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Kerala

Kerala का नाम बदलेगा अब “Keralam” होगा आधिकारिक नाम

देश की राजनीति और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने केरल (Kerala) का नाम बदलकर “केरलम (Keralam)” करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले के बाद अब आधिकारिक रूप से राज्य का नाम बदलने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह प्रस्ताव पहले ही केरल विधानसभा द्वारा पारित किया जा चुका था। विधानसभा ने सर्वसम्मति से केंद्र से आग्रह किया था कि राज्य का पारंपरिक और स्थानीय नाम “केरलम” ही संविधान और सभी सरकारी दस्तावेजों में दर्ज किया जाए। मलयालम भाषा में राज्य को लंबे समय से “केरलम” कहा जाता रहा है, इसलिए इसे औपचारिक मान्यता देने की मांग उठी थी। क्यों बदला जा रहा है Kerala का नाम? राज्य सरकार का कहना है कि “केरल” नाम अंग्रेज़ी और अन्य भाषाओं में प्रचलित रूप है, जबकि स्थानीय भाषा मलयालम में सही उच्चारण और ऐतिहासिक पहचान “केरलम” है। इस बदलाव को सांस्कृतिक सम्मान और भाषाई अस्मिता से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यह प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। उनका तर्क था कि जब कई राज्यों ने अपने पारंपरिक नामों को आधिकारिक रूप दिया है, तो केरल भी अपनी मूल पहचान के साथ जाना जाए। अब आगे क्या होगा? कैबिनेट की मंजूरी के बाद अगला कदम संसद में संविधान संशोधन विधेयक लाना होगा। संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत और पहली अनुसूची में संशोधन के जरिए “केरल” की जगह “केरलम” दर्ज किया जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह बदलाव आधिकारिक रूप से लागू हो जाएगा। इसके बाद सरकारी दस्तावेज, आधिकारिक वेबसाइटें, साइनबोर्ड और अन्य प्रशासनिक अभिलेखों में भी नया नाम अपडेट किया जाएगा। राजनीतिक और सांस्कृतिक मायने यह फैसला ऐसे समय आया है जब राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव की चर्चा भी तेज हो रही है। हालांकि सरकार इसे पूरी तरह सांस्कृतिक और भाषाई सम्मान से जुड़ा कदम बता रही है। कई लोगों के लिए यह सिर्फ नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि अपनी जड़ों और परंपरा को पहचान देने का प्रयास है। “केरलम” शब्द राज्य की मिट्टी, भाषा और इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Prayagraj Controversy शंकराचार्य को गिरफ्तारी का अंदेशा, IPS अधिकारी पर साजिश का आरोप

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने संभावित गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। उनका कहना है कि प्रयागराज में तैनात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं और प्रशासनिक तंत्र उनके विरुद्ध सक्रिय है। इस घटनाक्रम ने धार्मिक और राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। क्या है पूरा मामला? शंकराचार्य का आरोप है कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि हाल के दिनों में जिस तरह की प्रशासनिक गतिविधियां हुई हैं, उससे उन्हें अपनी गिरफ्तारी का अंदेशा है। उन्होंने अदालत से गुहार लगाई है कि बिना निष्पक्ष जांच के कोई कठोर कदम न उठाया जाए। करीबी सूत्रों के मुताबिक, शंकराचार्य ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्हें व्यक्तिगत और संस्थागत तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि “सारा सिस्टम” उनके खिलाफ खड़ा नजर आ रहा है। हाईकोर्ट से क्या मांग? याचिका में मुख्य रूप से तीन मांगें रखी गई हैं: कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि अदालत को प्रथम दृष्टया मामला गंभीर लगा, तो अंतरिम राहत मिल सकती है। हालांकि अंतिम फैसला सुनवाई के बाद ही होगा। क्यों बढ़ी चर्चा? यह मामला केवल कानूनी विवाद तक सीमित नहीं है। एक प्रमुख धार्मिक पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा खुले तौर पर गिरफ्तारी की आशंका जताना कई सवाल खड़े करता है। समर्थकों का कहना है कि यह धार्मिक आवाज को दबाने की कोशिश है, जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आगे क्या? अब सभी की नजर हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी है। अदालत प्रशासन से जवाब तलब कर सकती है और यह तय करेगी कि शंकराचार्य को तत्काल राहत मिलेगी या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CM Nitish

Bihar Political Drama लाठीचार्ज मुद्दे पर विधानसभा में टकराव, CM Nitish ने दिया करारा जवाब

बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान चौकीदारों और दफेदारों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा ऐसा उठा कि सदन में तीखी बहस, नारेबाजी और हंगामे का माहौल बन गया। बात इतनी बढ़ी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish) और राजद विधायक भाई वीरेंद्र के बीच खुली नोकझोंक देखने को मिली। क्या है पूरा मामला? हाल ही में पटना में अपनी मांगों को लेकर चौकीदार और दफेदार सड़कों पर उतरे थे। उनका कहना था कि वे लंबे समय से वेतन, सेवा शर्तों और सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसे विपक्ष ने “अनावश्यक लाठीचार्ज” बताया। इसी मुद्दे को लेकर विधानसभा में विपक्ष ने सरकार को घेरा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने जोरदार विरोध जताया और जवाब की मांग की। सदन में क्यों बढ़ी तल्खी? बहस के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish) ने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका इशारा इस ओर था कि प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ रहे थे। लेकिन भाई वीरेंद्र ने सरकार के इस पक्ष को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर लाठी क्यों चली? इसी बात पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसने माहौल और गर्म कर दिया। RJD का हमला, सरकार का बचाव मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल ने इसे कर्मचारियों की आवाज दबाने की कोशिश बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि अगर सरकार समय रहते संवाद करती, तो नौबत लाठीचार्ज तक नहीं पहुंचती। वहीं सत्ता पक्ष का तर्क है कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। सरकार का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर जनता को भ्रमित कर रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mexico में ड्रग माफिया सरगना की मौत के बाद भड़की हिंसा: 25 सैनिकों समेत 32 की मौत, 20 बैंक फूंके

Mexico में ड्रग माफिया सरगना की मौत के बाद भड़की हिंसा: 25 सैनिकों समेत 32 की मौत, 20 बैंक फूंके

Mexico में एक बड़े ड्रग माफिया सरगना की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं। देश के करीब 20 राज्यों में हिंसा भड़क उठी है। अब तक 32 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें 25 सैनिक भी शामिल हैं। कई जगह आगजनी, फायरिंग और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। गर्लफ्रेंड से मिली लोकेशन, फिर हुआ एनकाउंटर मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को ड्रग माफिया की लोकेशन उसकी गर्लफ्रेंड के जरिए मिली। इसके बाद ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें माफिया सरगना मारा गया। लेकिन उसकी मौत के बाद उसके गैंग के लोगों ने बदला लेने के लिए कई शहरों में हिंसा शुरू कर दी। 20 राज्यों में आगजनी और हमला हिंसा की लहर इतनी तेज रही कि करीब 20 राज्यों में सरकारी और निजी संपत्तियों को निशाना बनाया गया। 20 से ज्यादा बैंकों को आग के हवाले कर दिया गया। कई जगहों पर सड़कों को ब्लॉक किया गया और वाहनों में आग लगा दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने ऐसा डर और तनाव पहले कभी नहीं देखा। आम नागरिक अपने घरों में छिपने को मजबूर हो गए। स्कूल और बाजार बंद कर दिए गए हैं। सेना और पुलिस अलर्ट पर मेक्सिको सरकार ने हालात को काबू में करने के लिए सेना और पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की है। कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। आम लोगों पर सबसे ज्यादा असर इस हिंसा का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ा है। रोज कमाने-खाने वाले लोगों का काम ठप हो गया है। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। मेक्सिको में ड्रग माफिया की जड़ें लंबे समय से मजबूत रही हैं। ऐसे में यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अपराध के खिलाफ लड़ाई कितनी चुनौतीपूर्ण है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jharkhand के चतरा में एयर एंबुलेंस क्रैश, 7 की मौत: रांची से दिल्ली जा रहा था विमान

Jharkhand के चतरा में एयर एंबुलेंस क्रैश, 7 की मौत: रांची से दिल्ली जा रहा था विमान

Jharkhand के चतरा जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। रांची से दिल्ली जा रहा एक एयर एंबुलेंस विमान क्रैश हो गया। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि टेकऑफ के करीब 20 मिनट बाद ही विमान का संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल से टूट गया था। क्या हुआ हादसे के दिन? जानकारी के मुताबिक, विमान ने Ranchi से उड़ान भरी थी और उसे New Delhi पहुंचना था। लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद पायलट से संपर्क टूट गया। बाद में खोजबीन के दौरान विमान का मलबा Chatra जिले के एक दूरदराज इलाके में मिला। स्थानीय प्रशासन और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। हादसे में विमान में सवार सभी 7 लोगों की जान चली गई। राहत और जांच कार्य जारी हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन ने इलाके को घेर लिया। बचाव दल और पुलिस ने शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, खराब मौसम या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, असली कारण जांच के बाद ही साफ होगा। केंद्र और राज्य सरकार ने हादसे पर दुख जताया है। मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है। परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़ एयर एंबुलेंस का काम ही जिंदगी बचाना होता है, लेकिन इस बार वही उड़ान कई परिवारों के लिए अंतिम सफर बन गई। जिन लोगों ने अपनों को सुरक्षित पहुंचाने की उम्मीद की थी, उन्हें यह दुखद खबर मिली। पूरे इलाके में शोक का माहौल है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी कारण सामने आएंगे, उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AI Summit

AI Summit हंगामा 2026 Youth Congress अध्यक्ष Uday Bhanu Chib Arrested, अब तक 8 गिरफ्तार

नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के दौरान हुई अप्रत्याशित घटना ने राजनीतिक और सामाजिक सुर्खियों को छा दिया। इस हंगामे के बाद Youth Congress के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार किया गया, और अब तक इस मामले में कुल 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से समझें। क्या हुआ था — AI Summit में शर्टलेस प्रदर्शन 20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit के दौरान Youth Congress के कुछ कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस प्रदर्शन किया। उन्होंने टी‑शर्ट पर सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ संदेश लिखकर विरोध जताया। इस दौरान कार्यक्रम में व्यवधान और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर अशांति और अव्यवस्था उत्पन्न हुई, जिसके बाद कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी और पूछताछ अब तक कितनी गिरफ्तारियां हुईं इस मामले में 8 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इसमें मुख्य रूप से Youth Congress के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हैं। कुछ गिरफ्तारियां दिल्ली में हुईं, जबकि कुछ अन्य स्थानों से भी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। FIR और कानूनी कार्रवाई दिल्ली पुलिस ने Tilak Marg पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR में कई गंभीर धाराओं को शामिल किया है, जैसे: इन धाराओं के तहत पुलिस अब मामले की पूरी जांच कर रही है। राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया इस विवाद ने लोकतंत्र बनाम कानून व्यवस्था की बहस को और तेज कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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अविमुक्तेश्वरानंद

Prayagraj Police Action स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले पूछताछ से नहीं डरता

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े हालिया घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की सियासत और धार्मिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। पूरे मामले के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ शब्दों में कहा है, “मैं कहीं भाग नहीं रहा हूं। पुलिस जो भी पूछना चाहती है, पूछ ले। मैं हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हूं।” उनके इस बयान के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जानकारी के अनुसार, प्रयागराज पुलिस की एक टीम जांच के सिलसिले में वाराणसी के लिए रवाना हो चुकी है। पुलिस टीम वहां पहुंचकर आवश्यक पूछताछ और तथ्यों की पुष्टि करेगी। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन धाराओं या आरोपों के तहत कार्रवाई की जा रही है। क्या है पूरा मामला? सूत्रों के मुताबिक, हाल में दिए गए कुछ बयानों और गतिविधियों को लेकर प्रशासन ने संज्ञान लिया है। इसी आधार पर जांच प्रक्रिया शुरू की गई। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि उन्होंने कोई ऐसा कार्य नहीं किया जो कानून के खिलाफ हो। उनका दावा है कि सच सामने आएगा और वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे। “कानून पर है पूरा भरोसा” स्वामी ने यह भी कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। उनका कहना है कि किसी भी प्रकार की गलतफहमी को दूर करने के लिए वे स्वयं पुलिस के सामने उपस्थित होंगे। वाराणसी में बढ़ी हलचल प्रयागराज पुलिस के वाराणसी रवाना होने की खबर के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जाएगी। किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचते हुए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। आगे क्या? अब सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई और आधिकारिक बयान पर टिकी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मामला किस दिशा में आगे बढ़ेगा। फिलहाल स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का रुख साफ है—वे जांच से पीछे नहीं हटेंगे और हर सवाल का सामना करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के हर बयान और कदम पर प्रशासन की नजर रहती है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आ सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tejas

Tejas Fighter Jet का ब्रेक फेल लैंडिंग के दौरान हादसा, पायलट सुरक्षित; IAF ने 30 विमान ग्राउंड किए

भारतीय वायुसेना के स्वदेशी लड़ाकू विमान HAL Tejas (Tejas Fighter Jet) के साथ लैंडिंग के दौरान एक गंभीर तकनीकी घटना सामने आई। रनवे पर उतरते समय विमान का ब्रेकिंग सिस्टम ठीक से काम नहीं कर पाया, जिसके कारण विमान निर्धारित दूरी में रुकने के बजाय आगे निकल गया। हालांकि, इस हादसे में पायलट पूरी तरह सुरक्षित है, जो बड़ी राहत की बात है। क्या हुआ लैंडिंग के दौरान? सूत्रों के अनुसार, Tejas Fighter Jet नियमित उड़ान के बाद एयरबेस पर लैंड कर रहा था। टचडाउन के बाद जब पायलट ने ब्रेक लगाए, तब तकनीकी खराबी के कारण विमान की रफ्तार अपेक्षा से कम नहीं हो पाई। परिणामस्वरूप, विमान रनवे से आगे बढ़ गया। एयरबेस पर मौजूद आपातकालीन टीम ने तुरंत स्थिति संभाली और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया। इस घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई और पायलट सुरक्षित बाहर निकल आया। विमान को हल्का नुकसान पहुंचा है, जिसकी तकनीकी जांच की जा रही है। Indian Air Force का एहतियाती कदम घटना को गंभीरता से लेते हुए भारतीय वायुसेना ने अपने सभी 30 तेजस विमानों को अस्थायी रूप से ग्राउंड कर दिया है। यह कदम पूरी तरह से सुरक्षा के मद्देनज़र उठाया गया है, ताकि: रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी लड़ाकू विमान बेड़े को अस्थायी रूप से ग्राउंड करना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जाने वाला सामान्य सुरक्षा उपाय है। Tejas Fighter Jet की अहमियत Tejas Fighter Jet भारत का स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने विकसित किया है। यह विमान भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे में इस तरह की घटना स्वाभाविक रूप से ध्यान खींचती है, लेकिन सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना भरोसा भी दिलाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मणिशंकर अय्यर

“राहुल छोड़ें नेतृत्व, ममता करें Lead” INDI गठबंधन पर मणिशंकर अय्यर का बड़ा बयान

विपक्षी राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने INDI Alliance (इंडिया गठबंधन) के नेतृत्व को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है। अय्यर का कहना है कि गठबंधन की कमान राहुल गांधी के बजाय ममता बनर्जी को सौंपी जानी चाहिए। क्या कहा मणिशंकर अय्यर ने? मणिशंकर अय्यर ने साफ तौर पर कहा कि INDI गठबंधन को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए ऐसे चेहरे की जरूरत है जो क्षेत्रीय दलों को सहज रूप से साथ जोड़ सके। उनके मुताबिक, ममता बनर्जी ने अपने राज्य में भाजपा के खिलाफ मजबूत राजनीतिक संघर्ष किया है और वे राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष को एकजुट रखने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने यह भी इशारा किया कि गठबंधन को एक व्यक्ति के बजाय साझा नेतृत्व (Collective Leadership Model) की ओर बढ़ना चाहिए। इस संदर्भ में एम. के. स्टालिन, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। कांग्रेस की प्रतिक्रिया अय्यर के बयान के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इसे उनका निजी मत बताया। विशेषकर पश्चिम बंगाल कांग्रेस इकाई के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह पार्टी की आधिकारिक राय नहीं है। उनका कहना है कि पार्टी का नेतृत्व और रणनीति तय करने का अपना संस्थागत ढांचा है। सियासी मायने क्या हैं? यह बयान ऐसे वक्त आया है जब विपक्ष आगामी चुनावों को लेकर रणनीति बनाने में जुटा है। INDI गठबंधन के भीतर पहले से ही सीट बंटवारे, नेतृत्व और समन्वय को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में अय्यर का बयान केवल एक सुझाव नहीं, बल्कि उस अंदरूनी बहस का संकेत भी माना जा रहा है जो विपक्षी खेमे में जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर गठबंधन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत विकल्प बनना है, तो उसे आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर स्पष्ट नेतृत्व और साझा एजेंडा तय करना होगा। फिलहाल, न तो राहुल गांधी और न ही ममता बनर्जी की ओर से इस बयान पर कोई सीधी प्रतिक्रिया आई है। लेकिन इतना तय है कि इस टिप्पणी ने INDI Alliance की लीडरशिप पर चल रही चर्चा को और तेज कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vande Bharat

Goa Trip हुआ आसान Bengaluru से 13 घंटे में Vande Bharat Express चलाने की तैयारी

आईटी हब Bengaluru से समुद्री पर्यटन के लिए मशहूर Goa तक की यात्रा अब पहले से आसान हो सकती है। भारतीय रेलवे ने “Coastal Vande Bharat Express” चलाने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिससे दोनों शहरों के बीच सफर लगभग 13 घंटे में पूरा करने की योजना है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो वीकेंड ट्रिप प्लान करना और भी आसान हो जाएगा। क्या है Coastal Vande Bharat Express का प्लान? रेलवे के प्रस्ताव के मुताबिक ट्रेन Yesvantpur Junction से रवाना होकर Madgaon Junction तक जाएगी। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: यह रूट पश्चिमी घाट के पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरेगा, जो अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। 160 की स्पीड वाली ट्रेन, फिर भी 13 घंटे क्यों? अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि वंदे भारत ट्रेनें 160 किमी/घंटा तक की रफ्तार पकड़ सकती हैं, फिर सफर 13 घंटे क्यों? दरअसल, बेंगलुरु-गोवा रेल मार्ग में कई घुमावदार ट्रैक, सुरंगें और तीखे ढलान हैं। खासकर पश्चिमी घाट क्षेत्र में ट्रेन की गति कुछ हिस्सों में 30 किमी/घंटा तक सीमित रह सकती है। यही वजह है कि औसत स्पीड कम रहने का अनुमान है। यात्रियों को क्या होगा फायदा? आज भी बेंगलुरु से गोवा के बीच ट्रेन यात्रा में 14–15 घंटे लग जाते हैं। नई Vande Bharat Express से भले समय में बहुत बड़ी कटौती न हो, लेकिन सफर का अनुभव जरूर बेहतर होगा। यात्रियों को मिल सकती हैं ये सुविधाएं: कल्पना कीजिए — सुबह बेंगलुरु से निकलें और शाम तक गोवा के बीच पर सनसेट एंजॉय करें। पर्यटन और बिजनेस ट्रैवल के लिए गेम चेंजर? गोवा वीकेंड गेटअवे के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है। आईटी प्रोफेशनल्स, स्टूडेंट्स और फैमिली ट्रैवलर्स के लिए यह ट्रेन तेज, सुरक्षित और आरामदायक विकल्प बन सकती है। सड़क यात्रा की थकान और फ्लाइट की ऊंची कीमतों के बीच यह ट्रेन एक बैलेंस्ड ऑप्शन दे सकती है। अभी क्या है लेटेस्ट अपडेट? फिलहाल यह प्रस्ताव रेलवे बोर्ड की समीक्षा में है। अंतिम मंजूरी और आधिकारिक टाइमटेबल जारी होने के बाद ही ट्रेन की शुरुआत की तारीख तय होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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