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रायपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर शुरू, 25 सितंबर तक मिलेगी जांच की सुविधा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया की छत्तीसगढ़ इकाई ने रायपुर के एक निजी अस्पताल में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर की शुरुआत की है। शिविर का शुभारंभ सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किया। यह स्वास्थ्य शिविर 17 सितंबर से 25 सितंबर तकआयोजित किया जाएगा। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के साथ हुई। इस अवसर पर शदाणी दरबार के संत युधिष्ठिर लाल, विधायक सुनील सोनी और भाजपा नेता सुभाष तिवारी समेत कई लोग मौजूद रहे। अस्पताल में मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने बताया कि शिविर में लोगों को विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना एक सराहनीय सेवा कार्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच है कि प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ रहे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की। करीब 6,800 रुपये तक की जांच मुफ्त विधायक सुनील सोनी ने बताया कि शिविर में लगभग 6,800 रुपये तक की स्वास्थ्य जांच पूरी तरह निःशुल्क की जा रही है। शिविर में लोगों को कई प्रकार की जांच और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। संत युधिष्ठिर लाल ने कहा कि सिंधी काउंसिल की टीम ने अस्पताल में बड़े स्तर पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बड़ी संख्या में लोग इस शिविर का लाभ उठाएंगे। कार्यक्रम में कई पदाधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में शदाणी दरबार के सचिव उदय शदाणी, सिंधी काउंसिल की महिला विंग अध्यक्ष काजल सचदेव, महामंत्री लक्ष्मी बजाज, चंचलानी, महक होतवानी, नीता कुकरेजा, किशोर आहूजा, गिरीश लहेजा, जितेंद्र मलघानी, गौरव मंधानी, धनेश मटलानी, रितेश वाधवा, गोल्डी सिदारा और राजकुमार सोनी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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बिलासपुर कलेक्टर जनदर्शन में रोजगार और मुआवजे की मांग, फ्लाई ऐश से 8 एकड़ खेत बर्बाद होने की शिकायत

बिलासपुर। जिले में आयोजित कलेक्टर जनदर्शन के दौरान मजदूरी भुगतान, मुआवजा, रोजगार और मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़ी कई शिकायतें सामने आईं। ग्रामीणों ने जिंदल पावर एंड स्टील कंपनी में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने, फ्लाई ऐश से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाने और सरकारी दस्तावेज जारी कराने की मांग रखी। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिंदल कंपनी में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग ग्राम गोड़ाडीह के संतनु कुमार कुर्रे सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जिंदल पावर एंड स्टील कंपनी में स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग को लेकर पहले भी प्रदर्शन किया जा चुका है। ग्रामीणों के अनुसार, कंपनी ने स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने का आश्वासन दिया था। हालांकि, अब तक बेरोजगार युवाओं को अपेक्षा के अनुरूप रोजगार नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों ने कंपनी के खिलाफ उचित कार्रवाई करते हुए स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को आवेदन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। फ्लाई ऐश से किसानों के खेतों में घुसी राखड़, 7-8 एकड़ फसल बर्बाद मस्तुरी तहसील क्षेत्र के सतीश पाल सहित कुछ किसानों ने फ्लाई ऐश से फसल बर्बाद होने की शिकायत की। किसानों ने बताया कि ग्राम पंचायत जयरामनगर खैरा बस्ती के कमल सोनी और दिलहरण यादव द्वारा चूना पत्थर की खदान में राखड़ की पटाई की गई थी। किसानों का आरोप है कि राखड़ का उचित रखरखाव नहीं किया गया। बारिश के दौरान फ्लाई ऐश बहकर उनके खेतों में पहुंच गई, जिससे धान की फसल को भारी नुकसान हुआ। किसानों के अनुसार, राखड़ भरने से करीब 7 से 8 एकड़ जमीन और फसल प्रभावित हुई है। इससे उनके सामने खेती करने का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने नुकसान का उचित मुआवजा देने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। राजस्व रिकॉर्ड में 9 नाम होने से धान बेचने में परेशानी मस्तुरी तहसील के ग्राम इटवा निवासी रामेश्वर यादव ने बताया कि उनकी पुश्तैनी जमीन राजस्व रिकॉर्ड में 9 लोगों के नाम दर्ज है। इसके कारण उनके नाम से एग्रीटेक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है और वह धान बेचने में असमर्थ हैं। कलेक्टर ने तहसीलदार मस्तुरी को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, रतनपुर तहसील के ग्राम सीस निवासी रामभाऊ डिक्सेना ने बारिश में मकान गिरने के बाद आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। नाली निर्माण की मजदूरी में गड़बड़ी का आरोप जनपद पंचायत तखतपुर के ग्राम पंचायत देवरीकला के ग्रामीणों ने वर्ष 2025-26 में कराए गए नाली निर्माण कार्य की मजदूरी के भुगतान में गड़बड़ी का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य की मजदूरी का भुगतान सरपंच ने अपने और अपने परिचितों के नाम पर कर दिया। शिकायत पर कलेक्टर ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए 6-7 महीने से चक्कर लगाने का आरोप सकरी तहसील के ग्राम समडील निवासी कुंजबिहारी अनंत ने शिकायत की कि उनकी बेटी अंजना कुमारी के विवाह प्रमाण पत्र और उनकी मां पूना बाई अनंत के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ग्राम सचिव पिछले 6 से 7 महीनों से टालमटोल कर रहा है। उन्होंने दोनों प्रमाण पत्र जारी कराने की मांग की, ताकि संबंधित जरूरी कार्य पूरे किए जा सकें। सर्वेयर के काम का 18,730 रुपये भुगतान नहीं मिलने की शिकायत कोटा क्षेत्र के भारत सिंह ने सर्वेयर के काम के 18,730 रुपये का भुगतान नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि भुगतान से संबंधित दस्तावेज तहसील कार्यालय में जमा किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक राशि का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कलेक्टर से लंबित भुगतान दिलाने की मांग की। जनदर्शन में सामने आई शिकायतों पर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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रायपुर में 7 ग्राम हेरोइन के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार, धमतरी से ड्रग्स लेकर पहुंचे थे

रायपुर में नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सिविल लाइन पुलिस ने 7 ग्राम हेरोइन के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी धमतरी से हेरोइन लेकर रायपुर पहुंचे थे और शहर में इसकी सप्लाई करने की तैयारी में थे। गिरफ्तार आरोपियों में से एक पहले भी ड्रग्स बेचने के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ कर ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर पकड़ा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग हेरोइन लेकर इलाके में घूम रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सिविल लाइन पुलिस ने टीम गठित कर संदिग्धों की तलाश शुरू की। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से कुल 7 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने ड्रग्स को जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पहले भी जेल जा चुका है एक आरोपी जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक पहले भी ड्रग्स बेचने के आरोप में जेल जा चुका है। पुलिस के अनुसार, तीनों लंबे समय से हेरोइन के कारोबार से जुड़े हुए थे और रायपुर में नशे की सप्लाई करते थे। पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी धमतरी से हेरोइन किससे खरीदते थे और रायपुर में किन लोगों तक इसकी सप्लाई पहुंचाते थे। सप्लायर और खरीदारों की तलाश पुलिस अब आरोपियों के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच का मुख्य फोकस हेरोइन के सप्लायर, खरीदार और पूरे नेटवर्कतक पहुंचने पर है। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं।
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बिलासपुर में करोड़ों की स्मार्ट रोड रात में खोदी, निगम ने जारी किया नोटिस

बिलासपुर। शहर में स्मार्ट सिटी फंड से बनाई गई करोड़ों रुपये की स्मार्ट रोड को रात के अंधेरे में एक्सीवेटर से खोदने का मामला सामने आया है। नई डामर सड़क को नुकसान पहुंचाने के मामले में नगर निगम ने सख्ती दिखाई है। निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। सड़क खोदने पर जारी हुआ नोटिस मामले में जोन क्रमांक 3 के कमिश्नर ने 7 सितंबर को मिनोचा कॉलोनी निवासी जगजीत सिंह मक्कड़ को नोटिस जारी किया है। नोटिस में नर्मदा नगर मुख्य मार्ग पर मिनोचा कॉलोनी पेट्रोल पंप के सामने बनाई गई नई डामर सड़क को नुकसान पहुंचाने को लेकर जवाब मांगा गया है। नोटिस के मुताबिक, सड़क खोदने से आवागमन और यातायात प्रभावित हो रहा है। संबंधित व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर अपने खर्च पर सड़क को पहले की स्थिति में दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि तय समय में सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर FIR की तैयारी नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने स्पष्ट किया है कि मामले की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इससे सड़क को रात में खोदे जाने के मामले ने और तूल पकड़ लिया है। स्मार्ट सिटी फंड से बनी थी सड़क यह सड़क तत्कालीन नगर निगम कमिश्नर कुणाल दुदावत के कार्यकाल में बनाई गई थी। मिनोचा कॉलोनी से उस्लापुर फ्लाईओवर ब्रिज तक अतिक्रमण हटाकर नगर निगम की जमीन पर स्मार्ट सिटी फंड से सड़क का निर्माण कराया गया था। नई सड़क बनने से पहले स्टेशन की ओर जाने के लिए यहां केवल एक संकरी सड़क थी। सड़क निर्माण के बाद लोगों को आवागमन में सुविधा मिली और ट्रैफिक जाम से भी राहत मिली। ऐसे में नई बनी सड़क को नुकसान पहुंचाने की घटना को लेकर नगर निगम ने गंभीर रुख अपनाया है।
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रायपुर में अनोखी गणेश प्रतिमाएं तैयार, बांस से लेकर धूप-अगरबत्ती और दाल से बनाई मूर्तियां

रायपुर। गणेशोत्सव से पहले रायपुर में भगवान गणेश की अनोखी और आकर्षक प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। इस बार शहर के मूर्तिकार पारंपरिक मिट्टी के साथ-साथ बांस, पूजा सामग्री, मोती, दाल, चना, भुट्टे और धूप-अगरबत्ती जैसी अलग-अलग चीजों से गणेश प्रतिमाएं बना रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई प्रतिमाएं ग्राहकों की पसंद और उनके बताए आइडिया के अनुसार तैयार की जा रही हैं। कुछ विशेष प्रतिमाओं को बनाने में करीब तीन महीने तक का समय लगा है। सीमित संख्या में तैयार होने वाली इन प्रतिमाओं के लिए समितियां पहले ही प्री-ऑर्डर दे देती हैं। 30 साल से गणेश प्रतिमाएं बना रहा यादव परिवार रायपुर के रायपुरा इलाके में रहने वाला शिवचरण यादव का परिवार करीब 30 साल से गणेश प्रतिमाएं बनाने का काम कर रहा है। उनके दोनों बेटे भी पिछले करीब 15 साल से इस काम में पिता का साथ दे रहे हैं। परिवार के सदस्य राहुल यादव बताते हैं कि ग्राहक अपनी पसंद की थीम और डिजाइन बताते हैं। इसके बाद उसमें अपनी क्रिएटिविटी और नए आइडिया जोड़कर प्रतिमा तैयार की जाती है। रामसागर पारा की एक गणेश समिति पिछले 17 साल से इसी परिवार से प्रतिमा बनवा रही है। मूर्तिकारों के पास सीमित संख्या में ही ऑर्डर लिए जाते हैं और समितियां आमतौर पर करीब तीन महीने पहले अपनी पसंद की प्रतिमा बुक कर देती हैं। बांस से बनाई गई खास गणेश प्रतिमा इस बार बांस से बनाई गई गणेश प्रतिमा लोगों के आकर्षण का केंद्र बन रही है। इसकी खासियत है कि इसमें मिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया गया है। प्रतिमा को लकड़ी, पेपर और बांस की मदद से तैयार किया गया है। मूर्तिकार के मुताबिक, इस प्रतिमा को बनाने का काम करीब तीन महीने पहले शुरू किया गया था। बांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर एक-एक हिस्से को जोड़ते हुए गणेश जी का आकार दिया गया है। इसके लिए पहले बांस की ऊपरी छाल हटाई जाती है और फिर उसे जरूरत के मुताबिक काटकर आकार दिया जाता है। इस प्रतिमा को तैयार करने में करीब 40 से 50 हजार रुपए की लागत आने की जानकारी दी गई है। इस तरह की प्रतिमाएं सीमित संख्या में तैयार की जाती हैं और इन्हें मुख्य रूप से प्री-ऑर्डर पर बनाया जाता है। पूजा सामग्री से तैयार गणेश प्रतिमा मूर्तिकारों ने पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से भी गणेश प्रतिमा तैयार की है। इसमें नारियल की जूट से प्रतिमा का मूल आकार बनाया गया है। प्रतिमा की धोती में जनेऊ लगाया गया है, जबकि माला कमल गट्टे से तैयार की गई है। इसके अलावा रुद्राक्ष, मौली धागे और मोतियों का इस्तेमाल सजावट के लिए किया गया है। मोतियों से तैयार की गई प्रतिमाओं को लोग गृह प्रवेश या गिफ्ट के तौर पर भी पसंद कर रहे हैं। धूप-अगरबत्ती से बनी 12 फीट की प्रतिमा इस साल धूप-अगरबत्ती से तैयार की गई 12 फीट की गणेश प्रतिमा भी खास आकर्षण है। इसे बनाने में करीब तीन महीने का समय लगा है। प्रतिमा में अलग-अलग रंग की धूप स्टिक का इस्तेमाल किया गया है। गीली धूप की मदद से माला, पुष्प और कड़े जैसी सजावट तैयार की गई है। मूर्तिकार के मुताबिक, गणेश समिति ने अपनी पसंद का स्ट्रक्चर बताया था और उसी डिजाइन के आधार पर प्रतिमा तैयार की गई। उन्होंने बताया कि मिट्टी की प्रतिमा की तुलना में ऐसी प्रतिमाएं कुछ मामलों में आसान होती हैं, क्योंकि ये अपेक्षाकृत हल्की होती हैं और काम के दौरान इन्हें जरूरत के अनुसार स्थानांतरित किया जा सकता है। मसूर दाल, चना और भुट्टे से भी बनी गणेश प्रतिमा रायपुर में इस बार खाने में इस्तेमाल होने वाली चीजों से भी गणेश प्रतिमा तैयार की गई है। इसमें मसूर दाल, चना और भुट्टे का इस्तेमाल किया गया है। अलग-अलग खाद्य सामग्री को व्यवस्थित तरीके से सजाकर गणेश जी का आकार दिया गया है। पारंपरिक मिट्टी के बजाय खाने की सामग्री से तैयार यह प्रतिमा लोगों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन रही है। ग्राहकों के आइडिया से तैयार हो रही हैं अनोखी प्रतिमाएं मूर्तिकार राहुल यादव के मुताबिक, अब गणेश प्रतिमाओं को लेकर ग्राहकों की पसंद भी बदल रही है। लोग पहले से अलग और अनोखी थीम चाहते हैं। वे अपनी कल्पना और डिजाइन का आइडिया मूर्तिकारों को बताते हैं। इसके बाद मूर्तिकार उस आइडिया में अपनी क्रिएटिविटी जोड़कर प्रतिमा तैयार करते हैं। यही वजह है कि इस बार रायपुर में गणेशोत्सव के लिए कई ऐसी प्रतिमाएं तैयार हो रही हैं, जो पारंपरिक मूर्तियों से बिल्कुल अलग नजर आएंगी।
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रायपुर के स्पा सेंटर पर पुलिस की दबिश, संचालक और मैनेजर पर पीटा एक्ट में केस

रायपुर। रायपुर के देवेंद्र नगर इलाके में पुलिस ने एक स्पा सेंटर पर कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, श्याम स्क्वायर स्थित इशवा लग्जरी स्पा सेंटर में जांच के दौरान आपत्तिजनक सामग्री मिली। मामले में पुलिस ने स्पा सेंटर के संचालक और मैनेजर के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (पीटा एक्ट), 1956 के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई 10 सितंबर को एसीपी स्नेहिल साहू के नेतृत्व में सिविल लाइन और देवेंद्र नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने की। दूसरे राज्यों से युवतियों को बुलाने का आरोप पुलिस के अनुसार, स्पा सेंटर में दूसरे राज्यों से युवतियों को बुलाकर काम कराया जा रहा था। पूछताछ के दौरान वहां मौजूद कुछ युवतियों ने संचालक और मैनेजर पर जबरन देह व्यापार कराने का आरोप लगाया। पुलिस का कहना है कि युवतियों के बयानों और मौके से मिली सामग्री के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। संचालक और मैनेजर पर पीटा एक्ट में केस पुलिस ने कार्रवाई के बाद स्पा सेंटर के संचालक हरविंदर सिंह ग्रोवर, निवासी टिकरापारा और मैनेजर मुकेश कुमार वर्मा, निवासी भिलाई-3 के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दोनों के खिलाफ देवेंद्र नगर थाने में अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (PITA Act), 1956 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। स्पा सेंटर की गतिविधियों की जांच जारी पुलिस अब स्पा सेंटर से जुड़े दस्तावेजों, वहां काम करने वाली युवतियों और संचालक-मैनेजर की भूमिका की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि युवतियों को दूसरे राज्यों से किस माध्यम से रायपुर लाया गया और स्पा सेंटर में उनकी नियुक्ति किस तरह हुई। इसके अलावा पुलिस यह जानकारी भी जुटा रही है कि सेंटर में कथित गतिविधियां कब से संचालित हो रही थीं और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं। फिलहाल पुलिस ने आरोपों और जांच के दौरान मिली सामग्री के आधार पर कार्रवाई शुरू की है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
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बिलासपुर में कांग्रेस का संगठन प्रशिक्षण शुरू, ब्लॉक अध्यक्षों को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति

बिलासपुर। आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में गुरुवार से बिलासपुर संभाग के ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, PCC चीफ दीपक बैज और वरिष्ठ नेता ताम्रध्वज साहू समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 सितंबर तक चलेगा। इसमें ब्लॉक अध्यक्षों को संगठन विस्तार, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं से संपर्क बढ़ाने और पार्टी की गतिविधियों को प्रभावी बनाने की रणनीति समझाई जा रही है। कांग्रेस का फोकस ब्लॉक स्तर से संगठन को मजबूत करते हुए गांव और बूथ तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर है। 22 सितंबर तक अलग-अलग संभागों में प्रशिक्षण कांग्रेस का प्रदेशव्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 सितंबर तक अलग-अलग संभागों में आयोजित किया जाएगा। बिलासपुर के बाद 15 सितंबर को सरगुजा संभाग में ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा। इसके बाद 20 सितंबर को रायपुर संभाग में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। वहीं, बस्तर और दुर्ग संभाग के ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम पहले ही पूरा हो चुका है। दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना बिलासपुर पहुंचे PCC चीफ दीपक बैज ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सरकार के पोस्टर अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “पोस्टर चमकाने से चेहरा नहीं चमकता।” बैज ने आरोप लगाया कि सरकार के पास पोस्टर वार के अलावा जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करने के लिए कुछ नहीं है। रोजगार, किसान और स्वास्थ्य के मुद्दे उठाए दीपक बैज ने कहा कि सरकार को रोजगार, किसानों, शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का चेहरा चमकाने के लिए 1,100 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। बैज ने दावा किया कि जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा सरकार और मंत्री खर्च कर रहे हैं, जबकि गांवों में विकास कार्यों की स्थिति ठीक नहीं है। बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों को पार्टी की नीतियों और संगठनात्मक गतिविधियों को गांव और बूथ स्तर तक पहुंचाने की रणनीति बताई जा रही है। पार्टी का लक्ष्य ब्लॉक अध्यक्षों के माध्यम से स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना और बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करना है। प्रशिक्षण में संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं से संपर्क और चुनावी तैयारियों से जुड़े विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
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छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल: 10वीं-12वीं परीक्षा के आवेदन की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की नवंबर 2026 सत्र की हाईस्कूल (10वीं) और हायर सेकेंडरी (12वीं) परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक छात्र-छात्राएं 10 अक्टूबर 2026 तक सामान्य शुल्क के साथ प्रवेश एवं परीक्षा आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं। जो परीक्षार्थी निर्धारित समय सीमा में आवेदन नहीं कर पाएंगे, उन्हें भी विलंब शुल्क के साथ आवेदन करने का अवसर दिया गया है। 500 रुपए विलंब शुल्क के साथ आवेदन का मौका सामान्य शुल्क के साथ आवेदन की अंतिम तारीख निकलने के बाद परीक्षार्थी 13 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आवेदन जमा कर सकेंगे। इस अवधि में आवेदन करने के लिए 500 रुपए विलंब शुल्क देना होगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। अध्ययन केंद्र से मिलेगी पूरी जानकारी परीक्षा एवं प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित जानकारी के लिए छात्र अपने नजदीकी मान्यता प्राप्त अध्ययन केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। अध्ययन केंद्र पर विद्यार्थियों को आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, शुल्क और परीक्षा से संबंधित अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। वेबसाइट से डाउनलोड करें आवेदन फॉर्म परीक्षा एवं प्रवेश के लिए आवेदन फॉर्म छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। फॉर्म डाउनलोड करने के बाद उसे सावधानीपूर्वक भरना होगा। इसके साथ आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर संबंधित मान्यता प्राप्त अध्ययन केंद्र में जमा करना होगा। छात्र आवेदन जमा करने से पहले फॉर्म में दर्ज सभी जानकारी और जरूरी दस्तावेजों की जांच जरूर कर लें, ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।
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बिलासपुर में राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त लेक्चरर पर जांच के आदेश, 2019 के ट्रांसफर आदेश का पालन नहीं करने का आरोप

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित लेक्चरर प्रवीण कुमार मिश्रा के खिलाफ की गई शिकायत पर जांच के आदेश दिए गए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2019 में ट्रांसफर आदेश जारी होने के बावजूद उन्होंने नई शाला में जॉइन नहीं किया और करीब छह साल से पुरानी शाला में ही पदस्थ हैं। शिकायतकर्ता नीलकमल यादव ने मामले में जिला शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए मिलीभगत का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। 2019 में हुआ था तबादला शिकायत के मुताबिक, स्कूल शिक्षा विभाग ने 1 अक्टूबर 2019 को स्थानांतरण आदेश जारी किया था। इसमें बिल्हा ब्लॉक के सरकंडा स्थित गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ गणित के लेक्चरर प्रवीण कुमार मिश्रा का नाम भी शामिल था। आदेश के तहत उनका तबादला तखतपुर ब्लॉक के घुटकू स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ट्रांसफर आदेश जारी होने के बावजूद उन्होंने नई शाला में कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इसके बाद नीलकमल यादव ने मामले की शिकायत कलेक्टर से की। हाईकोर्ट में चुनौती देने का दावा शिकायत में कहा गया है कि प्रवीण कुमार मिश्रा ने ट्रांसफर आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने संबंधित शिक्षक को विभाग के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने और विभाग को निर्धारित अवधि में उस पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि अदालत की ओर से ट्रांसफर आदेश पर कोई स्थगन आदेश नहीं दिया गया था। इसके बावजूद शिक्षक ने नई शाला में कार्यभार ग्रहण नहीं किया। छह साल तक पुरानी शाला में रहने का आरोप शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि लेक्चरर ने जिला शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों से मिलीभगत कर स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं किया और लगातार पुरानी पदस्थापना वाली शाला में सेवाएं देते रहे। शिकायत में इसे विभागीय आदेश की अवहेलना बताते हुए संबंधित अधिकारियों और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। राज्यपाल पुरस्कार को लेकर भी उठे सवाल मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठाया जा रहा है कि जिस शिक्षक पर शासन के स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं करने का आरोप है, उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए राज्यपाल पुरस्कार कैसे दिया गया। शिक्षा विभाग के जानकार अधिकारियों के मुताबिक, पुरस्कार के लिए नामांकन से पहले संबंधित कर्मचारी की सेवा संबंधी शिकायतों और रिकॉर्ड का परीक्षण किया जाना चाहिए। हालांकि, इस मामले में नामांकन से पहले किस स्तर पर परीक्षण किया गया, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 2019 के स्थानांतरण आदेश के बाद शिक्षक की वास्तविक पदस्थापना और कार्यभार ग्रहण की स्थिति क्या थी तथा विभागीय रिकॉर्ड में इसे किस तरह दर्ज किया गया। जांच अधिकारी बोले- जांच जारी है मामले की जांच कर रहे सीनियर प्राचार्य राघवेंद्र गौरहा ने बताया कि लेक्चरर प्रवीण कुमार मिश्रा के खिलाफ जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि करीब छह साल पहले उनका ट्रांसफर किया गया था, लेकिन शिकायत के अनुसार उन्होंने स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं किया। फिलहाल जांच रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है। ऐसे में आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। छह महीने तक शिकायत लंबित रहने का आरोप शिकायतकर्ता के मुताबिक, 20 फरवरी 2026 को लेक्चरर के खिलाफ शिकायत की गई थी। इसमें कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी। आरोप है कि शिकायत के बाद करीब छह महीने तक मामले में जांच आगे नहीं बढ़ी। इसी अवधि के दौरान संबंधित लेक्चरर का नाम राज्यपाल पुरस्कार के लिए नामित हुआ और उन्हें पुरस्कार भी प्रदान किया गया। शिकायतकर्ता ने इस पर जिला शिक्षा कार्यालय की कार्यप्रणाली और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। CM ऑनलाइन शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई शिकायतकर्ता का दावा है कि 20 फरवरी 2026 की शिकायत पर लंबे समय तक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद CM ऑनलाइन में शिकायतकिए जाने पर विभाग सक्रिय हुआ और मामले में जांच की प्रक्रिया शुरू की गई। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि 2019 के स्थानांतरण आदेश का पालन हुआ था या नहीं और यदि आदेश का पालन नहीं हुआ तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
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छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: स्टार्टअप-NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़, कर्मचारियों की उम्र सीमा 45 साल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में युवाओं, कर्मचारियों, निर्यात और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन के तहत 500 करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सरकारी और संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत दी गई है। अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। वहीं, छत्तीसगढ़ को प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी गई है। स्टार्टअप और NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़ कैबिनेट ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन को मंजूरी दी है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें औपचारिक रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी दी है। नीति के तहत मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना भी नीति का प्रमुख लक्ष्य होगा। नवा रायपुर में 200 करोड़ की लागत से बनेगा NSTI कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए 10 एकड़ शासकीय भूमि केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को मुफ्त उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और हॉस्टल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। NSTI में हर साल दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों के तहत करीब 1,000 प्रशिक्षुओं और अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी। सरकारी कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 45 साल कैबिनेट ने राज्य शासन के स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के साथ निगम-मंडल, स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी है। अब दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष किए जाने का फैसला लिया गया है। सरकार के इस फैसले से संबंधित कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन करने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकेंगे। इसके लिए राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। दुर्ग में बनेगा नया जिला न्यायालय भवन दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण का रास्ता भी कैबिनेट के फैसले से साफ हो गया है। सरकार ने ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों जमीनों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है। इस फैसले के बाद दुर्ग में आधुनिक सुविधाओं से लैस और सुव्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
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न्यूजीलैंड क्रिकेट का बड़ा फैसला, MLC में नहीं करेगा निवेश; NZ20 लीग भी टली

न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में निवेश नहीं करने का फैसला किया है। बोर्ड ने 2027 सीजन से पहले लीग की नई टीम शुरू करने के लिए अमेरिकी कंपनी ट्रू नॉर्थ स्पोर्ट्स (TNS) वेंचर्स के साथ साझेदारी की थी। हालांकि, अब न्यूजीलैंड क्रिकेट घरेलू क्रिकेट और अपने संसाधनों पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है। मेजर लीग क्रिकेट में न्यूजीलैंड के कई प्रमुख खिलाड़ी हिस्सा लेते रहे हैं। इनमें रचिन रवींद्र, फिन एलन, डेवोन कॉनवे, टिम सेफर्ट और लॉकी फर्ग्यूसन जैसे नाम शामिल हैं। अप्रैल 2025 में हुई थी साझेदारी की घोषणा न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अप्रैल 2025 में TNS वेंचर्स के साथ साझेदारी की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत बोर्ड को 2027 में MLC की प्रस्तावित दो नई टीमों में से एक को शुरू करने और संचालित करने में सहयोग देना था। इसके लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट को हाई-परफॉर्मेंस और संचालन से जुड़ी सहायता उपलब्ध करानी थी। हालांकि, अब बोर्ड ने इस योजना से पीछे हटने का निर्णय लिया है। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने कहा- अभी सही समय नहीं न्यूजीलैंड क्रिकेट के CEO ज्योफ एलॉट ने कहा कि उन्हें इस साझेदारी के उद्देश्य और महत्वाकांक्षा पर भरोसा है। उनके मुताबिक, अमेरिकी बाजार में क्रिकेट के विस्तार की काफी संभावनाएं हैं, लेकिन विस्तृत आकलन के बाद बोर्ड को लगता है कि फिलहाल इस दिशा में आगे बढ़ने का सही समय नहीं है। एलॉट ने TNS और MLC के सह-संस्थापक समीर मेहता तथा विजय श्रीनिवासन का अवसर तलाशने में सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड क्रिकेट भविष्य में दोनों के साथ संपर्क बनाए रखेगा। न्यूजीलैंड की NZ20 टी-20 लीग भी टली न्यूजीलैंड में प्रस्तावित पुरुष और महिला टी-20 लीग NZ20 की शुरुआत भी टाल दी गई है। इस लीग की योजना मौजूदा सुपर स्मैश टूर्नामेंट की जगह एक नई प्रतियोगिता शुरू करने की थी। पहले NZ20 को जनवरी 2027 में शुरू करने की योजना थी, लेकिन अब इसकी शुरुआत दिसंबर 2027 तक के लिए टाल दी गई है। इससे न्यूजीलैंड क्रिकेट की घरेलू टी-20 प्रतियोगिता की योजनाओं में भी बदलाव हुआ है।

Zomato-Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal लाएगी Dark.ai, सीक्रेट चैट और प्राइवेसी पर होगा फोकस

जोमैटो और ब्लिंकइट की पैरेंट कंपनी एटरनल (Eternal) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में नया कदम उठाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के प्रमुख दीपिंदर गोयल ने ‘Dark.ai’ नाम के नए AI ऐप के बारे में जानकारी दी है। इसका मुख्य फोकस यूजर्स की प्राइवेसी और संवेदनशील बातचीत की सुरक्षा पर होगा। गोयल के मुताबिक, इस ऐप को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि लोग अपनी निजी बातें, गोपनीय विचार, रिसर्च और जटिल सवाल बिना किसी झिझक के साझा कर सकें। फिलहाल कंपनी के कर्मचारी इसकी टेस्टिंग कर रहे हैं। डेटा सुरक्षा पर जोर, कंपनी भी नहीं पढ़ पाएगी चैट दीपिंदर गोयल ने बताया कि Dark.ai को कंपनी के अपने कंप्यूटर सिस्टम और सुरक्षित तकनीक पर चलाने की योजना है। इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है, ताकि बातचीत को अनधिकृत रूप से पढ़े जाने से बचाया जा सके। ऐप में एक विशेष मेमोरी सिस्टम भी होगा, जिस पर यूजर का नियंत्रण रहेगा। इसके जरिए यूजर अपनी जरूरत के अनुसार पुरानी बातचीत से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रख सकेंगे या हटा सकेंगे। हालांकि, ऐप की सुरक्षा व्यवस्था और डेटा प्रबंधन से जुड़े सभी तकनीकी विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसलिए कंपनी के दावों की वास्तविक सीमा लॉन्च के समय उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट होगी। स्टार्टअप, वैज्ञानिकों और रिसर्चर्स के लिए होगा उपयोगी Dark.ai को खास तौर पर उन लोगों और संस्थानों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जिन्हें संवेदनशील जानकारियों के साथ काम करना पड़ता है। इनमें स्टार्टअप संस्थापक, वैज्ञानिक, रिसर्चर्स, बड़ी कंपनियां और सरकारी कार्यालय शामिल हैं। गोयल के मुताबिक, इस AI को केवल यूजर को खुश करने के लिए जवाब देने के बजाय तथ्यों के आधार पर उत्तर देने के लिए तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसा सिस्टम बनाना है, जो यूजर की बातों से सहमत होने के बजाय अपनी समझ के अनुसार जवाब दे। मौजूदा AI ऐप्स की प्राइवेसी पर उठाए सवाल गोयल ने मौजूदा AI प्लेटफॉर्म्स पर डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि कई सेवाओं में यूजर डेटा सेव न करने का विकल्प चुनने के बाद भी बैकएंड पर जानकारी के प्रबंधन को लेकर स्पष्टता की कमी महसूस हो सकती है। उन्होंने कहा कि आम AI ऐप्स इस्तेमाल करते समय यूजर्स के मन में यह आशंका बनी रह सकती है कि उनकी बातचीत कोई पढ़ सकता है। उनके मुताबिक, इसी तरह का डर और अविश्वास लोगों को AI का पूरी क्षमता से इस्तेमाल करने से रोक सकता है। Dark.ai के जरिए कंपनी इस चिंता को कम करने और यूजर्स को निजी बातचीत के लिए अधिक सुरक्षित माहौल देने की कोशिश कर रही है। इसी साल लॉन्च की तैयारी, कीमत पर फैसला नहीं कंपनी की ओर से ऐप की लॉन्चिंग को लेकर इसी साल की तैयारी का संकेत दिया गया है। हालांकि, इसके काम करने की गति, इस्तेमाल किए जाने वाले AI मॉडल और अन्य तकनीकी विशेषताओं की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐप मुफ्त होगा या इसके लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ेगा, इस बारे में भी कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी है। इससे होने वाली संभावित कमाई को लेकर भी फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और क्विक कॉमर्स सेवा ब्लिंकइट के बाद AI सॉफ्टवेयर क्षेत्र में एटरनल का यह संभावित कदम कंपनी के कारोबार के विस्तार की दिशा में अहम हो सकता है।

eMudhra में तकनीकी गड़बड़ी की जांच के लिए IT मंत्रालय ने बनाई स्पेशल टीम, सरकार बोली- भारतीय वेबसाइट्स और ऐप सुरक्षित

डिजिटल सुरक्षा सेवाएं देने वाली कंपनी ई-मुद्रा (eMudhra) में तकनीकी गड़बड़ी सामने आने के बाद आईटी मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। सरकार के मुताबिक, इस गड़बड़ी का असर कंपनी के विदेशी कारोबार तक सीमित है। भारतीय वेबसाइट्स और ऐप्स की सुरक्षा प्रभावित होने की बात सामने नहीं आई है। सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। मामले की जांच साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से की जा रही है, ताकि गड़बड़ी की वजह और उसके संभावित प्रभाव का पता लगाया जा सके। eMudhra दो तरह की डिजिटल सुरक्षा सेवाएं देती है ई-मुद्रा का कारोबार मुख्य रूप से दो क्षेत्रों में फैला है। पहला, भारत में डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाएं देना। दूसरा, विदेशी वेबसाइट्स के लिए डिजिटल सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी करना। कंपनी से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, हालिया तकनीकी गड़बड़ी उसके विदेशी कारोबार से संबंधित डिजिटल सर्टिफिकेट्स में सामने आई। भारतीय डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाओं पर इसका असर होने की जानकारी नहीं दी गई है। सिस्टम की खराबी से बने कमजोर सुरक्षा कोड ई-मुद्रा के मुताबिक, सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण कुछ कमजोर सुरक्षा कोड बन गए थे। एक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने इस समस्या के बारे में एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मोजिला जैसी बड़ी टेक कंपनियों को अलर्ट किया। चिंता जताई गई कि इन कमजोर कोड का फायदा उठाकर साइबर हमलावर सुरक्षा प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि इन कोड का इस्तेमाल करके वास्तव में कोई हमला हुआ था। गूगल और मोजिला ने प्रभावित सर्टिफिकेट्स पर की कार्रवाई तकनीकी गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद ब्राउजर कंपनियों ने प्रभावित सुरक्षा प्रमाणपत्रों के खिलाफ कदम उठाए। इन कदमों का उद्देश्य प्रभावित प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल से जुड़े जोखिम को सीमित करना है। eMudhra का दावा- ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ ई-मुद्रा ने कहा है कि उसका मुख्य सिस्टम सुरक्षित है और किसी ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ है। कंपनी के अनुसार, जिस विदेशी कारोबार में गड़बड़ी सामने आई, उससे उसकी कुल कमाई का लगभग 1 प्रतिशत हिस्सा आता है। कंपनी प्रभावित विदेशी ग्राहकों को नए और सुरक्षित डिजिटल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भी जुटी है, ताकि उनकी सेवाएं जारी रह सकें। सरकार ने अफवाहों से बचने की अपील की आईटी मंत्रालय ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों के आधार पर घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार की साइबर सुरक्षा टीम और विशेषज्ञ तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, गड़बड़ी के वास्तविक दायरे और संभावित प्रभाव को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
Gold

Gold Price Today: सोने के दाम में बड़ी गिरावट, 10 ग्राम का भाव ₹1.43 लाख पर

सोना (Gold) और चांदी (Silver) खरीदने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। पिछले तीन दिनों में दोनों कीमती धातुओं के भाव में अच्छी-खासी गिरावट आई है। सोना करीब ₹3,000 और चांदी लगभग ₹9,000 तक सस्ती हुई है। ऐसे में शादी-ब्याह के लिए गहने खरीदने या निवेश की योजना बना रहे लोगों की नजर अब बाजार के अगले रुख पर है। 22 अक्टूबर 2026 के बाजार अपडेट के मुताबिक, 10 ग्राम सोने की कीमत करीब ₹1.43 लाख और चांदी का भाव लगभग ₹2.01 लाख प्रति किलो बताया जा रहा है। हालांकि, अलग-अलग बाजारों में कीमतों का अंतर हो सकता है। Gold Rate Today: ₹1.43 लाख पर पहुंचा 10 ग्राम सोना Gold Price में आई गिरावट से खरीदारों को कुछ राहत जरूर मिली है। बीते तीन दिनों में भाव करीब ₹3,000 नीचे आने से उन लोगों के लिए खरीदारी का मौका बन सकता है, जो लंबे समय से कीमतें कम होने का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, सोना खरीदने से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर पता कर लें। 24 कैरेट सोने की कीमत और गहने बनाने में इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने के भाव में अंतर होता है। इसके अलावा ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और GST भी देना पड़ता है। Silver Rate Today: चांदी ₹9,000 तक हुई सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। पिछले तीन दिनों में चांदी करीब ₹9,000 तक सस्ती हुई है और इसका भाव लगभग ₹2.01 लाख प्रति किलो के स्तर पर बताया जा रहा है। चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर उन ग्राहकों पर भी पड़ता है, जो त्योहारों पर चांदी के सिक्के, बर्तन या दूसरे सामान खरीदते हैं। हालांकि, खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार में चांदी का ताजा भाव और शुद्धता की जानकारी लेना जरूरी है। सोना-चांदी के दाम क्यों गिर रहे हैं? Gold or Silver की कीमतें केवल घरेलू मांग से तय नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव, डॉलर की चाल, रुपये की स्थिति और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदें भी इनके भाव पर असर डालती हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतें कमजोर होती हैं, तो भारतीय बाजार में भी इसका असर दिखाई दे सकता है। इसके अलावा मुनाफावसूली के कारण भी कीमतों में गिरावट आ सकती है। हालांकि, बाजार में आई गिरावट की किसी एक वजह को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। कीमतों की चाल कई आर्थिक और वैश्विक कारकों पर निर्भर करती है। क्या अभी सोना और चांदी खरीदना सही रहेगा? अगर आप शादी या त्योहार के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा गिरावट आपके लिए राहत की बात हो सकती है। लेकिन केवल तीन दिन की गिरावट देखकर यह मान लेना ठीक नहीं है कि आगे भी भाव लगातार कम होंगे। खरीदारी से पहले अलग-अलग ज्वेलर्स के रेट की तुलना करें। सोने पर हॉलमार्क और शुद्धता की जांच करें तथा बिल में मेकिंग चार्ज और GST का पूरा विवरण देखें। निवेश के लिहाज से भी जल्दबाजी करने के बजाय अपने बजट और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना बेहतर है। आगे Gold-Silver Price में क्या बदलाव हो सकता है? आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख, अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों से जुड़ी खबरें और रुपये की चाल सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में भाव में फिर तेजी आने या गिरावट जारी रहने, दोनों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कुल मिलाकर, तीन दिनों में सोने और चांदी के दाम में आई गिरावट ने खरीदारों को थोड़ी राहत दी है। अगर आप आज खरीदारी करने जा रहे हैं, तो पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जांच लें, क्योंकि बाजार भाव और ज्वेलरी की अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Amit Shah

Amit Shah Statement: धरने से कुछ नहीं होगा, जनता के बीच जाएं- विपक्ष को शाह की सलाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ धरना-प्रदर्शन करने से जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता। अगर विपक्ष को राजनीति में आगे बढ़ना है, तो उसे जनता के बीच जाकर काम करना होगा। शाह ने कांग्रेस को लेकर दावा किया कि पार्टी अगले 30 साल तक सत्ता में नहीं लौट पाएगी। उन्होंने अपने बयान में राहुल गांधी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी राजनीति और विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों पर सवाल उठाए। अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और कथित वोट चोरी को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच सियासी टकराव जारी है। कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग से जवाब मांग रही है, जबकि भाजपा विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक हताशा से जोड़ रही है। Amit Shah Statement: कांग्रेस पर क्यों बरसे गृह मंत्री? अमित शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव जीतने के लिए केवल विरोध प्रदर्शन करना काफी नहीं है। राजनीतिक दलों को जनता की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए काम करना चाहिए। शाह के मुताबिक, विपक्ष को अपनी चुनावी हार की वजहों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पार्टी की मौजूदा राजनीति उसे लंबे समय तक सत्ता से दूर रख सकती है। हालांकि, कांग्रेस के अगले 30 साल तक सत्ता में नहीं आने का बयान अमित शाह का राजनीतिक दावा है। इसे किसी निश्चित चुनावी नतीजे के तौर पर नहीं देखा जा सकता। Rahul Gandhi का नाम लिए बिना क्या बोले अमित शाह? अमित शाह ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना विपक्ष के धरने और प्रदर्शनों पर टिप्पणी की। उनके बयान को कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग के खिलाफ उठाए जा रहे सवालों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। शाह का कहना है कि विपक्ष को जनता के बीच जाकर अपना समर्थन बढ़ाना चाहिए। केवल आरोप लगाने या सड़कों पर उतरने से चुनावी राजनीति में सफलता नहीं मिलती। दूसरी तरफ, कांग्रेस का तर्क है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। पार्टी और INDIA गठबंधन के नेता मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। Vote Chori और SIR पर भाजपा-विपक्ष में टकराव देश की राजनीति में वोट चोरी और SIR यानी Special Intensive Revision का मुद्दा लगातार चर्चा में है। राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि इन मामलों में स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। वहीं, भाजपा इन आरोपों को खारिज करती रही है और विपक्ष पर चुनावी हार के बाद संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाती है। इस विवाद में दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की सच्चाई समझने के लिए आधिकारिक आंकड़ों, चुनाव आयोग के जवाब और उपलब्ध प्रमाणों को देखना जरूरी है। चुनाव आयोग को लेकर भी जारी है सियासी लड़ाई मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों का विरोध पहले भी सामने आ चुका है। विपक्ष ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों पर जवाब मांगा है। वहीं, भाजपा का कहना है कि चुनावी नतीजों को लेकर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय विपक्ष को अपनी रणनीति पर ध्यान देना चाहिए। इस मुद्दे ने भाजपा और INDIA गठबंधन के बीच राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। आने वाले समय में यह विवाद चुनावी भाषणों और विपक्षी अभियानों में भी अहम भूमिका निभा सकता है। Amit Shah ने AAP पर भी साधा निशाना अमित शाह ने अपने संबोधन में आम आदमी पार्टी (AAP) की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने विपक्षी दलों को सलाह दी कि वे आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर जनता के लिए काम करें। दिल्ली की राजनीति में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच लंबे समय से टकराव रहा है। ऐसे में शाह का बयान विपक्ष पर राजनीतिक दबाव बनाने के साथ-साथ भाजपा के चुनावी संदेश को मजबूत करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। आगे क्या होगा? कांग्रेस के सामने क्या चुनौती है? अमित शाह के बयान से साफ है कि भाजपा कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। दूसरी ओर, कांग्रेस चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगने की अपनी रणनीति पर कायम है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि विपक्ष अपने आरोपों के समर्थन में क्या तथ्य सामने रखता है और चुनाव आयोग इन सवालों पर क्या जवाब देता है। साथ ही, यह भी देखना होगा कि इन मुद्दों का आने वाले चुनावों में मतदाताओं पर कितना असर पड़ता है। फिलहाल, अमित शाह का 30 साल वाला बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। लेकिन आखिरकार चुनाव में किसे जनता का समर्थन मिलेगा, इसका फैसला मतदाता ही करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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