आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGबिज़नेसSugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ LimitedBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावटBREAKINGधर्म-कर्मRaksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ MuhuratBREAKINGदेश-हरपलKanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौतBREAKINGबिज़नेसShare Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावटBREAKINGदेश-हरपलKhelo India में PM Modi का बड़ा संवाद, Youth Power से Viksit Bharat तक होगी चर्चाBREAKINGदेश-हरपलBank Holiday Today: 28 अगस्त को बैंक रहेंगे बंद, Delhi-Mumbai समेत इन शहरों पर असरBREAKINGस्पोर्ट्सIND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोरBREAKINGबिज़नेसSugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ LimitedBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावटBREAKINGधर्म-कर्मRaksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ MuhuratBREAKINGदेश-हरपलKanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौतBREAKINGबिज़नेसShare Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावटBREAKINGदेश-हरपलKhelo India में PM Modi का बड़ा संवाद, Youth Power से Viksit Bharat तक होगी चर्चाBREAKINGदेश-हरपलBank Holiday Today: 28 अगस्त को बैंक रहेंगे बंद, Delhi-Mumbai समेत इन शहरों पर असरBREAKINGस्पोर्ट्सIND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोर

Latest Posts

EPFO

PF Interest Update: EPFO खाते में आया ब्याज, Missed Call और SMS से ऐसे Check करें PF Balance

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। PF Account में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज (PF Interest) अब कई सदस्यों के खातों में दिखना शुरू हो गया है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि आपके PF खाते में ब्याज आया है या नहीं, तो इसे घर बैठे आसानी से चेक किया जा सकता है। EPFO ने कर्मचारियों के लिए PF Balance Check करने के कई आसान विकल्प उपलब्ध कराए हैं। अब न तो ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत है और न ही लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। मोबाइल फोन से सिर्फ कुछ मिनटों में Missed Call, SMS, UMANG App और EPFO Portal के जरिए PF Account की जानकारी मिल सकती है। PF Interest Update: खाते में कैसे जुड़ता है ब्याज? EPFO हर वित्त वर्ष के लिए PF खाताधारकों को ब्याज देता है। कर्मचारी और कंपनी की ओर से जमा किए गए अंशदान पर यह ब्याज तय नियमों के अनुसार जोड़ा जाता है। ब्याज राशि अपडेट होने के बाद कर्मचारी अपनी EPF Passbook में जाकर देख सकते हैं कि उनके खाते में कितनी राशि जमा हुई है और कितना ब्याज मिला है। Missed Call से Check करें PF Balance अगर आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तब भी आप आसानी से PF Balance पता कर सकते हैं। ऐसे करें PF Balance Check: ध्यान रखें कि यह सुविधा लेने के लिए आपका UAN Active होना और मोबाइल नंबर EPFO खाते से लिंक होना जरूरी है। SMS के जरिए जानें PF Account की पूरी जानकारी EPFO अपने सदस्यों को SMS Service की सुविधा भी देता है। Process: अगर आपको हिंदी में जानकारी चाहिए तो ENG की जगह HIN लिखकर भेज सकते हैं। UMANG App से घर बैठे देखें PF Balance सरकार का UMANG App भी PF Account की जानकारी देखने का आसान माध्यम है। Steps Follow करें: EPFO Website से Online Check करें PF Passbook जो कर्मचारी ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, वे EPFO Portal के जरिए भी अपना PF Balance देख सकते हैं। कैसे देखें: PF Balance Check करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान PF खाते की जानकारी देखने से पहले इन जरूरी बातों को जरूर जांच लें: कर्मचारियों के लिए क्यों खास है PF Interest Update? PF सिर्फ नौकरी के दौरान जमा होने वाली बचत नहीं है, बल्कि यह भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का बड़ा साधन भी है। खाते में ब्याज जुड़ने से कर्मचारियों की कुल जमा राशि बढ़ती है और रिटायरमेंट के समय उन्हें इसका फायदा मिलता है। EPFO की डिजिटल सुविधाओं ने अब PF Account को Manage करना पहले से काफी आसान बना दिया है। कर्मचारी कभी भी अपने मोबाइल से यह पता कर सकते हैं कि उनके खाते में कितना Balance है और ब्याज की राशि अपडेट हुई है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Mehbooba Mufti

Jantar Mantar Student Protest: पेपर लीक मुद्दे पर छात्रों का प्रदर्शन तेज, Mehbooba Mufti के बयान ने मचाई बहस

दिल्ली के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर चल रहा छात्र आंदोलन अब केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहा है। पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी और भर्ती प्रक्रिया में देरी जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अब कई सामाजिक संगठनों का समर्थन मिलने लगा है। इसी बीच मुस्लिम संगठनों के समर्थन और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) के बयान ने इस पूरे मामले को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। छात्रों के मुद्दों को लेकर Jantar Mantar पर प्रदर्शन राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं से मेहनत करने वाले छात्रों का भरोसा कमजोर हो रहा है। छात्रों की मुख्य मांग है कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। युवाओं का कहना है कि शिक्षा और रोजगार उनके भविष्य से जुड़े सबसे बड़े मुद्दे हैं, इसलिए सरकार को इन समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। Muslim Organizations ने दिया छात्र आंदोलन को समर्थन जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन को अब कई मुस्लिम संगठनों का भी समर्थन मिला है। संगठनों का कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दे किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह देश के हर युवा के भविष्य से जुड़ा सवाल है। समर्थन देने वाले संगठनों ने छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। Mehbooba Mufti के बयान से बढ़ा राजनीतिक विवाद इस पूरे मामले के बीच पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में विरोध की आवाजों को जिस तरह देखा जा रहा है, उससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि “पूरा देश कश्मीर बन रहा है”, जिसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं। उनके बयान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। जहां विपक्ष ने इसे सरकार की नीतियों पर सवाल बताया, वहीं भाजपा नेताओं ने इस बयान की आलोचना की। Education और Youth Issues बने बड़ा राजनीतिक मुद्दा देश में पिछले कुछ समय से परीक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दे लगातार चर्चा में हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि सरकार को युवाओं के भरोसे को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं सरकार की ओर से कहा जाता रहा है कि परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने और अनियमितताओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। क्यों अहम है यह Student Protest? जंतर-मंतर का यह आंदोलन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में युवा अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ एक परीक्षा या भर्ती की नहीं, बल्कि उनके भविष्य और अधिकारों की है। छात्रों की प्रमुख मांगें हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bihar

Bihar Protest बंद के बीच सीवान में हिंसा, Indore Alert; Prayagraj में 1000 छात्रों का प्रदर्शन

Bihar बंद के दौरान शनिवार को कई राज्यों में विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले। बिहार में कुछ जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो गया, जहां पथराव और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं। सीवान में हालात संभालने पहुंचे पुलिस अधीक्षक (SP) भी घायल हो गए। वहीं मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रशासन ने सुरक्षा के लिए ड्रोन से निगरानी की, जबकि प्रयागराज में तेज बारिश के बावजूद करीब 1,000 छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर डटे रहे। पूरे दिन अलग-अलग राज्यों से प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था की तस्वीरें सामने आती रहीं। कई जिलों में बढ़ा तनाव पटना, सीवान और कई अन्य जिलों में देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर सड़क जाम कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ इलाकों में हालात अचानक बिगड़ गए और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प शुरू हो गई। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी। सीवान में पथराव और फायरिंग, SP हुए घायल सीवान जिले में प्रदर्शन सबसे अधिक तनावपूर्ण रहा। प्रदर्शन के दौरान पथराव और फायरिंग की घटनाएं हुईं। कानून-व्यवस्था संभालने पहुंचे जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) इस दौरान घायल हो गए। उन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद इलाके में पुलिस बल बढ़ा दिया गया और उपद्रवियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। Indore में Drone Surveillance से रखी गई नजर बिहार बंद और देशभर में हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए इंदौर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। शहर के संवेदनशील इलाकों, प्रमुख बाजारों और चौराहों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। पुलिस लगातार गश्त करती रही ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। Prayagraj में बारिश भी नहीं रोक सकी छात्रों का प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगातार बारिश के बावजूद करीब 1,000 छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। बारिश के बीच छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया और प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की। पुलिस भी मौके पर मौजूद रही ताकि यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। कई राज्यों में प्रशासन हाई अलर्ट पर बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि सोशल मीडिया पर भी नजर रखी गई ताकि किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोका जा सके। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है। देशभर में विरोध-प्रदर्शनों पर प्रशासन की नजर शनिवार को हुए इन प्रदर्शनों ने एक बार फिर यह दिखाया कि किसी भी आंदोलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कितनी महत्वपूर्ण होती है। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और हिंसा फैलाने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Mohan Bhagwat

RSS Chief Mohan Bhagwat बोले- Youth को समझिए, सिर्फ आदेश देने से नहीं बनेगी बात

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने नई पीढ़ी, नेतृत्व और समाज की बदलती सोच को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को सिर्फ आदेश देने से बात नहीं बनेगी। अगर समाज को मजबूत बनाना है तो नई पीढ़ी के साथ संवाद करना होगा, उनकी बात सुननी होगी और उन्हें समझना होगा। ‘युवाओं को समझना होगा, सिर्फ निर्देश देना काफी नहीं’ अपने संबोधन में मोहन भागवत ने कहा कि समय बदल रहा है और उसके साथ लोगों की सोच भी बदल रही है। ऐसे में पुरानी कार्यशैली से आगे बढ़ने के बजाय युवाओं के साथ भरोसे का रिश्ता बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी सवाल पूछती है, अपनी राय रखती है और उसे सम्मान के साथ सुना जाना चाहिए। यही किसी भी मजबूत समाज और संगठन की पहचान होती है। ‘शक्ति के बल पर सबके मालिक नहीं बन सकते’ उन्होंने शक्ति और अहंकार पर भी स्पष्ट टिप्पणी की। भागवत ने कहा, “यह नहीं हो सकता कि हम मनमानी करें और केवल शक्ति के बल पर सबके मालिक बन जाएं।” उनके अनुसार किसी भी व्यवस्था की सफलता दूसरों पर नियंत्रण स्थापित करने में नहीं, बल्कि सभी को साथ लेकर चलने में है। नेतृत्व का मतलब आदेश देना नहीं, लोगों को साथ लेकर चलना RSS प्रमुख ने कहा कि नेतृत्व का अर्थ केवल निर्देश देना नहीं होता। एक अच्छा नेतृत्व वही है जो लोगों की बात सुने, उन्हें साथ लेकर चले और हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर दे। उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि उनके विचारों और ऊर्जा का सही उपयोग तभी होगा, जब उन्हें निर्णय प्रक्रिया में भी उचित स्थान मिलेगा। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवाद नहीं रुकना चाहिए भागवत ने समाज में बढ़ती वैचारिक असहमतियों का जिक्र करते हुए कहा कि मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन संवाद बंद नहीं होना चाहिए। जब बातचीत रुक जाती है, तब गलतफहमियां बढ़ती हैं और समाज में दूरी पैदा होती है। इसलिए हर पीढ़ी और हर वर्ग के बीच निरंतर संवाद बनाए रखना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। समाज और परिवार की मजबूती का आधार है विश्वास उन्होंने यह भी कहा कि परिवार, समाज और संस्थाओं की मजबूती आपसी विश्वास, सहयोग और सम्मान से आती है। यदि नई पीढ़ी को केवल निर्देश दिए जाएंगे और उनकी बात नहीं सुनी जाएगी, तो उनके साथ जुड़ाव कमजोर पड़ सकता है। इसलिए संवाद और सहभागिता ही आगे बढ़ने का सबसे प्रभावी रास्ता है। क्यों अहम है मोहन भागवत का यह बयान? मोहन भागवत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में युवाओं की भूमिका, नेतृत्व की शैली और सामाजिक समरसता पर लगातार चर्चा हो रही है। उनका संदेश केवल युवाओं के लिए नहीं, बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति के लिए है जो आने वाली पीढ़ी के साथ बेहतर संबंध और मजबूत भविष्य बनाना चाहता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Rahul Gandhi

Rahul Gandhi का सरकार पर हमला, बोले- Metro और Internet बंद, लेकिन Paper Leak नहीं रुक

देशभर में पेपर लीक को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शन रोकने के लिए मेट्रो सेवाओं से लेकर इंटरनेट, सड़कें, बाजार और खाने-पीने की सुविधाओं तक पर पाबंदियां लगा दीं, लेकिन जिस मुद्दे पर छात्र सड़क पर उतरने को मजबूर हैं, यानी पेपर लीक, उसे रोकने में अब तक सफलता नहीं मिली। राहुल गांधी ने कहा कि देश का युवा केवल निष्पक्ष परीक्षा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया चाहता है। उनके मुताबिक, अगर सरकार विरोध को नियंत्रित करने के बजाय परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देती, तो बार-बार सामने आने वाले पेपर लीक के मामलों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती थी। ‘युवाओं की आवाज दबाने से समस्या खत्म नहीं होगी’ मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की मांग किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान आम लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। मेट्रो सेवाएं प्रभावित हुईं, कई इलाकों में इंटरनेट बंद किया गया, रास्तों पर आवाजाही सीमित रही और बाजारों पर भी इसका असर देखने को मिला। उन्होंने कहा कि इन सभी कदमों के बावजूद सरकार उस मूल समस्या पर नियंत्रण नहीं कर सकी, जिसके खिलाफ छात्र आंदोलन कर रहे हैं। पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग कांग्रेस नेता ने मांग की कि सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कानूनी कार्रवाई हो। उनका कहना था कि केवल आश्वासन देने से छात्रों का भरोसा वापस नहीं आएगा। सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिससे भविष्य में किसी भी परीक्षा की गोपनीयता से समझौता न हो। देशभर में जारी है विरोध पेपर लीक के मुद्दे पर कई राज्यों में छात्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का विरोध जारी है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, इस पूरे विवाद ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Tiranga Yatra

NEET Exam Controversy: पेपर लीक मामले पर Maharashtra में Tiranga Yatra

देशभर में NEET Paper Leak विवाद को लेकर छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की निष्पक्षता पर उठे सवालों के बीच अब यह मुद्दा राजनीतिक रूप भी ले चुका है। दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच महाराष्ट्र में भी आंदोलन तेज हो गया है। इसी कड़ी में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने छात्रों के समर्थन में मुंबई में संयुक्त Tiranga Yatra निकालने का फैसला किया है। दोनों नेताओं का कहना है कि यह यात्रा किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि देश के छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में भरोसा कायम रखने के लिए निकाली जा रही है। छात्रों के समर्थन में पहली बार साथ आए उद्धव और राज ठाकरे महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय बाद ऐसा मौका देखने को मिलेगा जब उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक मंच पर नजर आएंगे। दोनों नेता 26 जुलाई को मुंबई के शिवाजी पार्क से सिद्धिविनायक मंदिर तक तिरंगा यात्रा का नेतृत्व करेंगे। आयोजकों के मुताबिक यात्रा में किसी भी पार्टी का झंडा नहीं होगा, केवल तिरंगा लेकर लोग शामिल होंगे। नेताओं का कहना है कि लाखों छात्रों ने कड़ी मेहनत के बाद परीक्षा दी, लेकिन कथित पेपर लीक की खबरों ने उनके विश्वास को झटका दिया है। ऐसे में छात्रों को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। NEET Paper Leak को लेकर बढ़ा विरोध कथित पेपर लीक मामले के बाद कई राज्यों में छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और पारदर्शी बनाया जाए। मुंबई में भी बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई। कई संगठनों ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है। विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना विपक्षी दलों का आरोप है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेताओं ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है। वहीं उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह किसी राजनीतिक लाभ का आंदोलन नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। दूसरी ओर भाजपा ने विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया है। सरकार का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। छात्रों के भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा लाखों छात्रों के करियर का आधार होती है। ऐसे में पेपर लीक के आरोपों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा को और मजबूत करना समय की जरूरत है, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों का भरोसा कायम रह सके। मुंबई में होने वाली तिरंगा यात्रा को सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के समर्थन में उठाई गई बड़ी आवाज के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और जांच के नतीजों पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Monsoon

Monsoon Alert Gujarat में बारिश बनी आफत, Assam Flood से 19 की मौत; कई राज्यों में Warning

लगातार सक्रिय मानसून (Monsoon) ने देश के कई राज्यों में हालात मुश्किल कर दिए हैं। गुजरात में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है, जबकि असम में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। दोनों राज्यों में पिछले 24 घंटों के दौरान कुल 19 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। राहत की बात यह है कि मौसम में सुधार के बाद अमरनाथ यात्रा एक बार फिर शुरू कर दी गई है। Gujarat Rain: लगातार बारिश से बिगड़े हालात, 5 लोगों की मौत गुजरात के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई सड़कें बंद करनी पड़ी हैं और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है और संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। Assam Flood: 24 घंटे में 14 लोगों की गई जान असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 14 लोगों की मौत हुई है। कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं। राहत शिविरों में लोगों को सुरक्षित रखा गया है, जबकि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव कार्य में लगी हुई हैं। IMD Rain Alert: MP, UP और Rajasthan में भारी बारिश की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं, आकाशीय बिजली और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। Amarnath Yatra फिर शुरू, श्रद्धालुओं को मिली राहत जम्मू-कश्मीर में मौसम साफ होने के बाद अमरनाथ यात्रा को दोबारा शुरू कर दिया गया है। लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण यात्रा कुछ समय के लिए रोक दी गई थी। प्रशासन ने मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति दे दी है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया गया है। प्रशासन की अपील: सतर्क रहें, अफवाहों से बचें लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें। मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। बारिश का दौर अभी जारी रह सकता है मौसम विभाग के अनुसार मानसून फिलहाल सक्रिय बना हुआ है। आने वाले दिनों में मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। ऐसे में जिन इलाकों में पहले से जलभराव की स्थिति है, वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
अभिजीत दीपके

CJP Protest अभिजीत दीपके को Typhoid, Jantar Mantar पर बढ़ी Security; आज सरकार देगी जवाब

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP (कॉकरोच पार्टी) का आंदोलन लगातार चर्चा में बना हुआ है। जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच शनिवार को दो बड़ी घटनाओं ने सबका ध्यान खींचा। एक तरफ आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेता अभिजीत दीपके की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें टाइफाइड होने की पुष्टि हुई, वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। अब सभी की नजर सरकार के उस जवाब पर है, जिसका इंतजार प्रदर्शनकारी कई दिनों से कर रहे हैं। अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ी, डॉक्टरों ने आराम की सलाह दी आंदोलन के दौरान लगातार सक्रिय रहने वाले CJP नेता अभिजीत दीपके की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब चल रही थी। मेडिकल जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें टाइफाइड होने की पुष्टि की है। फिलहाल उनका इलाज जारी है और चिकित्सकों ने कुछ दिनों तक पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है। हालांकि, पार्टी के नेताओं का कहना है कि दीपके की गैरमौजूदगी के बावजूद आंदोलन अपने तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। संगठन का दावा है कि उनकी मुख्य मांगों पर फैसला होने तक प्रदर्शन खत्म नहीं किया जाएगा। Jantar Mantar पर बढ़ाई गई Security प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगा दी है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कदम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए उठाया गया है। प्रदर्शन स्थल के आसपास आने-जाने वाले लोगों को ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके। Dharmendra Pradhan के इस्तीफे पर आज सरकार का जवाब संभव CJP की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। बीते कुछ दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। कुछ मांगों पर सकारात्मक संकेत मिलने की बात सामने आई, लेकिन इस्तीफे के मुद्दे पर अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। सूत्रों के अनुसार, आज सरकार इस मामले में अपना आधिकारिक पक्ष रख सकती है। यदि कोई ठोस घोषणा होती है, तो आंदोलन की आगे की रणनीति भी उसी के आधार पर तय होगी। क्या है पूरा विवाद? CJP का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर संगठन पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। ऐसे में आज का दिन इस पूरे आंदोलन के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का जवाब और प्रदर्शनकारियों की अगली रणनीति तय करेगी कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

Gold Price Today: सोना ₹824 सस्ता, चांदी में मामूली तेजी; जानें आज के ताजा भाव

नई दिल्ली। घरेलू सर्राफा बाजार में 24 जुलाई को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी के दाम में हल्की बढ़त देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 824 रुपये घटकर 1,43,781 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं, एक किलोग्राम चांदी की कीमत 241 रुपये बढ़कर 2,22,721 रुपये हो गई। इससे पहले सोना 1,44,605 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,22,480 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। इस साल कीमतों में रहा बड़ा उतार-चढ़ाव वर्ष 2026 में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। चांदी की बात करें तो— आगे क्या रह सकता है रुख? कमोडिटी विशेषज्ञ अजय केडिया के अनुसार, सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह अवसर हो सकता है। हालांकि उन्होंने सलाह दी कि निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध (SIP या किस्तों में) निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए, ताकि बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम कम किया जा सके। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो साल के अंत तक सोना 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.80 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। सोना-चांदी, शेयर बाजार, निवेश और बिजनेस से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

CJI सूर्यकांत की सफाई: CJP लाठीचार्ज मामले में सुनवाई से इनकार नहीं किया, मीडिया रिपोर्टों को बताया गलत

नई दिल्ली। भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस लाठीचार्ज और ज्यादती से जुड़ी किसी याचिका की सुनवाई से इनकार नहीं किया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं की गई थी, इसलिए सुनवाई से इनकार करने का सवाल ही नहीं उठता। मीडिया रिपोर्टों पर जताई नाराजगी CJI सूर्यकांत ने उन मीडिया रिपोर्टों की आलोचना की, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने CJP प्रदर्शन से जुड़े मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मीडिया ने गलत रिपोर्ट किया कि मैंने मामले को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया। पिछले दो दिनों से पूरी तरह गलत जानकारी दी जा रही है। जबकि इस मामले में एक भी पन्ना दाखिल नहीं हुआ था। केवल एक प्रतिनिधित्व भेजा गया था, जिसे मिश्रा या किसी अन्य व्यक्ति ने प्रस्तुत किया था।” पहले वीडियो देखने पर की थी टिप्पणी इससे पहले बुधवार को अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा ने दिल्ली में CJP के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई के मामले में तत्काल सुनवाई की मौखिक मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल थे, के समक्ष यह अनुरोध रखा गया था। सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है। जब वकील ने दूसरी बार वीडियो देखने का आग्रह किया, तो उन्होंने कहा कि अदालत और अपना समय व्यर्थ न करें। इसी टिप्पणी के बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया, जिस पर अब CJI ने स्थिति स्पष्ट की है। कैसे चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’? कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत मई 2026 में सोशल मीडिया पर हुई थी। इसका नाम CJI सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद चर्चा में आया और देखते ही देखते यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान युवा वकीलों की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा था कि कई युवा रोजगार के अभाव में सोशल मीडिया और RTI एक्टिविज्म की ओर बढ़ रहे हैं। इसी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से अभियान शुरू हुआ, जिसने बाद में एक बड़े ऑनलाइन आंदोलन का रूप ले लिया। अधिक राष्ट्रीय, न्यायपालिका और राजनीति से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more
1 24 25 26 27 28 216

Editor's Picks

Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.