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Ram Mandir

Ram Mandir Security पर सवाल: चढ़ावा चोरी मामले में जांच जारी, Shankaracharya के बयान ने बढ़ाई सियासी गर्मी

अयोध्या के राम मंदिर (Ram Mandir) से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले ने अब धार्मिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में हलचल बढ़ा दी है। पुलिस इस मामले में आरोपी टिन्नू से पूछताछ के लिए उसकी रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी की घटना कैसे हुई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और चढ़ावे से जुड़ी रकम का क्या हुआ। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी से विस्तृत पूछताछ के लिए कोर्ट से रिमांड मांगी जाएगी। जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का फोकस मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने और किसी भी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की जांच करने पर है। पोस्टर विवाद में सपा नेता समेत 3 लोग गिरफ्तार राम मंदिर मामले से जुड़े विवादित पोस्टर लगाने के मामले में पुलिस ने समाजवादी पार्टी (सपा) के एक नेता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पोस्टर के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि पोस्टर लगाने के पीछे किसी तरह की योजना या राजनीतिक उद्देश्य तो नहीं था। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। Shankaracharya के बयान से बढ़ी Political Debate इस पूरे मामले के बीच शंकराचार्य के बयान ने नई बहस को जन्म दे दिया है। उन्होंने राम मंदिर को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि मंदिर की व्यवस्था धार्मिक परंपराओं के अनुसार होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर को राजनीतिक प्रभाव से दूर रखा जाना चाहिए। शंकराचार्य के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आ रही है। Ram Mandir Security और व्यवस्था पर उठे सवाल राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं और चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में चोरी की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी। फिलहाल Ram Mandir Chadhawa Chori Case में पुलिस की अगली कार्रवाई और आरोपी की रिमांड पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UP Green Mission

UP Green Mission: योगी सरकार का बड़ा कदम, Plantation Drive से बढ़ेगी प्रदेश की हरियाली

उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से Mega Plantation Drive (महापौधरोपण अभियान) की शुरुआत की। UP Green Mission के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री ने खुद पौधा लगाया, पेड़ के साथ सेल्फी ली और गुब्बारे छोड़कर प्रदेशवासियों को प्रकृति बचाने का संदेश दिया। इस साल उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पेड़-पौधे केवल पर्यावरण का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि जीवन का आधार हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पौधरोपण को सिर्फ एक कार्यक्रम न मानें, बल्कि इसे अपनी जिम्मेदारी समझें और लगाए गए पौधों की देखभाल भी करें। Gorakhpur से शुरू हुआ UP का Green Campaign गोरखपुर से शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश में हरित क्षेत्र को बढ़ाना और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने पौधा लगाकर अभियान की शुरुआत की और लोगों को संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा के लिए हर व्यक्ति को आगे आना होगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पेड़ के साथ सेल्फी लेकर लोगों, खासकर युवाओं को पौधरोपण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उनका यह संदेश था कि एक छोटा सा प्रयास भी आने वाले समय में बड़ा बदलाव ला सकता है। UP में लगेंगे 35 करोड़ पौधे, हर जिले में चलेगा अभियान उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने की योजना बनाई है। इसके तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इस अभियान में वन विभाग के साथ-साथ कई सरकारी विभाग, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का लक्ष्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल करना भी है। Environment Protection को लेकर सरकार की बड़ी पहल आज के समय में बढ़ता प्रदूषण, बदलता मौसम और कम होता हरित क्षेत्र बड़ी चुनौतियां बन चुके हैं। ऐसे में पेड़ लगाना पर्यावरण को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। योगी सरकार का कहना है कि अधिक से अधिक पौधरोपण से हवा की गुणवत्ता बेहतर होगी, तापमान नियंत्रण में मदद मिलेगी और प्रदेश में प्राकृतिक संतुलन मजबूत होगा। पौधरोपण के साथ संरक्षण पर भी जोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की कि पौधा लगाने के बाद उसकी देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक पौधा जब बड़ा पेड़ बनता है तो वह कई लोगों के जीवन को प्रभावित करता है। गोरखपुर से शुरू हुआ यह UP Plantation Drive आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ेगा। 35 करोड़ पौधों का यह अभियान उत्तर प्रदेश को हराभरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi Punjab Visit

PM Modi Punjab Visit से पहले बड़ा Security Issue, Train में Khalistani Messages का Video Viral; जांच शुरू

PM Modi Punjab Visit से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच एक कथित खालिस्तानी समर्थक गतिविधि से जुड़ा वीडियो सामने आया है, जिसमें ट्रेन के अंदर दीवारों पर अलगाववादी नारे लिखे दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर पंजाब से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को चर्चा में ला दिया है। वीडियो में मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा (Jaswant Singh Khalra) का भी जिक्र किया गया है, जिसके बाद उनकी जिंदगी पर आधारित फिल्म Punjab ’95 भी चर्चा में आ गई है। Train के अंदर लिखे मिले Khalistani Slogans, जांच शुरू सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक ट्रेन कोच के अंदर कुछ विवादित नारे लिखे हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो जारी करने वाले व्यक्ति ने पंजाब से जुड़े पुराने घटनाक्रमों का भी जिक्र किया है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां अभी वीडियो की पुष्टि करने में जुटी हैं। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि वीडियो कहां बनाया गया, इसे किसने रिकॉर्ड किया और इसके पीछे किसी संगठन या व्यक्ति की भूमिका है या नहीं। PM के Punjab दौरे से पहले Security Alert प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट मोड पर हैं। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए रेलवे स्टेशन, सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। अधिकारियों की नजर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भड़काऊ संदेशों और संदिग्ध गतिविधियों पर भी है। प्रशासन का कहना है कि माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वीडियो में Khalra का नाम क्यों आया? वायरल वीडियो में जसवंत सिंह खालड़ा का नाम आने के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया है। खालड़ा पंजाब के उस दौर में मानवाधिकार मामलों को उठाने के लिए जाने जाते थे, जब राज्य में उथल-पुथल का माहौल था। उन्होंने कथित तौर पर लापता लोगों के मामलों को सामने लाने का काम किया था। उनकी जिंदगी और काम को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है। Punjab ’95 Film Controversy ने भी खींचा था ध्यान जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म Punjab ’95 पहले से ही विवादों में रही है। फिल्म में पंजाब के एक संवेदनशील दौर और मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों को दिखाया गया है। फिल्म की रिलीज को लेकर सेंसर और अन्य कारणों से विवाद सामने आए थे। कुछ लोगों ने इसे महत्वपूर्ण कहानी बताया, जबकि कुछ ने इसकी संवेदनशीलता को लेकर सवाल उठाए। सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं हर एंगल से जांच फिलहाल वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है या सिर्फ माहौल बिगाड़ने की कोशिश। प्रधानमंत्री के दौरे से पहले सामने आए इस मामले ने पंजाब में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सतर्कता बढ़ा दी है। प्रशासन हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है ताकि शांति व्यवस्था कायम रखी जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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यौन शोषण

Father Abuse Case बेटी का आरोप- पिता करता था यौन शोषण, दूसरों के पास भेजने का भी बनाता था दबाव

एक दिल दहला देने वाली घटना में एक युवती ने अपने ही पिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि उसके पिता लंबे समय से उसका यौन शोषण कर रहे थे। इतना ही नहीं, उसने आरोप लगाया कि पिता उसे दूसरे लोगों के पास भेजने का भी दबाव बना रहे थे। लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान होकर युवती ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। लंबे समय से झेल रही थी प्रताड़ना पुलिस के अनुसार, अस्पताल में दर्ज कराए गए शुरुआती बयान में पीड़िता ने अपने पिता पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने बताया कि वह लंबे समय से यौन शोषण का शिकार होती रही। आरोप है कि जब उसने इसका विरोध किया तो उसे धमकाया गया और दूसरे लोगों के साथ भेजने का दबाव भी बनाया गया। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि युवती काफी समय से मानसिक तनाव में थी। घटना वाले दिन उसने खुद पर पेट्रोल डाल लिया और आग लगा ली। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के बाद उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज जारी डॉक्टरों के मुताबिक युवती गंभीर रूप से झुलस गई है। उसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है और लगातार उपचार किया जा रहा है। उसकी स्थिति पर मेडिकल टीम नजर बनाए हुए है। आरोपी पिता के खिलाफ केस दर्ज पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी पिता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य गवाहों के बयान भी जांच का हिस्सा हैं। जांच पूरी होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। घरेलू यौन शोषण के मामलों पर फिर उठे सवाल यह घटना एक बार फिर उन अपराधों की ओर ध्यान दिलाती है जो अक्सर घर की चारदीवारी के भीतर दबे रह जाते हैं। कई पीड़ित डर, सामाजिक बदनामी और पारिवारिक दबाव के कारण लंबे समय तक चुप रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय पर शिकायत, परिवार और समाज का सहयोग तथा कानूनी मदद बेहद जरूरी है। पुलिस की अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी महिला, किशोरी या बच्चे के साथ किसी भी प्रकार का यौन शोषण, घरेलू हिंसा या जबरदस्ती की जा रही हो तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन को दें। समय पर उठाया गया कदम किसी पीड़ित को न्याय दिलाने और गंभीर अपराध को रोकने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bay of Bengal

Bay of Bengal में Earthquake से हिली Andhra Coast, Visakhapatnam समेत कई शहरों में महसूस हुए झटके

रविवार सुबह बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal ) में आए भूकंप के झटकों ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में कुछ देर के लिए लोगों की चिंता बढ़ा दी। सुबह करीब 5 बजे धरती हल्की कांपी तो विशाखापट्टनम, काकीनाडा और आसपास के कई क्षेत्रों में लोगों ने कंपन महसूस किया। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान या घायल होने की सूचना नहीं मिली है। सुबह 5 बजे के बाद महसूस हुआ कंपन भारतीय भूकंप निगरानी एजेंसियों के मुताबिक, रविवार सुबह 5:05 बजे (IST) बंगाल की खाड़ी में 4.5 Magnitude का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट से लगभग 225 किलोमीटर पूर्व समुद्र के भीतर था। भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई है। Visakhapatnam समेत कई इलाकों में महसूस हुए झटके भूकंप का असर सबसे अधिक आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में महसूस किया गया। Visakhapatnam, काकीनाडा और आसपास के कई इलाकों में लोगों ने कुछ सेकंड तक हल्का कंपन महसूस किया। सुबह का समय होने के कारण कई लोग घरों में मौजूद थे। झटके महसूस होते ही कुछ लोग एहतियात के तौर पर बाहर निकल आए, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति सामान्य हो गई। किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं स्थानीय प्रशासन ने बताया कि भूकंप के बाद सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया। शुरुआती जांच में किसी भी व्यक्ति के घायल होने, इमारतों को नुकसान पहुंचने या किसी बड़ी घटना की जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। समुद्र में था भूकंप का केंद्र विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप का केंद्र समुद्र के भीतर होने और इसकी तीव्रता मध्यम रहने के कारण इसका प्रभाव सीमित रहा। फिलहाल सुनामी का कोई खतरा नहीं बताया गया है और न ही किसी प्रकार की चेतावनी जारी की गई है। वैज्ञानिक लगातार क्षेत्र की भूकंपीय गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। भूकंप के दौरान क्या करें? भूकंप कभी भी और बिना किसी पूर्व चेतावनी के आ सकता है। ऐसे में घबराने के बजाय सतर्क रहना सबसे जरूरी है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में आए इस भूकंप के बाद आंध्र प्रदेश के सभी प्रभावित इलाकों में जनजीवन सामान्य है। किसी प्रकार के आफ्टरशॉक या आपात स्थिति की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखना हमेशा जरूरी होता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal

West Bengal 20 साल बाद Tata Group की वापसी संभव, Singur विवाद के बाद बदली तस्वीर

एक समय था जब पश्चिम बंगाल (West Bengal) का सिंगूर देश के सबसे चर्चित औद्योगिक विवादों में शामिल था। वहीं, अब करीब 20 साल बाद एक बार फिर टाटा समूह (Tata Group) की बंगाल वापसी की चर्चा तेज हो गई है। राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बड़े कॉरपोरेट घरानों से लगातार संपर्क में है और इसी क्रम में टाटा समूह के साथ भी बातचीत की खबरें सामने आई हैं। हालांकि अभी तक किसी नए प्रोजेक्ट या निवेश का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन अगर यह पहल सफल होती है तो पश्चिम बंगाल के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिल सकती है। Singur विवाद ने बदल दिया था बंगाल का औद्योगिक भविष्य साल 2006 में टाटा मोटर्स ने हुगली जिले के सिंगूर में अपनी महत्वाकांक्षी Nano Car Project की शुरुआत की थी। यह परियोजना पश्चिम बंगाल के लिए बड़े निवेश और रोजगार की उम्मीद लेकर आई थी। लेकिन जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों के विरोध ने जल्द ही राजनीतिक रूप ले लिया। उस समय विपक्ष की नेता रहीं ममता बनर्जी ने आंदोलन का नेतृत्व किया। कई महीनों तक चले प्रदर्शन और बढ़ते विवाद के बाद टाटा समूह ने वर्ष 2008 में सिंगूर से अपना प्लांट हटाने का फैसला किया और पूरी परियोजना गुजरात के साणंद शिफ्ट कर दी। उस फैसले को आज भी पश्चिम बंगाल के औद्योगिक इतिहास का सबसे बड़ा मोड़ माना जाता है। अब क्यों हो रही है Tata Group की वापसी की चर्चा? पश्चिम बंगाल सरकार पिछले कुछ समय से राज्य में नए निवेश लाने की कोशिश कर रही है। उद्योग क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई बड़े कारोबारी समूहों से बातचीत चल रही है। इसी दौरान टाटा समूह के साथ भी संभावित निवेश को लेकर सकारात्मक चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और उच्च स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। हालांकि निवेश किस क्षेत्र में होगा और उसकी रूपरेखा क्या होगी, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। राज्य की अर्थव्यवस्था को मिल सकता है बड़ा फायदा अगर टाटा समूह पश्चिम बंगाल में दोबारा निवेश करता है तो इसका असर केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं रहेगा। इससे ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स और छोटे उद्योगों को भी नई रफ्तार मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े उद्योगों की वापसी से निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलेगा। इसके साथ ही राज्य की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की संभावना है। Singur से मिली सीख, अब बदला हुआ माहौल सिंगूर विवाद ने सरकारों और उद्योग जगत दोनों को यह सिखाया कि विकास और किसानों के हितों के बीच संतुलन बनाना कितना जरूरी है। पिछले कुछ वर्षों में निवेश को लेकर नीतियों में कई बदलाव किए गए हैं और सरकार उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने का दावा कर रही है। ऐसे में यदि टाटा समूह वास्तव में पश्चिम बंगाल में वापसी करता है, तो इसे केवल एक कारोबारी फैसला नहीं बल्कि राज्य के औद्योगिक विश्वास की वापसी के रूप में भी देखा जाएगा। आधिकारिक घोषणा का इंतजार फिलहाल टाटा समूह और पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से किसी नए प्रोजेक्ट या निवेश को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन लगातार सामने आ रही खबरों ने यह संकेत जरूर दिया है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है। अब सबकी नजर आने वाले दिनों पर टिकी है। यदि यह पहल आगे बढ़ती है, तो करीब दो दशक बाद टाटा समूह की बंगाल वापसी राज्य के औद्योगिक इतिहास में एक नई शुरुआत साबित हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Weather Alert: Delhi-NCR में बारिश, UP-Bihar में तूफानी मौसम, कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी

देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। Delhi-NCR में गर्मी से मिलेगी राहत दिल्ली और एनसीआर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आएगी और पिछले कुछ दिनों से महसूस की जा रही उमस से राहत मिलेगी। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे मौसम और सुहावना हो जाएगा। UP में कई जिलों के लिए Heavy Rain Alert उत्तर प्रदेश में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने पूर्वी और मध्य यूपी के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गोरखपुर, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। सड़क यातायात भी प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। Bihar में तूफानी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी बिहार में भी मौसम का असर तेज होता दिखाई दे रहा है। पटना, भागलपुर, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने किसानों, यात्रियों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने और खुले मैदान में जाने से बचने की भी चेतावनी दी गई है। इन राज्यों में भी बरसेगा मानसून दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के कुछ हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है। वहीं मैदानी इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। किसानों और यात्रियों के लिए जरूरी सलाह मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहां खेती-किसानी से जुड़े कार्य मौसम को ध्यान में रखकर ही किए जाएं। यात्रा करने वाले लोग घर से निकलने से पहले मौसम का अपडेट जरूर देखें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। IMD की एडवाइजरी हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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केतन अग्रवाल हत्याकांड: क्या कोर्ट में साबित हो पाएगा सिया गोयल पर हत्या का आरोप? जानिए पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती

नेशनल डेस्क | DeshHarpal पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस का दावा है कि सिया गोयल ने अपने कथित बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की। आरोप है कि दोनों ने लोहगढ़ किले से धक्का देकर केतन की जान ले ली क्योंकि सिया शादी नहीं करना चाहती थी। हालांकि, पुलिस की यह थ्योरी अदालत में साबित करना आसान नहीं होगा। कानून के जानकारों के अनुसार, केवल संदेह या परिस्थितियां पर्याप्त नहीं हैं। अभियोजन पक्ष को ठोस साक्ष्यों के जरिए यह साबित करना होगा कि केतन की मौत हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। पुलिस ने किन आधारों पर बनाया आरोपी? जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले, जिनके आधार पर सिया गोयल और चेतन चौधरी को आरोपी बनाया गया। परिवार के शक से बदली जांच की दिशा शुरुआत में पुलिस इस घटना को हादसा मान रही थी। लेकिन अंतिम संस्कार के बाद केतन के परिजनों ने सिया के बदलते बयानों और व्यवहार पर सवाल उठाए। इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की। सिया के बदलते बयान पुलिस के मुताबिक, सिया ने घटना को लेकर अलग-अलग बयान दिए। पहले उसने कहा कि तेज हवा के कारण केतन गिर गए, बाद में पानी की बोतल देते समय संतुलन बिगड़ने की बात कही। दोनों बयानों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस का शक गहरा गया। CCTV में संदिग्ध युवक लोहगढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज में एक युवक हुडी पहनकर सिया और केतन के आसपास दिखाई दिया। पुलिस का दावा है कि यह युवक चेतन चौधरी था, जो अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहा था। मोबाइल लोकेशन और इंटरनेट रिकॉर्ड जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन चेतन के मोबाइल का इंटरनेट कई घंटों तक बंद था। वहीं, उसके सहयोगी के मोबाइल की लोकेशन लोहगढ़ किले के आसपास मिली। पुलिस का दावा है कि चेतन मौके पर मौजूद था। हजारों कॉल्स का रिकॉर्ड पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन के बीच जनवरी से घटना वाले दिन तक 2,000 से अधिक कॉल्स और करीब 338 घंटे बातचीत हुई थी। इसे पुलिस दोनों के करीबी रिश्ते और कथित साजिश का अहम आधार मान रही है। कोर्ट में क्या साबित करना होगा? कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि हत्या के मामले में केवल शक या परिस्थितियां पर्याप्त नहीं होतीं। यदि प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं हैं, तो पुलिस को परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की ऐसी मजबूत श्रृंखला पेश करनी होगी, जिससे यह साबित हो जाए कि केतन की मौत केवल हत्या से ही संभव थी और किसी अन्य संभावना की गुंजाइश नहीं बचती। इसके लिए पुलिस को यह साबित करना होगा कि— क्या कबूलनामा पर्याप्त होगा? पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार की है। लेकिन भारतीय कानून के तहत पुलिस के सामने दिया गया कबूलनामा अपने आप में अदालत में स्वीकार्य साक्ष्य नहीं माना जाता। इसलिए अभियोजन पक्ष को स्वतंत्र और विश्वसनीय सबूत पेश करने होंगे। बचाव पक्ष को कैसे मिल सकता है फायदा? कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि अभियोजन की साक्ष्य श्रृंखला में एक भी महत्वपूर्ण कड़ी कमजोर पड़ती है या घटना की कोई वैकल्पिक संभावना सामने आती है, तो आरोपियों को संदेह का लाभ मिल सकता है। बचाव पक्ष यह दलील दे सकता है कि— ऐसी स्थिति में अदालत आरोपियों को दोषमुक्त भी कर सकती है। आरुषि-हेमराज केस जैसी चुनौती कानूनी जानकार इस मामले की तुलना आरुषि-हेमराज हत्याकांड से भी कर रहे हैं। उस मामले में भी परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर निचली अदालत ने सजा सुनाई थी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर आरोपियों को बरी कर दिया था। विशेषज्ञों का मानना है कि केतन अग्रवाल हत्याकांड में भी अंतिम फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि पुलिस अपने दावों को अदालत में कितनी मजबूती से साबित कर पाती है। अधिक राष्ट्रीय समाचार और एक्सप्लेनर पढ़ने के लिए विजिट करें deshharpal.com
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One Nation One Election

One Nation One Election Bill: 2029 में बदल सकती है चुनाव व्यवस्था, संसदीय समिति अध्यक्ष बोले- जनता का मिला समर्थन

भारत की चुनाव व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी के बीच One Nation One Election (एक देश, एक चुनाव) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। संसदीय समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा है कि अगर सभी जरूरी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो 2029 के लोकसभा चुनाव से इस व्यवस्था को लागू किया जा सकता है। इस प्रस्ताव को लेकर संसदीय समिति लगातार काम कर रही है और देश के अलग-अलग राज्यों में विशेषज्ञों, राजनीतिक दलों और संबंधित पक्षों से बातचीत कर रही है। समिति का मकसद एक ऐसी चुनाव प्रणाली तैयार करना है, जिसमें लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने की संभावनाओं का अध्ययन किया जा सके। 99% लोगों ने किया One Nation One Election का समर्थन JPC अध्यक्ष पीपी चौधरी ने दावा किया कि समिति द्वारा किए गए संवाद और सुझाव प्रक्रिया के दौरान करीब 99 प्रतिशत लोगों ने One Nation One Election के विचार का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि देश में बार-बार चुनाव होने से प्रशासनिक व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण कई बार सरकारों के विकास कार्य और योजनाएं प्रभावित होती हैं। राज्यों से ली जा रही राय, विशेषज्ञों से हो रही चर्चा ‘एक देश, एक चुनाव’ को लागू करने से पहले राज्यों की भूमिका और उनकी चिंताओं को समझना जरूरी माना जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए संसदीय समिति राज्यों के विशेषज्ञों और अलग-अलग क्षेत्रों के जानकारों से सुझाव ले रही है। समिति चुनाव प्रक्रिया, संविधान में संभावित बदलाव, कानूनी चुनौतियों और चुनाव प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर रही है। क्या है One Nation One Election का पूरा विचार? One Nation One Election का मतलब है कि पूरे देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाएं। अभी भारत में अलग-अलग राज्यों में विधानसभा चुनाव अलग समय पर होते हैं, जबकि लोकसभा चुनाव अपने तय समय पर होते हैं। इस प्रस्ताव के तहत चुनावों को एक निश्चित चक्र में कराने की योजना है, जिससे बार-बार चुनाव कराने की जरूरत कम हो सकती है। एक साथ चुनाव कराने के क्या फायदे बताए जा रहे हैं? इस व्यवस्था के समर्थकों का मानना है कि इससे कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। समर्थकों का तर्क है कि लगातार चुनावी माहौल रहने से प्रशासनिक काम प्रभावित होते हैं, इसलिए एक साथ चुनाव व्यवस्था ज्यादा प्रभावी साबित हो सकती है। विपक्ष और विशेषज्ञों की अलग राय हालांकि, One Nation One Election को लेकर सभी की राय एक जैसी नहीं है। कुछ विपक्षी दल और विशेषज्ञ इसके कुछ पहलुओं पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि एक साथ चुनाव होने से राष्ट्रीय मुद्दे ज्यादा प्रभावी हो सकते हैं और स्थानीय मुद्दों को पर्याप्त महत्व नहीं मिल पाएगा। इसके अलावा राज्यों की स्वायत्तता और संवैधानिक व्यवस्था को लेकर भी चर्चा जारी है। 2029 में लागू होने की उम्मीद क्यों? संसदीय समिति फिलहाल सभी पक्षों से राय जुटाने और रिपोर्ट तैयार करने में लगी है। इसके बाद ही आगे की संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी। अगर सरकार और संसद स्तर पर सभी जरूरी मंजूरी मिल जाती है, तो 2029 का लोकसभा चुनाव भारत में नई चुनाव व्यवस्था की शुरुआत का आधार बन सकता है। One Nation One Election सिर्फ चुनाव कराने का तरीका बदलने का प्रस्ताव नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है। आने वाले समय में संसदीय समिति की रिपोर्ट और सरकार के फैसले इस दिशा को तय करेंगे।
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INS Mahendragiri

INS Mahendragiri: Project 17A का स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट Navy में शामिल, समुद्री सुरक्षा होगी और मजबूत

भारत ने समुद्री सुरक्षा के मोर्चे पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। स्वदेशी तकनीक से तैयार किया गया अत्याधुनिक स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट INS Mahendragiri अब आधिकारिक तौर पर भारतीय नौसेना का हिस्सा बन गया है। इस युद्धपोत के शामिल होने से न सिर्फ Indian Navy की ताकत बढ़ेगी, बल्कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी नई मजबूती मिलेगी। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि INS महेंद्रगिरि केवल एक युद्धपोत नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी क्षमता, स्वदेशी निर्माण और आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग की सफलता का प्रतीक है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में भारत रक्षा निर्माण के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा। INS Mahendragiri क्यों है इतना खास? INS Mahendragiri को भारतीय नौसेना के Project 17A के तहत विकसित किया गया है। यह नई पीढ़ी का स्टेल्थ फ्रिगेट है, जिसे आधुनिक समुद्री युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी स्टेल्थ तकनीक है, जिससे दुश्मन के रडार पर इसकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा यह जहाज हवा, समुद्र और पनडुब्बियों से होने वाले खतरों का मुकाबला करने में सक्षम है। आधुनिक तकनीक से लैस है युद्धपोत INS Mahendragiri को कई अत्याधुनिक हथियारों और सुरक्षा प्रणालियों से सुसज्जित किया गया है। इसमें आधुनिक मिसाइल सिस्टम, एडवांस रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और लंबी दूरी तक निगरानी करने वाले सेंसर लगाए गए हैं। युद्धपोत पर हेलीकॉप्टर संचालन की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे समुद्र में निगरानी, खोज एवं बचाव अभियान और एंटी-सबमरीन ऑपरेशन अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। Rajnath Singh ने गिनाईं आत्मनिर्भर भारत की उपलब्धियां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत अब रक्षा जरूरतों के लिए केवल आयात पर निर्भर रहने वाला देश नहीं रहा। सरकार की नीतियों और भारतीय रक्षा उद्योग के प्रयासों से आज देश में आधुनिक युद्धपोत, मिसाइल, हथियार और रक्षा उपकरण तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी रक्षा उत्पादन बढ़ने से देश की सुरक्षा मजबूत होने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। इसके अलावा भारत का रक्षा निर्यात भी लगातार बढ़ रहा है, जो देश की बढ़ती तकनीकी क्षमता का प्रमाण है। Indian Navy की ताकत में होगा बड़ा इजाफा विशेषज्ञों का मानना है कि INS Mahendragiri के शामिल होने से भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता पहले से अधिक मजबूत होगी। यह युद्धपोत हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री निगरानी, व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा, समुद्री डकैती रोकने, मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों में अहम भूमिका निभाएगा। भारत जिस तेजी से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी रणनीतिक मौजूदगी मजबूत कर रहा है, उसमें ऐसे आधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Project 17A से मिल रही नई मजबूती Project 17A भारतीय नौसेना के आधुनिकीकरण की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है। इसके तहत तैयार किए जा रहे अत्याधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट भविष्य की समुद्री चुनौतियों को ध्यान में रखकर विकसित किए गए हैं। INS Mahendragiri इसी श्रृंखला का एक अहम युद्धपोत है, जो भारतीय नौसेना को नई तकनीक और बेहतर युद्ध क्षमता प्रदान करेगा। भारत बन रहा है रक्षा निर्माण का वैश्विक केंद्र पिछले कुछ वर्षों में भारत ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति की है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी पहलों के कारण देश में स्वदेशी रक्षा उपकरणों का निर्माण लगातार बढ़ा है। सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक रक्षा निर्माण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाना है, जिसमें नौसेना के लिए तैयार किए जा रहे आधुनिक युद्धपोत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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मेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर सौरभ की हत्या करने का आरोप साबित होने के बाद यह फैसला सुनाया गया। सजा सुनाते हुए जज ने वारदात को नृशंस हत्याकांड बताया और कहा कि इसमें माफी स्वीकार नहीं होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए मुस्कान और साहिल सजा सुनाए जाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। इस दौरान दोनों रोने लगे। जज ने मुस्कान से पूछा कि पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद वह क्या सजा चाहती है। इस पर मुस्कान ने कहा, “मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए।” इसके बाद वह खामोश हो गई। वहीं, साहिल से भी यही सवाल पूछा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। सजा के ऐलान के बाद रो पड़ीं सौरभ की मां अदालत के फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां भावुक हो गईं और रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया। इस मामले में सजा का ऐलान सौरभ के परिवार के लिए लंबे इंतजार के बाद आया है। 3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भर दिया गया था। इस वारदात ने पूरे देश में व्यापक चर्चा बटोरी थी। अदालत ने मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

इंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR

शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट का सौदा करने के बाद ब्रोकर और प्लॉट मालिक ने फरियादी से 7 लाख 80 हजार रुपये ले लिए, लेकिन न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया। शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। 9.30 लाख में तय हुआ था प्लॉट का सौदा पुलिस के मुताबिक, नंदबाग कॉलोनी निवासी विजय चौहान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने नंदबाग में एक प्लॉट का सौदा 9 लाख 30 हजार रुपये में तय किया था। इस संबंध में एग्रीमेंट भी किया गया था। फरियादी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और रजिस्ट्री भी नहीं कराई गई। ब्रोकर ने परिचित बताकर कराया था सौदा विजय चौहान के अनुसार, धर्मेंद्र ठाकुर ने उन्हें बताया था कि नंदकिशोर मनावत उसका परिचित है और वह अपना प्लॉट बेचना चाहता है। इसके बाद धर्मेंद्र ने सौदे में ब्रोकर की भूमिका निभाई और इसके बदले 10 हजार रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्री कराने और प्लॉट का कब्जा देने की मांग की, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। 25 से ज्यादा केस होने की धमकी देने का आरोप फरियादी ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री और कब्जे के लिए दबाव बनाने पर धर्मेंद्र ठाकुर ने धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, उसने कहा कि उसके खिलाफ 25 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। साथ ही, उसके या नंदकिशोर मनावत के पास दोबारा आने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। 2.80 लाख रुपये लौटाए, 5 लाख बाकी होने का दावा विजय चौहान के मुताबिक, पुलिस में शिकायत करने की बात कहने के बाद नंदकिशोर मनावत ने 2 लाख 50 हजार रुपये नकद और 30 हजार रुपये ऑनलाइन वापस किए। हालांकि, फरियादी का आरोप है कि बाकी 5 लाख रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विजय चौहान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप

नई दिल्ली। SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी और छात्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रा ने कान पर चोट लगने का लगाया आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई। प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान कथित ज्यादती और मारपीट से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर हिरासत का आरोप एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। यह आरोप भी प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया है। राहुल गांधी ने सबूत सुरक्षित रखने को कहा राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका

क्रिकेट न्यूज। वेस्टइंडीज को बांग्लादेश के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के बल्लेबाज शाई होप और तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ सीरीज से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। CWI के मुताबिक, मेडिकल जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद अल्जारी जोसेफ को सीरीज से हटाने का फैसला लिया गया। बोर्ड उनके कार्यभार को नियंत्रित कर चोट के जोखिम को कम करना चाहता है। वहीं, तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलने के बाद शाई होप को आराम दिया गया है। चोट के खतरे को देखते हुए जोसेफ को आराम क्रिकेट वेस्टइंडीज ने बताया कि अल्जारी जोसेफ को टीम से बाहर रखने का फैसला उनकी सहमति से लिया गया है। बोर्ड के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों को लंबे स्पेल में लगातार गेंदबाजी करनी पड़ती है। इससे छोटे फॉर्मेट की तुलना में कार्यभार और चोट का जोखिम बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जोसेफ के वर्कलोड को कम करने का फैसला किया गया है, ताकि उनके स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखा जा सके। शाई होप को भी दिया गया आराम CWI ने कहा कि शाई होप तीनों फॉर्मेट में लगातार खेल रहे थे। ऐसे में उनके कार्यभार और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें टेस्ट सीरीज से आराम दिया गया है। बोर्ड का यह फैसला फरवरी 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स को ध्यान में रखकर भी लिया गया है। टीम प्रबंधन चाहता है कि खिलाड़ी आगामी महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए फिट रहें। केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में मौका शाई होप की गैरमौजूदगी में 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। अब देखना होगा कि बांग्लादेश की घरेलू परिस्थितियों में वेस्टइंडीज की टीम नए संयोजन के साथ कैसा प्रदर्शन करती है। कोच डैरेन सैमी ने सीरीज जीत को बताया अहम वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने कहा कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र की शुरुआत में टीम ने कुछ लक्ष्य तय किए थे। इनमें टेस्ट रैंकिंग के ऊपरी आधे हिस्से में जगह बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज जीतने से टीम अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकती है। सैमी के मुताबिक, बांग्लादेश को उसकी घरेलू परिस्थितियों में हराना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन टीम इसके लिए तैयार है। 28 अक्टूबर से शुरू होगा पहला टेस्ट बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला टेस्ट 28 अक्टूबर से ढाका में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 5 नवंबर से सिलहट में खेला जाएगा।

IMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने साल 2026 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। वैश्विक तनाव, आर्थिक सुस्ती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का ध्यान खींचा है। मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन को भारत की तेज विकास दर की प्रमुख वजह माना गया है। IMF ने अक्टूबर 2026 की अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में भारत की विकास संभावनाओं को सकारात्मक बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा आयात पर निर्भर कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं जहां दबाव का सामना कर रही हैं, वहीं भारत की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है। 2027 में भी 7% ग्रोथ का अनुमान IMF ने 2026 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान में जुलाई के मुकाबले 0.6 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की है। वहीं, 2027 के लिए भी विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2027 का अनुमान जुलाई के मुकाबले 0.3 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी भारत में विकास की संभावनाओं को लेकर उम्मीद बनी हुई है। IMF से पहले विश्व बैंक और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत की विकास दर के अनुमान में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। चीन की सुस्ती के बीच भारत पर नजर रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी गतिविधियों में तेजी ने भी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित किया है। भारत और चीन एशिया की आर्थिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं, हालांकि दोनों देशों की विकास संभावनाओं में अंतर दिखाई दे रहा है। IMF के अनुमान के अनुसार, चीन की विकास दर 2026 में 4.5% और 2027 में 4% रह सकती है। वैश्विक तनाव और ऊर्जा की ऊंची कीमतों को चीन की आर्थिक वृद्धि के सामने चुनौतियों में शामिल किया गया है। दुनिया की आर्थिक विकास दर पर दबाव IMF के मुताबिक, 2028 से 2031 के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था औसतन 3.2% की दर से बढ़ सकती है। यह 2000 से 2019 के बीच महामारी से पहले दर्ज औसत 3.7% की विकास दर से कम है। रिपोर्ट में वैश्विक तनाव, ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और ऊर्जा आयात पर निर्भर उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाले दबाव को आर्थिक विकास के लिए चुनौती बताया गया है। ऐसे माहौल में भारत की अनुमानित विकास दर अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई देती है। मजबूत घरेलू मांग और जनसांख्यिकी से मिल रहा सहारा भारत की आर्थिक मजबूती के पीछे बढ़ता घरेलू बाजार, मजबूत मांग, अनुकूल जनसांख्यिकी और सुधारों को अहम कारक माना गया है। सर्विसेज सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन भी विकास दर को सहारा दे रहा है। हालांकि, बेहतर अनुमान के बावजूद चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक मांग में कमजोरी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

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