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राहुल गांधी ने घायल छात्र के साथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा’

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने आवास 10 जनपथ पर NEET परीक्षा से जुड़े विरोध प्रदर्शन में घायल हुए छात्र साहिल लोचाब के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि “धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। वे देश की शिक्षा व्यवस्था के ध्वस्त होने का प्रतीक बन चुके हैं। उन्हें अपने पद से हटना ही होगा। उनकी नीतियों की वजह से हजारों छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।” प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने घायल छात्र के हाथ, पीठ और छाती पर लगे घाव भी दिखाए। उन्होंने कहा कि साहिल शांतिपूर्ण तरीके से हाथ में तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तभी उन्हें पैलेट गन का सामना करना पड़ा। NEET पेपर लीक के विरोध में हुआ था प्रदर्शन 20 जुलाई को NEET पेपर लीक मामले के विरोध में छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा संसद मार्च निकाला गया था। इस दौरान जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें 100 से अधिक छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। साहिल लोचाब भी इसी घटना में गंभीर रूप से घायल हुए। साहिल लोचाब की आंख की रोशनी जाने का खतरा 19 वर्षीय साहिल लोचाब दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ के निवासी हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) के छात्र हैं। प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन लगने से उनकी दाहिनी आंख गंभीर रूप से घायल हो गई। उनका इलाज AIIMS के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में किया गया, जहां उनकी सर्जरी भी हुई। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया है कि घायल आंख की रोशनी वापस आने की संभावना केवल 1 प्रतिशत है, क्योंकि आंख की पुतली को गंभीर नुकसान पहुंचा है। परिवार ने क्या कहा? साहिल की मां ज्योति ने बताया कि उनका बेटा पहले भी छात्र आंदोलनों में हिस्सा ले चुका था। उन्होंने कहा कि साहिल का मानना था कि NEET से जुड़ा यह मुद्दा उसके भविष्य और शिक्षा से सीधे जुड़ा है। परिवार के अनुसार, साहिल का सपना पुलिस अधिकारी बनने का है। अधिक राष्ट्रीय, राजनीति और शिक्षा से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Rahul Gandhi

Education पर Rahul Gandhi का बड़ा बयान, Dharmendra Pradhan को बताया ‘क्रिमिनल शिक्षा मंत्री’

देश में शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। Rahul Gandhi ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय की कथित लापरवाही के कारण हजारों छात्र परेशान हैं और अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। Rahul Gandhi ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें “क्रिमिनल शिक्षा मंत्री” बताया और कहा कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था, छात्रों की समस्याओं और सरकार की जवाबदेही को लेकर केंद्र पर कई सवाल उठाए। Student Protest को लेकर राहुल का बड़ा हमला राहुल गांधी ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भरोसा प्रभावित हुआ है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जिन छात्रों ने मेहनत करके अपने भविष्य के लिए तैयारी की, उन्हें अब अनिश्चितता और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से छात्रों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की। घायल छात्र की चोट दिखाकर सरकार को घेरा प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने एक घायल छात्र का मुद्दा उठाया। उन्होंने छात्र की टी-शर्ट उठाकर उसकी चोट दिखाई और आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में छात्र घायल हुआ। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनकी मांगों पर बातचीत करे। Education System पर उठे सवाल राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों में छात्रों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह छात्रों की परेशानियों को नजरअंदाज कर रही है और जिम्मेदारी तय करने से बच रही है। Dharmendra Pradhan पर बढ़ा राजनीतिक दबाव राहुल गांधी के बयान के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष लगातार शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है। वहीं, इस मामले में सरकार और बीजेपी की प्रतिक्रिया का इंतजार है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में संसद और चुनावी राजनीति में बड़ा विषय बन सकते हैं। छात्रों के भविष्य को लेकर जारी है बहस शिक्षा किसी भी देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा सबसे अहम मुद्दा है। यही वजह है कि परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्रों की सुरक्षा जैसे सवालों पर लगातार चर्चा हो रही है। राहुल गांधी के इस हमले के बाद अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम और विपक्ष के आगे के रुख पर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJP

CJP Protest Update: सरकार से बातचीत Positive, दो मांगों पर बनी सहमति; प्रधान के इस्तीफे पर कल फैसला

CJP Protest को लेकर चल रही हलचल के बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों के बीच हुई अहम बैठक खत्म हो गई है। बातचीत के बाद CJP नेताओं ने दावा किया कि सरकार ने उनकी दो प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है। वहीं, प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने अंतिम निर्णय के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा है। बैठक के बाद CJP नेताओं ने कहा कि सरकार के साथ हुई बातचीत उम्मीद के मुताबिक रही। प्रदर्शनकारियों ने अपनी सभी मांगों को मजबूती से रखा और सरकार को इससे जुड़ा Demand Letter भी सौंपा। अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर बनी हुई है। दो मांगों पर सरकार का Positive Response CJP नेताओं के मुताबिक, बातचीत के दौरान सरकार ने उनकी दो मांगों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। हालांकि, इन मांगों पर आधिकारिक कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं और चाहते हैं कि सरकार जल्द से जल्द इस मामले में ठोस फैसला ले। प्रधान के इस्तीफे पर कल दोपहर तक इंतजार CJP की ओर से उठाई गई प्रमुख मांगों में प्रधान के इस्तीफे का मुद्दा भी शामिल है। इस मांग पर सरकार ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है और विचार करने के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा है। CJP नेताओं ने कहा कि वे सरकार के जवाब का इंतजार करेंगे। इसके बाद ही आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। सरकार को सौंपा गया था 5 Paragraph का Demand Letter इससे पहले CJP प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने अपनी मांगों को रखते हुए एक विस्तृत Demand Letter सौंपा था। इस पत्र में संगठन की प्रमुख मांगों और समस्याओं का जिक्र किया गया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना है और वे सरकार से सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। अब कल के फैसले पर टिकी सभी की नजर सरकार और CJP के बीच हुई इस बातचीत के बाद अब अगला बड़ा अपडेट कल दोपहर तक आने की उम्मीद है। अगर सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सकारात्मक फैसला लेती है तो विवाद को खत्म करने की दिशा में यह अहम कदम हो सकता है। फिलहाल, CJP Protest को लेकर माहौल शांत है और सभी की निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJP

CJP Protest Update: सरकार से बातचीत खत्म, Protesters ने सौंपा 5 पैराग्राफ का Demand Letter

सरकार और CJP (Citizen Justice Party) नेताओं के बीच चल रही बातचीत का दौर अब खत्म हो गया है। बैठक के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने 5 पैराग्राफ का लिखित Demand Letter सौंपा। इस पत्र में प्रदर्शन से जुड़े प्रमुख मुद्दों और उनकी अपेक्षाओं को विस्तार से रखा गया है। बैठक के दौरान CJP नेताओं और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच लंबे समय तक चर्चा हुई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी समस्याओं को सामने रखते हुए कहा कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए और जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए। CJP Leaders Meeting में रखी गईं प्रमुख मांगें CJP नेताओं ने बातचीत के दौरान अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से सरकार के सामने रखा। प्रदर्शनकारियों की ओर से दिए गए लिखित पत्र में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। उनका कहना है कि इन मुद्दों पर जल्द निर्णय लेने से लोगों की चिंताओं को दूर किया जा सकता है। प्रदर्शनकारी लगातार अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं और उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। नेताओं ने उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए सकारात्मक समाधान निकलेगा। Government Talks के बाद आगे क्या? बैठक खत्म होने के बाद अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर है। हालांकि, अभी तक किसी अंतिम फैसले या आधिकारिक घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है। सरकार की प्रतिक्रिया के बाद ही आगे की स्थिति साफ हो पाएगी। दोनों पक्षों के बीच हुई यह बातचीत मामले को सुलझाने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे सरकार के जवाब का इंतजार करेंगे और इसके बाद अपनी आगे की रणनीति तय करेंगे। Protesters की नजर अब सरकार के फैसले पर CJP नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने बातचीत के रास्ते से समाधान निकालने पर जोर दिया है। वहीं, सरकार की ओर से भी सभी पहलुओं पर विचार करने की बात कही गई है। अब आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या कदम उठाती है और क्या बातचीत के जरिए इस पूरे मामले का समाधान निकल पाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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DMRC

Metro Service नई दिल्ली Metro Station अस्थायी रूप से बंद, सफर से पहले जान लें DMRC का अपडेट

राजधानी दिल्ली में मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सुरक्षा कारणों के चलते नई दिल्ली Metro Station को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने जानकारी दी है कि स्टेशन पर फिलहाल Entry, Exit और Interchange की सुविधा उपलब्ध नहीं रहेगी। नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन दिल्ली के सबसे महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशनों में से एक है। यहां रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं और यह स्टेशन Yellow Line और Airport Express Line को जोड़ने वाला प्रमुख इंटरचेंज पॉइंट है। स्टेशन बंद होने से रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और सेंट्रल दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। DMRC ने क्यों बंद किया New Delhi Metro Station? DMRC ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। राजधानी में बढ़ी सुरक्षा गतिविधियों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी को देखते हुए कुछ मेट्रो स्टेशनों पर अस्थायी पाबंदियां लगाई गई हैं। मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे सफर शुरू करने से पहले अपने रूट की जानकारी जरूर ले लें। DMRC समय-समय पर स्थिति की समीक्षा कर रहा है और हालात सामान्य होने पर सेवाओं में बदलाव किया जा सकता है। Interchange सुविधा बंद होने से यात्रियों को दिक्कत नई दिल्ली Metro Station बंद होने का सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा, जो यहां से लाइन बदलकर आगे का सफर करते हैं। खासकर: इन यात्रियों को अब वैकल्पिक रूट का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। यात्रियों के लिए DMRC की सलाह DMRC ने यात्रियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। मेट्रो सेवाओं से जुड़ी किसी भी अपडेट के लिए DMRC के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर नजर बनाए रखें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके। Delhi Metro Latest Update: यात्रियों को रखना होगा ध्यान नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन दिल्ली के सबसे व्यस्त ट्रांजिट पॉइंट्स में शामिल है। ऐसे में स्टेशन बंद होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। हालांकि DMRC स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आगे का फैसला लिया जाएगा।
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Monsoon Session

Parliament Monsoon Session: पेपर लीक मुद्दे पर संसद में हंगामा, Rajya Sabha में Vande Mataram Bill पेश

संसद (Parliament) के मानसून सत्र (Monsoon Session) में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सियासी गर्मी बढ़ गई है। गुरुवार को भी संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर विषय पर चर्चा की मांग की। विपक्षी सांसदों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों से लाखों युवाओं की मेहनत प्रभावित होती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। Paper Leak Issue पर संसद में विपक्ष का प्रदर्शन पेपर लीक का मुद्दा संसद में एक बार फिर प्रमुखता से उठा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से छात्रों का भरोसा कमजोर हो रहा है। सांसदों ने मांग की कि सरकार इस विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा करे और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाए। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार प्रभावित हुई। हालांकि सरकार की ओर से भी विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया गया और परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की बात कही गई। Rajya Sabha में Vande Mataram Bill पेश पेपर लीक विवाद के बीच राज्यसभा में Vande Mataram Bill पेश किया गया। इस बिल को लेकर संसद में नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय गीत के सम्मान और उससे जुड़े नियमों को मजबूत करने के उद्देश्य से लाया गया है। बिल पेश होने के बाद सत्ता पक्ष ने इसे राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि विपक्ष ने इसके प्रावधानों पर चर्चा की जरूरत बताई। संसद में आगे भी जारी रह सकता है टकराव मानसून सत्र में पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, युवाओं से जुड़े मुद्दे और नए विधेयकों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस तेज होती नजर आ रही है। आने वाले दिनों में भी संसद की कार्यवाही हंगामेदार रहने के संकेत हैं। देशभर के छात्रों और अभ्यर्थियों की नजर अब सरकार के अगले कदमों पर है। परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाना इस समय सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

NEET Exam Controversy: डॉ. मनोज शिरूरे को नहीं मिली राहत, Court ने खारिज की जमानत अर्जी

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG Paper Leak Case में आरोपी डॉक्टर मनोज शिरूरे को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी Bail Plea (जमानत याचिका) को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद डॉ. मनोज शिरूरे को अभी न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा। Court ने क्यों नहीं दी जमानत? डॉ. मनोज शिरूरे की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान CBI (Central Bureau of Investigation) ने इसका विरोध किया। जांच एजेंसी ने कोर्ट में कहा कि NEET पेपर लीक मामला केवल एक परीक्षा में गड़बड़ी का नहीं है, बल्कि यह लाखों छात्रों के भविष्य और देश की परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। CBI का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल बाकी है। एजेंसी ने कोर्ट से कहा कि आरोपी को राहत मिलने से जांच प्रभावित हो सकती है। NEET Paper Leak Case में आरोपी डॉक्टर पर गंभीर आरोप जांच एजेंसी के अनुसार, डॉ. मनोज शिरूरे पर कथित तौर पर पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप हैं। CBI इस मामले में आरोपियों के बीच संपर्क, संदिग्ध लेन-देन और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। एजेंसी का दावा है कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक होना बेहद गंभीर अपराध है, क्योंकि इससे लाखों मेहनती छात्रों के सपनों पर असर पड़ता है। CBI कर रही बड़े नेटवर्क की जांच NEET Paper Leak Case की जांच में CBI कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी का फोकस इस बात का पता लगाना है कि पेपर लीक की पूरी साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे और इसका नेटवर्क कितना बड़ा था। CBI डिजिटल सबूत, बातचीत के रिकॉर्ड और पैसों के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। एजेंसी का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर मामले में और खुलासे हो सकते हैं। छात्रों के भविष्य से जुड़ा है मामला NEET UG परीक्षा हर साल लाखों छात्रों के लिए मेडिकल करियर का रास्ता तय करती है। ऐसे में पेपर लीक जैसे मामले छात्रों के भरोसे और परीक्षा की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। कई छात्रों और अभिभावकों की मांग रही है कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। अब आगे क्या होगा? कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद डॉ. मनोज शिरूरे को फिलहाल राहत नहीं मिली है। वहीं CBI अपनी जांच जारी रखेगी। आने वाले दिनों में जांच एजेंसी की कार्रवाई और कोर्ट की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें रहेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jamshedpur

Jamshedpur डिमना डैम में डूबे दो Junior Doctors, Rescue Operation के बाद बरामद हुए शव

झारखंड के जमशेदपुर (Jamshedpur) से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। शहर के डिमना डैम में हुए हादसे में एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टरों की मौत हो गई। दोनों डॉक्टर अपने साथियों के साथ डैम घूमने गए थे, लेकिन अचानक हुए हादसे ने एक पल में खुशियों को मातम में बदल दिया। करीब छह घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों के शव बरामद किए गए। इस घटना की जानकारी मिलते ही एमजीएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में शोक का माहौल छा गया। साथी डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ और परिजन इस हादसे से गहरे सदमे में हैं। मोबाइल निकालने के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के कुछ जूनियर डॉक्टर डिमना डैम क्षेत्र में घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान एक डॉक्टर का मोबाइल पानी में गिर गया। मोबाइल निकालने की कोशिश के दौरान दोनों डॉक्टर गहरे पानी में चले गए और डूब गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और बचाव दल को दी। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाश अभियान शुरू किया। 6 घंटे तक चला Search Operation हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, सिविल डिफेंस टीम और स्थानीय गोताखोरों ने डिमना डैम में खोज अभियान शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद दोनों डॉक्टरों के शव पानी से बाहर निकाले गए। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे। हादसे के बाद पूरे इलाके में गम का माहौल देखने को मिला। MGM Medical College में पसरा मातम दोनों जूनियर डॉक्टर एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े हुए थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही कॉलेज और अस्पताल परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। साथी डॉक्टरों ने इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की और मृतकों के परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति जताई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। बारिश के मौसम में जलाशयों से सावधानी की जरूरत डिमना डैम हादसा एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने का संदेश देता है। बारिश के मौसम में तालाब, डैम और नदियों में पानी का स्तर बढ़ जाता है और कई बार गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। प्रशासन लगातार लोगों से अपील करता रहा है कि जलाशयों में बिना सुरक्षा इंतजाम के उतरने से बचें और किसी भी तरह का जोखिम न लें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Commonwealth Games 2026

Team India at Commonwealth Games 2026: तिरंगे के साथ Mirabai Chanu और Lovlina Borgohain की दमदार एंट्री

कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) 2026 का आगाज शानदार उद्घाटन समारोह के साथ हुआ। रोशनी, संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और हजारों दर्शकों की मौजूदगी में हुए इस आयोजन ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। भारत के लिए सबसे खास पल वह रहा, जब ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) ने हाथों में तिरंगा लेकर भारतीय दल की अगुआई की। दोनों खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और गर्व पूरे देश के लिए यादगार क्षण बन गया। Mirabai Chanu और Lovlina Borgohain बनीं भारत की Flag Bearer भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने इस बार महिला खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन को ध्वजवाहक चुना। जैसे ही भारतीय दल स्टेडियम में पहुंचा, वहां मौजूद दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से खिलाड़ियों का स्वागत किया। तिरंगे के साथ दोनों खिलाड़ियों की तस्वीरें कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। यह सम्मान इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि दोनों खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को कई बड़े मंचों पर गौरवान्वित कर चुकी हैं। King Charles ने किया Commonwealth Games 2026 का उद्घाटन उद्घाटन समारोह में King Charles ने आधिकारिक रूप से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की शुरुआत की घोषणा की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे विभिन्न देशों और संस्कृतियों को जोड़ने का सबसे मजबूत जरिया भी हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए खेल भावना को सर्वोपरि रखने की अपील की। Opening Ceremony में दिखी संस्कृति और तकनीक की शानदार झलक ओपनिंग सेरेमनी में मेजबान देश ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ पेश किया। पारंपरिक नृत्य, लाइव म्यूजिक, लेजर शो, ड्रोन डिस्प्ले और आतिशबाजी ने समारोह को यादगार बना दिया। दुनिया के अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों ने परेड ऑफ नेशंस में हिस्सा लिया और अपने-अपने राष्ट्रीय ध्वज के साथ स्टेडियम में प्रवेश किया। भारत को इन खेलों में पदकों की बड़ी उम्मीद कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का दल कई खेलों में मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग, बैडमिंटन, शूटिंग, कुश्ती, टेबल टेनिस और एथलेटिक्स जैसी स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवा प्रतिभाएं भी इस बार भारत की पदक तालिका को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। देशवासियों की उम्मीदों के साथ शुरू हुआ सफर उद्घाटन समारोह के साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की आधिकारिक शुरुआत हो चुकी है। भारतीय खिलाड़ियों के सामने अब देश की उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती होगी। मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन द्वारा तिरंगा लेकर स्टेडियम में प्रवेश करना पूरे देश के लिए गर्व का क्षण रहा। अब खेल प्रेमियों की नजरें आने वाले मुकाबलों पर हैं, जहां भारत अधिक से अधिक पदक जीतकर अपना दम दिखाने की कोशिश करेगा. हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tariff

US Trade Policy: भारत के Export पर असर? अमेरिका ने लगाया 10% Extra Tariff, 60 देश भी निशाने पर

अमेरिका ने वैश्विक व्यापार को प्रभावित करने वाला बड़ा फैसला लेते हुए भारत समेत 60 देशों से आने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। भारत पर 10% Extra Tariff लगाया गया है, जबकि कुछ अन्य देशों पर यह शुल्क 12.5% तक रखा गया है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम उन उत्पादों की सप्लाई चेन में Forced Labour (जबरन मजदूरी) से जुड़े जोखिमों को देखते हुए उठाया गया है। इस फैसले के बाद भारतीय निर्यातकों और कारोबारियों की नजर अब भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर टिक गई है। क्या है अमेरिका का नया टैरिफ फैसला? अमेरिका ने ट्रेड एक्ट की Section 301 के तहत यह कार्रवाई की है। व्हाइट हाउस का कहना है कि कई देशों में जबरन मजदूरी से बने सामान को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं। ऐसे में इन देशों से आयात होने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत भारत, ब्रिटेन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, कनाडा, मैक्सिको, यूरोपीय संघ समेत कुल 60 देशों को इस दायरे में रखा गया है। भारत पर सिर्फ 10% Extra Tariff क्यों? अमेरिकी प्रशासन के अनुसार जिन देशों ने Forced Labour को रोकने के लिए कुछ ठोस नीतियां लागू की हैं, उन्हें अपेक्षाकृत कम टैरिफ श्रेणी में रखा गया है। भारत पर 10% अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है, जबकि जिन देशों के प्रयास कमजोर माने गए हैं, उनके लिए यह दर 12.5% तक तय की गई है। हालांकि अमेरिका ने यह भी संकेत दिया है कि यदि संबंधित देश अपनी नीतियों में सुधार करते हैं तो भविष्य में इन टैरिफ की समीक्षा की जा सकती है। किन उत्पादों पर नहीं लगेगा असर? नई टैरिफ नीति में कुछ आवश्यक वस्तुओं को राहत दी गई है। इनमें कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, उर्वरक, कुछ खाद्य उत्पाद और अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा (USMCA) समझौते के तहत आने वाले सामान शामिल हैं। इसके अलावा अधिकांश आयातित वस्तुओं पर नया शुल्क लागू होगा। भारतीय कारोबार पर क्या होगा असर? विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात पर पड़ सकता है। टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग गुड्स, मैन्युफैक्चरिंग और कुछ अन्य निर्यात आधारित उद्योगों की लागत बढ़ सकती है। यदि अतिरिक्त शुल्क लंबे समय तक जारी रहता है, तो भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है। हालांकि कई जानकारों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं के दौरान इस मुद्दे पर समाधान निकालने की कोशिश की जा सकती है। कई देशों ने जताई नाराजगी अमेरिका के इस फैसले पर कई देशों ने आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि एकतरफा टैरिफ वैश्विक व्यापार व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। दूसरी ओर अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि यह कदम केवल मानवाधिकारों की रक्षा और वैश्विक सप्लाई चेन को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। भारत के लिए आगे की राह भारत के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती अपने निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाए रखना और अमेरिका के साथ व्यापारिक संवाद को मजबूत करना होगी। यदि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ती है, तो भविष्य में इस अतिरिक्त टैरिफ पर राहत मिलने की संभावना भी बन सकती है। फिलहाल इतना तय है कि अमेरिका का यह फैसला सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार जगत के लिए भी एक बड़ा संकेत है। आने वाले दिनों में इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार, निर्यात और व्यापारिक संबंधों पर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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