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गृहमंत्री अमित शाह ने दी थी Hidma को खत्म करने की डेडलाइन, 12 दिन पहले ही ढेर

गृहमंत्री अमित शाह ने दी थी Hidma को खत्म करने की डेडलाइन, 12 दिन पहले ही ढेर

भारत सरकार की कड़ी कार्रवाई और मजबूत इंटेलिजेंस ऑपरेशन के बाद देश के सबसे खतरनाक नक्सली कमांडर Hidma को आखिरकार सुरक्षा बलों ने मार गिराया। कहा जाता है कि गृहमंत्री अमित शाह ने हिड़मा को खत्म करने की एक समयसीमा (Deadline) तय की थी, और उससे 12 दिन पहले ही यह बड़ी सफलता मिल गई। हिड़मा वही नाम है, जिसके नाम से जंगल का बच्चा-बच्चा डरता था। वह 2010 में दांतेवाड़ा में हुए हमले का मुख्य आरोपी था, जिसमें 76 CRPF जवान शहीद हो गए थे। इस हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हुए थे। यही वजह थी कि हिड़मा नक्सली दुनिया का सबसे वांछित चेहरा बन गया। सरकार, सुरक्षा एजेंसियां और स्पेशल फोर्सेज लगातार हिड़मा का पीछा कर रही थीं। कई सालों तक वह घने जंगलों, पहाड़ी इलाकों और स्थानीय नेटवर्क की मदद से बचता रहा। लेकिन इस बार केंद्रीय एजेंसियों ने सटीक जानकारी जुटाई और संयुक्त ऑपरेशन में उसे ढेर कर दिया। इस सफलता के बाद सुरक्षा बलों का मनोबल और भी मजबूत हुआ है और नक्सल समस्या पर एक ऐतिहासिक प्रहार माना जा रहा है। अब सरकार का लक्ष्य बचे हुए नेटवर्क को भी पूरी तरह खत्म करना है ताकि बस्तर, छत्तीसगढ़ और आस-पास के इलाकों में शांति और विकास का रास्ता तेज हो सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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छत्तीसगढ़ में पहली बार देशभर के डीजीपी-आईजीपी का सबसे बड़ा सम्मेलन, नवा रायपुर में होगी रणनीति तय

छत्तीसगढ़ में पहली बार देशभर के पुलिस महानिदेशक (DGP) और महानिरीक्षक (IGP) का सबसे बड़ा मंच आयोजित होने जा रहा है। 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में 60वां अखिल भारतीय DGP-IGP सम्मेलन होगा। यह राज्य के लिए बेहद गर्व का मौका माना जा रहा है। तीन दिन चलेगा मंथन, शाह और मोदी रहेंगे मौजूद सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हिस्सा लेंगे, जबकि समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय मिश्रा ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा इस राष्ट्रीय स्तर की बैठक में आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी— इस बार खास फोकस नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर बस्तर पर रहेगा। हाल के महीनों में राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त कार्रवाई ने कई बड़ी सफलताएं दी हैं। इसी “बस्तर मॉडल” को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने पर भी बात होगी। बस्तर मॉडल को और मजबूत करने पर जोर अधिकारियों के अनुसार, हाल ही के ऑपरेशनों में सफल होने के पीछे बेहतर ग्राउंड इंटेलिजेंस, आधुनिक हथियार और संयुक्त ऑपरेशन मुख्य वजह रहे हैं। सम्मेलन में आगे की रणनीति का ब्लूप्रिंट तैयार किए जाने की संभावना है। भुवनेश्वर के बाद अब छत्तीसगढ़ को मिली मेजबानी साल 2024 में यह सम्मेलन भुवनेश्वर में हुआ था। इस बार पहली बार इसकी मेजबानी छत्तीसगढ़ कर रहा है, जो राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। एक महीने में पीएम का दूसरा दौरा प्रधानमंत्री मोदी नवंबर में दूसरी बार छत्तीसगढ़ आएंगे। इससे पहले 1 नवंबर को वे राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। अब वे 28-30 नवंबर को होने वाले इस बड़े सुरक्षा सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे नवा रायपुर में बनेगा अस्थायी पीएमओ सम्मेलन के दौरान नवा रायपुर में बंगला M-01 को अस्थायी मिनी PMO में बदल दिया जाएगा। यह बंगला विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का आवास है। 500 से ज्यादा शीर्ष अधिकारी होंगे शामिल इस बड़े आयोजन में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, NSA अजित डोभाल, 70 DG, पैरामिलिट्री चीफ और कुल 500 शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। सुरक्षा के लिए NSG कमांडो तैनात किए जाएंगे और VVVIP मूवमेंट के लिए 400 वाहनों का बेड़ा तैयार रहेगा। छत्तीसगढ़ में होने वाला यह सम्मेलन न सिर्फ सुरक्षा रणनीतियों को मजबूत करेगा, बल्कि राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान भी देगा। और खबरों के लिए विजिट करें –www.deshharpal.com
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बिलासपुर रेल हादसा: एक और छात्रा की मौत, अब तक 12 लोगों की जान गई

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल हादसे में घायल कॉलेज छात्रा महविश परवीन (19) ने एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या 12 पहुंच गई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल थी छात्रा महविश बिलासपुर के डीपी विप्र कॉलेज में बीएससी गणित की नियमित छात्रा थी। वह जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा की रहने वाली थी और बिलासपुर में रहकर पढ़ाई करती थी।4 नवंबर को वह रिश्तेदार की शादी में शामिल होकर घर से कोरबा-बिलासपुर मेमू ट्रेन से लौट रही थी। लालखदान स्टेशन के पास यह ट्रेन मालगाड़ी से टकरा गई। महविश ट्रेन के महिला कोच में सवार थी। टक्कर इतनी तेज थी कि उसके दोनों पैर लोहे के एंगल के नीचे दब गए और कई जगह फ्रैक्चर हो गए। झटके के कारण उसकी कॉलर बोन और पसलियों की चार हड्डियां भी टूट गईं। घटना के तुरंत बाद उसे सिम्स लाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर अपोलो अस्पताल रेफर किया गया। एक सप्ताह तक जिंदगी से लड़ती रही, फिर मौत ने छीन ली जिंदगी अपोलो अस्पताल में डॉक्टर लगातार उसका इलाज कर रहे थे, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती गई।मंगलवार रात इलाज के दौरान महविश ने अंतिम सांस ली। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जो उसे लेकर अकलतरा रवाना हो गए। दिल की मरीज रह चुकी थी महविश, भाई की शादी में गई थी घर महविश के चाचा मोहम्मद रहमान ने बताया कि बचपन में उसे हृदय संबंधी बीमारी थी और रायपुर के एस्कॉर्ट अस्पताल में उसकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी। इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी थी।12वीं के बाद उसे बिलासपुर के डीपी विप्र कॉलेज में दाखिला दिलाया गया था।वह अपने चचेरे भाई की शादी के लिए घर गई थी — शादी 2 नवंबर को हुई थी और 4 नवंबर को वह बिलासपुर लौट रही थी, तभी यह हादसा हो गया। मुआवजे के लिए फर्जी दावा करने की कोशिश का खुलासा इस बीच, सोमवार को एक अन्य व्यक्ति पवन गढ़ेवाल को मृत अवस्था में सिम्स लाया गया।साथ आए लोगों ने दावा किया कि वह भी इसी रेल हादसे में घायल था। लेकिन पुलिस जांच में पता चला कि पवन की कोई मेडिकल हिस्ट्री या इलाज का रिकॉर्ड नहीं मिला।सीएसपी गगन कुमार ने बताया कि मुआवजे के लिए उसकी मौत को रेल हादसे से जोड़ने की कोशिश की जा रही थी। रेल हादसे की जांच अब भी जारी है, जबकि मृतकों के परिजनों को मुआवजा और घायलों के इलाज की जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन ने ली है। 🔗 अधिक जानकारी और अपडेट के लिए देखें: www.deshharpal.com — सच्ची खबरें, संवेदनशील अंदाज में
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बिलासपुर में हाईकोर्ट वकील की संदिग्ध मौत: परिजनों और अधिवक्ताओं ने उठाए पुलिस जांच पर सवाल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाईकोर्ट के वकील राहुल अग्रवाल की रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस इसे आत्महत्या या हादसा बता रही है, लेकिन परिवार और साथी वकील इसे संदिग्ध मान रहे हैं। अब वकीलों ने कलेक्टर और एसएसपी से मिलकर विशेष जांच टीम (Special Investigation Team) बनाने की मांग की है। घटना की रात घर नहीं लौटे राहुल, 22 घंटे बाद नदी में मिला शव जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय वकील राहुल अग्रवाल 10 नवंबर की रात करीब एक बजे अपने साथी वकील के घर से निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। अगले दिन उनकी बाइक पुराने अरपा पुल के पास संदिग्ध हालत में खड़ी मिली। इसके करीब 22 घंटे बाद राहुल की लाश अरपा नदी से बरामद हुई। उनके शरीर पर चोट के निशान पाए गए, जिससे मामला और भी रहस्यमय बन गया। वकीलों ने जताई हत्या की आशंका वकीलों का कहना है कि यह न तो आत्महत्या है और न ही कोई साधारण हादसा। उनके अनुसार, यह किसी “संदेहास्पद या अप्राकृतिक कारण” से हुई मौत है। अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस की जांच कई सवालों के जवाब नहीं दे पा रही है, जिससे परिवार और कानूनी समुदाय दोनों ही असंतुष्ट हैं। स्पेशल टीम से जांच की मांग अधिवक्ताओं के एक दल ने कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण किया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। घटना से पहले क्या हुआ था राहुल अग्रवाल, जो मूल रूप से भाटापारा के रहने वाले थे, पिछले 7-8 साल से बिलासपुर के मंगला स्थित ग्रीन गार्डन कॉलोनी में रह रहे थे। 6 नवंबर को वे हाईकोर्ट में प्रेक्टिस के लिए गए थे। शाम को नेहरू चौक पर अपने दोस्त मुकेश राठिया से मिले, फिर दोनों सिरगिट्टी स्थित महिंद्रा शोरूम से कार लेकर ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी की। इसके बाद वे मुकेश के मोपका स्थित घर गए, जहां एक और दोस्त अभिषेक आचार्य भी थोड़ी देर के लिए आया। इसके बाद राहुल घर नहीं लौटे, और अगली सुबह उनकी लाश नदी में मिली। 👉 ऐसी और खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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बिलासपुर में हाईकोर्ट वकील ने अरपा पुल से लगाई छलांग, प्रेमिका की सगाई से था दुखी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील राहुल अग्रवाल (30) ने अरपा नदी पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि राहुल अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता था, लेकिन उसकी सगाई किसी और से हो गई, जिससे वह मानसिक तनाव में था। यह घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। गुरुवार रात से लापता, शुक्रवार को नदी में मिला शव राहुल अग्रवाल भाटापारा का रहने वाला था और पिछले कई सालों से बिलासपुर की ग्रीन गार्डन कॉलोनी, मंगला में रह रहा था। गुरुवार को वह रोज़ की तरह हाईकोर्ट गया था। शाम को उसने अपने दोस्त मुकेश राठिया से मुलाकात की और दोनों ने सिरगिट्टी और ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में साथ समय बिताया। देर रात 1.30 बजे राहुल ने घर जाने की बात कही और बाइक से निकल गया, लेकिन घर नहीं पहुंचा। सुबह जब राहुल का फोन बंद मिला तो परिजनों को शक हुआ। उन्होंने सिविल लाइन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तलाश शुरू की और रामसेतु ब्रिज पर राहुल की बाइक लावारिस हालत में खड़ी मिली। इसके बाद उसके नदी में कूदने की आशंका जताई गई। अरपा नदी से बरामद हुआ शव शुक्रवार की रात करीब 10.30 बजे कुछ युवकों ने अरपा नदी में एक शव देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची सिटी कोतवाली पुलिस और SDRF टीम ने रात करीब 1 बजे शव को बाहर निकाला। दोस्तों ने टी-शर्ट देखकर शव की पहचान राहुल अग्रवाल के रूप में की। प्रेमिका की सगाई से टूट गया था राहुल पुलिस जांच में पता चला कि राहुल का एक लड़की से प्रेम संबंध था और वह उससे शादी करना चाहता था। लेकिन लड़की के परिवार ने उसकी सगाई किसी और जगह तय कर दी, जिससे राहुल गहरे तनाव में था।परिवार और दोस्तों का कहना है कि यही कारण हो सकता है कि उसने यह कदम उठाया। पढ़ाई और करियर राहुल ने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई (2013–2018) की थी। कुछ साल तक वह एक महिला वकील के साथ एसोसिएट के रूप में काम करता रहा, बाद में उसने स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस शुरू की थी। पुलिस जांच जारी सिटी कोतवाली टीआई देवेश सिंह राठौर ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है, और रिपोर्ट आने के बाद ही सटीक कारणों का पता चल सकेगा। 🔸 For more such news and updates, visit www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ सरकार NEET-PG में 25 लाख रुपए की NOC शर्त बदल सकती है – छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ में NEET-PG स्टेट काउंसलिंग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार उन नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है, जिनके तहत सरकारी सेवा कर रहे डॉक्टरों को NOC के लिए 25 लाख रुपए की जमीन या FD बतौर सुरक्षा जमा करनी पड़ती है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल ने बताया कि, “यह नियम पिछली सरकार के समय लागू किया गया था। वर्तमान सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है। छात्रों से भी इस संबंध में चर्चा हुई है। प्रक्रिया शुरू हो गई है और जल्द ही सभी के हित में समाधान निकाला जाएगा।” 25 लाख रुपए की शर्त से छात्रों की मुश्किलें बढ़ीं NEET-PG में चयनित कई सरकारी डॉक्टर इस शर्त के कारण आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। कई के पास इतनी संपत्ति या नकदी नहीं है कि वे बॉन्ड की शर्त पूरी कर सकें। डॉ लक्ष्य शर्मा, जो पिछले 7 महीने से सुकमा में ड्यूटी कर रहे हैं, ने बताया — “मेरी NEET में 20,000 रैंक आई है। मैं पीजी करना चाहता हूं, लेकिन गांव की जमीन पर पहले से लोन है और FD के लिए पैसे नहीं हैं। माता-पिता ने कह दिया कि इतनी बड़ी रकम नहीं दे सकते, इसलिए पढ़ाई छोड़ दो।” वहीं अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज की डॉ आफरीन खान ने कहा, “हम दो साल की बॉन्ड पोस्टिंग की शर्त पूरी करने को तैयार हैं। मैंने एक साल पूरा भी कर लिया है, लेकिन 25 लाख की संपत्ति जुटाना हमारे लिए असंभव है।” डॉक्टर फेडरेशन ने कहा – नियम संविधान के खिलाफ छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन ने इस नियम को आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के खिलाफ बताया है। संगठन का कहना है कि यह शिक्षा के अधिकार और समान अवसर के संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत है।फेडरेशन ने मांग की है कि आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों के लिए नोटरी कृत एफिडेविट को वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों की प्रमुख मांगों पर जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 🔗 For more such updates, visit:www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़: कॉलेज छात्रा के साथ दोस्ती के बहाने दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाकर करता रहा ब्लैकमेल, युवती हुई प्रेग्नेंट तो कराया गर्भपात

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सूरजपुर के रहने वाले एक युवक ने कॉलेज छात्रा से पहले दोस्ती की, फिर प्यार और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने युवती का अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया और लगातार शारीरिक शोषण करता रहा। जब युवती गर्भवती हुई, तो युवक ने धमकाकर उसका गर्भपात करा दिया। पुलिस ने अब आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता, प्यार और शादी का झांसा बना जाल सरकंडा थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय छात्रा ने बताया कि करीब एक साल पहले उसकी पहचान सूरजपुर के मानपुर थाना क्षेत्र के जामा मस्जिद के पास रहने वाले साजिद अहमद (25) से हुई थी। साजिद भी सरकंडा में किराए के मकान में रहता था। सोशल मीडिया के जरिए दोनों की बात शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। किराए के घर में किया दुष्कर्म, छिपकर बनाया वीडियो फरवरी महीने में साजिद ने युवती को घूमाने के बहाने अपने किराए के घर बुलाया, जहां शादी का झूठा वादा कर उसने उसके साथ दुष्कर्म किया और मोबाइल से उसका अश्लील वीडियो बना लिया। 40 फोटो और वीडियो से करता रहा ब्लैकमेल आरोपी ने युवती के करीब 40 फोटो और वीडियो बनाकर धमकाना शुरू कर दिया। वह कहता था कि अगर उसने बात नहीं मानी तो ये वीडियो सोशल मीडिया और उसके परिचितों को भेज देगा। डर के कारण युवती लगातार उसके झांसे में आती रही और इसी दौरान वह प्रेग्नेंट हो गई। शादी का दबाव डालने पर कराया गर्भपात, दी जान से मारने की धमकी जब युवती ने शादी का दबाव बनाया तो आरोपी ने धमकाकर उसका गर्भपात करा दिया और बाद में जान से मारने की धमकी दी। मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुकी युवती ने आखिरकार अपनी मां को सारी बात बताई। फिर दोनों ने मिलकर सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार टीआई निलेश पांडेय ने बताया कि पुलिस ने आरोपी साजिद अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और धमकी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। For more information and latest updates, visit: www.deshharpal.com
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बिलासपुर में पूर्व पार्षद पति से विवाद के बाद युवक की मौत, एक महीने बाद होनी थी शादी

बिलासपुर शहर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। पूर्व पार्षद पति पूर्णानंद चंद्रा और युवक सिद्धार्थ पांडेय के बीच हुए विवाद के बाद युवक की अचानक मौत हो गई। यह मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि विवाद के बाद सिद्धार्थ घर लौटा, जहां सीने में दर्द उठने पर उसकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। पैसों के विवाद से जुड़ा था झगड़ा जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच पैसों या जमीन के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार रात बंगालीपारा निवासी सिद्धार्थ और पूर्णानंद के बीच फिर से झगड़ा हुआ। आरोप है कि पूर्व पार्षद पति ने सिद्धार्थ से धक्का-मुक्की और मारपीट की। शिकायत लेकर पहुंचा था थाने, नहीं हुई कार्रवाई घटना के बाद सिद्धार्थ सरकंडा थाने पहुंचा और पुलिस से शिकायत की, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने उसे मेडिकल जांच कराने को कहा, पर उसने मना कर दिया।इसके बाद वह घर लौट आया और थोड़ी देर बाद सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। परिवार वाले उसे अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। शादी से पहले मौत ने तोड़ा परिवार का दिल सिद्धार्थ पांडेय की एक महीने बाद शादी होने वाली थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। परिवार खुशियों में डूबा था, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने सबको सदमे में डाल दिया। जमीन और पैसों का पुराना विवाद शहर में चर्चा है कि सिद्धार्थ और पूर्णानंद चंद्रा के बीच जमीन के सौदे और पैसों के लेनदेन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।बताया गया है कि एक सप्ताह पहले भी दोनों में कहासुनी हुई थी। सिद्धार्थ ने जान से मारने की धमकी मिलने के बाद थाने में लिखित आवेदन दिया था, जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस बोली – हार्ट अटैक से हुई मौत सीएसपी निमितेश सिंह परिहार ने बताया कि प्राथमिक जांच में युवक की मौत हार्ट अटैक से होना सामने आई है।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी चोट के निशान नहीं मिले, हालांकि बिसरा जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और परिजनों के आरोपों की भी पुष्टि की जा रही है। अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ के वीर पुलिसकर्मियों की कहानियां: नक्सली से इंस्पेक्टर बने संजय पोटाम से लेकर जांबाज अफसरों का साहस

छत्तीसगढ़ में 11 पुलिस अफसर और जवानों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इनमें दंतेवाड़ा में तैनात इंस्पेक्टर संजय पोटाम का नाम भी शामिल है। कभी नक्सलियों के खेमे में रहकर काम करने वाले संजय ने अत्याचार से तंग आकर आत्मसमर्पण किया और फिर पुलिस में शामिल होकर नक्सलियों के खिलाफ मोर्चा संभाला। संजय ने पहले पुलिस के लिए गुप्त सैनिक के रूप में काम शुरू किया। लगातार अभियानों में बहादुरी दिखाने के बाद वह कॉन्स्टेबल बने और सात साल में पाँच बार प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर के पद तक पहुंचे। नक्सलियों के तौर-तरीकों की उनकी गहरी समझ ने कई ऑपरेशनों में पुलिस को बड़ी सफलता दिलाई। रणनीति को उनके खिलाफ किया इस्तेमाल संजय ने नक्सलियों के बीच रहकर उनकी रणनीतियां और भागने के रास्ते समझे। जब वह पुलिस के साथ ऑपरेशन पर गए, तो इन्हीं जानकारियों का इस्तेमाल कर नक्सलियों को मात दी, जिससे कम नुकसान में बड़ी जीत मिली। दो महिला नक्सलियों को किया ढेर इंस्पेक्टर चैतराम गुरुपंच ने बताया कि 14 मार्च 2003 को कटे कल्याण इलाके में नक्सलियों के एंबुश में फंसने के बाद जवाबी कार्रवाई में दो महिला नक्सलियों को मार गिराया गया। IED ब्लास्ट में घायल हुए जवान को बचाया हेड कॉन्स्टेबल दिनेश भास्कर ने एक ऑपरेशन में वीरता दिखाई, जब IED ब्लास्ट में एक आरक्षक के दोनों पैर उड़ गए। खतरनाक हालात में भी उन्होंने मोर्चा संभाला। रायपुर के इंस्पेक्टर भुनेश्वर कुमार साहू का साहस निरीक्षक साहू को भी वीरता पदक मिला। उन्होंने नक्सलियों से घिरे होने के बावजूद अपनी टीम का मनोबल बनाए रखा और जवाबी कार्रवाई में नेतृत्व किया। अब तक वह 25 से अधिक सफल नक्सल अभियानों का नेतृत्व कर चुके हैं। और खबरें पढ़ें: www.deshharpal.com
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बिलासपुर में सिटी बस सेवा बंद होने पर हाईकोर्ट नाराज़, कलेक्टर और कमिश्नर से मांगा शपथपत्र

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शहर में सिटी बस सेवा बंद होने पर कड़ी नाराज़गी जताई है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने परिवहन सचिव से पूछा कि उन्होंने शपथपत्र में बसों को चालू बताकर झूठी जानकारी क्यों दी। इस पर परिवहन सचिव ने बताया कि उन्हें यह जानकारी नगर निगम से मिली थी। कोर्ट ने कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर को निर्देश दिया है कि बसों की वैकल्पिक व्यवस्था होने तक उठाए गए कदम और सिटी बस सेवा का रोडमैप प्रस्तुत करें। कोर्ट में सवाल-जवाब गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान परिवहन सचिव एस प्रकाश हाईकोर्ट में मौजूद रहे। चीफ जस्टिस ने उनसे पूछा कि शपथपत्र में छह में से पांच सिटी बसें चालू होने का उल्लेख क्यों किया गया, जबकि हकीकत में बसें बंद हैं। सचिव ने बताया कि बिलासपुर नगर निगम कमिश्नर ने 18 जुलाई को पत्र भेजकर उन्हें यह जानकारी दी थी, उसी आधार पर शपथपत्र दिया गया। भुगतान न होने से बंद हुई सेवा परिवहन सचिव ने कोर्ट को बताया कि नगर निगम के सचिव (कमिश्नर) ने जानकारी दी कि बस ऑपरेटर्स को भुगतान नहीं होने के कारण सिटी बस सेवा बंद हो गई है। राज्य सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि जल्द वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी और इस संबंध में शपथपत्र भी प्रस्तुत किया जाएगा। कलेक्टर और कमिश्नर से व्यक्तिगत शपथपत्र की मांग सुनवाई में नगर निगम के वकील ने कहा कि निगम जल्द कदम उठाकर सिटी बस सेवा बहाल करेगा। इस पर हाईकोर्ट ने कलेक्टर (समिति अध्यक्ष) और नगर निगम कमिश्नर (समिति सचिव) से व्यक्तिगत शपथपत्र देने के निर्देश दिए, जिसमें वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना का उल्लेख हो। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी। 📢 ऐसी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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बिलासपुर “बादाम कांड” के बाद नया विवाद: NOC के बदले पैसे मांगने का आरोप, वीडियो वायरल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चर्चित “बादाम कांड” के बाद एक बार फिर हाउसिंग बोर्ड का दफ्तर सुर्खियों में है। इस बार वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें उन पर NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के बदले पैसे मांगने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, वीडियो में पूनम बंजारे खुद इन आरोपों से इनकार करती नजर आ रही हैं। वहीं, ऑफिस में बहस और हंगामा भी साफ दिखाई दे रहा है। फिलहाल इस मामले में किसी भी पक्ष ने आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। नामांतरण के लिए लोगों को काटने पड़ रहे चक्कर जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के ऑफिस में मकान और फ्लैट खरीदने के बाद नामांतरण (ट्रांसफर) के लिए लोगों को महीनों तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नियमों के अनुसार आवेदन देने के बाद भी फाइलें लंबित रखी जा रही हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। एक महिला ने बताया कि उसने 17 मार्च 2025 को नामांतरण के लिए आवेदन किया था। 11 नवंबर 2025 को आदेश जारी होने के बाद भी उसे राहत नहीं मिली। वीडियो में क्या दिखा? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक महिला पूनम बंजारे पर NOC देने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगा रही है। वहीं, पूनम बंजारे इन आरोपों से साफ इनकार करती दिखती हैं। वीडियो बनते देख वह नाराज हो जाती हैं और ऑफिस में हंगामा करती नजर आती हैं। अधिकारी बोले – शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई हाउसिंग बोर्ड के संपदा अधिकारी एसके शर्मा ने कहा कि उन्हें इस वायरल वीडियो की जानकारी नहीं है।उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में कोई शिकायत आती है, तो नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी। “बादाम कांड” से पहले ही चर्चा में था दफ्तर इससे पहले भी यही हाउसिंग बोर्ड ऑफिस “बादाम कांड” को लेकर चर्चा में आया था। दरअसल, एक युवक तरुण साहू ने नामांतरण के लिए आवेदन किया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी उसकी फाइल उसे नहीं दी गई और वह महीनों तक ऑफिस के चक्कर लगाता रहा। आखिरकार परेशान होकर युवक आधा किलो बादाम लेकर ऑफिस पहुंचा और अधिकारियों की टेबल पर फेंकते हुए कहा—“इसे खाइए, याददाश्त बढ़ेगी… जब मेरी फाइल मिल जाए, तो बता दीजिए।” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। 👉 ऐसी ही जमीनी और सच्ची खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
RBI

RBI ने बदले Auto Debit नियम अब बैंक खाते से पैसे कटने से पहले मिलेगा अलर्ट और ज्यादा कंट्रोल

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने auto-debit यानी e-mandate नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव सीधे उन करोड़ों लोगों को प्रभावित करेगा जो EMI, SIP, OTT subscriptions, insurance premium या ऑनलाइन बिल पेमेंट के लिए auto-debit का इस्तेमाल करते हैं। नया सिस्टम डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने के साथ-साथ ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लाया गया है। RBI ने Auto-Debit नियमों में क्या बदला? RBI के नए e-mandate framework के तहत recurring payments को लेकर प्रक्रिया को अपडेट किया गया है, ताकि ग्राहकों को बेहतर सुविधा और कंट्रोल मिल सके। ₹15,000 तक के पेमेंट पर OTP की जरूरत नहीं अब ₹15,000 तक की recurring payments जैसे OTT subscription, मोबाइल बिल, बिजली-पानी बिल आदि पर हर बार OTP डालने की जरूरत नहीं होगी। इससे छोटे-मोटे डिजिटल पेमेंट बिना रुकावट अपने आप हो जाएंगे। बड़ी ट्रांजैक्शन पर सुरक्षा बनी रहेगी ₹15,000 से ज्यादा की किसी भी auto-debit ट्रांजैक्शन पर OTP या अतिरिक्त verification पहले की तरह जरूरी रहेगा। जरूरी सेवाओं के लिए ₹1 लाख तक की सुविधा Insurance premium, mutual fund SIP और credit card बिल जैसे जरूरी payments में ₹1 लाख तक की auto-debit सुविधा मिल सकती है। पेमेंट से पहले 24 घंटे का अलर्ट अनिवार्य अब किसी भी auto-debit से पहले बैंक या कंपनी को ग्राहक को कम से कम 24 घंटे पहले सूचना (notification) देना जरूरी होगा। आम लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा? नए नियमों का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखेगा: EMI और SIP जैसी जरूरी सेवाएं बिना रुकावट चलेंगीOTT और subscription payments आसान हो जाएंगेगलत या unauthorized debit का खतरा कम होगाहर transaction की पहले से जानकारी मिलेगीयूजर्स को अपने पैसों पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

सागर में दिल्ली नंबर कार से अवैध शराब बरामद: हादसे के बाद खुला राज, एक गिरफ्तार, 3 फरार

मध्यप्रदेश के सागर जिले में गढ़ाकोटा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली नंबर की कार से अवैध शराब बरामद की है। खास बात यह है कि यह पूरा मामला एक सड़क हादसे के बाद सामने आया। पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात सूचना मिली थी कि चनौआ खुर्द के पास बरखेड़ा गौतम मार्ग पर एक क्षतिग्रस्त कार सड़क किनारे खड़ी है और उसका चालक अंदर फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। तलाशी में मिली 9 पेटी देशी शराब जब पुलिस ने कार की तलाशी ली, तो अंदर से 9 पेटी देशी शराब बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कार और शराब को जब्त कर लिया। पकड़े गए चालक ने अपना नाम जोगेंद्र पिता वीरसिंह राजपूत बताया है। हादसे ने खोल दी तस्करी की पोल पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने तीन साथियों के साथ सागर से गढ़ाकोटा की ओर शराब लेकर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे पूरी साजिश सामने आ गई। एक गिरफ्तार, 3 आरोपी फरार गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शुभम दुबे ने बताया कि आरोपी जोगेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, उसके तीन साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। 👉 ऐसी ही ताजा और सटीक खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com

जबलपुर में नौकरानी से मारपीट और ठगी: नशा देकर 6.30 लाख निकाले, CCTV में कैद हुई क्रूरता

मध्यप्रदेश के जबलपुर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नौकरानी के साथ न सिर्फ बेरहमी से मारपीट की गई, बल्कि साजिश रचकर उसके बैंक खाते से लाखों रुपये भी निकाल लिए गए। घटना आधारताल थाना क्षेत्र की है। पीड़िता पूनम बर्मन ने एएसपी सूर्यकांत शर्मा को शिकायत के साथ CCTV फुटेज भी सौंपे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मालकिन अंजू पांडे उसे थप्पड़ मार रही है और बाल पकड़कर जमीन पर घसीट रही है। नशा देकर चेक पर साइन करवाए, खाते से निकाले पैसे जानकारी के मुताबिक पूनम, अंजू पांडे के घर काम करती थी। आरोप है कि उसे नशे की गोलियां खिलाकर जबरन चेक पर साइन करवाए गए। इसके बाद उसे कार में बैठाकर बैंक ले जाया गया और खाते से पैसे निकलवा लिए गए। जब पूनम को होश आया और उसने विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई। खाते में थे 6.30 लाख रुपए, सब निकाल लिए पीड़िता की बहन हीरा बाई ने बताया कि पूनम के बैंक खाते में करीब 6 लाख 30 हजार रुपए थे, जिन्हें आरोपी ने निकलवा लिया। इतना ही नहीं, उसकी पूरी कमाई और बैंक से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रख लिए गए। “पैसे देने से मना किया तो पीटा” पूनम ने बताया कि वह कई महीनों से काम कर रही थी। अचानक उसकी मालकिन ने पैसों की मांग शुरू कर दी। जब उसने मना किया, तो उसके साथ मारपीट की गई और पूरी साजिश के तहत उसके खाते से पैसे निकलवा लिए गए। पुलिस को सौंपी शिकायत, जांच जारी बुधवार को पूनम अपनी बहनों के साथ एसपी कार्यालय पहुंची और पूरे मामले की शिकायत की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज और शिकायत के आधार पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। शिवपुरी में भी शर्मनाक घटना इसी तरह का एक और मामला शिवपुरी से सामने आया है, जहां एक बस कंडक्टर ने महिला यात्री को सड़क पर फेंक दिया। महिला का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने ज्यादा किराया देने से इनकार किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कंडक्टर ने महिला के साथ मारपीट की और गालियां दीं। इस दौरान पास खड़ा उसका मासूम बच्चा अपनी मां को छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन कंडक्टर का दिल नहीं पसीजा। 👉 ऐसी ही सच्ची और जमीनी खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
ईरान

Middle East Tension ईरान ने पकड़े दो जहाज, भारत आ रहा पोत भी रोक दिया गया

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान ने समुद्री क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो जहाजों को जब्त कर लिया है। इनमें से एक जहाज दुबई से होते हुए भारत की ओर आ रहा था। इस घटना ने न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। जहाजों की जब्ती से मचा हड़कंप जानकारी के अनुसार, ईरानी सुरक्षा बलों ने खाड़ी क्षेत्र में निगरानी के दौरान दो जहाजों को रोका और अपने कब्जे में ले लिया। बताया जा रहा है कि दोनों जहाजों को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर रोका गया, हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उनमें क्या माल लदा था और क्रू मेंबर कौन थे। सबसे अहम बात यह है कि जिन जहाजों में से एक भारत की ओर आ रहा था, उसका रास्ता दुबई से होकर गुजर रहा था, जिससे इस मामले में भारत की भी अप्रत्यक्ष एंट्री हो गई है। India Alert: भारत की नजर स्थिति पर भारत इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। भारतीय एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस जहाज का कोई सीधा संबंध भारत से जुड़ा है या नहीं। फिलहाल स्थिति को लेकर सावधानी बरती जा रही है। Gulf Region में बढ़ता तनाव यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब खाड़ी क्षेत्र पहले से ही भू-राजनीतिक तनाव से गुजर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समुद्री व्यापार और शिपिंग रूट्स पर सीधा असर डाल सकती हैं। खासकर तेल और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। International Reaction भी शुरू इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया आने लगी है। कई देशों ने समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की मांग की है ताकि इस तरह की घटनाओं से वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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