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operation sindoor 2.0

operation sindoor 2.0-8-9 मई की मध्यरात्रि को पाकिस्तानी सेना नेनियंत्रण रेखा पर 36 जगहों पर 300-400 ड्रोनों का इस्तेमाल घुसपैठ के लिया किया गया।

operation sindoor 2.0-कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया, “8-9 मई की मध्यरात्रि को पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के इरादे से पूरी पश्चिमी सेना पर भारतीय वायुक्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर भारी कैलिबर वाले हथियारों से गोलीबारी भी की। अंतर्राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर 36 जगहों पर 300-400 ड्रोनों का इस्तेमाल घुसपैठ के लिया किया गया। भारत ने इनमें से कई ड्रोन को मार गिराया।
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Pakistan Occupied Kashmir (PoK)

OPREATION SINDOOR-क्या भारत बिना युद्ध के PoK को वापस ले सकता है? जानें कहां अटका है पेच

Pakistan Occupied Kashmir (PoK) का मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच हमेशा से विवाद का विषय रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या PoK को बिना युद्ध वापस हासिल किया जा सकता है? हाल ही में पाकिस्तान द्वारा राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के कई शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारतीय सेना ने कड़ा जवाब दिया। भारत के इस निर्णायक रुख ने एक बार फिर PoK पर नियंत्रण को लेकर बहस को हवा दे दी है। Pakistan Occupied Kashmir (PoK) का ऐतिहासिक और भौगोलिक परिप्रेक्ष्य PoK मुख्यतः दो हिस्सों में बंटा है: गिलगिट-बाल्टिस्तान (64,817 किमी²) और तथाकथित ‘आज़ाद कश्मीर’ (13,297 किमी²)। जब भारत आजाद हुआ था, उस समय जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने पाकिस्तान के आक्रमण से बचने के लिए भारत से मदद मांगी थी। इसके तहत 26 अक्टूबर 1947 को Instrument of Accession पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया। हालांकि, पाकिस्तान ने इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया, जिसे आज PoK के नाम से जाना जाता है। PoK पर भारत का कानूनी दावा संविधानिक दृष्टिकोण से जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारत का तर्क है कि महाराजा हरि सिंह द्वारा हस्ताक्षरित विलय पत्र (Instrument of Accession) के अनुसार PoK भी भारत का अंग है। 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया था कि गिलगिट-बाल्टिस्तान समेत पूरा PoK भारत का अभिन्न हिस्सा है। अंतरराष्ट्रीय पेच और कूटनीतिक चुनौतियाँ भारत के लिए PoK को सीधा वापस लेना कूटनीतिक दृष्टि से आसान नहीं है। यह एक अंतरराष्ट्रीय विवाद का रूप ले चुका है। संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव यह कहता है कि जब तक पाकिस्तान अपनी सेना को कश्मीर से नहीं हटाता, तब तक जनमत संग्रह की कोई संभावना नहीं है। पाकिस्तान ने न सिर्फ अपनी सेना बल्कि वहाँ के जनसांख्यिकी ढांचे में भी बदलाव किए हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना भारत के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। क्या युद्ध ही एकमात्र विकल्प है? राजनीतिक और सामरिक विशेषज्ञों की राय में, बिना युद्ध के PoK को वापस लेना लगभग असंभव दिखता है। पाकिस्तान की सरकार और सेना कभी भी अपनी मर्जी से PoK को भारत को नहीं सौंपेंगी। हालांकि, युद्ध का विकल्प चुनने पर दोनों देशों के लिए आर्थिक और सामाजिक क्षति होगी। युद्ध की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय समुदाय का दबाव भी एक महत्वपूर्ण पहलू बनकर उभर सकता है। भारत का PoK पर दावा न केवल ऐतिहासिक और संवैधानिक आधार पर मजबूत है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी सटीक है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति और पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति इसे जटिल बना देती है। अगर पाकिस्तान शांति से PoK नहीं लौटाता, तो भारत के पास कूटनीतिक प्रयासों के बाद युद्ध के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
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India

India Pakistan Tension: मिसाइल-ड्रोन अटैक के बाद Chandigarh, Patiala हाई अलर्ट पर, Punjab में आपात स्थिति

नई दिल्ली/चंडीगढ़: India Pakistan Tension एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। पाकिस्तान की ओर से हुए Missile और Drone Attack के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए Punjab के कई जिलों को हाई अलर्ट पर रख दिया है। खासतौर पर Chandigarh और Patiala में सुरक्षा एजेंसियों ने सायरन बजाकर नागरिकों को सतर्क किया और घरों में रहने की सलाह दी है। India ने Thwart किया पाकिस्तान का हमला सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की तरफ से भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए कम से कम 8 मिसाइलें और कई ड्रोन भेजे गए थे। भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने इन्हें समय रहते नष्ट कर दिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। इसके जवाब में, भारत ने ‘Operation Sindoor’ के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई, जिसमें कई भारतीय जवान शहीद हो गए थे। Punjab में आपातकालीन अलर्ट, स्कूल बंद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए Punjab सरकार ने राज्य भर में तीन दिन का इमरजेंसी बंद (Emergency Shutdown) लागू कर दिया है। पटियाला और चंडीगढ़ में सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा, पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और सीमावर्ती जिलों में आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। Pakistan ने हमले से इनकार किया, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की अपील पाकिस्तान ने भारत के दावों को “झूठा और भ्रामक” करार दिया है और कहा है कि भारत की तरफ से की गई ड्रोन स्ट्राइक में उनके नागरिक मारे गए हैं। पाकिस्तान ने इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक मंचों पर उठाने की बात कही है। अंतरराष्ट्रीय चिंता और उड़ानों पर असर अमेरिका, ईरान और सऊदी अरब जैसे देशों ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। भारत ने कई सीमावर्ती हवाई अड्डों से उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसियां (NDMA) सक्रिय कर दी गई हैं और सीमावर्ती इलाकों में सघन निगरानी की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India Thwarts Pakistani Drone-Missile Attack:

India Thwarts Pakistani Drone-Missile Attack:भारत ने पाकिस्तानी ड्रोन-मिसाइल अटैक को फेल किया:बॉर्डर से सटे एयरबेस और सेना पर हमला

India Thwarts Pakistani Drone-Missile Attack: Border Airbase and Army Safe दो JF-17 और एक F-16… भारत ने गिराए PAK के तीन फाइटर जेट, पाक एयरफोर्स का AWACS भी फेल भारत ने पाकिस्तान के दो JF-17 और एक F-16 फाइटर जेट को मार गिराया है, साथ ही पाकिस्तान एयरफोर्स का AWACS विमान उनके ही पंजाब प्रांत में ध्वस्त कर दिया
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India Destroys Pakistan's Air Defense System

India Destroys Pakistan’s Air Defense System: Lahore और कराची में Drone Attacks से मचा हड़कंप

India Destroys Pakistan’s Air Defense System: Lahore – भारत ने लाहौर में पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को किया तबाह भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। गुरुवार को भारतीय सेना के ड्रोन हमलों ने पाकिस्तान के कई प्रमुख शहरों में हड़कंप मचा दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, लाहौर से लेकर कराची और रावलपिंडी तक 25 से अधिक ड्रोन हमलों में पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह तबाह हो गया है। एयर डिफेंस सिस्टम का विनाश लाहौर और कराची में ड्रोन हमले के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पाकिस्तान सरकार ने पुष्टि की है कि अब तक 25 ड्रोन अटैक हो चुके हैं, जिसमें रावलपिंडी, लाहौर और कराची में 3 बड़े ड्रोन अटैक शामिल हैं। इन हमलों में रावलपिंडी स्थित आर्मी कैंप पूरी तरह नष्ट हो गया है। परमाणु ठिकाने तक ड्रोन की पहुंच सूत्रों के मुताबिक, भारतीय ड्रोन ने पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने तक भी पहुंच बना ली है। एक के बाद एक धमाकों से लाहौर और कराची में दहशत का माहौल है। पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली इन हमलों को रोकने में नाकाम साबित हुई। पाकिस्तान का बयान पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने ड्रोन हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस हमले से उनकी सुरक्षा तैयारियों में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। हालांकि, इस हमले के पीछे भारत का हाथ होने का दावा भी किया गया है। भारत की प्रतिक्रिया भारत सरकार ने ऑफिशियल बयान जारी करके बताया, “07 और 08 मई की दरमियानी रात को पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग करके अवंतीपुरा, श्रीनगर जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना सहित कुल 15 शहरों में कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की. भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई करते हुए एयर डिफेंस सिस्टम तबाह कर दिया.” ड्रोन हमले के प्रभाव रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम का नष्ट होना एक बड़ा झटका है। इससे न केवल पाकिस्तान की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं, बल्कि भारत की ड्रोन तकनीक और रणनीतिक क्षमता का भी प्रदर्शन होता है।
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Pakistan's Attack Foiled

Pakistan’s Attack Foiled:पाकिस्‍तान ने श्रीनगर, चंडीगढ़ समेत 15 शहरों में भारतीय सैन्य ठिकानों पर की हमले की कोशिश, भारत ने नाकाम

पाकिस्तान की नापाक साजिश नाकाम!Pakistan’s Attack Foiled पाकिस्तान ने उत्तरी और पश्चिमी भारत के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमला करने की नाकाम कोशिश की। जम्मू-कश्मीर से लेकर पंजाब, राजस्थान और गुजरात तक के इलाकों में ड्रोन और मिसाइल के जरिए हमला करने की साजिश रची गई। हमले का मुख्य लक्ष्य अवंतीपुरा, श्रीनगर, पठानकोट, अमृतसर, लुधियाना और भुज जैसे अहम ठिकाने थे। हमलों को ऐसे किया गया नाकाम भारत की मजबूत रक्षा तैयारियों ने पाकिस्तान की इस साजिश को सफल नहीं होने दिया। देश की Integrated Counter-UAS Grid और Air Defence Systems ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और सभी हमलों को नाकाम कर दिया। विभिन्न स्थानों से बरामद ड्रोन और मिसाइल के मलबे ने हमले की पुष्टि की है। क्या है Integrated Counter-UAS Grid? यह प्रणाली विशेष रूप से ड्रोन और अन्य हवाई खतरों से निपटने के लिए तैयार की गई है। इसमें आधुनिक रडार सिस्टम, सेंसर और एंटी-ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे किसी भी हमले का समय रहते पता लगाया जा सके। पाकिस्तान की रणनीति पर उठे सवाल इस नाकाम हमले के बाद पाकिस्तान की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला भारत को अस्थिर करने के लिए किया गया था। लेकिन भारत की तैयारी और सुरक्षा तंत्र ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। भारत का कड़ा संदेश भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस हमले के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। निष्कर्ष इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत की सुरक्षा प्रणालियां बेहद मजबूत और सक्षम हैं। पाकिस्तान की नापाक साजिश को नाकाम कर भारत ने यह संदेश दिया है कि किसी भी आक्रमण का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
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Operation Sindoor

Operation Sindoor: सर्वदलीय बैठक में दिखी एकजुटता, कांग्रेस ने कहा – ‘Keep Going, We Support You’

भारत की सेना द्वारा किए गए ‘Operation Sindoor‘ के बाद देश की राजधानी दिल्ली में आज एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की और इसमें सभी प्रमुख दलों ने हिस्सा लिया। सभी राजनीतिक दलों ने सरकार की इस निर्णायक कार्रवाई का समर्थन करते हुए आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई। कांग्रेस का समर्थन, खड़गे बोले: “जो कर रहे हैं, करते रहिए” बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आतंकवादियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को “सही दिशा में उठाया गया कदम” बताया। उन्होंने कहा, “जो काम कर रहे हैं, करते रहिए। हम आपके साथ हैं।” यह बयान सरकार और विपक्ष के बीच इस संवेदनशील मुद्दे पर तालमेल को दर्शाता है। राहुल गांधी और अन्य नेताओं की मौजूदगी इस बैठक में विपक्ष के अन्य वरिष्ठ नेता जैसे राहुल गांधी समेत कई पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और सरकार को सहयोग का आश्वासन दिया। पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय अपील पाकिस्तान ने भारत की इस सैन्य कार्रवाई को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक शक्तियों ने दोनों देशों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील की है। सर्वदलीय एकता का संदेश बैठक में सभी दलों ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया। नेताओं ने स्पष्ट किया कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए वे किसी भी प्रकार की राजनीति से ऊपर उठकर सरकार के साथ खड़े रहेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Surgical Strike

Operation Sindoor: India की सबसे बड़ी Surgical Strike में पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकाने तबाह

भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ एक अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई करते हुए “ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)” को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। यह अब तक की सबसे बड़ी cross-border surgical strike मानी जा रही है, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के कुल 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। क्या है ऑपरेशन सिंदूर (What is Operation Sindoor)? ऑपरेशन सिंदूर एक विशेष सैन्य मिशन है, जिसे भारतीय सेना ने अत्यंत गोपनीयता और सटीक योजना के तहत अंजाम दिया। यह मिशन आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रतीक है। 24 मिसाइल, 25 मिनट – जब कांप उठा पाकिस्तान भारतीय सेना ने Surgical Strike महज़ 25 मिनट के भीतर 24 मिसाइलों से हमला किया। इस ऑपरेशन में जिन स्थानों को टारगेट किया गया, उनमें शामिल हैं: बड़े आतंकी संगठनों पर सीधा वार इस मिशन में भारत ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों के ठिकानों को ध्वस्त किया। सरकारी सूत्रों के अनुसार: सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी तबाही अंतरराष्ट्रीय सैटेलाइट कंपनी Maxar Technologies द्वारा जारी उपग्रह चित्रों (Satellite Images) में ऑपरेशन के बाद की भारी तबाही साफ दिखाई दे रही है। खासतौर पर मुरिदके स्थित आतंकी कैंप की तस्वीरों में बर्बादी का साफ सबूत मिला है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Helicopter Crash

उत्तरकाशी Helicopter Crash: हेलिकॉप्टर हादसे में 4 पर्यटकों की दर्दनाक मौत, 2 घायल

उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले के पास गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जब एक हेलिकॉप्टर क्रैश (Helicopter Crash) हो गया। इस दुर्घटना में 4 पर्यटकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसे की जानकारी मिलते ही राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं Helicopter Crash में कुल 6 लोग सवार थे। हादसे के बाद राज्य आपदा राहत बल (SDRF) और जिला प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। वहीं उत्तरकाशी के जिलाधिकारी भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। देहरादून से उड़ान भरकर हर्सिल की ओर जा रहा था हेलिकॉप्टर यह हेलिकॉप्टर देहरादून से उड़ान भरकर हर्सिल हेलीपैड की ओर जा रहा था। हर्सिल पहुंचने के बाद पर्यटकों को सड़क मार्ग से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित गंगनानी ले जाया जाना था। इसी दौरान यह दुखद हादसा हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया शोक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें और शोक संतप्त परिवारों को यह अपार दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।”मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों को हर संभव मदद दी जाए और दुर्घटना की गहन जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे लगातार अधिकारियों से संपर्क में हैं और हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। दुर्घटना का कारण जांच के अधीन फिलहाल हेलिकॉप्टर क्रैश का असली कारण सामने नहीं आया है। जांच एजेंसियां हादसे के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistani Anchor Crying Video Viral:

Pakistani Anchor Crying Video Viral: ऑपरेशन सिंदूर के बाद वायरल हुआ पाकिस्तानी एंकर के रोने का वीडियो

Indian Army’s ‘Operation Sindoor’ shook Pakistan. A viral video shows a Pakistani news anchor crying, claiming to mourn deaths due to the airstrike. Full details on Desh Harpal. भारतीय सेना ने पहलगाम हमले के जवाब में ‘Operation Sindoor’ के तहत बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। मंगलवार देर रात करीब डेढ़ बजे इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने आतंकियों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के बाद पूरे पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में पाकिस्तानी एंकर का रोता हुआ चेहरा सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पाकिस्तानी न्यूज एंकर लाइव टीवी पर रोते हुए दिखाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि वह भारतीय हवाई हमले में मारे गए पाकिस्तानी नागरिकों के लिए दुख जता रही है। वीडियो में वह टूटे दिल से दया और हिम्मत की दुआ मांगती नजर आ रही है। एंकर रोते हुए कहती है कि जो मासूम शहीद हुए उनकी आत्मा को शांति मिले। क्या है वीडियो की सच्चाई? इस वायरल वीडियो की सत्यता की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, सोशल मीडिया पर कई लोग इसे हाल ही में भारतीय सेना द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का रिएक्शन मान रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह वीडियो पुराने फुटेज का भी हो सकता है, जिसे मौजूदा हालात के साथ जोड़ा जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान में खौफ भारतीय सेना के ‘Operation Sindoor’ के बाद पाकिस्तान में दहशत का माहौल है। आतंकियों के खिलाफ की गई इस बड़ी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में असंतोष और भय का माहौल बना हुआ है। भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन के तहत आतंकवादियों के ठिकानों पर बड़ा प्रहार किया। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं लोग सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ इसे भारतीय सेना की कड़ी प्रतिक्रिया मान रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि यह पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा का हिस्सा भी हो सकता है। वायरल वीडियो और ऑपरेशन सिंदूर के बीच क्या संबंध है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन भारतीय सेना की इस कार्रवाई ने पाकिस्तान में हड़कंप जरूर मचा दिया है।
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बस्तर: रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने आरोपी से जेल में रचाई शादी, कोर्ट की अनुमति से लिए सात फेरे

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने बाद में उसी युवक से कोर्ट की अनुमति के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल में विवाह कर लिया। शादी वैदिक रीति-रिवाजों से जेल परिसर में कराई गई, जिसमें दोनों परिवारों के सदस्य, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और जेल प्रशासन मौजूद रहे। हालांकि, विवाह के बाद भी युवक को जेल से रिहाई नहीं मिली है। वह न्यायिक हिरासत में रहेगा और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उसकी रिहाई पर फैसला होगा। प्रेम संबंध से शुरू हुई कहानी, कानूनी विवाद तक पहुंची जानकारी के अनुसार, मनमती कश्यप और सुरेश सेठिया जगदलपुर के एक पेट्रोल पंप पर साथ काम करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों विवाह करना चाहते थे, लेकिन युवक के परिजनों ने इस रिश्ते का विरोध किया। युवती का आरोप है कि सुरेश ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में परिवार के दबाव में शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद युवती ने परपा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवक को गिरफ्तार किया। SC/ST एक्ट सहित अन्य धाराएं लगने के कारण वह पिछले सात महीने से जेल में बंद है। जेल में भी मिलती रही युवती जेल में बंद रहने के दौरान मनमती कई बार सुरेश से मिलने पहुंची। दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने और विवाह करने का निर्णय लिया। इसके बाद युवती ने अधिवक्ता की मदद से अदालत में आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि दोनों अपनी इच्छा से विवाह करना चाहते हैं। अदालत ने आवेदन पर सुनवाई के बाद जेल प्रशासन को नियमों के अनुसार विवाह कराने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश पर जेल में सजा मंडप कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल परिसर में विवाह की तैयारियां की गईं। जेल प्रशासन ने मंडप बनवाया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोनों का विवाह संपन्न कराया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। विवाह समारोह में दोनों परिवारों के सदस्य, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। युवती बोली- समाज में सम्मान बचाने के लिए दर्ज कराई थी FIR मनमती कश्यप ने बताया कि जब सुरेश ने शादी से इनकार किया तो समाज में उनकी बदनामी हुई और इसी कारण उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बाद में दोनों के बीच बातचीत हुई और उन्होंने आपसी सहमति से विवाह करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि अब उनकी इच्छा है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके पति जल्द जेल से बाहर आएं। युवक ने कहा- अब दोनों ने मिलकर लिया फैसला सुरेश सेठिया ने कहा कि पारिवारिक विरोध के कारण स्थिति बिगड़ गई थी। बाद में दोनों ने बातचीत कर विवाद सुलझाया और अदालत की अनुमति से शादी कर ली। उन्होंने कहा कि अब वे कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। जेल अधीक्षक बोले- पहली बार हुआ ऐसा विवाह जगदलपुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक एस.एल. नायर ने बताया कि जेल में विवाह का यह पहला मामला है। अदालत के आदेश और जेल नियमावली के तहत सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर विवाह कराया गया। वहीं, अधिवक्ता अवधेश झा ने बताया कि दोनों बालिग हैं और संयुक्त आवेदन के आधार पर विशेष न्यायालय ने विवाह की अनुमति दी थी। छत्तीसगढ़, बस्तर और देश की ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

गुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में दो चोरी की वारदात, यात्रियों के लाखों के सामान पर हाथ साफ

गुना। मध्य प्रदेश के गुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में चोरी की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। दोनों मामलों में अज्ञात चोर यात्रियों के सिरहाने रखे लेडीज पर्स चोरी कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर जीआरपी थाना गुना ने दोनों प्रकरणों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना: लाखों के जेवर, मोबाइल और नकदी चोरी पहली घटना में रीवा जिले के बदराव निवासी पंकज चतुर्वेदी अपनी पत्नी अपर्णा और बच्चों के साथ ट्रेन संख्या 08611 से दमोह से कोटा (सोगरिया) की यात्रा कर रहे थे। बताया गया कि तड़के करीब 4:15 बजे, जब ट्रेन गुना रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी बी-1 कोच की सीट नंबर 7 पर सो रही उनकी पत्नी के सिरहाने रखा लेडीज पर्स चोरी हो गया। पीड़ित के अनुसार पर्स में सोने की एक चेन, तीन सोने की अंगूठियां, तीन मोबाइल फोन, एक हाथ घड़ी और 6 हजार रुपये नकद रखे थे। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार चोरी गए सामान की कीमत करीब 2.75 लाख रुपये आंकी जा रही है। वहीं एफआईआर में सोने की चेन, तीन अंगूठियों की कीमत 62 हजार रुपये तथा नकदी का उल्लेख किया गया है। चोरी हुए मोबाइल में वनप्लस 9 प्रो, ओप्पो और वीवो कंपनी के फोन शामिल हैं। पीड़ित ने पहले कोटा जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई थी। घटना गुना रेलखंड की होने के कारण मामला जीआरपी थाना गुना को स्थानांतरित कर दिया गया। दूसरी घटना: नकदी और मोबाइल लेकर फरार हुए चोर दूसरे मामले में भिंड निवासी धर्मेंद्र सिंह मौर्य (39) अपनी पत्नी के साथ ट्रेन संख्या 11085 के एस-1 कोच में ग्वालियर की यात्रा कर रहे थे। गुना स्टेशन के पास उनकी नींद खुली तो सिरहाने रखा लेडीज पर्स गायब मिला। पर्स में करीब 16 हजार रुपये कीमत के दो मोबाइल, 7,200 रुपये नकद और कई जरूरी दस्तावेज रखे थे। इस मामले में पहले ग्वालियर जीआरपी में शून्य एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे बाद में जांच के लिए जीआरपी थाना गुना भेज दिया गया। जीआरपी ने शुरू की जांच जीआरपी थाना गुना ने दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(सी) के तहत प्रकरण दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में लगे सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। मध्य प्रदेश, गुना और रेलवे से जुड़ी ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CJI सूर्यकांत की सफाई: CJP लाठीचार्ज मामले में सुनवाई से इनकार नहीं किया, मीडिया रिपोर्टों को बताया गलत

नई दिल्ली। भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस लाठीचार्ज और ज्यादती से जुड़ी किसी याचिका की सुनवाई से इनकार नहीं किया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं की गई थी, इसलिए सुनवाई से इनकार करने का सवाल ही नहीं उठता। मीडिया रिपोर्टों पर जताई नाराजगी CJI सूर्यकांत ने उन मीडिया रिपोर्टों की आलोचना की, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने CJP प्रदर्शन से जुड़े मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मीडिया ने गलत रिपोर्ट किया कि मैंने मामले को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया। पिछले दो दिनों से पूरी तरह गलत जानकारी दी जा रही है। जबकि इस मामले में एक भी पन्ना दाखिल नहीं हुआ था। केवल एक प्रतिनिधित्व भेजा गया था, जिसे मिश्रा या किसी अन्य व्यक्ति ने प्रस्तुत किया था।” पहले वीडियो देखने पर की थी टिप्पणी इससे पहले बुधवार को अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा ने दिल्ली में CJP के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई के मामले में तत्काल सुनवाई की मौखिक मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल थे, के समक्ष यह अनुरोध रखा गया था। सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है। जब वकील ने दूसरी बार वीडियो देखने का आग्रह किया, तो उन्होंने कहा कि अदालत और अपना समय व्यर्थ न करें। इसी टिप्पणी के बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया, जिस पर अब CJI ने स्थिति स्पष्ट की है। कैसे चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’? कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत मई 2026 में सोशल मीडिया पर हुई थी। इसका नाम CJI सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद चर्चा में आया और देखते ही देखते यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान युवा वकीलों की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा था कि कई युवा रोजगार के अभाव में सोशल मीडिया और RTI एक्टिविज्म की ओर बढ़ रहे हैं। इसी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से अभियान शुरू हुआ, जिसने बाद में एक बड़े ऑनलाइन आंदोलन का रूप ले लिया। अधिक राष्ट्रीय, न्यायपालिका और राजनीति से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

राहुल गांधी ने घायल छात्र के साथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा’

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने आवास 10 जनपथ पर NEET परीक्षा से जुड़े विरोध प्रदर्शन में घायल हुए छात्र साहिल लोचाब के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि “धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। वे देश की शिक्षा व्यवस्था के ध्वस्त होने का प्रतीक बन चुके हैं। उन्हें अपने पद से हटना ही होगा। उनकी नीतियों की वजह से हजारों छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।” प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने घायल छात्र के हाथ, पीठ और छाती पर लगे घाव भी दिखाए। उन्होंने कहा कि साहिल शांतिपूर्ण तरीके से हाथ में तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तभी उन्हें पैलेट गन का सामना करना पड़ा। NEET पेपर लीक के विरोध में हुआ था प्रदर्शन 20 जुलाई को NEET पेपर लीक मामले के विरोध में छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा संसद मार्च निकाला गया था। इस दौरान जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें 100 से अधिक छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। साहिल लोचाब भी इसी घटना में गंभीर रूप से घायल हुए। साहिल लोचाब की आंख की रोशनी जाने का खतरा 19 वर्षीय साहिल लोचाब दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ के निवासी हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) के छात्र हैं। प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन लगने से उनकी दाहिनी आंख गंभीर रूप से घायल हो गई। उनका इलाज AIIMS के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में किया गया, जहां उनकी सर्जरी भी हुई। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया है कि घायल आंख की रोशनी वापस आने की संभावना केवल 1 प्रतिशत है, क्योंकि आंख की पुतली को गंभीर नुकसान पहुंचा है। परिवार ने क्या कहा? साहिल की मां ज्योति ने बताया कि उनका बेटा पहले भी छात्र आंदोलनों में हिस्सा ले चुका था। उन्होंने कहा कि साहिल का मानना था कि NEET से जुड़ा यह मुद्दा उसके भविष्य और शिक्षा से सीधे जुड़ा है। परिवार के अनुसार, साहिल का सपना पुलिस अधिकारी बनने का है। अधिक राष्ट्रीय, राजनीति और शिक्षा से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Rahul Gandhi

Education पर Rahul Gandhi का बड़ा बयान, Dharmendra Pradhan को बताया ‘क्रिमिनल शिक्षा मंत्री’

देश में शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। Rahul Gandhi ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय की कथित लापरवाही के कारण हजारों छात्र परेशान हैं और अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। Rahul Gandhi ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें “क्रिमिनल शिक्षा मंत्री” बताया और कहा कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था, छात्रों की समस्याओं और सरकार की जवाबदेही को लेकर केंद्र पर कई सवाल उठाए। Student Protest को लेकर राहुल का बड़ा हमला राहुल गांधी ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भरोसा प्रभावित हुआ है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जिन छात्रों ने मेहनत करके अपने भविष्य के लिए तैयारी की, उन्हें अब अनिश्चितता और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से छात्रों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की। घायल छात्र की चोट दिखाकर सरकार को घेरा प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने एक घायल छात्र का मुद्दा उठाया। उन्होंने छात्र की टी-शर्ट उठाकर उसकी चोट दिखाई और आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में छात्र घायल हुआ। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनकी मांगों पर बातचीत करे। Education System पर उठे सवाल राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों में छात्रों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह छात्रों की परेशानियों को नजरअंदाज कर रही है और जिम्मेदारी तय करने से बच रही है। Dharmendra Pradhan पर बढ़ा राजनीतिक दबाव राहुल गांधी के बयान के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष लगातार शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है। वहीं, इस मामले में सरकार और बीजेपी की प्रतिक्रिया का इंतजार है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में संसद और चुनावी राजनीति में बड़ा विषय बन सकते हैं। छात्रों के भविष्य को लेकर जारी है बहस शिक्षा किसी भी देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा सबसे अहम मुद्दा है। यही वजह है कि परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्रों की सुरक्षा जैसे सवालों पर लगातार चर्चा हो रही है। राहुल गांधी के इस हमले के बाद अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम और विपक्ष के आगे के रुख पर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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