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Greenfield Rail Coach Factory MP, रायसेन रेल कोच फैक्ट्री, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास, Rajnath Singh News, MP Defense Hub, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, CM मोहन यादव, शिवराज सिंह चौहान, रोजगार मध्यप्रदेश, MP में निवेश

Railway और Defence में चमकेगा मध्यप्रदेश, राजनाथ सिंह ने रखी Greenfield Rail Coach Factory की नींव

रायसेन, मध्यप्रदेश | देश हरपल मध्यप्रदेश औद्योगिक और रक्षा क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने जा रहा है। रायसेन जिले के उमरिया में ₹1,800 करोड़ की लागत से Greenfield Rail Coach Factory का आज भूमिपूजन हुआ। इस फैक्ट्री से 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा और यहां तैयार होने वाले कोच देशभर की स्पीड ट्रेनों में लगाए जाएंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बड़े ऐलान अपने संबोधन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के पास रक्षा क्षेत्र का हब बनने के सभी गुण हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि “रक्षा क्षेत्र के माध्यम से जो भी संभव होगा, मध्यप्रदेश के लिए मैं हमेशा तैयार रहूंगा।” रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का संदेश रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “यह फैक्ट्री न केवल रेलवे कोच का निर्माण करेगी, बल्कि रेलवे के अलग-अलग प्रोडक्ट्स का भी उत्पादन होगा। इससे रेलवे का पूरा ईको-सिस्टम आगे बढ़ेगा।” कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संकल्प शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह क्षेत्र ‘आइडियल’ क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हित बीजेपी सरकार में हमेशा सुरक्षित रहेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव के विकास वादे सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “भोपाल में मेट्रो आने से पहले ही मेट्रो रेल कोच का निर्माण शुरू हो चुका है। रायसेन की यह फैक्ट्री हजारों युवाओं को रोजगार देगी और यहां स्कूल-कॉलेज खोलने के लिए भी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।” Greenfield Rail Coach Factory न केवल मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिखेगी, बल्कि रक्षा क्षेत्र में भी राज्य की पहचान को मजबूत करेगी। रोजगार, निवेश और उत्पादन क्षमता में यह प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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Indore में बच्चे की सौदेबाजी: महिला गैंग पकड़ी गई, 10 लाख में बेचने की तैयारी थी

Indore में बच्चे की सौदेबाजी: महिला गैंग पकड़ी गई, 10 लाख में बेचने की तैयारी थी

Indore से इंसानियत को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। कुछ महिलाएं एक मासूम बच्चे को 10 लाख रुपये में बेचने की तैयारी कर रही थीं। लेकिन वक्त रहते एक जागरूक ऑटो पार्ट्स कर्मचारी ने पुलिस को सूचना दी और बच्चे की जिंदगी बचा ली। पूरा मामला इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने बताया कि एक ऑटो पार्ट्स दुकान पर काम करने वाले युवक को कुछ महिलाएं मिलीं, जो उससे बच्चे को बेचने की बात कर रही थीं। बातों ही बातों में जब उन्होंने 10 लाख रुपये की डील की, तो युवक को शक हुआ। उसने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने प्लान बनाकर आरोपी महिलाओं को रंगे हाथ पकड़ लिया। इस गिरोह में शामिल दो महिलाओं को हिरासत में लिया गया है, और बच्चा भी सुरक्षित है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट के पीछे और कौन-कौन शामिल हैं, और कितने बच्चों की सौदेबाजी इससे पहले हो चुकी है। इस पूरे मामले में वह युवक हीरो बनकर सामने आया है जिसने समझदारी और संवेदनशीलता दिखाई। अगर वह चुप रहता तो शायद एक मासूम की जिंदगी बर्बाद हो जाती। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kubreshwar Dham

Kubreshwar Dham सीहोर भगदड़ पं. प्रदीप मिश्रा की Kanwar Yatra से पहले भगदड़, 2 श्रद्धालुओं की मौत

मध्यप्रदेश के सीहोर जिले स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम (Kubreshwar Dham) में मंगलवार को भारी भीड़ के चलते भगदड़ जैसे हालात बन गए। श्रद्धालुओं के बीच हुई धक्का-मुक्की में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 1 गंभीर रूप से घायल है। यह घटना उस समय हुई जब बड़ी संख्या में भक्त पं. प्रदीप मिश्रा (Pandit Pradeep Mishra) की कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2025) में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे थे। 6 अगस्त को कांवड़ यात्रा, एक दिन पहले उमड़ी भीड़ 6 अगस्त को Kubreshwar Dham से चितावलिया हेमा गांव तक कांवड़ यात्रा आयोजित होनी है। यात्रा से एक दिन पहले ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे, जिससे व्यवस्थाएं बिगड़ गईं। भंडारे, ठहराव और दर्शन के लिए जगह कम पड़ने से कई स्थानों पर अफरा-तफरी मच गई और तीन लोग गिर गए, जिनमें से दो की मौके पर ही दबकर मौत हो गई। 4 हजार श्रद्धालुओं की व्यवस्था नाकाफी प्रशासन और आयोजकों ने दावा किया था कि लगभग 4,000 श्रद्धालुओं के ठहरने और प्रसादी वितरण की पूरी तैयारी की गई थी। इसके लिए नमक चौराहा, राधेश्याम कॉलोनी, बजरंग अखाड़ा, अटल पार्क, शास्त्री स्कूल, लुर्द माता स्कूल और सीवन नदी के पास इंतजाम किया गया था। लेकिन अपेक्षा से ज्यादा भीड़ आने से व्यवस्था टूट गई और हादसा हो गया। डायवर्जन प्लान समय पर लागू नहीं हुआ एसपी दीपक शुक्ला ने बताया कि 5 अगस्त रात 12 बजे से 6 अगस्त रात 11 बजे तक ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग प्लान लागू किया जाना था। भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से और छोटे वाहनों को न्यू क्रिसेंट चौराहा से अमलाहा भेजने की योजना थी, लेकिन हादसे के समय तक यह लागू नहीं हो सका। पहले भी बन चुके भगदड़ जैसे हालात यह पहली बार नहीं है जब Kubreshwar Dham में ऐसी घटना हुई है। दो साल पहले यहां आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान भी भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसे हालात बने थे। उस समय अचानक तबीयत बिगड़ने से एक महिला की मौत हुई थी और कई महिलाएं लापता हो गई थीं। इसी महोत्सव में महाराष्ट्र से आए 3 साल के बच्चे की भी मौत हुई थी, जबकि 2 दिनों में कुल 3 मौतें और 73 लोग बीमार हुए थे। Kubreshwar Dham में हादसे के बाद जांच के आदेश अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह ने बताया कि एसडीएम तन्नय वर्मा को संपूर्ण व्यवस्थाओं का प्रभारी नियुक्त किया गया था, लेकिन हादसे के समय मौके पर कितनी पुलिस फोर्स और मेडिकल टीमें मौजूद थीं, यह स्पष्ट नहीं हो सका। हादसे के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे संयम और अनुशासन बनाए रखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल ड्रग्स केस, AIMIM नेता का बेटा गिरफ्तार, तौफीक निजामी, तौकीर निजामी, भूरी की पिस्टल, भोपाल क्राइम ब्रांच, sexual exploitation case, drugs racket bhopal

भोपाल ड्रग्स मामले में AIMIM नेता के बेटे की गिरफ्तारी, ड्रग्स और यौन शोषण केस में नया मोड़

भोपाल में ड्रग्स और यौन शोषण केस में बड़ा खुलासा, AIMIM के पूर्व नेता तौकीर निजामी के बेटे तौफीक की गिरफ्तारी। भूरी की पिस्टल और जिंदा कारतूस भी जब्त। पढ़िए पूरी रिपोर्ट देश हरपल पर।मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर सुर्खियों में है। शहर में जारी बहुचर्चित Drugs और Sexual Exploitation केस में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच एक बड़ा नाम सामने आया है। इस बार गिरफ्त में आया है AIMIM (All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen) के पूर्व नेता तौकीर निजामी का बेटा तौफीक निजामी। भोपाल की Crime Branch Police ने तौफीक को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की, तो उसके पास से भूरी की पिस्टल और एक जिंदा राउंड भी बरामद किया गया। यह गिरफ्तारी न सिर्फ केस में नया मोड़ ला सकती है, बल्कि शहर के drugs और अपराध नेटवर्क की परतें भी खोल सकती है। पूरे मामले में अब तक क्या हुआ? भोपाल में पिछले कुछ हफ्तों से एक high-profile drugs and sexual exploitation racket को लेकर हलचल मची हुई है। इस मामले में कई प्रभावशाली चेहरों के नाम सामने आ चुके हैं, और अब तौफीक निजामी की गिरफ्तारी से पुलिस को मामले से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। कौन है तौफीक निजामी? तौफीक निजामी, AIMIM के पूर्व नेता तौकीर निजामी का बेटा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह लंबे समय से शहर के आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। सूत्रों का कहना है कि तौफीक का नाम इस मामले में तब सामने आया जब पीड़िता के बयान में उसके कई करीबी लोगों के नाम सामने आए। क्या हो सकती है अगली कार्रवाई? क्राइम ब्रांच की मानें तो यह सिर्फ शुरुआत है। मामले में जल्द ही और भी बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस कई डिजिटल एविडेंस, कॉल डिटेल्स और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री को खंगाल रही है।
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तलवारों के साथ Reel बनाना पड़ा भारी: युवक बोले - 'गुंडागर्दी पाप है पुलिस हमारी बाप है'

तलवारों के साथ Reel बनाना पड़ा भारी: युवक बोले – ‘गुंडागर्दी पाप है पुलिस हमारी बाप है’

सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में कुछ युवकों ने तलवारों के साथ Reel बना डाली। स्टाइल मारने के लिए उन्होंने हथियार लहराए और उसे इंस्टाग्राम पर पोस्ट भी कर दिया। लेकिन जैसे ही ये वीडियो पुलिस तक पहुंचा, फिर जो हुआ वो इन युवाओं ने शायद कभी सोचा भी नहीं होगा। पुलिस ने एक्शन में आते ही इन युवकों को थाने बुलाया। वहां न कोई म्यूजिक था, न कैमरा – बस पुलिस की सख्ती थी। थाने में उठक-बैठक करवाई गई और वीडियो शूटिंग की जगह अब शर्मिंदगी छा गई। इन युवकों ने कैमरे के सामने माफी मांगते हुए कहा –“गुंडागर्दी पाप है, पुलिस हमारी बाप है।” अब इस वीडियो को भी पुलिस ने सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया है ताकि औरों को सबक मिले। आज का युवा वर्ग सोशल मीडिया की दुनिया में फेमस होने के लिए कुछ भी कर रहा है, लेकिन कानून की सीमाएं पार करना नुकसानदायक साबित हो सकता है। पुलिस का यह कदम न सिर्फ कानून का पालन कराने वाला था, बल्कि एक सीख भी थी – दिखावे के लिए नहीं, जिम्मेदारी से जियो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indore में हेलमेट नहीं पहनने पर नहीं मिला पेट्रोल, युवकों ने फेंकी जलती माचिस, निकाला चाकू

Indore में हेलमेट नहीं पहनने पर नहीं मिला पेट्रोल, युवकों ने फेंकी जलती माचिस, निकाला चाकू

Indore में एक पेट्रोल पंप पर मामूली बात ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। हेलमेट न पहनने की वजह से पेट्रोल नहीं मिलने पर दो युवकों ने गुस्से में पेट्रोल पंप पर जलती हुई माचिस की तीली फेंक दी और चाकू निकालकर धमकाने लगे। यह घटना शहर के एक व्यस्त इलाके में स्थित पेट्रोल पंप की है। पंप कर्मियों ने नियम के तहत बिना हेलमेट वालों को पेट्रोल देने से मना कर दिया था। इस बात से नाराज होकर युवक पहले तो बहस करने लगे, फिर एक ने जेब से माचिस निकाली और जलती तीली पेट्रोल मशीन की ओर फेंक दी। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। इसके बाद, जब कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्होंने चाकू निकाल लिया और डराने की कोशिश की। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पेट्रोल पंप जैसे स्थानों पर ज़रा सी चूक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। हेलमेट पहनना न केवल आपकी सुरक्षा के लिए ज़रूरी है, बल्कि यह सरकारी नियम भी है। ऐसे में पेट्रोल पंप पर नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Petrol

MP Petrol Rule बिना Helmet नहीं मिलेगा Petrol भोपाल और इंदौर में 1 अगस्त से लागू नया नियम

मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। 1 अगस्त 2025 से भोपाल और इंदौर में दोपहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं मिलेगा (Petrol Without Helmet Ban)। यह नियम मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 129 के तहत लागू किया जा रहा है। नया आदेश उद्देश्य महत्वपूर्ण बातें हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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High Court

MP High Court केमिस्ट्री प्रोफेसर Mamta Pathak की अपील खारिज

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने मंगलवार को चर्चित छतरपुर मर्डर केस (Chhatarpur Murder Case) में बड़ा फैसला सुनाते हुए केमिस्ट्री प्रोफेसर ममता पाठक (Mamta Pathak) की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने सेशन कोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रकैद (Life Imprisonment) की सजा को बरकरार रखा है। Murder Case की पूरी कहानी अप्रैल 2021 में छतरपुर जिले में ममता पाठक पर आरोप लगा कि उन्होंने अपने पति डॉ. नीरज पाठक (Dr. Neeraj Pathak) को नींद की गोलियां खिलाने के बाद इलेक्ट्रिक शॉक (Electrocution) देकर मार डाला। Courtroom में Viral Chemistry Argument अप्रैल 2025 में जब ममता पाठक ने हाईकोर्ट में खुद अपनी पैरवी (Self-Representation) की, तो उनका एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। “पोस्टमार्टम के दौरान थर्मल बर्न और इलेक्ट्रिक बर्न के निशान में फर्क करना संभव नहीं है। इसके लिए केमिकल एनालिसिस ज़रूरी है।” जज ने उनसे पूछा – “आप प्रोफेसर हैं?” ममता ने हां में जवाब दिया। कोर्टरूम का यह वीडियो इंटरनेट पर छा गया और इसे लोग “Chemistry Masterclass in Court” कहने लगे। High Court का Final Decision 30 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सेशन कोर्ट का आदेश सही है। सबूतों के आधार पर यह स्पष्ट है कि ममता पाठक ने पति की हत्या की थी, इसलिए उनकी सजा में कोई बदलाव नहीं होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal Heavy Rain, भोपाल जलभराव, Bhopal School Holiday, Bhopal Dam Water Level, बड़ा तालाब पानी लेवल, भोपाल मौसम अपडेट, कोलार रोड बारिश, इको ग्रीन पार्क जलभराव

Heavy Rain Alert: भोपाल में 18 घंटे की बारिश से जलभराव, स्कूल बंद, डैम्स की स्थिति गंभीर

भोपाल में लगातार 18 घंटे हुई भारी बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया है। इको ग्रीन पार्क, जानकी सोसायटी समेत अनेक इलाकों में हालात बिगड़े। स्कूलों की छुट्टी घोषित, बड़े तालाब समेत सभी डैम्स की स्थिति पर विशेष रिपोर्ट पढ़ें।भोपाल, देश हरपलभोपाल में बीते 18 घंटे से जारी भारी बारिश के चलते शहर के कई क्षेत्रों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई है। सोमवार रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार शाम तक लगातार जारी रही, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इको ग्रीन पार्क और कोलार रोड स्थित जानकी सोसायटी में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया, और इको ग्रीन पार्क की लगभग 100 से ज्यादा घरों में पानी घुस चुका है। Waterlogging Ground Report: प्रशासन की टीम मौके पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर SDM रवीशकुमार श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। नगर निगम की टीम और फायर ब्रिगेड लगातार पंप के माध्यम से पानी निकालने का प्रयास कर रही है। इंडस टाउन समेत अशोका गार्डन, लिंक रोड नंबर-1, करोंद, नेहरू नगर जैसे इलाकों से भी जलभराव की सूचना सामने आई है। School Holiday Alert: बुधवार को स्कूल बंद भारी बारिश के मद्देनज़र बुधवार को भोपाल के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। कलेक्टर के आदेश पर DEO एनके अहिरवार ने स्कूल बंद रखने का निर्देश जारी किया है। डैम्स की स्थिति पर नजर: Water Level Updates Minal Residency, JK Road और भारत टॉकीज क्षेत्र में गाड़ियों की कतारें जेके रोड पर मिनाल रेजीडेंसी और सीवेट के सामने करीब दो फीट पानी जमा हो चुका है। वहीं, भारत टॉकीज से लेकर अल्पना तिराहा तक के रास्ते में भारी जलभराव की वजह से ट्रैफिक धीमा हो गया। भोपाल रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 🔊 डैम गेट खोलने से पहले सायरन बजा, कलियासोत में टेस्टिंग शुरू कलियासोत डैम के एक गेट को टेस्टिंग के लिए खोला गया। सबसे पहले सायरन बजाकर लोगों को अलर्ट किया गया। भले ही यह टेस्टिंग थी, लेकिन इस मानसून में पहली बार डैम गेट खोला गया है। यदि बड़ा तालाब पूरी तरह भरता है तो भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे, जिससे पानी सीधे कलियासोत डैम में पहुंचेगा। भोपाल में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक बारिश की संभावना जताई है। अब जबकि मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है, उम्मीद की जा रही है कि अगस्त के पहले हफ्ते में तालाब और डैम्स भर जाएंगे। निष्कर्ष:भोपाल में जारी भारी बारिश ने जहां राहत पहुंचाई है, वहीं जलभराव की स्थिति ने परेशानी भी बढ़ा दी है। प्रशासन अलर्ट मोड में है, लेकिन नागरिकों से सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की गई है।
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Kanwar Yatra

Gwalior Accident बेकाबू Car ने Kanwar Yatra में लौट रहे Kanwariyas को कुचला, 4 की मौत, कई घायल

Gwalior Accident सावन माह में चल रही Kanwar Yatra के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। ग्वालियर-शिवपुरी लिंक रोड पर तेज रफ्तार बेकाबू कार ने कांवड़ियों की टोली को कुचल दिया। इस भीषण दुर्घटना में 4 Kanwariyas की मौत हो गई और 6 अन्य घायल हो गए। हादसा देर रात करीब 1 बजे हुआ, जब श्रद्धालु जल लेकर लौट रहे थे। Kanwar Yatra Accident Highlights मृतकों की पहचान सभी मृतक सिमरिया पंचायत (घाटीगांव) के निवासी थे। वे 13 सदस्यीय कांवड़ यात्रा ग्रुप का हिस्सा थे जो गंगाजल लेकर लौट रहा था। मुआवजा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने घायलों को हर संभव इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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