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Mann Ki Baat

Mann Ki Baat 2026: PM Modi ने जवानों, युवाओं और खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला, Har Ghar Tiranga की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’(Mann Ki Baat) के 136वें एपिसोड में देशवासियों को कई अहम संदेश दिए। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर उन्होंने देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और हर नागरिक से ‘Har Ghar Tiranga’ अभियान से जुड़ने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट Vikram-1, कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रहे भारतीय खिलाड़ियों, युवाओं के इनोवेशन और आत्मनिर्भर भारत की उपलब्धियों पर भी विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन राष्ट्रभक्ति, विज्ञान, खेल और जनभागीदारी के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके नागरिक हैं और जब पूरा देश एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ता है, तो बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल करना संभव हो जाता है। Har Ghar Tiranga अभियान से जुड़ने की अपील पीएम मोदी ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ आज केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक की भावना बन चुका है। उन्होंने लोगों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों, दुकानों, कार्यालयों और संस्थानों पर तिरंगा फहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आशाओं, सपनों और बलिदानों का प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों से सोशल मीडिया पर भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया ताकि देशभक्ति का यह संदेश हर घर तक पहुंचे। कारगिल के वीरों को किया नमन कारगिल विजय दिवस का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य को याद किया। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में भी देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि देश हमेशा अपने वीर जवानों का ऋणी रहेगा और नई पीढ़ी को उनके त्याग, साहस और राष्ट्रप्रेम की कहानियों से प्रेरणा लेनी चाहिए। Vikram-1 की सफलता पर जताया गर्व प्रधानमंत्री ने भारत के पहले निजी ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल Vikram-1 का विशेष उल्लेख करते हुए इसे भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में स्पेस सेक्टर में किए गए सुधारों का सकारात्मक परिणाम अब दिखाई दे रहा है। निजी कंपनियां और भारतीय स्टार्टअप्स अंतरिक्ष तकनीक में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे भारत वैश्विक स्पेस इंडस्ट्री में मजबूत पहचान बना रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि यह सफलता केवल वैज्ञानिकों की नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं की भी है जो नए विचारों और तकनीक के दम पर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। Commonwealth Games में भारतीय खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं प्रधानमंत्री ने कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रहे भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश को अपने खिलाड़ियों पर गर्व है। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और उनका संघर्ष करोड़ों युवाओं को प्रेरित करता है। उन्हें विश्वास है कि भारतीय दल इस बार भी देश का नाम रोशन करेगा। युवाओं और Innovation पर दिया विशेष जोर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने युवाओं से विज्ञान, तकनीक, स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज भारत का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बन रहा है। देश के स्टार्टअप्स नई तकनीक और नए विचारों के साथ दुनिया में भारत की पहचान मजबूत कर रहे हैं। यही युवा विकसित भारत के सपने को साकार करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएंगे। जनभागीदारी से बनेगा विकसित भारत प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, आत्मनिर्भर भारत और Har Ghar Tiranga जैसे अभियान तभी सफल होते हैं, जब उनमें आम नागरिक पूरी भागीदारी निभाते हैं। उन्होंने लोगों से देशहित के हर अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने की अपील की। PM Modi के संबोधन की बड़ी बातें हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rajnath Singh

Kargil Vijay Diwas: Rajnath Singh ने शहीदों को किया नमन, Pakistan को चेतावनी- सेना पूरी तरह तैयार

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल में देश ने अपने वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh ) ने कारगिल युद्ध के नायकों को नमन करते हुए पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत आज Innovation, आत्मनिर्भरता और आधुनिक तकनीक के सहारे भविष्य का निर्माण कर रहा है, जबकि पाकिस्तान अब भी घुसपैठ और आतंकवाद के रास्ते पर चल रहा है। रक्षामंत्री ने कहा कि भारत शांति का समर्थक है, लेकिन यदि कोई देश उसकी संप्रभुता या सुरक्षा को चुनौती देता है तो भारतीय सेनाएं हर मोर्चे पर जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार हैं। कारगिल की धरती से वीर जवानों को श्रद्धांजलि 26 जुलाई को मनाए जाने वाले कारगिल विजय दिवस पर राजनाथ सिंह ने द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल पहुंचकर 1999 के युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पुष्पचक्र अर्पित कर देश के उन वीर सपूतों को याद किया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में दुश्मन को पीछे हटाकर भारत का तिरंगा बुलंद रखा। उन्होंने कहा कि कारगिल के शहीदों का साहस और बलिदान हर भारतीय के लिए प्रेरणा है और देश उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता। ‘भारत Innovation पर आगे बढ़ रहा, पाकिस्तान घुसपैठ में उलझा’ अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने भारत और पाकिस्तान की सोच का अंतर भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आज भारत रक्षा उत्पादन, नई तकनीक और आत्मनिर्भरता पर तेजी से काम कर रहा है। वहीं पाकिस्तान अब भी सीमा पार घुसपैठ और आतंकवाद जैसी गतिविधियों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि भारत विकास और शांति की नीति पर आगे बढ़ रहा है, लेकिन यदि कोई देश देशहित के खिलाफ कदम उठाता है तो भारतीय सेना हर चुनौती का डटकर सामना करेगी। सेना की ताकत बढ़ाने पर सरकार का फोकस राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार भारतीय सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक हथियारों और नई तकनीकों से लैस करने के लिए लगातार काम कर रही है। रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि भारत भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सके। उन्होंने कहा कि मजबूत सेना ही सुरक्षित भारत की सबसे बड़ी ताकत है और सरकार सैनिकों की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। कारगिल विजय दिवस क्यों है खास? हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत कारगिल की ऊंची चोटियों पर कब्जा जमाए पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़कर जीत हासिल की थी। इस युद्ध में कई जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी, जिनके साहस और बलिदान की याद में यह दिन पूरे देश में सम्मान और गर्व के साथ मनाया जाता है। देशभर में शहीदों को किया गया याद कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देश के कई हिस्सों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों, सैन्य संस्थानों और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में शहीदों को नमन किया गया। लोगों ने भारतीय सेना के साहस और समर्पण को याद करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Alert: 3 राज्यों में Red Alert जारी, Assam Flood से 66 मौतें; Himachal की 134 सड़कें बंद

देशभर में मानसून (Monsoon) एक बार फिर कहर बरपा रहा है। पश्चिम भारत से लेकर पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों तक लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा के कई जिलों में अत्यधिक बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, असम में बाढ़ की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है, जबकि हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के कारण सैकड़ों सड़कें बंद हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। Gujarat, Maharashtra और Odisha में Heavy Rain का Red Alert IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटे गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा के लिए बेहद अहम हैं। इन राज्यों के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। राज्य सरकारों ने जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दलों को पहले से तैनात किया गया है, जबकि लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी गई है। Assam Flood: 7 लाख लोग प्रभावित, 66 लोगों की मौत असम में मानसून सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। लगातार बारिश के चलते कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बड़ी आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में करीब 7 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और अब तक 66 लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों परिवारों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है, जबकि कई गांवों का संपर्क अब भी टूटा हुआ है। राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने में जुटी हैं। Himachal Pradesh में Landslide से 134 सड़कें बंद हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी इलाकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन होने से 134 सड़कें बंद हो गई हैं। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें मलबा हटाकर सड़कें दोबारा चालू करने की कोशिश कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम सामान्य होने तक पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा टालने की अपील की है। कई राज्यों में Alert Mode पर प्रशासन लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, असम और हिमाचल प्रदेश में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। NDRF और SDRF की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता अभी कुछ दिन और बनी रह सकती है। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है। क्या करें और क्या न करें? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kargil Vijay Diwas

Kargil Vijay Diwas 2026: वीर जवानों के बलिदान को देश का नमन, PM Modi, Rahul Gandhi समेत नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

Kargil Vijay Diwas 2026 के अवसर पर पूरा देश उन वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दे रहा है, जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में अपनी जान की परवाह किए बिना भारत की सीमाओं की रक्षा की। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई राजनीतिक नेताओं ने कारगिल के शहीदों को नमन करते हुए उनके अदम्य साहस और बलिदान को याद किया। देशभर में आयोजित कार्यक्रमों, स्मारकों और सोशल मीडिया के जरिए नेताओं ने एक स्वर में कहा कि कारगिल के वीर जवानों का त्याग आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा। PM Modi ने कहा- देश हमेशा वीर सैनिकों का ऋणी रहेगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल विजय दिवस पर अपने संदेश में कहा कि कारगिल के वीरों का शौर्य, साहस और बलिदान हर भारतीय के दिल में हमेशा जीवित रहेगा। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के प्रति पूरा देश सदैव कृतज्ञ रहेगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय सेना का पराक्रम हर नागरिक के लिए गर्व का विषय है और देश की सुरक्षा के लिए उनका समर्पण अतुलनीय है। Rahul Gandhi ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारत के वीर जवानों ने कठिन परिस्थितियों में अद्भुत साहस का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि उनका बलिदान केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। राहुल गांधी ने कहा कि देश हमेशा अपने सैनिकों के त्याग और सेवा का सम्मान करता रहेगा। Rajnath Singh बोले- भारतीय सेना हर चुनौती के लिए तैयार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सेना की वीरता को सलाम करते हुए कहा कि देश की सशस्त्र सेनाएं हर परिस्थिति में राष्ट्र की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कारगिल के नायकों का बलिदान भारतीय सेना की बहादुरी और समर्पण का सबसे बड़ा उदाहरण है। रक्षा मंत्री ने शहीदों के परिवारों के प्रति भी सम्मान व्यक्त किया। कई नेताओं ने साझा किए श्रद्धांजलि संदेश प्रधानमंत्री, विपक्ष और रक्षा मंत्री के अलावा कई केंद्रीय मंत्रियों, राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी कारगिल विजय दिवस पर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेशों में नेताओं ने कहा कि कारगिल के शहीदों का बलिदान भारत के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना अपनाने की भी अपील की। क्यों मनाया जाता है Kargil Vijay Diwas? हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ के तहत कारगिल की दुर्गम चोटियों से पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़कर ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। करीब दो महीने तक चले इस युद्ध में भारत के 527 वीर सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी वीरता और शौर्य की याद में हर वर्ष देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। देश के लिए प्रेरणा है कारगिल के वीरों का बलिदान कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक जीत का दिन नहीं, बल्कि उन सैनिकों के साहस, समर्पण और राष्ट्रभक्ति को याद करने का अवसर भी है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आज जब पूरा देश कारगिल के शहीदों को नमन कर रहा है, तब एक बार फिर यह संदेश गूंज रहा है कि भारत अपने वीर जवानों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता। यही वजह है कि कारगिल विजय दिवस हर भारतीय के लिए गर्व, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बन चुका है. हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pralhad Joshi

New Education Minister B.A. पास हैं Pralhad Joshi, जानिए क्यों सौंपी गई Education Ministry की जिम्मेदारी

देश की शिक्षा व्यवस्था इन दिनों बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद, छात्रों के आंदोलन और शिक्षा सुधार को लेकर बढ़ती मांग के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। वरिष्ठ भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) को देश का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री (New Education Minister) बनाया गया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंपी गई है। ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल हैं—आखिर नए शिक्षा मंत्री कितने पढ़े-लिखे हैं? उनका राजनीतिक अनुभव कितना है? और क्या वे शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल कर पाएंगे? आइए जानते हैं। कौन हैं Pralhad Joshi? Pralhad Joshi भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उनका राजनीतिक सफर संगठन से शुरू होकर संसद और केंद्र सरकार तक पहुंचा है। वे कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार कई बार सांसद चुने जा चुके हैं, जो उनकी मजबूत जनाधार और राजनीतिक स्वीकार्यता को दर्शाता है। केंद्र सरकार में वे पहले भी कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संसदीय कार्य, कोयला, खान, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा जैसे मंत्रालयों में उनके काम को प्रशासनिक अनुभव का मजबूत आधार माना जाता है। Education Qualification: कितने पढ़े-लिखे हैं नए शिक्षा मंत्री? अगर उनकी पढ़ाई की बात करें तो प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक विश्वविद्यालय (Karnataka University), धारवाड़ से संबद्ध श्री कदासिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज से Bachelor of Arts (B.A.) की डिग्री हासिल की है। कॉलेज शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन को चुना और राजनीति में सक्रिय हो गए। पिछले तीन दशकों में उन्होंने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। ऐसे समय मिली शिक्षा मंत्रालय की कमान प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब देश में परीक्षा प्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों ने पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग की। कई शहरों में प्रदर्शन हुए और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई। इन्हीं परिस्थितियों के बीच सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बदलाव करते हुए अनुभवी नेतृत्व पर भरोसा जताया है। New Education Minister के सामने क्या होंगी सबसे बड़ी चुनौतियां? परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सुरक्षा बढ़ाना और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। National Education Policy (NEP) को गति देना नई शिक्षा नीति को सभी राज्यों में प्रभावी ढंग से लागू करना और उसकी प्रगति की निगरानी करना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी। छात्रों का भरोसा दोबारा जीतना हालिया घटनाओं के बाद छात्रों और अभिभावकों का विश्वास प्रभावित हुआ है। नई नीतियों और पारदर्शी व्यवस्था के जरिए इस भरोसे को मजबूत करना जरूरी होगा। डिजिटल और रोजगार आधारित शिक्षा उच्च शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, रिसर्च और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देकर शिक्षा को रोजगार से जोड़ना भी मंत्रालय के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल रहेगा। क्या बदल सकती है शिक्षा व्यवस्था? विशेषज्ञों का मानना है कि केवल मंत्री बदलने से बदलाव नहीं आएगा। असली परीक्षा नई टीम के फैसलों और उनके क्रियान्वयन की होगी। यदि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ती है, छात्रों की शिकायतों का समय पर समाधान होता है और शिक्षा नीति को प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, तो इसका सीधा लाभ देश के करोड़ों विद्यार्थियों को मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Siwan

Siwan Student Protest Update: SP घायल, 30 पुलिसकर्मी जख्मी; Firing के आरोपों से बढ़ा तनाव

बिहार के सिवान (Siwan) में छात्रों का प्रदर्शन शनिवार को अचानक हिंसक हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में सिवान के पुलिस अधीक्षक (SP) सहित करीब 30 पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने जिले में सुरक्षा बढ़ा दी और अफवाहों को रोकने के लिए शाम तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। इस बीच प्रदर्शन के दौरान खुलेआम फायरिंग होने के आरोप भी सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है। छात्रों का प्रदर्शन कैसे बदला हिंसा में? जानकारी के मुताबिक, छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ समय बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसी दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटनास्थल पर कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। SP समेत 30 पुलिसकर्मी घायल हिंसा में सिवान के SP सहित लगभग 30 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस के कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया है। Firing के आरोप, वीडियो की जांच शुरू घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें फायरिंग जैसी आवाजें सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। कुछ लोगों ने प्रदर्शन के दौरान खुलेआम गोली चलने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन दावों की सत्यता की जांच की जा रही है। पुलिस वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। Internet Service बंद करने का फैसला तनावपूर्ण माहौल और सोशल मीडिया पर अफवाहों के प्रसार की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने शाम तक मोबाइल इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और गलत सूचनाओं को फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है। उपद्रवियों की पहचान में जुटी पुलिस पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि हिंसा फैलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सियासत भी हुई तेज सिवान की इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल क्या है स्थिति? प्रशासन के अनुसार, जिले में स्थिति पहले से बेहतर है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और लोगों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी अपुष्ट खबर पर विश्वास न करने की अपील की गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Abhijeet Dipke

Education Politics: Dharmendra Pradhan Resignation के बाद Abhijeet Dipke ने बताया आंदोलन का अगला कदम

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था पर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने इस पूरे घटनाक्रम को आंदोलन की पहली जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और छात्रों के अधिकार, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। Abhijeet Dipke के इस बयान के बाद शिक्षा जगत और राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से उठ रही आवाज अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। Dharmendra Pradhan Resignation पर Abhijeet Dipke का बड़ा बयान धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद Abhijeet Dipke ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे तक सीमित नहीं था। उनका कहना है कि असली मुद्दा शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि “अभी तो ये शुरुआत हुई है।” उनके अनुसार आने वाले समय में छात्रों से जुड़े कई अन्य मुद्दों को लेकर भी आवाज उठाई जाएगी। NEET Controversy और Student Protest बना बड़ा मुद्दा NEET परीक्षा और कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों के बीच नाराजगी देखने को मिली थी। कई छात्र संगठनों और युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्रों का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है। Jantar Mantar Protest से तेज हुई थी मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए। CJP और अन्य प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और छात्रों की समस्याओं के समाधान की मांग रखी। आंदोलन के दौरान युवाओं ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और भविष्य की परीक्षाओं को बेहतर तरीके से आयोजित करने की जरूरत पर जोर दिया। “लड़ाई अभी बाकी है” — युवाओं को लेकर दीपके का संदेश अभिजीत दीपके का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दे किसी एक घटना तक सीमित नहीं हैं। उनका फोकस युवाओं की आवाज को मजबूत करना और शिक्षा क्षेत्र में स्थायी बदलाव की मांग करना है। उनके बयान से साफ है कि आंदोलनकारी अब आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच किस तरह की बातचीत होती है। Education Reform को लेकर बढ़ी बहस धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक बार फिर देश में शिक्षा सुधार, परीक्षा सुरक्षा और छात्रों के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। युवाओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत नियम, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर समाधान जरूरी हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र को लेकर क्या बड़े फैसले सामने आते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sonam Wangchuk

Youth Power & Education Debate: Sonam Wangchuk बोले- Gen Z की आवाज से शुरू होगा Accountability और सुधार का दौर

शिक्षा और राजनीति से जुड़े विवाद के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के एक बयान ने नई चर्चा शुरू कर दी है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर चल रहे विवाद और इस्तीफे की मांग के बीच वांगचुक ने Gen Z युवाओं की सक्रियता की तारीफ की और कहा कि जवाबदेही (Accountability) किसी भी व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम होती है। उन्होंने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि अब जरूरत सिर्फ सवाल उठाने की नहीं, बल्कि सुधार और समाधान की ओर बढ़ने की है। Sonam Wangchuk ने Gen Z की आवाज को बताया बदलाव की ताकत Sonam Wangchuk ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक है। सोशल मीडिया और लोकतांत्रिक माध्यमों से Gen Z लगातार अपनी बात रख रही है। उनके अनुसार, जब युवा शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल उठाते हैं, तो इससे संस्थानों को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने का मौका मिलता है। Dharmendra Pradhan Controversy: शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल धर्मेंद्र प्रधान को लेकर विवाद की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उठे सवालों के बाद तेज हुई। विपक्ष और कई छात्र संगठनों ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। छात्रों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और बेहतर व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। वहीं सरकार की ओर से भी कई बार कहा गया है कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। Accountability से Reform तक का संदेश सोनम वांगचुक ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी भी व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बदलाव केवल विरोध से नहीं, बल्कि संवाद और सकारात्मक प्रयासों से आता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में युवाओं की भागीदारी और उनकी आवाज को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। Gen Z और Youth Movement क्यों बन रहा चर्चा का विषय? आज की युवा पीढ़ी शिक्षा, रोजगार, परीक्षा प्रक्रिया और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रख रही है। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने युवाओं को अपनी बात बड़े स्तर तक पहुंचाने का मंच दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और नीतियों में सुधार की प्रक्रिया को गति दे सकती है। धर्मेंद्र प्रधान मामले पर आगे की नजर धर्मेंद्र प्रधान से जुड़े इस विवाद के बीच सोनम वांगचुक का बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर इसे युवाओं की ताकत और जवाबदेही से जोड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के अगले कदमों पर भी नजर बनी हुई है। फिलहाल, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा बने रह सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Dharmendra Pradhan

Education Politics: Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर सियासत गर्म

शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के बीच अब उनके इस्तीफे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच दीपक के बयान ने इस पूरे मामले को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है। दीपक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय कहा जाता था कि “इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते”, लेकिन जब जनता और विपक्ष की आवाज मजबूत होती है तो हालात बदल सकते हैं। उन्होंने कहा, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। Paper Leak और Education System को लेकर बढ़ा दबाव शिक्षा मंत्रालय लगातार कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहा है। खासतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाता रहा है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। दीपक का बयान बना चर्चा का विषय दीपक के बयान ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा बढ़ा दी है। उनके शब्दों को सरकार पर दबाव बनाने वाले राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने इशारों में कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे अहम होती है और जब किसी मुद्दे पर लगातार सवाल उठते हैं तो सरकारों को उसका जवाब देना पड़ता है। क्या धर्मेंद्र प्रधान देंगे इस्तीफा? फिलहाल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सरकार की ओर से भी इस मामले में कोई संकेत नहीं दिया गया है। हालांकि, विपक्ष लगातार शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। राजनीतिक घमासान जारी Education Sector से जुड़े फैसले और परीक्षाओं की विश्वसनीयता इस समय देश में बड़ा मुद्दा बने हुए हैं। जहां विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार अपने काम और सुधारों को लेकर अपना पक्ष रख रही है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर शुरू हुई यह Resignation Controversy फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है, लेकिन इसने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और सरकार की जिम्मेदारी पर बहस को तेज कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJP Protest

CJP Protest Controversy: Fake News पर Delhi Police सख्त, Social Media Accounts की जांच शुरू

दिल्ली में चल रहे CJP Protest के बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि प्रदर्शन से जुड़े मामले में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भ्रामक और झूठे पोस्ट वायरल किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ अकाउंट्स को पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा है और इनके जरिए माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। Delhi Police ने Social Media Campaign पर जताई चिंता दिल्ली पुलिस ने बताया कि वह प्रदर्शन से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रख रही है। अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट सामने आए हैं जिनमें तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वायरल मैसेज, वीडियो या पोस्ट को बिना पुष्टि किए शेयर न करें। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों से बचना बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी से स्थिति बिगड़ सकती है। Protest को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त CJP Protest को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Fake News फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी जानकारी फैलाने वाले अकाउंट्स की पहचान की जा रही है। जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों वाले अकाउंट्स को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया कि इंटरनेट प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से जिम्मेदारी के साथ Social Media इस्तेमाल करने की अपील आज के समय में सोशल मीडिया खबरों का तेज माध्यम बन चुका है, लेकिन कई बार इसका गलत इस्तेमाल भी देखने को मिलता है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। CJP Protest Latest Update फिलहाल CJP Protest को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड में है। सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध पोस्ट करने वाले अकाउंट्स पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि राजधानी में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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