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इंदौर में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला, 166 मेडिकल स्टाफ के अटैचमेंट खत्म

इंदौर। स्वास्थ्य विभाग ने इंदौर में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 166 मेडिकल स्टाफ के अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए हैं। सभी कर्मचारियों को जिला अस्पताल में पदस्थ करते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस निर्णय के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल जिन कर्मचारियों के अटैचमेंट समाप्त किए गए हैं, उनमें विभिन्न श्रेणियों के स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। इनमें— सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। ये कर्मचारी लंबे समय से इंदौर जिले के विभिन्न अस्पतालों, संजीवनी केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में अटैच होकर अपनी सेवाएं दे रहे थे। नई जिला अस्पताल बिल्डिंग के लिए लिया गया फैसला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने बताया कि नई जिला अस्पताल बिल्डिंग में जल्द ही स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जानी हैं। इसके लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से जिला अस्पताल में ज्वाइन करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग में बढ़ी हलचल 166 कर्मचारियों के अटैचमेंट एक साथ समाप्त किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि नई जिला अस्पताल बिल्डिंग को जल्द संचालित करने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से शुरू करने के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक पुनर्व्यवस्था है। अधिक जानकारी मध्य प्रदेश और स्वास्थ्य से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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कार्य में लापरवाही पर नगर निगम आयुक्त की बड़ी कार्रवाई, कर्मचारी निलंबित, कई अधिकारियों के प्रभार बदले

खंडवा। कार्य में लापरवाही और प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता पाए जाने पर नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। साथ ही चार कर्मचारियों को उनके प्रभारों से मुक्त करते हुए विभिन्न शाखाओं में नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। एक कर्मचारी निलंबित, चार अधिकारियों से छीने प्रभार नगर निगम आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार स्थायीकर्मी राजेंद्र मलैया को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वहीं राजेश सिंह राजपूत, आनंद मंगल गुरु, सईदुद्दीन कुरैशी और हरेंद्र खटीक को उनके वर्तमान प्रभारों से मुक्त कर दिया गया है। कई शाखाओं में नए अधिकारियों की नियुक्ति आदेश के अनुसार वाहन शाखा में हरेंद्र खटीक के स्थान पर कार्यपालन यंत्री जितेन्द्र कुमार गुप्ता को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। वहीं उपयंत्री आयुष शुक्ला और कृष्ण कुमार चौरसिया को सहायक प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा कृष्ण कुमार चौरसिया को मजदूरी शाखा का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। स्वास्थ्य और बाजार शाखा में भी बदलाव स्वास्थ्य विभाग में राजेश सिंह राजपूत के स्थान पर सहायक आयुक्त तबस्सुम खान को प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि शशांक रावत को सहायक प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी बनाया गया है। वहीं आनंद मंगल गुरु से बाजार शाखा सहित सभी प्रभार वापस लेकर यह जिम्मेदारी प्रभारी राजस्व अधिकारी बृजेश तिवारी को सौंपी गई है। सहायक आयुक्त तबस्सुम खान को जीपीएफ, पेंशन, लोक सूचना अधिकारी और एनपीएस शाखा का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। फायर शाखा में भी बदले प्रभारी फायर शाखा में सईदुद्दीन कुरैशी के स्थान पर कार्यपालन यंत्री जितेन्द्र कुमार गुप्ता को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं कृष्ण कुमार चौरसिया और आयुष शुक्ला को सहायक फायर अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है। कर्मचारी का तबादला, आनंद मंगल गुरु को नोटिस नगर निगम आयुक्त ने स्वास्थ्य स्थापना शाखा में पदस्थ राजेंद्र सनकत का स्थानांतरण कर उन्हें पंतनगर जोन क्रमांक-8 में सफाई कार्य के लिए पदस्थ किया है। इसके साथ ही सहायक स्वच्छता अधिकारी आनंद मंगल गुरु को कर्मचारी संघों की मांगों के निराकरण से जुड़े मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उन्हें एक दिन के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: निगम आयुक्त नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने स्पष्ट कहा है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही, उदासीनता और दायित्वों के प्रति असंवेदनशीलता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी मध्य प्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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खंडवा में अवैध हथियारों का खुलासा: गैंगस्टर अमन लाला से पूछताछ में मिली 3 देसी पिस्टल, 4 आरोपी गिरफ्तार

खंडवा। खंडवा जिले की मोघट रोड थाना पुलिस ने लूट के एक मामले में गिरफ्तार गैंगस्टर सैयद उर्फ अमन लाला से पूछताछ के दौरान अवैध हथियारों के नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन देसी पिस्टल बरामद की हैं और इस मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी इन अवैध पिस्टलों से अलग-अलग वाहनों पर फायरिंग कर उसके वीडियो बनाते थे और सोशल मीडिया पर रील अपलोड करते थे। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल अन्य आपराधिक घटनाओं में तो नहीं हुआ। पुलिस रिमांड में हुआ बड़ा खुलासा पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने बताया कि जिले में गंभीर अपराधों, महिला अपराधों में फरार आरोपियों और अवैध गतिविधियों में शामिल बदमाशों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मोघट रोड थाना पुलिस ने लूट के मामले में गिरफ्तार आरोपी सैयद उर्फ अमन पिता नासिर (19) निवासी बापूनगर, खंडवा को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान अमन ने खुलासा किया कि उसने तीन युवकों को अवैध पिस्टल उपलब्ध कराई थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन देसी पिस्टल बरामद कर लीं। हथियारों की सप्लाई करने वाला भी गिरफ्तार जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि अयान पिता अनवर खान (19) निवासी चंपानगर, रामेश्वर ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। सोशल मीडिया रील के लिए करते थे फायरिंग पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अवैध पिस्टलों से अलग-अलग वाहनों पर फायरिंग कर वीडियो बनाते थे और सोशल मीडिया पर रील पोस्ट करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी अन्य अपराध में तो नहीं किया गया। गिरफ्तार आरोपी पुलिस टीम की रही अहम भूमिका पूरी कार्रवाई मोघट रोड थाना प्रभारी निरीक्षक विकास खींची के नेतृत्व में की गई। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सुभाष नावड़े, रूप सिंह सोलंकी, आरक्षक अमित यादव, शेखर चौहान, अंकुश और संजय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिक जानकारीमध्य प्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी ड्रग सप्लाई केस में गिरफ्तार, कांग्रेस ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध

इंदौर। इंदौर पुलिस ने मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को ड्रग सप्लाई से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, एक कथित ड्रग सप्लायर से पूछताछ के दौरान नाना पटवारी का नाम सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। गुरुवार दोपहर गिरफ्तारी के बाद राजेंद्र नगर थाना पुलिस उन्हें आगे की पूछताछ के लिए अज्ञात स्थान पर ले गई। नाना पटवारी पर पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें लगभग सात साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में फरार रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जमीन विवाद मामले में भी दर्ज हुई थी एफआईआर वर्ष 2025 में इंदौर के तेजाजी नगर थाने में नाना पटवारी और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ जमीन विवाद को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता नरेंद्र मेहता ने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन पर धोखाधड़ी से कब्जा करने की कोशिश की गई। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। महिला से छेड़छाड़ का मामला भी रहा चर्चा में नवंबर 2018 में नाना पटवारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(क) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि नाना पटवारी अपने साथियों के साथ उनके घर पहुंचे, जबरन घर में घुसे और हथियारों से लैस थे। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि नाना पटवारी ने उनका हाथ बुरी नीयत से पकड़ा था। खुशी कूलवाल सुसाइड केस में भी आया था नाम जुलाई 2018 में इंदौर की रहने वाली 37 वर्षीय खुशी कूलवाल की आत्महत्या के मामले की जांच के दौरान भी नाना पटवारी का नाम सामने आया था। हालांकि उस समय पूछताछ के बाद उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। वर्ष 2025 में यह मामला एक बार फिर चर्चा में आया, जब पुलिस ने ड्रग कनेक्शन और हाई प्रोफाइल पार्टियों से जुड़े संभावित संबंधों की जांच शुरू की। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खुशी कूलवाल किन लोगों के संपर्क में थीं और आत्महत्या से पहले की परिस्थितियों में किसकी क्या भूमिका रही। कांग्रेस ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक प्रतिशोध सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने कानूनी सलाहकारों से चर्चा की। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जीतू पटवारी ने हाल ही में प्रदेश में भ्रष्टाचार और उज्जैन भूमि खरीद मामले को लेकर आंदोलन की घोषणा की थी, जिसके बाद सरकार ने दबाव बनाने के लिए उनके भाई के खिलाफ कार्रवाई कराई है। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारी को जांच के आधार पर की गई कानूनी कार्रवाई बताया है। अधिक जानकारी और मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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Cooperation Week

Cooperation Week 2026: एमपीसीडीएफ में सहकारिता सप्ताह का समापन

भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ (एमपीसीडीएफ) द्वारा आयोजित सहकारिता सप्ताह (Cooperation Week 2026) का मंगलवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। पूरे सप्ताह चले इस आयोजन में कर्मचारियों और अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया, जबकि पूरे कार्यक्रम का केंद्र सहकारिता की भावना और सामूहिक विकास का संदेश रहा। एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी ने प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि सहकारिता की असली ताकत लोगों के आपसी विश्वास, सहभागिता और साझा जिम्मेदारी में छिपी है। यही भावना दुग्ध उत्पादकों और किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे मजबूत माध्यम बनती है। पूरे सप्ताह हुए कई रचनात्मक आयोजन सहकारिता सप्ताह के दौरान कर्मचारियों में जागरूकता और भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से कई गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें पौधरोपण अभियान, ई-चौपाल, सहकारिता विषयक सेमिनार, क्विज प्रतियोगिता और संवाद कार्यक्रम शामिल रहे। इन आयोजनों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि सहकारिता के मूल सिद्धांतों को व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित करना भी था। ‘मामूलीराम’ फिल्म से मिली प्रेरणा कार्यक्रम का सबसे विशेष आकर्षण भारत की श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीज कुरियन के जीवन पर आधारित फिल्म ‘मामूलीराम’ का प्रदर्शन रहा। फिल्म के माध्यम से प्रतिभागियों ने जाना कि किस तरह डॉ. कुरियन के नेतृत्व ने देश में दुग्ध सहकारिता आंदोलन को नई दिशा दी और लाखों किसानों के जीवन में बदलाव लाया। फिल्म देखने के बाद कई प्रतिभागियों ने इसे प्रेरणादायक अनुभव बताया। एमपीसीडीएफ की उपलब्धियों पर भी हुई चर्चा समापन समारोह में एमपीसीडीएफ ने बीते एक वर्ष के दौरान हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की। इस दौरान दुग्ध संकलन बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने, प्रसंस्करण क्षमता मजबूत करने, अधोसंरचना विकास और दुग्ध उत्पादकों तक सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने जैसे प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। साथ ही आने वाले समय में सहकारी दुग्ध व्यवस्था को और मजबूत बनाने की रणनीतियों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने साझा किए अपने अनुभव ग्रुप हेड-प्लांट ऑपरेशंस डी.के. पांडे ने कहा कि किसी भी सहकारी संस्था की सफलता उसके बेहतर संचालन, गुणवत्ता नियंत्रण और टीमवर्क पर निर्भर करती है। यदि सभी मिलकर जिम्मेदारी निभाएं तो हर लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है। वहीं ग्रुप हेड-एमएनपी असीम निगम ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते समय के साथ सहकारी संस्थाओं को भी नवाचार और आधुनिक सोच को अपनाना होगा। बेहतर समन्वय और सामूहिक प्रयासों से ही सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। विजेताओं को मिला सम्मान सप्ताहभर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को समापन समारोह में सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी और पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्साह से भर गया। कार्यक्रम का संचालन मिलन मिश्रा ने किया। इस अवसर पर एमपीसीडीएफ के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे। समारोह का समापन सहकारिता की भावना को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।
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Mohan Yadav

MP UCC मध्य प्रदेश में इसी महीने लागू हो सकता है Uniform Civil Code, CM Mohan Yadav का बड़ा ऐलान

मध्य प्रदेश में Uniform Civil Code (UCC) को लेकर बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक संकेत मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Mohan Yadav) ने कहा है कि राज्य सरकार इसी महीने UCC को लेकर महत्वपूर्ण फैसला ले सकती है। उनका कहना है कि प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रदेश के औद्योगिक विकास का भी बड़ा रोडमैप पेश किया। उन्होंने बताया कि सतगढ़ी इंडस्ट्रियल पार्क के विकसित होने से करीब 15 हजार युवाओं को रोजगार (Jobs) मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि यह परियोजना निवेश और रोजगार दोनों के लिहाज से प्रदेश के लिए अहम साबित होगी। Uniform Civil Code को लेकर क्या बोले CM मोहन यादव? मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि संविधान की मूल भावना सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान अवसर देने की है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार Uniform Civil Code को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने संकेत दिए कि जुलाई के दौरान UCC को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक तारीख या विस्तृत मसौदा सार्वजनिक नहीं किया गया है। सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून पर जोर मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य ऐसा कानून लागू करना है जो धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के बजाय सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था सुनिश्चित करे। सरकार का मानना है कि इससे न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और संविधान में निहित समानता के सिद्धांत को और मजबूती मिलेगी। सतगढ़ी Industrial Park से मिलेंगे 15 हजार रोजगार मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सतगढ़ी इंडस्ट्रियल पार्क को तेजी से विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के पूरी तरह शुरू होने के बाद करीब 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। सरकार का कहना है कि नए उद्योग स्थापित होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, छोटे और मध्यम उद्योगों को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। निवेश बढ़ाने पर सरकार का फोकस राज्य सरकार लगातार नए निवेशकों को आकर्षित करने और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर काम कर रही है। सरकार का मानना है कि बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट प्रदेश के आर्थिक विकास को नई दिशा देंगे और मध्य प्रदेश को निवेश के प्रमुख केंद्रों में शामिल करेंगे। UCC को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज मुख्यमंत्री के बयान के बाद प्रदेश में Uniform Civil Code को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि सरकार के अगले कदम और विपक्ष की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है। क्या है इस घोषणा का महत्व? एक तरफ सरकार Uniform Civil Code लागू करने की तैयारी का संकेत दे रही है, वहीं दूसरी ओर सतगढ़ी इंडस्ट्रियल पार्क के जरिए रोजगार बढ़ाने की योजना पर भी जोर दे रही है। यदि दोनों योजनाएं तय समय के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो इसका असर प्रदेश की कानूनी व्यवस्था, निवेश और रोजगार—तीनों क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Heavy Rain

Heavy Rain Alert: महाराष्ट्र से गुजरात तक बारिश का कहर, 19 लोगों का Rescue; भिवंडी में दुकानें बंद

देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और इसके साथ ही बारिश (Heavy Rain) का कहर भी देखने को मिल रहा है। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कहीं सड़कों पर तीन फीट तक पानी भर गया है, तो कहीं बाढ़ और भूस्खलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राहत और बचाव एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। भिवंडी में तीन फीट पानी, बाजार और दुकानें बंद महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर में मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया। मुख्य सड़कें, बाजार और रिहायशी कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। जलभराव की वजह से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई व्यापारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर अपनी दुकानें बंद रखीं। स्थानीय प्रशासन ने जल निकासी के लिए मशीनें लगाई हैं और नागरिकों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। गुजरात में बाढ़ जैसे हालात, 19 लोगों का रेस्क्यू गुजरात के कई जिलों में लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई गांवों का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से टूट गया। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर अब तक 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। प्रशासन लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। उज्जैन में तेज बहाव में बहा युवक मध्य प्रदेश के उज्जैन में भारी बारिश के बीच एक युवक नदी के तेज बहाव में बह गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और युवक की तलाश शुरू कर दी गई। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी, नाले और पुलों के आसपास जाने से बचें। जम्मू-कश्मीर में Landslide से सड़कें बंद जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के चलते कई जगह भूस्खलन हुआ। पहाड़ों से मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण कई अहम सड़कें बंद करनी पड़ीं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसियां मलबा हटाकर रास्ते खोलने में जुटी हैं। मौसम सामान्य होने तक लोगों को पहाड़ी मार्गों पर यात्रा टालने की सलाह दी गई है। कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने, जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। राहत कार्य लगातार जारी बारिश से प्रभावित इलाकों में प्रशासन, SDRF और अन्य बचाव एजेंसियां लगातार राहत कार्य चला रही हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने, फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और बंद सड़कों को दोबारा चालू करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। फिलहाल मौसम का मिजाज जल्द बदलने के संकेत नहीं हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है। छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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गुना में घरवालों के सोते समय लाखों की चोरी, बेड के पास टंगी लाइसेंसी बंदूकें छोड़ नकदी-जेवर ले उड़े चोर

मध्य प्रदेश के गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र में चोरी की एक हैरान करने वाली वारदात सामने आई है। परिवार के लोग पूरी रात घर में सोते रहे और चोर लाखों रुपए की नकदी व सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। खास बात यह रही कि बेड के पास टंगी दो लाइसेंसी बंदूकें अपनी जगह पर ही रहीं, जबकि बदमाश घर का कीमती सामान समेटकर निकल गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। सुबह खुला चोरी का राज आरोन थाना क्षेत्र के रायपुर कलां निवासी राकेश धाकड़ ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात पूरा परिवार घर में सो रहा था। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे उनकी बहू नीरज धाकड़ ने छत पर रखा संदूक खुला देखा। उसमें सामान बिखरा हुआ था और अलमारी की चाबी गायब थी। जब परिवार नीचे कमरे में पहुंचा तो अलमारी के लॉकर में वही चाबी लगी मिली। जांच करने पर पता चला कि अलमारी से नकदी और जेवरात गायब हैं। दो लाख नकद और लाखों के जेवर चोरी परिवार के अनुसार, चोर अलमारी से करीब दो लाख रुपए नकद, करीब छह तोला सोना और 200 ग्राम चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। चोरी हुए सामान में सोने की चार चूड़ियां, मंगलसूत्र, चैन, झुमकी तथा चांदी की पायल और बिछिया शामिल हैं। घर के पास मिला सामान भी निकला चोरी का राकेश धाकड़ ने बताया कि सुबह खेत जाते समय घर के पास तिराहे पर घी से भरा एक स्टील का डिब्बा और कुछ सिक्के पड़े मिले थे। उन्होंने उस समय इसे सामान्य बात समझकर ध्यान नहीं दिया। बाद में पत्नी ने बताया कि वह डिब्बा और सिक्के भी उनके घर के ही थे, जिन्हें चोर अपने साथ ले जाकर रास्ते में फेंक गए थे। पुलिस कर रही जांच आरोन पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल और आसपास के इलाकों से सुराग जुटाए जा रहे हैं। साथ ही आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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सागर BMC में महिला डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ से अभद्रता का आरोप, BJP नेता पर FIR; विरोध में डॉक्टरों का चक्काजाम

मध्य प्रदेश के सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में महिला डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के साथ कथित अभद्रता का मामला सामने आया है। आरोप है कि भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल श्रीवास्तव ने महिला स्टाफ के साथ बदसलूकी की, बैड टच किया और विरोध करने पर गोली मारने की धमकी दी। घटना के विरोध में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने काम बंद कर अस्पताल के मुख्य गेट पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। बाद में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। रात 2 बजे मरीज के इलाज के दौरान हुआ विवाद पीड़ित महिला स्टाफ के अनुसार, गुरुवार रात करीब 2 बजे लक्ष्मी तिवारी नाम की मरीज को इलाज के लिए बीएमसी लाया गया था। मरीज के अस्पताल पहुंचने से पहले ही इलाज को लेकर लगातार फोन किए जा रहे थे। इलाज के दौरान मरीज के साथ आए लोगों ने अस्पताल स्टाफ से कथित रूप से अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। महिला स्टाफ का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया। एक व्यक्ति ने बैड टच किया और अस्पताल के बाहर गोली मारने की धमकी दी। पीड़ितों का कहना है कि धमकी देने वाला व्यक्ति अनिल श्रीवास्तव था। ‘पुलिस आई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई’ महिला कर्मचारियों का कहना है कि घटना की जानकारी रात में ही पुलिस और अस्पताल प्रबंधन को दे दी गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सुरक्षा कर्मी मरीज और उसके साथ आए लोगों को अस्पताल से बाहर भेज चुके थे। आरोप है कि पुलिस बिना कार्रवाई किए लौट गई। स्टाफ का कहना है कि यदि अस्पताल में ही डॉक्टर और नर्स सुरक्षित नहीं रहेंगे तो मरीजों की बेहतर चिकित्सा व्यवस्था भी प्रभावित होगी। JDA ने दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) मध्य प्रदेश ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने कॉलेज प्रबंधन और पुलिस प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं। JDA ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार किया जाएगा। डॉक्टरों की प्रमुख मांगें BJP नेता ने आरोपों से किया इनकार भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल श्रीवास्तव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वे केवल अपने गांव के एक मरीज को देखने अस्पताल गए थे और समय पर इलाज करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी भी डॉक्टर या महिला कर्मचारी से अभद्रता नहीं की। यदि वार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी जांच कराई जाए, जिससे पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। पुलिस ने दर्ज किया मामला एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि इलाज के दौरान अस्पताल स्टाफ से अभद्रता की शिकायत मिलने के बाद अनिल श्रीवास्तव और लक्ष्मी तिवारी के खिलाफ गोपालगंज थाने में छेड़छाड़ सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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खंडवा में बरसाती नाले पर बने चार रास्तों पर चला बुलडोजर, जुम्मे की नमाज के दौरान हुई कार्रवाई पर उठे सवाल

खंडवा शहर में शुक्रवार को नगर निगम और प्रशासन ने बरसाती नाले पर बने चार अवैध रास्तों को हटाने की कार्रवाई की। बुलडोजर की मदद से इन रास्तों को तोड़ा गया। इनमें दो रास्तों पर रहवासियों द्वारा पाइप डालकर मार्ग बनाया गया था, जबकि एक पक्की पुलिया नगर निगम की ओर से बनाई गई थी। कार्रवाई ऐसे समय की गई, जब बड़ी संख्या में लोग जुम्मे की नमाज में शामिल थे। कार्रवाई पर दोनों समुदायों ने जताई आपत्ति स्थानीय लोगों के अनुसार, कार्रवाई से पहले हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने प्रशासन से शिकायत कर इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि इन रास्तों का इस्तेमाल रोजमर्रा की आवाजाही के लिए किया जाता था। रहवासियों ने लगाए राजनीतिक कारणों के आरोप स्थानीय लोगों और कुछ जानकारों का दावा है कि यह मामला राजनीति और रियल एस्टेट से जुड़ा हो सकता है। शहर के वीआईपी माने जाने वाले बड़गांव भीला रोड क्षेत्र में कई प्रीमियम कॉलोनियां, मैरिज गार्डन और तेजी से विकसित हो रहे आवासीय प्रोजेक्ट मौजूद हैं। इसी क्षेत्र के पास फोरलेन बायपास बनने के बाद रियल एस्टेट गतिविधियां भी बढ़ी हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन ने इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है। बच्चों की आवाजाही के लिए बनाए गए थे रास्ते: रहवासी रहवासियों का कहना है कि नाले के दूसरी ओर बसे खानशाहवली क्षेत्र के लोगों ने आपसी सहयोग से कुछ पुल और रास्ते बनाए थे, ताकि बच्चों को स्कूल जाने और बाजार तथा सिहाड़ा-मूंदी रोड तक पहुंचने में सुविधा हो सके। उनका दावा है कि इनमें से एक पक्का पुल नगर निगम ने भी बनवाया था, जिसे भी कार्रवाई के दौरान तोड़ दिया गया। ‘नमाज के समय कार्रवाई की गई’ स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के दौरान प्रशासन ने पांच जेसीबी मशीनों के साथ कार्रवाई शुरू कर दी। उनका कहना है कि जब तक लोग नमाज से लौटकर मौके पर पहुंचे, तब तक रास्ते पूरी तरह तोड़े जा चुके थे और वहां केवल मलबा बचा था। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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जबलपुर में NSUI और कांग्रेस का प्रदर्शन, वाटर कैनन से खदेड़े गए कार्यकर्ता

दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में जबलपुर में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर NSUI ने सांकेतिक अर्थी यात्रा निकाली, जबकि शाम को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मालवीय चौक पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दोनों प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई तथा स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। अर्थी यात्रा को पुलिस ने रोका NSUI कार्यकर्ताओं की अर्थी यात्रा सिविल लाइन स्थित साईं मंदिर से शुरू होकर महाकौशल महाविद्यालय की ओर बढ़ रही थी। पुलिस ने सिविल लाइन क्षेत्र में उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली में 21 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों को सरकार नजरअंदाज कर रही है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर बल प्रयोग किया जा रहा है। 48 घंटे में इस्तीफे की मांग NSUI ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं दिया गया तो NSUI, यूथ कांग्रेस और अन्य सहयोगी संगठन और बड़ा आंदोलन करेंगे। मालवीय चौक पर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन शाम को मालवीय चौक पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री के विरोध में पोस्टर जलाने की कोशिश की गई, जिसे रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने दो बार वाटर कैनन चलाकर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता मशाल लेकर अंजुमन स्कूल की ओर बढ़े, जबकि अन्य मालवीय चौक पर दोबारा एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप कांग्रेस नेता सौरभ नाटी शर्मा ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए सरकार दमनात्मक रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है तथा शिक्षा मंत्री को बचाने के लिए सरकार विपक्ष की आवाज दबा रही है। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पाया, हालांकि देर रात तक प्रदर्शन जारी रहा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com

बिलासपुर के राजेश सोंथालिया बने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के सहायक राज्य आयुक्त

बिलासपुर के वरिष्ठ स्काउटर राजेश सोंथालिया को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ राज्य संघ का सहायक राज्य आयुक्त (Assistant State Commissioner) नियुक्त किया गया है। इस संबंध में राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा ने सोमवार को नियुक्ति आदेश जारी किया। राजेश सोंथालिया की नियुक्ति राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अनुशंसा पर की गई है। स्काउट आंदोलन में उनकी वर्षों की सक्रिय भागीदारी, संगठनात्मक क्षमता और सेवा भावना को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। निभाएंगे अहम जिम्मेदारी सहायक राज्य आयुक्त के रूप में राजेश सोंथालिया अब प्रदेशभर में स्काउट गतिविधियों के संचालन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संगठन के विस्तार और युवा नेतृत्व को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सामाजिक कार्यों में रहा उल्लेखनीय योगदान राजेश सोंथालिया शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में स्काउट आंदोलन को नई ऊर्जा और नई दिशा मिलेगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com

जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी, अभिजीत दीपके बोले- अब सरकार खुद बातचीत के लिए आए

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने साफ कहा कि अब उनकी ओर से कोई प्रतिनिधि सरकार से बातचीत के लिए नहीं जाएगा। यदि सरकार बातचीत चाहती है तो उसे खुद जंतर-मंतर आना होगा। अभिजीत दीपके ने संसद मार्च के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों से माफी भी मांगी और कहा कि जिन लोगों को कानूनी सहायता की जरूरत है, वे CJP की लीगल टीम से संपर्क करें। सभी प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनमें खून की कमी के लक्षण हैं, लेकिन उनका अनशन 24वें दिन भी जारी है। विपक्षी नेताओं ने जताया समर्थन मंगलवार को जंतर-मंतर पर कई विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता आंदोलन के समर्थन में पहुंचे। इनमें उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, शरद पवार, सुप्रिया सुले, अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह सहित कई प्रमुख नेता शामिल रहे। शाम होते-होते प्रदर्शन स्थल पर भीड़ फिर बढ़ गई। धरने में वे प्रदर्शनकारी भी शामिल हुए, जो एक दिन पहले संसद मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस की कार्रवाई में घायल हुए थे। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी रिहा दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया है। इसके बाद CJP ने पुलिस मुख्यालय के सामने प्रस्तावित धरना रद्द कर दिया। वहीं, संसद मार्च के दौरान बर्गर खाते नजर आए CJP प्रवक्ता विजेता दाहिया को संगठन ने पद से हटा दिया। इस पर दाहिया ने वीडियो जारी कर कहा कि यदि किसी को भूख लगेगी तो वह खाना जरूर खाएगा। दिनभर के प्रमुख अपडेट्स अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com

राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में रायपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, लोकभवन के बाहर पुलिस से धक्का-मुक्की

राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं की दिल्ली में हिरासत के विरोध में मंगलवार रात छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रायपुर के लोकभवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गेट की ओर बढ़ने से रोक दिया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। दरअसल, दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसी कार्रवाई के विरोध में देशभर में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर जताया विरोध दिल्ली में हुए प्रदर्शन में शामिल छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि पुलिस उन्हें और अन्य वरिष्ठ नेताओं को बस में बैठाकर एयरपोर्ट की ओर ले गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका एक जूता भी ले लिया। कांग्रेस की प्रमुख मांगें प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और भजन-कीर्तन रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर भजन-कीर्तन किया, सरकार के खिलाफ नारे लगाए और गेट तक पहुंचने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालात को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि कई छात्रों ने आत्महत्या की है और छात्रों पर लाठीचार्ज जैसी घटनाएं चिंताजनक हैं। कांग्रेस नेता राकेश गुप्ता ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की। वहीं, सुबोध हरितवाल ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com

भोपाल महिला आयोग में रिश्तों के दो चौंकाने वाले मामले, पत्नी ने मांगा तलाक तो दूसरे केस में दोनों ने लगाए गंभीर आरोप

भोपाल में राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान वैवाहिक विवादों से जुड़े दो अलग-अलग मामलों ने सबका ध्यान खींचा। एक मामले में सरकारी विभाग में असिस्टेंट डायरेक्टर बनने के बाद पत्नी ने पति पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए तलाक की मांग की, जबकि दूसरे मामले में पति-पत्नी ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। 20 साल बाद पत्नी ने मांगा तलाक पहले मामले में सरकारी विभाग में कार्यरत असिस्टेंट डायरेक्टर महिला ने शादी के करीब 20 साल बाद महिला आयोग में पति के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक लेनदेन से जुड़े आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, सुनवाई के दौरान वह स्वयं उपस्थित नहीं हुईं। सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर पति आयोग के सामने पेश हुए और कहा कि वह अपनी पत्नी के साथ रहना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि पत्नी बिना बताए बेटे को लेकर मायके चली गई और तब से अलग रह रही है। पति ने कहा कि दोनों का बेटा आईवीएफ तकनीक से हुआ है और यदि रिश्ते में लगातार प्रताड़ना होती तो ऐसा संभव नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि पत्नी के जाने के बाद उनकी मां को पैरालिसिस का दूसरा अटैक आया और अब इस उम्र में अकेले जीवन बिताना मुश्किल होगा। दूसरे मामले में पति-पत्नी के गंभीर आरोप दूसरे मामले में पति ने महिला आयोग के सामने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी का एक अन्य महिला के साथ अवैध संबंध है और उसे अपनी जान का खतरा महसूस होता है। उसका दावा था कि इस संबंध में वह अदालत में दस्तावेज और सबूत भी प्रस्तुत कर चुका है। वहीं, पत्नी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट, जबरन गर्भपात कराने, निजी वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा करने और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए। महिला ने यह भी दावा किया कि उसके पति का अपनी रिश्तेदारी की एक महिला के साथ संबंध है और ससुर ने भी उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। महिला ने आयोग को बताया कि शादी के बाद से उसे लगातार प्रताड़ित किया गया और वर्तमान में उसका खर्च मायके वाले उठा रहे हैं। दूसरी ओर, पति ने पत्नी के सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों मामलों में महिला आयोग ने संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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