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Supreme Court सख्त: खतरनाक कुत्तों को दें मौत का इंजेक्शन

Supreme Court सख्त: खतरनाक कुत्तों को दें मौत का इंजेक्शन

Supreme Court of India ने आवारा और खतरनाक कुत्तों के बढ़ते हमलों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि लोगों की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है और जो कुत्ते गंभीर रूप से खतरनाक या लाइलाज बीमारी से ग्रसित हैं, उन्हें नियमों के तहत मौत का इंजेक्शन (यूथेनेशिया) दिया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि यदि स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारी कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने यह भी माना कि पशुओं के प्रति संवेदनशीलता जरूरी है, लेकिन इंसानों की जान और सुरक्षा उससे ऊपर है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी निर्देश दिए थे कि सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर होम भेजा जाए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि नसबंदी और वैक्सीनेशन के बाद भी खतरनाक कुत्तों को दोबारा भीड़भाड़ वाले इलाकों में न छोड़ा जाए। देश के कई हिस्सों में बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों पर कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की यह सख्त टिप्पणी आम लोगों की सुरक्षा को लेकर अहम मानी जा रही है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ambulance

मरीज को अस्पताल छोड़ वापस लौट रही Ambulance में लगी भीषण आग, चालक जिंदा जला

दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोरा मरीज को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के बाद लौट रही एक एंबुलेंस (Ambulance) रास्ते में दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। तेज रफ्तार एंबुलेंस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ ही सेकंड में एंबुलेंस में आग लग गई और पूरा वाहन आग के गोले में बदल गया। हादसे में चालक की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई। टक्कर के बाद मची अफरा-तफरी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके की ओर दौड़े, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि कोई भी चालक तक नहीं पहुंच सका। लोगों ने पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, मगर लपटें लगातार बढ़ती चली गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एंबुलेंस मरीज को छोड़कर वापस लौट रही थी। इसी दौरान अचानक चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और एंबुलेंस सीधे पेड़ से जा टकराई। फायर ब्रिगेड और पुलिस ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक चालक पूरी तरह झुलस चुका था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हादसे की वजह तलाश रही पुलिस प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार, चालक को झपकी आना या वाहन में तकनीकी खराबी जैसी आशंकाएं जताई जा रही हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। एंबुलेंस कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर एंबुलेंस चालकों की लगातार ड्यूटी और उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिन-रात मरीजों की जान बचाने में लगे ड्राइवर खुद कितने सुरक्षित हैं, यह घटना उसी की एक दर्दनाक तस्वीर बनकर सामने आई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhojshala

Bhojshala Dhar Update: आस्था और परंपरा का संगम, अखंड ज्योति बनी आकर्षण का केंद्र

भोजशाला में सुबह से जुटने लगे श्रद्धालु मध्यप्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला (Bhojshala) में सोमवार को विशेष हवन-पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला परिसर पहुंचने लगे थे। पूरे परिसर में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। 700 साल बाद जली अखंड ज्योति इस आयोजन का सबसे खास पल तब आया, जब करीब 700 साल बाद भोजशाला परिसर में अखंड ज्योति प्रज्वलित की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच जैसे ही ज्योति जलाई गई, श्रद्धालुओं ने इसे ऐतिहासिक और भावुक क्षण बताया। कई भक्तों की आंखों में खुशी साफ दिखाई दी। वैदिक मंत्रों और भजन-कीर्तन से गूंजा परिसर पूरे आयोजन के दौरान भोजशाला परिसर में भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना चलती रही। साधु-संतों और पुजारियों ने विधि-विधान से हवन संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने देश में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए पूजा में हिस्सा लिया। सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम धार प्रशासन ने आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। परिसर के आसपास पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारियों ने लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी। सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा आयोजन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को सहेजने का भी प्रतीक है। भोजशाला में अखंड ज्योति जलने से श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Heatwave

Heatwave in India: अगले 7 दिन झुलसाएगी गर्मी, कई शहरों में Red Alert जारी

मई की तपती गर्मी (Heatwave)अब लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनती जा रही है। देश के कई राज्यों में सूरज आग उगल रहा है और हालात ऐसे हैं कि दोपहर में सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं। मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक भीषण गर्मी और Heatwave जारी रहने की चेतावनी दी है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा समेत कई राज्यों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। उत्तर प्रदेश का बांदा इस समय देश का सबसे गर्म शहर बन गया है। यहां तापमान 47.6°C रिकॉर्ड किया गया, जिसने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। प्रयागराज, झांसी और कानपुर जैसे शहरों में भी गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। दिन के साथ अब रातें भी गर्म होने लगी हैं, जिससे राहत नहीं मिल पा रही। MP और राजस्थान में सबसे ज्यादा असर मध्य प्रदेश के ग्वालियर, खजुराहो, नौगांव और रतलाम में भीषण लू चल रही है। वहीं राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में दोपहर के समय हालात बेहद कठिन बने हुए हैं। कई इलाकों में लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। महाराष्ट्र के अमरावती, वर्धा और अकोला जैसे शहर भी तेज गर्मी की चपेट में हैं। लगातार बढ़ते तापमान ने बिजली और पानी की मांग भी बढ़ा दी है। अगले 7 दिन क्यों रहेंगे मुश्किल? मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल उत्तर और मध्य भारत में बारिश की कोई मजबूत प्रणाली सक्रिय नहीं है। सूखी हवाएं और लगातार तेज धूप के कारण तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर बना हुआ है। यही वजह है कि Heatwave का असर आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। अस्पतालों में बढ़ने लगे मरीज भीषण गर्मी का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। कई शहरों के अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और कमजोरी की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों ने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और धूप में काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्मी से बचने के लिए क्या करें? मौसम विभाग के मुताबिक मई के आखिरी सप्ताह तक कई राज्यों में गर्मी का असर बना रह सकता है। कुछ इलाकों में तापमान 48°C तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अपनी सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Supreme Court Stray Dogs Verdict

Supreme Court का बड़ा फैसला आज! आवारा कुत्तों के आतंक पर क्या बदलेगा कानून?

देशभर में बढ़ते डॉग बाइट मामलों और आवारा कुत्तों के आतंक के बीच आज Supreme Court of India एक बड़ा फैसला सुनाने जा रहा है। यह मामला सिर्फ जानवरों की सुरक्षा का नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और बच्चों की जान से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। Supreme Court Stray Dogs Verdict आज उन याचिकाओं पर फैसला देगा, जिनमें पहले दिए गए आदेशों में बदलाव की मांग की गई थी। इस केस में केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, पशु अधिकार संगठन, डॉग लवर्स, डॉग बाइट पीड़ित और Animal Welfare Board of India (AWBI) समेत कई पक्ष शामिल हैं। आखिर मामला क्या है? पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में बढ़ते स्ट्रे डॉग अटैक पर सख्त रुख अपनाया था। कोर्ट ने कहा था कि राजधानी को “आवारा कुत्तों से मुक्त” किया जाना चाहिए और सभी स्ट्रे डॉग्स को पकड़कर विशेष शेल्टर में भेजा जाए। लेकिन इस आदेश का कई पशु अधिकार संगठनों और एक्टिविस्ट्स ने विरोध किया। उनका कहना था कि यह आदेश व्यवहारिक नहीं है और इससे जानवरों के अधिकार प्रभावित होंगे। इसके बाद कई याचिकाएं दायर हुईं, जिन पर आज फैसला आने वाला है। देश में क्यों बढ़ रहा है स्ट्रे डॉग संकट? Dog Bite Crisis India 2026 ╔════════════════════════════╗║ 🚨 भारत में डॉग बाइट अलर्ट 🚨 ║╠════════════════════════════╣║ लाखों लोग हर साल शिकार ║║ बच्चों और बुजुर्गों पर खतरा ║║ Rabies के मामले भी चिंता ║║ नगर निगमों पर उठे सवाल ║╚════════════════════════════╝ विशेषज्ञों के अनुसार, नसबंदी कार्यक्रमों की धीमी रफ्तार, कचरा प्रबंधन की खराब व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही इस समस्या की बड़ी वजह हैं। कई राज्यों में स्ट्रे डॉग्स के हमलों से बच्चों और बुजुर्गों की मौत तक हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले क्या कहा था? सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था: “अगर आप कुत्तों को खाना खिलाना चाहते हैं, तो उन्हें अपने घर ले जाइए।” कोर्ट ने यह भी कहा था कि डॉग बाइट मामलों में राज्यों को “भारी मुआवजा” देना पड़ सकता है। आज के फैसले पर पूरे देश की नजर आज आने वाला फैसला यह तय कर सकता है कि: इस फैसले का असर देशभर की नगर पालिकाओं, पशु अधिकार कानूनों और आम जनता की सुरक्षा पर पड़ सकता है।
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Umar Khalid मामले में Supreme Court की बड़ी टिप्पणी, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

Umar Khalid मामले में Supreme Court की बड़ी टिप्पणी, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

दिल्ली दंगा मामले में आरोपी Umar Khalid को लेकर Supreme Court ने अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि “जमानत नियम है और जेल अपवाद”, जबकि उमर खालिद को पहले बेल मिल सकती थी। अदालत ने अपने पुराने फैसले पर भी आपत्ति जताई और कहा कि कई मामलों में इस मूल सिद्धांत का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि किसी भी आरोपी को ट्रायल से पहले लंबे समय तक जेल में रखना सही नहीं माना जा सकता। अदालत ने साफ कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था में व्यक्तिगत स्वतंत्रता बेहद महत्वपूर्ण है और बेल को अधिकार की तरह देखा जाना चाहिए। दरअसल, उमर खालिद पर 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश रचने का आरोप है। उनके खिलाफ यूएपीए (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया था। जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जबकि मामले के कुछ अन्य आरोपियों को राहत दी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट की नई टिप्पणी के बाद इस फैसले को लेकर फिर बहस शुरू हो गई है। अदालत ने कहा कि “बेल नियम और जेल अपवाद” का सिद्धांत सिर्फ सामान्य मामलों में ही नहीं, बल्कि यूएपीए जैसे मामलों में भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। कानूनी जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी आने वाले समय में जमानत से जुड़े मामलों पर बड़ा असर डाल सकती है। इससे निचली अदालतों को भी यह संदेश गया है कि लंबे समय तक बिना ट्रायल जेल में रखना न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kerala में VD Satheesan ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, 60 साल बाद पूरी कैबिनेट ने साथ लिया शपथ ग्रहण

Kerala में VD Satheesan ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, 60 साल बाद पूरी कैबिनेट ने साथ लिया शपथ ग्रहण

V. D. Satheesan ने सोमवार को केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राजधानी तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में उनके साथ पूरी कैबिनेट ने भी शपथ ग्रहण किया। बताया जा रहा है कि करीब 60 साल बाद ऐसा मौका आया है, जब मुख्यमंत्री के साथ पूरा मंत्रिमंडल एक साथ शपथ ले रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के कई बड़े नेता मौजूद रहे। Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वहीं राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर लेफ्ट और बीजेपी के कई नेता भी समारोह में पहुंचे। केरल में कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) करीब एक दशक बाद सत्ता में लौटा है। चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई कैबिनेट में युवा और अनुभवी नेताओं का संतुलन देखने को मिला। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal
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Supreme Court

Supreme Court Update 2026: लंबित मामलों के बीच बढ़ी जजों की संख्या, राष्ट्रपति ने लगाई मुहर

देश की न्याय व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा फैसला सामने आया है। Droupadi Murmu ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। अब Supreme Court of India में Chief Justice of India (CJI) सहित कुल 38 जज कार्य कर सकेंगे। सरकार के इस फैसले को लंबित मामलों के बढ़ते बोझ को कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सुप्रीम कोर्ट में लाखों मामलों की सुनवाई लंबित रही है, जिसके चलते जजों की संख्या बढ़ाने की मांग लगातार उठ रही थी। अब कितने होंगे सुप्रीम कोर्ट में जज? अब तक सुप्रीम कोर्ट में CJI को छोड़कर 33 जजों की नियुक्ति की अनुमति थी। नए संशोधन के बाद यह संख्या बढ़ाकर 37 कर दी गई है। यानी Chief Justice को मिलाकर अब कुल 38 न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट में होंगे। यह फैसला “Supreme Court (Number of Judges) Amendment Ordinance, 2026” के तहत लागू किया गया है। इससे पहले साल 2019 में जजों की संख्या 31 से बढ़ाकर 34 की गई थी। क्यों जरूरी पड़ा यह फैसला? देश की सबसे बड़ी अदालत में लगातार बढ़ते मामलों ने न्यायिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया था। कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई लंबी खिंच रही थी और संविधान पीठ के गठन में भी समय लग रहा था। ऐसे में केंद्र सरकार ने जजों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया ताकि: आम लोगों को क्या होगा फायदा? कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जजों की संख्या बढ़ने से सुप्रीम कोर्ट की कार्यक्षमता बेहतर होगी। इससे बड़े और संवेदनशील मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी। साथ ही आम नागरिकों को भी न्याय पाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार अब जल्द ही नए जजों की नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है। माना जा रहा है कि इससे देश की न्याय व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

NEET 2026 Controversy: ट्रांसलेशन प्रोसेस से लीक हुआ पेपर? कोर्ट में बड़ा दावा

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI ने कोर्ट में ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्होंने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा व्यवस्था सभी को झकझोर दिया है। जांच एजेंसी का दावा है कि प्रश्नपत्र लीक होने के पीछे केवल बाहरी गैंग ही नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ अंदरूनी लोग भी शामिल हो सकते हैं। जांच के दौरान सबसे बड़ा शक उस टीम पर गया है, जो प्रश्नपत्र को अलग-अलग भाषाओं में ट्रांसलेट करने का काम कर रही थी। CBI का मानना है कि पेपर ट्रांसलेशन प्रक्रिया के दौरान ही गोपनीय जानकारी बाहर पहुंचाई गई और फिर इसे मोटी रकम लेकर छात्रों तक पहुंचाया गया। कोर्ट में CBI ने क्या बताया? दिल्ली की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान CBI ने कहा कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था। जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ आरोपियों ने मेडिकल सीट दिलाने और अच्छे नंबर लाने का लालच देकर छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये वसूले। CBI ने यह भी खुलासा किया कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र WhatsApp ग्रुप, निजी चैनलों और कोचिंग नेटवर्क के जरिए शेयर किया गया। जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने 10 लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक की डील की थी। Translation Team पर क्यों बढ़ा शक? सूत्रों के मुताबिक, पेपर को कई भाषाओं में तैयार और ट्रांसलेट किया जाता है। CBI को शक है कि इसी प्रक्रिया के दौरान किसी ने गोपनीय दस्तावेज की कॉपी बाहर निकाली। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर सबसे पहले किस स्तर पर लीक हुआ और इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया गया। जांच में पुणे की एक बॉटनी टीचर का नाम भी सामने आया है, जो कथित तौर पर NTA से जुड़ी एक्सपर्ट टीम का हिस्सा थीं। CBI ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। एजेंसी का दावा है कि इस मामले में कुछ और बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं। कई राज्यों में CBI की रेड पेपर लीक मामले की जांच अब दिल्ली, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा तक पहुंच चुकी है। CBI ने कई शहरों में छापेमारी कर मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच एजेंसी डिजिटल चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही है। सूत्र बताते हैं कि कुछ आरोपी छात्रों को “पक्का पेपर” देने का दावा कर रहे थे। हालांकि कई छात्रों के कम नंबर आने के बाद यह भी सामने आया कि कुछ लोगों ने फर्जीवाड़ा कर अभिभावकों से पैसे ठगे। छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता NEET जैसी बड़ी परीक्षा में पेपर लीक की खबर ने लाखों छात्रों की मेहनत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर विरोध जताया है। सोशल मीडिया पर भी NTA की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चे पूरे साल मेहनत करते हैं, लेकिन ऐसे मामलों से उनका भरोसा टूटता जा रहा है। छात्रों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की मांग की है। अभी और हो सकते हैं बड़े खुलासे CBI का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसी अब इस बात की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड कौन था और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे। NEET UG 2026 पेपर लीक मामला अब सिर्फ एक परीक्षा विवाद नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lucknow

Lucknow Breaking Bulldozer Action के खिलाफ वकीलों का प्रदर्शन, बढ़ा तनाव

लखनऊ (Lucknow) में गुरुवार को DM ऑफिस के बाहर अचानक हालात तनावपूर्ण हो गए जब शहर में चल रही बुलडोजर कार्रवाई (Bulldozer Action) के विरोध में वकीलों ने बड़ा प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल गर्मा गया। आखिर क्यों भड़के वकील? जानकारी के मुताबिक, शहर में कुछ इलाकों में अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया जा रहा था। इसी कार्रवाई को लेकर वकीलों ने नाराजगी जताई और DM ऑफिस के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे वकीलों का आरोप है कि कार्रवाई में पारदर्शिता और उचित कानूनी प्रक्रिया की कमी है। उनका कहना था कि बिना पूरी सुनवाई के इस तरह की कार्रवाई लोगों के अधिकारों पर असर डालती है। DM ऑफिस के बाहर अचानक बढ़ा तनाव जैसे-जैसे प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ी, स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई। नारेबाजी तेज हुई और माहौल कुछ देर के लिए अस्थिर हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिस बल को तैनात किया गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और लोगों को वहां से हटाने की कोशिश की। कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर शहर में चल रही बुलडोजर कार्रवाई की प्रक्रिया और तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर लोग मांग कर रहे हैं कि किसी भी कार्रवाई से पहले उचित संवाद और कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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