आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलमेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR◆BREAKINGदेश-हरपलSIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप◆BREAKINGस्पोर्ट्सबांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका◆BREAKINGबिज़नेसIMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद◆BREAKINGदेश-हरपलभीलवाड़ा में सरकारी शिक्षक ने फंदा लगाकर दी जान, किराए के कमरे में मिला शव◆BREAKINGछत्तीसगढ़कैंसर की दवाओं की कीमतों में बड़ा अंतर: ₹538 का इंजेक्शन बाजार में ₹1,500 तक, एक ही दवा की MRP में 16 गुना तक फर्क◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में अपग्रेड करने पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से 3 सप्ताह में मांगा जवाब◆BREAKINGदेश-हरपलमेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR◆BREAKINGदेश-हरपलSIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप◆BREAKINGस्पोर्ट्सबांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका◆BREAKINGबिज़नेसIMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद◆BREAKINGदेश-हरपलभीलवाड़ा में सरकारी शिक्षक ने फंदा लगाकर दी जान, किराए के कमरे में मिला शव◆BREAKINGछत्तीसगढ़कैंसर की दवाओं की कीमतों में बड़ा अंतर: ₹538 का इंजेक्शन बाजार में ₹1,500 तक, एक ही दवा की MRP में 16 गुना तक फर्क◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में अपग्रेड करने पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से 3 सप्ताह में मांगा जवाब◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

Chamoli

Dog Attack in Chamoli: कुत्तों के आतंक से सहमे लोग, 10 स्कूल बंद; बच्चों की पढ़ाई Online

उत्तराखंड के चमोली (Chamoli) जिले के नारायणबगड़ इलाके में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। लगातार सामने आ रही हमले की घटनाओं के बाद बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने इलाके के 10 स्कूलों को चार दिन के लिए बंद रखने का फैसला किया है। स्कूल बंद होने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए Online Classes चलाने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे अभिभावक नारायणबगड़ और आसपास के इलाकों में कुत्तों के आक्रामक व्यवहार से स्थानीय लोगों में डर बढ़ गया है। खासकर सुबह स्कूल जाने और छुट्टी के समय बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। हालात ऐसे बने कि कई लोग जरूरी काम से बाहर निकलते समय भी हाथ में डंडा लेकर चलने को मजबूर हैं। स्थानीय स्तर पर कुत्तों के हमले की कई घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन ने स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया। अधिकारियों का मानना है कि स्थिति सामान्य होने तक बच्चों को स्कूल बुलाना जोखिम भरा हो सकता है। 20 से 23 अगस्त तक बंद रहेंगे 10 स्कूल प्रशासन के निर्देश के अनुसार नारायणबगड़ क्षेत्र के 10 विद्यालय 20, 21, 22 और 23 अगस्त को बंद रहेंगे। इस दौरान बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा। हालांकि, शिक्षकों को Online माध्यम से पढ़ाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चार दिन के अवकाश का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर न पड़े। यह फैसला स्थानीय लोगों और अभिभावकों की चिंता को देखते हुए लिया गया है। स्कूलों को बंद करने का उद्देश्य बच्चों को आवारा कुत्तों के संभावित हमलों से सुरक्षित रखना है। कुत्तों को पकड़ने का अभियान तेज मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आवारा कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। वन विभाग की Quick Response Team यानी QRT को अभियान में लगाया गया है। वहीं पशुपालन विभाग की टीम कुत्तों को Anti-Rabies Vaccine देने का काम कर रही है। प्रशासन की कोशिश है कि जिन इलाकों में कुत्तों का आतंक ज्यादा है, वहां उनकी संख्या और गतिविधियों को नियंत्रित किया जाए। साथ ही लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। 600+ बच्चों की Online पढ़ाई? इस मामले को लेकर कुछ रिपोर्टों में 600 से ज्यादा बच्चों के Online Classes से जुड़ने की बात कही जा रही है। हालांकि, उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी में विद्यार्थियों की कुल संख्या का स्पष्ट आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। इसलिए 600+ का आंकड़ा प्रकाशित करते समय आधिकारिक पुष्टि को प्राथमिकता देना जरूरी है। कब खुलेगा स्कूल, अभी स्थिति पर नजर फिलहाल चार दिनों के लिए स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। इसके बाद इलाके की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। अगर कुत्तों का खतरा कम होता है तो स्कूल दोबारा खोले जा सकते हैं। नारायणबगड़ में इस समय सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। प्रशासन की कार्रवाई से लोगों को राहत की उम्मीद है, लेकिन स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर है कि आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान कब तक निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Vande Mataram

Vande Mataram Controversy: 1937 के फैसले पर BJP-Congress आमने-सामने, शाह ने साधा निशाना

‘वंदे मातरम्’ को लेकर BJP और Congress के बीच सियासी तकरार एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) ने 19 अगस्त को साफ किया कि पार्टी अपने कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के पहले दो पद ही गाएगी और 1937 के फैसले को ही जारी रखेगी। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और इस फैसले को तुष्टीकरण की राजनीति से जोड़ दिया। अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना अमित शाह ने कांग्रेस के मौजूदा रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि 1937 में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ के पूरे स्वरूप के बजाय कुछ हिस्सों को अपनाने का फैसला किया था। शाह ने आरोप लगाया कि यह फैसला तुष्टीकरण की राजनीति से प्रभावित था। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वंदे मातरम्’ के मूल स्वरूप और उसके ऐतिहासिक महत्व को फिर से सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। शाह ने कांग्रेस से अपने पुराने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग भी की है। Congress का 1937 वाला रुख बरकरार कांग्रेस ने इस विवाद में अपना पक्ष बदलने से इनकार कर दिया है। CWC ने दोहराया कि पार्टी के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के शुरुआती दो पद ही गाए जाएंगे। कांग्रेस इसे 1937 में लिए गए ऐतिहासिक फैसले की निरंतरता बता रही है। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि उस समय गीत के बाद के हिस्सों में धार्मिक संदर्भों को लेकर अलग-अलग समुदायों की भावनाओं पर चर्चा हुई थी। इसी पृष्ठभूमि में सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए शुरुआती दो पदों को अपनाने का फैसला किया गया था। विवाद की एक और कड़ी: Independence Day कार्यक्रम ‘वंदे मातरम्’ विवाद सिर्फ 1937 के फैसले तक सीमित नहीं है। स्वतंत्रता दिवस के दौरान कांग्रेस मुख्यालय में गीत के दौरान कथित तौर पर हुई घटना को लेकर भी BJP ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। अमित शाह ने कांग्रेस और सोनिया गांधी पर गीत के अपमान का आरोप लगाते हुए माफी की मांग की। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि गीत को रोकने की कोई मंशा नहीं थी। BJP और Congress के बीच बढ़ी बयानबाजी विवाद बढ़ने के साथ दोनों पार्टियों के नेताओं के बयान भी तीखे होते जा रहे हैं। BJP की ओर से कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी कांग्रेस के 1937 वाले रुख की आलोचना की। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने BJP पर इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और अन्य नेताओं ने BJP तथा RSS की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। 1937 का फैसला फिर चर्चा में क्यों? ‘वंदे मातरम्’ का भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से गहरा संबंध रहा है। 1937 में कांग्रेस के भीतर इसके सार्वजनिक गायन के स्वरूप को लेकर चर्चा हुई थी। बाद में शुरुआती दो पदों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस्तेमाल करने की परंपरा बनी। यही पुराना फैसला आज की राजनीति में फिर चर्चा का केंद्र बन गया है। कांग्रेस इसे ऐतिहासिक और सर्वसम्मति से जुड़ा निर्णय बता रही है, जबकि BJP इसे तुष्टीकरण की राजनीति का उदाहरण मान रही है। Modi सरकार के कदम से बढ़ी बहस विवाद के बीच केंद्र सरकार की ओर से ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण स्वरूप को आधिकारिक कार्यक्रमों में महत्व देने की पहल भी चर्चा में है। सरकार इसे गीत की ऐतिहासिक भूमिका और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े राष्ट्रीय भाव से जोड़ रही है। ऐसे में एक तरफ BJP इसे देश की राष्ट्रीय भावना से जुड़ा विषय बता रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस अपने 1937 के फैसले को सही ठहरा रही है। अब मुद्दा सिर्फ गीत का नहीं, सियासत का भी ‘वंदे मातरम्’ पर छिड़ी ताजा बहस ने इतिहास और राजनीति को एक ही मंच पर ला दिया है। अमित शाह के बयान के बाद कांग्रेस और BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत हैं। फिलहाल कांग्रेस अपने 1937 के रुख पर कायम है और BJP इसे बदलने की मांग कर रही है। ऐसे में ‘वंदे मातरम्’ आने वाले दिनों में भी देश की राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बना रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
RSS

RSS Controversy: अमेरिका में संघ पर प्रतिबंध की मांग, 29 अगस्त को New York जाएंगे Bhagwat

अमेरिका में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। US Commission on International Religious Freedom (USCIRF) ने RSS से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आयोग ने अमेरिकी प्रशासन से यह भी कहा है कि संघ के नेताओं को उच्चस्तरीय मुलाकातों और सम्मान से दूर रखा जाए। यह मामला ऐसे वक्त सामने आया है, जब RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे की चर्चा तेज है। रिपोर्टों के अनुसार भागवत 29 अगस्त को New York में एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं। ऐसे में USCIRF के बयान ने उनकी यात्रा को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज कर दी है। USCIRF ने RSS को लेकर क्या कहा? USCIRF का कहना है कि धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े उसके आकलन के आधार पर RSS से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ अमेरिकी सरकार को कदम उठाने चाहिए। आयोग ने ऐसे लोगों पर लक्षित प्रतिबंध लगाने और अमेरिकी अधिकारियों की ओर से उन्हें विशेष सम्मान दिए जाने से बचने की सिफारिश की है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि USCIRF की सिफारिश का मतलब RSS पर अमेरिका में प्रतिबंध लगना नहीं है। आयोग अमेरिकी सरकार को धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों पर सलाह और सिफारिशें देता है। अंतिम फैसला अमेरिकी प्रशासन को लेना होता है। 29 अगस्त को New York पहुंचेंगे मोहन भागवत मोहन भागवत के प्रस्तावित अमेरिकी दौरे को लेकर भारतीय समुदाय के बीच भी उत्सुकता है। New York में उनके कार्यक्रम में भारतीय मूल के लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से संवाद की उम्मीद है। ऐसे में USCIRF का बयान सामने आने के बाद भागवत की यात्रा पर सबकी नजरें टिक गई हैं। यह देखना अहम होगा कि अमेरिकी प्रशासन इस मामले में कोई आधिकारिक कदम उठाता है या नहीं। भारत पहले भी USCIRF की रिपोर्ट पर जता चुका है आपत्ति USCIRF की भारत से जुड़ी रिपोर्टों को लेकर नई दिल्ली का रुख पहले भी स्पष्ट रहा है। भारत सरकार आयोग की रिपोर्टों को कई बार पक्षपातपूर्ण और चयनात्मक बताते हुए खारिज कर चुकी है। भारत का कहना रहा है कि देश में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर तस्वीर पेश करते समय आयोग कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज करता है। इसी वजह से USCIRF और भारत सरकार के बीच लंबे समय से मतभेद देखने को मिलते रहे हैं। RSS पर आरोपों को लेकर क्या है विवाद? RSS पर धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर समय-समय पर आरोप लगते रहे हैं। संगठन इन आरोपों को खारिज करता रहा है और खुद को सामाजिक सेवा, राष्ट्र निर्माण तथा सामाजिक समरसता के लिए काम करने वाला संगठन बताता है। USCIRF का ताजा बयान इसी पुराने विवाद को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले आया है। खासकर भागवत के अमेरिका दौरे से ठीक पहले यह मुद्दा ज्यादा चर्चा में है। India-US Relations के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल भारत और अमेरिका के संबंध कई क्षेत्रों में लगातार मजबूत हुए हैं। ऐसे में किसी अमेरिकी सरकारी आयोग की ओर से भारत के प्रमुख सामाजिक संगठनों में से एक RSS को लेकर इस तरह की सिफारिश राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, अभी इसे India-US Relations में किसी बड़े संकट के तौर पर देखना जल्दबाजी होगी। USCIRF की सिफारिश और अमेरिकी सरकार के अंतिम निर्णय के बीच स्पष्ट अंतर है। अभी सबसे बड़ी बात क्या है? फिलहाल RSS पर अमेरिका में कोई नया प्रतिबंध लागू नहीं हुआ है। USCIRF ने कार्रवाई की सिफारिश की है। अब निगाहें अमेरिकी प्रशासन के रुख और मोहन भागवत के 29 अगस्त के New York कार्यक्रम पर रहेंगी। भागवत की यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं, यह आने वाले दिनों में इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकता है।
Read more
India-Pakistan

India-Pakistan Tension: Delhi में Pakistan High Commission के बाहर बड़ा Action

भारत-पाकिस्तान (India-Pakistan) के बीच रिश्तों में चल रहा तनाव एक बार फिर राजधानी दिल्ली में नजर आया। गुरुवार को चाणक्यपुरी स्थित Pakistan High Commission के बाहर JCB पहुंची और सड़क की तरफ बने कुछ बैरिकेड, फेंसिंग और अन्य बाहरी ढांचों को हटा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच चल रही राजनयिक तनातनी फिर चर्चा में आ गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में हुई कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले इस्लामाबाद स्थित Indian High Commission के बाहर भी पाकिस्तानी अधिकारियों ने बैरिकेड और अन्य सुरक्षा ढांचे हटाए थे। इसी वजह से दिल्ली की कार्रवाई को दोनों घटनाओं के बीच जवाबी कदम के तौर पर देखा जा रहा है। Pakistan High Commission के बाहर क्या हुआ? चाणक्यपुरी में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर JCB से सड़क की ओर मौजूद कुछ संरचनाएं हटाई गईं। इनमें बैरिकेड, फेंसिंग, ट्रैफिक बोलार्ड और लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए लगाए गए कुछ क्यू-मैनेजमेंट स्ट्रक्चर शामिल बताए जा रहे हैं। खास बात यह रही कि कार्रवाई हाई कमीशन की मुख्य इमारत के अंदर नहीं हुई। बाहरी हिस्से में मौजूद उन संरचनाओं को हटाया गया, जिन्हें अधिकारियों ने स्वीकृत सीमा से बाहर बताया। Islamabad में पहले हुई थी कार्रवाई इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी इस्लामाबाद से भी जुड़ती है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ दिन पहले वहां भारतीय हाई कमीशन के बाहर सुरक्षा से जुड़े बैरिकेड और पार्किंग पोल हटाए गए थे। इसके बाद दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर हुई कार्रवाई ने राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी। हालांकि, दोनों घटनाओं को सीधे तौर पर जोड़ने वाली कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। Diplomatic Tension के बीच बढ़ी हलचल भारत और पाकिस्तान के रिश्ते पहले से ही संवेदनशील दौर में हैं। ऐसे में दोनों देशों के हाई कमीशन के बाहर सुरक्षा व्यवस्था या बाहरी ढांचे में बदलाव भी आसानी से चर्चा का विषय बन जाता है। दिल्ली में हुई कार्रवाई को लेकर फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि अधिकारियों की ओर से इसे बाहरी हिस्से में मौजूद अनधिकृत या निर्धारित सीमा से बाहर के ढांचों को हटाने की कार्रवाई बताया गया है। वहीं, इसका समय इस घटनाक्रम को और ज्यादा महत्वपूर्ण बना रहा है। Kashmir को लेकर भी जारी है बयानबाजी इसी दौरान जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत, पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बयानबाजी भी सुर्खियों में रही है। अमेरिकी राजदूत Sergio Gor के कश्मीर संबंधी बयान पर पाकिस्तान ने आपत्ति जताई थी। हालांकि, दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर हुई कार्रवाई को उस बयान से सीधे जोड़ने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब आगे क्या? दिल्ली और इस्लामाबाद में हाई कमीशन के बाहर हुई हालिया कार्रवाइयों ने दोनों देशों के रिश्तों पर फिर से ध्यान खींचा है। फिलहाल नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान इस कार्रवाई पर औपचारिक प्रतिक्रिया देता है या नहीं और क्या आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच ऐसे और कदम देखने को मिलते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Monsoon

Monsoon Update: दिल्ली से मध्य प्रदेश तक भारी बारिश, Prayagraj में बिगड़े हालात

मानसून (Monsoon) की बारिश इस वक्त देश के कई हिस्सों में राहत से ज्यादा परेशानी का कारण बनती नजर आ रही है। Delhi-NCR, Uttar Pradesh, Madhya Pradesh और Uttarakhand में लगातार बारिश के कारण कहीं सड़कें जलमग्न हैं तो कहीं नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रयागराज में जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, जबकि मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में बारिश के साथ भूस्खलन और हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर नजर रख रहा है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। Delhi-NCR में बारिश के बाद Waterlogging दिल्ली-NCR में बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव देखने को मिला। सड़कों पर पानी जमा होने से ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हुई और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यमुना के जलस्तर में बदलाव ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ाई है। नदी के आसपास के निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। Prayagraj में बारिश ने बढ़ाई मुश्किल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगातार बारिश का असर शहर के कई हिस्सों में दिखाई दिया। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हुई। कई सड़कों और गलियों में पानी जमा होने के कारण आवाजाही प्रभावित हुई। करेली समेत कुछ इलाकों में स्थिति ज्यादा खराब रही। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को अपने रोजमर्रा के काम रोकने पड़े। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच स्कूलों को लेकर भी प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। MP के कई जिलों में Flood का खतरा मध्य प्रदेश में भी लगातार बारिश के चलते कई जिलों में हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। नदियों और छोटे-बड़े नालों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका बनी हुई है। कई जगह ग्रामीण इलाकों का संपर्क प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन की टीमें हालात पर नजर रख रही हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे उफनती नदियों, नालों और पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश न करें। बारिश का दौर जारी रहने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है, इसलिए स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी जा रही है। Uttarakhand में बारिश बनी मुसीबत उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों के लिए भारी बारिश हमेशा अतिरिक्त चुनौती लेकर आती है। इस बार भी कई क्षेत्रों में बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है। चमोली समेत कुछ इलाकों में राहत और बचाव कार्यों को लेकर प्रशासन सक्रिय है। पहाड़ों में मौसम खराब होने के कारण यात्रियों और स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कई राज्यों में Weather Alert मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बताता है कि मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय है। Delhi-NCR में जलभराव, Prayagraj में बारिश से बिगड़े हालात, MP में बढ़ता Flood Risk और Uttarakhand में पहाड़ी चुनौतियां एक साथ सामने आ रही हैं। ऐसे में अगले कुछ दिन प्रशासन के साथ आम लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना, जलभराव वाले रास्तों से दूरी रखना और स्थानीय प्रशासन व मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना जरूरी है। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता उन इलाकों को लेकर है जहां लगातार बारिश के कारण पानी तेजी से बढ़ रहा है। मौसम साफ होने तक लोगों को सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की मदद लेने की सलाह दी गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

कोलकाता के होटल वाली बिल्डिंग में भीषण आग, 9 की मौत; 4 साल का बच्चा भी शामिल

कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित पांच मंजिला इमारत में मंगलवार देर रात भीषण आग लग गई। हादसा रात करीब 1:45 बजे हुआ। इमारत के अंदर कई होटल संचालित हो रहे थे और आग लगने के समय ज्यादातर लोग सो रहे थे। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं और एक 4 साल का बच्चा भी शामिल है। सभी मृतक बेहोशी की हालत में मिले। वहीं 6 लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव टीमों ने अब तक करीब 80 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। धुएं से दम घुटने के कारण गई जान आग लगने के बाद पूरी इमारत में धुआं भर गया। रात के समय होटल में सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। धुएं के कारण कई लोगों का दम घुटने लगा। पुलिस के मुताबिक मृतकों में भारतीयों के साथ बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। दमकल की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं आग की सूचना मिलते ही दमकल की 5 गाड़ियां, पुलिस और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें मौके पर पहुंच गईं। इमारत में घना धुआं होने के कारण दमकलकर्मियों को ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, इमारत के अंदर तापमान अभी भी काफी ज्यादा है, इसलिए दमकलकर्मी कूलिंग ऑपरेशन चला रहे हैं। शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच के बाद होगी पुष्टि पश्चिम बंगाल के फायर डिपार्टमेंट मंत्री कौशिक चौधरी ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने शुरुआती जानकारी के आधार पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह बताया। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि आग की वास्तविक वजह फॉरेंसिक जांच के बाद ही सामने आएगी। मंत्री ने इमारत के अंदर की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक बिल्डिंग में कई होटल संचालित हो रहे थे और वहां बुनियादी सुरक्षा व निर्माण नियमों के पालन को लेकर गंभीर कमियां दिखाई दीं। बिल्डिंग मालिक फरार, केस दर्ज करने की तैयारी पुलिस के अनुसार इमारत का मालिक फिलहाल फरार है। न्यू मार्केट थाने में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस मालिक की तलाश में उसके घर समेत कई संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस आग लगने के कारणों के साथ-साथ बिल्डिंग में सुरक्षा नियमों के पालन और होटल संचालन से जुड़ी अनियमितताओं की भी जांच कर रही है। दो दिन पहले बीरभूम में भी होटल में लगी थी आग पश्चिम बंगाल में दो दिन के भीतर होटल में आग लगने की यह दूसरी बड़ी घटना है। 17 अगस्त को बीरभूम जिले में तारापीठ मंदिर के पास एक होटल में आग लगने से 9 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस हादसे में भी शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह बताया गया था।
Read more

देश के कई राज्यों में बारिश का कहर, UP में घर डूबे; हिमाचल-उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से मौतें

देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ बाढ़ और लैंडस्लाइड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगह सड़कें और रेलवे ट्रैक पानी में डूब गए हैं, जबकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन से जान-माल का नुकसान हुआ है। प्रयागराज में घरों में घुसा पानी, रेलवे ट्रैक भी डूबे उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगातार तीसरे दिन बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया है। पानी भरने से बेड, सोफा और घर का अन्य सामान भी डूब गया है। लगातार बारिश के चलते जिले में दूसरे दिन भी सभी स्कूल बंद रखे गए हैं। वहीं रामबाग रेलवे स्टेशन के तीन ट्रैक पानी में डूब गए, जिससे रेल संचालन भी प्रभावित हुआ है। बिहार में नदी के कटाव से स्कूल का बड़ा हिस्सा बहा बिहार के बगहा में गंडक नदी का कटाव लगातार बढ़ रहा है। तेज कटाव के कारण एक प्राथमिक स्कूल के पांच में से चार कमरे नदी में समा गए। स्कूल की बची हुई इमारत भी अब कटाव की जद में है। नदी का जलस्तर और कटाव बढ़ने से आसपास के लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हिमाचल में लैंडस्लाइड से 3 की मौत हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में मंगलवार को भारी बारिश के बीच लैंडस्लाइड की घटना में तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक ट्रक ड्राइवर और नेपाल के दो मजदूर शामिल बताए जा रहे हैं। बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 88 सड़कें बंद हैं। मंडी में सबसे ज्यादा 32, कुल्लू में 25 और सिरमौर में 10 सड़कें बंद हैं। कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड में भी बारिश और भूस्खलन से हालात खराब उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में लैंडस्लाइड की घटना में तीन लोगों की मौत हुई है। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में 124 सड़कें बंद हैं। पिथौरागढ़ में BRO के कुलागाड़ वैली ब्रिज पर चट्टानें गिरने से पुल का एक हिस्सा काली नदी में समा गया। पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद कैलाश मानसरोवर मार्ग पर आवाजाही बंद हो गई है। कई राज्यों में अलर्ट और निगरानी बढ़ी लगातार बारिश के कारण मैदानी इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है, जबकि पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियां संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं।
Read more

दिल्ली STP टेंडर घोटाला: पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत 6 गिरफ्तार, ₹1.52 करोड़ रिश्वत के आरोप

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडरों में कथित गड़बड़ी के मामले में मंगलवार को पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय भी शामिल हैं। ACB का आरोप है कि STP के टेंडरों की शर्तें इस तरह तैयार की गई थीं, जिससे एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाया जा सके। जांच एजेंसी के मुताबिक, उदित प्रकाश राय को कथित तौर पर ₹1.52 करोड़ की रिश्वत दी गई थी। सत्येंद्र जैन और उदित प्रकाश राय के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव तथा कंपनियों से जुड़े नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। ACB की जांच अभी जारी है। 2024 में 872 दिन बाद जेल से बाहर आए थे जैन सत्येंद्र जैन को ED ने 30 मई 2022 को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। वह करीब 872 दिन जेल में रहे। 18 अक्टूबर 2024 को दिल्ली की अदालत ने उन्हें जमानत दी थी और इसके बाद वह तिहाड़ जेल से बाहर आए थे। ED ने जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए थे। जैन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया था। क्या है दिल्ली जल बोर्ड का STP टेंडर मामला? जांच एजेंसियों के मुताबिक, दिल्ली जल बोर्ड के चार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के अपग्रेडेशन से जुड़े टेंडरों में कथित अनियमितताएं हुईं। आरोप है कि टेंडर की शर्तें इस तरह तैयार की गईं कि एक खास कंपनी को फायदा मिल सके। ED ने दिसंबर 2025 में इस मामले में सत्येंद्र जैन समेत 14 लोगों के खिलाफ करीब ₹17.70 करोड़ के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। ACB ने सत्येंद्र जैन पर क्या आरोप लगाए? ACB के मुताबिक, इस मामले में 11 मई 2024 को केस दर्ज किया गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि STP के अपग्रेडेशन के लिए जारी टेंडर की शर्तों में इस तरह बदलाव किए गए, जिससे एक विशेष कंपनी को फायदा पहुंचाया जा सके। जांच में यह भी आरोप है कि ऐसी शर्तें जोड़ी गईं, जिनसे व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा सीमित हो गई और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। ACB के अनुसार, जांच के दौरान बिचौलियों और सरकारी अधिकारियों के बीच बातचीत से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले। ई-मेल की जांच में कथित तौर पर यह सामने आया कि टेंडर के दस्तावेज कंपनियों के साथ पहले ही साझा किए गए थे। सत्येंद्र जैन पर पहले भी दर्ज हो चुके हैं मामले आय से अधिक संपत्ति: CBI ने 24 अगस्त 2017 को सत्येंद्र जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। आरोप था कि फरवरी 2015 से मई 2017 के बीच उनकी ज्ञात आय की तुलना में करीब ₹1.47 करोड़ की कथित विसंगति थी। बाद में CBI ने चार्जशीट दाखिल की और ED ने इससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच शुरू की। मनी लॉन्ड्रिंग: CBI के मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों में ED ने 30 मई 2022 को जैन को गिरफ्तार किया था। ED का आरोप था कि उनसे जुड़े चार कंपनियों के जरिए धन को वैध दिखाने की कोशिश की गई। जैन ने आरोपों से इनकार किया और इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया। मार्च 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। CCTV प्रोजेक्ट: मार्च 2025 में दिल्ली ACB ने ₹571 करोड़ के CCTV कैमरा प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सत्येंद्र जैन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। स्कूल क्लासरूम निर्माण: ED ने 2025 में दिल्ली सरकार के क्लासरूम निर्माण प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी जैन को आरोपी बनाया था। इस मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम भी सामने आया था। संपत्ति अटैचमेंट: सितंबर 2025 में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत सत्येंद्र जैन से जुड़ी करीब ₹7.44 करोड़ की अचल संपत्तियां अटैच की थीं। ED का आरोप था कि ये संपत्तियां उन कंपनियों से जुड़ी थीं, जिन पर जैन का स्वामित्व या नियंत्रण था। तिहाड़ में VIP ट्रीटमेंट के आरोपों से भी चर्चा में रहे सत्येंद्र जैन तिहाड़ जेल में कथित VIP ट्रीटमेंट को लेकर भी सुर्खियों में रहे थे। ED ने कोर्ट में हलफनामा और कुछ तस्वीरें पेश कर आरोप लगाया था कि उन्हें जेल में कई तरह की सुविधाएं मिल रही थीं। जेल से सामने आए CCTV फुटेज में जैन को कथित तौर पर बैक और फुट मसाज कराते हुए देखा गया था। ED ने यह भी आरोप लगाया था कि जेल सुपरिंटेंडेंट नियमों के विपरीत उनसे मुलाकात करते थे और जेल में उनकी सुविधाओं को लेकर पूछताछ करते थे। फिलहाल STP टेंडर मामले में ACB की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे और नाम सामने आने की संभावना है।
Read more

शिवसेना विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में लगातार छठे दिन सुनवाई, उद्धव गुट बोला- पहले तय हो विधायकों की अयोग्यता

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट की याचिकाओं पर लगातार छठे दिन सुनवाई हुई। उद्धव गुट ने कोर्ट में दलील दी कि पहले यह तय किया जाना चाहिए कि शिवसेना के बागी विधायक अयोग्य हैं या नहीं। इसके बाद ही चुनाव आयोग को यह तय करना चाहिए कि असली शिवसेना किसकी है। मामले की सुनवाई CJI जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच कर रही है। बेंच 2024 में दायर उद्धव ठाकरे गुट की दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। उद्धव गुट की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा। उद्धव गुट की दलील- पहले विधायकों की अयोग्यता पर फैसला हो कपिल सिब्बल ने कहा कि चुनाव आयोग और महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर ने कानून की गलत व्याख्या की है। उनके मुताबिक, विधायकों की संख्या में बहुमत और राजनीतिक पार्टी की सदस्यता को एक ही नहीं माना जा सकता। उद्धव गुट का कहना है कि यदि बागी विधायकों को बाद में अयोग्य ठहराया जाता है, तो विधानसभा में उनकी संख्या को बहुमत तय करने के लिए नहीं गिना जाना चाहिए। इसलिए पहले विधायकों की अयोग्यता का फैसला होना जरूरी है और उसके बाद ही चुनाव आयोग को पार्टी की वास्तविक स्थिति पर निर्णय लेना चाहिए। चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को माना था असली शिवसेना दरअसल, चुनाव आयोग ने 17 फरवरी 2023 को एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना माना था। आयोग ने शिंदे गुट को शिवसेना का नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न भी आवंटित किया था। उद्धव ठाकरे गुट ने इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। मामला 39 बागी विधायकों की अयोग्यता से जुड़ा पूरा विवाद शिवसेना के 39 बागी विधायकों से जुड़ा है। 10 जनवरी 2024 को महाराष्ट्र विधानसभा के तत्कालीन स्पीकर राहुल नार्वेकर ने इन विधायकों को अयोग्य नहीं माना था। उन्होंने विधानसभा में बहुमत के आधार पर शिंदे गुट को असली शिवसेना माना था। सिब्बल ने इसी फैसले का हवाला देते हुए कहा कि विधायकों की संख्या और राजनीतिक दल की पहचान को अलग-अलग देखा जाना चाहिए। सुभाष देसाई मामले का भी दिया हवाला कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के सुभाष देसाई मामले के फैसले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विधायी दल में विभाजन को अपने आप राजनीतिक दल में विभाजन नहीं माना जा सकता। इससे पहले 13 अगस्त की सुनवाई में भी उद्धव गुट ने दलील दी थी कि संविधान की ऐसी व्याख्या नहीं की जा सकती, जिससे उस गलती को बढ़ावा मिले जिसे रोकने के लिए दलबदल विरोधी कानून बनाया गया था। फिलहाल शिंदे गुट के पास शिवसेना का नाम और निशान चुनाव आयोग के 17 फरवरी 2023 के फैसले के मुताबिक, आधिकारिक तौर पर शिवसेना का नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न एकनाथ शिंदे गुट के पास है। वहीं उद्धव ठाकरे गुट शिवसेना (UBT) के नाम से राजनीति कर रहा है और उसे मशाल चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। मंगलवार को दोनों पक्षों की बहस पूरी नहीं हो सकी। मामले में सुप्रीम कोर्ट बुधवार को भी सुनवाई जारी रखेगा।
Read more

रींगस में CA विनय जोशी के घर इनकम टैक्स का छापा, यूपी नंबर की 3 गाड़ियों से पहुंची टीम

सीकर के रींगस शहर में मंगलवार सुबह इनकम टैक्स विभाग की टीम ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विनय जोशी के घर छापेमारी की। टीम सुबह करीब 5 बजे यूपी नंबर की तीन गाड़ियों से खेमकों का मोहल्ला स्थित वार्ड नंबर 27 में पहुंची। करीब 15 अधिकारी और कर्मचारी कार्रवाई में शामिल बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए रींगस पुलिस का जाब्ता भी मौके पर तैनात रहा। टीम के घर में प्रवेश करने के बाद आयकर विभाग की कार्रवाई शुरू की गई। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों से हुई बहस छापेमारी के दौरान कुछ स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच कहासुनी भी हो गई। जानकारी के अनुसार, सीए विनय जोशी के परिवार में विनोद कुमार जोशी होमगार्ड में हैं। सुबह जब उन्होंने घर में अचानक अधिकारियों को प्रवेश करते देखा तो उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले कुछ लोग भी मौके पर जमा हो गए। अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच बहस होने लगी। स्थिति को देखते हुए टीम के सदस्यों ने अपने आई कार्ड दिखाकर पहचान बताई, जिसके बाद मामला शांत हुआ और कार्रवाई आगे बढ़ी। आगरा से पहुंची टीम की जानकारी बताया जा रहा है कि कार्रवाई में इनकम टैक्स विभाग आगरा के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। टीम तीन वाहनों से रींगस पहुंची थी। पुलिस की मौजूदगी में घर के अंदर आयकर विभाग की जांच जारी है। कार्रवाई से व्यापारियों में भी हलचल इनकम टैक्स विभाग की टीम के पहुंचने की खबर फैलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जमा होने लगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि छापेमारी किस मामले में और किन दस्तावेजों या वित्तीय लेन-देन से संबंधित है। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई को लेकर जानकारी देने से इनकार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की जानकारी सामने आ सकती है।
Read more
1 … 24 25 26 27 28 … 237

Trending News

Editor's Picks

मेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर सौरभ की हत्या करने का आरोप साबित होने के बाद यह फैसला सुनाया गया। सजा सुनाते हुए जज ने वारदात को नृशंस हत्याकांड बताया और कहा कि इसमें माफी स्वीकार नहीं होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए मुस्कान और साहिल सजा सुनाए जाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। इस दौरान दोनों रोने लगे। जज ने मुस्कान से पूछा कि पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद वह क्या सजा चाहती है। इस पर मुस्कान ने कहा, “मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए।” इसके बाद वह खामोश हो गई। वहीं, साहिल से भी यही सवाल पूछा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। सजा के ऐलान के बाद रो पड़ीं सौरभ की मां अदालत के फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां भावुक हो गईं और रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया। इस मामले में सजा का ऐलान सौरभ के परिवार के लिए लंबे इंतजार के बाद आया है। 3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भर दिया गया था। इस वारदात ने पूरे देश में व्यापक चर्चा बटोरी थी। अदालत ने मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

इंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR

शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट का सौदा करने के बाद ब्रोकर और प्लॉट मालिक ने फरियादी से 7 लाख 80 हजार रुपये ले लिए, लेकिन न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया। शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। 9.30 लाख में तय हुआ था प्लॉट का सौदा पुलिस के मुताबिक, नंदबाग कॉलोनी निवासी विजय चौहान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने नंदबाग में एक प्लॉट का सौदा 9 लाख 30 हजार रुपये में तय किया था। इस संबंध में एग्रीमेंट भी किया गया था। फरियादी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और रजिस्ट्री भी नहीं कराई गई। ब्रोकर ने परिचित बताकर कराया था सौदा विजय चौहान के अनुसार, धर्मेंद्र ठाकुर ने उन्हें बताया था कि नंदकिशोर मनावत उसका परिचित है और वह अपना प्लॉट बेचना चाहता है। इसके बाद धर्मेंद्र ने सौदे में ब्रोकर की भूमिका निभाई और इसके बदले 10 हजार रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्री कराने और प्लॉट का कब्जा देने की मांग की, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। 25 से ज्यादा केस होने की धमकी देने का आरोप फरियादी ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री और कब्जे के लिए दबाव बनाने पर धर्मेंद्र ठाकुर ने धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, उसने कहा कि उसके खिलाफ 25 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। साथ ही, उसके या नंदकिशोर मनावत के पास दोबारा आने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। 2.80 लाख रुपये लौटाए, 5 लाख बाकी होने का दावा विजय चौहान के मुताबिक, पुलिस में शिकायत करने की बात कहने के बाद नंदकिशोर मनावत ने 2 लाख 50 हजार रुपये नकद और 30 हजार रुपये ऑनलाइन वापस किए। हालांकि, फरियादी का आरोप है कि बाकी 5 लाख रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विजय चौहान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप

नई दिल्ली। SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी और छात्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रा ने कान पर चोट लगने का लगाया आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई। प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान कथित ज्यादती और मारपीट से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर हिरासत का आरोप एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। यह आरोप भी प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया है। राहुल गांधी ने सबूत सुरक्षित रखने को कहा राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका

क्रिकेट न्यूज। वेस्टइंडीज को बांग्लादेश के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के बल्लेबाज शाई होप और तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ सीरीज से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। CWI के मुताबिक, मेडिकल जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद अल्जारी जोसेफ को सीरीज से हटाने का फैसला लिया गया। बोर्ड उनके कार्यभार को नियंत्रित कर चोट के जोखिम को कम करना चाहता है। वहीं, तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलने के बाद शाई होप को आराम दिया गया है। चोट के खतरे को देखते हुए जोसेफ को आराम क्रिकेट वेस्टइंडीज ने बताया कि अल्जारी जोसेफ को टीम से बाहर रखने का फैसला उनकी सहमति से लिया गया है। बोर्ड के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों को लंबे स्पेल में लगातार गेंदबाजी करनी पड़ती है। इससे छोटे फॉर्मेट की तुलना में कार्यभार और चोट का जोखिम बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जोसेफ के वर्कलोड को कम करने का फैसला किया गया है, ताकि उनके स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखा जा सके। शाई होप को भी दिया गया आराम CWI ने कहा कि शाई होप तीनों फॉर्मेट में लगातार खेल रहे थे। ऐसे में उनके कार्यभार और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें टेस्ट सीरीज से आराम दिया गया है। बोर्ड का यह फैसला फरवरी 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स को ध्यान में रखकर भी लिया गया है। टीम प्रबंधन चाहता है कि खिलाड़ी आगामी महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए फिट रहें। केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में मौका शाई होप की गैरमौजूदगी में 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। अब देखना होगा कि बांग्लादेश की घरेलू परिस्थितियों में वेस्टइंडीज की टीम नए संयोजन के साथ कैसा प्रदर्शन करती है। कोच डैरेन सैमी ने सीरीज जीत को बताया अहम वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने कहा कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र की शुरुआत में टीम ने कुछ लक्ष्य तय किए थे। इनमें टेस्ट रैंकिंग के ऊपरी आधे हिस्से में जगह बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज जीतने से टीम अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकती है। सैमी के मुताबिक, बांग्लादेश को उसकी घरेलू परिस्थितियों में हराना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन टीम इसके लिए तैयार है। 28 अक्टूबर से शुरू होगा पहला टेस्ट बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला टेस्ट 28 अक्टूबर से ढाका में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 5 नवंबर से सिलहट में खेला जाएगा।

IMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने साल 2026 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। वैश्विक तनाव, आर्थिक सुस्ती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का ध्यान खींचा है। मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन को भारत की तेज विकास दर की प्रमुख वजह माना गया है। IMF ने अक्टूबर 2026 की अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में भारत की विकास संभावनाओं को सकारात्मक बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा आयात पर निर्भर कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं जहां दबाव का सामना कर रही हैं, वहीं भारत की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है। 2027 में भी 7% ग्रोथ का अनुमान IMF ने 2026 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान में जुलाई के मुकाबले 0.6 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की है। वहीं, 2027 के लिए भी विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2027 का अनुमान जुलाई के मुकाबले 0.3 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी भारत में विकास की संभावनाओं को लेकर उम्मीद बनी हुई है। IMF से पहले विश्व बैंक और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत की विकास दर के अनुमान में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। चीन की सुस्ती के बीच भारत पर नजर रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी गतिविधियों में तेजी ने भी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित किया है। भारत और चीन एशिया की आर्थिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं, हालांकि दोनों देशों की विकास संभावनाओं में अंतर दिखाई दे रहा है। IMF के अनुमान के अनुसार, चीन की विकास दर 2026 में 4.5% और 2027 में 4% रह सकती है। वैश्विक तनाव और ऊर्जा की ऊंची कीमतों को चीन की आर्थिक वृद्धि के सामने चुनौतियों में शामिल किया गया है। दुनिया की आर्थिक विकास दर पर दबाव IMF के मुताबिक, 2028 से 2031 के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था औसतन 3.2% की दर से बढ़ सकती है। यह 2000 से 2019 के बीच महामारी से पहले दर्ज औसत 3.7% की विकास दर से कम है। रिपोर्ट में वैश्विक तनाव, ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और ऊर्जा आयात पर निर्भर उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाले दबाव को आर्थिक विकास के लिए चुनौती बताया गया है। ऐसे माहौल में भारत की अनुमानित विकास दर अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई देती है। मजबूत घरेलू मांग और जनसांख्यिकी से मिल रहा सहारा भारत की आर्थिक मजबूती के पीछे बढ़ता घरेलू बाजार, मजबूत मांग, अनुकूल जनसांख्यिकी और सुधारों को अहम कारक माना गया है। सर्विसेज सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन भी विकास दर को सहारा दे रहा है। हालांकि, बेहतर अनुमान के बावजूद चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक मांग में कमजोरी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.