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Winter

Severe Winter in North India कश्मीर से राजस्थान तक सर्दी का कहर

उत्तर भारत में सर्दी और कोहरे का डबल अटैक उत्तर भारत इस समय भीषण ठंड (Winter) और घने कोहरे की चपेट में है। पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी राज्यों तक मौसम का मिजाज लगातार सख्त होता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में ठंड ने आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। सड़कों पर आवाजाही से लेकर कामकाज और स्वास्थ्य तक, हर स्तर पर सर्दी का असर साफ नजर आ रहा है। Sonmarg में रिकॉर्ड तोड़ ठंड, माइनस 11.2 डिग्री तक गिरा पारा जम्मू-कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल सोनमर्ग (Sonmarg) में तापमान गिरकर –11.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कड़ाके की शीतलहर के कारण झीलें और जलस्रोत जम गए हैं। कई इलाकों में पानी की पाइपलाइनें फ्रीज हो रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि, भारी ठंड के बावजूद बर्फ से ढके पहाड़ पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। प्रशासन ने मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। राजस्थान-MP में घना कोहरा, सड़क हादसों में 7 लोगों की मौत मैदानी राज्यों में स्थिति और भी चिंताजनक बनी हुई है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है। सुबह और रात के समय हाईवे और मुख्य सड़कों पर वाहन चलाना खतरनाक साबित हो रहा है। अलग-अलग जगहों पर हुए सड़क हादसों में 7 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन और पुलिस लगातार अलर्ट जारी कर रही है और ड्राइवरों से धीमी गति और सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। हरियाणा-पंजाब में तापमान 4°C से नीचे हरियाणा और पंजाब में भी ठंड का प्रकोप तेज हो गया है। दोनों राज्यों के 5 शहरों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। ठंडी हवाओं और कोहरे की वजह से सुबह की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, जबकि ट्रेनें और बसें देरी से चल रही हैं। किसानों के लिए भी यह मौसम चुनौती बनता जा रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी और जरूरी सावधानी मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में ठंड और कोहरे से राहत मिलने की उम्मीद कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को खास सतर्कता बरतनी चाहिए। गर्म कपड़े पहनना, कोहरे में यात्रा से बचना और मौसम अपडेट पर नजर रखना बेहद जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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शंकराचार्य

Prayagraj शंकराचार्य विवाद सुलह की ओर, प्रशासन देगा लिखित माफी!

प्रयागराज माघ मेला विवाद अब समाधान की ओर बढ़ता दिख रहा है। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रयागराज प्रशासन के बीच चल रहा तनाव जल्द खत्म हो सकता है। ताज़ा घटनाक्रम में संकेत मिले हैं कि प्रयागराज प्रशासन शंकराचार्य से औपचारिक माफी मांगने को तैयार है, ताकि धार्मिक परंपरा और सम्मान को लेकर बना विवाद समाप्त किया जा सके। कैसे शुरू हुआ Shankaracharya–Prayagraj Controversy पूरा मामला 18 जनवरी, मौनी अमावस्या का है। उस दिन शंकराचार्य की परंपरागत पालकी को संगम नोज तक ले जाने से प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर रोक दिया। इसे शंकराचार्य ने अपमानजनक बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद वे माघ मेले क्षेत्र में लगातार 10 दिन तक धरने पर बैठे रहे, लेकिन समाधान न निकलने पर बिना संगम स्नान किए प्रयागराज छोड़कर चले गए। यह घटना साधु-संत समाज और धार्मिक संगठनों में भी चर्चा का विषय बन गई। प्रशासन की पहल: Lucknow से पहुंचे बड़े अधिकारी विवाद को बढ़ता देख लखनऊ से दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शंकराचार्य से मिलने वाराणसी पहुंचे। बातचीत के दौरान अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि माघी पूर्णिमा (1 फरवरी) को शंकराचार्य को पूरे सम्मान, परंपरा और सुरक्षा के साथ संगम स्नान कराया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इसी बातचीत में प्रशासन की ओर से माफी मांगने का प्रस्ताव भी सामने आया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की 2 शर्तें हालांकि शंकराचार्य ने साफ कर दिया है कि सुलह तभी संभव है जब उनकी दो शर्तें पूरी हों— क्या खत्म होगा विवाद? अब गेंद प्रशासन के पाले में है। माना जा रहा है कि धार्मिक भावनाओं और परंपराओं को देखते हुए प्रशासन शंकराचार्य की शर्तों पर सहमति जता सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह मामला सिर्फ एक विवाद का अंत नहीं होगा, बल्कि धार्मिक नेतृत्व और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय की मिसाल भी बनेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UGC

Supreme Court ने लगाया UGC 2026 Rules पर रोक Higher Education में भारत की Unity जरूरी

भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) ने University Grants Commission (UGC) के नए 2026 Rules को स्थगित (stay) कर दिया है। इसका मतलब है कि ये नए नियम अभी लागू नहीं होंगे और पहले से मौजूद पुराने नियम ही फिलहाल मान्य रहेंगे। यह निर्णय शिक्षा जगत में काफी चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि नए नियमों का मकसद था Higher Education Institutions में समानता (Equity) और भेदभाव रोकना। UGC के नए नियम क्या थे? नए नियमों के तहत: लेकिन ये नियम कुछ हद तक controversial साबित हुए। सुप्रीम कोर्ट ने क्यों दी रोक? मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि नियम में भेदभाव की परिभाषा केवल SC/ST/OBC तक सीमित है, जिससे General Category के लोगों को सुरक्षा नहीं मिलती। CJI ने यह भी कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में भारत की Unity और Samrasata झलकनी चाहिए, यानी शिक्षा का उद्देश्य कभी विभाजन पैदा नहीं करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने नियमों को vague और misuse के लिए सक्षम बताया। इसका मतलब है कि नियमों की भाषा इतनी अस्पष्ट थी कि इसका गलत इस्तेमाल हो सकता था। अब क्या होगा? अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को तय की गई है। छात्रों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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प्रेम बाईसा

साध्वी प्रेम बाईसा Suspicious Death इंस्टाग्राम पोस्ट ने बढ़ाई विवाद की आग

जोधपुर के चर्चित कथावाचक और साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत (suspicious death) ने पूरे राजस्थान में हलचल मचा दी है। उनके निधन के बाद सामने आया इंस्टाग्राम पोस्ट (Instagram post), जिसमें उन्होंने लिखा “दुनिया को अलविदा… न्याय की मांग”, ने मामले को और भी पेचीदा बना दिया है। मौत कैसे हुई? साध्वी प्रेम बाईसा को जोधपुर के आरती नगर आश्रम में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद प्रेक्षा अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उन्हें ब्रेन डैड घोषित किया गया। उनके निधन की परिस्थितियाँ अभी संदिग्ध (suspicious circumstances) मानी जा रही हैं। इंस्टाग्राम पोस्ट का खुलासा उनकी मौत के कुछ घंटे बाद इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा किया गया। इसमें उन्होंने लिखा कि उन्होंने जीवन सनातन धर्म के प्रचार में समर्पित किया और अब दुनिया को अलविदा कह रही हैं, साथ ही कहा कि न्याय उन्हें जीवन में नहीं, शायद मौत के बाद मिलेगा। यह पोस्ट कई लोगों के लिए शॉकिंग (shocking) थी, क्योंकि यह उनकी मृत्यु की पुष्टि होने के बाद प्रकाशित हुई थी। पिछला विवाद और मानसिक दबाव पिछले साल साध्वी प्रेम बाईसा एक वायरल वीडियो विवाद में भी फंसी थीं। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल हुआ था और उन्होंने दावा किया कि उन्हें ब्लैकमेल किया गया। उन्होंने इसे मानसिक प्रताड़ना और बदनाम करने की साजिश बताया। राजनीतिक और समाजिक प्रतिक्रिया साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल समेत कई नेताओं ने उच्च स्तरीय जांच (high-level inquiry) की मांग की। समाज और उनके समर्थकों ने भी सच्चाई और न्याय की पुकार लगाई है। मामला क्यों विवादित है? पुलिस और प्रशासन अब मामले की पूरी जांच (full investigation) कर रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह आत्महत्या (suicide) है या इसके पीछे कोई और साजिश (conspiracy) है। साध्वी प्रेम बाईसा का निधन न सिर्फ धार्मिक और समाजिक दृष्टि से चौंकाने वाला है, बल्कि उनके इंस्टाग्राम पोस्ट ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। न्याय की मांग तेज़ है और पूरी जांच के बाद ही सच्चाई (truth) सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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हिमाचल

उत्तर भारत Weather Alert हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी, बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत (North India) में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) में भारी Snowfall और Blizzard की वजह से जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं राजस्थान (Rajasthan), उत्तर प्रदेश (UP) और बिहार (Bihar) में बारिश की संभावना को लेकर लोगों में सतर्कता बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी से बिगड़े हालात हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी और बारिश के चलते सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं। राज्यभर में 889 से ज्यादा सड़कें बंद हैं, जिनमें चार राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में लाहौल-स्पीति, शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा और किन्नौर हैं। बर्फबारी के कारण हजारों बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित है और प्रशासन सड़कें खोलने और बिजली बहाल करने में जुटा हुआ है। उत्तराखंड में 4 फीट तक बर्फ उत्तराखंड (Uttarakhand) के पहाड़ी इलाकों में भी इस बार भारी Blizzard आया है। गढ़वाल और कुमाऊं के ऊपरी क्षेत्रों में सड़कों पर 3 से 4 फीट तक बर्फ जमी हुई है। बर्फ के चलते यातायात ठप हो गया है और कई गांव बर्फ की चादर में ढक गए हैं। प्रशासन ने लोगों से ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा टालने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। राजस्थान, यूपी और बिहार में बारिश का अलर्ट उत्तर भारत के मैदानी हिस्सों में मौसम विभाग ने Rain Alert जारी किया है। IMD का अपडेट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक पहाड़ी इलाकों में Snowfall और Rain जारी रहने की संभावना जताई है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह मानने की हिदायत दी गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

India Reform Express Mode में Budget से पहले PM Modi ने दिए बड़े संकेत

संसद का बजट सत्र 2026 शुरू होते ही देश की आर्थिक दिशा को लेकर माहौल गर्म हो गया है। बजट से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सरकार की आगे की रणनीति की झलक साफ दिखा दी है। पीएम मोदी ने कहा —“अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं।” इस एक लाइन में सरकार की सोच, गति और इरादे तीनों साफ झलकते हैं। PM Modi का Reform Message क्या बताता है? बजट सत्र की पूर्व संध्या पर मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री ने दो टूक कहा कि उनकी सरकार की पहचान रही है —Reform, Perform और Transform।अब यह प्रक्रिया किसी धीमी ट्रेन की तरह नहीं, बल्कि एक्सप्रेस स्पीड से आगे बढ़ रही है। इस बयान को सीधे तौर पर Budget 2026 से जोड़कर देखा जा रहा है। संकेत साफ है कि आने वाला बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं होगा, बल्कि सिस्टम सुधार, निवेश बढ़ाने और आर्थिक ढांचे को मजबूत करने पर फोकस करेगा। Viksit Bharat 2047 की राह PM Modi ने अपने संबोधन में विकसित भारत 2047 का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल अपनी ज़रूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के लिए भी एक भरोसेमंद विकास मॉडल बन रहा है। उनके मुताबिक, भारत का विकास मॉडल मानव-केंद्रित है, जहां फैसले सिर्फ GDP नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे हैं। Global Opportunities पर सरकार की नजर प्रधानमंत्री ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को भी एक बड़ा अवसर बताया। इससे भारतीय उद्योगों, MSME सेक्टर और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में नई पहचान मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि भारत अब केवल सस्ता उत्पादन करने वाला देश नहीं, बल्कि गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा के दम पर आगे बढ़ने को तैयार है। Budget 2026 से क्या उम्मीदें? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। आर्थिक सर्वे पहले ही पेश किया जा चुका है, जिसमें मजबूत विकास दर और स्थिर अर्थव्यवस्था की तस्वीर सामने आई है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बजट में: Opposition vs Government: सत्र रहेगा गर्म बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने कई सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है। ऐसे में संसद के भीतर बहस तेज रहने के आसार हैं, लेकिन सरकार का फोकस साफ है — रिफॉर्म की रफ्तार बनाए रखना। PM Modi का “रिफॉर्म एक्सप्रेस” वाला बयान सिर्फ एक राजनीतिक लाइन नहीं है, बल्कि Budget 2026 की दिशा का संकेत है। सरकार यह साफ करना चाहती है कि भारत अब ठहरने वाला नहीं है। देश की अर्थव्यवस्था अब तेज़, निर्णायक और भविष्य-केंद्रित फैसलों की पटरी पर दौड़ रही है — और अगला बड़ा स्टेशन है बजट 2026। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ajit Pawar

Ajit Pawar बारामती में अंतिम विदाई परिवार संग पहुंचे अमित शाह, नितिन गडकरी और BJP अध्यक्ष

बारामती में वरिष्ठ राजनेता अजित पवार (Ajit Pawar) के अंतिम संस्कार की रस्में भावुक माहौल के बीच जारी हैं। अपने लोकप्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए पवार परिवार के साथ-साथ हजारों समर्थक और शुभचिंतक बारामती पहुंचे। हर आंख नम थी और हर चेहरा शोक में डूबा नजर आया। अजित पवार को राजकीय सम्मान (State Honours) के साथ अंतिम विदाई दी जा रही है। अंतिम संस्कार स्थल पर सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, हर वर्ग में उनके निधन को लेकर गहरा दुख देखा गया। Ajit Pawar Funeral में देश के बड़े नेता हुए शामिल अंतिम संस्कार में केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों से कई दिग्गज नेता शामिल हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बारामती पहुंचकर अजित पवार को श्रद्धांजलि दी। महाराष्ट्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और विधायक भी इस दौरान मौजूद रहे। नेताओं ने अजित पवार के राजनीतिक जीवन, प्रशासनिक अनुभव और जनता से उनके गहरे जुड़ाव को याद किया। कई नेताओं ने कहा कि अजित पवार सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े हुए नेता थे, जिन्होंने दशकों तक महाराष्ट्र की राजनीति को दिशा दी। आंध्र प्रदेश से भी पहुंचे मंत्री नारा लोकेश अजित पवार के अंतिम संस्कार में आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्री नारा लोकेश भी शामिल हुए। उन्होंने पवार परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और इसे देश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया। अन्य राज्यों से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने अजित पवार के राष्ट्रीय स्तर के प्रभाव को साफ तौर पर दिखाया। शोक में डूबी बारामती, कड़े सुरक्षा इंतजाम बारामती और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। लोग शांतिपूर्वक कतारों में खड़े होकर अपने प्रिय नेता को अंतिम दर्शन कर रहे हैं। अजित पवार का जाना सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। बारामती आज अपने नेता को नम आंखों से अलविदा कह रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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EU

India-EU Free Trade Agreement भारतीय Industries को मिलेगा फायदा

भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने लंबे समय से चली आ रही बातचीत के बाद ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसे विशेषज्ञ अक्सर “सभी समझौतों की माँ” भी कहते हैं। यह समझौता लगभग 2 अरब लोगों के बाजार और विश्व GDP के लगभग 25% हिस्से को कवर करता है। इस समझौते से भारत और यूरोप के बीच अधिकतर सामान पर शुल्क कम या खत्म हो जाएगा। इसका मतलब है कि भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोपीय मार्केट तक पहुंच आसान होगी, और यूरोपीय कंपनियों के लिए भी भारत में व्यापार करना सरल होगा। कौन से सेक्टर होंगे सबसे ज्यादा फायदे में? अमेरिकी प्रशासन की राय ट्रंप प्रशासन के समय के अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीयर ने कहा कि यह समझौता भारत के लिए काफी लाभकारी साबित होगा। उन्होंने बताया कि भारत को यूरोप में व्यापार का बेहतर अवसर और कुछ मामलों में वर्कर वीज़ा जैसी सुविधाएँ भी मिल सकती हैं। ग्रीयर ने यह भी कहा कि अमेरिका के हाल के वर्षों के प्रोटेक्शनिस्ट टैरिफ और घरेलू उत्पादन प्रोत्साहन की नीतियों के चलते, भारत ने EU के साथ व्यापार बढ़ाने की दिशा चुनी। क्यों है यह समझौता खास? पिछले कुछ सालों में अमेरिका ने भारत से जुड़े कई मामलों में 25% तक टैरिफ लगाए, जिससे भारत ने यूरोप के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना जरूरी समझा। इस समझौते से भारत को न केवल निर्यात में फायदा, बल्कि वैश्विक व्यापार में अधिक विकल्प और रणनीतिक ताकत भी मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत और यूरोप के संबंधों को नए आयाम देगा और अमेरिका की प्रोटेक्शनिस्ट नीतियों के बीच भारत की जीत साबित होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Parliament

Parliament में ‘कानून वापस लो’ के नारे राष्ट्रपति के अभिभाषण में उठी बहस

संसद (Parliament) में राष्ट्रपति के अभिभाषण (Speech) के दौरान हंगामा मच गया। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में देश के विकास, सामाजिक सुधार और नई नीतियों का जिक्र किया। लेकिन जैसे ही VB–जी राम जी कानून का नाम आया, विपक्षी सदस्य जोर-जोर से नारे लगाने लगे। ‘कानून वापस लो’ के नारे गूंजे सदन में सदन में “कानून वापस लो” के नारे गूंजने लगे और हंगामा इतना बढ़ गया कि कुछ समय के लिए कार्यवाही रोकनी पड़ी। विपक्ष ने कानून के खिलाफ अपनी असहमति व्यक्त की, जबकि सत्तापक्ष ने सदन में शांति बनाए रखने की कोशिश की। राजनीतिक विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में विधायी और राजनीतिक बहसों (Legislative & Political Debates) में अहम भूमिका निभा सकता है। हालांकि, राष्ट्रपति ने अपने भाषण में देश की प्रगति और सामाजिक सुधार पर जोर देना जारी रखा। संसद में गहराते मतभेद इस घटना ने यह दिखा दिया कि संसद में संवैधानिक मुद्दों (Constitutional Issues) और कानूनों (Laws) पर राजनीतिक मतभेद कितने गहरे हैं। आगामी सत्रों में ऐसे मुद्दे फिर से बहस और हंगामे को जन्म दे सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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शंकराचार्य

Magh Mela प्रशासन से नाराज़ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने छोड़ा माघ मेला

प्रयागराज माघ मेला 2026 में बड़ा घटनाक्रम प्रयागराज में चल रहे माघ मेला 2026 के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मेला बीच में ही छोड़ दिया। उनके इस फैसले ने संत समाज और श्रद्धालुओं के बीच गहरी चर्चा छेड़ दी है। मौनी अमावस्या पर संगम स्नान नहीं हो सका मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर शंकराचार्य संगम स्नान के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी पालकी को पुलिस और मेला प्रशासन ने रोक दिया। प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण का हवाला देते हुए उन्हें संगम तट तक जाने की अनुमति नहीं दी। प्रशासनिक रोक से आहत हुए शंकराचार्य इस घटना से व्यथित होकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उसी दिन संगम स्नान करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि संगम स्नान केवल एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आस्था, सम्मान और परंपरा से जुड़ा विषय है। धरने पर बैठे, संत सम्मान का मुद्दा उठाया स्नान न होने के बाद शंकराचार्य ने मेला क्षेत्र में अपने शिविर के बाहर धरना शुरू किया। उन्होंने प्रशासन पर संत समाज की गरिमा की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा कि यह मामला व्यक्तिगत नहीं, बल्कि धार्मिक मर्यादाओं से जुड़ा है। कोई समाधान नहीं, माघ मेला छोड़ने का फैसला कई दिनों तक चले विरोध और बातचीत के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो शंकराचार्य ने माघ मेला छोड़ने का निर्णय ले लिया। भारी मन से प्रयागराज से विदाई मेला छोड़ते समय उन्होंने कहा,“मैं श्रद्धा लेकर यहां आया था, लेकिन बिना संगम स्नान किए लौट रहा हूं। ऐसी स्थिति की मैंने कभी कल्पना नहीं की थी।”उनके शब्दों में पीड़ा और निराशा साफ झलक रही थी। संत समाज और प्रशासन के बीच बढ़ी दूरी इस पूरे घटनाक्रम ने माघ मेला प्रशासन और संत समाज के संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई संत संगठनों ने इस पर नाराज़गी जताई है, वहीं सामाजिक और राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। माघ मेला व्यवस्था पर उठे सवाल हालांकि प्रशासन का कहना है कि व्यवस्था सामान्य है, लेकिन शंकराचार्य के माघ मेला छोड़ने की घटना ने संतों के सम्मान, धार्मिक परंपराओं और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chandigarh के एलांते मॉल में हंगामा, खाने में कीड़ा मिलने का आरोप

Chandigarh के एलांते मॉल में हंगामा, खाने में कीड़ा मिलने का आरोप

Chandigarh के Elante Mall के फूड कोर्ट में उस वक्त हंगामा हो गया, जब एक ग्राहक ने खाने में कीड़ा मिलने का आरोप लगाया। ग्राहक का कहना है कि उसने चाइनीज डिश ऑर्डर की थी, जिसमें उसे कीड़ा नजर आया। उसने इस घटना का वीडियो भी दिखाया, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में नाराजगी बढ़ गई। मामले के बढ़ने पर संबंधित कैफे के मैनेजर (GM) ने स्थिति संभालने की कोशिश की। उन्होंने ग्राहक से माफी मांगी और कहा कि इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। घटना के बाद फूड कोर्ट में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अन्य ग्राहकों ने भी खाने की क्वालिटी और सफाई को लेकर चिंता जताई। यह मामला एक बार फिर फूड सेफ्टी और हाइजीन को लेकर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त जांच और कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
Parshuram Jayanti पर इंदौर में भव्य शोभायात्रा, मुख्यमंत्री ने किए बड़े ऐलान

Parshuram Jayanti पर इंदौर में भव्य शोभायात्रा, मुख्यमंत्री ने किए बड़े ऐलान

Indore में Parshuram Jayanti के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और पूरा शहर भक्तिमय माहौल में रंगा नजर आया। यह शोभायात्रा Sarv Brahmin Samaj की ओर से आयोजित की गई, जिसमें पारंपरिक झांकियां, बैंड-बाजे और धार्मिक उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Mohan Yadav भी शामिल हुए। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए तीर्थ स्थलों के विकास और सनातन संस्कृति के संरक्षण को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। उनका कहना था कि सरकार धार्मिक स्थलों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इस मौके पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि समाज को एकजुट करने का भी संदेश देता नजर आया।
तन्वी कोलते बनीं Bigg Boss Marathi 6 की विनर, राकेश-विशाल को मिली हार

तन्वी कोलते बनीं Bigg Boss Marathi 6 की विनर, राकेश-विशाल को मिली हार

रियलिटी शो Bigg Boss Marathi 6 का फिनाले काफी रोमांचक रहा। इस सीजन की ट्रॉफी Tanvi Kolte ने अपने नाम कर ली। शो के आखिरी मुकाबले में कई मजबूत कंटेस्टेंट्स के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। Rakesh और Vishal भी फाइनल तक पहुंचे, लेकिन अंत में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस शो को Salman Khan के पॉपुलर रियलिटी शो के फॉर्मेट से जोड़ा जाता है, जिसकी वजह से दर्शकों में इसका क्रेज काफी ज्यादा रहता है। तन्वी कोलते की जीत के बाद उनके फैंस में खुशी की लहर है। पूरे सीजन में उनकी परफॉर्मेंस और स्ट्रॉन्ग पर्सनैलिटी को दर्शकों ने काफी पसंद किया। फिनाले एपिसोड में इमोशंस, ड्रामा और एंटरटेनमेंट का जबरदस्त तड़का देखने को मिला, जिसने दर्शकों को आखिरी तक बांधे रखा।
महिला आरक्षण के समर्थन में BJP की रैली, सीएम बोले- विशेष सत्र बुलाया जाएगा

महिला आरक्षण के समर्थन में BJP की रैली, सीएम बोले- विशेष सत्र बुलाया जाएगा

Bhopal में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। BJP ने इस मुद्दे के समर्थन में आज आक्रोश रैली निकालने का ऐलान किया है। रैली से पहले मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि सरकार इस विषय पर गंभीर है और जल्द ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। उनका कहना है कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए और इसमें किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। सीएम ने Indian National Congress पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष महिलाओं के अधिकारों को रोकने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है और आम लोगों की नजरें भी अब आने वाले फैसलों पर टिकी हुई हैं।
ई-रिक्शा में महिला के 5 लाख के जेवर चोरी, Gwalior में वारदात

ई-रिक्शा में महिला के 5 लाख के जेवर चोरी, Gwalior में वारदात

Gwalior में एक हैरान करने वाली चोरी की घटना सामने आई है। शादी में जा रही एक महिला के करीब 5 लाख रुपये के जेवर ई-रिक्शा में सफर के दौरान चोरी हो गए। जानकारी के अनुसार, महिला आराम से ई-रिक्शा में बैठकर अपने गंतव्य की ओर जा रही थी। रास्ते में गड्ढों और खराब सड़क के कारण रिक्शा में बार-बार झटके लग रहे थे। इसी दौरान किसी ने मौके का फायदा उठाकर बैग से जेवर पार कर दिए। महिला को चोरी का पता तब चला जब वह अपने गंतव्य पर पहुंची। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं और यात्रियों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर भीड़भाड़ या खराब रास्तों पर सफर करते समय अपने सामान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

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