Latest Posts

Jaipur की सड़कों पर सेना की ताकत का भव्य प्रदर्शन, शहीद की मां भावुक होकर हुईं बेहोश

Jaipur की सड़कों पर सेना की ताकत का भव्य प्रदर्शन, शहीद की मां भावुक होकर हुईं बेहोश

Jaipur में उस वक्त गर्व और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला, जब भारतीय सेना की ताकत सड़कों पर उतरी। शहर की मुख्य सड़कों पर ब्रह्मोस मिसाइल, पिनाका रॉकेट लॉन्चर और आधुनिक सैन्य वाहन लोगों के सामने लाए गए। वहीं आसमान में अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर की गर्जना ने हर देशवासी का सीना चौड़ा कर दिया। सेना की शक्ति देख उमड़ा जनसैलाब इस भव्य सैन्य प्रदर्शन को देखने के लिए जयपुर की सड़कों पर हजारों लोग जुटे। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक, हर किसी की आंखों में गर्व साफ झलक रहा था। लोग मोबाइल में तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करते नजर आए। सेना के जवानों का उत्साह और अनुशासन लोगों को भावुक कर गया। शहीद की मां को मिला सम्मान, भावनाओं पर नहीं रहा काबू कार्यक्रम के दौरान एक ऐसा पल भी आया, जिसने हर आंख नम कर दी। एक शहीद जवान की मां को जब सेना का मेडल दिया गया, तो वह भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं और मंच पर ही बेहोश हो गईं। मौके पर मौजूद अधिकारियों और डॉक्टरों ने तुरंत उनकी मदद की। यह दृश्य याद दिलाता है कि देश की सुरक्षा के पीछे कितनी माताओं का बलिदान और दर्द छिपा होता है। देशभक्ति और सम्मान का संदेश यह कार्यक्रम सिर्फ हथियारों की ताकत दिखाने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाना और शहीदों के परिवारों को सम्मान देना भी था। जयपुर की सड़कों पर यह नज़ारा लंबे समय तक लोगों की यादों में रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
तेज प्रताप यादव

Bihar Family Politics तेज प्रताप यादव और Lalu परिवार की Makar Sankranti मुलाकात

बिहार में मकर संक्रांति 2026 के अवसर पर तेज प्रताप यादव का दही‑चूड़ा (Dahi‑Chura) Feast आयोजन सिर्फ पारिवारिक रिश्तों को फिर से जीवित करने वाला पल नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी नया संकेत बना। परिवार का मिलन और आशीर्वाद तेज प्रताप यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव, माता राबड़ी देवी और छोटे भाई तेजस्वी यादव से पटना स्थित अपने घर पर मुलाकात की। उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों को दही‑चूड़ा भोज में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।इस मुलाकात में तेज प्रताप ने अपनी भतीजी कात्यायनी को गोद में उठाते हुए भावनात्मक पल साझा किया। लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे को आशीर्वाद और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।यह मुलाकात लंबे समय के बाद हुई, जब परिवार के रिश्तों में कुछ दूरी बनी हुई थी। रिश्तों में नरमी और Positive Signs पिछले समय में तेज प्रताप यादव और उनके परिवार के बीच तनाव देखा गया था। आज का यह त्योहार और मुलाकात संकेत देती है कि व्यक्तिगत रिश्तों में सुलह की कोशिशें हो रही हैं। हालांकि यह कहना जल्दी होगा कि सब कुछ सामान्य हो गया है, लेकिन यह पहला सकारात्मक कदम जरूर माना जा रहा है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश दही‑चूड़ा भोज सिर्फ पारिवारिक मिलन का पल नहीं है। यह बिहार में राजनीतिक परंपरा का भी हिस्सा है। तेज प्रताप ने इस भोज में एनडीए और अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी आमंत्रित किया।इससे यह संकेत मिलता है कि वे न केवल पारिवारिक रिश्तों को सुदृढ़ करना चाहते हैं, बल्कि राजनीतिक समीकरण भी मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि यह आयोजन पारिवारिक प्यार और राजनीति के संतुलन का प्रतीक है। इस तरह के कार्यक्रम अक्सर सामाजिक और राजनीतिक संकेत दोनों देते हैं। आज का दही‑चूड़ा भोज पारिवारिक और राजनीतिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा। यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि सब कुछ पूरी तरह सामान्य हो गया है, लेकिन त्योहार और मुलाकात ने रिश्तों में नरमी और सकारात्मक बदलाव के संकेत जरूर दिए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Blinkit ने हटाया ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा, कर्मचारियों की हड़ताल और सरकार के दखल के बाद फैसला

Blinkit ने हटाया ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा, कर्मचारियों की हड़ताल और सरकार के दखल के बाद फैसला

ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म Blinkit ने अपने मशहूर दावे ‘10 मिनट में डिलीवरी’ को हटा दिया है। यह फैसला कर्मचारियों की हड़ताल, बढ़ती शिकायतों और सरकार के हस्तक्षेप के बाद लिया गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही Zepto, Swiggy Instamart और Zomato जैसी अन्य कंपनियां भी अपनी सख्त टाइम लिमिट हटाने की तैयारी में हैं। क्यों लिया गया यह फैसला? बीते कुछ समय से डिलीवरी पार्टनर्स लगातार यह आरोप लगा रहे थे कि कम समय में डिलीवरी का दबाव उनकी सुरक्षा और सेहत दोनों के लिए खतरा बनता जा रहा है। तेज रफ्तार, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और बढ़ता मानसिक तनाव आम बात हो गई थी। कई जगह डिलीवरी कर्मचारियों ने हड़ताल भी की। सरकार की सख्ती का असर डिलीवरी सिस्टम में बढ़ते हादसों और श्रमिकों की शिकायतों को देखते हुए सरकारी एजेंसियों ने भी दखल दिया। कंपनियों को साफ संकेत दिया गया कि ग्राहकों की सुविधा के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। बाकी कंपनियां भी बदलेंगी रणनीति सूत्रों के मुताबिक, Zepto, Swiggy और Zomato भी अब अपनी डिलीवरी पॉलिसी पर दोबारा विचार कर रही हैं। इन कंपनियों का फोकस अब “सेफ और रियलिस्टिक डिलीवरी टाइम” पर होगा, न कि बेहद कम समय के वादों पर। ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा? ग्राहकों को शायद अब कुछ मिनट ज्यादा इंतजार करना पड़े, लेकिन बदले में: मानवता की ओर एक कदम तेज डिलीवरी की दौड़ में इंसानी जान की कीमत समझना जरूरी है। Blinkit का यह फैसला यह दिखाता है कि बिजनेस से ज्यादा जरूरी इंसान हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Supreme Court - कुत्तों में वायरस, बीमारी लाइलाज; बच्चों पर हमले का जिम्मेदार कौन?

Supreme Court – कुत्तों में वायरस, बीमारी लाइलाज; बच्चों पर हमले का जिम्मेदार कौन?

देश में बढ़ते आवारा कुत्तों के हमलों को लेकर Supreme Court ने गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने साफ कहा कि कई कुत्तों में खतरनाक वायरस पाए जा रहे हैं, जिनसे फैलने वाली बीमारियां इलाज से बाहर हो सकती हैं। खासतौर पर बच्चों पर हो रहे हमलों को लेकर कोर्ट ने सख्त सवाल पूछे हैं। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति सड़क पर रहने वाले कुत्तों को खाना खिला रहा है, तो उसे उनकी जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसे लोग कुत्तों को अपने घर ले जाएं या फिर उनकी सुरक्षा और निगरानी की पूरी व्यवस्था करें। अदालत ने पूछा,“जब कोई बच्चा आवारा कुत्तों के हमले में घायल होता है या जान गंवाता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?” कोर्ट ने यह भी कहा कि पशु प्रेम अपनी जगह सही है, लेकिन जन सुरक्षा उससे भी ज्यादा जरूरी है। सड़कें सिर्फ कुत्तों की नहीं, बल्कि आम लोगों—खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं—की भी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो इस मामले में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। साथ ही राज्य सरकारों और नगर निगमों से भी आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने को लेकर जवाब मांगा गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bangladesh

Bangladesh Hindu Murder बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ती हिंसा डर के साये में जी रहा अल्पसंख्यक समाज

बांग्लादेश (Bangladesh) में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लिए बीते कुछ हफ्ते बेहद डरावने रहे हैं। अलग-अलग इलाकों से सामने आ रही हत्या और हमलों की खबरें सिर्फ आंकड़े नहीं हैं—ये उन परिवारों की टूटती ज़िंदगियों की कहानी हैं, जिनके घरों से अचानक किसी अपने की आवाज़ हमेशा के लिए खामोश हो गई। एक और जान गई, एक और घर उजड़ गया हाल में एक युवा हिंदू ऑटो-रिक्शा चालक की हत्या ने पूरे इलाके को हिला दिया। रोज़ की तरह काम करके घर लौट रहा यह युवक अपने परिवार के लिए रोज़ी-रोटी जुटा रहा था। रास्ते में उस पर हमला हुआ, उसे चाकू मारा गया और उसकी जान ले ली गई। उसका वाहन भी लूट लिया गया। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि उस असुरक्षा का प्रतीक है जिसमें आज कई अल्पसंख्यक परिवार जी रहे हैं। उसके बूढ़े माता-पिता, पत्नी और बच्चों के लिए अब हर सुबह एक सवाल लेकर आती है—“क्या हम सुरक्षित हैं?” यह कोई एक घटना नहीं यह दुखद मामला अकेला नहीं है। हाल के दिनों में बांग्लादेश के अलग-अलग हिस्सों से हिंदू नागरिकों पर हमले, मारपीट और हत्याओं की खबरें सामने आई हैं। कभी किसी दुकानदार पर धारदार हथियार से हमला होता है, कभी किसी युवक को भीड़ घेर लेती है, तो कहीं किसी को सिर्फ उसकी पहचान के कारण निशाना बनाया जाता है। इन घटनाओं की वजहें अलग-अलग बताई जाती हैं—कभी लूट, कभी निजी रंजिश, कभी अफ़वाहें। लेकिन पीड़ित परिवारों के लिए सच्चाई एक ही है: उनके अपने अब लौटकर नहीं आएंगे। डर के साये में जीता एक समुदाय हिंदू मोहल्लों में आज डर साफ महसूस किया जा सकता है। लोग रात में बाहर निकलने से कतराते हैं, दुकानें जल्दी बंद हो जाती हैं और बच्चे भी सहमे रहते हैं। त्योहारों और धार्मिक आयोजनों, जो कभी खुशियों से भरे होते थे, अब सुरक्षा की चिंता के बीच मनाए जाते हैं। स्थानीय समुदायों का कहना है कि उन्हें सिर्फ न्याय ही नहीं, बल्कि भरोसा भी चाहिए—कि कानून सभी के लिए बराबर है और किसी को उसकी आस्था के कारण निशाना नहीं बनाया जाएगा। प्रशासन और प्रतिक्रियाएँ इन घटनाओं पर पुलिस जांच की बात कह रही है और कुछ मामलों में कार्रवाई का दावा भी किया गया है। साथ ही, मानवाधिकार समूहों और अल्पसंख्यक संगठनों ने सरकार से सख़्त कदम उठाने की मांग की है ताकि दोषियों को सज़ा मिले और आगे ऐसी घटनाएं न हों। भारत और दूसरे देशों में भी इन खबरों को लेकर चिंता जताई गई है और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। क्यों ज़रूरी है यह बात उठाना यह मुद्दा सिर्फ एक देश या एक समुदाय तक सीमित नहीं है। जब कहीं भी किसी इंसान को उसकी पहचान के कारण हिंसा का शिकार होना पड़ता है, तो वह पूरी इंसानियत के लिए एक चेतावनी होती है। बांग्लादेश (Bangladesh) की विविधता उसकी ताकत रही है—हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध, ईसाई सभी ने मिलकर इस देश को बनाया है। इस साझी विरासत को बचाने के लिए ज़रूरी है कि नफ़रत और डर की जगह कानून, इंसाफ़ और इंसानियत को आगे रखा जाए। आज Bangladesh के कई हिंदू परिवार अपने घरों में यह दुआ कर रहे हैं कि अगली सुबह शांति के साथ आए। उनकी मांग बहुत साधारण है—जीने का हक़, बिना डर के, बिना भेदभाव के। यह सिर्फ एक समुदाय की नहीं, बल्कि पूरे समाज की परीक्षा है कि वह हिंसा के सामने खड़ा होता है या चुप रहता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Donald Trump

Donald Trump का India Visit अगले 1-2 साल में संभव भारत बनेगा Pax Silica का सदस्य

अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने आशा जताई है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अगले एक-दो साल में भारत (India) का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच दोस्ताना संबंध द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करते हैं और यह दौरा भारत-अमेरिका संबंधों को और गहरा कर सकता है। भारत को मिलेगा Pax Silica Group का हिस्सा राजदूत गोर ने यह भी बताया कि भारत को अमेरिकी नेतृत्व वाले Pax Silica समूह में शामिल होने का निमंत्रण मिलेगा। यह समूह सिलिकॉन और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन, महत्वपूर्ण खनिज, एआई और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देता है।भारत के शामिल होने के बाद यह समूह जापान, दक्षिण कोरिया, यूके और इज़राइल जैसे देशों के साथ मिलकर काम करेगा। औपचारिक घोषणा अगले महीने होने की उम्मीद है। व्यापार वार्ता में नई उम्मीदें गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता (India-US Trade Talks) जल्द ही फिर से शुरू होगी, और 13 जनवरी को नई बातचीत आयोजित होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच आर्थिक मतभेदों का समाधान निकाला जाएगा।उनके इस बयान से भारतीय शेयर बाजारों में तेजी आई और सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) में सकारात्मक उछाल देखा गया। अमेरिका-भारत रिश्ते: सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं सर्जियो गोर ने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका सहयोग केवल व्यापार तक नहीं, बल्कि सुरक्षा, ऊर्जा, तकनीक, आतंकवाद विरोधी प्रयास, शिक्षा और स्वास्थ्य तक फैला है। उन्होंने इसे इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बताया। ट्रंप का भारत दौरा अगले 1-2 साल में संभव है। भारत Pax Silica समूह का हिस्सा बनेगा। व्यापार वार्ता में सुधार और बाजारों में सकारात्मक प्रभाव। द्विपक्षीय सहयोग केवल आर्थिक नहीं, बल्कि तकनीक और सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में भी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Mamata Banerjee

ED vs Mamata Banerjee Supreme Court में I-PAC Raid विवाद पर नया मोड़

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ Enforcement Directorate (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका (Writ Petition) दायर की है। ED का आरोप है कि मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारियों ने I-PAC जांच के दौरान ED अधिकारियों को धमकाया और उनकी जांच में बाधा डाली। याचिका में ED के अधिकारियों निशांत कुमार, विक्रम अहलावत और प्रशांत चंडिला ने कहा है कि जब वे कोलकाता में छानबीन (Search & Seizure) कर रहे थे, तब मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अचानक मौके पर पहुंचे। ED का दावा है कि इस दौरान उनके दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जबरन ले लिए गए, जिससे मामले की जांच प्रभावित हुई। ED ने सुप्रीम कोर्ट से अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्वतंत्र जांच कराने के निर्देश देने की मांग की है। साथ ही, ममता बनर्जी और अन्य अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की अपील भी की गई है। मामले की पृष्ठभूमि (Background) यह विवाद I-PAC और कोयला हेराफेरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित है। पहले ED ने इसे कोलकाता हाई कोर्ट में उठाया था, लेकिन सुनवाई स्थगित (Adjourned) कर दी गई। इसके बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने Supreme Court में Caveat दाखिल किया ताकि कोर्ट किसी भी आदेश से पहले उनकी दलील सुने। राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ (Political Reactions) यह मामला अब Supreme Court में विचाराधीन है और आने वाले दिनों में सुनवाई होने की उम्मीद है। I-PAC raid और ED vs Mamata Banerjee की यह लड़ाई न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि कानूनी और संवैधानिक (Legal & Constitutional) दृष्टि से भी ध्यान आकर्षित कर रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
PM Modi

PM Modi in Gujarat सोमनाथ की आस्था और Rajkot का विकास एक साथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) का तीन दिन का गुजरात दौरा सिर्फ एक राजनीतिक यात्रा नहीं था, बल्कि यह भारत की आत्मा, उसकी विरासत और भविष्य की दिशा को एक साथ दिखाने वाला सफर बन गया।सोमनाथ के पवित्र तट से लेकर राजकोट के निवेश मंच तक, हर पड़ाव पर भारत के गौरव और विकास की झलक साफ दिखाई दी। Somnath Swabhiman Parv: इतिहास जो आज भी जीवित है गिर सोमनाथ में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ इस यात्रा का सबसे भावनात्मक और ऐतिहासिक हिस्सा रहा।प्रधानमंत्री मोदी ने यहां शौर्य यात्रा का नेतृत्व किया, जिसमें घोड़ों का जुलूस, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और भव्य ड्रोन शो शामिल था। सोमनाथ मंदिर केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि भारत की जिजीविषा का प्रतीक है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि— सोमनाथ की कहानी हार की नहीं, बल्कि हर बार फिर उठ खड़े होने की कहानी है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे महमूद गजनवी और औरंगजेब जैसे आक्रांताओं के हमलों के बावजूद यह मंदिर बार-बार पुनर्निर्मित हुआ और आज भी उतनी ही मजबूती से खड़ा है।यह संदेश सिर्फ अतीत के लिए नहीं, बल्कि आज के भारत के आत्मविश्वास को भी दर्शाता है। Rajkot में Vibrant Gujarat Regional Conference सोमनाथ से सीधे राजकोट पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी ने Vibrant Gujarat Regional Conference (Kutch–Saurashtra) का उद्घाटन किया।यह मंच गुजरात की निवेश क्षमता, उद्योग और भविष्य की अर्थव्यवस्था को दुनिया के सामने रखने के लिए था। पीएम मोदी (PM Modi) ने बताया कि कच्छ और सौराष्ट्र अब भारत के ग्रीन एनर्जी हब बन रहे हैं।कच्छ में बन रहा 30 GW का हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क दुनिया के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक होगा। उन्होंने कहा कि गुजरात अब सिर्फ उद्योगों का राज्य नहीं, बल्किग्रीन एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग, MSME और स्टार्टअप्स का नया सेंटर बन चुका है। Investment, Jobs और Youth की नई दिशा राजकोट सम्मेलन में निवेशकों और उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा किगुजरात में अब इंटरनेशनल एजुकेशन हब, स्किल यूनिवर्सिटी और डिफेंस लॉजिस्टिक्स ट्रेनिंग पर खास फोकस किया जा रहा है। इसका सीधा फायदा युवाओं को मिलेगा —नौकरियां, स्टार्टअप्स और ग्लोबल लेवल पर काम करने के मौके। India Growth Story में Gujarat की बड़ी भूमिका PM Modi ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और गुजरात इस विकास की रीढ़ बना हुआ है।पोर्ट, इंडस्ट्री, ग्रीन एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर गुजरात भारत को Viksit Bharat 2047 की ओर ले जा रहा है। सोमनाथ से राजकोट तक: एक भारत की दो तस्वीरें इस पूरे दौरे में दो भारत एक साथ दिखाई दिए— यही PM Modi की गुजरात यात्रा की असली पहचान रही —जहां विरासत भी है और विज़न भी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
PSLV-C62

ISRO PSLV-C62 Anvesha Mission तीसरे Stage की गड़बड़ी

आज सुबह श्रीहरिकोटा से जब ISRO का PSLV-C62 आसमान में उठा, तो देश की धड़कनें उसके साथ तेज़ हो गईं। यह भारत का 2026 का पहला स्पेस मिशन था और इसके केंद्र में था DRDO का ‘अन्वेषा (EOS-N1)’ सैटेलाइट—एक ऐसा उपग्रह, जिससे देश की अर्थ-अवलोकन और रणनीतिक क्षमताएँ नई ऊँचाई पर पहुँचने वाली थीं। शुरुआत बिलकुल सटीक रही, लेकिन कहानी ने तीसरे चरण में अचानक मोड़ ले लिया। लॉन्च से लेकर उम्मीदों तक PSLV-C62 ने तय समय पर उड़ान भरी और पहले दो चरणों ने योजना के मुताबिक काम किया। मिशन में अन्वेषा के साथ कई सह-यात्री उपग्रह भी थे—भारत और विदेशों के छोटे-बड़े पेलोड, जो विज्ञान, संचार और पृथ्वी अवलोकन से जुड़े अहम काम करने वाले थे। तीसरे स्टेज (PS3) में क्या हुआ? जैसे ही रॉकेट का तीसरा चरण सक्रिय हुआ, फ्लाइट-पाथ में विचलन (deviation) दर्ज किया गया। ISRO ने इसे एक तकनीकी अनोमली बताया और साफ कहा कि उस पल से मिशन का ऑर्बिट-इन्सर्शन प्रभावित हो गया। शुरुआती संकेत यही हैं कि उपग्रहों को उनकी निर्धारित कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका और टेलीमेट्री डेटा का विश्लेषण जारी है। मिशन निदेशक की भाषा में कहें तो “तीसरे चरण के अंत में वाहन के व्यवहार में असामान्यता दिखी”—यही वह पल था जिसने उम्मीदों की उड़ान को थाम लिया। अन्वेषा’ क्यों था इतना खास? अन्वेषा (EOS-N1) को भारत की उन्नत Earth Observation और निगरानी क्षमताओं के लिए बनाया गया है। बेहतर स्पेक्ट्रल इमेजिंग से लेकर तेज़ डेटा-डिलीवरी तक, यह उपग्रह सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और संसाधन निगरानी जैसे क्षेत्रों में बड़ा योगदान दे सकता था। इसलिए इस मिशन का भावनात्मक और रणनीतिक महत्व दोनों ही बहुत बड़ा था। झटका, लेकिन हौसला बरकरार PSLV भारत का सबसे भरोसेमंद रॉकेट रहा है। हर असफलता—या आंशिक असफलता—से ISRO ने सीखा है और और भी मज़बूत होकर लौटा है। इस बार भी डेटा-ड्रिवन जांच चल रही है, ताकि तीसरे स्टेज की जड़ तक पहुँचा जा सके और अगला मिशन और सुरक्षित बने। ISRO जल्द ही विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट साझा करेगा—क्या प्रेशर में गिरावट आई, थ्रस्ट में असंगति थी या किसी सेंसर ने गलत संकेत दिया? जवाब आएँगे। और उनके साथ आएगा अगला लॉन्च—ज़्यादा सावधानी, ज़्यादा आत्मविश्वास के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Iran Protest News Hindi

Breaking News: ईरान में महंगाई के खिलाफ रात भर से बेकाबू प्रदर्शन, 100 से ज्यादा शहरों में हिंसा,

ईरान में महंगाई और टैक्स बढ़ोतरी के खिलाफ 13 दिनों से प्रदर्शन जारी है। 100 से ज्यादा शहरों में हिंसा, 45 मौतें, इंटरनेट बंद और ट्रम्प की धमकी से हालात गंभीर। ईरान इस वक्त अपने सबसे बड़े आंतरिक संकट से गुजर रहा है। महंगाई, बेरोजगारी और टैक्स बढ़ोतरी से नाराज़ जनता बीते 13 दिनों से सड़कों पर उतर आई है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि प्रदर्शन अब देश के 100 से ज्यादा शहरों तक फैल चुके हैं। कई जगहों पर आगजनी, सड़क जाम और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की खबरें सामने आई हैं। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार रात हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों ने खुले तौर पर सत्ता के खिलाफ नारे लगाए —“खामेनेई को मौत”,“इस्लामिक रिपब्लिक का अंत हुआ” जैसे नारे सड़कों पर गूंजते रहे। कुछ शहरों में लोग ईरान के निर्वासित युवराज क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के समर्थन में भी दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब बदलाव का समय आ चुका है। हिंसा में 45 मौतें, 8 बच्चे शामिल अमेरिकी मानवाधिकार एजेंसी के अनुसार अब तक हुई हिंसा में 45 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 8 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। एक पुलिस अधिकारी की चाकू मारकर हत्या किए जाने की भी पुष्टि हुई है। वहीं, 2,270 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी हैं। तेहरान एयरपोर्ट को भी अस्थायी रूप से बंद किया गया है और सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। नेटवर्क मॉनिटरिंग संस्था NetBlocks ने इसे बड़े पैमाने पर दमन की तैयारी बताया है। हालांकि कुछ लोग अब भी स्टारलिंक जैसे वैकल्पिक नेटवर्क के जरिए वीडियो और जानकारी बाहर पहुंचा रहे हैं। बाजार बंद, यूनिवर्सिटी कैंपस पर छात्रों का कब्जा तेहरान समेत कई बड़े शहरों में बाजार पूरी तरह बंद रहे। कई यूनिवर्सिटी कैंपस पर छात्रों ने कब्जा कर लिया है और सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। युवा वर्ग खासतौर पर इस आंदोलन की अगुवाई कर रहा है। रेजा पहलवी की अपील से भड़की चिंगारी गुरुवार को निर्वासित प्रिंस रेजा पहलवी ने जनता से खुलकर सड़कों पर उतरने की अपील की। वे ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे हैं, जिन्हें 1979 की इस्लामिक क्रांति में सत्ता से हटाया गया था। फिलहाल वे अमेरिका में रहते हैं। रेजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सराहना करते हुए कहा कि अब दुनिया को ईरानी जनता के समर्थन में खुलकर खड़ा होना चाहिए। ट्रम्प की चेतावनी: “लोगों को मारा गया तो हमला करेंगे” इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रम्प ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों पर हिंसा जारी रही तो अमेरिका ईरान पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है। उनके बयान ने पश्चिम एशिया की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। आर्थिक बदहाली बनी असली वजह ईरान में गुस्से की असली जड़ है आर्थिक संकट।दिसंबर 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल गिरकर लगभग 1.45 मिलियन प्रति डॉलर पहुंच गई थी — जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। सबसे ज्यादा नाराज़गी GenZ और युवा वर्ग में देखने को मिल रही है, जिनके लिए रोजगार और महंगाई दोनों बड़ी चुनौती बन चुके हैं। आगे क्या होगा? ईरान की मौजूदा स्थिति सिर्फ आंतरिक संकट नहीं बल्कि वैश्विक राजनीति पर भी असर डाल सकती है। इंटरनेट बंदी, सेना की तैनाती और अमेरिका की धमकी हालात को और संवेदनशील बना रही है। आने वाले दिन ईरान और पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
Read more
1 29 30 31 32 33 113

Editor's Picks

Nitish Kumar

बिहार छोड़ने की खबरों पर Nitish Kumar का जवाब, सरकार पर रखेंगे नजर

बिहार की सियासत में एक बार फिर गर्मी बिहार की राजनीति में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के ताजा बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि वे बिहार छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे और राज्य सरकार की हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए रखेंगे। विकास और प्रशासन पर रहेगा पूरा फोकस Nitish Kumar ने अपने बयान में यह स्पष्ट किया कि उनका मुख्य फोकस बिहार के विकास, प्रशासनिक सुधार और सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन पर है। उन्होंने कहा कि जनता तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, यह उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होगी। बयान के बाद सियासी चर्चाओं का दौर तेज इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे नीतीश कुमार की प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति मान रहे हैं, तो कुछ इसे आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं। विपक्ष ने उठाए सवाल विपक्षी दलों ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि केवल निगरानी की बात करने से जनता को सीधे लाभ नहीं मिलेगा। उनका कहना है कि सरकार को जमीनी स्तर पर काम करके दिखाना होगा, तभी जनता का भरोसा कायम रहेगा। समर्थकों का समर्थन वहीं, समर्थकों का कहना है कि नीतीश कुमार का यह रुख दर्शाता है कि वे बिहार के विकास को लेकर गंभीर हैं और किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं करेंगे। उनके अनुसार, यह बयान प्रशासन को और अधिक सक्रिय और जिम्मेदार बनाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
मोहन यादव

Breaking MP BJP Nari Aakrosh Rally भोपाल में महिला शक्ति का प्रदर्शन, कांग्रेस पर CM Mohan Yadav का तीखा हमला

नगर सवंदाता l भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को बीजेपी ने “जन आक्रोश महिला रैली” का बड़ा आयोजन किया, जो अब राजनीतिक रूप से काफी चर्चा में है। यह रैली महिला आरक्षण बिल पास न होने के विरोध में आयोजित की गई, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर शक्ति प्रदर्शन किया। यह विशाल रैली एमवीएम कॉलेज ग्राउंड से शुरू होकर रोशनपुरा चौराहे तक निकाली गई। पूरे मार्ग में बीजेपी महिला कार्यकर्ताओं और नेताओं का जोश देखने लायक रहा। हाथों में तख्तियां, नारेबाजी और संगठित मार्च के जरिए महिलाओं ने अपनी नाराजगी जताई। रैली के समापन पर मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) ने मंच से कांग्रेस और प्रियंका गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि: “महिलाओं के हक की बात करने वाली कांग्रेस ने ही संसद में महिला आरक्षण बिल का विरोध किया, जिससे उनका असली चेहरा सामने आ गया है।” समापन के दौरान सीएम ने काले गुब्बारे छोड़कर विरोध दर्ज कराया, जो इस रैली का प्रतीकात्मक हाईलाइट बना। महिला आरक्षण बिल पर अपडेट हाल ही में संसद में पेश 131वां संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो सका। इस बिल में: वोटिंग का आंकड़ा: यही वजह रही कि बीजेपी ने इसे लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किया, जिसकी कड़ी भोपाल की यह रैली बनी। कौन-कौन रहा मौजूद? इस रैली में बीजेपी के कई बड़े चेहरे शामिल हुए, जिनमें: यह रैली सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि आगामी चुनावों से पहले महिला वोट बैंक को साधने की रणनीति के रूप में भी देखी जा रही है। बीजेपी इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाकर कांग्रेस को घेरने की कोशिश कर रही है।
Modi

India–South Korea Summit PM Modi और President Lee की अहम बैठक, Trade Target पर चर्चा

नई दिल्ली में सोमवार का दिन भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्तों के लिए खास रहा। प्रधानमंत्री Narendra Modi और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae-myung के बीच हुई अहम द्विपक्षीय बैठक ने साफ संकेत दिया कि दोनों देश अब अपने संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं। बैठक Hyderabad House में हुई, जहां दोनों नेताओं ने सिर्फ औपचारिक बातचीत ही नहीं की, बल्कि भविष्य की रणनीति पर भी खुलकर चर्चा की। स्वागत से शुरू हुआ भरोसे का संदेश राष्ट्रपति ली के भारत पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत Rashtrapati Bhavan में किया गया। इसके बाद उन्होंने Raj Ghat जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि दोनों देशों के साझा मूल्यों और सम्मान का प्रतीक भी रहा। Meeting में किन मुद्दों पर बनी बात? इस मुलाकात में कई अहम क्षेत्रों पर गहराई से चर्चा हुई: क्यों खास है यह Bilateral Meeting? यह दौरा कई वजहों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है: इस बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि भारत और दक्षिण कोरिया अब सिर्फ साझेदार नहीं, बल्कि लंबे समय के रणनीतिक सहयोगी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।आने वाले समय में टेक्नोलॉजी, व्यापार और रक्षा जैसे क्षेत्रों में बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं। भारत-दक्षिण कोरिया की यह बढ़ती नजदीकी न सिर्फ दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए अहम साबित हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Silver ₹1,214 बढ़कर ₹2.51 लाख, Gold ₹347 चढ़कर ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम

Silver ₹1,214 बढ़कर ₹2.51 लाख, Gold ₹347 चढ़कर ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम

आज Gold और Silver के दामों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। बाजार में बढ़ती मांग और वैश्विक हालात के कारण कीमती धातुओं की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। चांदी की कीमत आज ₹1,214 बढ़कर ₹2.51 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई। वहीं, सोने की बात करें तो 10 ग्राम सोने का भाव ₹347 बढ़कर ₹1.52 लाख हो गया है। अगर पूरे साल की बात करें, तो सोना अब तक करीब ₹19,000 तक महंगा हो चुका है। यह बढ़ोतरी आम लोगों के लिए चिंता का कारण बन रही है, खासकर उन परिवारों के लिए जो शादी या निवेश के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता, डॉलर की चाल और निवेशकों का झुकाव सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ने के कारण सोने-चांदी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो थोड़ा सोच-समझकर फैसला लेना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
America ने ईरानी जहाज को रोका, चीन से लौटते वक्त होर्मुज में बढ़ा तनाव

America ने ईरानी जहाज को रोका, चीन से लौटते वक्त होर्मुज में बढ़ा तनाव

दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। America ने चीन से आ रहे ईरान के एक जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है। बताया जा रहा है कि यह जहाज होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी अमेरिकी बलों ने कार्रवाई की। इस घटना के बाद ईरान ने कड़ी नाराजगी जताई है। ईरान के अधिकारियों ने साफ कहा है कि इस कदम का जवाब जल्द दिया जाएगा। उनका कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में तेल की सप्लाई होती है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिंता बढ़ा देती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस मामले पर बनी हुई है कि आगे अमेरिका और ईरान के बीच हालात किस दिशा में जाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.