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भोपाल

भोपाल के वीवीआईपी इलाके में सरकारी आवास के आंगन में बनी मजार, ‘लैंड जिहाद’ का आरोप

भोपाल, 18 अप्रैल 2025 — मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे हाई-सिक्योरिटी और वीवीआईपी इलाके में बने एक सरकारी आवास के आंगन में मजार का निर्माण अब विवाद का कारण बन गया है। हिंदू संगठनों ने इसे ‘लैंड जिहाद’ करार दिया है और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कहां और कैसे हुआ मामला? भोपाल के 1250 क्वार्टर क्षेत्र, जहां राज्य के मंत्रियों, वरिष्ठ IAS अधिकारियों, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य वीवीआईपी का निवास है, वहीं एक सरकारी क्वार्टर के प्रांगण में मजार बनाई गई। इस इलाके की सुरक्षा और प्रशासनिक संवेदनशीलता को देखते हुए यह मामला तुरंत सियासी और धार्मिक बहस में बदल गया। किसने उठाया मुद्दा? प्रशासन की क्या है प्रतिक्रिया? भोपाल जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का बयान: “अगर यह मजार बिना अनुमति के बनाई गई है, तो इसे हटाने और संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” इस बीच यह भी सवाल उठ रहे हैं कि इतने सेंसिटिव इलाके में यह निर्माण कैसे हुआ, और क्या किसी अफसर की मिलीभगत इसमें शामिल थी। क्या है ‘लैंड जिहाद’ का मतलब? ‘लैंड जिहाद’ एक राजनीतिक और धार्मिक रूप से संवेदनशील शब्द है, जिसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब किसी धर्म विशेष पर भूमि कब्जा करने या धार्मिक स्थल बनाकर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया जाता है।
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भोपाल स्थित केरवा गिद्ध प्रजनन केन्द्र से 6 गिद्धों को कल पहली बार प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा गया

Vulture Conservation Mission: केरवा गिद्ध प्रजनन केन्द्र से 6 गिद्ध हुए Natural Habitat में Release, GPS Tracking से होगी 24×7 Monitoring भोपाल के नजदीक स्थित Kerwa Vulture Breeding Centre से पहली बार 6 दुर्लभ गिद्धों को natural habitat में release किया गया है। यह कदम मध्य प्रदेश में vulture conservation mission की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक प्रयास माना जा रहा है। इन सभी गिद्धों को अत्याधुनिक GPS trackers से लैस किया गया है, जिससे उनके मूवमेंट, व्यवहार और सुरक्षा की real-time monitoring की जा सकेगी। गिद्ध केवल एक पक्षी नहीं, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक natural scavengers हैं। ये मृत जीवों को खाकर वातावरण को साफ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे zoonotic diseases के फैलने का खतरा भी कम होता है। उनके बिना पर्यावरणीय संतुलन गड़बड़ा सकता है, इसलिए उनका संरक्षण हमारी biodiversity security के लिए अनिवार्य है। गौरतलब है कि गत कुछ वर्षों में भारत में गिद्धों की संख्या में भारी गिरावट देखी गई, जिसका मुख्य कारण रहा एक पशु-औषधि Diclofenac, जो गिद्धों के लिए ज़हर साबित हुई। इसके बाद भारत सरकार और राज्य सरकारों ने इस दवा पर प्रतिबंध लगाते हुए vulture protection programmes पर विशेष ध्यान देना शुरू किया। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा केरवा स्थित इस गिद्ध प्रजनन केंद्र की स्थापना Indian Vulture Conservation Action Plan के अंतर्गत की गई थी। यहां वैज्ञानिक तरीके से गिद्धों को संरक्षित कर उनकी संख्या बढ़ाने का कार्य चल रहा है। अब जब 6 स्वस्थ गिद्धों को प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा गया है, तो यह संकेत है कि संरक्षण के प्रयास अब परिणाम देने लगे हैं। इस अभियान की विशेषता यह है कि इन गिद्धों की गतिविधियों को satellite-based tracking system के जरिए लगातार ट्रैक किया जाएगा। इससे न सिर्फ इनके जीवन के बारे में नए वैज्ञानिक तथ्य मिलेंगे, बल्कि अगर किसी भी प्रकार की खतरे की स्थिति उत्पन्न होती है, तो तुरंत सहायता पहुंचाई जा सकेगी। Desh Harpal इस पहल का स्वागत करता है और सरकार, वन विभाग, वाइल्डलाइफ विशेषज्ञों और सभी सहयोगियों को इस दिशा में निरंतर प्रयास करते रहने के लिए साधुवाद देता है। ऐसे कदम न केवल गिद्धों की वापसी का रास्ता खोलते हैं, बल्कि यह भी साबित करते हैं कि यदि इच्छाशक्ति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण साथ हो, तो wildlife conservation सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि सच्चाई बन सकता है। भोपाल स्थित केरवा गिद्ध प्रजनन केन्द्र से 6 गिद्धों को कल पहली बार प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा गया
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नवविवाहिता ने की आत्महत्या

भोपाल में नवविवाहिता ने की आत्महत्या, पति के अफेयर और घरेलू हिंसा से परेशान थी 23 वर्षीय भारती

भोपाल (मध्य प्रदेश) – राजधानी के छोला इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई है जहां एक 23 वर्षीय नवविवाहिता ने की आत्महत्या। बताया जा रहा है कि शादी के महज दो महीने बाद ही महिला मानसिक प्रताड़ना और पति के अवैध संबंधों से परेशान चल रही थी। दो महीने पहले हुई थी शादी, अब हो गई मातम में तब्दील मृतका की पहचान भारती कुचबंदिया के रूप में हुई है, जिनकी शादी 3 फरवरी 2025 को विशाल कुचबंदिया से हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही विशाल का व्यवहार ठीक नहीं था। भारती के भाई राहुल ने बताया कि विशाल अक्सर कई दिनों तक घर नहीं लौटता था, और जब आता तो मारपीट करता था। इसके साथ ही उसका किसी और महिला के साथ रिश्ता भी था। इस कारण भारती मानसिक रूप से बहुत परेशान रहने लगी थी। अंतिम कॉल बना आखिरी लड़ाई का गवाह घटना से एक दिन पहले, यानि मंगलवार को, एक बार फिर ससुराल में झगड़ा हुआ। इसके बाद भारती को उसके मायके लाया गया। बुधवार रात को जब उसकी मां किसी काम से बाहर गई थी और घर पर कोई नहीं था, तब भारती ने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार की एक बच्ची, जो घर में थी, ने बताया कि उसने भारती को उसके पति से फोन पर तेज आवाज़ में बहस करते सुना। थोड़ी ही देर में जब वह कमरे में गई, तो भारती को फंदे पर लटका पाया और तुरंत पड़ोसियों व परिवार को सूचना दी। पुलिस जांच में जुटी, सुसाइड नोट नहीं मिला पुलिस का कहना है कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या ससुरालवालों की भूमिका इस घटना में थी। एक मासूम ज़िंदगी की दुखद विदाई भारती की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शादी जैसे पवित्र बंधन में जब धोखा, अत्याचार और हिंसा शामिल हो जाए तो उसका अंत कितना भयावह हो सकता है। इस घटना ने इलाके में शोक की लहर फैला दी है।
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Bhopal

भोपाल के एक युवा ने ChatGPT से यह सवाल किया कि “यदि भोपाल पर अंग्रेजों का कब्जा नहीं होता और नवाबों का ही शासन होता तो भोपाल कैसा दिखता?”

भोपाल, 15 अप्रैल | देश हरपल ब्यूरो भोपाल के एक युवा द्वारा की गई एक साधारण सी कल्पना आधारित पूछताछ अब चर्चा का विषय बन चुकी है। कुछ दिन पहले इस युवा ने दुनिया के सबसे लोकप्रिय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल ChatGPT से यह सवाल किया कि “यदि भोपाल पर अंग्रेजों का कब्जा नहीं होता और नवाबों का ही शासन बना रहता तो भोपाल कैसा दिखता?” इस सवाल के जवाब में AI ने एक काल्पनिक छवि तैयार की, जिसमें भोपाल को पूरी तरह एक इस्लामिक राजशाही प्रभाव वाले शहर की तरह दिखाया गया है। तस्वीर में ऊँची-ऊँची मीनारें, विशाल गुम्बद वाली मस्जिदें, मुग़ल शैली की इमारतें और हरियाली लिए हरे रंग के गुंबद प्रमुख रूप से दिखाई दे रहे हैं। हालांकि AI द्वारा बनाई गई यह तस्वीर कल्पनाशीलता पर आधारित है, लेकिन इसमें भोपाल की विविध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का अभाव महसूस किया गया। शहर के कई नागरिकों और इतिहास के जानकारों का कहना है कि भोपाल की पहचान केवल नवाबी शासन या मुग़ल वास्तुकला तक सीमित नहीं रही है। भोपाल की वास्तुकला में जहाँ एक ओर ताज-उल-मस्जिद जैसी ऐतिहासिक मस्जिदें हैं, वहीं भारत भवन, भीम बेटका की गुफाएं और आदिवासी संस्कृति की छाप भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मुद्दा उठता है — क्या AI जैसे प्लेटफॉर्म भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से विविध देश की पूरी तस्वीर पेश करने में सक्षम हैं? टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों का मानना है कि AI अपने उत्तरों को प्रशिक्षित डेटा और एल्गोरिदम के आधार पर बनाता है, जिसमें कभी-कभी एकपक्षीय छवि उभर सकती है। ऐसे में यूज़र्स को भी यह समझना होगा कि AI द्वारा दी गई तस्वीरें या जवाब कल्पना आधारित हो सकते हैं, और उनका ऐतिहासिक या सामाजिक संतुलन जरूरी नहीं। देश हरपल इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में विशेषज्ञों, इतिहासकारों और तकनीकी विशेषज्ञों की राय के साथ एक विस्तृत चर्चा प्रकाशित करेगा।
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एमपी अजब है! प्रोफेसर की बीमारी में चपरासी ने जांच दी यूनिवर्सिटी की कॉपियां, 5000 रुपए में छात्रों के भविष्य से खेल

देश हरपल न्यूज़ | पिपरिया, नर्मदापुरम (मध्य प्रदेश) मध्य प्रदेश एक बार फिर अपने “अजब-गजब” कारनामों के लिए चर्चा में है। ताजा मामला नर्मदापुरम जिले के पिपरिया स्थित शहीद भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का है, जहां यूनिवर्सिटी परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किसी प्रोफेसर ने नहीं, बल्कि एक चपरासी ने कर डाला। यह घटना जनवरी 2025 की है, जब कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पन्नालाल पठारिया द्वारा यूनिवर्सिटी की परीक्षा कॉपियां जांचते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा गया कि पन्नालाल, जो कि कॉलेज में चपरासी के पद पर कार्यरत हैं, बड़े आराम से उत्तर पुस्तिकाएं जांच रहे हैं और उन्हें नंबर भी दे रहे हैं। चौंकाने वाला खुलासा: 5000 में हुआ सौदा, छात्रों का भविष्य दांव पर जांच में खुलासा हुआ कि यह कॉपियां कॉलेज की गेस्ट फैकल्टी खुशबू पगारे को जांचने के लिए सौंपी गई थीं। लेकिन खुशबू पगारे ने कथित तौर पर तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए यह ज़िम्मेदारी कॉलेज के बुक लिफ्टर राकेश मेहर को 7000 रुपए में दे दी। राकेश ने बदले में 5000 रुपए में यह जिम्मेदारी चपरासी पन्नालाल पठारिया को सौंप दी। यानी प्रोफेसर की बीमारी, बिचौलिए की कमाई और चपरासी की मेहनत ने मिलकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर डाला। इतना ही नहीं, छात्रों की मेहनत और यूनिवर्सिटी की साख दोनों पर सवालिया निशान खड़े हो गए। छात्र पहुंचे विधायक के पास, उच्च शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप वीडियो वायरल होते ही छात्रों में रोष फैल गया। उन्होंने स्थानीय विधायक ठाकुरदास नागवंशी से इस मामले की शिकायत की और वीडियो सबूत के तौर पर सौंपा। मामला उच्च शिक्षा विभाग तक पहुंचा और प्रोफेसर खुशबू पगारे को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही चपरासी और बुक लिफ्टर के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं। सवाल बड़े हैं: शिक्षा का ये स्तर? यह घटना सिर्फ एक कॉलेज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल उठाती है। जब परीक्षा कॉपियों की जांच जैसे संवेदनशील कार्य को बिना योग्यता वाले कर्मचारी को सौंप दिया जाए, तो फिर छात्रों की योग्यता और मेहनत का क्या मूल्य रह जाता है? क्या यह लापरवाही नहीं, बल्कि एक आपराधिक लापरवाही है? क्या ऐसे मामलों पर सिर्फ सस्पेंशन ही काफी है या कड़ी कानूनी कार्रवाई भी जरूरी है? देश हरपल की अपील: देश हरपल न्यूज़ इस घटना की कड़ी निंदा करता है और मांग करता है कि ऐसी लापरवाहियों पर सख्त कार्रवाई हो, जिससे देश के युवाओं और शिक्षा प्रणाली पर विश्वास बना रहे।
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Indore Girl Video

Indore Girl Video: 56 दुकान पर ब्रा और शॉर्ट्स पहनकर रील बनाना पड़ा महंगा, सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए बोली- “मुझे माफ कर दो”

देश हरपल डेस्क, इंदौर।मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की मशहूर जगह 56 दुकान इन दिनों एक अनोखे और विवादित मामले को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला न तो किसी खाद्य पदार्थ का है, न ही ट्रैफिक का, बल्कि एक ऐसी सोशल मीडिया रील का, जिसने पूरे शहर के माहौल को हिला कर रख दिया। दरअसल, कुछ दिन पहले एक युवती ने 56 दुकान इलाके में एक रील शूट की थी। इस रील में वह लाल रंग की ब्रा और शॉर्ट्स पहनकर खुलेआम घूमती नजर आई थी। चारों ओर फैमिली क्राउड, महिलाएं और बच्चे मौजूद थे, लेकिन युवती बेपरवाह होकर रील बनाती रही। बाद में इस रील को उसने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर दिया। पुलिस ने दर्ज की FIR, युवती के खिलाफ कार्रवाई शुरूवीडियो वायरल होते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं। कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने इसे अश्लीलता फैलाने का प्रयास बताया और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर पुलिस ने युवती के खिलाफ सार्वजनिक स्थल पर अश्लीलता फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान भी आया सामनेवीडियो के विरोध में कई हिंदू संगठनों ने भी सड़कों पर उतरकर कार्रवाई की मांग की। इस मामले पर मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी बयान जारी करते हुए कहा – “हमारा देश स्वतंत्र है, हर किसी को खाने, पीने, पहनने की आज़ादी है। लेकिन जब इस स्वतंत्रता का दुरुपयोग होने लगे तो प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। समाज को भी ऐसे लोगों का बहिष्कार करना चाहिए जो हमारी सांस्कृतिक मर्यादाओं को तोड़ते हैं।” विवाद बढ़ा तो युवती ने मांगी माफी, कहा- “मुझे माफ कर दो”मामले के तूल पकड़ने के बाद युवती ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर माफी मांगी। वीडियो में उसने कहा – “मुझे एहसास हुआ है कि मैंने सार्वजनिक जगह पर ऐसे कपड़े पहनकर गलती की है। मैं दोबारा ऐसा कभी नहीं करूंगी। मुझे माफ कर दीजिए।” हालांकि शुरुआत में युवती ने एक अलग ही रुख अपनाया था। उसने कहा था कि – “ऐसे कपड़े बहुत सी लड़कियां पहनती हैं, मैंने कुछ नया नहीं किया। जिसने भी मेरे खिलाफ शिकायत की है, वो मेरा पता पुलिस को दे दें ताकि वो मुझसे मिल सकें।” लेकिन सोशल मीडिया पर जब ट्रोलिंग और आलोचना तेज हो गई तो उसने अपनी गलती स्वीकार कर ली। वीडियो में क्या है?वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवती जैसे ही लाल ब्रा और शॉर्ट्स में 56 दुकान की सड़कों पर चलती है, राह चलते लोग हैरान रह जाते हैं। कई लोग मुड़-मुड़ कर उसे देखते हैं, एक लड़का तो शर्म से आंखें भी बंद कर लेता है। कुछ लोग हँसते हुए भी नजर आते हैं, लेकिन यह हंसी ज्यादा देर तक नहीं टिकती, क्योंकि वीडियो ने विवाद का रूप ले लिया। एडिशनल DCP राम स्नेही मिश्र का बयानइंदौर पुलिस के एडिशनल डीसीपी राम स्नेही मिश्र ने कहा – “हमें यह जांचना होगा कि युवती ने छोटे कपड़ों में इस तरह का वीडियो क्यों बनाया। क्या इसका उद्देश्य सिर्फ वायरल होना था या इसके पीछे कोई मानसिक दबाव या व्यक्तिगत कारण थे। साथ ही हम उसके पारिवारिक वातावरण की भी जांच करेंगे।” देश हरपल की टिप्पणीयह मामला केवल फैशन या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नहीं है, यह उस सामाजिक मर्यादा की बात करता है जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर सभी वर्गों का आना-जाना होता है – बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं और पूरा परिवार। सोशल मीडिया की ‘लाइक और वायरल’ संस्कृति अब वास्तविक जीवन की सीमाओं को तोड़ने लगी है। ऐसे में ज़रूरत है संतुलन और समझदारी की, ताकि हमारी सामाजिक संवेदनाएं और संविधान दोनों सुरक्षित रह सकें। देश हरपल ऐसे हर मुद्दे को उठाता रहेगा, जो हमारी संस्कृति, कानून और सामाजिक चेतना से जुड़ा हो।आपका क्या विचार है इस पर? नीचे कमेंट करके जरूर बताएं।
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जबलपुर: भगवान श्रीराम पर अभद्र टिप्पणी करने वाला स्कूल संचालक अखिलेश मेबन केरल से गिरफ्तार, भारी सुरक्षा में लाया गया जबलपुर

देश हरपल संवाददाता | 7 अप्रैल 2025 भगवान श्रीराम के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वाले स्कूल संचालक अखिलेश मेबन को जबलपुर पुलिस ने केरल के कोच्चि एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को उसे भारी पुलिस सुरक्षा के बीच जबलपुर लाया गया। वर्तमान में उसे पुलिस कंट्रोल रूम में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे और हर स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए थे। 📍क्या है पूरा मामला? अखिलेश मेबन जबलपुर में ‘जॉय स्कूल’ नाम से एक निजी शिक्षण संस्थान का संचालन करता था। हाल ही में उसने सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषा का प्रयोग करते हुए टिप्पणी की थी। इस पोस्ट के वायरल होते ही जबलपुर और आसपास के इलाकों में जन आक्रोश फूट पड़ा। विभिन्न हिन्दू संगठनों और आम नागरिकों ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी । 🚓 फरार होने के बाद के घटनाक्रम सूत्रों के मुताबिक, जब इस पूरे मामले में पुलिस ने जांच शुरू की, तो अखिलेश मेबन जबलपुर से फरार हो गया था। प्रारंभिक जानकारी में पता चला कि वह उमरिया जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बांधवगढ़ में स्थित एक रिसॉर्ट में छिपा हुआ था। जब पुलिस की टीम वहां पहुँची, तब तक वह वहाँ से निकल चुका था। इसके बाद लोकेशन ट्रेस करते हुए पता चला कि वह केरल भाग गया है। ✈️ कोच्चि एयरपोर्ट से दबोचा गया मध्य प्रदेश पुलिस ने केरल पुलिस की सहायता से ऑपरेशन को अंजाम दिया और कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अखिलेश को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच फ्लाइट से जबलपुर लाया गया, जहाँ अब उसे पुलिस कंट्रोल रूम में रखा गया है। 🔐 पुलिस की अगली कार्यवाही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में देश की धार्मिक भावनाओं को आहत करने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और साइबर अपराध की धाराओं के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी। पुलिस साइबर सेल के जरिए यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह टिप्पणी किसी प्रोपेगेंडा का हिस्सा तो नहीं थी। 🗣️ जनता और हिन्दू संगठनों की प्रतिक्रिया इस गिरफ्तारी से जनता में संतोष का माहौल है, वहीं हिन्दू संगठनों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना की है। लेकिन साथ ही यह मांग भी की है कि आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।
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नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश को दी कई सौगातें

नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश को दी कई सौगातें, भोपाल, सागर, ग्वालियर और मुरैना को बड़ा तोहफा

मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य को नई सड़कों और बाईपास परियोजनाओं की सौगात दी है। इससे यातायात सुगम होगा, ट्रैफिक जाम की समस्या दूर होगी और सफर का समय कम होगा। भोपाल, ग्वालियर, मुरैना और सागर सहित कई जिलों को इन प्रोजेक्ट्स का फायदा मिलेगा। ग्वालियर-मुरैना को मिला एक्सेस कंट्रोल्ड बाईपास नितिन गडकरी ने ग्वालियर शहर के पश्चिमी हिस्से में 28.5 किमी लंबे एक्सेस कंट्रोल्ड 4-लेन बाईपास को मंजूरी दी है। 1347.6 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-46, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करेगी। इससे लॉन्ग-डिस्टेंस ट्रैफिक और माल ढुलाई की दक्षता बढ़ेगी, जिससे यात्रा समय कम होगा और सड़क यातायात सुगम बनेगा। सागर को भी बड़ी सौगात सागर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-146 पर लहदरा गांव जंक्शन से बेरखेड़ी गुरु गांव जंक्शन तक 20.2 किमी का ग्रीनफील्ड 4-लेन बाईपास बनाने के लिए 688.31 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। यह प्रोजेक्ट शहर के अंदर ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करेगा और यात्रा का समय कम करेगा। इसके अलावा, विदिशा और सागर जिले के राहतगढ़ से बेरखेड़ी तक 10.08 किमी सड़क को 4-लेन बनाने के लिए 731.36 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। यह सड़क भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा होगी और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 व राष्ट्रीय राजमार्ग-346 को कनेक्ट करेगी। इससे राहतगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित और तेज़ यात्रा का लाभ मिलेगा। भोपाल के लिए 1535.66 करोड़ की परियोजना राजधानी भोपाल के संदलपुर से नसरुल्लागंज बाईपास तक राष्ट्रीय राजमार्ग-146B के 43.2 किमी हिस्से को 4-लेन में अपग्रेड करने के लिए 1535.66 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-47, राष्ट्रीय राजमार्ग-46 और राष्ट्रीय राजमार्ग-45 को जोड़ने का काम करेगी। इससे भारी ट्रैफिक से राहत मिलेगी और सफर आसान होगा। MP को मिली बड़ी सौगात, नेताओं ने जताई खुशी मध्य प्रदेश के सांसदों और विधायकों ने हाल ही में नितिन गडकरी से नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी देने की मांग की थी। अब जब इन प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति मिल गई है, तो प्रदेश के नेताओं और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से मध्य प्रदेश में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों को सुरक्षित एवं तेज़ सफर मिलेगा।
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ईद-उल-फितर पर मध्यप्रदेश में वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध, फिलिस्तीन के समर्थन में बैनर

Bhopal भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश में सोमवार को ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा हैं । राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रतलाम सहित सभी शहरों में ईदगाह और मस्जिदों में नमाज-ए-खास अदा की गई और अमन-चैन तथा खुशहाली की दुआ मांगी गई। हालांकि, इस बार ईद की नमाज के दौरान भोपाल में कुछ मुस्लिम धर्मावलंबियों ने काली पट्टी बांधकर वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध किया। वहीं, ईदगाह के बाहर कुछ युवा फिलिस्तीन के समर्थन में बैनर लेकर खड़े नजर आए। मोती मस्जिद में भी यमन और फिलिस्तीन के साथ-साथ वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए विशेष दुआ की गई। क्या है वक्फ अमेंडमेंट बिल और क्यों हो रहा विरोध? केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित वक्फ अमेंडमेंट बिल को लेकर मुस्लिम समाज के कुछ वर्गों में असंतोष देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस बिल से वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और उनके प्रबंधन पर असर पड़ेगा। हालांकि, सरकार का दावा है कि यह बिल पारदर्शिता लाने और अवैध कब्जों को रोकने के लिए लाया गया है। मंत्री विश्वास सारंग का बयान – ‘बिना पढ़े विरोध गलत’ मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने इस विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,“जो लोग बिना बिल पढ़े इसका विरोध कर रहे हैं, वे गुमराह हैं। जब पाकिस्तान आतंकवादी हमला करता है, बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार होते हैं और कश्मीर में पंडितों पर जुल्म किया जाता है, तब ये लोग काली पट्टी क्यों नहीं बांधते?” सारंग ने आगे कहा कि वक्फ संपत्तियों का वास्तविक लाभ गरीब मुस्लिमों को नहीं मिला है, बल्कि इसका फायदा केवल अमीर मुस्लिम नेताओं और अवैध कब्जेदारों ने उठाया है। उन्होंने फिलिस्तीन के समर्थन में लगाए गए बैनरों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,“भारत में फिरकापरस्ती और उन्माद फैलाने की कोशिश को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” भोपाल में शांतिपूर्ण माहौल, पुलिस सतर्क हालांकि, विरोध प्रदर्शन के बावजूद भोपाल और अन्य शहरों में ईद का त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा रहा हैं । पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं । मध्यप्रदेश में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि वक्फ अमेंडमेंट बिल और फिलिस्तीन के समर्थन को लेकर और क्या प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।
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भोपाल में बोहरा समुदाय ने मनाई ईद-उल-फित्र

भोपाल में बोहरा समुदाय ने उत्साह के साथ मनाई ईद-उल-फित्र, सुबह 6 बजे अदा की गई विशेष नमाज

भोपाल, 30 मार्च: राजधानी भोपाल में शनिवार को बोहरा समुदाय ने बड़े हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-फित्र का त्योहार मनाया। इस खास मौके पर समुदाय के लोगों ने सुबह 6 बजे विशेष नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। ईद की नमाज और जश्न का माहौल भोपाल में दाऊदी बोहरा समाज के लोग सुबह ही मस्जिदों और ईदगाह में जमा हो गए। समाज के प्रमुख धार्मिक स्थल पर बड़ी संख्या में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने ईद की नमाज पढ़ी। इस दौरान खुशियों का माहौल देखने को मिला। ईद की नमाज के बाद लोगों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा देते हुए एक-दूसरे को ईद की शुभकामनाएं दीं। हिलाल कमेटी करेगी चांद देखने पर फैसला दूसरी ओर, भोपाल की मोती मस्जिद में आज हिलाल कमेटी की अहम बैठक बुलाई गई है, जहां ईद के चांद को लेकर निर्णय लिया जाएगा। चांद दिखने की पुष्टि के बाद अन्य मुस्लिम समुदायों के लिए भी ईद की तिथि तय की जाएगी। बाजारों में दिखी रौनक, सेवइयों की रही मांग ईद-उल-फित्र से पहले राजधानी भोपाल के बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली। खासतौर पर चौक बाजार, जुमेराती और इब्राहिमपुरा में सेवइयां, मेवे, कपड़े और अन्य सामान की जमकर खरीदारी हुई। मिठाइयों की दुकानों पर भी लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भाईचारे और खुशियों का संदेश बोहरा समाज के धर्मगुरुओं ने इस अवसर पर लोगों को भाईचारे और प्रेम का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईद-उल-फित्र का पर्व हमें जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में एकता बनाए रखने की प्रेरणा देता है। भोपाल में ईद-उल-फित्र की खुशियों के साथ लोग आपसी सद्भावना को और मजबूत कर रहे हैं।
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जबलपुर में NSUI और कांग्रेस का प्रदर्शन, वाटर कैनन से खदेड़े गए कार्यकर्ता

दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में जबलपुर में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर NSUI ने सांकेतिक अर्थी यात्रा निकाली, जबकि शाम को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मालवीय चौक पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दोनों प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई तथा स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। अर्थी यात्रा को पुलिस ने रोका NSUI कार्यकर्ताओं की अर्थी यात्रा सिविल लाइन स्थित साईं मंदिर से शुरू होकर महाकौशल महाविद्यालय की ओर बढ़ रही थी। पुलिस ने सिविल लाइन क्षेत्र में उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली में 21 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों को सरकार नजरअंदाज कर रही है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर बल प्रयोग किया जा रहा है। 48 घंटे में इस्तीफे की मांग NSUI ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं दिया गया तो NSUI, यूथ कांग्रेस और अन्य सहयोगी संगठन और बड़ा आंदोलन करेंगे। मालवीय चौक पर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन शाम को मालवीय चौक पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री के विरोध में पोस्टर जलाने की कोशिश की गई, जिसे रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने दो बार वाटर कैनन चलाकर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता मशाल लेकर अंजुमन स्कूल की ओर बढ़े, जबकि अन्य मालवीय चौक पर दोबारा एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप कांग्रेस नेता सौरभ नाटी शर्मा ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए सरकार दमनात्मक रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है तथा शिक्षा मंत्री को बचाने के लिए सरकार विपक्ष की आवाज दबा रही है। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पाया, हालांकि देर रात तक प्रदर्शन जारी रहा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com

बिलासपुर के राजेश सोंथालिया बने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के सहायक राज्य आयुक्त

बिलासपुर के वरिष्ठ स्काउटर राजेश सोंथालिया को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ राज्य संघ का सहायक राज्य आयुक्त (Assistant State Commissioner) नियुक्त किया गया है। इस संबंध में राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा ने सोमवार को नियुक्ति आदेश जारी किया। राजेश सोंथालिया की नियुक्ति राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अनुशंसा पर की गई है। स्काउट आंदोलन में उनकी वर्षों की सक्रिय भागीदारी, संगठनात्मक क्षमता और सेवा भावना को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। निभाएंगे अहम जिम्मेदारी सहायक राज्य आयुक्त के रूप में राजेश सोंथालिया अब प्रदेशभर में स्काउट गतिविधियों के संचालन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संगठन के विस्तार और युवा नेतृत्व को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सामाजिक कार्यों में रहा उल्लेखनीय योगदान राजेश सोंथालिया शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में स्काउट आंदोलन को नई ऊर्जा और नई दिशा मिलेगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com

जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी, अभिजीत दीपके बोले- अब सरकार खुद बातचीत के लिए आए

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने साफ कहा कि अब उनकी ओर से कोई प्रतिनिधि सरकार से बातचीत के लिए नहीं जाएगा। यदि सरकार बातचीत चाहती है तो उसे खुद जंतर-मंतर आना होगा। अभिजीत दीपके ने संसद मार्च के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों से माफी भी मांगी और कहा कि जिन लोगों को कानूनी सहायता की जरूरत है, वे CJP की लीगल टीम से संपर्क करें। सभी प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनमें खून की कमी के लक्षण हैं, लेकिन उनका अनशन 24वें दिन भी जारी है। विपक्षी नेताओं ने जताया समर्थन मंगलवार को जंतर-मंतर पर कई विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता आंदोलन के समर्थन में पहुंचे। इनमें उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, शरद पवार, सुप्रिया सुले, अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह सहित कई प्रमुख नेता शामिल रहे। शाम होते-होते प्रदर्शन स्थल पर भीड़ फिर बढ़ गई। धरने में वे प्रदर्शनकारी भी शामिल हुए, जो एक दिन पहले संसद मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस की कार्रवाई में घायल हुए थे। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी रिहा दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया है। इसके बाद CJP ने पुलिस मुख्यालय के सामने प्रस्तावित धरना रद्द कर दिया। वहीं, संसद मार्च के दौरान बर्गर खाते नजर आए CJP प्रवक्ता विजेता दाहिया को संगठन ने पद से हटा दिया। इस पर दाहिया ने वीडियो जारी कर कहा कि यदि किसी को भूख लगेगी तो वह खाना जरूर खाएगा। दिनभर के प्रमुख अपडेट्स अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com

राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में रायपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, लोकभवन के बाहर पुलिस से धक्का-मुक्की

राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं की दिल्ली में हिरासत के विरोध में मंगलवार रात छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रायपुर के लोकभवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गेट की ओर बढ़ने से रोक दिया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। दरअसल, दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसी कार्रवाई के विरोध में देशभर में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर जताया विरोध दिल्ली में हुए प्रदर्शन में शामिल छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि पुलिस उन्हें और अन्य वरिष्ठ नेताओं को बस में बैठाकर एयरपोर्ट की ओर ले गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका एक जूता भी ले लिया। कांग्रेस की प्रमुख मांगें प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और भजन-कीर्तन रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर भजन-कीर्तन किया, सरकार के खिलाफ नारे लगाए और गेट तक पहुंचने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालात को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि कई छात्रों ने आत्महत्या की है और छात्रों पर लाठीचार्ज जैसी घटनाएं चिंताजनक हैं। कांग्रेस नेता राकेश गुप्ता ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की। वहीं, सुबोध हरितवाल ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com

भोपाल महिला आयोग में रिश्तों के दो चौंकाने वाले मामले, पत्नी ने मांगा तलाक तो दूसरे केस में दोनों ने लगाए गंभीर आरोप

भोपाल में राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान वैवाहिक विवादों से जुड़े दो अलग-अलग मामलों ने सबका ध्यान खींचा। एक मामले में सरकारी विभाग में असिस्टेंट डायरेक्टर बनने के बाद पत्नी ने पति पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए तलाक की मांग की, जबकि दूसरे मामले में पति-पत्नी ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। 20 साल बाद पत्नी ने मांगा तलाक पहले मामले में सरकारी विभाग में कार्यरत असिस्टेंट डायरेक्टर महिला ने शादी के करीब 20 साल बाद महिला आयोग में पति के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक लेनदेन से जुड़े आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, सुनवाई के दौरान वह स्वयं उपस्थित नहीं हुईं। सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर पति आयोग के सामने पेश हुए और कहा कि वह अपनी पत्नी के साथ रहना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि पत्नी बिना बताए बेटे को लेकर मायके चली गई और तब से अलग रह रही है। पति ने कहा कि दोनों का बेटा आईवीएफ तकनीक से हुआ है और यदि रिश्ते में लगातार प्रताड़ना होती तो ऐसा संभव नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि पत्नी के जाने के बाद उनकी मां को पैरालिसिस का दूसरा अटैक आया और अब इस उम्र में अकेले जीवन बिताना मुश्किल होगा। दूसरे मामले में पति-पत्नी के गंभीर आरोप दूसरे मामले में पति ने महिला आयोग के सामने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी का एक अन्य महिला के साथ अवैध संबंध है और उसे अपनी जान का खतरा महसूस होता है। उसका दावा था कि इस संबंध में वह अदालत में दस्तावेज और सबूत भी प्रस्तुत कर चुका है। वहीं, पत्नी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट, जबरन गर्भपात कराने, निजी वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा करने और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए। महिला ने यह भी दावा किया कि उसके पति का अपनी रिश्तेदारी की एक महिला के साथ संबंध है और ससुर ने भी उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। महिला ने आयोग को बताया कि शादी के बाद से उसे लगातार प्रताड़ित किया गया और वर्तमान में उसका खर्च मायके वाले उठा रहे हैं। दूसरी ओर, पति ने पत्नी के सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों मामलों में महिला आयोग ने संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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