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आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी की संपत्तियां ED ने कब्जे में लीं, 426 करोड़ की अटैचमेंट

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रामपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़ी मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अपने कब्जे में ले लिया है। ईडी के मुताबिक, अटैच की गई संपत्तियों का मूल्य 426.46 करोड़ रुपए है, जबकि इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपए आंकी गई है। बुधवार को यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई।

ईडी के अनुसार, जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट करता है। इस ट्रस्ट की स्थापना आजम खान ने की थी और वह इसके प्रमुख ट्रस्टी हैं। यूनिवर्सिटी रामपुर के जौहर नगर क्षेत्र में स्थित है।

जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी धन, ठेकेदारों से प्राप्त रकम और जमीन से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं के जरिए अर्जित धन का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी की संपत्तियां बनाने में किया गया।

पूरा मामला 5 पॉइंट में समझिए

1. 1,170 करोड़ रुपए की बाजार कीमत वाली संपत्तियां अटैच

ईडी के मुताबिक, रामपुर के जौहर नगर और सींगनखेड़ा क्षेत्र में स्थित यूनिवर्सिटी परिसर की जमीन और इमारतें मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के पास हैं। आजम खान ट्रस्ट के संस्थापक और यूनिवर्सिटी के मानद कुलाधिपति हैं। एजेंसी ने इन संपत्तियों का मूल्य 426.46 करोड़ रुपए बताया है, जबकि अनुमानित बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपए है।

2. सरकारी फंड और ठेकेदारों की रकम के दुरुपयोग का आरोप

ईडी की जांच में आरोप लगाया गया है कि सरकारी विकास योजनाओं और ठेकेदारों से प्राप्त धन को ट्रस्ट के खातों में भेजकर यूनिवर्सिटी परिसर के निर्माण में इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक, रामपुर नगर पालिका की सफाई मशीन का इस्तेमाल भी यूनिवर्सिटी में किया गया था।

3. किसानों की जमीन और शत्रु संपत्ति पर कब्जे की जांच

ईडी ने रामपुर के अजीम नगर थाने में दर्ज 26 एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। इनमें किसानों की जमीन पर कथित अवैध कब्जे और लगभग 34 एकड़ शत्रु संपत्ति पर गैरकानूनी कब्जे से जुड़े मामले शामिल हैं।

4. 78.32 करोड़ के डोनेशन में 66.03 करोड़ रुपए फर्जी होने का आरोप

जांच एजेंसी के मुताबिक, ट्रस्ट ने अपनी बैलेंस शीट में 78.32 करोड़ रुपए का डोनेशन दिखाया था। इसमें से 66.03 करोड़ रुपए के कथित तौर पर फर्जी होने की बात सामने आई है। इसी मामले से जुड़े घटनाक्रम में आयकर विभाग ने पहले ही ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया था।

5. गरीब परिवारों के मकान तोड़ने और मलबे के इस्तेमाल का आरोप

जांच के दौरान यह आरोप भी सामने आया कि वर्ष 2016 में आजम खान के कथित निर्देश पर कई गरीब परिवारों के मकान तोड़े गए थे और उनसे निकले मलबे का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी के निर्माण में किया गया। इन आरोपों की जांच के तहत एजेंसियां संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं।

ईडी की जांच अभी जारी

ईडी के मुताबिक, इस मामले में जांच जारी है। इससे पहले अगस्त 2026 में एजेंसी ने आजम खान और उनसे जुड़े परिसरों पर छापेमारी की थी। उस दौरान कई डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

फिलहाल यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसी की ओर से लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।

Muskan Negi

muskannegi1302@gmail.com

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बिलासपुर में 25 हजार रुपए रिश्वत लेते पटवारी का वीडियो वायरल, कलेक्टर ने किया सस्पेंड

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जमीन के बंटवारे के नाम पर पटवारी के कथित तौर पर 25 हजार रुपए रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ है। बताया जा रहा है कि वीडियो करीब एक साल पुराना है, जो अब सामने आया है। मामले में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कार्रवाई करते हुए पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दूसरी ओर, पटवारी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाते हुए पचपेड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है। जमीन का बंटवारा करने के लिए मांगे थे 50 हजार रुपए जानकारी के मुताबिक, ग्राम लोहर्सी सोन निवासी ओम प्रकाश साहू ने पटवारी का वीडियो बनाया था। ओम प्रकाश के अनुसार, करीब एक साल पहले ऋषिपुरी गोस्वामी की पोस्टिंग लोहर्सी सोन के हल्का नंबर में थी। इसी दौरान कपिल साहू की जमीन का बंटवारा कराने के लिए पटवारी ने कथित तौर पर 50 हजार रुपए की मांग की थी। आरोप है कि ओम प्रकाश ने 25 हजार रुपए देते समय वीडियो बना लिया था। अब यह वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। पटवारी ने ब्लैकमेलिंग की शिकायत की थी ओम प्रकाश साहू के मुताबिक, बाद में पटवारी का तबादला पचपेड़ी हल्का नंबर में कर दिया गया था। ओम प्रकाश ने दावा किया कि इस दौरान पटवारी से जुड़े एक राजस्व प्रकरण को लेकर विवाद हुआ और वीडियो वायरल करने की धमकी देने का आरोप सामने आया। इसके बाद पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी ने करीब एक सप्ताह पहले पचपेड़ी थाने में ब्लैकमेलिंग की शिकायत की थी। पुलिस ने दोनों पक्षों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था और ओम प्रकाश साहू से भी पूछताछ की थी। बताया गया कि बाद में पटवारी ने अपनी शिकायत से जुड़े मामले में समझौता कर लिया। इसी बीच रिश्वत लेने का कथित वीडियो वायरल हो गया। कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट के आधार पर किया निलंबित वीडियो सामने आने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी को निलंबित करने का आदेश जारी किया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पचपेड़ी तहसीलदार के जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। प्रारंभिक जांच में पटवारी द्वारा रिश्वत लेने की पुष्टि होने की बात कही गई है। राजस्व विभाग की छवि धूमिल करने का उल्लेख कलेक्टर के आदेश में पटवारी के कथित कृत्य को सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत और गंभीर कदाचरण की श्रेणी में बताया गया है। आदेश के मुताबिक, इस घटना से राजस्व विभाग की छवि धूमिल हुई है। निलंबन अवधि के दौरान ऋषिपुरी गोस्वामी का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कोटा कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। कलेक्टर ने तहसीलदार पचपेड़ी को संबंधित पटवारी के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई जांच और नियमानुसार प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

भोपाल में वर्ग-3 शिक्षक अभ्यर्थियों का चक्काजाम, नियुक्ति पत्र की मांग पर सड़क पर लेटकर किया प्रदर्शन

भोपाल। राजधानी भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर थालियां बजाने और नारेबाजी करने लगे, जिससे चौराहे पर यातायात बाधित हो गया। पुलिस ने अभ्यर्थियों को सड़क से हटाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान कई अभ्यर्थी सड़क पर लेट गए, जबकि कुछ ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर रास्ता रोक लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खींचतान भी हुई। पुलिस यातायात बहाल कराने का प्रयास करती रही। अभ्यर्थियों को हिरासत में लिए जाने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रगान गाना शुरू कर दिया। नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग की मांग प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक नियुक्ति पत्र जारी करने और जॉइनिंग को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अभ्यर्थी भर्ती नियम के क्लॉज 49 का हवाला देते हुए दस्तावेज सत्यापन के दौरान डीएलएड डिग्री से जुड़ी शर्त पर सवाल उठा रहे हैं। उनकी मांग है कि मेरिट में स्थान पाने वाले पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी कर जॉइनिंग दी जाए। 22 दिन पहले भी किया था चक्काजाम प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के अभ्यर्थियों ने करीब 22 दिन पहले भी नियुक्ति की मांग को लेकर एमपी नगर चौराहे पर चक्काजाम किया था। उस समय प्रदर्शन करीब चार घंटे तक चला था। इसके बाद एसडीएम लाखन सिंह चौधरी और पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद आंदोलन समाप्त हुआ था। हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना था कि शिक्षा मंत्री या मुख्यमंत्री स्तर पर बातचीत नहीं हुई और उनकी समस्या का समाधान नहीं निकला, तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। अब नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग की मांग को लेकर अभ्यर्थी एक बार फिर सड़क पर उतर आए हैं। प्रदर्शन के चलते बोर्ड ऑफिस चौराहे पर यातायात प्रभावित हुआ और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
अभिजीत वंजारी

Nagpur Election Result: अभिजीत वंजारी की जीत, फडणवीस के Tweet पर मचा सियासी घमासान

महाराष्ट्र की राजनीति में नागपुर से आए एक चुनावी नतीजे ने कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज कर दी है। नागपुर ग्रेजुएट्स विधान परिषद सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को 3,271 वोटों से हराकर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। नतीजा आने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का एक पुराना सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में आ गया। इस पोस्ट में उन्होंने कांग्रेस को विधान परिषद चुनावों में ‘Big Fat Zero’ मिलने की बात कही थी। लेकिन नागपुर में कांग्रेस की जीत के बाद फडणवीस ने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया। इसके बाद महाराष्ट्र कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने सभी नतीजे आने से पहले ही कांग्रेस के प्रदर्शन पर टिप्पणी कर दी थी। नागपुर का यह मुकाबला इसलिए भी खास रहा, क्योंकि यह फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर है। दोनों नेताओं ने भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया था। Nagpur MLC Result: अभिजीत वंजारी ने कितने वोटों से जीत हासिल की? नागपुर डिवीजन ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी को कुल 67,231 वोट मिले। वहीं, भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले को 63,960 वोट प्राप्त हुए। इस तरह वंजारी ने 3,271 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। मतगणना मंगलवार सुबह शुरू हुई और गुरुवार, 29 अक्टूबर की तड़के पूरी हुई। नतीजे आने में 40 घंटे से ज्यादा समय लगा। शुरुआत में मुकाबला कड़ा रहा और मतगणना के अलग-अलग चरणों में दोनों उम्मीदवारों की स्थिति बदलती रही। दूसरे राउंड के बाद सुधाकर कोहले 60,924 वोटों के साथ आगे थे, जबकि वंजारी को 56,630 वोट मिले थे। निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले को 24,249 वोट प्राप्त हुए। किसी भी उम्मीदवार को पहली वरीयता के वोटों से जीत के लिए जरूरी कोटा नहीं मिला, इसलिए आगे की वरीयताओं के वोटों की गिनती की गई। अंतिम चरणों में वोटों के हस्तांतरण से मुकाबले का रुख बदला और अभिजीत वंजारी ने जीत दर्ज कर ली। इस परिणाम ने दिखाया कि MLC चुनाव में केवल शुरुआती बढ़त ही नहीं, बल्कि वरीयता वाले वोट भी निर्णायक साबित हो सकते हैं। Fadnavis Tweet Controversy: कांग्रेस को ‘Zero’ बताने वाला पोस्ट क्यों हुआ वायरल? इस विवाद की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 28 अक्टूबर की सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में विधान परिषद चुनावों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाया था। उन्होंने बैलेट पेपर से हुए चुनावों का जिक्र करते हुए पूछा था कि कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं। इसके बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कांग्रेस पर तंज कसते हुए ‘Big Fat Zero’ वाली टिप्पणी की। उस समय नागपुर सीट की मतगणना पूरी नहीं हुई थी। जब अभिजीत वंजारी की जीत का अंतिम परिणाम सामने आया, तो फडणवीस का पोस्ट राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री ने अपना पोस्ट हटा दिया। महाराष्ट्र कांग्रेस ने हटाए गए पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए इस पर सवाल उठाए। हालांकि, फडणवीस ने पोस्ट डिलीट करने का कोई स्पष्ट कारण सार्वजनिक रूप से बताया हो, इसकी पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं होती। इसलिए पोस्ट हटाने की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। Maharashtra Congress का पलटवार, 2029 चुनाव का भी किया जिक्र नागपुर में जीत के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फडणवीस को घेरा। पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरे नतीजे आने से पहले कांग्रेस की हार का मजाक उड़ाया था, लेकिन नागपुर के परिणाम ने तस्वीर बदल दी। कांग्रेस ने अपने पोस्ट में 2029 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया और भाजपा को आने वाले चुनावी मुकाबले के लिए तैयार रहने की बात कही। पार्टी ने इस जीत को अपने कार्यकर्ताओं और विपक्षी गठबंधन की एकजुटता से जोड़कर पेश किया। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी नागपुर में भाजपा की हार को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया। नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय होने के कारण इस परिणाम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज हो गईं। हालांकि, 2029 के चुनावों में क्या नतीजे आएंगे, यह अभी तय नहीं है। कांग्रेस का बयान उसकी राजनीतिक प्रतिक्रिया है, न कि भविष्य के चुनाव परिणाम का संकेत देने वाला कोई निश्चित तथ्य। Abhijit Wanjari कौन हैं? लगातार दूसरी बार जीती नागपुर सीट अभिजीत गोविंदराव वंजारी कांग्रेस के नेता, वकील और शिक्षाविद हैं। वह नागपुर ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य हैं। उन्होंने 2020 में भी यह सीट जीती थी और अब लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। वंजारी छात्र राजनीति से कांग्रेस में सक्रिय हुए। वह महाराष्ट्र प्रदेश NSUI में महासचिव रह चुके हैं और युवा कांग्रेस तथा नागपुर जिला कांग्रेस संगठन में भी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। शिक्षा क्षेत्र से भी उनका जुड़ाव रहा है। जीत के बाद वंजारी ने मतदाताओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और महा विकास अघाड़ी के सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल एक उम्मीदवार की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है जिन्होंने उन पर भरोसा किया। उन्होंने आगे भी बेरोजगार ग्रेजुएट्स, युवाओं, शिक्षा क्षेत्र की समस्याओं और सरकारी भर्तियों से जुड़े मुद्दों को विधान परिषद में उठाने की बात कही। पुरानी पेंशन योजना और शिक्षकों-कर्मचारियों की लंबित मांगों पर काम जारी रखने का भरोसा भी जताया। MLC Election Results: महाराष्ट्र की पांच सीटों में किसे मिली जीत? महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। सभी परिणाम सामने आने के बाद विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) ने तीन सीटें जीतीं, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को दो सीटों पर सफलता मिली। मुख्य नतीजे इस प्रकार रहे: इस तरह विपक्षी MVA को तीन सीटें मिलीं, जबकि भाजपा और शिवसेना ने एक-एक सीट जीती। इन नतीजों ने महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच चुनावी प्रदर्शन को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। नागपुर में BJP की हार क्यों बनी चर्चा का विषय? नागपुर को भाजपा का मजबूत राजनीतिक क्षेत्र माना जाता रहा है। यह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर है। गडकरी ने 1990 से 2014 तक करीब 24 वर्षों तक नागपुर ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र का विधान परिषद में प्रतिनिधित्व...
आजम खान

Abdullah Azam Bail: बेटे अब्दुल्ला को जमानत, आजम खान को भी High Court से राहत

उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दोनों को दो PAN कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को अदालत ने दोनों की सजा निलंबित करते हुए जमानत मंजूर कर दी। हालांकि, कोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी। ऐसे में यह फैसला दोनों के लिए राहत जरूर लेकर आया है, लेकिन उनकी कानूनी और राजनीतिक चुनौतियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। आजम खान को इस मामले में 10 साल और अब्दुल्ला आजम को 7 साल की सजा सुनाई गई थी। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया और दूसरे लंबित मामलों की स्थिति पर सबकी नजर रहेगी। हाईकोर्ट ने क्या फैसला सुनाया? इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद सजा निलंबित करने और जमानत देने का आदेश दिया। दोनों ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और जेल से रिहाई की मांग की थी। इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 15 अक्टूबर को अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब 29 अक्टूबर को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने जमानत दे दी, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसका मतलब है कि दोनों को फिलहाल सजा काटने से राहत मिली है, लेकिन निचली अदालत का दोषी ठहराने वाला फैसला बरकरार है। जमानत और दोषसिद्धि पर रोक दो अलग-अलग कानूनी राहतें हैं। आजम खान को 10 साल और अब्दुल्ला को 7 साल की सजा क्यों हुई? दो PAN कार्ड मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने नवंबर 2025 में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराया था। उस समय दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके बाद मई 2026 में रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने आजम खान की सजा बढ़ाकर 10 साल कर दी। उनका जुर्माना भी बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया। वहीं, अब्दुल्ला आजम की सात साल की सजा बरकरार रखते हुए उनका जुर्माना बढ़ाकर 3.50 लाख रुपये कर दिया गया। दोनों ने इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अब हाईकोर्ट ने उनकी सजा निलंबित कर जमानत दे दी है। हालांकि, दोषसिद्धि के खिलाफ उनकी कानूनी लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है। Two PAN Card Case: आखिर क्या है पूरा मामला? इस मामले की शुरुआत साल 2019 में हुई थी। बीजेपी नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर अब्दुल्ला आजम खान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अब्दुल्ला के पास अलग-अलग जन्मतिथियों वाले दो PAN कार्ड थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, एक PAN कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 दर्ज थी, जबकि दूसरे में 30 सितंबर 1990 लिखी गई थी। आरोप था कि दूसरे PAN कार्ड से जुड़े दस्तावेजों का इस्तेमाल 2017 के विधानसभा चुनाव में नामांकन के दौरान किया गया था। मामले में आजम खान पर भी अपने बेटे के साथ कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगा। निचली अदालत ने दोनों को धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराया था। आजम खान और अब्दुल्ला आजम ने इस फैसले को चुनौती दी है। इसलिए मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण बनी हुई है। क्या जमानत के बाद जेल से बाहर आएंगे आजम खान? हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आजम खान और अब्दुल्ला आजम अब कब जेल से बाहर आएंगे। हालांकि, किसी एक मामले में जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को हर स्थिति में तुरंत रिहा कर दिया जाएगा। यदि किसी अन्य मामले में हिरासत जारी रखने का आदेश है या जमानत नहीं मिली है, तो रिहाई में देरी हो सकती है। इसलिए दोनों की वास्तविक रिहाई की स्थिति उनके खिलाफ लंबित अन्य मामलों और संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी। हाईकोर्ट के इस आदेश से उन्हें दो PAN कार्ड मामले में राहत मिली है, लेकिन रिहाई की स्थिति को लेकर दूसरे मामलों की जानकारी भी जरूरी है। Jauhar University पर ED की कार्रवाई, आजम खान की मुश्किलें चर्चा में आजम खान से जुड़ी एक और बड़ी खबर 28 अक्टूबर को सामने आई थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को अटैच करने की कार्रवाई की। रिपोर्टों के अनुसार, इन संपत्तियों की बुक वैल्यू करीब 426 करोड़ रुपये और अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1,170 करोड़ रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़ी जांच के तहत की गई। ED की कार्रवाई जमीन से संबंधित कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का हिस्सा है। एजेंसी की कार्रवाई और दो PAN कार्ड मामले अलग-अलग कानूनी मामले हैं। इसलिए हाईकोर्ट से मिली जमानत को विश्वविद्यालय की संपत्तियों से जुड़े मामले में राहत नहीं माना जा सकता। 2027 के UP Election में क्या आजम खान और अब्दुल्ला आजम लड़ पाएंगे चुनाव? हाईकोर्ट के फैसले के बाद दोनों नेताओं की राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा तेज हो सकती है। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह सवाल अहम है कि क्या वे चुनाव लड़ सकेंगे। फिलहाल दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगाई गई है। जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत दो साल या उससे अधिक की सजा वाले अपराध में दोषसिद्धि होने पर चुनाव लड़ने की अयोग्यता लागू हो सकती है। इसलिए केवल जमानत मिलने या सजा निलंबित होने से चुनाव लड़ने की पात्रता अपने आप बहाल नहीं होती। इस मामले में आगे अदालत का फैसला और लागू कानूनी प्रावधान दोनों नेताओं की राजनीतिक स्थिति के लिए महत्वपूर्ण होंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India Weather Alert: ओडिशा में 300 गांव प्रभावित, MP समेत कई राज्यों में बारिश की चेतावनी

चक्रवात अर्नब का असर भले ही कमजोर पड़ गया हो, लेकिन बारिश और बाढ़ ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ओडिशा के गंजाम जिले में करीब 300 गांव बाढ़ से प्रभावित होने की खबर है। कई जगह सड़क संपर्क बाधित हुआ है और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत टीमें जुटी हैं। दूसरी ओर, आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में रेलवे पुल पर पानी भरने से रेल यातायात प्रभावित हुआ है। मौसम (Weather) में बदलाव का असर दूसरे राज्यों में भी देखने को मिल सकता है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को अगले कुछ दिनों तक स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है। Odisha Flood Update: गंजाम में 300 गांव बाढ़ की चपेट में ओडिशा में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है। गंजाम जिले के करीब 300 गांवों में बाढ़ का असर सामने आने के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। कुछ क्षेत्रों में लोगों का आसपास के इलाकों से संपर्क प्रभावित हुआ है, जिससे जरूरी सामान पहुंचाने और बचाव कार्य चलाने में परेशानी आ रही है। प्रभावित इलाकों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। सोरड़ा और अस्का जैसे क्षेत्रों में नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बना हुआ है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण सड़कों पर पानी भरने और कुछ रास्तों के बाधित होने की भी आशंका है। प्रशासन के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक भोजन, पीने का पानी और दूसरी जरूरी सुविधाएं पहुंचाना है। गांवों की मौजूदा स्थिति और सुरक्षित निकाले गए लोगों की संख्या के लिए नवीनतम सरकारी आंकड़ों की पुष्टि जरूरी है। Andhra Pradesh Flood: रेलवे पुल डूबने से ट्रेनों पर असर आंध्र प्रदेश में चक्रवात के बाद हुई भारी बारिश ने सड़क और रेल यातायात को प्रभावित किया है। श्रीकाकुलम जिले में रेलवे पुल पर पानी भरने की खबर के बाद रेल परिचालन को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई। जलभराव के कारण कुछ रेल सेवाओं में देरी, रद्द होने या मार्ग बदलने जैसी स्थिति बन सकती है। यात्रियों को घर से निकलने से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या NTES ऐप पर अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति जांचने की सलाह दी जाती है। तेज हवाओं और बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें भी सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित इलाकों में स्थिति सामान्य करने के प्रयास कर रहा है। Cyclone Arnab कमजोर, फिर भी क्यों हो रही है बारिश? भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात अर्नब 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर होने लगा था। 29 अक्टूबर तक यह गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल गया था। हालांकि, किसी चक्रवात का कमजोर पड़ना बारिश का खतरा तुरंत खत्म होने का संकेत नहीं है। वातावरण में मौजूद नमी और आगे बढ़ती मौसम प्रणाली के कारण कई इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। निचले क्षेत्रों में जलभराव और नदियों का बढ़ता जलस्तर भी परेशानी बढ़ा सकता है। इसी वजह से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के अलावा मध्य भारत तथा पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम पर नजर रखी जा रही है। MP Weather Update: मध्य प्रदेश में बारिश से बदलेगा मौसम मध्य प्रदेश में भी मौसम को लेकर लोगों की नजर ताजा पूर्वानुमान पर है। 29 अक्टूबर के मौसम अपडेट में पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में भी भारी बारिश का अनुमान है। बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने, ग्रामीण सड़कों पर आवाजाही प्रभावित होने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका रहती है। हालांकि, मध्य प्रदेश के सभी जिलों में एक जैसी स्थिति रहने की संभावना नहीं है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा और अन्य शहरों में मौसम का असर अलग-अलग हो सकता है। इसलिए अपने जिले का ताजा मौसम अलर्ट देखना बेहतर रहेगा। बारिश से तापमान में गिरावट महसूस हो सकती है, लेकिन ठंड बढ़ने की स्थिति स्थानीय मौसम पर निर्भर करेगी। Rajasthan Weather Update: राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम? राजस्थान में मौसम का हाल जानने के लिए भी लोग ताजा अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तापमान, बादलों और बारिश की स्थिति अलग हो सकती है। चक्रवात के प्रभाव के आधार पर राजस्थान के सभी जिलों में भारी बारिश या अचानक ठंड बढ़ने का दावा करना सही नहीं होगा। मौसम विभाग के जिला-स्तरीय पूर्वानुमान से ही पता चलेगा कि किन क्षेत्रों में बारिश, तेज हवाओं या गरज-चमक की संभावना है। 15 राज्यों में Rain Alert: किन इलाकों में बारिश की संभावना? चक्रवात अर्नब के प्रभाव और दूसरी मौसमी परिस्थितियों के चलते देश के कई हिस्सों में बारिश का अनुमान जताया गया है। प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं: ध्यान देने वाली बात यह है कि इन सभी राज्यों के हर जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी होना जरूरी नहीं है। चेतावनी का स्तर समय और स्थान के हिसाब से बदल सकता है। इसलिए यात्रा या बाहर निकलने से पहले स्थानीय मौसम विभाग की सूचना जरूर देखें। बाढ़ और बारिश के बीच इन बातों का रखें ध्यान बारिश के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। खासकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। Cyclone Arnab Latest Update: आगे क्या होगा? चक्रवात अर्नब कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है, लेकिन इसके कारण हुई बारिश और बाढ़ का असर कई इलाकों में बना हुआ है। ओडिशा में राहत-बचाव अभियान जारी है, जबकि आंध्र प्रदेश में रेल और सड़क संपर्क बहाल करने पर ध्यान दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों में बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। आने वाले समय में मौसम की स्थिति चक्रवात के अवशेषों और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। हर ख़बर, हर...

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