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Sharad Pawar

Delhi Politics Update: PM मोदी से मिले Sharad Pawar, CJP Chief से मुलाकात के बाद बढ़ी अटकलें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) के अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) की मुलाकात ने एक बार फिर देश की राजनीति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस बैठक में शरद पवार के साथ उनकी बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले भी मौजूद रहीं। खास बात यह है कि इससे एक दिन पहले शरद पवार ने CJP प्रमुख दीपके से भी मुलाकात की थी, जिसके बाद इन बैठकों को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। प्रधानमंत्री से हुई अहम मुलाकात बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरद पवार के बीच मुलाकात हुई। बैठक में सुप्रिया सुले की मौजूदगी ने भी लोगों का ध्यान खींचा। हालांकि, मुलाकात के बाद किसी भी पक्ष ने बातचीत के एजेंडे या किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि देश और महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। CJP प्रमुख से मुलाकात के बाद बढ़ी अटकलें प्रधानमंत्री से मिलने से ठीक एक दिन पहले शरद पवार ने CJP प्रमुख दीपके से भी मुलाकात की थी। लगातार दो दिनों में हुई इन बैठकों ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि, इन मुलाकातों के बीच किसी तरह का सीधा संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जरूर है कि आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति और महाराष्ट्र के समीकरणों पर इन मुलाकातों का असर दिखाई दे सकता है। आधिकारिक बयान का इंतजार अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और एनसीपी (एसपी) की ओर से बैठक के विषय में कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बातचीत में कौन-कौन से मुद्दे शामिल रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि संसद के मौजूदा सत्र, महाराष्ट्र की राजनीति, केंद्र और राज्यों से जुड़े विषयों सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, आधिकारिक जानकारी आने तक इसे केवल संभावनाओं के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। सुप्रिया सुले की मौजूदगी भी रही चर्चा में बैठक में सुप्रिया सुले की मौजूदगी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वह पिछले कुछ समय से पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की राजनीति में भी लगातार भागीदारी निभा रही हैं। क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है यह बैठक? शरद पवार भारतीय राजनीति के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब संसद का सत्र जारी है और देश की राजनीति कई महत्वपूर्ण मुद्दों के इर्द-गिर्द घूम रही है। ऐसे में इस बैठक को लेकर स्वाभाविक रूप से राजनीतिक दिलचस्पी बढ़ गई है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि क्या आने वाले दिनों में इस मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने आती है। तब तक इस बैठक के राजनीतिक मायनों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJP

CJP Protest in Delhi: सुरक्षा के बीच 16 Metro Station बंद, बंगाल से पहुंचे 2 हजार CRPF जवान

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में CJP (Committee for Justice and Peace) के प्रदर्शन ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। एहतियात के तौर पर 16 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है, जबकि पश्चिम बंगाल से करीब 2,000 CRPF जवानों को दिल्ली बुलाया गया है। इस बीच आंदोलन से जुड़े पक्षों की ओर से बातचीत की संभावना भी जताई गई है, जिससे हालात सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है। राजधानी में हाई अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शन को लेकर पूरी तरह अलर्ट पर हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और सरकारी भवनों, संसद क्षेत्र तथा प्रमुख संस्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और क्विक रिस्पॉन्स टीमों की भी मदद ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है। 16 Metro Station बंद, यात्रियों को पहले से यात्रा की सलाह प्रदर्शन के असर को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। कुछ स्टेशनों पर ट्रेनें गुजर रही हैं, लेकिन वहां यात्रियों के चढ़ने और उतरने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा, राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। ऐसे में रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को घर से निकलने से पहले ट्रैफिक और मेट्रो की ताजा जानकारी देखने की सलाह दी गई है। बंगाल से पहुंचे 2 हजार CRPF जवान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल से लगभग 2,000 CRPF जवान दिल्ली भेजे गए हैं। इन जवानों को प्रदर्शन स्थलों, संवेदनशील क्षेत्रों और महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों के आसपास तैनात किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती है और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। प्रदर्शनकारियों की मांगों पर बना हुआ है गतिरोध प्रदर्शन में शामिल संगठनों का कहना है कि वे अपनी लंबित मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार से संवाद की कोशिश कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अब तक उनकी समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं हुआ, इसलिए उन्हें विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा। प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट और ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बातचीत के लिए तैयार होने के संकेत घटनाक्रम के बीच ‘कॉकरोच पार्टी’ की ओर से बयान आया है कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है। पार्टी का कहना है कि विवाद का समाधान केवल संवाद के जरिए ही संभव है। हालांकि सरकार की ओर से औपचारिक बातचीत कब शुरू होगी, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। प्रशासन की अपील दिल्ली पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि नागरिक केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और यात्रा के दौरान ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें। फिलहाल राजधानी में हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आने वाले समय में बातचीत आगे बढ़ती है या प्रदर्शन तेज होता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है. हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sikkim

Sikkim Tunnel Accident: लैंडस्लाइड के बाद 20 मजदूरों की मौत, Methane Gas से Rescue Operation प्रभावित

Sikkim में निर्माणाधीन टनल पर हुआ भीषण Landslide पूरे देश को झकझोर देने वाला साबित हुआ है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 20 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 5 मजदूर अब भी लापता हैं। कई दिनों से लगातार चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद खराब मौसम, भारी मलबा और टनल के भीतर फैली मीथेन गैस (Methane Gas) राहत कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। रेस्क्यू टीम के अधिकारियों का कहना है कि हर पल जोखिम बढ़ रहा है, लेकिन लापता मजदूरों तक पहुंचने के लिए अभियान बिना रुके जारी है। कैसे हुआ Sikkim Tunnel Landslide? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र में अचानक भूस्खलन हुआ। देखते ही देखते बड़ी मात्रा में मलबा निर्माणाधीन टनल के प्रवेश मार्ग पर आ गिरा। उस समय कई मजदूर टनल के अंदर काम कर रहे थे और बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, NDRF, SDRF और भारतीय सेना की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत अभियान शुरू किया गया। 20 शव मिले, 5 मजदूरों की तलाश अभी जारी रेस्क्यू टीम ने लगातार कई दिनों तक मलबा हटाने के बाद अब तक 20 मजदूरों के शव बाहर निकाले हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी भी 5 मजदूरों के टनल के भीतर फंसे होने की आशंका है। हालांकि समय बीतने के साथ उम्मीदें कमजोर पड़ रही हैं, लेकिन बचाव दल का कहना है कि जब तक अंतिम मजदूर का पता नहीं चल जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा। Methane Gas बनी सबसे बड़ी चुनौती रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टनल के अंदर मीथेन गैस की मौजूदगी ने हालात और गंभीर बना दिए। गैस का स्तर बढ़ने से कुछ बचावकर्मियों को सांस लेने में परेशानी हुई और कई कर्मी बेहोश हो गए। इसके बाद ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोककर टनल में गैस की जांच की गई। अब बचाव दल विशेष ऑक्सीजन उपकरण, गैस डिटेक्टर और सुरक्षा किट के साथ अंदर प्रवेश कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बंद टनलों में मीथेन गैस का जमा होना बेहद खतरनाक होता है, क्योंकि इससे ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है और विस्फोट का खतरा भी बना रहता है। युद्धस्तर पर चल रहा Rescue Operation घटनास्थल पर NDRF, SDRF, भारतीय सेना, पुलिस, प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम लगातार काम कर रही है। भारी मशीनों और आधुनिक ड्रिलिंग उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। लगातार बारिश और पहाड़ी इलाके की कठिन परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीम चौबीसों घंटे अभियान में जुटी हुई है। सरकार ने मांगी पूरी रिपोर्ट हादसे के बाद राज्य सरकार ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन यह पता लगाएगा कि निर्माण कार्य के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पूरे देश की नजर Rescue Operation पर सिक्किम का यह हादसा केवल एक निर्माण दुर्घटना नहीं, बल्कि उन मजदूर परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया। देशभर से लोग लापता मजदूरों के सुरक्षित मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और प्रशासन का कहना है कि मौसम चाहे जितनी चुनौती पेश करे, अंतिम मजदूर तक पहुंचने की हर संभव कोशिश की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon Session

Monsoon Session Black Dress में दिखा विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, Rahul Gandhi ने सरकार को घेरा

संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) में सियासी गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। विपक्ष ने अपने विरोध प्रदर्शन को और तेज करते हुए मंगलवार को संसद परिसर में शक्ति प्रदर्शन किया। INDIA गठबंधन के लगभग सभी सांसद काले कपड़ों में संसद पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ एकजुटता दिखाई। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विरोध प्रदर्शन की अगुवाई की। विपक्ष का कहना है कि देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर संसद में खुलकर चर्चा नहीं हो रही है। इसी को लेकर सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया और सरकार से जवाब देने की मांग उठाई। PM आवास मार्च के बाद Protest हुआ और तेज संसद में विरोध प्रदर्शन से पहले विपक्षी दल प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकाल चुके हैं। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के चलते उन्हें रास्ते में रोक दिया गया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने सड़क पर धरना दिया। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए थे। अब उसी विरोध का दूसरा चरण संसद परिसर में देखने को मिला, जहां विपक्ष ने काले कपड़े पहनकर अपना संदेश देने की कोशिश की। Black Dress में दिखी विपक्ष की एकजुटता मंगलवार सुबह कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी), आरजेडी और INDIA गठबंधन के अन्य दलों के सांसद काले कपड़ों में संसद पहुंचे। नेताओं ने संसद परिसर में नारेबाजी की और सरकार से विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग दोहराई। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव पूरे प्रदर्शन के दौरान सांसदों के बीच मौजूद रहे। तीनों नेताओं ने विपक्षी दलों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया। किन मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना? विपक्ष का आरोप है कि बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था, चुनाव प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर संसद में पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही है। विपक्ष चाहता है कि इन मुद्दों पर सरकार सदन में विस्तृत जवाब दे। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि वह संसदीय नियमों के तहत हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन लगातार हंगामे से सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। संसद की कार्यवाही पर पड़ा असर विपक्ष के प्रदर्शन का असर संसद की कार्यवाही पर भी दिखाई दिया। लोकसभा और राज्यसभा में कई बार हंगामा हुआ, जिसके चलते कार्यवाही बाधित रही। दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनने से मानसून सत्र के शुरुआती दिनों में राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है। आगे क्या होगा? INDIA गठबंधन ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक रुख नहीं अपनाती है तो संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में मानसून सत्र के और अधिक हंगामेदार रहने की संभावना है। राजनीतिक नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध कब खत्म होगा और संसद की कार्यवाही सामान्य रूप से चल पाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी, अभिजीत दीपके बोले- अब सरकार खुद बातचीत के लिए आए

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने साफ कहा कि अब उनकी ओर से कोई प्रतिनिधि सरकार से बातचीत के लिए नहीं जाएगा। यदि सरकार बातचीत चाहती है तो उसे खुद जंतर-मंतर आना होगा। अभिजीत दीपके ने संसद मार्च के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों से माफी भी मांगी और कहा कि जिन लोगों को कानूनी सहायता की जरूरत है, वे CJP की लीगल टीम से संपर्क करें। सभी प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनमें खून की कमी के लक्षण हैं, लेकिन उनका अनशन 24वें दिन भी जारी है। विपक्षी नेताओं ने जताया समर्थन मंगलवार को जंतर-मंतर पर कई विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता आंदोलन के समर्थन में पहुंचे। इनमें उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, शरद पवार, सुप्रिया सुले, अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह सहित कई प्रमुख नेता शामिल रहे। शाम होते-होते प्रदर्शन स्थल पर भीड़ फिर बढ़ गई। धरने में वे प्रदर्शनकारी भी शामिल हुए, जो एक दिन पहले संसद मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस की कार्रवाई में घायल हुए थे। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी रिहा दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया है। इसके बाद CJP ने पुलिस मुख्यालय के सामने प्रस्तावित धरना रद्द कर दिया। वहीं, संसद मार्च के दौरान बर्गर खाते नजर आए CJP प्रवक्ता विजेता दाहिया को संगठन ने पद से हटा दिया। इस पर दाहिया ने वीडियो जारी कर कहा कि यदि किसी को भूख लगेगी तो वह खाना जरूर खाएगा। दिनभर के प्रमुख अपडेट्स अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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भुवनेश्वर-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट में हवा में तेज झटके, यात्री सहमे; विमान सुरक्षित दिल्ली पहुंचा

New Delhi News: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट मंगलवार को उड़ान के दौरान तेज एयर टर्बुलेंस का सामना करने के बाद सुरक्षित दिल्ली पहुंच गई। यात्रियों के अनुसार, फ्लाइट संख्या IX1058 ने दोपहर करीब 3:30 बजे भुवनेश्वर से उड़ान भरी थी, लेकिन लगभग 30 मिनट बाद विमान अचानक तेज़ी से हिलने लगा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। फ्लाइट में सवार 150 से अधिक यात्रियों ने बताया कि विमान के लगातार डगमगाने से कई लोग घबरा गए। कुछ यात्रियों का दावा है कि पायलट ने स्थिति को संभालने के लिए विमान की गति बढ़ाई। इस दौरान विमान कुछ समय के लिए हरियाणा के चरखी दादरी क्षेत्र की ओर चला गया, जिसके बाद उसे वापस मोड़कर दिल्ली लाया गया। यात्रियों के मुताबिक, उड़ान के दौरान एक महिला यात्री की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। हालांकि विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतर गया। यात्रियों का यह भी कहना है कि फ्लाइट निर्धारित समय से करीब आधा घंटा पहले दिल्ली पहुंच गई। हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासी स्पर्श सिंगल, जो इस फ्लाइट में सफर कर रहे थे, ने बताया कि वे पुरी में भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल होने के बाद लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि उड़ान के शुरुआती 30 मिनट तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन इसके बाद विमान में अचानक तेज झटके लगने लगे और कई यात्रियों में डर का माहौल बन गया। यात्रियों ने दावा किया कि दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्होंने एयरलाइन अधिकारियों से घटना की जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। फिलहाल एयर इंडिया की ओर से इस घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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पीएम आवास के बाहर राहुल-प्रियंका का अचानक धरना, छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस ने बदली रणनीति

कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर अचानक धरना देकर केंद्र सरकार पर छात्रों के मुद्दे को लेकर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई पर सरकार जवाब देने से बच रही है। करीब तीन घंटे से अधिक समय तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को हटाकर धरना समाप्त कराया। छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस का बदला रुख 20 जून से जंतर-मंतर पर चल रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आंदोलन से कांग्रेस शुरुआती दौर में दूरी बनाए हुए थी। हालांकि, मानसून सत्र के दौरान छात्रों के मुद्दे और पुलिस कार्रवाई के बाद पार्टी ने अपना रुख बदलते हुए आंदोलन का खुलकर समर्थन करना शुरू किया। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने सरकार की आलोचना की। प्रियंका गांधी ने छात्रों पर बल प्रयोग को निंदनीय बताया, जबकि राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री पर सवाल उठाए। गुप्त तरीके से बनाई गई धरने की योजना रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन की योजना बेहद गोपनीय रखी। पार्टी नेताओं को मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बुलाया गया, जहां से दोपहर करीब 3:30 बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेता पैदल पीएम आवास की ओर बढ़े और वहीं धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौके पर पहुंचे। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से बातचीत की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त कराते हुए नेताओं को वहां से हटाया। राहुल गांधी ने सरकार से मांगा जवाब धरने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा कि वे प्रधानमंत्री से छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर जवाब मांगने पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा से बच रही है और छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय नहीं कर रही। राजनीतिक विश्लेषकों की राय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस अब छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर अपनी राजनीतिक रणनीति को नई दिशा देने की कोशिश कर रही है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि कांग्रेस आंदोलन का केंद्र छात्रों के मुद्दे को बनाए रखना चाहती है, जबकि अन्य का मानना है कि इससे विपक्ष की राजनीति और आंदोलन दोनों की दिशा प्रभावित हो सकती है। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Ketan Agrawal

Ketan Agrawal Murder Case: Siya-Chetan की साजिश से उठा पर्दा, जांच में सामने आई नई बात

Ketan Agrawal Murder Case में जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस जांच में कथित तौर पर यह बात सामने आई है कि आरोपी Siya और Chetan ने शुरुआत में केतन अग्रवाल को जान से मारने की योजना नहीं बनाई थी, बल्कि पहले उसे अपाहिज बनाने का प्लान तैयार किया गया था। बाद में किसी वजह से साजिश का रुख बदल गया और मामला हत्या तक पहुंच गया। जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, आरोपियों का शुरुआती मकसद केतन को गंभीर नुकसान पहुंचाना था, ताकि वह सामान्य जीवन न जी सके। हालांकि बाद में उन्होंने कथित तौर पर हत्या की योजना बना ली। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर साजिश कब शुरू हुई और इसके पीछे असली वजह क्या थी। पूछताछ में सामने आई साजिश की परतें पुलिस की जांच में आरोपियों से पूछताछ, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन सबूतों से घटना से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब मिल सकते हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में लगी हैं कि क्या इस मामले में सिर्फ दो लोग शामिल थे या फिर किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। हत्या के पीछे क्या थी वजह? Ketan Agrawal Murder Case में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर आरोपियों ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि विवाद, व्यक्तिगत दुश्मनी या किसी अन्य कारण ने इस घटना को जन्म दिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे आने वाले दिनों में कई और खुलासे होने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि सभी सबूतों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर केतन अग्रवाल हत्याकांड ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में सामने आए खुलासों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब पुलिस की जांच से ही साफ होगा कि इस साजिश की पूरी कहानी क्या थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Raja Raghuvanshi

Supreme Court on Raja Raghuvanshi Murder Case: Sonam Raghuvanshi से कहा- सरेंडर करें

राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट की ताजा टिप्पणी ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। अदालत ने मुख्य आरोपी और राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी के सामने दो स्पष्ट विकल्प रख दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि या तो वह ट्रायल कोर्ट के समक्ष सरेंडर करें, या फिर उनकी जमानत को लेकर दाखिल याचिका पर उपलब्ध रिकॉर्ड और मेरिट के आधार पर फैसला सुनाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। अदालत का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया से दूरी बनाकर राहत की उम्मीद नहीं की जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? जस्टिस एम.एम. सुन्दरेश और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच मेघालय सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें हाईकोर्ट द्वारा सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत को चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यदि सोनम रघुवंशी प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज होने तक आत्मसमर्पण कर देती हैं, तो बाद में उनकी जमानत पर कानून के अनुसार विचार किया जा सकता है। लेकिन यदि वह सरेंडर नहीं करती हैं, तो अदालत राज्य सरकार की अपील पर मेरिट के आधार पर फैसला सुनाने के लिए स्वतंत्र होगी। कोर्ट की इस टिप्पणी को मामले में बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा तय हो सकती है। गिरफ्तारी को लेकर उठे सवाल सुनवाई के दौरान सोनम रघुवंशी की ओर से गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि यदि गिरफ्तारी के आधार को चुनौती देनी थी, तो यह मुद्दा पहले क्यों नहीं उठाया गया। अदालत ने संकेत दिया कि ऐसे कानूनी मुद्दों को उचित समय पर उठाया जाना चाहिए। क्या है Raja Raghuvanshi Murder Case? राजा रघुवंशी की मौत उस समय हुई थी जब वह अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ मेघालय में हनीमून पर गए थे। कुछ दिनों बाद उनका शव बरामद हुआ और जांच शुरू हुई। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सोनम रघुवंशी को मुख्य आरोपी बनाया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि हत्या एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। इस मामले में कई अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। बाद में हाईकोर्ट ने सोनम को जमानत दे दी थी, लेकिन मेघालय सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। अब देश की सर्वोच्च अदालत इस मामले की सुनवाई कर रही है। अब आगे क्या होगा? फिलहाल गेंद सोनम रघुवंशी के पाले में है। यदि वह अदालत की सलाह मानते हुए सरेंडर करती हैं, तो ट्रायल के दौरान उनकी जमानत पर दोबारा विचार हो सकता है। दूसरी ओर, यदि वह आत्मसमर्पण नहीं करती हैं, तो सुप्रीम कोर्ट उपलब्ध रिकॉर्ड और कानूनी तथ्यों के आधार पर फैसला सुना सकता है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी आने वाली सुनवाई के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सोनम रघुवंशी अदालत के सुझाव का पालन करती हैं या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sikkim

Sikkim Rain 10 लोगों की मौत के बाद तेज हुआ Rescue Operation, PM Modi ने CM Tamang से की बात

हिमालयी राज्य Sikkim एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। जगह-जगह हुए भूस्खलन (Landslide) और बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। लगातार बारिश से बढ़ा संकट पिछले कुछ दिनों से Sikkim में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ, जिससे सड़कें ध्वस्त हो गईं और कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया। बारिश के कारण कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग बंद हो गए हैं। कई स्थानों पर बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे राहत कार्यों में अतिरिक्त चुनौतियां सामने आ रही हैं। 10 लोगों की मौत, कई अब भी लापता राज्य सरकार के अनुसार, राहत अभियान के दौरान अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं। कई लोग अब भी लापता हैं और उनके मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। खराब मौसम और लगातार बारिश के बावजूद राहत कार्य बिना रुके जारी है। युद्धस्तर पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित क्षेत्रों में NDRF, SDRF, भारतीय सेना, आईटीबीपी और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। भारी मशीनों और आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। साथ ही फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा। PM Modi ने CM Tamang से की बातचीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर राज्य के हालात की जानकारी ली। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि केंद्र सरकार राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में हरसंभव सहयोग करेगी। प्रधानमंत्री ने संबंधित एजेंसियों को राज्य सरकार के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं। Amit Shah ने भी दिया हरसंभव सहायता का भरोसा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री तमांग से बातचीत कर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने एनडीआरएफ और अन्य केंद्रीय एजेंसियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री, भोजन, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं बिना किसी देरी के प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जाएं। राज्य सरकार ने विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर भी तैयार किए हैं। मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा राज्य सरकार ने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने भी राष्ट्रीय आपदा राहत मानकों के तहत हरसंभव वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। IMD ने जारी किया Heavy Rain Alert भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सिक्किम और आसपास के पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाएं और केवल सरकारी सलाह का पालन करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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