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बिलासपुर के राजेश सोंथालिया बने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के सहायक राज्य आयुक्त

बिलासपुर के वरिष्ठ स्काउटर राजेश सोंथालिया को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ राज्य संघ का सहायक राज्य आयुक्त (Assistant State Commissioner) नियुक्त किया गया है। इस संबंध में राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा ने सोमवार को नियुक्ति आदेश जारी किया। राजेश सोंथालिया की नियुक्ति राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अनुशंसा पर की गई है। स्काउट आंदोलन में उनकी वर्षों की सक्रिय भागीदारी, संगठनात्मक क्षमता और सेवा भावना को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। निभाएंगे अहम जिम्मेदारी सहायक राज्य आयुक्त के रूप में राजेश सोंथालिया अब प्रदेशभर में स्काउट गतिविधियों के संचालन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संगठन के विस्तार और युवा नेतृत्व को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सामाजिक कार्यों में रहा उल्लेखनीय योगदान राजेश सोंथालिया शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में स्काउट आंदोलन को नई ऊर्जा और नई दिशा मिलेगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में रायपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, लोकभवन के बाहर पुलिस से धक्का-मुक्की

राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं की दिल्ली में हिरासत के विरोध में मंगलवार रात छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रायपुर के लोकभवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गेट की ओर बढ़ने से रोक दिया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। दरअसल, दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसी कार्रवाई के विरोध में देशभर में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर जताया विरोध दिल्ली में हुए प्रदर्शन में शामिल छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि पुलिस उन्हें और अन्य वरिष्ठ नेताओं को बस में बैठाकर एयरपोर्ट की ओर ले गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका एक जूता भी ले लिया। कांग्रेस की प्रमुख मांगें प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और भजन-कीर्तन रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर भजन-कीर्तन किया, सरकार के खिलाफ नारे लगाए और गेट तक पहुंचने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालात को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि कई छात्रों ने आत्महत्या की है और छात्रों पर लाठीचार्ज जैसी घटनाएं चिंताजनक हैं। कांग्रेस नेता राकेश गुप्ता ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की। वहीं, सुबोध हरितवाल ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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स्मार्ट मीटर और बढ़े बिजली बिलों के विरोध में कांग्रेस का 23 जुलाई को रायपुर में धरना, उपभोक्ताओं से शामिल होने की अपील

Raipur News: छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों के मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी 23 जुलाई को रायपुर के राजीव गांधी चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों से प्रभावित उपभोक्ता भी शामिल होंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल और असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने बताया कि पार्टी की मांग है कि जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, उन्हें हटाया जाए और नए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि यह आंदोलन स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान लोगों की आवाज उठाने के लिए किया जा रहा है। उनका दावा है कि यह प्रदर्शन सरकार को जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के लिए मजबूर करेगा। वहीं, मोहम्मद सिद्दीक ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं, जिससे आम और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से लगातार बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायतें मिल रही हैं। कांग्रेस ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर घर-घर अभियान चलाया जा रहा है। कार्यकर्ता लोगों से फॉर्म भरवा रहे हैं और 23 जुलाई के धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि वह स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों के मुद्दे पर जनता की आवाज सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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रायपुर में सोनम वांगचुक के समर्थन में युवाओं का प्रदर्शन, NSUI के 5 कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठे

Raipur: छत्तीसगढ़ में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में युवाओं का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। राजधानी रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर NSUI, विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान NSUI के पांच कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ताओं में हेमंत पाल, अनुज शुक्ला, इंडिया घृतलहरे, ड्रिंकल और सोनम शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपने खून से “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” लिखकर विरोध दर्ज कराया और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग की। इधर, धमतरी में सामाजिक कार्यकर्ता मितेश जैन ने गांधी मैदान में एक दिवसीय अनशन किया। वहीं बीजापुर में बस्तर संभाग के आदिवासी युवा छात्र संगठन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सोनम वांगचुक की मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की। छात्रों ने कहा- यह भविष्य की लड़ाई प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना है कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल नहीं हो सके, इसलिए रायपुर में रहकर शिक्षा सुधार और सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थियों का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था लागू करने की मांग की। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान होना चाहिए। पहले दिन भी जुटे थे सैकड़ों लोग रविवार को आंदोलन के पहले दिन भी रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर 500 से अधिक छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए थे। प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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राम मंदिर ट्रस्ट पर कांग्रेस के गंभीर आरोप: चढ़ावे में अनियमितता की निष्पक्ष जांच की मांग

रायपुर। रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक हैं और उनके नाम पर एकत्र किए गए चंदे में यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए। गुरुवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में विकास उपाध्याय ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने विश्वास और श्रद्धा के साथ दान दिया था। ऐसे में चंदे के उपयोग को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिलना जरूरी है। आस्था और विश्वास का विषय बताया विकास उपाध्याय ने कहा कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि यदि चंदे या चढ़ावे में किसी तरह की वित्तीय गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस्तीफों पर भी उठाए सवाल कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफों और मीडिया में सामने आई खबरों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने सवाल किया कि यदि ट्रस्ट का संचालन पूरी तरह पारदर्शी है तो स्वतंत्र जांच कराने में संकोच क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और किसी भी तरह के संदेह का समाधान हो सके। नोट: यह आरोप कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय द्वारा प्रेस वार्ता में लगाए गए हैं। संबंधित ट्रस्ट, भाजपा, आरएसएस या केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आई है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में नाबालिग की गर्भसमापन याचिका, मेडिकल बोर्ड गठित करने के निर्देश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की गर्भसमापन (अबॉर्शन) की अनुमति से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले को गंभीरता से लिया है। अदालत ने रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को विशेषज्ञ चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड गठित कर पीड़िता का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट 20 जुलाई 2026 तक हाईकोर्ट में पेश करने को कहा है। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, नाबालिग हुई गर्भवती मामला रायपुर जिले का है, जहां एक युवक पर आरोप है कि उसने नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस घटना के बाद पीड़िता गर्भवती हो गई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी पीड़िता की गर्भावस्था से जुड़ी समस्या बनी रही। इसके चलते नाबालिग ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गर्भसमापन की अनुमति मांगी। याचिका में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व फैसलों का भी हवाला दिया गया है। हाईकोर्ट ने मेडिकल बोर्ड गठित करने के दिए निर्देश सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि किसी भी आदेश से पहले पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण आवश्यक है। इस पर हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि रायपुर के CMHO विशेषज्ञ चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड गठित करें, जिसमें स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) भी शामिल हों। मेडिकल बोर्ड यह जांच करेगा कि गर्भसमापन सुरक्षित रूप से किया जा सकता है या नहीं और इससे पीड़िता के जीवन या स्वास्थ्य पर कोई गंभीर खतरा तो नहीं होगा। पीड़िता की गोपनीयता और सुरक्षा का विशेष ध्यान अदालत ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान परिवार की सहमति से एक वयस्क महिला सदस्य की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही पीड़िता की पहचान, गोपनीयता और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि उसे किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। 20 जुलाई तक सौंपनी होगी मेडिकल रिपोर्ट हाईकोर्ट ने CMHO को निर्देश दिया है कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट 20 जुलाई 2026 तक अदालत में प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट में गर्भसमापन की चिकित्सकीय संभावना, उससे जुड़े जोखिम और संभावित स्वास्थ्य प्रभावों का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद ही हाईकोर्ट इस मामले में आगे की सुनवाई कर अंतिम निर्णय लेगा। (पीड़िता की पहचान कानून के अनुसार गोपनीय रखी गई है।) छत्तीसगढ़, न्यायालय और प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए पढ़ते रहें DeshHarPal। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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अमरकंटक एक्सप्रेस के स्लीपर यात्रियों को बड़ी राहत, अब किराए पर मिलेगा बेडरोल

दुर्ग। दुर्ग-भोपाल-दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस में सफर करने वाले स्लीपर क्लास यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें भी यात्रा के दौरान किराए पर बेडरोल (चादर और तकिया) की सुविधा मिलेगी। रेलवे ने इस सेवा के संचालन के लिए एक निजी कंपनी को ठेका दिया है, जिसका अनुबंध वर्ष 2031 तक रहेगा। अब स्लीपर क्लास में भी मिलेगी बेडरोल सुविधा अब स्लीपर क्लास के यात्री अपनी जरूरत के अनुसार बेडरोल किराए पर ले सकेंगे। इसके लिए रेलवे ने अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए हैं। इन ट्रेनों में मिलेगी सुविधा यह सुविधा फिलहाल ट्रेन नंबर 12853 (दुर्ग-भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस) और ट्रेन नंबर 12854 (भोपाल-दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस) में उपलब्ध रहेगी। अब तक यह सुविधा केवल एसी कोच के यात्रियों को ही मिलती थी, लेकिन अब स्लीपर क्लास के यात्रियों को भी लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अधिक आरामदायक सफर का लाभ मिलेगा। रेलवे का कहना है कि इस नई व्यवस्था से यात्रियों को अपनी चादर और तकिया साथ ले जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे उनकी यात्रा पहले से अधिक सुविधाजनक और आरामदायक बनेगी। रेलवे, ट्रेनों और यात्रियों से जुड़ी ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें DeshHarPal। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ विधानसभा में महतारी वंदन योजना पर हंगामा, कांग्रेस का वॉकआउट; साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें और अंतिम दिन सदन में महतारी वंदन योजना, राशन व्यवस्था और अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जोरदार राजनीतिक घमासान देखने को मिला। कांग्रेस ने महतारी वंदन योजना से बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा और जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से वॉकआउट कर दिया। महतारी वंदन योजना से 1.55 लाख महिलाओं के नाम हटने पर विवाद प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों की संख्या 70.09 लाख से घटकर 68.54 लाख रह गई है। इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि करीब 1.55 लाख महिलाओं के नाम मृत्यु, ई-केवाईसी नहीं कराने, आयकरदाता बनने या अन्य पात्रता संबंधी कारणों से सूची से हटाए गए हैं। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी की और बाद में वॉकआउट कर दिया। राशन वितरण व्यवस्था पर भी उठे सवाल प्रश्नकाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर भी विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने सवाल उठाए। इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि यदि शिकायत और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं तो पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सामूहिक विवाह में नकली मंगलसूत्र का मुद्दा भी गूंजा कांग्रेस विधायक और पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कथित तौर पर नकली मंगलसूत्र दिए जाने का मामला उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि संबंधित एजेंसी के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जवाब में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बालोद जिले से इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए कार्रवाई का प्रश्न नहीं उठता। साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं का आरोप-पत्र पेश करते हुए विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव रखा। अब इस प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत चर्चा होगी। कांग्रेस सरकार को कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बुलडोजर कार्रवाई और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। वहीं भाजपा अपनी योजनाओं और विकास कार्यों का पक्ष रखेगी। विधानसभा में किसके पास कितना संख्या बल? वर्तमान विधानसभा में भाजपा के 54 विधायक, कांग्रेस के 35 विधायक और 1 विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से हैं। ऐसे में संख्या बल भाजपा के पक्ष में होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। अब तक कोई अविश्वास प्रस्ताव सफल नहीं हुआ छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में अब तक 9 अविश्वास प्रस्ताव लाए जा चुके हैं, लेकिन कोई भी प्रस्ताव सरकार के खिलाफ पारित नहीं हो सका। इन सभी मामलों में सरकारें बहुमत साबित करने में सफल रहीं। वर्ष 2015 में डॉ. रमन सिंह सरकार के खिलाफ हुई 24 घंटे 25 मिनट की चर्चा विधानसभा के इतिहास की सबसे लंबी बहस मानी जाती है। इस बार विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव राज्य गठन के बाद 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। छत्तीसगढ़ की राजनीति, विधानसभा की कार्यवाही और अन्य महत्वपूर्ण खबरों के लिए पढ़ते रहें — DeshHarPal. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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रायपुर में भक्ति और उल्लास के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

रायपुर। राजधानी रायपुर गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भक्ति में पूरी तरह सराबोर नजर आई। गायत्री नगर स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपराओं के बीच निकाली गई। “जय जगन्नाथ” के जयघोष, शंखध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार, हरिनाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने निभाई ‘छेरा पहरा’ की परंपरा रथयात्रा के शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका अपनी धर्मपत्नी के साथ तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मौजूद रहे। दोनों ने भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने सनातन परंपरा के अनुसार स्वर्ण झाड़ू से रथ मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई कर ‘छेरा पहरा’ की ऐतिहासिक परंपरा निभाई। यह परंपरा सेवा, समानता और विनम्रता का प्रतीक मानी जाती है। सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता का महापर्व जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष एवं रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, सेवा और जनभागीदारी का महापर्व है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। मंदिर से मौसी मंदिर तक निकली रथयात्रा रथयात्रा गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर खम्हारडीह थाना, बीटीआई ग्राउंड होते हुए मौसी मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने पुष्पवर्षा, आरती और भजन-कीर्तन के साथ भगवान का स्वागत किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों के भजन-कीर्तन, आकर्षक झांकियां, ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, झूमर, करमा और सुवा नृत्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। सजे-धजे रथों और भक्तों की अपार आस्था ने राजधानी रायपुर में पुरी धाम जैसा आध्यात्मिक माहौल बना दिया। श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम यात्रा मार्ग पर पेयजल, चिकित्सा सहायता, विश्राम स्थल और महाप्रसाद वितरण के लिए कई सेवा शिविर लगाए गए। नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवकों ने समन्वय के साथ व्यवस्थाएं संभालीं, जिससे रथयात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। मौसी मंदिर में महाआरती और महाप्रसाद रथयात्रा के अंतिम पड़ाव पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रह मौसी मंदिर पहुंचे। यहां वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना, महाआरती और महाप्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि और मानव कल्याण की कामना करते हुए भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ में कारोबार करना होगा आसान: विधानसभा से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026’ पारित, MSME को बड़ी राहत

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा ने ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ को पारित कर दिया है। इस कानून के लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ रिस्क बेस्ड (Risk-Based) और ट्रस्ट बेस्ड (Trust-Based) बिजनेस परमिशन सिस्टम लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से उद्योग स्थापित करने और कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी, जिससे खासकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को बड़ा लाभ मिलेगा। जोखिम के आधार पर मिलेगी अनुमति नई व्यवस्था के तहत उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का वर्गीकरण उनके आकार और गतिविधियों के आधार पर किया जाएगा। इससे छोटे कारोबारियों को अनावश्यक जटिल प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी। सेल्फ सर्टिफिकेशन को मिलेगा बढ़ावा अधिनियम के तहत कम जोखिम वाले उद्यमों में बार-बार विभागीय निरीक्षण की आवश्यकता कम होगी। ऐसे मामलों में सेल्फ सर्टिफिकेशन या लाइसेंसधारी इंजीनियर, आर्किटेक्ट अथवा अधिकृत विशेषज्ञ के प्रमाणन के आधार पर अनुमति दी जा सकेगी। सरकार का दावा है कि इससे अनुमति प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। हर साल लाइसेंस नवीनीकरण की बाध्यता खत्म नए कानून के तहत उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हर वर्ष लाइसेंस या अनुमति का नवीनीकरण कराने की अनिवार्यता से राहत मिलेगी। जोखिम आधारित अनुमति प्रणाली लागू होने से उद्यमियों का समय और लागत दोनों कम होंगे तथा वे कारोबार के विस्तार पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। MSME को मिलेंगी कई अहम सुविधाएं नई व्यवस्था में MSME इकाइयों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं— हालांकि, अधिक जोखिम वाली परियोजनाओं में तकनीकी जांच और भौतिक निरीक्षण की प्रक्रिया जारी रहेगी। 8 विभागों की 43 सेवाएं होंगी शामिल इस अधिनियम के तहत राज्य सरकार के 8 विभागों की 43 सेवाओं को जोखिम आधारित अनुमति प्रणाली में शामिल किया गया है। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार कार्यपालिका परिषद की मंजूरी से नई सेवाओं को भी जोड़ा जा सकेगा। तीन स्तर पर होगी निगरानी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तीन स्तरीय निगरानी व्यवस्था बनाई गई है। 15 लाख से अधिक MSME को होगा लाभ सरकार का अनुमान है कि इस सुधार का लाभ राज्य के 15 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को मिलेगा। भरोसे, स्व-घोषणा और समयबद्ध सेवाओं पर आधारित नई व्यवस्था से कारोबार शुरू करने में लगने वाला समय और लागत कम होगी, जबकि उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी के सभी आवश्यक प्रावधान पहले की तरह लागू रहेंगे। निवेश को मिलेगा बढ़ावा राज्य सरकार का मानना है कि ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ राज्य में निवेश को आकर्षित करने, उद्योगों के विस्तार और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ में अधिक पारदर्शी, सरल और निवेश-अनुकूल कारोबारी वातावरण विकसित होने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़, उद्योग, निवेश और कारोबार से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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MP में 14 करोड़ की ठगी, Luxury Car और iPhone से दिखाता था रुतबा; 65 Bank Accounts और 20 Shell Companies का खुलासा

MP में 14 करोड़ की ठगी, Luxury Car और iPhone से दिखाता था रुतबा; 65 Bank Accounts और 20 Shell Companies का खुलासा

भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बड़े ठगी के मामले ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। गुजरात से आकर मध्य प्रदेश में छिपे एक आरोपी पर करीब 14 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि आरोपी लोगों के बीच अपना रुतबा दिखाने के लिए लग्जरी कार और महंगे iPhone का इस्तेमाल करता था। जांच आगे बढ़ी तो इस पूरे मामले के तार सिर्फ मध्य प्रदेश और गुजरात तक सीमित नहीं मिले। पुलिस को आरोपी से जुड़े 65 बैंक खातों और करीब 20 शेल कंपनियों की जानकारी मिली है। इसके अलावा उसके नेटवर्क के हांगकांग तक जुड़े होने की बात भी सामने आई है। लग्जरी लाइफस्टाइल से बनाता था भरोसा आरोपी कथित तौर पर महंगी कार और iPhone के जरिए लोगों के बीच अपनी मजबूत आर्थिक स्थिति की छवि बनाता था। इसी तरह की लाइफस्टाइल देखकर कई लोग उस पर भरोसा कर लेते थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि ठगी से जुड़े पैसों को अलग-अलग बैंक खातों और कंपनियों के जरिए घुमाया जाता था। इससे पैसों के लेन-देन को समझना जांच एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया। 65 बैंक अकाउंट और 20 शेल कंपनियां जांच के दौरान आरोपी से जुड़े 65 बैंक खातों का पता चला है। इसके साथ ही करीब 20 शेल कंपनियों के इस्तेमाल की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब इन खातों और कंपनियों के जरिए हुए लेन-देन की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इन कंपनियों के जरिए कितनी रकम ट्रांसफर की गई और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। हांगकांग तक जुड़े ठगी के तार मामले की जांच में नेटवर्क के हांगकांग तक जुड़े होने की जानकारी सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। अब एजेंसियां विदेशी लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल जांच जारी है। 14 करोड़ रुपये की ठगी, कई बैंक खातों और शेल कंपनियों के सामने आने से यह मामला एक संगठित वित्तीय अपराध की ओर इशारा करता है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और रकम के इस्तेमाल की तस्वीर साफ हो पाएगी।
Suryavanshi की Batting देखने उमड़ी हजारों की भीड़, 93 मिनट तक Chepauk में दिखा शानदार नजारा

Suryavanshi की Batting देखने उमड़ी हजारों की भीड़, 93 मिनट तक Chepauk में दिखा शानदार नजारा

दलीप ट्रॉफी फाइनल में सूर्यवंशी की बल्लेबाजी देखने के लिए चेपॉक स्टेडियम में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। उनकी बल्लेबाजी के दौरान स्टेडियम का माहौल पूरी तरह क्रिकेटमय हो गया और करीब 93 मिनट तक दर्शकों का उत्साह देखते ही बना। सूर्यवंशी को खेलते देखने के लिए इतनी भीड़ पहुंची कि स्टेडियम में मौजूद दर्शकों की संख्या को देखते हुए एक्स्ट्रा स्टैंड भी खोलने पड़े। इससे मुकाबले को लेकर फैंस की दिलचस्पी साफ नजर आई। सूर्यवंशी की बैटिंग ने खींचा ध्यान मैच के दौरान सूर्यवंशी की बल्लेबाजी देखने के लिए दर्शक लगातार उत्साहित नजर आए। चेपॉक में उनके हर शॉट पर दर्शकों की प्रतिक्रिया ने माहौल को और खास बना दिया। दलीप ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट में किसी खिलाड़ी को देखने के लिए इस तरह की भीड़ जुटना क्रिकेट फैंस के बीच उसकी लोकप्रियता को दिखाता है। Extra Stands भी खोलने पड़े दर्शकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्टेडियम के अतिरिक्त स्टैंड खोलने पड़े। आयोजकों के लिए भी यह नजारा खास रहा, क्योंकि मुकाबले में फैंस की मौजूदगी उम्मीद से ज्यादा दिखाई दी। चेपॉक में मौजूद दर्शकों ने करीब 93 मिनट तक सूर्यवंशी की बल्लेबाजी का आनंद लिया। सोशल मीडिया पर भी स्टेडियम की भीड़ और माहौल की तस्वीरें चर्चा में रहीं। घरेलू क्रिकेट के लिए अच्छी तस्वीर दलीप ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट में नए और उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच है। ऐसे में किसी खिलाड़ी की बल्लेबाजी देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों का पहुंचना घरेलू क्रिकेट के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। चेपॉक में जुटी भीड़ ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय क्रिकेट फैंस सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में ही नहीं, बल्कि घरेलू क्रिकेट में भी खिलाड़ियों को देखने के लिए स्टेडियम पहुंच रहे हैं।
Sikkim Landslide: दो नदियों का रास्ता बंद, एक जगह जमा हुआ पानी; UP और MP में भी बारिश का असर

Sikkim Landslide: दो नदियों का रास्ता बंद, एक जगह जमा हुआ पानी; UP और MP में भी बारिश का असर

देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण हालात मुश्किल होते जा रहे हैं। सिक्किम में लैंडस्लाइड के बाद दो नदियों का रास्ता बंद होने से पानी एक जगह जमा हो गया है। वहीं उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और बढ़े जलस्तर का असर घाटों पर दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश में भी कई नदियां उफान पर हैं। Sikkim में Landslide से नदियों का रास्ता बंद सिक्किम में लैंडस्लाइड के कारण दो नदियों का प्रवाह प्रभावित हुआ है। मलबा आने से नदी का रास्ता रुक गया और पानी एक जगह जमा होने लगा। इससे आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। नदी का रास्ता जल्द साफ नहीं हुआ तो जमा पानी आसपास के इलाकों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। UP में घाट डूबे, सड़क पर हुआ अंतिम संस्कार उत्तर प्रदेश में भी बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। कई घाट पानी में डूब गए, जिसके कारण अंतिम संस्कार के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ जगहों पर हालात ऐसे बने कि लोगों को सड़क पर ही चिता जलानी पड़ी। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। MP में नदियां उफान पर मध्य प्रदेश में भी लगातार बारिश के चलते कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नदियों के उफान पर होने से आसपास के इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। बारिश का असर सड़क, पुल और निचले इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। प्रशासन और स्थानीय टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं। कई राज्यों में बारिश से बढ़ी परेशानी सिक्किम, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आ रही तस्वीरें बताती हैं कि लगातार बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। कहीं लैंडस्लाइड से नदी का रास्ता बंद हुआ है, तो कहीं बढ़ते जलस्तर के कारण घाट और रास्ते प्रभावित हुए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जलभराव व नदी के बढ़ते पानी से होने वाले खतरे को कम करना है।
US-Canada Trade Deal पर विवाद, अमेरिकी मंत्री ने कनाडा पर साधा निशाना; PM Carney पर भी तंज

US-Canada Trade Deal पर विवाद, अमेरिकी मंत्री ने कनाडा पर साधा निशाना; PM Carney पर भी तंज

अमेरिका और कनाडा के बीच ट्रेड डील को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। एक अमेरिकी मंत्री ने कनाडा पर तीखी टिप्पणी करते हुए उसे ‘भौंकने वाला छोटा कुत्ता’ तक कह दिया। अमेरिकी मंत्री ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर आरोप लगाया कि उन्होंने अमेरिका की ओर से पेश की गई एक बेहतर ट्रेड डील को ठुकरा दिया। मंत्री की इस टिप्पणी के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खास तौर पर ऐसे समय में जब दोनों देश पहले ही व्यापार को लेकर कई मुद्दों पर बातचीत कर चुके हैं। PM Carney ने डील ठुकराने का आरोप अमेरिकी मंत्री का कहना है कि प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका की ओर से रखे गए बेहतर व्यापार समझौते को स्वीकार नहीं किया। उनके मुताबिक, कनाडा के पास समझौते के जरिए व्यापारिक संबंधों को बेहतर बनाने का मौका था, लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। अगस्त में बातचीत रही थी नाकाम अमेरिका और कनाडा के बीच अगस्त में हुई बातचीत किसी समझौते तक नहीं पहुंच सकी थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड रिलेशन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अब अमेरिकी मंत्री के बयान ने इस विवाद को और राजनीतिक रंग दे दिया है। तीखी भाषा में दिए गए बयान के बाद कनाडा की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना भी जताई जा रही है। Trade War का असर अहम अमेरिका और कनाडा एक-दूसरे के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर किसी भी तरह का तनाव कारोबार और उद्योगों पर असर डाल सकता है। फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में व्यापार समझौते को लेकर नए दौर की बातचीत होती है या नहीं, यह महत्वपूर्ण रहेगा।
Delhi Building Collapse: 50 साल पुरानी इमारत गिरी, 3 की मौत; हादसे के वक्त 50 से ज्यादा लोग थे अंदर

Delhi Building Collapse: 50 साल पुरानी इमारत गिरी, 3 की मौत; हादसे के वक्त 50 से ज्यादा लोग थे अंदर

राजधानी दिल्ली में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। करीब 50 साल पुरानी बिल्डिंग अचानक गिर गई, जिसमें दबने से 3 लोगों की मौत हो गई। हादसे के वक्त इमारत के अंदर 50 से ज्यादा लोगों के मौजूद होने का दावा किया जा रहा है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव दल ने तुरंत पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की। आसपास के लोगों ने भी बचाव अभियान में मदद की। बेसमेंट में चल रही थी खुदाई जानकारी के मुताबिक, हादसे से पहले बिल्डिंग के बेसमेंट में खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान इमारत का एक हिस्सा अचानक ढह गया। हालांकि, बिल्डिंग गिरने की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। 50 से ज्यादा लोगों के मौजूद होने का दावा स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि हादसे के समय बिल्डिंग के अंदर 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे। इस वजह से राहत और बचाव कार्य को तेजी से चलाया गया। मलबे के नीचे और लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए बचाव दल लगातार तलाशी अभियान चला रहा है। प्रशासन की टीमें भी मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हादसे की जांच शुरू पुलिस और प्रशासन ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। यह भी देखा जा रहा है कि बेसमेंट में चल रही खुदाई के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना है। हादसे के बाद इलाके में लोगों के बीच चिंता का माहौल है।

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