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Lucknow

Lucknow Fire Breaking इंस्टीट्यूट में आग से मची अफरा-तफरी, कई छात्र घायल

उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में एक इंस्टीट्यूट में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अंदर मौजूद छात्र-छात्राएं और स्टाफ घबरा गए। धुआं भरते ही बिगड़े हालात प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही आग लगी, पूरे भवन में घना धुआं फैल गया और बाहर निकलने के रास्ते बंद होने लगे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई छात्रों को अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल से नीचे कूदना पड़ा। कई छात्र घायल, अस्पताल में भर्ती इस हादसे में कुछ छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। एक छात्र के नीचे गिरने से लोहे की ग्रिल से टकराने की भी जानकारी सामने आई है, जिससे उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत कार्य जारी घटना के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mayawati

UP Election 2027: Mayawati का बड़ा Brahmin दांव, BSP ने घोषित किए 2 उम्मीदवार

उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती (Mayawati) ने एक बार फिर अपने पुराने दलित-ब्राह्मण सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले पर भरोसा जताते हुए बड़ा चुनावी संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि “ब्राह्मण समाज का सम्मान और हित बसपा में ही सुरक्षित है।” इसी के साथ पार्टी ने दो ब्राह्मण चेहरों को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी भी शुरू कर दी है। इस कदम को आगामी चुनावों के लिए बसपा की नई रणनीति माना जा रहा है। चुनाव से पहले Mayawati का बड़ा राजनीतिक दांव मायावती ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि बसपा ही ऐसी पार्टी है जिसने सत्ता में रहते हुए सभी वर्गों को समान सम्मान और भागीदारी दी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान ब्राह्मण समाज को उचित प्रतिनिधित्व मिला और पार्टी आज भी ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति पर काम कर रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मायावती एक बार फिर 2007 के सफल दलित-ब्राह्मण गठजोड़ को दोहराने की कोशिश कर रही हैं। इसी रणनीति ने उस समय बसपा को पूर्ण बहुमत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। बसपा ने घोषित किए दो ब्राह्मण चेहरे पार्टी ने फिलहाल दो विधानसभा सीटों पर ब्राह्मण नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। बसपा की संगठनात्मक परंपरा के अनुसार, विधानसभा प्रभारी को बाद में उम्मीदवार बनाया जाता है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों नेताओं को आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट मिल सकता है। पार्टी जल्द ही अन्य सीटों पर भी उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है। क्या सपा की बढ़ सकती है मुश्किल? मायावती ने अपने बयान में बिना नाम लिए विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि बसपा द्वारा ब्राह्मण उम्मीदवारों को आगे लाने से विरोधी दलों में बेचैनी बढ़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर बसपा दलित और ब्राह्मण वोटों को एक साथ जोड़ने में सफल रहती है, तो इसका सीधा असर समाजवादी पार्टी के चुनावी समीकरण पर पड़ सकता है। फिलहाल सपा PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) रणनीति के जरिए अपने जनाधार को मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में बसपा का यह नया कदम मुकाबले को और दिलचस्प बना सकता है। 2027 विधानसभा चुनाव के लिए बसपा की नई रणनीति बसपा ने चुनाव से काफी पहले उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर यह संकेत दिया है कि पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की तैयारी में जुट चुकी है। पार्टी की कोशिश केवल अपने पारंपरिक दलित वोट बैंक तक सीमित रहने की नहीं है, बल्कि ब्राह्मण, सवर्ण और अन्य सामाजिक वर्गों को भी अपने साथ जोड़ने की है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सामाजिक समीकरण मजबूत होता है, तो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में मुकाबला पहले से कहीं ज्यादा रोचक हो सकता है। आने वाले महीनों में बसपा की अगली उम्मीदवार सूची और मायावती की चुनावी रणनीति पर सभी दलों की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal

West Bengal Budget DA में इजाफा, महिलाओं के लिए Free Bus Service और 1 लाख सरकारी नौकरियां

West Bengal सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए सरकारी कर्मचारियों, महिलाओं, युवाओं और आम लोगों के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। विधानसभा चुनाव से पहले आए इस बजट को राज्य सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। DA Hike, महिलाओं के लिए Free Bus Travel, 1 लाख सरकारी नौकरियां और सामाजिक कल्याण योजनाओं के विस्तार जैसे फैसले इस बजट की सबसे बड़ी खासियत रहे। सरकार का दावा है कि इन घोषणाओं से राज्य में रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, महिलाओं को आर्थिक राहत मिलेगी और आम लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचेगा। सरकारी कर्मचारियों के लिए DA में बढ़ोतरी बजट में सबसे पहले सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देते हुए महंगाई भत्ता (Dearness Allowance-DA) में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया। बढ़ती महंगाई के बीच इस फैसले से लाखों कर्मचारियों और सेवानिवृत्त लोगों की आय में इजाफा होगा। हालांकि कर्मचारी संगठनों का कहना है कि केंद्र और राज्य के DA के बीच अभी भी बड़ा अंतर है, इसलिए आगे भी इस मुद्दे पर उनकी मांग जारी रहेगी। महिलाओं को मिलेगा Free Bus Travel महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने राज्य संचालित बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा की है। यह योजना पूरे पश्चिम बंगाल में लागू होगी। शुरुआती दौर में महिलाएं पहचान पत्र दिखाकर यात्रा कर सकेंगी, जबकि बाद में QR Code आधारित स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे लाखों कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को हर महीने यात्रा खर्च में राहत मिलेगी। युवाओं के लिए 1 लाख सरकारी नौकरियों का ऐलान रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़ा दांव खेला है। बजट में 1 लाख नई सरकारी नौकरियां देने की घोषणा की गई है। विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों पर चरणबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और सरकारी सेवाओं में भी आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाओं पर बढ़ा फोकस इस बार के बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए भी अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है। महिला सशक्तिकरण, किसानों के कल्याण और गरीब परिवारों को राहत देने वाली योजनाओं के लिए भी आवंटन बढ़ाया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि विकास और जनकल्याण दोनों को साथ लेकर चलने की रणनीति के तहत यह बजट तैयार किया गया है। Budget 2026 की बड़ी घोषणाएं चुनाव से पहले सरकार का बड़ा दांव राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले पेश किया गया यह बजट कर्मचारियों, महिलाओं और युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। महंगाई भत्ता बढ़ाने, मुफ्त बस यात्रा और सरकारी नौकरियों जैसी घोषणाएं सीधे तौर पर बड़ी आबादी को प्रभावित करेंगी। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि इन योजनाओं का क्रियान्वयन कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से होता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

Weather Update: देश में दूसरा सबसे सूखा June, 42% कम Rainfall; MP-UP में Heatwave Alert

इस साल जून का महीना मौसम (Weather) के लिहाज से कई मायनों में असामान्य साबित हो रहा है। देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून उम्मीद के मुताबिक सक्रिय नहीं हो पाया है। इसका नतीजा यह है कि अब तक पूरे देश में सामान्य से करीब 42 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि यदि अगले कुछ दिनों में बारिश की स्थिति में बड़ा सुधार नहीं हुआ, तो यह जून पिछले कई दशकों का दूसरा सबसे सूखा जून बन सकता है। बारिश की कमी का असर अब केवल मौसम तक सीमित नहीं है। खेती, पेयजल, जलाशयों के जलस्तर और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी इसका प्रभाव साफ दिखाई देने लगा है। कई राज्यों में बारिश का इंतजार, खेतों में बढ़ी चिंता देश के कई हिस्सों में किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई का समय निकल रहा है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में नमी की कमी बनी हुई है। धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई कई इलाकों में प्रभावित हुई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून जल्द रफ्तार नहीं पकड़ता, तो इसका असर उत्पादन पर भी पड़ सकता है। MP और UP में फिर बढ़ेगी तपिश मानसून की धीमी चाल के कारण मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एक बार फिर गर्मी का असर बढ़ गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दोनों राज्यों के कई हिस्सों में हीटवेव (लू) चलने की चेतावनी जारी की है। दिन के समय तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है। Rajasthan में ओलावृष्टि ने बढ़ाई किसानों की मुश्किल एक ओर देश के कई हिस्से बारिश की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं राजस्थान के कुछ इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी, गरज-चमक और ओलावृष्टि दर्ज की गई। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलों और बागवानी को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कराने की मांग की है। जलाशयों का स्तर भी चिंता का कारण बारिश में कमी का असर देश के कई प्रमुख जलाशयों पर भी दिखने लगा है। कई बांधों और जलाशयों में जलस्तर सामान्य से नीचे बना हुआ है। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई, तो आने वाले महीनों में सिंचाई और पेयजल की चुनौती बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर मानसून का असर बिजली उत्पादन और जल प्रबंधन पर भी पड़ सकता है। IMD का ताजा Forecast मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ सकता है। दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई क्षेत्रों में अभी भी सामान्य से कम बारिश रहने के आसार हैं। कुछ राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। वहीं मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में लोगों को फिलहाल गर्मी और लू से राहत मिलने की संभावना कम है। आने वाले दिन रहेंगे अहम मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जून के अंतिम दिनों और जुलाई की शुरुआत में मानसून की रफ्तार पर सभी की नजर रहेगी। यदि बारिश सामान्य होती है, तो खेती और जल संसाधनों को राहत मिल सकती है। लेकिन यदि बारिश में देरी जारी रही, तो इसका असर कृषि, अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर और गहरा हो सकता है। फिलहाल देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कहीं लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं, कहीं लू से जूझ रहे हैं और कहीं ओलावृष्टि किसानों की चिंता बढ़ा रही है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Mandir चढ़ावा चोरी केस: टिन्नू यादव समेत 80 लोगों पर FIR की तैयारी

Ram Mandir चढ़ावा चोरी केस: टिन्नू यादव समेत 80 लोगों पर FIR की तैयारी

Ayodhya के Ram Mandir में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, अगले दो दिनों के भीतर इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा सकती है। जांच एजेंसियां इस मामले में टिन्नू यादव समेत करीब 80 लोगों को नामजद करने की तैयारी कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) आज अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को सौंप सकती है। रिपोर्ट में चढ़ावे के प्रबंधन और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जानकारी शामिल होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य सामने आए हैं। इन्हीं के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि SIT की रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े किसी भी प्रकार के घोटाले या गड़बड़ी की खबर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल सभी की नजरें SIT की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें: Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सिंधु जल

India-Pakistan Tension: सिंधु जल संधि को लेकर Pakistan का बड़ा बयान, पानी बना नया विवाद

भारत और पाकिस्तान के बीच Sindhu Water Treaty (सिंधु जल संधि) को लेकर एक बार फिर माहौल गर्म हो गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने भारत को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने या उसके प्रवाह में बाधा डालने की कोशिश की गई, तो इसे केवल जल विवाद नहीं बल्कि युद्ध (War) का कारण माना जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के रिश्ते पहले से ही कई मुद्दों को लेकर तनावपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में पानी जैसे संवेदनशील विषय पर आई यह टिप्पणी दक्षिण एशिया की राजनीति और सुरक्षा के लिहाज से अहम मानी जा रही है। Pakistan Defence Minister का बड़ा बयान पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि सिंधु नदी प्रणाली का पानी देश की करोड़ों आबादी, खेती और अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने दावा किया कि यदि भारत ने संधि के तहत मिलने वाले पानी को प्रभावित करने की कोशिश की, तो पाकिस्तान हर संभव कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पानी पर किसी भी तरह का खतरा पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है और ऐसी स्थिति में जवाब देना मजबूरी होगी। आखिर क्या है Sindhu Water Treaty? सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) पर भारत और पाकिस्तान ने वर्ष 1960 में हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते में विश्व बैंक ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। संधि के तहत— दिलचस्प बात यह है कि 1965, 1971 और कारगिल युद्ध जैसे कठिन दौर में भी यह संधि पूरी तरह समाप्त नहीं हुई। क्यों फिर चर्चा में आई सिंधु जल संधि? पिछले कुछ वर्षों में भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर में बनाई जा रही कुछ जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर पाकिस्तान लगातार आपत्ति जताता रहा है। पाकिस्तान का आरोप है कि इन परियोजनाओं से संधि की भावना प्रभावित हो सकती है। वहीं भारत का कहना है कि उसकी सभी परियोजनाएं Sindhu Water Treaty के नियमों के अनुरूप हैं और इनमें ऐसा कुछ नहीं है जिससे पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोका जाए। क्या बढ़ सकता है India-Pakistan Tension? विशेषज्ञों का मानना है कि पानी आने वाले वर्षों में दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संसाधनों में शामिल रहेगा। भारत और पाकिस्तान जैसे देशों के बीच यह केवल प्राकृतिक संसाधन का नहीं, बल्कि कूटनीति, कृषि, ऊर्जा और राष्ट्रीय सुरक्षा का भी विषय है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि ऐसे विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से ही संभव है। दोनों देशों के बीच मौजूद संधियां और अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाएं ऐसे मामलों में अहम भूमिका निभाती हैं। भारत की प्रतिक्रिया का इंतजार पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान के बाद भारत सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि माना जा रहा है कि यदि इस मुद्दे पर तनाव और बढ़ता है, तो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत या अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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विधान परिषद

Maharashtra Politics: विधान परिषद चुनाव में महायुति की बड़ी जीत, कांग्रेस पूरी तरह साफ

महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव 2026 के नतीजों ने एक बार फिर राज्य की राजनीति की तस्वीर साफ कर दी है। भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) के गठबंधन महायुति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज की। हालांकि, इस जीत के बीच सबसे बड़ी चर्चा नासिक सीट की रही, जहां भाजपा के बागी उम्मीदवार ने महायुति के अधिकृत प्रत्याशी को हराकर पूरे चुनाव का समीकरण बदल दिया। वहीं, कांग्रेस के लिए यह चुनाव बेहद निराशाजनक साबित हुआ। पार्टी एक भी सीट अपने नाम नहीं कर सकी और उसका खाता तक नहीं खुल पाया। 6 सीटों पर पहले ही तय हो गई थी जीत चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही महायुति को बड़ी बढ़त मिल गई थी। 17 में से 6 सीटों पर उसके उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए थे। इसके बाद बची हुई 11 सीटों पर मतदान कराया गया, जिनके परिणाम आने पर महायुति ने लगभग सभी सीटों पर अपना दबदबा कायम रखा। इन नतीजों ने यह साफ कर दिया कि राज्य में फिलहाल महायुति का संगठन और चुनावी रणनीति विपक्ष पर भारी पड़ रही है। Nashik बना चुनाव का सबसे बड़ा Surprise इस चुनाव का सबसे दिलचस्प मुकाबला नासिक में देखने को मिला। यहां भाजपा के बागी उम्मीदवार गोकुल गीते ने महायुति समर्थित शिवसेना उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को हराकर सभी राजनीतिक समीकरण बदल दिए। गीते की जीत ने यह संकेत भी दिया कि गठबंधन के भीतर कुछ जगहों पर असंतोष अभी भी मौजूद है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले चुनावों में महायुति को इस तरह की अंदरूनी चुनौतियों पर ध्यान देना होगा। भाजपा का शानदार प्रदर्शन, कई सीटों पर बड़ी जीत जलगांव, नागपुर, सांगली, सतारा, सोलापुर, नांदेड़, परभणी और अन्य स्थानीय निकाय क्षेत्रों में भी महायुति के उम्मीदवारों ने मजबूत प्रदर्शन किया। भाजपा ने कई सीटों पर निर्णायक बढ़त के साथ जीत हासिल की, जबकि सहयोगी दल शिवसेना और एनसीपी ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभाव बनाए रखा। इन परिणामों ने महायुति को राज्य की राजनीति में और मजबूती दी है। कांग्रेस और महाविकास अघाड़ी के लिए बड़ा झटका महाविकास अघाड़ी (एमवीए) इस चुनाव में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। कांग्रेस एक भी सीट जीतने में असफल रही, जबकि कई स्थानों पर विपक्ष के उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिया था। इससे महायुति को सीधा लाभ मिला। चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस को संगठन मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर अपनी रणनीति में बड़े बदलाव करने की जरूरत है। विपक्ष ने लगाए राजनीतिक दबाव के आरोप चुनाव के बाद महाविकास अघाड़ी के नेताओं ने आरोप लगाया कि कई उम्मीदवारों पर राजनीतिक दबाव बनाया गया और इसी वजह से कुछ सीटों पर मुकाबला कमजोर पड़ गया। हालांकि महायुति ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि जनता और जनप्रतिनिधियों ने विकास के नाम पर उनका समर्थन किया है। क्या कहते हैं ये नतीजे? महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नतीजे यह संकेत देते हैं कि राज्य में महायुति की राजनीतिक पकड़ फिलहाल मजबूत बनी हुई है। हालांकि नासिक में बागी उम्मीदवार की जीत यह भी दिखाती है कि गठबंधन के भीतर असंतोष पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दूसरी ओर, कांग्रेस और महाविकास अघाड़ी के लिए यह परिणाम गंभीर समीक्षा का विषय बन गए हैं। आने वाले स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों से पहले इन नतीजों का असर राज्य की राजनीति पर साफ दिखाई दे सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BMW

High Speed BMW Crash: ठाणे में 251kmph की रफ्तार ने छीनी 2 युवकों की जान

महाराष्ट्र के ठाणे से एक ऐसा सड़क हादसा सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर दिया। देर रात पार्टी से लौट रहे तीन दोस्त एक लग्जरी BMW कार में सफर कर रहे थे। सफर अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि कुछ ही सेकंड में सब कुछ बदल गया। तेज रफ्तार कार डिवाइडर से जा टकराई और हादसा इतना भीषण था कि दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग तुरंत मौके की ओर दौड़ पड़े। जब तक राहत टीम पहुंची, कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। 251kmph की Speed ने बढ़ाई चिंता प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे के समय BMW की स्पीड करीब 251 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंची थी। हालांकि पुलिस अभी इस आंकड़े की तकनीकी जांच कर रही है। वाहन के इलेक्ट्रॉनिक डेटा, सीसीटीवी फुटेज और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना के वक्त कार की वास्तविक रफ्तार कितनी थी। यदि यह स्पीड आधिकारिक जांच में सही साबित होती है, तो यह हाल के वर्षों के सबसे तेज रफ्तार सड़क हादसों में शामिल हो सकता है। टक्कर इतनी जबरदस्त कि इंजन 30 मीटर दूर जा गिरा हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद BMW का इंजन कार से अलग होकर करीब 30 मीटर दूर जाकर गिरा। कार के कई हिस्से सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गए। दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। बचाव दल ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पार्टी से लौटते समय हुआ हादसा पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, तीनों युवक एक पार्टी से लौट रहे थे। देर रात सड़क अपेक्षाकृत खाली थी, जिससे कार काफी तेज गति से चल रही थी। इसी दौरान चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और BMW सीधे डिवाइडर से टकरा गई। फिलहाल मृतकों की पहचान और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के हर पहलू की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हादसे की वजह सिर्फ तेज रफ्तार थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था। इसके अलावा चालक ने शराब का सेवन किया था या नहीं, इसकी पुष्टि मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। सड़क पर Speed नहीं, Safety सबसे जरूरी ठाणे का यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि आधुनिक और महंगी कारें भी लापरवाही की भरपाई नहीं कर सकतीं। सड़क पर कुछ मिनट पहले पहुंचने की जल्दबाजी कभी-कभी पूरी जिंदगी बदल देती है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन कितना भी सुरक्षित क्यों न हो, अगर गति नियंत्रण से बाहर हो जाए तो गंभीर हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए ट्रैफिक नियमों का पालन करना और निर्धारित गति सीमा के भीतर वाहन चलाना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TMC

Mamata Banerjee की TMC को झटका: Minority Cell अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली All India Trinamool Congress (TMC) को अल्पसंख्यक सेल से जुड़ी एक अहम राजनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के Minority Cell के प्रदेश अध्यक्ष मोशरेफ हुसैन ने अपने पद से इस्तीफा देकर संगठन में हलचल मचा दी है। यह कदम ऐसे समय आया है जब TMC पहले से ही कई स्तरों पर अंदरूनी असंतुलन और संगठनात्मक बदलावों से गुजर रही है। अचानक इस्तीफे से बढ़ी सियासी चर्चा मोशरेफ हुसैन के इस्तीफे की वजह को लेकर अभी तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि यह फैसला लंबे समय से चल रहे अंदरूनी मतभेद और संगठनात्मक असंतोष का परिणाम हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, Minority Cell के भीतर कुछ मुद्दों को लेकर खींचतान चल रही थी, जो धीरे-धीरे गंभीर होती चली गई। TMC के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम? TMC की राजनीति में अल्पसंख्यक वोट बैंक हमेशा से एक मजबूत आधार रहा है। ऐसे में इस सेल में आई दरार को पार्टी के लिए एक संवेदनशील संकेत माना जा रहा है। इस घटनाक्रम के संभावित असर: पहले से चल रही अंदरूनी खींचतान पिछले कुछ समय से TMC के भीतर कई स्तरों पर असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं। विभिन्न प्रकोष्ठों में बदलाव और नेतृत्व को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं। ऐसे में मोशरेफ हुसैन का इस्तीफा इस राजनीतिक घटनाक्रम को और गंभीर बनाता है। आगे क्या हो सकता है? अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi NEET Support: छात्रों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर मॉनिटरिंग

नई दिल्ली में NEET परीक्षा के दिन एक अहम और संवेदनशील स्थिति देखने को मिली, जब PM Modi ने छात्रों की सुविधा और समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर ही ट्रैवल व्यवस्था पर नजर बनाए रखी। सूत्रों के मुताबिक, उस दिन एयर ट्रैवल और फ्लाइट संचालन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही थी, ताकि किसी भी NEET अभ्यर्थी को यात्रा में देरी या किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी दौरान प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट पर रुककर पूरी स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से लगातार अपडेट लेते रहे। NEET जैसी बड़ी राष्ट्रीय परीक्षा में देशभर से लाखों छात्र हिस्सा लेते हैं। कई उम्मीदवार दूसरे शहरों में जाकर परीक्षा देते हैं, ऐसे में समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचना बेहद जरूरी होता है। छोटी सी देरी भी छात्रों के भविष्य पर बड़ा असर डाल सकती है। इसी वजह से प्रशासन ने एयरपोर्ट और ट्रैवल सिस्टम को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा। दिल्ली एयरपोर्ट पर मौजूद अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि फ्लाइट संचालन सामान्य रहे और किसी भी छात्र की यात्रा प्रभावित न हो। यात्रियों की सुविधा और परीक्षा के महत्व को ध्यान में रखते हुए पूरी व्यवस्था को सक्रिय और सुचारू रखा गया। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि बड़े एग्जाम के दौरान ट्रैवल मैनेजमेंट और सरकारी समन्वय कितना महत्वपूर्ण होता है। खासकर NEET जैसे एग्जाम में, जहां हर मिनट की कीमत होती है, वहां सही व्यवस्था छात्रों के लिए बड़ी राहत बनती है।
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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