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Soumitra Banerjee

Bengal Politics: TMC नेता Soumitra Banerjee पर Egg Attack, कोर्ट के बाहर हंगामा

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के युवा नेता सौमित्र बनर्जी ( Soumitra Banerjee) पर कोर्ट ले जाते समय अंडों से हमला किया गया। इस घटना का वीडियो सोशल Media पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भीड़ जोर-जोर से नारेबाजी करती दिखाई दे रही है। पुलिस ने किसी तरह हालात संभालते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। कोर्ट पेशी के दौरान हुआ बवाल जानकारी के मुताबिक, पुलिस सौमित्र बनर्जी को एक मामले में पेशी के लिए कोर्ट लेकर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में मौजूद कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और भीड़ ने उन पर अंडे फेंकने शुरू कर दिए। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी सुरक्षा घेरा बनाकर TMC नेता को भीड़ से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान “चोर-चोर” के नारे भी सुनाई दिए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सोशल मीडिया पर VIDEO Viral घटना के बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर किया जाने लगा। कई लोगों ने इसे बंगाल की बिगड़ती राजनीतिक स्थिति से जोड़कर देखा, जबकि TMC समर्थकों ने इसे विपक्ष की साजिश बताया है। राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष का कहना है कि राज्य में जनता का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है, जबकि TMC नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले यह पहली बार नहीं है जब किसी TMC नेता के खिलाफ इस तरह का विरोध देखने को मिला हो। हाल ही में पार्टी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष के साथ भी अंडा फेंके जाने की घटना हुई थी। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने बंगाल की राजनीति का तापमान और बढ़ा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में बढ़ती बयानबाजी और टकराव की राजनीति आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। ऐसे माहौल में नेताओं की सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। पुलिस जांच में जुटी फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mamata Banerjee

Mamata Banerjee कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचीं CM ममता, दायर की अहम याचिका

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह है उनका कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) पहुंचना और एक नई याचिका दायर करना। इस कदम के बाद राज्य की राजनीति में फिर से हलचल तेज हो गई है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, ममता बनर्जी ने हाई कोर्ट में ऐसी याचिका दाखिल की है जो राज्य में कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक फैसलों या हाल की परिस्थितियों से जुड़ी मानी जा रही है। हालांकि याचिका की पूरी डिटेल अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है, लेकिन इसे बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है। पहले भी कोर्ट पहुंच चुकी हैं ममता यह पहली बार नहीं है जब ममता बनर्जी सीधे अदालत पहुंची हों। इससे पहले भी वे पोस्ट-पोल हिंसा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में कलकत्ता हाई कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रख चुकी हैं। उस दौरान भी उन्होंने प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए थे। बंगाल की राजनीति में बढ़ी गर्माहट इस नए घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।विपक्ष पहले से ही राज्य सरकार पर कई मुद्दों को लेकर हमलावर है, वहीं TMC इसे प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है। राज्य में पहले से ही कई विवाद, जांच और राजनीतिक बयानबाज़ी चल रही है, ऐसे में यह मामला और ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है। हाई कोर्ट पर टिकी नजरें अब सबकी निगाहें कलकत्ता हाई कोर्ट पर हैं कि वह इस याचिका पर क्या रुख अपनाता है। कोर्ट का अगला कदम राज्य की राजनीति और प्रशासनिक फैसलों पर असर डाल सकता है। क्या होगा आगे? आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल यह साफ है कि ममता बनर्जी का यह कदम बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Update अरब सागर में अटका मानसून, MP में 5 दिन बाद बारिश के संकेत

देश के कई राज्यों में लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इस बार मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon) फिलहाल अरब सागर और तेलंगाना क्षेत्र में अटका हुआ है। तेलंगाना में पिछले 6 दिनों से मानसून आगे नहीं बढ़ पाया, जिसका असर अब मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी दिखाई देने लगा है। तेज गर्मी और उमस के बीच लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं किसान भी खेतों की तैयारी के बाद आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। आखिर क्यों रुक गया मानसून? मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर में बने मौसम सिस्टम और कमजोर हवा के दबाव के कारण मानसून की गति धीमी हो गई है। आमतौर पर जून के दूसरे सप्ताह तक मानसून मध्य भारत के बड़े हिस्से में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी चाल काफी सुस्त बनी हुई है। तेलंगाना में मानसून पिछले 6 दिनों से लगभग स्थिर है। यही वजह है कि मध्य भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पा रही हैं। MP में कब पहुंचेगा मानसून? मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री अगले करीब 5 दिनों में हो सकती है। शुरुआत में बालाघाट, छिंदवाड़ा, मंडला और जबलपुर जैसे जिलों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। इसके बाद धीरे-धीरे मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय होगा। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में फिलहाल बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं, लेकिन भारी बारिश के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। किसानों की बढ़ी चिंता मानसून में देरी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। खरीफ फसलों की बुवाई का समय शुरू हो चुका है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान अभी इंतजार कर रहे हैं। सोयाबीन, धान और मक्का जैसी फसलों की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। ग्रामीण इलाकों में कई किसान खेत तैयार करके बैठे हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से बुवाई शुरू नहीं हो पा रही। अगर अगले सप्ताह तक मानसून सक्रिय हो जाता है तो स्थिति सामान्य हो सकती है। गर्मी और उमस से लोग बेहाल मानसून की देरी का असर आम लोगों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दिन में तेज गर्मी और शाम को उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। कई शहरों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है। अगले सप्ताह बदल सकता है मौसम मौसम विभाग का अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में नए सिस्टम बनने के बाद मानसून को फिर से गति मिल सकती है। इसके बाद मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। फिलहाल लोगों और किसानों दोनों की नजरें आने वाले कुछ दिनों के मौसम पर टिकी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Cough Syrup

Government Action on Cough Syrup: बिना Prescription दवा बेचने पर होगी कार्रवाई

देशभर में अब कफ सिरप (Cough Syrup) खरीदना पहले जितना आसान नहीं रहेगा। केंद्र सरकार ने दवाओं की बिक्री को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए साफ कर दिया है कि अब बिना डॉक्टर की पर्ची के कफ सिरप और दूसरी सिरप आधारित दवाएं मेडिकल स्टोर पर नहीं मिलेंगी। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी नई अधिसूचना के बाद यह नियम पूरे देश में लागू किया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, क्योंकि पिछले कुछ समय में कफ सिरप के गलत इस्तेमाल और मिलावटी दवाओं के कई मामले सामने आए थे। खासकर बच्चों और युवाओं में बिना सलाह के दवाएं लेने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी थी। अब मेडिकल स्टोर पर क्या बदलेगा? नई गाइडलाइन लागू होने के बाद अब मेडिकल दुकानदारों को कफ सिरप बेचने से पहले डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन देखनी होगी। बिना पर्ची दवा बेचने पर कार्रवाई भी हो सकती है। इसके साथ ही कई दुकानों को दवा बिक्री का रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं। अब तक सामान्य खांसी-जुकाम में लोग सीधे मेडिकल स्टोर से सिरप खरीद लेते थे, लेकिन नए नियम के बाद पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है। सरकार ने क्यों लिया यह फैसला? दरअसल, बीते कुछ वर्षों में भारत में बने कुछ कफ सिरप को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठे थे। कई मामलों में दूषित सिरप की वजह से बच्चों की मौत तक की खबरें सामने आई थीं। इसके अलावा कुछ लोग कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के तौर पर भी कर रहे थे, जिसे रोकना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बिना जांच और सलाह के लंबे समय तक कफ सिरप लेना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कुछ सिरप में ऐसे तत्व होते हैं जो अधिक मात्रा में लेने पर गंभीर साइड इफेक्ट पैदा कर सकते हैं। आम लोगों पर क्या होगा असर? इस फैसले के बाद लोगों को छोटी बीमारी में भी डॉक्टर के पास जाना पड़ सकता है। हालांकि शुरुआत में इससे थोड़ी परेशानी महसूस हो सकती है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि इससे दवाओं का गलत उपयोग कम होगा और मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, कई बार लोग बच्चों को भी बिना सलाह के सिरप दे देते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में यह फैसला भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने में मदद कर सकता है। Health Experts ने फैसले को बताया जरूरी दवा विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने सरकार के इस फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि भारत में लंबे समय से दवाओं की ओवर-द-काउंटर बिक्री पर सख्ती की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब नए नियम से मेडिकल सिस्टम में ज्यादा पारदर्शिता आएगी और मरीजों को सुरक्षित इलाज मिल सकेगा। सरकार का उद्देश्य साफ है—लोगों तक सुरक्षित दवाएं पहुंचाना और कफ सिरप के अनियंत्रित इस्तेमाल पर रोक लगाना। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ayodhya

Ayodhya Ram Mandir Case: चढ़ावे में गड़बड़ी पर SIT Action, आज हो सकती है बड़ी कार्रवाई

Ayodhya के Ram Mandir में चढ़ावे की रकम में कथित चोरी और गड़बड़ी का मामला अब तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक आज इस मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज की जा सकती हैं। वहीं SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने मंदिर परिसर में बंद कमरे में कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों से लंबी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार जांच टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतनी सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी कैसे हुई। इसी को लेकर कर्मचारियों से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए। कर्मचारियों से पूछे गए अहम सवाल SIT ने पूछताछ के दौरान कर्मचारियों से यह जानने की कोशिश की कि मंदिर में ड्यूटी खत्म होने के बाद किसी प्रकार की चेकिंग होती थी या नहीं। इसके अलावा यह भी पूछा गया कि चढ़ावे की रकम को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया क्या थी और किन लोगों को उस जगह तक पहुंचने की अनुमति थी। जांच एजेंसियों ने कर्मचारियों की एंट्री-एग्जिट व्यवस्था, CCTV निगरानी और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर भी विस्तार से जानकारी जुटाई है। माना जा रहा है कि कई रिकॉर्ड और फुटेज को दोबारा खंगाला जा रहा है। दो FIR दर्ज होने की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहली FIR चढ़ावे की रकम में कथित चोरी और गबन को लेकर दर्ज हो सकती है। वहीं दूसरी FIR सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही और नियमों की अनदेखी को लेकर की जा सकती है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जांच की गंभीरता को देखते हुए आने वाले दिनों में बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है। श्रद्धालुओं में नाराजगी, प्रशासन पर उठे सवाल राम मंदिर देश की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। ऐसे में चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी की खबर सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि मंदिर जैसी संवेदनशील जगह पर सुरक्षा व्यवस्था और ज्यादा मजबूत होनी चाहिए थी। फिलहाल SIT पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। CCTV फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर और कर्मचारियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में आखिर कौन-कौन लोग सामने आते हैं और प्रशासन क्या कदम उठाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Telegram

Telegram पर अस्थाई रोक: RE-NEET Exam से पहले सरकार का बड़ा Action

देशभर में होने जा रहे RE-NEET 2026 एग्जाम से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग ऐप Telegram पर अस्थाई रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि कुछ Telegram चैनलों और ग्रुप्स के जरिए फर्जी पेपर लीक, अफवाहें और ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे थे। इसी वजह से यह फैसला लिया गया है ताकि परीक्षा निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराई जा सके। जानकारी के मुताबिक, यह अस्थाई रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। वहीं Telegram के message editing फीचर को भी 30 जून तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार को शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग पुराने मैसेज एडिट कर उन्हें “पहले से लीक पेपर” बताकर वायरल कर रहे थे। इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच डर और भ्रम का माहौल बन गया था। Paper Leak के नाम पर छात्रों से ठगी जांच एजेंसियों के अनुसार कई Telegram चैनल्स छात्रों को कथित “लीक पेपर” देने का दावा कर रहे थे। इसके बदले हजारों से लेकर लाखों रुपये तक मांगे जा रहे थे। कुछ मामलों में छात्रों और अभिभावकों से ऑनलाइन पेमेंट लेने के बाद चैनल गायब भी हो गए। सूत्रों के मुताबिक, कई राज्यों में साइबर सेल और पुलिस ने ऐसे गिरोहों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ चैनल लगातार नए नामों से दोबारा एक्टिव हो रहे थे ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। NTA ने छात्रों से की अपील National Testing Agency (NTA) ने छात्रों से किसी भी वायरल मैसेज, स्क्रीनशॉट या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करने की अपील की है। एजेंसी ने साफ कहा है कि परीक्षा पूरी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के बीच आयोजित की जाएगी। NTA ने यह भी कहा कि अगर किसी छात्र को पेपर लीक या फर्जी दावे से जुड़ी जानकारी मिलती है तो तुरंत आधिकारिक पोर्टल या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। 21 जून को होगा RE-NEET Exam गौरतलब है कि RE-NEET 2026 परीक्षा 21 जून को आयोजित होने वाली है। इस परीक्षा में देशभर के लाखों छात्र शामिल होंगे। ऐसे में सरकार और एजेंसियां किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं। सरकार का मानना है कि Telegram पर अस्थाई रोक लगाने से अफवाहों और फर्जी दावों पर काफी हद तक रोक लगेगी। वहीं छात्रों और अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी शॉर्टकट के झांसे में न आएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Voter ID

30 Crore Voter ID Cards होंगे अपडेट, पहचान और Verification होगा आसान

देशभर के करोड़ों मतदाताओं के लिए जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चुनाव आयोग पुराने वोटर आईडी कार्ड्स को अपडेट करने की तैयारी में है। इस अभियान के तहत करीब 30 करोड़ Voter ID Cards में मौजूद धुंधले फोटो बदले जाएंगे और जिन कार्ड्स में मकान नंबर की जगह “00” लिखा है, वहां पूरा और सही पता दर्ज किया जाएगा। दरअसल, लंबे समय से शिकायतें सामने आ रही थीं कि कई वोटर कार्ड्स में फोटो इतने पुराने या धुंधले हैं कि पहचान करना मुश्किल हो जाता है। वहीं कई कार्ड्स में अधूरा पता होने से वोटिंग के दौरान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब चुनाव आयोग इन खामियों को दूर करने के लिए बड़ा अपडेट अभियान शुरू करने जा रहा है। Blur Photo और गलत Address बने परेशानी की वजह ग्रामीण और शहरी इलाकों में बड़ी संख्या में ऐसे वोटर कार्ड पाए गए हैं, जिनमें फोटो साफ दिखाई नहीं देते। कई मामलों में कार्ड पर सिर्फ “00” लिखा होने से सही पता पता नहीं चल पाता। इससे मतदान केंद्रों पर पहचान सत्यापन में समय ज्यादा लगता है और कई बार विवाद जैसी स्थिति भी बन जाती है। इसी को देखते हुए अब रिकॉर्ड को ज्यादा सटीक और डिजिटल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस कदम से फर्जी मतदान रोकने में भी मदद मिलेगी। कैसे होगा Voter Card Update? जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग चरणबद्ध तरीके से यह प्रक्रिया पूरी करेगा। जरूरत पड़ने पर मतदाताओं से नया फोटो और सही पता मांगा जा सकता है। कई जगह ऑनलाइन अपडेट की सुविधा भी दी जाएगी ताकि लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। अगर किसी मतदाता के कार्ड में फोटो साफ नहीं है या पता गलत दर्ज है, तो उसे अपडेट करवाने का मौका मिलेगा। आयोग का फोकस डेटा को पूरी तरह साफ और आधुनिक बनाने पर है। चुनाव से पहले रिकॉर्ड सुधारने की तैयारी आने वाले चुनावों को देखते हुए चुनाव आयोग मतदाता सूची और पहचान संबंधी रिकॉर्ड को मजबूत करना चाहता है। साफ फोटो और सही एड्रेस होने से मतदान प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान करोड़ों लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, क्योंकि लंबे समय से लोग पुराने और खराब प्रिंट वाले वोटर कार्ड्स की समस्या झेल रहे थे।
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S Jaishankar

3 भारतीयों की मौत से भारत सख्त, US Secretary S Jaishankar की अहम बातचीत

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों की मौत को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्री S Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत कर कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता और विरोध दर्ज कराया। भारत ने साफ शब्दों में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चल रहे व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है और इससे वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। क्या है पूरा मामला? हाल ही में मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में एक कॉमर्शियल जहाज पर हमला हुआ था। इस हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। घटना के बाद भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पीड़ित परिवारों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान जाना बेहद दुखद है। भारत ने क्या कहा? विदेश मंत्री जयशंकर ने बातचीत में कहा कि समुद्री व्यापार दुनिया की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में कॉमर्शियल जहाजों पर हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे वैश्विक व्यापार और कई देशों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और इस तरह की घटनाओं को लेकर बेहद संवेदनशील है। Middle East Tension पर बढ़ी चिंता मध्य पूर्व में पिछले कुछ समय से तनाव लगातार बढ़ रहा है। कई देशों ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव और कूटनीतिक गतिविधियों को और तेज कर सकते हैं। भारत भी लगातार शांति और सुरक्षित समुद्री व्यापार की वकालत करता रहा है। भारत सरकार की नजर स्थिति पर सरकार ने कहा है कि प्रभावित भारतीयों के परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी। साथ ही क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस घटना के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Abhishek Banerjee

रात 3 बजे Abhishek Banerjee Residence पर Police Raid, सेंट्रल फोर्स भी तैनात

पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और वरिष्ठ नेता Abhishek Banerjee के कोलकाता स्थित आवास पर देर रात करीब 3 बजे पुलिस की टीम ने छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई ने न सिर्फ इलाके में तनाव पैदा कर दिया, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी तीखी बहस छेड़ दी है। रात 3 बजे अचानक पहुंची पुलिस टीम जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीम बिना पूर्व सूचना के देर रात घर पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई करीब चार घंटे तक चली, जिसमें घर के हर हिस्से की बारीकी से जांच की गई। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सेंट्रल फोर्स के जवानों को भी मौके पर तैनात किया गया, जिससे पूरा इलाका हाई अलर्ट जैसा माहौल बन गया। “ताला तोड़कर अंदर घुसी पुलिस” – लगा गंभीर आरोप इस पूरे मामले में सबसे बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब यह आरोप सामने आया कि पुलिस ने कथित तौर पर ताला तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया। हालांकि, इस आरोप की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। राजनीति गरमाई, विपक्ष ने उठाए सवाल छापेमारी के बाद राज्य की राजनीति पूरी तरह गर्म हो गई है। TMC समर्थकों का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है, जबकि विपक्षी दलों ने इसे लेकर पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। अब तक प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे सस्पेंस और बढ़ गया है। क्या आगे और बढ़ेगा विवाद? फिलहाल स्थिति साफ नहीं है, लेकिन जिस तरह से रात में यह छापेमारी हुई और उसके बाद आरोप-प्रत्यारोप शुरू हुए हैं, उससे साफ है कि यह मामला आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मिसाइल

भारत की नई सुरक्षा ढाल: 5000 KM तक मिसाइल रोकने वाला डिफेंस सिस्टम सफल

भारत ने रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग लगाई है। देश के अत्याधुनिक मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम का सफल परीक्षण किया गया है, जिसे सुरक्षा विशेषज्ञ भारत की एयर डिफेंस क्षमता के लिए “गेम चेंजर” मान रहे हैं। इस टेस्ट के बाद भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिनके पास लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की उन्नत तकनीक मौजूद है। क्या है Multi-Layered Missile Defence System? यह एक एडवांस्ड बहु-स्तरीय एयर डिफेंस शील्ड है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह अलग-अलग ऊंचाई और दूरी पर आने वाले हवाई खतरों को रोक सके। इस सिस्टम का विकास भारत की रक्षा अनुसंधान एजेंसी DRDO द्वारा किया गया है, जो लगातार देश की सुरक्षा को आधुनिक तकनीक से मजबूत बनाने पर काम कर रही है। कैसे काम करता है यह सिस्टम? इस सिस्टम की खासियत इसकी “डिफेंस इन लेयर्स” तकनीक है: सीधे शब्दों में कहें तो यह सिस्टम आसमान में एक मजबूत “सुरक्षा ढाल” की तरह काम करता है। क्यों खास है यह सफलता? इस सफल परीक्षण ने भारत की रक्षा क्षमता को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है: भारत के लिए इसका मतलब क्या है? यह सिर्फ एक तकनीकी टेस्ट नहीं है, बल्कि भारत की बदलती सुरक्षा सोच का संकेत है। अब देश केवल खतरे को रोकने पर ही नहीं, बल्कि उसे हवा में ही खत्म करने की क्षमता पर भी आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि आने वाले समय में भारत को वैश्विक रक्षा मंच पर और मजबूत पहचान दिला सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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