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ट्रैवल व्लॉगर से जासूस तक: ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी से सोशल मीडिया में हड़कंप

Breaking: Travel Vlogger Jyoti Malhotra Arrested for Alleged Espionage for Pakistan हरियाणा के हिसार की रहने वाली ट्रैवल व्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ज्योति, जो ‘Desi-Indo-Joe’ नामक यूट्यूब चैनल और @travelwithjo1 इंस्टाग्राम हैंडल से मशहूर थीं, पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के एजेंटों को संवेदनशील जानकारी साझा की। सोशल मीडिया की आड़ में जासूसी ज्योति ने 2023 में पाकिस्तान की यात्रा की थी, जिसके दौरान वह पाकिस्तान उच्चायोग के एक कर्मचारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के संपर्क में आईं। उनके बीच घनिष्ठ संबंध विकसित हुए, और आरोप है कि इसी दौरान ज्योति ने संवेदनशील जानकारी साझा की। राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा ज्योति की गिरफ्तारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उठते सवालों को फिर से उजागर किया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहन जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और भी तो कोई शामिल नहीं है। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता हाल के वर्षों में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय नागरिकों को हनी ट्रैप में फंसाने के कई मामले सामने आए हैं। इसलिए सुरक्षा एजेंसियां अब सोशल मीडिया पर अधिक सतर्कता बरत रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। निष्कर्ष ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग करके राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला जा सकता है। यह मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चेतावनी है कि वे सोशल मीडिया पर होने वाली गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें और समय रहते कार्रवाई करें।
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Operation Sindoor: Shashi Tharoor

Operation Sindoor: शशि थरूर के नेतृत्व में विदेशी डेलिगेशन, कांग्रेस में मचा घमासान

केंद्र सरकार द्वारा पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उजागर करने के लिए गठित किए गए डेलिगेशन में कांग्रेस सांसद शशि थरूर को शामिल करने के फैसले ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जहां एक ओर थरूर ने इस पहल का स्वागत किया है, वहीं कांग्रेस पार्टी के भीतर इस पर असंतोष की लहर दौड़ गई है। ऑपरेशन सिंदूर: भारत की कूटनीतिक पहल पिछले महीने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी, भारत सरकार ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत एक कूटनीतिक अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद को वैश्विक मंचों पर उजागर करना है। इसके तहत, शशि थरूर के नेतृत्व में एक बहुदलीय डेलिगेशन को अमेरिका भेजा जाएगा, जिसमें मिलिंद देवड़ा और शंभवी चौधरी जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। कांग्रेस में असंतोष: जयराम रमेश और उदित राज की प्रतिक्रिया कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सरकार के इस कदम को “बेईमानी” करार देते हुए कहा कि पार्टी द्वारा प्रस्तावित चार सांसदों की सूची को नजरअंदाज कर शशि थरूर को शामिल किया गया है। उन्होंने इसे इंदिरा गांधी के कार्यकाल की एकतरफा नीतियों से तुलना करते हुए आलोचना की। वहीं, कांग्रेस नेता उदित राज ने थरूर की पाकिस्तान के खिलाफ तीखी टिप्पणियों पर सवाल उठाते हुए पूछा, “क्या वे बीजेपी के प्रवक्ता बन गए हैं?” उन्होंने थरूर की पार्टी के प्रति निष्ठा पर भी संदेह जताया। थरूर का पक्ष: राष्ट्रहित सर्वोपरि शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणियां व्यक्तिगत हैं और पार्टी की आधिकारिक नीति का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं। उन्होंने कहा, “मैं अपने देश के लिए बोलता हूं, और मुझे इस मिशन का हिस्सा बनने पर गर्व है।” थरूर ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें पार्टी की ओर से कोई औपचारिक चेतावनी नहीं मिली है। बीजेपी का तंज: राहुल गांधी पर निशाना बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पूछा, “राहुल गांधी उन लोगों से नफरत क्यों करते हैं जो भारत के लिए बोलते हैं?” पार्टी ने थरूर को डेलिगेशन से बाहर रखने के कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाया और इसे राष्ट्रहित के खिलाफ बताया। निष्कर्ष: कूटनीति बनाम राजनीति शशि थरूर की डेलिगेशन में नियुक्ति ने एक बार फिर दिखाया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीति के मुद्दों पर भी राजनीतिक दलों के बीच मतभेद गहरे हैं। जहां एक ओर सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं विपक्षी दलों के भीतर इस पर असहमति और आंतरिक संघर्ष स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे है
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Rajnath Singh

Pakistan का जवाब Rajnath Singh के Nuclear Weapons Statement पर – IAEA पर उठाया सवाल

भारतीय रक्षा मंत्री Rajnath Singh द्वारा पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर दिए गए बयान के बाद, भारत-पाक के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। Rajnath Singh ने श्रीनगर के बडामी बाग कैंटोनमेंट में कहा था कि पाकिस्तान जैसे “irresponsible और rogue nation” के पास nuclear weapons सुरक्षित नहीं हैं और इन्हें IAEA (International Atomic Energy Agency) की निगरानी में लाना चाहिए। इस बयान पर Pakistan Foreign Ministry ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह टिप्पणी IAEA की भूमिका और अधिकार को लेकर “पूर्ण अज्ञानता” को दर्शाती है। पाकिस्तान ने इसे भारत की “असुरक्षा और कुंठा” का प्रतीक बताया और कहा कि उसकी defence and deterrence capabilities भारत की पारंपरिक आक्रामकता का प्रभावी जवाब दे रही हैं। IAEA ने Radiation Leak की रिपोर्ट को किया खारिज इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारत के Operation Sindoor airstrikes के दौरान पाकिस्तान के Kirana Hills, Sargodha स्थित परमाणु स्थलों पर हमला हुआ और रेडिएशन लीक की आशंका जताई गई। हालांकि, IAEA ने ऐसी सभी खबरों को खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान के किसी भी nuclear facility से कोई radiation leak नहीं हुआ। बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा पर सवाल हाल के दिनों में भारत-पाकिस्तान के बीच सीमाई झड़पें, ceasefire violations और कड़े बयानों का सिलसिला तेज हुआ है। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत उन्हें “एक बड़े संघर्ष” की ओर धकेल रहा है, वहीं भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को समर्थन देने और युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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President

President द्रौपदी मुर्मू ने Supreme Court से मांगा Clarification: बिल (Bills) मंजूरी पर 14 अहम Constitutional Questions

President द्रौपदी मुर्मू ने भारत के संविधान के Article 143(1) के तहत सुप्रीम कोर्ट से सलाह मांगी है। इस संदर्भ में उन्होंने राज्यपाल और राष्ट्रपति के द्वारा विधेयकों (Bills) को मंजूरी देने (Assent) की प्रक्रिया और समय-सीमा (Timelines) को लेकर 14 महत्वपूर्ण संवैधानिक सवाल (Constitutional Questions) कोर्ट के सामने रखे हैं। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के 8 अप्रैल 2025 के फैसले के बाद उठाया गया, जिसमें बिल मंजूरी देने की निश्चित समय-सीमा तय की गई थी। 14 Constitutional Questions: President ने क्या पूछा? क्यों महत्वपूर्ण है यह सवाल? सुप्रीम कोर्ट ने अपने अप्रैल 2025 के फैसले में कहा कि राज्यपालों द्वारा बिलों को मंजूरी देने में अनावश्यक देरी unconstitutional है। इसलिए अदालत ने तय किया कि राज्यपाल को 3 महीने के अंदर निर्णय लेना होगा और यदि बिल राष्ट्रपति के पास जाता है तो राष्ट्रपति को भी 3 महीने के भीतर निर्णय देना होगा। इसके अलावा कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि कोई बिल “स्पष्ट असंवैधानिक” हो तो राष्ट्रपति को सुप्रीम कोर्ट की सलाह लेना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jammu-Kashmir

Jammu-Kashmir Encounter: अवंतीपोरा और शोपियां में 6 आतंकी ढेर, Operation Sindoor के तहत पाकिस्तान में बड़ी कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। अवंतीपोरा (Awantipora) और शोपियां (Shopian) में हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों (Encounter) में कुल छह आतंकवादी मारे गए हैं। इन अभियानों के तहत सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई ने आतंकियों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। अवंतीपोरा मुठभेड़ में तीन जैश-ए-मोहम्मद आतंकी मारे गए 15 मई को पुलवामा जिले के त्राल और नाडेर इलाकों में हुए एनकाउंटर में जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) से जुड़े तीन आतंकी ढेर कर दिए गए। इनकी पहचान आसिफ अहमद शेख, आमिर नज़ीर वानी और यावर अहमद भट के रूप में हुई है। तीनों पुलवामा के निवासी थे और लंबे समय से आतंकी गतिविधियों में शामिल थे। शोपियां के ऑपरेशन केलर में तीन लश्कर-ए-तैयबा आतंकी ढेर इससे दो दिन पहले, 13 मई को, शोपियां जिले के केलर वन क्षेत्र में ‘ऑपरेशन केलर’ (Operation Keller) के तहत लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के तीन आतंकी मारे गए थे। इस अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया, जिसमें AK सीरीज की राइफलें, ग्रेनेड और अन्य हथियार शामिल थे। पहलगाम हमले के बाद बढ़ा सुरक्षा अभियान 22 अप्रैल को पहलगाम (Pahalgam) में हुए भयानक आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी गई है। हमले में मारे गए लोगों में कई पर्यटक भी शामिल थे, जिसने देशभर में रोष फैलाया। ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान में आतंक के ठिकानों पर सीधा प्रहार इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत Jammu-Kashmir (PoJK) में मौजूद आतंकवादी लॉन्चपैड्स पर सीधी कार्रवाई की। 7 मई को शुरू हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के तहत नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया। इसके बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच एक संघर्षविराम समझौता हुआ, जो शाम 5 बजे से लागू हुआ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Purnam Kumar Shaw

BSF जवान Purnam Kumar Shaw की Pakistan से वतन वापसी | आँखों पर पट्टी, 21 दिन की हिरासत की पूरी कहानी

सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान पूर्णम कुमार शॉ (Purnam Kumar Shaw) की पाकिस्तान से भारत वापसी ने पूरे देश को राहत की सांस दी। 23 अप्रैल 2025 को पंजाब बॉर्डर पर गश्त करते हुए वह गलती से भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर गए थे, जिसके बाद उन्हें Pakistan Rangers द्वारा हिरासत में ले लिया गया। Blindfolded तस्वीर ने देश को झकझोरा पाकिस्तानी मीडिया और सेना द्वारा जारी की गई एक तस्वीर में Purnam Kumar Shaw जवान की आंखों पर पट्टी (blindfold) बंधी थी और वह बेहद थके व असहाय नजर आ रहे थे। यह छवि सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे जनता में गुस्सा और जवान की सुरक्षित वापसी की मांग तेज हो गई। Pahalgam Terror Attack के बाद तनावपूर्ण माहौल इस घटना के एक दिन पहले 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। इसके चलते भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ही तनाव था, जिससे राजनयिक बातचीत पूरी तरह रुक गई थी। पत्नी की गुहार और ममता बनर्जी का समर्थन कोलकाता निवासी जवान की पत्नी रजनी शॉ, जो उस वक्त गर्भवती थीं, ने BSF और राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें फोन कर भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है और हरसंभव मदद करेगी। India-Pakistan ने की Soldier Exchange लगभग तीन हफ्ते (21 दिन) बाद, 14 मई 2025 को पूर्णम कुमार शॉ को अटारी-वाघा सीमा (Attari-Wagah Border) से भारत लाया गया। इसके बदले भारत ने भी एक पाकिस्तानी रेंजर को रिहा किया, जो करीब दो सप्ताह से भारतीय हिरासत में था। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Justice B. R. Gavai

Justice B. R. Gavai बने India के 52वें Chief Justice – भारत को मिला पहला Buddhist CJI

जस्टिस भूषण रमकृष्ण गवई (Justice B. R. Gavai) ने मंगलवार को भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत कई प्रमुख नेता और अधिकारी मौजूद रहे। जस्टिस गवई का कार्यकाल 23 नवंबर 2025 तक रहेगा। उनकी नियुक्ति कई मायनों में ऐतिहासिक है क्योंकि वे भारत के पहले बौद्ध (Buddhist) और दूसरे दलित (Dalit) मुख्य न्यायाधीश हैं। इससे पहले केवल जस्टिस के. जी. बालाकृष्णन को यह गौरव प्राप्त हुआ था। जस्टिस गवई का जीवन और करियर अपने न्यायिक करियर के दौरान जस्टिस गवई कई अहम फैसलों का हिस्सा रहे, जिनमें अनुच्छेद 370 की समाप्ति और नोटबंदी को लेकर आए फैसले प्रमुख हैं। संविधान और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण शपथ ग्रहण से पहले, जस्टिस गवई ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को अपनी प्रेरणा बताते हुए कहा कि वे संविधान में निहित सामाजिक और राजनीतिक न्याय के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi Adampur Visit: पीएम मोदी का आदमपुर एयरबेस दौरा

13 मई 2025 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने सोमवार को पंजाब के जालंधर स्थित Adampur Airbase का दौरा किया। यह यात्रा हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष विराम (Ceasefire) के कुछ ही दिनों बाद हुई है। दौरे का मुख्य उद्देश्य भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के जवानों का मनोबल बढ़ाना और पाकिस्तान के फर्जी दावों का पर्दाफाश करना था। PM Modi ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की दी बधाई PM Modi ने वायुसेना के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात की और हाल ही में संपन्न ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) की सफलता पर उन्हें बधाई दी।उन्होंने कहा,“देश को अपने वीर सैनिकों पर गर्व है। हमारी सेनाएं हर संकट में राष्ट्र की रक्षा के लिए तत्पर रहती हैं।” पाकिस्तान के झूठे दावों की खुली पोल हाल ही में पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसके JF-17 फाइटर जेट द्वारा दागी गई मिसाइल ने आदमपुर एयरबेस पर मौजूद भारत के अत्याधुनिक S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया है।प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान मीडिया को दिखाई गई ताजा तस्वीरों और वीडियो में S-400 सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित और एक्टिव दिखाई दिया। साथ ही MiG-29 फाइटर जेट्स भी तैयार हालत में मौजूद थे। इससे पाकिस्तान के झूठे प्रचार की पोल खुल गई और भारत ने स्पष्ट कर दिया कि उसकी सैन्य शक्ति पूरी तरह मजबूत और जवाब देने में सक्षम है। आदमपुर एयरबेस का सामरिक महत्व आदमपुर एयरबेस भारतीय वायुसेना का उत्तर भारत में दूसरा सबसे बड़ा एयरबेस है, जो भारत-पाक सीमा से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।यहां से वायुसेना की 47वीं स्क्वाड्रन (Black Archers) संचालित होती है, जो मिग-29 विमान उड़ाती है और दुश्मन के ठिकानों पर त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता रखती है। इतिहास की गौरवशाली विरासत आदमपुर एयरबेस ने 1965 के भारत-पाक युद्ध में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जब पाकिस्तानी वायुसेना ने इस पर हमला किया था जिसे भारतीय वायुसेना ने सफलतापूर्वक विफल किया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CBSE Results 2025

CBSE Results 2025: कैसे चेक करें Class 10th और 12th के रिजल्ट | How to Check CBSE Class 10th & 12th Results 2025

सीबीएसई (CBSE) Result 2025 के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम अब घोषित कर दिए गए हैं। छात्र अपने परिणाम आसानी से सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट से देख सकते हैं। इस साल परिणामों में बड़ा सुधार हुआ है, और छात्रों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। CBSE Results 2025 कक्षा 10वीं और 12वीं रिजल्ट चेक करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट: इसके अलावा, डिगीलॉकर (DigiLocker) और उमंग ऐप (UMANG App) के जरिए भी परिणाम देखे जा सकते हैं। CBSE 12th Results 2025: पास प्रतिशत और महत्वपूर्ण जानकारी 2025 में कक्षा 12वीं का कुल पास प्रतिशत 88.39% रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले बेहतर है। सीबीएसई के इस सुधार से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम हुए हैं। CBSE Results 2025 चेक करने की आसान प्रक्रिया: DigiLocker और UMANG App से रिजल्ट चेक करें: SMS के माध्यम से CBSE Results चेक करें: सीबीएसई ने रिजल्ट्स चेक करने के लिए एक SMS सेवा भी शुरू की है। छात्र इस सेवा के माध्यम से अपने परिणाम सीधे SMS द्वारा प्राप्त कर सकते हैं। महत्वपूर्ण जानकारी: सीबीएसई रिजल्ट 2025: ट्रेंड्स और अपडेट्स इस साल सीबीएसई बोर्ड ने छात्रों को अधिक सुविधाएं प्रदान की हैं, जिनमें डिजिटल प्रमाणपत्र, ऑनलाइन रिजल्ट्स चेक करने की सुविधा, और एक सरल यूजर इंटरफेस शामिल है। यह तकनीकी बदलाव छात्रों को अधिक सशक्त बनाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Operation Sindoor: PM Modi's Powerful Address After Ceasefire with Pakistan

प्रधानमंत्री मोदी:भारत ने मिलिट्री एक्शन को केवल स्थगित किया है, समाप्त नहीं

प्रधानमंत्री मोदी का सीजफायर के बाद संबोधन: ऑपरेशन सिंदूर की गूंज Operation Sindoor: PM Modi’s Powerful Address After Ceasefire with Pakistan नई दिल्ली: पाकिस्तान के साथ संघर्षविराम (Ceasefire) के 51 घंटे बाद सोमवार रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। 22 मिनट के इस भाषण में प्रधानमंत्री ने पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर, सीजफायर, आतंकवाद, सिंधु जल समझौता और PoK पर खुलकर बात की। ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई प्रधानमंत्री ने कहा, “जिन आतंकियों ने हमारी मां-बहनों का सिंदूर मिटाया, हमने उन्हें मिटा दिया।” ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की सेनाओं ने पाकिस्तान में आतंकवाद के ठिकानों पर सटीक प्रहार किया। इस कार्रवाई में 100 से अधिक खूंखार आतंकवादी मारे गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकी अब जान चुके हैं कि भारत की बेटियों के माथे से सिंदूर हटाने का अंजाम क्या होता है। सीजफायर: पाकिस्तान की गुहार और भारत का रुख प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पाकिस्तान की गुहार पर भारत ने संघर्षविराम की सहमति दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने मिलिट्री एक्शन को केवल स्थगित किया है, समाप्त नहीं। आगे की कार्रवाई पाकिस्तान के रवैये पर निर्भर करेगी। पहलगाम हमला: आतंक का वीभत्स चेहरा 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा किए गए बर्बर हमले ने देश और दुनिया को झकझोर दिया था। छुट्टियां मना रहे मासूम लोगों को बेरहमी से मारना आतंक का घिनौना चेहरा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमारे देश के सद्भाव को तोड़ने की कोशिश थी। आतंकवाद पर भारत की स्पष्ट नीति प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कड़ी नीति का जिक्र करते हुए कहा कि अब आतंक और टॉक एक साथ नहीं चल सकते। भारत ने आतंक के ठिकानों पर निर्णायक प्रहार कर आतंकियों को मिटा दिया है। सिंधु जल समझौता और PoK पर भारत का रुख प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। पाकिस्तान से बात केवल आतंकवाद और PoK पर ही होगी। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान को बचना है तो उसे अपने टेरर इन्फ्रास्ट्रक्चर का सफाया करना होगा। ऑपरेशन सिंदूर: तीन स्पष्ट संदेश पीएम का संदेश: शांति के लिए शक्ति जरूरी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि शांति का मार्ग शक्ति से होकर गुजरता है। उन्होंने सेना के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि भारत की एकता आतंकवाद के खिलाफ सबसे बड़ी शक्ति है।
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Abhijeet Dipke

Education Politics: Dharmendra Pradhan Resignation के बाद Abhijeet Dipke ने बताया आंदोलन का अगला कदम

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था पर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने इस पूरे घटनाक्रम को आंदोलन की पहली जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और छात्रों के अधिकार, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। Abhijeet Dipke के इस बयान के बाद शिक्षा जगत और राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से उठ रही आवाज अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। Dharmendra Pradhan Resignation पर Abhijeet Dipke का बड़ा बयान धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद Abhijeet Dipke ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे तक सीमित नहीं था। उनका कहना है कि असली मुद्दा शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि “अभी तो ये शुरुआत हुई है।” उनके अनुसार आने वाले समय में छात्रों से जुड़े कई अन्य मुद्दों को लेकर भी आवाज उठाई जाएगी। NEET Controversy और Student Protest बना बड़ा मुद्दा NEET परीक्षा और कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों के बीच नाराजगी देखने को मिली थी। कई छात्र संगठनों और युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्रों का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है। Jantar Mantar Protest से तेज हुई थी मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए। CJP और अन्य प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और छात्रों की समस्याओं के समाधान की मांग रखी। आंदोलन के दौरान युवाओं ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और भविष्य की परीक्षाओं को बेहतर तरीके से आयोजित करने की जरूरत पर जोर दिया। “लड़ाई अभी बाकी है” — युवाओं को लेकर दीपके का संदेश अभिजीत दीपके का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दे किसी एक घटना तक सीमित नहीं हैं। उनका फोकस युवाओं की आवाज को मजबूत करना और शिक्षा क्षेत्र में स्थायी बदलाव की मांग करना है। उनके बयान से साफ है कि आंदोलनकारी अब आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच किस तरह की बातचीत होती है। Education Reform को लेकर बढ़ी बहस धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक बार फिर देश में शिक्षा सुधार, परीक्षा सुरक्षा और छात्रों के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। युवाओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत नियम, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर समाधान जरूरी हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र को लेकर क्या बड़े फैसले सामने आते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonam Wangchuk

Youth Power & Education Debate: Sonam Wangchuk बोले- Gen Z की आवाज से शुरू होगा Accountability और सुधार का दौर

शिक्षा और राजनीति से जुड़े विवाद के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के एक बयान ने नई चर्चा शुरू कर दी है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर चल रहे विवाद और इस्तीफे की मांग के बीच वांगचुक ने Gen Z युवाओं की सक्रियता की तारीफ की और कहा कि जवाबदेही (Accountability) किसी भी व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम होती है। उन्होंने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि अब जरूरत सिर्फ सवाल उठाने की नहीं, बल्कि सुधार और समाधान की ओर बढ़ने की है। Sonam Wangchuk ने Gen Z की आवाज को बताया बदलाव की ताकत Sonam Wangchuk ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक है। सोशल मीडिया और लोकतांत्रिक माध्यमों से Gen Z लगातार अपनी बात रख रही है। उनके अनुसार, जब युवा शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल उठाते हैं, तो इससे संस्थानों को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने का मौका मिलता है। Dharmendra Pradhan Controversy: शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल धर्मेंद्र प्रधान को लेकर विवाद की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उठे सवालों के बाद तेज हुई। विपक्ष और कई छात्र संगठनों ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। छात्रों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और बेहतर व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। वहीं सरकार की ओर से भी कई बार कहा गया है कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। Accountability से Reform तक का संदेश सोनम वांगचुक ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी भी व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बदलाव केवल विरोध से नहीं, बल्कि संवाद और सकारात्मक प्रयासों से आता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में युवाओं की भागीदारी और उनकी आवाज को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। Gen Z और Youth Movement क्यों बन रहा चर्चा का विषय? आज की युवा पीढ़ी शिक्षा, रोजगार, परीक्षा प्रक्रिया और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रख रही है। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने युवाओं को अपनी बात बड़े स्तर तक पहुंचाने का मंच दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और नीतियों में सुधार की प्रक्रिया को गति दे सकती है। धर्मेंद्र प्रधान मामले पर आगे की नजर धर्मेंद्र प्रधान से जुड़े इस विवाद के बीच सोनम वांगचुक का बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर इसे युवाओं की ताकत और जवाबदेही से जोड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के अगले कदमों पर भी नजर बनी हुई है। फिलहाल, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा बने रह सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Dharmendra Pradhan

Education Politics: Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर सियासत गर्म

शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के बीच अब उनके इस्तीफे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच दीपक के बयान ने इस पूरे मामले को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है। दीपक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय कहा जाता था कि “इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते”, लेकिन जब जनता और विपक्ष की आवाज मजबूत होती है तो हालात बदल सकते हैं। उन्होंने कहा, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। Paper Leak और Education System को लेकर बढ़ा दबाव शिक्षा मंत्रालय लगातार कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहा है। खासतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाता रहा है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। दीपक का बयान बना चर्चा का विषय दीपक के बयान ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा बढ़ा दी है। उनके शब्दों को सरकार पर दबाव बनाने वाले राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने इशारों में कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे अहम होती है और जब किसी मुद्दे पर लगातार सवाल उठते हैं तो सरकारों को उसका जवाब देना पड़ता है। क्या धर्मेंद्र प्रधान देंगे इस्तीफा? फिलहाल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सरकार की ओर से भी इस मामले में कोई संकेत नहीं दिया गया है। हालांकि, विपक्ष लगातार शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। राजनीतिक घमासान जारी Education Sector से जुड़े फैसले और परीक्षाओं की विश्वसनीयता इस समय देश में बड़ा मुद्दा बने हुए हैं। जहां विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार अपने काम और सुधारों को लेकर अपना पक्ष रख रही है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर शुरू हुई यह Resignation Controversy फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है, लेकिन इसने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और सरकार की जिम्मेदारी पर बहस को तेज कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP Protest

CJP Protest Controversy: Fake News पर Delhi Police सख्त, Social Media Accounts की जांच शुरू

दिल्ली में चल रहे CJP Protest के बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि प्रदर्शन से जुड़े मामले में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भ्रामक और झूठे पोस्ट वायरल किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ अकाउंट्स को पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा है और इनके जरिए माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। Delhi Police ने Social Media Campaign पर जताई चिंता दिल्ली पुलिस ने बताया कि वह प्रदर्शन से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रख रही है। अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट सामने आए हैं जिनमें तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वायरल मैसेज, वीडियो या पोस्ट को बिना पुष्टि किए शेयर न करें। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों से बचना बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी से स्थिति बिगड़ सकती है। Protest को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त CJP Protest को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Fake News फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी जानकारी फैलाने वाले अकाउंट्स की पहचान की जा रही है। जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों वाले अकाउंट्स को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया कि इंटरनेट प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से जिम्मेदारी के साथ Social Media इस्तेमाल करने की अपील आज के समय में सोशल मीडिया खबरों का तेज माध्यम बन चुका है, लेकिन कई बार इसका गलत इस्तेमाल भी देखने को मिलता है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। CJP Protest Latest Update फिलहाल CJP Protest को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड में है। सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध पोस्ट करने वाले अकाउंट्स पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि राजधानी में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
EPFO

PF Interest Update: EPFO खाते में आया ब्याज, Missed Call और SMS से ऐसे Check करें PF Balance

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। PF Account में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज (PF Interest) अब कई सदस्यों के खातों में दिखना शुरू हो गया है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि आपके PF खाते में ब्याज आया है या नहीं, तो इसे घर बैठे आसानी से चेक किया जा सकता है। EPFO ने कर्मचारियों के लिए PF Balance Check करने के कई आसान विकल्प उपलब्ध कराए हैं। अब न तो ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत है और न ही लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। मोबाइल फोन से सिर्फ कुछ मिनटों में Missed Call, SMS, UMANG App और EPFO Portal के जरिए PF Account की जानकारी मिल सकती है। PF Interest Update: खाते में कैसे जुड़ता है ब्याज? EPFO हर वित्त वर्ष के लिए PF खाताधारकों को ब्याज देता है। कर्मचारी और कंपनी की ओर से जमा किए गए अंशदान पर यह ब्याज तय नियमों के अनुसार जोड़ा जाता है। ब्याज राशि अपडेट होने के बाद कर्मचारी अपनी EPF Passbook में जाकर देख सकते हैं कि उनके खाते में कितनी राशि जमा हुई है और कितना ब्याज मिला है। Missed Call से Check करें PF Balance अगर आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तब भी आप आसानी से PF Balance पता कर सकते हैं। ऐसे करें PF Balance Check: ध्यान रखें कि यह सुविधा लेने के लिए आपका UAN Active होना और मोबाइल नंबर EPFO खाते से लिंक होना जरूरी है। SMS के जरिए जानें PF Account की पूरी जानकारी EPFO अपने सदस्यों को SMS Service की सुविधा भी देता है। Process: अगर आपको हिंदी में जानकारी चाहिए तो ENG की जगह HIN लिखकर भेज सकते हैं। UMANG App से घर बैठे देखें PF Balance सरकार का UMANG App भी PF Account की जानकारी देखने का आसान माध्यम है। Steps Follow करें: EPFO Website से Online Check करें PF Passbook जो कर्मचारी ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, वे EPFO Portal के जरिए भी अपना PF Balance देख सकते हैं। कैसे देखें: PF Balance Check करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान PF खाते की जानकारी देखने से पहले इन जरूरी बातों को जरूर जांच लें: कर्मचारियों के लिए क्यों खास है PF Interest Update? PF सिर्फ नौकरी के दौरान जमा होने वाली बचत नहीं है, बल्कि यह भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का बड़ा साधन भी है। खाते में ब्याज जुड़ने से कर्मचारियों की कुल जमा राशि बढ़ती है और रिटायरमेंट के समय उन्हें इसका फायदा मिलता है। EPFO की डिजिटल सुविधाओं ने अब PF Account को Manage करना पहले से काफी आसान बना दिया है। कर्मचारी कभी भी अपने मोबाइल से यह पता कर सकते हैं कि उनके खाते में कितना Balance है और ब्याज की राशि अपडेट हुई है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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