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US Support Ukraine: Trump-Zelensky Summit में सुरक्षा और सैन्य सहायता की घोषणा

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 18 अगस्त 2025 को White House में यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky और प्रमुख यूरोपीय नेताओं के साथ एक ऐतिहासिक summit आयोजित किया। इसका उद्देश्य रूस-यूक्रेन युद्ध के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करना था। यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी और सैन्य सहायता (Ukraine Security & Military Support) राष्ट्रपति ट्रंप ने US support की पुष्टि की। राष्ट्रपति Zelensky ने बताया कि अगले 10 दिनों में security guarantees को formalize किया जाएगा। इसमें अमेरिका से लगभग $90 billion की सैन्य सहायता शामिल होगी, जैसे विमान और air defense systems। पुतिन के साथ त्रिपक्षीय बैठक की योजना (Trilateral Meeting with Putin) ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin के साथ phone call के जरिए एक trilateral meeting की योजना बनाई। इस बैठक में ट्रंप, Zelensky और पुतिन शामिल होंगे, जो यूक्रेन के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक अवसर है। यूरोपीय नेताओं का समर्थन (European Leaders Support Ukraine) फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron, जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz, और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने यूक्रेन के समर्थन की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि युद्धविराम ceasefire के बिना सार्थक वार्ता संभव नहीं है और रूस को कोई क्षेत्रीय रियायत नहीं दी जानी चाहिए। मानवीय मुद्दों पर चर्चा (Humanitarian Issues Highlighted) पहली महिला Melania Trump ने रूस द्वारा अपहृत यूक्रेनी बच्चों के मामले को उठाया। यह मुद्दा बैठक में गंभीर रूप से चर्चा का विषय बना और रूस पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Putin

Donald Trump–Putin Alaska Summit : Melania Trump का Secret Letter बना चर्चा का विषय

अमेरिका-रूस (America-Russia) अलास्का समिट में एक ऐसा अनोखा पल देखने को मिला जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin को अमेरिका की फर्स्ट लेडी Melania Trump का एक Secret Letter सौंपा। यह पत्र किसी राजनीतिक समझौते पर नहीं, बल्कि War Victims और Innocent Children पर आधारित था। मेलानिया ने अपने भावुक संदेश में लिखा कि युद्ध ने बच्चों की मासूम हंसी और खुशियां छीन ली हैं। अब समय आ गया है कि उनकी मासूमियत को बचाया जाए और उनके जीवन में फिर से मुस्कान लौटाई जाए। House of Cards जैसा पल पत्र सौंपने के बाद Putin ने इसे निजी तौर पर पढ़ने की बजाय Delegations के सामने जोर से पढ़ा, जिससे पूरा माहौल भावुक हो गया। यह दृश्य बिल्कुल House of Cards सीरीज़ के उस डिप्लोमैटिक सीन जैसा लगा, जहां एक पत्र पूरी कूटनीति का रुख बदल देता है। Ukraine का अप्रत्यक्ष जिक्र पत्र में सीधे तौर पर Ukraine का नाम नहीं था, लेकिन उसमें जिन Children का उल्लेख किया गया, वे यूक्रेन युद्ध से प्रभावित बच्चे ही समझे जा रहे हैं। इस कदम की सराहना करते हुए Ukrainian President Volodymyr Zelenskyy और विदेश मंत्री ने कहा कि यह “Humanity का सच्चा संदेश” है। International Reactions यह Secret Letter पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया। विश्लेषकों का मानना है कि मेलानिया ट्रंप का यह भावुक कदम Soft Diplomacy का हिस्सा है। आमतौर पर जहां समिट्स कड़े शब्दों और रणनीतिक समझौतों पर केंद्रित होती हैं, वहीं यह पत्र मानवीय संवेदनाओं को केंद्र में लेकर आया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Alaska

Alaska Summit 2025 Trump ने Putin को दी चेतावनी, Ukraine War पर बड़ा फैसला संभव

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin को कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी है कि अगर यूक्रेन युद्ध (Ukraine War) खत्म करने पर सहमति नहीं बनी, तो रूस को “Very Serious Consequences” का सामना करना पड़ेगा। यह बयान ट्रंप ने 13 अगस्त 2025 को वॉशिंगटन स्थित Kennedy Center में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दिया। दोनों नेताओं की बहुप्रतीक्षित मुलाकात 15 अगस्त 2025 को अमेरिका के Alaska में होगी। यह पहला अवसर होगा जब ट्रंप और पुतिन की बैठक अमेरिकी धरती पर होगी। Trump का सख्त Message ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा— “अगर शुक्रवार की हमारी बैठक के बाद पुतिन युद्ध खत्म करने के लिए तैयार नहीं होते, तो उन्हें बेहद गंभीर नतीजों का सामना करना पड़ेगा।” हालांकि ट्रंप ने यह खुलासा नहीं किया कि ये गंभीर परिणाम (Serious Consequences) किस रूप में होंगे—आर्थिक प्रतिबंध, सैन्य दबाव या कूटनीतिक अलगाव। Zelensky से भी संभावित Trilateral Meeting ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर अलास्का समिट का नतीजा सकारात्मक रहा, तो वह यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky के साथ एक Trilateral Meeting कर सकते हैं। इसका उद्देश्य युद्धविराम और शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ना होगा। International Reaction ट्रंप की इस चेतावनी पर दुनियाभर में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। Alaska Summit क्यों है Crucial? 2022 से जारी यूक्रेन युद्ध ने लाखों लोगों को विस्थापित किया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है। अलास्का समिट न सिर्फ अमेरिका-रूस संबंधों में नया मोड़ ला सकती है, बल्कि यूक्रेन युद्ध के अंत की संभावनाओं को भी मजबूत कर सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Washington DC

Washington DC Police पर Trump का Control Crime कम, Politics ज़्यादा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने Washington DC में कानून-व्यवस्था को काबू करने के नाम पर बड़ा और विवादित कदम उठाया है। उन्होंने शहर की पुलिस का सीधा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है और 800 नेशनल गार्ड (National Guard) जवानों की तैनाती का आदेश दिया है। यह फैसला Home Rule Act 1973 के तहत लिया गया है, जो संघीय सरकार को डीसी की स्थानीय सरकार में सीधा हस्तक्षेप करने का अधिकार देता है। Crime Rate में गिरावट के बावजूद Crackdown आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2025 के पहले सात महीनों में Washington DC में हिंसक अपराध (Violent Crime) में करीब 26% की गिरावट दर्ज हुई है। कई दशकों में अपराध दर अपने न्यूनतम स्तर के करीब है। इसके बावजूद ट्रंप ने शहर को “खतरनाक”, “अराजक” और “गैंग हिंसा से ग्रस्त” बताते हुए यह कार्रवाई ज़रूरी बताई। पुराने Racist Crime Narratives की गूंज विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप की बयानबाजी और कदम दशकों पुराने उन Racist Crime Narratives की याद दिलाते हैं, जिनमें अश्वेत आबादी वाले शहरों को “कानूनहीन” और “रेस्क्यू की ज़रूरत” वाला बताया जाता था। आलोचकों का आरोप है कि यह रणनीति न सिर्फ DC बल्कि शिकागो, बाल्टीमोर, न्यूयॉर्क, लॉस एंजेलिस और ओकलैंड जैसे Black-led Cities को टारगेट करने का हिस्सा है। Political और Constitutional विवाद नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं (Civil Rights Leaders), डेमोक्रेटिक मेयरों और विपक्षी दलों ने इस कदम को “राजनीतिक हथकंडा” और “लोकल ऑटोनॉमी पर हमला” बताया है। उनका कहना है कि संघीय हस्तक्षेप लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करता है और यह शहरी शासन (Urban Governance) के सैन्यीकरण का खतरनाक उदाहरण हो सकता है। चुनावी रणनीति का हिस्सा? कई मीडिया रिपोर्ट्स और एडिटोरियल्स में दावा किया गया है कि यह कदम आने वाले US Elections 2025 से पहले राजनीतिक ध्रुवीकरण (Political Polarization) बढ़ाने की कोशिश है। चूंकि अपराध दर कम है, इसलिए इसे सिर्फ “Power Show” और “Law and Order Politics” का उदाहरण बताया जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan

Pakistan ने Indian Diplomats के घरों में गैस-पानी की सप्लाई रोकी, India ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

भारत और Pakistan के बीच तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित Indian High Commission और भारतीय राजनयिकों के घरों में गैस, मिनरल वाटर और अख़बार की सप्लाई रोक दी है। स्थानीय सप्लायर्स को आदेश दिया गया है कि वे भारतीय राजनयिकों को gas cylinders, पानी या newspaper न दें। सूत्रों के मुताबिक, Pakistan की सरकारी गैस कंपनी SNGPL ने पाइपलाइन होने के बावजूद गैस सप्लाई जानबूझकर बंद कर दी। साथ ही, mineral water delivery और अख़बार वितरण भी रोक दिया गया है। यह कदम भारत के “Operation Sindoor” और सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) पर भारत के सख्त रुख के बाद उठाया गया retaliation माना जा रहा है। Vienna Convention का उल्लंघन भारत के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि यह Vienna Convention on Diplomatic Relations का उल्लंघन है। इस कन्वेंशन के तहत किसी भी देश पर यह ज़िम्मेदारी होती है कि वह अपने यहां मौजूद विदेशी मिशनों को जरूरी सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करे। India की जवाबी कार्रवाई पाकिस्तान के इस कदम के बाद भारत ने Pakistani diplomats के घरों में अख़बार सप्लाई रोक दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत आगे और reciprocal measures पर विचार कर रहा है। पृष्ठभूमि – क्यों बढ़ा तनाव? दोनों देशों के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण हैं। 2025 के पहलगाम आतंकी हमले, भारत द्वारा सिंधु जल संधि निलंबन और “Operation Sindoor” के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। अब आवश्यक सेवाओं को रोकना कूटनीतिक रिश्तों में और खटास पैदा करने वाला कदम माना जा रहा है। अगर यह टकराव जल्द नहीं सुलझा, तो India-Pakistan के रिश्ते और खराब हो सकते हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर भी असर पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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America

America ने Baloch Liberation Army को Terrorist Organization घोषित किया

America ने 11 अगस्त 2025 को बड़ा ऐलान करते हुए बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (Baloch Liberation Army – BLA) और इसके सशस्त्र विंग ‘मजीद ब्रिगेड’ को Foreign Terrorist Organization (FTO) घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद अमेरिका में कोई भी व्यक्ति या संस्था इन संगठनों को आर्थिक, तकनीकी या किसी भी तरह की सहायता नहीं दे सकेगी, वरना सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। पहले से थी निगरानी में BLA को America पहले ही 2019 में Specially Designated Global Terrorist (SDGT) सूची में शामिल कर चुका था। लेकिन अब FTO का दर्जा मिलने के बाद इनके खिलाफ और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे, जिससे इनके फंडिंग नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और इंटरनेशनल सपोर्ट सिस्टम पर सीधा असर पड़ेगा। हालिया हमलों के बाद सख्त कदम BLA और मजीद ब्रिगेड पर पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान में कई बड़े हमलों का आरोप है, जिनमें शामिल हैं: यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर अमेरिका के दौरे पर हैं। माना जा रहा है कि यह कदम पाकिस्तान-अमेरिका के बीच Counter-Terrorism Cooperation को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। आर्थिक और रणनीतिक पहलू हाल ही में America और Pakistan के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौता हुआ है, जिसमें बलूचिस्तान के Oil & Gas Resources में अमेरिकी निवेश की संभावना भी शामिल है। ऐसे में BLA जैसी आतंकी गतिविधियां निवेश और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा मानी जा रही थीं। फैसले का असर हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gaza

Gaza News इजरायली Airstrike में Al Jazeera Journalist Anas Al-Sharif समेत 5 पत्रकारों की मौत

गाज़ा (Gaza) में 10 अगस्त 2025 को एक बड़ा हमला हुआ, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। इजरायली हवाई हमले (Israeli Airstrike) में Al Jazeera के जाने-माने पत्रकार Anas Al-Sharif समेत 5 पत्रकारों की मौत हो गई। यह हमला गाज़ा सिटी (Gaza City) के अल-शिफा अस्पताल (Al-Shifa Hospital) के बाहर मीडिया टेंट पर किया गया। मारे गए अन्य पत्रकारों में मोहम्मद कुरैकेह, इब्राहिम ज़ाहिर, मोहम्मद नूफल और मोअमेन अलीवा शामिल थे। Anas Al-Sharif कौन थे? अनस अल-शरीफ (जन्म: 3 दिसंबर 1996) गाज़ा के उत्तरी हिस्से से लगातार युद्ध के बीच रिपोर्टिंग करने के लिए मशहूर थे। दिसंबर 2023 में एक इजरायली हमले में उनके पिता की मौत हो गई थी, लेकिन उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा। वे Pulitzer Prize 2024 जीतने वाली Reuters टीम का हिस्सा भी थे, जिन्होंने इजरायल-हमास युद्ध की तस्वीरें और रिपोर्टिंग से दुनिया को चौंका दिया था। Israeli Army का दावा इजरायली सेना (IDF) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि Anas Al-Sharif सिर्फ पत्रकार नहीं थे, बल्कि हमास (Hamas) के एक आतंकी सेल के प्रमुख थे। सेना के मुताबिक, वे इजरायली नागरिकों और सैनिकों पर रॉकेट हमलों में शामिल थे और उनके खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं। Al Jazeera और Press Freedom Groups की प्रतिक्रिया अल जज़ीरा (Al Jazeera) ने इजरायली आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया। चैनल ने कहा कि यह हमले का मकसद गाज़ा में सच्चाई दिखाने वाली आवाज़ों को दबाना है।Committee to Protect Journalists (CPJ), UN Special Rapporteur Irene Khan और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनोंने इस हमले की कड़ी निंदा की। उनका कहना है कि इजरायल ने कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया और यह प्रेस की आज़ादी पर सीधा हमला है। Gaza में पत्रकारों पर बढ़ता खतरा गाज़ा युद्ध (Gaza War) में अब तक 200 से अधिक पत्रकार अपनी जान गंवा चुके हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार यह संख्या 237 तक पहुंच चुकी है। यह घटना मीडिया की सुरक्षा, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और युद्ध क्षेत्रों में पत्रकारों की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trade War

US-India Trade War Dairy Sector पर अड़ा India, Trump ने लगाया 50% Import Tariff

अमेरिका (US) और भारत (India) के बीच ट्रेड वॉर (Trade War) तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारतीय सामानों पर 50% तक का टैरिफ (Tariff) लगा दिया है, जिसमें 25% अतिरिक्त शुल्क रूस से तेल आयात (Russian Oil Import) जारी रखने की वजह से जोड़ा गया है। यह कदम उस समय उठाया गया, जब भारत ने डेयरी (Dairy) और कृषि (Agriculture) सेक्टर में अमेरिकी उत्पादों को बाजार पहुंच देने से साफ इनकार कर दिया। India, Canada समेत कई देशों का सख्त रुख भारत के साथ कनाडा (Canada), स्विट्जरलैंड (Switzerland), आइसलैंड (Iceland) और दक्षिण कोरिया (South Korea) ने भी अमेरिकी डेयरी उत्पादों को अपने बाजार में प्रवेश नहीं दिया। वहीं, कई देशों ने अमेरिकी दबाव में सीमित पहुंच की अनुमति दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने दो टूक कहा कि देश के किसानों (Farmers), डेयरी उत्पादकों (Dairy Producers) और मछुआरों (Fishermen) के हित किसी भी ट्रेड डील से ऊपर हैं। उन्होंने कहा, “हम भारी कीमत चुकाने को तैयार हैं, लेकिन कृषि और डेयरी सेक्टर में किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे।” पांच दौर की बातचीत बेनतीजा पिछले महीनों में भारत और अमेरिका के बीच पांच दौर की वार्ता हुई। भारत ने औद्योगिक वस्तुओं (Industrial Goods) पर ज़ीरो टैरिफ देने का प्रस्ताव रखा, लेकिन कृषि और डेयरी पर अपने रुख से नहीं हटा। अमेरिकी पक्ष ने इसे ‘रेड लाइन’ मानते हुए डील से पीछे हटने का फैसला किया। सूत्रों के अनुसार, गलतफहमियां, अधिक आत्मविश्वास और समय की कमी भी डील टूटने की वजह बनीं। Tariff के असर और India की रणनीति ट्रंप सरकार के इस फैसले से भारतीय निर्यातकों (Exporters) पर असर पड़ सकता है, खासकर टेक्सटाइल (Textile), स्टील (Steel) और ऑटो पार्ट्स (Auto Parts) सेक्टर में। भारत सरकार अब निर्यातकों को राहत पैकेज देने, नए बाजार खोजने और घरेलू खपत बढ़ाने की रणनीति बना रही है। साथ ही, अमेरिका के साथ संवाद के दरवाजे अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं, और आने वाले महीनों में नई बातचीत की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India

India-Russia Friendship बढ़ी, Trump Tariff War से भारत को Economic Challenge

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा India पर लगाए गए 50% Tariff ने न सिर्फ़ व्यापारिक तनाव (Trade Tension) को बढ़ा दिया है, बल्कि भारत के भू-राजनीतिक समीकरण (Geopolitical Equation) को भी प्रभावित किया है। इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) साल के अंत में भारत दौरे पर आ रहे हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के साथ उनकी यूक्रेन युद्ध (Ukraine War) के बाद पहली आमने-सामने मुलाकात होगी। यह संकेत है कि भारत और रूस के रिश्ते (India-Russia Relations) और मज़बूत हो रहे हैं। Trump Tariff से बढ़ा Trade War 6 अगस्त 2025 को ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 25% शुल्क लगाने की घोषणा की, जो पहले से लागू 25% Tariff के ऊपर होगा। इस तरह कुल शुल्क दर 50% हो जाएगी। इसका कारण भारत का रूस से सस्ता कच्चा तेल (Russian Crude Oil) खरीदना बताया गया है। ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक यह मुद्दा हल नहीं होता, India-US Trade Talks स्थगित रहेंगे। Indian Economy पर असर अर्थशास्त्रियों के अनुसार, ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी (Tariff Policy) का भारत की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा। Textile और Jewellery Sector पर बड़ा झटका Rupee में गिरावट, RBI की दखल टैरिफ की घोषणा के बाद रुपया 6 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। RBI ने Non-Deliverable Forward (NDF) मार्केट में हस्तक्षेप कर स्थिरता लाने की कोशिश की। Amitabh Kant ने दिया ‘Agneepath Moment’ का संदेश पूर्व नीति आयोग सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि यह भारत के लिए “once-in-a-generation” मौका है, जब साहसिक आर्थिक सुधारों (Economic Reforms) के ज़रिए देश को आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से बढ़ाया जा सकता है। Russia-India Friendship से US को चिंता रूस के साथ भारत की बढ़ती नज़दीकियां और SCO जैसे मंचों पर चीन-रूस के साथ सक्रियता वॉशिंगटन के लिए चिंता का विषय है। पुतिन का दौरा इस संकेत को और मज़बूत करता है कि Trump Tariff War भारत को अपने पुराने रणनीतिक साझेदारों की ओर और झुका सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gaza

Israel Gaza City Occupy Plan हज़ारों Palestinians का Displacement, Famine Crisis और बढ़ा

इस्राइल (Israel) की सुरक्षा कैबिनेट ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रस्ताव को मंज़ूरी देते हुए Gaza City Occupation Plan लागू करने का फैसला किया है। इस ऑपरेशन के तहत गाज़ा सिटी (Gaza City) के सभी फ़िलिस्तीनी नागरिकों (Palestinians) को जबरन हटाकर मध्य गाज़ा (Central Gaza) में बनाए गए अस्थायी कैंपों में भेजा जाएगा। Famine और Hunger Crisis से हालात खराब गाज़ा पहले से ही Food Shortage और भयंकर Famine का सामना कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN) और राहत एजेंसियों के मुताबिक, अब तक 193 लोगों की मौत भूख से हो चुकी है, जिनमें 96 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा करीब 12,000 बच्चे पाँच साल से कम उम्र के गंभीर कुपोषण (Severe Malnutrition) से पीड़ित हैं। मानवीय संगठनों का कहना है कि मौजूदा हालात Humanitarian Disaster की ओर बढ़ रहे हैं और विस्थापन (Displacement) से स्थिति और भी बिगड़ेगी। Israel में भी Plan का विरोध इस्राइल के भीतर भी इस योजना को लेकर विरोध सामने आया है। इस्राइली सेना के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ एयाल ज़ामीर (Eyal Zamir) ने चेतावनी दी कि यह ऑपरेशन गाज़ा में मौजूद लगभग 20 ज़िंदा बंधकों (Hostages) की जान को खतरे में डाल सकता है और युद्ध को लंबा खींच देगा। बंधक परिवारों और कई पूर्व सुरक्षा अधिकारियों ने इस निर्णय की खुलकर आलोचना की है। International Community की निंदा अमेरिका (US), यूरोपीय देश (EU Nations) और कई ग्लोबल मानवीय संस्थाओं ने इस कदम की निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि यह International Law का उल्लंघन हो सकता है और गाज़ा में Mass Humanitarian Crisis को जन्म देगा। Impact on Gaza Gaza City पर कब्ज़ा न केवल सैन्य दृष्टि से बड़ा कदम है, बल्कि यह लाखों लोगों के जीवन पर गहरा असर डालेगा। पहले से घिरे और भूख से जूझ रहे लोगों के लिए यह विस्थापन एक और बड़ी त्रासदी साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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8th Pay Commission: सैलरी के साथ HRA में बंपर बढ़ोतरी की उम्मीद, छोटे शहरों के कर्मचारियों को भी होगा फायदा

8th Pay Commission: सैलरी के साथ HRA में बंपर बढ़ोतरी की उम्मीद, छोटे शहरों के कर्मचारियों को भी होगा फायदा

केंद्र सरकार के 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अगर नई सिफारिशें लागू होती हैं तो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी के साथ-साथ HRA (House Rent Allowance) में भी बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है। इससे सिर्फ बड़े शहरों जैसे दिल्ली-पटना ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी सीधा फायदा मिलेगा। HRA में क्या हो सकता है बदलाव? रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए वेतन आयोग में HRA की दरों में बढ़ोतरी पर विचार किया जा सकता है। इसका मतलब है कि किराए पर रहने वाले कर्मचारियों को हर महीने ज्यादा भत्ता मिल सकता है। कर्मचारियों को कैसे होगा फायदा? छोटे शहरों के लिए भी बड़ी राहत अभी तक HRA का ज्यादा फायदा बड़े शहरों में रहने वालों को मिलता है, लेकिन अगर नया फॉर्मूला लागू हुआ तो टियर-2 और टियर-3 शहरों के कर्मचारी भी इससे लाभान्वित होंगे। अभी क्या है स्थिति? फिलहाल 8th Pay Commission को लेकर चर्चा जारी है। सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा और अंतिम सिफारिशों का इंतजार किया जा रहा है।
30 साल की हरियाणवी एक्ट्रेस Divyanka Sirohi का अचानक निधन, घर पर बेहोश होने के बाद नहीं बची जान, परिवार सदमे में

30 साल की हरियाणवी एक्ट्रेस Divyanka Sirohi का अचानक निधन, घर पर बेहोश होने के बाद नहीं बची जान, परिवार सदमे में

मनोरंजन जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी 30 साल की एक्ट्रेस Divyanka Sirohi का अचानक निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि वह अपने घर पर अचानक बेहोश हो गई थीं, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई और उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद उनके परिवार और करीबी लोग गहरे सदमे में हैं। अचानक बिगड़ी तबीयत जानकारी के मुताबिक, एक्ट्रेस अपने घर पर सामान्य दिन की तरह थीं, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह बेहोश हो गईं। परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, जो सफल नहीं हो सकी। परिवार में मातम का माहौल इस अचानक हुए निधन से परिवार पूरी तरह टूट गया है। घर में शोक का माहौल है और रिश्तेदार व करीबी लोग लगातार पहुंच रहे हैं। हरियाणवी इंडस्ट्री में शोक उनके निधन की खबर से हरियाणवी मनोरंजन जगत में भी शोक की लहर है। कई कलाकारों और सहयोगियों ने सोशल मीडिया पर दुख जताया है। जांच या कारणों की जानकारी नहीं फिलहाल मौत के सही कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। परिजन और डॉक्टर स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
भोपाल में पॉलिटेक्निक चौराहा पर प्रदर्शन पर रोक, धरना-रैली और पुतला दहन की नहीं मिलेगी अनुमति

Bhopal में पॉलिटेक्निक चौराहा पर प्रदर्शन पर रोक, धरना-रैली और पुतला दहन की नहीं मिलेगी अनुमति

मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal से एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। शहर के संवेदनशील माने जाने वाले पॉलिटेक्निक चौराहा पर अब किसी भी तरह के प्रदर्शन, धरना, रैली या पुतला दहन की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस प्रशासन के इस फैसले के बाद अब यहां किसी भी प्रकार के विरोध-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। पुलिस कमिश्नर ने क्या बताया? पुलिस कमिश्नर ने बताया कि यह निर्णय शहर में कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लिया गया है। अक्सर इस इलाके में प्रदर्शन के कारण जाम और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। क्यों लिया गया यह फैसला? आगे क्या नियम रहेगा? अब इस क्षेत्र में किसी भी संगठन या समूह को प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियम तोड़ने पर कार्रवाई भी की जाएगी। लोगों की प्रतिक्रिया इस फैसले को लेकर शहर में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे सही कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थान दिया जाना चाहिए।
कपाट खुलने से पहले Badrinath धाम का मनमोहक माहौल, बर्फीली वादियों में दिखी भक्ति की रौनक

कपाट खुलने से पहले Badrinath धाम का मनमोहक माहौल, बर्फीली वादियों में दिखी भक्ति की रौनक

उत्तराखंड स्थित पवित्र तीर्थस्थल Badrinath Dham के कपाट खुलने से पहले यहां का माहौल पूरी तरह भक्तिमय और शांत नजर आ रहा है। बर्फ से ढकी पहाड़ियां, ठंडी हवाएं और मंदिर के आसपास की तैयारियां इस समय श्रद्धा और आस्था से भरी हुई दिखाई दे रही हैं। बर्फीली वादियों में बढ़ी रौनक बद्रीनाथ धाम के आसपास का पूरा क्षेत्र अभी भी बर्फ की सफेद चादर में ढका हुआ है। सुबह-शाम की ठंडी हवाओं के बीच मंदिर परिसर में तैयारियों का काम तेजी से चल रहा है। श्रद्धा और भक्ति का माहौल कपाट खुलने से पहले ही साधु-संत और स्थानीय लोग यहां पहुंचने लगे हैं। मंदिर प्रशासन भी यात्रियों की सुविधा के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। हर तरफ “जय बद्री विशाल” के जयकारे गूंज रहे हैं। यात्रियों के लिए खास तैयारी इस साल चारधाम यात्रा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। रास्तों की सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम चल रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। श्रद्धा से भरी झलक कपाट खुलने से पहले बद्रीनाथ धाम का यह शांत और दिव्य रूप भक्तों को आकर्षित कर रहा है। आने वाले दिनों में यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।
Jharkhand में मौत का हाईवे: ट्रक-टैंकर की भीषण टक्कर, कार खाई में गिरी, 3 की मौत और 9 घायल

Jharkhand में मौत का हाईवे: ट्रक-टैंकर की भीषण टक्कर, कार खाई में गिरी, 3 की मौत और 9 घायल

Jharkhand से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। यहां एक हाईवे पर ट्रक और टैंकर की जोरदार भिड़ंत हो गई, जबकि इसी दौरान एक कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई और 9 लोग घायल हुए हैं। कैसे हुआ हादसा? प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के चलते यह बड़ा हादसा हुआ। पहले ट्रक और टैंकर में जोरदार टक्कर हुई, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। उसी समय एक कार चालक ने नियंत्रण खो दिया और वाहन सीधा खाई में जा गिरा। मौके पर मचा हाहाकार हादसे के बाद वहां चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। घायलों को किसी तरह बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। राहत और बचाव कार्य जारी पुलिस और राहत टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। इलाके में शोक का माहौल इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। मृतकों के परिवार गहरे सदमे में हैं और लोग इस घटना को लेकर दुख जता रहे हैं।

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