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राहुल गांधी बोले- छात्रों को माफी नहीं, सरकार के कामों का जवाब चाहिए; RSS पर भी साधा निशाना

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को छात्रों के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के छात्र कठिन दौर से गुजर रहे हैं और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माफी नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों और कामकाज पर जवाब चाहिए। राहुल गांधी ने यह बातें पूर्व कांग्रेस सांसद वाइको की पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम के दौरान कहीं। “छात्र रोजगार और निष्पक्ष परीक्षा चाहते हैं” राहुल गांधी ने कहा कि देशभर के छात्र रोजगार, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और बेहतर शिक्षा प्रणाली की मांग को लेकर सड़कों पर हैं। उनके अनुसार, युवाओं की प्रमुख चिंता रोजगार के अवसर और निष्पक्ष प्रतियोगी परीक्षाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि प्रधानमंत्री छात्रों को माफ करने जैसी बात क्यों कर रहे हैं, जबकि छात्र अपनी समस्याओं के समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं। RSS पर इतिहास बदलने का आरोप कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संगठन देश के इतिहास को बदलने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के लोग अपने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं करेंगे। राज्यों के सम्मान की भी उठाई बात राहुल गांधी ने कहा कि संविधान भारत को राज्यों का एक संघ मानता है और प्रत्येक राज्य देश की विविधता तथा पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि हर राज्य, उसकी भाषा और संस्कृति के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग भारत की विभिन्न भाषाओं और सांस्कृतिक परंपराओं के महत्व को कम करके आंकने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि देश की ताकत उसकी विविधता में निहित है। देश और राजनीति से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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जालोर में तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आया ढाई साल का मासूम, मौके पर मौत; चालक हिरासत में

जालोर। राजस्थान के जालोर जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में ढाई साल के मासूम की जान चली गई। बागोड़ा थाना क्षेत्र के छाजाला गांव में घर के बाहर खेल रहे बच्चे को तेज रफ्तार डंपर ने कुचल दिया। हादसे के बाद चालक मौके से भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने उसका पीछा कर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। घर के बाहर खेल रहा था मासूम जानकारी के अनुसार, यह हादसा मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे हुआ। मासूम मोहम्मद, पिता बिलाल खान, अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान तेज गति से आए डंपर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना गंभीर था कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने पीछा कर चालक को पकड़ा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने डंपर चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन वह वाहन लेकर भागने लगा। इस पर ग्रामीणों ने उसका पीछा किया और कुछ दूरी पर पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। इकलौता बेटा था मासूम छाजाला गांव के पूर्व सरपंच शरीफ खान ने बताया कि मृतक उनका भांजा था। उन्होंने बताया कि मासूम परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी तीन बड़ी बहनें हैं। बच्चे के पिता बिलाल खान मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने डंपर जब्त कर शुरू की जांच बागोड़ा थाना प्रभारी बलदेव राम ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। डंपर को जब्त कर लिया गया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। राजस्थान और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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Bihar

Bihar Politics में बड़ा सियासी ट्विस्ट, Bankipur हार के बाद PM Modi से मिले Nitish Kumar

Bihar की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा सीट के नतीजे के बाद हलचल बढ़ गई है। बीजेपी को मिली हार के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात संसद भवन में हुई। इसके बाद बिहार की सियासत में इस बैठक को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बांकीपुर का चुनाव परिणाम बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। ऐसे समय में नीतीश कुमार का पीएम मोदी से मिलना राजनीतिक नजरिए से अहम माना जा रहा है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर बातचीत हुई, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। Bankipur Result के बाद हुई अहम मुलाकात बांकीपुर सीट का नतीजा सामने आने के बाद बीजेपी और एनडीए के राजनीतिक प्रदर्शन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच नीतीश कुमार की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को और तेज कर दिया। संसद भवन में हुई इस मुलाकात को बिहार के मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि चुनावी नतीजों के बाद एनडीए की आगे की रणनीति क्या रहती है। BJP की हार ने खड़े किए कई सवाल बांकीपुर को पटना की अहम विधानसभा सीटों में माना जाता है। यहां बीजेपी की हार के बाद पार्टी के प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे हैं। चुनाव परिणाम को लेकर विपक्ष भी एनडीए पर निशाना साध रहा है और इसे बिहार की राजनीति में बदलते माहौल का संकेत बता रहा है। हालांकि, किसी एक सीट के परिणाम को पूरे राज्य की राजनीति का सीधा संकेत मानना सही नहीं होगा। फिर भी बांकीपुर का नतीजा बीजेपी के लिए राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय जरूर बन गया है। Nitish Kumar और PM Modi की बैठक पर टिकी नजरें नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की मुलाकात ऐसे समय हुई है जब बिहार में चुनावी नतीजों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को लेकर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि बैठक में किसी बड़े राजनीतिक फैसले पर चर्चा हुई। फिलहाल इतना जरूर है कि बांकीपुर के नतीजे के बाद हुई इस मुलाकात ने बिहार की Politics को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है। आगे क्या होगी NDA की रणनीति? बिहार की राजनीति में बीजेपी और जेडीयू लंबे समय से महत्वपूर्ण सहयोगी रहे हैं। चुनावी नतीजों के बाद दोनों दलों के लिए आगे की रणनीति तय करना अहम होगा। खासकर उन सीटों पर पार्टी संगठन और चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा की जा सकती है जहां उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं आए। अब सबकी नजरें आने वाले राजनीतिक बयानों और एनडीए की अगली गतिविधियों पर हैं। बांकीपुर का नतीजा और उसके बाद नीतीश कुमार की पीएम मोदी से मुलाकात फिलहाल बिहार की सियासत में चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Air India

Air India Flight Turbulence: फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में जोरदार झटके, 12 यात्री घायल

फुकेट से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट उस वक्त मुश्किल में फंस गई, जब उड़ान के दौरान विमान को अचानक तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। हवा में लगे जोरदार झटकों से विमान के अंदर बैठे यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना में करीब 12 यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। टर्बुलेंस के दौरान विमान को कई बार तेज झटके महसूस हुए। स्थिति इतनी गंभीर थी कि विमान के अंदर की सीलिंग में भी दरारें आने की बात सामने आई है। हालांकि, पायलट ने हालात को संभालते हुए फ्लाइट को सुरक्षित तरीके से दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड कराया। अचानक लगे झटकों से घबराए यात्री फुकेट से दिल्ली के लिए उड़ान भरने के बाद फ्लाइट सामान्य रूप से अपने सफर पर थी। इसी दौरान रास्ते में विमान अचानक तेज हवा के प्रभाव में आ गया। देखते ही देखते विमान में जोरदार झटके महसूस होने लगे। अचानक हुए इस घटनाक्रम से यात्रियों में घबराहट बढ़ गई। जिन यात्रियों को चोटें आईं, उन्हें दिल्ली पहुंचने के बाद मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई गई। घटना के बाद एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्थिति को लेकर जरूरी इंतजाम किए गए। विमान की सीलिंग में आई दरार इस घटना में सबसे ज्यादा ध्यान विमान के अंदर हुए नुकसान ने खींचा है। तेज टर्बुलेंस के बाद विमान की सीलिंग में दरार आने की जानकारी सामने आई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उड़ान के दौरान हवा के झटके कितने तेज रहे होंगे। दिल्ली में लैंडिंग के बाद विमान की तकनीकी स्थिति की जांच की जा रही है। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि टर्बुलेंस के कारण विमान के किन हिस्सों को नुकसान पहुंचा और उसकी गंभीरता कितनी थी। पायलट ने संभाली स्थिति, दिल्ली में सुरक्षित Landing तेज टर्बुलेंस के बावजूद फ्लाइट के पायलट और क्रू ने स्थिति को संभाले रखा। विमान को सुरक्षित तरीके से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारा गया। लैंडिंग के बाद घायल यात्रियों को आवश्यक चिकित्सा सहायता दी गई। यात्रियों के लिए विमान में सीट बेल्ट बांधकर रखना ऐसे हालात में बेहद महत्वपूर्ण होता है। टर्बुलेंस कब और कितनी तेजी से आएगा, इसका हमेशा सटीक अनुमान लगाना संभव नहीं होता। क्या होता है Turbulence? टर्बुलेंस दरअसल हवा के प्रवाह में अचानक होने वाला बदलाव है। जब विमान अलग-अलग गति या दिशा से चल रही हवा के क्षेत्र से गुजरता है, तो यात्रियों को विमान में झटके महसूस हो सकते हैं। हल्का टर्बुलेंस आमतौर पर सामान्य माना जाता है, लेकिन तेज टर्बुलेंस में यात्रियों को चोट लगने की आशंका बढ़ जाती है। यही वजह है कि उड़ान के दौरान सीट बेल्ट बांधे रखने की सलाह दी जाती है। Air India Flight Incident पर नजर फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में हुई इस घटना ने एक बार फिर विमान यात्रा के दौरान Turbulence Safety को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। फिलहाल यात्रियों के घायल होने और विमान को हुए नुकसान से जुड़ी जानकारी सामने आ रही है। घटना की विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी। फिलहाल राहत की बात यह रही कि तेज झटकों के बावजूद फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कर गई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Priyanka Gandhi

Bihar Politics में घमासान, Bankipur पर Priyanka का BJP पर वार; Giriraj बोले- ज्यादा खुश न हों

बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा सीट को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सीट पर सामने आए राजनीतिक समीकरणों के बीच कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग अब भाजपा से थक चुके हैं। प्रियंका के इस बयान के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी पलटवार किया और विपक्ष को ज्यादा खुश नहीं होने की नसीहत दे दी। बांकीपुर को लेकर नेताओं के बीच जुबानी जंग ने बिहार की राजनीति का माहौल और गर्म कर दिया है। एक तरफ विपक्ष इसे बीजेपी के खिलाफ जनता के बदलते मूड के तौर पर देख रहा है, तो दूसरी ओर बीजेपी नेता इन दावों को लेकर सावधानी बरतने की बात कह रहे हैं। प्रियंका गांधी ने BJP पर साधा निशाना प्रियंका गांधी ने बांकीपुर के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि जनता अब भाजपा से थक चुकी है। उनके बयान को विपक्ष की ओर से बीजेपी के खिलाफ माहौल बनने के दावे के तौर पर देखा जा रहा है। बांकीपुर जैसी चर्चित सीट पर इस तरह की राजनीतिक टिप्पणी इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि यहां का चुनावी मुकाबला लंबे समय से बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार सरकार और बीजेपी की नीतियों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। Giriraj Singh का Priyanka Gandhi को जवाब प्रियंका गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने विपक्ष को बांकीपुर के राजनीतिक समीकरणों को लेकर जल्दबाजी में उत्साहित नहीं होने की सलाह दी। गिरिराज सिंह का कहना है कि चुनावी राजनीति में किसी एक घटनाक्रम या बयान के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं है। उन्होंने विपक्ष को संकेत दिया कि अभी ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है और तस्वीर आगे और साफ होगी। Bankipur में बढ़ी Political हलचल बांकीपुर की राजनीति में इस बयानबाजी के बाद हलचल बढ़ गई है। एक ओर प्रियंका गांधी का बयान कांग्रेस और विपक्ष के लिए उत्साह बढ़ाने वाला माना जा रहा है, वहीं गिरिराज सिंह की प्रतिक्रिया बीजेपी के आत्मविश्वास को दिखाती है। दरअसल, बिहार की राजनीति में हर चुनावी सीट का अपना महत्व है, लेकिन बांकीपुर पर होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर खास नजर रहती है। यही वजह है कि यहां से जुड़े नेताओं के बयान भी तेजी से चर्चा में आ जाते हैं। जनता के मूड पर टिकी निगाहें फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि बांकीपुर में जनता का मूड किस ओर है। राजनीतिक दल अपने-अपने दावे कर रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला मतदाताओं के हाथ में होगा। प्रियंका गांधी के ‘लोग BJP से थक चुके हैं’ वाले बयान और गिरिराज सिंह के ‘ज्यादा खुश न हों’ वाले पलटवार ने बिहार की सियासत में नया राजनीतिक वार-पलटवार जरूर शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में इस सीट को लेकर और बयान सामने आने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kejriwal

Delhi Politics में फिर हलचल, Kejriwal का PM House की ओर March; Police हुई Alert

दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू किया। केजरीवाल के इस कदम के बाद दिल्ली पुलिस भी अलर्ट नजर आई और उन्हें प्रधानमंत्री आवास की ओर आगे बढ़ने से रोकने की तैयारी शुरू कर दी गई। मार्च के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक उनके साथ नजर आए। जैसे-जैसे काफिला आगे बढ़ा, सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त कर दी गई। पुलिस ने फिरोज शाह रोड के आसपास बैरिकेडिंग कर रास्ता रोकने की तैयारी की, ताकि प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका जा सके। PM House की ओर मार्च से बढ़ा राजनीतिक तनाव Kejriwal के प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च ने राजधानी में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि वह अपनी मांगों और मुद्दों को लेकर सरकार के सामने आवाज उठा रही है। वहीं, पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रदर्शन को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। फिरोज शाह रोड पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ने के साथ ही प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनाव की स्थिति बनने लगी। पुलिस ने एहतियात के तौर पर बैरिकेड्स लगाए और मार्च के संभावित रास्ते पर सुरक्षा बढ़ाई। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त PM House की ओर मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम कड़े किए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों की कोशिश है कि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो और यातायात भी प्रभावित न हो। केजरीवाल के इस मार्च को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच सियासी बयानबाजी तेज होने की संभावना है। राजधानी की राजनीति में यह घटनाक्रम आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। समर्थकों में दिखा उत्साह मार्च के दौरान AAP कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। समर्थक नारेबाजी करते हुए केजरीवाल के साथ आगे बढ़ते नजर आए। पार्टी नेताओं का कहना है कि जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी लड़ाई जारी रहेगी। फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस के बैरिकेड्स के बाद मार्च किस दिशा में जाता है और क्या अरविंद केजरीवाल प्रधानमंत्री आवास तक पहुंच पाते हैं या पुलिस उन्हें रास्ते में ही रोक देती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मदरसों

Yogi Cabinet का बड़ा प्रस्ताव: मदरसों में 12वीं तक Education, Kamil-Fazil Degree पर रोक

उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। सरकार UP Madrasa Education से जुड़े कानून में संशोधन का प्रस्ताव लाने जा रही है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो मदरसा बोर्ड के तहत चलने वाले संस्थानों में पढ़ाई 12वीं कक्षा तक ही होगी। इसके बाद Kamil और Fazil Degree देने की व्यवस्था खत्म हो सकती है। सरकार के इस प्रस्ताव ने मदरसा शिक्षा से जुड़े छात्रों, शिक्षकों और संस्थानों के बीच चर्चा तेज कर दी है। खासतौर पर उन विद्यार्थियों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है, जो 12वीं के बाद मदरसा बोर्ड से कामिल या फाजिल की पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं। 12वीं तक सीमित होगी मदरसा बोर्ड की पढ़ाई प्रस्तावित संशोधन के तहत मदरसा बोर्ड की जिम्मेदारी मुख्य रूप से स्कूली शिक्षा तक सीमित किए जाने की बात है। यानी मदरसों में शुरुआती कक्षाओं से लेकर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट यानी 12वीं तक पढ़ाई जारी रह सकेगी। लेकिन 12वीं के बाद मिलने वाली उच्च शिक्षा की डिग्री मदरसा बोर्ड के माध्यम से नहीं दी जाएगी। छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए विश्वविद्यालय या अन्य मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों में जाना होगा। Kamil और Fazil Course पर क्या होगा असर? इस प्रस्ताव का सबसे अहम हिस्सा Kamil और Fazil courses से जुड़ा है। मौजूदा व्यवस्था में इन पाठ्यक्रमों को उच्च शिक्षा के स्तर से जोड़ा जाता रहा है। नए प्रावधान लागू होने पर मदरसा बोर्ड इन स्तरों की डिग्री जारी नहीं कर सकेगा। इसका मतलब साफ है कि 12वीं के बाद अगर कोई छात्र उच्च शिक्षा हासिल करना चाहता है तो उसे संबंधित यूनिवर्सिटी या मान्यता प्राप्त संस्थान का विकल्प चुनना होगा। Supreme Court के फैसले के बाद क्यों आया बदलाव? मदरसा शिक्षा में प्रस्तावित संशोधन को सुप्रीम कोर्ट के मदरसा कानून से जुड़े फैसले की पृष्ठभूमि में भी देखा जा रहा है। अदालत की सुनवाई के दौरान मदरसा बोर्ड की शक्तियों और उच्च शिक्षा की डिग्री से जुड़े अधिकारों पर महत्वपूर्ण सवाल सामने आए थे। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से कानून में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य मदरसा बोर्ड की भूमिका को स्कूली शिक्षा तक सीमित करने और उच्च शिक्षा को विश्वविद्यालयी व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में कदम माना जा रहा है। छात्रों पर क्या पड़ेगा असर? अगर यह संशोधन लागू हो जाता है तो मदरसा बोर्ड से 12वीं तक पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए आगे की राह बदल जाएगी। उन्हें कामिल या फाजिल की डिग्री के लिए मदरसा बोर्ड पर निर्भर रहने के बजाय संबंधित विश्वविद्यालय या उच्च शिक्षण संस्थान की व्यवस्था में जाना होगा। वहीं, मौजूदा छात्रों और पहले से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को लेकर सरकार किस तरह की व्यवस्था लागू करेगी, यह अंतिम नियम सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा। अभी प्रस्ताव है, अंतिम फैसला बाकी यहां यह समझना जरूरी है कि फिलहाल इसे सरकार का प्रस्तावित संशोधन बताया जा रहा है। जब तक कैबिनेट से अंतिम मंजूरी और उसके बाद जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक इसे लागू नियम नहीं माना जा सकता। अब सबकी नजर योगी कैबिनेट के फैसले पर है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा का मौजूदा ढांचा बदल जाएगा और 12वीं के बाद की पढ़ाई पूरी तरह उच्च शिक्षा संस्थानों की व्यवस्था से जुड़ सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FSSAI

FSSAI ने डाबर इंडिया को भेजा नोटिस, 100% दावे के साथ शहद, घी, तेल आदि की बिक्री पर लगाई रोक

खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग और विज्ञापन में किए जाने वाले दावों को लेकर FSSAI ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने Dabur India को नोटिस जारी करते हुए उसके कुछ खाद्य उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। मामला खास तौर पर उत्पादों की पैकेजिंग और ऑनलाइन लिस्टिंग में इस्तेमाल किए जा रहे ‘100%’ दावों से जुड़ा है। FSSAI की कार्रवाई के बाद शहद, घी, तेल, नारियल पानी और एप्पल साइडर विनेगर जैसे उत्पादों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इस कार्रवाई का मतलब यह नहीं है कि डाबर के सभी संबंधित उत्पादों को मिलावटी या स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। नियामक की मुख्य आपत्ति लेबलिंग और विज्ञापन में किए गए दावों को लेकर है। किन उत्पादों पर FSSAI की नजर? रिपोर्ट्स के मुताबिक, FSSAI ने डाबर के कई खाद्य उत्पादों पर इस्तेमाल किए जा रहे ‘100%’ जैसे दावों पर आपत्ति जताई है। इनमें Honey, Apple Cider Vinegar, Virgin Coconut Oil, Sesame Oil, Cow Ghee, Coconut Water और Coconut Milk जैसे उत्पाद शामिल हैं। नियामक ने कंपनी की वेबसाइट और उत्पादों की ऑनलाइन लिस्टिंग में इस्तेमाल की गई भाषा की भी जांच की। कुछ उत्पादों के साथ ‘100% Natural’, ‘100% Pure’, ‘100% Purity Guaranteed’ और ‘100% Organic’ जैसे दावे पाए गए। FSSAI का मानना है कि इस तरह के दावे उपभोक्ताओं के मन में उत्पाद की पूरी तरह शुद्ध, प्राकृतिक या जैविक होने की धारणा बना सकते हैं। इसलिए खाद्य उत्पादों के प्रचार और लेबलिंग में ऐसी भाषा के इस्तेमाल को लेकर नियमों का पालन जरूरी है। Organic Products के दावों पर भी सवाल इस मामले में केवल ‘100%’ दावे ही नहीं, बल्कि कुछ ऑर्गेनिक उत्पादों की लेबलिंग भी जांच के दायरे में आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Dabur Organic Honey और Dabur Himalayan Organic Apple Cider Vinegar पर इस्तेमाल किए गए ‘Jaivik Bharat’ लोगो को लेकर भी नियामक ने सवाल उठाए हैं। FSSAI ने संबंधित ऑर्गेनिक दावों और उनके लिए जरूरी प्रमाणन की स्थिति को लेकर कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को पैकेजिंग पर वही जानकारी दी जाए, जिसे नियमों के तहत प्रमाणित किया जा सकता है। पहले भी दी गई थी चेतावनी FSSAI की मौजूदा कार्रवाई अचानक नहीं हुई है। इससे पहले भी खाद्य कंपनियों को ‘100%’ जैसे दावों के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए थे। मई 2025 में FSSAI ने खाद्य कारोबारियों को ऐसे दावों से बचने की सलाह दी थी, क्योंकि ‘100%’ जैसी भाषा किसी खाद्य उत्पाद की पूर्ण गुणवत्ता या श्रेष्ठता की गारंटी के तौर पर समझी जा सकती है। डाबर के मामले में भी नियामक की ओर से पहले सुधारात्मक कदम उठाने के लिए कहा गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी की ओर से की गई कार्रवाई को संतोषजनक नहीं माने जाने के बाद बिक्री रोकने का निर्देश दिया गया। 15 दिन में Action Taken Report मांगी FSSAI ने डाबर से इस मामले में 15 दिनों के भीतर Action Taken Report (ATR) जमा करने को कहा है। यानी कंपनी को यह जानकारी देनी होगी कि नियामक की आपत्तियों के बाद उसने क्या सुधारात्मक कदम उठाए हैं। यह कदम खाद्य कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी माना जा रहा है कि उत्पाद की पैकेजिंग, वेबसाइट और विज्ञापन में इस्तेमाल किए जाने वाले दावों को लेकर नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। क्या Dabur के उत्पाद मिलावटी हैं? इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि FSSAI की कार्रवाई को उत्पादों के मिलावटी या असुरक्षित होने की घोषणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मौजूदा विवाद मुख्य रूप से ‘100%’ दावों, लेबलिंग और ऑर्गेनिक प्रमाणन से जुड़े पहलुओं पर है। इसलिए सोशल मीडिया या अन्य जगहों पर इस कार्रवाई को सीधे तौर पर ‘डाबर के उत्पाद मिलावटी पाए गए’ कहना भ्रामक हो सकता है। कंपनियों के लिए बढ़ी चुनौती FSSAI की यह कार्रवाई खाद्य उद्योग में लेबलिंग और मार्केटिंग के बढ़ते नियामकीय दबाव को भी दिखाती है। आज उपभोक्ता किसी उत्पाद को खरीदने से पहले पैकेजिंग पर लिखे शब्दों, ऑनलाइन डिस्क्रिप्शन और विज्ञापनों पर काफी भरोसा करते हैं। ऐसे में ‘Pure’, ‘Natural’, ‘Organic’ या ‘100%’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कंपनियों के लिए सिर्फ मार्केटिंग का हिस्सा नहीं, बल्कि नियमों के दायरे में आने वाला विषय भी है। डाबर मामले में अब नजर कंपनी की अगली कार्रवाई और FSSAI को दी जाने वाली रिपोर्ट पर रहेगी। अगर कंपनी को अपने उत्पादों की पैकेजिंग या ऑनलाइन दावों में बदलाव करना पड़ता है, तो इसका असर बाजार में मौजूद उत्पादों की लेबलिंग पर भी दिखाई दे सकता है। फिलहाल FSSAI का संदेश स्पष्ट है—खाद्य उत्पादों को बेचते समय कंपनियों को ऐसे दावों से बचना होगा, जो उपभोक्ताओं को उत्पाद की गुणवत्ता या शुद्धता के बारे में गलत या बढ़ा-चढ़ाकर धारणा दे सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Udhayanidhi Stalin

Trisha Krishna Controversy ने पकड़ा Political रंग, Udhayanidhi Stalin को Tamil Nadu Police ने हिरासत में लिया

अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन (Trisha Krishna) को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का विवाद अब राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले चुका है। मामले में तमिलनाडु पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन को उनके घर से हिरासत में लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत में भी हलचल बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि Trisha को लेकर की गई कथित भद्दी टिप्पणी सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया था। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस तरह की भाषा को लेकर नाराजगी जताई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। घर पर पहुंची पुलिस, पूछताछ के लिए ले गई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु पुलिस की टीम उदयनिधि स्टालिन के चेन्नई स्थित आवास पर पहुंची। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए साथ ले जाया गया। पुलिस की इस कार्रवाई की खबर सामने आते ही राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। हालांकि, मामले में पुलिस की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया और संभावित धाराओं को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे में फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर जांच के नतीजों का इंतजार है। Trisha पर टिप्पणी से क्यों बढ़ा विवाद? अभिनेत्री Trisha को लेकर कथित टिप्पणी के बाद विवाद तेजी से बढ़ा। मामला केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बहस का हिस्सा भी बन गया। लोगों ने सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की भाषा और महिलाओं के प्रति सम्मान को लेकर सवाल उठाए। इस विवाद ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि राजनीति और सार्वजनिक मंचों पर किसी महिला के खिलाफ टिप्पणी करते समय भाषा की मर्यादा बनाए रखना कितना जरूरी है। Political angle भी हुआ मजबूत उदयनिधि स्टालिन के हिरासत में लिए जाने के बाद तमिलनाडु की राजनीति में बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। DMK नेता की पुलिस कार्रवाई को लेकर पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। वहीं विपक्ष इस पूरे मामले को लेकर सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा सकता है। फिलहाल सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों से ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं। विवाद ने फिर उठाया Women Respect का मुद्दा Trisha विवाद ने सिर्फ राजनीति ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के सम्मान को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया के दौर में नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों की हर टिप्पणी तेजी से लोगों तक पहुंचती है। ऐसे में शब्दों का चयन और भाषा की मर्यादा पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई से तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Prashant Kishor

बांकीपुर में Prashant Kishor की धमाकेदार जीत, JDU-BJP के बीच बढ़ी Political Tension

बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा सीट का नतीजा सामने आने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने इसे जनता के बदलते मूड का संकेत बताया और अपने राजनीतिक विरोधियों को लेकर तीखा संदेश दिया। वहीं, इस नतीजे के बाद JDU की ओर से भी BJP को लेकर नसीहत सामने आई है। दोनों घटनाक्रम ने बिहार की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। बांकीपुर की जीत ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल बांकीपुर सीट पर मिली प्रचंड जीत को प्रशांत किशोर के राजनीतिक अभियान के लिए अहम माना जा रहा है। नतीजे के बाद उनके समर्थकों में उत्साह दिखाई दिया। प्रशांत किशोर ने जीत के बाद अपने संबोधन में संकेत दिया कि यह सिर्फ एक सीट का चुनावी परिणाम नहीं है, बल्कि जनता के बीच बन रहे नए राजनीतिक माहौल की झलक भी है। उन्होंने अपने विरोधियों को संदेश देते हुए कहा कि राजनीति में जनता के फैसले को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उनके बयान के बाद बिहार की राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि आने वाले चुनावों में प्रशांत किशोर की भूमिका कितनी बड़ी हो सकती है। Prashant Kishor ने दी चेतावनी बांकीपुर के नतीजे के बाद प्रशांत किशोर का तेवर पहले से ज्यादा आक्रामक नजर आया। उन्होंने साफ संकेत दिया कि उनकी राजनीतिक रणनीति अब सिर्फ चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं रहने वाली है। जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने और संगठन को विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ने की बात भी सामने आई। उनके इस बयान को JDU और BJP के लिए राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर बिहार में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच प्रशांत किशोर का बढ़ता प्रभाव सत्तारूढ़ खेमे के लिए चुनौती बन सकता है। JDU ने BJP को क्यों दी नसीहत? दूसरी तरफ, बांकीपुर के नतीजे के बाद JDU की तरफ से BJP को लेकर नसीहत दिए जाने की चर्चा ने गठबंधन की राजनीति को भी सुर्खियों में ला दिया है। JDU ने सहयोगी दल BJP को संकेत दिया कि बिहार की राजनीति में स्थानीय समीकरण और जमीनी हकीकत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। पार्टी का संदेश साफ माना जा रहा है कि बिहार में चुनावी रणनीति बनाते समय स्थानीय नेतृत्व, सामाजिक समीकरण और मतदाताओं के रुझान को प्राथमिकता देनी होगी। BJP के लिए क्या है संकेत? बांकीपुर का परिणाम BJP के लिए भी कई सवाल खड़े करता है। पार्टी के सामने अब यह चुनौती है कि वह बदलते राजनीतिक माहौल को किस तरह समझती है और अपनी रणनीति में क्या बदलाव करती है। JDU की नसीहत के बाद NDA के भीतर भी इस बात पर चर्चा होना स्वाभाविक है कि आने वाले चुनावों में सीटों और उम्मीदवारों को लेकर रणनीति किस तरह तैयार की जाए। बिहार की राजनीति में बढ़ेगी हलचल बिहार की राजनीति में मुकाबला पहले से ही दिलचस्प रहा है। ऐसे में बांकीपुर जैसे महत्वपूर्ण नतीजे के बाद नए राजनीतिक समीकरणों की संभावना को लेकर अटकलें तेज होना स्वाभाविक है। प्रशांत किशोर की सक्रिय राजनीति, JDU की रणनीति और BJP की चुनावी तैयारियां आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। फिलहाल बांकीपुर का परिणाम इतना जरूर बता रहा है कि बिहार के मतदाता के मूड को समझना किसी भी राजनीतिक दल के लिए आसान नहीं है।
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मेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर सौरभ की हत्या करने का आरोप साबित होने के बाद यह फैसला सुनाया गया। सजा सुनाते हुए जज ने वारदात को नृशंस हत्याकांड बताया और कहा कि इसमें माफी स्वीकार नहीं होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए मुस्कान और साहिल सजा सुनाए जाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। इस दौरान दोनों रोने लगे। जज ने मुस्कान से पूछा कि पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद वह क्या सजा चाहती है। इस पर मुस्कान ने कहा, “मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए।” इसके बाद वह खामोश हो गई। वहीं, साहिल से भी यही सवाल पूछा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। सजा के ऐलान के बाद रो पड़ीं सौरभ की मां अदालत के फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां भावुक हो गईं और रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया। इस मामले में सजा का ऐलान सौरभ के परिवार के लिए लंबे इंतजार के बाद आया है। 3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भर दिया गया था। इस वारदात ने पूरे देश में व्यापक चर्चा बटोरी थी। अदालत ने मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

इंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR

शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट का सौदा करने के बाद ब्रोकर और प्लॉट मालिक ने फरियादी से 7 लाख 80 हजार रुपये ले लिए, लेकिन न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया। शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। 9.30 लाख में तय हुआ था प्लॉट का सौदा पुलिस के मुताबिक, नंदबाग कॉलोनी निवासी विजय चौहान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने नंदबाग में एक प्लॉट का सौदा 9 लाख 30 हजार रुपये में तय किया था। इस संबंध में एग्रीमेंट भी किया गया था। फरियादी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और रजिस्ट्री भी नहीं कराई गई। ब्रोकर ने परिचित बताकर कराया था सौदा विजय चौहान के अनुसार, धर्मेंद्र ठाकुर ने उन्हें बताया था कि नंदकिशोर मनावत उसका परिचित है और वह अपना प्लॉट बेचना चाहता है। इसके बाद धर्मेंद्र ने सौदे में ब्रोकर की भूमिका निभाई और इसके बदले 10 हजार रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्री कराने और प्लॉट का कब्जा देने की मांग की, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। 25 से ज्यादा केस होने की धमकी देने का आरोप फरियादी ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री और कब्जे के लिए दबाव बनाने पर धर्मेंद्र ठाकुर ने धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, उसने कहा कि उसके खिलाफ 25 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। साथ ही, उसके या नंदकिशोर मनावत के पास दोबारा आने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। 2.80 लाख रुपये लौटाए, 5 लाख बाकी होने का दावा विजय चौहान के मुताबिक, पुलिस में शिकायत करने की बात कहने के बाद नंदकिशोर मनावत ने 2 लाख 50 हजार रुपये नकद और 30 हजार रुपये ऑनलाइन वापस किए। हालांकि, फरियादी का आरोप है कि बाकी 5 लाख रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विजय चौहान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप

नई दिल्ली। SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी और छात्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रा ने कान पर चोट लगने का लगाया आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई। प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान कथित ज्यादती और मारपीट से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर हिरासत का आरोप एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। यह आरोप भी प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया है। राहुल गांधी ने सबूत सुरक्षित रखने को कहा राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका

क्रिकेट न्यूज। वेस्टइंडीज को बांग्लादेश के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के बल्लेबाज शाई होप और तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ सीरीज से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। CWI के मुताबिक, मेडिकल जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद अल्जारी जोसेफ को सीरीज से हटाने का फैसला लिया गया। बोर्ड उनके कार्यभार को नियंत्रित कर चोट के जोखिम को कम करना चाहता है। वहीं, तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलने के बाद शाई होप को आराम दिया गया है। चोट के खतरे को देखते हुए जोसेफ को आराम क्रिकेट वेस्टइंडीज ने बताया कि अल्जारी जोसेफ को टीम से बाहर रखने का फैसला उनकी सहमति से लिया गया है। बोर्ड के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों को लंबे स्पेल में लगातार गेंदबाजी करनी पड़ती है। इससे छोटे फॉर्मेट की तुलना में कार्यभार और चोट का जोखिम बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जोसेफ के वर्कलोड को कम करने का फैसला किया गया है, ताकि उनके स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखा जा सके। शाई होप को भी दिया गया आराम CWI ने कहा कि शाई होप तीनों फॉर्मेट में लगातार खेल रहे थे। ऐसे में उनके कार्यभार और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें टेस्ट सीरीज से आराम दिया गया है। बोर्ड का यह फैसला फरवरी 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स को ध्यान में रखकर भी लिया गया है। टीम प्रबंधन चाहता है कि खिलाड़ी आगामी महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए फिट रहें। केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में मौका शाई होप की गैरमौजूदगी में 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। अब देखना होगा कि बांग्लादेश की घरेलू परिस्थितियों में वेस्टइंडीज की टीम नए संयोजन के साथ कैसा प्रदर्शन करती है। कोच डैरेन सैमी ने सीरीज जीत को बताया अहम वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने कहा कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र की शुरुआत में टीम ने कुछ लक्ष्य तय किए थे। इनमें टेस्ट रैंकिंग के ऊपरी आधे हिस्से में जगह बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज जीतने से टीम अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकती है। सैमी के मुताबिक, बांग्लादेश को उसकी घरेलू परिस्थितियों में हराना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन टीम इसके लिए तैयार है। 28 अक्टूबर से शुरू होगा पहला टेस्ट बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला टेस्ट 28 अक्टूबर से ढाका में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 5 नवंबर से सिलहट में खेला जाएगा।

IMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने साल 2026 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। वैश्विक तनाव, आर्थिक सुस्ती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का ध्यान खींचा है। मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन को भारत की तेज विकास दर की प्रमुख वजह माना गया है। IMF ने अक्टूबर 2026 की अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में भारत की विकास संभावनाओं को सकारात्मक बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा आयात पर निर्भर कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं जहां दबाव का सामना कर रही हैं, वहीं भारत की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है। 2027 में भी 7% ग्रोथ का अनुमान IMF ने 2026 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान में जुलाई के मुकाबले 0.6 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की है। वहीं, 2027 के लिए भी विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2027 का अनुमान जुलाई के मुकाबले 0.3 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी भारत में विकास की संभावनाओं को लेकर उम्मीद बनी हुई है। IMF से पहले विश्व बैंक और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत की विकास दर के अनुमान में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। चीन की सुस्ती के बीच भारत पर नजर रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी गतिविधियों में तेजी ने भी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित किया है। भारत और चीन एशिया की आर्थिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं, हालांकि दोनों देशों की विकास संभावनाओं में अंतर दिखाई दे रहा है। IMF के अनुमान के अनुसार, चीन की विकास दर 2026 में 4.5% और 2027 में 4% रह सकती है। वैश्विक तनाव और ऊर्जा की ऊंची कीमतों को चीन की आर्थिक वृद्धि के सामने चुनौतियों में शामिल किया गया है। दुनिया की आर्थिक विकास दर पर दबाव IMF के मुताबिक, 2028 से 2031 के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था औसतन 3.2% की दर से बढ़ सकती है। यह 2000 से 2019 के बीच महामारी से पहले दर्ज औसत 3.7% की विकास दर से कम है। रिपोर्ट में वैश्विक तनाव, ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और ऊर्जा आयात पर निर्भर उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाले दबाव को आर्थिक विकास के लिए चुनौती बताया गया है। ऐसे माहौल में भारत की अनुमानित विकास दर अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई देती है। मजबूत घरेलू मांग और जनसांख्यिकी से मिल रहा सहारा भारत की आर्थिक मजबूती के पीछे बढ़ता घरेलू बाजार, मजबूत मांग, अनुकूल जनसांख्यिकी और सुधारों को अहम कारक माना गया है। सर्विसेज सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन भी विकास दर को सहारा दे रहा है। हालांकि, बेहतर अनुमान के बावजूद चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक मांग में कमजोरी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

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