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Monsoon

Monsoon Update: वाराणसी के सभी घाट डूबे, छत पर Ganga Aarti; Delhi में बारिश

मानसून (Monsoon) ने देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग रंग दिखा रखा है। कहीं लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं, तो कहीं बारिश थमते ही गर्मी फिर परेशान करने लगी है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सभी प्रमुख घाट पानी में डूब गए हैं। हालात ऐसे हैं कि गंगा आरती और अंतिम संस्कार तक के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। उधर, दिल्ली में अगस्त की बारिश सामान्य आंकड़े से आगे निकल गई है, जबकि राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ने के बाद कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच रहा है। वाराणसी में Ganga का जलस्तर बढ़ा, घाट हुए जलमग्न वाराणसी में गंगा का पानी लगातार ऊपर आने से घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। शहर के 84 घाटों पर पानी पहुंचने के बाद सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। घाटों के आसपास रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गंगा का पानी बढ़ने का असर सिर्फ घाटों तक सीमित नहीं है। कई निचले इलाकों और आसपास की गलियों में भी पानी पहुंचने लगा है। प्रशासन की ओर से राहत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। छत पर हुई Ganga Aarti, बदल गई व्यवस्था वाराणसी की पहचान मानी जाने वाली गंगा आरती पर भी बाढ़ का असर पड़ा है। पानी घाट की सीढ़ियों तक पहुंचने के कारण दशाश्वमेध घाट पर आरती को ऊपर की ओर शिफ्ट करना पड़ा। श्रद्धालुओं के लिए छत से आरती देखने की व्यवस्था की गई। सामान्य दिनों में घाट पर होने वाली आरती का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लेकिन इस बार गंगा का बढ़ा जलस्तर पूरे माहौल को बदल रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए आयोजन स्थल में बदलाव किया गया है। मणिकर्णिका घाट पर भी बदली अंतिम संस्कार की जगह बढ़ते पानी का असर मणिकर्णिका घाट पर भी साफ दिखाई दे रहा है। घाट का निचला हिस्सा पानी में डूबने के कारण अंतिम संस्कार के लिए वैकल्पिक जगह का इस्तेमाल किया जा रहा है। कई मामलों में छत पर अंतिम संस्कार करने की स्थिति बनी है। यह तस्वीर वाराणसी के लोगों के लिए बेहद भावुक कर देने वाली है। जिस घाट पर सदियों से अंतिम संस्कार होते आए हैं, वहां गंगा का पानी पहुंच जाने से पूरी व्यवस्था बदल गई है। पानी बढ़ने के साथ शव लेकर आने वाले परिवारों की मुश्किलें भी बढ़ी हैं। Delhi में August Rainfall ने छुआ सामान्य आंकड़ा राजधानी दिल्ली में इस मानसून अच्छी बारिश देखने को मिली है। अगस्त में अब तक हुई बारिश सामान्य आंकड़े से आगे निकल चुकी है। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक से जुड़ी परेशानियां भी सामने आती रही हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। Rajasthan में कमजोर पड़ा Monsoon, गर्मी फिर बढ़ी राजस्थान में मौसम का मिजाज दिल्ली और वाराणसी से अलग है। राज्य के कई हिस्सों में मानसून कमजोर पड़ने के बाद बारिश की गतिविधियां कम हुई हैं। बारिश थमने के साथ धूप तेज हुई और तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। कुछ इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने से उमस और गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन पूरे राज्य में मानसून की स्थिति एक जैसी नहीं है। तीन राज्यों में मानसून की तीन अलग तस्वीर फिलहाल उत्तर भारत में मौसम की तस्वीर काफी दिलचस्प है। वाराणसी में Ganga Flood ने घाटों की दिनचर्या बदल दी है, Delhi में August Rainfall सामान्य स्तर से ऊपर पहुंच चुकी है और Rajasthan में कमजोर Monsoon के कारण गर्मी दोबारा असर दिखा रही है। आने वाले दिनों में मौसम का रुख किस ओर जाता है, इस पर सभी की नजर है। खासकर वाराणसी में गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव महत्वपूर्ण रहेगा। वहीं दिल्ली और राजस्थान के लोगों के लिए बारिश और तापमान से जुड़े मौसम अपडेट राहत और परेशानी, दोनों की तस्वीर तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pellet Gun

Pellet Gun Case: राहुल गांधी का धरना रंग लाया, पुलिस ने दर्ज की FIR

पैलेट गन (Pellet Gun) से घायल छात्र के मामले में शुक्रवार को दिल्ली की सियासत गरमा गई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पीड़ित साहिल लोचब को साथ लेकर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे और FIR दर्ज करने की मांग की। पुलिस से बातचीत के बाद भी जब कार्रवाई को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई तो राहुल गांधी वहीं धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद मामले में FIR दर्ज होने की खबर सामने आई। पीड़ित को साथ लेकर थाने पहुंचे राहुल गांधी राहुल गांधी शुक्रवार को साहिल लोचब के साथ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे। साहिल ने आरोप लगाया है कि 20 जुलाई को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल से उन्हें चोट लगी थी। पीड़ित की शिकायत पर FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। उनका कहना था कि अगर किसी व्यक्ति के घायल होने की शिकायत सामने आई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। FIR की मांग पर धरने पर बैठ गए राहुल पुलिस स्टेशन में बातचीत के बाद राहुल गांधी ने FIR दर्ज करने की मांग दोहराई। कार्रवाई में देरी को लेकर उन्होंने वहीं धरना शुरू कर दिया। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के कई नेता भी मौके पर पहुंचे। राहुल गांधी ने कहा कि वह पीड़ित को न्याय दिलाने और मामले में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए वहां बैठे हैं। उनके धरने के बाद पुलिस स्टेशन के आसपास सुरक्षा भी बढ़ा दी गई। आखिर क्या है Pellet Gun Case? यह मामला 20 जुलाई को दिल्ली में हुए एक छात्र प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा है। साहिल लोचब ने शिकायत में कथित पैलेट गन से घायल होने की बात कही है। घटना को लेकर पुलिस की भूमिका और बल प्रयोग के आरोपों पर भी सवाल उठाए गए हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से मामले से जुड़े आरोपों की जांच का पक्ष सामने आया है। वहीं सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कथित अत्यधिक बल प्रयोग से जुड़े आरोपों की जांच के लिए हाई-पावर्ड एक्सपर्ट कमेटी गठित किए जाने की बात भी सामने आई है। धरने के बीच सामने आई FIR की जानकारी राहुल गांधी के धरने के बीच शाम को खबर सामने आई कि दिल्ली पुलिस ने साहिल लोचब को लगी पैलेट चोटों के मामले में FIR दर्ज कर ली है। इसके बाद राहुल गांधी की मांग पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई। हालांकि, FIR दर्ज होना जांच की शुरुआत है। अब जांच में यह सामने आना बाकी है कि घटना वास्तव में कैसे हुई, पैलेट गन का इस्तेमाल किस परिस्थिति में हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है। BJP ने राहुल गांधी पर साधा निशाना राहुल गांधी के धरने को लेकर BJP ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पुलिस स्टेशन पर धरना देकर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। BJP का कहना है कि मामले से जुड़े आरोपों की जांच पहले से अलग स्तर पर चल रही है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि घायल छात्र की शिकायत पर FIR दर्ज होना उसका कानूनी अधिकार है और राहुल गांधी उसी मांग को लेकर पीड़ित के साथ खड़े हुए। अब जांच पर टिकी नजर पैलेट गन मामले में FIR दर्ज होने के बाद अब सबसे ज्यादा नजर पुलिस जांच पर रहेगी। घटना से जुड़े वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट जैसे साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय हो सकती है। राहुल गांधी के धरने ने इस मामले को राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। फिलहाल FIR दर्ज होने के बाद अगला बड़ा सवाल यही है कि जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारी किस पर तय होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IndiGo

IndiGo Website Glitch: एक हफ्ते में दूसरी बार Online Services ठप, यात्री परेशान

इंडिगो (IndiGo) की फ्लाइट से सफर करने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए शुक्रवार का दिन कुछ परेशान करने वाला रहा। एयरलाइन की Website और App में तकनीकी दिक्कत के चलते कई यूजर्स टिकट बुक नहीं कर पाए। इतना ही नहीं, Web Check-in, Login और Payment जैसी सुविधाएं भी प्रभावित होने की शिकायतें सामने आईं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि एक सप्ताह के भीतर इंडिगो के ऑनलाइन सिस्टम में दूसरी बार परेशानी आई है। इससे यात्रियों में यह सवाल भी उठने लगा है कि आखिर बार-बार रिजर्वेशन सिस्टम में दिक्कत क्यों आ रही है। Flight Search करते ही दिखा ‘No Data Available’ शुक्रवार को कई यात्रियों ने इंडिगो की वेबसाइट पर फ्लाइट सर्च की, लेकिन उन्हें ‘No Data Available’ का मैसेज दिखाई दिया। कुछ यात्रियों के लिए बुकिंग प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और टिकट खरीदने में परेशानी हुई। सोशल मीडिया पर भी यात्रियों ने अपनी समस्या साझा की। किसी ने Booking अटकने की बात कही तो किसी ने App में Login और Payment से जुड़ी परेशानी बताई। Web Check-in ने भी बढ़ाई परेशानी जिन यात्रियों की फ्लाइट नजदीक थी, उनके लिए समस्या और गंभीर हो गई। कई यूजर्स को Web Check-in पूरा करने में दिक्कत आई। वहीं कुछ यात्रियों ने Payment Confirmation नहीं मिलने की शिकायत की। आमतौर पर यात्री एयरपोर्ट पहुंचने से पहले Web Check-in और Boarding Pass की प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं। ऐसे में ऑनलाइन सिस्टम में खराबी होने पर यात्रियों को अतिरिक्त समय और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस हफ्ते दूसरी बार क्यों आई दिक्कत? इंडिगो के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में यह समस्या पहली बार नहीं आई। 19 अगस्त को भी Core Reservation Platform में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई थी। उस समय भी टिकट बुकिंग और Web Check-in जैसी सेवाएं प्रभावित हुई थीं। एयरलाइन ने तब कहा था कि उसकी टेक्निकल टीम समस्या को दूर करने के लिए काम कर रही है। लेकिन कुछ ही दिनों बाद दोबारा ऐसी स्थिति आने से यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। IndiGo ने क्या कहा? इंडिगो के मुताबिक, उसके Core Reservation Platform में intermittent technical issue आया था। कंपनी की टीम अपने टेक्नोलॉजी पार्टनर के साथ मिलकर समस्या को ठीक करने में जुटी थी। एयरलाइन ने यात्रियों से हुई असुविधा के लिए खेद जताया और जरूरत पड़ने पर Contact Centre से सहायता लेने की सलाह दी। यात्रियों के लिए क्या है जरूरी? अगर IndiGo की वेबसाइट या App पर टिकट बुकिंग अथवा Web Check-in नहीं हो रहा है, तो यात्री कुछ समय बाद दोबारा कोशिश कर सकते हैं। जिनकी फ्लाइट जल्द है, उन्हें आखिरी समय तक इंतजार करने के बजाय एयरलाइन की सहायता सेवा से संपर्क करना बेहतर रहेगा। एक ही हफ्ते में दो बार Outage से उठे सवाल इंडिगो के लिए डिजिटल सिस्टम बेहद अहम है, क्योंकि टिकट बुकिंग से लेकर Check-in तक बड़ी संख्या में यात्री ऑनलाइन सुविधाओं पर निर्भर हैं। ऐसे में लगातार दो बार तकनीकी परेशानी सामने आना निश्चित तौर पर एयरलाइन के लिए चिंता का विषय है। फिलहाल यात्रियों की नजर इस बात पर है कि IndiGo इस बार की तकनीकी समस्या का स्थायी समाधान कब तक करती है, ताकि आगे फिर ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: घर जाने वालों के लिए Good News, रेलवे ने बढ़ाईं Special Trains; चेक करें Timing

रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने राहत की तैयारी की है। त्योहार के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए दिल्ली, मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच Raksha Bandhan Special Trains चलाने का फैसला किया गया है। इससे उन यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें नियमित ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलने में परेशानी हो रही है। रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। त्योहार से पहले ही रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ने लगी है। भाई-बहन के इस खास त्योहार पर बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौटते हैं। इसी को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की है। Jabalpur से Delhi के बीच चलेगी Special Train जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन के बीच ट्रेन नंबर 01701/01702 चलाई जाएगी। ट्रेन 01701, 29 अगस्त को रात 8:20 बजे जबलपुर से रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 2:25 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन 01702, 30 अगस्त को दोपहर 3:45 बजे हजरत निजामुद्दीन से चलेगी। यह ट्रेन अगले दिन सुबह 9:30 बजे जबलपुर पहुंचेगी। इस रूट पर ट्रेन के प्रमुख ठहरावों में कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ग्वालियर, धौलपुर, आगरा कैंट, मथुरा और कोसी कलां शामिल हैं। Kota से Delhi के लिए भी Special Train रेलवे ने कोटा और हजरत निजामुद्दीन के बीच भी स्पेशल ट्रेन की घोषणा की है। ट्रेन नंबर 09803 कोटा से 22, 24 और 26 अगस्त को रात 10:15 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 7 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वहीं ट्रेन नंबर 09804 हजरत निजामुद्दीन से 23, 25 और 27 अगस्त को सुबह 9 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन शाम 7:35 बजे कोटा पहुंचेगी। त्योहार की भीड़ में यात्रियों को मिलेगी राहत रक्षाबंधन पर ट्रेनों में सीटों की मांग अचानक बढ़ जाती है। कई लोग आखिरी समय तक टिकट की कोशिश करते हैं, जिससे कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में स्पेशल ट्रेनों का संचालन यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प देगा। अगर आप भी रक्षाबंधन पर घर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो Train Number, Date, Timing और Seat Availability पहले ही चेक कर लें। यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक जानकारी से ट्रेन का ताजा शेड्यूल जरूर कन्फर्म करें। यात्रियों के लिए सलाह: त्योहार के समय स्टेशन पर सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ हो सकती है। इसलिए घर से निकलने से पहले ट्रेन की स्थिति जांचें और थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर स्टेशन पहुंचें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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JPSC

JPSC Exam Controversy: CGL विवाद के बाद नया Twist, हाईकोर्ट ने परीक्षा रद्द करने पर रोका फैसला

झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे और भर्ती प्रक्रिया में चयनित अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद में झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार के परीक्षा और नियुक्तियां रद्द करने के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट के इस आदेश के बाद उन उम्मीदवारों को राहत मिली है, जिनके चयन के बाद भी नौकरी पर अनिश्चितता बनी हुई थी। JPSC परीक्षा रद्द करने के फैसले पर High Court का ब्रेक मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षा से जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी। इससे चयनित उम्मीदवारों को फिलहाल अपनी नौकरी को लेकर राहत मिली है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस फैसले से करीब 450 चयनित अभ्यर्थियों को फायदा हो सकता है। इनमें ऐसे उम्मीदवार भी शामिल हैं, जो चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकारी पदों पर नियुक्त हो चुके हैं। JSSC CGL विवाद के बाद बढ़ी हलचल झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद पहले से चल रहा था। JSSC CGL समेत कुछ परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे आरोपों के बाद सरकार ने कई परीक्षाओं की समीक्षा और जांच का फैसला किया। इसके बाद भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की चर्चा तेज हुई। जिन उम्मीदवारों ने मेहनत से परीक्षा पास की थी, वे सरकार के फैसले से परेशान हो गए। उनका कहना था कि अगर परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सभी अभ्यर्थियों को एक ही नजर से देखना उचित नहीं है। 22 भर्ती परीक्षाओं पर लिया गया था फैसला सरकार की ओर से कथित गड़बड़ियों को लेकर 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने, कुछ परीक्षाओं को स्थगित करने और आयोजित परीक्षाओं की जांच कराने का फैसला लिया गया था। इस फैसले ने हजारों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी। कई उम्मीदवारों का भविष्य सीधे तौर पर इन परीक्षाओं के नतीजों और नियुक्तियों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में मामला अदालत तक पहुंच गया। चयनित उम्मीदवारों ने ली High Court की शरण सरकार के फैसले के खिलाफ प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया। उनकी मुख्य चिंता यही थी कि उन्होंने परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी की है और अब नियुक्ति रद्द होने से उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है। हाईकोर्ट की रोक के बाद फिलहाल इन उम्मीदवारों को कुछ राहत जरूर मिली है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पूरा विवाद खत्म हो गया है। मामले में आगे की सुनवाई और जांच के बाद ही अंतिम तस्वीर साफ होगी। उम्मीदवारों की नजर अब अगली सुनवाई पर इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चिंता उन युवाओं की है, जिन्होंने सरकारी नौकरी के लिए वर्षों तक तैयारी की। परीक्षा रद्द होने या नियुक्ति खत्म होने की खबर उनके लिए सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि उनके भविष्य से जुड़ा बड़ा सवाल है। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश ने चयनित अभ्यर्थियों को राहत की सांस लेने का मौका दिया है। अब सबकी नजर आगे होने वाली सुनवाई पर रहेगी। अदालत के अंतिम फैसले और जांच की रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि इन परीक्षाओं और नियुक्तियों का भविष्य क्या होगा। JPSC-JSSC विवाद क्यों अहम है? झारखंड का यह मामला सिर्फ कुछ भर्ती परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। इससे सरकारी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, परीक्षा व्यवस्था और अभ्यर्थियों के भरोसे से जुड़े सवाल भी सामने आए हैं। उम्मीदवार चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष हो और जिन लोगों की गलती सामने आए, कार्रवाई उन्हीं के खिलाफ हो। फिलहाल High Court की रोक के बाद चयनित अभ्यर्थियों को राहत मिली है, लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है। इसलिए उम्मीदवारों को आगे की कोर्ट सुनवाई और आधिकारिक आदेश पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Alert: MP-UP में नदियों का जलस्तर बढ़ा, Himachal में 219 मौतें; श्रीगंगानगर तप रहा

देश में मानसून (Monsoon) का असर इस समय कई अलग-अलग रंग दिखा रहा है। कहीं लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं, तो कहीं गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 7 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं ने अब तक 219 लोगों की जान ले ली है। दूसरी ओर राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। MP-UP में बढ़ा Flood का खतरा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दोनों राज्यों की करीब सात नदियां खतरे के निशान के ऊपर पहुंच चुकी हैं। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा जैसी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर प्रशासन नजर बनाए हुए है। कई इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव दलों को अलर्ट रखा गया है। बारिश का असर सिर्फ खेतों और गांवों तक सीमित नहीं है। कई जगह सड़कों और स्थानीय संपर्क मार्गों पर भी पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। Himachal Pradesh में बारिश बनी मुसीबत हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में भारी बारिश ने बड़ी चुनौती खड़ी की है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और खराब मौसम के कारण सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। कई जगह लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की जरूरत पड़ी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 219 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार खराब मौसम के कारण राहत एवं बचाव अभियान भी मुश्किल परिस्थितियों में चलाए जा रहे हैं। पहाड़ी राज्यों में अचानक बढ़ते जलस्तर और भूस्खलन का खतरा देखते हुए लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की गई है। Rajasthan में बारिश के बीच गर्मी का असर मानसून की बारिश के बीच राजस्थान के श्रीगंगानगर में मौसम ने अलग तस्वीर दिखाई। यहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। तेज गर्मी और उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक तरफ देश के कई हिस्सों में लोग बाढ़ और जलभराव से परेशान हैं, तो दूसरी तरफ राजस्थान के कुछ इलाकों में गर्मी अभी भी अपना असर दिखा रही है। यही वजह है कि इस बार मानसून का मिजाज काफी उतार-चढ़ाव वाला नजर आ रहा है। कई राज्यों में Heavy Rain का Alert मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर भी चेतावनी दी गई है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों को बढ़ते जलस्तर पर नजर रखने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति देखकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है। मौसम का बदला मिजाज, लोगों की बढ़ी चिंता फिलहाल देश में मानसून की तस्वीर एक जैसी नहीं है। MP-UP में Flood का खतरा, हिमाचल में भारी बारिश से जनहानि और राजस्थान में 40 डिग्री के पार तापमान—तीनों स्थितियां मौसम के बदलते मिजाज की कहानी बता रही हैं। आने वाले दिनों में बारिश और तापमान की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi Pellet Gun Case: पीड़ित छात्र को साथ लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचे, Police Action पर सवाल

संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पीड़ित छात्र को अपने साथ लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचे। उन्होंने मामले में शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस मामले ने एक बार फिर प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और पुलिस की कार्रवाई को लेकर बहस तेज कर दी है। राहुल गांधी का कहना है कि जिन छात्रों को चोटें आई हैं, उनकी बात सुनी जानी चाहिए और घटना की सच्चाई सामने आनी चाहिए। पीड़ित छात्र के साथ थाने पहुंचे राहुल गांधी राहुल गांधी जब संसद मार्ग थाने पहुंचे तो उनके साथ वह छात्र भी था, जिसके घायल होने का दावा किया जा रहा है। राहुल गांधी ने छात्र की स्थिति का हवाला देते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ जिस तरह की कार्रवाई हुई, उसकी पूरी जांच जरूरी है। पार्टी ने इस मुद्दे को संसद के भीतर भी उठाया है। Pellet Gun के इस्तेमाल पर आमने-सामने दावे पूरे विवाद का सबसे बड़ा सवाल पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर है। राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं की ओर से पुलिस पर पैलेट गन चलाने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का पक्ष है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कार्रवाई की गई थी। यही वजह है कि अब दोनों पक्षों के दावों के बीच सच्चाई जानने के लिए जांच अहम हो गई है। Supreme Court ने भी लिया मामले का संज्ञान मामला अदालत तक पहुंचने के बाद इसकी गंभीरता और बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट ने संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए हाई-पावर कमेटी बनाने का फैसला किया है। जांच में घटनास्थल से जुड़े वीडियो, CCTV फुटेज और दूसरे उपलब्ध सबूतों को देखा जा सकता है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि प्रदर्शन के दौरान हालात कैसे बिगड़े और पुलिस ने किस परिस्थिति में कार्रवाई की। संसद में भी उठा मुद्दा पैलेट गन विवाद को लेकर संसद में भी सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। राहुल गांधी ने सरकार से इस मामले पर जवाब मांगा और छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर चिंता जताई। विपक्ष का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, सरकार और पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी का हवाला दिया गया है। जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर फिलहाल इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि संसद मार्च के दौरान वास्तव में क्या हुआ था। एक तरफ राहुल गांधी घायल छात्र को साथ लेकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार कर रही है। ऐसे में आगे होने वाली जांच काफी महत्वपूर्ण होगी। CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों के आधार पर अगर पूरी तस्वीर सामने आती है, तो इससे विवाद को लेकर स्थिति काफी हद तक साफ हो सकती है। Rahul Gandhi Pellet Gun Case अब केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा है। पीड़ित छात्र की शिकायत, पुलिस का पक्ष और जांच के निष्कर्ष—तीनों पर लोगों की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJP

CJP School Inspection: जयपुर में आशुतोष रांका के दौरे पर बवाल, BJP पर लगाए गंभीर आरोप

राजस्थान के जयपुर में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर शुक्रवार को जमकर हंगामा हो गया। बगरू इलाके के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में स्कूल की स्थिति देखने पहुंची CJP की टीम का कुछ ग्रामीणों ने विरोध किया। मामला बढ़ने पर मारपीट और पथराव के आरोप लगे। टीम के वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। CJP प्रवक्ता और सह-संयोजक आशुतोष रांका का आरोप है कि स्कूल की बदहाली का जायजा लेने पहुंची टीम को जानबूझकर रोका गया और उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने इस घटना को ‘भाजपा की गुंडागर्दी’ बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, ग्रामीणों ने CJP के आरोपों को खारिज किया है। School Inspection को लेकर शुरू हुआ विवाद रामपुरा-कंवरपुरा के सरकारी प्राथमिक स्कूल की इमारत और सुविधाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। CJP की ओर से सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के मुद्दे पर चलाए जा रहे अभियान के तहत टीम यहां निरीक्षण करने पहुंची थी। बताया जा रहा है कि CJP कार्यकर्ताओं के स्कूल पहुंचते ही कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस हुई और बाद में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि टीम के सदस्यों को गांव से बाहर जाने के लिए मजबूर किया गया और पथराव भी हुआ। आशुतोष रांका ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप घटना के बाद आशुतोष रांका ने भाजपा समर्थकों पर हमला करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि CJP की टीम किसी राजनीतिक कार्यक्रम के लिए नहीं, बल्कि बच्चों और स्कूल की समस्याओं को देखने के लिए पहुंची थी। रांका ने सवाल उठाया कि अगर किसी सरकारी स्कूल की हालत खराब है तो उसकी स्थिति देखने पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए। उन्होंने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। CJP प्रमुख ने भी जताई नाराजगी घटना को लेकर CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट और वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटना की निंदा की। पार्टी की ओर से पुलिस और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। ग्रामीणों का अलग दावा वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने CJP टीम के स्कूल दौरे का विरोध किया था। स्थानीय लोगों ने मारपीट और भाजपा समर्थकों द्वारा हमला किए जाने के आरोपों से इनकार किया है। घटना के बाद गांव में भी तनाव का माहौल देखने को मिला। इस विवाद के बीच एक अहम सवाल स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर भी उठ रहा है। हाल में राजस्थान शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल परिसरों में बाहरी लोगों की आवाजाही को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। ऐसे में स्कूल निरीक्षण और अनुमति को लेकर भी बहस तेज हो गई है। जांच के बाद साफ होगी तस्वीर जयपुर की यह घटना फिलहाल दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच उलझी हुई है। CJP जहां इसे स्कूल की बदहाली सामने लाने की कोशिश पर हमला बता रही है, वहीं ग्रामीण अपने विरोध को जायज बता रहे हैं। अब पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और पथराव व मारपीट के आरोपों में कितनी सच्चाई है। Jaipur CJP Controversy ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को चर्चा में ला दिया है। बच्चों की पढ़ाई और स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे राजनीतिक टकराव से ऊपर रहकर सुलझाए जाने की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sajjan Kumar

Sajjan Kumar Death: 1984 सिख दंगा केस के दोषी सज्जन कुमार का निधन, तिहाड़ में काट रहे थे उम्रकैद

1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए गए पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) का निधन हो गया है। 80 वर्षीय सज्जन कुमार दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सज्जन कुमार का नाम 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामलों में लंबे समय से चर्चा में रहा। दंगों के करीब चार दशक बाद अदालतों में चले मुकदमों के दौरान उनके खिलाफ गंभीर आरोप साबित हुए और उन्हें अलग-अलग मामलों में सजा सुनाई गई। तिहाड़ जेल में बंद थे सज्जन कुमार सज्जन कुमार को दिल्ली में 1984 की हिंसा से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने दिसंबर 2018 में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मामला हिंसा के दौरान पांच लोगों की हत्या से जुड़ा था। इसके बाद भी उनके खिलाफ अन्य मामलों में कानूनी कार्रवाई जारी रही। 2025 में एक अन्य 1984 दंगा मामले में भी अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। इन मामलों के चलते वह तिहाड़ जेल में बंद थे। 1984 के दंगों से कैसे जुड़ा था मामला? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी हिंसा भड़क गई थी। राजधानी दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को हिंसा का सामना करना पड़ा। सज्जन कुमार पर इसी हिंसा के दौरान लोगों को भड़काने और हत्या से जुड़े मामलों में आरोप लगे थे। हालांकि, उनके खिलाफ दर्ज मामलों में अदालतों के फैसले अलग-अलग रहे। कुछ मामलों में मिली थी राहत सज्जन कुमार को सभी मामलों में दोषी नहीं ठहराया गया। जनवरी 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने जनकपुरी और विकासपुरी इलाके में 1984 की हिंसा से जुड़े एक मामले में उन्हें बरी कर दिया था। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर पाया। इससे साफ है कि उनके खिलाफ चले अलग-अलग मामलों में न्यायिक फैसले एक जैसे नहीं रहे। राजनीति से जेल तक का सफर सज्जन कुमार दिल्ली की राजनीति में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में रहे और लोकसभा सांसद भी बने। लेकिन 1984 के दंगा मामलों ने उनके राजनीतिक जीवन पर लंबे समय तक असर डाला। कई वर्षों तक चली जांच और अदालती सुनवाई के बाद उन्हें कुछ मामलों में दोषी ठहराया गया और उम्रकैद की सजा मिली। अब उनके निधन के साथ 1984 दंगा मामलों से जुड़ा उनका लंबा कानूनी और राजनीतिक अध्याय समाप्त हो गया है। हालांकि, 1984 की हिंसा आज भी हजारों प्रभावित परिवारों के लिए एक बेहद संवेदनशील अध्याय है। Sajjan Kumar Death पर क्यों है चर्चा? सज्जन कुमार की मौत की खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामलों में न्याय की प्रक्रिया कई दशकों तक चली। उनके खिलाफ कुछ मामलों में दोषसिद्धि हुई, जबकि कुछ में उन्हें अदालत से राहत भी मिली। यही वजह है कि उनके निधन के बाद एक बार फिर 1984 के दंगा मामलों और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chamoli

Dog Attack in Chamoli: कुत्तों के आतंक से सहमे लोग, 10 स्कूल बंद; बच्चों की पढ़ाई Online

उत्तराखंड के चमोली (Chamoli) जिले के नारायणबगड़ इलाके में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। लगातार सामने आ रही हमले की घटनाओं के बाद बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने इलाके के 10 स्कूलों को चार दिन के लिए बंद रखने का फैसला किया है। स्कूल बंद होने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए Online Classes चलाने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे अभिभावक नारायणबगड़ और आसपास के इलाकों में कुत्तों के आक्रामक व्यवहार से स्थानीय लोगों में डर बढ़ गया है। खासकर सुबह स्कूल जाने और छुट्टी के समय बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। हालात ऐसे बने कि कई लोग जरूरी काम से बाहर निकलते समय भी हाथ में डंडा लेकर चलने को मजबूर हैं। स्थानीय स्तर पर कुत्तों के हमले की कई घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन ने स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया। अधिकारियों का मानना है कि स्थिति सामान्य होने तक बच्चों को स्कूल बुलाना जोखिम भरा हो सकता है। 20 से 23 अगस्त तक बंद रहेंगे 10 स्कूल प्रशासन के निर्देश के अनुसार नारायणबगड़ क्षेत्र के 10 विद्यालय 20, 21, 22 और 23 अगस्त को बंद रहेंगे। इस दौरान बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा। हालांकि, शिक्षकों को Online माध्यम से पढ़ाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चार दिन के अवकाश का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर न पड़े। यह फैसला स्थानीय लोगों और अभिभावकों की चिंता को देखते हुए लिया गया है। स्कूलों को बंद करने का उद्देश्य बच्चों को आवारा कुत्तों के संभावित हमलों से सुरक्षित रखना है। कुत्तों को पकड़ने का अभियान तेज मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आवारा कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। वन विभाग की Quick Response Team यानी QRT को अभियान में लगाया गया है। वहीं पशुपालन विभाग की टीम कुत्तों को Anti-Rabies Vaccine देने का काम कर रही है। प्रशासन की कोशिश है कि जिन इलाकों में कुत्तों का आतंक ज्यादा है, वहां उनकी संख्या और गतिविधियों को नियंत्रित किया जाए। साथ ही लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। 600+ बच्चों की Online पढ़ाई? इस मामले को लेकर कुछ रिपोर्टों में 600 से ज्यादा बच्चों के Online Classes से जुड़ने की बात कही जा रही है। हालांकि, उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी में विद्यार्थियों की कुल संख्या का स्पष्ट आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। इसलिए 600+ का आंकड़ा प्रकाशित करते समय आधिकारिक पुष्टि को प्राथमिकता देना जरूरी है। कब खुलेगा स्कूल, अभी स्थिति पर नजर फिलहाल चार दिनों के लिए स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। इसके बाद इलाके की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। अगर कुत्तों का खतरा कम होता है तो स्कूल दोबारा खोले जा सकते हैं। नारायणबगड़ में इस समय सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। प्रशासन की कार्रवाई से लोगों को राहत की उम्मीद है, लेकिन स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर है कि आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान कब तक निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज

मध्यप्रदेश के भिंड में लिव-इन पार्टनर की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि भिंड निवासी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने बिहार निवासी नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या कर शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया। इसके बाद उसने पुलिस को गुमशुदगी का आवेदन देकर मामले को छिपाने की कोशिश की। पुलिस की पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। फिलहाल पुलिस टीम नदी में शव की तलाश कर रही है। कॉलेज में हुई थी पहचान, लिव-इन में रहने लगे दोनों जानकारी के मुताबिक, सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था और उसकी कोई संतान नहीं थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क स्नेहलता से हुआ। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस दौरान उनका एक बेटा भी हुआ। बताया जा रहा है कि सत्यप्रकाश का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने स्नेहलता की हत्या की साजिश रची। 8 अक्टूबर को उसने अपने बेटे को पत्नी के हवाले कर दिया। कानपुर घुमाने के बहाने ले गया, रास्ते में हत्या का आरोप आरोप है कि बेटे को पत्नी को सौंपने के बाद सत्यप्रकाश स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। इस दौरान एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य साथी भी उसके साथ थे। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया गया। गुमशुदगी का आवेदन देकर छिपाने की कोशिश हत्या के बाद सत्यप्रकाश ने सिटी कोतवाली पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्नेहलता के लापता होने की सूचना दी। बताया गया है कि उसने गुमशुदगी को लेकर पर्चे भी छपवाए थे, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान सत्यप्रकाश ने हत्या की बात कबूल कर ली। अब पुलिस नदी में शव की तलाश कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस ने क्या कहा? सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के मुताबिक, लापता युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस टीम शव की तलाश कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
PM Modi

PM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू

लद्दाख में विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 15 अक्टूबर 2026 को लद्दाख में करीब ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लद्दाख का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और यहां की नई पीढ़ी का भविष्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन परियोजनाओं का सीधा संबंध लद्दाख की कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, पर्यटन और स्थानीय लोगों की सुविधाओं से है। सरकार का जोर सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के बेहतर अवसर देने पर भी है। लद्दाख के युवाओं के लिए क्या है सरकार का Plan? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लद्दाख के युवाओं की क्षमता और उनके भविष्य पर जोर दिया। उनका कहना है कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। लद्दाख में पर्यटन के विस्तार, विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ग्रीनहाउस खेती को भी बढ़ावा दे रही है। लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्र में खेती करना आसान नहीं है, इसलिए ग्रीनहाउस तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। Leh Airport पर ₹640 करोड़ का बड़ा Investment लद्दाख में पर्यटन और हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना पर करीब ₹640 करोड़ खर्च किए गए हैं। लगभग 23,800 वर्ग मीटर में बने इस टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 35 लाख बताई गई है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी। टर्मिनल में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बेहतर एयरपोर्ट से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ लद्दाख के पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। Nimmu-Padum-Darcha Road से आसान होगा सफर लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 298 किलोमीटर लंबी निमू-पदुम-दरचा सड़क भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग लेह के निमू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ता है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरता है। इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लद्दाख पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क का मतलब सिर्फ कम समय में सफर पूरा करना नहीं है। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जरूरी सामान तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है। Power Projects से मजबूत होगी बिजली की व्यवस्था लद्दाख में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया गया है। 9 मेगावाट क्षमता वाला हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। वहीं, 66 केवी की दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेगी। इन परियोजनाओं से बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे घरों के साथ स्थानीय कारोबार और दूसरी जरूरी सेवाओं को भी फायदा मिल सकता है। लद्दाख की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा संरक्षण विकास परियोजनाओं के बीच लद्दाख की प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया गया है। लेह के सिंधु घाट पर पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया गया। पेट्रोग्लिफ ऐसी प्राचीन आकृतियां होती हैं, जिन्हें चट्टानों पर उकेरा जाता है। इनमें उस दौर के लोगों के जीवन, जानवरों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां मिल सकती हैं। ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। इससे लद्दाख के इतिहास को समझने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है। Project Him Sarovar: 40 गांवों में बने जल निकाय लद्दाख में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। खासकर खेती के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी जुटाना कई इलाकों में मुश्किल हो सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Project Him Sarovar के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पानी को संरक्षित करना और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल आसान बनाना है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए मदद मिल सकती है। साथ ही, जल संरक्षण की बेहतर व्यवस्था क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है। Tourism और रोजगार पर भी रहेगा जोर लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध मठों, पहाड़ों और एडवेंचर गतिविधियों के लिए जाना जाता है। बेहतर एयरपोर्ट और सड़क संपर्क से यहां आने वाले पर्यटकों की यात्रा आसान हो सकती है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, होटल, होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, पर्यटन का विस्तार पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखकर करना जरूरी होगा। लद्दाख जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। लद्दाख के लिए क्यों अहम हैं ₹3,350 करोड़ के Projects? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित और शुरू की गई इन परियोजनाओं का महत्व केवल बड़ी रकम तक सीमित नहीं है। इनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। बेहतर सड़कें और एयरपोर्ट सफर को आसान बना सकते हैं। बिजली परियोजनाएं ऊर्जा व्यवस्था मजबूत कर सकती हैं, जबकि जल निकाय खेती में मदद कर सकते हैं। दूसरी ओर, शिक्षा, खेल और पर्यटन पर ध्यान देने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं। निष्कर्ष: लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाएं क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब इनकी सफलता इस बात से तय होगी कि इनका लाभ स्थानीय लोगों, किसानों, कारोबारियों और युवाओं तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है। प्रधानमंत्री का लद्दाख की नई पीढ़ी पर जोर इस बात को रेखांकित करता है कि विकास...

भोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग

भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोले-भटूरे दुकान के संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान में भट्टी के पास रखे कपड़े में आग लगी थी, जिसके बाद लपटें फैल गईं। हादसे में आसपास की चार अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को नुकसान पहुंचा था। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार से हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की तैयारी है। निगम ने चेतावनी दी है कि तय स्थान पर नहीं जाने वाले हॉकर्स का सामान जब्त किया जा सकता है। भट्टी के पास रखे कपड़े में लगी थी आग पुलिस की जांच के मुताबिक, बालाजी छोले-भटूरे दुकान में भट्टी जल रही थी। इसके पास रखे कपड़े में आग लगने के बाद लपटें फैल गईं और आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, आग भट्टी के पास रखे कपड़े से शुरू हुई थी। वहीं, दुकान में अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच नगर निगम कर रहा है। न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच जांचने के लिए मॉकड्रिल आग की घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच और रास्तों में आने वाली बाधाओं की जांच शुरू की है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। इस दौरान दो दमकल वाहनों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां दमकल को रुकना पड़ा, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। 8 अक्टूबर को आग लगने के दौरान दुकानों के सामने रखा सामान दमकल वाहनों के रास्ते में बाधा बना था। इसी को देखते हुए निगम ने बाजार में अतिक्रमण हटाने और रास्ते खाली रखने की कार्रवाई तेज की है। टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे हॉकर्स नगर निगम ने बुधवार को पूरे दिन मुनादी कराकर हॉकर्स को गुरुवार से निर्धारित स्थान पर जाने की सूचना दी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास स्थित हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। निगम की योजना न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की है, ताकि बाजार के रास्ते खुले रहें और आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी न हो। दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी कर रहा है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीली लाइन से आगे सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य दुकानों के सामने का रास्ता खाली रखना है, ताकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य प्रभावित न हो। आग वाली जगह से 100 फीट दूर भी जलती हैं भट्टियां आग लगने वाली जगह से करीब 100 फीट की दूरी पर छोले-भटूरे की दो अन्य दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आसपास दो से तीन नमकीन की दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टियां जलती हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों और भट्टियों के आसपास रखे सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुकानों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच जरूरी मानी जा रही है। चौक बाजार में 22 लाख का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी सवालों में शहर के पुराने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान इस सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई थी। इसके बाद सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड और घोड़ा नक्कास समेत शहर के आठ प्रमुख बाजारों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है। बैरागढ़ के फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव पर भी सवाल 17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ के संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 100 से ज्यादा कपड़े की दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव में कमी और उपकरणों पर जंग लगने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मेन कॉरिडोर में अतिक्रमण और मॉकड्रिल नहीं होने की बात भी कही गई है। न्यू मार्केट की आग के बाद अब सवाल केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि बाजारों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन रास्ते खुले रखने का भी है।

भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार

हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 24 रन से हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की हार की वजह पिच नहीं, बल्कि खराब गेंदबाजी थी। गावस्कर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिससे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिला। गावस्कर ने कहा कि अगर गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में तय योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। गावस्कर बोले- फुलटॉस डालकर पिच को दोष नहीं दे सकते गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि भारतीय गेंदबाजों की कमियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर पिच को लेकर शिकायत की जाती है और कहा जाता है कि वह गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही, लेकिन फुलटॉस डालने पर पिच को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने गेंदबाजों को सलाह दी कि परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है। फुलटॉस और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल लेंथ पर गेंद डालने से उन्हें आसानी से रन बनाने का मौका मिलता है। गावस्कर के मुताबिक, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सका। दोबारा बिछाई गई पिच पर गेंद रुककर आने की शिकायत हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की बात सामने आई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ मौकों पर गेंद पिच पर रुककर आई और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। हालांकि, गावस्कर का मानना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके अनुसार, पिच से मिलने वाली संभावित मदद तभी उपयोगी साबित होती है, जब गेंदबाज सही जगह गेंद डालें। इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिले। शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी उठाए सवाल गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी के तरीके पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे, लेकिन जोसेफ ने उनके खिलाफ बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी और एक और बाउंसर डाल दी। इस पर कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय अर्शदीप को निशाना बना रहे थे, जबकि उस समय स्टंप्स असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। 24 रन से हारा भारत बुधवार को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। मैच के बाद भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और पिच की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। गावस्कर की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि उनके मुताबिक, हार के लिए परिस्थितियों से ज्यादा गेंदबाजों का प्रदर्शन जिम्मेदार था।

संजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे

हैदराबाद। भारतीय ओपनर संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हार के बाद तिलक वर्मा के विकेट को मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। बुधवार को हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में भारत को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। सैमसन के मुताबिक, तिलक और नीतीश कुमार रेड्डी की साझेदारी के दौरान भारतीय टीम रन चेज में अच्छी स्थिति में थी, लेकिन तिलक के आउट होते ही मैच का रुख बदल गया। मैच के बाद सैमसन ने कहा, “मैच का टर्निंग पॉइंट वह था, जब तिलक आउट हुए। हम अच्छी स्थिति में थे। हम 10-20 रन आसानी से बना रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव संभाल रहे थे और दोनों बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे।” रेड्डी और तिलक ने 32 गेंदों में जोड़े 70 रन भारत ने 130 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उस समय टीम को जीत के लिए 50 गेंदों में 118 रन बनाने थे। मुश्किल परिस्थिति में नीतीश कुमार रेड्डी और तिलक वर्मा ने छठे विकेट के लिए 32 गेंदों में 70 रन की साझेदारी कर टीम की वापसी कराई। दोनों की बल्लेबाजी से भारत की जीत की उम्मीदें फिर मजबूत हुईं। हालांकि, जब जीत के लिए 19 गेंदों में 48 रन की जरूरत थी, तब रोमारियो शेफर्ड ने तिलक वर्मा को गलत शॉट खेलने पर मजबूर किया और उनका विकेट हासिल कर लिया। इसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम मुकाबला 24 रन से हार गई। सैमसन ने कहा कि पांच विकेट गिरने के बाद भी टीम के पास मैच में वापसी का मौका था। दो युवा खिलाड़ियों ने दबाव में अच्छी बल्लेबाजी की और वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण का सामना किया। उन्होंने माना कि निचले क्रम के बल्लेबाजों को अंत में बड़ी भूमिका निभानी थी। सैमसन ने कहा कि क्रिकेट में गलतियां होती हैं, लेकिन टीम को सकारात्मक रहकर आगे बढ़ना होगा। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा का किया बचाव ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर भी सैमसन ने प्रतिक्रिया दी। ईशान ने तीन गेंदों में छह रन बनाए, जबकि अभिषेक शर्मा 24 गेंदों पर 29 रन ही बना सके। सैमसन ने दोनों खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि एक मैच में खराब प्रदर्शन होना सामान्य है। उन्होंने अभिषेक की पिछली मैच में खेली गई 70 रन की पारी का जिक्र किया और कहा कि ईशान भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। सैमसन के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं और एक खराब मैच के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। सैमसन ने 23 गेंदों में बनाए 56 रन संजू सैमसन ने खुद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 56 रन बनाए। ईशान किशन के जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने तेज गति से रन बनाकर भारतीय टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि, टीम की हार से वह निराश नजर आए। सैमसन ने कहा, “हारने वाली टीम में होने का एहसास अलग होता है। इस समय मैं काफी निराश हूं। मेरा योगदान जीत में आना चाहिए था।” अपनी बल्लेबाजी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें मैदान पर बल्लेबाजी करने में मजा आया। उनके मुताबिक, बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय ज्यादा सोचने का समय नहीं होता और परिस्थितियों के अनुसार तेजी से खेलना पड़ता है। आखिरी मुकाबले को लेकर सैमसन आश्वस्त सीरीज बराबर होने के बाद सैमसन ने कहा कि भारतीय टीम अगले मुकाबले के लिए तैयार है। उन्होंने आखिरी मैच को फाइनल जैसा बताते हुए कहा कि अब देखना होगा कि टीम आगे कैसा प्रदर्शन करती है। अर्शदीप सिंह की चोट पर भी दिया अपडेट सैमसन ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की चोट को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अर्शदीप अपने कंधे पर बर्फ लगा रहे हैं। सैमसन ने उम्मीद जताई कि गेंद लगने से घायल हुए अर्शदीप जल्द ठीक हो जाएंगे और टीम में वापसी कर सकेंगे।

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