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Lok Sabha

Lok Sabha में सियासी घमासान स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, दो स्थगन के बाद Budget पर चर्चा

संसद के बजट सत्र में सोमवार को लोकसभा (Lok Sabha) का माहौल काफी तनावपूर्ण नजर आया। एक तरफ विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया, तो दूसरी ओर हंगामे और स्थगन के बाद आखिरकार आम बजट पर चर्चा की शुरुआत हुई। स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस दिया है, जिस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही निष्पक्ष रूप से नहीं चलाई जा रही और उनकी बातों को बार-बार अनदेखा किया जा रहा है। यह कदम विपक्ष की नाराज़गी और सरकार के प्रति उसके आक्रामक रुख को दिखाता है। हंगामे के कारण दो बार स्थगित हुई कार्यवाही अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी सांसदों की नारेबाज़ी और विरोध के चलते लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। कुछ समय तक सदन का कामकाज पूरी तरह बाधित रहा, जिससे राजनीतिक टकराव साफ झलकता रहा। Budget Discussion की शुरुआत हंगामे और स्थगन के बावजूद लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू की गई और केंद्र सरकार के आम बजट (Union Budget) पर चर्चा शुरू हुई। सत्तापक्ष के सांसदों ने सरकार की आर्थिक नीतियों, विकास योजनाओं और भविष्य की रणनीति को सामने रखा। वहीं विपक्ष ने महंगाई, बेरोज़गारी, किसानों की समस्याओं और आम जनता पर बढ़ते खर्च जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। संसद में टकराव के बीच आगे की राह लोकसभा (Lok Sabha) स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस और बजट पर चर्चा का एक साथ चलना यह दर्शाता है कि संसद के भीतर सियासी खींचतान तेज है। इसके बावजूद सरकार बजट से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा कर विधायी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर क्या निर्णय लिया जाता है और बजट बहस आने वाले दिनों में किस दिशा में आगे बढ़ती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Naravane

Penguin India का Official Statement General Naravane की Unpublished Book पर Legal Action की चेतावनी

भारत में इस वक्त एक unpublished book controversy सुर्खियों में है। विवाद का केंद्र है पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (General Manoj M. Naravane) की आत्मकथा “Four Stars of Destiny”, जो अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। मामला तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में इस किताब का कथित अंश दिखाया और सरकार पर सवाल उठाए। किताब क्या है? Naravane की किताब “Four Stars of Destiny” उनके सैन्य करियर, भारत‑चीन सीमा विवाद और महत्वपूर्ण सैन्य निर्णयों का विवरण बताती है। हालांकि, यह अभी तक प्रकाशित नहीं हुई और न ही कोई आधिकारिक प्रति (print या digital) सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। पेंगुइन इंडिया (Penguin Random House India) का बयान पेंगुइन इंडिया ने स्पष्ट किया कि: इसका मतलब यह है कि पेंगुइन ने कोई भी आधिकारिक रिलीज़ नहीं की है और किसी भी लीक को मान्यता नहीं दी है। FIR और Delhi Police की जांच दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है, क्योंकि: पुलिस का कहना है कि मामला copyright/लेखक अधिकारों और unauthorized dissemination से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। Parliament Controversy: राहुल गांधी और किताब का प्रदर्शन विवाद तब राजनीतिक रूप ले गया जब राहुल गांधी ने लोकसभा में कथित किताब की प्रति दिखाकर सरकार पर सवाल उठाए। संक्षेप में बिंदु स्थिति Book Publication प्रकाशित नहीं हुई, कोई official copy उपलब्ध नहीं। Publisher Statement Penguin India ने unauthorized copies पर copyright violation बताया। FIR & Police Probe दिल्ली पुलिस ने unauthorized circulation के आधार पर FIR दर्ज की। Politics & Parliament राहुल गांधी के Parliamentary display ने विवाद को राजनीतिक रूप दिया। मानवीय जुड़ाव यह सिर्फ book leak controversy नहीं है। यह उस संतुलन की कहानी है जहाँ जानकारी की भूख, लेखक-अधिकार, राष्ट्रीय सुरक्षा नियम, और राजनीतिक बहस एक साथ टकराते हैं। ऐसी घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि किसी भी संवेदनशील जानकारी के लिए सही अनुमति और जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Punjab

Punjab Crime तरनतारन लॉ कॉलेज में सनसनी, छात्र ने सहपाठी को गोली मारी फिर खुद की जान ली

पंजाब (Punjab) के तरनतारन जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। माई भागो लॉ कॉलेज (Mai Bhago Law College) में पढ़ने वाली एक लॉ छात्रा की क्लासरूम के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद आरोपी छात्र ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। यह पूरी घटना कॉलेज में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कैसे हुई वारदात? प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, घटना उस समय हुई जब कॉलेज में नियमित कक्षाएं चल रही थीं। तभी एक छात्र अचानक क्लासरूम में दाखिल हुआ और बिना किसी चेतावनी के अपनी सहपाठी संदीप कौर के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही छात्रा जमीन पर गिर पड़ी। घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी छात्र ने खुद को भी गोली मार ली। दोनों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। CCTV Video से मचा हड़कंप कॉलेज परिसर में लगे CCTV कैमरों में यह पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों में डर और गुस्सा दोनों देखा जा रहा है। पुलिस ने वीडियो को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस जांच में क्या सामने आ रहा है? पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी और मृतक छात्रा के बीच किसी निजी विवाद या एकतरफा संबंध का मामला हो सकता है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी किसी नतीजे पर पहुँचना जल्दबाजी होगी। पुलिस कॉलेज के छात्रों, शिक्षकों और परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी के पास हथियार कैसे पहुंचा। कॉलेज प्रशासन और समाज की प्रतिक्रिया घटना के बाद कॉलेज में शोक का माहौल है। कॉलेज प्रशासन ने कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और छात्रों के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था करने की बात कही है। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था, छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य, और हथियारों की आसान उपलब्धता कितनी बड़ी समस्या बन चुकी है। एक चेतावनी भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि हिंसक और संवेदनशील वीडियो शेयर न करें, क्योंकि इससे पीड़ित परिवारों को और मानसिक आघात पहुंचता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ISRO

ISRO Chandrayaan-4 Plan Mons Mouton से मिट्टी और चट्टानों के सैंपल लाने का लक्ष्य

भारत एक बार फिर चंद्रमा पर इतिहास रचने की तैयारी में है। ISRO (Indian Space Research Organisation) ने अपने आने वाले मिशन चंद्रयान-4 (Chandrayaan-4) के लिए लैंडिंग साइट की तलाश लगभग पूरी कर ली है। इस बार मिशन का फोकस चंद्रमा के South Pole क्षेत्र पर है, जहां Mons Mouton नामक पहाड़ी इलाके को सबसे सुरक्षित और उपयोगी माना जा रहा है। क्यों खास है Mons Mouton? Mons Mouton चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास स्थित एक ऊँचा इलाका है। वैज्ञानिकों के अनुसार यहां की सतह अपेक्षाकृत स्थिर है और ढलान भी ज्यादा खतरनाक नहीं है। यही वजह है कि ISRO ने इसे Chandrayaan-4 की संभावित लैंडिंग साइट के रूप में चुना है। इस क्षेत्र की एक और खास बात यह है कि यहां सूरज की रोशनी लंबे समय तक मिलती है, जिससे भविष्य के मिशनों में सोलर एनर्जी का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। Chandrayaan-4 का मुख्य उद्देश्य क्या होगा? चंद्रयान-4 सिर्फ लैंडिंग तक सीमित नहीं रहेगा। इस मिशन का सबसे बड़ा लक्ष्य होगा: ये सैंपल वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करेंगे कि चंद्रमा की सतह कैसे बनी, वहां मौजूद खनिजों की संरचना क्या है और भविष्य में वहां मानव मिशन की कितनी संभावना है। South Pole क्यों बना वैज्ञानिकों की पसंद? चंद्रमा का South Pole दुनियाभर के स्पेस एजेंसियों के लिए बेहद आकर्षण का केंद्र है। माना जाता है कि इस इलाके में: अगर यह पुष्टि होती है, तो यह मानव अंतरिक्ष अभियानों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। कैसे चुनी गई लैंडिंग साइट? ISRO ने Chandrayaan-2 के ऑर्बिटर से मिले हाई-रेजोल्यूशन डेटा का इस्तेमाल किया। इन तस्वीरों के जरिए: का गहराई से विश्लेषण किया गया। इसके बाद Mons Mouton के पास एक सुरक्षित पैच को फाइनल विकल्प माना गया। कब लॉन्च हो सकता है Chandrayaan-4? फिलहाल मिशन की तैयारियां चल रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के अनुसार Chandrayaan-4 को 2027 या 2028 तक लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि, ISRO की तरफ से आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। भारत के लिए क्यों अहम है यह मिशन? Chandrayaan-4 भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर सकता है जो चंद्रमा से सैंपल वापस लाने में सक्षम हैं। यह मिशन न सिर्फ वैज्ञानिक दृष्टि से बल्कि तकनीकी और वैश्विक स्तर पर भी भारत की स्थिति को मजबूत करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Om Birla

Lok Sabha Speaker Om Birla पर No Confidence Motion की तैयारी संसद में टकराव चरम पर

संसद के बजट सत्र के दौरान चल रहा राजनीतिक टकराव अब एक नए और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) के खिलाफ नो कॉन्फिडेंस मोशन (No Confidence Motion) लाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह कदम भारतीय संसदीय इतिहास में बेहद असामान्य माना जा रहा है और इससे संसद की राजनीति और अधिक गरमा गई है। पिछले कुछ दिनों से लोकसभा की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें सदन में अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा और स्पीकर के फैसले एकतरफा हैं। इसी नाराज़गी के चलते विपक्ष अब सीधे स्पीकर की भूमिका पर सवाल खड़ा कर रहा है। संसद में क्यों बढ़ा तनाव? बजट सत्र की शुरुआत से ही लोकसभा में हंगामे का माहौल बना हुआ है। विपक्षी सांसदों का कहना है कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की अनुमति नहीं दी जा रही, जबकि सरकार के पक्ष में बोलने वालों को ज्यादा समय मिल रहा है। हालात इतने बिगड़ गए कि सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में बड़ी संख्या में विपक्षी सांसद स्पीकर के चेंबर तक पहुंचे और अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद से ही यह चर्चा तेज हो गई कि विपक्ष कोई बड़ा कदम उठा सकता है — और अब स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। विपक्ष का आरोप, सरकार का पलटवार विपक्ष का कहना है कि यह कदम किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए उठाया जा रहा है। उनका दावा है कि अगर सदन निष्पक्ष रूप से नहीं चलेगा तो जनता की आवाज संसद तक नहीं पहुंच पाएगी। वहीं सरकार और सत्तारूढ़ दल इस पूरे घटनाक्रम को विपक्ष की राजनीतिक रणनीति बता रहे हैं। उनका कहना है कि जब विपक्ष के पास ठोस मुद्दे नहीं होते, तब वह संसद को बाधित करने और संवैधानिक पदों को विवाद में घसीटने का रास्ता अपनाता है। कितना अहम है यह प्रस्ताव? विशेषज्ञों के अनुसार, लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना बेहद दुर्लभ है। अगर प्रस्ताव पेश होता है, तो उसे सदन में स्वीकार किया जाना और फिर उस पर बहस होना अपने-आप में बड़ी राजनीतिक घटना होगी। हालांकि, प्रस्ताव का पारित होना संख्याबल पर निर्भर करेगा। फिलहाल यह साफ है कि संसद का यह सत्र सिर्फ बजट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में स्पीकर, विपक्ष और सरकार के बीच टकराव भारतीय राजनीति का केंद्र बन सकता है। आगे क्या? अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि विपक्ष औपचारिक रूप से अविश्वास प्रस्ताव कब पेश करता है और स्पीकर उस पर क्या फैसला लेते हैं। यह मामला न सिर्फ संसद के अंदर, बल्कि देश की राजनीति में भी दूरगामी असर डाल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

Delhi Crime कार के अंदर 3 Dead Bodies, Suicide Theory पर परिवार का सवाल

दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर (Peeragarhi Flyover) पर कार के अंदर तीन लोगों की लाशें मिलने से सनसनी फैल गई है। मृतकों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। जहां दिल्ली पुलिस इसे शुरुआती तौर पर सामूहिक आत्महत्या (Suicide Case) मान रही है, वहीं मृतकों के परिजन इस थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए इसे Murder Case बता रहे हैं। परिवार के इस दावे के बाद मामला और भी रहस्यमय हो गया है। Peeragarhi Flyover पर क्या हुआ था? रविवार शाम को पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास सड़क किनारे खड़ी एक सफेद कार से बदबू आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि कार के अंदर तीन लोग बेहोशी की हालत में पड़े थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। Police Investigation: क्यों Suicide का शक? पुलिस अधिकारियों के मुताबिक: इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस को यह मामला सुसाइड जैसा प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि यह केवल प्राथमिक जांच है। Family Claim: “ये Suicide नहीं, Murder है” मामले में उस वक्त बड़ा मोड़ आया जब मृतकों के एक भाई ने मीडिया के सामने आकर कहा, “मेरे भाई आत्महत्या नहीं कर सकते। यह साफ तौर पर मर्डर है।” परिजनों का कहना है कि: परिवार ने पुलिस से मांग की है कि मामले की जांच हत्या के एंगल से भी गंभीरता से की जाए। Delhi Triple Death Case में आगे क्या जांच होगी? दिल्ली पुलिस अब इस केस को Suicide और Murder—दोनों एंगल से जांच रही है।जांच के अहम बिंदु: इन रिपोर्ट्स के आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि तीनों की मौत खुदकुशी थी या किसी साजिश का नतीजा। अब सबकी नजरें रिपोर्ट पर फिलहाल, Delhi Car Death Mystery एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है। पुलिस और परिवार—दोनों अपने-अपने तर्क रख रहे हैं। सच्चाई क्या है, इसका जवाब अब पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट ही दे पाएगी। जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक पीरागढ़ी का यह मामला दिल्ली के सबसे चर्चित और रहस्यमय केस में गिना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

Delhi Janakpuri Accident खुले गड्ढे में गिरकर युवक की मौत, DJB काम में बड़ी लापरवाही उजागर

Delhi के जनकपुरी इलाके से सामने आया एक दर्दनाक हादसा न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ गया, बल्कि राजधानी में चल रहे निर्माण कार्यों की हकीकत भी उजागर कर गया। खुले गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय युवक कमल ध्यानी की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने ठेकेदार राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है। Delhi Janakpuri Accident: क्या है पूरा मामला मिली जानकारी के अनुसार, कमल ध्यानी बीती रात करीब 11:30 बजे बाइक से घर लौट रहे थे। जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के तहत सड़क पर पानी की पाइपलाइन से जुड़ा काम चल रहा था। इसी दौरान सड़क पर एक गहरा गड्ढा खोदा गया था, लेकिन न तो उसे ढका गया और न ही वहां कोई चेतावनी बोर्ड, बैरिकेड या स्ट्रीट लाइट लगाई गई। अंधेरा होने की वजह से कमल को गड्ढा दिखाई नहीं दिया और वह सीधे उसमें गिर गए। पूरी रात वह लापता रहे। सुबह स्थानीय लोगों ने गड्ढे में शव देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। Kamal Dhyani Death Case में ठेकेदार की भूमिका पुलिस जांच में सामने आया कि इस काम का जिम्मा ठेकेदार राजेश प्रजापति के पास था। आरोप है कि उसे रात में हादसे की जानकारी मिल गई थी, इसके बावजूद उसने न तो मौके पर पहुंचकर मदद की और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम करवाए। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide Not Amounting to Murder) की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दायरे में और भी लोग आ सकते हैं। Delhi Jal Board और प्रशासन पर उठे सवाल हादसे के बाद दिल्ली जल बोर्ड और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। Delhi सरकार ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की है। साथ ही DJB के कुछ अधिकारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। परिवार का दर्द और गुस्सा कमल ध्यानी के परिवार का कहना है कि यह एक हादसा नहीं बल्कि साफ तौर पर लापरवाही से हुई मौत है। परिवार ने आरोप लगाया कि अगर गड्ढे को ढका गया होता या चेतावनी के इंतजाम होते, तो आज उनका बेटा जिंदा होता। उन्होंने दोषियों को सख्त सजा और सरकार से मुआवजे की मांग की है। Delhi Road Safety पर बड़ा सवाल यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि Delhi में चल रहे निर्माण कार्य कितने असुरक्षित तरीके से किए जा रहे हैं। खुले गड्ढे, बिना बैरिकेडिंग और लाइट के काम आम लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक ऐसी लापरवाही की कीमत निर्दोष लोग अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रितू तावड़े

BMC Mayor Mumbai को मिला नया नेतृत्व, BJP की रितू तावड़े मेयर, संजय घाड़ी डिप्टी मेयर

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर पद के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ पार्षद रितू तावड़े के नाम पर मुहर लग गई है, जबकि शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के संजय घाड़ी को डिप्टी मेयर बनाया जाएगा। यह फैसला महायुति गठबंधन के पावर-शेयरिंग फॉर्मूले के तहत लिया गया है। BMC में पहली बार BJP का मेयर मुंबई की राजनीति में यह फैसला ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि करीब ढाई दशक बाद पहली बार BMC को BJP का मेयर मिलने जा रहा है। हालिया निगम चुनावों में महायुति गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला था, जिसके बाद यह तय माना जा रहा था कि मेयर और डिप्टी मेयर के पद गठबंधन के भीतर साझा किए जाएंगे। BJP ने अपने मजबूत संगठनात्मक आधार और संख्या बल के दम पर रितू तावड़े को मेयर पद के लिए आगे किया। कौन हैं रितू तावड़े? रितू तावड़े मुंबई के घाटकोपर इलाके से तीन बार की निर्वाचित पार्षद हैं। वे BMC में लंबे समय से सक्रिय रही हैं और शिक्षा समिति की अध्यक्ष जैसी अहम जिम्मेदारियां भी संभाल चुकी हैं। स्थानीय स्तर पर उन्हें एक जमीनी नेता के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने नागरिक मुद्दों पर लगातार आवाज उठाई है। उनकी छवि एक सुलझी हुई और कामकाजी नेता की रही है, यही वजह है कि पार्टी ने उन्हें मुंबई जैसे बड़े महानगर की जिम्मेदारी सौंपी है। Deputy Mayor होंगे संजय घाड़ी महायुति के सहयोगी दल शिवसेना (शिंदे गुट) ने संजय शंकर घाड़ी को डिप्टी मेयर पद के लिए नामित किया है। संजय घाड़ी BMC में अनुभवी पार्षद माने जाते हैं और संगठन में उनकी पकड़ मजबूत है। डिप्टी मेयर के तौर पर उनका कार्यकाल लगभग 15 महीनों का होने की संभावना है। माना जा रहा है कि वे प्रशासन और पार्षदों के बीच समन्वय बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। 11 फरवरी को होगा औपचारिक चुनाव BMC मुख्यालय में 11 फरवरी 2026 को मेयर और डिप्टी मेयर का औपचारिक चुनाव होगा। हालांकि संख्याबल को देखते हुए रितू तावड़े और संजय घाड़ी की जीत लगभग तय मानी जा रही है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज इस फैसले के बाद विपक्षी दल शिवसेना (UBT) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि BJP का मेयर बनना मुंबई की राजनीतिक पहचान के लिए ठीक नहीं है। वहीं, महायुति नेताओं का दावा है कि यह फैसला स्थिर प्रशासन और विकास को गति देने वाला साबित होगा। आगे क्या बदलेगा? BMC देश की सबसे अमीर नगरपालिकाओं में से एक है। ऐसे में नया नेतृत्व आने से इंफ्रास्ट्रक्चर, नागरिक सुविधाएं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर नई प्राथमिकताएं तय होने की उम्मीद है। रितू तावड़े के सामने चुनौती होगी कि वे राजनीतिक संतुलन बनाए रखते हुए मुंबईकरों की अपेक्षाओं पर खरी उतरें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar Politics 31 साल पुराने मामले में Pappu Yadav Arrest, अस्पताल में भर्ती समर्थकों का विरोध

बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव (Pappu Yadav) को 31 साल पुराने एक मामले में पटना से गिरफ्तार किए जाने के बाद सियासी माहौल गर्मा गया है। इस कार्रवाई ने न सिर्फ पुराने केस को दोबारा चर्चा में ला दिया है, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। गिरफ्तारी के बाद Pappu Yadav का बयान: जान को बताया खतरा गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उनकी हत्या हो सकती है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया। उनके इस बयान के बाद समर्थकों और राजनीतिक हलकों में चिंता बढ़ गई है। तबीयत बिगड़ी, हाई ब्लड प्रेशर के चलते अस्पताल में भर्ती गिरफ्तारी की प्रक्रिया के दौरान ही Pappu Yadav की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत हुई, जिसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। समर्थकों का विरोध प्रदर्शन, गिरफ्तारी को बताया साजिश Pappu Yadav की गिरफ्तारी और अस्पताल में भर्ती होने की खबर फैलते ही उनके समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। पटना समेत कई इलाकों में समर्थकों ने प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि इतने पुराने केस में अचानक की गई कार्रवाई राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और इससे उनके नेता की जान को खतरा बढ़ गया है। प्रशासन का पक्ष: न्यायिक प्रक्रिया के तहत हुई कार्रवाई वहीं पुलिस और प्रशासन का कहना है कि यह गिरफ्तारी पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया के तहत की गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। बिहार राजनीति में बढ़ा तनाव, आगे भी जारी रह सकती है बयानबाजी फिलहाल Pappu Yadav अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी सेहत को लेकर समर्थक लगातार अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। 31 साल पुराने इस केस में हुई गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर तनाव पैदा कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन तेज होने की संभावना जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trade

India-US Trade Deal 18% Tariff Cut और $30 ट्रिलियन Market का मौका

भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए India-US Trade Deal ने व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। इस समझौते के तहत कई बड़े बदलाव हुए हैं, जो भारत के exporters, छोटे व्यवसाय और किसान समुदाय के लिए game-changer साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं इस डील की 10 बड़ी बातें। $30 ट्रिलियन का Market खुलेगा इस डील के बाद भारत को अमेरिका जैसे बड़े और विकसित बाजार में प्रवेश मिलेगा। यह अवसर लगभग $30 ट्रिलियन का है, जिससे Indian exporters को बहुत फायदा होने की उम्मीद है। टैरिफ घटकर सिर्फ 18% अमेरिका ने भारत से आयातित अधिकांश सामान पर टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया है। इसका मतलब यह है कि Indian goods अब अधिक competitive होंगे। Zero Tariff Products कुछ high-value products जैसे generic medicines, diamond & gemstone, aircraft parts पर टैरिफ पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। $500 Billion की खरीद का समझौता भारत ने अगले 5 सालों में अमेरिकी products की खरीद के लिए लगभग $500 बिलियन का commitment किया है। इसमें energy, aviation और technology products शामिल हैं। Non-Tariff Barriers में कमी दोनों देश regulations और non-tariff barriers को कम करके व्यापार को आसान बनाने पर जोर देंगे। Agriculture और Dairy Products सुरक्षित धान, गेहूँ, दूध, पनीर और मांस जैसे sensitive products पर टैरिफ में कोई बदलाव नहीं किया गया। यह किसानों और rural economy की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। MSME और किसान लाभान्वित छोटे और medium enterprises (MSMEs), किसान और मछुआरे इस deal से सीधे लाभान्वित होंगे। Export opportunities बढ़ने से उन्हें global market में जगह मिलेगी। नई Jobs के अवसर इस डील से निर्यात बढ़ेगा, और इससे लाखों नई नौकरियाँ पैदा होने की संभावना है, खासकर youth और women workforce के लिए। Supply Chain और Investment में सहयोग दोनों देश digital trade, supply-chain flexibility और investment के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे, जिससे long-term economic growth में मदद मिलेगी। Interim Trade Framework भारत और अमेरिका ने एक Interim Trade Agreement Framework पर सहमति जताई है। यह आगे चलकर comprehensive bilateral trade agreement की नींव बनेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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