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मोदी-पुतिन फिर एक कार में साथ दिखे, बख्तरबंद Aurus Senat में प्रदर्शनी तक किया सफर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की शुक्रवार को दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद दोनों नेताओं की एक तस्वीर चर्चा में है। द्विपक्षीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन एक ही कार में सवार होकर इनोप्रोम प्रदर्शनी तक पहुंचे। दोनों नेताओं के साथ सफर करने वाली यह कार रूसी राष्ट्रपति की बख्तरबंद Aurus Senat बताई जा रही है। दोनों नेताओं का एक साथ कार में जाना भारत-रूस संबंधों के बीच उनकी व्यक्तिगत बॉन्डिंग को लेकर भी चर्चा का विषय बना। 12 दिन पहले भी साथ किया था सफर प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन इससे पहले करीब 12 दिन पहले 31 अगस्त को किर्गिस्तान के बिश्केक में भी एक साथ कार में सफर करते नजर आए थे। दोनों नेताओं के बीच इस तरह की अनौपचारिक मुलाकातें और साथ यात्रा करना भारत-रूस संबंधों के अलावा दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संवाद को भी दर्शाता है। विदेशी नेताओं के साथ पहले भी कार में सफर कर चुके हैं मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का किसी विदेशी नेता के साथ कार में सफर करने का यह पहला मौका नहीं है। 2014 के बाद वह कई वैश्विक नेताओं के साथ कार में यात्रा कर चुके हैं। इनमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों समेत कई विदेशी नेता शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मोदी अब तक करीब 11 बार विदेशी नेताओं के साथ कार राइड कर चुके हैं। मोदी और पुतिन की शुक्रवार की कार राइड को भी दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और नेताओं के बीच सहज संवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है।
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अब QR स्कैन किए बिना होगा UPI पेमेंट, फोन को POS मशीन पर टैप करते ही ₹5 हजार तक भुगतान

मुंबई। UPI से पेमेंट करने का तरीका जल्द और आसान होने जा रहा है। अब यूजर्स को हर बार QR कोड स्कैन करने और UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होगी। NFC सपोर्ट वाले स्मार्टफोन को मर्चेंट की POS मशीन पर टैप करके पेमेंट किया जा सकेगा। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने शुक्रवार को UPI को और सुविधाजनक बनाने के लिए दो नए फीचर लॉन्च किए। इनमें ‘UPI Tap & Pay’ और AI आधारित ‘My UPI’ प्लेटफॉर्म शामिल हैं। मुंबई में आयोजित Global Fintech Fest 2026 के दौरान RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इन फीचर्स को रोलआउट किया। UPI Tap & Pay ऐसे करेगा काम अभी UPI पेमेंट के लिए यूजर को QR कोड स्कैन करना होता है। इसके बाद राशि दर्ज करने और UPI PIN डालने की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। नई UPI Tap & Pay सुविधा में NFC सपोर्ट वाले स्मार्टफोन को मर्चेंट की सपोर्टेड POS मशीन पर सिर्फ टैप करना होगा। इसके बाद पेमेंट की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। हालांकि, यह सुविधा केवल उन POS मशीनों पर काम करेगी जो इस तकनीक को सपोर्ट करती हैं। ₹5 हजार तक के पेमेंट में PIN की जरूरत नहीं नई सुविधा के तहत ₹5,000 तक के पेमेंट के लिए UPI PIN की जरूरत नहीं होगी। इससे अधिक राशि के ट्रांजैक्शन के लिए यूजर को POS मशीन की स्क्रीन या अपने UPI ऐप पर PIN दर्ज करना होगा। बिना इंटरनेट के भी हो सकेगा पेमेंट UPI Tap & Pay में फोन का मोबाइल डेटा या Wi-Fi चालू होना जरूरी नहीं होगा। POS मशीन का इंटरनेट कनेक्शन पेमेंट को नेटवर्क से कनेक्ट करेगा। Tokenization से सुरक्षित रहेगा डेटा पेमेंट के दौरान यूजर की बैंक डिटेल या UPI ID सीधे मर्चेंट के साथ साझा नहीं होगी। UPI ऐप एक सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड टोकन तैयार करेगा, जिसके जरिए ट्रांजैक्शन पूरा होगा। इससे संवेदनशील भुगतान जानकारी को सीधे साझा करने की जरूरत कम होगी। My UPI में AI से मिलेगी पेमेंट की जानकारी NPCI ने दूसरा फीचर ‘My UPI’ नाम से लॉन्च किया है। यह AI आधारित प्लेटफॉर्म है, जो यूजर को एक ही इंटरफेस पर UPI से जुड़ी कई जानकारियां उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया गया है। FiMI मॉडल पर आधारित है My UPI My UPI को NPCI के इन-हाउस FiMI यानी Finance Model for India स्मॉल लैंग्वेज मॉडल पर आधारित बताया गया है। यह प्लेटफॉर्म UPI ट्रांजैक्शन, एक्टिव ऑटो-पे मेंडेट और पेमेंट हिस्ट्री को एक जगह देखने की सुविधा देगा। संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर Safety Switch My UPI में Safety Switch फीचर भी दिया गया है। इसके जरिए यूजर को किसी संदिग्ध या संभावित धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन की स्थिति में डेबिट ट्रांजैक्शन रोकने में मदद मिलेगी। इसके अलावा ऑटोमेटेड चार्जबैक सिस्टम के जरिए फेल हुए ट्रांजैक्शन के रिफंड की प्रक्रिया को तेज करने का प्रावधान किया गया है। 24 घंटे AI कस्टमर सपोर्ट My UPI का AI आधारित सपोर्ट सिस्टम यूजर्स को 24 घंटे गाइडेंस देने के लिए तैयार किया गया है। यह अलग-अलग भाषाओं में UPI से जुड़े सवालों और समस्याओं को समझकर सहायता उपलब्ध कराने का काम करेगा। क्या होता है Small Language Model? Small Language Model यानी SLM आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ऐसा मॉडल होता है जिसे किसी खास क्षेत्र के डेटा और जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाता है। NPCI का FiMI मॉडल पेमेंट और वित्तीय सुरक्षा से जुड़े सवालों को समझने और उनका जवाब देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
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BRICS बिजनेस फोरम में पुतिन का G7 पर तंज, बोले- पश्चिम कमजोर हो रहा; मोदी ने सुरक्षित समुद्री रास्तों पर दिया जोर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत BRICS देशों के नेताओं ने शुक्रवार को BRICS बिजनेस फोरम में वैश्विक व्यापार, अर्थव्यवस्था और कारोबारी सहयोग पर चर्चा की। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पश्चिमी देशों और G7 को लेकर तीखी टिप्पणी की। पुतिन बोले- पश्चिम कमजोर हो रहा BRICS बिजनेस फोरम में व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS देशों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने अमेरिका और यूरोप पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम अब कमजोर हो रहा है और सवाल उठाया कि ये देश खुद को G7 क्यों कहते हैं। पुतिन के मुताबिक, PPP यानी खरीद क्षमता समानता के आधार पर BRICS देशों की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी करीब 40% है, जबकि G7 की हिस्सेदारी करीब 18% है। हालांकि, G7 का वैश्विक प्रभाव अभी भी काफी मजबूत माना जाता है। डॉलर, अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग, निवेश और तकनीक के क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का प्रभाव महत्वपूर्ण है। वहीं BRICS की प्रमुख ताकत बड़ी आबादी, प्राकृतिक संसाधन और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं हैं। PM मोदी बोले- भारत व्यापार बढ़ाना चाहता है इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि BRICS देशों में दुनिया की करीब आधी आबादी रहती है और ये देश वैश्विक GDP में बड़ा योगदान देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत BRICS देशों के साथ व्यापार और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करना चाहता है। इसके लिए सुरक्षित और स्थिर समुद्री व्यापार मार्ग बेहद जरूरी हैं। मोदी ने वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए देशों के बीच बेहतर सहयोग और भरोसे की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मोदी-पुतिन के बीच 45 मिनट हुई बैठक BRICS कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच करीब 45 मिनट तक बैठक हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ मिडिल ईस्ट और ब्लैक सी क्षेत्र की स्थिति पर भी चर्चा हुई। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन एक ही कार में इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत भी देखने को मिली। पुतिन ने मोदी को रूस आने का न्योता दिया बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 24वें भारत-रूस समिट में शामिल होने के लिए रूस आने का न्योता दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया। इस बैठक को भारत और रूस के बीच रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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BRICS Summit 2026

BRICS Summit 2026: मोदी-पुतिन की Mega Meeting, गले मिले और फिर हुई अहम बातचीत

राजधानी दिल्ली में BRICS Summit 2026 को लेकर हलचल तेज है। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन की मुलाकात ने एक बार फिर पूरी दुनिया का ध्यान भारत-रूस रिश्तों की ओर खींच दिया है। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का स्वागत किया। पहले गले मिले और फिर हाथ मिलाकर बातचीत के लिए आगे बढ़े। मोदी और पुतिन की यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है, जब भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। इसलिए दोनों नेताओं की बैठक को Summit के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। मोदी-पुतिन Meeting में किन मुद्दों पर होगी चर्चा? प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच बातचीत में भारत-रूस के पुराने और मजबूत संबंधों के साथ कई नए क्षेत्रों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। इनमें Defence, Energy, Trade, Investment और Technology Cooperation जैसे मुद्दे अहम हो सकते हैं। भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। ऐसे में नई दिल्ली में होने वाली इस बातचीत पर रक्षा क्षेत्र की भी नजर बनी हुई है। BRICS Summit 2026 पर दुनिया की नजर दिल्ली में आयोजित हो रहे BRICS Summit 2026 में कई देशों के नेता और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच इस सम्मेलन को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BRICS के विस्तार के बाद संगठन का आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव पहले से बढ़ा है। ऐसे में Summit में Global Trade, Economy, Supply Chain, Digital Cooperation और Global South से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत की कोशिश है कि BRICS को विकासशील देशों की आवाज को मजबूती देने वाले मंच के रूप में और प्रभावी बनाया जाए। Xi Jinping से भी अहम मुलाकात पर नजर BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच संभावित मुलाकात पर भी नजर है। भारत और चीन के रिश्तों में हाल के वर्षों में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की आमने-सामने बातचीत सिर्फ BRICS के लिए ही नहीं, बल्कि एशिया की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकती है। भारत-रूस Friendship का दिखा खास अंदाज मोदी और पुतिन की मुलाकात की शुरुआत जिस गर्मजोशी के साथ हुई, उसने भारत-रूस के रिश्तों की तस्वीर एक बार फिर सामने रख दी। दोनों देशों के बीच दशकों पुराने संबंध हैं और बदलती वैश्विक राजनीति के बावजूद यह partnership लगातार चर्चा में रहती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि BRICS Summit 2026 के दौरान भारत किन मुद्दों को प्राथमिकता देता है और बड़े नेताओं की बैठकों से कौन से अहम नतीजे सामने आते हैं। फिलहाल दिल्ली में BRICS Summit की तैयारियां और विदेशी नेताओं की Meetings जारी हैं। आने वाले घंटों में मोदी-पुतिन समेत अन्य नेताओं की बैठकों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण Updates सामने आ सकती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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चिदंबरम

BRICS पर कांग्रेस में बहस: चिदंबरम के सवाल पर थरूर का जवाब, बताया भारत को क्या फायदा

भारत में होने वाले BRICS Summit 2026 से पहले इस अंतरराष्ट्रीय संगठन को लेकर कांग्रेस के भीतर ही अलग-अलग राय सामने आ गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने सवाल उठाया कि आखिर BRICS की बैठकों से भारत को अब तक क्या ठोस फायदा मिला है। इसके जवाब में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने BRICS के महत्व को समझाते हुए कहा कि इसका फायदा केवल पैसों या व्यापार के आंकड़ों से नहीं मापा जा सकता। चिदंबरम का सवाल सीधा था—अगर भारत लगातार BRICS, SCO, G20 और QUAD जैसे कई अंतरराष्ट्रीय मंचों का हिस्सा है, तो इनसे देश को वास्तविक और ठोस लाभ क्या मिल रहा है? वहीं थरूर ने BRICS को भारत की Global Diplomatic Strategy का अहम हिस्सा बताया। चिदंबरम ने उठाया BRICS पर सवाल पी. चिदंबरम ने BRICS की उपयोगिता को लेकर सवाल करते हुए कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय संगठन की सफलता को उसके नतीजों के आधार पर परखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, पिछले कुछ BRICS सम्मेलनों से भारत को ऐसा कोई बड़ा ठोस परिणाम नजर नहीं आया, जिसे सीधे देश के फायदे से जोड़ा जा सके। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस शुरू हो गई। सवाल यह भी उठने लगा कि क्या बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की मेजबानी और बैठकों के अलावा BRICS भारत के लिए वास्तव में कितना उपयोगी है। हालांकि, चिदंबरम ने यह भी माना कि BRICS के शुरुआती दौर में भारत को कुछ महत्वपूर्ण फायदे मिले थे। थरूर ने बताया- BRICS का फायदा सिर्फ पैसे से नहीं चिदंबरम की टिप्पणी पर शशि थरूर ने अलग नजरिया सामने रखा। उन्होंने BRICS के महत्व को केवल किसी एक व्यापारिक समझौते या तत्काल आर्थिक लाभ से जोड़कर देखने से इनकार किया। थरूर के मुताबिक, BRICS भारत को दुनिया के कई महत्वपूर्ण देशों के साथ एक ही मंच पर बातचीत करने का अवसर देता है। खासकर Global South के देशों के बीच भारत अपनी आवाज और भूमिका को मजबूत कर सकता है। उनका तर्क है कि जब दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के देश किसी एक मंच पर साथ आते हैं और भारत उस मंच की अध्यक्षता या मेजबानी करता है, तो इससे देश की Diplomatic Reach बढ़ती है। भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है BRICS? BRICS अब केवल कुछ देशों का आर्थिक समूह नहीं रह गया है। इसके विस्तार के बाद इसमें कई बड़े विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हुई हैं। ऐसे में भारत के लिए यह मंच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और वैश्विक कूटनीति के लिहाज से अहम हो गया है। भारत इस मंच के जरिए विकासशील देशों की चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश करता रहा है। खासकर Global South के देशों के लिए वित्तीय व्यवस्था, विकास और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दे भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं। Digital Payment और CBDC पर भी नजर BRICS के जरिए भारत आर्थिक सहयोग को नए क्षेत्रों तक ले जाने की कोशिश कर रहा है। इनमें Cross-Border Payments और डिजिटल करेंसी से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं। भारत BRICS देशों के बीच डिजिटल भुगतान को आसान बनाने की दिशा में काम करने की कोशिश कर रहा है। अगर भविष्य में अलग-अलग देशों की Central Bank Digital Currency (CBDC) प्रणालियों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनती है, तो सीमा पार भुगतान में समय और लागत दोनों कम हो सकते हैं। हालांकि, इस दिशा में कई तकनीकी और राजनीतिक चुनौतियां भी हैं। इसलिए इसका फायदा तुरंत दिखाई देने के बजाय आने वाले वर्षों में सामने आ सकता है। Trade और Investment में भी मिल सकता है फायदा BRICS भारत के लिए व्यापार और निवेश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। समूह में शामिल देशों के साथ भारत के आर्थिक संबंध लगातार बढ़े हैं। ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं बनी हुई हैं। अगर BRICS के भीतर व्यापारिक प्रक्रियाएं आसान होती हैं और भुगतान व्यवस्था मजबूत होती है, तो भारतीय कंपनियों के लिए नए बाजार खुल सकते हैं। यही वजह है कि BRICS का असर सिर्फ किसी एक Summit के फैसले से नहीं, बल्कि लंबे समय में होने वाले आर्थिक सहयोग से समझना ज्यादा सही होगा। BJP ने चिदंबरम के सवाल पर साधा निशाना चिदंबरम के बयान को लेकर BJP ने कांग्रेस पर निशाना साधा। BJP नेताओं का कहना है कि BRICS की बढ़ती भूमिका को केवल तत्काल आर्थिक लाभ के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। पार्टी की ओर से भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और BRICS में देश की सक्रिय भागीदारी का हवाला दिया गया। BJP ने यह भी तर्क दिया कि भारत का कई बड़े देशों के साथ एक ही मंच पर बातचीत करना अपने आप में एक रणनीतिक उपलब्धि है। असली सवाल- ठोस फायदा कब दिखेगा? BRICS को लेकर चिदंबरम और थरूर के विचारों में अंतर एक बड़ी बहस को सामने लाता है। सवाल यह नहीं है कि BRICS महत्वपूर्ण है या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि इसकी सदस्यता और नेतृत्व से भारत को जमीन पर कितना फायदा मिलता है। थरूर BRICS के कूटनीतिक महत्व और भारत की वैश्विक भूमिका को इसकी बड़ी उपलब्धि मानते हैं। वहीं चिदंबरम ठोस और मापे जा सकने वाले परिणामों पर जोर दे रहे हैं। अब नजर BRICS Summit 2026 पर है। अगर सम्मेलन में व्यापार, डिजिटल पेमेंट, निवेश और Global South से जुड़े मुद्दों पर ठोस फैसले होते हैं, तो भारत के लिए BRICS की उपयोगिता और मजबूत होकर सामने आ सकती है। फिलहाल बहस जारी है कि BRICS भारत के लिए सिर्फ एक बड़ा diplomatic platform है या आने वाले समय में यह देश के लिए बड़े आर्थिक फायदे का रास्ता भी खोलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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हमीरपुर

SP-BJP Clash: हमीरपुर में आमने-सामने आईं महिला नेत्रियां, जमकर हुआ विवाद

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ी दो महिला नेत्रियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि किसी मुद्दे को लेकर शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में तीखी बहस में बदल गई और देखते ही देखते दोनों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा होने लगी है। बहस के बाद बिगड़ा माहौल जानकारी के मुताबिक, दोनों महिला नेत्रियां एक-दूसरे के सामने आईं तो किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। शुरुआत में मामला सिर्फ कहासुनी तक सीमित था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता चला गया। बात इतनी बढ़ी कि हाथापाई की स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को अलग करने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई। Video सामने आने के बाद बढ़ी चर्चा इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में दोनों महिला नेत्रियों के बीच विवाद होता दिखाई देने की बात सामने आई है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की प्रतिक्रियाओं पर भी नजर बनी हुई है। पुलिस Complaint पर सबकी नजर मामले में पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई है, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। यदि किसी पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज कराई जाती है तो पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर सकती है। फिलहाल हमीरपुर की यह Political Clash घटना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों पक्षों का पूरा पक्ष और विवाद की वास्तविक वजह सामने आने के बाद ही तस्वीर और साफ हो पाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bank Holiday

Bank Holiday: 5-Day Working की मांग को लेकर हड़ताल, शनिवार-रविवार से लगातार 3 दिन असर

देशभर के Bank Holiday 5-Day Working की मांग को लेकर आज हड़ताल का रुख अपनाया है। बैंककर्मियों की मांग है कि बैंकों में सप्ताह में सिर्फ पांच दिन काम हो और शनिवार-रविवार को नियमित छुट्टी दी जाए। हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी होने से बैंक शाखाओं की सेवाओं पर लगातार तीन दिनों तक असर पड़ सकता है। बैंक यूनियनों की ओर से लंबे समय से 5-Day Banking System लागू करने की मांग उठाई जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर में काम का दबाव लगातार बढ़ा है। ऐसे में पांच दिन काम और दो दिन की छुट्टी से कर्मचारियों को आराम के साथ परिवार के लिए भी समय मिल सकेगा। Bank Strike का ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा? हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में होने वाले रोजमर्रा के कई काम प्रभावित हो सकते हैं। कैश जमा करना, नकद निकासी, चेक से जुड़े काम, बैंक ड्राफ्ट और दूसरी branch-related services के लिए ग्राहकों को इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को अपेक्षाकृत कम परेशानी होगी। UPI, ATM, Internet Banking और Mobile Banking जैसी सेवाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है। किसी तकनीकी समस्या या बैंक की अपनी व्यवस्था के कारण इनमें अस्थायी दिक्कत अलग बात हो सकती है। क्यों हो रही है 5-Day Working की मांग? बैंक कर्मचारियों का कहना है कि पांच दिन की working व्यवस्था से कर्मचारियों को बेहतर Work-Life Balance मिल सकता है। उनका मानना है कि लगातार दो दिन की छुट्टी मिलने से कर्मचारी अगले सप्ताह बेहतर ऊर्जा और क्षमता के साथ काम कर पाएंगे। यह मांग बैंकिंग कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चर्चा में रही है। यूनियनों का जोर है कि बैंकिंग व्यवस्था को आधुनिक कामकाजी माहौल के अनुरूप बनाया जाए। शनिवार-रविवार की छुट्टी से बढ़ेगा असर आज की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी होने के कारण कई बैंक शाखाएं लगातार तीन दिन प्रभावित रहेंगी। ऐसे में जिन ग्राहकों का कोई जरूरी branch work है, उन्हें अगले working day तक इंतजार करना पड़ सकता है। खासकर महीने या सप्ताह के जरूरी भुगतान, चेक क्लियरेंस या दूसरे शाखा संबंधी काम वाले ग्राहकों को पहले से योजना बनाना बेहतर रहेगा। Digital Banking से राहत की उम्मीद आज बैंकिंग का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन हो चुका है। मोबाइल से पैसे ट्रांसफर करने से लेकर बिल भुगतान और UPI transaction तक कई काम घर बैठे किए जा सकते हैं। इसलिए हड़ताल का असर मुख्य रूप से physical bank branches पर देखने को मिल सकता है। फिर भी जिन लोगों को बैंक शाखा में जाकर काम कराना जरूरी है, उन्हें बैंक दोबारा खुलने के बाद भीड़ का सामना करना पड़ सकता है। अब सरकार और बैंकिंग संगठनों पर नजर बैंक कर्मचारियों की 5-Day Working की मांग के बीच अब सभी की नजर आगे होने वाली बातचीत पर है। कर्मचारियों की मांग और बैंकिंग सेवाओं की जरूरतों के बीच संतुलन बनाना अहम होगा। फिलहाल ग्राहकों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि जरूरी branch-related काम को ध्यान में रखकर अपनी banking plan करें और जहां संभव हो, Digital Banking Services का इस्तेमाल करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BRICS Summit 2026

BRICS Summit 2026: Delhi पहुंचे Putin, Modi से Meeting पर नजर; Su-57 Deal की भी चर्चा

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS Summit 2026 में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। उनके भारत दौरे को लेकर पहले से ही काफी चर्चा थी। अब पुतिन के दिल्ली पहुंचने के बाद सबसे ज्यादा नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली उनकी मुलाकात पर है। भारत और रूस के रिश्ते कई दशकों पुराने हैं। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, अंतरिक्ष और रक्षा समेत कई क्षेत्रों में लगातार सहयोग रहा है। ऐसे समय में जब दुनिया कई बड़े भू-राजनीतिक बदलावों से गुजर रही है, पुतिन का भारत दौरा दोनों देशों के लिए अहम माना जा रहा है। Putin-Modi Meeting पर सबकी नजर पुतिन के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत होने की उम्मीद है। इस बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ वैश्विक परिस्थितियों और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग पर चर्चा हो सकती है। दोनों नेताओं की मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत लगातार अपनी Strategic Autonomy पर जोर देता रहा है। वहीं रूस भारत के प्रमुख रणनीतिक साझेदारों में शामिल है। Su-57 को लेकर भी चर्चा तेज पुतिन के भारत दौरे से पहले रूस के Su-57 Fighter Jet को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दोनों देशों के बीच इस विमान से संबंधित संभावित सहयोग पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, अभी इसे किसी पक्की डील के तौर पर नहीं देखा जा सकता। किसी संभावित समझौते की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही इसकी तस्वीर साफ होगी। इसलिए फिलहाल Su-57 को लेकर चल रही खबरों को संभावित बातचीत के तौर पर ही देखना बेहतर है। 2016 Goa Summit में हुआ था S-400 Agreement भारत और रूस के संबंधों में साल 2016 का Goa BRICS Summit भी काफी अहम रहा था। उस समय दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए थे। इनमें S-400 सिस्टम से जुड़ा अंतर-सरकारी समझौता भी शामिल था। अब करीब दस साल बाद एक बार फिर BRICS के मंच पर भारत और रूस की मुलाकात हो रही है। यही वजह है कि इस बार दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत को लेकर कूटनीतिक हलकों में खास दिलचस्पी है। BRICS Summit में कई Global Issues पर होगी चर्चा BRICS Summit ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया में कई मोर्चों पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। रूस-यूक्रेन संघर्ष से लेकर पश्चिम एशिया की स्थिति और बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था तक, कई मुद्दे अंतरराष्ट्रीय एजेंडे में हैं। भारत के लिए BRICS केवल आर्थिक सहयोग का मंच नहीं है। यह ऐसा प्लेटफॉर्म भी है जहां नई दिल्ली अलग-अलग देशों के साथ अपने संबंधों को संतुलित करते हुए वैश्विक मुद्दों पर अपनी बात रखती है। India-Russia Relations के लिए क्यों खास है दौरा? पुतिन की दिल्ली यात्रा को केवल एक BRICS दौरे के रूप में देखना आसान होगा, लेकिन इसके पीछे भारत-रूस संबंधों का बड़ा संदर्भ भी है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से भरोसे और रणनीतिक सहयोग की परंपरा रही है। अब देखना होगा कि Modi-Putin Meeting से दोनों देशों के रिश्तों को लेकर क्या नए संकेत मिलते हैं। खासकर व्यापार, ऊर्जा और भविष्य के रणनीतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर होने वाली बातचीत पर सबकी नजर रहेगी। फिलहाल पुतिन के दिल्ली पहुंचने के साथ ही BRICS Summit 2026 की हलचल तेज हो गई है। आने वाले दिनों में भारत-रूस बातचीत से निकलने वाले संदेश पर देश ही नहीं, बल्कि दुनिया की नजर भी रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kedarnath

Weather Update: Kedarnath में Cloudburst से पैदल मार्ग बंद, UP-MP में Flood जैसे हालात

देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही तेज बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। उत्तराखंड के केदारनाथ (Kedarnath) से लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कहीं बादल फटने के बाद लैंडस्लाइड से रास्ते बंद हो गए हैं, तो कहीं पुल और हाईवे पानी में डूब गए हैं। मौसम की इस मार से सबसे ज्यादा परेशानी पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को हो रही है। Kedarnath में Cloudburst, पैदल मार्ग पर आया मलबा उत्तराखंड के केदारनाथ क्षेत्र में भारी बारिश के बीच Cloudburst की घटना सामने आई है। इसके बाद पहाड़ी रास्ते पर मलबा आने से पैदल यात्रा मार्ग प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के कारण लैंडस्लाइड का खतरा भी बना हुआ है। केदारनाथ जैसे ऊंचाई वाले इलाके में मौसम अचानक बदलने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। प्रशासन के सामने फिलहाल रास्ते को सुरक्षित बनाने और यात्रियों की आवाजाही को लेकर चुनौती बनी हुई है। भारी बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा विशेष रूप से बढ़ जाता है।  Mirzapur में पुल पर बारिश का असर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में भी बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। तेज बारिश और बढ़ते पानी के कारण पुल और आसपास के इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर पानी भरने से स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण सड़क और पुलों पर पानी बढ़ने से प्रशासन को भी लगातार स्थिति पर नजर रखनी पड़ रही है। Farrukhabad में Highway पर भरा पानी फर्रुखाबाद में भारी बारिश के बाद हाईवे पर जलभराव की स्थिति बन गई। सड़क पर पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार थम गई और यात्रियों को परेशानी हुई। हाईवे पर पानी बढ़ने के कारण कई जगह यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी रही। बारिश का सबसे ज्यादा असर उन इलाकों में दिखाई दे रहा है जहां पहले से जलनिकासी की व्यवस्था कमजोर है। Damoh में बाढ़ जैसे हालात मध्य प्रदेश के दमोह में भी लगातार बारिश के बाद हालात चिंताजनक हो गए हैं। कई इलाकों में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के साथ निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। ग्रामीण और निचले क्षेत्रों में बारिश का पानी पहुंचने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। प्रशासन की नजर जलस्तर और प्रभावित इलाकों पर बनी हुई है। कई राज्यों में बारिश बनी आफत उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सामने आई तस्वीरें बताती हैं कि इस समय बारिश सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि कई इलाकों में बड़ी चुनौती बन चुकी है। पहाड़ों में Cloudburst और Landslide का खतरा है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में Waterlogging और Flood-like Situation लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। ऐसे मौसम में सबसे जरूरी लोगों की सुरक्षा है। प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने और जोखिम वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की जरूरत है। केदारनाथ जैसे संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम साफ होने और रास्तों की स्थिति सामान्य होने तक अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मणिपुर के संगीतकार विक्रम सिंह की हत्या पर राहुल गांधी बोले- पहचान के आधार पर हिंसा चिंता की बात

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मणिपुर के दिवंगत संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विक्रम सिंह की हत्या को लेकर हिंसा और पहचान के आधार पर किसी व्यक्ति को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई। राहुल गांधी ने कहा कि विक्रम को कथित तौर पर सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह मणिपुर से आते थे। उन्होंने कहा कि किसी युवा की हत्या अपने आप में बड़ी त्रासदी है, लेकिन किसी व्यक्ति की पहचान और उसके मूल स्थान के आधार पर हमला होना भी गंभीर चिंता का विषय है। राहुल बोले- हिंसा और नफरत का इस्तेमाल गलत राहुल गांधी ने कहा कि इस घटना में हिंसा साफ तौर पर दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि घटना में हिंसा, नफरत और अहंकार नजर आता है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी सोच बढ़ रही है कि अगर कोई व्यक्ति ताकतवर है तो वह दूसरे के खिलाफ हिंसा कर सकता है। राहुल गांधी ने इस रवैये को गलत बताते हुए कहा कि ताकत के आधार पर किसी के साथ हिंसा करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। 8 आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी शामिल विक्रम सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने मंगलवार को 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, घटना 6 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे दक्षिण दिल्ली के आश्रम इलाके में हुई। मणिपुर मूल के 54 वर्षीय संगीतकार विक्रम सिंह अपने घर के नीचे डिलीवरी बॉय और स्थानीय ढाबे के कर्मचारियों के बीच हो रहे कथित शोर और हंगामे पर आपत्ति जताने गए थे। आरोप है कि इसके बाद डिलीवरी बॉय और ढाबे के कर्मचारियों ने विक्रम सिंह के साथ मारपीट की। आरोपियों ने कथित तौर पर बिल्डिंग के अंदर उनका तीन मंजिल तक पीछा किया और लात-घूंसों से हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में भारी आंतरिक रक्तस्राव की पुष्टि गुरुवार को सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, विक्रम सिंह की मौत सीने और पेट पर गंभीर शारीरिक चोटों के कारण हुए भारी आंतरिक रक्तस्राव से हुई। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। घटना को लेकर हिंसा और पहचान के आधार पर भेदभाव के मुद्दे पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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Apple ने लॉन्च किया HomeView स्मार्ट डिस्प्ले, ₹39,900 से शुरू कीमत; HomePod Mini 2 और नए Apple TV 4K से भी उठा पर्दा

Apple ने स्मार्ट होम बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए नया स्मार्ट डिस्प्ले ‘HomeView’ लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत ₹39,900 बताई गई है। न्यूयॉर्क में आयोजित ‘Welcome Home’ इवेंट में कंपनी ने HomePod Mini 2 और नए Apple TV 4K समेत कई स्मार्ट होम डिवाइस भी पेश किए। इन गैजेट्स में होम ऑटोमेशन, एंटरटेनमेंट, सिक्योरिटी और AI से जुड़े फीचर्स दिए गए हैं। कंपनी का लक्ष्य Amazon और Google जैसी कंपनियों के साथ स्मार्ट होम बाजार में अपनी जगह मजबूत करना है। दी गई जानकारी के मुताबिक, HomeView और Apple TV 4K की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है। इनकी डिलीवरी 13 नवंबर से मिलने की बात कही गई है, जबकि HomePod Mini 2 की डिलीवरी 30 अक्टूबर से शुरू होगी। HomeView: 7 इंच की स्क्रीन, वीडियो कॉल और स्मार्ट होम कंट्रोल Apple HomeView इस नए कलेक्शन का प्रमुख डिवाइस है। इसमें नीचे स्पीकर और ऊपर 7 इंच की टचस्क्रीन दी गई है। इसे टेबल पर रखा जा सकता है या दीवार पर लगाया जा सकता है। इसमें A18 प्रोसेसर दिया गया है। इसकी मदद से यूजर घर की लाइट और पंखे नियंत्रित करने, वीडियो कॉल करने, गाने सुनने और फिल्में देखने जैसे काम कर सकेंगे। Apple HomeView के प्रमुख फीचर्स HomePod Mini 2: गानों के साथ बदलेगी लाइट Apple ने HomePod Mini 2 स्मार्ट स्पीकर भी पेश किया है। इसमें S10 प्रोसेसर और ‘Sound Glow’ नाम की लाइटिंग सुविधा दी गई है। बताया गया है कि म्यूजिक के हिसाब से स्पीकर की लाइटों के रंग बदलेंगे। इसकी कीमत ₹18,900 रखी गई है। यह गुलाबी, नीले, हरे, सफेद और मिडनाइट कलर में उपलब्ध होगा। कंपनी के मुताबिक, नए प्रोसेसर से कनेक्टिविटी और डिवाइस के प्रदर्शन में सुधार होगा। नया Apple TV 4K: आवाज से कंट्रोल करने की सुविधा नया Apple TV 4K टीवी देखने के अनुभव को अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से पेश किया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार, इसमें दूर से आवाज पहचानने वाले माइक्रोफोन हैं, जिनकी मदद से यूजर बिना रिमोट उठाए वॉइस कमांड से फिल्म या शो चला सकेंगे। अगर रिमोट खो जाए, तो iPhone के Find My फीचर की मदद से उसकी लोकेशन पता करने की सुविधा भी दी गई है। Apple HomePod स्पीकर्स के साथ इस्तेमाल करने पर यह ऑडियो सेटिंग्स को उनके अनुरूप समायोजित कर बेहतर साउंड अनुभव देने में मदद कर सकता है। हालांकि, Apple TV 4K की भारत में कीमत की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं बताई गई है। स्मार्ट होम बाजार में Apple की नई पहल HomeView, HomePod Mini 2 और Apple TV 4K के जरिए Apple घर के अलग-अलग स्मार्ट डिवाइस को एक ही इकोसिस्टम से जोड़ने पर जोर दे रहा है। होम ऑटोमेशन, सिक्योरिटी और AI सुविधाओं के मेल से कंपनी Amazon और Google के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ाना चाहती है।

कॉकरोच जनता पार्टी के आशुतोष रांका और सौरव दास तिहाड़ जेल भेजे गए, अजिंक्य शिंदे को मिली जमानत

दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन सदस्यों के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। स्पेशल कोर्ट ने आशुतोष रांका और सौरव दास को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया, जबकि अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। जानकारी के मुताबिक, तीनों को मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। बाद में रात करीब 3 बजे उन्हें एहतियातन गिरफ्तार किया गया। बुधवार सुबह तीनों को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां आशुतोष रांका और सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला हुआ। राहुल गांधी ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल इस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने युवाओं को जेल भेजे जाने को कायरता बताया और कार्रवाई पर सवाल उठाए। किन आरोपों में हुई कार्रवाई? CJP की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह के मुताबिक, तीनों के खिलाफ बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश करने, बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि आशुतोष रांका और सौरव दास को इससे पहले 10 अक्टूबर को भी फ्लाइट से हिरासत में लिया गया था। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

एअर इंडिया की फ्रैंकफर्ट-दिल्ली फ्लाइट की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग, हाईजैक अलर्ट से मचा हड़कंप

फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 की बुधवार सुबह जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान को यह कदम उस समय उठाना पड़ा, जब अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को फ्लाइट से हाईजैक अलर्ट का सिग्नल मिला। हालांकि, शुरुआती जांच में सिस्टम की गड़बड़ी के कारण यह संदेश जनरेट होने की आशंका जताई गई है। जानकारी के मुताबिक, अहमदाबाद ATC से मिले अलर्ट को जयपुर ATC के साथ साझा किया गया। इसके करीब 45 मिनट बाद विमान को जयपुर में सुरक्षित उतारा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हाईजैक अलर्ट के पीछे तकनीकी या सिस्टम संबंधी गलती हो सकती है। मामले में विस्तृत जांच की जानकारी सामने आना बाकी है। रात 9:45 बजे फ्रैंकफर्ट से भरी थी उड़ान फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के मुताबिक, विमान ने 13 अक्टूबर की रात 9:45 बजे फ्रैंकफर्ट से उड़ान भरी थी। इसे 14 अक्टूबर की सुबह 10:40 बजे दिल्ली पहुंचना था, लेकिन हाईजैक अलर्ट मिलने के बाद विमान को जयपुर की ओर डायवर्ट कर दिया गया। 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भी मिला था हाईजैक सिग्नल इससे पहले 30 सितंबर को इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट से भी हाईजैक कोड 7500 भेजे जाने की खबर सामने आई थी। उस घटना में पायलट द्वारा विमान को हाईजैक करने और क्रैश करने की कोशिश किए जाने का दावा किया गया था। बताया गया कि भारतीय को-पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने स्थिति को संभालते हुए विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नाकाम कर दी थी।
मां कूष्मांडा

Navratri 2026: चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा, जानें कथा, भोग और मंत्र

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में उन्हें सृष्टि की रचनात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि उनकी आराधना से भक्तों को उत्साह, सकारात्मकता और नई शुरुआत की प्रेरणा मिलती है। मां कूष्मांडा की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब चारों ओर अंधकार था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। इसी कारण उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति के रूप में पूजा जाता है। यह कथा सृजन और ऊर्जा के महत्त्व को दर्शाती है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः। भोग: मां को मालपुआ या मीठे फल अर्पित करने की परंपरा कुछ क्षेत्रों में प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gandhinagar

Gandhinagar Municipal Election: भाजपा को बहुमत, कांग्रेस को फायदा; AAP को एक भी सीट नहीं

Gandhinagar Municipal Election गुजरात की राजधानी गांधीनगर के नगर निगम चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा है। 44 सीटों वाले नगर निगम में भाजपा ने 38 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। वहीं, कांग्रेस 5 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) इस बार अपना खाता भी नहीं खोल पाई। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। 13 अक्टूबर को सामने आए चुनाव परिणामों में भाजपा के लिए राहत की बात यह रही कि नगर निगम की सत्ता उसके पास बनी रही। हालांकि, पिछली बार के मुकाबले पार्टी की सीटें कम हुई हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर स्थानीय राजनीति में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। Gandhinagar Election Result: BJP को 38, कांग्रेस को मिलीं 5 सीटें गांधीनगर नगर निगम की 44 सीटों के लिए 11 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई। मतगणना के बाद भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। पार्टीवार नतीजे इस प्रकार रहे: इन आंकड़ों से साफ है कि भाजपा ने नगर निगम में बहुमत बनाए रखा है। वहीं, कांग्रेस को मिली पांच सीटें और AAP का खाता नहीं खुलना इस चुनाव के प्रमुख नतीजे रहे। पिछली बार से BJP की सीटें घटीं, कांग्रेस ने बढ़ाई ताकत गांधीनगर नगर निगम के पिछले चुनाव अक्टूबर 2021 में हुए थे। उस समय भाजपा ने 44 में से 41 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं, जबकि आम आदमी पार्टी ने भी एक सीट हासिल की थी। इस बार तस्वीर में कुछ बदलाव देखने को मिला। भाजपा की सीटें 41 से घटकर 38 रह गईं, जबकि कांग्रेस दो से बढ़कर पांच सीटों तक पहुंच गई। AAP पिछले चुनाव में मिली अपनी एकमात्र सीट भी नहीं बचा सकी। यानी भाजपा ने अपनी सत्ता कायम रखी, लेकिन कांग्रेस ने पिछली बार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। इन नतीजों ने गांधीनगर की स्थानीय राजनीति में दोनों प्रमुख दलों की स्थिति को फिर चर्चा में ला दिया है। Ward No. 6 Result: कांग्रेस ने चारों सीटों पर दर्ज की जीत गांधीनगर नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 6 का परिणाम भी खास रहा। यहां कांग्रेस ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 7 में भी कांग्रेस को एक सीट मिली, जबकि बाकी तीन सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार विजयी रहे। इसके अलावा, वार्ड नंबर 2 में निर्दलीय उम्मीदवार दीपिका वाघेला ने जीत हासिल की। यह परिणाम दिखाता है कि भाजपा को कुल मिलाकर स्पष्ट बहुमत मिलने के बावजूद कुछ वार्डों में मुकाबला अलग रहा। Gandhinagar Municipal Election: कितना रहा मतदान? गांधीनगर नगर निगम चुनाव में 59.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव के लिए 11 वार्डों की 44 सीटों पर कुल 130 उम्मीदवार मैदान में थे। 11 अक्टूबर को मतदान के बाद 13 अक्टूबर को मतगणना हुई। नतीजे सामने आने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखने में सफल रही है। Gujarat Civic Polls: थारा और ओखा में भी BJP को बढ़त गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में गांधीनगर के अलावा थारा और ओखा नगरपालिका के नतीजे भी चर्चा में रहे। थारा नगरपालिका की 24 सीटों में भाजपा ने 19 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं। वहीं, ओखा नगरपालिका में मतदान वाली 32 सीटों में भाजपा ने 29 और कांग्रेस ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की। ओखा में चार अन्य सीटें भाजपा पहले ही निर्विरोध जीत चुकी थी। इस तरह गांधीनगर, थारा और ओखा के चुनाव परिणामों में भाजपा ने अपनी स्थिति बनाए रखी। हालांकि, गांधीनगर में कांग्रेस की सीटें बढ़ना भी इन नतीजों का एक अहम पहलू रहा। Gandhinagar Election Result 2026: आगे किस पर रहेगी नजर? चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब गांधीनगर नगर निगम में नई परिषद के गठन और महापौर के चयन की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। महापौर पद को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल, चुनाव का सबसे बड़ा नतीजा यही है कि भाजपा ने 38 सीटों के साथ नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखा है। कांग्रेस को पिछले चुनाव के मुकाबले तीन सीटों का फायदा हुआ, जबकि AAP इस बार एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी। गांधीनगर के ये नतीजे स्थानीय निकाय की राजनीति में भाजपा की स्थिति और कांग्रेस की बढ़ी हुई सीटों, दोनों को सामने रखते हैं। आने वाले समय में नगर निगम के फैसलों और नई परिषद के कामकाज पर लोगों की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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