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Noida हिंसा केस: मुख्य आरोपी आदित्य ने कबूला गुनाह, तमिलनाडु से हुई थी गिरफ्तारी

Noida हिंसा केस: मुख्य आरोपी आदित्य ने कबूला गुनाह, तमिलनाडु से हुई थी गिरफ्तारी

Noida हिंसा मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस के मुख्य आरोपी आदित्य ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस के अनुसार, उसे तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया था, जहां वह छिपकर रह रहा था। जांच अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान आदित्य ने हिंसा में अपनी भूमिका स्वीकार की। इस कबूलनामे के बाद पुलिस को मामले की कड़ियां जोड़ने में काफी मदद मिल रही है। स्थानीय लोगों के लिए यह घटना काफी डर और चिंता का कारण बनी हुई थी। कई परिवार अब भी उस दिन की घटना को याद कर सहम जाते हैं। ऐसे में आरोपी की गिरफ्तारी और कबूलनामे से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सख्त कदम कितने जरूरी हैं। फिलहाल, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
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Kharge Attack on PM Modi: ‘महिलाओं से ज्यादा कांग्रेस का जिक्र’, बोले- झूठ बोलना बंद क

Kharge Attack on PM Modi: ‘महिलाओं से ज्यादा कांग्रेस का जिक्र’, बोले- झूठ बोलना बंद करें

कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के हालिया भाषण पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने अपने संबोधन में महिलाओं के मुद्दों से ज्यादा कांग्रेस को निशाना बनाया। क्या बोले खड़गे? खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री को महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने अपने भाषण में बार-बार कांग्रेस का जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता अब सच्चाई समझ रही है और केवल आरोप लगाने से काम नहीं चलेगा। ‘झूठ बोलना बंद करें’ – खड़गे का सीधा संदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें “झूठ बोलना बंद करना चाहिए” और देश के सामने सही तथ्य रखने चाहिए। खड़गे के मुताबिक, सरकार को मुद्दों से भटकाने के बजाय असली समस्याओं पर काम करना चाहिए। राजनीतिक बयानबाजी तेज इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। एक तरफ बीजेपी सरकार अपने कामकाज को लेकर दावा कर रही है, वहीं विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
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देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में अपने संबोधन में कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की। उनके भाषण में जहां विपक्ष पर तीखा हमला देखने को मिला, वहीं नारी शक्ति को लेकर भावनात्मक संदेश और महिला आरक्षण को लेकर बड़ा वादा भी किया गया। आइए आसान और साफ भाषा में जानते हैं उनके भाषण की 10 बड़ी बातें: PM मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें विपक्ष पर सीधा हमला पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे देश के विकास में बाधा डालने का काम कर रहे हैं। नारी शक्ति से माफी उन्होंने महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि अगर कहीं कमी रह गई है, तो वे नारी शक्ति से माफी मांगते हैं। महिला आरक्षण का वादा पीएम ने भरोसा दिलाया कि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। देश के विकास पर जोर उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और इसे रोकने की कोशिशें हो रही हैं। युवा शक्ति का जिक्र युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। गरीब कल्याण योजनाओं का उल्लेख सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे करोड़ों लोगों को फायदा मिला है। भ्रष्टाचार पर सख्ती पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। एकजुटता का संदेश देशवासियों से एकजुट होकर देश को आगे बढ़ाने की अपील की। आत्मनिर्भर भारत पर फोकस उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मजबूत बनाने पर जोर दिया। भविष्य के लिए रोडमैप पीएम ने कहा कि आने वाले समय में और बड़े फैसले लिए जाएंगे, जो देश के विकास को नई दिशा देंगे।

PM Modi Speech Highlights: विपक्ष पर निशाना, नारी शक्ति से माफी और महिला आरक्षण का वादा

देश के PM Modi ने हाल ही में अपने संबोधन में कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की। उनके भाषण में जहां विपक्ष पर तीखा हमला देखने को मिला, वहीं नारी शक्ति को लेकर भावनात्मक संदेश और महिला आरक्षण को लेकर बड़ा वादा भी किया गया। आइए आसान और साफ भाषा में जानते हैं उनके भाषण की 10 बड़ी बातें: PM मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें
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BJP strategy women reservation

Editorial: ‘Win-Win Politics’ या सोची-समझी रणनीति? महिला आरक्षण बिल पर सियासी शतरंज

संपादकीय निखिल सिद्धभट्टी (प्रधान संपादक ) 17 अप्रैल की दोपहर, जब Narendra Modi ने सोशल मीडिया पर अपील की—“महिलाओं को उनका हक दीजिए”—तो यह सिर्फ एक भावनात्मक संदेश नहीं था, बल्कि एक बड़े राजनीतिक मूव का संकेत भी था। कुछ ही घंटों बाद लोकसभा में जो हुआ, उसने साफ कर दिया कि यह सिर्फ विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि सियासी रणनीति का हाई-वोल्टेज खेल था। सरकार का बिल पास नहीं हुआ—लेकिन क्या वाकई यह हार थी? या फिर यह एक ऐसी चाल थी जिसमें दोनों रास्तों पर फायदा ही फायदा था? सरकार की चाल: हार में भी जीत का रास्ता Bharatiya Janata Party और NDA के पास जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं था—यह बात किसी से छुपी नहीं थी। फिर भी बिल लाया गया, जोर-शोर से अपीलें हुईं, और अंततः वोटिंग में यह गिर गया। यहीं से “Win-Win Strategy” की शुरुआत होती है: यानी परिणाम चाहे जो भी हो, नैरेटिव सरकार के पक्ष में सेट था। विपक्ष की स्थिति: मुद्दा सही, मैसेज कमजोर Indian National Congress समेत विपक्ष ने बिल का विरोध पूरी रणनीति के साथ किया—परिसीमन, जनगणना और OBC प्रतिनिधित्व जैसे गंभीर मुद्दे उठाए।Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi ने साफ कहा कि यह “महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक पुनर्संरचना” है। लेकिन समस्या यहां थी: राजनीति में अक्सर भावनाएं, लॉजिक पर भारी पड़ती हैं। यही वह जगह है जहां विपक्ष, खासकर कांग्रेस, नैरेटिव की लड़ाई में पीछे दिखी। क्या विपक्ष ‘जाल’ में फंस गया? सरकार की रणनीति को देखें तो यह साफ लगता है कि: अगर विपक्ष समर्थन करता → सरकार को सीधा क्रेडिटअगर विरोध करता → “महिला विरोधी” टैग यानी यह एक क्लासिक राजनीतिक ट्रैप था—और विपक्ष इसमें उलझता नजर आया। अब सवाल उठता हैं कि इसका राजनीतिक असरआगे क्या होगा ? तो इस पूरे घटनाक्रम के तीन बड़े असर हो सकते हैं: यह पूरा मामला सिर्फ एक विधेयक के पास या फेल होने का नहीं था। यह उस धारणा (Perception) की लड़ाई थी, जिसमें Narendra Modi की सरकार एक कदम आगे नजर आई। राजनीति में कई बार असली जीत संसद के भीतर नहीं, बल्कि जनता के दिमाग में होती है।और इस बार—बिल गिरने के बावजूद—सरकार ने वही हासिल करने की कोशिश की है।
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Sheopur Accident: ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 4 की मौत, शादी की खुशी मातम में बदली

Sheopur Accident: ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 4 की मौत, शादी की खुशी मातम में बदली

Sheopur जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 24 लोग घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब एक गुर्जर परिवार शादी में “भात” देने जा रहा था। कैसे हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली में 28 से ज्यादा लोग सवार थे। रास्ते में अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया और पलट गया। हादसा इतना भयानक था कि कई लोग नीचे दब गए। मौके पर मची चीख-पुकार हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों का इलाज जारी घायल लोगों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। खुशियों के बीच पसरा मातम जिस परिवार में शादी की खुशी थी, वहां अब मातम छा गया है। भात देने जा रहे लोग इस हादसे का शिकार हो गए, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है। प्रशासन की कार्रवाई प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही घायलों को हर संभव मदद देने की बात कही गई है।
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‘मेरी बहू इतनी सुंदर, फिर बेटा भटक क्यों गया…’: TCS कांड में आरोपी दानिश की मां का दर्द छलका

‘मेरी बहू इतनी सुंदर, फिर बेटा भटक क्यों गया…’: TCS कांड में आरोपी दानिश की मां का दर्द छलका

नासिक में हुए चर्चित TCS कांड के बीच आरोपी दानिश के परिवार की भावनाएं अब सामने आ रही हैं। इस मामले में दानिश की मां का एक भावुक बयान सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। मां का दर्द: रोते हुए कही ये बात दानिश की मां ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी बहू बहुत अच्छी और सुंदर है। ऐसे में उनका बेटा किसी और के पीछे क्यों गया, यह बात उन्हें समझ नहीं आ रही।बात करते-करते वह भावुक हो गईं और रोने लगीं। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस घटना के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। मां ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को अच्छे संस्कार दिए थे, लेकिन अब जो कुछ सामने आया है, उससे पूरा परिवार सदमे में है। क्या है पूरा मामला? नासिक में सामने आए इस TCS कांड ने हर किसी को चौंका दिया है। आरोपी दानिश पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद पुलिस जांच में जुटी हुई है।हालांकि, मामले की पूरी सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। समाज में बढ़ती चिंता इस तरह की घटनाएं समाज में कई सवाल खड़े करती हैं। रिश्तों में विश्वास, पारिवारिक मूल्यों और व्यक्तिगत फैसलों को लेकर बहस तेज हो जाती है। आगे क्या? फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में कई और खुलासे हो सकते हैं, जिनसे पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
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Digital Shift या System Failure? SWAYAM-NPTEL Courses में क्यों नहीं बढ़ रही छात्रों की दिलचस्पी

Exclusive story:-भारत में SWAYAM और NPTEL ऑनलाइन कोर्स से डिग्री में क्रेडिट लेने का सिस्टम लागू है, लेकिन छात्र और यूनिवर्सिटीज इसे अपनाने में पीछे क्यों हैं?जानिए पूरी पड़ताल। ऑनलाइन एजुकेशन का बड़ा दावा, लेकिन असर सीमित भारत में उच्च शिक्षा को डिजिटल और लचीला बनाने के लिए सरकार ने SWAYAM और NPTEL प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया। उद्देश्य साफ था — छात्र अपने कॉलेज के साथ-साथ ऑनलाइन पढ़ाई करके डिग्री का एक बड़ा हिस्सा पूरा कर सकें। नीतियों के अनुसार, छात्र अपनी पढ़ाई का लगभग 40% हिस्सा ऑनलाइन कोर्स के जरिए पूरा कर सकते हैं। लेकिन असल स्थिति यह है कि यह सुविधा मौजूद होने के बावजूद ज्यादातर छात्र इसका फायदा नहीं उठा रहे हैं। सिस्टम मौजूद, लेकिन इस्तेमाल कम देशभर की 400 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज इस क्रेडिट सिस्टम से जुड़ चुकी हैं। प्लेटफॉर्म पर हजारों कोर्स भी उपलब्ध हैं। फिर भी, ग्राउंड लेवल पर देखा जाए तो: इससे साफ संकेत मिलता है कि नीति और व्यवहार में बड़ा गैप है। क्रेडिट ट्रांसफर सिस्टम आखिर है क्या? यह सिस्टम छात्रों को यह आज़ादी देता है कि: कागजों पर यह मॉडल काफी मजबूत दिखता है, लेकिन इसे लागू करना उतना आसान नहीं रहा। क्यों नहीं चल पा रहा यह मॉडल? 1. स्टूडेंट्स का कम जुड़ाव कई छात्रों को ये कोर्स अतिरिक्त बोझ लगते हैं। वे इन्हें सीरियसली नहीं लेते या पूरा नहीं कर पाते। 2. यूनिवर्सिटीज का अधूरा इंप्लीमेंटेशन हालांकि कई यूनिवर्सिटीज इस सिस्टम से जुड़ी हैं, लेकिन: 3. टाइमिंग और शेड्यूल का टकराव ऑनलाइन कोर्स और कॉलेज के सेमेस्टर शेड्यूल में तालमेल की कमी है।इस वजह से छात्रों के लिए दोनों को साथ मैनेज करना मुश्किल हो जाता है। 4. इंडस्ट्री-फोकस्ड कोर्स की कमी आज के समय में छात्र ऐसे कोर्स चाहते हैं जो उन्हें नौकरी दिलाने में मदद करें।लेकिन कई ऑनलाइन कोर्स अभी भी पुराने या कम प्रैक्टिकल माने जाते हैं। 5. जानकारी और गाइडेंस का अभाव कई छात्रों को यह तक नहीं पता कि: क्या हो सकता है समाधान? विशेषज्ञों का मानना है कि इस सिस्टम को सफल बनाने के लिए: ✔ कुछ प्रतिशत क्रेडिट को अनिवार्य किया जाए✔ छात्रों को सही गाइडेंस दी जाए✔ इंडस्ट्री से जुड़े नए कोर्स जोड़े जाएं✔ यूनिवर्सिटीज में इसे गंभीरता से लागू किया जाए प्राइवेट प्लेटफॉर्म क्यों आगे हैं? आज के समय में कई छात्र विदेशी और प्राइवेट प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके पीछे कारण हैं: यही वजह है कि सरकारी प्लेटफॉर्म होते हुए भी कम्पटीशन बढ़ गया है। भविष्य का रास्ता क्या है? SWAYAM और NPTEL जैसे प्लेटफॉर्म भारत के लिए बहुत बड़ा अवसर हैं, खासकर उन छात्रों के लिए जो: लेकिन अगर इन्हें सही तरीके से लागू नहीं किया गया, तो यह पहल सिर्फ एक अच्छी योजना बनकर रह जाएग डिजिटल एजुकेशन का यह मॉडल भारत की शिक्षा व्यवस्था को बदल सकता है, लेकिन अभी यह अपने शुरुआती संघर्ष के दौर में है। नीतियों से ज्यादा जरूरी है उनका सही क्रियान्वयन — तभी यह पहल सच में एजुकेशन रिवोल्यूशन बन पाएगी।
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लाल किले के पास कार में धमाका, 10 की मौत, 40 घायल – NIA और पुलिस ने शुरू की जांच

अपडेट: सोमवार, 10 नवंबर 2025 | 📍स्थान: लाल किला मेट्रो स्टेशन, दिल्ली धमाके से हिली दिल्ली: लाल किले के पास कार में भीषण विस्फोट, 10 की मौत, 40 घायल दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहर लाल किले के पास सोमवार देर शाम करीब 7 बजे एक भीषण धमाका हुआ जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। यह धमाका लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास खड़ी एक कार में हुआ। धमाके की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास की दुकानों और घरों के शीशे तक चटक गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के तुरंत बाद वहां आग की लपटें उठीं और आसपास खड़ी कई कारें भी जलकर खाक हो गईं। मौके पर अफरा-तफरी और भगदड़ का माहौल बन गया। दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने लाल किला धमाके पर बयान देते हुए कहा कि, “आज शाम करीब 6 बजकर 52 मिनट पर एक कार, जो धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी, लाल बत्ती पर रुकते ही अचानक विस्फोट का शिकार हो गई। इस धमाके की वजह से आसपास खड़ी कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है।” उन्होंने आगे बताया कि, “घटनास्थल पर सभी जांच एजेंसियां, जिनमें एफएसएल (FSL) और एनआईए (NIA) शामिल हैं, मौजूद हैं और मामले की जांच जारी है। धमाके में कुछ लोगों की मौत हुई है, जबकि कई घायल हैं। फिलहाल स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।” कमिश्नर गोलचा ने यह भी कहा कि, “गृह मंत्री ने हमें तलब किया है और हम लगातार उन्हें जांच की हर अपडेट साझा कर रहे हैं।” NIA और दिल्ली पुलिस ने संभाली जांच घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस, फॉरेंसिक टीम और एनआईए (National Investigation Agency) की टीमें मौके पर पहुंचीं।पुलिस कमिश्नर ने तुरंत गृह मंत्रालय को पूरी घटना की रिपोर्ट भेजी, जिसके बाद दिल्ली-एनसीआर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में किसी आतंकी साजिश की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल इलाके को सील कर दिया गया है और जांच के लिए एफएसएल टीम साक्ष्य जुटा रही है। दमकल विभाग ने बुझाई आग, कई लोगों को अस्पताल भेजा गया धमाके के बाद दमकल विभाग की 7 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।घटना में 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 40 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को लोकनायक जयप्रकाश नारायण (LNJP) और सब्जी मंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में, पर जांच जारी फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं।लाल किले और आसपास के क्षेत्रों में कड़ी निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। देश हरपल आपसे अपील करता है कि अफवाहों से बचें और केवल अधिकृत स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें।
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Rahul Gandhi

वोटर-लिस्ट से नाम हटाने की पूरा सच — दाखिला, जाँच, और राहुल गांधी के ‘mass-deletion’ दावों की परत दर परत जांच

भारत में वोटर-लिस्ट से नाम हटाने की वैधानिक प्रक्रिया, ऑनलाइन विकल्प, और राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग की सफाई। देश हरपल की खास पड़ताल। निखिल सिद्धभट्टी / देश हरपल स्पेशल रिपोर्ट भारत में वोटिंग लिस्ट से नाम हटाना कोई बच्चों का खेल नहीं है। यह वैधानिक प्रक्रिया है, फॉर्म भरने से लेकर चुनाव अधिकारी की जांच तक। लेकिन आज (18 सितंबर 2025) राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर बड़े आरोप जड़ दिए कि Karnataka के Aland इलाके में “mass targeted deletions” यानी चुनिंदा तरीके से नाम काटे गए। Commission ने ताबड़तोड़ जवाब दिया — “कोई भी आदमी ऑनलाइन जाकर किसी का नाम मिटा ही नहीं सकता।” तो असल सच्चाई क्या है? देश हरपल ने तह तक जाकर इसकी पड़ताल की। Step-by-Step: वोटर-लिस्ट से नाम हटाने की असली प्रक्रिया 1. सही फॉर्म कौन-सा? 2. ऑनलाइन क्या-क्या होता है? 3. जांच-पड़ताल (Verification) 4. सुरक्षा इंतज़ाम Rahul vs ECI: आरोप बनाम जवाब अब सोचिए, अगर इतनी आसानी से कोई ऑनलाइन वोट काट सकता तो पड़ोसी से लड़ाई हुई तो आप Form-7 भर कर उसका नाम गायब कर देते! लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। हर आवेदन चुनाव अधिकारी के टेबल से गुजरता है। यानी सिस्टम में गड़बड़ी की गुंजाइश है, मगर Ctrl+Alt+Delete जितना आसान नहीं। राहुल गांधी का आरोप जनता में गूंजता है क्योंकि लोगों को अक्सर यह डर होता है कि कहीं उनका नाम बिना बताए कट न जाए। लेकिन आयोग का कहना है — “बिना जांच-पड़ताल नाम काटना मुमकिन नहीं।” तो सच्चाई दोनों के बीच कहीं है: प्रक्रिया लंबी और कानूनी है, पर लोकल लेवल पर गड़बड़ी या लापरवाही से नाम गायब होने का खतरा बना रहता है। FAQ बॉक्स Q1: क्या मैं खुद ऑनलाइन जाकर किसी का नाम काट सकता हूँ?➡️ नहीं। आप सिर्फ़ Form-7 के जरिए रिक्वेस्ट कर सकते हैं। असली निर्णय अधिकारी का होता है। Q2: अगर मेरा नाम गलती से कट गया तो क्या करें?➡️ तुरंत NVSP या CEO वेबसाइट पर Form-6 भरकर नया पंजीकरण कराएं। Q3: नाम हटाने के लिए कौन कारण मान्य हैं?➡️ मृत्यु, दूसरे विधानसभा क्षेत्र में शिफ्ट, डुप्लीकेट एंट्री, या नाबालिग/ग़ैर-भारतीय होना। Q4: क्या पॉलिटिकल पार्टियां इस पर निगरानी रख सकती हैं?➡️ हां, ड्राफ्ट रोल प्रकाशित होते हैं और सभी को आपत्ति दर्ज करने का मौका मिलता है। राहुल गांधी के आरोपों ने बहस छेड़ी है, लेकिन आयोग का तकनीकी जवाब साफ है: “Online वोट डिलीट” जैसा कोई शॉर्टकट नहीं है। असली चुनौती यह है कि जनता का भरोसा कैसे मजबूत किया जाए ताकि किसी को यह डर न रहे कि उनका नाम अचानक लिस्ट से गायब हो जाएगा।
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Muzaffarpur voter list scam बिहार वोटर लिस्ट गड़बड़ी ZEE News खुलासा Muslim names voter list Bihar बिहार चुनाव वोटर लिस्ट फर्जीवाड़ा मुजफ्फरपुर वोटर लिस्ट घोटाला Bihar voter fraud news

बिहार के मुजफ्फरपुर बंद पड़े हिंदू के घरों में मुस्लिम नाम जोड़े गए

ZEE News ने मुजफ्फरपुर (बिहार) से सनसनीखेज खुलासा किया है। गांव में एक भी मुस्लिम परिवार न होने के बावजूद वोटर लिस्ट में मुस्लिम नाम जोड़े गए। बंद पड़े हिंदू घरों में भी फर्जी नाम चढ़ाए गए। पढ़ें पूरी रिपोर्ट। Muzaffarpur voter list scam, बिहार वोटर लिस्ट गड़बड़ीदेश की राजनीति में एक बड़ा भूचाल लाने वाली खबर सामने आई है। ZEE News की विशेष रिपोर्ट में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार मौजूद नहीं है, वहां की वोटर लिस्ट में मुस्लिम नामों को जोड़ा गया है। यही नहीं, कई ऐसे हिंदू परिवार जिनके घर सालों से बंद पड़े हैं, उनकी जगह पर भी मुस्लिम नाम दर्ज कर दिए गए हैं। यह पूरा मामला चुनावी ईमानदारी और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अगर यह साजिश है, तो यह केवल एक गांव की नहीं बल्कि पूरे बिहार चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गहरा असर डाल सकती है। कैसे हुआ खुलासा? ZEE News की टीम ने जब मौके पर जाकर वोटर लिस्ट और जमीनी हकीकत का मिलान किया, तो हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई। कई ऐसे नाम वोटर लिस्ट में पाए गए, जो स्थानीय लोगों को बिल्कुल भी नहीं जानते। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि “गांव में कोई मुस्लिम परिवार कभी रहा ही नहीं।” बंद पड़े घरों पर बने नए नाम और भी चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिन घरों पर ताला लगा हुआ है या जिन परिवारों ने गांव छोड़ दिया है, उनके घरों के पते पर भी नए नाम जोड़ दिए गए। यह फर्जीवाड़ा चुनावी साजिश की ओर इशारा करता है। चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल अब सवाल यह उठ रहा है कि Election Commission की जिम्मेदारी के बावजूद यह गड़बड़ी कैसे हो गई? क्या यह किसी लोकल स्तर की मिलीभगत है या बड़े स्तर पर कोई राजनीतिक दबाव? स्थानीय लोगों की मांग गांव के निवासियों ने चुनाव आयोग से मांग की है कि इस पूरे मामले की तुरंत जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
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Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

Teachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चा

शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों के अंदर आत्मविश्वास और बेहतर सोच भी पैदा करते हैं। Teachers’ Day से पहले PM Modi ने National Teachers’ Award 2026 के लिए चुने गए शिक्षकों और educators से मुलाकात की। इस दौरान पढ़ाई के तरीकों से लेकर बच्चों की बदलती आदतों तक कई मुद्दों पर बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान माहौल काफी सहज नजर आया। प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से उनके अनुभव जानने के साथ यह भी समझने की कोशिश की कि वे बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए किस तरह के नए तरीके अपना रहे हैं। PM Modi ने पूछा- Public से कैसे करें बात? बातचीत के दौरान Public Speaking और लोगों के सामने अपनी बात रखने का मुद्दा भी सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बारे में सवाल किया तो एक महिला Teacher ने सीधा जवाब दिया कि लोगों के सामने प्रभावी तरीके से बात करने के लिए सबसे जरूरी चीज Confidence यानी आत्मविश्वास है। उनकी यह बात छोटी जरूर थी, लेकिन Public Speaking को लेकर एक बड़ा संदेश देती है। किसी भी मंच पर अपनी बात रखने के लिए केवल जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे भरोसे और स्पष्टता के साथ सामने रखना भी जरूरी है। Teachers ने PM Modi को बताए अपने Innovative Ideas प्रधानमंत्री मोदी ने Award-winning Teachers से उनके Teaching Experience और Classroom में अपनाए जा रहे नए प्रयोगों के बारे में भी जाना। शिक्षकों ने बताया कि वे बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आज के समय में सिर्फ किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित पढ़ाई बच्चों को हमेशा आकर्षित नहीं करती। ऐसे में कई शिक्षक Technology, Practical Activities और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरणों की मदद से विषयों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। बच्चों में Screen Addiction को लेकर भी चर्चा PM Modi ने बच्चों में बढ़ते Screen Time और Digital Addiction को लेकर भी शिक्षकों से चर्चा की। उन्होंने बच्चों को खेल, Physical Activities और रचनात्मक कामों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही युवा छात्रों में नशे की समस्या को लेकर शिक्षकों को सतर्क रहने की बात भी कही गई। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को केवल Classroom तक सीमित नहीं माना। बच्चों के व्यवहार, उनकी आदतों और मानसिक-सामाजिक विकास में भी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 5 सितंबर को 48 Teachers को National Award Teachers’ Day के मौके पर 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 48 स्कूल शिक्षकों को National Teachers’ Awards प्रदान करेंगी। इन शिक्षकों का चयन देशभर से एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए किया गया है। National Teachers’ Awards का मकसद ऐसे शिक्षकों को पहचान और सम्मान देना है, जिन्होंने पढ़ाई को बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह पुरस्कार हर साल Teachers’ Day पर शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। PM Modi की Teachers से मुलाकात का संदेश प्रधानमंत्री और शिक्षकों की इस मुलाकात में एक बात साफ तौर पर सामने आई—एक अच्छा Teacher सिर्फ पाठ नहीं पढ़ाता, बल्कि बच्चों को जीवन के लिए तैयार करता है। चाहे Public Speaking में Confidence की बात हो या Classroom में नए Teaching Methods अपनाने की, बदलते समय के साथ शिक्षकों की भूमिका भी लगातार व्यापक हो रही है। Teachers’ Day से पहले हुई यह मुलाकात इसी बदलाव और शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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