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Ram Mandir Donation Theft Case

Breaking: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज, सुप्रीम कोर्ट ने भी मांगी रिपोर्ट

अयोध्या | Desh Harpal Digital अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी (SIT) और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। जांच एजेंसियों के अनुसार अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, आभूषण और अन्य संपत्तियां बरामद की हैं। जांच के दौरान करीब 50 बैंक खातों की भी जांच की जा रही है, ताकि कथित रूप से चढ़ावे की रकम के लेन-देन का पूरा नेटवर्क सामने आ सके। SIT की रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल एसआईटी की प्रारंभिक जांच में मंदिर के चढ़ावे की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था में 9 बड़ी खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन्हीं कमियों का फायदा उठाकर कथित गबन को अंजाम दिया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार लगभग 40 दिनों में 70 बार कथित चोरी की घटनाएं हुईं। एसआईटी ने अविनाश शुक्ला को इस कथित नेटवर्क का प्रमुख आरोपी बताया है। टिन्नू यादव की दोबारा रिमांड की तैयारी मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव से पूछताछ अभी जारी है। पुलिस अब दोबारा रिमांड लेकर यह जानने की कोशिश करेगी कि कथित चोरी का पूरा नेटवर्क कैसे संचालित होता था और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका थी। इस मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को एंटी करप्शन कोर्ट में प्रस्तावित है। ट्रस्ट में भी हुए बड़े बदलाव चढ़ावा चोरी विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए हैं। साथ ही नए सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। RSS और मुख्यमंत्री योगी का बयान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए एसआईटी जांच पर भरोसा जताया है और कहा है कि दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जांच में अभी तक करीब 150 लोगों में से केवल 8 के खिलाफ ठोस साक्ष्य मिले हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की कथित करतूत के आधार पर पूरे ट्रस्ट या अयोध्या की छवि को बदनाम करना उचित नहीं है। (The Times of India) Desh Harpal Analysis राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला केवल आर्थिक अनियमितता नहीं, बल्कि जनविश्वास और पारदर्शिता से भी जुड़ा हुआ है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
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Expressway

New Expressway की नई सौगात: Lucknow-Kanpur के बीच घटेगी दूरी, 45 मिनट में पूरा होगा सफर

उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों के लिए एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। Lucknow-Kanpur Expressway का उद्घाटन कल होने जा रहा है। इस नए Expressway के शुरू होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच सफर पहले से ज्यादा तेज, आसान और सुविधाजनक हो जाएगा। लंबे समय से जाम और ट्रैफिक की परेशानी झेल रहे यात्रियों को अब एक नया और बेहतर विकल्प मिलने वाला है। करीब 63 किलोमीटर लंबे छह लेन Expressway को इस तरह तैयार किया गया है कि दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो सके। अभी जहां लखनऊ से कानपुर पहुंचने में कई बार 2 से 3 घंटे तक लग जाते हैं, वहीं नए रूट से यह सफर लगभग 35 से 45 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है। Lucknow-Kanpur Expressway Route: कहां से होकर गुजरेगा नया हाईवे? यह Expressway राजधानी लखनऊ के सरोजिनी नगर क्षेत्र के मीरानपुर पिनवट से शुरू होगा और उन्नाव होते हुए कानपुर तक पहुंचेगा। इस नए कॉरिडोर से लखनऊ, उन्नाव और कानपुर के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। खास बात यह है कि इस Expressway के शुरू होने से यात्रियों को पुराने हाईवे पर लगने वाले जाम से काफी राहत मिलेगी। रोजाना नौकरी, कारोबार और अन्य कामों के लिए सफर करने वाले लोगों के लिए यह प्रोजेक्ट बड़ी सुविधा साबित हो सकता है। Expressway की Top Features, जो बनाएंगी सफर आसान Lucknow-Kanpur Expressway को आधुनिक तकनीक और बेहतर सुरक्षा सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। इसकी प्रमुख खूबियां हैं: Travel Time में आएगा बड़ा बदलाव लखनऊ और कानपुर के बीच रोजाना बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। पुराने रास्ते पर ट्रैफिक जाम, शहरों के बीच भारी वाहनों की आवाजाही और समय की देरी यात्रियों के लिए बड़ी समस्या रही है। नए Expressway के शुरू होने के बाद लोगों को तेज और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। खासकर नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और छात्रों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। Lucknow-Kanpur Expressway Toll Price कितना होगा? जानकारी के अनुसार Expressway पर कार से एक तरफ यात्रा के लिए करीब 275 रुपये टोल शुल्क देना पड़ सकता है। वहीं वापसी यात्रा के लिए 24 घंटे के अंदर अलग टोल व्यवस्था लागू हो सकती है। किन वाहनों को मिलेगी अनुमति? यह एक हाई-स्पीड Expressway है, इसलिए सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखते हुए वाहनों की आवाजाही तय की जाएगी। तेज रफ्तार और सुरक्षित यातायात बनाए रखने के लिए दोपहिया और तीन पहिया वाहनों की अनुमति नहीं होने की संभावना है। UP Development को मिलेगी नई रफ्तार Lucknow-Kanpur Expressway सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे कानपुर के औद्योगिक क्षेत्र और लखनऊ के प्रशासनिक व आईटी सेक्टर के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी। साथ ही उन्नाव जैसे क्षेत्रों में भी निवेश, रोजगार और व्यापार के नए अवसर बढ़ सकते हैं। Expressway शुरू होने के बाद पुराने लखनऊ-कानपुर मार्ग पर वाहनों का दबाव भी कम होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bengaluru

Bengaluru Shocking Incident: डिलीवरी देने आया एजेंट, घर में घुसने और गलत व्यवहार का आरोप

बेंगलुरु में एक Delivery Agent से जुड़ी घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि सामान पहुंचाने आए डिलीवरी एजेंट ने उसकी अनुमति के बिना घर में प्रवेश किया और उसके साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। Delivery Boy पर महिला ने लगाए गंभीर आरोप मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना बेंगलुरु की है, जहां एक महिला ने एक डिलीवरी एजेंट के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप है कि आरोपी घर पर सामान पहुंचाने आया था, लेकिन डिलीवरी देने के बाद उसने घर के अंदर आने की कोशिश की। महिला ने जब इसका विरोध किया तो भी आरोपी नहीं रुका और कथित तौर पर जबरन घर के अंदर चला गया। मना करने के बावजूद Washroom जाने का आरोप शिकायत में महिला ने बताया कि आरोपी ने वॉशरूम इस्तेमाल करने की बात कही। महिला ने उसे मना किया, लेकिन इसके बावजूद वह कथित तौर पर वॉशरूम चला गया। महिला का आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उसके साथ अशोभनीय व्यवहार किया। घटना से परेशान महिला ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। Police Action: आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी शिकायत मिलने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी डिलीवरी एजेंट को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान पुलिस महिला के बयान और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। Online Delivery Services की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल इस घटना ने Online Delivery Services में Customer Safety को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। आज के समय में लोग घर बैठे खाना, सामान और कई तरह की सेवाएं मंगाते हैं, ऐसे में डिलीवरी कर्मचारियों की पहचान और Verification Process को मजबूत करना बेहद जरूरी माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि कंपनियों को अपने Delivery Partners की बेहतर जांच, ट्रेनिंग और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू करने चाहिए। बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में इस तरह की घटनाएं लोगों को सावधान रहने का संदेश देती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के व्यवहार में संदेह होने पर तुरंत कदम उठाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लेनी चाहिए। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और मामले की जांच जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आ पाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar Railway Fire: राजेंद्र नगर Complex में बड़ा हादसा, 6 घंटे तक चला Rescue Operation

Bihar की राजधानी पटना में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा सामने आया, जिसने रेलवे प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। राजेंद्र नगर रेलवे कोचिंग कॉम्प्लेक्स में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें देखते ही देखते परिसर के कई हिस्सों तक पहुंच गईं, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी, फायर ब्रिगेड की टीमें और सुरक्षा कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। कई दमकल गाड़ियों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। करीब 6 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। सुबह तड़के लगी आग, रेलवे परिसर में मचा हड़कंप जानकारी के मुताबिक, राजेंद्र नगर रेलवे कोचिंग कॉम्प्लेक्स में सुबह करीब 4 बजे आग लगने की खबर सामने आई। शुरुआती दौर में आग एक हिस्से तक सीमित थी, लेकिन कुछ ही समय में इसकी तीव्रता बढ़ गई और पूरे इलाके में धुआं फैल गया। रेलवे कोचिंग कॉम्प्लेक्स में ट्रेनों के रखरखाव और कोच से जुड़े काम किए जाते हैं, इसलिए घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। Fire Brigade की टीम ने संभाला मोर्चा आग की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया। गर्मी और धुएं के बीच कई घंटों तक चले अभियान के बाद स्थिति सामान्य हो सकी। फिलहाल राहत की बात यह है कि समय रहते आग को नियंत्रित कर लिया गया और किसी बड़े नुकसान को टाल दिया गया। Railway Officials ने किया निरीक्षण, जांच जारी आग बुझने के बाद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। रेलवे की टीम अब आग से हुए नुकसान का आकलन कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर आग किस वजह से लगी। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल राजेंद्र नगर रेलवे कोचिंग कॉम्प्लेक्स जैसी महत्वपूर्ण जगह पर आग लगने की घटना के बाद सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रेलवे प्रशासन अब पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। Patna Railway Fire Update पटना के राजेंद्र नगर रेलवे कोचिंग कॉम्प्लेक्स में लगी आग ने एक बार फिर औद्योगिक और रेलवे परिसरों में Fire Safety को लेकर सतर्कता की जरूरत को सामने ला दिया है। हालांकि राहत की बात यह है कि कई घंटे की मेहनत के बाद दमकल टीमों ने हालात पर नियंत्रण पा लिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Mandir

Ram Mandir Security पर सवाल: चढ़ावा चोरी मामले में जांच जारी, Shankaracharya के बयान ने बढ़ाई सियासी गर्मी

अयोध्या के राम मंदिर (Ram Mandir) से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले ने अब धार्मिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में हलचल बढ़ा दी है। पुलिस इस मामले में आरोपी टिन्नू से पूछताछ के लिए उसकी रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी की घटना कैसे हुई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और चढ़ावे से जुड़ी रकम का क्या हुआ। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी से विस्तृत पूछताछ के लिए कोर्ट से रिमांड मांगी जाएगी। जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का फोकस मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने और किसी भी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की जांच करने पर है। पोस्टर विवाद में सपा नेता समेत 3 लोग गिरफ्तार राम मंदिर मामले से जुड़े विवादित पोस्टर लगाने के मामले में पुलिस ने समाजवादी पार्टी (सपा) के एक नेता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पोस्टर के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि पोस्टर लगाने के पीछे किसी तरह की योजना या राजनीतिक उद्देश्य तो नहीं था। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। Shankaracharya के बयान से बढ़ी Political Debate इस पूरे मामले के बीच शंकराचार्य के बयान ने नई बहस को जन्म दे दिया है। उन्होंने राम मंदिर को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि मंदिर की व्यवस्था धार्मिक परंपराओं के अनुसार होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर को राजनीतिक प्रभाव से दूर रखा जाना चाहिए। शंकराचार्य के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आ रही है। Ram Mandir Security और व्यवस्था पर उठे सवाल राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं और चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में चोरी की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी। फिलहाल Ram Mandir Chadhawa Chori Case में पुलिस की अगली कार्रवाई और आरोपी की रिमांड पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UP Green Mission

UP Green Mission: योगी सरकार का बड़ा कदम, Plantation Drive से बढ़ेगी प्रदेश की हरियाली

उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से Mega Plantation Drive (महापौधरोपण अभियान) की शुरुआत की। UP Green Mission के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री ने खुद पौधा लगाया, पेड़ के साथ सेल्फी ली और गुब्बारे छोड़कर प्रदेशवासियों को प्रकृति बचाने का संदेश दिया। इस साल उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पेड़-पौधे केवल पर्यावरण का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि जीवन का आधार हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पौधरोपण को सिर्फ एक कार्यक्रम न मानें, बल्कि इसे अपनी जिम्मेदारी समझें और लगाए गए पौधों की देखभाल भी करें। Gorakhpur से शुरू हुआ UP का Green Campaign गोरखपुर से शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश में हरित क्षेत्र को बढ़ाना और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने पौधा लगाकर अभियान की शुरुआत की और लोगों को संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा के लिए हर व्यक्ति को आगे आना होगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पेड़ के साथ सेल्फी लेकर लोगों, खासकर युवाओं को पौधरोपण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उनका यह संदेश था कि एक छोटा सा प्रयास भी आने वाले समय में बड़ा बदलाव ला सकता है। UP में लगेंगे 35 करोड़ पौधे, हर जिले में चलेगा अभियान उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने की योजना बनाई है। इसके तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इस अभियान में वन विभाग के साथ-साथ कई सरकारी विभाग, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का लक्ष्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल करना भी है। Environment Protection को लेकर सरकार की बड़ी पहल आज के समय में बढ़ता प्रदूषण, बदलता मौसम और कम होता हरित क्षेत्र बड़ी चुनौतियां बन चुके हैं। ऐसे में पेड़ लगाना पर्यावरण को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। योगी सरकार का कहना है कि अधिक से अधिक पौधरोपण से हवा की गुणवत्ता बेहतर होगी, तापमान नियंत्रण में मदद मिलेगी और प्रदेश में प्राकृतिक संतुलन मजबूत होगा। पौधरोपण के साथ संरक्षण पर भी जोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की कि पौधा लगाने के बाद उसकी देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक पौधा जब बड़ा पेड़ बनता है तो वह कई लोगों के जीवन को प्रभावित करता है। गोरखपुर से शुरू हुआ यह UP Plantation Drive आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ेगा। 35 करोड़ पौधों का यह अभियान उत्तर प्रदेश को हराभरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi Punjab Visit

PM Modi Punjab Visit से पहले बड़ा Security Issue, Train में Khalistani Messages का Video Viral; जांच शुरू

PM Modi Punjab Visit से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच एक कथित खालिस्तानी समर्थक गतिविधि से जुड़ा वीडियो सामने आया है, जिसमें ट्रेन के अंदर दीवारों पर अलगाववादी नारे लिखे दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर पंजाब से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को चर्चा में ला दिया है। वीडियो में मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा (Jaswant Singh Khalra) का भी जिक्र किया गया है, जिसके बाद उनकी जिंदगी पर आधारित फिल्म Punjab ’95 भी चर्चा में आ गई है। Train के अंदर लिखे मिले Khalistani Slogans, जांच शुरू सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक ट्रेन कोच के अंदर कुछ विवादित नारे लिखे हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो जारी करने वाले व्यक्ति ने पंजाब से जुड़े पुराने घटनाक्रमों का भी जिक्र किया है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां अभी वीडियो की पुष्टि करने में जुटी हैं। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि वीडियो कहां बनाया गया, इसे किसने रिकॉर्ड किया और इसके पीछे किसी संगठन या व्यक्ति की भूमिका है या नहीं। PM के Punjab दौरे से पहले Security Alert प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट मोड पर हैं। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए रेलवे स्टेशन, सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। अधिकारियों की नजर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भड़काऊ संदेशों और संदिग्ध गतिविधियों पर भी है। प्रशासन का कहना है कि माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वीडियो में Khalra का नाम क्यों आया? वायरल वीडियो में जसवंत सिंह खालड़ा का नाम आने के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया है। खालड़ा पंजाब के उस दौर में मानवाधिकार मामलों को उठाने के लिए जाने जाते थे, जब राज्य में उथल-पुथल का माहौल था। उन्होंने कथित तौर पर लापता लोगों के मामलों को सामने लाने का काम किया था। उनकी जिंदगी और काम को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है। Punjab ’95 Film Controversy ने भी खींचा था ध्यान जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म Punjab ’95 पहले से ही विवादों में रही है। फिल्म में पंजाब के एक संवेदनशील दौर और मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों को दिखाया गया है। फिल्म की रिलीज को लेकर सेंसर और अन्य कारणों से विवाद सामने आए थे। कुछ लोगों ने इसे महत्वपूर्ण कहानी बताया, जबकि कुछ ने इसकी संवेदनशीलता को लेकर सवाल उठाए। सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं हर एंगल से जांच फिलहाल वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है या सिर्फ माहौल बिगाड़ने की कोशिश। प्रधानमंत्री के दौरे से पहले सामने आए इस मामले ने पंजाब में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सतर्कता बढ़ा दी है। प्रशासन हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है ताकि शांति व्यवस्था कायम रखी जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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यौन शोषण

Father Abuse Case बेटी का आरोप- पिता करता था यौन शोषण, दूसरों के पास भेजने का भी बनाता था दबाव

एक दिल दहला देने वाली घटना में एक युवती ने अपने ही पिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि उसके पिता लंबे समय से उसका यौन शोषण कर रहे थे। इतना ही नहीं, उसने आरोप लगाया कि पिता उसे दूसरे लोगों के पास भेजने का भी दबाव बना रहे थे। लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान होकर युवती ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। लंबे समय से झेल रही थी प्रताड़ना पुलिस के अनुसार, अस्पताल में दर्ज कराए गए शुरुआती बयान में पीड़िता ने अपने पिता पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने बताया कि वह लंबे समय से यौन शोषण का शिकार होती रही। आरोप है कि जब उसने इसका विरोध किया तो उसे धमकाया गया और दूसरे लोगों के साथ भेजने का दबाव भी बनाया गया। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि युवती काफी समय से मानसिक तनाव में थी। घटना वाले दिन उसने खुद पर पेट्रोल डाल लिया और आग लगा ली। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के बाद उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज जारी डॉक्टरों के मुताबिक युवती गंभीर रूप से झुलस गई है। उसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है और लगातार उपचार किया जा रहा है। उसकी स्थिति पर मेडिकल टीम नजर बनाए हुए है। आरोपी पिता के खिलाफ केस दर्ज पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी पिता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य गवाहों के बयान भी जांच का हिस्सा हैं। जांच पूरी होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। घरेलू यौन शोषण के मामलों पर फिर उठे सवाल यह घटना एक बार फिर उन अपराधों की ओर ध्यान दिलाती है जो अक्सर घर की चारदीवारी के भीतर दबे रह जाते हैं। कई पीड़ित डर, सामाजिक बदनामी और पारिवारिक दबाव के कारण लंबे समय तक चुप रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय पर शिकायत, परिवार और समाज का सहयोग तथा कानूनी मदद बेहद जरूरी है। पुलिस की अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी महिला, किशोरी या बच्चे के साथ किसी भी प्रकार का यौन शोषण, घरेलू हिंसा या जबरदस्ती की जा रही हो तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन को दें। समय पर उठाया गया कदम किसी पीड़ित को न्याय दिलाने और गंभीर अपराध को रोकने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bay of Bengal

Bay of Bengal में Earthquake से हिली Andhra Coast, Visakhapatnam समेत कई शहरों में महसूस हुए झटके

रविवार सुबह बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal ) में आए भूकंप के झटकों ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में कुछ देर के लिए लोगों की चिंता बढ़ा दी। सुबह करीब 5 बजे धरती हल्की कांपी तो विशाखापट्टनम, काकीनाडा और आसपास के कई क्षेत्रों में लोगों ने कंपन महसूस किया। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान या घायल होने की सूचना नहीं मिली है। सुबह 5 बजे के बाद महसूस हुआ कंपन भारतीय भूकंप निगरानी एजेंसियों के मुताबिक, रविवार सुबह 5:05 बजे (IST) बंगाल की खाड़ी में 4.5 Magnitude का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट से लगभग 225 किलोमीटर पूर्व समुद्र के भीतर था। भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई है। Visakhapatnam समेत कई इलाकों में महसूस हुए झटके भूकंप का असर सबसे अधिक आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में महसूस किया गया। Visakhapatnam, काकीनाडा और आसपास के कई इलाकों में लोगों ने कुछ सेकंड तक हल्का कंपन महसूस किया। सुबह का समय होने के कारण कई लोग घरों में मौजूद थे। झटके महसूस होते ही कुछ लोग एहतियात के तौर पर बाहर निकल आए, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति सामान्य हो गई। किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं स्थानीय प्रशासन ने बताया कि भूकंप के बाद सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया। शुरुआती जांच में किसी भी व्यक्ति के घायल होने, इमारतों को नुकसान पहुंचने या किसी बड़ी घटना की जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। समुद्र में था भूकंप का केंद्र विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप का केंद्र समुद्र के भीतर होने और इसकी तीव्रता मध्यम रहने के कारण इसका प्रभाव सीमित रहा। फिलहाल सुनामी का कोई खतरा नहीं बताया गया है और न ही किसी प्रकार की चेतावनी जारी की गई है। वैज्ञानिक लगातार क्षेत्र की भूकंपीय गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। भूकंप के दौरान क्या करें? भूकंप कभी भी और बिना किसी पूर्व चेतावनी के आ सकता है। ऐसे में घबराने के बजाय सतर्क रहना सबसे जरूरी है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में आए इस भूकंप के बाद आंध्र प्रदेश के सभी प्रभावित इलाकों में जनजीवन सामान्य है। किसी प्रकार के आफ्टरशॉक या आपात स्थिति की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखना हमेशा जरूरी होता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal

West Bengal 20 साल बाद Tata Group की वापसी संभव, Singur विवाद के बाद बदली तस्वीर

एक समय था जब पश्चिम बंगाल (West Bengal) का सिंगूर देश के सबसे चर्चित औद्योगिक विवादों में शामिल था। वहीं, अब करीब 20 साल बाद एक बार फिर टाटा समूह (Tata Group) की बंगाल वापसी की चर्चा तेज हो गई है। राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बड़े कॉरपोरेट घरानों से लगातार संपर्क में है और इसी क्रम में टाटा समूह के साथ भी बातचीत की खबरें सामने आई हैं। हालांकि अभी तक किसी नए प्रोजेक्ट या निवेश का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन अगर यह पहल सफल होती है तो पश्चिम बंगाल के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिल सकती है। Singur विवाद ने बदल दिया था बंगाल का औद्योगिक भविष्य साल 2006 में टाटा मोटर्स ने हुगली जिले के सिंगूर में अपनी महत्वाकांक्षी Nano Car Project की शुरुआत की थी। यह परियोजना पश्चिम बंगाल के लिए बड़े निवेश और रोजगार की उम्मीद लेकर आई थी। लेकिन जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों के विरोध ने जल्द ही राजनीतिक रूप ले लिया। उस समय विपक्ष की नेता रहीं ममता बनर्जी ने आंदोलन का नेतृत्व किया। कई महीनों तक चले प्रदर्शन और बढ़ते विवाद के बाद टाटा समूह ने वर्ष 2008 में सिंगूर से अपना प्लांट हटाने का फैसला किया और पूरी परियोजना गुजरात के साणंद शिफ्ट कर दी। उस फैसले को आज भी पश्चिम बंगाल के औद्योगिक इतिहास का सबसे बड़ा मोड़ माना जाता है। अब क्यों हो रही है Tata Group की वापसी की चर्चा? पश्चिम बंगाल सरकार पिछले कुछ समय से राज्य में नए निवेश लाने की कोशिश कर रही है। उद्योग क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई बड़े कारोबारी समूहों से बातचीत चल रही है। इसी दौरान टाटा समूह के साथ भी संभावित निवेश को लेकर सकारात्मक चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और उच्च स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। हालांकि निवेश किस क्षेत्र में होगा और उसकी रूपरेखा क्या होगी, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। राज्य की अर्थव्यवस्था को मिल सकता है बड़ा फायदा अगर टाटा समूह पश्चिम बंगाल में दोबारा निवेश करता है तो इसका असर केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं रहेगा। इससे ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स और छोटे उद्योगों को भी नई रफ्तार मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े उद्योगों की वापसी से निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलेगा। इसके साथ ही राज्य की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की संभावना है। Singur से मिली सीख, अब बदला हुआ माहौल सिंगूर विवाद ने सरकारों और उद्योग जगत दोनों को यह सिखाया कि विकास और किसानों के हितों के बीच संतुलन बनाना कितना जरूरी है। पिछले कुछ वर्षों में निवेश को लेकर नीतियों में कई बदलाव किए गए हैं और सरकार उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने का दावा कर रही है। ऐसे में यदि टाटा समूह वास्तव में पश्चिम बंगाल में वापसी करता है, तो इसे केवल एक कारोबारी फैसला नहीं बल्कि राज्य के औद्योगिक विश्वास की वापसी के रूप में भी देखा जाएगा। आधिकारिक घोषणा का इंतजार फिलहाल टाटा समूह और पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से किसी नए प्रोजेक्ट या निवेश को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन लगातार सामने आ रही खबरों ने यह संकेत जरूर दिया है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है। अब सबकी नजर आने वाले दिनों पर टिकी है। यदि यह पहल आगे बढ़ती है, तो करीब दो दशक बाद टाटा समूह की बंगाल वापसी राज्य के औद्योगिक इतिहास में एक नई शुरुआत साबित हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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