आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGBreaking NewsIND vs NZ 1st T20I: संजू सैमसन-नमन धीर का धमाका, भारत ने रचा रिकॉर्ड◆BREAKINGस्पोर्ट्सIndia vs New Zealand: आखिरी 3 ओवर में 29 रन की जरूरत, रोमांचक मोड़ पर मैच◆BREAKINGदेश-हरपलदिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, प्रदूषण से निपटने के लिए 334 टीमें करेंगी निगरानी; 1 नवंबर से सख्ती◆BREAKINGदेश-हरपलदिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश◆BREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल में पहले बिक चुका प्लॉट दोबारा बेचा, 3 लाख रुपए की धोखाधड़ी का केस दर्ज◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में ‘Gen Z Protest 2.0’ जारी, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े युवा◆BREAKINGदेश-हरपलNeha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा◆BREAKINGBreaking NewsIND vs NZ 1st T20I: संजू सैमसन-नमन धीर का धमाका, भारत ने रचा रिकॉर्ड◆BREAKINGस्पोर्ट्सIndia vs New Zealand: आखिरी 3 ओवर में 29 रन की जरूरत, रोमांचक मोड़ पर मैच◆BREAKINGदेश-हरपलदिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, प्रदूषण से निपटने के लिए 334 टीमें करेंगी निगरानी; 1 नवंबर से सख्ती◆BREAKINGदेश-हरपलदिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश◆BREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल में पहले बिक चुका प्लॉट दोबारा बेचा, 3 लाख रुपए की धोखाधड़ी का केस दर्ज◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में ‘Gen Z Protest 2.0’ जारी, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े युवा◆BREAKINGदेश-हरपलNeha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

छिंदवाड़ा में गर्भवती महिला को 8 किमी डोली में ले गए ग्रामीण, अस्पताल में गर्भस्थ शिशु की मौत

छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव ब्लॉक के चीटीपाठा जामुनडोंग टोले में सड़क की बदहाल स्थिति ने एक गर्भवती महिला के परिवार की मुश्किलें बढ़ा दीं। प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद गांव तक 108 एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। ऐसे में परिजनों और ग्रामीणों ने महिला को डोली में बैठाकर करीब 8 किलोमीटर तक दुर्गम रास्ते से पैदल पहुंचाया। गांव से बाहर एंबुलेंस मिलने के बाद महिला को अस्पताल ले जाया गया। वहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने गर्भस्थ शिशु की मौत की पुष्टि की। महिला की हालत गंभीर होने पर उसे ICU में भर्ती किया गया है। 8 किलोमीटर तक डोली में लेकर चले ग्रामीण जानकारी के मुताबिक, चीटीपाठा जामुनडोंग निवासी सोनू मलगाम की पत्नी कुस्तरिया को गुरुवार सुबह अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक, टोले तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद सरपंच, परिजनों और ग्रामीणों ने लकड़ी और कपड़े की मदद से डोली तैयार की। महिला को डोली में बैठाकर ग्रामीण पैदल ही गांव से बाहर की ओर निकल पड़े। करीब 8 किलोमीटर का पथरीला और कठिन रास्ता तय करने के बाद महिला को गोप गांव तक पहुंचाया गया। यहां से 108 एंबुलेंस की मदद से उसे दमुआ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचने पर गर्भस्थ शिशु की मौत की पुष्टि परिजनों के मुताबिक, महिला को अस्पताल पहुंचाने से पहले काफी दूरी तक दुर्गम रास्ते पर डोली के सहारे ले जाना पड़ा। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने गर्भ में ही शिशु की मौत की पुष्टि की। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे ICU में भर्ती किया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। 125 परिवार, लेकिन पक्की सड़क का इंतजार ग्रामीणों का कहना है कि चीटीपाठा जामुनडोंग टोले में करीब 125 परिवार रहते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यहां लंबे समय से पक्की सड़क सहित कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों का दावा है कि सड़क निर्माण के लिए वर्ष 2016 से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने प्रस्ताव रखे जा रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की सुविधा नहीं होने के कारण आपात स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने दावा किया कि पहले भी तीन गर्भवती महिलाओं की मौत समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने के कारण हुई है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव तक पक्की सड़क बनाने और आपात स्थिति में एंबुलेंस की पहुंच सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी मरीज को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
Read more

भोपाल के रेस्टोरेंट-बार में नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, एक्सपायर कोल्ड्रिंक्स और खराब खाद्य सामग्री मिली

भोपाल में नगर निगम की म्युनिसिपल कोर्ट ने शुक्रवार को बंसल वन स्थित रेस्टोरेंट और बार में बड़ी कार्रवाई की। चलित न्यायालय की टीम ने कई प्रतिष्ठानों के किचन और खाद्य सामग्री की जांच की। इस दौरान कुछ जगहों पर एक्सपायर कोल्ड्रिंक्स मिलीं, जबकि फ्रीज में शाकाहारी और मांसाहारी खाना एक साथ रखा हुआ पाया गया। टीम ने मौके पर ही जुर्माने की कार्रवाई की। चलित न्यायालय की कार्रवाई दोपहर करीब 1:30 बजे शुरू हुई और लगभग दो घंटे तक चली। इस दौरान टीम ने फर्जी कैफे, रोमियो लेन, फ्लाइंग सॉसर, रास्ता, माय बार, आयबरी, कव्वाली और संकल्प रेस्टोरेंट एंड बार सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। किचन में पहुंचकर खुद जांची खाद्य सामग्री मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) तरुणेंद्र प्रताप सिंह ने रेस्टोरेंट और बार के किचन में जाकर वहां रखी खाद्य सामग्री और ग्राहकों को परोसे जाने वाले भोजन की स्थिति देखी। जांच के दौरान कुछ स्थानों पर एक्सपायर कोल्ड्रिंक्स मिलीं। वहीं फ्रीज में वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री को एक साथ रखा गया था। किचन में साफ-सफाई की स्थिति भी जांची गई। नगर निगम की टीम ने खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता के साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 तथा मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम के तहत जरूरी व्यवस्थाओं की जांच की। 30 से ज्यादा वाहनों के काफिले के साथ पहुंची टीम नगर निगम की विशेष टीम 30 से ज्यादा वाहनों के काफिले के साथ बंसल वन पहुंची। अचानक हुई इस कार्रवाई से रेस्टोरेंट और बार संचालकों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान निगम के जोन और वार्ड प्रभारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। टीम ने एक-एक कर कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए, स्टाफ को लगाई फटकार जांच के दौरान टीम ने भोजन और कोल्ड्रिंक्स के सैंपल भी लिए। किचन में गंदगी और खाद्य सामग्री के रखरखाव में लापरवाही मिलने पर संबंधित स्टाफ को फटकार लगाई गई। नगर निगम की ओर से मौके पर ही जुर्माने की कार्रवाई भी की गई। अधिकारियों ने साफ-सफाई और खाद्य सामग्री को निर्धारित मानकों के अनुसार रखने के निर्देश दिए।
Read more

बिलासपुर में तालाब में डूबे दो सगे भाई, छोटे को बचाने के लिए बड़े भाई ने लगाई छलांग

बिलासपुर के पचपेड़ी थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसे में दो सगे भाइयों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। दोनों बच्चे अपने पिता के साथ तालाब के पास गए थे। इसी दौरान छोटा भाई पानी में फिसलकर गहरे हिस्से में चला गया। उसे बचाने के लिए बड़ा भाई भी तालाब में कूद गया, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण दोनों डूब गए। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। एक साथ दो बेटों की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता से कुछ दूर जाते ही हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, चिल्हाटी निवासी भक्त प्रहलाद पैकरा किसान हैं। गुरुवार शाम वह अपने दोनों बेटों दीपू पैकरा (7) और चींटू पैकरा (4) को लेकर तालाब के पास गए थे। बताया जा रहा है कि पिता बच्चों को तालाब किनारे छोड़कर कुछ दूर चले गए और मोबाइल पर बात करने लगे। इसी दौरान तालाब के पास खेल रहा चार वर्षीय चींटू अचानक फिसलकर पानी में गिर गया और गहरे हिस्से में चला गया। छोटे भाई को बचाने तालाब में कूदा बड़ा भाई छोटे भाई को पानी में डूबता देखकर सात वर्षीय दीपू उसे बचाने के लिए तालाब में कूद गया। बताया जा रहा है कि तालाब की गहराई अधिक थी और बच्चों को इसका अंदाजा नहीं था। देखते ही देखते दोनों बच्चे पानी में डूब गए। युवक ने देखा तो ग्रामीणों को बुलाया हादसे के दौरान एक युवक की नजर तालाब में डूब रहे दोनों बच्चों पर पड़ी। उसने तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तालाब में उतरकर दोनों बच्चों को बाहर निकाला। परिजन और ग्रामीण दोनों बच्चों को लेकर तत्काल पचपेड़ी अस्पताल पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें मस्तूरी अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित किया मस्तूरी अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पचपेड़ी पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एक साथ दो मासूम बेटों की मौत से परिवार में गम का माहौल है। गांव में भी इस हादसे के बाद शोक की लहर है।
Read more

इंदौर में कार की किस्त को लेकर विवाद, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के समर्थक के ऑफिस में तोड़फोड़

इंदौर के आजाद नगर इलाके में कार लोन की किस्त को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि चार युवक किस्त की वसूली के लिए एक ऑफिस पहुंचे और परिवार से विवाद के बाद वहां तोड़फोड़ कर दी। पूरी घटना ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर कुछ युवकों को हिरासत में लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। दो किस्तें बाउंस होने पर पहुंचे थे युवक आजाद नगर पुलिस के मुताबिक, पालदा निवासी शिव पाटिल कैटरिंग का काम करते हैं। वे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं और उनके आयोजनों में रसोई व्यवस्था का काम भी करते हैं। पुलिस को दी शिकायत में शिव पाटिल की बेटी संस्कृति ने बताया कि 20 अगस्त को दोपहर करीब 2 से 2:10 बजे के बीच प्रणय, आयुष, सुनील और शशिकांत नाम के चार युवक उनके ऑफिस पहुंचे। युवकों ने खुद को पिरामल फाइनेंस एनबीएफसी की ओर से कार लोन की वसूली के लिए आने वाला बताया। उन्होंने कहा कि कार नंबर MP09ZX7814 की दो किस्तें बाउंस हो गई हैं और बकाया किस्त की राशि जमा करनी होगी। शिव पाटिल ने युवकों से कहा कि बैंक की गलती के कारण किस्त बाउंस हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि कार बेचकर लोन फोरक्लोज करने की प्रक्रिया चल रही है। बातचीत के बाद बढ़ा विवाद शिकायत के मुताबिक, युवक इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और शिव पाटिल, उनकी बेटी संस्कृति और बेटे यशवंत से विवाद करने लगे। आरोप है कि बातचीत के दौरान युवकों ने परिवार के सदस्यों के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल किया और मारपीट की। इसके बाद युवक दोबारा ऑफिस में पहुंचे और वहां गेट, कंप्यूटर सहित अन्य सामान में तोड़फोड़ कर दी। घटना के बाद संस्कृति ने पुलिस को सूचना दी। CCTV में कैद हुई तोड़फोड़ सूचना मिलने पर आजाद नगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर ली है। फुटेज में ऑफिस के अंदर हुए विवाद और तोड़फोड़ की घटना रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कुछ युवकों को हिरासत में लिया है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
Read more

सागर में ऑनलाइन बेटिंग के बड़े नेटवर्क का खुलासा, भोपाल से मुख्य आरोपी गिरफ्तार; 2.69 करोड़ कैश जब्त

सागर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने भोपाल से मुख्य आरोपी ऋषभ पटेल को गिरफ्तार किया है। उसके घर की तलाशी में 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपए नकद और करीब 30 लाख रुपए के सोने के जेवर मिले। पुलिस ने नोट गिनने की मशीन और कई दस्तावेज भी जब्त किए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क टेलीग्राम चैनल और वेबसाइट के जरिए क्रिकेट समेत दूसरे मैचों पर ऑनलाइन बेटिंग कराता था। बेटिंग से आने वाली रकम को अलग-अलग बैंक खातों में घुमाने और कैश कराने के लिए करीब 30 फर्जी फर्में बनाई गई थीं। शुरुआती जांच में इन फर्मों से जुड़े खातों में 5.50 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेन-देन सामने आया है। पति-पत्नी के विवाद और पंचर बनाने वाले की शिकायत से खुला नेटवर्क इस पूरे मामले की शुरुआत एक घरेलू विवाद और बाद में सामने आई एक बैंक खाता शिकायत से हुई। 9 अगस्त को एक महिला ने थाने पहुंचकर अपने पति पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। उसने पुलिस को बताया कि पति के पास काफी रुपए हैं और उसके कई लड़कियों से संबंध हैं। पुलिस ने पति को थाने बुलाकर पूछताछ की। इसके कुछ दिन बाद 13 अगस्त को मकरोनिया थाने में पंचर बनाने वाले रोहित पटेल ने शिकायत की। उसने बताया कि उसके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर उसके नाम पर ग्लैमर इंटरप्राइजेस नाम से फर्म बनाई गई है। इसी फर्म के नाम से फेडरल बैंक की मकरोनिया शाखा में करंट अकाउंट भी खोला गया था। पुलिस ने खाते की जांच की तो फरवरी 2026 से अब तक करीब 90 लाख रुपए का लेन-देन सामने आया। इसके बाद पुलिस ने फर्म और उससे जुड़े बैंक खातों की जांच शुरू की। 5 से 7 हजार रुपए देकर लिए जाते थे दस्तावेज जांच के दौरान पुलिस ने धर्मेंद्र नाहर और सोनू दांगी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में फर्जी फर्मों और बैंक खातों के नेटवर्क की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को 5 से 7 हजार रुपए कमीशन देने का लालच देकर उनके दस्तावेज लिए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग नामों से फर्म बनाई गईं और बैंक में करंट अकाउंट खुलवाए गए। इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन बेटिंग से आने वाली रकम के लेन-देन और उसे कैश कराने के लिए किया जाता था। पुलिस को आशंका है कि सागर और बुंदेलखंड के दूसरे इलाकों में भी कई लोगों के दस्तावेज इस नेटवर्क में इस्तेमाल किए गए हैं। टेलीग्राम चैनल से 100 से 150 लोगों को खिलाते थे बेटिंग पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी ऋषभ पटेल ने 2019-20 में भोपाल के एक कॉलेज से बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई के दौरान ऑनलाइन गेमिंग शुरू की थी। बाद में उसने ऑनलाइन बेटिंग के कारोबार में कदम रखा। शुरुआत में वह ऑनलाइन सट्‌टे की टिप देता था। इसके बाद उसने दो ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट के एडमिन राइट्स लिए और टेलीग्राम चैनल बनाया। पुलिस के मुताबिक, इस चैनल के जरिए एक समय में 100 से 150 लोगों को ऑनलाइन बेटिंग कराई जाती थी। आरोपी मुख्य रूप से क्रिकेट मैचों और आईपीएल पर बेटिंग कराते थे। पुलिस के अनुसार, अमित विश्वकर्मा वेबसाइट के जरिए इस नेटवर्क में उसकी मदद करता था। बैंक से ऑनलाइन रकम, बदले में लेते थे कैश पुलिस की जांच में सामने आया कि बेटिंग से आने वाली रकम को कैश कराने के लिए भी अलग नेटवर्क बनाया गया था। अंडा कारोबारियों के बैंक खातों में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर की जाती थी और बदले में उनसे नकद पैसा लिया जाता था। पुलिस को इस रकम को रियल एस्टेट में लगाने के संकेत भी मिले हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से कितनी रकम अलग-अलग कारोबारों में लगाई गई। 30 फर्जी फर्मों का सामने आया नेटवर्क जांच में करीब 30 फर्जी फर्मों के दस्तावेज मिले हैं। इनमें बिल्डिंग मटेरियल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रेडिंग, टूर एंड ट्रैवल्स और खाद्य कारोबार जैसे अलग-अलग कामों के नाम पर फर्म बनाई गई थीं। इन फर्मों से जुड़े बैंक खातों की शुरुआती जांच में 5.50 करोड़ रुपए से ज्यादा का ट्रांजैक्शन सामने आया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन फर्मों के रजिस्ट्रेशन और बैंक खाते खुलवाने में दस्तावेजों का सत्यापन किस तरह किया गया। घर में मिले नोटों से भरे बैग सागर पुलिस ने भोपाल पुलिस की मदद से ऋषभ पटेल के घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान एक कमरे में नोटों से भरे कई बैग मिले। वहीं नोट गिनने की मशीन भी रखी हुई थी। पुलिस ने मौके से 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपए नकद और करीब 30 लाख रुपए के सोने के जेवर जब्त किए। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में जेवर ऑनलाइन बेटिंग से हुई कमाई से खरीदे जाने की बात सामने आई है। 6 आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी पुलिस ने अब तक धर्मेंद्र नाहर, सोनू दांगी, अमित विश्वकर्मा, विपिन गिरि, स्वर्णेंद्र पांडे और ऋषभ पटेल को गिरफ्तार किया है। वहीं सरमन उर्फ शुभम अहिरवार और ऋषिकेशव चौहान की तलाश की जा रही है। एसपी अनुराग सुजानिया के मुताबिक, अमित विश्वकर्मा और ऋषभ पटेल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। जांच में छत्तीसगढ़ में भी नेटवर्क से जुड़े कुछ लोगों के बारे में जानकारी मिली है। पुलिस अब फर्जी फर्मों, बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के पूरे लेन-देन का पता लगाने में जुटी है।
Read more

इंदौर में सड़क की बदहाली पर पार्षद का अनोखा प्रदर्शन, कीचड़ में बैठकर दिया धरना

इंदौर के वार्ड 75 के भावना नगर-पालदा नाका क्षेत्र में सड़क की बदहाली को लेकर पार्षद और रहवासियों ने नगर निगम के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। सड़क का निर्माण पूरा नहीं होने से नाराज पार्षद कुणाल सोलंकी रहवासियों के साथ सड़क पर जमा कीचड़ में बैठ गए और धरना दिया। उन्होंने जल्द से जल्द सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की। रहवासियों के मुताबिक, यह सड़क लंबे समय से खराब हालत में है। बारिश होते ही सड़क पर पानी, कीचड़ और गड्ढों की स्थिति बन जाती है। इससे पैदल चलने वालों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। चार साल से अधूरा पड़ा है सड़क निर्माण पार्षद कुणाल सोलंकी ने कहा कि जब तक सड़क की समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर और एडिशनल कमिश्नर से मुलाकात कर जल्द कार्रवाई की मांग की है। सोलंकी के मुताबिक, सड़क निर्माण का काम करीब चार साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक पूरा नहीं किया गया। यह सड़क वार्ड 75 और 77 के बीच आती है। अधूरे निर्माण के कारण आसपास रहने वाले लोगों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में बढ़ जाती है परेशानी बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। जगह-जगह गड्ढों में पानी भरने और कीचड़ जमा होने से वाहन चालकों के लिए रास्ता मुश्किल हो जाता है। पैदल राहगीरों को भी आवाजाही में परेशानी होती है। रहवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि सड़क का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान होने वाली परेशानी से राहत मिल सके। वहीं, पार्षद ने भी चेतावनी दी है कि मांग पूरी होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।
Read more

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बीमार सास-ससुर को छोड़ने का दबाव बनाना मानसिक क्रूरता, तलाक बरकरार

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पारिवारिक विवाद और तलाक से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस एनके चंद्रवंशी ने कहा कि शादी के बाद भले ही नया परिवार बनता है, लेकिन इससे बुजुर्ग और बीमार माता-पिता के प्रति संतान की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारियां खत्म नहीं होतीं। कोर्ट ने कहा कि यदि पत्नी बिना किसी ठोस और उचित वजह के बीमार सास-ससुर को छोड़कर अलग रहने के लिए पति पर लगातार दबाव बनाती है, तो ऐसा व्यवहार पति के प्रति मानसिक क्रूरता माना जा सकता है। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट से मिले तलाक के आदेश को बरकरार रखते हुए पत्नी की अपील खारिज कर दी। शादी के एक साल बाद शुरू हुआ विवाद मामला राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ निवासी एक सिख युवक और पत्थलगांव निवासी महिला से जुड़ा है। दोनों की शादी 8 मार्च 2007 को हुई थी। पति के मुताबिक शादी के करीब एक साल बाद से ही दोनों के बीच पारिवारिक विवाद शुरू हो गया था। पति ने बताया कि उसके पिता गंभीर हृदय रोग से पीड़ित हैं और उनकी तीन बार हार्ट सर्जरी हो चुकी है। इसके बावजूद पत्नी लगातार उन पर माता-पिता को छोड़कर अलग रहने का दबाव बनाती रही। बच्चे को लेकर मायके चली जाती थी पत्नी पति का आरोप था कि उसके मना करने पर पत्नी सास-ससुर से दुर्व्यवहार करती थी और कई बार बिना बताए छोटे बेटे को लेकर मायके चली जाती थी। वर्ष 2018 में दोनों परिवारों के रिश्तेदारों के बीच सामाजिक स्तर पर समझौता कराने की कोशिश हुई। इस दौरान पत्नी ने लिखित माफीनामा भी दिया था। हालांकि, पति के अनुसार इसके बाद भी विवाद और व्यवहार में कोई खास बदलाव नहीं आया। फैमिली कोर्ट ने दिया था तलाक का आदेश लगातार विवाद से परेशान पति ने डोंगरगढ़ फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की। मामले की सुनवाई के बाद फैमिली कोर्ट ने 11 नवंबर 2024 को मानसिक क्रूरता के आधार पर पति के पक्ष में तलाक का फैसला सुनाया। इस फैसले के खिलाफ पत्नी ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। पत्नी ने लगाए थे 50 लाख रुपए मांगने के आरोप हाईकोर्ट में पत्नी ने आरोप लगाया कि सास के उकसाने पर पति उसे प्रताड़ित करता था। उसने यह भी दावा किया कि पेट्रोल पंप खोलने के लिए उसके मायके से 50 लाख रुपए की मांग की गई थी। पत्नी ने माफीनामे को लेकर भी आरोप लगाया कि उस पर दबाव डालकर हस्ताक्षर कराए गए थे। हाईकोर्ट ने आरोपों को बताया निराधार हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े दस्तावेजों, गवाहों और बयानों की जांच की। कोर्ट ने पत्नी के आरोपों को साबित करने वाला पर्याप्त आधार नहीं पाया। मामले में पत्नी के भाई और मामा ने भी गवाही दी और स्वीकार किया कि उन्होंने माफीनामा बिना किसी दबाव के पढ़ने के बाद हस्ताक्षर किया था। माता-पिता की देखभाल करना संतान की जिम्मेदारी हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि माता-पिता की सेवा और उनका भरण-पोषण करना संतान का दायित्व है। शादी के बाद यह जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। कोर्ट ने माना कि पति का अपने गंभीर रूप से बीमार पिता की देखभाल के लिए माता-पिता से अलग रहने से इनकार करना स्वाभाविक और उचित था। वहीं, पत्नी द्वारा बिना उचित कारण लगातार अलग रहने का दबाव बनाना पति के लिए मानसिक प्रताड़ना और मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के तलाक के आदेश को सही ठहराते हुए पत्नी की अपील खारिज कर दी।
Read more

ड्यूटी के दौरान SSB जवान ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मारी, मौत; सुसाइड नोट की जांच जारी

भोपाल के कमला नगर थाना क्षेत्र स्थित सीएसडी कैंप डिपो में ड्यूटी के दौरान SSB के 35 वर्षीय जवान संदीप खरमटे की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, जवान ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सुबह 4 बजे पत्नी को मिली सूचना मृतक की पत्नी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 4 बजे विभाग की ओर से उन्हें संदीप की मौत की जानकारी दी गई। पत्नी ने बताया कि संदीप से उनकी आखिरी बातचीत मंगलवार रात करीब 10 बजे हुई थी। उस समय उन्होंने बताया था कि वे ड्यूटी पर हैं। इसके बाद दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। मराठी में मिला सुसाइड नोट पुलिस को घटनास्थल से संदीप के पास मराठी भाषा में लिखा एक सुसाइड नोट मिला है। इसे अनुवाद के लिए भेजा गया है। कमला नगर थाना प्रभारी निरूपा पांडे के मुताबिक, नोट में अभी तक जो बातें सामने आई हैं, उनमें संदीप ने पत्नी से माफी मांगी है और निजी कारणों का जिक्र किया है। हालांकि, आत्महत्या की पूरी वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। साथियों और अधिकारियों से पूछताछ पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट का पूरा अनुवाद सामने आने के बाद मामले से जुड़ी अहम जानकारी मिल सकती है। परिजनों के विस्तृत बयान भी लिए जा रहे हैं। इसके अलावा पुलिस जवान के साथियों और विभागीय अधिकारियों से भी पूछताछ कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। शव को हमीदिया अस्पताल की मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखवाया गया है।
Read more

ग्वालियर NCC OTA में पासिंग आउट परेड, 129 महिला प्रशिक्षणार्थियों ने पूरी की 45 दिन की सैन्य ट्रेनिंग

ग्वालियर स्थित NCC ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) परिसर में बुधवार को पासिंग आउट परेड और पिपिंग सेरेमनी आयोजित की गई। देश के अलग-अलग राज्यों से आईं 129 महिला प्रशिक्षणार्थियों ने 45 दिन की कठिन सैन्य ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की। समारोह की मुख्य अतिथि केंद्रीय कमान की मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल सुचित्रा सेनागुप्ता रहीं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को रैंक (स्टार) लगाए और उन्हें NCC के नियमों का पालन करने के साथ देश सेवा की शपथ दिलाई। सैन्य प्रशिक्षण के साथ महिला सशक्तिकरण पर जोर लेफ्टिनेंट जनरल सुचित्रा सेनागुप्ता ने बताया कि ग्वालियर NCC OTA के मुख्य रूप से दो उद्देश्य हैं। पहला, एसोसिएट NCC अधिकारियों को सैन्य प्रशिक्षण देना और दूसरा महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कोर्स में देशभर से 129 महिला कैंडिडेट शामिल हुई थीं। सभी प्रशिक्षणार्थियों ने 45 दिनों तक शारीरिक, सैन्य और अनुशासन से जुड़ा कठिन प्रशिक्षण पूरा किया। शिखा सिंह को तीन पुरस्कार समारोह के अंत में प्रशिक्षण के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाली महिला अधिकारियों को पदक और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। राजस्थान की एसओ शिखा सिंह ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए तीन पुरस्कार अपने नाम किए। उन्हें कमांडेंट गोल्ड मेडल, शर्मा कप (बेस्ट इन एकेडमिक्स) और स्पेशल स्किल्स के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। समारोह में प्रशिक्षणार्थियों के अनुशासन, आत्मविश्वास और सैन्य कौशल की झलक देखने को मिली। पासिंग आउट के साथ सभी महिला प्रशिक्षणार्थियों ने NCC में अपनी जिम्मेदारियों को निभाने और देश सेवा के संकल्प के साथ नई भूमिका की शुरुआत की।
Read more

रेलवे टिकट दलाल गिरोह का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार; 3.68 लाख के 60 टिकटों का खुलासा

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में आरपीएफ ने अंतर्राज्यीय रेलवे टिकट दलाल गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के मोबाइल से करीब 3.68 लाख रुपये कीमत के 60 रेलवे आरक्षित टिकटों से जुड़ी जानकारी मिली है। मामले में आरपीएफ ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरपीएफ निरीक्षक अंबिकापुर सुनीता मिंज की जांच में सामने आया कि टिकट दलालों का नेटवर्क छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर से लेकर उत्तर प्रदेश के बनारस और भदोही तक फैला था। जांच में एक संविदा कर्मचारी की भूमिका भी सामने आई है, जो कथित तौर पर अवैध तरीके से रेलवे के आरक्षित टिकट बनाता था। बैकुंठपुर से बनारस तक फैला था नेटवर्क जांच में पता चला कि बैकुंठपुर के सिटी पीआरएस से टिकट तैयार किए जाते थे। इसके बाद इन टिकटों को बनारस भेजा जाता था, जहां मौजूद दलाल इन्हें ग्राहकों को अधिक कीमत पर बेचते थे। टिकटों को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने के लिए बस चालकों का इस्तेमाल किया जाता था। इस पूरे नेटवर्क के जरिए टिकटों पर कमीशन और अतिरिक्त रकम कमाई जाती थी। मोबाइल में मिली 60 टिकटों की जानकारी आरपीएफ की जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से व्हाट्सऐप चैट मिली। इसमें 60 रेलवे आरक्षित टिकटों से संबंधित जानकारी मौजूद थी। इन टिकटों की कुल कीमत करीब 3.68 लाख रुपये बताई गई है। जांच में 14 टिकटों पर पीएनआर और अन्य जरूरी जानकारी हाथ से लिखी हुई भी मिली। आरपीएफ अब इन टिकटों से जुड़े लेन-देन और ग्राहकों की जानकारी की भी जांच कर रही है। रेल अधिनियम के तहत 3 आरोपी गिरफ्तार आरपीएफ ने मामले में रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अविनाश कुमार (35), निवासी कोरिया; संजय विश्वकर्मा (48), निवासी भदोही, उत्तर प्रदेश और रवि शंकर (38), निवासी सूरजपुर के रूप में हुई है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश तीनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आरपीएफ गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। आरपीएफ की इस कार्रवाई से रेलवे टिकट तैयार करने से लेकर उन्हें दूसरे राज्यों में भेजने और ग्राहकों को अधिक कीमत पर बेचने तक चल रहे एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
Read more
1 … 20 21 22 23 24 … 151

Trending News

Editor's Picks

IND vs NZ

IND vs NZ 1st T20I: संजू सैमसन-नमन धीर का धमाका, भारत ने रचा रिकॉर्ड

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पहले T20 इंटरनेशनल मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की। 226 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा खेल दिखाया कि न्यूजीलैंड के गेंदबाज दबाव में आ गए। संजू सैमसन की तूफानी पारी और नमन धीर की आखिरी ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाजी ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। मुकाबले में भारत ने 19.4 ओवर में 6 विकेट खोकर 230 रन बनाए और 4 विकेट से जीत हासिल की। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की T20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। 226 रन का लक्ष्य हासिल करना भारत के लिए T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नया रिकॉर्ड भी रहा। NZ vs IND: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का बड़ा स्कोर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए। मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वहीं, फिन एलन ने 24 गेंदों पर 45 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दी। बेवॉन जैकब्स ने भी 16 गेंदों पर 31 रन की अहम पारी खेली। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रख दिया। उस समय लग रहा था कि भारतीय टीम के लिए इस स्कोर तक पहुंचना आसान नहीं होगा। Sanju Samson ने खेली तूफानी पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को संजू सैमसन ने शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। संजू ने 33 गेंदों पर 67 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा ने भी तेजी से रन बनाए। उन्होंने 12 गेंदों पर 29 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक शुरुआत से भारत को बड़े लक्ष्य का पीछा करने में काफी मदद मिली। हालांकि, शुरुआती विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम की रफ्तार कुछ धीमी हुई। न्यूजीलैंड ने वापसी करने की कोशिश की, लेकिन भारत के बल्लेबाजों ने मैच को हाथ से निकलने नहीं दिया। Shreyas Iyer ने संभाली जिम्मेदारी मध्यक्रम में विकेट गिरने के बाद श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। उन्होंने 28 गेंदों पर 42 रन बनाकर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। ऐसे मुकाबलों में सिर्फ तेजी से रन बनाना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि सही समय पर पारी को संभालना भी अहम होता है। अय्यर ने यही भूमिका निभाई और भारत की उम्मीदों को बनाए रखा। इसके बाद नमन धीर ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। Naman Dhir बने भारत की जीत के हीरो मैच के आखिरी ओवरों में नमन धीर की बल्लेबाजी ने भारतीय प्रशंसकों का उत्साह बढ़ा दिया। उन्होंने महज 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। नमन ने तेजी से रन बनाकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया। भारतीय टीम को जब जीत के लिए तेज रन बनाने की जरूरत थी, तब उनकी आक्रामक बल्लेबाजी सबसे ज्यादा काम आई। भारत ने 19.4 ओवर में 230 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। संजू सैमसन की शुरुआत और नमन धीर की शानदार फिनिशिंग इस ऐतिहासिक रनचेज की सबसे बड़ी वजह बनी। IND vs NZ 1st T20I Scorecard: एक नजर में पूरा मैच न्यूजीलैंड: 225/4 (20 ओवर) भारत: 230/6 (19.4 ओवर) नतीजा: भारत 4 विकेट से जीता। न्यूजीलैंड के टॉप स्कोरर: ग्लेन फिलिप्स – 82* रन भारत के टॉप स्कोरर: संजू सैमसन – 67 रन मैच के अहम बल्लेबाज: नमन धीर – 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन भारत ने अपने नाम किया बड़ा रिकॉर्ड इस जीत की सबसे खास बात भारत का रिकॉर्ड रनचेज रहा। 226 रन जैसे बड़े लक्ष्य को हासिल करके टीम इंडिया ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज दर्ज किया। संजू सैमसन ने तेज शुरुआत देकर टीम को मजबूत आधार दिया, श्रेयस अय्यर ने मध्यक्रम में पारी संभाली और नमन धीर ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाकर जीत सुनिश्चित की। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भी दबाव में संयम बनाए रख सकती है। दूसरे T20I में भी रहेगी जीत की उम्मीद पहले मुकाबले में जीत के बाद भारतीय टीम सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करना चाहेगी। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम अगले मैच में वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। पहले मैच में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। ऐसे में अगले मुकाबले में भी क्रिकेट प्रशंसकों को एक रोमांचक भिड़ंत देखने की उम्मीद रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India vs New Zealand

India vs New Zealand: आखिरी 3 ओवर में 29 रन की जरूरत, रोमांचक मोड़ पर मैच

भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) के बीच T20 मुकाबला अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड के 226 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 5 विकेट के नुकसान पर 197 रन बना लिए हैं। अब जीत के लिए भारत को 18 गेंदों में 29 रन बनाने हैं। क्रीज पर श्रेयस अय्यर और नमन धीर मौजूद हैं। ऐसे में भारतीय फैंस की नजरें दोनों बल्लेबाजों पर टिकी हैं। मैच के इस मोड़ पर एक छोटी-सी गलती भी टीम की मुश्किल बढ़ा सकती है। वहीं, अगर भारतीय बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और विकेट बचाए रखे, तो जीत हासिल करने का मौका बना हुआ है। IND vs NZ: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का स्कोर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 225 रन बनाए। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी की और 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी आक्रामक पारी ने न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कीवी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। बड़े शॉट खेलने के साथ-साथ उन्होंने रन गति को भी धीमा नहीं पड़ने दिया। इसी वजह से भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य आया। India vs New Zealand: लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की स्थिति 226 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को तेजी से रन बनाने थे। टीम ने स्कोर आगे बढ़ाया, लेकिन पांच विकेट गिरने के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब श्रेयस अय्यर और नमन धीर के सामने दोहरी चुनौती है। उन्हें एक तरफ जरूरी रन बनाने हैं, तो दूसरी तरफ विकेट भी बचाकर रखना है। दोनों के बीच अच्छी साझेदारी भारत को जीत के करीब पहुंचा सकती है। आखिरी 18 गेंदों का खेल होगा निर्णायक भारत को 18 गेंदों में 29 रन चाहिए। इसका मतलब है कि टीम को बचे हुए तीन ओवरों में लगातार रन बनाने होंगे। T20 क्रिकेट में यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाज भी इस मौके को आसानी से हाथ से जाने नहीं देना चाहेंगे। अगर भारतीय बल्लेबाज शुरुआती गेंदों पर बाउंड्री लगाने में सफल रहते हैं, तो आखिरी ओवर का दबाव कम हो सकता है। वहीं, विकेट गिरने की स्थिति में भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्या Team India हासिल कर पाएगी जीत? मैच का रुख अब काफी हद तक श्रेयस अय्यर और नमन धीर की बल्लेबाजी पर निर्भर करेगा। भारतीय टीम को जीत के लिए बड़े शॉट खेलने के साथ समझदारी से स्ट्राइक भी बदलनी होगी। न्यूजीलैंड की टीम अपने स्कोर का बचाव करने की पूरी कोशिश करेगी। ऐसे में अंतिम तीन ओवर में गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। फिलहाल मुकाबला रोमांचक स्थिति में है और भारत के पास लक्ष्य हासिल करने का मौका मौजूद है। अब देखना होगा कि भारतीय बल्लेबाज आखिरी गेंदों में टीम को जीत दिला पाते हैं या न्यूजीलैंड मुकाबले पर कब्जा जमा लेता है। IND vs NZ Live Score: मैच की ताजा स्थिति हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, प्रदूषण से निपटने के लिए 334 टीमें करेंगी निगरानी; 1 नवंबर से सख्ती

दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है। इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि सरकार के प्रयासों और जनभागीदारी के कारण इस बार पिछले वर्षों की तुलना में GRAP-1 देर से लागू हुआ है। सिरसा के मुताबिक, सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार 11 सूत्रीय एक्शन प्लान पर काम कर रही है। इसमें करीब 30 एजेंसियां शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक, दोनों तरह के उपाय किए जा रहे हैं। 334 टीमें करेंगी निगरानी, मॉनिटरिंग स्टेशन बढ़कर होंगे 60 पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले स्टेशनों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 की जाएगी। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए 334 प्रवर्तन टीमें तैनात की जाएंगी। सिरसा ने दावा किया कि दिल्ली के प्रदूषण में स्थानीय स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 30% है, जबकि आसपास के राज्यों और क्षेत्रों से 60 से 65% प्रदूषण आता है। ऐसे में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पूरे NCR में समन्वित कार्रवाई जरूरी है। 1 नवंबर से प्रदूषण रोकने के लिए प्रस्तावित सख्त कदम सरकार की ओर से साझा की गई योजना के मुताबिक, प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई उपाय किए जाने हैं। 1. वैध PUC प्रमाणपत्र के बिना नहीं मिलेगा ईंधन ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ व्यवस्था के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं देने का प्रावधान है। 2. बाहरी राज्यों के वाहनों पर प्रतिबंध योजना के अनुसार, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को इससे छूट देने की बात कही गई है। 3. सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों के आधे कर्मचारियों से घर से काम कराने की योजना भी शामिल है। 4. सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव योजना के मुताबिक, नगर निगम (MCD) के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित किए जाने का प्रस्ताव है। 5. पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना है। मेट्रो पार्किंग को इससे छूट देने की बात कही गई है। 6. निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोक धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर रोक लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध की योजना भी बताई गई है।

दिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए दिल्ली के रिहायशी इलाकों और प्रमुख बाजारों में अब रात के समय भी सफाई कराई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक कर राजधानी की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी कूड़े के ढेर लगे हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए तेजी से काम करने को कहा। कूड़ा नहीं उठने की शिकायतों पर CM नाराज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों से समय पर कूड़ा नहीं उठने और जगह-जगह गंदगी की शिकायतें मिल रही हैं। कुछ जोन में सफाई व्यवस्था को लेकर लापरवाही भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सफाई के प्रयासों के बावजूद जमीन पर अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही, सफाई व्यवस्था में किए जा रहे सुधार सड़कों और बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारी होंगे तैनात मुख्यमंत्री ने मेयर प्रवेश वाही और नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार को पूरी दिल्ली में सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में सफाई कर्मचारियों की कमी है, वहां अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाए। जरूरत पड़ने पर रात में सफाई के लिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाए। रात में सफाई से दिन में नहीं होगी परेशानी मुख्यमंत्री के मुताबिक, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में रात के समय सफाई कराने से दिन में लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी। इससे त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी। बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, मेयर प्रवेश वाही, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे

छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन

छत्तीसगढ़ सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 11 डॉक्टरों का तबादला किया है। प्रशासनिक आधार पर चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय महानदी भवन से अवर सचिव दिव्या वैष्णव की ओर से जारी आदेश के तहत यह फेरबदल किया गया है। डॉ. संजय कुमार को मिली रायपुर जिला अस्पताल की जिम्मेदारी तबादला आदेश के अनुसार, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार को जिला चिकित्सालय रायपुर (पंडरी) में प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, जिला चिकित्सालय रायपुर में अब तक प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. भेनुज कुमार सिन्हा को स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रशासनिक फेरबदल विभाग के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है। इसके तहत दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। तबादला आदेश में सभी संबंधित डॉक्टरों को बिना देरी किए अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.