आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमतिBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौतBREAKINGमध्य प्रदेशजन्माष्टमी और गोगा नवमी पर इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, राजबाड़ा जाने से पहले जान लें ये रूटBREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर हिंसा मामले में फरार राम सिंह का वीडियो आया सामने, कहा- जल्द करूंगा सरेंडरBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमतिBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौतBREAKINGमध्य प्रदेशजन्माष्टमी और गोगा नवमी पर इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, राजबाड़ा जाने से पहले जान लें ये रूटBREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर हिंसा मामले में फरार राम सिंह का वीडियो आया सामने, कहा- जल्द करूंगा सरेंडर

NE

News Elementor

Banner

Latest Posts

बिना नंबर प्लेट कार में पुलिस हूटर, रोकने पर महिला ने किया हंगामा; वीडियो वायरल

ग्वालियर के पॉश सिटी सेंटर इलाके में रविवार दोपहर ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हो गया। माधवनगर गेट के सामने ट्रैफिक पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की एक कार को रोका। कार में अवैध रूप से पुलिस का हूटर लगा हुआ था और उसे एक युवक चला रहा था। पुलिस के मुताबिक, कार संदिग्ध लगने पर जवानों ने चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने वाहन आगे ले जाने की कोशिश की। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने बैरिकेड लगाकर कार को रोक लिया। मां-बेटे के पास नहीं था ड्राइविंग लाइसेंस जांच के दौरान सामने आया कि कार चला रहे युवक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। उसकी मां के पास भी DL नहीं मिला। कार पर नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी और उसमें पुलिस का हूटर लगाया गया था। कार रुकने के बाद महिला सड़क पर उतर आई और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से बहस करने लगी। महिला ने कथित तौर पर एक टीआई का नाम लेते हुए पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाने की कोशिश की। चालान काटने पर बोली- कोर्ट में भुगतूंगी महिला ने पुलिसकर्मियों से कहा कि चालान काटना है तो काट दो, वह कोर्ट में इसका सामना करेगी। इस दौरान पुलिस जवानों से गाली-गलौज और बहस का भी आरोप है। हंगामा बढ़ने पर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो के आधार पर जांच ट्रैफिक पुलिस ने वाहन और वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कार में पुलिस का हूटर किस अनुमति के तहत लगाया गया था और वाहन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।
Read more

रायपुर में न्यायिक अधिकारियों का एक दिवसीय सेमिनार, 141 अधिकारियों ने लिया हिस्सा

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की ओर से रायपुर संभाग के न्यायिक अधिकारियों के लिए न्यू सर्किट हाउस में एक दिवसीय न्यायिक सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार और महासमुंद जिलों के कुल 141 न्यायिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान हाईकोर्ट के कई न्यायाधीश भी मौजूद रहे। कानून और तकनीक में बदलाव के साथ अपडेट रहें न्यायिक अधिकारी मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि समय के साथ कानून, तकनीक और समाज में लगातार बदलाव हो रहा है। ऐसे में न्यायिक अधिकारियों के लिए जरूरी है कि वे नई कानूनी व्यवस्थाओं और तकनीकी बदलावों की जानकारी लगातार हासिल करते रहें। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए न्यायिक अधिकारियों का खुद को अपडेट रखना बेहद जरूरी है। आर्थिक अपराधों में साक्ष्यों की सावधानी से जांच जरूरी न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कहा कि ऑनलाइन लेन-देन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और नई तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के कारण आर्थिक अपराध पहले की तुलना में अधिक जटिल हो गए हैं। भारतीय न्याय संहिता, 2023 लागू होने के बाद आपराधिक न्याय व्यवस्था में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। ऐसे में न्यायिक अधिकारियों को नए कानूनी प्रावधानों की सही जानकारी रखने के साथ साक्ष्यों की सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए। उन्होंने दीवानी मामलों में दस्तावेजी साक्ष्यों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। दस्तावेजों की वैधता, प्रमाण, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, स्टांप, पंजीयन और आपत्तियों से जुड़े पहलुओं का मामले के फैसले पर सीधा असर पड़ सकता है। जीरो और ई-एफआईआर से शिकायत दर्ज करना आसान सेमिनार में आपराधिक मामलों में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जीरो एफआईआर और ई-एफआईआर जैसी व्यवस्थाओं से अपराध की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया आसान और तेज हुई है। इन व्यवस्थाओं से लोगों को अपराध किसी भी क्षेत्र में होने की स्थिति में न्याय व्यवस्था तक पहुंचने में मदद मिलती है। चेक बाउंस मामलों के जल्द निपटारे पर जोर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि चेक अनादरण यानी चेक बाउंस से जुड़े मामले अदालतों में लंबित मामलों का बड़ा हिस्सा हैं। इनके जल्द निपटारे के लिए वैकल्पिक विवाद समाधान यानी ADR, मध्यस्थता और समझौते जैसे तरीकों को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इससे अदालतों पर लंबित मामलों का बोझ कम होगा और पक्षकारों के विवादों का जल्द समाधान भी संभव होगा। साथ ही उनके कारोबारी और व्यक्तिगत संबंधों को बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है। समय पर, पारदर्शी और निष्पक्ष न्याय पर जोर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सेमिनार में चर्चा किए गए विषयों का उद्देश्य न्याय व्यवस्था को तेज, प्रभावी, तकनीक के अनुकूल, कानून सम्मत और आम लोगों के लिए सुगम बनाना है। उन्होंने कहा कि समाज न्यायपालिका से केवल सही फैसला ही नहीं, बल्कि समय पर, पारदर्शी और निष्पक्ष न्याय की भी अपेक्षा करता है। सेमिनार में भारतीय न्याय संहिता के बाद आर्थिक अपराधों की चुनौतियां, दीवानी मामलों में दस्तावेजों की ग्राह्यता, जीरो एफआईआर, ई-एफआईआर, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की वैधता और चेक अनादरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
Read more

इंदौर में नशे और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई, 5 आरोपी गिरफ्तार

इंदौर। शहर में नशे और अवैध शराब के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खजराना पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़कर उनके कब्जे से करीब 100 ग्राम एमडी ड्रग बरामद की है। वहीं, चंदन नगर पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस के ड्राय डे पर अवैध रूप से शराब बेचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से हजारों रुपए कीमत की शराब जब्त की गई है। खजराना में 100 ग्राम एमडी ड्रग जब्त खजराना टीआई मनोज सेंधव की टीम ने कार्रवाई करते हुए राहुल पिता मनोहर परमार, निवासी चाणक्यपुरी, सिविल लाइंस, देवास को गिरफ्तार किया है। उसके साथ एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के कब्जे से करीब 100 ग्राम एमडी ड्रग बरामद हुई। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों इलाके में एक अन्य व्यक्ति को ड्रग की डिलीवरी करने के लिए पहुंचे थे। पुलिस अब ड्रग की सप्लाई और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में आरोपियों से पूछताछ कर रही है। ड्राय डे पर शराब बेचते तीन गिरफ्तार उधर, चंदन नगर पुलिस ने 15 अगस्त को ड्राय डे के दौरान अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सत्या पिता कालू वसुनिया, निवासी चंदन नगर, रईस पिता मोहम्मद शकुर पठान, निवासी सहयोग नगर और प्रदीप पिता ओमप्रकाश सेन, निवासी सिरपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हजारों रुपए कीमत की शराब जब्त की है। जिलाबदर के बावजूद इलाके में कर रहा था शराब का कारोबार पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल रईस को कुछ समय पहले ही जिलाबदर किया गया था। इसके बावजूद वह इलाके में रहकर कथित तौर पर अवैध शराब का कारोबार कर रहा था। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और अवैध शराब के कारोबार से जुड़े नेटवर्क की भी जानकारी जुटा रही है।
Read more

खंडवा में सीसी रोड निर्माण पर सवाल, ग्रामीणों ने घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का लगाया आरोप

खंडवा। जिले के मोहद गांव में बीड़-मूंदी हाईवे पर बन रही सीसी रोड की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में सीमेंट की मात्रा कम रखी जा रही है और बालू रेत की जगह डस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने रात में भी निर्माण कार्य कराए जाने की शिकायत की है। शिकायत सामने आने के बाद PWD ने ठेकेदार को नोटिस जारी करने और इंजीनियर को मौके पर जांच के लिए भेजने की बात कही है। तीन साल के संघर्ष के बाद शुरू हुआ सड़क निर्माण बीड-मूंदी हाईवे के तहत मोहद गांव में टू-लेन सीसी रोड का निर्माण होना था। ग्रामीणों के मुताबिक, बजट की कमी का हवाला देकर सड़क का काम अधूरा छोड़ दिया गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर करीब तीन साल तक प्रयास किए। बाद में PWD ने सड़क निर्माण के लिए करीब एक करोड़ रुपए मंजूर किए, जिसके बाद काम दोबारा शुरू हुआ। सड़क निर्माण का ठेका खंडवा की एक कंपनी को मिला है। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी पेटी कॉन्ट्रैक्ट के जरिए काम करा रही है। 12 बोरी की जगह 4 बोरी सीमेंट डालने का आरोप ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सीमेंट-कांक्रीट तैयार करने के दौरान निर्धारित मात्रा में सीमेंट नहीं डाला जा रहा। ग्रामीणों के मुताबिक, विभागीय अधिकारियों ने एक मिक्सर में 12 बोरी सीमेंट डालने की जानकारी दी थी, लेकिन मौके पर कथित तौर पर सिर्फ 4 बोरी सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण में बालू रेत के स्थान पर डस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि निर्माण में मानकों का पालन नहीं हुआ तो सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। PWD ने कहा- गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी PWD के कार्यपालन यंत्री नरेंद्र सिंह मंडलोई ने कहा कि सड़क का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मापदंडों के अनुसार कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित ठेकेदार को नोटिस दिया गया है। विभागीय इंजीनियर को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है। साइट पर टाइमकीपर और अन्य कर्मचारी भी मौजूद हैं। मंडलोई के मुताबिक, यदि रात के समय नियमों के विपरीत निर्माण कार्य कराया जा रहा है तो उसे बंद कराया जाएगा। विभाग की जांच के बाद ही निर्माण सामग्री और सीमेंट की मात्रा को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
Read more

भोपाल में 2 महीने की बच्ची की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने टीकाकरण के बाद तबीयत बिगड़ने का लगाया आरोप

भोपाल। छोला मंदिर थाना क्षेत्र की नवजीवन कॉलोनी में दो महीने की बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि 14 अगस्त को आंगनवाड़ी केंद्र में टीकाकरण और पोलियो की दवा पिलाने के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ गई थी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान लक्ष्मी पिता हलके राम (2 माह) के रूप में हुई है। वह नवजीवन कॉलोनी, छोला में रहती थी। परिवार मूल रूप से सिरोंज का रहने वाला है। बच्ची परिवार की इकलौती बेटी थी और उसका एक बड़ा भाई है। टीकाकरण के बाद तबीयत बिगड़ने का दावा परिजनों के मुताबिक, 14 अगस्त को लक्ष्मी को आंगनवाड़ी केंद्र ले जाया गया था। वहां उसे पोलियो की दवा पिलाने के साथ टीकाकरण किया गया। बच्ची के पिता हलके राम का दावा है कि उसे पोलियो की सात बूंद दवा पिलाई गई और तीन इंजेक्शन भी लगाए गए। परिवार का कहना है कि आंगनवाड़ी से घर लौटने के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया। इलाज के दौरान रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। पिता ने लगाया ओवरडोज का आरोप बच्ची के पिता ने आरोप लगाया कि दो महीने की बच्ची को पोलियो की सात बूंद दवा देने के अलावा तीन इंजेक्शन लगाए गए। उनका दावा है कि दवा के ओवरडोज के कारण बच्ची की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हुई। हालांकि, पुलिस ने अभी मौत की वजह की पुष्टि नहीं की है। टीकाकरण और दवा से संबंधित परिजनों के आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच छोला मंदिर थाना पुलिस ने बच्ची की मौत के मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी सरस्वती तिवारी के अनुसार, परिजनों के बयान में टीका लगने के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। पीएम रिपोर्ट से सामने आएगा मौत का कारण पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर यह पता चलेगा कि बच्ची की मौत किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि टीकाकरण या दवा से मौत का कोई संबंध था या किसी अन्य कारण से बच्ची की हालत बिगड़ी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
Read more

सीहोर में अब तक 26.75 इंच बारिश, पिछले साल से 0.74 इंच कम; अगले 48 घंटे भी बारिश के आसार

सीहोर। जिले में मानसूनी गतिविधियों के चलते रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। कहीं रिमझिम तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। भू-अभिलेख विभाग की ओर से 16 अगस्त को जारी दैनिक वर्षा आंकड़ों के अनुसार, सीहोर जिले में 1 जून से अब तक औसतन 26.75 इंच बारिश दर्ज की गई है। सीहोर में सबसे ज्यादा 32.68 इंच बारिश 1 जून से 16 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक सीहोर वर्षामापी केंद्र में सबसे ज्यादा 32.68 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। इसके बाद रहटी में 29.58 इंच, भैरूंदा में 27.12 इंच और बुधनी में 26.37 इंच बारिश दर्ज की गई। अन्य क्षेत्रों में आष्टा में 26.18 इंच, इछावर में 25.82 इंच, श्यामपुर में 24.75 इंच और जावर में सबसे कम 21.45 इंच बारिश हुई है। पिछले साल के मुकाबले 0.74 इंच कम बारिश पिछले साल इसी अवधि तक सीहोर जिले में औसतन 27.49 इंच बारिश हुई थी। इस साल यह आंकड़ा 26.75 इंच है। यानी पिछले साल की तुलना में अब तक करीब 0.74 इंच कम बारिश दर्ज की गई है। जिले की सामान्य औसत वार्षिक बारिश 45.21 इंच है। ऐसे में सीहोर में अभी सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा होने में काफी बारिश बाकी है। बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने मानसूनी सिस्टम और सक्रिय ट्रफ लाइन के कारण मध्य प्रदेश के मध्य हिस्सों में लगातार नमी पहुंच रही है। इसके प्रभाव से सीहोर और आसपास के इलाकों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है। अगले 48 घंटे भी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान सीहोर और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। जिले के कई हिस्सों में रिमझिम से लेकर हल्की और मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की भी संभावना है। ऐसे में मौसम का यह दौर अगले दो दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है।
Read more

गोपाल भार्गव बोले- भाजपा का हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री, ‘कुत्तों की चिंता नहीं की जाती’

सागर। रहली विधानसभा से 9 बार के विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव का एक बयान इन दिनों चर्चा में है। उन्होंने कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता अपने आप को मुख्यमंत्री से कम नहीं समझता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता प्रधानमंत्री भी है। रहली में वीर दुर्गादास राठौर जयंती समारोह के दौरान मंच से संबोधित करते हुए भार्गव ने कहा कि किसी से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “लोग तो ऐसे भौंकते रहते हैं। हाथी अपनी मस्त चाल चलता है और कुत्ते उसके पीछे लगे रहते हैं। कुत्तों की चिंता नहीं की जाती।” बोले- 2-4 चीटियां मिलकर गन्ना नहीं खींच सकतीं गोपाल भार्गव ने कहा कि ऐसी कोशिश करने वालों की चिंता नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता खुद को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से कम नहीं समझता। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र है और सभी लोग बराबर हैं। कोई सेवक के रूप में काम कर रहा है तो कोई जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। भार्गव ने इसी दौरान उदाहरण देते हुए कहा कि “2-4 चीटियां मिलकर गन्ने को नहीं खींच सकतीं।” निवास बोर्ड पर चिपकाया गया था ‘स्वघोषित मुख्यमंत्री’ का पर्चा दरअसल, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था। इसमें एक व्यक्ति ने गढ़ाकोटा स्थित गोपाल भार्गव के निवास ‘गणनायक’ के बाहर सड़क पर लगे निवास बोर्ड पर ‘स्वघोषित मुख्यमंत्री’ लिखा हुआ पंपलेट चिपका दिया था। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया। वीर दुर्गादास राठौर जयंती कार्यक्रम के दौरान जब एक व्यक्ति ने इसी घटना का जिक्र किया, तब गोपाल भार्गव ने मंच से यह बयान दिया। ‘सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं’ भार्गव के बयान का संदेश साफ था कि राजनीतिक पद या भूमिका को लेकर किसी बाहरी व्यक्ति से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी में महत्वपूर्ण है और लोकतंत्र में सभी को बराबर अधिकार प्राप्त हैं।
Read more

भोपाल में राजा भोज नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का समापन, CM बोले- हर विधानसभा में बनेगा स्टेडियम

भोपाल। राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप (रैंकिंग)-2026 के तीसरे संस्करण का रविवार को भोपाल के बोट क्लब में समापन हुआ। पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक स्टेडियम विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इन स्टेडियमों में अलग-अलग खेलों के लिए जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल विभाग का बजट बढ़ाना उनके लिए खुशी की बात है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर हिस्से की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर देना है। 12 क्लबों के 87 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा चैंपियनशिप में 12 क्लबों के 87 खिलाड़ियों ने 110 रेस में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में नेशनल सेलिंग स्कूल (NSS) भोपाल ने पहला स्थान हासिल किया। नेवी यूथ स्पोर्ट्स क्लब (NYSC) गोवा दूसरे और सिकंदराबाद तीसरे स्थान पर रहा। तीन साल में 16वें-17वें से तीसरे स्थान पर पहुंचा MP CM मोहन यादव ने कहा कि खेलों में मध्यप्रदेश की स्थिति लगातार बेहतर हुई है। तीन साल पहले तक प्रदेश देश में खेलों के मामले में 16वें-17वें स्थान के आसपास था, लेकिन अब वह तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इसका श्रेय खिलाड़ियों की मेहनत और सरकार की खेलों के प्रति प्रतिबद्धता को दिया। CM ने कहा कि ओलंपिक और कॉमनवेल्थ जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों की उपलब्धियां दिखाई दे रही हैं। 18 खेलों की 11 अकादमियां संचालित मुख्यमंत्री के अनुसार मध्यप्रदेश में वर्तमान में 18 खेलों की 11 खेल अकादमियां संचालित हैं। सरकार खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के साथ उनकी शिक्षा और भविष्य के अवसरों पर भी ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में खेलों को शिक्षा का हिस्सा बनाने के साथ कोच के करियर को आगे बढ़ाने की संभावनाएं भी रखी गई हैं। खिलाड़ियों के साथ उनके प्रशिक्षकों के भविष्य पर भी ध्यान देना जरूरी है। ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस पर निशाना कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार लाल किले से ‘वंदे मातरम्’ को सम्मान मिलने से देश गौरवान्वित हुआ है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं के बयानों की आलोचना करते हुए उनसे देश से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना से जुड़ा है। सारंग बोले- बड़े तालाब का खेल और पर्यटन में हो रहा उपयोग खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री का खेलों के प्रति जुड़ाव लगातार दिखाई दे रहा है। उन्होंने भोपाल के बड़े तालाब को खेल और पर्यटन दोनों के लिए उपयोगी बताया। सारंग ने कहा कि प्रदेश खेलों में तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है और 18 खेलों की 11 अकादमियां खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार कर रही हैं। उन्होंने भोपाल में खेल संग्रहालय बनाने की दिशा में पहल करने का आग्रह भी मुख्यमंत्री से किया। खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित समारोह में अलग-अलग खेलों में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इनमें कॉमनवेल्थ गेम्स की रजत पदक विजेता जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य, शॉटपुट खिलाड़ी समरदीप सिंह गिल, पोल वॉल्ट खिलाड़ी देव कुमार मीणा, कुलदीप कुमार और फेंसिंग खिलाड़ी खुशी दाबोड़े शामिल रहे। 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की टीम के खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। NSS भोपाल चैंपियन, NYSC गोवा उपविजेता राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल रैंकिंग सेलिंग चैंपियनशिप-2026 में NSS भोपाल विजेता रहा। टीम में वायु चंद्रवंशी, माही वर्मा, तुलसी पटले, एकलव्य वायम, वंशिका शिकारवार, आर्यन पाटीदार, प्रार्थना मोई, अंकित सिसोदिया, समर पंचेश्वर और सिद्धि टंडन शामिल रहे। NYSC गोवा की टीम उपविजेता रही। टीम में शशांक जाधव, हृदय जोशी, मोह रिजवान, शिवम वाल्मीकि और हेमंत पपौला शामिल थे। अपर लेक की लहरों पर खिलाड़ियों ने दिखाया हुनर चैंपियनशिप के दौरान खिलाड़ियों ने भोपाल के अपर लेक की लहरों पर सेलिंग का शानदार प्रदर्शन किया। विभिन्न वर्गों में खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। खिलाड़ियों ने संतुलन, गति और तकनीक के जरिए अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। वाटर स्पोर्ट्स का बड़ा केंद्र बन रहा भोपाल भोपाल की झीलें सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग और केनोइंग जैसे वाटर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। मध्यप्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी की स्थापना 2007 में हुई थी। अकादमी में सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग, केनोइंग और स्लालम की प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। अकादमी के खिलाड़ियों ने अब तक 28 अंतरराष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक हासिल किए हैं। खिलाड़ी 37 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत और मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं।
Read more

MP में कंप्यूटर ऑपरेटरों पर सरकार का बड़ा फैसला, 30 दिन में CPCT और साइबर सिक्योरिटी कोर्स जरूरी

भोपाल: मध्य प्रदेश के नगर निगम, नगरपालिका और नगर परिषद में काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नए निर्देश जारी किए हैं। अब ऑपरेटरों को तकनीकी दक्षता के साथ साइबर सुरक्षा से जुड़ी अनिवार्य योग्यताएं पूरी करनी होंगी। इसके लिए 30 दिन की समय-सीमा दी गई है। तय समय में शर्तें पूरी नहीं करने वालों के मानदेय या वेतन भुगतान पर रोक लग सकती है। यह आदेश संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास की अपर आयुक्त मिशा सिंह की ओर से जारी किया गया है। आदेश सभी नगर निगम आयुक्तों, संयुक्त संचालकों और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को भेजा गया है। क्यों लिया गया फैसला? विभाग के अनुसार नगरीय निकायों में कंप्यूटर ऑपरेटर कई महत्वपूर्ण ऑनलाइन पोर्टल और आईटी आधारित प्रणालियों का संचालन करते हैं। इनमें नागरिक सेवाओं, राजस्व, योजनाओं और अन्य विभागीय कार्यों से जुड़ा डेटा शामिल होता है। सरकारी डेटा की सुरक्षा और ऑनलाइन कामकाज को बेहतर बनाने के लिए ऑपरेटरों की तकनीकी दक्षता और साइबर सिक्योरिटी की जानकारी मजबूत करना जरूरी माना गया है। CPCT पास करना अनिवार्य नए निर्देशों के तहत कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए CPCT (Computer Proficiency Certification Test) परीक्षा पास होना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा उन्हें केंद्र सरकार के iGOT Karmayogi पोर्टल पर उपलब्ध साइबर सिक्योरिटी और आईटी से जुड़े कम से कम 10 सर्टिफिकेट कोर्स पूरे करने होंगे। 50 क्रेडिट पॉइंट भी जरूरी ऑपरेटरों को iGOT Karmayogi पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों को पूरा करके कम से कम 50 क्रेडिट पॉइंट हासिल करने होंगे। इन कोर्स में कंप्यूटर की बेसिक जानकारी, Microsoft Word और Excel, डेटा एंट्री, रिकॉर्ड मैनेजमेंट, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल सेफ्टी जैसे विषय शामिल हैं। AI और डेटा मैनेजमेंट की भी ट्रेनिंग जारी सूची में आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कोर्स भी शामिल किए गए हैं। इनमें ‘AI Using Google Bard and ChatGPT for Beginners’ जैसे कोर्स बताए गए हैं। इसके साथ ही Data Driven Decision Making और Responsible Data Management जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण लेना होगा। 30 दिन में शर्तें पूरी नहीं कीं तो वेतन पर असर सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में अनिवार्य योग्यताएं और प्रशिक्षण पूरा नहीं करने वाले ऑपरेटरों के संबंध में आगे नियोजन में रखने या हटाने तथा मानदेय/वेतन भुगतान की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी। यानी 30 दिन की समय-सीमा कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि आवश्यक शर्तें पूरी नहीं करने पर उनकी नौकरी या भुगतान प्रभावित हो सकता है। नगर निकायों में कितने कंप्यूटर ऑपरेटर? किसी निकाय में कंप्यूटर ऑपरेटरों की वास्तविक संख्या स्वीकृत पदों, आउटसोर्स व्यवस्था, जनसंख्या, वार्डों और विभागों की जरूरत पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर अनुमान इस तरह बताया जाता है— बड़े नगर निगमों में अलग-अलग जोन और विभाग होने के कारण ऑपरेटरों की संख्या ज्यादा हो सकती है। इन विभागों में होता है कंप्यूटर ऑपरेटरों का काम कंप्यूटर ऑपरेटर आमतौर पर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, संपत्ति कर, जलकर, राजस्व, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्थापना, लेखा और अन्य ऑनलाइन नागरिक सेवाओं से जुड़े काम संभालते हैं। ऐसे में सरकार का फोकस तकनीकी दक्षता के साथ सरकारी डेटा और ऑनलाइन सिस्टम की सुरक्षा मजबूत करने पर है।
Read more

PM मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण पर विधायक आरिफ मसूद ने उठाए सवाल, मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों का जिक्र नहीं होने पर जताई नाराजगी

भोपाल: स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान का उल्लेख किए जाने के बाद भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों का नाम नहीं लिए जाने पर सवाल उठाए हैं। मसूद ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर कहा कि देश की आजादी की लड़ाई किसी एक समुदाय की नहीं, बल्कि सभी वर्गों के लोगों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम थी। मसूद ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम की चर्चा के दौरान मुस्लिम सेनानियों का उल्लेख नहीं होना अफसोसजनक है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले पर देश से माफी मांगने की मांग भी की है। ‘मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों के नाम भी मिलेंगे’ अपने ज्ञापन में आरिफ मसूद ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को लाल किले से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान का उल्लेख किया, लेकिन मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों का जिक्र नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री यदि इंडिया गेट स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल या अंडमान-निकोबार की सेलुलर जेल की दीवारों पर दर्ज नाम देखें तो उन्हें मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों के नाम भी मिलेंगे। मसूद ने दावा किया कि 1757 से 1947 तक चले आजादी के संघर्ष से जुड़े दस्तावेजों में मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान के अनेक प्रमाण मिलते हैं। मजनू शाह फकीर और 1857 के विद्रोह का दिया उदाहरण विधायक ने अपने ज्ञापन में बंकिमचंद्र चटर्जी के उपन्यास ‘आनंदमठ’ में वर्णित फकीर एवं संन्यासी विद्रोह का उल्लेख किया। उन्होंने मजनू शाह फकीर और उनके साथियों को अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करने वाले प्रमुख नामों में बताया। मसूद के अनुसार, मजनू शाह के बाद मूसा शाह, चिराग अली और नूरुल मोहम्मद ने भी इस आंदोलन को आगे बढ़ाया। उन्होंने 1857 के विद्रोह का जिक्र करते हुए अहमदुल्ला शाह मदरासी के योगदान का भी उल्लेख किया। मसूद ने कहा कि उन्होंने दिल्ली, पटना, फैजाबाद और कलकत्ता समेत कई क्षेत्रों में अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन को मजबूत करने में भूमिका निभाई थी। अंग्रेजों की कार्रवाई का भी किया जिक्र ज्ञापन में मसूद ने 1857 के दौरान मुस्लिम उलेमा और अन्य लोगों पर अंग्रेजों की कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि विद्रोह को दबाने के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को बिना मुकदमे के फांसी दी गई थी। उन्होंने अपने दावों के समर्थन में विभिन्न ऐतिहासिक पुस्तकों और लेखकों के संदर्भ दिए हैं। ‘आजादी के योगदान को किसी एक समुदाय तक सीमित न करें’ आरिफ मसूद ने कहा कि देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को किसी एक समुदाय तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई में अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोगों ने योगदान दिया था। ऐसे में सभी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को समान सम्मान मिलना चाहिए। मसूद ने प्रधानमंत्री के भाषण को लेकर कहा कि मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों का उल्लेख नहीं किए जाने से उन लोगों के योगदान की तौहीन हुई है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस पर माफी मांगने की मांग की है।
Read more
1 3 4 5 6 7 72

Editor's Picks

Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

Teachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चा

शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों के अंदर आत्मविश्वास और बेहतर सोच भी पैदा करते हैं। Teachers’ Day से पहले PM Modi ने National Teachers’ Award 2026 के लिए चुने गए शिक्षकों और educators से मुलाकात की। इस दौरान पढ़ाई के तरीकों से लेकर बच्चों की बदलती आदतों तक कई मुद्दों पर बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान माहौल काफी सहज नजर आया। प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से उनके अनुभव जानने के साथ यह भी समझने की कोशिश की कि वे बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए किस तरह के नए तरीके अपना रहे हैं। PM Modi ने पूछा- Public से कैसे करें बात? बातचीत के दौरान Public Speaking और लोगों के सामने अपनी बात रखने का मुद्दा भी सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बारे में सवाल किया तो एक महिला Teacher ने सीधा जवाब दिया कि लोगों के सामने प्रभावी तरीके से बात करने के लिए सबसे जरूरी चीज Confidence यानी आत्मविश्वास है। उनकी यह बात छोटी जरूर थी, लेकिन Public Speaking को लेकर एक बड़ा संदेश देती है। किसी भी मंच पर अपनी बात रखने के लिए केवल जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे भरोसे और स्पष्टता के साथ सामने रखना भी जरूरी है। Teachers ने PM Modi को बताए अपने Innovative Ideas प्रधानमंत्री मोदी ने Award-winning Teachers से उनके Teaching Experience और Classroom में अपनाए जा रहे नए प्रयोगों के बारे में भी जाना। शिक्षकों ने बताया कि वे बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आज के समय में सिर्फ किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित पढ़ाई बच्चों को हमेशा आकर्षित नहीं करती। ऐसे में कई शिक्षक Technology, Practical Activities और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरणों की मदद से विषयों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। बच्चों में Screen Addiction को लेकर भी चर्चा PM Modi ने बच्चों में बढ़ते Screen Time और Digital Addiction को लेकर भी शिक्षकों से चर्चा की। उन्होंने बच्चों को खेल, Physical Activities और रचनात्मक कामों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही युवा छात्रों में नशे की समस्या को लेकर शिक्षकों को सतर्क रहने की बात भी कही गई। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को केवल Classroom तक सीमित नहीं माना। बच्चों के व्यवहार, उनकी आदतों और मानसिक-सामाजिक विकास में भी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 5 सितंबर को 48 Teachers को National Award Teachers’ Day के मौके पर 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 48 स्कूल शिक्षकों को National Teachers’ Awards प्रदान करेंगी। इन शिक्षकों का चयन देशभर से एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए किया गया है। National Teachers’ Awards का मकसद ऐसे शिक्षकों को पहचान और सम्मान देना है, जिन्होंने पढ़ाई को बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह पुरस्कार हर साल Teachers’ Day पर शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। PM Modi की Teachers से मुलाकात का संदेश प्रधानमंत्री और शिक्षकों की इस मुलाकात में एक बात साफ तौर पर सामने आई—एक अच्छा Teacher सिर्फ पाठ नहीं पढ़ाता, बल्कि बच्चों को जीवन के लिए तैयार करता है। चाहे Public Speaking में Confidence की बात हो या Classroom में नए Teaching Methods अपनाने की, बदलते समय के साथ शिक्षकों की भूमिका भी लगातार व्यापक हो रही है। Teachers’ Day से पहले हुई यह मुलाकात इसी बदलाव और शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.