खंडवा, मध्यप्रदेश। बुधवार सुबह खंडवा जिला अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब इलाज के दौरान ICU में भर्ती एक महिला मरीज की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही नाराज परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ जमकर मारपीट की और अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
42 वर्षीय महिला रेखा (पत्नी धीरज) को 2 जुलाई की रात एक बजे हृदय संबंधी परेशानी के चलते इमरजेंसी वार्ड लाया गया था। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. रणजीत बडौले ने DeshHarpal.in को बताया कि ECG में हार्ट अटैक की पुष्टि होने पर उन्हें ICU में भर्ती किया गया। परिजनों को महिला की गंभीर स्थिति के बारे में पहले ही बता दिया गया था और हाई-रिस्क कंसर्न भी लिया गया था।
सुबह 4 बजे दोबारा ECG जांच में कोई सुधार नहीं दिखा। डॉक्टरों ने CPR सहित हर जरूरी प्रयास किए, लेकिन मरीज को नहीं बचाया जा सका।
जैसे ही मौत की सूचना परिजन को दी गई, ICU में मौजूद एक युवक ने डॉ. कुलदीप जोशी पर मुक्कों से हमला कर दिया, कुर्सी फेंकी और ECG मशीन तोड़ डाली। नर्सिंग स्टाफ के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।

इस घटना से आक्रोशित जूनियर डॉक्टरों ने खंडवा मेडिकल कॉलेज से मोघट रोड थाना तक रैली निकाली और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस को घटना की CCTV फुटेज सौंपी गई है।
Junior Doctors Association ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
डॉ. कुलदीप जोशी ने DeshHarpal.in से बातचीत में कहा, “ICU में अन्य गंभीर मरीज भी थे, ऐसे हमलों से सभी की जान खतरे में पड़ सकती है। हमें डर के साये में नहीं काम करना चाहिए।”

इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सुरक्षित कार्य वातावरण मिलना उनका मौलिक अधिकार है।
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