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Vande Mataram Controversy: 1937 के फैसले पर BJP-Congress आमने-सामने, शाह ने साधा निशाना

‘वंदे मातरम्’ को लेकर BJP और Congress के बीच सियासी तकरार एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) ने 19 अगस्त को साफ किया कि पार्टी अपने कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के पहले दो पद ही गाएगी और 1937 के फैसले को ही जारी रखेगी। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और इस फैसले को तुष्टीकरण की राजनीति से जोड़ दिया। अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना अमित शाह ने कांग्रेस के मौजूदा रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि 1937 में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ के पूरे स्वरूप के बजाय कुछ हिस्सों को अपनाने का फैसला किया था। शाह ने आरोप लगाया कि यह फैसला तुष्टीकरण की राजनीति से प्रभावित था। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वंदे मातरम्’ के मूल स्वरूप और उसके ऐतिहासिक महत्व को फिर से सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। शाह ने कांग्रेस से अपने पुराने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग भी की है। Congress का 1937 वाला रुख बरकरार कांग्रेस ने इस विवाद में अपना पक्ष बदलने से इनकार कर दिया है। CWC ने दोहराया कि पार्टी के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के शुरुआती दो पद ही गाए जाएंगे। कांग्रेस इसे 1937 में लिए गए ऐतिहासिक फैसले की निरंतरता बता रही है। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि उस समय गीत के बाद के हिस्सों में धार्मिक संदर्भों को लेकर अलग-अलग समुदायों की भावनाओं पर चर्चा हुई थी। इसी पृष्ठभूमि में सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए शुरुआती दो पदों को अपनाने का फैसला किया गया था। विवाद की एक और कड़ी: Independence Day कार्यक्रम ‘वंदे मातरम्’ विवाद सिर्फ 1937 के फैसले तक सीमित नहीं है। स्वतंत्रता दिवस के दौरान कांग्रेस मुख्यालय में गीत के दौरान कथित तौर पर हुई घटना को लेकर भी BJP ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। अमित शाह ने कांग्रेस और सोनिया गांधी पर गीत के अपमान का आरोप लगाते हुए माफी की मांग की। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि गीत को रोकने की कोई मंशा नहीं थी। BJP और Congress के बीच बढ़ी बयानबाजी विवाद बढ़ने के साथ दोनों पार्टियों के नेताओं के बयान भी तीखे होते जा रहे हैं। BJP की ओर से कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी कांग्रेस के 1937 वाले रुख की आलोचना की। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने BJP पर इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और अन्य नेताओं ने BJP तथा RSS की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। 1937 का फैसला फिर चर्चा में क्यों? ‘वंदे मातरम्’ का भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से गहरा संबंध रहा है। 1937 में कांग्रेस के भीतर इसके सार्वजनिक गायन के स्वरूप को लेकर चर्चा हुई थी। बाद में शुरुआती दो पदों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस्तेमाल करने की परंपरा बनी। यही पुराना फैसला आज की राजनीति में फिर चर्चा का केंद्र बन गया है। कांग्रेस इसे ऐतिहासिक और सर्वसम्मति से जुड़ा निर्णय बता रही है, जबकि BJP इसे तुष्टीकरण की राजनीति का उदाहरण मान रही है। Modi सरकार के कदम से बढ़ी बहस विवाद के बीच केंद्र सरकार की ओर से ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण स्वरूप को आधिकारिक कार्यक्रमों में महत्व देने की पहल भी चर्चा में है। सरकार इसे गीत की ऐतिहासिक भूमिका और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े राष्ट्रीय भाव से जोड़ रही है। ऐसे में एक तरफ BJP इसे देश की राष्ट्रीय भावना से जुड़ा विषय बता रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस अपने 1937 के फैसले को सही ठहरा रही है। अब मुद्दा सिर्फ गीत का नहीं, सियासत का भी ‘वंदे मातरम्’ पर छिड़ी ताजा बहस ने इतिहास और राजनीति को एक ही मंच पर ला दिया है। अमित शाह के बयान के बाद कांग्रेस और BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत हैं। फिलहाल कांग्रेस अपने 1937 के रुख पर कायम है और BJP इसे बदलने की मांग कर रही है। ऐसे में ‘वंदे मातरम्’ आने वाले दिनों में भी देश की राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बना रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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RSS

RSS Controversy: अमेरिका में संघ पर प्रतिबंध की मांग, 29 अगस्त को New York जाएंगे Bhagwat

अमेरिका में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। US Commission on International Religious Freedom (USCIRF) ने RSS से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आयोग ने अमेरिकी प्रशासन से यह भी कहा है कि संघ के नेताओं को उच्चस्तरीय मुलाकातों और सम्मान से दूर रखा जाए। यह मामला ऐसे वक्त सामने आया है, जब RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे की चर्चा तेज है। रिपोर्टों के अनुसार भागवत 29 अगस्त को New York में एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं। ऐसे में USCIRF के बयान ने उनकी यात्रा को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज कर दी है। USCIRF ने RSS को लेकर क्या कहा? USCIRF का कहना है कि धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े उसके आकलन के आधार पर RSS से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ अमेरिकी सरकार को कदम उठाने चाहिए। आयोग ने ऐसे लोगों पर लक्षित प्रतिबंध लगाने और अमेरिकी अधिकारियों की ओर से उन्हें विशेष सम्मान दिए जाने से बचने की सिफारिश की है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि USCIRF की सिफारिश का मतलब RSS पर अमेरिका में प्रतिबंध लगना नहीं है। आयोग अमेरिकी सरकार को धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों पर सलाह और सिफारिशें देता है। अंतिम फैसला अमेरिकी प्रशासन को लेना होता है। 29 अगस्त को New York पहुंचेंगे मोहन भागवत मोहन भागवत के प्रस्तावित अमेरिकी दौरे को लेकर भारतीय समुदाय के बीच भी उत्सुकता है। New York में उनके कार्यक्रम में भारतीय मूल के लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से संवाद की उम्मीद है। ऐसे में USCIRF का बयान सामने आने के बाद भागवत की यात्रा पर सबकी नजरें टिक गई हैं। यह देखना अहम होगा कि अमेरिकी प्रशासन इस मामले में कोई आधिकारिक कदम उठाता है या नहीं। भारत पहले भी USCIRF की रिपोर्ट पर जता चुका है आपत्ति USCIRF की भारत से जुड़ी रिपोर्टों को लेकर नई दिल्ली का रुख पहले भी स्पष्ट रहा है। भारत सरकार आयोग की रिपोर्टों को कई बार पक्षपातपूर्ण और चयनात्मक बताते हुए खारिज कर चुकी है। भारत का कहना रहा है कि देश में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर तस्वीर पेश करते समय आयोग कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज करता है। इसी वजह से USCIRF और भारत सरकार के बीच लंबे समय से मतभेद देखने को मिलते रहे हैं। RSS पर आरोपों को लेकर क्या है विवाद? RSS पर धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर समय-समय पर आरोप लगते रहे हैं। संगठन इन आरोपों को खारिज करता रहा है और खुद को सामाजिक सेवा, राष्ट्र निर्माण तथा सामाजिक समरसता के लिए काम करने वाला संगठन बताता है। USCIRF का ताजा बयान इसी पुराने विवाद को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले आया है। खासकर भागवत के अमेरिका दौरे से ठीक पहले यह मुद्दा ज्यादा चर्चा में है। India-US Relations के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल भारत और अमेरिका के संबंध कई क्षेत्रों में लगातार मजबूत हुए हैं। ऐसे में किसी अमेरिकी सरकारी आयोग की ओर से भारत के प्रमुख सामाजिक संगठनों में से एक RSS को लेकर इस तरह की सिफारिश राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, अभी इसे India-US Relations में किसी बड़े संकट के तौर पर देखना जल्दबाजी होगी। USCIRF की सिफारिश और अमेरिकी सरकार के अंतिम निर्णय के बीच स्पष्ट अंतर है। अभी सबसे बड़ी बात क्या है? फिलहाल RSS पर अमेरिका में कोई नया प्रतिबंध लागू नहीं हुआ है। USCIRF ने कार्रवाई की सिफारिश की है। अब निगाहें अमेरिकी प्रशासन के रुख और मोहन भागवत के 29 अगस्त के New York कार्यक्रम पर रहेंगी। भागवत की यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं, यह आने वाले दिनों में इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकता है।
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India-Pakistan

India-Pakistan Tension: Delhi में Pakistan High Commission के बाहर बड़ा Action

भारत-पाकिस्तान (India-Pakistan) के बीच रिश्तों में चल रहा तनाव एक बार फिर राजधानी दिल्ली में नजर आया। गुरुवार को चाणक्यपुरी स्थित Pakistan High Commission के बाहर JCB पहुंची और सड़क की तरफ बने कुछ बैरिकेड, फेंसिंग और अन्य बाहरी ढांचों को हटा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच चल रही राजनयिक तनातनी फिर चर्चा में आ गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में हुई कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले इस्लामाबाद स्थित Indian High Commission के बाहर भी पाकिस्तानी अधिकारियों ने बैरिकेड और अन्य सुरक्षा ढांचे हटाए थे। इसी वजह से दिल्ली की कार्रवाई को दोनों घटनाओं के बीच जवाबी कदम के तौर पर देखा जा रहा है। Pakistan High Commission के बाहर क्या हुआ? चाणक्यपुरी में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर JCB से सड़क की ओर मौजूद कुछ संरचनाएं हटाई गईं। इनमें बैरिकेड, फेंसिंग, ट्रैफिक बोलार्ड और लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए लगाए गए कुछ क्यू-मैनेजमेंट स्ट्रक्चर शामिल बताए जा रहे हैं। खास बात यह रही कि कार्रवाई हाई कमीशन की मुख्य इमारत के अंदर नहीं हुई। बाहरी हिस्से में मौजूद उन संरचनाओं को हटाया गया, जिन्हें अधिकारियों ने स्वीकृत सीमा से बाहर बताया। Islamabad में पहले हुई थी कार्रवाई इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी इस्लामाबाद से भी जुड़ती है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ दिन पहले वहां भारतीय हाई कमीशन के बाहर सुरक्षा से जुड़े बैरिकेड और पार्किंग पोल हटाए गए थे। इसके बाद दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर हुई कार्रवाई ने राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी। हालांकि, दोनों घटनाओं को सीधे तौर पर जोड़ने वाली कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। Diplomatic Tension के बीच बढ़ी हलचल भारत और पाकिस्तान के रिश्ते पहले से ही संवेदनशील दौर में हैं। ऐसे में दोनों देशों के हाई कमीशन के बाहर सुरक्षा व्यवस्था या बाहरी ढांचे में बदलाव भी आसानी से चर्चा का विषय बन जाता है। दिल्ली में हुई कार्रवाई को लेकर फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि अधिकारियों की ओर से इसे बाहरी हिस्से में मौजूद अनधिकृत या निर्धारित सीमा से बाहर के ढांचों को हटाने की कार्रवाई बताया गया है। वहीं, इसका समय इस घटनाक्रम को और ज्यादा महत्वपूर्ण बना रहा है। Kashmir को लेकर भी जारी है बयानबाजी इसी दौरान जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत, पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बयानबाजी भी सुर्खियों में रही है। अमेरिकी राजदूत Sergio Gor के कश्मीर संबंधी बयान पर पाकिस्तान ने आपत्ति जताई थी। हालांकि, दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर हुई कार्रवाई को उस बयान से सीधे जोड़ने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब आगे क्या? दिल्ली और इस्लामाबाद में हाई कमीशन के बाहर हुई हालिया कार्रवाइयों ने दोनों देशों के रिश्तों पर फिर से ध्यान खींचा है। फिलहाल नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान इस कार्रवाई पर औपचारिक प्रतिक्रिया देता है या नहीं और क्या आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच ऐसे और कदम देखने को मिलते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Update: दिल्ली से मध्य प्रदेश तक भारी बारिश, Prayagraj में बिगड़े हालात

मानसून (Monsoon) की बारिश इस वक्त देश के कई हिस्सों में राहत से ज्यादा परेशानी का कारण बनती नजर आ रही है। Delhi-NCR, Uttar Pradesh, Madhya Pradesh और Uttarakhand में लगातार बारिश के कारण कहीं सड़कें जलमग्न हैं तो कहीं नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रयागराज में जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, जबकि मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में बारिश के साथ भूस्खलन और हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर नजर रख रहा है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। Delhi-NCR में बारिश के बाद Waterlogging दिल्ली-NCR में बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव देखने को मिला। सड़कों पर पानी जमा होने से ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हुई और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यमुना के जलस्तर में बदलाव ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ाई है। नदी के आसपास के निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। Prayagraj में बारिश ने बढ़ाई मुश्किल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगातार बारिश का असर शहर के कई हिस्सों में दिखाई दिया। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हुई। कई सड़कों और गलियों में पानी जमा होने के कारण आवाजाही प्रभावित हुई। करेली समेत कुछ इलाकों में स्थिति ज्यादा खराब रही। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को अपने रोजमर्रा के काम रोकने पड़े। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच स्कूलों को लेकर भी प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। MP के कई जिलों में Flood का खतरा मध्य प्रदेश में भी लगातार बारिश के चलते कई जिलों में हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। नदियों और छोटे-बड़े नालों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका बनी हुई है। कई जगह ग्रामीण इलाकों का संपर्क प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन की टीमें हालात पर नजर रख रही हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे उफनती नदियों, नालों और पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश न करें। बारिश का दौर जारी रहने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है, इसलिए स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी जा रही है। Uttarakhand में बारिश बनी मुसीबत उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों के लिए भारी बारिश हमेशा अतिरिक्त चुनौती लेकर आती है। इस बार भी कई क्षेत्रों में बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है। चमोली समेत कुछ इलाकों में राहत और बचाव कार्यों को लेकर प्रशासन सक्रिय है। पहाड़ों में मौसम खराब होने के कारण यात्रियों और स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कई राज्यों में Weather Alert मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बताता है कि मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय है। Delhi-NCR में जलभराव, Prayagraj में बारिश से बिगड़े हालात, MP में बढ़ता Flood Risk और Uttarakhand में पहाड़ी चुनौतियां एक साथ सामने आ रही हैं। ऐसे में अगले कुछ दिन प्रशासन के साथ आम लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना, जलभराव वाले रास्तों से दूरी रखना और स्थानीय प्रशासन व मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना जरूरी है। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता उन इलाकों को लेकर है जहां लगातार बारिश के कारण पानी तेजी से बढ़ रहा है। मौसम साफ होने तक लोगों को सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की मदद लेने की सलाह दी गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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कोलकाता के होटल वाली बिल्डिंग में भीषण आग, 9 की मौत; 4 साल का बच्चा भी शामिल

कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित पांच मंजिला इमारत में मंगलवार देर रात भीषण आग लग गई। हादसा रात करीब 1:45 बजे हुआ। इमारत के अंदर कई होटल संचालित हो रहे थे और आग लगने के समय ज्यादातर लोग सो रहे थे। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं और एक 4 साल का बच्चा भी शामिल है। सभी मृतक बेहोशी की हालत में मिले। वहीं 6 लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव टीमों ने अब तक करीब 80 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। धुएं से दम घुटने के कारण गई जान आग लगने के बाद पूरी इमारत में धुआं भर गया। रात के समय होटल में सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। धुएं के कारण कई लोगों का दम घुटने लगा। पुलिस के मुताबिक मृतकों में भारतीयों के साथ बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। दमकल की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं आग की सूचना मिलते ही दमकल की 5 गाड़ियां, पुलिस और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें मौके पर पहुंच गईं। इमारत में घना धुआं होने के कारण दमकलकर्मियों को ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, इमारत के अंदर तापमान अभी भी काफी ज्यादा है, इसलिए दमकलकर्मी कूलिंग ऑपरेशन चला रहे हैं। शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच के बाद होगी पुष्टि पश्चिम बंगाल के फायर डिपार्टमेंट मंत्री कौशिक चौधरी ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने शुरुआती जानकारी के आधार पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह बताया। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि आग की वास्तविक वजह फॉरेंसिक जांच के बाद ही सामने आएगी। मंत्री ने इमारत के अंदर की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक बिल्डिंग में कई होटल संचालित हो रहे थे और वहां बुनियादी सुरक्षा व निर्माण नियमों के पालन को लेकर गंभीर कमियां दिखाई दीं। बिल्डिंग मालिक फरार, केस दर्ज करने की तैयारी पुलिस के अनुसार इमारत का मालिक फिलहाल फरार है। न्यू मार्केट थाने में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस मालिक की तलाश में उसके घर समेत कई संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस आग लगने के कारणों के साथ-साथ बिल्डिंग में सुरक्षा नियमों के पालन और होटल संचालन से जुड़ी अनियमितताओं की भी जांच कर रही है। दो दिन पहले बीरभूम में भी होटल में लगी थी आग पश्चिम बंगाल में दो दिन के भीतर होटल में आग लगने की यह दूसरी बड़ी घटना है। 17 अगस्त को बीरभूम जिले में तारापीठ मंदिर के पास एक होटल में आग लगने से 9 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस हादसे में भी शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह बताया गया था।
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देश के कई राज्यों में बारिश का कहर, UP में घर डूबे; हिमाचल-उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से मौतें

देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ बाढ़ और लैंडस्लाइड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगह सड़कें और रेलवे ट्रैक पानी में डूब गए हैं, जबकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन से जान-माल का नुकसान हुआ है। प्रयागराज में घरों में घुसा पानी, रेलवे ट्रैक भी डूबे उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगातार तीसरे दिन बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया है। पानी भरने से बेड, सोफा और घर का अन्य सामान भी डूब गया है। लगातार बारिश के चलते जिले में दूसरे दिन भी सभी स्कूल बंद रखे गए हैं। वहीं रामबाग रेलवे स्टेशन के तीन ट्रैक पानी में डूब गए, जिससे रेल संचालन भी प्रभावित हुआ है। बिहार में नदी के कटाव से स्कूल का बड़ा हिस्सा बहा बिहार के बगहा में गंडक नदी का कटाव लगातार बढ़ रहा है। तेज कटाव के कारण एक प्राथमिक स्कूल के पांच में से चार कमरे नदी में समा गए। स्कूल की बची हुई इमारत भी अब कटाव की जद में है। नदी का जलस्तर और कटाव बढ़ने से आसपास के लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हिमाचल में लैंडस्लाइड से 3 की मौत हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में मंगलवार को भारी बारिश के बीच लैंडस्लाइड की घटना में तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक ट्रक ड्राइवर और नेपाल के दो मजदूर शामिल बताए जा रहे हैं। बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 88 सड़कें बंद हैं। मंडी में सबसे ज्यादा 32, कुल्लू में 25 और सिरमौर में 10 सड़कें बंद हैं। कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड में भी बारिश और भूस्खलन से हालात खराब उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में लैंडस्लाइड की घटना में तीन लोगों की मौत हुई है। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में 124 सड़कें बंद हैं। पिथौरागढ़ में BRO के कुलागाड़ वैली ब्रिज पर चट्टानें गिरने से पुल का एक हिस्सा काली नदी में समा गया। पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद कैलाश मानसरोवर मार्ग पर आवाजाही बंद हो गई है। कई राज्यों में अलर्ट और निगरानी बढ़ी लगातार बारिश के कारण मैदानी इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है, जबकि पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियां संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं।
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दिल्ली STP टेंडर घोटाला: पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत 6 गिरफ्तार, ₹1.52 करोड़ रिश्वत के आरोप

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडरों में कथित गड़बड़ी के मामले में मंगलवार को पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय भी शामिल हैं। ACB का आरोप है कि STP के टेंडरों की शर्तें इस तरह तैयार की गई थीं, जिससे एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाया जा सके। जांच एजेंसी के मुताबिक, उदित प्रकाश राय को कथित तौर पर ₹1.52 करोड़ की रिश्वत दी गई थी। सत्येंद्र जैन और उदित प्रकाश राय के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव तथा कंपनियों से जुड़े नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। ACB की जांच अभी जारी है। 2024 में 872 दिन बाद जेल से बाहर आए थे जैन सत्येंद्र जैन को ED ने 30 मई 2022 को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। वह करीब 872 दिन जेल में रहे। 18 अक्टूबर 2024 को दिल्ली की अदालत ने उन्हें जमानत दी थी और इसके बाद वह तिहाड़ जेल से बाहर आए थे। ED ने जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए थे। जैन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया था। क्या है दिल्ली जल बोर्ड का STP टेंडर मामला? जांच एजेंसियों के मुताबिक, दिल्ली जल बोर्ड के चार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के अपग्रेडेशन से जुड़े टेंडरों में कथित अनियमितताएं हुईं। आरोप है कि टेंडर की शर्तें इस तरह तैयार की गईं कि एक खास कंपनी को फायदा मिल सके। ED ने दिसंबर 2025 में इस मामले में सत्येंद्र जैन समेत 14 लोगों के खिलाफ करीब ₹17.70 करोड़ के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। ACB ने सत्येंद्र जैन पर क्या आरोप लगाए? ACB के मुताबिक, इस मामले में 11 मई 2024 को केस दर्ज किया गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि STP के अपग्रेडेशन के लिए जारी टेंडर की शर्तों में इस तरह बदलाव किए गए, जिससे एक विशेष कंपनी को फायदा पहुंचाया जा सके। जांच में यह भी आरोप है कि ऐसी शर्तें जोड़ी गईं, जिनसे व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा सीमित हो गई और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। ACB के अनुसार, जांच के दौरान बिचौलियों और सरकारी अधिकारियों के बीच बातचीत से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले। ई-मेल की जांच में कथित तौर पर यह सामने आया कि टेंडर के दस्तावेज कंपनियों के साथ पहले ही साझा किए गए थे। सत्येंद्र जैन पर पहले भी दर्ज हो चुके हैं मामले आय से अधिक संपत्ति: CBI ने 24 अगस्त 2017 को सत्येंद्र जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। आरोप था कि फरवरी 2015 से मई 2017 के बीच उनकी ज्ञात आय की तुलना में करीब ₹1.47 करोड़ की कथित विसंगति थी। बाद में CBI ने चार्जशीट दाखिल की और ED ने इससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच शुरू की। मनी लॉन्ड्रिंग: CBI के मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों में ED ने 30 मई 2022 को जैन को गिरफ्तार किया था। ED का आरोप था कि उनसे जुड़े चार कंपनियों के जरिए धन को वैध दिखाने की कोशिश की गई। जैन ने आरोपों से इनकार किया और इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया। मार्च 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। CCTV प्रोजेक्ट: मार्च 2025 में दिल्ली ACB ने ₹571 करोड़ के CCTV कैमरा प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सत्येंद्र जैन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। स्कूल क्लासरूम निर्माण: ED ने 2025 में दिल्ली सरकार के क्लासरूम निर्माण प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी जैन को आरोपी बनाया था। इस मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम भी सामने आया था। संपत्ति अटैचमेंट: सितंबर 2025 में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत सत्येंद्र जैन से जुड़ी करीब ₹7.44 करोड़ की अचल संपत्तियां अटैच की थीं। ED का आरोप था कि ये संपत्तियां उन कंपनियों से जुड़ी थीं, जिन पर जैन का स्वामित्व या नियंत्रण था। तिहाड़ में VIP ट्रीटमेंट के आरोपों से भी चर्चा में रहे सत्येंद्र जैन तिहाड़ जेल में कथित VIP ट्रीटमेंट को लेकर भी सुर्खियों में रहे थे। ED ने कोर्ट में हलफनामा और कुछ तस्वीरें पेश कर आरोप लगाया था कि उन्हें जेल में कई तरह की सुविधाएं मिल रही थीं। जेल से सामने आए CCTV फुटेज में जैन को कथित तौर पर बैक और फुट मसाज कराते हुए देखा गया था। ED ने यह भी आरोप लगाया था कि जेल सुपरिंटेंडेंट नियमों के विपरीत उनसे मुलाकात करते थे और जेल में उनकी सुविधाओं को लेकर पूछताछ करते थे। फिलहाल STP टेंडर मामले में ACB की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे और नाम सामने आने की संभावना है।
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शिवसेना विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में लगातार छठे दिन सुनवाई, उद्धव गुट बोला- पहले तय हो विधायकों की अयोग्यता

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट की याचिकाओं पर लगातार छठे दिन सुनवाई हुई। उद्धव गुट ने कोर्ट में दलील दी कि पहले यह तय किया जाना चाहिए कि शिवसेना के बागी विधायक अयोग्य हैं या नहीं। इसके बाद ही चुनाव आयोग को यह तय करना चाहिए कि असली शिवसेना किसकी है। मामले की सुनवाई CJI जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच कर रही है। बेंच 2024 में दायर उद्धव ठाकरे गुट की दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। उद्धव गुट की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा। उद्धव गुट की दलील- पहले विधायकों की अयोग्यता पर फैसला हो कपिल सिब्बल ने कहा कि चुनाव आयोग और महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर ने कानून की गलत व्याख्या की है। उनके मुताबिक, विधायकों की संख्या में बहुमत और राजनीतिक पार्टी की सदस्यता को एक ही नहीं माना जा सकता। उद्धव गुट का कहना है कि यदि बागी विधायकों को बाद में अयोग्य ठहराया जाता है, तो विधानसभा में उनकी संख्या को बहुमत तय करने के लिए नहीं गिना जाना चाहिए। इसलिए पहले विधायकों की अयोग्यता का फैसला होना जरूरी है और उसके बाद ही चुनाव आयोग को पार्टी की वास्तविक स्थिति पर निर्णय लेना चाहिए। चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को माना था असली शिवसेना दरअसल, चुनाव आयोग ने 17 फरवरी 2023 को एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना माना था। आयोग ने शिंदे गुट को शिवसेना का नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न भी आवंटित किया था। उद्धव ठाकरे गुट ने इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। मामला 39 बागी विधायकों की अयोग्यता से जुड़ा पूरा विवाद शिवसेना के 39 बागी विधायकों से जुड़ा है। 10 जनवरी 2024 को महाराष्ट्र विधानसभा के तत्कालीन स्पीकर राहुल नार्वेकर ने इन विधायकों को अयोग्य नहीं माना था। उन्होंने विधानसभा में बहुमत के आधार पर शिंदे गुट को असली शिवसेना माना था। सिब्बल ने इसी फैसले का हवाला देते हुए कहा कि विधायकों की संख्या और राजनीतिक दल की पहचान को अलग-अलग देखा जाना चाहिए। सुभाष देसाई मामले का भी दिया हवाला कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के सुभाष देसाई मामले के फैसले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विधायी दल में विभाजन को अपने आप राजनीतिक दल में विभाजन नहीं माना जा सकता। इससे पहले 13 अगस्त की सुनवाई में भी उद्धव गुट ने दलील दी थी कि संविधान की ऐसी व्याख्या नहीं की जा सकती, जिससे उस गलती को बढ़ावा मिले जिसे रोकने के लिए दलबदल विरोधी कानून बनाया गया था। फिलहाल शिंदे गुट के पास शिवसेना का नाम और निशान चुनाव आयोग के 17 फरवरी 2023 के फैसले के मुताबिक, आधिकारिक तौर पर शिवसेना का नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न एकनाथ शिंदे गुट के पास है। वहीं उद्धव ठाकरे गुट शिवसेना (UBT) के नाम से राजनीति कर रहा है और उसे मशाल चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। मंगलवार को दोनों पक्षों की बहस पूरी नहीं हो सकी। मामले में सुप्रीम कोर्ट बुधवार को भी सुनवाई जारी रखेगा।
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रींगस में CA विनय जोशी के घर इनकम टैक्स का छापा, यूपी नंबर की 3 गाड़ियों से पहुंची टीम

सीकर के रींगस शहर में मंगलवार सुबह इनकम टैक्स विभाग की टीम ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विनय जोशी के घर छापेमारी की। टीम सुबह करीब 5 बजे यूपी नंबर की तीन गाड़ियों से खेमकों का मोहल्ला स्थित वार्ड नंबर 27 में पहुंची। करीब 15 अधिकारी और कर्मचारी कार्रवाई में शामिल बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए रींगस पुलिस का जाब्ता भी मौके पर तैनात रहा। टीम के घर में प्रवेश करने के बाद आयकर विभाग की कार्रवाई शुरू की गई। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों से हुई बहस छापेमारी के दौरान कुछ स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच कहासुनी भी हो गई। जानकारी के अनुसार, सीए विनय जोशी के परिवार में विनोद कुमार जोशी होमगार्ड में हैं। सुबह जब उन्होंने घर में अचानक अधिकारियों को प्रवेश करते देखा तो उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले कुछ लोग भी मौके पर जमा हो गए। अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच बहस होने लगी। स्थिति को देखते हुए टीम के सदस्यों ने अपने आई कार्ड दिखाकर पहचान बताई, जिसके बाद मामला शांत हुआ और कार्रवाई आगे बढ़ी। आगरा से पहुंची टीम की जानकारी बताया जा रहा है कि कार्रवाई में इनकम टैक्स विभाग आगरा के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। टीम तीन वाहनों से रींगस पहुंची थी। पुलिस की मौजूदगी में घर के अंदर आयकर विभाग की जांच जारी है। कार्रवाई से व्यापारियों में भी हलचल इनकम टैक्स विभाग की टीम के पहुंचने की खबर फैलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जमा होने लगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि छापेमारी किस मामले में और किन दस्तावेजों या वित्तीय लेन-देन से संबंधित है। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई को लेकर जानकारी देने से इनकार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की जानकारी सामने आ सकती है।
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सुंधा माता दर्शन के लिए पैदल जा रहे श्रद्धालु को पिकअप ने मारी टक्कर, मौके पर मौत

रानीवाड़ा में मंगलवार तड़के सुंधा माता मंदिर दर्शन के लिए पैदल जा रहे एक श्रद्धालु की सड़क हादसे में मौत हो गई। कोटड़ा और धनपुरा गांव के बीच पीछे से आए पिकअप ट्राला ने श्रद्धालु को टक्कर मार दी। हादसा सुबह करीब 3 बजे हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान रूपावटी कलां निवासी हितेश कुमार (28) पुत्र नानजी राम चौधरी के रूप में हुई है। हितेश सुंधा माता के दर्शन के लिए पैदल जा रहे श्रद्धालुओं के दल में शामिल था। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को भीनमाल के सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। पुलिस पोस्टमार्टम की कार्रवाई कर रही है। सहायक उप निरीक्षक संग्रामाराम ने बताया कि पुलिस ने हादसे में शामिल पिकअप वाहन को दस्तयाब कर लिया है। मामले की जांच जारी है। एक साल पहले हुई थी शादी हितेश गांव में खेती का काम करता था। परिजनों के मुताबिक उसकी शादी करीब एक साल पहले ही हुई थी। वह इस बार पांचवीं बार सुंधा माता के दर्शन के लिए जा रहा था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
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लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज

मध्यप्रदेश के भिंड में लिव-इन पार्टनर की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि भिंड निवासी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने बिहार निवासी नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या कर शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया। इसके बाद उसने पुलिस को गुमशुदगी का आवेदन देकर मामले को छिपाने की कोशिश की। पुलिस की पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। फिलहाल पुलिस टीम नदी में शव की तलाश कर रही है। कॉलेज में हुई थी पहचान, लिव-इन में रहने लगे दोनों जानकारी के मुताबिक, सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था और उसकी कोई संतान नहीं थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क स्नेहलता से हुआ। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस दौरान उनका एक बेटा भी हुआ। बताया जा रहा है कि सत्यप्रकाश का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने स्नेहलता की हत्या की साजिश रची। 8 अक्टूबर को उसने अपने बेटे को पत्नी के हवाले कर दिया। कानपुर घुमाने के बहाने ले गया, रास्ते में हत्या का आरोप आरोप है कि बेटे को पत्नी को सौंपने के बाद सत्यप्रकाश स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। इस दौरान एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य साथी भी उसके साथ थे। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया गया। गुमशुदगी का आवेदन देकर छिपाने की कोशिश हत्या के बाद सत्यप्रकाश ने सिटी कोतवाली पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्नेहलता के लापता होने की सूचना दी। बताया गया है कि उसने गुमशुदगी को लेकर पर्चे भी छपवाए थे, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान सत्यप्रकाश ने हत्या की बात कबूल कर ली। अब पुलिस नदी में शव की तलाश कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस ने क्या कहा? सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के मुताबिक, लापता युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस टीम शव की तलाश कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
PM Modi

PM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू

लद्दाख में विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 15 अक्टूबर 2026 को लद्दाख में करीब ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लद्दाख का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और यहां की नई पीढ़ी का भविष्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन परियोजनाओं का सीधा संबंध लद्दाख की कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, पर्यटन और स्थानीय लोगों की सुविधाओं से है। सरकार का जोर सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के बेहतर अवसर देने पर भी है। लद्दाख के युवाओं के लिए क्या है सरकार का Plan? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लद्दाख के युवाओं की क्षमता और उनके भविष्य पर जोर दिया। उनका कहना है कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। लद्दाख में पर्यटन के विस्तार, विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ग्रीनहाउस खेती को भी बढ़ावा दे रही है। लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्र में खेती करना आसान नहीं है, इसलिए ग्रीनहाउस तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। Leh Airport पर ₹640 करोड़ का बड़ा Investment लद्दाख में पर्यटन और हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना पर करीब ₹640 करोड़ खर्च किए गए हैं। लगभग 23,800 वर्ग मीटर में बने इस टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 35 लाख बताई गई है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी। टर्मिनल में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बेहतर एयरपोर्ट से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ लद्दाख के पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। Nimmu-Padum-Darcha Road से आसान होगा सफर लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 298 किलोमीटर लंबी निमू-पदुम-दरचा सड़क भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग लेह के निमू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ता है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरता है। इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लद्दाख पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क का मतलब सिर्फ कम समय में सफर पूरा करना नहीं है। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जरूरी सामान तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है। Power Projects से मजबूत होगी बिजली की व्यवस्था लद्दाख में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया गया है। 9 मेगावाट क्षमता वाला हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। वहीं, 66 केवी की दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेगी। इन परियोजनाओं से बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे घरों के साथ स्थानीय कारोबार और दूसरी जरूरी सेवाओं को भी फायदा मिल सकता है। लद्दाख की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा संरक्षण विकास परियोजनाओं के बीच लद्दाख की प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया गया है। लेह के सिंधु घाट पर पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया गया। पेट्रोग्लिफ ऐसी प्राचीन आकृतियां होती हैं, जिन्हें चट्टानों पर उकेरा जाता है। इनमें उस दौर के लोगों के जीवन, जानवरों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां मिल सकती हैं। ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। इससे लद्दाख के इतिहास को समझने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है। Project Him Sarovar: 40 गांवों में बने जल निकाय लद्दाख में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। खासकर खेती के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी जुटाना कई इलाकों में मुश्किल हो सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Project Him Sarovar के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पानी को संरक्षित करना और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल आसान बनाना है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए मदद मिल सकती है। साथ ही, जल संरक्षण की बेहतर व्यवस्था क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है। Tourism और रोजगार पर भी रहेगा जोर लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध मठों, पहाड़ों और एडवेंचर गतिविधियों के लिए जाना जाता है। बेहतर एयरपोर्ट और सड़क संपर्क से यहां आने वाले पर्यटकों की यात्रा आसान हो सकती है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, होटल, होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, पर्यटन का विस्तार पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखकर करना जरूरी होगा। लद्दाख जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। लद्दाख के लिए क्यों अहम हैं ₹3,350 करोड़ के Projects? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित और शुरू की गई इन परियोजनाओं का महत्व केवल बड़ी रकम तक सीमित नहीं है। इनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। बेहतर सड़कें और एयरपोर्ट सफर को आसान बना सकते हैं। बिजली परियोजनाएं ऊर्जा व्यवस्था मजबूत कर सकती हैं, जबकि जल निकाय खेती में मदद कर सकते हैं। दूसरी ओर, शिक्षा, खेल और पर्यटन पर ध्यान देने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं। निष्कर्ष: लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाएं क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब इनकी सफलता इस बात से तय होगी कि इनका लाभ स्थानीय लोगों, किसानों, कारोबारियों और युवाओं तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है। प्रधानमंत्री का लद्दाख की नई पीढ़ी पर जोर इस बात को रेखांकित करता है कि विकास...

भोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग

भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोले-भटूरे दुकान के संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान में भट्टी के पास रखे कपड़े में आग लगी थी, जिसके बाद लपटें फैल गईं। हादसे में आसपास की चार अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को नुकसान पहुंचा था। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार से हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की तैयारी है। निगम ने चेतावनी दी है कि तय स्थान पर नहीं जाने वाले हॉकर्स का सामान जब्त किया जा सकता है। भट्टी के पास रखे कपड़े में लगी थी आग पुलिस की जांच के मुताबिक, बालाजी छोले-भटूरे दुकान में भट्टी जल रही थी। इसके पास रखे कपड़े में आग लगने के बाद लपटें फैल गईं और आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, आग भट्टी के पास रखे कपड़े से शुरू हुई थी। वहीं, दुकान में अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच नगर निगम कर रहा है। न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच जांचने के लिए मॉकड्रिल आग की घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच और रास्तों में आने वाली बाधाओं की जांच शुरू की है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। इस दौरान दो दमकल वाहनों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां दमकल को रुकना पड़ा, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। 8 अक्टूबर को आग लगने के दौरान दुकानों के सामने रखा सामान दमकल वाहनों के रास्ते में बाधा बना था। इसी को देखते हुए निगम ने बाजार में अतिक्रमण हटाने और रास्ते खाली रखने की कार्रवाई तेज की है। टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे हॉकर्स नगर निगम ने बुधवार को पूरे दिन मुनादी कराकर हॉकर्स को गुरुवार से निर्धारित स्थान पर जाने की सूचना दी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास स्थित हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। निगम की योजना न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की है, ताकि बाजार के रास्ते खुले रहें और आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी न हो। दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी कर रहा है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीली लाइन से आगे सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य दुकानों के सामने का रास्ता खाली रखना है, ताकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य प्रभावित न हो। आग वाली जगह से 100 फीट दूर भी जलती हैं भट्टियां आग लगने वाली जगह से करीब 100 फीट की दूरी पर छोले-भटूरे की दो अन्य दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आसपास दो से तीन नमकीन की दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टियां जलती हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों और भट्टियों के आसपास रखे सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुकानों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच जरूरी मानी जा रही है। चौक बाजार में 22 लाख का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी सवालों में शहर के पुराने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान इस सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई थी। इसके बाद सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड और घोड़ा नक्कास समेत शहर के आठ प्रमुख बाजारों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है। बैरागढ़ के फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव पर भी सवाल 17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ के संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 100 से ज्यादा कपड़े की दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव में कमी और उपकरणों पर जंग लगने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मेन कॉरिडोर में अतिक्रमण और मॉकड्रिल नहीं होने की बात भी कही गई है। न्यू मार्केट की आग के बाद अब सवाल केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि बाजारों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन रास्ते खुले रखने का भी है।

भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार

हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 24 रन से हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की हार की वजह पिच नहीं, बल्कि खराब गेंदबाजी थी। गावस्कर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिससे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिला। गावस्कर ने कहा कि अगर गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में तय योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। गावस्कर बोले- फुलटॉस डालकर पिच को दोष नहीं दे सकते गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि भारतीय गेंदबाजों की कमियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर पिच को लेकर शिकायत की जाती है और कहा जाता है कि वह गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही, लेकिन फुलटॉस डालने पर पिच को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने गेंदबाजों को सलाह दी कि परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है। फुलटॉस और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल लेंथ पर गेंद डालने से उन्हें आसानी से रन बनाने का मौका मिलता है। गावस्कर के मुताबिक, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सका। दोबारा बिछाई गई पिच पर गेंद रुककर आने की शिकायत हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की बात सामने आई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ मौकों पर गेंद पिच पर रुककर आई और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। हालांकि, गावस्कर का मानना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके अनुसार, पिच से मिलने वाली संभावित मदद तभी उपयोगी साबित होती है, जब गेंदबाज सही जगह गेंद डालें। इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिले। शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी उठाए सवाल गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी के तरीके पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे, लेकिन जोसेफ ने उनके खिलाफ बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी और एक और बाउंसर डाल दी। इस पर कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय अर्शदीप को निशाना बना रहे थे, जबकि उस समय स्टंप्स असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। 24 रन से हारा भारत बुधवार को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। मैच के बाद भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और पिच की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। गावस्कर की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि उनके मुताबिक, हार के लिए परिस्थितियों से ज्यादा गेंदबाजों का प्रदर्शन जिम्मेदार था।

संजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे

हैदराबाद। भारतीय ओपनर संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हार के बाद तिलक वर्मा के विकेट को मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। बुधवार को हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में भारत को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। सैमसन के मुताबिक, तिलक और नीतीश कुमार रेड्डी की साझेदारी के दौरान भारतीय टीम रन चेज में अच्छी स्थिति में थी, लेकिन तिलक के आउट होते ही मैच का रुख बदल गया। मैच के बाद सैमसन ने कहा, “मैच का टर्निंग पॉइंट वह था, जब तिलक आउट हुए। हम अच्छी स्थिति में थे। हम 10-20 रन आसानी से बना रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव संभाल रहे थे और दोनों बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे।” रेड्डी और तिलक ने 32 गेंदों में जोड़े 70 रन भारत ने 130 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उस समय टीम को जीत के लिए 50 गेंदों में 118 रन बनाने थे। मुश्किल परिस्थिति में नीतीश कुमार रेड्डी और तिलक वर्मा ने छठे विकेट के लिए 32 गेंदों में 70 रन की साझेदारी कर टीम की वापसी कराई। दोनों की बल्लेबाजी से भारत की जीत की उम्मीदें फिर मजबूत हुईं। हालांकि, जब जीत के लिए 19 गेंदों में 48 रन की जरूरत थी, तब रोमारियो शेफर्ड ने तिलक वर्मा को गलत शॉट खेलने पर मजबूर किया और उनका विकेट हासिल कर लिया। इसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम मुकाबला 24 रन से हार गई। सैमसन ने कहा कि पांच विकेट गिरने के बाद भी टीम के पास मैच में वापसी का मौका था। दो युवा खिलाड़ियों ने दबाव में अच्छी बल्लेबाजी की और वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण का सामना किया। उन्होंने माना कि निचले क्रम के बल्लेबाजों को अंत में बड़ी भूमिका निभानी थी। सैमसन ने कहा कि क्रिकेट में गलतियां होती हैं, लेकिन टीम को सकारात्मक रहकर आगे बढ़ना होगा। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा का किया बचाव ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर भी सैमसन ने प्रतिक्रिया दी। ईशान ने तीन गेंदों में छह रन बनाए, जबकि अभिषेक शर्मा 24 गेंदों पर 29 रन ही बना सके। सैमसन ने दोनों खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि एक मैच में खराब प्रदर्शन होना सामान्य है। उन्होंने अभिषेक की पिछली मैच में खेली गई 70 रन की पारी का जिक्र किया और कहा कि ईशान भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। सैमसन के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं और एक खराब मैच के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। सैमसन ने 23 गेंदों में बनाए 56 रन संजू सैमसन ने खुद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 56 रन बनाए। ईशान किशन के जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने तेज गति से रन बनाकर भारतीय टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि, टीम की हार से वह निराश नजर आए। सैमसन ने कहा, “हारने वाली टीम में होने का एहसास अलग होता है। इस समय मैं काफी निराश हूं। मेरा योगदान जीत में आना चाहिए था।” अपनी बल्लेबाजी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें मैदान पर बल्लेबाजी करने में मजा आया। उनके मुताबिक, बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय ज्यादा सोचने का समय नहीं होता और परिस्थितियों के अनुसार तेजी से खेलना पड़ता है। आखिरी मुकाबले को लेकर सैमसन आश्वस्त सीरीज बराबर होने के बाद सैमसन ने कहा कि भारतीय टीम अगले मुकाबले के लिए तैयार है। उन्होंने आखिरी मैच को फाइनल जैसा बताते हुए कहा कि अब देखना होगा कि टीम आगे कैसा प्रदर्शन करती है। अर्शदीप सिंह की चोट पर भी दिया अपडेट सैमसन ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की चोट को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अर्शदीप अपने कंधे पर बर्फ लगा रहे हैं। सैमसन ने उम्मीद जताई कि गेंद लगने से घायल हुए अर्शदीप जल्द ठीक हो जाएंगे और टीम में वापसी कर सकेंगे।

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