आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGबिज़नेसSugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ LimitedBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावटBREAKINGधर्म-कर्मRaksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ MuhuratBREAKINGदेश-हरपलKanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौतBREAKINGबिज़नेसShare Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावटBREAKINGदेश-हरपलKhelo India में PM Modi का बड़ा संवाद, Youth Power से Viksit Bharat तक होगी चर्चाBREAKINGदेश-हरपलBank Holiday Today: 28 अगस्त को बैंक रहेंगे बंद, Delhi-Mumbai समेत इन शहरों पर असरBREAKINGस्पोर्ट्सIND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोरBREAKINGबिज़नेसSugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ LimitedBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावटBREAKINGधर्म-कर्मRaksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ MuhuratBREAKINGदेश-हरपलKanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौतBREAKINGबिज़नेसShare Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावटBREAKINGदेश-हरपलKhelo India में PM Modi का बड़ा संवाद, Youth Power से Viksit Bharat तक होगी चर्चाBREAKINGदेश-हरपलBank Holiday Today: 28 अगस्त को बैंक रहेंगे बंद, Delhi-Mumbai समेत इन शहरों पर असरBREAKINGस्पोर्ट्सIND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोर

Latest Posts

Dhar Bhojshala

Dhar Bhojshala Controversy: Supreme Court का बड़ा फैसला, परिसर में पूजा-नमाज व्यवस्था पर नया आदेश

भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद (Dhar Bhojshala Dispute) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश दिया है। अदालत ने विवादित परिसर के अंदर शुक्रवार की नमाज की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। हालांकि, मुस्लिम पक्ष को राहत देते हुए कोर्ट ने नमाज के लिए विवादित स्थल के बाहर अलग खुली जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद भोजशाला परिसर में धार्मिक गतिविधियों को लेकर चल रही बहस एक बार फिर तेज हो गई है। अदालत ने साफ किया है कि यह व्यवस्था फिलहाल अंतरिम है और मामले के अंतिम फैसले का असर इस पर निर्भर करेगा। Supreme Court Order: विवादित परिसर में नहीं होगी नमाज सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें भोजशाला परिसर में शुक्रवार की नमाज की अनुमति बहाल करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने फिलहाल इस मांग को स्वीकार नहीं किया और कहा कि विवादित स्थल के अंदर नमाज की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, अदालत ने मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए शुक्रवार की नमाज अदा करने हेतु अलग खुली जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। यह व्यवस्था दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज के लिए लागू रहेगी। क्या है Bhojshala विवाद? धार की भोजशाला देश के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में से एक है, जिसको लेकर लंबे समय से हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। हिंदू पक्ष का दावा है कि भोजशाला मां सरस्वती (वाग्देवी) का प्राचीन मंदिर है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद से जुड़ा धार्मिक स्थल मानता है। यह पूरा परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में आता है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहुंचा मामला Supreme Court भोजशाला विवाद में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद विवादित परिसर में नमाज को लेकर पहले से चली आ रही व्यवस्था में बदलाव हुआ था। मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर शुक्रवार की नमाज की अनुमति फिर से देने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम व्यवस्था बनाए रखने का फैसला लिया। ASI को भी दिए गए निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला परिसर की स्थिति को बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक स्थल पर ऐसा कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा, जिससे विवाद की स्थिति प्रभावित हो। कोर्ट ने दोनों पक्षों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील भी की है, क्योंकि यह मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है। आगे क्या होगा? अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर है। अदालत दोनों पक्षों की दलीलों और संबंधित तथ्यों पर विचार करने के बाद आगे का फैसला सुनाएगी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के अनुसार भोजशाला परिसर में नमाज की अनुमति नहीं होगी, जबकि मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार की नमाज के लिए अलग स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sonam Wangchuk,

Sonam Wangchuk Hunger Strike: लद्दाख के मुद्दे पर जारी आंदोलन, 3 Idiots के Omi Vaidya ने जताई चिंता

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk (सोनम वांगचुक) की Hunger Strike (भूख हड़ताल) का आज 17वां दिन है। लद्दाख के अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे इस आंदोलन ने अब देशभर में चर्चा तेज कर दी है। लगातार अनशन के कारण सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में चिंता बढ़ती जा रही है। इस बीच बॉलीवुड से भी उनके समर्थन में आवाजें उठने लगी हैं। फिल्म 3 Idiots में ‘चतुर रामलिंगम’ का किरदार निभाने वाले अभिनेता Omi Vaidya (ओमी वैद्य) ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि सोनम वांगचुक को किसी तरह का नुकसान पहुंचे और इस मामले का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए। Zeenat Aman ने भी की Government से बातचीत की अपील दिग्गज अभिनेत्री Zeenat Aman (जीनत अमान) ने भी सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान संवाद के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत कर इस मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश करे। क्यों कर रहे हैं Sonam Wangchuk Protest? सोनम वांगचुक लद्दाख के लोगों के लिए कई अहम मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा, संविधान की Sixth Schedule (छठी अनुसूची) के तहत सुरक्षा और स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा शामिल है। उनका कहना है कि लद्दाख की अलग भौगोलिक परिस्थितियों, पर्यावरण और सांस्कृतिक पहचान को देखते हुए यहां के लोगों के हितों की सुरक्षा जरूरी है। 17 दिनों के अनशन से बढ़ी चिंता लगातार 17 दिनों से जारी भूख हड़ताल के चलते सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता बढ़ रही है। उनके समर्थकों का कहना है कि सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और जल्द बातचीत शुरू करनी चाहिए। वहीं, सोनम वांगचुक लगातार अपने आंदोलन के जरिए लद्दाख के पर्यावरण और स्थानीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों को सामने रख रहे हैं। Social Media पर भी छाया Ladakh Movement सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है। कई लोग उनके मुद्दों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत को सबसे बेहतर रास्ता बता रहे हैं। 3 Idiots फिल्म के बाद सोनम वांगचुक पहले से ही युवाओं के बीच लोकप्रिय रहे हैं। शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में उनके काम को लेकर उन्हें देशभर में पहचान मिली है। अब आगे क्या? सोनम वांगचुक की Hunger Strike के 17वें दिन पहुंचने के बाद सभी की नजरें सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संभावित बातचीत पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले का कोई सकारात्मक रास्ता निकलेगा, जिससे लद्दाख से जुड़े मुद्दों का समाधान हो सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Govind Giri

मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: Govind Giri का बड़ा दावा, बोले- गलत बताए जा रहे चोरी के आंकड़े

मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर अब गोविंद गिरी महाराज ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चोरी की रकम को लेकर चल रही चर्चाओं पर सफाई देते हुए कहा कि घटना में नुकसान को लेकर जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे वास्तविकता से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जा रहे हैं। गोविंद गिरी के मुताबिक, चोरी की राशि 3 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। बिना आधिकारिक पुष्टि के बड़ी रकम के दावे करना सही नहीं है, क्योंकि इससे लोगों में भ्रम फैलता है। Govind Giri ने क्या कहा? Govind Giri ने चढ़ावा चोरी मामले पर बोलते हुए कहा कि मंदिरों में आने वाला दान और चढ़ावा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा होता है। इसलिए इस तरह के मामलों में सही जानकारी सामने आना बेहद जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि चोरी की रकम को लेकर कुछ जगहों पर जो आंकड़े बताए जा रहे हैं, वे वास्तविक स्थिति से काफी अलग हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी खबर पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें। चोरी की रकम को लेकर बना हुआ है विवाद चढ़ावा चोरी की खबर सामने आने के बाद से ही नुकसान की राशि को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे थे। कुछ रिपोर्ट्स में बड़ी रकम का जिक्र किया गया था, जिसके बाद यह मामला काफी चर्चा में आ गया। अब गोविंद गिरी के बयान के बाद एक बार फिर चोरी की वास्तविक राशि को लेकर बहस शुरू हो गई है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कुल कितना नुकसान हुआ है। जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई फिलहाल मामले की जांच जारी है। संबंधित अधिकारी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी कैसे हुई और इसमें कितनी राशि या सामान का नुकसान हुआ। गोविंद गिरी ने उम्मीद जताई कि जांच के बाद पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल इस घटना के बाद धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिरों में दान और चढ़ावे की सुरक्षा के लिए आधुनिक निगरानी व्यवस्था और बेहतर प्रबंधन जरूरी है। मंदिरों में आने वाला चढ़ावा लाखों लोगों की आस्था से जुड़ा होता है, ऐसे में इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ाती हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Monsoon

IMD Weather Alert: Monsoon Break का असर, उत्तर भारत में थमी बारिश, Arunachal में ITBP के 15 जवान फंसे

देशभर में मानसून (Monsoon) की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ गई है। जुलाई के मध्य में जहां आमतौर पर कई राज्यों में झमाझम बारिश होती है, वहीं इस बार मौसम ने अलग ही तस्वीर पेश की है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 11 साल में तीसरी बार ऐसा Monsoon Break देखने को मिल रहा है। इसका सीधा असर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। दूसरी ओर, पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश और भूस्खलन से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। अरुणाचल प्रदेश में ITBP के 15 जवान खराब मौसम के कारण दुर्गम इलाके में फंस गए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए राहत अभियान जारी है। क्या है Monsoon Break और क्यों हुआ? Monsoon Break वह स्थिति होती है, जब कुछ दिनों के लिए मानसून की सक्रियता अचानक कम हो जाती है। इस दौरान उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश लगभग रुक जाती है, जबकि पूर्वोत्तर और हिमालयी क्षेत्रों में बारिश जारी रह सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है। साथ ही बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम सक्रिय नहीं होने के कारण बारिश का सिलसिला कमजोर पड़ गया है। UP और MP में बारिश की कमी बढ़ी चिंता मानसून की सुस्ती का सबसे ज्यादा असर खेती पर पड़ने लगा है। बारिश कम होने से धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई और शुरुआती बढ़वार प्रभावित हो सकती है। कई जिलों में किसान सिंचाई के वैकल्पिक साधनों का सहारा लेने लगे हैं। राजस्थान, दिल्ली और आसपास के राज्यों में बढ़ी उमस मानसून कमजोर पड़ने का असर राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में भी महसूस किया जा रहा है। इन इलाकों में दिन का तापमान बढ़ा है और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक इन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना कम रहेगी। Arunachal Pradesh में ITBP के जवान फंसे पूर्वोत्तर भारत में स्थिति बिल्कुल अलग है। अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं। इसी बीच ITBP के 15 जवान एक दुर्गम इलाके में फंस गए। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। मौसम साफ होते ही जवानों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश तेज की जाएगी। किसानों की बढ़ी चिंता जुलाई का महीना खरीफ फसलों के लिए बेहद अहम माना जाता है। ऐसे समय में बारिश कम होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी वर्षा नहीं होती, तो कई क्षेत्रों में फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार सिंचाई और फसल प्रबंधन की योजना बनाएं। IMD ने क्या कहा? भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में बंगाल की खाड़ी में नया लो-प्रेशर सिस्टम बनने की संभावना है। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है, तो उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है और अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। हालांकि, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में फिलहाल बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
LPG Cylinder

10kg Gas Cylinder: अब भारी सिलेंडर से मिलेगी राहत, जानें नया LPG Cylinder कब होगा उपलब्ध

देशभर के करोड़ों LPG उपभोक्ताओं के लिए जल्द एक नई सुविधा शुरू हो सकती है। सरकारी तेल कंपनियां 10kg के नए Lightweight LPG Cylinder को बड़े स्तर पर उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही हैं। यह सिलेंडर खासतौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्हें 14.2 किलो वाला घरेलू सिलेंडर भारी लगता है या जिनके घर में गैस की खपत कम होती है। हालांकि, इस योजना को लागू करने से पहले सरकार की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग शहरों में उपलब्ध कराया जाएगा। क्या है 10kg LPG Cylinder की खासियत? नया 10kg LPG सिलेंडर वजन में हल्का होगा और इसे उठाना, ले जाना व इस्तेमाल करना पहले की तुलना में काफी आसान रहेगा। तेल कंपनियों का मानना है कि यह सिलेंडर छोटे परिवारों और सीमित गैस उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह नया विकल्प पारंपरिक 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की जगह नहीं लेगा, बल्कि ग्राहकों को एक अतिरिक्त सुविधा देगा। किन लोगों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा? 10kg LPG Cylinder कई वर्गों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। इनमें शामिल हैं— हल्का होने की वजह से इसे बदलना और एक जगह से दूसरी जगह ले जाना भी आसान होगा। 10kg LPG Cylinder की कितनी होगी कीमत? फिलहाल तेल कंपनियों ने इसकी आधिकारिक कीमत का ऐलान नहीं किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सिलेंडर को कमर्शियल कैटेगरी में उपलब्ध कराया जा सकता है। ऐसे में इसकी कीमत शहर और उस समय लागू LPG दरों के आधार पर तय होगी। सरकार या तेल कंपनियों की ओर से कीमत को लेकर अंतिम घोषणा अभी बाकी है। क्या बंद हो जाएगा 14.2kg घरेलू LPG Cylinder? इस सवाल का जवाब है—नहीं। 14.2 किलो वाला घरेलू LPG सिलेंडर पहले की तरह मिलता रहेगा। नया 10kg सिलेंडर केवल एक अतिरिक्त विकल्प होगा, ताकि उपभोक्ता अपनी जरूरत और बजट के अनुसार सही सिलेंडर चुन सकें। अभी कितनी है घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत? वर्तमान में 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत अलग-अलग शहरों में अलग है। दिल्ली में इसकी कीमत करीब ₹942 है। वहीं कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें भी समय-समय पर तेल कंपनियों द्वारा संशोधित की जाती हैं। कब से शुरू होगी 10kg LPG Cylinder की सुविधा? अभी तक इसकी लॉन्च डेट तय नहीं की गई है। तेल कंपनियां इस योजना पर काम कर रही हैं और आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद इसे पहले चुनिंदा शहरों में शुरू किया जा सकता है। बाद में इसकी उपलब्धता पूरे देश में बढ़ाई जाएगी। उपभोक्ताओं के लिए क्यों है यह बड़ी खबर? बदलती जीवनशैली और छोटे परिवारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 10kg LPG Cylinder एक बेहतर विकल्प बन सकता है। इससे उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार गैस सिलेंडर चुनने की सुविधा मिलेगी। खासकर ऐसे लोग जो कम गैस का इस्तेमाल करते हैं या भारी सिलेंडर उठाने में असुविधा महसूस करते हैं, उनके लिए यह योजना काफी राहत देने वाली साबित हो सकती है। अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो आने वाले समय में लाखों उपभोक्ताओं को हल्का, सुविधाजनक और जरूरत के हिसाब से LPG सिलेंडर का नया विकल्प मिल सकेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
लालू यादव

Deoghar Fodder Scam: लालू यादव को Supreme Court से बड़ी राहत, जमानत रद्द करने से इनकार

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को देवघर चारा घोटाला (Fodder Scam) मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार को हुई सुनवाई में सर्वोच्च अदालत ने CBI की उस याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें झारखंड हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को रद्द करने की मांग की गई थी। अदालत के इस फैसले के बाद फिलहाल लालू यादव की जमानत बरकरार रहेगी। यह फैसला ऐसे समय आया है जब चारा घोटाले से जुड़े मामलों को लेकर लंबे समय से कानूनी लड़ाई जारी है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा रुख को लालू यादव के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है। क्या है देवघर Fodder Scam Case? देवघर ट्रेजरी से पशुपालन विभाग के नाम पर फर्जी बिलों के जरिए सरकारी खजाने से करीब 89 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला चर्चित चारा घोटाले का हिस्सा है। इस मामले में विशेष CBI अदालत ने लालू प्रसाद यादव को दोषी ठहराते हुए साढ़े तीन साल की सजा सुनाई थी। बाद में झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत दे दी थी। इसी आदेश को चुनौती देते हुए CBI सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी और जमानत रद्द करने की मांग की थी। Supreme Court में CBI की दलील सुनवाई के दौरान CBI ने अदालत में कहा कि झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत देते समय कानूनी पहलुओं का सही तरीके से मूल्यांकन नहीं किया। जांच एजेंसी का कहना था कि लालू यादव द्वारा सजा पूरी करने की अवधि और अलग-अलग मामलों की गणना को लेकर हाईकोर्ट का निष्कर्ष उचित नहीं था। इसी आधार पर CBI ने जमानत रद्द करने की अपील की। कोर्ट ने क्यों नहीं दी CBI को राहत? सुप्रीम कोर्ट ने CBI की दलीलों पर तत्काल हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत ने फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश में कोई बदलाव नहीं किया और लालू यादव की जमानत जारी रहने दी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि इतने पुराने मामलों का जल्द निपटारा होना जरूरी है। इस फैसले के बाद लालू यादव को फिलहाल किसी नई कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। बचाव पक्ष ने क्या कहा? लालू यादव की ओर से पेश वकीलों ने अदालत को बताया कि उनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक है और वे कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने उन्हें राहत दी थी। बचाव पक्ष ने कहा कि जमानत रद्द करने का कोई ठोस आधार नहीं है। क्या है पूरा चारा घोटाला? बिहार का बहुचर्चित चारा घोटाला देश के सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में शामिल है। इसमें पशुपालन विभाग के जरिए सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी का आरोप है। इस मामले में कई अलग-अलग ट्रेजरी से जुड़ी FIR दर्ज हुई थीं और लालू प्रसाद यादव को कई मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है। हालांकि, अलग-अलग मामलों में कानूनी प्रक्रिया अब भी जारी है और कई याचिकाओं पर अदालतों में सुनवाई चल रही है। बिहार की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर? सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को सिर्फ कानूनी राहत ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। बिहार में आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच लालू यादव को मिली यह राहत राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के लिए सकारात्मक मानी जा रही है। हालांकि, कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। चारा घोटाले से जुड़े अन्य मामलों में आगे भी सुनवाई जारी रहेगी और भविष्य में अदालत के फैसले इस मामले की दिशा तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Operation Sindoor

Operation Sindoor के बाद Long-Term War Strategy पर फोकस, ₹10 लाख करोड़ की Defence Projects को मिली रफ्तार

भारत की सुरक्षा रणनीति में पिछले कुछ महीनों के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश का रास्ता खोलते हुए लगभग ₹10 लाख करोड़ की रक्षा खरीद और सैन्य आधुनिकीकरण से जुड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल मौजूदा जरूरतों को पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की संभावित चुनौतियों और लंबे समय तक चलने वाले संघर्षों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। Defence Procurement का बदला पूरा पैटर्न बीते 14 महीनों में रक्षा खरीद की रणनीति पहले के मुकाबले काफी अलग नजर आई है। अब ध्यान सिर्फ नए हथियार खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी तकनीक पर भी है जो आधुनिक युद्ध की जरूरतों को पूरा कर सके। मिसाइल सिस्टम, ड्रोन, एयर डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, साइबर सुरक्षा और निगरानी तकनीक जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही तीनों सेनाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। किन क्षेत्रों में हो रहा है सबसे बड़ा निवेश? सरकार जिन रक्षा परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है, उनमें कई अहम क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी का उद्देश्य भारतीय सेना को तकनीकी रूप से पहले से अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। ‘Make in India’ को मिला बड़ा बढ़ावा रक्षा क्षेत्र में सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक स्वदेशी उत्पादन है। कई बड़े रक्षा सौदों में भारतीय कंपनियों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि विदेशी आयात पर निर्भरता कम हो और देश में ही अत्याधुनिक हथियारों का निर्माण हो सके। इस रणनीति से रक्षा उद्योग को मजबूती मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। तीनों सेनाओं की क्षमता होगी और मजबूत भारतीय सेना को नई पीढ़ी के हथियार, ड्रोन और लंबी दूरी तक हमला करने वाले सिस्टम उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं भारतीय वायुसेना अपने लड़ाकू बेड़े और एयर डिफेंस नेटवर्क को आधुनिक बना रही है। दूसरी ओर, नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी रणनीतिक मौजूदगी को और मजबूत करने के लिए नए युद्धपोत, पनडुब्बियां और समुद्री निगरानी प्रणालियों को अपने बेड़े में शामिल कर रही है। भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनी रणनीति रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्ध अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। ड्रोन हमले, साइबर अटैक, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और लंबी दूरी की मिसाइलें आज किसी भी संघर्ष का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। इसी कारण भारत अपनी रक्षा तैयारियों को पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ नई तकनीकों से भी मजबूत कर रहा है, ताकि किसी भी चुनौती का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सके। भारत की सुरक्षा नीति में दिख रहा बड़ा बदलाव पिछले कुछ वर्षों में रक्षा खरीद की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज हुई है। सरकार अब केवल हथियारों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और समय पर उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दे रही है। रक्षा क्षेत्र में हो रहा यह निवेश आने वाले वर्षों में भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है और देश की सामरिक स्थिति को और मजबूत बना सकता है।
Read more

यमुनानगर ज्वेलर्स लूटकांड: पुलिस मुठभेड़ में 3 बदमाशों के पैर में लगी गोली, 4 आरोपी गिरफ्तार

हरियाणा के यमुनानगर में रादौर स्थित शाकुंभरी ज्वेलर्स पर हुई लाखों रुपये की लूट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तीन बदमाशों के साथ मुठभेड़ की, जिसमें जवाबी फायरिंग में तीनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। वहीं, चौथे आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। तीन आरोपियों के पैर में लगी गोली पुलिस के मुताबिक, घायल बदमाशों की पहचान रवि (इंद्री निवासी), सतबीर (गन्नौर, सोनीपत निवासी) और पवन उर्फ पुन्ना के रूप में हुई है। चौथे आरोपी प्रवीण को बिना घायल हुए मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। चारों आरोपियों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस पर भी की गई फायरिंग मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर भी फायरिंग की। इस दौरान सीआईए-2 प्रभारी राकेश की बुलेटप्रूफ जैकेट पर एक गोली लगी। जैकेट होने के कारण उनकी जान बच गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं पहनी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। CCTV और साइबर इनपुट से आरोपियों तक पहुंची पुलिस रादौर ज्वेलर्स लूटकांड की जांच में स्थानीय थाना पुलिस के साथ सीआईए-1, सीआईए-2 और साइबर टीम लगातार जुटी हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और साइबर इनपुट के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उनकी लोकेशन ट्रेस की। कांजनू पुल पर हुई मुठभेड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी कांजनू पुल के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों के पैर में गोली मारकर उन्हें काबू कर लिया, जबकि चौथे आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और लूटकांड से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more

हवाई किराए पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: केंद्र सरकार से 2 हफ्ते में मांगे नए नियम

त्योहारों और आपातकालीन परिस्थितियों में एयरलाइंस कंपनियों द्वारा हवाई किराए में की जाने वाली भारी बढ़ोतरी पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह दो सप्ताह के भीतर हवाई किराया तय करने से जुड़े नए नियमों की प्रति सीलबंद लिफाफे में कोर्ट में पेश करे। मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने जनहित याचिका पर की। अदालत ने स्पष्ट किया कि नियम संसद में पेश हों या नहीं, लेकिन उनकी प्रति तय समय में कोर्ट को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी। केंद्र ने कहा- नियम तैयार, जल्द संसद में होंगे पेश सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि हवाई किराया नियंत्रित करने से जुड़े नियम तैयार हैं और उन्हें अगले 30 दिनों के भीतर संसद में पेश किया जाएगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संसद की प्रक्रिया अपनी जगह है, लेकिन न्यायालय को नियमों की प्रति दो सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए। जनहित याचिका में उठाया गया था मनमाने किराए का मुद्दा यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायणन द्वारा दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एयरलाइंस कंपनियां मांग बढ़ने पर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलती हैं। याचिकाकर्ता ने अदालत से देश में एक स्वतंत्र और प्रभावी नियामक (रेगुलेटर) बनाने की मांग की, जो एयरलाइंस के किराए और अतिरिक्त शुल्कों की निगरानी कर सके। सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि कई बार हवाई किराया 300 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। इस पर अदालत ने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार वकीलों की फीस भी 400 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। पहले भी केंद्र को लग चुकी है फटकार इस मामले में 30 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को हलफनामा (एफिडेविट) दाखिल नहीं करने पर फटकार लगाई थी। अदालत ने सरकार से पूछा था कि तय समय पर हलफनामा क्यों दाखिल नहीं किया गया और अतिरिक्त समय की आवश्यकता क्यों पड़ी। साथ ही इस संबंध में विस्तृत आवेदन दाखिल करने के निर्देश भी दिए थे। पहले भी उठा चुका है सुप्रीम कोर्ट सवाल हवाई किराए में मनमानी बढ़ोतरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले भी चिंता जता चुका है। जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों का भी असर एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि जेट फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतें उनके संचालन खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा हैं। कुल परिचालन लागत का लगभग 30 से 40 प्रतिशत खर्च ईंधन पर होता है। इसी वजह से कई एयरलाइंस ने टिकटों के दाम बढ़ाए हैं और अपने वित्तीय अनुमान (फाइनेंशियल आउटलुक) में भी बदलाव किए हैं। हालांकि, याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मांग बढ़ने के दौरान किराए में होने वाली अत्यधिक वृद्धि पर प्रभावी निगरानी जरूरी है। देश, कोर्ट और कारोबार से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more

दिल्ली दंगा: IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्या मामले में ताहिर हुसैन समेत 5 दोषी करार, 6 आरोपी बरी

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अहम फैसला सुनाया है। घटना के करीब छह साल बाद अदालत ने पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) प्रवीण सिंह की अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए ताहिर हुसैन, नाज़िम, काशिम, अनस और जावेद को हत्या, अपहरण, दंगा करने और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने जैसे आरोपों में दोषी ठहराया। वहीं, मामले में आरोपित छह अन्य लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। 25 फरवरी 2020 को हुई थी अंकित शर्मा की हत्या यह मामला दयालपुर थाने में अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, 25 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा कार्यालय से घर लौटने के बाद दोबारा बाहर निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं आए। परिवार उनकी तलाश कर रहा था। इसी दौरान सूचना मिली कि उनकी हत्या कर शव को चांदबाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है। अगले दिन पुलिस ने नाले से अंकित शर्मा का शव बरामद किया था। पिता ने ताहिर हुसैन और साथियों पर लगाया था आरोप अंकित शर्मा के पिता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि तत्कालीन AAP पार्षद ताहिर हुसैन और उसके साथियों ने उनके बेटे की हत्या की। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ताहिर हुसैन के कार्यालय में इकट्ठा हुए थे और वारदात को अंजाम देने के बाद अंकित शर्मा के शव को नाले में फेंक दिया था। 2023 में तय हुए थे आरोप मामले में नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन को पार्टी से निलंबित कर दिया था। इसके बाद 24 मार्च 2023 को अदालत ने ताहिर हुसैन सहित 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। लंबी सुनवाई के बाद अब अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। CAA विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की थी हिंसा दिल्ली में फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थन और विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। 23 फरवरी से शुरू हुई यह हिंसा 26 फरवरी तक चली। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 250 से अधिक लोग घायल हुए थे। हिंसा के दौरान बड़ी संख्या में घरों, दुकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। कई इलाकों में व्यापक स्तर पर संपत्ति का नुकसान हुआ था। ताहिर हुसैन ने पैरोल पर लड़ा था चुनाव मामले में जेल में बंद रहने के दौरान ताहिर हुसैन ने पैरोल पर बाहर आकर 2025 का दिल्ली विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। हालांकि, उनके खिलाफ अंकित शर्मा हत्याकांड समेत कई मामलों की सुनवाई जारी रही। अब अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद सजा पर अगली सुनवाई में फैसला सुनाया जाएगा। देश, राजनीति और कोर्ट से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें deshharpal.com
Read more
1 36 37 38 39 40 216

Editor's Picks

Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.