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NCERT

NCERT Class 9 New Syllabus: अब SIR और Election Commission के बारे में पढ़ेंगे छात्र

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान (Social Science) की नई किताब में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस बार छात्रों को सिर्फ लोकतंत्र की परिभाषा ही नहीं, बल्कि Election Commission of India (ECI) की भूमिका, Special Intensive Revision (SIR) और भारत की चुनावी प्रक्रिया को भी विस्तार से पढ़ाया जाएगा। नई किताब में भारतीय चुनाव प्रणाली को दुनिया की सबसे बड़ी और ‘बेमिसाल’ लोकतांत्रिक व्यवस्था बताया गया है। यह बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत तैयार किए गए पाठ्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी देना है। चुनाव कैसे होते हैं? अब किताब में मिलेगा पूरा जवाब नई NCERT पुस्तक में बताया गया है कि चुनाव केवल वोट डालने की प्रक्रिया नहीं है। इसके पीछे निर्वाचन आयोग की कई अहम जिम्मेदारियां होती हैं। किताब में समझाया गया है कि किस तरह मतदाता सूची तैयार की जाती है, मतदान केंद्र बनाए जाते हैं, चुनाव की निगरानी होती है और पूरे देश में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जाता है। भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में करोड़ों मतदाताओं के बीच चुनाव कराना अपने आप में एक बड़ी प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसे पुस्तक में सरल भाषा में समझाया गया है। SIR क्या है? छात्रों को मिलेगी पूरी जानकारी नई किताब में Special Intensive Revision (SIR) को भी शामिल किया गया है। यह निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जाने वाला विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट और सटीक बनाना होता है। इस प्रक्रिया के दौरान— NCERT का मानना है कि छात्रों को यह जानना जरूरी है कि लोकतंत्र की मजबूती केवल मतदान से नहीं, बल्कि सही मतदाता सूची और निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था से भी तय होती है। Election Commission की भूमिका भी समझाई जाएगी नई किताब में निर्वाचन आयोग की संवैधानिक शक्तियों और जिम्मेदारियों को भी विस्तार से शामिल किया गया है। इसमें बताया गया है कि आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने, चुनाव कार्यक्रम घोषित करने, आदर्श आचार संहिता लागू कराने और पूरी चुनावी प्रक्रिया की निगरानी करने का काम करता है। Emergency पर भी जोड़ा गया नया अध्याय NCERT ने कक्षा 9 की नई किताब में 1975-77 के आपातकाल (Emergency) पर भी नया अध्याय जोड़ा है। इसमें उस दौर के राजनीतिक घटनाक्रम, नागरिक अधिकारों पर पड़े प्रभाव और भारतीय लोकतंत्र के सामने आई चुनौतियों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को देश के लोकतांत्रिक इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों से परिचित कराना है। बदलाव पर शुरू हुई राजनीतिक बहस नई किताब में SIR, चुनाव आयोग और Emergency जैसे विषय शामिल होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा भी तेज हो गई है। कुछ विपक्षी दलों ने इन बदलावों पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार और शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को लोकतांत्रिक संस्थाओं और भारतीय संविधान की कार्यप्रणाली से परिचित कराना समय की आवश्यकता है। छात्रों के लिए क्यों है यह बदलाव अहम? नई NCERT किताब के जरिए विद्यार्थियों को सिर्फ परीक्षा की तैयारी ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी जानकारी मिलेगी। इससे वे समझ पाएंगे कि भारत में चुनाव कैसे कराए जाते हैं, निर्वाचन आयोग की भूमिका क्या होती है और लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में हर नागरिक की क्या जिम्मेदारी है। मुख्य बातें (Highlights) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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राम मंदिर

Ayodhya राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा, 8 आरोपी गिरफ्तार; Kejriwal पहुंचे रामलला के दरबार

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर गुरुवार को दो अलग-अलग वजहों से चर्चा में रहा। एक तरफ मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी टिन्नू यादव (Tinnu Yadav) समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल परिवार के साथ अयोध्या पहुंचे और रामलला के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। दोनों घटनाओं ने पूरे दिन अयोध्या को सुर्खियों में बनाए रखा। Ram Mandir Donation Theft Case में पुलिस का बड़ा एक्शन राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे की चोरी की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने विशेष जांच शुरू की थी। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी टिन्नू यादव सहित कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में कई अहम जानकारियां मिली हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल थे और चोरी की गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया। आज कोर्ट में पेश होंगे सभी आरोपी गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को आज स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस अदालत से रिमांड की मांग कर सकती है ताकि मामले से जुड़े बाकी पहलुओं की भी गहराई से जांच की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल राम मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। ऐसे में चढ़ावे की चोरी की घटना ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि भविष्य में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। Kejriwal ने परिवार के साथ किए रामलला के दर्शन इसी बीच आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी अयोध्या पहुंचे। उन्होंने परिवार के साथ रामलला के दर्शन किए और मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। दर्शन के बाद उन्होंने देश की सुख-समृद्धि, शांति और सभी नागरिकों के बेहतर भविष्य की कामना की। उनका यह दौरा राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस जांच अभी जारी फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, श्रद्धालुओं का कहना है कि राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाए जाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की कोई गुंजाइश न रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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EPFO

EPFO बड़ा अपडेट: 26 से 28 जून तक बंद रहेंगी सेवाएं, जल्द आएगा UPI-ATM से PF निकालने का ऑप्शन

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए एक जरूरी सूचना जारी की है। 26 जून से 28 जून 2026 तक EPFO पोर्टल और इससे जुड़ी ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। इस दौरान यूजर्स न तो नया PF क्लेम कर पाएंगे और न ही किसी पुराने क्लेम की प्रोसेसिंग होगी। यह कदम सिस्टम अपग्रेड और नई डिजिटल टेक्नोलॉजी को लागू करने के लिए उठाया जा रहा है, जिससे भविष्य में सेवाएं और तेज और आसान हो सकें। किन सेवाओं पर पड़ेगा असर? EPFO के इस तीन दिन के शटडाउन में कई अहम सेवाएं प्रभावित होंगी: सरल शब्दों में कहें तो इस दौरान EPFO का पूरा डिजिटल सिस्टम अस्थायी रूप से ऑफलाइन रहेगा। क्यों हो रहा है EPFO सिस्टम अपग्रेड? EPFO अपने पूरे प्लेटफॉर्म को अधिक तेज, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए अपग्रेड कर रहा है। इस बदलाव का उद्देश्य है: यह अपग्रेडेशन EPFO के नए डिजिटल मॉडल “EPFO 3.0” की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बड़ी सुविधा: जल्द आएगा UPI और ATM से PF Withdrawal इस अपग्रेड के बाद कर्मचारियों को एक बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जल्द ही EPFO में: जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। इसका मतलब यह होगा कि भविष्य में PF निकालना बैंक ट्रांसफर जितना आसान और तेज हो जाएगा। यूजर्स के लिए जरूरी सलाह हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amazon

Amazon India Investment PM Modi से मुलाकात के बाद CEO Andy Jassy का ₹4.1 लाख करोड़ का बड़ा ऐलान

भारत में डिजिटल ग्रोथ और विदेशी निवेश को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। ई-कॉमर्स और टेक दिग्गज Amazon के CEO Andy Jassy ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की और भारत में बड़े स्तर पर निवेश करने की योजना का ऐलान किया है। यह कदम भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और टेक सेक्टर में वैश्विक भरोसे को और मजबूत करता है। PM मोदी और Amazon CEO की अहम बैठक इस हाई-लेवल मीटिंग में भारत में टेक्नोलॉजी, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। Amazon ने संकेत दिया कि कंपनी भारत में अपने ऑपरेशंस को और तेजी से बढ़ाने जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने लगभग $48 बिलियन (करीब ₹4.1 लाख करोड़) निवेश की योजना सामने रखी है। किन क्षेत्रों में होगा सबसे ज्यादा निवेश? Amazon का यह भारी निवेश भारत के टेक सेक्टर को कई स्तरों पर मजबूत करेगा: भारत को क्या मिलेगा फायदा? इस बड़े निवेश से भारत को कई महत्वपूर्ण फायदे मिलने की उम्मीद है: क्यों खास है यह कदम? भारत आज दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल बाजारों में से एक है। ऐसे में Amazon जैसे ग्लोबल ब्रांड का इतना बड़ा निवेश यह दिखाता है कि भारत आने वाले समय में टेक्नोलॉजी और डिजिटल इकोनॉमी का बड़ा केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

‘गलतफहमी में बयान दिया था’ – Rahul Gandhi का बड़ा कदम, कोर्ट में मानी बात

मध्य प्रदेश की राजनीति से जुड़ा एक अहम मानहानि केस फिर सुर्खियों में है, जिसमें कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने कोर्ट में लिखित माफी दाखिल की है। यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan के बेटे कार्तिकेय चौहान से जुड़े एक बयान को लेकर शुरू हुआ था। Rahul Gandhi ने अपने जवाब में साफ कहा है कि यह बयान “गलतफहमी में दिया गया था” और उनका किसी की छवि खराब करने का कोई इरादा नहीं था।पूरा मामला क्या है? यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक सार्वजनिक बयान के दौरान राहुल गांधी ने कार्तिकेय चौहान से जुड़े कुछ आरोपों या टिप्पणी का जिक्र किया। इस बयान को लेकर मानहानि का मामला दर्ज किया गया और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। धीरे-धीरे यह केस राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया, क्योंकि इसमें दो बड़े राजनीतिक नाम सीधे तौर पर जुड़ गए। कोर्ट में क्या कहा गया? कोर्ट में दाखिल लिखित जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि: इसी के साथ उन्होंने लिखित माफी भी अदालत में पेश की है, जिसे मामले में एक अहम कदम माना जा रहा है। राजनीतिक हलचल भी बढ़ी इस केस ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच पहले से चल रही बयानबाज़ी के बीच यह मामला और संवेदनशील हो गया है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BJP

UP BJP New Team 19 Vice Presidents और 8 General Secretaries के साथ संगठन में बड़ा बदलाव

उत्तर प्रदेश भाजपा (BJP) ने लंबे इंतजार के बाद अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। पार्टी ने संगठन को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई नए और अनुभवी चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। नई सूची में 19 प्रदेश उपाध्यक्ष और 8 प्रदेश महामंत्री बनाए गए हैं। इसके अलावा संगठन के विभिन्न पदों पर भी कई नेताओं को जगह दी गई है। नई टीम में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व विधायक पूजा पाल और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह को मिली जिम्मेदारियों को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में इसे भाजपा की आगामी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। भाजपा ने साधा सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन जारी की गई सूची पर नजर डालें तो भाजपा ने इस बार सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी है। संगठन में महिलाओं, युवाओं, पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति और विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है। पार्टी सूत्रों का मानना है कि भाजपा आने वाले चुनावों से पहले संगठन को जमीनी स्तर तक सक्रिय करना चाहती है। इसी वजह से ऐसे नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है जिनकी अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत पकड़ मानी जाती है। Pooja Pal को बनाया प्रदेश उपाध्यक्ष प्रयागराज की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहीं पूजा पाल को प्रदेश उपाध्यक्ष का पद दिया गया है। उनकी नियुक्ति को महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने और पूर्वांचल क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। पूजा पाल की राजनीतिक पहचान और क्षेत्र में उनकी सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन पर बड़ा भरोसा जताया है। Pankaj Singh को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी नोएडा से विधायक पंकज सिंह को भी नई संगठनात्मक टीम में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। वे लंबे समय से भाजपा संगठन और जनसंपर्क अभियानों से जुड़े रहे हैं। उनकी नियुक्ति को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा की पकड़ और मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। 19 Vice Presidents और 8 General Secretaries की टीम तैयार नई कार्यकारिणी में 19 प्रदेश उपाध्यक्ष और 8 प्रदेश महामंत्री शामिल किए गए हैं। भाजपा नेतृत्व का कहना है कि यह टीम बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, सदस्यता अभियान को गति देने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का काम करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई टीम का गठन सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं बल्कि आगामी चुनावों के लिए भाजपा की व्यापक तैयारी का हिस्सा है। चुनावी मोड में भाजपा उत्तर प्रदेश की राजनीति में भाजपा पहले से ही मजबूत स्थिति में है, लेकिन पार्टी नेतृत्व किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहता। यही वजह है कि संगठन में नए चेहरों और अनुभवी नेताओं का संतुलित मिश्रण तैयार किया गया है। नई प्रदेश टीम से भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि नई जिम्मेदारियां संभालने वाले नेता संगठन को कितना मजबूत बना पाते हैं और आगामी चुनावों में पार्टी को कितना फायदा मिलता है।
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LPG

LPG Consumers Alert: OTP Delivery से लेकर e-KYC तक, जानिए जून के बड़े बदलाव

अगर आपके घर में LPG गैस कनेक्शन है, तो जून 2026 आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। सरकार और तेल कंपनियों ने गैस वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई नए नियम लागू किए हैं। इनमें 30 दिन वाला नया नियम, OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम और e-KYC की आखिरी तारीख जैसे बदलाव शामिल हैं। खास बात यह है कि इन नियमों का असर करोड़ों घरेलू गैस उपभोक्ताओं और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर पड़ने वाला है। ऐसे में समय रहते इन बदलावों को समझना जरूरी है। PNG Connection वालों के लिए आया 30 दिन का नया नियम सरकार ने “One Household, One Fuel Connection” नीति के तहत एक नया नियम लागू किया है। इसके अनुसार, जिन घरों में PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शन सक्रिय हो चुका है, उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा। सरकार का मानना है कि एक ही घर में PNG और LPG दोनों सुविधाएं रखने से गैस संसाधनों का बेहतर उपयोग नहीं हो पाता। यही वजह है कि अब PNG उपलब्ध होने के बाद LPG कनेक्शन बनाए रखना आसान नहीं होगा। हालांकि, उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ट्रांसफर वाउचर की सुविधा भी दी जा रही है। यदि भविष्य में कोई परिवार ऐसे क्षेत्र में शिफ्ट होता है जहां PNG सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो वह LPG कनेक्शन दोबारा शुरू करा सकता है। Gas Cylinder Delivery के लिए OTP हुआ अनिवार्य अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी पहले जैसी नहीं रहेगी। तेल कंपनियों ने OTP आधारित सत्यापन प्रणाली को अनिवार्य बना दिया है। जब भी ग्राहक सिलेंडर बुक करेगा, उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा। डिलीवरी के समय इस OTP को साझा करने के बाद ही सिलेंडर सौंपा जाएगा। इस कदम का उद्देश्य फर्जी डिलीवरी, गलत बुकिंग और सब्सिडी में होने वाली गड़बड़ियों को रोकना है। 30 June तक पूरा करें LPG e-KYC सरकार ने LPG उपभोक्ताओं, विशेष रूप से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को 30 जून 2026 तक e-KYC पूरा करने की सलाह दी है। यदि निर्धारित समय सीमा तक e-KYC नहीं कराया जाता है, तो सब्सिडी मिलने में परेशानी आ सकती है। कुछ मामलों में DBT (Direct Benefit Transfer) का लाभ भी प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि e-KYC का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे। e-KYC कराने का सबसे आसान तरीका अगर आपने अभी तक e-KYC नहीं कराया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह प्रक्रिया बेहद सरल है। आप निम्न माध्यमों से e-KYC पूरा कर सकते हैं: कुछ मिनटों की प्रक्रिया पूरी करके आप भविष्य की किसी भी परेशानी से बच सकते हैं। आखिर क्यों लागू किए जा रहे हैं ये नए नियम? पिछले कुछ वर्षों में डुप्लीकेट गैस कनेक्शन, फर्जी लाभार्थियों और सब्सिडी से जुड़ी कई शिकायतें सामने आई थीं। सरकार का दावा है कि नए नियमों से व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंच सकेगा। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में LPG की उपलब्धता बढ़ाने और गैस वितरण प्रणाली को मजबूत करने में भी इन बदलावों की अहम भूमिका मानी जा रही है। उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह अगर आपके पास LPG कनेक्शन है तो सबसे पहले यह जांच लें कि आपकी e-KYC पूरी हुई है या नहीं। साथ ही अपना मोबाइल नंबर गैस एजेंसी के रिकॉर्ड में अपडेट रखें ताकि OTP से जुड़ी किसी समस्या का सामना न करना पड़े। PNG उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को नए 30 दिन वाले नियम पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि समय सीमा पूरी होने के बाद नियमों का उल्लंघन परेशानी का कारण बन सकता है।
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IMD

IMD Weather Update: 14 राज्यों में भारी बारिश का Red Alert, Delhi-NCR में तेज हवाएं बढ़ाएंगी परेशानी

देशभर में मानसून अब पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है और कई राज्यों में इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा और तेलंगाना समेत 14 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में बारिश का दौर तेज हो सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन कुछ क्षेत्रों में जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। बिहार, बंगाल और झारखंड में बारिश को लेकर विशेष चेतावनी पूर्वी भारत के राज्यों बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड में मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। कई जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। खेती-किसानी से जुड़े लोगों के लिए यह बारिश राहत लेकर आ सकती है, लेकिन लगातार बारिश होने पर फसलों को नुकसान का खतरा भी बना रहेगा। Delhi-NCR में बदलेगा मौसम का मिजाज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सुहावना रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, ट्रैफिक प्रभावित होने और बिजली आपूर्ति में बाधा जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। ऐसे में लोगों को अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक में भी बारिश का जोर पश्चिमी तट के राज्यों महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। कई इलाकों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को भी मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है, क्योंकि पहाड़ी और तटीय इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है। मानसून की रफ्तार हुई तेज दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका है। इसके चलते मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि जून के अंतिम सप्ताह और जुलाई की शुरुआत में मानसून और मजबूत हो सकता है, जिससे देश के कई राज्यों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। लोगों के लिए जरूरी सावधानियां गर्मी से राहत, लेकिन सतर्कता भी जरूरी लगातार बढ़ती गर्मी और उमस के बीच मानसून की यह बारिश लोगों के लिए राहत लेकर आई है। हालांकि, भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण कुछ इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना और जरूरी सावधानियां बरतना बेहद आवश्यक है। आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिससे मौसम सुहावना रहेगा, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत भी बनी रहेगी।
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Ketan Agarwal

Love Affair से Murder तक: Ketan Agarwal Case में 2004 कॉल्स और डिजिटल सबूतों ने खोला राज

पुणे के युवा कारोबारी केतन अग्रवाल (Ketan Agarwal) की मौत ने पूरे देश को हैरान कर दिया है। जिस घटना को शुरुआत में एक सामान्य ट्रैकिंग हादसा माना जा रहा था, वह अब एक कथित सुनियोजित हत्या के मामले के रूप में सामने आ रही है। पुलिस जांच में मिले डिजिटल सबूत, हजारों फोन कॉल्स और संदिग्ध गतिविधियों ने इस केस को बेहद संवेदनशील बना दिया है। ट्रैकिंग ट्रिप से शुरू हुई मौत की कहानी 18 जून 2026 को केतन अग्रवाल महाराष्ट्र के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले पर ट्रैकिंग के लिए गए थे। उनके साथ उनकी मंगेतर सिया गोयल भी मौजूद थीं। ट्रैकिंग के दौरान केतन के गहरी खाई में गिरने की खबर सामने आई, जिसके बाद इसे दुर्घटना मान लिया गया। हालांकि, परिवार को शुरुआत से ही घटना पर संदेह था। परिजनों का कहना था कि कई सवाल ऐसे थे जिनके जवाब नहीं मिल रहे थे। इसी शक ने पुलिस को मामले की गहराई से जांच करने के लिए मजबूर किया। 2000 से ज्यादा कॉल्स ने बढ़ाया शक जांच के दौरान पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी के मोबाइल रिकॉर्ड खंगाले। इसमें पता चला कि दोनों के बीच पिछले कुछ महीनों में 2004 से अधिक फोन कॉल्स हुई थीं। इतना ही नहीं, दोनों ने सैकड़ों घंटों तक बातचीत भी की थी। पुलिस को संदेह है कि लगातार संपर्क में रहने वाले दोनों आरोपी कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बना रहे थे। कॉल डिटेल रिकॉर्ड इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सबूतों में से एक बनकर सामने आया है। ऑनलाइन सर्च की गई हत्या की जानकारी मामले की जांच कर रही टीम को आरोपियों के डिजिटल रिकॉर्ड में कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि इंटरनेट पर हत्या के तरीकों और योजना से जुड़ी जानकारियां खोजी गई थीं। पुलिस अब मोबाइल फोन, चैट हिस्ट्री, लोकेशन डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की फोरेंसिक जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। कई बार नाकाम हुई साजिश? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि 18 जून की घटना कथित तौर पर पहली कोशिश नहीं थी। पुलिस को ऐसे संकेत मिले हैं कि इससे पहले भी केतन को नुकसान पहुंचाने के प्रयास किए गए थे, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। यही वजह है कि जांच एजेंसियां इस केस को केवल एक दिन की घटना नहीं बल्कि कई महीनों तक चली कथित साजिश के रूप में देख रही हैं। CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसने गर्म मौसम के बावजूद हूडी पहन रखी थी। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में की। अधिकारियों का कहना है कि इसी सुराग ने पूरे मामले को नई दिशा दी और कथित साजिश की परतें खुलनी शुरू हुईं। परिवार के सवालों से खुलने लगा राज केतन अग्रवाल के परिवार ने घटना के बाद लगातार निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों के संदेह और पुलिस की तकनीकी जांच के बाद कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने पूरे मामले को हादसे से हत्या की ओर मोड़ दिया। जांच जारी, अदालत में तय होगी सच्चाई फिलहाल पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और अन्य सबूतों को जोड़कर पूरी तस्वीर समझने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
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Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir Controversy: PMO की मांग पर ट्रस्ट ने रोकी वित्तीय जानकारी

राम मंदिर (Ram Mandir) में आने वाले करोड़ों रुपये के चढ़ावे को लेकर विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंच गया है। एक शिकायत के आधार पर प्रशासन ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से दान और खर्च का पूरा ब्योरा मांगा, लेकिन ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने चल रही SIT जांच का हवाला देते हुए जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद राम मंदिर में मिलने वाले चढ़ावे की पारदर्शिता और उसके प्रबंधन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। PMO तक पहुंची शिकायत के बाद बढ़ी हलचल मिली जानकारी के अनुसार, राम मंदिर में मिलने वाले चढ़ावे और उसके उपयोग को लेकर की गई शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंची थी। शिकायत को संबंधित अधिकारियों के पास भेजा गया, जिसके बाद अयोध्या प्रशासन ने ट्रस्ट से आय-व्यय, बैंक खातों, दान राशि और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी मांगी। हालांकि ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि मामला पहले से ही विशेष जांच दल (SIT) के दायरे में है। ऐसे में जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अतिरिक्त जानकारी साझा करना उचित नहीं होगा। Donation Management को लेकर क्या हैं आरोप? राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा बड़ी संख्या में दान और चढ़ावा दिया जाता है। इसी को लेकर कुछ शिकायतों में वित्तीय अनियमितता और चढ़ावे के प्रबंधन पर सवाल उठाए गए थे। इन आरोपों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच एजेंसियां मंदिर से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड, दान पेटियों की व्यवस्था, बैंकिंग लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। बताया जा रहा है कि कई संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जा चुकी है। ट्रस्ट ने कहा- जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं विवाद के बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है। ट्रस्ट का कहना है कि सभी आवश्यक दस्तावेज जांच टीम को उपलब्ध कराए जा रहे हैं और रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों का मानना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा। राजनीतिक गलियारों में भी तेज हुई चर्चा मामले ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। विपक्षी दलों ने चढ़ावे के प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता की मांग की है और सवाल उठाए हैं कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान का पूरा हिसाब सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा। दूसरी ओर, ट्रस्ट समर्थकों का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक धैर्य रखना चाहिए और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचना उचित होगा। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला अयोध्या का राम मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। यही वजह है कि मंदिर के चढ़ावे और उसके प्रबंधन से जुड़ी हर खबर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती है। अब सभी की निगाहें SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में किसी तरह की अनियमितता हुई है या नहीं। फिलहाल PMO की ओर से मांगी गई जानकारी, ट्रस्ट का जवाब और चल रही जांच ने इस पूरे मामले को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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