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Stray Dogs

Stray Dogs in Delhi NCR सुप्रीम कोर्ट की आज की Hearing और Guidelines

दिल्ली‑एनसीआर में stray dogs (आवारा कुत्तों) की बढ़ती संख्या ने लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट आज, 7 जनवरी 2026, को सुनवाई कर रहा है। मामला सिर्फ दिल्ली‑एनसीआर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में आवारा कुत्तों के management और human safety से जुड़ा हुआ है। Supreme Court की Hearing: क्या हुआ आज? सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों वाली बेंच (जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन. वी. अंजारिया) ने मामले में कहा कि इतनी सारी applications इतनी गंभीरता से दायर होना असामान्य है। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि आवारा कुत्तों के मामले में human safety और animal rights दोनों का संतुलन जरूरी है। कोर्ट ने आज सुनवाई में यह बात भी उठाई कि राजस्थान हाई कोर्ट के दो जज भी आवारा कुत्तों के हमले के शिकार हो चुके हैं, जिसमें एक अभी भी गंभीर चोटों से जूझ रहा है। पिछले Orders और Controversy सुप्रीम कोर्ट ने पहले यह निर्देश दिए थे कि: हालांकि, इस दिशा में कुछ लोगों और local authorities के बीच विवाद भी सामने आया। डॉग लवर्स ने कहा कि animal rights की अनदेखी नहीं होनी चाहिए और humane तरीके से ही कुत्तों को relocate किया जाए। Pet Lovers और Activists की प्रतिक्रिया डॉग लवर्स और animal activists का कहना है कि आवारा कुत्तों को हटाने की प्रक्रिया मानवता और statutory rules के खिलाफ नहीं होनी चाहिए। दिल्ली के जंतर मंतर पर भी कई प्रदर्शन हुए हैं, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश को वापस लेने की मांग की गई। Government Agencies की तैयारी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद दिल्ली और NCR की municipal agencies ने आवारा कुत्तों के management के लिए कदम उठाए हैं। Case की जटिलता यह मामला केवल local issue नहीं है। पूरे देश में stray dog management को लेकर awareness और legal framework की जरूरत महसूस की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने अब तक जो orders दिए हैं, उनके पालन की जिम्मेदारी municipal authorities और government agencies पर है। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई जारी है। अगले आदेश में यह तय किया जा सकता है कि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BJP

Maharashtra Politics अंबरनाथ नगर परिषद में BJP-Congress की जोड़ी, शिंदे गुट हाशिये पर

महाराष्ट्र की राजनीति में अंबरनाथ नगर परिषद से एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया है। जिन पार्टियों को देश की राजनीति में एक-दूसरे का कट्टर विरोधी माना जाता है, वही भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस इस बार स्थानीय स्तर पर एक साथ नजर आईं। इस गठबंधन का नतीजा यह हुआ कि शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) को सत्ता से बाहर रहना पड़ा। अंबरनाथ में क्या बदला? अंबरनाथ नगर परिषद में कुल 60 सीटें हैं। हालिया चुनाव में शिवसेना (शिंदे गुट) 27 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। आम तौर पर माना जा रहा था कि शिवसेना यहां परिषद पर नियंत्रण बनाएगी, लेकिन राजनीतिक समीकरण अचानक बदल गए। BJP ने कांग्रेस और एनसीपी (अजित पवार गुट) के साथ मिलकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। इस गठबंधन को स्थानीय स्तर पर “Ambernath Vikas Aghadi” नाम दिया गया। इसके बाद परिषद की सत्ता शिवसेना के हाथ से निकल गई। BJP-Congress गठबंधन क्यों है चर्चा में? यह गठबंधन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि BJP लंबे समय से “कांग्रेस-मुक्त भारत” का नारा देती रही है। ऐसे में कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाना राजनीतिक गलियारों में बहस का विषय बन गया है। स्थानीय BJP नेताओं का कहना है कि यह फैसला शहर के विकास और स्थिर प्रशासन को ध्यान में रखकर लिया गया है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया और कहा कि नगर परिषद में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। Shinde Sena की नाराज़गी शिवसेना (शिंदे गुट) ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद उन्हें सत्ता से बाहर रखना जनादेश का अपमान है। शिंदे गुट ने BJP पर “अवसरवादी राजनीति” करने का आरोप भी लगाया है। स्थानीय शिवसेना कार्यकर्ताओं में भी इस फैसले को लेकर नाराज़गी देखी जा रही है, और आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है। महाराष्ट्र Politics पर क्या असर पड़ेगा? अंबरनाथ का यह राजनीतिक प्रयोग सिर्फ एक नगर परिषद तक सीमित नहीं माना जा रहा। जानकारों के मुताबिक: अंबरनाथ नगर परिषद में बना BJP-Congress Alliance यह दिखाता है कि स्थानीय राजनीति में विचारधाराओं से ज़्यादा संख्याबल और सत्ता समीकरण अहम हो जाते हैं। शिवसेना (शिंदे गुट) के लिए यह झटका जरूर है, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए यह एक साफ संदेश भी है कि आने वाला समय और भी दिलचस्प होने वाला है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UP Voter List

UP Voter List 2026 उत्तर प्रदेश की Draft Voter List जारी, SIR के बाद लाखों नाम कटे

उत्तर प्रदेश में वोटरों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने 6 जनवरी 2026 को UP SIR Draft Voter List 2026 जारी कर दी है। यह सूची Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के बाद तैयार की गई है, जिसमें मतदाता सूची को शुद्ध और अपडेट करने का काम किया गया। इस बार ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर चर्चा इसलिए ज्यादा है, क्योंकि करीब 2.8 से 2.9 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। क्या है SIR और क्यों जारी की गई Draft Voter List? SIR यानी Special Intensive Revision एक विशेष प्रक्रिया है, जिसके तहत चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करता है कि मतदाता सूची में केवल योग्य और सक्रिय मतदाताओं के ही नाम हों। इस दौरान: इन सभी मामलों की जांच की जाती है। इसी प्रक्रिया के बाद अब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 2026 जारी की गई है। UP Voter List 2026 में क्या बड़ा बदलाव हुआ? SIR शुरू होने से पहले उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की संख्या करीब 15.44 करोड़ थी।नई ड्राफ्ट लिस्ट में यह संख्या घटकर लगभग 12.55 करोड़ रह गई है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग अब अपना नाम दोबारा चेक कर रहे हैं। UP Draft Voter List 2026 में अपना नाम कैसे चेक करें? अगर आप जानना चाहते हैं कि आपका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो करें: Online तरीका Offline तरीका अगर Draft Voter List में नाम नहीं है तो क्या करें? अगर आपका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं दिख रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने दावे और आपत्तियों (Claims & Objections) के लिए समय दिया है। जरूरी तारीखें कौन-सा फॉर्म भरें? फॉर्म ऑनलाइन भी भरे जा सकते हैं या फिर BLO के पास जमा किए जा सकते हैं। Draft List क्यों है इतनी अहम? ड्राफ्ट वोटर लिस्ट इसलिए जरूरी है ताकि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Silver ने तोड़ा रिकॉर्ड, ₹2.45 लाख के ऑल-टाइम हाई पर पहुंची

Silver ने तोड़ा रिकॉर्ड, ₹2.45 लाख के ऑल-टाइम हाई पर पहुंची

देश में कीमती धातुओं की कीमतों ने एक बार फिर नया इतिहास रच दिया है। आज Silver की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला और यह ₹2.45 लाख प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई। सिर्फ एक दिन में चांदी ₹7,725 महंगी हो गई, जिससे निवेशकों और बाजार दोनों में हलचल मच गई है। वहीं सोने की कीमतों में भी मजबूती बनी हुई है। आज सोना ₹741 की बढ़त के साथ ₹1.37 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर के करीब पहुंच गया। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आम खरीदारों से लेकर निवेशकों तक सभी की नजर सर्राफा बाजार पर टिकी हुई है। क्यों बढ़ रही हैं सोना-चांदी की कीमतें? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती, डॉलर में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के चलते सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। इसके अलावा घरेलू बाजार में मांग बढ़ने से भी दाम ऊपर जा रहे हैं। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? सोना और चांदी को हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है। मौजूदा हालात में कीमतों का यह उछाल संकेत देता है कि आने वाले दिनों में भी सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेश से पहले बाजार की स्थिति को समझना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bangladesh

Bangladesh Violence 18 दिनों में 6 हिंदुओं की हत्या, सरत चक्रवर्ती केस ने हिलाया देश

बांग्लादेश (Bangladesh) में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नरसिंदी ज़िले के चारसिंदूर बाज़ार में 40 वर्षीय हिंदू किराना दुकानदार सरत चक्रवर्ती मणि की नृशंस हत्या ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि उस डर की तस्वीर है जो आज बांग्लादेश के कई हिंदू परिवारों के मन में बैठ चुका है। दुकान पर हमला, अस्पताल में तोड़ा दम स्थानीय लोगों के मुताबिक, 5 जनवरी की रात सरत चक्रवर्ती अपनी रोज़ की तरह दुकान चला रहे थे। तभी अज्ञात हमलावर धारदार हथियारों के साथ आए और उन पर हमला कर दिया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके। सरत को इलाके में एक शांत, मेहनती और किसी से विवाद न रखने वाले व्यक्ति के रूप में जाना जाता था। यही बात उनकी हत्या को और भी चौंकाने वाली बनाती है। 18 दिनों में 6 हिंदुओं की हत्या, चिंता बढ़ी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले 18 दिनों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय से जुड़े 6 लोगों की हत्या हो चुकी है। इनमें से दो हत्याएँ सिर्फ 24 घंटों के भीतर अलग-अलग ज़िलों में हुईं, जिनमें नरसिंदी और जशोर शामिल हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बांग्लादेश में अल्पसंख्यक अब खुद को सुरक्षित महसूस कर पा रहे हैं? हिंदू समुदाय में खौफ, बदल रही रोज़मर्रा की ज़िंदगी इन हत्याओं के बाद स्थानीय हिंदू समुदाय में डर साफ़ दिखाई दे रहा है। कई दुकानदार अब जल्दी दुकान बंद कर रहे हैं, कुछ लोग अकेले बाहर निकलने से बच रहे हैं। परिवारों में यह चिंता बढ़ रही है कि अगला नंबर किसका होगा। एक स्थानीय निवासी ने कहा,“हम यहीं पैदा हुए, यहीं पले-बढ़े, लेकिन आज अपने ही देश में डर लग रहा है।” प्रशासन पर सवाल, जवाब की तलाश अब तक कई मामलों में हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है। इससे कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता और गहरी हो गई है। लोगों का कहना है कि अगर दोषियों को सख़्त सज़ा नहीं मिली, तो ऐसे अपराध और बढ़ सकते हैं। मानवाधिकार संगठनों की अपील मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इन घटनाओं को गंभीर बताते हुए बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि सिर्फ बयान नहीं, ज़मीन पर ठोस कार्रवाई ज़रूरी है। Sarat Chakraborty Mani की हत्या एक चेतावनी है। यह बताती है कि धार्मिक अल्पसंख्यकों के बीच असुरक्षा की भावना कितनी गहरी हो चुकी है। अगर समय रहते हालात नहीं संभाले गए, तो इसका असर पूरे समाज की शांति और भरोसे पर पड़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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JNU

JNU Protest Viral Umar Khalid Bail Reject के बाद JNU में नारेबाज़ी, देशभर में मचा हंगामा

देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह है—छात्र नेता उमर ख़ालिद की जमानत याचिका खारिज होने के बाद हुआ विरोध प्रदर्शन, जिसका एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली दंगों के 2020 मामले में उमर ख़ालिद और शारजील इमाम को जमानत न दिए जाने के फैसले के बाद जेएनयू कैंपस में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। इसी दौरान लगाए गए कुछ उग्र और विवादित नारों ने पूरे मामले को राष्ट्रीय बहस में बदल दिया। Viral Video में क्या दिखा? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ छात्र समूह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाते हुए नजर आ रहे हैं। इन नारों को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं।कई लोगों ने इसे सीमा लांघने वाला विरोध बताया, जबकि कुछ छात्र संगठनों का कहना है कि यह सरकार के फैसलों के खिलाफ आक्रोश की अभिव्यक्ति है। Protest का असली कारण प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि उमर ख़ालिद पिछले कई वर्षों से जेल में हैं और बार-बार जमानत याचिका खारिज होना न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। छात्रों के अनुसार, यह मुद्दा केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि असहमति की आवाज़ और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है। Political Reaction तेज़ वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज़ हो गई।सत्तापक्ष से जुड़े नेताओं ने इसे देश विरोधी मानसिकता करार दिया, जबकि विपक्षी नेताओं ने कहा कि सरकार को नारों से ज़्यादा मूल मुद्दों—जैसे न्यायिक प्रक्रिया और छात्रों की समस्याओं—पर ध्यान देना चाहिए। Police और University Administration का रुख अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, इस नारेबाज़ी को लेकर कोई आधिकारिक पुलिस शिकायत दर्ज नहीं हुई है, हालांकि वीडियो की जांच की जा रही है।वहीं, जेएनयू प्रशासन ने फिलहाल संयम बरतते हुए किसी सख्त कार्रवाई की घोषणा नहीं की है। Background: क्यों अहम है यह मामला? उमर ख़ालिद पर UAPA के तहत दिल्ली दंगों की साजिश में शामिल होने का आरोप है। वे 2020 से न्यायिक हिरासत में हैं।जेएनयू पहले भी ऐसे कई राजनीतिक आंदोलनों और प्रदर्शनों का गवाह रहा है, जहां छात्रों की आवाज़ अक्सर राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचती रही है। जेएनयू का यह ताज़ा विरोध प्रदर्शन एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है किविरोध की सीमा क्या होनी चाहिए?और अभिव्यक्ति की आज़ादी और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन कैसे बने? आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि इस वायरल वीडियो पर प्रशासन और जांच एजेंसियाँ क्या कदम उठाती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IRCTC

IRCTC Ticket Booking में Aadhaar Linking Rule जनवरी 2026 से मिलेगा Priority Access

भारतीय रेलवे ने जनवरी 2026 से IRCTC टिकट बुकिंग में आधार लिंकिंग को लेकर नया नियम लागू करने की घोषणा की है। इस नियम के तहत आधार से लिंक किए गए यात्रियों को पहले दिन आरक्षण विंडो में प्राथमिकता मिलेगी। नया बदलाव कब से लागू होगा? किस पर लागू होगा? क्यों किया जा रहा है बदलाव? रेलवे का कहना है कि यह कदम एजेंट्स, बॉट्स और टिकट touts के गलत इस्तेमाल को रोकने और सच्चे यात्रियों को आरक्षण में बेहतर अवसर देने के लिए उठाया गया है। स्टेशन काउंटर से बुकिंग पर असर प्राथमिकता का लाभ कैसे उठाएं? इस बदलाव के बाद, रेलवे का लक्ष्य है कि टिकट बुकिंग प्रक्रिया समान और पारदर्शी बने, और genuine यात्रियों को सुविधाजनक अनुभव मिले। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Donald Trump की Venezuela की अंतरिम राष्ट्रपति को खुली धमकी, बोले- बात नहीं मानी तो हालात और बिगड़ेंगे

Donald Trump की Venezuela की अंतरिम राष्ट्रपति को खुली धमकी, बोले- बात नहीं मानी तो हालात और बिगड़ेंगे

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर वेनेजुएला को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ट्रम्प ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका की शर्तें नहीं मानी गईं तो हालात और ज्यादा खराब किए जा सकते हैं। ट्रम्प के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वेनेजुएला पहले से ही आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और जनता की परेशानियों से जूझ रहा है। ऐसे में इस तरह की धमकी ने आम लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। UNSC में आज इमरजेंसी मीटिंग ट्रम्प के बयान के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने आज आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक में वेनेजुएला की मौजूदा स्थिति, अमेरिका के रुख और इससे वैश्विक शांति पर पड़ने वाले असर पर चर्चा होगी। कई देशों ने अमेरिका के इस कड़े रवैये पर सवाल उठाए हैं, जबकि कुछ देश वेनेजुएला में लोकतंत्र बहाली की बात कर रहे हैं। आम जनता सबसे ज्यादा परेशान राजनीतिक टकराव का सीधा असर वेनेजुएला की जनता पर पड़ रहा है। खाने-पीने की कमी, महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे लोग अब अंतरराष्ट्रीय तनाव से और डरे हुए हैं। लोगों को उम्मीद है कि UNSC की बैठक से कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा। दुनिया भर की नजरें अब इस बैठक और आने वाले फैसलों पर टिकी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

Delhi दंगा मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला Umar Khalid और Sharjeel Imam को झटका

साल 2020 के Delhi Riots Case से जुड़े बहुचर्चित larger conspiracy matter में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए उमर खालिद (Umar Khalid) और शरजील इमाम (Sharjeel Imam) की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत ने साफ कहा कि दोनों आरोपियों के खिलाफ लगे आरोप गंभीर हैं और उनकी भूमिका अन्य आरोपियों से अलग मानी जाती है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब यह मामला न सिर्फ कानूनी बल्कि सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने क्यों ठुकराई जमानत? सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम पर UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत आरोप हैं, जिसमें जमानत के नियम बेहद सख्त हैं। अदालत के अनुसार, इस स्तर पर उपलब्ध रिकॉर्ड और आरोपों को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि मामला कमजोर है या आरोप प्रथम दृष्टया गलत हैं। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि दोनों की कथित भूमिका “qualitatively different” यानी अन्य सह-आरोपियों की तुलना में ज्यादा गंभीर मानी गई है। क्या है Delhi Riots 2020 का मामला? फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों में 50 से ज्यादा लोगों की जान गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद दावा किया कि यह हिंसा अचानक नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित साजिश के तहत हुई थी। इसी कथित साजिश के तहत उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य लोगों पर दंगे भड़काने, भाषणों और बैठकों के जरिए माहौल तनावपूर्ण बनाने जैसे आरोप लगाए गए। अन्य आरोपियों को मिली राहत जहां एक ओर उमर खालिद और शरजील इमाम को राहत नहीं मिली, वहीं सुप्रीम कोर्ट ने इसी केस में पांच अन्य आरोपियों —गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद — को सशर्त जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि इन आरोपियों के खिलाफ आरोप और सबूत, मुख्य आरोपियों की तुलना में उतने गंभीर नहीं हैं। पहले भी खारिज हो चुकी हैं याचिकाएं इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट भी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर चुका है। दोनों पिछले कई वर्षों से जेल में बंद हैं और ट्रायल अभी भी जारी है, जिसे लेकर देरी के सवाल उठते रहे हैं। फैसले के मायने सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय एक बार फिर यह दिखाता है कि UAPA जैसे कठोर कानूनों में जमानत पाना आसान नहीं है। साथ ही, यह फैसला उन बहसों को भी हवा देता है जो लंबे समय तक बिना दोष सिद्ध हुए हिरासत, नागरिक अधिकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा के संतुलन पर होती रही हैं। फिलहाल, उमर खालिद और शरजील इमाम को जेल में ही रहना होगा और आगे की कानूनी लड़ाई निचली अदालत में जारी रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bangladesh

Bangladesh Unrest हिंदू व्यापारी को पीटकर जिंदा जलाया

New Year Eve पर हुआ हमला, तीन दिन तक जिंदगी से जूझते रहे, 3 जनवरी को निधन बांग्लादेश (Bangladesh) में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच एक और हृदय विदारक घटना सामने आई है। शरीयतपुर जिले के डामुड्या उपजिला में रहने वाले हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की बेरहमी से हत्या कर दी गई। नए साल की पूर्व संध्या पर हुए इस हमले के बाद वह तीन दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे, लेकिन 3 जनवरी 2026 को अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। New Year Eve की रात क्या हुआ परिजनों के अनुसार, 50 वर्षीय खोकन दास अपनी मेडिकल दुकान और मोबाइल बैंकिंग कारोबार बंद कर रोज़ की तरह घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी ऑटो-रिक्शा को कुछ लोगों ने जबरन रुकवाया। इसके बाद उन पर अचानक हमला कर दिया गया। हमलावरों ने पहले उन्हें बुरी तरह पीटा, फिर तेज़ हथियारों से वार किया और अंत में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जलती आग से बचने की कोशिश में खोकन दास पास के एक तालाब में कूद गए, जिससे आग कुछ हद तक बुझी। स्थानीय लोगों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत और मौत हमले में खोकन दास के शरीर का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया था। इसके अलावा उन्हें कई जगह चाकू के घाव और अंदरूनी चोटें आई थीं। पहले उन्हें शरीयतपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में हालत गंभीर होने पर ढाका रेफर किया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन आखिरकार 3 जनवरी की सुबह उनकी मौत हो गई। उनके निधन की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार का दर्द और सवाल मृतक की पत्नी सीमा दास का कहना है कि उनके पति का किसी से कोई झगड़ा या दुश्मनी नहीं थी। वह एक साधारण, मेहनती व्यापारी थे और इलाके में सभी से अच्छे संबंध रखते थे। परिवार का आरोप है कि खोकन दास को सिर्फ हिंदू होने के कारण निशाना बनाया गया। परिजन अब भी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि इतनी बेरहमी की वजह क्या थी। अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा यह घटना बांग्लादेश (Bangladesh) में हाल के दिनों में हिंदू समुदाय पर हुए कई हमलों की कड़ी में एक और नाम जोड़ती है। इन घटनाओं ने न सिर्फ देश के भीतर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर हालात गंभीर होते जा रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने और दोषियों को सख्त सज़ा देने का आश्वासन दिया है। हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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America

America Crime Update Family Dispute में खौफनाक कांड, 8 मासूमों की मौत

America के Shreveport से आई एक खबर ने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया है। एक ही घर में कुछ ही मिनटों के भीतर खुशियों का संसार खत्म हो गया। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपने ही परिवार को निशाना बनाते हुए 7 बच्चों समेत कुल 8 मासूमों की जान ले ली। घटना कैसे हुई? रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वारदात 19 अप्रैल 2026 को हुई। आरोपी ने पहले घर में मौजूद एक महिला—जिसे बच्चों की मां बताया जा रहा है—पर गोली चलाई। इसके बाद उसने एक-एक कर घर में मौजूद बच्चों को निशाना बनाया। मरने वाले बच्चों की उम्र महज 1 साल से 11 साल के बीच थी। सोचिए, जिन हाथों में खिलौने होने चाहिए थे, वहां जिंदगी ही छिन गई। घर में पसरा सन्नाटा स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के वक्त कुछ बच्चे सो रहे थे। कुछ ने बचने की कोशिश भी की, लेकिन हालात ऐसे थे कि कोई खुद को बचा नहीं सका। कुछ ही पलों में एक हंसता-खेलता घर खामोशी में बदल गया। पत्नी की हालत नाजुक हमले में पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गई है और अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। एक अन्य महिला के घायल होने की भी खबर है। डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी है। पुलिस ने क्या किया? सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी वारदात के बाद भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे ढेर कर दिया। फिलहाल पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है। क्या थी वजह? शुरुआती जांच में मामला घरेलू विवाद (Domestic Violence) से जुड़ा माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि परिवार में लंबे समय से तनाव चल रहा था, जो इस खौफनाक अंजाम तक पहुंच गया। हालांकि, असली वजह का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा। एक सवाल जो सबके मन में है… यह घटना सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं है, बल्कि एक ऐसा दर्द है जो यह सोचने पर मजबूर करता है—आखिर कोई पिता अपने ही बच्चों के साथ ऐसा कैसे कर सकता है? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
TCS

TCS Case Nida Khan Suspend, Nashik Conversion Case में जांच तेज, आज कोर्ट की नजर

महाराष्ट्र के नासिक से जुड़ा Tata Consultancy Services (TCS) विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में आरोपी बताई जा रही कर्मचारी निदा खान को कंपनी ने सस्पेंड कर दिया है। वहीं आज उनकी Anticipatory Bail (अग्रिम जमानत) पर कोर्ट में अहम सुनवाई होने वाली है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं। क्या है Nashik TCS Case? नासिक स्थित TCS ऑफिस में काम करने वाली कुछ महिला कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शिकायतों के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू हो गई। अब तक इस केस में कई लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। TCS का सख्त कदम मामले के सामने आते ही TCS ने तुरंत एक्शन लिया। इतना ही नहीं, निष्पक्ष जांच के लिए Deloitte और Trilegal जैसी बाहरी एजेंसियों को भी जोड़ा गया है। आरोप क्या हैं, और क्या कह रहा है बचाव पक्ष? निदा खान पर आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और ऑफिस का माहौल बिगाड़ा।हालांकि, उनके वकील इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि मामला बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है और सच्चाई जांच के बाद सामने आएगी। SIT जांच और बढ़ती गंभीरता मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने SIT (Special Investigation Team) बनाई है।यह टीम यही वजह है कि यह मामला अब सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। आज होगी Anticipatory Bail पर सुनवाई निदा खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। कानूनी जानकार मानते हैं कि आज का फैसला इस केस की दिशा तय कर सकता है। क्यों अहम है यह मामला? यह केस कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है— नासिक का यह मामला अब सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि लोगों के भरोसे और सिस्टम की पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा बन गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Udhampur

Udhampur Road Accident तेज रफ्तार बस बनी मौत का कारण, 16 यात्रियों की जान गई

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर (Udhampur) में सोमवार का दिन एक दर्दनाक हादसे के नाम रहा। यात्रियों से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। चंद सेकंड में बदली ज़िंदगी हादसे में बचे यात्रियों ने बताया कि सब कुछ सामान्य चल रहा था, तभी अचानक तेज आवाज आई और बस का टायर फट गया। बस तेज रफ्तार में थी, इसलिए ड्राइवर उसे संभाल नहीं सका। कुछ ही पलों में बस सड़क से फिसलकर खाई में गिर गई।जो लोग इस हादसे में बच गए, वे अब भी उस खौफनाक मंजर को याद कर सिहर उठते हैं। मौके पर मची अफरा-तफरी बस के गिरते ही इलाके में चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण सबसे पहले मदद के लिए पहुंचे। इसके बाद पुलिस और राहत-बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकाला। कई घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। कई की हालत नाजुक डॉक्टरों के मुताबिक, कुछ घायलों की हालत बेहद गंभीर है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हादसा इतना भीषण था कि कई लोगों की मौके पर ही जान चली गई। जांच शुरू, वजहों की पड़ताल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बस का टायर फटना और तेज रफ्तार इस हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है। हालांकि तकनीकी जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Heatwave

Extreme Heatwave MP-राजस्थान समेत कई राज्य तपे, UP-Odisha में रातें भी बेहाल, Kota में एक्शन

देशभर में गर्मी अब लोगों की सहनशक्ति की परीक्षा लेने लगी है। मध्य भारत से लेकर उत्तर और पूर्वी राज्यों तक लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत 7 राज्यों में चौथे दिन भी भीषण Heatwave जारी है, जिससे आम जनजीवन पर सीधा असर दिख रहा है। दिन में आग जैसी गर्मी, सड़कें हुई सूनी कई शहरों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। जरूरी काम के बिना लोग घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं। UP-Odisha में रातें भी बन रहीं परेशानी इस बार गर्मी सिर्फ दिन तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश और ओडिशा में रात का तापमान भी काफी ज्यादा बना हुआ है। पंखे और कूलर भी राहत देने में नाकाम नजर आ रहे हैं, जिससे लोगों की नींद तक प्रभावित हो रही है। Kota में सड़कों पर Water Spray राजस्थान के कोटा में प्रशासन ने गर्मी से राहत देने के लिए खास पहल की है। शहर की सड़कों पर लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि तापमान थोड़ा कम हो सके और लोगों को कुछ राहत मिल सके। आम जिंदगी पर असर साफ गर्मी के चलते बाजारों में भीड़ कम हो गई है। कई जगह स्कूलों के समय में बदलाव किया जा रहा है। दफ्तरों में भी दोपहर के समय कामकाज धीमा पड़ता दिख रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को हो रही है। अगले कुछ दिन और भारी मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल राहत के आसार कम हैं। अगले 2-3 दिनों तक लू का असर बना रह सकता है और तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। खुद को ऐसे रखें सुरक्षित हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Markram

Punjab Kings vs LSG Markram Over बना Turning Point, 5 Sixes से मैच पलटा

आईपीएल 2026 में एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला, जिसने फैंस को पूरी तरह रोमांचित कर दिया। Punjab Kings ने धमाकेदार बल्लेबाज़ी करते हुए Lucknow Super Giants के खिलाफ सीजन का सबसे बड़ा स्कोर बना दिया। मैदान पर हर ओवर में चौके-छक्कों की बारिश हो रही थी, लेकिन असली कहानी एक ओवर में लिखी गई। जब Markram का ओवर बना Turning Point लखनऊ के कप्तान Aiden Markram गेंद लेकर आए, लेकिन यह फैसला टीम पर भारी पड़ गया। पंजाब के बल्लेबाज़ों ने बिना कोई मौका गंवाए इस ओवर में 5 छक्के जड़ दिए। स्टेडियम में बैठे दर्शक भी इस तूफानी बल्लेबाज़ी को देखकर हैरान रह गए। यही ओवर मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। Punjab Kings की Fearless Batting पंजाब की टीम शुरुआत से ही अलग इरादों के साथ उतरी थी। पावरप्ले में तेज शुरुआत मिली, और फिर मिडिल ओवर्स में भी रन रुकने का नाम नहीं लिया। डेथ ओवर्स में तो बल्लेबाज़ों ने खुलकर खेला और स्कोर को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया। LSG का Opening Experiment नहीं चला इस मैच में Lucknow Super Giants ने ओपनिंग कॉम्बिनेशन में बदलाव किया, लेकिन यह दांव उल्टा पड़ गया। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से टीम दबाव में आ गई और बड़े लक्ष्य का पीछा करना और मुश्किल हो गया। Chase में पिछड़ी Lucknow Team इतने बड़े स्कोर का पीछा करना आसान नहीं था। लखनऊ की टीम शुरुआत से ही रन रेट के दबाव में दिखी। विकेट गिरते रहे और मैच धीरे-धीरे पंजाब के पक्ष में जाता गया। Match Highlights (Quick Look) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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