाल उठाए। संक्षेप में बिंदु स्थिति Book Publication प्रकाशित नहीं हुई, कोई official copy उपलब्ध नहीं। Publisher Statement Penguin India ने unauthorized copies पर copyright violation बताया। FIR & Police Probe दिल्ली पुलिस ने unauthorized circulation के आधार पर FIR दर्ज की। Politics & Parliament राहुल गांधी के Parliamentary display ने विवाद को राजनीतिक रूप दिया। मानवीय जुड़ाव यह सिर्फ book leak controversy नहीं है। यह उस संतुलन की कहानी है जहाँ जानकारी की भूख, लेखक-अधिकार, राष्ट्रीय सुरक्षा नियम, और राजनीतिक बहस एक साथ टकराते हैं। ऐसी घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि किसी भी संवेदनशील जानकारी के लिए सही अनुमति और जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Punjab

Punjab Crime तरनतारन लॉ कॉलेज में सनसनी, छात्र ने सहपाठी को गोली मारी फिर खुद की जान ली

पंजाब (Punjab) के तरनतारन जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। माई भागो लॉ कॉलेज (Mai Bhago Law College) में पढ़ने वाली एक लॉ छात्रा की क्लासरूम के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद आरोपी छात्र ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। यह पूरी घटना कॉलेज में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कैसे हुई वारदात? प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, घटना उस समय हुई जब कॉलेज में नियमित कक्षाएं चल रही थीं। तभी एक छात्र अचानक क्लासरूम में दाखिल हुआ और बिना किसी चेतावनी के अपनी सहपाठी संदीप कौर के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही छात्रा जमीन पर गिर पड़ी। घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी छात्र ने खुद को भी गोली मार ली। दोनों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। CCTV Video से मचा हड़कंप कॉलेज परिसर में लगे CCTV कैमरों में यह पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों में डर और गुस्सा दोनों देखा जा रहा है। पुलिस ने वीडियो को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस जांच में क्या सामने आ रहा है? पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी और मृतक छात्रा के बीच किसी निजी विवाद या एकतरफा संबंध का मामला हो सकता है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी किसी नतीजे पर पहुँचना जल्दबाजी होगी। पुलिस कॉलेज के छात्रों, शिक्षकों और परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी के पास हथियार कैसे पहुंचा। कॉलेज प्रशासन और समाज की प्रतिक्रिया घटना के बाद कॉलेज में शोक का माहौल है। कॉलेज प्रशासन ने कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और छात्रों के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था करने की बात कही है। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था, छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य, और हथियारों की आसान उपलब्धता कितनी बड़ी समस्या बन चुकी है। एक चेतावनी भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि हिंसक और संवेदनशील वीडियो शेयर न करें, क्योंकि इससे पीड़ित परिवारों को और मानसिक आघात पहुंचता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chandigarh के एलांते मॉल में हंगामा, खाने में कीड़ा मिलने का आरोप

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Chandigarh के Elante Mall के फूड कोर्ट में उस वक्त हंगामा हो गया, जब एक ग्राहक ने खाने में कीड़ा मिलने का आरोप लगाया। ग्राहक का कहना है कि उसने चाइनीज डिश ऑर्डर की थी, जिसमें उसे कीड़ा नजर आया। उसने इस घटना का वीडियो भी दिखाया, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में नाराजगी बढ़ गई। मामले के बढ़ने पर संबंधित कैफे के मैनेजर (GM) ने स्थिति संभालने की कोशिश की। उन्होंने ग्राहक से माफी मांगी और कहा कि इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। घटना के बाद फूड कोर्ट में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अन्य ग्राहकों ने भी खाने की क्वालिटी और सफाई को लेकर चिंता जताई। यह मामला एक बार फिर फूड सेफ्टी और हाइजीन को लेकर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त जांच और कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
Parshuram Jayanti पर इंदौर में भव्य शोभायात्रा, मुख्यमंत्री ने किए बड़े ऐलान

Parshuram Jayanti पर इंदौर में भव्य शोभायात्रा, मुख्यमंत्री ने किए बड़े ऐलान

Indore में Parshuram Jayanti के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और पूरा शहर भक्तिमय माहौल में रंगा नजर आया। यह शोभायात्रा Sarv Brahmin Samaj की ओर से आयोजित की गई, जिसमें पारंपरिक झांकियां, बैंड-बाजे और धार्मिक उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Mohan Yadav भी शामिल हुए। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए तीर्थ स्थलों के विकास और सनातन संस्कृति के संरक्षण को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। उनका कहना था कि सरकार धार्मिक स्थलों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इस मौके पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि समाज को एकजुट करने का भी संदेश देता नजर आया।
तन्वी कोलते बनीं Bigg Boss Marathi 6 की विनर, राकेश-विशाल को मिली हार

तन्वी कोलते बनीं Bigg Boss Marathi 6 की विनर, राकेश-विशाल को मिली हार

रियलिटी शो Bigg Boss Marathi 6 का फिनाले काफी रोमांचक रहा। इस सीजन की ट्रॉफी Tanvi Kolte ने अपने नाम कर ली। शो के आखिरी मुकाबले में कई मजबूत कंटेस्टेंट्स के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। Rakesh और Vishal भी फाइनल तक पहुंचे, लेकिन अंत में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस शो को Salman Khan के पॉपुलर रियलिटी शो के फॉर्मेट से जोड़ा जाता है, जिसकी वजह से दर्शकों में इसका क्रेज काफी ज्यादा रहता है। तन्वी कोलते की जीत के बाद उनके फैंस में खुशी की लहर है। पूरे सीजन में उनकी परफॉर्मेंस और स्ट्रॉन्ग पर्सनैलिटी को दर्शकों ने काफी पसंद किया। फिनाले एपिसोड में इमोशंस, ड्रामा और एंटरटेनमेंट का जबरदस्त तड़का देखने को मिला, जिसने दर्शकों को आखिरी तक बांधे रखा।
महिला आरक्षण के समर्थन में BJP की रैली, सीएम बोले- विशेष सत्र बुलाया जाएगा

महिला आरक्षण के समर्थन में BJP की रैली, सीएम बोले- विशेष सत्र बुलाया जाएगा

Bhopal में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। BJP ने इस मुद्दे के समर्थन में आज आक्रोश रैली निकालने का ऐलान किया है। रैली से पहले मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि सरकार इस विषय पर गंभीर है और जल्द ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। उनका कहना है कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए और इसमें किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। सीएम ने Indian National Congress पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष महिलाओं के अधिकारों को रोकने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है और आम लोगों की नजरें भी अब आने वाले फैसलों पर टिकी हुई हैं।
ई-रिक्शा में महिला के 5 लाख के जेवर चोरी, Gwalior में वारदात

ई-रिक्शा में महिला के 5 लाख के जेवर चोरी, Gwalior में वारदात

Gwalior में एक हैरान करने वाली चोरी की घटना सामने आई है। शादी में जा रही एक महिला के करीब 5 लाख रुपये के जेवर ई-रिक्शा में सफर के दौरान चोरी हो गए। जानकारी के अनुसार, महिला आराम से ई-रिक्शा में बैठकर अपने गंतव्य की ओर जा रही थी। रास्ते में गड्ढों और खराब सड़क के कारण रिक्शा में बार-बार झटके लग रहे थे। इसी दौरान किसी ने मौके का फायदा उठाकर बैग से जेवर पार कर दिए। महिला को चोरी का पता तब चला जब वह अपने गंतव्य पर पहुंची। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं और यात्रियों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर भीड़भाड़ या खराब रास्तों पर सफर करते समय अपने सामान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

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