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जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी, अभिजीत दीपके बोले- अब सरकार खुद बातचीत के लिए आए

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने साफ कहा कि अब उनकी ओर से कोई प्रतिनिधि सरकार से बातचीत के लिए नहीं जाएगा। यदि सरकार बातचीत चाहती है तो उसे खुद जंतर-मंतर आना होगा। अभिजीत दीपके ने संसद मार्च के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों से माफी भी मांगी और कहा कि जिन लोगों को कानूनी सहायता की जरूरत है, वे CJP की लीगल टीम से संपर्क करें। सभी प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनमें खून की कमी के लक्षण हैं, लेकिन उनका अनशन 24वें दिन भी जारी है। विपक्षी नेताओं ने जताया समर्थन मंगलवार को जंतर-मंतर पर कई विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता आंदोलन के समर्थन में पहुंचे। इनमें उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, शरद पवार, सुप्रिया सुले, अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह सहित कई प्रमुख नेता शामिल रहे। शाम होते-होते प्रदर्शन स्थल पर भीड़ फिर बढ़ गई। धरने में वे प्रदर्शनकारी भी शामिल हुए, जो एक दिन पहले संसद मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस की कार्रवाई में घायल हुए थे। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी रिहा दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया है। इसके बाद CJP ने पुलिस मुख्यालय के सामने प्रस्तावित धरना रद्द कर दिया। वहीं, संसद मार्च के दौरान बर्गर खाते नजर आए CJP प्रवक्ता विजेता दाहिया को संगठन ने पद से हटा दिया। इस पर दाहिया ने वीडियो जारी कर कहा कि यदि किसी को भूख लगेगी तो वह खाना जरूर खाएगा। दिनभर के प्रमुख अपडेट्स अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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भुवनेश्वर-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट में हवा में तेज झटके, यात्री सहमे; विमान सुरक्षित दिल्ली पहुंचा

New Delhi News: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट मंगलवार को उड़ान के दौरान तेज एयर टर्बुलेंस का सामना करने के बाद सुरक्षित दिल्ली पहुंच गई। यात्रियों के अनुसार, फ्लाइट संख्या IX1058 ने दोपहर करीब 3:30 बजे भुवनेश्वर से उड़ान भरी थी, लेकिन लगभग 30 मिनट बाद विमान अचानक तेज़ी से हिलने लगा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। फ्लाइट में सवार 150 से अधिक यात्रियों ने बताया कि विमान के लगातार डगमगाने से कई लोग घबरा गए। कुछ यात्रियों का दावा है कि पायलट ने स्थिति को संभालने के लिए विमान की गति बढ़ाई। इस दौरान विमान कुछ समय के लिए हरियाणा के चरखी दादरी क्षेत्र की ओर चला गया, जिसके बाद उसे वापस मोड़कर दिल्ली लाया गया। यात्रियों के मुताबिक, उड़ान के दौरान एक महिला यात्री की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। हालांकि विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतर गया। यात्रियों का यह भी कहना है कि फ्लाइट निर्धारित समय से करीब आधा घंटा पहले दिल्ली पहुंच गई। हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासी स्पर्श सिंगल, जो इस फ्लाइट में सफर कर रहे थे, ने बताया कि वे पुरी में भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल होने के बाद लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि उड़ान के शुरुआती 30 मिनट तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन इसके बाद विमान में अचानक तेज झटके लगने लगे और कई यात्रियों में डर का माहौल बन गया। यात्रियों ने दावा किया कि दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्होंने एयरलाइन अधिकारियों से घटना की जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। फिलहाल एयर इंडिया की ओर से इस घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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पीएम आवास के बाहर राहुल-प्रियंका का अचानक धरना, छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस ने बदली रणनीति

कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर अचानक धरना देकर केंद्र सरकार पर छात्रों के मुद्दे को लेकर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई पर सरकार जवाब देने से बच रही है। करीब तीन घंटे से अधिक समय तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को हटाकर धरना समाप्त कराया। छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस का बदला रुख 20 जून से जंतर-मंतर पर चल रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आंदोलन से कांग्रेस शुरुआती दौर में दूरी बनाए हुए थी। हालांकि, मानसून सत्र के दौरान छात्रों के मुद्दे और पुलिस कार्रवाई के बाद पार्टी ने अपना रुख बदलते हुए आंदोलन का खुलकर समर्थन करना शुरू किया। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने सरकार की आलोचना की। प्रियंका गांधी ने छात्रों पर बल प्रयोग को निंदनीय बताया, जबकि राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री पर सवाल उठाए। गुप्त तरीके से बनाई गई धरने की योजना रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन की योजना बेहद गोपनीय रखी। पार्टी नेताओं को मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बुलाया गया, जहां से दोपहर करीब 3:30 बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेता पैदल पीएम आवास की ओर बढ़े और वहीं धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौके पर पहुंचे। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से बातचीत की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त कराते हुए नेताओं को वहां से हटाया। राहुल गांधी ने सरकार से मांगा जवाब धरने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा कि वे प्रधानमंत्री से छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर जवाब मांगने पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा से बच रही है और छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय नहीं कर रही। राजनीतिक विश्लेषकों की राय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस अब छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर अपनी राजनीतिक रणनीति को नई दिशा देने की कोशिश कर रही है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि कांग्रेस आंदोलन का केंद्र छात्रों के मुद्दे को बनाए रखना चाहती है, जबकि अन्य का मानना है कि इससे विपक्ष की राजनीति और आंदोलन दोनों की दिशा प्रभावित हो सकती है। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Ketan Agrawal

Ketan Agrawal Murder Case: Siya-Chetan की साजिश से उठा पर्दा, जांच में सामने आई नई बात

Ketan Agrawal Murder Case में जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस जांच में कथित तौर पर यह बात सामने आई है कि आरोपी Siya और Chetan ने शुरुआत में केतन अग्रवाल को जान से मारने की योजना नहीं बनाई थी, बल्कि पहले उसे अपाहिज बनाने का प्लान तैयार किया गया था। बाद में किसी वजह से साजिश का रुख बदल गया और मामला हत्या तक पहुंच गया। जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, आरोपियों का शुरुआती मकसद केतन को गंभीर नुकसान पहुंचाना था, ताकि वह सामान्य जीवन न जी सके। हालांकि बाद में उन्होंने कथित तौर पर हत्या की योजना बना ली। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर साजिश कब शुरू हुई और इसके पीछे असली वजह क्या थी। पूछताछ में सामने आई साजिश की परतें पुलिस की जांच में आरोपियों से पूछताछ, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन सबूतों से घटना से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब मिल सकते हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में लगी हैं कि क्या इस मामले में सिर्फ दो लोग शामिल थे या फिर किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। हत्या के पीछे क्या थी वजह? Ketan Agrawal Murder Case में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर आरोपियों ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि विवाद, व्यक्तिगत दुश्मनी या किसी अन्य कारण ने इस घटना को जन्म दिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे आने वाले दिनों में कई और खुलासे होने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि सभी सबूतों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर केतन अग्रवाल हत्याकांड ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में सामने आए खुलासों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब पुलिस की जांच से ही साफ होगा कि इस साजिश की पूरी कहानी क्या थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Raja Raghuvanshi

Supreme Court on Raja Raghuvanshi Murder Case: Sonam Raghuvanshi से कहा- सरेंडर करें

राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट की ताजा टिप्पणी ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। अदालत ने मुख्य आरोपी और राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी के सामने दो स्पष्ट विकल्प रख दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि या तो वह ट्रायल कोर्ट के समक्ष सरेंडर करें, या फिर उनकी जमानत को लेकर दाखिल याचिका पर उपलब्ध रिकॉर्ड और मेरिट के आधार पर फैसला सुनाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। अदालत का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया से दूरी बनाकर राहत की उम्मीद नहीं की जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? जस्टिस एम.एम. सुन्दरेश और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच मेघालय सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें हाईकोर्ट द्वारा सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत को चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यदि सोनम रघुवंशी प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज होने तक आत्मसमर्पण कर देती हैं, तो बाद में उनकी जमानत पर कानून के अनुसार विचार किया जा सकता है। लेकिन यदि वह सरेंडर नहीं करती हैं, तो अदालत राज्य सरकार की अपील पर मेरिट के आधार पर फैसला सुनाने के लिए स्वतंत्र होगी। कोर्ट की इस टिप्पणी को मामले में बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा तय हो सकती है। गिरफ्तारी को लेकर उठे सवाल सुनवाई के दौरान सोनम रघुवंशी की ओर से गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि यदि गिरफ्तारी के आधार को चुनौती देनी थी, तो यह मुद्दा पहले क्यों नहीं उठाया गया। अदालत ने संकेत दिया कि ऐसे कानूनी मुद्दों को उचित समय पर उठाया जाना चाहिए। क्या है Raja Raghuvanshi Murder Case? राजा रघुवंशी की मौत उस समय हुई थी जब वह अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ मेघालय में हनीमून पर गए थे। कुछ दिनों बाद उनका शव बरामद हुआ और जांच शुरू हुई। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सोनम रघुवंशी को मुख्य आरोपी बनाया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि हत्या एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। इस मामले में कई अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। बाद में हाईकोर्ट ने सोनम को जमानत दे दी थी, लेकिन मेघालय सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। अब देश की सर्वोच्च अदालत इस मामले की सुनवाई कर रही है। अब आगे क्या होगा? फिलहाल गेंद सोनम रघुवंशी के पाले में है। यदि वह अदालत की सलाह मानते हुए सरेंडर करती हैं, तो ट्रायल के दौरान उनकी जमानत पर दोबारा विचार हो सकता है। दूसरी ओर, यदि वह आत्मसमर्पण नहीं करती हैं, तो सुप्रीम कोर्ट उपलब्ध रिकॉर्ड और कानूनी तथ्यों के आधार पर फैसला सुना सकता है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी आने वाली सुनवाई के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सोनम रघुवंशी अदालत के सुझाव का पालन करती हैं या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sikkim

Sikkim Rain 10 लोगों की मौत के बाद तेज हुआ Rescue Operation, PM Modi ने CM Tamang से की बात

हिमालयी राज्य Sikkim एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। जगह-जगह हुए भूस्खलन (Landslide) और बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। लगातार बारिश से बढ़ा संकट पिछले कुछ दिनों से Sikkim में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ, जिससे सड़कें ध्वस्त हो गईं और कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया। बारिश के कारण कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग बंद हो गए हैं। कई स्थानों पर बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे राहत कार्यों में अतिरिक्त चुनौतियां सामने आ रही हैं। 10 लोगों की मौत, कई अब भी लापता राज्य सरकार के अनुसार, राहत अभियान के दौरान अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं। कई लोग अब भी लापता हैं और उनके मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। खराब मौसम और लगातार बारिश के बावजूद राहत कार्य बिना रुके जारी है। युद्धस्तर पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित क्षेत्रों में NDRF, SDRF, भारतीय सेना, आईटीबीपी और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। भारी मशीनों और आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। साथ ही फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा। PM Modi ने CM Tamang से की बातचीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर राज्य के हालात की जानकारी ली। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि केंद्र सरकार राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में हरसंभव सहयोग करेगी। प्रधानमंत्री ने संबंधित एजेंसियों को राज्य सरकार के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं। Amit Shah ने भी दिया हरसंभव सहायता का भरोसा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री तमांग से बातचीत कर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने एनडीआरएफ और अन्य केंद्रीय एजेंसियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री, भोजन, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं बिना किसी देरी के प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जाएं। राज्य सरकार ने विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर भी तैयार किए हैं। मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा राज्य सरकार ने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने भी राष्ट्रीय आपदा राहत मानकों के तहत हरसंभव वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। IMD ने जारी किया Heavy Rain Alert भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सिक्किम और आसपास के पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाएं और केवल सरकारी सलाह का पालन करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi on Paper Leak: संसद में बहस की मांग तेज, Kharge ने कहा- सरकार चर्चा से बच रही है

देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने लाखों छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। अब यह मुद्दा संसद तक पहुंच चुका है। विपक्ष का कहना है कि यह केवल परीक्षा प्रणाली की खामी नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर राष्ट्रीय सवाल है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। Rahul Gandhi ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवा वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देते हैं, लेकिन पेपर लीक की घटनाएं उनके सपनों और भरोसे दोनों को नुकसान पहुंचा रही हैं। उनका मानना है कि संसद में इस विषय पर खुली चर्चा होनी चाहिए ताकि सरकार अपनी जिम्मेदारी और आगे की कार्ययोजना स्पष्ट कर सके। Speaker से मुलाकात, संसद में चर्चा की मांग लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने विपक्ष की ओर से मांग रखी कि पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए समय निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि संसद देश की जनता की आवाज है और करोड़ों छात्रों की चिंता को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर चर्चा होनी चाहिए, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा सके। Kharge का आरोप- विपक्ष को बोलने का मौका नहीं कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को सदन में अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं दिया जा रहा है। खड़गे ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में सभापति को पत्र लिखकर विपक्ष को पेपर लीक समेत अन्य जनहित के मुद्दों पर बोलने का समय देने की मांग की है। उनका कहना है कि विपक्ष लगातार युवाओं, बेरोजगारी और परीक्षा प्रणाली से जुड़े सवाल उठाना चाहता है, लेकिन इन विषयों पर चर्चा से बचने की कोशिश की जा रही है। क्यों बढ़ रही है पेपर लीक पर चिंता? बीते कुछ वर्षों में विभिन्न राज्यों और राष्ट्रीय स्तर की कई भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। कई परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं, जबकि लाखों उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। इससे छात्रों का समय, आर्थिक संसाधन और मानसिक संतुलन तीनों प्रभावित हुए हैं। इसी वजह से विपक्ष इस मुद्दे को संसद में प्रमुखता से उठा रहा है। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं और दोषियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। संसद में बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव पेपर लीक को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि जब तक इस विषय पर सदन में चर्चा नहीं होगी और सरकार स्पष्ट जवाब नहीं देगी, तब तक वह इस मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। छात्रों की निगाहें संसद पर देशभर के लाखों अभ्यर्थी अब संसद की कार्यवाही पर नजर बनाए हुए हैं। उनकी उम्मीद है कि राजनीतिक बहस से आगे बढ़कर परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए ठोस फैसले लिए जाएंगे। छात्रों का मानना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक पर स्थायी समाधान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sonam Wangchuk

Delhi High Court on Sonam Wangchuk: Medanta Shift का आदेश, Health को लेकर बढ़ी चिंता

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की सेहत को लेकर चल रही चिंताओं के बीच सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। अदालत ने निर्देश दिया कि उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया जाए। पिछले चार दिनों से वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर उनके समर्थन में प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की और आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने की बात कही। हाईकोर्ट ने क्यों दिया Medanta शिफ्ट करने का आदेश? Sonam Wangchuk की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों की राय रखी गई। इसके बाद कोर्ट ने माना कि बेहतर इलाज और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उन्हें मेदांता अस्पताल भेजा जाना उचित होगा। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इलाज की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी या बाधा न आए। चार दिन से Safdarjung Hospital में भर्ती सोनम वांगचुक पिछले चार दिनों से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन विशेषज्ञों की सलाह को देखते हुए उन्हें अधिक उन्नत चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। Jantar Mantar पर समर्थकों का प्रदर्शन जारी वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग जुटे हैं। प्रदर्शन में छात्रों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समूहों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है। प्रदर्शन स्थल पर कई बार पुलिस के खिलाफ नारे भी लगाए गए। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे और पूरे इलाके पर नजर रखी गई। आखिर क्यों चर्चा में हैं Sonam Wangchuk? सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख के संवैधानिक अधिकारों, पर्यावरण संरक्षण और हिमालयी पारिस्थितिकी से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। हाल के दिनों में उनका आंदोलन और स्वास्थ्य, दोनों ही राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद कई सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने बेहतर इलाज की मांग की थी। हाईकोर्ट के ताजा आदेश को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आगे क्या होगा? हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी विस्तृत जांच और आगे का इलाज करेंगे। वहीं, जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को लेकर प्रशासन भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट और आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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कॉकरोच जनता पार्टी’ के समर्थन में मार्च कर रहे 8 सपा सांसद हिरासत में, 2 घंटे बाद रिहा

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के समर्थन में संसद से जंतर-मंतर तक पैदल मार्च कर रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के 8 सांसदों को सोमवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए सांसदों में डिंपल यादव, इकरा हसन, प्रिया सरोज, रुचि वीरा, धर्मेंद्र यादव समेत अन्य सांसद शामिल थे। करीब दो घंटे बाद सभी को रिहा कर दिया गया। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने बताया कि सभी सांसदों को दोपहर करीब 12:30 बजे हिरासत में लेकर संसद मार्ग स्थित पार्लियामेंट थाने में बैठाया गया, जहां लगभग दो घंटे तक रखने के बाद दोपहर करीब 2:30 बजे छोड़ दिया गया। रिहा होने के बाद सांसद डिंपल यादव ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने छात्रों के साथ मारपीट की और उन्हें घसीटा गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ छात्राओं ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और कपड़े फाड़े जाने की शिकायत भी की। डिंपल यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग दोहराई। समाजवादी पार्टी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों की आवाज उठाने वाले सांसदों को हिरासत में लेना और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद परिसर के बाहर कहा कि एक ओर सांसदों को थाने में बैठाया गया, वहीं दूसरी ओर छात्रों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। इस बीच, उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी नीट पेपर लीक के विरोध और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के समर्थन में सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जबकि बीएचयू में छात्रों ने करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया। लखनऊ में विधानसभा घेराव के लिए जा रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। विरोध में कई कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाकर इको गार्डन भेज दिया। वहीं आगरा में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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बाड़मेर में मां ने 6 वर्षीय बेटे के साथ ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, दोनों की मौके पर मौत

राजस्थान के बाड़मेर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने छह वर्षीय बेटे के साथ ट्रेन के आगे कूदकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। हादसे में मां-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। यह घटना सोमवार शाम करीब 4:15 बजे सदर थाना क्षेत्र के धूड़ानियों की ढाणी के पास बाड़मेर-मुनाबाव रेलवे ट्रैक पर हुई। पुलिस के अनुसार, धूड़ानियों की ढाणी निवासी 45 वर्षीय सायर कंवर अपने छह वर्षीय बेटे राजू के साथ घर से निकली थीं। घर से करीब 500 मीटर दूर मुनाबाव की ओर से आ रहे इंजन के सामने दोनों ने छलांग लगा दी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और दोनों के शवों को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही मृतका के मायके और ससुराल पक्ष के लोग भी अस्पताल पहुंच गए। प्रारंभिक जांच और परिजनों से पूछताछ में सामने आया है कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और पिछले तीन वर्षों से गुजरात के पालनपुर में उसका इलाज चल रहा था। परिजनों ने किसी भी प्रकार की आशंका या संदेह व्यक्त नहीं किया है। पुलिस ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा। मंगलवार को दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। फिलहाल पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:
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मेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर सौरभ की हत्या करने का आरोप साबित होने के बाद यह फैसला सुनाया गया। सजा सुनाते हुए जज ने वारदात को नृशंस हत्याकांड बताया और कहा कि इसमें माफी स्वीकार नहीं होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए मुस्कान और साहिल सजा सुनाए जाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। इस दौरान दोनों रोने लगे। जज ने मुस्कान से पूछा कि पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद वह क्या सजा चाहती है। इस पर मुस्कान ने कहा, “मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए।” इसके बाद वह खामोश हो गई। वहीं, साहिल से भी यही सवाल पूछा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। सजा के ऐलान के बाद रो पड़ीं सौरभ की मां अदालत के फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां भावुक हो गईं और रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया। इस मामले में सजा का ऐलान सौरभ के परिवार के लिए लंबे इंतजार के बाद आया है। 3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भर दिया गया था। इस वारदात ने पूरे देश में व्यापक चर्चा बटोरी थी। अदालत ने मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

इंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR

शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट का सौदा करने के बाद ब्रोकर और प्लॉट मालिक ने फरियादी से 7 लाख 80 हजार रुपये ले लिए, लेकिन न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया। शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। 9.30 लाख में तय हुआ था प्लॉट का सौदा पुलिस के मुताबिक, नंदबाग कॉलोनी निवासी विजय चौहान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने नंदबाग में एक प्लॉट का सौदा 9 लाख 30 हजार रुपये में तय किया था। इस संबंध में एग्रीमेंट भी किया गया था। फरियादी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और रजिस्ट्री भी नहीं कराई गई। ब्रोकर ने परिचित बताकर कराया था सौदा विजय चौहान के अनुसार, धर्मेंद्र ठाकुर ने उन्हें बताया था कि नंदकिशोर मनावत उसका परिचित है और वह अपना प्लॉट बेचना चाहता है। इसके बाद धर्मेंद्र ने सौदे में ब्रोकर की भूमिका निभाई और इसके बदले 10 हजार रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्री कराने और प्लॉट का कब्जा देने की मांग की, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। 25 से ज्यादा केस होने की धमकी देने का आरोप फरियादी ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री और कब्जे के लिए दबाव बनाने पर धर्मेंद्र ठाकुर ने धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, उसने कहा कि उसके खिलाफ 25 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। साथ ही, उसके या नंदकिशोर मनावत के पास दोबारा आने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। 2.80 लाख रुपये लौटाए, 5 लाख बाकी होने का दावा विजय चौहान के मुताबिक, पुलिस में शिकायत करने की बात कहने के बाद नंदकिशोर मनावत ने 2 लाख 50 हजार रुपये नकद और 30 हजार रुपये ऑनलाइन वापस किए। हालांकि, फरियादी का आरोप है कि बाकी 5 लाख रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विजय चौहान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप

नई दिल्ली। SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी और छात्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रा ने कान पर चोट लगने का लगाया आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई। प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान कथित ज्यादती और मारपीट से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर हिरासत का आरोप एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। यह आरोप भी प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया है। राहुल गांधी ने सबूत सुरक्षित रखने को कहा राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका

क्रिकेट न्यूज। वेस्टइंडीज को बांग्लादेश के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के बल्लेबाज शाई होप और तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ सीरीज से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। CWI के मुताबिक, मेडिकल जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद अल्जारी जोसेफ को सीरीज से हटाने का फैसला लिया गया। बोर्ड उनके कार्यभार को नियंत्रित कर चोट के जोखिम को कम करना चाहता है। वहीं, तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलने के बाद शाई होप को आराम दिया गया है। चोट के खतरे को देखते हुए जोसेफ को आराम क्रिकेट वेस्टइंडीज ने बताया कि अल्जारी जोसेफ को टीम से बाहर रखने का फैसला उनकी सहमति से लिया गया है। बोर्ड के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों को लंबे स्पेल में लगातार गेंदबाजी करनी पड़ती है। इससे छोटे फॉर्मेट की तुलना में कार्यभार और चोट का जोखिम बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जोसेफ के वर्कलोड को कम करने का फैसला किया गया है, ताकि उनके स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखा जा सके। शाई होप को भी दिया गया आराम CWI ने कहा कि शाई होप तीनों फॉर्मेट में लगातार खेल रहे थे। ऐसे में उनके कार्यभार और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें टेस्ट सीरीज से आराम दिया गया है। बोर्ड का यह फैसला फरवरी 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स को ध्यान में रखकर भी लिया गया है। टीम प्रबंधन चाहता है कि खिलाड़ी आगामी महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए फिट रहें। केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में मौका शाई होप की गैरमौजूदगी में 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। अब देखना होगा कि बांग्लादेश की घरेलू परिस्थितियों में वेस्टइंडीज की टीम नए संयोजन के साथ कैसा प्रदर्शन करती है। कोच डैरेन सैमी ने सीरीज जीत को बताया अहम वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने कहा कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र की शुरुआत में टीम ने कुछ लक्ष्य तय किए थे। इनमें टेस्ट रैंकिंग के ऊपरी आधे हिस्से में जगह बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज जीतने से टीम अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकती है। सैमी के मुताबिक, बांग्लादेश को उसकी घरेलू परिस्थितियों में हराना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन टीम इसके लिए तैयार है। 28 अक्टूबर से शुरू होगा पहला टेस्ट बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला टेस्ट 28 अक्टूबर से ढाका में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 5 नवंबर से सिलहट में खेला जाएगा।

IMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने साल 2026 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। वैश्विक तनाव, आर्थिक सुस्ती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का ध्यान खींचा है। मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन को भारत की तेज विकास दर की प्रमुख वजह माना गया है। IMF ने अक्टूबर 2026 की अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में भारत की विकास संभावनाओं को सकारात्मक बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा आयात पर निर्भर कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं जहां दबाव का सामना कर रही हैं, वहीं भारत की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है। 2027 में भी 7% ग्रोथ का अनुमान IMF ने 2026 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान में जुलाई के मुकाबले 0.6 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की है। वहीं, 2027 के लिए भी विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2027 का अनुमान जुलाई के मुकाबले 0.3 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी भारत में विकास की संभावनाओं को लेकर उम्मीद बनी हुई है। IMF से पहले विश्व बैंक और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत की विकास दर के अनुमान में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। चीन की सुस्ती के बीच भारत पर नजर रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी गतिविधियों में तेजी ने भी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित किया है। भारत और चीन एशिया की आर्थिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं, हालांकि दोनों देशों की विकास संभावनाओं में अंतर दिखाई दे रहा है। IMF के अनुमान के अनुसार, चीन की विकास दर 2026 में 4.5% और 2027 में 4% रह सकती है। वैश्विक तनाव और ऊर्जा की ऊंची कीमतों को चीन की आर्थिक वृद्धि के सामने चुनौतियों में शामिल किया गया है। दुनिया की आर्थिक विकास दर पर दबाव IMF के मुताबिक, 2028 से 2031 के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था औसतन 3.2% की दर से बढ़ सकती है। यह 2000 से 2019 के बीच महामारी से पहले दर्ज औसत 3.7% की विकास दर से कम है। रिपोर्ट में वैश्विक तनाव, ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और ऊर्जा आयात पर निर्भर उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाले दबाव को आर्थिक विकास के लिए चुनौती बताया गया है। ऐसे माहौल में भारत की अनुमानित विकास दर अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई देती है। मजबूत घरेलू मांग और जनसांख्यिकी से मिल रहा सहारा भारत की आर्थिक मजबूती के पीछे बढ़ता घरेलू बाजार, मजबूत मांग, अनुकूल जनसांख्यिकी और सुधारों को अहम कारक माना गया है। सर्विसेज सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन भी विकास दर को सहारा दे रहा है। हालांकि, बेहतर अनुमान के बावजूद चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक मांग में कमजोरी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

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