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Pakistan

China Pakistan Relations: क्या चीन के इशारों पर चल रहा है पाकिस्तान?

रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या Pakistan अब पूरी तरह China के कंट्रोल में है या यह सिर्फ मजबूत रणनीतिक साझेदारी है? पुतिन ने इस मुद्दे पर सीधा और साफ संकेत दिया कि दुनिया के रिश्तों को इतना सरल नहीं कहा जा सकता कि किसी देश को दूसरे देश के “पूरे कंट्रोल” में बताया जाए। China-Pakistan Relations: रिश्ते कितने गहरे हैं? पिछले कुछ सालों में चीन और पाकिस्तान के बीच रिश्ते काफी तेजी से मजबूत हुए हैं। खासकर: इन्हीं कारणों से कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ यह मानते हैं कि पाकिस्तान का झुकाव चीन की तरफ काफी बढ़ा है। Putin का साफ संदेश क्या था? Vladimir Putin ने अपने बयान में यह माना कि देशों के बीच प्रभाव और साझेदारी होती है, लेकिन इसे “पूर्ण कंट्रोल” कहना सही नहीं है। उनका इशारा था कि: दुनिया में क्या चल रही है बहस? इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच दो तरह की राय सामने आई है: पहली राय:पाकिस्तान धीरे-धीरे चीन के प्रभाव क्षेत्र में जा रहा है। दूसरी राय:यह सिर्फ रणनीतिक साझेदारी है, किसी का “कंट्रोल” नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Patna

Patna Firing कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग, जांच में बड़ा अपडेट आया सामने

Patna में कोचिंग सेंटर के बाहर हुई फायरिंग की घटना ने न सिर्फ इलाके को हिला दिया है, बल्कि छात्रों और अभिभावकों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। अचानक हुई इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज कर ली है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में जांच के दौरान चर्चित शिक्षक और कोचिंग संचालक Khan Sir का नाम भी सामने चर्चा में आया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि उनका इस घटना से प्रत्यक्ष संबंध है। फिलहाल जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले को समझने की कोशिश कर रही हैं। कैसे शुरू हुआ पूरा मामला? पटना के एक कोचिंग संस्थान के बाहर अचानक फायरिंग की घटना हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। छात्र और आसपास मौजूद लोग डर के माहौल में इधर-उधर भागने लगे। घटना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस की जांच में तेजी पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद कई टीमों को जांच में लगाया है। CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड्स और आसपास के लोगों के बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर छोटी-बड़ी कड़ी को जोड़कर सच तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें सामने आने लगी हैं। कुछ लोग इसे कोचिंग से जुड़े विवाद से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि पुलिस ने साफ किया है कि अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। लोगों में चिंता, जांच पर नजर इस घटना ने स्थानीय लोगों और छात्रों के बीच चिंता बढ़ा दी है। सभी की नजर अब पुलिस जांच पर टिकी है कि आखिर इस फायरिंग के पीछे असली वजह क्या थी और कौन लोग इसमें शामिल हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bangladesh

India Bangladesh Border Tension: घुसपैठ विवाद से बढ़ा तनाव, ढाका ने लगाए गंभीर आरोप

India और Bangladesh की सीमा पर एक बार फिर हालात गरमाते नजर आ रहे हैं। बॉर्डर इलाके में घुसपैठ को लेकर दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है, जिससे कूटनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है। India और Bangladesh के बीच यह नया विवाद सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ से जुड़ा बताया जा रहा है। बॉर्डर पर क्या हुआ? रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने कुछ संदिग्ध लोगों को पकड़ा, जो बिना वैध दस्तावेजों के सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे। इन्हीं घटनाओं के बाद बांग्लादेश की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई। ढाका का आरोप है कि सीमा पर “अनियमित गतिविधियां” बढ़ रही हैं और पहले से तय समझौतों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। इसी को लेकर भारत से जवाब मांगा गया है। भारत का रुख क्या है? भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमा पर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी तरह की अवैध घुसपैठ को तुरंत रोका जा रहा है। भारत का पक्ष साफ है कि जो लोग पकड़े गए हैं, वे बिना अनुमति सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी। सुरक्षा एजेंसियों का यह भी कहना है कि हर कदम नियमों और अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत ही उठाया जाता है। क्यों बार-बार उठता है यह मुद्दा? भारत–बांग्लादेश सीमा दुनिया की सबसे व्यस्त और संवेदनशील सीमाओं में से एक मानी जाती है। यहां समय-समय पर कई कारणों से तनाव देखने को मिलता है: इन सभी कारणों से कभी-कभी स्थिति तनावपूर्ण हो जाती है, हालांकि जमीनी स्तर पर सहयोग भी जारी रहता है। रिश्तों पर कितना असर? हालांकि इस तरह के विवाद सामने आते रहते हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच रिश्ते पूरी तरह खराब नहीं हुए हैं। व्यापार, सुरक्षा और कूटनीति के स्तर पर भारत और बांग्लादेश लगातार संपर्क में रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा से जुड़े मुद्दों का हल बातचीत और आपसी सहयोग से ही संभव है। तनाव भले ही दिखे, लेकिन दोनों देशों के रिश्ते व्यापक रूप से स्थिर बने हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Varanasi

Varanasi Mega Project: 130 फीट ऊंचे Shivling के साथ काशी को मिलेगी नई पहचान

भगवान शिव की नगरी Varanasi अब एक और ऐतिहासिक पहचान बनाने जा रही है। Varanasi में जल्द ही दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग स्थापित किया जाएगा। इस भव्य प्रोजेक्ट को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि यह सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं होगा, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस एक वर्ल्ड क्लास स्पिरिचुअल पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक वाराणसी नगर निगम करीब 20 एकड़ जमीन पर इस मेगा प्रोजेक्ट को तैयार करने जा रहा है। पार्क के बीचों-बीच 130 फीट ऊंचा विशाल शिवलिंग बनाया जाएगा, जिसे दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग बताया जा रहा है। काशी की आध्यात्मिक पहचान को और मजबूत करने के लिए इस प्रोजेक्ट को बेहद खास माना जा रहा है। पुराने जलकल परिसर को मिलेगा नया रूप यह पूरा प्रोजेक्ट भेलूपुर-कमच्छा स्थित पुराने जलकल परिसर की जमीन पर विकसित किया जाएगा। वर्षों से खाली पड़ी इस जगह को अब धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में बदला जाएगा। बताया जा रहा है कि इस परियोजना पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। काशी पहले ही बाबा विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के कारण दुनियाभर में चर्चा में है। अब यह नया शिवलिंग पार्क शहर को एक नई पहचान देने की तैयारी में है। पार्क में होंगी आधुनिक सुविधाएं इस स्पिरिचुअल पार्क को सिर्फ धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। पार्क में सिंथेटिक वॉकिंग ट्रैक, बच्चों के लिए गेमिंग जोन, फूड प्लाजा, लाइब्रेरी, फैमिली पिकनिक एरिया और हरियाली से भरा ऑक्सीजन पार्क बनाया जाएगा। इसके अलावा काशी की संस्कृति और इतिहास को दर्शाने वाले वॉल म्यूरल्स भी लगाए जाएंगे। काशी की विरासत दिखाएगा Museum इस प्रोजेक्ट में एक बड़ा म्यूजियम भी बनाया जाएगा, जहां काशी की धार्मिक परंपरा, घाटों की संस्कृति, संगीत, कला और बाबा विश्वनाथ से जुड़ी विरासत को आधुनिक तकनीक के जरिए दिखाया जाएगा। इसके साथ ही एक आधुनिक प्लैनेटेरियम बनाने की भी योजना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में काशी के पर्यटन को नई ऊंचाई देगा। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी बड़ा इजाफा हो सकता है। सोशल मीडिया पर Viral हुआ 3D Video परियोजना का 3D वीडियो सामने आने के बाद सोशल media पर लोग इसकी भव्यता की जमकर चर्चा कर रहे हैं। वीडियो में विशाल शिवलिंग, हरियाली और आधुनिक डिजाइन की झलक देखने को मिल रही है। कई लोगों ने इसे काशी की नई पहचान बताया है। धार्मिक आस्था और आधुनिक विकास का यह अनोखा संगम आने वाले वर्षों में वाराणसी को Spiritual Tourism का बड़ा केंद्र बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TCS

TCS Case Update: दोस्ती से शुरू हुआ मामला, फिर धर्म बदलने का बढ़ा Pressure

देश की बड़ी IT कंपनी TCS से जुड़े कथित धर्मांतरण मामले ने अब नया और संवेदनशील मोड़ ले लिया है। मामले की पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उस पर धीरे-धीरे मानसिक दबाव बनाया गया और धर्म बदलने के लिए लगातार समझाया गया। पीड़िता का दावा है कि उसे पाकिस्तान के मौलवियों के वीडियो दिखाए जाते थे और कहा जाता था कि “भजन सुनना और मंदिर जाना छोड़ दो, अल्लाह सारे गुनाह माफ कर देंगे।” इस बयान के सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। दोस्ती से शुरू हुई बात, फिर बदलने लगा व्यवहार पीड़िता के मुताबिक शुरुआत में सबकुछ सामान्य था। बातचीत दोस्ती से शुरू हुई, लेकिन कुछ समय बाद धार्मिक बातें ज्यादा होने लगीं। उसने बताया कि उसे इस्लाम से जुड़े वीडियो, भाषण और मैसेज भेजे जाते थे। धीरे-धीरे उसे हिंदू परंपराओं से दूरी बनाने की सलाह दी जाने लगी। पीड़िता का कहना है कि यह सब लगातार इस तरह किया गया कि वह मानसिक रूप से दबाव महसूस करने लगी। ‘मंदिर मत जाओ’ जैसी बातें कही गईं पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे कई बार कहा गया कि मंदिर जाना और भजन सुनना गलत है। उसे समझाया गया कि अगर वह इस्लाम अपनाती है तो उसके सारे गुनाह माफ हो जाएंगे। उसके अनुसार, धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करने के लिए कुछ विदेशी मौलवियों के वीडियो भी दिखाए गए। यही वजह है कि अब यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं बल्कि बड़े सामाजिक मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस जुटी डिजिटल सबूत खंगालने में मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया मैसेज और वीडियो लिंक की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले डिजिटल सबूतों और दोनों पक्षों के बयान को ध्यान से जांचा जा रहा है। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस इस केस को लेकर इंटरनेट पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक कट्टरता से जोड़ रहे हैं, जबकि कई यूजर्स निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो चुकी है। कई नेताओं ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। धर्मांतरण कानून पर फिर उठे सवाल घटना के बाद एक बार फिर देश में धर्मांतरण कानून और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है। कानूनी जानकारों का मानना है कि अगर किसी व्यक्ति पर धर्म बदलने के लिए दबाव बनाया जाता है, तो यह कानून के दायरे में अपराध माना जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Weather Alert: यूपी-एमपी में तूफानी बारिश, राजस्थान में ओले; कई शहरों में बिजली संकट

देशभर में मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि कई राज्यों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी नुकसान पहुंचाया है। कहीं सड़कें बंद हो गईं तो कहीं बिजली सप्लाई घंटों ठप रही। IMD ने आज 25 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। यूपी और एमपी में तेज आंधी से हालात बिगड़े उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में शुक्रवार देर रात मौसम अचानक बदल गया। तेज हवाओं और धूलभरी आंधी के चलते करीब 500 से ज्यादा पेड़ उखड़ गए। कई जगहों पर बिजली के खंभे और होर्डिंग गिरने की भी खबर है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत कई शहरों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन तूफानी मौसम ने डर का माहौल भी बना दिया। कई इलाकों में ट्रैफिक जाम और बिजली कटौती से लोग परेशान रहे। Haryana Crane Accident: तेज हवा बनी जानलेवा हरियाणा में खराब मौसम के बीच बड़ा हादसा सामने आया। तेज आंधी के दौरान निर्माण कार्य में लगी एक भारी क्रेन अचानक पलट गई। हादसे में 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कुछ लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हवा इतनी तेज थी कि क्रेन का संतुलन बिगड़ गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन और राहत टीम ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। राजस्थान में ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ी राजस्थान के कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं के कारण टीन शेड और कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा। कई गांवों में लोग देर रात तक बिजली बहाल होने का इंतजार करते रहे। IMD Alert: आज 25 राज्यों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए देश के 25 राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून एक्टिविटी की वजह से मौसम में यह बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्मी से राहत, लेकिन खतरा अभी बाकी हालांकि इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Annamalai

BJP से अलग हुए Annamalai, Tamil Nadu Politics में नए समीकरण बनने के संकेत

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के तेजतर्रार चेहरे के. अन्नामलाई (Annamalai) ने आखिरकार भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी नेतृत्व ने भी उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इस खबर के सामने आते ही राज्य की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अन्नामलाई पिछले कुछ सालों में तमिलनाडु बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे थे। उनकी आक्रामक शैली, सीधे मुद्दों पर बोलने का अंदाज और जनता से जुड़ने की कोशिश ने उन्हें युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय बनाया। ऐसे में उनका बीजेपी छोड़ना सिर्फ एक राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है। दिल्ली मीटिंग के बाद बढ़ीं चर्चाएं सूत्रों के मुताबिक, अन्नामलाई ने कुछ दिन पहले दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की थी। इसके बाद ही उनके इस्तीफे की चर्चा तेज हो गई थी। माना जा रहा है कि पार्टी की भविष्य की रणनीति और तमिलनाडु में गठबंधन राजनीति को लेकर उनकी राय अलग थी। खासकर AIADMK के साथ बढ़ती नजदीकियों को लेकर अन्नामलाई सहज नहीं थे। वह लंबे समय से तमिलनाडु में बीजेपी को स्वतंत्र ताकत के रूप में स्थापित करने की बात करते रहे थे। क्या बनाएंगे नई पार्टी? अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनका अगला कदम क्या होगा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वह जल्द ही नई राजनीतिक पार्टी या संगठन की शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि अभी तक उन्होंने इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। उनके समर्थकों का मानना है कि अन्नामलाई तमिलनाडु की राजनीति में एक नया विकल्प बन सकते हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थन में लगातार पोस्ट और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। बीजेपी के लिए क्यों अहम थे अन्नामलाई? पूर्व IPS अधिकारी रहे अन्नामलाई ने राजनीति में आने के बाद कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क किया और कई मुद्दों पर राज्य सरकार को खुलकर घेरा। “En Mann En Makkal” यात्रा के जरिए उन्होंने बीजेपी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश की थी। यही वजह है कि उनके जाने को बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। तमिलनाडु की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर? राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अन्नामलाई नई पार्टी बनाते हैं, तो इसका असर 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है। खासकर युवा वोटर्स और शहरी क्षेत्रों में उनका प्रभाव चुनावी समीकरण बदल सकता है। फिलहाल तमिलनाडु की राजनीति में सबकी नजर अन्नामलाई के अगले कदम पर टिकी हुई है।
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Delhi होटल आग हादसा: गले लगे मिले कपल के शव, इलाज के लिए आए थे; 21 लोगों की मौत

Delhi होटल आग हादसा: गले लगे मिले कपल के शव, इलाज के लिए आए थे; 21 लोगों की मौत

Delhi में हुए दर्दनाक होटल अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद होटल के कमरों और गलियारों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए, लेकिन कुछ लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। सबसे दर्दनाक तस्वीर उस समय सामने आई, जब एक कमरे में कपल के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। बताया जा रहा है कि दोनों इलाज के लिए दिल्ली आए थे और होटल में रुके हुए थे। आग लगने के बाद दोनों बाहर नहीं निकल पाए। उनकी इस हालत को देखकर राहत और बचाव दल की आंखें भी नम हो गईं। हादसे में मारी गई विदेशी महिला की पहचान लाइबेरिया की नागरिक के रूप में हुई है। महिला का पति गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। इस हादसे ने एक बार फिर बड़े शहरों के होटलों में फायर सेफ्टी इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अगर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होती तो शायद इतनी जानें नहीं जातीं। फिलहाल प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है और कई परिवार अपने अपनों की जानकारी के लिए परेशान होकर अस्पतालों और होटल के बाहर भटकते नजर आए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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पुतिन

India-Russia Relations: पुतिन बोले- PM मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूत और स्वतंत्र देश

दुनिया की बदलती राजनीति के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत को लेकर दिया गया बयान काफी चर्चा में है। पुतिन ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अगर भारत पर दबाव डालने की कोशिश करता है, तो उसका कोई खास असर नहीं होगा। उन्होंने भारत को “महान देश” बताते हुए कहा कि रूस और भारत की दोस्ती मजबूत थी, मजबूत है और आगे भी बनी रहेगी। रूस के राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब भारत एक तरफ अमेरिका के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर रूस के साथ भी रणनीतिक साझेदारी बनाए हुए है। ‘भारत खुद फैसले लेने वाला देश’ पुतिन ने कहा कि भारत किसी के दबाव में आने वाला देश नहीं है। भारत अपनी विदेश नीति अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तय करता है। यही वजह है कि आज दुनिया के बड़े देश भारत को गंभीरता से लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और रूस के बीच वर्षों पुराना भरोसा है, जिसे कोई तीसरा देश कमजोर नहीं कर सकता। US से बढ़ती नजदीकी पर रूस का बड़ा संदेश पिछले कुछ सालों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, टेक्नोलॉजी और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है। लेकिन इसके बावजूद रूस लगातार भारत को अपना करीबी सहयोगी बता रहा है। पुतिन ने संकेत दिए कि भारत और रूस आने वाले समय में ऊर्जा, रक्षा और व्यापार जैसे सेक्टर में नए समझौते कर सकते हैं। खासतौर पर तेल और डिफेंस डील को लेकर दोनों देशों के रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत माने जा रहे हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद और बढ़ी भारत की अहमियत यूक्रेन युद्ध के बाद जब पश्चिमी देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए, तब भी भारत ने संतुलित रुख अपनाया। भारत ने अपने हितों को प्राथमिकता देते हुए रूस से तेल खरीद जारी रखी। इसी वजह से रूस कई बार सार्वजनिक मंचों से भारत की तारीफ कर चुका है। पुतिन का ताजा बयान भी इसी भरोसे को दिखाता है। भारत की Foreign Policy क्यों हो रही मजबूत? विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत इस समय “Balanced Foreign Policy” पर काम कर रहा है। भारत किसी एक देश पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय हर बड़े देश के साथ अपने संबंध मजबूत रख रहा है। यही कारण है कि आज भारत अमेरिका, रूस, यूरोप और मध्य पूर्व—सभी के लिए एक अहम साझेदार बन चुका है। दुनिया को क्या संदेश देता है यह बयान? पुतिन का यह बयान सिर्फ दोस्ती दिखाने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि यह भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का संकेत भी है। इससे साफ होता है कि आने वाले समय में भारत अंतरराष्ट्रीय राजनीति में और बड़ी भूमिका निभा सकता है। भारत की यही स्वतंत्र और संतुलित नीति उसे बाकी देशों से अलग बनाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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RBI

RBI Monetary Policy 2026: होम लोन EMI नहीं बढ़ेगी, रेपो रेट स्थिर

देश के लाखों लोनधारकों के लिए एक बार फिर राहत की खबर आई है। RBI (Reserve Bank of India) ने अपनी ताज़ा मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 5.25% पर ही बनाए रखा है। इस फैसले के बाद होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। 2025 की बड़ी कटौती का असर अब भी जारी पिछले साल 2025 में RBI ने महंगाई को काबू में रखने और आर्थिक विकास को सपोर्ट देने के लिए चार बार में कुल 1.25% की रेपो रेट कटौती की थी। उस समय से ही बाजार में लोन सस्ते होने का असर देखने को मिला और लोगों की EMI पहले ही कुछ हद तक कम हुई। अब स्थिति स्थिर रखने के लिए RBI ने इस बार “नो चेंज” का फैसला लिया है और फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपनाई है। EMI और आम जनता पर क्या असर होगा? इस फैसले का सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा: यानी साफ है कि अभी कर्ज लेना महंगा नहीं होगा और EMI का बोझ स्थिर रहेगा। बैंकिंग और अर्थव्यवस्था पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि RBI का यह कदम आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की दिशा में एक संतुलित निर्णय है। इससे बैंकिंग सिस्टम में स्थिरता बनी रहेगी और लोन की मांग भी बनी रह सकती है। केंद्रीय बैंक अब आगे आने वाले महीनों में महंगाई, वैश्विक बाजार और आर्थिक विकास के आंकड़ों पर नजर बनाए रखेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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