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Ajit Pawar

Ajit Pawar Death Sunetra Pawar को Deputy CM बनाने की NCP की मांग

महाराष्ट्र की राजनीति में अचानक उठी हलचल का केंद्र अब Ajit Pawar की मौत बन गया है। उनके निधन ने NCP (Nationalist Congress Party) और महाराष्ट्र सरकार में नई चुनौतियाँ पैदा कर दी हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने Sunetra Pawar को Deputy CM बनाने और Ajit Pawar के विभागों पर नियंत्रण बनाए रखने की मांग उठाई है। आइए जानें, इस घटनाक्रम का पूरा ब्यौरा। Sunetra Pawar को Deputy CM बनाने की मांग अजित पवार की अचानक मौत के बाद पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने CM Devendra Fadnavis से मुलाकात की और उनकी पत्नी Sunetra Pawar को Deputy Chief Minister पद पर नियुक्त करने की मांग की। Ajit Pawar के विभागों पर NCP का दावा अजित पवार के निधन के बाद, NCP नेताओं ने मुख्यमंत्री Fadnavis से मुलाकात कर उनके विभागों पर कंट्रोल बनाए रखने का दावा पेश किया। NCP के दो गुटों का विलय और भविष्य की रणनीति एनसीपी लंबे समय से दो गुटों में बंटी हुई है – शरद पवार गुट और अजित पवार गुट।Ajit Pawar के निधन से पहले दोनों गुटों के विलय की चर्चा चल रही थी और अब यह मामला और गंभीर हो गया है। राजनीतिक संतुलन और जनता के लिए असर अजित पवार की अचानक मौत से Maharashtra politics में नेतृत्व का संकट और कुर्सियों की लड़ाई सामने आई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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कुवैत

कुवैत से दिल्ली आ रही IndiGo Flight में Bomb Threat Ahmedabad Airport पर उतारा गया विमान

कुवैत से दिल्ली आ रही IndiGo Airlines की अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विमान के अंदर बम और हाईजैक की धमकी वाला नोट मिला। हैरानी की बात यह रही कि यह धमकी टिशू पेपर पर हाथ से लिखी गई थी। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पायलट ने तुरंत विमान को अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई। कैसे सामने आई धमकी? फ्लाइट जब कुवैत से दिल्ली की ओर अपने निर्धारित रूट पर थी, तभी केबिन के अंदर एक संदिग्ध नोट मिला। इस नोट में विमान को हाईजैक करने और बम से उड़ाने की बात लिखी थी। जैसे ही यह जानकारी क्रू मेंबर्स तक पहुंची, पायलट ने बिना देरी किए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को अलर्ट किया। Ahmedabad Airport पर High Alert सुरक्षा कारणों से विमान को दिल्ली की बजाय सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अहमदाबाद की ओर डायवर्ट किया गया। फ्लाइट ने सुबह करीब 6:40 बजे सुरक्षित लैंडिंग की। रनवे पर पहले से ही CISF, बम स्क्वॉड, फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें तैनात थीं। यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया विमान में मौजूद करीब 180 यात्रियों और सभी क्रू मेंबर्स को पूरी सावधानी के साथ बाहर निकाला गया। किसी भी यात्री के घायल होने या घबराहट की कोई सूचना नहीं है। यात्रियों ने भी राहत की सांस ली कि स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। विमान की गहन जांच लैंडिंग के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने विमान, कार्गो एरिया और यात्रियों के सामान की पूरी तरह से तलाशी ली। डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते की मदद से हर हिस्से की जांच की गई। शुरुआती जांच में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, हालांकि जांच अभी जारी है। नोट किसने लिखा? जांच जारी सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि एजेंसियों का कहना है कि जब तक पूरी जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक हर एंगल से मामले को देखा जा रहा है।
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Bengaluru

Bengaluru Airport बम धमकी Passenger Arrested, IndiGo Flight Delayed

बेंगलुरु के Kempegowda International Airport (KIA) पर बुधवार सुबह एक यात्री द्वारा दी गई बम धमकी ने हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था को अलर्ट कर दिया। यात्री ने कहा कि उसके बैग में “दो छोटे बम (two small bombs)” हैं। इस झूठी धमकी की वजह से IndiGo की उड़ान 6E‑586 Ahmedabad के लिए देरी से रवाना हुई और पूरे हवाई अड्डे में सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई। घटना का विवरण सुबह लगभग 8 बजे, 52 वर्षीय Abu Aqeel Azhar Chad ने इंडिगो विमान की सुरक्षा जांच के दौरान कहा कि उसके पास बम हैं। यह बयान सुनते ही CISF और एयरपोर्ट सुरक्षा टीम सक्रिय हो गई। यात्रियों को विमान से उतार कर विमान और सामान की पूरी तलाशी ली गई। आरोपी की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई पुलिस ने Abu Aqeel Azhar Chad को तुरंत हिरासत में लिया। आरोपी ने पूछताछ में कहा कि उसने यह बात सुरक्षा जांच से परेशान होकर मज़ाक में कह दी थी। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 125 और 353 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यात्रियों और एयरपोर्ट पर असर हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Winter

Severe Winter in North India कश्मीर से राजस्थान तक सर्दी का कहर

उत्तर भारत में सर्दी और कोहरे का डबल अटैक उत्तर भारत इस समय भीषण ठंड (Winter) और घने कोहरे की चपेट में है। पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी राज्यों तक मौसम का मिजाज लगातार सख्त होता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में ठंड ने आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। सड़कों पर आवाजाही से लेकर कामकाज और स्वास्थ्य तक, हर स्तर पर सर्दी का असर साफ नजर आ रहा है। Sonmarg में रिकॉर्ड तोड़ ठंड, माइनस 11.2 डिग्री तक गिरा पारा जम्मू-कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल सोनमर्ग (Sonmarg) में तापमान गिरकर –11.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कड़ाके की शीतलहर के कारण झीलें और जलस्रोत जम गए हैं। कई इलाकों में पानी की पाइपलाइनें फ्रीज हो रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि, भारी ठंड के बावजूद बर्फ से ढके पहाड़ पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। प्रशासन ने मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। राजस्थान-MP में घना कोहरा, सड़क हादसों में 7 लोगों की मौत मैदानी राज्यों में स्थिति और भी चिंताजनक बनी हुई है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है। सुबह और रात के समय हाईवे और मुख्य सड़कों पर वाहन चलाना खतरनाक साबित हो रहा है। अलग-अलग जगहों पर हुए सड़क हादसों में 7 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन और पुलिस लगातार अलर्ट जारी कर रही है और ड्राइवरों से धीमी गति और सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। हरियाणा-पंजाब में तापमान 4°C से नीचे हरियाणा और पंजाब में भी ठंड का प्रकोप तेज हो गया है। दोनों राज्यों के 5 शहरों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। ठंडी हवाओं और कोहरे की वजह से सुबह की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, जबकि ट्रेनें और बसें देरी से चल रही हैं। किसानों के लिए भी यह मौसम चुनौती बनता जा रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी और जरूरी सावधानी मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में ठंड और कोहरे से राहत मिलने की उम्मीद कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को खास सतर्कता बरतनी चाहिए। गर्म कपड़े पहनना, कोहरे में यात्रा से बचना और मौसम अपडेट पर नजर रखना बेहद जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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शंकराचार्य

Prayagraj शंकराचार्य विवाद सुलह की ओर, प्रशासन देगा लिखित माफी!

प्रयागराज माघ मेला विवाद अब समाधान की ओर बढ़ता दिख रहा है। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रयागराज प्रशासन के बीच चल रहा तनाव जल्द खत्म हो सकता है। ताज़ा घटनाक्रम में संकेत मिले हैं कि प्रयागराज प्रशासन शंकराचार्य से औपचारिक माफी मांगने को तैयार है, ताकि धार्मिक परंपरा और सम्मान को लेकर बना विवाद समाप्त किया जा सके। कैसे शुरू हुआ Shankaracharya–Prayagraj Controversy पूरा मामला 18 जनवरी, मौनी अमावस्या का है। उस दिन शंकराचार्य की परंपरागत पालकी को संगम नोज तक ले जाने से प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर रोक दिया। इसे शंकराचार्य ने अपमानजनक बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद वे माघ मेले क्षेत्र में लगातार 10 दिन तक धरने पर बैठे रहे, लेकिन समाधान न निकलने पर बिना संगम स्नान किए प्रयागराज छोड़कर चले गए। यह घटना साधु-संत समाज और धार्मिक संगठनों में भी चर्चा का विषय बन गई। प्रशासन की पहल: Lucknow से पहुंचे बड़े अधिकारी विवाद को बढ़ता देख लखनऊ से दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शंकराचार्य से मिलने वाराणसी पहुंचे। बातचीत के दौरान अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि माघी पूर्णिमा (1 फरवरी) को शंकराचार्य को पूरे सम्मान, परंपरा और सुरक्षा के साथ संगम स्नान कराया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इसी बातचीत में प्रशासन की ओर से माफी मांगने का प्रस्ताव भी सामने आया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की 2 शर्तें हालांकि शंकराचार्य ने साफ कर दिया है कि सुलह तभी संभव है जब उनकी दो शर्तें पूरी हों— क्या खत्म होगा विवाद? अब गेंद प्रशासन के पाले में है। माना जा रहा है कि धार्मिक भावनाओं और परंपराओं को देखते हुए प्रशासन शंकराचार्य की शर्तों पर सहमति जता सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह मामला सिर्फ एक विवाद का अंत नहीं होगा, बल्कि धार्मिक नेतृत्व और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय की मिसाल भी बनेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UGC

Supreme Court ने लगाया UGC 2026 Rules पर रोक Higher Education में भारत की Unity जरूरी

भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) ने University Grants Commission (UGC) के नए 2026 Rules को स्थगित (stay) कर दिया है। इसका मतलब है कि ये नए नियम अभी लागू नहीं होंगे और पहले से मौजूद पुराने नियम ही फिलहाल मान्य रहेंगे। यह निर्णय शिक्षा जगत में काफी चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि नए नियमों का मकसद था Higher Education Institutions में समानता (Equity) और भेदभाव रोकना। UGC के नए नियम क्या थे? नए नियमों के तहत: लेकिन ये नियम कुछ हद तक controversial साबित हुए। सुप्रीम कोर्ट ने क्यों दी रोक? मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि नियम में भेदभाव की परिभाषा केवल SC/ST/OBC तक सीमित है, जिससे General Category के लोगों को सुरक्षा नहीं मिलती। CJI ने यह भी कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में भारत की Unity और Samrasata झलकनी चाहिए, यानी शिक्षा का उद्देश्य कभी विभाजन पैदा नहीं करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने नियमों को vague और misuse के लिए सक्षम बताया। इसका मतलब है कि नियमों की भाषा इतनी अस्पष्ट थी कि इसका गलत इस्तेमाल हो सकता था। अब क्या होगा? अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को तय की गई है। छात्रों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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प्रेम बाईसा

साध्वी प्रेम बाईसा Suspicious Death इंस्टाग्राम पोस्ट ने बढ़ाई विवाद की आग

जोधपुर के चर्चित कथावाचक और साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत (suspicious death) ने पूरे राजस्थान में हलचल मचा दी है। उनके निधन के बाद सामने आया इंस्टाग्राम पोस्ट (Instagram post), जिसमें उन्होंने लिखा “दुनिया को अलविदा… न्याय की मांग”, ने मामले को और भी पेचीदा बना दिया है। मौत कैसे हुई? साध्वी प्रेम बाईसा को जोधपुर के आरती नगर आश्रम में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद प्रेक्षा अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उन्हें ब्रेन डैड घोषित किया गया। उनके निधन की परिस्थितियाँ अभी संदिग्ध (suspicious circumstances) मानी जा रही हैं। इंस्टाग्राम पोस्ट का खुलासा उनकी मौत के कुछ घंटे बाद इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा किया गया। इसमें उन्होंने लिखा कि उन्होंने जीवन सनातन धर्म के प्रचार में समर्पित किया और अब दुनिया को अलविदा कह रही हैं, साथ ही कहा कि न्याय उन्हें जीवन में नहीं, शायद मौत के बाद मिलेगा। यह पोस्ट कई लोगों के लिए शॉकिंग (shocking) थी, क्योंकि यह उनकी मृत्यु की पुष्टि होने के बाद प्रकाशित हुई थी। पिछला विवाद और मानसिक दबाव पिछले साल साध्वी प्रेम बाईसा एक वायरल वीडियो विवाद में भी फंसी थीं। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल हुआ था और उन्होंने दावा किया कि उन्हें ब्लैकमेल किया गया। उन्होंने इसे मानसिक प्रताड़ना और बदनाम करने की साजिश बताया। राजनीतिक और समाजिक प्रतिक्रिया साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल समेत कई नेताओं ने उच्च स्तरीय जांच (high-level inquiry) की मांग की। समाज और उनके समर्थकों ने भी सच्चाई और न्याय की पुकार लगाई है। मामला क्यों विवादित है? पुलिस और प्रशासन अब मामले की पूरी जांच (full investigation) कर रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह आत्महत्या (suicide) है या इसके पीछे कोई और साजिश (conspiracy) है। साध्वी प्रेम बाईसा का निधन न सिर्फ धार्मिक और समाजिक दृष्टि से चौंकाने वाला है, बल्कि उनके इंस्टाग्राम पोस्ट ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। न्याय की मांग तेज़ है और पूरी जांच के बाद ही सच्चाई (truth) सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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हिमाचल

उत्तर भारत Weather Alert हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी, बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत (North India) में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) में भारी Snowfall और Blizzard की वजह से जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं राजस्थान (Rajasthan), उत्तर प्रदेश (UP) और बिहार (Bihar) में बारिश की संभावना को लेकर लोगों में सतर्कता बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी से बिगड़े हालात हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी और बारिश के चलते सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं। राज्यभर में 889 से ज्यादा सड़कें बंद हैं, जिनमें चार राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में लाहौल-स्पीति, शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा और किन्नौर हैं। बर्फबारी के कारण हजारों बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित है और प्रशासन सड़कें खोलने और बिजली बहाल करने में जुटा हुआ है। उत्तराखंड में 4 फीट तक बर्फ उत्तराखंड (Uttarakhand) के पहाड़ी इलाकों में भी इस बार भारी Blizzard आया है। गढ़वाल और कुमाऊं के ऊपरी क्षेत्रों में सड़कों पर 3 से 4 फीट तक बर्फ जमी हुई है। बर्फ के चलते यातायात ठप हो गया है और कई गांव बर्फ की चादर में ढक गए हैं। प्रशासन ने लोगों से ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा टालने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। राजस्थान, यूपी और बिहार में बारिश का अलर्ट उत्तर भारत के मैदानी हिस्सों में मौसम विभाग ने Rain Alert जारी किया है। IMD का अपडेट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक पहाड़ी इलाकों में Snowfall और Rain जारी रहने की संभावना जताई है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह मानने की हिदायत दी गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

India Reform Express Mode में Budget से पहले PM Modi ने दिए बड़े संकेत

संसद का बजट सत्र 2026 शुरू होते ही देश की आर्थिक दिशा को लेकर माहौल गर्म हो गया है। बजट से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सरकार की आगे की रणनीति की झलक साफ दिखा दी है। पीएम मोदी ने कहा —“अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं।” इस एक लाइन में सरकार की सोच, गति और इरादे तीनों साफ झलकते हैं। PM Modi का Reform Message क्या बताता है? बजट सत्र की पूर्व संध्या पर मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री ने दो टूक कहा कि उनकी सरकार की पहचान रही है —Reform, Perform और Transform।अब यह प्रक्रिया किसी धीमी ट्रेन की तरह नहीं, बल्कि एक्सप्रेस स्पीड से आगे बढ़ रही है। इस बयान को सीधे तौर पर Budget 2026 से जोड़कर देखा जा रहा है। संकेत साफ है कि आने वाला बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं होगा, बल्कि सिस्टम सुधार, निवेश बढ़ाने और आर्थिक ढांचे को मजबूत करने पर फोकस करेगा। Viksit Bharat 2047 की राह PM Modi ने अपने संबोधन में विकसित भारत 2047 का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल अपनी ज़रूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के लिए भी एक भरोसेमंद विकास मॉडल बन रहा है। उनके मुताबिक, भारत का विकास मॉडल मानव-केंद्रित है, जहां फैसले सिर्फ GDP नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे हैं। Global Opportunities पर सरकार की नजर प्रधानमंत्री ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को भी एक बड़ा अवसर बताया। इससे भारतीय उद्योगों, MSME सेक्टर और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में नई पहचान मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि भारत अब केवल सस्ता उत्पादन करने वाला देश नहीं, बल्कि गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा के दम पर आगे बढ़ने को तैयार है। Budget 2026 से क्या उम्मीदें? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। आर्थिक सर्वे पहले ही पेश किया जा चुका है, जिसमें मजबूत विकास दर और स्थिर अर्थव्यवस्था की तस्वीर सामने आई है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बजट में: Opposition vs Government: सत्र रहेगा गर्म बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने कई सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है। ऐसे में संसद के भीतर बहस तेज रहने के आसार हैं, लेकिन सरकार का फोकस साफ है — रिफॉर्म की रफ्तार बनाए रखना। PM Modi का “रिफॉर्म एक्सप्रेस” वाला बयान सिर्फ एक राजनीतिक लाइन नहीं है, बल्कि Budget 2026 की दिशा का संकेत है। सरकार यह साफ करना चाहती है कि भारत अब ठहरने वाला नहीं है। देश की अर्थव्यवस्था अब तेज़, निर्णायक और भविष्य-केंद्रित फैसलों की पटरी पर दौड़ रही है — और अगला बड़ा स्टेशन है बजट 2026। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ajit Pawar

Ajit Pawar बारामती में अंतिम विदाई परिवार संग पहुंचे अमित शाह, नितिन गडकरी और BJP अध्यक्ष

बारामती में वरिष्ठ राजनेता अजित पवार (Ajit Pawar) के अंतिम संस्कार की रस्में भावुक माहौल के बीच जारी हैं। अपने लोकप्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए पवार परिवार के साथ-साथ हजारों समर्थक और शुभचिंतक बारामती पहुंचे। हर आंख नम थी और हर चेहरा शोक में डूबा नजर आया। अजित पवार को राजकीय सम्मान (State Honours) के साथ अंतिम विदाई दी जा रही है। अंतिम संस्कार स्थल पर सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, हर वर्ग में उनके निधन को लेकर गहरा दुख देखा गया। Ajit Pawar Funeral में देश के बड़े नेता हुए शामिल अंतिम संस्कार में केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों से कई दिग्गज नेता शामिल हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बारामती पहुंचकर अजित पवार को श्रद्धांजलि दी। महाराष्ट्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और विधायक भी इस दौरान मौजूद रहे। नेताओं ने अजित पवार के राजनीतिक जीवन, प्रशासनिक अनुभव और जनता से उनके गहरे जुड़ाव को याद किया। कई नेताओं ने कहा कि अजित पवार सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े हुए नेता थे, जिन्होंने दशकों तक महाराष्ट्र की राजनीति को दिशा दी। आंध्र प्रदेश से भी पहुंचे मंत्री नारा लोकेश अजित पवार के अंतिम संस्कार में आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्री नारा लोकेश भी शामिल हुए। उन्होंने पवार परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और इसे देश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया। अन्य राज्यों से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने अजित पवार के राष्ट्रीय स्तर के प्रभाव को साफ तौर पर दिखाया। शोक में डूबी बारामती, कड़े सुरक्षा इंतजाम बारामती और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। लोग शांतिपूर्वक कतारों में खड़े होकर अपने प्रिय नेता को अंतिम दर्शन कर रहे हैं। अजित पवार का जाना सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। बारामती आज अपने नेता को नम आंखों से अलविदा कह रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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