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Yogi Adityanath

Yogi Adityanath Rally: गोरखपुर में गरजे सीएम योगी, बोले- आस्था और युवाओं से खिलवाड़ करने वालों के उपदेश बेअसर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गोरखपुर में आयोजित जनसभा के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग लंबे समय तक देश की आस्था, युवाओं और किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करते रहे, आज वही लोग सलाह और उपदेश दे रहे हैं, जो बेहद हास्यास्पद लगता है। सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने हमेशा जनता की भावनाओं, संस्कृति और विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और युवाओं, किसानों सहित हर वर्ग के लिए लगातार काम किया जा रहा है। आस्था के सम्मान और विकास को लेकर CM Yogi का बड़ा बयान गोरखपुर की सभा में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और लोगों की आस्था का सम्मान किया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने पहले इन मुद्दों को नजरअंदाज किया, उन्हें अब जनता के हितों की बात करना शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में विकास, सुशासन और सुरक्षा को लेकर सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को नए अवसरों और बेहतर सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाना है। Youth और Farmers को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं मुख्यमंत्री योगी ने युवाओं और किसानों के मुद्दे पर भी अपनी सरकार के काम गिनाए। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। वहीं किसानों के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि खेती और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। Opposition पर CM Yogi का सीधा वार सीएम योगी ने कहा कि जनता अब सिर्फ नारों और वादों की राजनीति नहीं, बल्कि काम और परिणाम को देखती है। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि जिन लोगों का अतीत जनता के सामने है, उनके द्वारा दिए गए उपदेशों को लोग गंभीरता से नहीं लेते। Gorakhpur में दिखा राजनीतिक असर गोरखपुर में हुई इस सभा को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के जरिए सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाने के साथ विपक्ष को भी घेरने की कोशिश की। सभा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। सीएम योगी का यह भाषण आस्था, विकास और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NDA

Lok Sabha Rajya Sabha Update: हंगामे के बाद दोनों सदन 2 बजे तक स्थगित, NDA-INDIA में टकराव

संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को एक बार फिर सियासी गर्मी देखने को मिली। Parliament Protest के दौरान NDA और INDIA Block के सांसद संसद भवन परिसर में आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के नेताओं ने जमकर नारेबाजी की। इसी बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा नारे लगाते NDA सांसदों के करीब पहुंच गईं, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। परिसर का यह घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। इस पूरे मामले के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। संसद के बाहर दिखा सियासी शक्ति प्रदर्शन मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है। गुरुवार को संसद भवन के बाहर दोनों गठबंधनों के सांसद अपने-अपने मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। एक तरफ INDIA Block के सांसद सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, वहीं NDA सांसदों ने भी विपक्ष के आरोपों के जवाब में प्रदर्शन किया। देखते ही देखते दोनों गुट आमने-सामने आ गए और संसद परिसर में माहौल काफी गरमा गया। Priyanka Gandhi का वीडियो हुआ वायरल प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा विपक्षी सांसदों के साथ मौजूद थीं। वीडियो में नजर आया कि वह नारे लगा रहे NDA सांसदों की ओर बढ़ीं। स्थिति को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया और दोनों पक्षों के बीच दूरी बनाए रखने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे विपक्ष की आवाज उठाने की कोशिश बताया, जबकि NDA नेताओं ने इसे विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बताया। हंगामे के चलते Parliament Proceedings प्रभावित संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन का असर सदन की कार्यवाही पर भी पड़ा। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जोरदार हंगामा हुआ, जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। सांसदों के हंगामे के कारण कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी। अब सभी की नजरें आगे की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं। NDA vs INDIA Block के बीच जारी है राजनीतिक टकराव संसद के इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि विपक्ष चर्चा के बजाय हंगामा कर रहा है। गुरुवार का घटनाक्रम एक बार फिर दिखाता है कि संसद के अंदर और बाहर दोनों ही जगह राजनीतिक मुकाबला तेज हो चुका है। आने वाले दिनों में भी NDA और INDIA Block के बीच बहस और विरोध प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sonam Wangchuk

Sonam Wangchuk मेदांता में भर्ती बोले- सरकार भरोसा दे तो आज ही खत्म करूंगा अनशन

लद्दाख के अधिकारों और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी तबीयत को देखते हुए अस्पताल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। करीब 600 जवानों की तैनाती के बीच वांगचुक का इलाज चल रहा है। इस बीच Sonam Wangchuk ने सरकार के सामने बातचीत का रास्ता खुला रखा है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सरकार की ओर से भरोसा मिलता है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा, तो वह अपना अनशन आज ही खत्म करने के लिए तैयार हैं। मेदांता अस्पताल में बढ़ाई गई सुरक्षा, 600 जवान तैनात सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल लाया गया। सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके। वहीं डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। Sonam Wangchuk बोले- समाधान चाहिए, टकराव नहीं अनशन के दौरान सोनम वांगचुक ने साफ किया कि उनका उद्देश्य सरकार के साथ टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन देती है तो वह अपना आंदोलन समाप्त करने पर विचार कर सकते हैं। वांगचुक का कहना है कि लद्दाख के लोगों की पहचान, जमीन, रोजगार और पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर उनकी चिंताएं हैं और इन मुद्दों पर गंभीर चर्चा जरूरी है। JP Nadda का बयान- आपकी चिट्ठी मिली, सरकार कर रही चर्चा इस पूरे मामले में केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की ओर से भेजी गई चिट्ठी सरकार को मिल गई है और इस विषय पर चर्चा की जा रही है। नड्डा के बयान के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र सरकार और सोनम वांगचुक के बीच बातचीत का रास्ता आगे बढ़ सकता है। लद्दाख को लेकर क्या मांग कर रहे हैं सोनम वांगचुक? सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख के भविष्य और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं: अब बातचीत पर टिकी नजरें सोनम वांगचुक के बयान और जेपी नड्डा के जवाब के बाद अब सभी की नजर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संभावित बातचीत पर है। अगर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है तो लंबे समय से चल रहा यह मुद्दा समाधान की दिशा में बढ़ सकता है। फिलहाल सोनम वांगचुक मेदांता अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं और आगे की रणनीति सरकार की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Raja Raghuvanshi

Raja Raghuvanshi Case Update: सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द, Supreme Court ने दिया सरेंडर का आदेश

चर्चित राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) मर्डर केस में गुरुवार को बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत रद्द कर दी है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सोनम को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करना होगा। यदि वह तय समय में आत्मसमर्पण नहीं करती हैं, तो उनकी जमानत स्वतः समाप्त मानी जाएगी। इस फैसले ने एक बार फिर पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है। Raja Raghuvanshi Murder Case क्या है? इंदौर निवासी व्यवसायी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी मई 2025 में हनीमून के लिए मेघालय गए थे। यात्रा के दौरान दोनों अचानक लापता हो गए। कुछ दिनों बाद राजा का शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ, जबकि सोनम बाद में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली थीं। जांच के दौरान मेघालय पुलिस ने दावा किया कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या थी। पुलिस ने सोनम समेत कई लोगों को आरोपी बनाया और मामले में चार्जशीट भी दाखिल की। इसके बाद यह केस देशभर में चर्चा का विषय बन गया। Sonam Raghuvanshi को कैसे मिली थी जमानत? इस साल ट्रायल कोर्ट ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया में तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी थी। अदालत का कहना था कि गिरफ्तारी के दौरान जरूरी कानूनी औपचारिकताओं का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। बाद में मेघालय हाईकोर्ट ने भी उस आदेश को बरकरार रखा। हालांकि, मेघालय सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और कहा कि इतने गंभीर अपराध में केवल प्रक्रियात्मक त्रुटि के आधार पर जमानत देना न्यायहित में नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि मामला बेहद गंभीर प्रकृति का है और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रखना उचित नहीं होगा। अदालत ने ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों को रद्द करते हुए सोनम रघुवंशी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि ट्रायल के दौरान प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज हो जाते हैं, तो सोनम भविष्य में नियमित जमानत के लिए दोबारा आवेदन कर सकती हैं। यानी अदालत ने फिलहाल जमानत खत्म की है, लेकिन कानूनी अधिकार पूरी तरह समाप्त नहीं किए हैं। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोनम रघुवंशी को निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित अदालत के सामने आत्मसमर्पण करना होगा। इसके बाद उन्हें फिर से न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है और ट्रायल की कार्यवाही आगे बढ़ेगी। उधर, जांच एजेंसियां भी इस बहुचर्चित मामले में सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी कर रही हैं। देशभर की नजर इस केस पर राजा रघुवंशी हत्याकांड पिछले एक साल से देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। हर सुनवाई के साथ इस केस पर लोगों की नजर बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोनम रघुवंशी कब सरेंडर करेंगी और ट्रायल कोर्ट में आगे की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ेगी। इस मामले का अंतिम फैसला अदालत में पेश होने वाले सबूतों, गवाहों और कानूनी दलीलों के आधार पर ही तय होगा। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने साफ कर दिया है कि सोनम रघुवंशी को एक बार फिर जेल जाना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Rain Alert: Surat में बारिश से हालात बिगड़े, Ahmedabad-Mumbai Route पर ट्रेनें रद्द

देशभर में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ चुका है। गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा असर गुजरात के सूरत (Surat) में देखने को मिला, जहां महज 4 घंटे में करीब 4 इंच बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के चलते शहर की कई सड़कें पानी में डूब गईं, निचले इलाकों में जलभराव हो गया और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। इस बीच, भारी बारिश का असर Ahmedabad-Mumbai Rail Route पर भी पड़ा। रेलवे ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 7 ट्रेनों को रद्द कर दिया, जबकि कुछ अन्य ट्रेनों के समय और रूट में बदलाव किया गया है। वहीं, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत 7 राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। Surat Rain: 4 घंटे की बारिश ने थाम दी शहर की रफ्तार सूरत में सुबह से शुरू हुई तेज बारिश ने कुछ ही घंटों में पूरे शहर का हाल बदल दिया। कई प्रमुख सड़कें पानी से भर गईं, जिससे ट्रैफिक की लंबी कतारें लग गईं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर निगम और प्रशासन की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने और स्थिति सामान्य करने में जुटी हैं। मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण गुजरात के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटे तक भारी बारिश जारी रह सकती है। Ahmedabad-Mumbai Rail Route पर असर, 7 ट्रेनें रद्द लगातार बारिश और रेलवे ट्रैक पर पानी भरने की वजह से अहमदाबाद-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। रेलवे ने एहतियात के तौर पर 7 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि कई ट्रेनों को डायवर्ट या शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके। IMD Heavy Rain Alert: इन 7 राज्यों में बरसेंगे बादल भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। जिन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं— इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील लगातार बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें, अनावश्यक यात्रा न करें और मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखें। अगर किसी क्षेत्र में तेज बारिश या जलभराव की स्थिति बनती है तो तुरंत स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। अभी और तेज हो सकता है मानसून मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण पश्चिम और मध्य भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इससे कई शहरों में जलभराव, सड़क यातायात और रेल सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए फिलहाल मुश्किलें बढ़ाती नजर आ रही है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना और सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Abhijeet Deepke ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगाए पत्थरबाजी के आरोप

Abhijeet Deepke ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगाए पत्थरबाजी के आरोप

Abhijeet Deepke ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उन्होंने दावा किया कि हिंसा के दौरान भाजपा के लोग ही पत्थरबाजी कर रहे थे और पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। अभिजीत दीपके ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। मेट्रो स्टेशन बंद होने का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट इधर, हिंसा के बाद सुरक्षा कारणों से कुछ मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। इस मुद्दे पर सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो सर्वोच्च न्यायालय इस मामले में हस्तक्षेप करेगा। सीजेआई की इस टिप्पणी के बाद माना जा रहा है कि अदालत पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर उचित आदेश जारी कर सकती है। लोगों की परेशानी बढ़ी मेट्रो स्टेशन बंद होने से रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द हालात सामान्य कर सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को पूरी तरह बहाल करना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके। जांच और कार्रवाई पर सबकी नजर फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच लोगों की उम्मीद है कि जल्द ही सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Parliament के बाहर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने, राहुल गांधी और अखिलेश यादव भी प्रदर्शन में शामिल

Parliament के बाहर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने, राहुल गांधी और अखिलेश यादव भी प्रदर्शन में शामिल

Parliament के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को संसद परिसर के बाहर सत्ता पक्ष (NDA) और विपक्ष (INDIA गठबंधन) के सांसद आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी-अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी विपक्ष के प्रदर्शन में शामिल हुए। संसद के बाहर कुछ देर तक माहौल काफी गर्म रहा। दोनों पक्ष अपने-अपने मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष पर निशाना साधते रहे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध दर्ज कराया। संसद के अंदर भी नहीं चल सकी कार्यवाही बाहर के हंगामे का असर संसद के भीतर भी देखने को मिला। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने अपने मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध किया। लगातार शोर-शराबे और हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। स्थिति को देखते हुए लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। मुद्दों को लेकर जारी है राजनीतिक टकराव मानसून सत्र के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्ष सरकार से कई मुद्दों पर जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार अपने पक्ष को मजबूती से रख रही है। ऐसे में संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। आने वाले दिनों में भी संसद के मानसून सत्र के दौरान हंगामे और तीखी बहस देखने को मिल सकती है, क्योंकि कई अहम मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET Paper Leak

NEET Paper Leak Issue: चर्चा चाहती है सरकार, लेकिन Dharmendra Pradhan के इस्तीफे पर अड़ा Opposition

NEET Paper Leak को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। संसद के मानसून सत्र में यह मुद्दा लगातार छाया हुआ है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वह NEET पेपर लीक मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। इसी टकराव के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। सरकार ने कहा- चर्चा से पीछे नहीं हटेंगे सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि NEET पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा से सरकार पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस विषय पर संसद में बहस होने दी जाए, ताकि सभी पक्ष अपनी बात रख सकें और समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सके। विपक्ष की मांग- पहले शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा हालांकि विपक्ष का रुख इससे अलग है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों का कहना है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की है। विपक्ष का आरोप है कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक केवल चर्चा से छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा। संसद में विरोध प्रदर्शन से बार-बार रुकी कार्यवाही इसी मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। कई सांसद काले कपड़े पहनकर पहुंचे और छात्रों के समर्थन में नारे लगाए। सदन के भीतर भी लगातार विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। हंगामे की वजह से कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी प्रभावित हुए। PM मोदी ने युवाओं को दिया भरोसा इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में युवाओं को भरोसा दिलाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सुधार किए जाएंगे तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का दावा है कि छात्रों के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता दूसरी ओर, देश के कई हिस्सों में छात्र संगठन और सामाजिक संस्थाएं भी प्रदर्शन कर रही हैं। उनकी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए। इस मुद्दे ने छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों की चिंता भी बढ़ा दी है। अब आगे क्या? फिलहाल संसद में गतिरोध खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। सरकार चर्चा के जरिए समाधान निकालने की बात कर रही है, जबकि विपक्ष अपनी मांगों पर कायम है। ऐसे में NEET Paper Leak का मामला केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह संसद के मानसून सत्र का सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति कब बनती है और छात्रों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर संसद में सार्थक चर्चा कब शुरू होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJP

Cockroach Party vs BJP: प्रदर्शन के दौरान बवाल, धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग पर अड़ा CJP

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से नहीं हटते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच प्रदर्शन के दौरान कथित पत्थरबाजी की घटना ने पूरे मामले को और गरमा दिया है। पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने प्रदर्शन में पहुंचकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग पर अड़ा CJP CJP का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और हाल के विवादों को लेकर युवाओं में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। पार्टी का दावा है कि उनका आंदोलन छात्रों के हितों और जवाबदेही की मांग को लेकर है। इसी वजह से उन्होंने ऐलान किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से नहीं हटते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव प्रदर्शन के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब कथित तौर पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई। CJP नेता अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ समर्थक प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बाधित करने की कोशिश की। उनके अनुसार, इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर पत्थर फेंके गए, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भाजपा की ओर से भी इस मामले पर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने संभाला मोर्चा घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गया। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और यदि किसी भी पक्ष की भूमिका सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज इस विवाद के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। CJP लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साध रही है, जबकि प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पत्थरबाजी को लेकर भी सियासी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक चर्चा का विषय बना रह सकता है। फिलहाल क्या है स्थिति? फिलहाल CJP ने अपना विरोध जारी रखने का फैसला दोहराया है और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम है। वहीं प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और सरकार या भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया दी जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi on Paper Leak: युवाओं को दिया भरोसा, Fast Track Courts का ऐलान; राहुल गांधी का पलटवार

देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच PM Modi ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब और सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए Fast Track Courts का गठन किया जाएगा, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। ऐसे में पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है। PM मोदी बोले- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी भी छात्र की मेहनत और सपनों के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी और ऐसे मामलों के जल्द निपटारे के लिए Fast Track Courts स्थापित किए जाएंगे। इससे जांच और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार तकनीक के बेहतर उपयोग, कड़ी निगरानी और सख्त कानूनों के जरिए भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रही है। उनका कहना था कि दोषियों को किसी भी हाल में बचने नहीं दिया जाएगा। राहुल गांधी ने सरकार से पूछे सवाल प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि केवल घोषणाएं करने से समस्या खत्म नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को भरोसा तभी मिलेगा, जब दोषियों पर समयबद्ध कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाएगी। छात्रों की उम्मीदें बढ़ीं पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित छात्र लंबे समय से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। ऐसे में Fast Track Courts की घोषणा को कई छात्र सकारात्मक कदम मान रहे हैं। हालांकि, उनका कहना है कि इस फैसले का वास्तविक असर तभी दिखेगा, जब दोषियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई होगी और भविष्य में परीक्षाएं निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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