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Vande Bharat

Mumbai–Howrah समेत 9 रूट्स पर दौड़ेगी Vande Bharat Sleeper, बदल जाएगा ट्रेन ट्रैवल का अनुभव

भारतीय रेलवे एक बार फिर देश की रेल यात्रा को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। इस बार चर्चा में है Vande Bharat Sleeper Train, जिसे आने वाले समय में लंबी दूरी की प्रीमियम ट्रेनों जैसे Rajdhani Express का मजबूत विकल्प माना जा रहा है। रेलवे का फोकस सिर्फ स्पीड बढ़ाना नहीं, बल्कि यात्रियों को एक आरामदायक, सुरक्षित और एयर-ट्रैवल जैसा अनुभव देना भी है। क्या है Vande Bharat Sleeper Train? Vande Bharat Sleeper, भारतीय रेलवे की नई जनरेशन की हाई-स्पीड AC ट्रेन है, जिसे खासतौर पर रात की लंबी दूरी की यात्राओं के लिए डिजाइन किया गया है। इस ट्रेन में यात्रियों को मिलेगा: किन 9 बड़े रूट्स पर चल सकती है यह ट्रेन? रेलवे सूत्रों के अनुसार Vande Bharat Sleeper को देश के कई हाई डिमांड रूट्स पर शुरू करने की योजना है: Rajdhani Express को क्यों मिलेगी चुनौती? Rajdhani Express भारत की सबसे भरोसेमंद प्रीमियम ट्रेनों में से एक रही है, लेकिन अब Vande Bharat Sleeper कई मामलों में नई उम्मीद बनकर उभर रही है। बड़े बदलाव जो इसे खास बनाते हैं: यात्रियों के लिए क्या होगा खास? Vande Bharat Sleeper सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि एक upgraded travel experience है: भारतीय रेलवे की बड़ी प्लानिंग रेलवे का लक्ष्य आने वाले वर्षों में: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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EVM

EVM Security Bhabanipur सीट पर Calcutta High Court का अहम फैसला

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इस बार मामला सीधे EVM और VVPAT सुरक्षा से जुड़ा है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि कोलकाता की Bhabanipur विधानसभा सीट से जुड़े सभी EVM और VVPAT मशीनों को पूरी सुरक्षा के साथ स्ट्रांग रूम में रखा जाए। यह सीट पहले भी राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रही है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीतिक गतिविधियों के कारण अक्सर सुर्खियों में रहती है। कोर्ट का सख्त रुख Calcutta High Court ने साफ कहा है कि EVM-VVPAT मशीनों को सुरक्षित रखा जाए और जरूरत पड़ने पर उनकी जांच भी की जा सकती है। अदालत का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखना है। राजनीतिक पृष्ठभूमि में नया मोड़ रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी क्षेत्र में हुए चुनाव में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी को लगभग 15,000 वोटों से जीत मिली थी। हालांकि इसके बाद यह सीट लगातार राजनीतिक बयानबाज़ी और विवादों का हिस्सा बनी रही। विपक्षी दल लंबे समय से EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग और अदालतें लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश करती हैं कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहे। क्या है आगे की तस्वीर? हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद Bhabanipur सीट और पूरे पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट आ गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में यह मामला और भी बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। लोगों के बीच भी इस फैसले को लेकर चर्चा तेज है कि क्या इससे चुनावी पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों पर कोई ठोस असर पड़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Mandir

Ram Mandir Donation Case: चढ़ावा चोरी पर SIT का बड़ा खुलासा, सरकार को सौंपी 150 पेज की रिपोर्ट

Ram Mandir में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी लगभग 150 पेज की विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने और मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन (Trust Reconstitution) की सिफारिश की गई है। अब इस रिपोर्ट पर सरकार के फैसले का इंतजार है, क्योंकि आगे की कार्रवाई इसी के आधार पर तय होगी। रिपोर्ट में क्या-क्या कहा गया? SIT की जांच के दौरान मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती, रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कई दस्तावेजों की पड़ताल की गई। जांच के बाद टीम ने सरकार को कुछ अहम सुझाव दिए हैं। रिपोर्ट की प्रमुख सिफारिशें सरकार करेगी कानूनी और प्रशासनिक समीक्षा सूत्रों के अनुसार, सरकार ने SIT की रिपोर्ट प्राप्त कर ली है और अब इसकी कानूनी व प्रशासनिक समीक्षा की जाएगी। रिपोर्ट में की गई सिफारिशों पर विचार करने के बाद यह तय होगा कि FIR दर्ज होगी या नहीं और ट्रस्ट से जुड़े प्रशासनिक बदलाव कब लागू किए जाएंगे। कैसे शुरू हुआ पूरा मामला? राममंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ा था। शिकायतों के आधार पर जांच के लिए SIT का गठन किया गया था। जांच टीम ने संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और कई लोगों के बयान दर्ज किए। अब रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद मामले ने फिर से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। आगे क्या हो सकता है? यदि सरकार SIT की सिफारिशों को स्वीकार करती है, तो आने वाले दिनों में मामले में FIR दर्ज होने, विस्तृत जांच शुरू होने और मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Update: यूपी में आंधी-बारिश का कहर, पंजाब में 2 की मौत, Mumbai में 24 घंटे में दस्तक देगा मानसून

देशभर में Monsoon तेजी से करवट बदल रहा है। उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान तक तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई शहरों में तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए, जबकि कुछ जगहों पर पेड़ कारों के ऊपर गिर गए। पंजाब में खराब मौसम के बीच हुए हादसे में दो लोगों की जान चली गई। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राहत भरी खबर देते हुए कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 24 घंटे के भीतर मुंबई पहुंच सकता है। यूपी में आंधी और बारिश से जनजीवन प्रभावित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सोमवार देर शाम और रात के दौरान तेज आंधी के साथ बारिश हुई। तेज हवाओं ने कई इलाकों में तबाही मचाई। सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया, जबकि कई बिजली के पोल भी गिर गए, जिससे घंटों तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। कुछ स्थानों पर खड़ी कारों के ऊपर पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। राहत की बात यह रही कि अधिकांश घटनाओं में बड़ा जनहानि का मामला सामने नहीं आया। नगर निगम और बिजली विभाग की टीमें पूरी रात रास्ते साफ करने और बिजली बहाल करने में जुटी रहीं। मध्य प्रदेश में आकाशीय बिजली का खतरा मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी मौसम ने अचानक करवट ली। गरज-चमक के साथ बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। कई जिलों में अगले 48 घंटे तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब में दर्दनाक हादसा, पेड़ गिरने से दो लोगों की मौत पंजाब में तेज आंधी के दौरान बड़ा हादसा हुआ। तेज हवाओं के कारण एक विशाल पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। राज्य के कई इलाकों में पेड़ उखड़ने और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे सामान्य जनजीवन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। हरियाणा और राजस्थान में भी बदला मौसम हरियाणा के कई जिलों में तेज हवाओं के कारण बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। कई जगह बिजली के पोल और पेड़ गिरने की खबरें मिली हैं। वहीं राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूलभरी आंधी के बाद हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है। 24 घंटे में मुंबई पहुंचेगा मानसून भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले 24 घंटे के भीतर मानसून मुंबई में दस्तक दे सकता है। मानसून के मुंबई पहुंचने के बाद महाराष्ट्र के कई हिस्सों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। इसका असर गुजरात, मध्य भारत और उत्तर भारत के कुछ इलाकों में भी देखने को मिल सकता है। IMD ने जारी की अहम सलाह मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें। एक ओर जहां बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं तेज आंधी और आकाशीय बिजली ने कई इलाकों में परेशानी भी बढ़ा दी है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pune

Pune शादी से पहले युवक की मौत का सच! Lohagad Fort Case में Fiancée समेत 8 लोगों पर हत्या का आरोप

Pune में लोहागढ़ किले (Lohagad Fort) पर हुई एक युवक की मौत ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। शुरुआत में इसे ट्रेकिंग के दौरान हुआ एक दर्दनाक हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ी तो मामला पूरी तरह बदल गया। अब इस केस में मृतक की मंगेतर (Fiancée) समेत आठ लोगों के खिलाफ हत्या (Murder) और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है। इस घटनाक्रम ने लोगों को चर्चित “सोनम केस” की याद दिला दी है, हालांकि पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग हैं। क्या है पूरा मामला? मृतक की पहचान केतन विशाल अग्रवाल (26) के रूप में हुई है। वह पुणे के गहुंजे इलाके का रहने वाला था और परिवार के रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ा हुआ था। कुछ महीनों बाद उसकी शादी होने वाली थी और घर में तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। 14 जून को केतन अपनी मंगेतर का जन्मदिन मनाने के लिए दोस्तों के साथ लोनावला स्थित प्रसिद्ध लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के लिए पहुंचा था। बताया गया कि ट्रेकिंग के दौरान फोटो खींचते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गया। रेस्क्यू टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद उसका शव बाहर निकाला था। शुरुआती जांच में इसे एक दुर्घटना माना गया। जांच में आया बड़ा Twist घटना के बाद पुलिस ने मौके से मिले सबूत, मोबाइल रिकॉर्ड, साथ मौजूद लोगों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों की गहन जांच की। जांच के दौरान कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे पुलिस को शक हुआ कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश भी हो सकती है। इसी आधार पर पुलिस ने मृतक की मंगेतर, उसके एक करीबी दोस्त और अन्य सहयोगियों सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ हत्या (IPC की संबंधित धाराएं) और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया है। फिलहाल सभी आरोपों की जांच की जा रही है और पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर पहलू की पड़ताल कर रही है। शादी की खुशियां पलभर में बदलीं मातम में परिजनों के मुताबिक, केतन की शादी जल्द होने वाली थी। घर में विवाह की तैयारियां चल रही थीं और परिवार खुशियों में डूबा हुआ था। लेकिन लोहागढ़ किले पर हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। पहले इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा माना गया, लेकिन अब हत्या के केस दर्ज होने के बाद परिवार न्याय की मांग कर रहा है। ‘सोनम केस’ से क्यों हो रही तुलना? सोशल मीडिया पर कई लोग इस मामले की तुलना चर्चित ‘सोनम केस’ से कर रहे हैं। वजह यह है कि दोनों मामलों में शुरुआत में दुर्घटना की बात सामने आई थी और बाद में हत्या की आशंका ने जांच की दिशा बदल दी। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोनों मामलों का आपस में कोई संबंध नहीं है और पुणे मामले की जांच पूरी तरह स्वतंत्र रूप से की जा रही है। पुलिस ने क्या कहा? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, कॉल डिटेल्स और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और जांच पूरी होने का इंतजार करें।
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UBT

Maharashtra Politics: Shiv Sena UBT में बढ़ी बेचैनी, उद्धव ठाकरे की अहम बैठक से 4 नेता रहे नदारद

शिवसेना (UBT) को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उसके छह लोकसभा सांसदों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया। इन सांसदों ने पहले अलग संसदीय समूह बनाने की प्रक्रिया पूरी की और उसके बाद शिंदे गुट में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम को महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। एकनाथ शिंदे ने इसे अपनी पार्टी की मजबूती बताते हुए कहा कि उनकी शिवसेना लगातार विस्तार कर रही है। वहीं, शिंदे गुट के कई नेताओं ने संकेत दिए कि आने वाले समय में और भी नेता उनके संपर्क में हैं। उद्धव ठाकरे की बैठक में नहीं पहुंचे चार जनप्रतिनिधि सांसदों के जाने के बाद उद्धव ठाकरे ने विधानसभा के मानसून सत्र की रणनीति तय करने के लिए पार्टी के सभी विधायकों और एमएलसी की बैठक बुलाई। इस बैठक का मकसद संगठन की एकजुटता दिखाना और विपक्ष की भूमिका को मजबूत करना था। हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक में तीन विधायक और एक एमएलसी मौजूद नहीं रहे। इनमें संजय पोटनिस, राहुल पाटिल, डेरकर और विधान परिषद सदस्य सुनील शिंदे का नाम सामने आया। उनकी गैरमौजूदगी के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। पार्टी नेताओं का कहना है कि सभी ने पहले ही अपनी अनुपस्थिति की जानकारी दे दी थी और इसके पीछे व्यक्तिगत या पूर्व निर्धारित कार्यक्रम थे। लेकिन विपक्ष इस दलील से संतुष्ट नहीं दिख रहा है। ‘Operation Tiger’ की फिर होने लगी चर्चा छह सांसदों के जाने और अब विधायकों की गैरहाजिरी के बाद एक बार फिर “Operation Tiger” चर्चा का विषय बन गया है। शिंदे गुट के नेताओं का दावा है कि यह राजनीतिक अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरे उनके साथ आ सकते हैं। हालांकि, शिवसेना (UBT) की ओर से इन दावों को सिरे से खारिज किया गया है। पार्टी का कहना है कि कुछ नेताओं की अनुपस्थिति को बगावत से जोड़कर देखना सही नहीं होगा। विधानसभा सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी बैठक में मौजूद नेताओं के साथ उद्धव ठाकरे ने आगामी विधानसभा सत्र की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। पार्टी ने फैसला किया है कि किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा, महंगाई, कानून-व्यवस्था और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाना ही इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता है। क्या फिर बदलेंगे महाराष्ट्र की राजनीति के समीकरण? साल 2022 में हुई बड़ी बगावत के बाद शिवसेना (UBT) लगातार संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी के सामने चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। छह सांसदों का साथ छोड़ना और उसके तुरंत बाद महत्वपूर्ण बैठक में चार जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक अटकलों को जरूर हवा दी है। हालांकि अभी तक किसी विधायक ने पार्टी छोड़ने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले कुछ दिन बेहद अहम साबित हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tamil Nadu की राजनीति में नई पारी शुरू कर चुके अभिनेता से नेता बने Vijay ने विधानसभा में अपना पहला बड़ा भाषण देकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

Tamil Nadu Vidhan Sabha में CM Vijay का पहला बड़ा भाषण

Tamil Nadu की राजनीति में नई पारी शुरू कर चुके अभिनेता से नेता बने Vijay ने विधानसभा में अपना पहला बड़ा भाषण देकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अपने संबोधन में उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA), करूर भगदड़ हादसे और राजनीतिक कार्यक्रमों में भीड़ प्रबंधन जैसे कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की। विजय ने कहा कि जनता की सुरक्षा किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने करूर में हुई भगदड़ की घटना का जिक्र करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि ऐसे हादसों से सबक लेकर भविष्य में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। अपने भाषण में विजय ने राजनीतिक आयोजनों और फिल्मी कार्यक्रमों में बढ़ती भीड़ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चाहे कोई राजनीतिक रैली हो, धार्मिक आयोजन हो या किसी अभिनेता का कार्यक्रम, लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से ऐसे आयोजनों के लिए मजबूत सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण व्यवस्था बनाने की मांग की। CAA के मुद्दे पर बोलते हुए विजय ने अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कानून और नीतियां ऐसी होनी चाहिएं जो सभी नागरिकों में भरोसा पैदा करें और समाज में किसी तरह की आशंका या विभाजन की भावना न बढ़े। विधानसभा में विजय का यह भाषण इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह उनके राजनीतिक सफर के शुरुआती महत्वपूर्ण संबोधनों में से एक है। भाषण के दौरान उन्होंने जनता से जुड़े मुद्दों, सामाजिक सद्भाव और सुशासन पर जोर दिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय ने अपने पहले बड़े विधानसभा भाषण के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे केवल फिल्मी दुनिया के लोकप्रिय चेहरा नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों पर मुखर नेता की भूमिका भी निभाना चाहते हैं। अधिक समाचार और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें Deshharpal। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Varanasi में 17 अवैध नशा मुक्ति केंद्रों का खुलासा, मानसिक रोगियों को जंजीरों से बांधकर रखने का आरोप

Varanasi में 17 अवैध नशा मुक्ति केंद्रों का खुलासा, मानसिक रोगियों को जंजीरों से बांधकर रखने का आरोप

उत्तर प्रदेश के Varanasi में चल रहे 17 अवैध नशा मुक्ति केंद्रों का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इन केंद्रों में मानसिक रोगियों और नशे की लत से जूझ रहे लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने की शिकायतें मिली हैं। जांच के दौरान पता चला कि कई मरीजों को जंजीरों से बांधकर रखा गया था, जिससे मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न नशा मुक्ति केंद्रों पर छापेमारी की। इस दौरान कई केंद्र बिना किसी वैध अनुमति और आवश्यक सुविधाओं के संचालित होते पाए गए। अधिकारियों के अनुसार, इन केंद्रों में मरीजों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित स्टाफ की भी कमी थी। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कुछ केंद्रों में मानसिक रूप से बीमार मरीजों को जंजीरों में जकड़कर रखा गया था। कई मरीजों की स्थिति बेहद दयनीय मिली। कुछ परिजनों ने बताया कि वे अपने प्रियजनों के इलाज की उम्मीद लेकर इन केंद्रों में पहुंचे थे, लेकिन वहां उन्हें उचित इलाज के बजाय प्रताड़ना झेलनी पड़ी। प्रशासन ने सभी 17 अवैध केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने और उनके बेहतर उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि नशे और मानसिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को संवेदनशील देखभाल, चिकित्सकीय उपचार और पारिवारिक सहयोग की जरूरत होती है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। इस मामले ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें Deshharpal News Portal। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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George Kurian

George Kurian राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा, राष्ट्रपति ने किया स्वीकार

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन (George Kurian) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति भवन ने उनके इस्तीफे को मंजूरी भी दे दी है। इस घटनाक्रम के बाद केंद्र सरकार में संभावित Cabinet Reshuffle को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद लिया बड़ा फैसला जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनके मंत्री पद छोड़ने की चर्चा पहले से चल रही थी। हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन्हें नए राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार नहीं बनाया था। इसके बाद माना जा रहा था कि वे जल्द ही मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ इस पर आधिकारिक मुहर लग गई है। किन मंत्रालयों की संभाल रहे थे जिम्मेदारी? मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में जॉर्ज कुरियन अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री (Minister of State) के रूप में कार्य कर रहे थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई। Cabinet Reshuffle की चर्चाओं को मिला बल जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार कुछ मंत्रालयों में नए चेहरों को जिम्मेदारी दे सकती है। हालांकि फिलहाल सरकार या भाजपा नेतृत्व की ओर से किसी नए मंत्री के नाम की घोषणा नहीं की गई है। भाजपा संगठन में मिल सकती है नई जिम्मेदारी राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे जॉर्ज कुरियन को भविष्य में पार्टी के भीतर कोई नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब आगे क्या? राष्ट्रपति द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार उनकी जगह किसे जिम्मेदारी सौंपती है। यदि निकट भविष्य में कैबिनेट विस्तार होता है, तो कई मंत्रालयों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। प्रमुख बातें हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lucknow

Lucknow Fire Tragedy: आग से हिला शहर, 4 अफसर सस्पेंड और 4 आरोपी गिरफ्तार

Lucknow से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। शहर की एक अवैध रिहायशी/कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लगने से करीब 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा सिर्फ एक आग नहीं, बल्कि व्यवस्था की गंभीर चूक और लंबे समय से चल रही लापरवाही की कहानी भी उजागर करता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में पूरी बिल्डिंग धुएं और आग की चपेट में आ गई। कैसे हुआ Lucknow Fire Incident? शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन फाइनल रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। लोगों का कहना है कि अगर समय पर सुरक्षा व्यवस्था होती, तो शायद इतने बड़े नुकसान को टाला जा सकता था। बड़ा खुलासा: 2016 से अवैध थी बिल्डिंग इस हादसे का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि यह बिल्डिंग अवैध रूप से बनी हुई थी।सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, इसे 2016 में ही गिराने (demolition) का आदेश जारी किया गया था, लेकिन सालों तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी लापरवाही ने आज एक बड़े अग्निकांड को जन्म दिया। Rescue Operation: राहत और बचाव कार्य घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे।काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। प्रशासन की सख्त कार्रवाई हादसे के बाद प्रशासन ने तेजी से कदम उठाते हुए कार्रवाई की: लोगों में गुस्सा और दर्द इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा और दुख दोनों है।लोग सवाल उठा रहे हैं कि: यह हादसा उन परिवारों के लिए कभी न भरने वाला दर्द छोड़ गया है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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