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India vs Sri Lanka

India vs Sri Lanka Test: Team India ने टॉस जीतकर चुनी Batting, 33 साल के Saransh Jain का Debut

भारत और श्रीलंका (India vs Sri Lanka) के बीच दूसरा टेस्ट मुकाबला शुरू हो चुका है। टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। पहले टेस्ट में 165 रन की शानदार जीत के बाद भारतीय टीम अब सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान में उतरी है। मुकाबले की शुरुआत से ही सबसे ज्यादा चर्चा भारत की Playing XI को लेकर है। 33 साल की उम्र में Saransh Jain का Test Debut भारतीय टीम ने दूसरे टेस्ट में मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका दिया है। 33 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू करना अपने आप में खास है। घरेलू क्रिकेट में लगातार मेहनत और अच्छे प्रदर्शन के बाद सारांश को आखिरकार इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने का मौका मिला है। सारांश ऑफ स्पिन गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट को उनसे गेंद और बल्ले दोनों से उपयोगी योगदान की उम्मीद होगी। उनके लिए यह मुकाबला सिर्फ एक टेस्ट मैच नहीं, बल्कि लंबे इंतजार के बाद मिले मौके को यादगार बनाने का मौका भी है। Kuldeep Yadav को मिला आराम सारांश जैन के Playing XI में आने के बाद कुलदीप यादव को टीम से बाहर रखा गया है। पहले टेस्ट में कुलदीप को गेंदबाजी से ज्यादा प्रभाव छोड़ने का मौका नहीं मिला था। उन्होंने 25 ओवर में एक विकेट हासिल किया था। इसके उलट मानव सुथार ने पहले टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 विकेट चटकाए थे। ऐसे में दूसरे टेस्ट के लिए भारतीय टीम ने अपने स्पिन कॉम्बिनेशन में बदलाव किया है। भारत के सामने Series जीतने का मौका भारत पहले टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुका है। अब दूसरे टेस्ट में जीत मिलती है तो टीम इंडिया सीरीज 2-0 से अपने नाम कर लेगी। भारतीय बल्लेबाजों पर भी नजर रहेगी। शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों से बड़ी पारी की उम्मीद है। टीम की बल्लेबाजी मजबूत है और टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने से भारत ने स्कोरबोर्ड पर दबाव बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। Sri Lanka की मुश्किलें भी बढ़ीं दूसरी तरफ श्रीलंका की टीम चोटों से परेशान है। कुसल मेंडिस और दिनेश चांदीमल दूसरे टेस्ट में उपलब्ध नहीं हैं। दोनों खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी से मेजबान टीम की बल्लेबाजी कमजोर हुई है। श्रीलंका के लिए सबसे बड़ी चुनौती भारतीय स्पिन गेंदबाजों का सामना करना होगी। पहले टेस्ट में भारत के स्पिनर्स ने मेजबान बल्लेबाजों को काफी परेशान किया था। अब दूसरे टेस्ट में श्रीलंकाई बल्लेबाजों के सामने एक बार फिर बड़ी परीक्षा होगी। Colombo Test में किसका पलड़ा भारी? टॉस भारत के पक्ष में गया है और टीम ने बिना ज्यादा सोच-विचार के पहले बल्लेबाजी चुन ली। अब निगाहें भारतीय ओपनर्स पर हैं कि वे टीम को कितनी मजबूत शुरुआत दिलाते हैं। वहीं सारांश जैन के लिए यह दिन बेहद खास है। 33 साल की उम्र में मिले Test Debut को वह अपने प्रदर्शन से यादगार बनाना चाहेंगे। भारत के लिए जहां सीरीज जीतने का मौका है, वहीं श्रीलंका के सामने वापसी की चुनौती है। कुल मिलाकर IND vs SL 2nd Test में टॉस, Saransh Jain का Debut और Kuldeep Yadav का बाहर होना मुकाबले की शुरुआत में ही सबसे बड़ी सुर्खियां बन गए हैं। अब असली कहानी मैदान पर भारतीय बल्लेबाजों और श्रीलंकाई गेंदबाजों के प्रदर्शन से तय होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon MP में 6 महीने पुरानी सड़क बही, UP में Flood का कहर; Varanasi से Uttarkashi तक हाहाकार

देश के कई हिस्सों में मानसून (Monsoon) की तेज बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। मध्य प्रदेश में महज छह महीने पहले बनी सड़क बारिश के पानी में बह गई, तो उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों और सड़कों तक पहुंच गया है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट और आसपास के इलाके प्रभावित हैं। वहीं उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बारिश और भूस्खलन के कारण हाईवे पर आवाजाही प्रभावित हुई है। MP में छह महीने पहले बनी सड़क पानी में बही मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बीच सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। छह महीने पहले तैयार हुई सड़क बारिश का दबाव नहीं झेल पाई और पानी के तेज बहाव में बह गई। सड़क के साथ पुलिया के डूबने से आसपास के लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के बह जाने से रोजमर्रा का आवागमन प्रभावित हुआ है। इतनी कम अवधि में सड़क के खराब होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब लोगों की नजर प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है। UP में Flood से बढ़ी परेशानी उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई इलाकों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों के गांव बाढ़ की चपेट में हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को घर से बाहर निकलने और जरूरी सामान जुटाने में परेशानी हो रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। Varanasi में गंगा का जलस्तर बढ़ा वाराणसी में गंगा का पानी बढ़ने का असर घाटों पर साफ दिखाई दे रहा है। कई घाट पानी में डूब चुके हैं और तटवर्ती इलाकों में भी बाढ़ का असर पहुंच रहा है। पानी बढ़ने के कारण धार्मिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। गंगा आरती के स्थान में बदलाव करना पड़ा है। जिन घाटों पर आम दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आती है, वहां अब पानी का दबाव दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ बारिश नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में आई बड़ी परेशानी है। कई परिवार पानी बढ़ने की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। Uttarkashi में Highway पर संकट उत्तराखंड के उत्तरकाशी में लगातार बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाओं ने मुश्किल बढ़ाई है। कई स्थानों पर सड़क पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। हाईवे पर आवाजाही बाधित होने से यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ों में बारिश के दौरान सड़क पर मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है, इसलिए प्रशासन की ओर से संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। बारिश ने बढ़ाई लोगों की चिंता MP से लेकर UP और Uttarakhand तक बारिश का असर अलग-अलग रूपों में दिखाई दे रहा है। कहीं सड़क और पुलिया पानी में बह रही है, कहीं बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच रहा है और कहीं पहाड़ों में भूस्खलन के कारण रास्ते बंद हो रहे हैं। मानसून के इस दौर में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और संपर्क मार्गों को जल्द बहाल करने की है। वहीं लोगों से भी नदी किनारे, निचले इलाकों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। Monsoon Alert: सावधानी जरूरी बारिश का दौर जारी रहने की स्थिति में नदियों और नालों के आसपास जाने से बचना जरूरी है। पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले लोगों को निकलने से पहले Route Status की जानकारी लेनी चाहिए। मौसम में सुधार होने तक थोड़ी सी सावधानी किसी बड़ी परेशानी से बचा सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kharge

Sugar Import पर सियासत तेज: Kharge बोले- भारत में चीनी की कमी, फिर कैसा Atmanirbhar Bharat?

रसोई में इस्तेमाल होने वाली चीनी की कीमतों में तेजी ने त्योहारों से पहले आम परिवारों का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। बाजार में बढ़ते दामों को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चीनी की कीमतों और घरेलू स्टॉक को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। खड़गे (Kharge ) ने सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि जब भारत दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल है, तो घरेलू जरूरतों के लिए Sugar Import की नौबत क्यों आई? उन्होंने इसे सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दावे से जोड़ते हुए कई सवाल उठाए। तीन महीने में चीनी के दाम में बड़ा उछाल Kharge का दावा है कि पिछले तीन महीनों में चीनी की कीमत करीब 40 फीसदी तक बढ़ी है। हाल के दिनों में भी खुदरा बाजार में कीमतों में तेजी देखी गई है। त्योहारों के नजदीक आने के साथ चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है, ऐसे में आम लोगों की चिंता और बढ़ गई है। चीनी की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ चाय की प्याली तक सीमित नहीं है। मिठाई, बेकरी और कई खाद्य उत्पादों की लागत भी इससे प्रभावित होती है। यही वजह है कि कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी सीधे घरेलू बजट पर असर डालती है। Kharge ने सरकार से पूछे 3 बड़े सवाल मल्लिकार्जुन खड़गे ने चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर सरकार से तीन अहम सवाल किए हैं। पहला सवाल: भारत में चीनी का स्टॉक नौ साल के निचले स्तर तक कैसे पहुंच गया? दूसरा सवाल: जब देश चीनी का प्रमुख उत्पादक है, तो सरकार को निर्यात पर रोक लगाने और 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति क्यों देनी पड़ी? तीसरा सवाल: अगर घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता को लेकर दबाव है, तो E20 और Ethanol Policy की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही? खड़गे का तर्क है कि अगर गन्ने और उससे जुड़े संसाधनों का इस्तेमाल एथेनॉल उत्पादन में बढ़ रहा है, तो इसका असर चीनी की उपलब्धता पर भी देखा जाना चाहिए। सरकार ने Ethanol Policy को बताया जिम्मेदार नहीं विपक्ष के आरोपों के बीच केंद्र सरकार ने चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए एथेनॉल उत्पादन को मुख्य वजह मानने से इनकार किया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा तेजी के पीछे कई दूसरे कारण हैं। सरकार के मुताबिक इस साल चीनी उत्पादन में कमी की आशंका है। खराब मौसम और गन्ने की पैदावार पर पड़े असर ने भी स्थिति को प्रभावित किया है। इसके अलावा त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बदलाव का असर घरेलू बाजार पर पड़ा है। 10 लाख टन Raw Sugar Import का फैसला बढ़ती कीमतों पर काबू पाने और घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए केंद्र ने 10 लाख टन Raw Sugar के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार की कोशिश है कि अतिरिक्त सप्लाई बाजार में पहुंचे और कीमतों पर दबाव कम हो। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब घरेलू स्टॉक और उत्पादन को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। Stock Limit से जमाखोरी पर भी नजर चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार ने Stock Limit से जुड़े कदम भी उठाए हैं। इसका उद्देश्य बाजार में जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा करने और कृत्रिम कमी पैदा होने की संभावना को कम करना है। सरकार की नजर खास तौर पर त्योहारों से पहले बाजार की स्थिति पर है। मांग बढ़ने के दौरान अगर सप्लाई सामान्य रहती है, तो कीमतों पर दबाव कम किया जा सकता है। खराब मौसम और कम उत्पादन भी बड़ी वजह सरकार के मुताबिक इस साल चीनी उत्पादन पर मौसम का असर पड़ा है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में परिस्थितियों का प्रभाव उत्पादन पर पड़ा है। यही वजह है कि केंद्र और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। विपक्ष जहां कीमतों और Import को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार उत्पादन में कमी और बाजार की परिस्थितियों को मुख्य वजह बता रही है। आम आदमी के लिए सबसे बड़ा सवाल—चीनी कब सस्ती होगी? इस पूरे विवाद के बीच आम लोगों की नजर एक ही बात पर है—चीनी की कीमत आखिर कब नीचे आएगी? त्योहारों का मौसम सामने है और मिठाई से लेकर घर की रोजमर्रा की चाय तक, चीनी की जरूरत हर परिवार में है। ऐसे में सरकार के सामने चुनौती सिर्फ राजनीतिक आरोपों का जवाब देना नहीं, बल्कि बाजार में पर्याप्त सप्लाई बनाए रखते हुए कीमतों को काबू में रखना भी है। फिलहाल Sugar Price Hike, Duty-Free Import और Ethanol Policy को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। आने वाले दिनों में आयातित चीनी की सप्लाई और सरकारी कदमों का बाजार पर असर इस कहानी की अगली तस्वीर तय करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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झारखंड

Ramgarh Factory Blast: झारखंड के Iron Plant में बड़ा हादसा, 3 Engineers की मौत

झारखंड के रामगढ़ से शनिवार को एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई। यहां एक आयरन फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट के बाद आग लग गई। हादसे में तीन इंजीनियरों की जान चली गई, जबकि एक मजदूर घायल बताया जा रहा है। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अचानक हुआ Blast, आग ने लिया विकराल रूप बताया जा रहा है कि हादसा रामगढ़ के बरकाकाना इलाके में स्थित आयरन फैक्ट्री में हुआ। फैक्ट्री में सामान्य रूप से काम चल रहा था। इसी दौरान पावर प्लांट से तेज धमाके की आवाज आई। कुछ ही देर में वहां आग फैल गई। ब्लास्ट इतना तेज था कि आसपास मौजूद कर्मचारियों में भी दहशत फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल राहत और बचाव की कोशिश शुरू की। सूचना मिलने के बाद दमकल और पुलिस की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। तीन Engineers की मौत, एक Worker घायल हादसे में तीन इंजीनियर बुरी तरह प्रभावित हुए। उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे में एक मजदूर भी घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इस घटना ने फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अचानक हुए इस हादसे से फैक्ट्री प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के सामने भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। Blast की वजह अभी साफ नहीं फैक्ट्री में आग और ब्लास्ट आखिर किस वजह से हुआ, इसकी आधिकारिक तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। शुरुआती स्तर पर तकनीकी खराबी, ओवरहीटिंग या इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़ी समस्या जैसी संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। हालांकि, जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर घटना की वजह पता करने में जुटी हैं। हादसे के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और मशीनरी की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल का जायजा लिया है। हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता घायल मजदूर के इलाज और मृतकों के परिवारों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की है। रामगढ़ की इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि बड़े औद्योगिक संयंत्रों में Safety Protocols और नियमित मशीनरी जांच कितनी जरूरी है। Ramgarh Factory Blast की जांच आगे बढ़ने के साथ हादसे की असली वजह और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य पहलुओं पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nitin Nabin

Nitin Nabin की नई BJP Team की पहली Meeting, Vande Mataram के सभी 6 अंतरे

भारतीय जनता पार्टी की नई टीम के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabin) की पहली अहम बैठक हुई। बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी 6 अंतरों के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद पार्टी संगठन को आगे बढ़ाने, आगामी चुनावों की तैयारियों और युवाओं को BJP से जोड़ने को लेकर मंथन किया गया। नई टीम के गठन के बाद हुई इस बैठक को पार्टी के अगले राजनीतिक रोडमैप के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नेतृत्व ने संगठन को सिर्फ चुनाव के समय सक्रिय रखने के बजाय लगातार जनता के बीच मजबूत संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया। चुनावी तैयारियों को समय से पहले गति देने की तैयारी बैठक में आगामी चुनावों को लेकर संगठन की तैयारियों पर चर्चा हुई। पार्टी का फोकस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर रहा। नेताओं और पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के बीच सक्रिय रहने की उम्मीद जताई गई। स्थानीय समस्याओं को समझने और सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने को भी संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया। Youth Connect पर BJP का खास फोकस बैठक में युवाओं को पार्टी से जोड़ने का मुद्दा भी प्रमुख रहा। BJP अब युवा वर्ग के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है। युवा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने और उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों से जोड़ने की रणनीति आने वाले समय में अहम हो सकती है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने पर भी पार्टी का विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है। Vande Mataram के सभी 6 अंतरे, बैठक का खास पल नई टीम की पहली बैठक का सबसे अलग पहलू वंदे मातरम के सभी छह अंतरों का गायन रहा। बैठक में मौजूद नेताओं और पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत गाया। इससे बैठक की शुरुआत में ही एकजुटता और राष्ट्रभावना का संदेश देने की कोशिश दिखाई दी। नई टीम के सामने बड़ी जिम्मेदारी नितिन नवीन के नेतृत्व में नई BJP टीम के सामने अब संगठन को जमीन पर और मजबूत करने की चुनौती है। आगामी चुनावों की तैयारी, युवा वोटर्स से संवाद और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता—ये सभी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे रहने वाले हैं। पहली बैठक से साफ है कि BJP का फोकस अब Election Preparation के साथ Organization Strength और Youth Connect पर भी रहेगा। आने वाले दिनों में बैठक में बनी रणनीति को किस तरह जमीन पर लागू किया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mayawati

Akhilesh Yadav पर Mayawati का बड़ा हमला, ‘चवन्नी से रुपया’ बयान पर Jat समाज से मांगें माफी

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बयान ने फिर हलचल बढ़ा दी है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की ‘चवन्नी से रुपया’ वाली टिप्पणी को लेकर राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी ने आपत्ति जताई, वहीं अब बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती (Mayawati) ने भी अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला है। मायावती ने कहा कि अखिलेश को जयंत चौधरी के साथ-साथ जाट समाज से भी माफी मांगनी चाहिए। कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? दरअसल, अखिलेश यादव ने अपने पुराने राजनीतिक सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि सपा ने कुछ लोगों को ‘चवन्नी से रुपया’ बनाया, लेकिन बाद में वही लोग पार्टी से अलग हो गए। उनके इस बयान को जयंत चौधरी और राष्ट्रीय लोकदल से जोड़कर देखा गया। अखिलेश की टिप्पणी सामने आने के बाद जयंत चौधरी ने भी जवाब दिया। उनका कहना था कि अगर राजनीतिक आलोचना करनी है तो सीधे उनका नाम लिया जाए। पूरे जाट समाज को इस तरह की टिप्पणी से जोड़ना ठीक नहीं है। Mayawati ने अखिलेश को घेरा विवाद बढ़ा तो मायावती ने अखिलेश यादव को निशाने पर ले लिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी समाज या सम्मानित राजनीतिक परिवार के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। मायावती ने अखिलेश से जयंत चौधरी, चौधरी चरण सिंह के परिवार और जाट समाज से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने सपा पर आरोप लगाया कि चुनावी जरूरत के हिसाब से पार्टी अपने राजनीतिक सहयोगियों के प्रति रुख बदलती रही है। ‘काम निकलने के बाद बदल जाते हैं रंग’ Mayawati ने सपा की राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि जब किसी सहयोगी से राजनीतिक फायदा लेना होता है तो उसे महत्व दिया जाता है, लेकिन काम निकलने के बाद रवैया बदल जाता है। उन्होंने इसी संदर्भ में ‘गिरगिट की तरह रंग बदलने’ वाली बात कही। उनके इस बयान ने यूपी की सियासत में पहले से चल रही बयानबाजी को और तेज कर दिया है। जयंत चौधरी के समर्थन में उतरीं मायावती मायावती का जयंत चौधरी के समर्थन में खुलकर सामने आना राजनीतिक तौर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समाज का प्रभाव लंबे समय से चुनावी समीकरणों में अहम माना जाता है। ऐसे में अखिलेश यादव की टिप्पणी और उसके बाद मायावती का हमला राजनीतिक मायने रखता है। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से अखिलेश यादव के बयान को लेकर सफाई भी सामने आई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि टिप्पणी का उद्देश्य किसी समाज का अपमान करना नहीं था। 2027 चुनाव से पहले बढ़ेगी सियासी गर्मी? उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी शुरू हो चुकी है। सपा, RLD और बसपा के बीच बदलते समीकरणों के बीच ‘चवन्नी से रुपया’ विवाद ने एक नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अखिलेश यादव मायावती की माफी की मांग पर जवाब देंगे? आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की ओर से और बयान सामने आ सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FDA

Maharashtra FDA Action: तुकाराम मुंढे का ‘सिंघम’ अंदाज, Hotel से Quick Commerce तक मचा हड़कंप

महाराष्ट्र में इन दिनों Food Safety को लेकर प्रशासन का रुख पहले से कहीं ज्यादा सख्त नजर आ रहा है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चल रही कार्रवाई ने छोटे ढाबों से लेकर बड़े रेस्टोरेंट, क्लब, कैंटीन और Quick Commerce कंपनियों तक को सतर्क कर दिया है। जहां भी खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई या लाइसेंस से जुड़ी गंभीर खामी मिल रही है, वहां FDA कार्रवाई कर रहा है। क्यों चर्चा में है तुकाराम मुंढे का FDA अभियान? तुकाराम मुंढे ने 25 मई 2026 को महाराष्ट्र FDA कमिश्नर का पद संभाला था। इसके बाद खाद्य सुरक्षा जांच को बड़े स्तर पर बढ़ाया गया। मुंढे ने एक बयान में बताया कि करीब दो महीनों में 3,100 से ज्यादा निरीक्षण, लगभग 165 तत्काल लाइसेंस निलंबन और 750 से अधिक सुधार नोटिस जारी किए गए। यही वजह है कि सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच उनके अभियान की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि मुंढे खुद इस तरह की ‘सिंघम’ वाली छवि से दूरी बनाते हुए कहते रहे हैं कि विभाग कानून के मुताबिक काम कर रहा है। बड़े नाम भी FDA की नजर से बाहर नहीं महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई की खास बात यह है कि जांच का दायरा सिर्फ छोटे कारोबारियों तक सीमित नहीं रहा। मुंबई में McDonald’s समेत कई चर्चित क्लब और रेस्टोरेंट पर कार्रवाई की खबर सामने आई। कुछ जगहों पर स्वच्छता, खाद्य भंडारण और लाइसेंस से जुड़ी गंभीर कमियां मिलने के बाद कार्रवाई की गई। इसके अलावा महाराष्ट्र में Domino’s और Pizza Hut के कुछ आउटलेट भी FDA की कार्रवाई की चपेट में आए। रिपोर्ट के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान स्वच्छता से जुड़ी कमियां, कीटों की मौजूदगी और खाद्य उत्पादों पर एक्सपायरी संबंधी खामियां सामने आईं। Quick Commerce कंपनियों पर भी शिकंजा आज के दौर में Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसी सेवाओं से लोग रोजमर्रा का सामान घर बैठे मंगाते हैं। ऐसे में FDA ने इनके Dark Stores और Warehouses को भी जांच के दायरे में रखा है। Reuters के मुताबिक, महाराष्ट्र में FDA ने 86 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और 60 सुधार नोटिस जारी किए। कई वेयरहाउस में स्वच्छता से जुड़ी गंभीर समस्याएं मिलने के बाद लाइसेंस या परमिट पर कार्रवाई की गई। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, Blinkit, Zepto और Instamart से जुड़े 14 Food Business Licences निलंबित किए गए। यानी अब ऑनलाइन डिलीवरी के नाम पर भी खाद्य सुरक्षा नियमों से समझौता करना आसान नहीं होगा। कहीं खराब पनीर, कहीं गंदगी ने खोली पोल FDA की हालिया जांच में सामने आए मामले इस अभियान की गंभीरता बताते हैं। छत्रपति संभाजीनगर के एक रेस्टोरेंट में जांच के दौरान कथित तौर पर सड़ा और दुर्गंधयुक्त पनीर इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। FDA ने इसे गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघन माना। मुंबई के कुछ प्रतिष्ठानों में भी मक्खियां, कॉकरोच, असुरक्षित खाद्य भंडारण और दूसरे Hygiene Violations मिलने की रिपोर्ट सामने आई है। इन मामलों में लाइसेंस निलंबित करने जैसी कार्रवाई की गई। स्कूल कैंटीन और कॉलेजों तक पहुंची जांच FDA की नजर अब स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास मौजूद खाने-पीने की दुकानों पर भी है। तुकाराम मुंढे ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले Educational Institutions के आसपास के eateries के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। IIT Bombay की दो हॉस्टल कैंटीन को भी वैध FSSAI लाइसेंस नहीं होने के कारण बंद किए जाने की रिपोर्ट सामने आई। इसके साथ ही FDA ने बच्चों के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘Safe Food For Every Child in Maharashtra’ अभियान भी शुरू किया है। दूध और मिलावट पर भी नजर FDA का अभियान सिर्फ रेस्टोरेंट और कैंटीन तक सीमित नहीं है। दूध में मिलावट और Synthetic Milk Units के खिलाफ भी महाराष्ट्र में कार्रवाई हुई है। जांच का दायरा डेयरी, ट्रांसपोर्टर, डिस्ट्रीब्यूटर, थोक विक्रेता और रिटेलर तक बढ़ाया गया है। यानी सरकार का फोकस सिर्फ उस जगह तक नहीं है जहां खाना तैयार होता है, बल्कि Food Supply Chain के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने पर है। कार्रवाई पर सवाल भी उठे जहां एक ओर FDA के अभियान को समर्थन मिल रहा है, वहीं कुछ कार्रवाई को लेकर कानूनी सवाल भी सामने आए हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुछ मामलों में FDA के तत्काल लाइसेंस निलंबन के आदेशों पर रोक लगाई या उन्हें पलटा। अदालत ने ऐसे मामलों में वास्तविक स्वास्थ्य जोखिम और उचित प्रक्रिया की जरूरत पर जोर दिया। पुणे की एक मिठाई की दुकान से जुड़े मामले में भी बॉम्बे हाईकोर्ट ने FDA को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, दोबारा जांच में प्रतिष्ठान ने 36 में से 35 खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया था। इससे साफ है कि Food Safety Enforcement के साथ-साथ कार्रवाई की कानूनी प्रक्रिया भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। CM फडणवीस ने दिया मुंढे को समर्थन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने FDA के अभियान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि खाद्य मिलावट स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार के समर्थन के बाद यह संकेत साफ है कि महाराष्ट्र में Food Safety अभियान फिलहाल रुकने वाला नहीं है। आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब? इस पूरी कार्रवाई का सबसे सीधा असर आम ग्राहक पर पड़ता है। जिस होटल, कैंटीन या दुकान से लोग रोज खाना खरीदते हैं, वहां साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता का सीधा संबंध उनकी सेहत से है। लेकिन इस अभियान की असली सफलता सिर्फ छापेमारी या लाइसेंस निलंबित करने में नहीं होगी। लंबे समय में जरूरी यह है कि कारोबारियों में नियमों का पालन करने की आदत बने और ग्राहकों को सुरक्षित भोजन मिले। फिलहाल महाराष्ट्र में FDA का संदेश बिल्कुल साफ है—चाहे छोटा कारोबार हो या बड़ा ब्रांड, Food Safety Rules से समझौता हुआ तो कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। तुकाराम मुंढे की सख्त कार्यशैली ने इस मुद्दे को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है और आने वाले दिनों में अभियान का दायरा और बढ़ने के संकेत हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NSUI

NSUI vs ABVP: राहुल गांधी के Pune Event से पहले बढ़ा विवाद, छात्राओं के Registration पर आरोप-प्रत्यारोप

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुणे दौरे से ठीक पहले छात्र राजनीति में तनाव देखने को मिला। शुक्रवार रात COEP Technological University के हॉस्टल कैंपस में NSUI और ABVP से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मामला राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के Registration से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के बाद पुलिस ने कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी। वहीं, शिकायत के आधार पर यूथ कांग्रेस से जुड़े कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने राहुल गांधी के आज होने वाले कार्यक्रम से पहले पुणे की छात्र राजनीति को गर्म कर दिया है। Registration को लेकर शुरू हुआ विवाद विवाद की शुरुआत छात्राओं के राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए Registration को लेकर हुई। ABVP का आरोप है कि NSUI और कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता छात्राओं पर कार्यक्रम के लिए Registration कराने का दबाव बना रहे थे। ABVP कार्यकर्ताओं का कहना है कि इसी मामले की जानकारी लेने के लिए वे हॉस्टल परिसर पहुंचे थे। वहां दोनों पक्षों के बीच बहस हुई और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। दूसरी ओर, कांग्रेस और NSUI ने ABVP के आरोपों को खारिज किया है। कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि कार्यक्रम का समर्थन करने वाली छात्राओं को ABVP कार्यकर्ताओं की ओर से धमकाया गया। दोनों संगठनों की ओर से घटना को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। पुलिस ने दर्ज किया केस झड़प के बाद पुणे पुलिस ने मामले में कार्रवाई की। ABVP सदस्य की शिकायत के आधार पर यूथ कांग्रेस के करीब 50-60 कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। घटना के बाद COEP हॉस्टल परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटनाक्रम से जुड़े लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल परिसर में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। आज राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम इस विवाद के बीच राहुल गांधी आज, 22 अगस्त, पुणे में छात्रों से संवाद करेंगे। उनके कार्यक्रम का नाम ‘छात्रों की गूंज’ रखा गया है। इसमें छात्रों से जुड़े मुद्दों, शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से संबंधित विषयों पर बातचीत होने की उम्मीद है। कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के खास इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए कार्यक्रम स्थल के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। कार्यक्रम से पहले बढ़ा सियासी तापमान राहुल गांधी के कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले ही NSUI और ABVP के बीच हुई झड़प ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। एक तरफ ABVP Registration को लेकर दबाव बनाने का आरोप लगा रहा है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस छात्राओं को धमकाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और झड़प के लिए कौन जिम्मेदार था। लेकिन इतना जरूर है कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले पुणे का यह Campus विवाद चर्चा में आ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Update: वाराणसी के सभी घाट डूबे, छत पर Ganga Aarti; Delhi में बारिश

मानसून (Monsoon) ने देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग रंग दिखा रखा है। कहीं लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं, तो कहीं बारिश थमते ही गर्मी फिर परेशान करने लगी है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सभी प्रमुख घाट पानी में डूब गए हैं। हालात ऐसे हैं कि गंगा आरती और अंतिम संस्कार तक के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। उधर, दिल्ली में अगस्त की बारिश सामान्य आंकड़े से आगे निकल गई है, जबकि राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ने के बाद कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच रहा है। वाराणसी में Ganga का जलस्तर बढ़ा, घाट हुए जलमग्न वाराणसी में गंगा का पानी लगातार ऊपर आने से घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। शहर के 84 घाटों पर पानी पहुंचने के बाद सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। घाटों के आसपास रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गंगा का पानी बढ़ने का असर सिर्फ घाटों तक सीमित नहीं है। कई निचले इलाकों और आसपास की गलियों में भी पानी पहुंचने लगा है। प्रशासन की ओर से राहत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। छत पर हुई Ganga Aarti, बदल गई व्यवस्था वाराणसी की पहचान मानी जाने वाली गंगा आरती पर भी बाढ़ का असर पड़ा है। पानी घाट की सीढ़ियों तक पहुंचने के कारण दशाश्वमेध घाट पर आरती को ऊपर की ओर शिफ्ट करना पड़ा। श्रद्धालुओं के लिए छत से आरती देखने की व्यवस्था की गई। सामान्य दिनों में घाट पर होने वाली आरती का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लेकिन इस बार गंगा का बढ़ा जलस्तर पूरे माहौल को बदल रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए आयोजन स्थल में बदलाव किया गया है। मणिकर्णिका घाट पर भी बदली अंतिम संस्कार की जगह बढ़ते पानी का असर मणिकर्णिका घाट पर भी साफ दिखाई दे रहा है। घाट का निचला हिस्सा पानी में डूबने के कारण अंतिम संस्कार के लिए वैकल्पिक जगह का इस्तेमाल किया जा रहा है। कई मामलों में छत पर अंतिम संस्कार करने की स्थिति बनी है। यह तस्वीर वाराणसी के लोगों के लिए बेहद भावुक कर देने वाली है। जिस घाट पर सदियों से अंतिम संस्कार होते आए हैं, वहां गंगा का पानी पहुंच जाने से पूरी व्यवस्था बदल गई है। पानी बढ़ने के साथ शव लेकर आने वाले परिवारों की मुश्किलें भी बढ़ी हैं। Delhi में August Rainfall ने छुआ सामान्य आंकड़ा राजधानी दिल्ली में इस मानसून अच्छी बारिश देखने को मिली है। अगस्त में अब तक हुई बारिश सामान्य आंकड़े से आगे निकल चुकी है। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक से जुड़ी परेशानियां भी सामने आती रही हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। Rajasthan में कमजोर पड़ा Monsoon, गर्मी फिर बढ़ी राजस्थान में मौसम का मिजाज दिल्ली और वाराणसी से अलग है। राज्य के कई हिस्सों में मानसून कमजोर पड़ने के बाद बारिश की गतिविधियां कम हुई हैं। बारिश थमने के साथ धूप तेज हुई और तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। कुछ इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने से उमस और गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन पूरे राज्य में मानसून की स्थिति एक जैसी नहीं है। तीन राज्यों में मानसून की तीन अलग तस्वीर फिलहाल उत्तर भारत में मौसम की तस्वीर काफी दिलचस्प है। वाराणसी में Ganga Flood ने घाटों की दिनचर्या बदल दी है, Delhi में August Rainfall सामान्य स्तर से ऊपर पहुंच चुकी है और Rajasthan में कमजोर Monsoon के कारण गर्मी दोबारा असर दिखा रही है। आने वाले दिनों में मौसम का रुख किस ओर जाता है, इस पर सभी की नजर है। खासकर वाराणसी में गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव महत्वपूर्ण रहेगा। वहीं दिल्ली और राजस्थान के लोगों के लिए बारिश और तापमान से जुड़े मौसम अपडेट राहत और परेशानी, दोनों की तस्वीर तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pellet Gun

Pellet Gun Case: राहुल गांधी का धरना रंग लाया, पुलिस ने दर्ज की FIR

पैलेट गन (Pellet Gun) से घायल छात्र के मामले में शुक्रवार को दिल्ली की सियासत गरमा गई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पीड़ित साहिल लोचब को साथ लेकर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे और FIR दर्ज करने की मांग की। पुलिस से बातचीत के बाद भी जब कार्रवाई को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई तो राहुल गांधी वहीं धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद मामले में FIR दर्ज होने की खबर सामने आई। पीड़ित को साथ लेकर थाने पहुंचे राहुल गांधी राहुल गांधी शुक्रवार को साहिल लोचब के साथ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे। साहिल ने आरोप लगाया है कि 20 जुलाई को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल से उन्हें चोट लगी थी। पीड़ित की शिकायत पर FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। उनका कहना था कि अगर किसी व्यक्ति के घायल होने की शिकायत सामने आई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। FIR की मांग पर धरने पर बैठ गए राहुल पुलिस स्टेशन में बातचीत के बाद राहुल गांधी ने FIR दर्ज करने की मांग दोहराई। कार्रवाई में देरी को लेकर उन्होंने वहीं धरना शुरू कर दिया। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के कई नेता भी मौके पर पहुंचे। राहुल गांधी ने कहा कि वह पीड़ित को न्याय दिलाने और मामले में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए वहां बैठे हैं। उनके धरने के बाद पुलिस स्टेशन के आसपास सुरक्षा भी बढ़ा दी गई। आखिर क्या है Pellet Gun Case? यह मामला 20 जुलाई को दिल्ली में हुए एक छात्र प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा है। साहिल लोचब ने शिकायत में कथित पैलेट गन से घायल होने की बात कही है। घटना को लेकर पुलिस की भूमिका और बल प्रयोग के आरोपों पर भी सवाल उठाए गए हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से मामले से जुड़े आरोपों की जांच का पक्ष सामने आया है। वहीं सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कथित अत्यधिक बल प्रयोग से जुड़े आरोपों की जांच के लिए हाई-पावर्ड एक्सपर्ट कमेटी गठित किए जाने की बात भी सामने आई है। धरने के बीच सामने आई FIR की जानकारी राहुल गांधी के धरने के बीच शाम को खबर सामने आई कि दिल्ली पुलिस ने साहिल लोचब को लगी पैलेट चोटों के मामले में FIR दर्ज कर ली है। इसके बाद राहुल गांधी की मांग पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई। हालांकि, FIR दर्ज होना जांच की शुरुआत है। अब जांच में यह सामने आना बाकी है कि घटना वास्तव में कैसे हुई, पैलेट गन का इस्तेमाल किस परिस्थिति में हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है। BJP ने राहुल गांधी पर साधा निशाना राहुल गांधी के धरने को लेकर BJP ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पुलिस स्टेशन पर धरना देकर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। BJP का कहना है कि मामले से जुड़े आरोपों की जांच पहले से अलग स्तर पर चल रही है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि घायल छात्र की शिकायत पर FIR दर्ज होना उसका कानूनी अधिकार है और राहुल गांधी उसी मांग को लेकर पीड़ित के साथ खड़े हुए। अब जांच पर टिकी नजर पैलेट गन मामले में FIR दर्ज होने के बाद अब सबसे ज्यादा नजर पुलिस जांच पर रहेगी। घटना से जुड़े वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट जैसे साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय हो सकती है। राहुल गांधी के धरने ने इस मामले को राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। फिलहाल FIR दर्ज होने के बाद अगला बड़ा सवाल यही है कि जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारी किस पर तय होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BCCI ने टाली IPL रिव्यू मीटिंग, 15 अक्टूबर को होनी थी बैठक; टीम इंडिया के ट्रैवल प्लान में भी बदलाव

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 15 अक्टूबर को मुंबई में होने वाली IPL रिव्यू मीटिंग स्थगित कर दी है। इस बैठक में IPL फ्रेंचाइजी के मालिकों, ब्रॉडकास्टर्स और मेजबान राज्य क्रिकेट संघों के प्रतिनिधियों को शामिल होना था। फिलहाल बैठक की नई तारीख और स्थान तय नहीं किए गए हैं। यह बैठक गुरुवार शाम 6 बजे मुंबई के ताज सांताक्रूज होटल में आयोजित होनी थी। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने संबंधित पक्षों को बैठक स्थगित होने की जानकारी दी। पीएम मोदी के कार्यक्रम के चलते टली बैठक देवजीत सैकिया के मुताबिक, 15 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को सम्मानित करेंगे। इस कार्यक्रम में BCCI के अधिकारियों को भी शामिल होना है। इसी वजह से IPL रिव्यू मीटिंग को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। बताया गया है कि कुछ अन्य संबंधित पक्षों ने भी बैठक स्थगित करने का अनुरोध किया था। टीम इंडिया के ट्रैवल प्लान में भी बदलाव पदक विजेताओं के सम्मान समारोह के चलते भारतीय टीम के यात्रा कार्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। टीम इंडिया को वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथा टी-20 मुकाबला 14 अक्टूबर को हैदराबाद में खेलना है। पहले मैच के बाद टीम को हैदराबाद से सीधे बेंगलुरु रवाना होना था, लेकिन नए कार्यक्रम के अनुसार टीम 15 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचेगी। इसके बाद भारतीय टीम बेंगलुरु के लिए रवाना होगी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज का पांचवां और आखिरी टी-20 मुकाबला 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में खेला जाना है। अधिक जानकारी के लिए: Desh Har Pal वेबसाइट देखें।

न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर मोहम्मद यूनुस का विरोध, प्रदर्शनकारियों ने लगाए गंभीर आरोप; वीडियो वायरल

बांग्लादेश के पूर्व मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस को अमेरिका के न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर विरोध का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कुछ लोग उन्हें घेरकर नारे लगाते और सवाल पूछते नजर आ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने यूनुस को ‘आतंकवादी’ कहा और बांग्लादेश में हिंसा तथा लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए। वीडियो के मुताबिक, विरोध कर रहे लोगों ने यूनुस से सवाल किया कि वह न्यूयॉर्क क्यों आए हैं और उन्हें वापस लौट जाना चाहिए। स्थिति को देखते हुए यूनुस और उनकी सहयोगी लामिया मोर्शेद को एयरपोर्ट के अंदर वापस ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों ने लगाए हजारों मौतों और गिरफ्तारियों के आरोप प्रदर्शनकारियों ने मोहम्मद यूनुस पर बांग्लादेश में हजारों पुलिसकर्मियों की मौत के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। उन्होंने देश में करीब दो लाख लोगों की गिरफ्तारी का दावा भी किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है और विरोध करने वालों की पहचान भी स्पष्ट नहीं हुई है। बांग्लादेश के एक मीडिया संस्थान की रिपोर्ट में प्रदर्शनकारियों को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग का समर्थक बताया गया है। बांग्लादेश सरकार ने कार्रवाई की बात कही बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार जाहेद उर रहमान ने मंगलवार को कहा कि न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर मोहम्मद यूनुस का घेराव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस घटना को ‘अवामी लीग का आतंक’ बताया। जाहेद ने विदेशों में रह रहे अवामी लीग के सदस्यों को चेतावनी भी दी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किस कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। यूनुस के कार्यकाल में हिंसा और गिरफ्तारियों को लेकर विवाद शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद 8 अगस्त 2024 को मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का नेतृत्व संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान देश में हिंसा, अल्पसंख्यकों पर हमलों और गिरफ्तारियों को लेकर सवाल उठते रहे। अवामी लीग ने आरोप लगाया था कि यूनुस सरकार ने उसके नेताओं और समर्थकों को निशाना बनाया। वहीं, मानवाधिकार संगठनों ने हिंसा और हिरासत में कथित दुर्व्यवहार के मामलों की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की थी। शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद करीब डेढ़ साल सत्ता में रहे यूनुस अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार की कमान संभाली थी। इस दौरान उनकी सरकार और अवामी लीग के बीच राजनीतिक टकराव जारी रहा। बांग्लादेश के एक विशेष ट्रिब्यूनल ने 2025 में शेख हसीना की गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाने के बाद उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाया गया और भारत से शेख हसीना को बांग्लादेश प्रत्यर्पित करने की मांग भी की गई।

Apple ने लॉन्च किया HomeView स्मार्ट डिस्प्ले, ₹39,900 से शुरू कीमत; HomePod Mini 2 और नए Apple TV 4K से भी उठा पर्दा

Apple ने स्मार्ट होम बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए नया स्मार्ट डिस्प्ले ‘HomeView’ लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत ₹39,900 बताई गई है। न्यूयॉर्क में आयोजित ‘Welcome Home’ इवेंट में कंपनी ने HomePod Mini 2 और नए Apple TV 4K समेत कई स्मार्ट होम डिवाइस भी पेश किए। इन गैजेट्स में होम ऑटोमेशन, एंटरटेनमेंट, सिक्योरिटी और AI से जुड़े फीचर्स दिए गए हैं। कंपनी का लक्ष्य Amazon और Google जैसी कंपनियों के साथ स्मार्ट होम बाजार में अपनी जगह मजबूत करना है। दी गई जानकारी के मुताबिक, HomeView और Apple TV 4K की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है। इनकी डिलीवरी 13 नवंबर से मिलने की बात कही गई है, जबकि HomePod Mini 2 की डिलीवरी 30 अक्टूबर से शुरू होगी। HomeView: 7 इंच की स्क्रीन, वीडियो कॉल और स्मार्ट होम कंट्रोल Apple HomeView इस नए कलेक्शन का प्रमुख डिवाइस है। इसमें नीचे स्पीकर और ऊपर 7 इंच की टचस्क्रीन दी गई है। इसे टेबल पर रखा जा सकता है या दीवार पर लगाया जा सकता है। इसमें A18 प्रोसेसर दिया गया है। इसकी मदद से यूजर घर की लाइट और पंखे नियंत्रित करने, वीडियो कॉल करने, गाने सुनने और फिल्में देखने जैसे काम कर सकेंगे। Apple HomeView के प्रमुख फीचर्स HomePod Mini 2: गानों के साथ बदलेगी लाइट Apple ने HomePod Mini 2 स्मार्ट स्पीकर भी पेश किया है। इसमें S10 प्रोसेसर और ‘Sound Glow’ नाम की लाइटिंग सुविधा दी गई है। बताया गया है कि म्यूजिक के हिसाब से स्पीकर की लाइटों के रंग बदलेंगे। इसकी कीमत ₹18,900 रखी गई है। यह गुलाबी, नीले, हरे, सफेद और मिडनाइट कलर में उपलब्ध होगा। कंपनी के मुताबिक, नए प्रोसेसर से कनेक्टिविटी और डिवाइस के प्रदर्शन में सुधार होगा। नया Apple TV 4K: आवाज से कंट्रोल करने की सुविधा नया Apple TV 4K टीवी देखने के अनुभव को अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से पेश किया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार, इसमें दूर से आवाज पहचानने वाले माइक्रोफोन हैं, जिनकी मदद से यूजर बिना रिमोट उठाए वॉइस कमांड से फिल्म या शो चला सकेंगे। अगर रिमोट खो जाए, तो iPhone के Find My फीचर की मदद से उसकी लोकेशन पता करने की सुविधा भी दी गई है। Apple HomePod स्पीकर्स के साथ इस्तेमाल करने पर यह ऑडियो सेटिंग्स को उनके अनुरूप समायोजित कर बेहतर साउंड अनुभव देने में मदद कर सकता है। हालांकि, Apple TV 4K की भारत में कीमत की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं बताई गई है। स्मार्ट होम बाजार में Apple की नई पहल HomeView, HomePod Mini 2 और Apple TV 4K के जरिए Apple घर के अलग-अलग स्मार्ट डिवाइस को एक ही इकोसिस्टम से जोड़ने पर जोर दे रहा है। होम ऑटोमेशन, सिक्योरिटी और AI सुविधाओं के मेल से कंपनी Amazon और Google के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ाना चाहती है।

कॉकरोच जनता पार्टी के आशुतोष रांका और सौरव दास तिहाड़ जेल भेजे गए, अजिंक्य शिंदे को मिली जमानत

दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन सदस्यों के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। स्पेशल कोर्ट ने आशुतोष रांका और सौरव दास को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया, जबकि अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। जानकारी के मुताबिक, तीनों को मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। बाद में रात करीब 3 बजे उन्हें एहतियातन गिरफ्तार किया गया। बुधवार सुबह तीनों को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां आशुतोष रांका और सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला हुआ। राहुल गांधी ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल इस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने युवाओं को जेल भेजे जाने को कायरता बताया और कार्रवाई पर सवाल उठाए। किन आरोपों में हुई कार्रवाई? CJP की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह के मुताबिक, तीनों के खिलाफ बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश करने, बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि आशुतोष रांका और सौरव दास को इससे पहले 10 अक्टूबर को भी फ्लाइट से हिरासत में लिया गया था। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

एअर इंडिया की फ्रैंकफर्ट-दिल्ली फ्लाइट की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग, हाईजैक अलर्ट से मचा हड़कंप

फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 की बुधवार सुबह जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान को यह कदम उस समय उठाना पड़ा, जब अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को फ्लाइट से हाईजैक अलर्ट का सिग्नल मिला। हालांकि, शुरुआती जांच में सिस्टम की गड़बड़ी के कारण यह संदेश जनरेट होने की आशंका जताई गई है। जानकारी के मुताबिक, अहमदाबाद ATC से मिले अलर्ट को जयपुर ATC के साथ साझा किया गया। इसके करीब 45 मिनट बाद विमान को जयपुर में सुरक्षित उतारा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हाईजैक अलर्ट के पीछे तकनीकी या सिस्टम संबंधी गलती हो सकती है। मामले में विस्तृत जांच की जानकारी सामने आना बाकी है। रात 9:45 बजे फ्रैंकफर्ट से भरी थी उड़ान फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के मुताबिक, विमान ने 13 अक्टूबर की रात 9:45 बजे फ्रैंकफर्ट से उड़ान भरी थी। इसे 14 अक्टूबर की सुबह 10:40 बजे दिल्ली पहुंचना था, लेकिन हाईजैक अलर्ट मिलने के बाद विमान को जयपुर की ओर डायवर्ट कर दिया गया। 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भी मिला था हाईजैक सिग्नल इससे पहले 30 सितंबर को इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट से भी हाईजैक कोड 7500 भेजे जाने की खबर सामने आई थी। उस घटना में पायलट द्वारा विमान को हाईजैक करने और क्रैश करने की कोशिश किए जाने का दावा किया गया था। बताया गया कि भारतीय को-पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने स्थिति को संभालते हुए विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नाकाम कर दी थी।

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