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‘राजा रघुवंशी हत्याकांड’ पर भड़कीं पार्षद रूबिना इकबाल: “सोनम को चौराहे पर कोड़े मारो, फिर फांसी दो”

इंदौर।इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड को लेकर अब जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया भी तेज़ होती जा रही है। कांग्रेस की महिला पार्षद रूबिना इकबाल ने इस मामले में कड़ी नाराज़गी जताते हुए कहा कि सोनम ने केवल अपने पति की हत्या नहीं की, बल्कि इंदौर की छवि और समाज में रिश्तों की मर्यादा को भी तार-तार किया है। “अगर प्यार था, तो शादी क्यों की?” पार्षद रूबिना ने तीखे शब्दों में कहा, “अगर सोनम को किसी और से प्रेम था तो शादी ही क्यों की? शादी के बाद पति की हत्या करके उसने न सिर्फ एक जीवन छीना, बल्कि मां-बेटी, सास-बहू और माता-पिता जैसे रिश्तों के भरोसे को भी तोड़ डाला।” उन्होंने आगे कहा, “अब जब भी वह इंदौर आएगी, मैं उसे थप्पड़ मारकर सवाल करूंगी — क्या किसी की जान लेना ज़रूरी था?” “ऐसी सज़ा दो कि समाज याद रखे” रूबिना इकबाल ने मांग की कि सोनम को ऐसी सजा दी जाए जो समाज में एक सख्त संदेश दे। उन्होंने कहा, “उसे चौराहे पर कोड़े मारने चाहिए और फिर फांसी दी जानी चाहिए। जो उसने किया, उसके लिए कोई सजा काफी नहीं।” “उसका नाम सुनकर भी गुस्सा आता है” पार्षद का गुस्सा यहीं नहीं रुका। उन्होंने कहा, “सोनम नाम का मतलब होता है ‘सोना’, लेकिन वह तो कोयले से भी बदतर निकली। अब लोग इंदौर की लड़कियों पर उंगली उठाएंगे। जबकि यहां की महिलाएं संस्कार, समर्पण और रिश्तों को निभाने के लिए पहचानी जाती हैं।” वाराणसी में सोनम का ‘पिंडदान’! इस बीच खबर है कि वाराणसी में रघुवंशी समाज की कुछ महिलाओं ने सोनम का प्रतीकात्मक ‘पिंडदान’ किया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने मीडिया से कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी सोशल मीडिया से मिली है और हो सकता है यह स्थानीय महिलाओं की भावनात्मक प्रतिक्रिया हो। Deshharpal इस दुखद घटना की निंदा करता है और न्याय की मांग के साथ जनता की भावनाओं को प्रमुखता देता रहेगा।देश-प्रदेश की बेबाक और सच्ची खबरों के लिए जुड़ें – www.deshharpal.com
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खंडवा में कॉलेज छात्रा से दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार; सोशल मीडिया से नंबर लेकर रची थी साजिश

खंडवा।मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा के साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता की शिकायत पर मोघट रोड थाना पुलिस ने केस दर्ज करते हुए आरोपी को महज 12 घंटे में गिरफ्तार कर लिया। बैतूल की रहने वाली है पीड़िता 19 साल की यह छात्रा बैतूल जिले की रहने वाली है और खंडवा में रहकर सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रही है। वह कॉलेज के छात्रावास में रहती है। आरोपी राजेश मस्कोले, उसी के गांव का रहने वाला है और दोनों परिवार एक-दूसरे को पहले से जानते थे। सोशल मीडिया से निकाला नंबर, बनाया प्लान पुलिस के अनुसार आरोपी राजेश किसी काम से खंडवा आया था। उसने पीड़िता का मोबाइल नंबर एक सोशल मीडिया ग्रुप से चुराया और संपर्क किया। फिर मिलने के बहाने उसे शहर के नागचून पार्क के पास एक सुनसान रास्ते पर ले गया और वहां जबरन दुष्कर्म किया। धमकी दी, इसलिए नहीं की शिकायत यह घटना 28 जून की शाम करीब 5:30 बजे की है। जब छात्रा ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। डर के चलते उसने तुरंत किसी को कुछ नहीं बताया। बाद में वह अपने गांव गई और परिजनों को पूरी बात बताई। परिजनों के सहयोग से वह खंडवा लौटी और थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पीड़िता की मदद से आरोपी गिरफ्तार टीआई धीरेश धारवाल के मुताबिक, पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज किया। आरोपी खंडवा में ही छिपा हुआ था, लेकिन पुलिस ने उसे ट्रैक कर शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। शाम तक उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। Deshharpal पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद करता है और इस अपराध की कड़ी निंदा करता है।ऐसी खबरों से जुड़ी हर अपडेट पढ़ने के लिए विज़िट करें – www.deshharpal.com
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ग्वालियर की चेतकपुरी सड़क बार-बार धंसी, दो इंजीनियर सस्पेंड, ठेकेदार पर अब तक चुप्पी

ग्वालियर।ग्वालियर में महल रोड के नाम से जानी जाने वाली नवनिर्मित चेतकपुरी सड़क लगातार धंसती जा रही है। महज़ 12 दिनों में 10 बार इस सड़क के धंसने ने प्रशासन की पोल खोल दी है। अब इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम के दो कार्यपालन यंत्री – पवन सिंघल और सुरेश अहिरवार को निलंबित कर दिया गया है। यह फैसला जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट के निर्देश पर हुआ। प्रभारी मंत्री खुद सड़क नहीं देखने पहुंचे गौर करने वाली बात ये है कि मंत्री सिलावट दो दिन से ग्वालियर में मौजूद हैं, लेकिन इतनी बड़ी घटना के बाद भी चेतकपुरी सड़क का निरीक्षण करने नहीं पहुंचे। जब सवाल उठा तो उन्होंने शनिवार को आने की बात कही। सीएम के दौरे पर ‘आप’ का घेराव शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर में रहेंगे। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता ज़िला अध्यक्ष अमिताभ पांडे के नेतृत्व में सीएम का घेराव कर ज्ञापन सौंपेंगे। वे दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे। इंजीनियर सस्पेंड, ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं! नगर निगम ने इंजीनियरों को तो निलंबित कर दिया, लेकिन सड़क निर्माण करने वाली ठेकेदार कंपनी HNS और स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम बनाने वाली जैन एंड राय कंपनी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि जानकारों का मानना है कि ठेकेदार की लापरवाही भी उतनी ही बड़ी है। बार-बार धंसने के 3 बड़े कारण प्रोजेक्ट का स्कोप 📢 जनता की आवाज़ उठाता रहेगा Deshharpal!🔗 www.deshharpal.com पर पढ़ें देश, प्रदेश और आपके शहर की सच्ची खबरें।
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फर्जी मान्यता रैकेट में CBI का शिकंजा: रावतपुरा सरकार, इंडेक्स चेयरमैन और पूर्व UGC प्रमुख आरोपी

भोपाल।देशभर के मेडिकल कॉलेजों को फर्जी तरीके से मान्यता दिलवाने के मामले में CBI ने बड़ा खुलासा किया है। इस घोटाले में रावतपुरा सरकार उर्फ रविशंकर महाराज, इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन सुरेश भदौरिया, और पूर्व UGC चेयरमैन व DAVV के पूर्व कुलपति डीपी सिंह को आरोपी बनाया गया है। CBI की एफआईआर में इस बात का जिक्र है कि कॉलेजों को मान्यता दिलाने और उसका रिन्यूअल कराने के बदले मोटी रिश्वत वसूली जा रही थी। भारी रिश्वत लेकर दिलवाई जा रही थी मान्यता CBI के मुताबिक, सुरेश भदौरिया की गहरी पैठ स्वास्थ्य मंत्रालय में थी। वह कॉलेजों को नियमों को ताक पर रखकर फर्जी मान्यता दिलवाता था। इसके बदले 3 से 5 करोड़ तक की रिश्वत वसूल की जाती थी। यही नहीं, निरीक्षण के दौरान कॉलेज में अस्थायी डॉक्टरों को स्थायी दिखाने के लिए फर्जी बायोमेट्रिक अटेंडेंस का भी सहारा लिया गया। पूर्व UGC प्रमुख डीपी सिंह की संदिग्ध भूमिका एफआईआर में डीपी सिंह का नाम भी शामिल किया गया है। वह पहले DAVV और BHU के कुलपति रह चुके हैं और अप्रैल 2024 से TISS (टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज) के चांसलर हैं। आरोप है कि उन्होंने रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज को NMC की पॉजिटिव रिपोर्ट दिलवाने में मदद की। CBI अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। सिस्टम के अंदर से मिल रही थी जानकारी CBI ने स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी चंदन कुमार को भी आरोपी बनाया है। आरोप है कि वह सुरेश भदौरिया को NMC निरीक्षण से जुड़ी गोपनीय जानकारियाँ—जैसे टीम कब आएगी, कौन-कौन सदस्य होंगे—पहले ही लीक कर देता था। मामला दर्ज होते ही भदौरिया फरार हो गया है। रावतपुरा सरकार कॉलेज से शुरू हुई थी जांच CBI की जांच रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज से शुरू हुई थी, जहां से यह पूरा फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच में पता चला कि देशभर में 40 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज इस रैकेट में शामिल हैं। इंडेक्स मेडिकल कॉलेज का नाम भी इसी कड़ी में सामने आया। दलाल नेटवर्क और साठगांठ इस पूरे मामले में एक संगठित दलाल नेटवर्क सक्रिय था। भदौरिया और रविशंकर महाराज दोनों भिंड जिले के लहार क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्होंने मिलकर पूरे देश में मेडिकल, डेंटल, फार्मेसी और मैनेजमेंट कॉलेजों को मालवांचल यूनिवर्सिटी से जोड़कर एक जाल बिछाया। भदौरिया खुद यूनिवर्सिटी और मयंक वेलफेयर सोसायटी का संचालन करते हैं। ऐसी ही भरोसेमंद और बेबाक खबरों के लिए पढ़ते रहिए – www.deshharpal.com
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25 लाख की ठगी: रिटायर्ड फौजी को बेची सरकारी जमीन, 15 साल बाद फिर किया दावा, अब खुद दर्ज कराई FIR

देश सेवा के बाद शांति से खेती करना चाह रहे एक रिटायर्ड फौजी के साथ दिल दहला देने वाला धोखा हुआ है। सेना से रिटायर देवप्रकाश दुबे को मझगवां गांव के रहने वाले रिखीराम और उसके बेटों ने मिलकर ठगा। सरकारी जमीन को अपनी बताकर 25 लाख रुपए ऐंठ लिए और अब जब पैसे वापस मांगे गए तो उल्टा उनके खिलाफ हरिजन थाने में मारपीट और जातिसूचक शब्दों की शिकायत दर्ज करा दी। कब, क्या हुआ – घटनाक्रम की पूरी कहानी शिकायत पर उल्टा केस कर दिया देवप्रकाश ने जब पैसे वापस मांगे तो रिखीराम ने खुद हरिजन कल्याण थाने में जाकर उनके खिलाफ शिकायत कर दी — कि मारपीट हुई, जातिसूचक गालियां दी गईं और जमीन पर कब्जा किया गया। लेकिन जब दुबे ने चेक और लेनदेन के दस्तावेज दिखाए तो पुलिस ने उस शिकायत को खारिज कर दिया। जमीन की कहानी भी दोहरी निकली रिखीराम पहले ही यह जमीन रमेश सोनी को बेच चुका था, और बाद में दुबे को। अब भी वह इसी जमीन को अन्य लोगों को दिखाकर बेचने की कोशिश कर रहा है। इस तरह देवप्रकाश ने कुल मिलाकर 25 लाख रुपए गवां दिए और अब हाथ में कुछ नहीं है। पुलिस कर रही जांच थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी ने बताया: “शिकायतकर्ता को सरकारी जमीन बेची गई है और आरोपी ने कई बार अलग-अलग समय पर पैसे लिए हैं। मामला गंभीर धोखाधड़ी का है। जांच शुरू कर दी गई है, जल्द दोनों पक्षों को थाने बुलाया जाएगा।” 🔴 विशेष अपील:देश की सेवा करने वाले एक ईमानदार फौजी के साथ हुआ यह धोखा समाज के लिए चेतावनी है। इस मामले में दोषी पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और रिटायर्ड सैनिक इस तरह ठगा न जाए। अगर आप भी किसी प्रॉपर्टी डील में पैसा लगा रहे हैं तो पहले उसके दस्तावेज और जमीन की स्थिति जरूर जांच लें। सरकारी जमीन को बेचने का अधिकार किसी के पास नहीं होता। 📌 जुड़े रहिए www.deshharpal.comके साथ – आपके हक की आवाज
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RAJA की बहन सृष्टि पर FIR दर्ज: असम पुलिस ने उठाया कदम

RAJA की बहन सृष्टि पर FIR दर्ज: असम पुलिस ने उठाया कदम

RAJA की बहन ने भाई की मौत को बताया ‘नरबलि’ – धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप एक भावुक बहन ने जब अपने भाई की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए, तो मामला अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। असम पुलिस ने RAJA की बहन सृष्टि रॉय के खिलाफ FIR दर्ज की है। सृष्टि ने एक वीडियो में दावा किया था कि उसके भाई राजा की हत्या एक ‘नरबलि’ (मानव बलिदान) के तहत की गई। इस बयान को लेकर धार्मिक भावनाएं भड़कने का आरोप लगा है। राजा रॉय चौधरी की रहस्यमयी मौत के बाद सोशल मीडिया पर उनकी बहन सृष्टि का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि “मेरे भाई की हत्या किसी साधारण कारण से नहीं हुई, ये एक नरबलि थी।” यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया, खासकर पूर्वोत्तर राज्यों में। असम पुलिस का कहना है कि सृष्टि का बयान समाज में धार्मिक तनाव फैला सकता है। FIR में IPC की धारा 295A (धार्मिक भावनाएं भड़काना) समेत अन्य धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने कहा कि साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और बयान की सच्चाई की जांच की जाएगी। सृष्टि का कहना है कि उसे न्याय चाहिए। “मेरे भाई की मौत की असल वजह अब तक छुपाई जा रही है। अगर मैं आवाज़ न उठाऊं, तो और कितने राजा ऐसे ही चुपचाप मर जाएंगे?” सृष्टि ने यह भी कहा कि वह किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, लेकिन जो सच है, उसे सामने लाना जरूरी है। कुछ लोग सृष्टि के समर्थन में खड़े हैं और कह रहे हैं कि उसे बोलने का हक है। वहीं, कई लोग मानते हैं कि इस तरह के बयानों से समाज में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सागर के रहली में खेत के मकान से 7.30 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार

सागर, मध्यप्रदेश। रहली क्षेत्र में आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए खेत में बने मकान से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है। जब्त की गई शराब की बाजार कीमत करीब 7 लाख 30 हजार रुपये आंकी गई है। मौके से एक आरोपी लक्ष्मीकांत अहिरवार को गिरफ्तार किया गया है। खेत में बने पक्के मकान से मिली 86 पेटी शराब मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को आबकारी विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि सागर-जबलपुर बायपास के पास खेत में बने एक मकान में अवैध शराब छिपाकर रखी गई है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आबकारी विभाग की टीम ने उस स्थान पर दबिश दी।पक्के मकान की तलाशी के दौरान टीम को व्हिस्की, बोटका, बीयर सहित 18 अलग-अलग ब्रांड की 86 पेटियां मिलीं, जिन्हें मौके पर ही जब्त किया गया। शराब को लोडिंग वाहन से आबकारी कार्यालय लाया गया। आबकारी टीम की सतर्कता से बड़ी तस्करी टली कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे SI सियाराम चौधरी ने DeshHarpal.in को बताया कि आरोपी लक्ष्मीकांत अहिरवार को मौके से गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के दिनों में दमोह और रायसेन जिलों से सागर में अवैध शराब लाने की कई शिकायतें मिल रही हैं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर टीम सतर्क होकर लगातार कार्रवाई कर रही है। अवैध शराब तस्करी पर प्रशासन की पैनी नजर आबकारी विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। खेत, गोदाम, बंद मकानों से लेकर हाईवे किनारे बने निर्माणों तक को जांच के दायरे में लाया जा रहा है। विभाग ने जनता से अपील की है कि वे अवैध शराब से संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। www.deshharpal.comपर हम लाते हैं आपके लिए जमीनी हकीकत से जुड़ी वो खबरें, जो देश और समाज को प्रभावित करती हैं — बिना किसी लाग-लपेट के।
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खंडवा जिला अस्पताल में महिला की मौत के बाद बवाल, डॉक्टर से मारपीट, मशीन तोड़ी — डॉक्टरों की हड़ताल की चेतावनी

खंडवा, मध्यप्रदेश। बुधवार सुबह खंडवा जिला अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब इलाज के दौरान ICU में भर्ती एक महिला मरीज की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही नाराज परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ जमकर मारपीट की और अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। 42 वर्षीय महिला रेखा (पत्नी धीरज) को 2 जुलाई की रात एक बजे हृदय संबंधी परेशानी के चलते इमरजेंसी वार्ड लाया गया था। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. रणजीत बडौले ने DeshHarpal.in को बताया कि ECG में हार्ट अटैक की पुष्टि होने पर उन्हें ICU में भर्ती किया गया। परिजनों को महिला की गंभीर स्थिति के बारे में पहले ही बता दिया गया था और हाई-रिस्क कंसर्न भी लिया गया था। सुबह 4 बजे दोबारा ECG जांच में कोई सुधार नहीं दिखा। डॉक्टरों ने CPR सहित हर जरूरी प्रयास किए, लेकिन मरीज को नहीं बचाया जा सका।जैसे ही मौत की सूचना परिजन को दी गई, ICU में मौजूद एक युवक ने डॉ. कुलदीप जोशी पर मुक्कों से हमला कर दिया, कुर्सी फेंकी और ECG मशीन तोड़ डाली। नर्सिंग स्टाफ के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। इस घटना से आक्रोशित जूनियर डॉक्टरों ने खंडवा मेडिकल कॉलेज से मोघट रोड थाना तक रैली निकाली और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस को घटना की CCTV फुटेज सौंपी गई है।Junior Doctors Association ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। डॉ. कुलदीप जोशी ने DeshHarpal.in से बातचीत में कहा, “ICU में अन्य गंभीर मरीज भी थे, ऐसे हमलों से सभी की जान खतरे में पड़ सकती है। हमें डर के साये में नहीं काम करना चाहिए।” इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सुरक्षित कार्य वातावरण मिलना उनका मौलिक अधिकार है। 📌www.deshharpal.com आप तक लाता है देश, समाज और जनसरोकारों से जुड़ी हर जरूरी खबरें — सच्ची, साफ और संवेदनशील पत्रकारिता के साथ।
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MP BJP

हेमंत खंडेलवाल निर्विरोध बने मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष

सीएम डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने भरवाया हेमंत खंडेलवाल का नामांकन फार्म
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Jabalpur - ‘सरप्राइज’ के नाम पर सहेली ने बुलाया, तेजाब फेंककर झुलसा दिया चेहरा

Jabalpur – ‘सरप्राइज’ के नाम पर सहेली ने बुलाया, तेजाब फेंककर झुलसा दिया चेहरा

मध्यप्रदेश के Jabalpur से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवती पर उसकी ही जान-पहचान वाली लड़की ने एसिड फेंक दिया। दर्दनाक बात ये है कि आरोपी लड़की ने पीड़िता को “सरप्राइज है” कहकर घर के बाहर बुलाया और उस पर तेजाब फेंक दिया। घटना में पीड़िता का चेहरा और शरीर का लगभग 50% हिस्सा झुलस गया है। घटना शनिवार देर रात की है। पीड़िता अपने घर में थी तभी उसकी एक जानने वाली लड़की ने फोन किया और कहा कि वह उसे कुछ ‘सरप्राइज’ देना चाहती है। जैसे ही पीड़िता बाहर आई, आरोपी ने उस पर तेजाब फेंक दिया और मौके से फरार हो गई। चीख-पुकार सुनकर परिवार वाले और पड़ोसी बाहर आए और तुरंत युवती को अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर्स के मुताबिक उसकी हालत गंभीर है और इलाज जारी है। फिलहाल पुलिस आरोपी लड़की से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों के बीच किसी बात को लेकर आपसी विवाद था। पुलिस इस मामले में व्यक्तिगत रंजिश और साजिश दोनों एंगल से जांच कर रही है। यह घटना फिर से ये सवाल खड़ा करती है कि आखिर एसिड अटैक जैसे अपराध क्यों नहीं थम रहे? क्या यह सिर्फ एक सस्ती जलन या नफरत है, जो किसी की पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती है? ऐसी घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं। अब ज़रूरत है कि एसिड की बिक्री पर सख्ती से रोक लगे और ऐसे अपराधियों को तुरंत और कड़ी सज़ा दी जाए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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