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PM Modi–Macron Mumbai Meet 3.25 लाख करोड़ Defence Deal, 114 Rafale Jets से बढ़ेगी भारत की ताकत

मुंबई की हलचल के बीच जब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron का स्वागत किया, तो यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक कूटनीति नहीं थी। यह दो भरोसेमंद साझेदारों के बीच भविष्य की सुरक्षा, तकनीक और आर्थिक सहयोग की नई इबारत लिखने की कोशिश थी। बैठक में रक्षा सहयोग को केंद्र में रखते हुए करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये के संभावित सौदे पर चर्चा हुई। इस डील के तहत भारत को 114 Rafale fighter jets मिल सकते हैं, जो भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को नई ऊंचाई देंगे। Rafale Deal क्यों है खास? राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी Dassault Aviation द्वारा बनाए जाते हैं। ये मल्टीरोल फाइटर जेट्स हवा से हवा और हवा से जमीन पर सटीक हमले करने में सक्षम हैं। भारत पहले ही 36 राफेल विमानों को अपनी वायुसेना में शामिल कर चुका है। अब 114 अतिरिक्त विमानों की संभावित खरीद का मतलब है—सीमाओं की बेहतर सुरक्षा, तेज प्रतिक्रिया क्षमता और आधुनिक युद्ध तकनीक में बढ़त। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा क्षेत्रीय चुनौतियों को देखते हुए भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन की संख्या बढ़ाना समय की मांग है। ऐसे में यह सौदा सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। Make in India और रोजगार पर असर इस डील में तकनीक हस्तांतरण (Technology Transfer) और भारत में निर्माण (Make in India) को भी प्राथमिकता मिलने की संभावना है। अगर ऐसा होता है, तो यह सिर्फ रक्षा क्षेत्र नहीं बल्कि भारतीय उद्योग, MSME सेक्टर और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। स्थानीय उत्पादन से भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता (Defence Self-Reliance) को मजबूती मिलेगी और विदेशी निर्भरता घटेगी। Indo-Pacific Strategy में मजबूत साझेदारी भारत और फ्रांस के संबंध सिर्फ हथियारों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और अंतरिक्ष कार्यक्रमों में भी साथ काम कर रहे हैं। फ्रांस की इस क्षेत्र में रणनीतिक मौजूदगी और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका—दोनों मिलकर एक संतुलित और स्थिर क्षेत्रीय व्यवस्था की दिशा में काम कर रहे हैं। भरोसे की साझेदारी का नया अध्याय मुंबई में हुई यह मुलाकात एक संदेश भी देती है—भारत और फ्रांस का रिश्ता समय के साथ और मजबूत हो रहा है। रक्षा सौदे से आगे बढ़कर यह साझेदारी तकनीक, ऊर्जा, नवाचार और वैश्विक कूटनीति तक फैली हुई है। यदि 114 Rafale Jets की यह डील अंतिम रूप लेती है, तो यह न सिर्फ भारत की सुरक्षा क्षमता को मजबूत करेगी, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगी। यह सिर्फ एक रक्षा समझौता नहीं, बल्कि दो लोकतांत्रिक देशों के बीच साझा भविष्य की कहानी है—जहां रणनीति के साथ-साथ भरोसा भी सबसे बड़ी ताकत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BNP

BNP vs Jamaat Bangladesh Election के नतीजे और India पर दिए बयान का पूरा सच

बांग्लादेश की हालिया राजनीति ने पूरे दक्षिण एशिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक तरफ कट्टरपंथी दल की चुनावी हार चर्चा में है, तो दूसरी तरफ भारत को लेकर दिया गया एक बयान नई बहस को जन्म दे रहा है। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ चुनावी बयानबाज़ी है या क्षेत्रीय राजनीति में किसी बड़े बदलाव का संकेत? जमात की हार: क्या बदला बांग्लादेश में? हालिया चुनाव में बांग्लादेश की राजनीति ने नया मोड़ लिया। लंबे समय से प्रभाव रखने वाली जमात-ए-इस्लामी को उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला। मतदाताओं ने अपेक्षाकृत मुख्यधारा और राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्रित राजनीति को प्राथमिकता दी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवा मतदाता रोजगार, आर्थिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को अधिक महत्व दे रहे हैं। यही वजह है कि कट्टर विचारधाराओं को इस बार ज्यादा समर्थन नहीं मिला। BNP की भूमिका और तारिक रहमान का संदर्भ चुनाव के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की स्थिति मजबूत दिखी। पार्टी के कार्यकारी प्रमुख तारिक रहमान का नाम भी लगातार चर्चा में रहा। इसी बीच उनके एक सलाहकार हुमायूँ कबीर ने बयान दिया कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी ताकतों को जनता ने नकार दिया, लेकिन भारत में “हिंदू कट्टरता” बढ़ने की बात चिंताजनक है। यह टिप्पणी सीधे तौर पर भारत की आंतरिक राजनीति की ओर इशारा करती है। बयान क्यों महत्वपूर्ण है? यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं माना जा रहा। इसके कई संभावित मायने निकाले जा रहे हैं: India-Bangladesh Relations: आगे क्या? भारत और बांग्लादेश के रिश्ते सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं हैं। व्यापार, सांस्कृतिक संबंध और सुरक्षा सहयोग दोनों देशों को जोड़ते हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच से दिए गए बयान कभी-कभी भावनात्मक प्रतिक्रिया तो पैदा करते हैं, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर अक्सर संवाद के जरिए संतुलन बना लिया जाता है। एक आम नागरिक की नजर से देखें तो दक्षिण एशिया के लोग स्थिरता, विकास और बेहतर संबंध चाहते हैं। चुनावी बयानबाज़ी अपनी जगह है, लेकिन आम जनता की प्राथमिकताएँ रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा से जुड़ी होती हैं। बांग्लादेश में जमात की हार को लोकतांत्रिक बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। वहीं भारत को लेकर दिया गया बयान क्षेत्रीय राजनीति में विचारधारात्मक बहस को तेज करता है। आने वाले समय में यह साफ होगा कि यह सिर्फ चुनावी बयान था या South Asia Politics में किसी बड़े बदलाव की शुरुआत। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhagwant Mann

CM Bhagwant Mann in Hospital Polonium दावे के बीच Bomb Threat से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

पंजाब की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में उस समय हलचल मच गई जब पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मोहाली स्थित Fortis Hospital Mohali में भर्ती कराया गया। सांस लेने में तकलीफ और थकान की शिकायत के बाद उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और जरूरी मेडिकल जांच की जा रही है। Health Update क्या है मौजूदा स्थिति? मुख्यमंत्री को बीते कुछ दिनों से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत महसूस हो रही थी। जैसे ही सांस लेने में परेशानी बढ़ी, उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन एहतियातन सभी जरूरी जांचें की जा रही हैं। राज्यभर से समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। अस्पताल के बाहर समर्थकों की आवाजाही भी देखी गई। Bomb Threat अस्पताल को मिली धमकी से सुरक्षा कड़ी मुख्यमंत्री के भर्ती होने के बीच ही Fortis Hospital Mohali को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं। पुलिस, बम निरोधक दस्ते और खुफिया टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई। अब तक की जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा सख्त कर दी गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। Polonium Claim सच या अफवाह? इसी बीच सोशल मीडिया पर एक और सनसनीखेज दावा सामने आया—कि मुख्यमंत्री को कथित रूप से ‘पोलोनियम’ जैसे घातक केमिकल के संपर्क में लाया गया। हालांकि, इस दावे की न तो सरकार ने पुष्टि की है और न ही अस्पताल प्रशासन ने। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे गंभीर आरोपों की पुष्टि बिना आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट के नहीं की जा सकती। फिलहाल यह दावा अपुष्ट है और जांच के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। प्रशासन की अपील सरकार और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। साइबर टीम धमकी वाले ई-मेल की जांच कर रही है और स्रोत तक पहुंचने की कोशिश जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Macron

India-France Relations Boost Macron के दौरे में 114 Rafale Deal पर बन सकती है सहमति

भारत और फ्रांस के रिश्तों में एक बार फिर गर्मजोशी देखने को मिली, जब फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron भारत दौरे पर पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा, “Welcome to India, my dear friend.” यह एक साधारण कूटनीतिक वाक्य नहीं था, बल्कि दोनों नेताओं के व्यक्तिगत संबंधों और मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी का संकेत भी था। India-France Relations: भरोसे और साझेदारी की कहानी भारत और France के बीच संबंध केवल औपचारिक नहीं हैं। रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग ने इस रिश्ते को खास बनाया है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों ने कई अहम समझौते किए हैं, जिनका असर वैश्विक रणनीति पर भी दिखता है। इस बार की मुलाकात में भी बातचीत का दायरा व्यापक रहा। इंडो-पैसिफिक में स्थिरता, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और नई रक्षा तकनीकों के साझा विकास जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। 114 Rafale Deal: Indian Air Force के लिए बड़ा कदम? इस दौरे की सबसे ज्यादा चर्चा 114 राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित डील को लेकर रही। भारत पहले ही 36 राफेल जेट्स को अपनी वायुसेना में शामिल कर चुका है, जिससे उसकी मारक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राफेल विमान फ्रांसीसी कंपनी Dassault Aviation द्वारा निर्मित किए जाते हैं और इन्हें आधुनिक तकनीक तथा बहु-भूमिका क्षमता के लिए जाना जाता है। यदि 114 राफेल डील पर मुहर लगती है, तो यह भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक फैसला हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस संभावित समझौते में ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी प्राथमिकता दी जा सकती है। यानी कई विमानों का निर्माण भारत में हो सकता है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी। Strategic Significance: हिंद-प्रशांत में नई रणनीति आज के दौर में हिंद-प्रशांत क्षेत्र वैश्विक राजनीति का केंद्र बन चुका है। ऐसे में भारत-फ्रांस साझेदारी केवल द्विपक्षीय संबंध नहीं, बल्कि एक व्यापक रणनीतिक संतुलन का हिस्सा है। समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए दोनों देशों का सहयोग अहम माना जा रहा है। एक दोस्ती, जो समय के साथ और मजबूत हुई Macron और मोदी के बीच व्यक्तिगत तालमेल भी इन संबंधों को मजबूती देता है। दोनों नेता कई वैश्विक मंचों पर साथ दिख चुके हैं और एक-दूसरे के देशों की यात्रा कर चुके हैं। इस बार का दौरा भी उसी भरोसे की कड़ी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tarique Rahman

Tarique Rahman Swearing-in में PM Modi को Invite करने की तैयारी BNP का बड़ा संकेत

बांग्लादेश (Bangladesh) की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हालिया संसदीय चुनावों में Bangladesh Nationalist Party (BNP) को स्पष्ट बहुमत मिला है और पार्टी के वरिष्ठ नेता Tarique Rahman देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। इसी बीच एक अहम कूटनीतिक संकेत सामने आया है—BNP की ओर से भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi को शपथ ग्रहण समारोह (Swearing-in Ceremony) में आमंत्रित किए जाने की तैयारी चल रही है। क्या है पूरा मामला? सूत्रों के मुताबिक BNP नई सरकार की शुरुआत सकारात्मक संदेश के साथ करना चाहती है। पार्टी के कुछ नेताओं ने संकेत दिए हैं कि क्षेत्रीय देशों के प्रमुख नेताओं को आमंत्रित करने की योजना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। हालांकि अभी तक औपचारिक निमंत्रण (Official Invitation) जारी नहीं हुआ है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे भारत-बांग्लादेश रिश्तों के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है। चुनाव के बाद बढ़ा संवाद चुनाव परिणाम आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को फोन पर बधाई दी थी। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच मजबूत और सहयोगात्मक रिश्तों को आगे बढ़ाने की बात कही गई। BNP ने भी इस शुभकामना के लिए आभार जताया और संकेत दिया कि नई सरकार क्षेत्रीय सहयोग को प्राथमिकता देगी। यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद सभी की नजर इस बात पर है कि नई सरकार भारत के साथ अपने संबंधों को किस दिशा में ले जाती है। India-Bangladesh Relations पर क्या असर पड़ेगा? भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार (Trade), सीमा सुरक्षा (Border Security), ऊर्जा सहयोग (Energy Cooperation) और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स जैसे कई रणनीतिक मुद्दे जुड़े हैं। ऐसे में अगर प्रधानमंत्री मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होते हैं, तो यह दोनों देशों के बीच भरोसे और निरंतरता का मजबूत संदेश होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह निमंत्रण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक संकेत हो सकता है कि ढाका (Dhaka) नई सरकार के तहत भारत के साथ संतुलित और व्यावहारिक संबंध बनाए रखना चाहता है। लोगों की उम्मीदें भी जुड़ी बांग्लादेश और भारत के बीच केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्ते भी गहरे हैं। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों से लेकर व्यापार जगत तक—हर किसी की नजर इस नई शुरुआत पर टिकी है। नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की भागीदारी अगर होती है, तो इसे दक्षिण एशिया (South Asia) की राजनीति में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AI

AI और Innovation का Future India AI Impact Summit 2026 में क्या होगा खास

India AI Impact Summit 2026 एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों के CEO और इंडस्ट्री लीडर्स एक साथ आ रहे हैं। इस इवेंट का मकसद सिर्फ टेक डिस्कशन नहीं, बल्कि भारत को ग्लोबल इनोवेशन हब के रूप में पेश करना है। इस साल समिट में Google, Nvidia, OpenAI, Microsoft, और Qualcomm जैसे दिग्गज शामिल हैं। भारत क्यों बन रहा है Tech दुनिया का Focus Point? भारत की डिजिटल पॉपुलेशन और टेक टैलेंट इसे दुनिया की नजरों में खास बनाते हैं। 1.4 अरब से ज्यादा आबादी, तेजी से बढ़ते स्टार्टअप, और रिसर्च में रुचि रखने वाले युवा इसे एक आकर्षक टेक हब बनाते हैं। इस समिट का मकसद है कि कंपनियां भारत में रिसर्च, डेटा सेंटर और इनोवेशन लैब्स खोलें, जिससे टेक्नोलॉजी का विकास और रोजगार दोनों बढ़ सकें। Policy और Collaboration का मौका इस इवेंट में डेटा प्रोटेक्शन, डिजिटल इनोवेशन, और नई टेक्नोलॉजी के ethical इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत सरकार इन पहलुओं को बढ़ावा दे रही है ताकि देश सस्टेनेबल और रिस्पॉन्सिबल टेक लीडर बन सके। ग्लोबल पार्टनरशिप के जरिए भारत और दुनिया के बीच नई बिजनेस और रिसर्च opportunities खुलेंगी। निवेश और बिजनेस Opportunities इस समिट के जरिए भारत में स्टार्टअप्स और बड़ी कंपनियों के लिए नए निवेश के दरवाजे खुल रहे हैं। क्लाउड, चिप डिज़ाइन, और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी में साझेदारी की संभावना बढ़ रही है। Sundar Pichai, Jensen Huang, और Sam Altman जैसे लीडर्स की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि भारत अब ग्लोबल टेक डायलॉग में एक प्रमुख खिलाड़ी बन चुका है। भारत की Strategy भारत केवल टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं रहना चाहता। देश की कोशिश है कि वह: इस समिट के जरिए भारत अपनी लीडरशिप और इनोवेशन की भूमिका को साबित कर रहा है। India AI Impact Summit 2026 भारत के लिए एक historic मौका है। यह आयोजन निवेश, टेक पार्टनरशिप और ग्लोबल डिस्कशन के नए अवसर लाएगा। 50+ ग्लोबल CEOs की उपस्थिति यह दर्शाती है कि दुनिया अब भारत की टेक क्षमता और इनोवेशन पावर को गंभीरता से देख रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi in Assam National Highway बना Runway, Rafale और Sukhoi ने भरी उड़ान

असम की धरती पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। PM Modi का विमान डिब्रूगढ़ जिले के मोरन क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी इमरजेंसी एयरस्ट्रिप पर उतरा। यह एयरस्ट्रिप चीन सीमा से लगभग 300 किलोमीटर दूर है, इसलिए इसका सामरिक महत्व काफी बढ़ जाता है। Moran Airstrip क्यों है खास? मोरन की यह हाईवे एयरस्ट्रिप सामान्य दिनों में एक व्यस्त सड़क का हिस्सा रहती है, लेकिन जरूरत पड़ने पर कुछ ही समय में इसे रनवे में बदला जा सकता है। आपातकाल, प्राकृतिक आपदा या सैन्य परिस्थिति में यहां से लड़ाकू विमान और अन्य एयरक्राफ्ट संचालन कर सकते हैं। पूर्वोत्तर भारत लंबे समय से रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र रहा है। ऐसे में इस तरह की डुअल-यूज़ (civil + military) सुविधाएं देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करती हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह गर्व का क्षण था, जब उन्होंने अपने इलाके को राष्ट्रीय स्तर की सुर्खियों में देखा। Rafale और Sukhoi की ताकत का प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक फाइटर जेट — Dassault Rafale और Sukhoi Su-30MKI — ने भी इस एयरस्ट्रिप से उड़ान भरी। इन विमानों की मौजूदगी ने यह साफ संदेश दिया कि यह हाईवे स्ट्रिप सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि पूरी तरह सक्षम सैन्य सुविधा है। जब आसमान में राफेल और सुखोई की गूंज सुनाई दी, तो वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर उत्साह और गर्व साफ नजर आया। यह सिर्फ एक एयर शो नहीं था, बल्कि आत्मनिर्भर और मजबूत भारत की झलक थी। China Border के पास रणनीतिक संदेश चीन सीमा के करीब इस तरह की एयरस्ट्रिप का विकास भारत की रक्षा तैयारियों को दर्शाता है। संकट की स्थिति में पारंपरिक एयरबेस के अलावा ऐसे वैकल्पिक रनवे बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं। इसके साथ ही, यह दौरा पूर्वोत्तर में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर केंद्र सरकार के फोकस को भी दिखाता है। बेहतर सड़कें, मजबूत कनेक्टिविटी और रणनीतिक परियोजनाएं — ये सभी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति देंगी। विकास और सुरक्षा साथ-साथ PM Modi का असम दौरा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था। यह संदेश था कि देश की सीमाएं सुरक्षित रखने के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास भी उतना ही जरूरी है। मोरन एयरस्ट्रिप पर विमान की लैंडिंग और फाइटर जेट्स की उड़ान ने यह साफ कर दिया कि नया भारत सुरक्षा और विकास—दोनों मोर्चों पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

Seva Teerth Inaugurated by PM Modi प्रशासनिक बदलाव की बड़ी शुरुआत

देश के प्रशासनिक तंत्र में आज एक बड़ा बदलाव दर्ज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अब अपने नए कार्यालय ‘Seva Teerth’ (सेवा तीर्थ) से संचालित होगा। प्रधानमंत्री Narendra Modi (PM Modi) आज शाम नए दफ्तर की नेमप्लेट का अनावरण करेंगे और इसके साथ ही औपचारिक रूप से कामकाज की शुरुआत होगी। पुराने दफ्तर में आखिरी कैबिनेट बैठक उद्घाटन से पहले आज पुराने प्रधानमंत्री कार्यालय में आखिरी कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक युग के समापन का प्रतीक मानी जा रही है। वर्षों से जहां अहम फैसले लिए जाते रहे, वहीं से अब नई शुरुआत का संदेश भी दिया जाएगा। ‘Seva Teerth’ नाम का अर्थ और संदेश नए कार्यालय का नाम ‘सेवा तीर्थ’ रखा गया है। यह नाम सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित की भावना को दर्शाता है। सरकार का मानना है कि यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि सुशासन की सोच का प्रतीक है—जहां से देश के विकास से जुड़े बड़े फैसले लिए जाएंगे। आधुनिक सुविधाओं से लैस नया PMO सूत्रों के अनुसार, नया कार्यालय अत्याधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक कार्यप्रणाली से सुसज्जित है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है, ताकि विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय और तेज हो सके। इससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। भावनात्मक जुड़ाव भी पुराने दफ्तर से जुड़े कई प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यह बदलाव भावनात्मक भी है। लंबे समय तक वहीं से देश की नीतियां बनीं और कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। अब वही जिम्मेदारी ‘Seva Teerth’ संभालेगा। प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम विशेषज्ञ इसे प्रशासनिक सुधार और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। नए परिसर में स्थानांतरण के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय की कार्यशैली में नई ऊर्जा और नई गति आने की उम्मीद है। आज का दिन केवल भवन परिवर्तन का नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था के एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत भी है। ‘Seva Teerth’ से शुरू होने वाला यह सफर आने वाले समय में देश की नीतियों और निर्णयों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BNP

PM Modi की बधाई के बाद BNP का पहला Reaction India के साथ क्या होगी नई Strategy

बांग्लादेश में हुए ताज़ा आम चुनावों के नतीजों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज करने वाली Bangladesh Nationalist Party (BNP) अब नई सरकार के गठन की तैयारी में जुट गई है। चुनाव परिणाम सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें ढाका पर टिक गईं, खासकर भारत की प्रतिक्रिया को लेकर उत्सुकता रही। भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने चुनावी जीत पर बधाई देते हुए दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने की इच्छा जताई। उनके संदेश के बाद BNP की ओर से भारत-बांग्लादेश संबंधों पर पहला आधिकारिक बयान सामने आया है, जिसने आने वाले समय की कूटनीतिक दिशा का संकेत दे दिया है। PM Modi की बधाई, क्षेत्रीय सहयोग पर जोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में बांग्लादेश की जनता को शांतिपूर्ण और सफल चुनाव के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध बेहद खास हैं, और दोनों देशों को मिलकर क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए काम करना चाहिए। यह संदेश सिर्फ औपचारिक बधाई नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया में स्थिरता और साझेदारी की एक मजबूत झलक भी माना जा रहा है। BNP का जवाब: “समानता और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि” बधाई संदेश के जवाब में BNP ने भारत का आभार जताया और साफ किया कि उसकी सरकार पड़ोसी देशों के साथ “आपसी सम्मान, समानता और राष्ट्रीय हित” के आधार पर रिश्ते आगे बढ़ाएगी। पार्टी के बयान में कहा गया कि नई सरकार संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति अपनाएगी। भारत के साथ व्यापार, सीमा सुरक्षा, कनेक्टिविटी और जल बंटवारे जैसे मुद्दों पर रचनात्मक बातचीत जारी रहेगी, लेकिन राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। इस बयान से यह साफ है कि BNP टकराव की बजाय संवाद और संतुलन की नीति अपनाना चाहती है। India-Bangladesh Relations का भविष्य भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले कुछ वर्षों में व्यापार, ऊर्जा, ट्रांजिट और सुरक्षा सहयोग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन और कनेक्टिविटी परियोजनाएं भी क्षेत्रीय विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नई सरकार के आने के बाद कुछ नीतिगत प्राथमिकताएं बदल सकती हैं, लेकिन रणनीतिक साझेदारी बरकरार रहने की संभावना अधिक है। आम लोगों की उम्मीदें भी जुड़ी सिर्फ राजनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के आम नागरिक भी स्थिर और मजबूत रिश्तों की उम्मीद रखते हैं। सीमा से जुड़े क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बेहतर व्यापार और आवाजाही के अवसर सीधे तौर पर उनकी रोज़मर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं। बंपर जीत के बाद BNP का पहला बयान यह संकेत देता है कि ढाका और नई दिल्ली के बीच संवाद की डोर बनी रहेगी। आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि नई सरकार अपने वादों को किस तरह नीतियों में बदलती है और भारत के साथ संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BJP

BJP vs Congress Clash हरदीप पुरी विवाद पर संसद में टकराव, 9 मार्च तक स्थगन

संसद का माहौल एक बार फिर गरमा गया जब लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए “हरदीप पुरी इस्तीफा दो” की मांग उठाई। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और अंततः इसे 9 मार्च तक स्थगित कर दिया गया। क्यों उठा इस्तीफे का मुद्दा? विपक्ष का आरोप है कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से जुड़े अहम सवालों पर सरकार संतोषजनक जवाब नहीं दे रही। इसी को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग तेज हुई। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे, जिससे सदन में शोर-शराबा बढ़ता गया। संसद में मौजूद कई सदस्यों का कहना था कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन हंगामे के कारण यह संभव नहीं हो सका। माहौल ऐसा था कि बार-बार अपील के बावजूद व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई। BJP का पलटवार: राहुल गांधी पर आरोप इस घटनाक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। पार्टी का कहना है कि संसद में जानबूझकर गतिरोध पैदा किया जा रहा है। BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने की राजनीति के तहत देश को बांटने वाली भाषा और रणनीति अपनाई जा रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस का कहना है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों को उठा रही है और जवाबदेही तय करना उसका कर्तव्य है। आम लोगों पर क्या असर? संसद में गतिरोध का सीधा असर विधायी कामकाज पर पड़ता है। कई अहम बिल और नीतिगत फैसले चर्चा के इंतजार में हैं। जब सदन नहीं चलता, तो जनता से जुड़े फैसले भी टल जाते हैं। यही वजह है कि राजनीतिक टकराव के बीच आम नागरिक उम्मीद करते हैं कि पक्ष-विपक्ष संवाद का रास्ता निकालें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Skoda

Skoda RS Heritage Returns: भारत में आएगी 7-Seater Kodiaq RS SUV, जानें डिटेल्स

मुंबई में Škoda Auto ने अपनी मशहूर RS (Rally Sport) विरासत को भारत में एक नए स्तर पर ले जाने का ऐलान किया है। कंपनी जल्द ही अपनी नई Kodiaq RS SUV लॉन्च करने जा रही है, जो परफॉर्मेंस, स्पेस और लग्ज़री का एक मजबूत कॉम्बिनेशन लेकर आएगी। यह SUV सिर्फ एक नई गाड़ी नहीं, बल्कि Škoda की 50 साल से ज्यादा पुरानी RS रेसिंग विरासत और 125 साल से अधिक के मोटरस्पोर्ट इतिहास की आगे बढ़ती कहानी है। इसकी बुकिंग 22 जून 2026 से शुरू होगी। RS DNA के साथ आई एक दमदार SUV Škoda की RS लाइनअप हमेशा से उन लोगों के लिए रही है जो ड्राइविंग में सिर्फ सफर नहीं, बल्कि एक एक्सपीरियंस ढूंढते हैं। नई Kodiaq RS में कंपनी ने वही DNA और भी शार्प अंदाज़ में पेश किया है—जहां एक तरफ आपको मिलती है 7-सीटर फैमिली SUV की प्रैक्टिकलिटी, वहीं दूसरी तरफ मिलता है एक स्पोर्टी और एग्रेसिव परफॉर्मेंस का फील। Škoda Auto India का दावा है कि यह SUV भारत में अब तक की सबसे तेज़ Škoda SUV हो सकती है। कंपनी का नजरिया: सिर्फ कार नहीं, एक Emotion Škoda Auto India के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने बताया कि RS बैज सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक “emotion of performance” है। उनके मुताबिक, भारत में Octavia RS को लोगों ने जिस तरह प्यार दिया, वह इस सेगमेंट में बहुत खास था। पिछली Octavia RS कुछ ही मिनटों में पूरी तरह बिक गई थी, जो यह दिखाता है कि भारत में परफॉर्मेंस कारों का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। अब Kodiaq RS के साथ कंपनी उसी भरोसे और जुनून को आगे बढ़ा रही है। परफॉर्मेंस + 4×4 का पावरफुल कॉम्बिनेशन Kodiaq RS को खास बनाते हैं इसके कई मजबूत फीचर्स: यह SUV खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो एक ही कार में फैमिली कम्फर्ट और स्पोर्ट्स कार वाला thrill चाहते हैं। Motorsport Heritage जो इसे खास बनाता है Škoda का मोटरस्पोर्ट इतिहास 100 साल से भी ज्यादा पुराना है। यही वजह है कि RS मॉडल्स सिर्फ दिखने में स्पोर्टी नहीं होते, बल्कि उनके अंदर रेसिंग-ग्रेड इंजीनियरिंग भी होती है। ब्रांड की Kylaq, Kushaq, Slavia, Kodiaq और Octavia RS जैसी कारों ने ट्रैक पर अपनी परफॉर्मेंस साबित की है। Coimbatore के CoASTT ट्रैक पर कंपनी ने एक रिकॉर्ड भी बनाया था, जिसमें सभी मॉडल्स ने मिलकर तेज़ लैप टाइम हासिल किया और अपनी इंजीनियरिंग क्षमता को साबित किया। क्यों खास है Kodiaq RS? Kodiaq RS को अगर आसान भाषा में समझें, तो यह उन लोगों के लिए है जो: यानी एक ही गाड़ी में comfort + speed + control + luxury का पूरा पैकेज। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
चांदी

Gold Silver Rate Today: चांदी ₹4,421 टूटी, सोना भी हुआ सस्ता

सोना और चांदी के बाजार में आज अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली है। लगातार बदलते ग्लोबल संकेतों के बीच कीमती धातुओं की कीमतें टूट गईं, जिससे आम निवेशकों से लेकर ज्वैलरी कारोबारियों तक सभी प्रभावित हुए हैं। बाजार में आज का दिन पूरी तरह “ड्रॉप” वाला रहा। चांदी में तेज गिरावट, ₹2.47 लाख के करीब पहुंची कीमत चांदी के दामों में आज भारी गिरावट दर्ज की गई। जानकारी के मुताबिक चांदी करीब ₹4,421 प्रति किलो सस्ती होकर लगभग ₹2.47 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। लगातार कमजोर मांग और अंतरराष्ट्रीय दबाव को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है। सोना भी टूटा, ₹552 की गिरावट सोने की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली। आज सोना करीब ₹552 सस्ता होकर लगभग ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। इससे शादी-ब्याह और ज्वैलरी खरीदने वाले ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन निवेशकों के लिए यह नुकसान का संकेत माना जा रहा है। कैरेट के हिसाब से सोने के रेट आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम? बाजार एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं: आगे क्या हो सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना-चांदी के दामों में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अंतरराष्ट्रीय आर्थिक हालात और नीतिगत फैसले इस ट्रेंड को सीधे प्रभावित करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

मदनमहल रेलवे स्टेशन की लिफ्ट में फंसे यात्री, 50 मिनट बाद सुरक्षित निकाले गए

जबलपुर के तेजी से विकसित हो रहे मदनमहल रेलवे स्टेशन पर रविवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर लगी लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में बंद हो गई और उसमें सवार यात्री अंदर फंस गए। करीब 50 मिनट तक लिफ्ट में बंद रहे यात्रियों को गर्मी और घुटन का सामना करना पड़ा। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, रात में अमरकंटक एक्सप्रेस के स्टेशन पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन से बाहर निकलने के लिए लिफ्ट का उपयोग कर रहे थे। इसी दौरान करीब 15 यात्री अपने सामान के साथ लिफ्ट में सवार हो गए। क्षमता से अधिक भार होने के कारण लिफ्ट बीच रास्ते में रुक गई और लॉक हो गई। लिफ्ट बंद होते ही अंदर मौजूद यात्रियों में घबराहट फैल गई। बच्चों और महिलाओं के रोने-चिल्लाने की आवाजें बाहर तक सुनाई देने लगीं। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। मुख्य स्टेशन से बुलाना पड़ा विशेषज्ञ मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने लिफ्ट को चालू करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद मुख्य रेलवे स्टेशन से लिफ्ट विशेषज्ञ को बुलाया गया। तकनीकी सुधार के बाद करीब 50 मिनट बाद लिफ्ट को सुरक्षित नीचे लाया गया और सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। ओवरलोडिंग बनी वजह रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लिफ्ट में क्षमता से अधिक यात्री और भारी सामान होने के कारण तकनीकी समस्या आई। घटना रात करीब 9:40 बजे से 10:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। यात्रियों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल घटना के बाद यात्रियों ने स्टेशन पर तकनीकी विशेषज्ञों की उपलब्धता और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि ऐसे व्यस्त रेलवे स्टेशन पर हर समय तकनीकी स्टाफ मौजूद रहना चाहिए ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि लिफ्ट का उपयोग करते समय निर्धारित क्षमता और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
G7 Summit

G7 Summit ट्रम्प-मेलोनी ने फ्रांस में की एंट्री, मोदी आज पहुंचेंगे Trump–Modi Meet पर दुनिया की नजर

फ्रांस के खूबसूरत शहर Evian-les-Bains में चल रहे G7 Summit 2026 में इस बार वैश्विक राजनीति का माहौल काफी गर्म है। दुनिया के कई बड़े नेता पहले ही फ्रांस पहुंच चुके हैं, जबकि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इस हाई-प्रोफाइल समिट में शामिल होने के लिए पहुंचेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी पहले ही फ्रांस में मौजूद हैं। इस बार का G7 सिर्फ एक मीटिंग नहीं, बल्कि आने वाले समय की वैश्विक नीतियों की दिशा तय करने वाला मंच माना जा रहा है। Trump–Modi Meeting: 16 महीने बाद हो सकती है अहम मुलाकात इस समिट की सबसे बड़ी चर्चा यही है कि प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच करीब 16 महीने बाद आमने-सामने मुलाकात हो सकती है। सूत्रों के अनुसार: यह मुलाकात सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार समीकरणों पर असर डाल सकती है। G7 Summit Agenda: किन मुद्दों पर होगी बड़ी चर्चा? इस साल G7 समिट में कई अहम वैश्विक मुद्दे शामिल किए गए हैं: इन मुद्दों पर बड़े फैसले आने की उम्मीद जताई जा रही है। फ्रांस की मेजबानी और हाई-लेवल डिप्लोमेसी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इस समिट की मेजबानी कर रहे हैं। उन्होंने दुनिया के प्रमुख नेताओं के लिए कई bilateral meetings की व्यवस्था की है ताकि अलग-अलग देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके। फ्रांस की कोशिश है कि इस समिट से: भारत के लिए क्यों खास है G7 Summit 2026? भारत की भागीदारी इस बार कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है:

महिला पत्रकार के खिलाफ FIR और चार्जशीट रद्द, हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महिला पत्रकार के खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करते हुए कहा है कि बिना किसी ठोस कारण के जांच और चार्जशीट दाखिल करने में 6 साल से अधिक की देरी करना आरोपी को प्रताड़ित करने के समान है। अदालत ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले त्वरित न्याय और शीघ्र सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन माना। यह फैसला रमेश सिन्हा और रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनाया। 2018 की घटना से जुड़ा मामला याचिकाकर्ता श्रिया पांडेय वर्ष 2018 में एक न्यूज चैनल में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत थीं। उस दौरान पुलिसकर्मियों का आंदोलन चल रहा था। 20 जून 2018 को आंदोलनकारी पुलिसकर्मियों की पत्नियों को महिला थाने में बैठाए जाने की सूचना मिलने पर श्रिया अपनी टीम के साथ जानकारी लेने महिला थाना पहुंची थीं। पत्रकार पर दर्ज कर दिया गया था केस याचिका के अनुसार, जानकारी मांगने पर पुलिसकर्मियों ने सहयोग नहीं किया और बाद में श्रिया पांडेय के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर दिया गया था। हाईकोर्ट पहुंची पत्रकार पुलिस कार्रवाई को चुनौती देते हुए श्रिया पांडेय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि घटना वर्ष 2018 की थी, जबकि पुलिस ने चार्जशीट नवंबर 2024 में पेश की। इस छह साल की देरी को लेकर पुलिस विभाग कोई संतोषजनक कारण नहीं बता सका। कोई स्वतंत्र गवाह नहीं मिला अदालत ने केस डायरी और चार्जशीट का अवलोकन करने के बाद कहा कि पूरा मामला केवल पुलिसकर्मियों और उनसे जुड़े गवाहों के बयानों पर आधारित था। घटनास्थल पर कोई स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं था। हाईकोर्ट ने यह भी पाया कि गवाहों के बयानों में कई विरोधाभास हैं और पत्रकार द्वारा अपराध किए जाने का कोई प्रत्यक्ष एवं ठोस साक्ष्य रिकॉर्ड पर नहीं है। कानून के दुरुपयोग पर अदालत की टिप्पणी डिवीजन बेंच ने कहा कि ऐसे मामले को आगे बढ़ाना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। इसलिए महिला पत्रकार के खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को निरस्त किया जाता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी को अनिश्चितकाल तक मुकदमे की प्रक्रिया में उलझाकर रखना उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

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