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Kerala में VD Satheesan ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, 60 साल बाद पूरी कैबिनेट ने साथ लिया शपथ ग्रहण

Kerala में VD Satheesan ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, 60 साल बाद पूरी कैबिनेट ने साथ लिया शपथ ग्रहण

V. D. Satheesan ने सोमवार को केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राजधानी तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में उनके साथ पूरी कैबिनेट ने भी शपथ ग्रहण किया। बताया जा रहा है कि करीब 60 साल बाद ऐसा मौका आया है, जब मुख्यमंत्री के साथ पूरा मंत्रिमंडल एक साथ शपथ ले रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के कई बड़े नेता मौजूद रहे। Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वहीं राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर लेफ्ट और बीजेपी के कई नेता भी समारोह में पहुंचे। केरल में कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) करीब एक दशक बाद सत्ता में लौटा है। चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई कैबिनेट में युवा और अनुभवी नेताओं का संतुलन देखने को मिला। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal
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Supreme Court

Supreme Court Update 2026: लंबित मामलों के बीच बढ़ी जजों की संख्या, राष्ट्रपति ने लगाई मुहर

देश की न्याय व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा फैसला सामने आया है। Droupadi Murmu ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। अब Supreme Court of India में Chief Justice of India (CJI) सहित कुल 38 जज कार्य कर सकेंगे। सरकार के इस फैसले को लंबित मामलों के बढ़ते बोझ को कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सुप्रीम कोर्ट में लाखों मामलों की सुनवाई लंबित रही है, जिसके चलते जजों की संख्या बढ़ाने की मांग लगातार उठ रही थी। अब कितने होंगे सुप्रीम कोर्ट में जज? अब तक सुप्रीम कोर्ट में CJI को छोड़कर 33 जजों की नियुक्ति की अनुमति थी। नए संशोधन के बाद यह संख्या बढ़ाकर 37 कर दी गई है। यानी Chief Justice को मिलाकर अब कुल 38 न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट में होंगे। यह फैसला “Supreme Court (Number of Judges) Amendment Ordinance, 2026” के तहत लागू किया गया है। इससे पहले साल 2019 में जजों की संख्या 31 से बढ़ाकर 34 की गई थी। क्यों जरूरी पड़ा यह फैसला? देश की सबसे बड़ी अदालत में लगातार बढ़ते मामलों ने न्यायिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया था। कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई लंबी खिंच रही थी और संविधान पीठ के गठन में भी समय लग रहा था। ऐसे में केंद्र सरकार ने जजों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया ताकि: आम लोगों को क्या होगा फायदा? कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जजों की संख्या बढ़ने से सुप्रीम कोर्ट की कार्यक्षमता बेहतर होगी। इससे बड़े और संवेदनशील मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी। साथ ही आम नागरिकों को भी न्याय पाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार अब जल्द ही नए जजों की नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है। माना जा रहा है कि इससे देश की न्याय व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

NEET 2026 Controversy: ट्रांसलेशन प्रोसेस से लीक हुआ पेपर? कोर्ट में बड़ा दावा

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI ने कोर्ट में ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्होंने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा व्यवस्था सभी को झकझोर दिया है। जांच एजेंसी का दावा है कि प्रश्नपत्र लीक होने के पीछे केवल बाहरी गैंग ही नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ अंदरूनी लोग भी शामिल हो सकते हैं। जांच के दौरान सबसे बड़ा शक उस टीम पर गया है, जो प्रश्नपत्र को अलग-अलग भाषाओं में ट्रांसलेट करने का काम कर रही थी। CBI का मानना है कि पेपर ट्रांसलेशन प्रक्रिया के दौरान ही गोपनीय जानकारी बाहर पहुंचाई गई और फिर इसे मोटी रकम लेकर छात्रों तक पहुंचाया गया। कोर्ट में CBI ने क्या बताया? दिल्ली की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान CBI ने कहा कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था। जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ आरोपियों ने मेडिकल सीट दिलाने और अच्छे नंबर लाने का लालच देकर छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये वसूले। CBI ने यह भी खुलासा किया कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र WhatsApp ग्रुप, निजी चैनलों और कोचिंग नेटवर्क के जरिए शेयर किया गया। जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने 10 लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक की डील की थी। Translation Team पर क्यों बढ़ा शक? सूत्रों के मुताबिक, पेपर को कई भाषाओं में तैयार और ट्रांसलेट किया जाता है। CBI को शक है कि इसी प्रक्रिया के दौरान किसी ने गोपनीय दस्तावेज की कॉपी बाहर निकाली। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर सबसे पहले किस स्तर पर लीक हुआ और इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया गया। जांच में पुणे की एक बॉटनी टीचर का नाम भी सामने आया है, जो कथित तौर पर NTA से जुड़ी एक्सपर्ट टीम का हिस्सा थीं। CBI ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। एजेंसी का दावा है कि इस मामले में कुछ और बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं। कई राज्यों में CBI की रेड पेपर लीक मामले की जांच अब दिल्ली, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा तक पहुंच चुकी है। CBI ने कई शहरों में छापेमारी कर मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच एजेंसी डिजिटल चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही है। सूत्र बताते हैं कि कुछ आरोपी छात्रों को “पक्का पेपर” देने का दावा कर रहे थे। हालांकि कई छात्रों के कम नंबर आने के बाद यह भी सामने आया कि कुछ लोगों ने फर्जीवाड़ा कर अभिभावकों से पैसे ठगे। छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता NEET जैसी बड़ी परीक्षा में पेपर लीक की खबर ने लाखों छात्रों की मेहनत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर विरोध जताया है। सोशल मीडिया पर भी NTA की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चे पूरे साल मेहनत करते हैं, लेकिन ऐसे मामलों से उनका भरोसा टूटता जा रहा है। छात्रों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की मांग की है। अभी और हो सकते हैं बड़े खुलासे CBI का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसी अब इस बात की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड कौन था और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे। NEET UG 2026 पेपर लीक मामला अब सिर्फ एक परीक्षा विवाद नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lucknow

Lucknow Breaking Bulldozer Action के खिलाफ वकीलों का प्रदर्शन, बढ़ा तनाव

लखनऊ (Lucknow) में गुरुवार को DM ऑफिस के बाहर अचानक हालात तनावपूर्ण हो गए जब शहर में चल रही बुलडोजर कार्रवाई (Bulldozer Action) के विरोध में वकीलों ने बड़ा प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल गर्मा गया। आखिर क्यों भड़के वकील? जानकारी के मुताबिक, शहर में कुछ इलाकों में अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया जा रहा था। इसी कार्रवाई को लेकर वकीलों ने नाराजगी जताई और DM ऑफिस के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे वकीलों का आरोप है कि कार्रवाई में पारदर्शिता और उचित कानूनी प्रक्रिया की कमी है। उनका कहना था कि बिना पूरी सुनवाई के इस तरह की कार्रवाई लोगों के अधिकारों पर असर डालती है। DM ऑफिस के बाहर अचानक बढ़ा तनाव जैसे-जैसे प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ी, स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई। नारेबाजी तेज हुई और माहौल कुछ देर के लिए अस्थिर हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिस बल को तैनात किया गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और लोगों को वहां से हटाने की कोशिश की। कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर शहर में चल रही बुलडोजर कार्रवाई की प्रक्रिया और तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर लोग मांग कर रहे हैं कि किसी भी कार्रवाई से पहले उचित संवाद और कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

NEET Exam Paper Leak Case: प्रोफेसर और Coaching Network की मिलीभगत से हड़कंप

NEET पेपर लीक मामले की जांच अब और गहराती जा रही है। CBI की पूछताछ में ऐसे संकेत मिले हैं कि यह मामला सिर्फ किसी एक व्यक्ति या छोटे गिरोह तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें परीक्षा से जुड़े कुछ अंदरूनी लोग, प्रोफेसर और कोचिंग नेटवर्क की भूमिका भी सामने आ रही है। इस खुलासे ने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैसे शुरू हुआ NEET Paper Leak का पूरा मामला? जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ प्रोफेसरों ने अपने आधिकारिक एक्सेस और संपर्कों का गलत इस्तेमाल करते हुए परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र तक पहुंच बनाई। आरोप है कि इसके बाद पेपर को धीरे-धीरे एक नेटवर्क के जरिए आगे भेजा गया, जिसमें बिचौलिए और कोचिंग से जुड़े लोग भी शामिल थे। इस पूरे मामले ने यह शक और मजबूत कर दिया है कि पेपर लीक अचानक नहीं हुआ, बल्कि यह एक सुनियोजित (planned) तरीके से फैलाया गया नेटवर्क था। Coaching Network और “Secret Classes” का दावा CBI जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ कोचिंग सेंटरों में परीक्षा से पहले खास तरह की “सीक्रेट क्लासेस” चलाने के संकेत मिले हैं। इनमें छात्रों को ऐसे सवालों का अभ्यास कराया गया जो बाद में परीक्षा में पूछे गए। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी, लेकिन इस तरह के दावों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। CBI पूछताछ में क्या-क्या सामने आया? CBI की जांच में अब तक ये प्रमुख बातें सामने आई हैं: Digital Evidence और Chat Records की जांच जारी जांच एजेंसी अब आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट हिस्ट्री और बैंक ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि डिजिटल सबूतों से पूरे नेटवर्क की असली कड़ियां जुड़ सकती हैं और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। क्यों गंभीर है यह NEET Paper Leak Case? NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें लाखों छात्र हर साल शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसे मामलों का सामने आना न सिर्फ परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि छात्रों के मेहनत और भरोसे को भी झटका देता है। यह मामला सिर्फ एक परीक्षा विवाद नहीं बल्कि पूरे एजुकेशन सिस्टम की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ मुद्दा बन गया है। आगे क्या हो सकता है? CBI इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग, कोचिंग सेंटर लिंक और अंदरूनी मिलीभगत की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे और सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amravati

46°C Heatwave Crisis: Amravati-Wardha में Record Heat, Gujarat में Animals की देखभाल

गर्मी ने बढ़ाई मुश्किलें, महाराष्ट्र में पारा रिकॉर्ड स्तर पर देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। महाराष्ट्र के Amravati और Wardha में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कें लगभग खाली नजर आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार की गर्मी पहले से कहीं ज्यादा तीखी है, जिससे दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। गुजरात में जानवरों के लिए खास “Cool Care” इंतजाम भीषण गर्मी को देखते हुए गुजरात में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। जंगल सफारी और वाइल्डलाइफ एरिया में जानवरों को राहत देने के लिए AC कूलिंग सिस्टम, पानी के स्प्रिंकलर और छायादार जगहों की व्यवस्था की गई है। यह कदम इसलिए बेहद जरूरी माना जा रहा है क्योंकि तेज गर्मी जानवरों के स्वास्थ्य और व्यवहार पर सीधा असर डाल सकती है। Vadodara Zoo में जानवरों को मिल रही Ice Relief गुजरात के Vadodara स्थित चिड़ियाघर में गर्मी से राहत देने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। यहां जानवरों के बाड़ों में बर्फ के बड़े टुकड़े (ice blocks) रखे जा रहे हैं ताकि तापमान नियंत्रित रहे और जानवरों को ठंडक मिल सके। जू प्रशासन का कहना है कि गर्मी बढ़ने पर ऐसे उपाय नियमित रूप से किए जाते हैं ताकि जानवर सुरक्षित और आरामदायक रह सकें। लोगों और जानवरों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण मौसम इस समय देश के कई हिस्सों में हीटवेव का असर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी तापमान ऊंचा रह सकता है। ऐसे में इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों की देखभाल भी बेहद जरूरी हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rajdhani Express

Breaking Rail News: Rajdhani Express के 2 कोच में लगी आग, यात्रियों में मचा हड़कंप

त्रिवेंद्रम से दिल्ली जा रही प्रतिष्ठित राजधानी एक्सप्रेस (Rajdhani Express) में अचानक उस समय हड़कंप मच गया जब ट्रेन के दो कोच में आग लग गई। कुछ ही पलों में धुआं फैलने लगा और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि, रेलवे स्टाफ की तेज़ी और सूझबूझ ने एक बड़ा हादसा होने से रोक दिया। 🔥 गार्ड की सूझबूझ से तुरंत मिला अलर्ट घटना के दौरान ट्रेन के गार्ड ने सबसे पहले कोच से धुआं और आग की लपटें देखीं। उन्होंने बिना देर किए लोको पायलट को सूचना दी। इसके बाद ट्रेन को सुरक्षित तरीके से रोका गया और इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किया गया। 👨‍👩‍👧 यात्रियों को 15 मिनट में सुरक्षित बाहर निकाला गया रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और दोनों प्रभावित कोचों से लगभग 68 यात्रियों को सिर्फ 15 मिनट के अंदर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कई यात्रियों के चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था, लेकिन समय पर मिली मदद ने सभी को सुरक्षित रखा। एक यात्री ने बताया कि “धुआं अचानक बहुत तेजी से फैल गया था, लेकिन रेलवे स्टाफ ने बहुत जल्दी हमें बाहर निकाल लिया।” 🚒 आग पर काबू, बड़ी दुर्घटना टली रेलवे और स्थानीय टीम की मदद से आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन असली कारण की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी। रेलवे प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और ट्रेन सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी शुरू कर दी गई है। 🙏 यात्रियों में राहत, रेलवे की सराहना घटना के बाद यात्रियों में घबराहट जरूर थी, लेकिन सभी सुरक्षित होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। कई यात्रियों ने रेलवे स्टाफ की त्वरित कार्रवाई और प्रबंधन की तारीफ की। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भारत

भारत को मिली बड़ी सफलता: नीदरलैंड ने लौटाई चोल काल की 1000 साल पुरानी अनमोल धरोहर

भारत की सांस्कृतिक पहचान को एक बड़ी सफलता मिली है। नीदरलैंड (Netherlands) ने भारत को चोल राजवंश (Chola Dynasty) की करीब 1000 साल पुरानी अनमोल विरासत वापस लौटा दी है। यह ऐतिहासिक धरोहर अब औपचारिक रूप से भारत को सौंपी गई है और प्रधानमंत्री Narendra Modi को यह विरासत प्रदान की गई। यह कदम भारत की उस लंबे समय से चल रही कोशिश का हिस्सा है, जिसके तहत विदेशों में मौजूद प्राचीन भारतीय कलाकृतियों को वापस लाया जा रहा है। क्या है लौटाई गई Chola Heritage? नीदरलैंड से भारत को जो विरासत मिली है, वह दक्षिण भारत के महान चोल साम्राज्य से जुड़ी है। इसमें शामिल हैं: इन मूर्तियों को सिर्फ कलाकृतियां नहीं, बल्कि उस दौर की आध्यात्मिक सोच और कला की गहराई का प्रतीक माना जाता है। चोल साम्राज्य क्यों माना जाता है स्वर्ण युग? चोल राजवंश भारतीय इतिहास का एक ऐसा अध्याय है जिसने कला, संस्कृति और शासन—तीनों में गहरी छाप छोड़ी। इन कलाकृतियों में उस समय की जीवनशैली और धार्मिक आस्था की झलक साफ दिखाई देती है। कैसे लौटी यह ऐतिहासिक विरासत? भारत सरकार पिछले कई वर्षों से विदेशी संग्रहालयों और निजी संग्रहों में मौजूद भारतीय धरोहरों को वापस लाने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में नीदरलैंड ने सहयोग करते हुए यह ऐतिहासिक कदम उठाया। यह सिर्फ एक डिप्लोमैटिक सफलता नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान की मजबूत वापसी भी है। क्यों खास है यह वापसी? इस Chola Heritage Return का महत्व सिर्फ ऐतिहासिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal

West Bengal हावड़ा स्टेशन के बाहर JCB Action, अतिक्रमण पर प्रशासन का बड़ा अभियान

पश्चिम बंगाल (West Bengal) के हावड़ा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। देर रात चलाए गए इस अभियान में जेसीबी मशीनों की मदद से स्टेशन के बाहर बने अवैध ठेले, दुकानों और फुटपाथ पर किए गए कब्जों को हटाया गया। लंबे समय से थी शिकायतें और जाम की समस्या यह कार्रवाई अचानक नहीं थी, बल्कि लंबे समय से मिल रही शिकायतों और बढ़ती भीड़भाड़ को देखते हुए की गई। हावड़ा स्टेशन देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है, और इसके बाहर लगातार बढ़ते अतिक्रमण की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार ट्रैफिक जाम और पैदल चलने वालों के लिए रास्ता तक बंद हो जाता था। आधी रात चला प्रशासन का अभियान इसी स्थिति को सुधारने के लिए प्रशासन ने देर रात बुलडोजर और जेसीबी के साथ अभियान चलाया, ताकि दिन के समय लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो। कार्रवाई के दौरान रेलवे प्रशासन और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे और पूरे क्षेत्र को कुछ समय के लिए घेराबंदी में लिया गया। स्थानीय लोगों को मिली राहत स्थानीय लोगों के अनुसार, स्टेशन के बाहर लंबे समय से अस्थायी दुकानें और अवैध निर्माण खड़े हो गए थे, जिनकी वजह से रोजाना परेशानी बढ़ती जा रही थी। अब इस कार्रवाई के बाद इलाके में काफी राहत महसूस की जा रही है और रास्ते पहले से अधिक साफ और खुला नजर आ रहा है। आगे भी जारी रहेंगे अभियान प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ एक बार की कार्रवाई नहीं है। आने वाले समय में भी ऐसे अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेंगे, ताकि रेलवे स्टेशन और उसके आसपास का इलाका पूरी तरह व्यवस्थित और सुरक्षित रखा जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Azam Khan

Azam Khan को Court से सजा: विवादित बयान मामले में बड़ा फैसला, बढ़ीं मुश्किलें

उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बड़ा अपडेट सामने आया है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता Azam Khan को रामपुर की MP-MLA कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उन्हें 2019 लोकसभा चुनाव से जुड़े एक विवादित भाषण मामले में दोषी मानते हुए 2 साल की सजा सुनाई है। आखिर क्या है पूरा मामला? यह मामला 2019 लोकसभा चुनाव प्रचार का है, जब आजम खान रामपुर सीट से चुनाव लड़ रहे थे। चुनावी रैली के दौरान उन्होंने तत्कालीन जिलाधिकारी आञ्जनेय कुमार सिंह को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। आरोप था कि मंच से दिए गए इस बयान में उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे विवाद बढ़ गया और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। कोर्ट ने क्या कहा? करीब 7 साल पुराने इस केस में सुनवाई पूरी होने के बाद रामपुर की MP-MLA कोर्ट ने आजम खान को दोषी करार दिया और 2 साल की सजा सुनाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन पर जुर्माना भी लगाया गया है। राजनीतिक और कानूनी मुश्किलें बढ़ीं आजम खान पहले से ही कई मामलों में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं और लंबे समय से जेल में हैं। इस नए फैसले के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। साथ ही उनकी राजनीतिक स्थिति पर भी इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है। यूपी पॉलिटिक्स में हलचल इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समर्थक और विरोधी दोनों ही इस फैसले पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अब सभी की नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया और संभावित अपील पर टिकी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले

NEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले

देशभर में NEET परीक्षा को लेकर चल रही चिंता के बीच एक बड़ा ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने NEET री-एग्जाम का पेपर दिलाने और परीक्षा में मदद कराने के नाम पर 1000 से ज्यादा छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये की ठगी की। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए राजस्थान और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए छात्रों को निशाना बना रहे थे। कैसे करते थे ठगी? पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को एजेंट या परीक्षा से जुड़े लोगों के रूप में पेश करते थे। वे छात्रों को दावा करते थे कि उनके पास NEET री-एग्जाम का पेपर और परीक्षा से जुड़ी “गुप्त जानकारी” है। इसके बदले छात्रों और अभिभावकों से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। कई लोगों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूले गए। 1000 से ज्यादा छात्र बने शिकार जांच एजेंसियों के अनुसार, देश के अलग-अलग राज्यों के 1000 से ज्यादा छात्र इस साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। आरोपी सोशल मीडिया ग्रुप, टेलीग्राम चैनल और व्हाट्सऐप के जरिए छात्रों तक पहुंचते थे। जैसे ही पैसे मिलते, आरोपी नंबर बंद कर देते या संपर्क खत्म कर देते थे। राजस्थान और बिहार से गिरफ्तारी पुलिस ने डिजिटल ट्रांजैक्शन और मोबाइल लोकेशन की मदद से तीन आरोपियों को राजस्थान और बिहार से गिरफ्तार किया। उनके पास से मोबाइल फोन, बैंक खाते और कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।
Raja Raghuvanshi Case: सोनम का राजा के परिवार को जवाब, बोलीं- ‘नेपाल नहीं भागी, अभी शिलॉन्ग में हूं’

Raja Raghuvanshi Case: सोनम का राजा के परिवार को जवाब, बोलीं- ‘नेपाल नहीं भागी, अभी शिलॉन्ग में हूं’

Raja Raghuvanshi Case: सोनम का राजा के परिवार को जवाब, बोलीं- ‘नेपाल नहीं भागी, अभी शिलॉन्ग में हूं’ केस में नया मोड़ सामने आया है। मामले में चर्चा में चल रहीं सोनम ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राजा के परिवार के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि वह नेपाल नहीं भागीं, बल्कि अभी भी शिलॉन्ग में ही मौजूद हैं। सोनम का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया और परिवार की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे कि वह अचानक कहां गायब हो गईं। ‘मैं शिलॉन्ग में हूं, कहीं नहीं भागी’ मीडिया से बातचीत में सोनम ने कहा कि उनके खिलाफ कई गलत बातें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने साफ कहा कि वह नेपाल नहीं गई हैं और फिलहाल शिलॉन्ग में रह रही हैं। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर बेवजह अफवाहें उड़ाई जा रही हैं, जिससे उनकी छवि खराब हो रही है। खर्चों को लेकर पूछे गए सवाल जब सोनम से पूछा गया कि वह शिलॉन्ग में रहने और बाकी खर्चों का इंतजाम कैसे कर रही हैं, तो उन्होंने इस सवाल का सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं इस बारे में कुछ नहीं बताऊंगी।” उनके इस जवाब के बाद मामले को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। परिवार लगातार उठा रहा सवाल राजा के परिवार की ओर से पहले भी कई सवाल उठाए गए थे। परिवार का आरोप है कि मामले में कई बातें अभी साफ नहीं हुई हैं और जांच पूरी पारदर्शिता से होनी चाहिए। वहीं, सोनम लगातार खुद को निर्दोष बता रही हैं और कह रही हैं कि उनके खिलाफ गलत माहौल बनाया जा रहा है।
Jaipur News: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर को मंच पर मारे थप्पड़, प्रदर्शन में हंगामा; कई मोबाइल चोरी

Jaipur News: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर को मंच पर मारे थप्पड़, प्रदर्शन में हंगामा; कई मोबाइल चोरी

राजस्थान की राजधानी Jaipur में उस समय बड़ा हंगामा हो गया, जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर के साथ मंच पर मारपीट की घटना सामने आई। कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें थप्पड़ मार दिए, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर प्रदर्शनकारी और समर्थक आपस में भिड़ गए। इस दौरान धक्का-मुक्की और मारपीट भी हुई। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कई लोगों ने आरोप लगाया कि हंगामे के बीच उनके मोबाइल फोन भी चोरी हो गए। कार्यक्रम के दौरान बिगड़ा माहौल बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक कुछ लोगों और पार्टी समर्थकों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इसी दौरान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर को मंच पर थप्पड़ मारने की घटना हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। समर्थकों के बीच हुई झड़प घटना के बाद पार्टी समर्थक और विरोधी गुट आमने-सामने आ गए। कई लोगों के बीच जमकर बहस और धक्का-मुक्की हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने माहौल शांत कराने की कोशिश की, लेकिन कुछ देर तक कार्यक्रम स्थल पर तनाव बना रहा। कई लोगों ने मोबाइल चोरी की शिकायत की हंगामे के बीच कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन गायब होने की शिकायत की है। भीड़ और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया होने की आशंका जताई जा रही है।
Ram Mandir Donation Theft Case: चढ़ावा चोरी की जांच के लिए अयोध्या पहुंची SIT, ट्रस्ट कर्मचारियों से होगी पूछताछ

Ram Mandir Donation Theft Case: चढ़ावा चोरी की जांच के लिए अयोध्या पहुंची SIT, ट्रस्ट कर्मचारियों से होगी पूछताछ

अयोध्या के Ram Mandir में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब इस मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अयोध्या पहुंच गई है। टीम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े संदिग्ध कर्मचारियों और अन्य लोगों से पूछताछ करेगी। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने साफ कहा है कि मामले में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। क्या है पूरा मामला? रिपोर्ट्स के मुताबिक, राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान राशि में गड़बड़ी की आशंका जताई गई थी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की गई। बताया जा रहा है कि शुरुआती जांच में कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इसी वजह से SIT अब सीधे अयोध्या पहुंचकर पूछताछ कर रही है। ट्रस्ट कर्मचारियों से हो सकती है कड़ी पूछताछ सूत्रों के अनुसार, जांच टीम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई कर्मचारियों और स्टाफ से सवाल-जवाब करेगी। CCTV फुटेज, रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
Khan Sir Controversy: रौशन आनंद का बड़ा दावा, बोले- ‘मेरे भाई को खान सर ने मरवाया’; शिक्षक ने आरोपों को बताया गलत

Khan Sir Controversy: रौशन आनंद का बड़ा दावा, बोले- ‘मेरे भाई को खान सर ने मरवाया’; शिक्षक ने आरोपों को बताया गलत

पटना के चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर Khan Sir एक नए विवाद में घिर गए हैं। रौशन आनंद नाम के युवक ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उसके भाई की मौत के पीछे खान सर का हाथ है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर मामला तेजी से वायरल हो गया है। हालांकि, खान सर ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि युवक की मौत बीमारी की वजह से नेपाल में हुई थी और इस मामले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। क्या है पूरा मामला? रौशन आनंद ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि उसके भाई की मौत सामान्य नहीं थी। उसने दावा किया कि इस घटना के पीछे खान सर जिम्मेदार हैं। हालांकि, उसने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया है। दूसरी ओर, खान सर ने कहा कि मृतक लंबे समय से बीमार था और इलाज के दौरान नेपाल में उसकी मौत हुई। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह झूठे हैं। आज होगा अंतिम संस्कार परिवार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, युवक का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है और स्थानीय लोग भी इस मामले को लेकर चर्चा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कई लोग बिना सबूत आरोप लगाने पर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी।

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