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Breaking: Visa Suspension, Border Tension, Missile Testing

Missile Testing :India -Pakistan के बीच तनाव, भारत ने समुद्री मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया

🔴 Breaking: Visa Suspension, Border Tension, Missile Testing – भारत-पाक के बीच फिर तनाव बढ़ा नई दिल्ली | 24 अप्रैल 2025 –Visa Services Suspended – जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सभी वीज़ा सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 27 अप्रैल 2025 से सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए जाएंगे। जिन लोगों को मेडिकल वीज़ा जारी हुआ है, उन्हें भी 29 अप्रैल 2025 तक भारत छोड़ना होगा। सरकार ने भारतीय नागरिकों को भी avoid travelling to Pakistan की सलाह दी है। इस फैसले के बाद पंजाब के अटारी बॉर्डर पर वीजा लेकर आए पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी की तस्वीरें सामने आई हैं। Military Movement & Missile Testing:पाकिस्तान की किसी भी संभावित कार्रवाई के मद्देनजर भारत ने अपनी सैन्य तैयारियों को तेज कर दिया है। गुरुवार दोपहर भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS Surat से समुद्री मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। यह surface-to-sea missile test भारत की जवाबी क्षमता का स्पष्ट संकेत है। दूसरी ओर, Pakistan Air Force ने रातभर कराची एयरबेस से 18 फाइटर जेट्स को भारत से सटे इलाकों की ओर तैनात किया। इसके अलावा पाकिस्तान ने 24-25 अप्रैल के बीच अपने EEZ क्षेत्र में surface-to-surface missile test की नोटिफिकेशन भी जारी की थी। साफ है कि भारत की प्रतिक्रिया का डर पड़ोसी देश पर हावी है। Government Actions & Political Consensus:हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने शाम 6 बजे संसद भवन में all-party meeting बुलाई है जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस मीटिंग में राहुल गांधी समेत सभी प्रमुख दलों के नेता शामिल होंगे। वहीं, विदेश मंत्रालय में कई देशों के राजदूतों के साथ हाई-लेवल मीटिंग चल रही है, जिसमें जर्मनी, जापान जैसे प्रमुख देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। रूस की सरकारी मीडिया एजेंसी RT (Russia Today) ने दावा किया है कि भारत “कुछ बड़ा कदम उठाने वाला” है। Security Updates: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी शुक्रवार को श्रीनगर का दौरा करेंगे और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर है। पहलगाम हमले के बाद जिस तरह से कूटनीतिक और सैन्य मोर्चे पर फैसले लिए जा रहे हैं, वो आने वाले दिनों में एक नई रणनीतिक स्थिति का संकेत दे सकते हैं। Desh Harpal इस घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी अपडेट्स के लिए जुड़े रहें –
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राष्ट्रपति

Pahalgam Terror Update: Shah और Jaishankar ने राष्ट्रपति को बताया पूरा हाल

नई दिल्ली, 24 अप्रैल 2025 – जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम आतंकी हमले के बाद देश में सुरक्षा और राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। इस बीच, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उन्हें इस भीषण हमले से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी दी। क्या है पहलगाम हमला? 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम में एक पर्यटक बस पर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। इस हमले को कश्मीर में पिछले वर्षों में हुए सबसे भीषण हमलों में से एक माना जा रहा है। मारे गए लोगों में कई राज्यों के नागरिक शामिल थे, जिनमें बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और बिहार के लोग भी थे। राष्ट्रपति भवन में हाई-लेवल ब्रीफिंग सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति को इस ब्रीफिंग में निम्नलिखित अहम बिंदुओं पर जानकारी दी गई: भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कुछ अहम फैसले लिए हैं: पीड़ितों के परिवारों के साथ देश प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “यह हमला भारत की आत्मा पर हमला है। आतंकियों को ऐसी सज़ा दी जाएगी जिसकी उन्होंने कल्पना नहीं की होगी।” देश भर से पीड़ित परिवारों के लिए समर्थन और संवेदना के संदेश आ रहे हैं। यह हमला सिर्फ निर्दोष पर्यटकों पर नहीं, बल्कि भारत की एकता और शांति पर हमला था। राष्ट्रपति मुर्मू को इस गंभीर स्थिति की पूरी जानकारी देना यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर कायम है। जल्द ही दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें सिर्फ़ Deshharpal पर:
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India’s Stern Warning

अब वक़्त आ गया है Terror Havens को मिटाने का”: PM Modi का Pahalgam Attack पर करारा जवाब

मधुबनी, बिहार – जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के दो दिन बाद PM Modi ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है। बिहार के मधुबनी में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि इस हमले के गुनहगारों और उनके पीछे के मास्टरमाइंड्स को ऐसी सज़ा दी जाएगी, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। “पूरा देश शोक में डूबा है, लेकिन हमारा हौसला नहीं टूटा है” PM Modi ने अपने संबोधन की शुरुआत हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को मौन श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने कहा, “किसी ने बेटा खोया है, किसी ने भाई, किसी ने जीवनसाथी। कोई बंगाली था, कोई कन्नड़ बोलता था, कोई मराठी था, कोई उड़िया, कोई गुजराती और कोई बिहार का बेटा। पूरे देश का दिल इस हमले से लहूलुहान हुआ है।” उन्होंने कहा, “यह हमला सिर्फ पर्यटकों पर नहीं था, यह भारत की आत्मा पर हमला था। करगिल से कन्याकुमारी तक दुख और गुस्से की लहर है।” “आतंकी और उनके मददगार—अब बच नहीं पाएंगे” – PM Modi पाकिस्तान को साफ संदेश देते हुए PM Modi ने कहा, “अब समय आ गया है कि आतंक के जो भी ठिकाने बचे हैं, उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया जाए। 140 करोड़ भारतीयों की इच्छा शक्ति आतंक के आकाओं की कमर तोड़ देगी।” इसके बाद PM Modi ने अंग्रेज़ी में दुनिया को संबोधित करते हुए कहा, “India will identify, track and punish every terrorist and their backers. भारत की आत्मा को कोई आतंक से नहीं तोड़ सकता। हम दुनिया के आखिरी कोने तक जाकर इंसाफ दिलाएंगे। इंसानियत पर भरोसा रखने वाला हर देश आज भारत के साथ खड़ा है, इसके लिए मैं धन्यवाद देता हूं।” हमले के बाद भारत का पाकिस्तान पर बड़ा एक्शन प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सऊदी अरब यात्रा बीच में छोड़कर मंगलवार दोपहर भारत लौटकर कैबिनेट की सुरक्षा समिति (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की। इसके बाद भारत सरकार ने कई कड़े कदम उठाए: “आतंक के खिलाफ हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है”: राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पीएम मोदी के सुर में सुर मिलाते हुए कहा, “जो दिख रहे हैं, उन्हें तो पकड़ेंगे ही, पर जो पर्दे के पीछे हैं, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा। देश को भरोसा दिलाता हूं—जवाब ज़रूर मिलेगा, और वो भी ज़ोरदार होगा। Deshharpal पर बने रहें, राष्ट्रीय सुरक्षा, सरकार की कार्रवाई और वैश्विक प्रतिक्रिया की हर अपडेट के लिए।
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Pahalgam Terror Attack

Pahalgam Terror Attack के बाद Pakistan Army Chief को अपने ही देश में झेलना पड़ा विरोध

📰 Desh Harpal | राष्ट्रीय समाचार इस्लामाबाद और पहलगाम के बीच तनाव की कड़ी जुड़ती दिख रही है। Pahalgam Terror Attack- पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के बाद, Pakistan Army Chief असीम मुनीर (General Asim Munir) एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। दरअसल, इस हमले से ठीक पाँच दिन पहले उन्होंने इस्लामाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कश्मीर को लेकर एक उकसावे वाला बयान दिया था, जिसे भारत ही नहीं, अब उनके अपने देश के सोशल मीडिया यूज़र्स भी खारिज कर रहे हैं। मुनीर ने अपने भाषण में कश्मीर को पाकिस्तान की “गर्दन की नस” बताते हुए कहा था, “हम इसे नहीं भूलेंगे और अपने कश्मीरी भाइयों को संघर्ष में अकेला नहीं छोड़ेंगे।” उन्होंने भारत-पाक विभाजन के पीछे दो-राष्ट्र सिद्धांत को भी सही ठहराते हुए कहा, “हमारे पूर्वजों ने पाकिस्तान इसलिए बनाया क्योंकि हम हिंदुओं से पूरी तरह अलग थे – हमारी परंपराएं, धर्म, सोच, और रीति-रिवाज सब अलग हैं।” लेकिन पहलगाम की इस क्रूर घटना ने उनके इस बयान को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर कई पाकिस्तानी यूज़र्स ने उन्हें घेरते हुए पूछा है कि क्या कश्मीर को लेकर इस तरह की भड़काऊ बातें करना ही समाधान है? कई लोगों ने यह भी कहा कि जब पाकिस्तान खुद आंतरिक उथल-पुथल से जूझ रहा है, तब ऐसे बयानों से क्षेत्रीय शांति को खतरा पैदा करना गैर-जिम्मेदाराना है। एक पाकिस्तानी ट्विटर यूजर ने लिखा, “जब मुल्क में खुद रोटी नसीब नहीं हो रही, तब दूसरों की ‘गर्दन की नस’ पकड़ने की बात करना बेवकूफी नहीं तो और क्या है?” वहीं एक और यूजर ने तीखा सवाल दागा, “आपके बयान के बाद ही 26 बेगुनाह लोग मारे गए। क्या ये ‘भाईचारा’ है?” भारत में इस हमले को लेकर ग़ुस्सा है ही, लेकिन अब पाकिस्तान के भीतर से भी असीम मुनीर को जवाब मिलना यह दर्शाता है कि केवल भारत ही नहीं, उनके अपने देशवासी भी अब युद्धोन्माद और धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति से थक चुके हैं। 📌 Desh Harpal पर पढ़ते रहिए ऐसे ही निर्भीक और राष्ट्रवादी खबरें।
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Pahalgam Attack Live

Pahalgam Attack Live: पाकिस्तान में बंद होगा भारतीय उच्चायुक्त, सिंधु जल समझौता रोका गया

23 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारत की सुरक्षा और पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय निम्नलिखित हैं:​ यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली और इसमें लिए गए निर्णयों से स्पष्ट है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।​ पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के कड़े कदम
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Pahalgam terror attack

Pahalgam Terror Attack में शहीद Navy Officer Lt. Vinay Narwal को पत्नी ने दी अंतिम विदाई, कांप उठी हर आंख

भारतीय नौसेना के OFFICER लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी ने अपने पति को भावभीनी विदाई दी, जो पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। दोनों की शादी 16 अप्रैल को हुई थी।हाथ जोड़कर विनती कर रही थीं, “मेरे पति को छोड़ दो!” लेकिन क्रूर आतंकियों ने एक न सुनी और गोलियों से भून दिया। इन आसुओं और चीख का जिम्मेदार कौन? Lt. Vinay Narwal की पत्नी के दर्द को और उनकी हालत को देखिए! महज 6 दिन पहले उनकी शादी हुई थी और हनीमून के लिए वे कश्मीर के पहलगाम गए थे।
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Pahalgam terror attack

Pahalgam terror attack: ‘चाय-पंक्चर-ढाबा-पौनी’, क्या इन पर भरोसा बना इंटेलिजेंस चूक

Intelligence Failure in Pahalgam? Sleeper Cells, Local Informants & TRF Network Exposed Pahalgam terror attack- Intelligence Failure एक बार फिर Jammu-Kashmir की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकियों के पास सुरक्षा ढांचे, पुलिस मूवमेंट और इलाके की बारीक जानकारियां पहले से मौजूद थीं। मंगलवार दोपहर हुए इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई, जबकि 17 लोग घायल हुए। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की फ्रंट विंग The Resistance Front (TRF) ने ली है। सूत्रों का मानना है कि इस हमले की योजना बड़ी बारीकी से बनाई गई थी। आतंकियों को न सिर्फ गश्त की टाइमिंग की जानकारी थी, बल्कि वे जानते थे कि किस समय सुरक्षा बल मौके पर नहीं होंगे। Sleeper Cells ने आतंकियों को लोकल मूवमेंट, पुलिस चौकी की दूरी और पर्यटकों की मौजूदगी के बारे में पूरी सूचना दी थी। जिन चाय वालों, ढाबा संचालकों, पंक्चर मेकेनिकों और Mule-Pony Operators को आमतौर पर शक के दायरे से बाहर रखा जाता है, वहीं अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का कारण बनते जा रहे हैं। इन स्थानीय लोगों को पहचानना मुश्किल होता है, क्योंकि वे क्षेत्रीय भाषा जानते हैं, इलाके के भूगोल से वाकिफ हैं और पर्यटकों के साथ सहजता से घुलमिल जाते हैं। Retired Defence Expert Capt. Anil Gaur का कहना है कि ऐसे Sleeper Cells लंबे समय से घाटी में सक्रिय हैं। साल 2020 में भारतीय खुफिया एजेंसियों ने ISI और जैश-ए-मोहम्मद के एक ऑडियो इंटरसेप्ट से यह खुलासा किया था कि कैसे पंक्चर की दुकानें, ढाबे और चाय स्टॉल आतंकियों के मददगार के रूप में काम कर रहे हैं। सड़क किनारे प्लास्टिक में हथियार छिपाने, संचार यंत्र रखने और क्रॉस फायरिंग के लिए चुनी गई जगहों की प्लानिंग बाकायदा पाकिस्तान की एजेंसियों द्वारा की जाती है। Why this matters now? क्योंकि पहलगाम जैसे संवेदनशील इलाके में इतनी बड़ी संख्या में पर्यटकों की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा बलों की गैरमौजूदगी और आतंकियों की सटीक रणनीति दर्शाती है कि ground intelligence बुरी तरह फेल हुई है। सुरक्षा बलों के विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि हमले के वक्त कोई क्रॉस फायरिंग नहीं हुई, क्योंकि आस-पास कोई सुरक्षा बल मौजूद ही नहीं था। ये भी देखा गया कि आतंकी घोड़ों, खच्चरों और ढाबों के बीच से निकले, लेकिन इन पर किसी को शक नहीं हुआ। यही नहीं, हमला होने के काफी देर बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे – तब तक आतंकी जंगलों की ओर भाग चुके थे। घटना की एक और चिंताजनक बात यह है कि आतंकी ढाबा संचालकों और उनके कर्मचारियों को टारगेट नहीं कर रहे थे – इसका मतलब साफ है कि वे ‘अपने लोग’ थे या उन्हें पहले से सावधान किया गया था। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि ऐसी घटनाएं आतंकियों की गहरी local network intelligence की ओर इशारा करती हैं। Conclusion:अब वक्त आ गया है कि Jammu-Kashmir में चाय बेचने वालों, ढाबा संचालकों और घोड़ा-खच्चर वालों पर भी सतर्क नजर रखी जाए। हर ‘Local’ को ‘Friendly’ मान लेना अब महंगा साबित हो सकता है। सुरक्षा एजेंसियों को पुराने खांचे से बाहर आकर Hybrid Militants और Sleeper Informants की पहचान करनी होगी, नहीं तो अगला हमला और भी ज्यादा विनाशकारी हो सकता है।
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Pahalgam terror attack

Pahalgam Terror Attack: 26 पर्यटकों की हत्या, 2 Pakistani और 2 Local आतंकियों की पहचान, Global निंदा

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल Pahalgam के बैसरन घाटी में सोमवार शाम एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई और 30 से अधिक घायल हुए। यह हमला उस समय हुआ जब सैकड़ों पर्यटक बैसरन में सैर कर रहे थे। आतंकी जंगल की ओर से आए और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। आतंकियों की पहचान और समूह का खुलासा इस भीषण हमले की ज़िम्मेदारी आतंकवादी संगठन ‘कश्मीर रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है, जो लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध माना जाता है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों की संयुक्त जांच में इस हमले में शामिल चार आतंकियों की पहचान की गई है। इनमें दो पाकिस्तानी आतंकियों – अबू हमजा और अबू ताल्हा, तथा दो स्थानीय आतंकवादी – फैयाज़ अहमद लोन (अनंतनाग) और शोएब मीर (कुलगाम) के रूप में पुष्टि हुई है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इन आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर योजनाबद्ध तरीके से इस हमले को अंजाम दिया था, जिसका मकसद अमरनाथ यात्रा से पहले डर का माहौल बनाना था। गिरफ्तारियां और हथियार बरामद पुलिस ने इस हमले में शामिल दो ‘हाइब्रिड आतंकियों’ को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ जारी है जिससे और जानकारी सामने आने की उम्मीद है। सुरक्षा समीक्षा और कड़ी कार्रवाई के निर्देश Pahalgam हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव ने घाटी में सुरक्षा हालात की समीक्षा की और सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा इस जघन्य हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कड़ी निंदा हो रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और श्रीलंका सरकार ने इस घटना पर दुख जताते हुए भारत के साथ एकजुटता दिखाई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी इस हमले की निंदा की और आतंकवाद के हर स्वरूप को खारिज किया। बैसरन घाटी में फिर से सामान्य स्थिति लाने के प्रयास हमले के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटकों से फिलहाल पहलगाम क्षेत्र की यात्रा न करने की अपील की है। Deshharpal पर बने रहें ताज़ा अपडेट्स के लिए।
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PahalgamTerrorist Attack

PahalgamTerrorist Attack: सऊदी से लौटे पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर ही कि डोभाल-जयशंकर से बैठक

(Desh Harpal के लिए विशेष रिपोर्ट): Pahalgam Terrorist Attack – जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। मरने वालों में बड़ी संख्या में पर्यटक शामिल थे, जो छुट्टियां बिताने पहलगाम पहुंचे थे। आतंकियों ने चुन-चुनकर लोगों को निशाना बनाया, जिससे पूरे देश में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई है। इस हमले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi अपना विदेश दौरा बीच में छोड़कर भारत लौट आए। एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्होंने National Security Advisor अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ आपात बैठक की और हमले की पूरी जानकारी ली। इसके बाद पीएम मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की हाई-लेवल मीटिंग बुलाई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले की निंदा हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि “कश्मीर से आ रही खबरें बेहद दुखद हैं। आतंक के खिलाफ अमेरिका, भारत के साथ खड़ा है।” उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए शांति की प्रार्थना की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin, इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu, और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने भी भारत के प्रति एकजुटता जताई है और हमले की कड़ी निंदा की है। इन सभी नेताओं ने कहा कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत अकेला नहीं है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस हमले की योजना सीमापार से रची गई थी और इसका उद्देश्य भारत की Tourism Industry और शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना था। घटनास्थल पर सेना और सुरक्षाबल सक्रिय हैं और इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। भारत सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि इस हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। Desh Harpal की विशेष टिप्पणी:एक ओर भारत अपनी Soft Power और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर आतंकियों की यह कायराना हरकत दर्शाती है कि शांति से उन्हें सबसे ज़्यादा डर लगता है। यह हमला सिर्फ जम्मू-कश्मीर पर नहीं, बल्कि पूरे भारत पर किया गया हमला है।
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Terror Attack in Pahalgam

Jammu-Kashmir Terror Attack in Pahalgam: हिंदुओं को निशाना बनाकर की गई बर्बरता, 26 की मौत, honeymoon पर आए कपल को भी नहीं छोड़ा

Jammu-Kashmir Terror Attack in Pahalgam- जम्मू-कश्मीर के शांत और सुरम्य पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर घाटी की शांति को खून से लाल कर दिया। आतंकियों ने ‘मिनी स्विट्ज़रलैंड’ कहे जाने वाले बैसारन घाटी में टूरिस्ट्स को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 26 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए। यह हमला 2019 के पुलवामा अटैक के बाद का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। हनीमून पर आए थे शुभम, नाम पूछकर सिर में मारी गोली घटना मंगलवार दोपहर करीब 2:45 बजे की है। यूपी से आए शुभम द्विवेदी अपने honeymoonपर पत्नी के साथ पहलगाम पहुंचे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों ने उनसे नाम पूछा और जैसे ही उन्होंने अपना नाम बताया, तुरंत सिर में गोली मार दी। शुभम की दो महीने पहले ही शादी हुई थी। उनकी पत्नी इस हादसे के बाद बेसुध हालत में है। लोकल पुलिस की वर्दी में थे आतंकी, जबरन पढ़वाया ‘कलमा’ पुणे से पहलगाम घूमने आईं आसावरी ने आजतक से बातचीत में बताया कि हमलावर लोकल पुलिस की वर्दी में और मास्क लगाए हुए थे। उन्होंने पर्यटकों, खासकर हिंदू यात्रियों से जबरन ‘कलमा’ पढ़वाने की कोशिश की, और जो नहीं पढ़ पाए, उन्हें गोली मार दी। आसावरी ने रोते हुए बताया कि “मेरे सामने मेरे पापा को तीन गोलियां मारी गईं, और वो वहीं गिर पड़े।” Jammu-Kashmir Terror Attack in Pahalgam: लश्कर-ए-तैयबा ने ली हमले की जिम्मेदारी हमले के कुछ घंटों बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। शुरू में प्रशासन ने केवल 1 मौत की पुष्टि की थी, लेकिन करीब 4 घंटे बाद मीडिया रिपोर्ट्स में 26 मौतों की पुष्टि हुई। मारे गए पर्यटकों के नाम (राज्यवार सूची) घायलों की सूची सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक हलचल पर्यटकों के लिए हेल्पलाइन नंबर घाटी की शांति पर फिर सवाल जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाएं अब एक बार फिर हिंदुओं और टूरिज्म को निशाना बना रही हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक सद्भावना के लिए बड़ा खतरा है। पहलगाम जैसे सुरक्षित माने जाने वाले टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर हमला बताता है कि अब आतंकियों की रणनीति बदल गई है। 👉 Desh Harpal इस हृदयविदारक घटना की कड़ी निंदा करता है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है।सरकार से मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त से सख्त सजा दी जाए।
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Lok Sabha Rajya Sabha Update: हंगामे के बाद दोनों सदन 2 बजे तक स्थगित, NDA-INDIA में टकराव

संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को एक बार फिर सियासी गर्मी देखने को मिली। Parliament Protest के दौरान NDA और INDIA Block के सांसद संसद भवन परिसर में आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के नेताओं ने जमकर नारेबाजी की। इसी बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा नारे लगाते NDA सांसदों के करीब पहुंच गईं, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। परिसर का यह घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। इस पूरे मामले के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। संसद के बाहर दिखा सियासी शक्ति प्रदर्शन मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है। गुरुवार को संसद भवन के बाहर दोनों गठबंधनों के सांसद अपने-अपने मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। एक तरफ INDIA Block के सांसद सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, वहीं NDA सांसदों ने भी विपक्ष के आरोपों के जवाब में प्रदर्शन किया। देखते ही देखते दोनों गुट आमने-सामने आ गए और संसद परिसर में माहौल काफी गरमा गया। Priyanka Gandhi का वीडियो हुआ वायरल प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा विपक्षी सांसदों के साथ मौजूद थीं। वीडियो में नजर आया कि वह नारे लगा रहे NDA सांसदों की ओर बढ़ीं। स्थिति को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया और दोनों पक्षों के बीच दूरी बनाए रखने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे विपक्ष की आवाज उठाने की कोशिश बताया, जबकि NDA नेताओं ने इसे विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बताया। हंगामे के चलते Parliament Proceedings प्रभावित संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन का असर सदन की कार्यवाही पर भी पड़ा। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जोरदार हंगामा हुआ, जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। सांसदों के हंगामे के कारण कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी। अब सभी की नजरें आगे की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं। NDA vs INDIA Block के बीच जारी है राजनीतिक टकराव संसद के इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि विपक्ष चर्चा के बजाय हंगामा कर रहा है। गुरुवार का घटनाक्रम एक बार फिर दिखाता है कि संसद के अंदर और बाहर दोनों ही जगह राजनीतिक मुकाबला तेज हो चुका है। आने वाले दिनों में भी NDA और INDIA Block के बीच बहस और विरोध प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonam Wangchuk

Sonam Wangchuk मेदांता में भर्ती बोले- सरकार भरोसा दे तो आज ही खत्म करूंगा अनशन

लद्दाख के अधिकारों और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी तबीयत को देखते हुए अस्पताल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। करीब 600 जवानों की तैनाती के बीच वांगचुक का इलाज चल रहा है। इस बीच Sonam Wangchuk ने सरकार के सामने बातचीत का रास्ता खुला रखा है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सरकार की ओर से भरोसा मिलता है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा, तो वह अपना अनशन आज ही खत्म करने के लिए तैयार हैं। मेदांता अस्पताल में बढ़ाई गई सुरक्षा, 600 जवान तैनात सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल लाया गया। सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके। वहीं डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। Sonam Wangchuk बोले- समाधान चाहिए, टकराव नहीं अनशन के दौरान सोनम वांगचुक ने साफ किया कि उनका उद्देश्य सरकार के साथ टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन देती है तो वह अपना आंदोलन समाप्त करने पर विचार कर सकते हैं। वांगचुक का कहना है कि लद्दाख के लोगों की पहचान, जमीन, रोजगार और पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर उनकी चिंताएं हैं और इन मुद्दों पर गंभीर चर्चा जरूरी है। JP Nadda का बयान- आपकी चिट्ठी मिली, सरकार कर रही चर्चा इस पूरे मामले में केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की ओर से भेजी गई चिट्ठी सरकार को मिल गई है और इस विषय पर चर्चा की जा रही है। नड्डा के बयान के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र सरकार और सोनम वांगचुक के बीच बातचीत का रास्ता आगे बढ़ सकता है। लद्दाख को लेकर क्या मांग कर रहे हैं सोनम वांगचुक? सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख के भविष्य और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं: अब बातचीत पर टिकी नजरें सोनम वांगचुक के बयान और जेपी नड्डा के जवाब के बाद अब सभी की नजर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संभावित बातचीत पर है। अगर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है तो लंबे समय से चल रहा यह मुद्दा समाधान की दिशा में बढ़ सकता है। फिलहाल सोनम वांगचुक मेदांता अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं और आगे की रणनीति सरकार की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Salman Khan

Salman Khan on Education Protest: ‘हिंसा से नहीं निकलेगा हल’, Alia Bhatt बोलीं- छात्र अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं

देशभर में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। कई राज्यों में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है, वहीं कुछ स्थानों पर हुई हिंसा और तोड़फोड़ ने चिंता भी बढ़ा दी है। इस बीच बॉलीवुड अभिनेता Salman Khan और अभिनेत्री Alia Bhatt ने आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए छात्रों का समर्थन किया, लेकिन साथ ही हिंसा से बचने और शिक्षा के मुद्दे को राजनीति से दूर रखने की अपील भी की। Salman Khan बोले- शिक्षा का मुद्दा है, इसे राजनीतिक रंग न दें Salman Khan ने आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं पर दुख जताया। उनका कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक विरोध का उद्देश्य अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है और इसे राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाने के बजाय समाधान खोजने पर ध्यान देना चाहिए। सलमान ने यह भी कहा कि सरकार और छात्रों के बीच खुलकर संवाद होना जरूरी है। उनका मानना है कि बातचीत से निकला समाधान ही सबसे प्रभावी और स्थायी होता है। Alia Bhatt ने छात्रों की भावनाओं को समझने की अपील की आलिया भट्ट ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे छात्र केवल अपनी सुविधा के लिए नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में सुधार की उम्मीद लेकर सड़क पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुनने की जरूरत है। यदि उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान निकाला जाए तो ऐसे हालात बनने से बचा जा सकता है। हिंसा से आंदोलन की दिशा बदलने का खतरा शिक्षा से जुड़े इस आंदोलन की शुरुआत छात्रों की मांगों को लेकर हुई थी, लेकिन कुछ जगहों पर हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं ने पूरे आंदोलन का फोकस बदल दिया। कई सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों का भी मानना है कि हिंसा से किसी भी आंदोलन की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। इसी वजह से सलमान खान और आलिया भट्ट दोनों ने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की है। शिक्षा सुधार पर बढ़ी राष्ट्रीय बहस हाल के दिनों में परीक्षा प्रणाली, भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें पारदर्शी और भरोसेमंद व्यवस्था चाहिए, जबकि सरकार का कहना है कि समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इन सबके बीच फिल्म जगत की चर्चित हस्तियों का सामने आकर प्रतिक्रिया देना इस मुद्दे की गंभीरता को और भी स्पष्ट करता है। छात्रों और सरकार के बीच संवाद की जरूरत विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर टकराव के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाना सभी पक्षों के हित में होगा। छात्रों की मांगों पर गंभीर चर्चा और समयबद्ध कार्रवाई से ही स्थिति सामान्य हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Raja Raghuvanshi

Raja Raghuvanshi Case Update: सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द, Supreme Court ने दिया सरेंडर का आदेश

चर्चित राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) मर्डर केस में गुरुवार को बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत रद्द कर दी है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सोनम को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करना होगा। यदि वह तय समय में आत्मसमर्पण नहीं करती हैं, तो उनकी जमानत स्वतः समाप्त मानी जाएगी। इस फैसले ने एक बार फिर पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है। Raja Raghuvanshi Murder Case क्या है? इंदौर निवासी व्यवसायी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी मई 2025 में हनीमून के लिए मेघालय गए थे। यात्रा के दौरान दोनों अचानक लापता हो गए। कुछ दिनों बाद राजा का शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ, जबकि सोनम बाद में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली थीं। जांच के दौरान मेघालय पुलिस ने दावा किया कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या थी। पुलिस ने सोनम समेत कई लोगों को आरोपी बनाया और मामले में चार्जशीट भी दाखिल की। इसके बाद यह केस देशभर में चर्चा का विषय बन गया। Sonam Raghuvanshi को कैसे मिली थी जमानत? इस साल ट्रायल कोर्ट ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया में तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी थी। अदालत का कहना था कि गिरफ्तारी के दौरान जरूरी कानूनी औपचारिकताओं का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। बाद में मेघालय हाईकोर्ट ने भी उस आदेश को बरकरार रखा। हालांकि, मेघालय सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और कहा कि इतने गंभीर अपराध में केवल प्रक्रियात्मक त्रुटि के आधार पर जमानत देना न्यायहित में नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि मामला बेहद गंभीर प्रकृति का है और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रखना उचित नहीं होगा। अदालत ने ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों को रद्द करते हुए सोनम रघुवंशी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि ट्रायल के दौरान प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज हो जाते हैं, तो सोनम भविष्य में नियमित जमानत के लिए दोबारा आवेदन कर सकती हैं। यानी अदालत ने फिलहाल जमानत खत्म की है, लेकिन कानूनी अधिकार पूरी तरह समाप्त नहीं किए हैं। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोनम रघुवंशी को निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित अदालत के सामने आत्मसमर्पण करना होगा। इसके बाद उन्हें फिर से न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है और ट्रायल की कार्यवाही आगे बढ़ेगी। उधर, जांच एजेंसियां भी इस बहुचर्चित मामले में सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी कर रही हैं। देशभर की नजर इस केस पर राजा रघुवंशी हत्याकांड पिछले एक साल से देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। हर सुनवाई के साथ इस केस पर लोगों की नजर बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोनम रघुवंशी कब सरेंडर करेंगी और ट्रायल कोर्ट में आगे की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ेगी। इस मामले का अंतिम फैसला अदालत में पेश होने वाले सबूतों, गवाहों और कानूनी दलीलों के आधार पर ही तय होगा। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने साफ कर दिया है कि सोनम रघुवंशी को एक बार फिर जेल जाना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
China Open 2026: 4 मैच प्वाइंट गंवाकर फाइनल में हारीं PV Sindhu, खिताब जीतने का सपना टूटा

China Open 2026: 4 मैच प्वाइंट गंवाकर फाइनल में हारीं PV Sindhu, खिताब जीतने का सपना टूटा

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी PV Sindhu चाइना ओपन 2026 का खिताब जीतने से सिर्फ एक कदम दूर थीं, लेकिन किस्मत ने आखिरी समय पर उनका साथ नहीं दिया। फाइनल मुकाबले में सिंधु के पास जीत के चार मैच प्वाइंट थे, लेकिन वह उन्हें भुना नहीं सकीं और आखिरकार मुकाबला हार गईं। यह हार सिर्फ एक मैच की हार नहीं थी, बल्कि करोड़ों भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदों को भी झटका देने वाली रही। पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाली सिंधु ने फाइनल में भी दमदार खेल दिखाया, लेकिन निर्णायक क्षणों में विपक्षी खिलाड़ी ने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम कर लिया। मैच के दौरान सिंधु ने कई बेहतरीन रैलियां खेलीं और लंबे समय तक मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी। ऐसा लग रहा था कि ट्रॉफी अब भारत आने वाली है, लेकिन चार मैच प्वाइंट गंवाने के बाद मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। हालांकि, हार के बावजूद सिंधु का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा। उन्होंने लगातार बेहतरीन खेल दिखाकर फाइनल तक का सफर तय किया और यह साबित किया कि वह आज भी दुनिया की सबसे मजबूत बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल हैं। इस हार से सिंधु और उनके प्रशंसक जरूर निराश होंगे, लेकिन खेल में जीत और हार दोनों का हिस्सा होती हैं। भारतीय फैंस को उम्मीद है कि पीवी सिंधु जल्द ही इस हार से उबरकर आने वाले टूर्नामेंट में और भी मजबूत वापसी करेंगी। चाइना ओपन 2026 का यह फाइनल लंबे समय तक याद रखा जाएगा, क्योंकि जीत सिंधु के बेहद करीब थी, लेकिन आखिर में किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। भारतीय खेल प्रेमियों को अब उनकी अगली बड़ी जीत का इंतजार रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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