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Meta India Controversy: PM Modi से जुड़े AI Fake Content पर FIR, Cyber Crime ने शुरू की जांच

सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी Meta एक बार फिर विवादों में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कथित AI Morphed और आपत्तिजनक कंटेंट के प्रसार को लेकर हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। इस मामले में Meta India के हेड अरुण श्रीनिवास समेत कई Facebook और Instagram अकाउंट ऑपरेटर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच शुरू हो चुकी है और पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। क्या है पूरा मामला? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि Facebook और Instagram पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े AI की मदद से तैयार किए गए मॉर्फ फोटो, वीडियो और अन्य आपत्तिजनक पोस्ट साझा किए गए। इन पोस्ट्स को सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाया गया, जिससे गलत जानकारी और भ्रामक सामग्री फैलने की आशंका जताई गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संबंधित कंटेंट प्लेटफॉर्म पर काफी समय तक उपलब्ध रहा। इसी आधार पर Meta India के स्थानीय प्रबंधन की भूमिका और कंटेंट मॉडरेशन प्रक्रिया को भी जांच के दायरे में रखा गया है। किन लोगों पर दर्ज हुई FIR? हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने Meta India के हेड अरुण श्रीनिवास के अलावा कई सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवादित कंटेंट किसने तैयार किया, किसने अपलोड किया और उसके प्रसार में किन-किन लोगों की भूमिका रही। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या प्लेटफॉर्म की ओर से ऐसे कंटेंट को समय पर हटाने में किसी तरह की लापरवाही हुई थी। Student Protest के दौरान वायरल हुए पोस्ट बताया जा रहा है कि विवादित पोस्ट हाल ही में हुए छात्र आंदोलन के दौरान तेजी से वायरल हुए थे। शिकायत के अनुसार, इन पोस्ट्स ने कम समय में बड़ी संख्या में यूजर्स तक पहुंच बनाई। इसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठी और साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पहले भी Meta पर उठ चुके हैं सवाल यह पहला मौका नहीं है जब Meta किसी विवाद में घिरी हो। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक Facebook पोस्ट को तकनीकी कारणों से अस्थायी रूप से हटाए जाने के बाद भी कंपनी को सरकार के सवालों का सामना करना पड़ा था। उस समय Meta ने घटना पर खेद जताते हुए कहा था कि पोस्ट गलती से हटा था और कंपनी इस पूरे मामले की समीक्षा कर रही है। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी सुधार किए जाने की बात भी कही गई थी। जांच जारी, आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार फिलहाल हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। डिजिटल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट्स और पोस्ट की उत्पत्ति से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। Meta India की ओर से एफआईआर दर्ज होने के बाद अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। क्या हो सकता है आगे? विशेषज्ञों का मानना है कि AI से तैयार किए गए फर्जी या मॉर्फ कंटेंट को लेकर आने वाले समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और अधिक बढ़ सकती है। यह मामला केवल आपत्तिजनक पोस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि AI आधारित गलत सूचना, डिजिटल सुरक्षा और कंटेंट मॉडरेशन जैसे बड़े मुद्दों पर भी नई बहस छेड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Update: MP, UP सहित 7 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, Gujarat-Uttarakhand में Schools Closed

देश के कई हिस्सों में मानसून (Monsoon) एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। लगातार हो रही बारिश ने उत्तर से लेकर पश्चिम भारत तक हालात बदल दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और ओडिशा सहित सात राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कई जगहों पर नदियां उफान पर हैं, सड़कें पानी में डूबी हुई हैं और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। सबसे गंभीर स्थिति उत्तराखंड के हरिद्वार में देखने को मिल रही है, जहां गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। वहीं गुजरात और उत्तराखंड के कई जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। IMD ने जारी किया Heavy Rain Alert मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और ओडिशा के अनेक जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। कुछ इलाकों में बहुत भारी वर्षा होने के कारण जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता फिलहाल बनी रहेगी, इसलिए लोगों को मौसम विभाग की ताजा अपडेट पर लगातार नजर रखने की जरूरत है। हरिद्वार में गंगा का बढ़ा जलस्तर उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश का असर गंगा नदी पर साफ दिखाई दे रहा है। हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान तक पहुंच चुकी है। प्रशासन ने घाटों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने की अपील की है। आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। Gujarat और Uttarakhand में Schools Closed भारी बारिश को देखते हुए गुजरात के कई शहरों और उत्तराखंड के संवेदनशील जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। लगातार बारिश के कारण कई सड़कों पर जलभराव हो गया है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है। मौसम सामान्य होने के बाद ही स्कूल दोबारा खोले जाएंगे। MP और UP में भी बढ़ी चिंता मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। कई निचले इलाकों में पानी भरने की खबरें सामने आ रही हैं। स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और जरूरत पड़ने पर राहत दलों को तुरंत तैनात करने की तैयारी कर ली गई है। किसानों के लिए यह बारिश जहां खरीफ फसलों के लिहाज से फायदेमंद मानी जा रही है, वहीं लगातार बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बढ़ गई है। लोगों के लिए जरूरी सलाह भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। अगले कुछ दिन रहेंगे अहम मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। ऐसे में कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। बारिश जहां गर्मी से राहत लेकर आई है, वहीं कई इलाकों में यह लोगों की मुश्किलों की वजह भी बन रही है। ऐसे समय में थोड़ी सी सतर्कता और प्रशासन की सलाह का पालन करना ही सबसे सुरक्षित कदम साबित होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jantar Mantar

Jantar Mantar Protest पुलिसकर्मियों के परिजनों का छलका दर्द, बोले- ‘प्रोटेस्ट में Student नहीं, गुंडे थे’

जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद सामने आ रही तस्वीरें और परिवारों की आपबीती इस घटना की गंभीरता को बयां कर रही हैं। प्रदर्शन के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। इस बीच घायल जवानों के परिजनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब उनके पिता और परिवार के सदस्य ड्यूटी से घर लौटे, तो उनकी वर्दी खून से सनी हुई थी। परिवारों का कहना है कि यह दृश्य उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं था। ‘वर्दी पूरी तरह खून से लाल थी’ घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनके पिता कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर तैनात थे। शाम को जब वे घर पहुंचे तो उनकी वर्दी खून से लाल थी और शरीर पर चोट के कई निशान थे। परिवार के सदस्यों ने कहा कि उस पल उन्हें एहसास हुआ कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी किस तरह जोखिम उठाते हैं। एक परिजन ने कहा, “जब हमने पापा को देखा तो उनकी हालत देखकर पूरे परिवार की आंखें नम हो गईं। वे दर्द में थे, लेकिन सबसे पहले यही बोले कि ड्यूटी निभाना उनका फर्ज था।” परिजनों का आरोप- ‘प्रदर्शन में स्टूडेंट नहीं, उपद्रवी थे’ घायल जवानों के परिवारों का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लोग मौजूद थे, जिन्होंने पुलिस पर हमला किया। उनका कहना है कि यदि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होता तो इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी घायल नहीं होते। हालांकि, इस मामले में अलग-अलग पक्ष अपनी-अपनी बातें रख रहे हैं। घटना की परिस्थितियों और हिंसा के कारणों की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी। घटना के बाद बढ़ी सुरक्षा हिंसा के बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना दोबारा न हो। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। ड्यूटी निभाते पुलिसकर्मियों के सामने बड़ी चुनौती विशेषज्ञों का मानना है कि विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का अहम हिस्सा है, लेकिन किसी भी प्रदर्शन का हिंसक रूप लेना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन जाता है। ऐसे हालात में पुलिसकर्मियों पर सबसे अधिक जिम्मेदारी होती है, क्योंकि उन्हें कानून का पालन कराते हुए भी संयम बनाए रखना पड़ता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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पेपर लीक कानून पास होने के बाद पीएम मोदी का बड़ा संदेश, बोले- पेपर माफिया और गैंग को नहीं बख्शेंगे

संसद के दोनों सदनों से पेपर लीक से जुड़े संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद गुरुवार रात करीब 10:40 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कई दशकों से देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकारों को पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और तकनीक के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता महसूस की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि “कोई भी पेपर माफिया, पेपर लीक करने वाली गैंग या देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हमने संसद में जो वादा किया था, उसे पूरा करते हुए कठोर प्रावधानों वाला विधेयक दोनों सदनों से पारित कराया है।” 2 मिनट 26 सेकेंड के वीडियो को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम पर 2 मिनट 26 सेकेंड का वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। वीडियो पोस्ट होने के महज 17 मिनट के भीतर उसे 8 लाख से अधिक लाइक मिल गए, जिससे सोशल मीडिया पर भी इसे व्यापक प्रतिक्रिया मिली। 8 दिनों में चौथा इंस्टाग्राम वीडियो यह पिछले आठ दिनों में प्रधानमंत्री मोदी का इंस्टाग्राम पर साझा किया गया चौथा वीडियो है। इससे पहले रविवार को उन्होंने परीक्षा सुधार के लिए गठित हाईपावर टास्क फोर्स की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि छह सदस्यीय इस समिति की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी कर रहे हैं। यह समिति परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के लिए सुझाव देगी। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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पेपर लीक संशोधन विधेयक राज्यसभा से भी पास, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून

नई दिल्ली। पेपर लीक से जुड़े संशोधन विधेयक को लोकसभा के बाद गुरुवार को राज्यसभा से भी मंजूरी मिल गई। अब यह विधेयक राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून के रूप में लागू हो जाएगा। राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह जब विधेयक पर जवाब देने के लिए खड़े हुए, तभी विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इससे पहले चर्चा के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को समाप्त करने की मांग करते हुए तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि NTA को “बंगाल की खाड़ी में फेंक देना चाहिए।” वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा। अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ असंसदीय और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया तथा गंभीर और निराधार आरोप लगाए। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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नेपाल के सुनसरी में कांवड़ यात्रा के दौरान हिंसा, 2 की मौत; कई इलाकों में कर्फ्यू

नेपाल के सुनसरी जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए भारतीय सीमा से सटे सुनसरी और सिराहा जिलों के कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। डीजे की आवाज को लेकर शुरू हुआ विवाद जानकारी के अनुसार, रविवार को कांवड़िए कोसी बैराज से जल लेकर लौट रहे थे। इस दौरान डीजे और लाउडस्पीकर की तेज आवाज पर दूसरे समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। पुलिस की फायरिंग, दो लोगों की मौत स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस पर भी भीड़ ने पथराव किया, जिसमें एक इंस्पेक्टर सहित आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने पहले भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की, लेकिन हिंसा नहीं थमी। इसके बाद रात करीब 10:45 बजे पुलिस को गोली चलानी पड़ी। फायरिंग में ओम प्रकाश मेहता की मौके पर मौत हो गई, जबकि घायल जयप्रकाश मेहता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल और आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) की टीमें तैनात की गई हैं। तीन साल पहले दी गई थी चेतावनी नेपाल के तराई और मधेश क्षेत्र में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने तीन वर्ष पहले ही सरकार को आगाह किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट में धर्म और जातीय आधार पर लोगों को बांटने की संगठित कोशिशों की चेतावनी दी थी। रिपोर्ट में तत्काल राजनीतिक और प्रशासनिक कदम उठाने की सिफारिश की गई थी, लेकिन अधिकारियों के अनुसार उस समय इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि नेपाल को भारत के मणिपुर सहित दक्षिण एशिया के अन्य देशों में हुई सांप्रदायिक घटनाओं से सीख लेकर समय रहते कदम उठाने चाहिए। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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बीरभूम

Bengal Cash Raid: बीरभूम में पत्थर कारोबारी के ठिकाने पर छापा, नोटों की गिनती में लगीं कई मशीनें

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुई एक बड़ी Cash Raid ने सभी को चौंका दिया है। जांच एजेंसियों ने एक पत्थर कारोबारी के घर पर कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर 28 करोड़ रुपये कैश और करीब 15 किलो सोना बरामद किया है। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद अधिकारियों को नोटों की गिनती के लिए कई मशीनें लगानी पड़ीं, लेकिन लगातार काम करने के दौरान 5 नोट गिनने वाली मशीनें खराब हो गईं। करोड़ों रुपये की इस बरामदगी के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना कहां से आया और इसके पीछे पूरा नेटवर्क क्या है। बस चलाने से Stone Business तक का सफर जांच में सामने आया है कि आरोपी की शुरुआत एक सामान्य जिंदगी से हुई थी। कभी वह बीरभूम में बस ड्राइवर के तौर पर काम करता था। समय के साथ उसने पत्थर के कारोबार में कदम रखा और धीरे-धीरे अपना व्यापार बढ़ाया। हालांकि, उसके घर से मिली करोड़ों की संपत्ति ने जांच एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। अब अधिकारी उसकी कमाई, कारोबार और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। 28 करोड़ Cash की गिनती में लगीं कई मशीनें छापेमारी के दौरान जब बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई तो अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती नोटों की गिनती करना था। कैश की मात्रा इतनी ज्यादा थी कि इसके लिए कई मशीनों की मदद ली गई। लगातार इस्तेमाल के कारण पांच मशीनों के खराब होने की जानकारी सामने आई। बरामद नकदी और सोने को जब्त कर लिया गया है। वहीं, आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियों की नजर कारोबारी नेटवर्क पर अब जांच एजेंसियां आरोपी के बैंक खातों, संपत्ति के रिकॉर्ड और कारोबारी लेन-देन की जानकारी जुटा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि बरामद रकम का असली स्रोत क्या है। एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस मामले में किसी और व्यक्ति या संस्थान की भूमिका है। करोड़ों की बरामदगी से इलाके में मचा हड़कंप बीरभूम की इस कार्रवाई ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर छिपी संपत्तियों और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक साधारण बस ड्राइवर से करोड़ों के कारोबारी बनने तक का सफर अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस Birbhum Cash Raid Case में और बड़े खुलासे होने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

Paper Leak पर सरकार का Action Mode, संसद में नया Bill पेश; PM Modi ने बुलाई High Level Meeting

देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। संसद के मानसून सत्र में राज्यसभा में Paper Leak से जुड़े संशोधन बिल को पेश किया गया। इस बिल का मकसद परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ करना है। पेपर लीक की घटनाएं पिछले कुछ समय से छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई हैं। लाखों युवा कड़ी मेहनत के बाद परीक्षा देते हैं, लेकिन कुछ लोगों की गलत गतिविधियों के कारण उनकी मेहनत प्रभावित होती है। सरकार का कहना है कि नए प्रावधानों के जरिए ऐसी गड़बड़ियों पर रोक लगाने और दोषियों की जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी। Rajya Sabha में Paper Leak Amendment Bill पेश संसद में पेश किए गए इस संशोधन विधेयक के जरिए परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं को रोकने के लिए कानूनी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। सरकार का फोकस परीक्षा प्रक्रिया में Transparency और Fairness बढ़ाने पर है, ताकि छात्रों को एक भरोसेमंद व्यवस्था मिल सके। बिल को लेकर आगे संसद में चर्चा होगी, जिसके बाद इसके प्रावधानों और संभावित बदलावों की तस्वीर साफ होगी। PM Modi ने की High Level Meeting वहीं, संसद की कार्यवाही के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने एक High Level Meeting की। इस बैठक में केंद्रीय मंत्रियों के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में देश से जुड़े अहम मुद्दों, संसद में सरकार के एजेंडे और वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक को सरकार की रणनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार का बड़ा कदम पेपर लीक का मुद्दा सीधे तौर पर युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों के कारण छात्रों में नाराजगी भी देखने को मिली है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि परीक्षा व्यवस्था में ऐसे बदलाव किए जाएं जिससे मेहनती छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिल सके। विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ कानून बनाना ही काफी नहीं होगा, बल्कि परीक्षा संचालन की निगरानी, डिजिटल सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत करना जरूरी होगा। संसद में आगे बढ़ेगी बिल पर चर्चा राज्यसभा में पेश किए गए इस Paper Leak Amendment Bill पर अब सदन में चर्चा होगी। सरकार इसे परीक्षा सुधारों की दिशा में एक अहम कदम बता रही है, जबकि विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगता रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि संसद में चर्चा के दौरान बिल में कौन-कौन से बदलाव और नए प्रावधान सामने आते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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GenZ

GenZ की Online Life पर बड़ा खुलासा: Likes-Comments से क्यों जुड़ रही है युवाओं की खुशी?

आज की GenZ Generation की जिंदगी में Social Media सिर्फ टाइम पास का जरिया नहीं, बल्कि उनकी रोजमर्रा की सोच और भावनाओं का हिस्सा बन चुका है। Instagram, TikTok और दूसरे सोशल प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले Likes, Comments और Shares अब कई युवाओं के लिए खुशी और आत्मविश्वास से जुड़ गए हैं। एक नई Study में सामने आया है कि जब Posts पर उम्मीद के मुताबिक Engagement नहीं मिलता, तो कई युवाओं का Mood खराब हो जाता है और वे खुद को कम खुश महसूस करने लगते हैं। Likes और Comments बन गए हैं Digital Validation सोशल मीडिया पर किसी पोस्ट को मिलने वाला Response आज कई युवाओं के लिए Digital Approval की तरह काम करता है। ज्यादा Likes और Comments मिलने पर उन्हें खुशी और Confidence महसूस होता है, वहीं कम प्रतिक्रिया मिलने पर निराशा या उदासी जैसी भावनाएं पैदा हो सकती हैं। Experts का कहना है कि लगातार Social Media Feedback पर निर्भर रहना युवाओं की सोच और Emotional Well-being को प्रभावित कर सकता है। कम Engagement से बढ़ता है Stress Study के अनुसार, GenZ के कई लोग अपनी Social Media Performance को अपनी Popularity से जोड़ने लगे हैं। जब किसी फोटो, वीडियो या पोस्ट पर कम Likes आते हैं, तो कुछ युवा इसे व्यक्तिगत असफलता की तरह लेने लगते हैं। हालांकि, विशेषज्ञ बताते हैं कि Social Media पर किसी पोस्ट की Reach या Likes किसी व्यक्ति की असली पहचान या क्षमता को नहीं दर्शाते। Social Media Comparison भी बड़ी वजह आज सोशल मीडिया पर हर कोई अपनी जिंदगी के खास और अच्छे पलों को शेयर करता है। ऐसे में युवा दूसरों की उपलब्धियों और Lifestyle को देखकर अपनी जिंदगी से तुलना करने लगते हैं। यह Comparison कई बार तनाव और असंतोष को बढ़ा सकता है। Experts का मानना है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज पूरी वास्तविकता नहीं होती। GenZ के लिए जरूरी है Digital Balance मनोवैज्ञानिकों की सलाह है कि युवाओं को Social Media का इस्तेमाल Balance तरीके से करना चाहिए। Likes और Comments को खुशी का एकमात्र पैमाना बनाने के बजाय अपनी Real Life Achievements, Family, Friends और Personal Growth पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल जानकारी, Creativity और लोगों से जुड़ने के लिए किया जाए तो यह एक सकारात्मक प्लेटफॉर्म साबित हो सकता है। Study का बड़ा संदेश नई Study यह बताती है कि Digital World का असर अब लोगों की भावनाओं तक पहुंच चुका है। खासकर GenZ के लिए जरूरी है कि वे Online Validation और Real Happiness के बीच अंतर समझें। कम Likes मिलने से किसी की Value कम नहीं होती। असली खुशी खुद पर भरोसा रखने और वास्तविक रिश्तों को मजबूत बनाने से मिलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pellet Gun

Jantar Mantar Protest Supreme Court ने दिए नए आदेश, Pellet Gun Injured लोगों के इलाज की जिम्मेदारी Delhi सरकार की

सुप्रीम कोर्ट ने पैलेट गन (Pellet Gun) के इस्तेमाल और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा को लेकर अहम निर्देश दिए हैं। अदालत ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया है कि पैलेट गन से घायल हुए प्रदर्शनकारियों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही केंद्र सरकार को कहा गया है कि जंतर-मंतर जैसे प्रदर्शन स्थलों पर इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों और सुरक्षा उपकरणों का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से रखा जाए। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद एक बार फिर प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल होने वाले सुरक्षा उपायों और नागरिक अधिकारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अदालत ने साफ किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ घायल लोगों की मदद करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। Pellet Gun से घायल लोगों को मिलेगी Medical Help सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि पैलेट गन से प्रभावित प्रदर्शनकारियों को जरूरी मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई जाए। कोर्ट ने कहा कि किसी भी कार्रवाई के बाद घायल लोगों की देखभाल और इलाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पैलेट गन का इस्तेमाल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है, लेकिन इसके प्रभाव को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। कई मामलों में इसके इस्तेमाल से लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं। Jantar Mantar Protest को लेकर Center को निर्देश अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि जंतर-मंतर और अन्य प्रदर्शन स्थलों पर इस्तेमाल किए गए हथियारों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए। इसमें हथियारों के उपयोग, तैनाती और संबंधित जानकारी को सुरक्षित रखने की बात कही गई है। सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि ऐसे रिकॉर्ड भविष्य में किसी भी जांच या विवाद की स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में पारदर्शिता भी बनी रहेगी। Democracy में Protest का अधिकार, लेकिन Security भी जरूरी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोगों का संवैधानिक अधिकार है। वहीं, सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। अदालत के इस फैसले को नागरिक अधिकारों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संतुलन बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई करनी होगी। Supreme Court के आदेश से बढ़ी जवाबदेही पैलेट गन (Pellet Gun) विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश प्रशासनिक जवाबदेही और सुरक्षा कार्रवाई में पारदर्शिता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। इससे भविष्य में प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों की निगरानी और बेहतर तरीके से हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर सौरभ की हत्या करने का आरोप साबित होने के बाद यह फैसला सुनाया गया। सजा सुनाते हुए जज ने वारदात को नृशंस हत्याकांड बताया और कहा कि इसमें माफी स्वीकार नहीं होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए मुस्कान और साहिल सजा सुनाए जाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। इस दौरान दोनों रोने लगे। जज ने मुस्कान से पूछा कि पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद वह क्या सजा चाहती है। इस पर मुस्कान ने कहा, “मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए।” इसके बाद वह खामोश हो गई। वहीं, साहिल से भी यही सवाल पूछा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। सजा के ऐलान के बाद रो पड़ीं सौरभ की मां अदालत के फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां भावुक हो गईं और रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया। इस मामले में सजा का ऐलान सौरभ के परिवार के लिए लंबे इंतजार के बाद आया है। 3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भर दिया गया था। इस वारदात ने पूरे देश में व्यापक चर्चा बटोरी थी। अदालत ने मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

इंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR

शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट का सौदा करने के बाद ब्रोकर और प्लॉट मालिक ने फरियादी से 7 लाख 80 हजार रुपये ले लिए, लेकिन न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया। शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। 9.30 लाख में तय हुआ था प्लॉट का सौदा पुलिस के मुताबिक, नंदबाग कॉलोनी निवासी विजय चौहान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने नंदबाग में एक प्लॉट का सौदा 9 लाख 30 हजार रुपये में तय किया था। इस संबंध में एग्रीमेंट भी किया गया था। फरियादी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और रजिस्ट्री भी नहीं कराई गई। ब्रोकर ने परिचित बताकर कराया था सौदा विजय चौहान के अनुसार, धर्मेंद्र ठाकुर ने उन्हें बताया था कि नंदकिशोर मनावत उसका परिचित है और वह अपना प्लॉट बेचना चाहता है। इसके बाद धर्मेंद्र ने सौदे में ब्रोकर की भूमिका निभाई और इसके बदले 10 हजार रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्री कराने और प्लॉट का कब्जा देने की मांग की, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। 25 से ज्यादा केस होने की धमकी देने का आरोप फरियादी ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री और कब्जे के लिए दबाव बनाने पर धर्मेंद्र ठाकुर ने धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, उसने कहा कि उसके खिलाफ 25 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। साथ ही, उसके या नंदकिशोर मनावत के पास दोबारा आने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। 2.80 लाख रुपये लौटाए, 5 लाख बाकी होने का दावा विजय चौहान के मुताबिक, पुलिस में शिकायत करने की बात कहने के बाद नंदकिशोर मनावत ने 2 लाख 50 हजार रुपये नकद और 30 हजार रुपये ऑनलाइन वापस किए। हालांकि, फरियादी का आरोप है कि बाकी 5 लाख रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विजय चौहान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप

नई दिल्ली। SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी और छात्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रा ने कान पर चोट लगने का लगाया आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई। प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान कथित ज्यादती और मारपीट से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर हिरासत का आरोप एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। यह आरोप भी प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया है। राहुल गांधी ने सबूत सुरक्षित रखने को कहा राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका

क्रिकेट न्यूज। वेस्टइंडीज को बांग्लादेश के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के बल्लेबाज शाई होप और तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ सीरीज से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। CWI के मुताबिक, मेडिकल जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद अल्जारी जोसेफ को सीरीज से हटाने का फैसला लिया गया। बोर्ड उनके कार्यभार को नियंत्रित कर चोट के जोखिम को कम करना चाहता है। वहीं, तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलने के बाद शाई होप को आराम दिया गया है। चोट के खतरे को देखते हुए जोसेफ को आराम क्रिकेट वेस्टइंडीज ने बताया कि अल्जारी जोसेफ को टीम से बाहर रखने का फैसला उनकी सहमति से लिया गया है। बोर्ड के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों को लंबे स्पेल में लगातार गेंदबाजी करनी पड़ती है। इससे छोटे फॉर्मेट की तुलना में कार्यभार और चोट का जोखिम बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जोसेफ के वर्कलोड को कम करने का फैसला किया गया है, ताकि उनके स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखा जा सके। शाई होप को भी दिया गया आराम CWI ने कहा कि शाई होप तीनों फॉर्मेट में लगातार खेल रहे थे। ऐसे में उनके कार्यभार और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें टेस्ट सीरीज से आराम दिया गया है। बोर्ड का यह फैसला फरवरी 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स को ध्यान में रखकर भी लिया गया है। टीम प्रबंधन चाहता है कि खिलाड़ी आगामी महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए फिट रहें। केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में मौका शाई होप की गैरमौजूदगी में 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। अब देखना होगा कि बांग्लादेश की घरेलू परिस्थितियों में वेस्टइंडीज की टीम नए संयोजन के साथ कैसा प्रदर्शन करती है। कोच डैरेन सैमी ने सीरीज जीत को बताया अहम वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने कहा कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र की शुरुआत में टीम ने कुछ लक्ष्य तय किए थे। इनमें टेस्ट रैंकिंग के ऊपरी आधे हिस्से में जगह बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज जीतने से टीम अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकती है। सैमी के मुताबिक, बांग्लादेश को उसकी घरेलू परिस्थितियों में हराना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन टीम इसके लिए तैयार है। 28 अक्टूबर से शुरू होगा पहला टेस्ट बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला टेस्ट 28 अक्टूबर से ढाका में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 5 नवंबर से सिलहट में खेला जाएगा।

IMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने साल 2026 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। वैश्विक तनाव, आर्थिक सुस्ती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का ध्यान खींचा है। मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन को भारत की तेज विकास दर की प्रमुख वजह माना गया है। IMF ने अक्टूबर 2026 की अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में भारत की विकास संभावनाओं को सकारात्मक बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा आयात पर निर्भर कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं जहां दबाव का सामना कर रही हैं, वहीं भारत की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है। 2027 में भी 7% ग्रोथ का अनुमान IMF ने 2026 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान में जुलाई के मुकाबले 0.6 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की है। वहीं, 2027 के लिए भी विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2027 का अनुमान जुलाई के मुकाबले 0.3 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी भारत में विकास की संभावनाओं को लेकर उम्मीद बनी हुई है। IMF से पहले विश्व बैंक और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत की विकास दर के अनुमान में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। चीन की सुस्ती के बीच भारत पर नजर रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी गतिविधियों में तेजी ने भी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित किया है। भारत और चीन एशिया की आर्थिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं, हालांकि दोनों देशों की विकास संभावनाओं में अंतर दिखाई दे रहा है। IMF के अनुमान के अनुसार, चीन की विकास दर 2026 में 4.5% और 2027 में 4% रह सकती है। वैश्विक तनाव और ऊर्जा की ऊंची कीमतों को चीन की आर्थिक वृद्धि के सामने चुनौतियों में शामिल किया गया है। दुनिया की आर्थिक विकास दर पर दबाव IMF के मुताबिक, 2028 से 2031 के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था औसतन 3.2% की दर से बढ़ सकती है। यह 2000 से 2019 के बीच महामारी से पहले दर्ज औसत 3.7% की विकास दर से कम है। रिपोर्ट में वैश्विक तनाव, ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और ऊर्जा आयात पर निर्भर उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाले दबाव को आर्थिक विकास के लिए चुनौती बताया गया है। ऐसे माहौल में भारत की अनुमानित विकास दर अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई देती है। मजबूत घरेलू मांग और जनसांख्यिकी से मिल रहा सहारा भारत की आर्थिक मजबूती के पीछे बढ़ता घरेलू बाजार, मजबूत मांग, अनुकूल जनसांख्यिकी और सुधारों को अहम कारक माना गया है। सर्विसेज सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन भी विकास दर को सहारा दे रहा है। हालांकि, बेहतर अनुमान के बावजूद चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक मांग में कमजोरी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

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