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सुंधा माता दर्शन के लिए पैदल जा रहे श्रद्धालु को पिकअप ने मारी टक्कर, मौके पर मौत

रानीवाड़ा में मंगलवार तड़के सुंधा माता मंदिर दर्शन के लिए पैदल जा रहे एक श्रद्धालु की सड़क हादसे में मौत हो गई। कोटड़ा और धनपुरा गांव के बीच पीछे से आए पिकअप ट्राला ने श्रद्धालु को टक्कर मार दी। हादसा सुबह करीब 3 बजे हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान रूपावटी कलां निवासी हितेश कुमार (28) पुत्र नानजी राम चौधरी के रूप में हुई है। हितेश सुंधा माता के दर्शन के लिए पैदल जा रहे श्रद्धालुओं के दल में शामिल था। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को भीनमाल के सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। पुलिस पोस्टमार्टम की कार्रवाई कर रही है। सहायक उप निरीक्षक संग्रामाराम ने बताया कि पुलिस ने हादसे में शामिल पिकअप वाहन को दस्तयाब कर लिया है। मामले की जांच जारी है। एक साल पहले हुई थी शादी हितेश गांव में खेती का काम करता था। परिजनों के मुताबिक उसकी शादी करीब एक साल पहले ही हुई थी। वह इस बार पांचवीं बार सुंधा माता के दर्शन के लिए जा रहा था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
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JSSC-CGL परीक्षा रद्द, 2014 से अब तक की परीक्षाओं की CID जांच के आदेश

झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार रात मंत्रियों के साथ करीब 4 घंटे चली बैठक के बाद इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि SIT और CID की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अब 2014 से लेकर अब तक आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच CID से कराई जाएगी। JPSC सिविल सेवा परीक्षा की भी होगी जांचमुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की सबसे बड़ी मांग JPSC सिविल सेवा परीक्षा को लेकर है। इसकी पूरी जांच एक रिटायर्ड जज की निगरानी में कराई जाएगी। छात्र नेताओं ने कहा- मास्टरमाइंड पकड़े जाएंJSSC-CGL रद्द होने के फैसले का आंदोलन कर रहे छात्रों ने स्वागत किया। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि जांच बारीकी से होनी चाहिए और भ्रष्टाचार में शामिल सभी लोगों के साथ-साथ गिरोह के मास्टरमाइंड को भी पकड़ा जाना चाहिए। वहीं, छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि CBI जांच की मांग अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा। बाबूलाल मरांडी ने CBI जांच की मांग उठाईनेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने परीक्षा रद्द होने को छात्रों की बड़ी जीत बताया, लेकिन कहा कि सरकार ने CBI जांच का आदेश नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर निर्णायक कार्रवाई के लिए CBI जांच जरूरी है। 24 दिन से आंदोलन कर रहे छात्रझारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को रद्द करने तथा CBI जांच की मांग को लेकर छात्र करीब 24 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद्द करना पहला कदम है, लेकिन निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई के बाद ही आंदोलन की वास्तविक जीत होगी। 2014 से सभी परीक्षाओं की होगी जांचसरकार के मुताबिक, 2014 से अब तक आयोजित सभी परीक्षाओं को जांच के दायरे में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई कंपनियों का जटिल और आपस में जुड़ा नेटवर्क सामने आया है, इसलिए जांच पूरी होने तक सभी तथ्यों को सार्वजनिक करना संभव नहीं है।
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यूपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 65 शहरों में बारिश; प्रयागराज में 4 फीट तक भरा पानी, 75 जिलों में अलर्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। सोमवार को राजधानी लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज समेत 65 शहरों में रुक-रुककर बारिश हुई। कई जिलों में भारी बारिश के चलते जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रयागराज में रविवार देर रात से जारी बारिश के बाद करेली इलाके की कॉलोनियों और गलियों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया। कई कारें और बाइकें पानी में डूब गईं। जलभराव के कारण लोगों को घरों की पहली मंजिल पर रहने को मजबूर होना पड़ा। पुलिस और NDRF की टीमों ने कई लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। लखनऊ में 4 घंटे तक हुई तेज बारिश लखनऊ में सोमवार सुबह करीब 5 बजे से लगभग चार घंटे तक जोरदार बारिश हुई। इसके चलते कई इलाकों की सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। इससे एक दिन पहले रविवार को राजधानी में इस सीजन की एक दिन में सबसे ज्यादा 40.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। गंगा एक्सप्रेस-वे पर सड़क में हुआ गहरा गड्ढा उन्नाव में बारिश के कारण गंगा एक्सप्रेस-वे पर भी परेशानी सामने आई है। सोनिक के पास किलोमीटर 421 पर मेरठ-प्रयागराज लेन में करीब 10 मीटर लंबा और गहरा गड्ढा हो गया। साइड रेलिंग के पास भी जमीन धंसने की सूचना है। 10 से ज्यादा नदियां उफान पर यूपी में गंगा-यमुना समेत 10 से ज्यादा नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। कानपुर और उन्नाव में गंगा किनारे बसे इलाकों में पानी भर गया है। 500 से ज्यादा घरों में पानी पहुंचने की बात सामने आई है। कई इलाकों में सड़कों और गलियों में नावों की मदद से आवाजाही की जा रही है। कुछ स्थानों पर लोग घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। वाराणसी के मंदिरों में घुसा पानी वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों के किनारे बने 100 से ज्यादा छोटे मंदिरों में पानी घुस गया है। रत्नेश्वर महादेव और ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर भी करीब 70 फीसदी तक डूब गए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी और बरदहा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। रामघाट की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। सोनभद्र में सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे ज्यादा 65.7 मिमी बारिश सोनभद्र में दर्ज की गई। मौसम विभाग ने मंगलवार को यूपी के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारिश के चलते हरदोई और जौनपुर में मंगलवार को स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है।
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गैस सिलेंडर e-KYC की डेडलाइन बढ़ी, अब 23 अगस्त तक मौका; सर्वर डाउन से उपभोक्ता परेशान

भोपाल: घरेलू गैस सिलेंडर की e-KYC कराने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 23 अगस्त 2026 कर दी गई है। पहले यह समयसीमा 16 अगस्त थी। हालांकि डेडलाइन बढ़ने के बावजूद कई उपभोक्ताओं की परेशानी कम नहीं हुई है। तेल कंपनियों के सर्वर में तकनीकी दिक्कत और मोबाइल ऐप के ठीक से काम नहीं करने के कारण e-KYC प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। गैस एजेंसियों के काउंटरों पर भीड़ बढ़ रही है। कई उपभोक्ताओं को घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी सर्वर की समस्या के कारण बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा नहीं हो पा रहा है। 23 अगस्त तक करना होगा e-KYC तेल विपणन कंपनियों ने आधार आधारित e-KYC की समयसीमा सात दिन बढ़ाई है। अब उपभोक्ताओं को 23 अगस्त तक अपना वेरिफिकेशन पूरा करना होगा। सर्वर डाउन से बढ़ी परेशानी डेडलाइन बढ़ने के बावजूद तकनीकी समस्या बनी हुई है। सर्वर डाउन होने, ऐप के क्रैश होने और प्रोसेसिंग धीमी होने के कारण उपभोक्ता ऑनलाइन e-KYC नहीं कर पा रहे हैं। गैस एजेंसियों के डीलर्स का कहना है कि सिस्टम बंद होने पर पूरे दिन का काम प्रभावित होता है और बैकलॉग बढ़ता जाता है। एजेंसियों पर लंबी कतारें e-KYC कराने के लिए बड़ी संख्या में लोग गैस एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं। घंटों लाइन में इंतजार करने के बाद भी अगर सर्वर काम नहीं करता तो बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा नहीं हो पाता। इससे उपभोक्ताओं को दोबारा एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। सवाल-जवाब में समझिए e-KYC से जुड़ी जरूरी बातें सवाल: 23 अगस्त तक e-KYC नहीं हुई तो क्या होगा?जवाब: समयसीमा के भीतर e-KYC नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को मिलने वाली घरेलू गैस से जुड़ी सब्सिडी या रियायती लाभ प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि कनेक्शन तुरंत रद्द होने की बात अलग विषय है और लागू नियमों पर निर्भर करेगी। सवाल: क्या मोबाइल से e-KYC की जा सकती है?जवाब: हां, उपभोक्ता अपनी गैस कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए e-KYC की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। ऐप में उपलब्ध e-KYC विकल्प के जरिए आधार और फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। सवाल: फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो जाए तो क्या करें?जवाब: पर्याप्त रोशनी में दोबारा फेस स्कैन करें और मोबाइल को स्थिर रखें। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऐप में e-KYC Success का स्टेटस जरूर जांचें। सिर्फ फेस स्कैन हो जाने को e-KYC पूरी होने का प्रमाण न मानें। ऑफलाइन e-KYC के भी विकल्प अगर मोबाइल ऐप से e-KYC नहीं हो पा रही है तो उपभोक्ता गैस एजेंसी जाकर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन करा सकते हैं। इसके अलावा, उपलब्ध आधिकारिक डिवाइस के जरिए सिलेंडर डिलीवरी के समय भी e-KYC की सुविधा मिल सकती है। ध्यान दें: सर्वर या ऐप की तकनीकी समस्या होने पर उपभोक्ता को बार-बार प्रयास करने के बजाय अपनी संबंधित गैस एजेंसी से e-KYC का स्टेटस कन्फर्म कर लेना चाहिए।
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सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट: 251 लोकसभा सांसदों पर आपराधिक मामले, 4,192 केस लंबित

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को पेश की गई रिपोर्ट में सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा के 543 सांसदों में से 251 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें 170 मामले गंभीर श्रेणी के हैं। वहीं, राज्यसभा के 233 सदस्यों में से 75 के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एफिडेविट के अनुसार, मौजूदा और पूर्व सांसदों-विधायकों के खिलाफ देशभर में 4,192 आपराधिक मामले लंबित हैं। यह एफिडेविट वरिष्ठ वकील विजय हंसारिया ने दाखिल किया है। वह जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे से जुड़ी जनहित याचिका में कोर्ट की सहायता कर रहे हैं। तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी पर 89 मामले एफिडेविट में मुख्यमंत्रियों के खिलाफ दर्ज मामलों का भी जिक्र किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर 89 मामले दर्ज हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर 29 और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर 19 मामले बताए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 28 राज्यों में से 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जिनमें गंभीर मामले भी शामिल हैं। 2025 में 1,243 मामलों का हुआ निपटारा हाईकोर्ट से जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में सांसदों और विधायकों से जुड़े 1,243 आपराधिक मामलों का फैसला हुआ, जबकि इसी दौरान 1,050 नए मामले दर्ज किए गए। इसके बावजूद कुल 4,192 मामले अभी लंबित हैं। राज्यसभा के 33% सदस्यों पर आपराधिक मामले एफिडेविट के मुताबिक, राज्यसभा के 233 सदस्यों में से 75 यानी करीब 33% सदस्यों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें 40 मामले गंभीर श्रेणी के हैं, जिनमें पांच साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान हो सकता है। लोकसभा के 251 सांसदों पर मामलों में से 170 को गंभीर श्रेणी में रखा गया है। केरल के 95% सांसदों पर मामले राज्यवार आंकड़ों में केरल सबसे ऊपर है। वहां 20 में से 19 सांसदों यानी 95% सांसदों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। इनमें 11 सांसद गंभीर मामलों का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा तेलंगाना के 17 में से 14, ओडिशा के 21 में से 16, झारखंड के 14 में से 10 और तमिलनाडु के 39 में से 26 सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में भी करीब आधे सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज होने की बात रिपोर्ट में कही गई है। विशेष अदालतों को लेकर मांग वरिष्ठ वकील विजय हंसारिया ने सुप्रीम कोर्ट से सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की निगरानी की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन मामलों का जल्द निपटारा सुनिश्चित करने के लिए विशेष अदालतों को प्रभावी तरीके से काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि सांसदों और विधायकों के लिए बनाई गई विशेष अदालतों में पहले केवल जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई पूरी की जाए, उसके बाद ही अन्य मामलों को लिया जाए।
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हवाई किराए पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र को 3 हफ्ते में नए नियम बनाने का निर्देश

नई दिल्ली। हवाई किराए में बढ़ोतरी और यात्रियों से लिए जाने वाले अतिरिक्त शुल्क को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत नए नियम जल्द अंतिम रूप देने को कहा है। केंद्र ने अदालत को बताया कि नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तीन सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि नियमों को सात दिन के भीतर प्रकाशित किया जाए और एयरलाइंस द्वारा नियमों का पालन नहीं करने की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाए। मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी। किराए और हिडन चार्ज को लेकर दायर हुई थी याचिका यह मामला सोशल एक्टिविस्ट एस. लक्ष्मीनारायणन की याचिका से जुड़ा है। याचिका में हवाई किराए में पारदर्शिता, यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइंस के अतिरिक्त शुल्क पर निगरानी के लिए स्वतंत्र नियामक व्यवस्था बनाने की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एयरलाइंस डायनेमिक प्राइसिंग के जरिए किराए में भारी बढ़ोतरी करती हैं। इसके अलावा बैगेज, सीट चयन, भोजन और अन्य सेवाओं के लिए अलग-अलग शुल्क लिए जाते हैं। त्योहारों में किराए बढ़ने पर कोर्ट ने जताई थी चिंता सुप्रीम कोर्ट पहले भी त्योहारों और आपात स्थिति के दौरान हवाई किराए में अचानक बढ़ोतरी को लेकर चिंता जता चुका है। कोर्ट ने कहा था कि यात्रियों को राहत देने और किराए को तर्कसंगत बनाने की जरूरत है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र से भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत तैयार किए जा रहे नियमों को पेश करने को कहा था। सरकार ने ड्राफ्ट नियम सीलबंद लिफाफे में अदालत के सामने रखे। क्या है डायनेमिक प्राइसिंग? हवाई टिकट की कीमत मांग और सीटों की उपलब्धता के आधार पर बदलती रहती है। सस्ती फेयर कैटेगरी की सीटें बिकने के बाद उसी फ्लाइट में अगली कैटेगरी का किराया अधिक हो जाता है। इसी वजह से एक ही फ्लाइट में अलग-अलग यात्रियों को अलग कीमत पर टिकट मिल सकता है। बैगेज और अतिरिक्त शुल्क भी मुद्दा याचिका में चेक-इन बैगेज की सीमा, अतिरिक्त बैगेज शुल्क, सीट चयन, टिकट कैंसिलेशन और अन्य सेवाओं पर लिए जाने वाले शुल्क को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में यात्रियों को इन शुल्कों और किराए में बदलाव से पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलती। अगली सुनवाई 7 सितंबर को केंद्र सरकार ने अदालत को बताया है कि नए नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है और इसे तीन सप्ताह में पूरा किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर 2026 को निर्धारित की है।
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Bengal

Bengal Hotel Fire: बीरभूम के तारापीठ में दर्दनाक हादसा, 7 की मौत; 9 घायल

Bengal के बीरभूम जिले के तारापीठ में सावन सोमवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। मंदिर के पास स्थित एक होटल में अचानक आग लगने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हुए हैं। हादसे के वक्त होटल में ठहरे कई लोग सो रहे थे, इसलिए आग की खबर फैलते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। सुबह-सुबह होटल में फैला धुआं बताया जा रहा है कि सोमवार तड़के होटल में आग लगी। देखते ही देखते धुआं कमरों और होटल के दूसरे हिस्सों में फैलने लगा। नींद में मौजूद लोगों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और Fire Brigade की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव अभियान चलाकर होटल में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। AC में Short Circuit बना आग की वजह? प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, होटल के AC के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में Short Circuit होने के बाद आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी इसे अंतिम कारण नहीं माना है। आग की वास्तविक वजह जानने के लिए जांच की जा रही है। जांच में होटल की वायरिंग, बिजली के उपकरणों और Fire Safety व्यवस्था को भी देखा जा रहा है। 7 लोगों की मौत, 9 घायल इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 9 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और घायलों के इलाज से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे की खबर सामने आने के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। तारापीठ पहुंचे दूसरे श्रद्धालु भी घटना से काफी चिंतित नजर आए। Sawan Monday पर तारापीठ में थी भारी भीड़ सोमवार को सावन का दिन होने के कारण तारापीठ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ थी। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पूजा और दर्शन के लिए यहां पहुंचे थे। मंदिर के आसपास के होटल और लॉज भी श्रद्धालुओं से भरे हुए थे। ऐसे में होटल में लगी आग ने धार्मिक नगरी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। Hotel Fire Safety पर उठे सवाल तारापीठ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु ठहरते हैं। ऐसे में होटल और लॉज में Emergency Exit, Fire Extinguisher, सुरक्षित Electrical Wiring और पर्याप्त Fire Safety व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। बीरभूम पुलिस और प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि आग किन परिस्थितियों में लगी और होटल में सुरक्षा नियमों का कितना पालन किया गया था। फिलहाल इस हादसे ने सावन सोमवार की धार्मिक आस्था के बीच एक गहरी चिंता छोड़ दी है। प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही आग की असली वजह और अन्य जिम्मेदारियों की तस्वीर साफ हो सकेगी।
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UP

UP से Odisha तक Flood का कहर: प्रयागराज जलमग्न, स्कूल में 312 छात्र फंसे

उत्तर प्रदेश (UP) और ओडिशा में मानसून की बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से कई निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है। कहीं सड़कें पानी में डूबी हैं तो कहीं गलियों में नावें चल रही हैं। कई जगह कार और बाइक भी जलभराव में फंस गई हैं। दूसरी ओर, ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले में एक स्कूल बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है, जहां 312 छात्र और 10 शिक्षक करीब दो दिन से फंसे बताए जा रहे हैं। प्रयागराज में घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी प्रयागराज के निचले इलाकों में बाढ़ का असर साफ दिखाई दे रहा है। कई घरों में करीब तीन फीट तक पानी पहुंचने की खबर है। गलियों और सड़कों पर पानी भरने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिन रास्तों पर आम दिनों में लोगों की आवाजाही रहती थी, वहां अब पानी नजर आ रहा है। कई परिवारों ने जरूरी सामान ऊंची जगहों पर रख दिया है। वाहन भी जलभराव की चपेट में आ गए हैं। कुछ इलाकों में लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। UP के कई शहरों में बारिश से परेशानी प्रयागराज अकेला शहर नहीं है जहां बारिश ने मुश्किल बढ़ाई है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। निचले इलाकों में पानी भरने के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। कई जगह सड़कें जलमग्न होने से यातायात प्रभावित हुआ है। स्थानीय प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के मुताबिक राहत एवं बचाव की तैयारी की जा रही है। Odisha में 312 Students स्कूल में फंसे ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले से भी बाढ़ की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। कुलसाही गांव स्थित सरकारी SC/ST आवासीय आश्रम स्कूल में 312 छात्र और 10 शिक्षक करीब दो दिन से फंसे बताए जा रहे हैं। बाढ़ का पानी स्कूल परिसर तक पहुंचने के बाद छात्रों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें ऊपरी मंजिल पर शिफ्ट किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक स्कूल के आसपास पानी का स्तर बढ़ा हुआ है, जिससे बाहर निकलना आसान नहीं है। सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा और खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और राहत पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कई जिलों में Flood Situation ओडिशा के केंद्रापड़ा के अलावा बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज और क्योंझर जैसे जिलों में भी भारी बारिश और बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर सड़क और परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए जलस्तर बढ़ना खास चिंता का विषय बना हुआ है। लगातार बारिश ने बढ़ाई लोगों की चिंता UP और Odisha में सामने आई तस्वीरें बताती हैं कि मानसून की तेज बारिश किस तरह आम जिंदगी को प्रभावित कर सकती है। प्रयागराज में घरों और गलियों में पानी भरने से लोग परेशान हैं, वहीं ओडिशा में स्कूली बच्चों का लंबे समय तक बाढ़ के बीच फंसे रहना चिंता बढ़ा रहा है। फिलहाल प्रभावित इलाकों में प्रशासन और राहत एजेंसियों की सक्रियता बेहद जरूरी है। लोगों से भी जलभराव वाले रास्तों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar Ashok Dham हादसा: जलाभिषेक के लिए उमड़ी भीड़ में भगदड़, 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत

सावन के तीसरे सोमवार पर बिहार (Bihar) के लखीसराय से एक बेहद दुखद खबर सामने आई। भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए अशोकधाम मंदिर में हजारों श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक ऐसी अफरा-तफरी मची कि देखते ही देखते भीड़ बेकाबू हो गई। हादसे में 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। सुबह मंदिर में माहौल पूरी तरह भक्तिमय था। श्रद्धालु जल लेकर भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। लेकिन कुछ ही देर में हालात बदल गए और खुशी का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। करंट की अफवाह ने बढ़ाई लोगों की घबराहट शुरुआती जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर के पास बिजली के पोल से जुड़ी घटना के बाद करंट फैलने की अफवाह तेजी से भीड़ में फैल गई। अफवाह सुनते ही कई श्रद्धालु घबराकर इधर-उधर भागने लगे। भीड़ पहले से ही काफी ज्यादा थी। ऐसे में अचानक लोगों के भागने से एक-दूसरे पर दबाव बढ़ गया और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी दौरान कई श्रद्धालु गिर पड़े। हजारों लोगों की मौजूदगी से बढ़ी मुश्किल सावन के तीसरे सोमवार के कारण अशोकधाम मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। दूर-दराज के इलाकों से भी लोग जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे। मंदिर और आसपास के रास्तों पर लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन अचानक पैदा हुई अफरा-तफरी में व्यवस्था बिगड़ गई। 7 महिलाओं की मौत, कई श्रद्धालु घायल भगदड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायल श्रद्धालुओं को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में 7 महिलाओं की मौत की पुष्टि हुई है। अस्पताल में घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई। गंभीर रूप से घायल लोगों को जरूरत के अनुसार बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है। हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट घटना के बाद प्रशासन ने मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्य की निगरानी की। फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह को लेकर जांच जारी है। शुरुआती जानकारी में करंट की अफवाह और भीड़ का अचानक दबाव अहम कारण माने जा रहे हैं। जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। CM ने जताया दुख, पीड़ित परिवारों को मदद का ऐलान बिहार सरकार ने हादसे पर दुख जताया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के निकटतम आश्रित को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इस घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में Crowd Management, Emergency Response और Safety व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब हजारों लोग एक साथ किसी धार्मिक स्थल पर पहुंचते हैं, तब छोटी-सी अफवाह भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। अशोकधाम की यह घटना उन परिवारों के लिए कभी न भूल पाने वाला दुख बन गई, जो सावन के पवित्र सोमवार पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने उम्मीद और आस्था के साथ मंदिर पहुंचे थे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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नागौर में अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश, 18 चक्का ट्रेलर से करते थे रेकी; 650 किमी पीछा कर 5 गिरफ्तार

नागौर। राजस्थान के नागौर जिले की खींवसर पुलिस ने रात के समय घरों में चोरी और नकबजनी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी वारदात वाली जगह के पास 18 चक्का ट्रेलर खड़ा कर चोरी की योजना बनाते थे और पुलिस से बचने के लिए वारदात के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। ASP आसाराम चौधरी के अनुसार, गिरोह राजस्थान और मध्यप्रदेश में 100 से ज्यादा वारदात कर चुका है। पिछले दो वर्षों में गिरोह ने करीब 10 करोड़ रुपए से अधिक की ज्वेलरी और नकदी चोरी करने का दावा पुलिस ने किया है। 8.30 लाख की चोरी के बाद खुला मामला पुलिस के मुताबिक, 6 अगस्त को बिरलोका निवासी रतनसिंह के घर करीब 8.30 लाख रुपए की चोरी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू की। जांच में पुलिस को एक खास पैटर्न नजर आया। जिन-जिन इलाकों में चोरी की वारदातें हुई थीं, वहां आसपास 18 चक्का ट्रेलर की आवाजाही भी सामने आई। पुलिस ने करीब 400 CCTV कैमरों और 18 टोल प्लाजा की फुटेज खंगाली। इसके बाद ट्रेलर की पहचान कर पुलिस ने गिरोह तक पहुंच बनाई। 650 किलोमीटर तक किया पीछा ASP आसाराम चौधरी के मुताबिक, गिरोह 13 अगस्त को चित्तौड़गढ़ से ट्रेलर लेकर निकला था। इसकी जानकारी मिलने के बाद खींवसर पुलिस ने ट्रेलर का पीछा शुरू किया। आरोपियों ने रास्ते में पुलिस को चकमा देकर जयपुर की तरफ जाने की कोशिश की। पुलिस टीम ने करीब 650 किलोमीटर तक पीछा किया और 14 अगस्त को भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर में ट्रेलर को रोक लिया। इसके बाद पुलिस ने ट्रेलर में सवार पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रविवार को मामले का खुलासा किया। ट्रेलर में रहता था एक आरोपी, बाकी करते थे चोरी पुलिस के मुताबिक, आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए ट्रेलर को रात में सड़क किनारे खड़ा कर देते थे। दूर स्थित घरों को निशाना बनाने के लिए आरोपी आसपास के इलाकों से बाइक चोरी करते और उसी से वारदात वाली जगह पहुंचते थे। चोरी के बाद बाइक को करीब 8 से 10 किलोमीटर दूर छोड़ देते थे। मोबाइल नहीं रखते थे, बार-बार बदलते थे रास्ता पुलिस से बचने के लिए आरोपी वारदात के दौरान मोबाइल फोन अपने पास नहीं रखते थे। इसके अलावा पुलिस की नजर से बचने के लिए बार-बार अपना रास्ता बदलते थे। हालांकि, चोरी के लिए इस्तेमाल की गई बाइक के साथ-साथ उनका 18 चक्का ट्रेलर भी इलाके के आसपास मौजूद रहता था। टोल प्लाजा की CCTV फुटेज में ट्रेलर की लगातार मौजूदगी सामने आने के बाद पुलिस ने उसके FASTag रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि ट्रेलर जिन रास्तों से गुजरता था, वहां चोरी की वारदातों से उसका संबंध सामने आ रहा था। पुलिस के मुताबिक, ट्रेलर टोल से गुजरते समय अक्सर खाली दिखाई देता था और आरोपी इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से वारदातों के लिए करते थे। पुलिस जांच में कई वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। उनसे राजस्थान और मध्यप्रदेश में की गई अन्य चोरी और नकबजनी की वारदातों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के बाद गिरोह से जुड़ी अन्य घटनाओं और सदस्यों का भी खुलासा हो सकता है।
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मेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर सौरभ की हत्या करने का आरोप साबित होने के बाद यह फैसला सुनाया गया। सजा सुनाते हुए जज ने वारदात को नृशंस हत्याकांड बताया और कहा कि इसमें माफी स्वीकार नहीं होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए मुस्कान और साहिल सजा सुनाए जाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। इस दौरान दोनों रोने लगे। जज ने मुस्कान से पूछा कि पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद वह क्या सजा चाहती है। इस पर मुस्कान ने कहा, “मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए।” इसके बाद वह खामोश हो गई। वहीं, साहिल से भी यही सवाल पूछा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। सजा के ऐलान के बाद रो पड़ीं सौरभ की मां अदालत के फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां भावुक हो गईं और रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया। इस मामले में सजा का ऐलान सौरभ के परिवार के लिए लंबे इंतजार के बाद आया है। 3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भर दिया गया था। इस वारदात ने पूरे देश में व्यापक चर्चा बटोरी थी। अदालत ने मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

इंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR

शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट का सौदा करने के बाद ब्रोकर और प्लॉट मालिक ने फरियादी से 7 लाख 80 हजार रुपये ले लिए, लेकिन न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया। शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। 9.30 लाख में तय हुआ था प्लॉट का सौदा पुलिस के मुताबिक, नंदबाग कॉलोनी निवासी विजय चौहान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने नंदबाग में एक प्लॉट का सौदा 9 लाख 30 हजार रुपये में तय किया था। इस संबंध में एग्रीमेंट भी किया गया था। फरियादी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और रजिस्ट्री भी नहीं कराई गई। ब्रोकर ने परिचित बताकर कराया था सौदा विजय चौहान के अनुसार, धर्मेंद्र ठाकुर ने उन्हें बताया था कि नंदकिशोर मनावत उसका परिचित है और वह अपना प्लॉट बेचना चाहता है। इसके बाद धर्मेंद्र ने सौदे में ब्रोकर की भूमिका निभाई और इसके बदले 10 हजार रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्री कराने और प्लॉट का कब्जा देने की मांग की, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। 25 से ज्यादा केस होने की धमकी देने का आरोप फरियादी ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री और कब्जे के लिए दबाव बनाने पर धर्मेंद्र ठाकुर ने धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, उसने कहा कि उसके खिलाफ 25 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। साथ ही, उसके या नंदकिशोर मनावत के पास दोबारा आने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। 2.80 लाख रुपये लौटाए, 5 लाख बाकी होने का दावा विजय चौहान के मुताबिक, पुलिस में शिकायत करने की बात कहने के बाद नंदकिशोर मनावत ने 2 लाख 50 हजार रुपये नकद और 30 हजार रुपये ऑनलाइन वापस किए। हालांकि, फरियादी का आरोप है कि बाकी 5 लाख रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विजय चौहान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप

नई दिल्ली। SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी और छात्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रा ने कान पर चोट लगने का लगाया आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई। प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान कथित ज्यादती और मारपीट से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर हिरासत का आरोप एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। यह आरोप भी प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया है। राहुल गांधी ने सबूत सुरक्षित रखने को कहा राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका

क्रिकेट न्यूज। वेस्टइंडीज को बांग्लादेश के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के बल्लेबाज शाई होप और तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ सीरीज से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। CWI के मुताबिक, मेडिकल जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद अल्जारी जोसेफ को सीरीज से हटाने का फैसला लिया गया। बोर्ड उनके कार्यभार को नियंत्रित कर चोट के जोखिम को कम करना चाहता है। वहीं, तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलने के बाद शाई होप को आराम दिया गया है। चोट के खतरे को देखते हुए जोसेफ को आराम क्रिकेट वेस्टइंडीज ने बताया कि अल्जारी जोसेफ को टीम से बाहर रखने का फैसला उनकी सहमति से लिया गया है। बोर्ड के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों को लंबे स्पेल में लगातार गेंदबाजी करनी पड़ती है। इससे छोटे फॉर्मेट की तुलना में कार्यभार और चोट का जोखिम बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जोसेफ के वर्कलोड को कम करने का फैसला किया गया है, ताकि उनके स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखा जा सके। शाई होप को भी दिया गया आराम CWI ने कहा कि शाई होप तीनों फॉर्मेट में लगातार खेल रहे थे। ऐसे में उनके कार्यभार और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें टेस्ट सीरीज से आराम दिया गया है। बोर्ड का यह फैसला फरवरी 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स को ध्यान में रखकर भी लिया गया है। टीम प्रबंधन चाहता है कि खिलाड़ी आगामी महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए फिट रहें। केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में मौका शाई होप की गैरमौजूदगी में 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। अब देखना होगा कि बांग्लादेश की घरेलू परिस्थितियों में वेस्टइंडीज की टीम नए संयोजन के साथ कैसा प्रदर्शन करती है। कोच डैरेन सैमी ने सीरीज जीत को बताया अहम वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने कहा कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र की शुरुआत में टीम ने कुछ लक्ष्य तय किए थे। इनमें टेस्ट रैंकिंग के ऊपरी आधे हिस्से में जगह बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज जीतने से टीम अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकती है। सैमी के मुताबिक, बांग्लादेश को उसकी घरेलू परिस्थितियों में हराना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन टीम इसके लिए तैयार है। 28 अक्टूबर से शुरू होगा पहला टेस्ट बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला टेस्ट 28 अक्टूबर से ढाका में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 5 नवंबर से सिलहट में खेला जाएगा।

IMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने साल 2026 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। वैश्विक तनाव, आर्थिक सुस्ती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का ध्यान खींचा है। मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन को भारत की तेज विकास दर की प्रमुख वजह माना गया है। IMF ने अक्टूबर 2026 की अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में भारत की विकास संभावनाओं को सकारात्मक बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा आयात पर निर्भर कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं जहां दबाव का सामना कर रही हैं, वहीं भारत की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है। 2027 में भी 7% ग्रोथ का अनुमान IMF ने 2026 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान में जुलाई के मुकाबले 0.6 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की है। वहीं, 2027 के लिए भी विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2027 का अनुमान जुलाई के मुकाबले 0.3 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी भारत में विकास की संभावनाओं को लेकर उम्मीद बनी हुई है। IMF से पहले विश्व बैंक और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत की विकास दर के अनुमान में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। चीन की सुस्ती के बीच भारत पर नजर रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी गतिविधियों में तेजी ने भी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित किया है। भारत और चीन एशिया की आर्थिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं, हालांकि दोनों देशों की विकास संभावनाओं में अंतर दिखाई दे रहा है। IMF के अनुमान के अनुसार, चीन की विकास दर 2026 में 4.5% और 2027 में 4% रह सकती है। वैश्विक तनाव और ऊर्जा की ऊंची कीमतों को चीन की आर्थिक वृद्धि के सामने चुनौतियों में शामिल किया गया है। दुनिया की आर्थिक विकास दर पर दबाव IMF के मुताबिक, 2028 से 2031 के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था औसतन 3.2% की दर से बढ़ सकती है। यह 2000 से 2019 के बीच महामारी से पहले दर्ज औसत 3.7% की विकास दर से कम है। रिपोर्ट में वैश्विक तनाव, ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और ऊर्जा आयात पर निर्भर उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाले दबाव को आर्थिक विकास के लिए चुनौती बताया गया है। ऐसे माहौल में भारत की अनुमानित विकास दर अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई देती है। मजबूत घरेलू मांग और जनसांख्यिकी से मिल रहा सहारा भारत की आर्थिक मजबूती के पीछे बढ़ता घरेलू बाजार, मजबूत मांग, अनुकूल जनसांख्यिकी और सुधारों को अहम कारक माना गया है। सर्विसेज सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन भी विकास दर को सहारा दे रहा है। हालांकि, बेहतर अनुमान के बावजूद चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक मांग में कमजोरी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

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