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10kg Gas Cylinder: अब भारी सिलेंडर से मिलेगी राहत, जानें नया LPG Cylinder कब होगा उपलब्ध

देशभर के करोड़ों LPG उपभोक्ताओं के लिए जल्द एक नई सुविधा शुरू हो सकती है। सरकारी तेल कंपनियां 10kg के नए Lightweight LPG Cylinder को बड़े स्तर पर उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही हैं। यह सिलेंडर खासतौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्हें 14.2 किलो वाला घरेलू सिलेंडर भारी लगता है या जिनके घर में गैस की खपत कम होती है। हालांकि, इस योजना को लागू करने से पहले सरकार की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग शहरों में उपलब्ध कराया जाएगा। क्या है 10kg LPG Cylinder की खासियत? नया 10kg LPG सिलेंडर वजन में हल्का होगा और इसे उठाना, ले जाना व इस्तेमाल करना पहले की तुलना में काफी आसान रहेगा। तेल कंपनियों का मानना है कि यह सिलेंडर छोटे परिवारों और सीमित गैस उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह नया विकल्प पारंपरिक 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की जगह नहीं लेगा, बल्कि ग्राहकों को एक अतिरिक्त सुविधा देगा। किन लोगों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा? 10kg LPG Cylinder कई वर्गों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। इनमें शामिल हैं— हल्का होने की वजह से इसे बदलना और एक जगह से दूसरी जगह ले जाना भी आसान होगा। 10kg LPG Cylinder की कितनी होगी कीमत? फिलहाल तेल कंपनियों ने इसकी आधिकारिक कीमत का ऐलान नहीं किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सिलेंडर को कमर्शियल कैटेगरी में उपलब्ध कराया जा सकता है। ऐसे में इसकी कीमत शहर और उस समय लागू LPG दरों के आधार पर तय होगी। सरकार या तेल कंपनियों की ओर से कीमत को लेकर अंतिम घोषणा अभी बाकी है। क्या बंद हो जाएगा 14.2kg घरेलू LPG Cylinder? इस सवाल का जवाब है—नहीं। 14.2 किलो वाला घरेलू LPG सिलेंडर पहले की तरह मिलता रहेगा। नया 10kg सिलेंडर केवल एक अतिरिक्त विकल्प होगा, ताकि उपभोक्ता अपनी जरूरत और बजट के अनुसार सही सिलेंडर चुन सकें। अभी कितनी है घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत? वर्तमान में 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत अलग-अलग शहरों में अलग है। दिल्ली में इसकी कीमत करीब ₹942 है। वहीं कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें भी समय-समय पर तेल कंपनियों द्वारा संशोधित की जाती हैं। कब से शुरू होगी 10kg LPG Cylinder की सुविधा? अभी तक इसकी लॉन्च डेट तय नहीं की गई है। तेल कंपनियां इस योजना पर काम कर रही हैं और आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद इसे पहले चुनिंदा शहरों में शुरू किया जा सकता है। बाद में इसकी उपलब्धता पूरे देश में बढ़ाई जाएगी। उपभोक्ताओं के लिए क्यों है यह बड़ी खबर? बदलती जीवनशैली और छोटे परिवारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 10kg LPG Cylinder एक बेहतर विकल्प बन सकता है। इससे उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार गैस सिलेंडर चुनने की सुविधा मिलेगी। खासकर ऐसे लोग जो कम गैस का इस्तेमाल करते हैं या भारी सिलेंडर उठाने में असुविधा महसूस करते हैं, उनके लिए यह योजना काफी राहत देने वाली साबित हो सकती है। अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो आने वाले समय में लाखों उपभोक्ताओं को हल्का, सुविधाजनक और जरूरत के हिसाब से LPG सिलेंडर का नया विकल्प मिल सकेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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लालू यादव

Deoghar Fodder Scam: लालू यादव को Supreme Court से बड़ी राहत, जमानत रद्द करने से इनकार

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को देवघर चारा घोटाला (Fodder Scam) मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार को हुई सुनवाई में सर्वोच्च अदालत ने CBI की उस याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें झारखंड हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को रद्द करने की मांग की गई थी। अदालत के इस फैसले के बाद फिलहाल लालू यादव की जमानत बरकरार रहेगी। यह फैसला ऐसे समय आया है जब चारा घोटाले से जुड़े मामलों को लेकर लंबे समय से कानूनी लड़ाई जारी है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा रुख को लालू यादव के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है। क्या है देवघर Fodder Scam Case? देवघर ट्रेजरी से पशुपालन विभाग के नाम पर फर्जी बिलों के जरिए सरकारी खजाने से करीब 89 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला चर्चित चारा घोटाले का हिस्सा है। इस मामले में विशेष CBI अदालत ने लालू प्रसाद यादव को दोषी ठहराते हुए साढ़े तीन साल की सजा सुनाई थी। बाद में झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत दे दी थी। इसी आदेश को चुनौती देते हुए CBI सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी और जमानत रद्द करने की मांग की थी। Supreme Court में CBI की दलील सुनवाई के दौरान CBI ने अदालत में कहा कि झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत देते समय कानूनी पहलुओं का सही तरीके से मूल्यांकन नहीं किया। जांच एजेंसी का कहना था कि लालू यादव द्वारा सजा पूरी करने की अवधि और अलग-अलग मामलों की गणना को लेकर हाईकोर्ट का निष्कर्ष उचित नहीं था। इसी आधार पर CBI ने जमानत रद्द करने की अपील की। कोर्ट ने क्यों नहीं दी CBI को राहत? सुप्रीम कोर्ट ने CBI की दलीलों पर तत्काल हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत ने फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश में कोई बदलाव नहीं किया और लालू यादव की जमानत जारी रहने दी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि इतने पुराने मामलों का जल्द निपटारा होना जरूरी है। इस फैसले के बाद लालू यादव को फिलहाल किसी नई कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। बचाव पक्ष ने क्या कहा? लालू यादव की ओर से पेश वकीलों ने अदालत को बताया कि उनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक है और वे कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने उन्हें राहत दी थी। बचाव पक्ष ने कहा कि जमानत रद्द करने का कोई ठोस आधार नहीं है। क्या है पूरा चारा घोटाला? बिहार का बहुचर्चित चारा घोटाला देश के सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में शामिल है। इसमें पशुपालन विभाग के जरिए सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी का आरोप है। इस मामले में कई अलग-अलग ट्रेजरी से जुड़ी FIR दर्ज हुई थीं और लालू प्रसाद यादव को कई मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है। हालांकि, अलग-अलग मामलों में कानूनी प्रक्रिया अब भी जारी है और कई याचिकाओं पर अदालतों में सुनवाई चल रही है। बिहार की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर? सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को सिर्फ कानूनी राहत ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। बिहार में आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच लालू यादव को मिली यह राहत राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के लिए सकारात्मक मानी जा रही है। हालांकि, कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। चारा घोटाले से जुड़े अन्य मामलों में आगे भी सुनवाई जारी रहेगी और भविष्य में अदालत के फैसले इस मामले की दिशा तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Operation Sindoor

Operation Sindoor के बाद Long-Term War Strategy पर फोकस, ₹10 लाख करोड़ की Defence Projects को मिली रफ्तार

भारत की सुरक्षा रणनीति में पिछले कुछ महीनों के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश का रास्ता खोलते हुए लगभग ₹10 लाख करोड़ की रक्षा खरीद और सैन्य आधुनिकीकरण से जुड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल मौजूदा जरूरतों को पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की संभावित चुनौतियों और लंबे समय तक चलने वाले संघर्षों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। Defence Procurement का बदला पूरा पैटर्न बीते 14 महीनों में रक्षा खरीद की रणनीति पहले के मुकाबले काफी अलग नजर आई है। अब ध्यान सिर्फ नए हथियार खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी तकनीक पर भी है जो आधुनिक युद्ध की जरूरतों को पूरा कर सके। मिसाइल सिस्टम, ड्रोन, एयर डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, साइबर सुरक्षा और निगरानी तकनीक जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही तीनों सेनाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। किन क्षेत्रों में हो रहा है सबसे बड़ा निवेश? सरकार जिन रक्षा परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है, उनमें कई अहम क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी का उद्देश्य भारतीय सेना को तकनीकी रूप से पहले से अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। ‘Make in India’ को मिला बड़ा बढ़ावा रक्षा क्षेत्र में सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक स्वदेशी उत्पादन है। कई बड़े रक्षा सौदों में भारतीय कंपनियों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि विदेशी आयात पर निर्भरता कम हो और देश में ही अत्याधुनिक हथियारों का निर्माण हो सके। इस रणनीति से रक्षा उद्योग को मजबूती मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। तीनों सेनाओं की क्षमता होगी और मजबूत भारतीय सेना को नई पीढ़ी के हथियार, ड्रोन और लंबी दूरी तक हमला करने वाले सिस्टम उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं भारतीय वायुसेना अपने लड़ाकू बेड़े और एयर डिफेंस नेटवर्क को आधुनिक बना रही है। दूसरी ओर, नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी रणनीतिक मौजूदगी को और मजबूत करने के लिए नए युद्धपोत, पनडुब्बियां और समुद्री निगरानी प्रणालियों को अपने बेड़े में शामिल कर रही है। भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनी रणनीति रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्ध अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। ड्रोन हमले, साइबर अटैक, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और लंबी दूरी की मिसाइलें आज किसी भी संघर्ष का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। इसी कारण भारत अपनी रक्षा तैयारियों को पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ नई तकनीकों से भी मजबूत कर रहा है, ताकि किसी भी चुनौती का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सके। भारत की सुरक्षा नीति में दिख रहा बड़ा बदलाव पिछले कुछ वर्षों में रक्षा खरीद की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज हुई है। सरकार अब केवल हथियारों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और समय पर उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दे रही है। रक्षा क्षेत्र में हो रहा यह निवेश आने वाले वर्षों में भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है और देश की सामरिक स्थिति को और मजबूत बना सकता है।
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यमुनानगर ज्वेलर्स लूटकांड: पुलिस मुठभेड़ में 3 बदमाशों के पैर में लगी गोली, 4 आरोपी गिरफ्तार

हरियाणा के यमुनानगर में रादौर स्थित शाकुंभरी ज्वेलर्स पर हुई लाखों रुपये की लूट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तीन बदमाशों के साथ मुठभेड़ की, जिसमें जवाबी फायरिंग में तीनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। वहीं, चौथे आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। तीन आरोपियों के पैर में लगी गोली पुलिस के मुताबिक, घायल बदमाशों की पहचान रवि (इंद्री निवासी), सतबीर (गन्नौर, सोनीपत निवासी) और पवन उर्फ पुन्ना के रूप में हुई है। चौथे आरोपी प्रवीण को बिना घायल हुए मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। चारों आरोपियों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस पर भी की गई फायरिंग मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर भी फायरिंग की। इस दौरान सीआईए-2 प्रभारी राकेश की बुलेटप्रूफ जैकेट पर एक गोली लगी। जैकेट होने के कारण उनकी जान बच गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं पहनी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। CCTV और साइबर इनपुट से आरोपियों तक पहुंची पुलिस रादौर ज्वेलर्स लूटकांड की जांच में स्थानीय थाना पुलिस के साथ सीआईए-1, सीआईए-2 और साइबर टीम लगातार जुटी हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और साइबर इनपुट के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उनकी लोकेशन ट्रेस की। कांजनू पुल पर हुई मुठभेड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी कांजनू पुल के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों के पैर में गोली मारकर उन्हें काबू कर लिया, जबकि चौथे आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और लूटकांड से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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हवाई किराए पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: केंद्र सरकार से 2 हफ्ते में मांगे नए नियम

त्योहारों और आपातकालीन परिस्थितियों में एयरलाइंस कंपनियों द्वारा हवाई किराए में की जाने वाली भारी बढ़ोतरी पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह दो सप्ताह के भीतर हवाई किराया तय करने से जुड़े नए नियमों की प्रति सीलबंद लिफाफे में कोर्ट में पेश करे। मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने जनहित याचिका पर की। अदालत ने स्पष्ट किया कि नियम संसद में पेश हों या नहीं, लेकिन उनकी प्रति तय समय में कोर्ट को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी। केंद्र ने कहा- नियम तैयार, जल्द संसद में होंगे पेश सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि हवाई किराया नियंत्रित करने से जुड़े नियम तैयार हैं और उन्हें अगले 30 दिनों के भीतर संसद में पेश किया जाएगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संसद की प्रक्रिया अपनी जगह है, लेकिन न्यायालय को नियमों की प्रति दो सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए। जनहित याचिका में उठाया गया था मनमाने किराए का मुद्दा यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायणन द्वारा दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एयरलाइंस कंपनियां मांग बढ़ने पर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलती हैं। याचिकाकर्ता ने अदालत से देश में एक स्वतंत्र और प्रभावी नियामक (रेगुलेटर) बनाने की मांग की, जो एयरलाइंस के किराए और अतिरिक्त शुल्कों की निगरानी कर सके। सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि कई बार हवाई किराया 300 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। इस पर अदालत ने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार वकीलों की फीस भी 400 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। पहले भी केंद्र को लग चुकी है फटकार इस मामले में 30 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को हलफनामा (एफिडेविट) दाखिल नहीं करने पर फटकार लगाई थी। अदालत ने सरकार से पूछा था कि तय समय पर हलफनामा क्यों दाखिल नहीं किया गया और अतिरिक्त समय की आवश्यकता क्यों पड़ी। साथ ही इस संबंध में विस्तृत आवेदन दाखिल करने के निर्देश भी दिए थे। पहले भी उठा चुका है सुप्रीम कोर्ट सवाल हवाई किराए में मनमानी बढ़ोतरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले भी चिंता जता चुका है। जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों का भी असर एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि जेट फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतें उनके संचालन खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा हैं। कुल परिचालन लागत का लगभग 30 से 40 प्रतिशत खर्च ईंधन पर होता है। इसी वजह से कई एयरलाइंस ने टिकटों के दाम बढ़ाए हैं और अपने वित्तीय अनुमान (फाइनेंशियल आउटलुक) में भी बदलाव किए हैं। हालांकि, याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मांग बढ़ने के दौरान किराए में होने वाली अत्यधिक वृद्धि पर प्रभावी निगरानी जरूरी है। देश, कोर्ट और कारोबार से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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दिल्ली दंगा: IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्या मामले में ताहिर हुसैन समेत 5 दोषी करार, 6 आरोपी बरी

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अहम फैसला सुनाया है। घटना के करीब छह साल बाद अदालत ने पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) प्रवीण सिंह की अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए ताहिर हुसैन, नाज़िम, काशिम, अनस और जावेद को हत्या, अपहरण, दंगा करने और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने जैसे आरोपों में दोषी ठहराया। वहीं, मामले में आरोपित छह अन्य लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। 25 फरवरी 2020 को हुई थी अंकित शर्मा की हत्या यह मामला दयालपुर थाने में अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, 25 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा कार्यालय से घर लौटने के बाद दोबारा बाहर निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं आए। परिवार उनकी तलाश कर रहा था। इसी दौरान सूचना मिली कि उनकी हत्या कर शव को चांदबाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है। अगले दिन पुलिस ने नाले से अंकित शर्मा का शव बरामद किया था। पिता ने ताहिर हुसैन और साथियों पर लगाया था आरोप अंकित शर्मा के पिता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि तत्कालीन AAP पार्षद ताहिर हुसैन और उसके साथियों ने उनके बेटे की हत्या की। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ताहिर हुसैन के कार्यालय में इकट्ठा हुए थे और वारदात को अंजाम देने के बाद अंकित शर्मा के शव को नाले में फेंक दिया था। 2023 में तय हुए थे आरोप मामले में नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन को पार्टी से निलंबित कर दिया था। इसके बाद 24 मार्च 2023 को अदालत ने ताहिर हुसैन सहित 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। लंबी सुनवाई के बाद अब अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। CAA विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की थी हिंसा दिल्ली में फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थन और विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। 23 फरवरी से शुरू हुई यह हिंसा 26 फरवरी तक चली। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 250 से अधिक लोग घायल हुए थे। हिंसा के दौरान बड़ी संख्या में घरों, दुकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। कई इलाकों में व्यापक स्तर पर संपत्ति का नुकसान हुआ था। ताहिर हुसैन ने पैरोल पर लड़ा था चुनाव मामले में जेल में बंद रहने के दौरान ताहिर हुसैन ने पैरोल पर बाहर आकर 2025 का दिल्ली विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। हालांकि, उनके खिलाफ अंकित शर्मा हत्याकांड समेत कई मामलों की सुनवाई जारी रही। अब अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद सजा पर अगली सुनवाई में फैसला सुनाया जाएगा। देश, राजनीति और कोर्ट से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें deshharpal.com
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Ram Mandir Donation Theft Case

Breaking: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज, सुप्रीम कोर्ट ने भी मांगी रिपोर्ट

अयोध्या | Desh Harpal Digital अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी (SIT) और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। जांच एजेंसियों के अनुसार अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, आभूषण और अन्य संपत्तियां बरामद की हैं। जांच के दौरान करीब 50 बैंक खातों की भी जांच की जा रही है, ताकि कथित रूप से चढ़ावे की रकम के लेन-देन का पूरा नेटवर्क सामने आ सके। SIT की रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल एसआईटी की प्रारंभिक जांच में मंदिर के चढ़ावे की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था में 9 बड़ी खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन्हीं कमियों का फायदा उठाकर कथित गबन को अंजाम दिया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार लगभग 40 दिनों में 70 बार कथित चोरी की घटनाएं हुईं। एसआईटी ने अविनाश शुक्ला को इस कथित नेटवर्क का प्रमुख आरोपी बताया है। टिन्नू यादव की दोबारा रिमांड की तैयारी मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव से पूछताछ अभी जारी है। पुलिस अब दोबारा रिमांड लेकर यह जानने की कोशिश करेगी कि कथित चोरी का पूरा नेटवर्क कैसे संचालित होता था और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका थी। इस मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को एंटी करप्शन कोर्ट में प्रस्तावित है। ट्रस्ट में भी हुए बड़े बदलाव चढ़ावा चोरी विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए हैं। साथ ही नए सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। RSS और मुख्यमंत्री योगी का बयान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए एसआईटी जांच पर भरोसा जताया है और कहा है कि दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जांच में अभी तक करीब 150 लोगों में से केवल 8 के खिलाफ ठोस साक्ष्य मिले हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की कथित करतूत के आधार पर पूरे ट्रस्ट या अयोध्या की छवि को बदनाम करना उचित नहीं है। (The Times of India) Desh Harpal Analysis राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला केवल आर्थिक अनियमितता नहीं, बल्कि जनविश्वास और पारदर्शिता से भी जुड़ा हुआ है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
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Expressway

New Expressway की नई सौगात: Lucknow-Kanpur के बीच घटेगी दूरी, 45 मिनट में पूरा होगा सफर

उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों के लिए एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। Lucknow-Kanpur Expressway का उद्घाटन कल होने जा रहा है। इस नए Expressway के शुरू होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच सफर पहले से ज्यादा तेज, आसान और सुविधाजनक हो जाएगा। लंबे समय से जाम और ट्रैफिक की परेशानी झेल रहे यात्रियों को अब एक नया और बेहतर विकल्प मिलने वाला है। करीब 63 किलोमीटर लंबे छह लेन Expressway को इस तरह तैयार किया गया है कि दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो सके। अभी जहां लखनऊ से कानपुर पहुंचने में कई बार 2 से 3 घंटे तक लग जाते हैं, वहीं नए रूट से यह सफर लगभग 35 से 45 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है। Lucknow-Kanpur Expressway Route: कहां से होकर गुजरेगा नया हाईवे? यह Expressway राजधानी लखनऊ के सरोजिनी नगर क्षेत्र के मीरानपुर पिनवट से शुरू होगा और उन्नाव होते हुए कानपुर तक पहुंचेगा। इस नए कॉरिडोर से लखनऊ, उन्नाव और कानपुर के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। खास बात यह है कि इस Expressway के शुरू होने से यात्रियों को पुराने हाईवे पर लगने वाले जाम से काफी राहत मिलेगी। रोजाना नौकरी, कारोबार और अन्य कामों के लिए सफर करने वाले लोगों के लिए यह प्रोजेक्ट बड़ी सुविधा साबित हो सकता है। Expressway की Top Features, जो बनाएंगी सफर आसान Lucknow-Kanpur Expressway को आधुनिक तकनीक और बेहतर सुरक्षा सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। इसकी प्रमुख खूबियां हैं: Travel Time में आएगा बड़ा बदलाव लखनऊ और कानपुर के बीच रोजाना बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। पुराने रास्ते पर ट्रैफिक जाम, शहरों के बीच भारी वाहनों की आवाजाही और समय की देरी यात्रियों के लिए बड़ी समस्या रही है। नए Expressway के शुरू होने के बाद लोगों को तेज और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। खासकर नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और छात्रों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। Lucknow-Kanpur Expressway Toll Price कितना होगा? जानकारी के अनुसार Expressway पर कार से एक तरफ यात्रा के लिए करीब 275 रुपये टोल शुल्क देना पड़ सकता है। वहीं वापसी यात्रा के लिए 24 घंटे के अंदर अलग टोल व्यवस्था लागू हो सकती है। किन वाहनों को मिलेगी अनुमति? यह एक हाई-स्पीड Expressway है, इसलिए सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखते हुए वाहनों की आवाजाही तय की जाएगी। तेज रफ्तार और सुरक्षित यातायात बनाए रखने के लिए दोपहिया और तीन पहिया वाहनों की अनुमति नहीं होने की संभावना है। UP Development को मिलेगी नई रफ्तार Lucknow-Kanpur Expressway सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे कानपुर के औद्योगिक क्षेत्र और लखनऊ के प्रशासनिक व आईटी सेक्टर के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी। साथ ही उन्नाव जैसे क्षेत्रों में भी निवेश, रोजगार और व्यापार के नए अवसर बढ़ सकते हैं। Expressway शुरू होने के बाद पुराने लखनऊ-कानपुर मार्ग पर वाहनों का दबाव भी कम होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bengaluru

Bengaluru Shocking Incident: डिलीवरी देने आया एजेंट, घर में घुसने और गलत व्यवहार का आरोप

बेंगलुरु में एक Delivery Agent से जुड़ी घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि सामान पहुंचाने आए डिलीवरी एजेंट ने उसकी अनुमति के बिना घर में प्रवेश किया और उसके साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। Delivery Boy पर महिला ने लगाए गंभीर आरोप मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना बेंगलुरु की है, जहां एक महिला ने एक डिलीवरी एजेंट के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप है कि आरोपी घर पर सामान पहुंचाने आया था, लेकिन डिलीवरी देने के बाद उसने घर के अंदर आने की कोशिश की। महिला ने जब इसका विरोध किया तो भी आरोपी नहीं रुका और कथित तौर पर जबरन घर के अंदर चला गया। मना करने के बावजूद Washroom जाने का आरोप शिकायत में महिला ने बताया कि आरोपी ने वॉशरूम इस्तेमाल करने की बात कही। महिला ने उसे मना किया, लेकिन इसके बावजूद वह कथित तौर पर वॉशरूम चला गया। महिला का आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उसके साथ अशोभनीय व्यवहार किया। घटना से परेशान महिला ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। Police Action: आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी शिकायत मिलने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी डिलीवरी एजेंट को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान पुलिस महिला के बयान और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। Online Delivery Services की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल इस घटना ने Online Delivery Services में Customer Safety को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। आज के समय में लोग घर बैठे खाना, सामान और कई तरह की सेवाएं मंगाते हैं, ऐसे में डिलीवरी कर्मचारियों की पहचान और Verification Process को मजबूत करना बेहद जरूरी माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि कंपनियों को अपने Delivery Partners की बेहतर जांच, ट्रेनिंग और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू करने चाहिए। बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में इस तरह की घटनाएं लोगों को सावधान रहने का संदेश देती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के व्यवहार में संदेह होने पर तुरंत कदम उठाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लेनी चाहिए। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और मामले की जांच जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आ पाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar Railway Fire: राजेंद्र नगर Complex में बड़ा हादसा, 6 घंटे तक चला Rescue Operation

Bihar की राजधानी पटना में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा सामने आया, जिसने रेलवे प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। राजेंद्र नगर रेलवे कोचिंग कॉम्प्लेक्स में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें देखते ही देखते परिसर के कई हिस्सों तक पहुंच गईं, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी, फायर ब्रिगेड की टीमें और सुरक्षा कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। कई दमकल गाड़ियों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। करीब 6 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। सुबह तड़के लगी आग, रेलवे परिसर में मचा हड़कंप जानकारी के मुताबिक, राजेंद्र नगर रेलवे कोचिंग कॉम्प्लेक्स में सुबह करीब 4 बजे आग लगने की खबर सामने आई। शुरुआती दौर में आग एक हिस्से तक सीमित थी, लेकिन कुछ ही समय में इसकी तीव्रता बढ़ गई और पूरे इलाके में धुआं फैल गया। रेलवे कोचिंग कॉम्प्लेक्स में ट्रेनों के रखरखाव और कोच से जुड़े काम किए जाते हैं, इसलिए घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। Fire Brigade की टीम ने संभाला मोर्चा आग की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया। गर्मी और धुएं के बीच कई घंटों तक चले अभियान के बाद स्थिति सामान्य हो सकी। फिलहाल राहत की बात यह है कि समय रहते आग को नियंत्रित कर लिया गया और किसी बड़े नुकसान को टाल दिया गया। Railway Officials ने किया निरीक्षण, जांच जारी आग बुझने के बाद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। रेलवे की टीम अब आग से हुए नुकसान का आकलन कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर आग किस वजह से लगी। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल राजेंद्र नगर रेलवे कोचिंग कॉम्प्लेक्स जैसी महत्वपूर्ण जगह पर आग लगने की घटना के बाद सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रेलवे प्रशासन अब पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। Patna Railway Fire Update पटना के राजेंद्र नगर रेलवे कोचिंग कॉम्प्लेक्स में लगी आग ने एक बार फिर औद्योगिक और रेलवे परिसरों में Fire Safety को लेकर सतर्कता की जरूरत को सामने ला दिया है। हालांकि राहत की बात यह है कि कई घंटे की मेहनत के बाद दमकल टीमों ने हालात पर नियंत्रण पा लिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर सौरभ की हत्या करने का आरोप साबित होने के बाद यह फैसला सुनाया गया। सजा सुनाते हुए जज ने वारदात को नृशंस हत्याकांड बताया और कहा कि इसमें माफी स्वीकार नहीं होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए मुस्कान और साहिल सजा सुनाए जाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। इस दौरान दोनों रोने लगे। जज ने मुस्कान से पूछा कि पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद वह क्या सजा चाहती है। इस पर मुस्कान ने कहा, “मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए।” इसके बाद वह खामोश हो गई। वहीं, साहिल से भी यही सवाल पूछा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। सजा के ऐलान के बाद रो पड़ीं सौरभ की मां अदालत के फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां भावुक हो गईं और रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया। इस मामले में सजा का ऐलान सौरभ के परिवार के लिए लंबे इंतजार के बाद आया है। 3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भर दिया गया था। इस वारदात ने पूरे देश में व्यापक चर्चा बटोरी थी। अदालत ने मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

इंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR

शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट का सौदा करने के बाद ब्रोकर और प्लॉट मालिक ने फरियादी से 7 लाख 80 हजार रुपये ले लिए, लेकिन न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया। शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। 9.30 लाख में तय हुआ था प्लॉट का सौदा पुलिस के मुताबिक, नंदबाग कॉलोनी निवासी विजय चौहान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने नंदबाग में एक प्लॉट का सौदा 9 लाख 30 हजार रुपये में तय किया था। इस संबंध में एग्रीमेंट भी किया गया था। फरियादी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और रजिस्ट्री भी नहीं कराई गई। ब्रोकर ने परिचित बताकर कराया था सौदा विजय चौहान के अनुसार, धर्मेंद्र ठाकुर ने उन्हें बताया था कि नंदकिशोर मनावत उसका परिचित है और वह अपना प्लॉट बेचना चाहता है। इसके बाद धर्मेंद्र ने सौदे में ब्रोकर की भूमिका निभाई और इसके बदले 10 हजार रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्री कराने और प्लॉट का कब्जा देने की मांग की, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। 25 से ज्यादा केस होने की धमकी देने का आरोप फरियादी ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री और कब्जे के लिए दबाव बनाने पर धर्मेंद्र ठाकुर ने धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, उसने कहा कि उसके खिलाफ 25 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। साथ ही, उसके या नंदकिशोर मनावत के पास दोबारा आने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। 2.80 लाख रुपये लौटाए, 5 लाख बाकी होने का दावा विजय चौहान के मुताबिक, पुलिस में शिकायत करने की बात कहने के बाद नंदकिशोर मनावत ने 2 लाख 50 हजार रुपये नकद और 30 हजार रुपये ऑनलाइन वापस किए। हालांकि, फरियादी का आरोप है कि बाकी 5 लाख रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विजय चौहान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप

नई दिल्ली। SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी और छात्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रा ने कान पर चोट लगने का लगाया आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई। प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान कथित ज्यादती और मारपीट से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर हिरासत का आरोप एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। यह आरोप भी प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया है। राहुल गांधी ने सबूत सुरक्षित रखने को कहा राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका

क्रिकेट न्यूज। वेस्टइंडीज को बांग्लादेश के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के बल्लेबाज शाई होप और तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ सीरीज से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। CWI के मुताबिक, मेडिकल जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद अल्जारी जोसेफ को सीरीज से हटाने का फैसला लिया गया। बोर्ड उनके कार्यभार को नियंत्रित कर चोट के जोखिम को कम करना चाहता है। वहीं, तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलने के बाद शाई होप को आराम दिया गया है। चोट के खतरे को देखते हुए जोसेफ को आराम क्रिकेट वेस्टइंडीज ने बताया कि अल्जारी जोसेफ को टीम से बाहर रखने का फैसला उनकी सहमति से लिया गया है। बोर्ड के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों को लंबे स्पेल में लगातार गेंदबाजी करनी पड़ती है। इससे छोटे फॉर्मेट की तुलना में कार्यभार और चोट का जोखिम बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जोसेफ के वर्कलोड को कम करने का फैसला किया गया है, ताकि उनके स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखा जा सके। शाई होप को भी दिया गया आराम CWI ने कहा कि शाई होप तीनों फॉर्मेट में लगातार खेल रहे थे। ऐसे में उनके कार्यभार और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें टेस्ट सीरीज से आराम दिया गया है। बोर्ड का यह फैसला फरवरी 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स को ध्यान में रखकर भी लिया गया है। टीम प्रबंधन चाहता है कि खिलाड़ी आगामी महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए फिट रहें। केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में मौका शाई होप की गैरमौजूदगी में 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। अब देखना होगा कि बांग्लादेश की घरेलू परिस्थितियों में वेस्टइंडीज की टीम नए संयोजन के साथ कैसा प्रदर्शन करती है। कोच डैरेन सैमी ने सीरीज जीत को बताया अहम वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने कहा कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र की शुरुआत में टीम ने कुछ लक्ष्य तय किए थे। इनमें टेस्ट रैंकिंग के ऊपरी आधे हिस्से में जगह बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज जीतने से टीम अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकती है। सैमी के मुताबिक, बांग्लादेश को उसकी घरेलू परिस्थितियों में हराना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन टीम इसके लिए तैयार है। 28 अक्टूबर से शुरू होगा पहला टेस्ट बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला टेस्ट 28 अक्टूबर से ढाका में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 5 नवंबर से सिलहट में खेला जाएगा।

IMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने साल 2026 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। वैश्विक तनाव, आर्थिक सुस्ती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का ध्यान खींचा है। मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन को भारत की तेज विकास दर की प्रमुख वजह माना गया है। IMF ने अक्टूबर 2026 की अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में भारत की विकास संभावनाओं को सकारात्मक बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा आयात पर निर्भर कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं जहां दबाव का सामना कर रही हैं, वहीं भारत की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है। 2027 में भी 7% ग्रोथ का अनुमान IMF ने 2026 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान में जुलाई के मुकाबले 0.6 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की है। वहीं, 2027 के लिए भी विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2027 का अनुमान जुलाई के मुकाबले 0.3 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी भारत में विकास की संभावनाओं को लेकर उम्मीद बनी हुई है। IMF से पहले विश्व बैंक और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत की विकास दर के अनुमान में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। चीन की सुस्ती के बीच भारत पर नजर रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी गतिविधियों में तेजी ने भी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित किया है। भारत और चीन एशिया की आर्थिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं, हालांकि दोनों देशों की विकास संभावनाओं में अंतर दिखाई दे रहा है। IMF के अनुमान के अनुसार, चीन की विकास दर 2026 में 4.5% और 2027 में 4% रह सकती है। वैश्विक तनाव और ऊर्जा की ऊंची कीमतों को चीन की आर्थिक वृद्धि के सामने चुनौतियों में शामिल किया गया है। दुनिया की आर्थिक विकास दर पर दबाव IMF के मुताबिक, 2028 से 2031 के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था औसतन 3.2% की दर से बढ़ सकती है। यह 2000 से 2019 के बीच महामारी से पहले दर्ज औसत 3.7% की विकास दर से कम है। रिपोर्ट में वैश्विक तनाव, ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और ऊर्जा आयात पर निर्भर उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाले दबाव को आर्थिक विकास के लिए चुनौती बताया गया है। ऐसे माहौल में भारत की अनुमानित विकास दर अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई देती है। मजबूत घरेलू मांग और जनसांख्यिकी से मिल रहा सहारा भारत की आर्थिक मजबूती के पीछे बढ़ता घरेलू बाजार, मजबूत मांग, अनुकूल जनसांख्यिकी और सुधारों को अहम कारक माना गया है। सर्विसेज सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन भी विकास दर को सहारा दे रहा है। हालांकि, बेहतर अनुमान के बावजूद चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक मांग में कमजोरी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

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