पाकिस्तान हॉकी टीम को हॉकी वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले के दौरान शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा। टीम पेनल्टी कॉर्नर के लिए जरूरी सेफ्टी किट ड्रेसिंग रूम में ही भूल गई। इसके चलते कप्तान अबू बकर महमूद को ग्रीन कार्ड दिखाया गया और उन्हें 2 मिनट के लिए मैदान से बाहर बैठना पड़ा।
मैच में पाकिस्तान को इस गलती का खामियाजा भी भुगतना पड़ा और इंग्लैंड ने उसे 4-1 से शिकस्त दी।
17वें मिनट में हुआ अजीब वाकया
मुकाबले के 17वें मिनट में पाकिस्तान को पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस दौरान टीम के डिफेंडरों के लिए जरूरी प्रोटेक्टिव गियर मैदान पर मौजूद नहीं था। सेफ्टी किट ड्रेसिंग रूम में रह जाने के कारण कप्तान अबू बकर महमूद को ग्रीन कार्ड दिखाया गया।
उन्हें दो मिनट के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम की ऐसी गलती ने सभी को हैरान कर दिया।
पूर्व कप्तान ने बताया ‘अनवॉन्टेड रिकॉर्ड’
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान अकबर ने इस घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसे पाकिस्तान हॉकी का एक और ‘अनवॉन्टेड रिकॉर्ड’ बताया।
उनका कहना था कि पेनल्टी कॉर्नर के दौरान इस्तेमाल होने वाले सुरक्षा उपकरण टीम की बेसिक तैयारियों का हिस्सा हैं। वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर इन्हें भूल जाना टीम के संगठन और अनुशासन पर सवाल खड़े करता है।
इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 4-1 से हराया
किट विवाद के बीच पाकिस्तान मैच भी नहीं बचा सका। इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4-1 से जीत दर्ज की।
- 12वें मिनट में स्टुअर्ट रशमेयर ने इंग्लैंड को बढ़त दिलाई।
- दूसरे क्वार्टर में सैम वार्ड ने स्कोर 2-0 किया।
- 31वें मिनट में सैमुअल हूपर ने तीसरा गोल किया।
- 47वें मिनट में जेम्स एलबरी ने इंग्लैंड का चौथा गोल दागा।
- पाकिस्तान के लिए 50वें मिनट में रेहान अब्दुल अफराज ने एक गोल किया।
पाकिस्तान को मुकाबले में दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वह दोनों को गोल में नहीं बदल सका।
8 साल बाद वर्ल्ड कप में लौटा पाकिस्तान
पाकिस्तान की टीम 2018 के बाद पहली बार हॉकी वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही है। 2023 के वर्ल्ड कप में टीम जगह नहीं बना सकी थी।
इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद पाकिस्तान का अगला मुकाबला 17 अगस्त को वेल्स से होगा। इसके बाद 19 अगस्त को भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत होगी।
भारत ने जीत के साथ किया आगाज
भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत शानदार अंदाज में की। टीम ने अपने पहले मुकाबले में वेल्स को 3-1 से हराया।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भारत के लिए दो गोल किए। भारत और इंग्लैंड के बीच मुकाबला भी 17 अगस्त को खेला जाना है।
पेनल्टी कॉर्नर में सेफ्टी गियर क्यों जरूरी?
पेनल्टी कॉर्नर के दौरान गेंद बेहद तेज गति से गोल की तरफ आती है। डिफेंडरों को ड्रैग-फ्लिक या तेज शॉट से चोट लगने का खतरा रहता है।
इसलिए खिलाड़ी फेस मास्क, पैड और ग्लव्स जैसे सुरक्षा उपकरण पहनते हैं। ये उपकरण चेहरे, हाथ और पैरों को तेज गेंद से होने वाली गंभीर चोट से बचाने में मदद करते हैं।
4 बार वर्ल्ड चैंपियन रहा पाकिस्तान, फिर क्यों पिछड़ा?
पाकिस्तान हॉकी का कभी दुनिया में दबदबा हुआ करता था। टीम ने 1971, 1978, 1982 और 1994 में कुल चार बार हॉकी वर्ल्ड कप का खिताब जीता।
लेकिन इसके बाद पाकिस्तान की हॉकी लगातार कमजोर होती गई। इसके पीछे कई कारण रहे हैं।
1. घरेलू हॉकी का ढांचा कमजोर हुआ
पाकिस्तान में नियमित घरेलू टूर्नामेंट और जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने की व्यवस्था कमजोर हुई। इसका असर युवा खिलाड़ियों की तैयारी और अंतरराष्ट्रीय अनुभव पर पड़ा।
2. आधुनिक हॉकी के साथ तालमेल नहीं बैठा
हॉकी में एस्ट्रोटर्फ, तेज गति और आधुनिक फिटनेस का महत्व बढ़ा। पाकिस्तान इन बदलावों के साथ यूरोपीय टीमों की गति से तालमेल नहीं बैठा सका।
3. आर्थिक संकट और प्रशासनिक विवाद
पाकिस्तान हॉकी महासंघ लंबे समय से आर्थिक समस्याओं से जूझता रहा है। खिलाड़ियों और कोचों को समय पर भुगतान जैसी समस्याओं के साथ प्रशासनिक विवादों ने भी टीम की तैयारियों को प्रभावित किया।
4. मैदान और ट्रेनिंग सुविधाओं की कमी
विश्वस्तरीय मैदान, आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर और पर्याप्त उपकरणों की कमी ने खिलाड़ियों के विकास को प्रभावित किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी सुविधाएं सभी खिलाड़ियों को नियमित रूप से नहीं मिल सकीं।
5. क्रिकेट के सामने हॉकी का क्रेज कम हुआ
पाकिस्तान में क्रिकेट की लोकप्रियता बहुत ज्यादा है। ऐसे में प्रायोजन, मीडिया कवरेज और आर्थिक संसाधनों का बड़ा हिस्सा क्रिकेट की ओर चला गया और हॉकी को अपेक्षाकृत कम समर्थन मिला।

