भारत और यूरोपीय संघ (EU) के रिश्तों में आज का दिन खास बन गया। राजधानी दिल्ली में 16वां India-EU Summit आयोजित हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और EU के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने माहौल को बेहद महत्वपूर्ण बना दिया है। एक तरफ राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि, तो दूसरी ओर ट्रेड डील और रणनीतिक साझेदारी पर बड़ी बातचीत — आज का हर पल सुर्खियों में है। राजघाट दौरा: सुरक्षा के चलते ट्रैफिक पर असर सुबह EU नेताओं के राजघाट पहुंचने से पहले ही दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई इलाकों में ट्रैफिक कर्फ्यू और डायवर्जन लागू कर दिए थे।बहादुर शाह ज़फर मार्ग, ITO चौक, दिल्ली गेट, शांतिवन चौक, IP फ्लाईओवर और असफ अली रोड जैसे रास्तों पर कुछ घंटों तक गाड़ियों की आवाजाही सीमित रही। राजघाट में EU प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। यह पल सिर्फ औपचारिक नहीं था, बल्कि भारत-EU संबंधों में सम्मान और साझेदारी का प्रतीक भी माना गया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही यात्रियों से अपील की थी कि वे सुबह के समय इन मार्गों से बचें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। कई लोगों को दफ्तर और स्कूल पहुंचने में थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन ज्यादातर लोगों ने इसे एक अहम अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए जरूरी कदम बताया। Summit की बड़ी तस्वीर: रिश्तों में नया अध्याय राजघाट कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयेन से मुलाकात की। बातचीत में व्यापार, निवेश, क्लाइमेट चेंज, टेक्नोलॉजी, डिफेंस और ग्लोबल सिक्योरिटी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। उर्सुला वॉन डर लेयेन ने कहा कि“एक मजबूत और सफल भारत पूरी दुनिया के लिए स्थिरता और समृद्धि लेकर आता है।”उनके इस बयान को दोनों पक्षों के बीच बढ़ते भरोसे का संकेत माना जा रहा है। Free Trade Agreement: दो दशकों बाद बड़ी उम्मीद इस शिखर सम्मेलन का सबसे बड़ा फोकस रहा India-EU Free Trade Agreement (FTA)। करीब 20 साल से अटका यह समझौता अब अंतिम दौर में पहुंचता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अगर यह डील अगले कुछ महीनों में औपचारिक रूप से साइन हो जाती है, तो इससे भारत के मैन्युफैक्चरिंग, IT, फार्मा और टेक्सटाइल सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है। EU पहले से ही भारत का एक प्रमुख ट्रेड पार्टनर है, और यह समझौता रिश्तों को नई ऊंचाई दे सकता है। Republic Day से Summit तक: मजबूत होता भरोसा गौर करने वाली बात यह भी है कि EU नेताओं ने 26 जनवरी को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लिया था। परेड देखने के बाद ही यह साफ हो गया था कि इस बार का India-EU Summit सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य की बड़ी साझेदारी की नींव रखने वाला है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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