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Twisha

Twisha Case Update: जेल में सास के पास मिली ‘The Pregnant King’ किताब, CBI रिपोर्ट से बढ़ा सस्पेंस

Twisha Case एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं और मामला और उलझता जा रहा है। जेल से लेकर जांच एजेंसियों तक इस केस में कई अहम अपडेट सामने आए हैं, जिसने लोगों की दिलचस्पी और सवाल दोनों बढ़ा दिए हैं। जेल में किताब मिलने का दावा, सोशल मीडिया में चर्चा तेज जेल में बंद Twisha की सास से जुड़ा एक दावा सामने आया है, जिसमें कहा जा रहा है कि निरीक्षण के दौरान उनके पास से ‘The Pregnant King’ नाम की किताब मिली। इस खबर के बाद मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है। NCW के सामने पेश हुईं सास, दिया बयान इस बीच, ट्विशा की सास ने National Commission for Women के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उन्हें जेल में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है और उनके साथ सभी सुविधाएं सामान्य रूप से मिल रही हैं। आयोग ने उनका बयान दर्ज कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। CBI को मिली दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, जांच में बड़ा मोड़ दूसरी ओर, जांच एजेंसी CBI को इस केस से जुड़ी दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी मिल गई है। इसे जांच के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि अब इसे पहले की रिपोर्ट से मिलाकर देखा जाएगा जिससे मौत के कारणों और परिस्थितियों पर और स्पष्टता मिल सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ethanol Petrol

Ethanol Petrol सरकार का बड़ा फैसला, E20 Fuel पर Tax खत्म लेकिन जनता परेशान

भारत सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) को बढ़ावा देने के लिए पेट्रोलियम नीति में एक बड़ा बदलाव किया है। नए फैसले के अनुसार 20% से अधिक Ethanol Petrol (E20 और उससे ऊपर) पर एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। सरकार का दावा है कि यह कदम देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता (Energy Independence) की ओर तेजी से ले जाएगा। हालांकि, जमीनी हकीकत थोड़ी अलग नजर आ रही है। पेट्रोल पंपों पर E20 फ्यूल की कीमतों में किसी तरह की बड़ी गिरावट नहीं दिखी है, जिससे आम उपभोक्ताओं के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर टैक्स खत्म होने का फायदा उन्हें क्यों नहीं मिल रहा। पेट्रोल पंप पर असर नहीं, जनता की उम्मीदें अधूरी सरकार के इस फैसले के बाद उम्मीद की जा रही थी कि पेट्रोल के दामों में कुछ राहत मिलेगी, लेकिन फिलहाल E20 पेट्रोल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। कई वाहन चालकों का कहना है कि वे राहत की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन फिलहाल स्थिति पहले जैसी ही है। सरकार का तर्क: पर्यावरण और किसानों दोनों को फायदा सरकारी पक्ष का कहना है कि यह नीति केवल कीमत कम करने के लिए नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सुधार के लिए है। एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से किसानों को गन्ना और अन्य फसलों का बेहतर बाजार मिलेगा। साथ ही, इससे प्रदूषण कम करने और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। एक्सपर्ट्स की राय: असर दिखने में लगेगा समय ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भारत की ईंधन नीति में बड़ा बदलाव है, लेकिन इसका सीधा फायदा आम जनता को तुरंत नहीं मिलेगा। इसका असर धीरे-धीरे आने वाले वर्षों में दिखेगा, जब एथेनॉल सप्लाई चेन और फ्यूल सिस्टम पूरी तरह स्थिर हो जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Prakash Chik Baraik

Mamata Banerjee को बड़ा झटका! TMC सांसद Prakash Chik Baraik ने छोड़ी पार्टी

पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों काफी गरमाई हुई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर लगातार बढ़ रही नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक (Prakash Chik Baraik) के इस्तीफे ने पार्टी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। माना जा रहा है कि यह सिर्फ एक इस्तीफा नहीं, बल्कि TMC के अंदर चल रही बड़ी राजनीतिक खींचतान का संकेत है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी के कई नेता मौजूदा नेतृत्व से खुश नहीं हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों में कई बड़े नाम TMC से दूरी बनाते नजर आए हैं। प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे के बाद अब ममता बनर्जी पर विपक्ष के साथ-साथ अपनी ही पार्टी के भीतर से दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। राज्यसभा से इस्तीफा, लेकिन वजह पर सस्पेंस प्रकाश चिक बराइक ने राज्यसभा सभापति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से किसी बड़ी वजह का खुलासा नहीं किया, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के अंदर चल रही खींचतान और असंतोष इसके पीछे बड़ी वजह हो सकती है। सूत्रों की मानें तो TMC के कई सांसद और नेता पार्टी की रणनीति और फैसलों से नाराज बताए जा रहे हैं। यही कारण है कि बंगाल की राजनीति में बगावत की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पहले भी सामने आ चुके हैं बागी सुर प्रकाश चिक बराइक से पहले भी कई नेता पार्टी लाइन से अलग राय रखते दिखाई दिए थे। सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर रॉय जैसे नेताओं के नाम पहले ही चर्चाओं में आ चुके हैं। इसके अलावा कुछ सांसदों के दूसरे दलों के नेताओं से संपर्क में होने की खबरों ने TMC की चिंता बढ़ा दी है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में और नेता पार्टी छोड़ते हैं, तो इसका असर संसद से लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति तक दिखाई दे सकता है। BJP ने साधा निशाना बीजेपी ने इस पूरे मामले को लेकर ममता बनर्जी सरकार और TMC नेतृत्व पर हमला बोला है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि पार्टी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा और लगातार हो रहे इस्तीफे उसी का परिणाम हैं। वहीं दूसरी तरफ TMC अभी भी इस संकट को संभालने की कोशिश में लगी हुई है। पार्टी की ओर से फिलहाल आधिकारिक तौर पर ज्यादा बयान नहीं दिया गया है, लेकिन अंदरखाने बैठकों का दौर लगातार जारी बताया जा रहा है। बंगाल की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अगर असंतुष्ट नेताओं की संख्या बढ़ती है, तो TMC के लिए यह बड़ा राजनीतिक संकट बन सकता है। फिलहाल सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि ममता बनर्जी इस चुनौती से कैसे निपटती हैं और पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी को किस तरह संभालती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

Weather यूपी में तूफान का कहर, राजस्थान में आंधी-बारिश; देशभर में मौसम बदला

देशभर में मौसम (Weather) का मिजाज तेजी से बदल रहा है। जून की शुरुआत के साथ लोगों को मानसून से राहत की उम्मीद थी, लेकिन इस बार मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून पिछले 7 दिनों से एक ही क्षेत्र में ठहरा हुआ है। हालांकि, देश के कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिसके चलते आंधी, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। UP में तूफान का कहर, ऑडिटोरियम की छत उड़ी उत्तर प्रदेश में तेज तूफान और बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया। कई इलाकों में अचानक मौसम बिगड़ने से जनजीवन प्रभावित हो गया। तेज हवाओं के कारण एक ऑडिटोरियम की छत उड़ गई, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इसके अलावा कई जिलों में पेड़ गिरने और बिजली सप्लाई बाधित होने की खबरें भी सामने आई हैं। मौसम विभाग ने यूपी के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। Rajasthan Weather: आंधी-बारिश से मिली गर्मी से राहत राजस्थान में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच अब मौसम ने करवट ली है। जयपुर, बीकानेर, जोधपुर, अजमेर और आसपास के इलाकों में धूलभरी आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई। कई जगह तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली। IMD ने राजस्थान के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों तक तेज हवाएं और बारिश जारी रह सकती है। 22 राज्यों में Rain और Thunderstorm Alert मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर समेत 22 राज्यों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मौसम में अचानक बदलाव हो रहा है। यही वजह है कि कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां मजबूत हो गई हैं। MP में अगले 72 घंटे अहम मध्य प्रदेश में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। भोपाल, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले 72 घंटे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे और जल्द ही मानसून की एंट्री हो सकती है। दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में Heavy Rain केरल, कर्नाटक, असम, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में लगातार भारी बारिश जारी है। कई इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों के लिए जरूरी सलाह हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TMC

Bengal Politics में हलचल! TMC की बागी लिस्ट में बड़े नाम, अब तक खामोश हैं Shatrughan और Yusuf

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बगावत की खबरों ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। कथित “TMC Rebel List” सामने आने के बाद पार्टी के कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें अभिनेत्री और सांसद सयानी घोष, वरिष्ठ नेता शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में बना हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि लिस्ट सामने आने के 24 घंटे बाद भी इन तीनों नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। न किसी ने इन खबरों का खंडन किया और न ही खुलकर समर्थन में कुछ कहा। यही चुप्पी अब बंगाल की राजनीति में नए सवाल खड़े कर रही है। 19 सांसदों के अलग गुट बनाने की चर्चा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, TMC के करीब 19 सांसदों के एक अलग गुट में शामिल होने की चर्चा है। दावा किया जा रहा है कि यह गुट पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहा है और भविष्य की रणनीति पर लगातार बैठकें कर रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कुछ नेता NDA के संपर्क में हैं, हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि बागी गुट दल-बदल कानून से बचने के लिए दो-तिहाई सांसदों का समर्थन जुटाने की कोशिश में लगा है। अगर ऐसा होता है तो यह ममता बनर्जी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है। इन बड़े नेताओं के नाम आए सामने कथित बागी सांसदों की सूची में शत्रुघ्न सिन्हा, सयानी घोष, यूसुफ पठान, माला रॉय, काकोली घोष दस्तीदार और दीपक अधिकारी जैसे नेताओं के नाम सामने आए हैं। इन नामों के सामने आने के बाद TMC समर्थकों के बीच भी बेचैनी बढ़ गई है। हालांकि पार्टी की ओर से अब तक इस पूरी लिस्ट को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे को लेकर TMC पर निशाना साध रहे हैं। TMC के भीतर बढ़ रही नाराजगी? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों से पार्टी के भीतर अंदरूनी असंतोष बढ़ रहा था। कई नेताओं को संगठन और फैसलों में अपनी अनदेखी महसूस हो रही थी। ऐसे में अब बगावत की खबरों ने उन चर्चाओं को और हवा दे दी है। इसी बीच कुछ नेताओं के इस्तीफे और दिल्ली में हुई राजनीतिक बैठकों ने भी अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। हालांकि TMC नेतृत्व लगातार पार्टी में सब कुछ सामान्य होने का दावा कर रहा है। तीन चेहरों की चुप्पी बनी सबसे बड़ा सवाल इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा शत्रुघ्न सिन्हा, सयानी घोष और यूसुफ पठान की चुप्पी को लेकर हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर ये तीनों नेता अब तक सामने क्यों नहीं आए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में इन नेताओं का बयान बंगाल की राजनीति की दिशा तय कर सकता है। अगर बगावत की खबरें सही साबित होती हैं तो इसका असर सिर्फ पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nipah Virus

Kerala Nipah Virus Update: कोझिकोड में नया केस, अस्पताल स्टाफ क्वारंटीन, सरकार अलर्ट मोड में

केरल में एक बार फिर निपाह वायरस (Nipah Virus) ने चिंता बढ़ा दी है। इस साल राज्य में पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। वहीं संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अस्पताल स्टाफ और मरीज के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया है। कोझिकोड में मिला नया निपाह केस केरल के कोझिकोड जिले में एक 43 वर्षीय व्यक्ति में निपाह वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। शुरुआती लक्षणों के बाद मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट देना पड़ा। जी से एक्टिव हुआ स्वास्थ्य विभाग मामले की पुष्टि होते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कदम उठाए— क्यों चिंता बढ़ाता है निपाह वायरस? निपाह वायरस एक जूनोटिक वायरस है, यानी यह जानवरों से इंसानों में फैल सकता है। खासकर चमगादड़ों को इसका प्रमुख स्रोत माना जाता है। कुछ मामलों में यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है। इस वायरस के संक्रमण से दिमाग में सूजन (encephalitis), तेज बुखार और सांस लेने में गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं, जिससे स्थिति जानलेवा भी बन सकती है। केरल में पहले भी हो चुके हैं मामले यह पहली बार नहीं है जब केरल में निपाह का मामला सामने आया हो। प्रशासन पूरी तरह सतर्क फिलहाल राज्य में स्वास्थ्य टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। मरीज के संपर्क में आए हर व्यक्ति की पहचान की जा रही है ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके। अस्पतालों में आइसोलेशन और इमरजेंसी प्रोटोकॉल को और मजबूत कर दिया गया है।
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TMC

TMC में अंदरूनी बगावत? 20 MPs की लिस्ट आई सामने, Shatrughan Sinha-Yusuf Pathan के नाम चर्चा में

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी राजनीति को लेकर बड़ी हलचल सामने आ रही है। सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पार्टी के कुछ सांसदों के बीच असंतोष बढ़ा है और करीब 20 सांसदों का एक अलग रुख या गुट बनाने जैसी चर्चा ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। हालांकि, अभी तक किसी भी स्तर पर इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और मामला पूरी तरह से बयानबाजी और अटकलों के बीच घूम रहा है। क्या है पूरा मामला? रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ TMC सांसदों ने लोकसभा में अलग पहचान या ग्रुपिंग को लेकर संकेत दिए हैं। कहा जा रहा है कि इस कथित गुट में कई सांसद शामिल हैं, और चर्चा यह भी है कि कुछ सांसद NDA के साथ बैठने या सहयोग की दिशा में जा सकते हैं। लेकिन दूसरी तरफ पार्टी के कई नेताओं ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इसे “बेबुनियाद और भ्रामक” बताया है। किन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा? इस पूरे विवाद में जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वे हैं: ध्यान देने वाली बात यह है कि इन नामों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं, लेकिन किसी भी सांसद ने खुलकर बगावत की पुष्टि नहीं की है। शत्रुघ्न सिन्हा और यूसुफ पठान की स्थिति TMC का रिएक्शन TMC नेतृत्व ने इन खबरों को अफवाह बताते हुए कहा है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और किसी भी प्रकार की टूट या गुटबाजी नहीं हुई है। पार्टी का कहना है कि इस तरह की खबरें राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने के लिए फैलाई जा रही हैं। वहीं राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर सांसदों में असंतोष की खबरें सही साबित होती हैं तो इसका असर संसद में TMC की रणनीति पर पड़ सकता है। राजनीतिक असर और सियासी मायने अगर यह विवाद आगे बढ़ता है तो: लेकिन फिलहाल यह पूरा मामला अफवाहों, रिपोर्ट्स और राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bharat Mandapam

NDA Meeting in Bharat Mandapam: PM Modi का ‘Jhalmuri Moment’ Viral, नेताओं के साथ दिखा अनोखा अंदाज़

नई दिल्ली के Bharat Mandapam में हुई National Democratic Alliance की अहम बैठक के बाद एक ऐसा पल सामने आया, जिसने पूरे सोशल मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बैठक खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi का एक सहज और अनौपचारिक अंदाज़ लोगों को देखने को मिला, जब वे नेताओं को अपने हाथ से झालमुरी परोसते नजर आए। मीटिंग के बाद दिखा हल्का-फुल्का और अपनापन भरा माहौल राजनीति की गंभीर चर्चाओं के बीच जब बैठक समाप्त हुई, तो माहौल अचानक काफी सहज और दोस्ताना हो गया। पीएम मोदी नेताओं के बीच खुद पहुंचे और मुस्कुराते हुए सभी को झालमुरी ऑफर की। यह छोटा सा पल कैमरे में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में नेताओं के बीच बातचीत और हंसी-मजाक का माहौल साफ नजर आता है, जो आमतौर पर औपचारिक बैठकों में कम ही देखने को मिलता है। Bharat Mandapam बना बड़े राजनीतिक आयोजनों का केंद्र Bharat Mandapam हाल के वर्षों में देश के बड़े राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का प्रमुख केंद्र बन चुका है। इस बार भी यहां हुई NDA की बैठक में कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए और संगठन की भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। National Democratic Alliance की इस बैठक को राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर आने वाले चुनावी समीकरणों और रणनीतियों के संदर्भ में। सोशल मीडिया पर चर्चा में आया ‘PM Modi Jhalmuri Video’ जैसे ही यह वीडियो सामने आया, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह तेजी से फैल गया। लोगों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने इसे प्रधानमंत्री की “सादगी और सहजता” बताया, जबकि कुछ ने इसे एक हल्के-फुल्के और मानवीय पल के रूप में देखा। वीडियो ने एक बार फिर यह दिखाया कि राजनीतिक बैठकों के बीच भी छोटे-छोटे इंसानी पल लोगों के दिलों को छू लेते हैं और तेजी से वायरल हो जाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal

West Bengal Politics: CM का बड़ा फैसला, Home Ministry अपने पास, नए मंत्रियों को मिले अहम विभाग

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार (Cabinet Expansion 2026) के बाद राज्य सरकार ने मंत्रियों के बीच विभागों का औपचारिक बंटवारा शुरू कर दिया है। इस फैसले के साथ ही सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। 35 मंत्रियों की नई टीम, सरकार ने दिया बड़ा संदेश नई सरकार में कुल 35 विधायकों को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री दोनों शामिल हैं। इस बड़े विस्तार को राजनीतिक जानकार सरकार की “नए सिरे से टीम स्ट्रक्चर” की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। सरकार का दावा है कि नई टीम में: CM ने रखा Home Ministry अपने पास, मजबूत नियंत्रण का संकेत सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने सबसे अहम विभागों में से एक गृह मंत्रालय (Home Ministry) अपने पास ही रखा है। यह फैसला राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से देखा जा रहा है। इसके अलावा प्रशासनिक और समन्वय से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभाग भी मुख्यमंत्री के पास ही रहेंगे। Swapan Dasgupta को मिली Finance Ministry की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता स्वपन दासगुप्ता (Swapan Dasgupta) को राज्य का वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) सौंपा गया है। उनके पास अब राज्य की आर्थिक नीति, बजट तैयार करना और वित्तीय सुधारों की बड़ी जिम्मेदारी होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नियुक्ति आर्थिक प्रबंधन को मजबूत करने और नई वित्तीय रणनीति लागू करने की दिशा में अहम कदम है। कैबिनेट विस्तार के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल कैबिनेट विस्तार और विभागों के बंटवारे के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार के फैसलों और मंत्री चयन पर सवाल उठा रहा है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह बदलाव प्रशासन को तेज और प्रभावी बनाने के लिए किया गया है। क्या बदल सकता है आगे? विशेषज्ञों के अनुसार यह नया कैबिनेट ढांचा आने वाले समय में: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bengal Cabinet में विभागों का बंटवारा: शपथ के 10 दिन बाद ममता सरकार ने नए मंत्रियों को सौंपी जिम्मेदारी

Bengal Cabinet में विभागों का बंटवारा: शपथ के 10 दिन बाद ममता सरकार ने नए मंत्रियों को सौंपी जिम्मेदारी

West Bengal में नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के करीब 10 दिन बाद आखिरकार विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने नए मंत्रियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपते हुए विभिन्न विभागों का आवंटन किया है। इससे राज्य सरकार के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। हाल ही में कैबिनेट विस्तार के दौरान शामिल किए गए मंत्रियों को अब उनके मंत्रालय मिल गए हैं। लंबे इंतजार के बाद जारी की गई सूची में कई नेताओं को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजनीतिक गलियारों में इस बंटवारे को आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि विभागों का आवंटन मंत्रियों के अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि विकास कार्यों को गति दी जा सके और जनता से जुड़े मुद्दों का तेजी से समाधान हो सके। किस मंत्री को मिला कौन-सा विभाग? राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार नए मंत्रियों को विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें प्रशासन, विकास, जनकल्याण और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई अहम मंत्रालय शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विभागों का यह बंटवारा ममता बनर्जी की टीम को और मजबूत करेगा। साथ ही सरकार आगामी चुनौतियों और चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए अपने संगठनात्मक ढांचे को भी सुदृढ़ कर रही है। जनता की उम्मीदें बढ़ीं नए मंत्रियों को जिम्मेदारी मिलने के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि वे अपने-अपने विभागों में कितना प्रभावी काम कर पाते हैं। खासकर स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विभागों में जनता को बेहतर परिणामों की उम्मीद है। विभागों का बंटवारा होने के साथ ही पश्चिम बंगाल सरकार का नया प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह सक्रिय हो गया है और अब सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों पर काम शुरू करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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