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Monsoon Session

Monsoon Session 2026: Vande Mataram के बाद Lok Sabha स्थगित, PM मोदी से Rahul Gandhi तक सभी रहे मौजूद

संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) का आखिरी दिन भी हंगामे और सियासी खींचतान की भेंट चढ़ गया। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद Vande Mataram का गायन हुआ और फिर सदन को स्थगित कर दिया गया। खास बात यह रही कि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत पूरी केंद्रीय कैबिनेट के कई सदस्य और विपक्ष के नेता राहुल गांधी सदन में मौजूद थे। सत्र के अंतिम दिन जिस तरह लोकसभा की कार्यवाही महज करीब एक मिनट चली, उसने पूरे मानसून सत्र की तस्वीर को एक तरह से समेट दिया। कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने रहे और सदन में चर्चा को लेकर लगातार गतिरोध देखने को मिला। Vande Mataram के बाद नहीं चला सदन लोकसभा की बैठक शुरू हुई तो सदन में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का गायन हुआ। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही स्थगित कर दी। आमतौर पर सत्र के अंतिम दिन सदन में पूरे सत्र की उपलब्धियों और आगे की कार्यवाही को लेकर चर्चा होती है, लेकिन इस बार लोकसभा में कामकाज का समय बेहद कम रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री सदन में मौजूद थे। विपक्ष की ओर से राहुल गांधी समेत कई सांसद भी पहुंचे थे। इसके बावजूद सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। पूरे Monsoon Session में दिखा सत्ता-विपक्ष का टकराव मानसून सत्र के दौरान कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष लगातार अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की मांग करता रहा, जबकि सरकार ने भी कई विषयों पर चर्चा के लिए अपनी तैयारी जताई। कई बार विरोध और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही को बीच में रोकना पड़ा। यही वजह रही कि संसद का यह सत्र राजनीतिक बयानबाजी और हंगामे के लिए भी चर्चा में रहा। Rahul Gandhi और Amit Shah भी रहे आमने-सामने मानसून सत्र के दौरान राहुल गांधी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी सुर्खियों में रही। विपक्ष ने सरकार पर कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाए, वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। संसद के बाहर भी दोनों पक्षों के नेताओं की ओर से एक-दूसरे पर लगातार निशाना साधा गया। इससे साफ रहा कि इस पूरे सत्र में राजनीतिक तापमान काफी ऊंचा रहा। आखिरी दिन की तस्वीर ने खींचा ध्यान संसद के मानसून सत्र का आखिरी दिन जिस तरह खत्म हुआ, उसने हर किसी का ध्यान खींचा। प्रधानमंत्री मोदी से लेकर अमित शाह और राहुल गांधी तक कई बड़े चेहरे सदन में मौजूद थे, लेकिन लोकसभा में कामकाज के लिए ज्यादा समय नहीं मिल सका। Vande Mataram के बाद कार्यवाही का स्थगन इस सत्र के अंतिम दिन की सबसे अहम तस्वीर बन गया। लंबे समय तक चले राजनीतिक विवादों और गतिरोध के बाद संसद का यह सत्र बेहद संक्षिप्त लोकसभा कार्यवाही के साथ समाप्त हुआ। अब नजरें संसद के अगले सत्र पर हैं, जहां सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर एक बार फिर बहस और सियासी मुकाबला देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amit Shah

Amit Shah Letter to Speaker: चर्चा के लिए घंटे तय करने की मांग, Rahul Gandhi ने सरकार को घेरा

संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच एक बार फिर चर्चा को लेकर तकरार सामने आई है। गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर सदन में चर्चा के लिए समय तय करने की मांग की है। शाह ने साफ कहा कि वह खुद सदन में मौजूद रहेंगे और सरकार की ओर से उठाए गए मुद्दों पर जवाब दिया जाएगा। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष केवल लेक्चर सुनने के लिए सदन में नहीं बैठा है। उनका कहना है कि संसद में वास्तविक मुद्दों पर खुलकर चर्चा और सवालों के जवाब जरूरी हैं। अमित शाह ने ओम बिरला को लिखा Letter अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजकर चर्चा के लिए निश्चित समय तय करने का आग्रह किया। शाह के मुताबिक, सरकार सदन में चर्चा से पीछे नहीं हट रही है और वह खुद चर्चा के दौरान मौजूद रहेंगे। गृह मंत्री का यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब संसद में कई मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। सरकार चाहती है कि सदन की कार्यवाही व्यवस्थित तरीके से चले और जरूरी विषयों पर चर्चा हो। राहुल गांधी का सरकार पर निशाना राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि विपक्ष को सिर्फ भाषण सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। विपक्ष चाहता है कि जिन सवालों को संसद में उठाया जा रहा है, उन पर सरकार स्पष्ट जवाब दे। Rahul Gandhi के बयान से साफ है कि विपक्ष चर्चा को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है। उनका जोर इस बात पर है कि संसद में जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक बहस हो और सरकार को जवाब देना पड़े। Shah vs Rahul: किस बात पर है विवाद? दरअसल, विवाद सिर्फ चर्चा होने या न होने का नहीं है, बल्कि चर्चा के तरीके और समय को लेकर भी है। अमित शाह ने स्पीकर से चर्चा के लिए घंटे तय करने की बात कही है, जबकि विपक्ष चाहता है कि उसे अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिले। यही वजह है कि संसद में सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक खींचतान बढ़ती दिखाई दे रही है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात मजबूती से रखने की कोशिश कर रहे हैं। Speaker Om Birla के फैसले पर नजर अब सबकी निगाहें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अगले कदम पर हैं। अगर चर्चा के लिए समय तय होता है तो सदन में सरकार और विपक्ष के बीच सीधा संवाद देखने को मिल सकता है। संसद में जारी इस सियासी बहस के बीच एक बात साफ है कि दोनों पक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी स्थिति मजबूती से रखने की तैयारी में हैं। आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही के दौरान यह टकराव और दिलचस्प हो सकता है।
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Justice Yashwant Varma

Justice Yashwant Varma Case: Cash Scandal में बड़ा खुलासा, तीनों आरोपों पर समिति की मुहर

जस्टिस यशवंत वर्मा (Justice Yashwant Varma) से जुड़े कथित Cash Case में जांच समिति की रिपोर्ट ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। सरकारी आवास में आग लगने के बाद मिले जले और अधजले नोटों के मामले में उनके खिलाफ लगाए गए तीनों आरोपों को जांच समिति ने साबित माना है। यह मामला सामने आने के बाद न्यायपालिका की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी कई सवाल उठे थे। सरकारी आवास में आग के बाद मिला था कैश यह पूरा विवाद मार्च 2025 में शुरू हुआ था। दिल्ली स्थित जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास परिसर में आग लगने की सूचना के बाद दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे थे। आग बुझाने के दौरान एक स्टोर रूम में जले हुए सामान के साथ बड़ी मात्रा में जले और अधजले नोट मिलने की बात सामने आई। मामले ने तूल पकड़ा तो सुप्रीम कोर्ट ने शुरुआती जांच कराई। तत्कालीन दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की रिपोर्ट, तस्वीरों और वीडियो समेत संबंधित दस्तावेजों को भी सार्वजनिक किया गया था। जांच समिति ने तीनों आरोप माने साबित मामले की विस्तृत जांच के लिए बाद में लोकसभा अध्यक्ष द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति ने जांच की। समिति ने उपलब्ध दस्तावेजों, बयानों और अन्य साक्ष्यों की समीक्षा के बाद जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगाए गए तीनों Articles of Charge को साबित माना। रिपोर्ट में नकदी के स्रोत और उसके संबंध में दिए गए स्पष्टीकरण को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। साथ ही मामले से जुड़े साक्ष्यों के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ के पहलू पर भी समिति ने निष्कर्ष दर्ज किए। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी महत्वपूर्ण बात सामने आई कि ऐसा कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला, जिससे यह निश्चित रूप से कहा जा सके कि जस्टिस वर्मा ने खुद वह नकदी वहां रखी थी। जस्टिस वर्मा ने उठाए थे प्रक्रिया पर सवाल जस्टिस वर्मा ने जांच की प्रक्रिया और समिति के निष्कर्षों पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए और बाद में राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भी सौंपा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी कानूनी चुनौती दी गई थी, लेकिन अदालत से उन्हें तत्काल राहत नहीं मिली। इसके बाद जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ती रही। अब आगे क्या होगा? जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंप दी है। अब इसके बाद संवैधानिक और संसदीय प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई का रास्ता तय होगा। जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़ा यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि इसमें सिर्फ एक न्यायाधीश पर लगे आरोपों की बात नहीं है, बल्कि यह सवाल भी जुड़ा है कि न्यायपालिका में accountability और transparency सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था किस तरह काम करती है। फिलहाल जांच समिति की रिपोर्ट के बाद मामला एक नए चरण में पहुंच गया है। आगे संसद और संबंधित संवैधानिक संस्थाओं की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amrit Bharat Express

Dhanbad-Coimbatore Train: 2200 KM से ज्यादा का सफर, Amrit Bharat Express से जुड़ेंगे कई शहर

धनबाद (Dhanbad) से दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे की ओर से बड़ी खुशखबरी है। Dhanbad-Podanur Amrit Bharat Express ने झारखंड और तमिलनाडु के बीच रेल कनेक्टिविटी को एक नई रफ्तार दी है। इस ट्रेन से न सिर्फ लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को नया विकल्प मिला है, बल्कि पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के बीच आने-जाने में भी आसानी होगी। धनबाद से पोदनूर तक सीधा रेल कनेक्शन यह अमृत भारत एक्सप्रेस धनबाद से पोदनूर के बीच चलती है। पोदनूर, कोयंबटूर के पास स्थित एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है। ट्रेन के रूट में कई महत्वपूर्ण शहर और रेलवे जंक्शन शामिल हैं, जिससे रास्ते में रहने वाले यात्रियों को भी इसका फायदा मिल सकता है। धनबाद से दक्षिण भारत जाने वाले लोगों के लिए लंबे समय से बेहतर रेल विकल्प की जरूरत महसूस की जाती रही है। ऐसे में इस ट्रेन का संचालन यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है। 6 राज्यों को मिलेगा फायदा इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका लंबा रूट है। ट्रेन झारखंड से निकलकर कई राज्यों को जोड़ते हुए तमिलनाडु तक पहुंचती है। इसके जरिए झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु समेत रूट से जुड़े अन्य राज्यों के यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलती है। पूर्वी भारत से दक्षिण भारत की यात्रा करने वाले छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और आम यात्रियों के लिए यह ट्रेन खास उपयोगी हो सकती है। 2,200 KM से ज्यादा की दूरी तय करेगी ट्रेन Dhanbad-Podanur Amrit Bharat Express करीब 2,200 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय करती है। रास्ते में रांची, हटिया, राउरकेला, झारसुगुड़ा, संबलपुर, विजयनगरम, विजयवाड़ा, नेल्लोर, रेनिगुंटा, कटपड़ी, सेलम, इरोड और तिरुप्पुर जैसे प्रमुख स्टेशन आते हैं। इतनी लंबी दूरी को देखते हुए यह ट्रेन उन यात्रियों के लिए खास मायने रखती है, जो पूर्वी भारत से सीधे तमिलनाडु जाना चाहते हैं। यात्रियों को क्या होगा फायदा? नई Amrit Bharat Express शुरू होने से धनबाद और आसपास के यात्रियों के पास दक्षिण भारत जाने के लिए एक और विकल्प उपलब्ध हुआ है। खासकर उन लोगों को राहत मिल सकती है जिन्हें काम, पढ़ाई, कारोबार या परिवार से जुड़े कारणों से तमिलनाडु और आसपास के इलाकों की यात्रा करनी पड़ती है। अमृत भारत ट्रेनों को सामान्य और स्लीपर श्रेणी के यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। ऐसे में लंबी दूरी की यात्रा के लिए यह सेवा आम यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है। कारोबार और रोजगार के लिहाज से भी अहम धनबाद देश के प्रमुख कोयला क्षेत्रों में शामिल है, जबकि कोयंबटूर तमिलनाडु का बड़ा औद्योगिक और कारोबारी शहर है। दोनों क्षेत्रों के बीच बेहतर रेल कनेक्टिविटी से यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और रोजगार से जुड़े लोगों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। रेल संपर्क मजबूत होने से छोटे कारोबारियों, कर्मचारियों और छात्रों के लिए भी यात्रा के विकल्प बढ़ते हैं। यही वजह है कि इस ट्रेन को केवल एक नई यात्री सेवा के तौर पर नहीं, बल्कि East India और South India के बीच बेहतर connectivity की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। Dhanbad-Coimbatore Train: क्यों खास है यह Amrit Bharat Express? धनबाद-पोदनूर अमृत भारत एक्सप्रेस का सबसे बड़ा फायदा यही है कि यह लंबी दूरी के कई महत्वपूर्ण शहरों को एक ही रेल रूट से जोड़ती है। झारखंड से तमिलनाडु तक जाने वाले यात्रियों को अब यात्रा की planning में एक और विकल्प मिल गया है। Dhanbad-Coimbatore Amrit Bharat Express आने वाले समय में इस रूट पर यात्रियों की बढ़ती जरूरत को पूरा करने में कितनी सफल रहती है, यह इसके संचालन और यात्री प्रतिक्रिया से साफ होगा। फिलहाल, झारखंड से South India जाने वाले लोगों के लिए यह ट्रेन निश्चित तौर पर एक उपयोगी कनेक्शन बनकर सामने आई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi-Priyanka Gandhi का ये Moment हुआ Viral, Kharge बोले- ‘आप बदल गए!’

संसद में अक्सर एक-दूसरे पर तीखे हमले करने वाले नेताओं का एक अलग ही अंदाज तब देखने को मिला, जब वे एक पारिवारिक समारोह में आमने-सामने थे। NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती के Wedding Reception में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई बड़े नेता पहुंचे। इसी दौरान PM Modi और Priyanka Gandhi की बातचीत का एक छोटा-सा पल कैमरे में कैद हो गया, जिस पर Kharge की टिप्पणी ने माहौल को हल्का कर दिया। PM Modi और Priyanka Gandhi के बीच क्या हुई बात? रेवती सुले के Reception में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रियंका गांधी के बीच बातचीत होती दिखाई दी। दोनों की बातचीत के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे भी वहां मौजूद थे। इसी बीच खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर इशारा करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा- “भाई साहब, आप बदल गए!” खड़गे की इस टिप्पणी के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच हल्की मुस्कान देखने को मिली। राजनीतिक गलियारों में यह छोटा-सा Moment अब चर्चा का विषय बन गया है। Wedding Reception में दिखा नेताओं का अलग अंदाज आमतौर पर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिलती है। लेकिन सामाजिक समारोहों में नेताओं का व्यवहार कुछ अलग नजर आता है। सुप्रिया सुले की बेटी के Reception में भी यही तस्वीर देखने को मिली। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पहुंचे। वहीं कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी की मौजूदगी रही। अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं का एक ही समारोह में जुटना अपने आप में खास रहा। Social Media पर Video ने खींचा ध्यान PM Modi और Priyanka Gandhi की बातचीत वाला वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। खास तौर पर खड़गे का “भाई साहब, आप बदल गए” वाला अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है। हालांकि, इस छोटी-सी बातचीत को किसी बड़े राजनीतिक बदलाव से जोड़ना जल्दबाजी होगी। यह एक निजी समारोह के दौरान हुआ अनौपचारिक पल था। राजनीति की गर्मागर्म बहसों के बीच नेताओं की ऐसी तस्वीरें अक्सर लोगों को सहज और मानवीय पक्ष दिखाती हैं। एक ही फ्रेम में सत्ता और विपक्ष इस Reception की तस्वीरों और वीडियो में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आए। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सामाजिक आयोजनों में नेताओं का एक-दूसरे से मिलना और बातचीत करना भारतीय राजनीति की पुरानी परंपरा का हिस्सा रहा है। फिलहाल PM Modi-Priyanka Gandhi Conversation और उस पर Kharge का मजेदार रिएक्शन सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया कि राजनीति के गंभीर माहौल के बीच नेताओं के बीच हल्के-फुल्के पल भी लोगों का ध्यान खींच लेते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ghatkopar Landslide

Ghatkopar Landslide: मुंबई में बारिश बनी आफत, लैंडस्लाइड में 6 लोगों की मौत; Rescue Operation जारी

मुंबई की बारिश एक बार फिर मुश्किलें लेकर आई है। घाटकोपर में लैंडस्लाइड (Ghatkopar Landslide) की घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। भारी मलबा गिरने से कई लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव टीमों ने मोर्चा संभाल लिया। संकरी गलियों में Rescue Operation बना चुनौती हादसे की सबसे बड़ी चुनौती घटनास्थल तक भारी मशीनरी पहुंचाना है। घाटकोपर के जिस इलाके में मलबा गिरा है, वहां की गलियां काफी संकरी हैं। ऐसे में JCB और दूसरी बड़ी मशीनों की आवाजाही आसान नहीं है। रेस्क्यू टीम छोटे उपकरणों और कैमरों की मदद से मलबे के अंदर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश कर रही है। बचावकर्मी बेहद सावधानी से मलबा हटा रहे हैं, ताकि अगर कोई व्यक्ति अंदर फंसा हो तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। मलबे के नीचे जिंदगी की तलाश हादसे के बाद मौके का माहौल बेहद भावुक है। स्थानीय लोग भी अपनों की जानकारी के लिए घटनास्थल के आसपास जुटे हुए हैं। रेस्क्यू टीम लगातार मलबे की जांच कर रही है और कैमरों के जरिए अंदर की स्थिति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। बचाव अभियान में हर मिनट अहम माना जा रहा है। टीमों की कोशिश है कि मलबे में किसी व्यक्ति के दबे होने की संभावना को पूरी तरह जांचा जाए। लगातार बारिश ने बढ़ाई परेशानी मुंबई में मानसून के दौरान लगातार बारिश से कई इलाकों में जमीन खिसकने और जलभराव का खतरा बढ़ जाता है। घाटकोपर की घटना के दौरान भी मौसम और स्थानीय परिस्थितियां Rescue Operation के लिए चुनौती बनी हुई हैं। प्रशासन की ओर से घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे बचाव अभियान के दौरान घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाएं। 6 मौतों से इलाके में मातम इस हादसे में 6 लोगों की जान जाने की खबर से इलाके में शोक का माहौल है। वहीं, 4 घायलों का इलाज कराया जा रहा है। परिवारों के लिए यह समय बेहद मुश्किल है और सभी की नजर अब राहत-बचाव अभियान पर टिकी है। घाटकोपर की यह घटना मुंबई में मानसून के दौरान कमजोर ढलानों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। फिलहाल प्रशासन और रेस्क्यू टीमें मलबे को हटाने और संभावित रूप से फंसे लोगों तक पहुंचने में जुटी हैं। Mumbai Landslide Latest Update: घाटकोपर में हुए इस हादसे में 6 लोगों की मौत और 4 लोगों के घायल होने की सूचना है। संकरी गलियों के कारण भारी मशीनों को मौके तक पहुंचाने में परेशानी आ रही है, जबकि कैमरों की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi on Gen Z: Shortcut के पीछे न भागें युवा, संघर्ष और मेहनत से बनती है Success

नई दिल्ली में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की Biography लॉन्च के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने Gen Z को एक खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज जब Reels और Short Videos के जरिए कुछ सेकंड में सफलता की तस्वीर सामने आ जाती है, ऐसे समय में युवाओं को Shortcut के पीछे भागने के बजाय मेहनत और संघर्ष से सीखना चाहिए। मोदी ने कहा कि किसी व्यक्ति की सफलता को सिर्फ उसके अंतिम मुकाम से नहीं देखना चाहिए। उसके पीछे की मेहनत, मुश्किलें और लंबे संघर्ष को समझना भी उतना ही जरूरी है। यही अनुभव आगे बढ़ने की असली सीख देते हैं। Reels की दुनिया में Shortcut से बचने की सलाह आज सोशल मीडिया पर सफलता अक्सर बहुत आसान दिखाई देती है। कोई व्यक्ति अचानक वायरल होता है और कुछ ही समय में लोकप्रिय हो जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को इसी सोच से सावधान रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि जीवन में हर चीज जल्दी हासिल करने की कोशिश सही रास्ता नहीं है। Shortcut कई बार मंजिल तक पहुंचाने के बजाय आपकी क्षमता और यात्रा को छोटा कर सकता है। मोदी का यह संदेश खास तौर पर Gen Z के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह पीढ़ी सोशल मीडिया, Reels और Short-form Content के बीच बड़ी हुई है। दूसरों की Success नहीं, उनकी Struggle भी देखें प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे किसी सफल व्यक्ति को देखकर सिर्फ उसकी उपलब्धियों पर ध्यान न दें। यह जानने की कोशिश करें कि उस मुकाम तक पहुंचने में उसने किन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने Biography और Autobiography पढ़ने पर भी जोर दिया। ऐसी किताबों के जरिए युवाओं को यह समझने का मौका मिलता है कि बड़ी उपलब्धियों के पीछे वर्षों की मेहनत, असफलताएं और कठिन फैसले भी होते हैं। Ram Nath Kovind की Biography क्यों खास है? कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा “Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles” का विमोचन किया गया। इसमें उनके जीवन, संघर्ष, सार्वजनिक जीवन और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की यात्रा को सामने रखा गया है। रामनाथ कोविंद 2017 से 2022 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। उनका जीवन एक साधारण सामाजिक पृष्ठभूमि से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की कहानी भी है। यही वजह है कि उनकी जीवन यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण बनती है। युवाओं के लिए क्यों जरूरी है यह संदेश? आज की डिजिटल दुनिया में हर कोई तेजी से आगे बढ़ना चाहता है। सोशल मीडिया पर दूसरों की सफलता देखकर यह लग सकता है कि कामयाबी कुछ ही समय में हासिल की जा सकती है। लेकिन असल जिंदगी में तस्वीर अलग होती है। किसी भी क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाने के लिए लगातार सीखना, मेहनत करना और असफलताओं से आगे बढ़ना जरूरी होता है। पीएम मोदी ने इसी बात को सरल तरीके से युवाओं तक पहुंचाने की कोशिश की। PM Modi के संदेश का सार रामनाथ कोविंद की Biography के लॉन्च कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी का संदेश सिर्फ किताब पढ़ने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने युवाओं को अपने जीवन में Patience, Hard Work और Experience की अहमियत समझाने की कोशिश की। Reels कुछ सेकंड में किसी की Success दिखा सकती हैं, लेकिन उस सफलता तक पहुंचने में कितने साल लगे, यह अक्सर नजर नहीं आता। इसलिए Gen Z के लिए संदेश साफ है—दूसरों की मंजिल देखकर प्रभावित होने के बजाय उनकी पूरी Journey को समझें और अपने रास्ते पर लगातार मेहनत करें। यही वजह है कि कोविंद की जीवन यात्रा और पीएम मोदी की सलाह को एक साथ देखा जाए तो दोनों का संदेश एक जैसा नजर आता है—सफलता का कोई आसान Shortcut नहीं होता, असली कामयाबी मेहनत और संघर्ष से बनती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amit Shah

Amit Shah vs Rahul Gandhi: छात्रों के मुद्दे पर संसद में घमासान, शाह ने दी बहस की चुनौती

संसद का मानसून सत्र अब अपने आखिरी दौर में पहुंच चुका है, लेकिन छात्रों से जुड़े मुद्दे ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर आमने-सामने की स्थिति बन गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने विपक्ष को सदन में चर्चा शुरू करने की चुनौती दी है। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर सरकार से सीधा जवाब मांगा है। शाह ने साफ कहा कि सरकार संसद में उठने वाले हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से बहस शुरू करने को कहा और संकेत दिया कि अगर विपक्ष चर्चा चाहता है तो सदन में मुद्दा उठाए, सरकार जवाब देगी। शाह बोले- चर्चा से पीछे नहीं हटेगी सरकार अमित शाह का कहना है कि सरकार किसी भी मुद्दे पर संसद में चर्चा से भाग नहीं रही है। विपक्ष चाहे तो चर्चा शुरू करे और सरकार की तरफ से हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। सरकार का यह रुख ऐसे समय आया है जब विपक्ष लगातार छात्र आंदोलनों और उनसे जुड़ी कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहा है। विपक्ष चाहता है कि इस पूरे मामले पर संसद में विस्तार से चर्चा हो और जिम्मेदारी तय की जाए। Rahul Gandhi ने उठाया छात्रों पर कार्रवाई का सवाल वहीं, राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश आखिर किसने दिया था। उन्होंने गृह मंत्री से इस मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी का कहना है कि छात्रों के मुद्दे को केवल राजनीतिक विवाद के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनका जोर इस बात पर है कि यदि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग हुआ, तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। BJP ने राहुल गांधी के आरोपों पर उठाए सवाल राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा नेताओं ने छात्रों पर गोली चलाए जाने के दावे को खारिज किया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि प्रदर्शन स्थल पर गोली चलने की बात सही नहीं है। यानी इस पूरे मामले में सरकार और विपक्ष के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। विपक्ष जहां कार्रवाई और जवाबदेही का सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा आरोपों को गलत बताते हुए विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है। Parliament में आज क्यों अहम है बहस? मानसून सत्र के अंतिम दिनों में छात्र आंदोलन का मुद्दा संसद की राजनीति के केंद्र में आ गया है। अगर सदन में इस विषय पर चर्चा होती है तो सरकार और विपक्ष दोनों को अपना पक्ष विस्तार से रखने का मौका मिलेगा। अमित शाह के बयान के बाद अब नजर इस बात पर है कि विपक्ष किस तरह बहस को आगे बढ़ाता है और सरकार की ओर से छात्रों से जुड़े सवालों पर क्या जवाब सामने आता है। सड़क से संसद तक पहुंचा छात्रों का मुद्दा छात्रों से जुड़ा यह विवाद अब सिर्फ प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है। संसद में इसके उठने से मामला सीधे राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। एक तरफ सरकार चर्चा के जरिए जवाब देने की बात कर रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष कार्रवाई को लेकर जवाबदेही मांग रहा है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने रुख पर कायम हैं। ऐसे में संसद में होने वाली बहस से यह साफ हो सकता है कि छात्रों से जुड़े इस विवाद पर सरकार का आधिकारिक पक्ष क्या है और विपक्ष के सवालों का क्या जवाब मिलता है। Parliament Student Protest से जुड़ा यह मामला आने वाले दिनों में भी राजनीतिक रूप से अहम बना रह सकता है, क्योंकि अब बहस केवल आरोप-प्रत्यारोप तक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और कार्रवाई के सवाल तक पहुंच चुकी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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JSSC

JSSC-CGL Protest: झारखंड में 19 दिन से Students आंदोलन, CBI जांच की मांग पर कायम अभ्यर्थी

झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है। JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन बुधवार को 19वें दिन भी जारी रहा। रांची में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जुटे हैं और उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। छात्रों की सबसे बड़ी मांग JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवालों का निष्पक्ष तरीके से समाधान होना जरूरी है, ताकि अभ्यर्थियों का भर्ती व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके। 19 दिन से जारी है Students Protest JPSC-JSSC Reforms Manch से जुड़े अभ्यर्थी पिछले 19 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। ऐसे में केवल आश्वासन से बात नहीं बनेगी, बल्कि संबंधित मामलों की स्वतंत्र जांच जरूरी है। आंदोलन में शामिल छात्रों का कहना है कि वे वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी का सीधा असर उनकी मेहनत, समय और भविष्य पर पड़ता है। यही वजह है कि छात्र इस बार अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। सरकार ने कुछ मांगों पर लिया Action छात्र आंदोलन के बीच झारखंड सरकार ने 14वीं JPSC Civil Services Exam को रद्द करने का फैसला लिया है। सरकार की ओर से कुछ अन्य परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच की बात भी कही गई है। सरकार का कहना है कि प्रदर्शनकारी छात्रों की बड़ी संख्या में मांगों पर कार्रवाई की जा चुकी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी छात्रों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। हालांकि, छात्रों का कहना है कि जब तक JSSC-CGL और CBI जांच से जुड़ी उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट फैसला नहीं आता, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। विधानसभा March के दौरान बढ़ा विवाद आंदोलन के दौरान छात्रों ने विधानसभा की ओर March करने की कोशिश भी की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की, जिसके बाद मामला और गरमा गया। घटना के बाद छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। विपक्ष ने सरकार पर युवाओं की मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया, जबकि सरकार बातचीत और समाधान का रास्ता अपनाने की बात कह रही है। आंदोलन स्थल पर Medical Team ने की जांच लगातार कई दिनों से चल रहे प्रदर्शन के बीच आंदोलन स्थल पर छात्रों के स्वास्थ्य की भी जांच की जा रही है। मेडिकल टीम ने प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों की स्थिति का जायजा लिया। छात्रों का कहना है कि वे किसी टकराव के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है। उनका कहना है कि नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को निष्पक्ष परीक्षा और भरोसेमंद भर्ती प्रक्रिया मिलनी चाहिए। छात्रों की मांग पर अब सबकी नजर झारखंड का यह आंदोलन अब सिर्फ JSSC-CGL Exam तक सीमित नहीं रह गया है। यह सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भरोसे से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक तरफ सरकार कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और जांच की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी अपनी प्रमुख मांगों पर लिखित और ठोस कार्रवाई चाहते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और छात्रों के बीच बातचीत बेहद अहम होगी। फिलहाल Jharkhand Student Protest का 19वां दिन भी आंदोलन के साथ ही खत्म होता नजर आ रहा है। अभ्यर्थी अपनी मांगों पर कायम हैं और अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार उनकी JSSC-CGL Cancel और CBI जांच की मांग पर क्या फैसला लेती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon Session

Monsoon Session Update: संसद में फिर हंगामा, Lok Sabha-Rajya Sabha की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित

संसद का मानसून सत्र (Monsoon Session) अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। सत्र खत्म होने में सिर्फ दो दिन बाकी हैं, लेकिन लोकसभा और राज्यसभा में राजनीतिक गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही। बुधवार को विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। सदन के बाहर भी विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया और कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के आज सदन में बयान देने की संभावना पर सबकी नजर बनी हुई है। दोपहर 2 बजे तक स्थगित हुई कार्यवाही बुधवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर विरोध जताया। लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। मानसून सत्र के अब केवल दो दिन बचे हैं। ऐसे में सदन का समय सरकार और विपक्ष दोनों के लिए काफी अहम माना जा रहा है। सरकार जहां अपने लंबित विधायी एजेंडे को पूरा करना चाहती है, वहीं विपक्ष कई मुद्दों पर चर्चा और सरकार से जवाब की मांग कर रहा है। Amit Shah के बयान का इंतजार संसद की आज की कार्यवाही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संभावित बयान को लेकर खास चर्चा है। विपक्ष लंबे समय से कुछ अहम मुद्दों पर गृह मंत्री के जवाब की मांग कर रहा है। ऐसे में अगर अमित शाह सदन में बयान देते हैं तो उसके बाद विपक्ष की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। संसद के अंतिम दिनों में यह मुद्दा सियासी माहौल को और गरमा सकता है। FCRA Bill पर भी नजर मानसून सत्र में FCRA Amendment Bill भी सरकार और विपक्ष के बीच प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। Foreign Contribution Regulation Act में प्रस्तावित बदलावों को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, इस विधेयक पर सहमति बनाने के लिए इसे संसदीय समिति के पास भेजने की संभावना पर भी विचार हुआ है। हालांकि, इस पर सरकार और विपक्ष के बीच क्या रास्ता निकलता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। हंगामे के बीच विधायी काम जारी संसद में लगातार हंगामे के बावजूद सरकार ने कई विधायी काम आगे बढ़ाए हैं। लोकसभा में मंगलवार को विपक्ष के विरोध के बीच दो विधेयक पारित किए गए। इनमें केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने से संबंधित विधेयक और National Cooperative Development Corporation से जुड़ा विधेयक शामिल था। राज्यसभा में भी Tribunals Reforms Bill, 2026 पारित किया गया। इससे संकेत मिलता है कि सरकार सत्र के बचे हुए समय में अपने एजेंडे को पूरा करने की कोशिश कर रही है। आखिरी दो दिन होंगे अहम अब संसद के पास कामकाज के लिए सिर्फ दो दिन बचे हैं। ऐसे में आने वाले दो दिन यह तय करेंगे कि सरकार अपने जरूरी विधायी काम कितने पूरे कर पाती है और विपक्ष किन मुद्दों पर सरकार को घेरने में सफल रहता है। फिलहाल सबसे ज्यादा नजर Amit Shah के संभावित बयान, FCRA Bill और सदन में जारी गतिरोध पर है। अगर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनती है तो अंतिम दो दिन कुछ महत्वपूर्ण काम हो सकते हैं, लेकिन हंगामा जारी रहा तो संसद का कीमती समय फिर प्रभावित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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