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PM Modi

PM Modi Speech in Melbourne: Indian Community की तारीफ, बोले- विदेशों में भारतीय बना रहे भारत की पहचान

मेलबर्न में PM Modi का संबोधन भारतीय समुदाय के लिए एक यादगार पल बन गया। करीब 30 हजार भारतीयों की मौजूदगी में पीएम मोदी ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी मेहनत, प्रतिभा और संस्कारों से न सिर्फ भारत का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के रिश्तों को भी नई मजबूती दे रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। लोगों ने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और देश के प्रति अपने जुड़ाव को प्रदर्शित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। Indian Diaspora की भूमिका को पीएम मोदी ने सराहा पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बसे भारतीय भारत की पहचान को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाला भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक मजबूत कड़ी की तरह काम कर रहा है। उन्होंने भारतीयों की मेहनत और उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां अपनी मेहनत और ईमानदारी से विश्वास पैदा करते हैं। India-Australia Relations में भारतीयों का बड़ा योगदान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा, तकनीक, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इन रिश्तों को मजबूत बनाने में भारतीय समुदाय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय दोनों देशों की संस्कृति और अवसरों को जोड़ने का काम कर रहे हैं। Melbourne में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग पहुंचे। माहौल में भारत की संस्कृति और देशभक्ति की झलक देखने को मिली। लोगों ने भारतीय संगीत, परंपराओं और उत्साह के साथ पीएम मोदी का स्वागत किया। 30 हजार भारतीयों की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को खास बना दिया। कई लोगों ने इसे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक बताया। पीएम मोदी का संदेश- भारतीयों की मेहनत है देश की पहचान पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय समुदाय दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी उपलब्धियों से भारत की सकारात्मक छवि को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीयों की वजह से भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं और आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे। मेलबर्न में हुआ यह कार्यक्रम सिर्फ एक राजनीतिक संबोधन नहीं, बल्कि भारत और भारतीय समुदाय के बीच मजबूत भावनात्मक जुड़ाव का भी उदाहरण बना। 30 हजार भारतीयों की भागीदारी ने दिखाया कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले भारतीय आज भी अपनी जड़ों और भारत की प्रगति से जुड़े हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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H-1B Visa

US H-1B Visa Investigation: Cognizant पर US की जांच, क्या Indian IT Professionals की बढ़ेगी चिंता?

अमेरिका में H-1B Visa को लेकर एक बड़ी जांच शुरू होने के बाद भारतीय आईटी सेक्टर में हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी श्रम विभाग (US Department of Labor) ने H-1B और PERM Visa से जुड़े संभावित फ्रॉड और श्रम कानूनों के उल्लंघन की जांच शुरू की है। इस जांच के दायरे में आईटी दिग्गज Cognizant समेत कई कंपनियां आई हैं। हालांकि, फिलहाल किसी भी कंपनी को दोषी नहीं ठहराया गया है। जांच अभी शुरुआती चरण में है और अधिकारी सभी जरूरी दस्तावेजों व भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहे हैं। इसके बावजूद अमेरिका में नौकरी कर रहे भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और H-1B वीजा के लिए आवेदन करने वाले युवाओं के मन में कई सवाल उठने लगे हैं। क्या है पूरा मामला? अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं कुछ कंपनियां H-1B और PERM Visa Program का गलत इस्तेमाल तो नहीं कर रहीं। जांच में यह देखा जा रहा है कि विदेशी कर्मचारियों की भर्ती के दौरान अमेरिकी श्रम कानूनों का पालन किया गया या नहीं, कर्मचारियों को तय वेतन मिला या नहीं और कहीं अमेरिकी नागरिकों की जगह कम लागत पर विदेशी कर्मचारियों को प्राथमिकता तो नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि इस मामले में कई कंपनियों को समन (Subpoena) भेजे गए हैं और भर्ती से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। Cognizant का नाम क्यों आया सामने? भारतीय मूल की वैश्विक आईटी कंपनी Cognizant का नाम भी जांच में शामिल कंपनियों की सूची में है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अभी तक कंपनी के खिलाफ किसी तरह की अनियमितता साबित नहीं हुई है। जांच का उद्देश्य केवल तथ्यों की पुष्टि करना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी कंपनियों ने अमेरिकी नियमों का पालन किया है। Indian IT Professionals पर क्या पड़ सकता है असर? H-1B Visa Approval में हो सकती है देरी यदि अमेरिकी एजेंसियां जांच के दौरान वीजा प्रक्रिया को और सख्त करती हैं, तो नए H-1B आवेदनों की जांच पहले से अधिक विस्तार से हो सकती है। इससे वीजा मंजूरी में अतिरिक्त समय लग सकता है। कंपनियों की Hiring Policy बदल सकती है भविष्य में आईटी कंपनियां वीजा नियमों को देखते हुए अमेरिका में स्थानीय कर्मचारियों की भर्ती बढ़ा सकती हैं। इससे विदेशी कर्मचारियों के लिए अवसरों की रणनीति बदल सकती है। वैध H-1B Holders को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं जो भारतीय प्रोफेशनल्स पहले से वैध H-1B Visa पर अमेरिका में काम कर रहे हैं और जिनके सभी दस्तावेज नियमों के अनुरूप हैं, उन्हें फिलहाल चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। केवल जांच शुरू होने से किसी कर्मचारी का वीजा प्रभावित नहीं होता। Compliance पर रहेगा ज्यादा फोकस अब कंपनियों को भर्ती प्रक्रिया, वेतन भुगतान और इमिग्रेशन नियमों का पालन पहले से अधिक सख्ती से करना पड़ सकता है। इससे पूरी H-1B प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनने की संभावना है। क्या H-1B Visa पर पड़ेगा बड़ा असर? फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि अमेरिका H-1B Visa Program को बंद करने जा रहा है। यह कार्रवाई केवल कथित धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए की जा रही है। हालांकि, यदि जांच में बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आती हैं, तो भविष्य में H-1B और PERM Visa से जुड़े नियम और सख्त किए जा सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Australia

PM Modi Australia Visit: Trade, Defence और Energy Sector में भारत-ऑस्ट्रेलिया ने किए बड़े समझौते

India और Australia के रिश्ते एक नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ता भरोसा अब केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों तक पहुंच गया है। ऑस्ट्रेलिया में PM Modi और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज (Anthony Albanese) की मुलाकात के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसलों पर सहमति बनी, जिन्हें दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। ऊर्जा सुरक्षा और Clean Energy पर बढ़ेगा सहयोग बैठक में सबसे ज्यादा जोर ऊर्जा सुरक्षा पर दिया गया। भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने यूरेनियम और क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई को लेकर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। इसके साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर एनर्जी और अन्य स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में मिलकर काम करने पर भी सहमति बनी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को गति मिलेगी और भविष्य में ऊर्जा के नए विकल्प विकसित करने में मदद मिलेगी। Trade और Investment को मिलेगा नया Boost भारत और ऑस्ट्रेलिया ने आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने का फैसला किया है। दोनों नेताओं ने व्यापार बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर में निवेश के लिए आमंत्रित किया। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने भी भारतीय कंपनियों के लिए अपने बाजार में नए अवसर उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। Defence Partnership होगी और मजबूत बदलते वैश्विक हालात के बीच दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देने पर सहमति जताई। समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया गया। दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और स्वतंत्र समुद्री मार्ग दोनों देशों की साझा प्राथमिकता हैं। Technology, Education और Innovation पर भी फोकस बैठक में शिक्षा, रिसर्च, डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों का मानना है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था तकनीक और नवाचार पर आधारित होगी, इसलिए इस क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत बनाया जाएगा। भारतीय समुदाय की अहम भूमिका ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की भूमिका की भी दोनों नेताओं ने सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच मजबूत पुल बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत और योगदान ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई पहचान दी है। भारतीय समुदाय ने भी प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों की गहराई साफ दिखाई दी। PM Modi का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत और ऑस्ट्रेलिया केवल अच्छे मित्र नहीं, बल्कि भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के इस दौर में दोनों देशों का साथ लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय स्थिरता को नई मजबूती देगा। वहीं प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भी भारत को ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख साझेदार बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों का सहयोग और व्यापक होगा। क्यों खास है यह मुलाकात? यह बैठक ऐसे समय हुई है जब दुनिया ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक सप्लाई चेन, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता जैसे बड़े मुद्दों से जूझ रही है। ऐसे में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इन समझौतों को तय समय पर लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और व्यापक रूप में सामने आएंगे।
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Heavy Rain

Heavy Rain Alert: Maharashtra Flood में 3 हजार LPG Cylinders बहे, MP और Uttarakhand में बारिश बनी आफत

देशभर में मानसून का असर अब गंभीर होता जा रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश (Heavy Rain) ने कई राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। महाराष्ट्र में बाढ़ के तेज बहाव में करीब 3 हजार एलपीजी (LPG) सिलेंडर बह जाने की घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। वहीं मध्य प्रदेश में एक युवक उफनती नदी में बह गया, जबकि उत्तराखंड के उत्तरकाशी और टिहरी जिलों में भूस्खलन (Landslide) से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। Maharashtra Flood: बाढ़ के पानी में बह गए 3 हजार LPG Cylinders महाराष्ट्र के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसी बीच बाढ़ के तेज बहाव में एक गैस एजेंसी के लगभग 3 हजार LPG सिलेंडर बह गए। घटना के बाद प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित एजेंसी की टीमें सिलेंडरों की तलाश में जुट गई हैं। अधिकारियों ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। यदि किसी इलाके में बहकर आया गैस सिलेंडर दिखाई दे, तो उसे छूने या हटाने की कोशिश न करें। इसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके। Madhya Pradesh: नदी के तेज बहाव में बहा युवक मध्य प्रदेश में लगातार बारिश के चलते कई नदियां और नाले उफान पर हैं। इसी दौरान एक युवक नदी पार करने की कोशिश में तेज बहाव की चपेट में आ गया और देखते ही देखते पानी में बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। युवक की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उसका पता नहीं चल सका था। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में नदी-नालों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं। Uttarakhand Landslide: उत्तरकाशी और टिहरी में भूस्खलन से नुकसान उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश पहाड़ी इलाकों के लिए मुसीबत बन गई है। उत्तरकाशी और टिहरी जिलों में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। कई सड़कें मलबा आने से बंद हो गईं, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैनात कर दिए हैं। सड़कों से मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है, जबकि संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। Heavy Rain Alert: कई राज्यों में अभी और बरसेंगे बादल भारतीय मौसम विभाग ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बना रहेगा। प्रशासन ने लोगों से मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। क्या रखें सावधानी? बारिश के इस दौर में थोड़ी-सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। इसलिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है— लगातार नजर बनाए हुए है प्रशासन देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर अभी थमने वाला नहीं दिख रहा है। प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखे हुए है और राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में सतर्क रहना और प्रशासन की सलाह मानना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
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Punjab Congress

Big Political Update: Punjab Congress में नहीं बदलेगा नेतृत्व, Raja Warring ही संभालेंगे कमान

पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) में पिछले कुछ दिनों से प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चाएं तेज थीं। राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी जल्द ही संगठन में बड़ा बदलाव कर सकती है। हालांकि अब कांग्रेस ने इन अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने साफ कर दिया कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल नेतृत्व बदलने का कोई फैसला नहीं लिया गया है और पार्टी का पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने पर है। भूपेश बघेल का दो टूक जवाब मीडिया से बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने नेतृत्व परिवर्तन की खबरों को खारिज करते हुए कहा, “ये कोई गुड्डा-गुड्डी का खेल नहीं है कि आज किसी को अध्यक्ष बना दिया जाए और कल उसे हटा दिया जाए।” उनका कहना था कि कांग्रेस में संगठन से जुड़े फैसले सोच-समझकर लिए जाते हैं। किसी भी पद पर बदलाव केवल अफवाहों या चर्चाओं के आधार पर नहीं किया जाता। क्यों उठी थीं बदलाव की चर्चाएं? हाल के दिनों में पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल की खबरें लगातार सामने आ रही थीं। कुछ राजनीतिक हलकों में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी चर्चा चल रही थी। इन खबरों के चलते कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब भूपेश बघेल के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी फिलहाल किसी भी तरह का नेतृत्व परिवर्तन नहीं करने जा रही है। राजा वडिंग पर हाईकमान का भरोसा कांग्रेस नेतृत्व ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि पार्टी को अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने की जिम्मेदारी फिलहाल उन्हीं के कंधों पर रहेगी। पार्टी का मानना है कि इस समय आंतरिक बदलाव से ज्यादा जरूरी संगठन को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाना है। चुनावी तैयारियों पर रहेगा फोकस पंजाब में आने वाले समय में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने वाली हैं। ऐसे में कांग्रेस संगठन विस्तार, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। भूपेश बघेल के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि पंजाब कांग्रेस फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन के बजाय संगठनात्मक मजबूती को प्राथमिकता दे रही है। इससे राजा वडिंग के अध्यक्ष पद को लेकर चल रही सभी चर्चाओं पर भी विराम लग गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shiv Sena

Hospital Attack: इलाज के विवाद में महिला Doctors और Nurses से मारपीट, Shiv Sena पार्षद पर कार्रवाई

अस्पताल वह जगह होती है जहां मरीज और उनके परिजन इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। लेकिन जब इलाज के दौरान विवाद हिंसा का रूप ले ले, तो सबसे ज्यादा असर उन डॉक्टरों और नर्सों पर पड़ता है जो दिन-रात लोगों की सेवा में लगे रहते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां महिला डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार के बाद पूरे अस्पताल में तनाव का माहौल बन गया। घटना के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर शिवसेना (Shiv Sena) के एक पार्षद समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। इलाज को लेकर शुरू हुआ विवाद प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अस्पताल में इलाज को लेकर मरीज पक्ष और चिकित्सा स्टाफ के बीच कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि कुछ लोगों ने ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉक्टरों और नर्सों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस दौरान अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मरीजों और उनके परिजनों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। महिला डॉक्टरों और नर्सों ने की कार्रवाई की मांग घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों ने विरोध जताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में भी दोहराई जा सकती हैं। स्वास्थ्यकर्मियों ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। Shiv Sena पार्षद समेत कई लोगों पर दर्ज हुआ केस पुलिस ने अस्पताल प्रशासन और पीड़ित स्वास्थ्यकर्मियों की शिकायत के आधार पर शिवसेना के एक पार्षद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, घटना की जांच की जा रही है और अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अस्पतालों में सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान डॉक्टरों और नर्सों पर हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील संवाद और कानून का सख्ती से पालन ही ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रभावी तरीका हो सकता है। इस ताजा मामले के बाद भी स्वास्थ्यकर्मी संगठनों ने सरकार और प्रशासन से अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।
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Rao Inderjit Singh के कार्यक्रम से Rewari विधायक की गैरहाजिरी बनी चर्चा का विषय

Rao Inderjit Singh के कार्यक्रम से Rewari विधायक की गैरहाजिरी बनी चर्चा का विषय

केंद्रीय मंत्री Rao Inderjit Singh के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में Rewari के विधायक की गैरहाजिरी ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर अलग-अलग चर्चाएं चल रही हैं। स्थानीय लोगों और राजनीतिक जानकारों का मानना है कि किसी बड़े नेता के सार्वजनिक कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक की अनुपस्थिति केवल एक सामान्य घटना नहीं मानी जाती। ऐसे मौके पर जनता की नजरें भी नेताओं की एकजुटता और संगठनात्मक अनुशासन पर टिकी रहती हैं। इसी वजह से राव इंद्रजीत सिंह के मंच से विधायक की गैरमौजूदगी को लेकर यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या पार्टी के भीतर समन्वय पहले जैसा मजबूत नहीं रहा या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। हालांकि विधायक की गैरहाजिरी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनावी माहौल में इस तरह की घटनाएं विपक्ष को सवाल उठाने का मौका देती हैं, वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो जाती हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि विधायक की गैरहाजिरी के पीछे वास्तविक कारण क्या था और पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले पर क्या प्रतिक्रिया देता है। आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir Scam? CCTV में कैद हुई चोरी, 500 रुपये से करोड़ों तक पहुंचा मामला

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला हर दिन नए खुलासे कर रहा है। शुरुआत कुछ सौ रुपये की चोरी से हुई, लेकिन अब जांच करोड़ों रुपये के चढ़ावे तक पहुंच गई है। इस पूरे घटनाक्रम ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, CCTV मॉनिटरिंग और चढ़ावे की पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मामले की हर कड़ी जोड़ने में जुटे हैं। 500 रुपये से शुरू हुई कहानी, जांच करोड़ों तक पहुंची जांच में सामने आया है कि शुरुआती दिनों में चढ़ावे में से 500 या 1000 रुपये जैसी छोटी रकम निकाली जाती थी। कम राशि होने के कारण किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया। धीरे-धीरे यही तरीका आदत में बदल गया और कथित तौर पर बड़ी रकम गायब होने लगी। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते मामला सामने नहीं आता तो नुकसान और बढ़ सकता था। CCTV Footage बना सबसे बड़ा सबूत पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका CCTV फुटेज ने निभाई। जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों की गतिविधियां संदिग्ध दिखाई दीं। फुटेज में कथित रूप से चढ़ावे की नकदी जेब में रखते हुए लोग नजर आए। इसके बाद पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और कार्रवाई तेज कर दी। इन्हीं सबूतों के आधार पर गिरफ्तार तीन आरोपियों को जेल से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी कितने समय से चल रही थी और इसमें कितने लोग शामिल थे। क्या CCTV निगरानी में लापरवाही बनी वजह? राम मंदिर जैसे संवेदनशील और देशभर की आस्था से जुड़े स्थान पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने के बावजूद यह मामला सामने आने से कई सवाल खड़े हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक कैमरे तो लगे थे, लेकिन उनकी नियमित मॉनिटरिंग और निगरानी व्यवस्था में कमी का फायदा आरोपियों ने उठाया। इसी वजह से मंदिर प्रशासन अब CCTV सिस्टम, सुरक्षा प्रोटोकॉल और नकदी प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर रहा है। करोड़ों के चढ़ावे की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता राम मंदिर में हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर चढ़ावे की राशि कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में इस घटना ने यह बहस भी शुरू कर दी है कि धार्मिक संस्थानों में नकदी के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और आधुनिक बनाने की जरूरत है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि चोरी केवल नकदी तक सीमित थी या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क भी काम कर रहा था। Champat Rai ने जांच पूरी होने तक साधी चुप्पी राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जांच पूरी होने और SIT की रिपोर्ट आने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और जांच एजेंसियों को अपना काम करने दिया जाना चाहिए। पुलिस और SIT की जांच जारी फिलहाल पुलिस, SIT और संबंधित एजेंसियां CCTV फुटेज, वित्तीय रिकॉर्ड और कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, मंदिर प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में काम शुरू कर चुका है। भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए निगरानी व्यवस्था को तकनीकी रूप से और प्रभावी बनाने की तैयारी की जा रही है. हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Traffic Rule

Traffic Rule Break करना पड़ेगा महंगा! DL Suspend होगा, Driving Test और Training के बाद मिलेगी राहत

अगर आप गाड़ी चलाते समय ट्रैफिक नियमों (Traffic Rules ) को नजरअंदाज करते हैं, तो अब यह आदत भारी पड़ सकती है। सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सरकार ट्रैफिक नियमों को लेकर सख्ती बढ़ाने की तैयारी में है। नए प्रस्तावों के तहत बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों का Driving License (DL) सस्पेंड किया जा सकता है। इतना ही नहीं, लाइसेंस दोबारा चालू कराने के लिए दो दिन की अनिवार्य ट्रेनिंग पूरी करनी होगी और कुछ मामलों में दोबारा Driving Test भी देना पड़ सकता है। इस कदम का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों को जिम्मेदार और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित करना है। एक साल में कई बार नियम तोड़ने वालों पर रहेगी नजर सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई चालक एक वर्ष के भीतर बार-बार गंभीर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में परिवहन विभाग चालक के रिकॉर्ड की समीक्षा करेगा और जरूरत पड़ने पर उसका ड्राइविंग लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित किया जा सकता है। हालांकि, लाइसेंस सस्पेंड करने से पहले संबंधित अधिकारी चालक को अपना पक्ष रखने का अवसर भी देंगे। दो दिन की Road Safety Training होगी जरूरी यदि किसी चालक का लाइसेंस सस्पेंड होता है, तो उसे सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग सेंटर में दो दिन का Road Safety Training Program पूरा करना होगा। इस दौरान सुरक्षित ड्राइविंग, ट्रैफिक नियमों और सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। सरकार का मानना है कि केवल जुर्माना लगाने से आदतन नियम तोड़ने वालों की सोच नहीं बदलती। इसलिए अब जागरूकता और प्रशिक्षण पर भी बराबर जोर दिया जाएगा। Driving Test दोबारा देना पड़ सकता है नए नियमों में यह भी प्रस्तावित है कि जिन चालकों का रिकॉर्ड लगातार खराब रहा है, उन्हें लाइसेंस रिन्यू कराने के समय दोबारा Driving Test देना पड़ सकता है। यदि वे टेस्ट में सफल होते हैं, तभी उनका लाइसेंस दोबारा वैध माना जाएगा। इस व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सड़क पर केवल प्रशिक्षित और जिम्मेदार चालक ही वाहन चलाएं। 45 दिन के भीतर निपटाना होगा चालान नई व्यवस्था के तहत ट्रैफिक चालान मिलने के बाद वाहन चालक के पास उसे जमा करने या चुनौती देने के लिए 45 दिन का समय होगा। यदि इस अवधि में कोई कार्रवाई नहीं होती, तो संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। सड़क हादसों को कम करने पर सरकार का फोकस देश में हर साल बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें तेज रफ्तार, रेड लाइट जंप करना, गलत दिशा में वाहन चलाना और मोबाइल फोन का इस्तेमाल जैसी लापरवाहियां प्रमुख कारण बनती हैं। सरकार का मानना है कि सख्त नियमों और बेहतर प्रशिक्षण से सड़क हादसों में कमी लाई जा सकती है। वाहन चालकों के लिए क्या है संदेश? अगर आप सुरक्षित तरीके से वाहन चलाते हैं और ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं, तो आपको किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर बार-बार नियम तोड़ने की आदत है, तो अब सिर्फ चालान भरकर बचना आसान नहीं होगा। इसलिए सीट बेल्ट लगाएं, हेलमेट पहनें, तय गति सीमा का पालन करें और ट्रैफिक नियमों का सम्मान करें। यही आपकी और दूसरों की सुरक्षा का सबसे बेहतर तरीका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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