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Chhangur Baba ISI Connection

Chhangur Baba ISI Connection : छांगुर बाबा का षड्यंत्रकारी जाल अब भारत की सुरक्षा के लिए चुनौती

उत्तर प्रदेश ATS और ईडी (ED) की संयुक्त जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, छांगुर बाबा की करतूतों की परतें एक-एक कर सामने आती जा रही हैं। धर्मांतरण के नाम पर शुरू हुआ यह खेल अब सीधे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ता नजर आ रहा है। धर्मांतरण से लेकर जासूसी तक – पूरी प्लानिंग थी तैयार सूत्रों की मानें तो छांगुर बाबा सिर्फ हिंदुओं को इस्लाम में बदलने का काम नहीं कर रहा था, बल्कि इसका मकसद भारत में सांप्रदायिक ज़हर फैलाना और देश की एकता को तोड़ना था।जांच एजेंसियों को जो दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत मिले हैं, उनमें नेपाल कनेक्शन सबसे खतरनाक साबित हुआ है। काठमांडू स्थित पाकिस्तानी दूतावास में ISI एजेंटों के साथ छांगुर नेटवर्क की एक गुप्त बैठक भी हुई थी, जिसमें भारत में स्लीपर सेल एक्टिवेट करने की प्लानिंग शामिल थी। ISI एजेंटों से निकाह और जासूसी में महिलाओं की भूमिका छांगुर बाबा की सबसे खतरनाक योजना थी – आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू महिलाओं को धर्म के नाम पर फंसाकर पहले इस्लाम कबूल करवाना, फिर नेपाल ले जाकर उनका निकाह ISI एजेंटों या स्लीपर सेल से कराना। इसके बाद इन महिलाओं को भारत में जासूसी नेटवर्क का हिस्सा बनाने के लिए एक कोडवर्ड सिस्टम तक तैयार कर लिया गया था। इस साजिश में नेपाल की जमीन का इस्तेमाल ट्रांजिट और रिक्रूटमेंट सेंटर के तौर पर किया जा रहा था। ATS और ED का एक्शन मोड ON उत्तर प्रदेश एटीएस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने बरेली, कानपुर, प्रयागराज और लखनऊ समेत कई जिलों में रेड कर छांगुर बाबा से जुड़े दर्जनों संदिग्धों को हिरासत में लिया है। कई बैंक खातों में संदिग्ध विदेशी फंडिंग के संकेत मिले हैं, जिनकी जांच अभी जारी है। डिजिटल सबूत और कोडवर्ड सिस्टम निष्कर्ष: एक बाबा, एक रैकेट और एक अंतरराष्ट्रीय खतरा! छांगुर बाबा का मामला सिर्फ धर्मांतरण तक सीमित नहीं है। यह एक बड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी साजिश है, जिसमें भारत को अंदर से कमजोर करने की कोशिश की जा रही थी। इस केस की तह तक जाने के लिए ATS और ED की जाँच निर्णायक मोड़ पर है।
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Slice Bank UPI ATM, India first UPI ATM,

Game Changing! Slice Bank ने लॉन्च किया India का 1st UPI ATM, अब बिना कार्ड के निकलेगा कैश

भारत की फिनटेक दुनिया में एक और बड़ा इनोवेशन हुआ है। Slice Bank ने देश का पहला UPI ATM लॉन्च कर दिया है। अब आप बिना डेबिट कार्ड के सिर्फ अपने फोन से QR Code स्कैन कर के कैश निकाल सकेंगे। इस कदम को भारतीय बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में एक game-changing innovation माना जा रहा है। क्या है UPI ATM और कैसे करता है काम? यह कोई साधारण ATM नहीं है। UPI ATM एक ऐसा स्मार्ट ATM है जिसमें आपको न तो डेबिट कार्ड लगाने की जरूरत है और न ही PIN डालने की। बस UPI ऐप (जैसे कि PhonePe, Google Pay, Paytm आदि) से QR Code स्कैन करिए और तुरंत कैश निकालिए। UPI ATM से पैसे निकालने का तरीका: Cash Deposit की सुविधा भी जल्द: Slice Bank के मुताबिक मशीन में UPI से cash deposit की सुविधा भी हैं । क्यों खास है Slice Bank का UPI ATM? ✅ बिना कार्ड के कैश निकालने की सुविधा।✅ भारत के डिजिटल पेमेंट को और accessible बनाना।✅ ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में banking सुविधा पहुंचाना।✅ फास्ट और secure transactions। भारत में Fintech का बढ़ता दायरा भारत दुनिया का सबसे बड़ा UPI मार्केट बन चुका है। NPCI के आंकड़ों के मुताबिक, जून 2025 तक भारत में UPI के जरिए प्रतिदिन 1,200 मिलियन से ज्यादा transactions हो रही हैं। अब UPI ATM के आने से cash withdrawal का तरीका भी पूरी तरह बदलने जा रहा है। Slice Bank कौन है? Slice Bank एक नया-age Fintech platform है, जिसने youth को target करते हुए credit cards, payment apps और BNPL (Buy Now Pay Later) services में नाम कमाया है। अब UPI ATM के जरिए company banking sector में भी बड़ी शुरुआत कर रही है।
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mobile voting in Bihar

Mobile e-Voting: बिहार में मोबाइल से होगा मतदान

Mobile e-Voting बिहार ने देश में पहली बार नगर निकाय चुनावों के लिए मोबाइल एप से वोटिंग की शुरुआत की है। जानिए कैसे काम करता है यह ब्लॉकचेन बेस्ड e-Voting सिस्टम और कौन-कौन कर सकता है इसका उपयोग। पटना | देश हरपल डेस्क:भारत के लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, बिहार पहला राज्य बन गया है, जहां नगर निकाय चुनावों में मोबाइल ऐप से ई-वोटिंग (e-Voting) को अनुमति दी गई है। इस डिजिटल वोटिंग प्रणाली की शुरुआत 28 जून 2025 को पटना, रोहतास और पूर्वी चंपारण जिलों की 6 नगर परिषदों में की गई है। यह प्रणाली विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं और प्रवासी वोटर्स के लिए राहत लेकर आई है, जो किसी कारणवश मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच सकते। कैसे काम करता है यह Secure e-Voting सिस्टम? इस मोबाइल वोटिंग सिस्टम को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी (Blockchain Technology) और फेस रिकग्निशन (Face Recognition) जैसे अत्याधुनिक तकनीकों से सुरक्षित बनाया गया है। सुरक्षा के विशेष इंतजाम: कैसे करें ई-वोटिंग के लिए रजिस्ट्रेशन? ई-वोटिंग के लिए e-SECBHR मोबाइल ऐप डाउनलोड करें (फिलहाल यह केवल एंड्रॉयड पर उपलब्ध है): यह सुविधा किनके लिए है? क्या विधानसभा चुनावों में होगा इसका प्रयोग? राज्य निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद ने कहा कि यह एक पायलट प्रोजेक्ट है। इसकी सफलता के आधार पर निर्णय लिया जाएगा कि क्या इसे आगामी विधानसभा चुनावों में लागू किया जा सकता है। यह कदम न केवल लोकतंत्र को तकनीकी रूप से उन्नत बना रहा है, बल्कि उन लाखों लोगों को भी जोड़ने की दिशा में है जो पारंपरिक वोटिंग में भाग नहीं ले पाते। देश हरपल की राय: बिहार सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की यह पहल निश्चित ही डिजिटल इंडिया मिशन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यदि यह प्रयोग सफल होता है तो भविष्य में पूरे देश में इस तकनीक को अपनाया जा सकता है। आपकी क्या राय है? क्या आप मोबाइल से वोट डालने के इस नए सिस्टम को अपनाएंगे?कमेंट कर बताएं, और यह खबर अपने दोस्तों से शेयर करें
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Indian Army

International Yoga Day 2025, Indian Army का High Altitude Yoga Mission

21 जून 2025 को पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत में भी International Yoga Day धूमधाम से मनाया गया, लेकिन भारतीय सेना (Indian Army) ने इसे बेहद अलग अंदाज़ में सेलिब्रेट किया। सेना ने देश के सबसे ऊंचे और कठिन इलाकों जैसे Siachen Glacier, Shahi Kangri, Pangong Lake, और Galwan Valley में योग कर यह साबित किया कि Yoga केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि discipline, strength और mental focus का प्रतीक है। कहां-कहां हुआ Indian Army का योग अभ्यास? Shahi Kangri Lake (लगभग 20,000 फीट) – जवानों ने बर्फ से ढकी सतह पर माइनस तापमान में योग किया।Galwan Valley (~15,000 फीट) – सामरिक दृष्टि से बेहद अहम इस क्षेत्र में जवानों ने शारीरिक और मानसिक मजबूती के लिए योग किया।Siachen Glacier (दुनिया का सबसे ऊँचा युद्धक्षेत्र) – बेस कैंप से लेकर फॉरवर्ड पोस्ट तक योगाभ्यास कर जवानों ने साहस का प्रदर्शन किया।Pangong Lake और Border Villages – “One Earth, One Health” थीम के साथ सामूहिक योग का आयोजन हुआ।Nubra Valley – सेना और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर एकजुटता और शांति का संदेश दिया। Yoga Benefits for Soldiers in High Altitude Areas Physical Fitness – ऊँचाई पर योग करने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और ऑक्सीजन की कमी से लड़ने में मदद मिलती है।Mental Wellness – कठोर परिस्थितियों में योग तनाव को कम करता है और फोकस बढ़ाता है।Discipline & Team Spirit – सामूहिक योग से एकजुटता और अनुशासन का भाव मज़बूत होता है।Global Message – Army ने “Yoga For One Earth, One Health” के ज़रिए पूरी दुनिया को स्वास्थ्य और सामूहिक चेतना का संदेश दिया। Indian Army की Courageous Background हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Air India

Air India Boeing Crash Black Box रिपोर्ट में Power Loss की पुष्टि

12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए Air India Boeing 787 Crash को लेकर चल रही जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हादसा पायलट की गलती (Pilot Error) से नहीं बल्कि अचानक हुई बिजली (Power) फेलियर की वजह से हुआ। आइए जानें इस हादसे से जुड़े सभी अहम अपडेट। Air India Plane Crash – क्या हुआ था फ्लाइट में? क्या है RAT सिस्टम और क्यों हुआ एक्टिव? इंजन में कोई खराबी नहीं, फिर क्या था कारण? Black Box जांच और इंटरनेशनल एजेंसियाँ शामिल पायलट और ट्रेनिंग रिकॉर्ड्स क्लियर हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FASTag

FASTag Annual Pass निजी वाहनों के लिए ₹3,000 में सालभर टोल फ्री यात्रा, 15 अगस्त से लागू

नई दिल्ली | देश हरपल ब्यूरोदेशभर के लाखों निजी वाहन चालकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने एक ऐतिहासिक पहल की घोषणा करते हुए बताया कि ₹3,000 में FASTag आधारित वार्षिक पास की सुविधा 15 अगस्त 2025 से लागू की जा रही है। क्या है यह ₹3,000 वाला FASTag वार्षिक पास? इस पास के जरिए कोई भी निजी वाहन (Car, Jeep, Van आदि) देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर बिना बार-बार टोल देने के अधिकतम 200 यात्राओं या एक साल तक (जो भी पहले हो) निर्बाध यात्रा कर सकेगा।यह सुविधा केवल गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए है, और इससे टोल प्लाजाओं पर लगने वाली भीड़ और प्रतीक्षा समय में भारी कमी आने की उम्मीद है। कैसे मिलेगा यह पास? नितिन गडकरी ने ‘X’ (पूर्व Twitter) पर जानकारी दी कि इस वार्षिक पास को Highway Travel App, NHAI और MoRTH की वेबसाइट पर एक अलग लिंक के माध्यम से सक्रिय (activate) किया जा सकेगा।जल्द ही रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी भी जारी की जाएगी 60 KM दायरे की टोल समस्याओं पर सीधा समाधान यह नीति विशेष रूप से उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो रोजाना 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाजाओं से होकर यात्रा करते हैं।अब उन्हें हर बार टोल देने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि एक सिंगल ट्रांजैक्शन में सालभर के लिए सुविधा मिल जाएगी। क्या बदल जाएगा इस पॉलिसी से? नितिन गडकरी ने क्या कहा? “यह वार्षिक पास नीति, टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने, विवादों को समाप्त करने और निजी वाहन चालकों के लिए एक तेज़ व सहज यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए लाई जा रही है।” — नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्र सरकार की यह पहल जहां आम नागरिकों की जेब पर असर कम करेगी, वहीं इससे डिजिटल टोल भुगतान और इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रैकिंग में भी सुधार होगा। FASTag सिस्टम के जरिए एक डिजिटली कनेक्टेड और ट्रांसपेरेंट टोल मैकेनिज्म की ओर भारत आगे बढ़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Census 2027

India Census 2027 Digital गिनती और Caste Data Collection का ऐलान

भारत सरकार ने जनगणना 2027 (Census 2027) की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह जनगणना कई मायनों में खास होगी—इस बार प्रक्रिया पूरी तरह Digital होगी और जातिगत आंकड़े (Caste Data) भी इकट्ठा किए जाएंगे। Census 2027 Key Dates – कब और कहां होगी जनगणना? जनगणना दो चरणों में होगी: हाउस लिस्टिंग (House Listing) चरण जनसंख्या गणना (Population Enumeration) चरण Census 2027 होगी Digital, Self-Enumeration Portal भी लॉन्च सरकार इस बार जनगणना में Digital Tools का उपयोग करेगी: 1931 के बाद पहली बार होगी जातीय जनगणना (Caste Census) इस जनगणना में: कितने लोग होंगे शामिल? Census 2027 Highlights (मुख्य बातें) चरण तारीख गतिविधि हाउस लिस्टिंग (हिम क्षेत्र) 1 अक्टूबर 2026 घर व सुविधाओं की जानकारी हाउस लिस्टिंग (अन्य क्षेत्र) 1 मार्च 2027 घर व सुविधाओं की जानकारी जनसंख्या गणना मार्च 2027 के बाद जाति, शिक्षा, रोजगार, जनसांख्यिकीय विवरण डेटा प्रोसेसिंग दिसंबर 2027 तक (संभावित) डिजिटल विश्लेषण और रिपोर्ट हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ahmedabad

Ahmedabad Plane Crash हादसे से पहले एक तस्वीर और ज्योतिषीय चेतावनी ने बढ़ाया रहस्य

हादसा या संयोग? एयर इंडिया Ahmedabad AI171 फ्लाइट क्रैश से पहले छपा विज्ञापन और ज्योतिषी की भविष्यवाणी बना सोशल मीडिया पर मिस्ट्री पॉइंट 12 जून 2025 को एयर इंडिया की Ahmedabad से लंदन (गैटविक) जाने वाली फ्लाइट AI171, टेक-ऑफ के कुछ मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह विमान बोइंग 787 ड्रीमलाइनर था, जिसमें 242 लोग सवार थे। दुखद रूप से, इस हादसे में सिर्फ एक यात्री ही जीवित बच पाया — जिसे “चमत्कारी उत्तरजीवी” कहा जा रहा है। Ahmedabad घटना ने पूरे देश को गहरे शोक और सदमे में डाल दिया है, लेकिन इसके साथ ही एक रहस्यमयी संयोग ने सबका ध्यान खींचा है — जिसने इस क्रैश को सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक रहस्य और चेतावनी में बदल दिया। KidZania का विज्ञापन या भविष्य की झलक? गुजरात के लोकप्रिय दैनिक अखबार मिड-डे के उसी दिन, यानी 12 जून के संस्करण के पहले पन्ने पर छपा एक विज्ञापन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह विज्ञापन बच्चों के मनोरंजन व लर्निंग हब KidZania से जुड़ा था, जिसमें एक Air India विमान की तस्वीर दिखाई गई थी — जो एक मिनिएचर शहर की इमारत से उड़ता हुआ प्रतीत हो रहा था। ज्योतिषी गौरव पुरोहित की भविष्यवाणी फिर चर्चा में इस बीच ज्योतिषाचार्य गौरव पुरोहित का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने इस तरह की संभावित वायु मार्ग दुर्घटना को लेकर पहले ही चेतावनी दी थी। गौरव जी पिछले 5 वर्षों से राजनीति, युद्ध, सामाजिक घटनाओं पर ज्योतिषीय विश्लेषण करते आ रहे हैं। उनका दावा है: क्या यह महज संयोग था या चेतावनी? जहां विज्ञान इस दुर्घटना की तकनीकी जांच में जुटा है, वहीं आमजन अब यह सवाल पूछ रहे हैं – क्या यह सब ‘कॉस्मिक अलर्ट’ था? भारत में कई लोग इस दुर्घटना और विज्ञापन के मेल को “दिव्य संयोग” मान रहे हैं, और सोशल मीडिया पर #AI171Coincidence ट्रेंड कर रहा है। 242 में से एक उत्तरजीवी: उम्मीद की एक किरण फिलहाल सभी की निगाहें उस एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति पर हैं, जो शायद दुनिया को इस हादसे की सच्ची कहानी सुना सके।सरकारी जांच एजेंसियां, DGCA और एयर इंडिया हादसे की जाँच में जुटी हैं, और ब्लैक बॉक्स रिकवर भी हो चुका है। जहां एक ओर यह हादसा तकनीकी खामियों की संभावनाओं के साथ जांच के घेरे में है, वहीं लोगों के मन में इसके रहस्यमयी पहलू भी सवाल खड़े कर रहे हैं। क्या यह सिर्फ संयोग था, या कोई आभास, कोई ज्योतिषीय चेतावनी? देश एक गहरे शोक में डूबा है, लेकिन यह घटना विज्ञान और आध्यात्मिक चेतना के बीच एक नई बहस भी छेड़ गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर! यदि आप इस विषय पर अपनी राय देना चाहते हैं, तो कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं।
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Kerala school rivalry news in Hindi

Kerala school rivalry news: 50 साल पुरानी रंजिश में दो बुजुर्गों ने पूर्व सहपाठी पर किया हमला

केरल के कासरगोड में 50 साल पुराना स्कूल विवाद बना हिंसा का कारण Kerala school rivalry news – केरल के कासरगोड जिले के मलोम कस्बे से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां स्कूल टाइम की 50 साल पुरानी रंजिश ने दो बुजुर्गों को हिंसा के रास्ते पर धकेल दिया। बालाल ग्राम पंचायत स्थित नटक्कल्लू एडेड स्कूल में साथ पढ़ने वाले तीन पूर्व सहपाठी—वी.जे. बाबू (62), मालोथु बालकृष्णन, और मैथ्यू वलियप्लक्कल—के बीच वर्षों पुराना विवाद फिर से उभर आया। होटल के बाहर हुआ हमला, टूटा दोस्ती का दिखावा घटना सोमवार को जनग्राम होटल के बाहर हुई, जब तीनों की आकस्मिक मुलाकात हो गई। बातचीत के दौरान पुरानी रंजिश फिर से भड़क उठी। रिपोर्ट के मुताबिक, बालकृष्णन ने बाबू को पकड़ लिया और मैथ्यू ने एक बड़ा पत्थर उठाकर बाबू के चेहरे और शरीर पर हमला कर दिया। इस हमले में बाबू के दो दांत टूट गए और उन्हें गंभीर हालत में परियारम स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज, कन्नूर में भर्ती कराया गया। गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज, हो सकती है जेल वेल्लरिकुंड पुलिस थाने के निरीक्षक टी.के. मुकुंदन के अनुसार, अगर मेडिकल रिपोर्ट में यह साबित हुआ कि बाबू के दांत हमले के कारण टूटे हैं, तो यह अपराध गैर-जमानती हो जाएगा। हमले के आरोप में बालकृष्णन और मैथ्यू पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं में केस दर्ज किया गया है: ₹1.5 लाख में सुलह की पेशकश, शराब की भी संभावना पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, घायल वी.जे. बाबू ने इस मामले को कोर्ट से बाहर सुलझाने की इच्छा जताई है, लेकिन बदले में ₹1.5 लाख की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी बयान दिया कि हमले के समय हमलावरों द्वारा शराब का सेवन किया गया हो सकता है। 50 साल पुरानी दुश्मनी का मनोवैज्ञानिक पहलू Kerala school rivalry news- विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूल में हुए छोटे-छोटे बुलींग या टकराव का असर लंबे समय तक मानसिक रूप से बना रह सकता है, खासकर अगर उसे सुलझाया न जाए। यह घटना बताती है कि बचपन की घटनाएं, अगर मन में बैठ जाएं, तो बुजुर्ग अवस्था में भी हिंसा का रूप ले सकती हैं।
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Shashank Singh

IPL 2025 Final में Shashank Singh की धमाकेदार पारी Punjab Kings के लिए मैच का टर्निंग पॉइंट

IPL 2025 के फाइनल मैच में Shashank Singh ने Punjab Kings के लिए एक शानदार और दमदार प्रदर्शन किया। उनके बेहतरीन 61* रन ने टीम को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया, लेकिन Royal Challengers Bengaluru (RCB) ने 6 रनों से जीत हासिल कर अपना पहला IPL खिताब जीता। मैच का पूरा हाल: Shashank IPL 2025 Performance Highlights: कप्तान Shreyas Iyer की प्रतिक्रिया: Punjab Kings के कप्तान Shreyas Iyer ने कहा,“Shashank Singh ने इस IPL सीजन में हमारी टीम की रीढ़ की तरह काम किया है। उनकी पारी ने फाइनल में टीम को लड़ने का मौका दिया।” सोशल मीडिया पर Shashank Singh का जलवा: IPL 2025 के दौरान Shashank Singh सोशल मीडिया पर #ClutchKing के नाम से ट्रेंड करते रहे। फैंस ने उन्हें “Punjab Kings का फिनिशर” और “Match Winner” बताया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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इंदौर में ‘Gen Z Protest 2.0’ जारी, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े युवा

इंदौर में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर युवाओं का आंदोलन जारी है। 5 अक्टूबर से प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने अपने आंदोलन को ‘Gen Z Protest 2.0’ नाम दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद वे अपनी मांग को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। 19 अक्टूबर को भंवरकुआं चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश की थी। हालांकि, पुलिस ने उन्हें समय रहते हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इसके बाद उन्हें करीब 24 घंटे तक नजरबंद रखा गया। रिहा होने के बाद युवाओं ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से जुटने की अपील की गई थी। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में संविधान और महात्मा गांधी की तस्वीरें थीं। इसके अलावा, उन्होंने अलग-अलग संदेश लिखी तख्तियों के जरिए अपनी मांगें भी रखीं। 50-60 पुलिसकर्मियों ने हटाया, प्रदर्शनकारी का दावा प्रदर्शनकारी योगित गुप्ता के मुताबिक, 19 अक्टूबर को वह अपने 10 साथियों के साथ भंवरकुआं चौराहे पर पहुंचे थे। उनके पास पेट्रोल से भरी बोतलें थीं और वे आत्मदाह करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान करीब 50 से 60 पुलिसकर्मियों ने उन्हें बलपूर्वक वहां से हटा दिया। योगित ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें आत्मदाह करने से रोकने के बाद करीब 24 घंटे तक नजरबंद रखा। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है और वे अपनी मांग को लेकर आगे भी प्रदर्शन जारी रखेंगे।
Neha Bora

Neha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा

दिल्ली में CJP प्रदर्शन को लेकर विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। 22 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नेहा बोरा (Neha Bora) ने साफ कहा कि उन्होंने कनॉट प्लेस में हुए प्रदर्शन के लिए न तो कोई कॉल दिया और न ही वह वहां गई थीं। उनके इस बयान के बाद CJP प्रदर्शन और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। Neha Bora की ओर से अदालत में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। उनका कहना है कि जिस प्रदर्शन से उन्हें जोड़कर कार्रवाई की गई, उसमें उनकी भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। अब इस मामले में सबकी नजर हाईकोर्ट की सुनवाई और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है। Delhi High Court में नेहा बोरा ने क्या कहा? दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नेहा बोरा की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में होने वाले प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया था। उन्होंने यह भी कहा कि वह वहां मौजूद नहीं थीं। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। बचाव पक्ष के मुताबिक, नेहा को हिरासत में लेने की प्रक्रिया और उसके बाद जारी किए गए नोटिस के लिए पर्याप्त आधार नहीं बताया गया। नेहा बोरा ने अदालत में पुलिस की ओर से जारी उस नोटिस को भी चुनौती दी है, जिसमें शांति बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये का निजी मुचलका और एक जमानतदार देने की शर्त रखी गई थी। क्या है Neha Bora और CJP प्रदर्शन का पूरा मामला? यह पूरा विवाद 16 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से जुड़ा है। इस मार्च के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विरोध दर्ज कराने की योजना थी। नेहा बोरा को 16 अक्टूबर को दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। बाद में उन्हें शांति बनाए रखने के लिए मुचलका देने से संबंधित नोटिस जारी किया गया। नेहा की ओर से अदालत में कहा गया कि मंडी हाउस में प्रस्तावित सभा और कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में होने वाले प्रदर्शन को एक ही मामला मानकर कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने पुलिस के कदम को चुनौती देते हुए नोटिस की वैधता पर सवाल उठाए हैं। CJP Leaders Update: सौरव दास और आशुतोष रांका को भी मिली राहत CJP प्रदर्शन से जुड़े मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका का नाम भी चर्चा में है। दोनों नेताओं को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद 21 अक्टूबर को दोनों की रिहाई का आदेश दिया गया। इसके लिए उन्हें निजी और जमानती मुचलके भरने तथा निर्धारित शर्तों का पालन करने को कहा गया। दोनों नेताओं की हिरासत और नेहा बोरा की याचिका ने दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार को लेकर बहस तेज कर दी है। SIR Controversy: क्यों हो रहा है विरोध? मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उससे जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। CJP से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। इसी बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों से मुचलका भरवाने जैसे मुद्दे अदालत तक पहुंच गए हैं। अब आगे क्या होगा? दिल्ली हाईकोर्ट में नेहा बोरा की ओर से पुलिस के नोटिस और हिरासत की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। अब इस मामले में अदालत की आगे की कार्यवाही अहम होगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह दावा नहीं किया जा सकता कि हाईकोर्ट ने नेहा बोरा को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है या पुलिस का नोटिस रद्द कर दिया है। मामले में अंतिम आदेश की पुष्टि होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

न्यूजीलैंड क्रिकेट का बड़ा फैसला, MLC में नहीं करेगा निवेश; NZ20 लीग भी टली

न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में निवेश नहीं करने का फैसला किया है। बोर्ड ने 2027 सीजन से पहले लीग की नई टीम शुरू करने के लिए अमेरिकी कंपनी ट्रू नॉर्थ स्पोर्ट्स (TNS) वेंचर्स के साथ साझेदारी की थी। हालांकि, अब न्यूजीलैंड क्रिकेट घरेलू क्रिकेट और अपने संसाधनों पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है। मेजर लीग क्रिकेट में न्यूजीलैंड के कई प्रमुख खिलाड़ी हिस्सा लेते रहे हैं। इनमें रचिन रवींद्र, फिन एलन, डेवोन कॉनवे, टिम सेफर्ट और लॉकी फर्ग्यूसन जैसे नाम शामिल हैं। अप्रैल 2025 में हुई थी साझेदारी की घोषणा न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अप्रैल 2025 में TNS वेंचर्स के साथ साझेदारी की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत बोर्ड को 2027 में MLC की प्रस्तावित दो नई टीमों में से एक को शुरू करने और संचालित करने में सहयोग देना था। इसके लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट को हाई-परफॉर्मेंस और संचालन से जुड़ी सहायता उपलब्ध करानी थी। हालांकि, अब बोर्ड ने इस योजना से पीछे हटने का निर्णय लिया है। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने कहा- अभी सही समय नहीं न्यूजीलैंड क्रिकेट के CEO ज्योफ एलॉट ने कहा कि उन्हें इस साझेदारी के उद्देश्य और महत्वाकांक्षा पर भरोसा है। उनके मुताबिक, अमेरिकी बाजार में क्रिकेट के विस्तार की काफी संभावनाएं हैं, लेकिन विस्तृत आकलन के बाद बोर्ड को लगता है कि फिलहाल इस दिशा में आगे बढ़ने का सही समय नहीं है। एलॉट ने TNS और MLC के सह-संस्थापक समीर मेहता तथा विजय श्रीनिवासन का अवसर तलाशने में सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड क्रिकेट भविष्य में दोनों के साथ संपर्क बनाए रखेगा। न्यूजीलैंड की NZ20 टी-20 लीग भी टली न्यूजीलैंड में प्रस्तावित पुरुष और महिला टी-20 लीग NZ20 की शुरुआत भी टाल दी गई है। इस लीग की योजना मौजूदा सुपर स्मैश टूर्नामेंट की जगह एक नई प्रतियोगिता शुरू करने की थी। पहले NZ20 को जनवरी 2027 में शुरू करने की योजना थी, लेकिन अब इसकी शुरुआत दिसंबर 2027 तक के लिए टाल दी गई है। इससे न्यूजीलैंड क्रिकेट की घरेलू टी-20 प्रतियोगिता की योजनाओं में भी बदलाव हुआ है।

Zomato-Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal लाएगी Dark.ai, सीक्रेट चैट और प्राइवेसी पर होगा फोकस

जोमैटो और ब्लिंकइट की पैरेंट कंपनी एटरनल (Eternal) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में नया कदम उठाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के प्रमुख दीपिंदर गोयल ने ‘Dark.ai’ नाम के नए AI ऐप के बारे में जानकारी दी है। इसका मुख्य फोकस यूजर्स की प्राइवेसी और संवेदनशील बातचीत की सुरक्षा पर होगा। गोयल के मुताबिक, इस ऐप को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि लोग अपनी निजी बातें, गोपनीय विचार, रिसर्च और जटिल सवाल बिना किसी झिझक के साझा कर सकें। फिलहाल कंपनी के कर्मचारी इसकी टेस्टिंग कर रहे हैं। डेटा सुरक्षा पर जोर, कंपनी भी नहीं पढ़ पाएगी चैट दीपिंदर गोयल ने बताया कि Dark.ai को कंपनी के अपने कंप्यूटर सिस्टम और सुरक्षित तकनीक पर चलाने की योजना है। इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है, ताकि बातचीत को अनधिकृत रूप से पढ़े जाने से बचाया जा सके। ऐप में एक विशेष मेमोरी सिस्टम भी होगा, जिस पर यूजर का नियंत्रण रहेगा। इसके जरिए यूजर अपनी जरूरत के अनुसार पुरानी बातचीत से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रख सकेंगे या हटा सकेंगे। हालांकि, ऐप की सुरक्षा व्यवस्था और डेटा प्रबंधन से जुड़े सभी तकनीकी विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसलिए कंपनी के दावों की वास्तविक सीमा लॉन्च के समय उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट होगी। स्टार्टअप, वैज्ञानिकों और रिसर्चर्स के लिए होगा उपयोगी Dark.ai को खास तौर पर उन लोगों और संस्थानों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जिन्हें संवेदनशील जानकारियों के साथ काम करना पड़ता है। इनमें स्टार्टअप संस्थापक, वैज्ञानिक, रिसर्चर्स, बड़ी कंपनियां और सरकारी कार्यालय शामिल हैं। गोयल के मुताबिक, इस AI को केवल यूजर को खुश करने के लिए जवाब देने के बजाय तथ्यों के आधार पर उत्तर देने के लिए तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसा सिस्टम बनाना है, जो यूजर की बातों से सहमत होने के बजाय अपनी समझ के अनुसार जवाब दे। मौजूदा AI ऐप्स की प्राइवेसी पर उठाए सवाल गोयल ने मौजूदा AI प्लेटफॉर्म्स पर डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि कई सेवाओं में यूजर डेटा सेव न करने का विकल्प चुनने के बाद भी बैकएंड पर जानकारी के प्रबंधन को लेकर स्पष्टता की कमी महसूस हो सकती है। उन्होंने कहा कि आम AI ऐप्स इस्तेमाल करते समय यूजर्स के मन में यह आशंका बनी रह सकती है कि उनकी बातचीत कोई पढ़ सकता है। उनके मुताबिक, इसी तरह का डर और अविश्वास लोगों को AI का पूरी क्षमता से इस्तेमाल करने से रोक सकता है। Dark.ai के जरिए कंपनी इस चिंता को कम करने और यूजर्स को निजी बातचीत के लिए अधिक सुरक्षित माहौल देने की कोशिश कर रही है। इसी साल लॉन्च की तैयारी, कीमत पर फैसला नहीं कंपनी की ओर से ऐप की लॉन्चिंग को लेकर इसी साल की तैयारी का संकेत दिया गया है। हालांकि, इसके काम करने की गति, इस्तेमाल किए जाने वाले AI मॉडल और अन्य तकनीकी विशेषताओं की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐप मुफ्त होगा या इसके लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ेगा, इस बारे में भी कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी है। इससे होने वाली संभावित कमाई को लेकर भी फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और क्विक कॉमर्स सेवा ब्लिंकइट के बाद AI सॉफ्टवेयर क्षेत्र में एटरनल का यह संभावित कदम कंपनी के कारोबार के विस्तार की दिशा में अहम हो सकता है।

eMudhra में तकनीकी गड़बड़ी की जांच के लिए IT मंत्रालय ने बनाई स्पेशल टीम, सरकार बोली- भारतीय वेबसाइट्स और ऐप सुरक्षित

डिजिटल सुरक्षा सेवाएं देने वाली कंपनी ई-मुद्रा (eMudhra) में तकनीकी गड़बड़ी सामने आने के बाद आईटी मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। सरकार के मुताबिक, इस गड़बड़ी का असर कंपनी के विदेशी कारोबार तक सीमित है। भारतीय वेबसाइट्स और ऐप्स की सुरक्षा प्रभावित होने की बात सामने नहीं आई है। सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। मामले की जांच साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से की जा रही है, ताकि गड़बड़ी की वजह और उसके संभावित प्रभाव का पता लगाया जा सके। eMudhra दो तरह की डिजिटल सुरक्षा सेवाएं देती है ई-मुद्रा का कारोबार मुख्य रूप से दो क्षेत्रों में फैला है। पहला, भारत में डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाएं देना। दूसरा, विदेशी वेबसाइट्स के लिए डिजिटल सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी करना। कंपनी से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, हालिया तकनीकी गड़बड़ी उसके विदेशी कारोबार से संबंधित डिजिटल सर्टिफिकेट्स में सामने आई। भारतीय डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाओं पर इसका असर होने की जानकारी नहीं दी गई है। सिस्टम की खराबी से बने कमजोर सुरक्षा कोड ई-मुद्रा के मुताबिक, सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण कुछ कमजोर सुरक्षा कोड बन गए थे। एक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने इस समस्या के बारे में एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मोजिला जैसी बड़ी टेक कंपनियों को अलर्ट किया। चिंता जताई गई कि इन कमजोर कोड का फायदा उठाकर साइबर हमलावर सुरक्षा प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि इन कोड का इस्तेमाल करके वास्तव में कोई हमला हुआ था। गूगल और मोजिला ने प्रभावित सर्टिफिकेट्स पर की कार्रवाई तकनीकी गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद ब्राउजर कंपनियों ने प्रभावित सुरक्षा प्रमाणपत्रों के खिलाफ कदम उठाए। इन कदमों का उद्देश्य प्रभावित प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल से जुड़े जोखिम को सीमित करना है। eMudhra का दावा- ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ ई-मुद्रा ने कहा है कि उसका मुख्य सिस्टम सुरक्षित है और किसी ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ है। कंपनी के अनुसार, जिस विदेशी कारोबार में गड़बड़ी सामने आई, उससे उसकी कुल कमाई का लगभग 1 प्रतिशत हिस्सा आता है। कंपनी प्रभावित विदेशी ग्राहकों को नए और सुरक्षित डिजिटल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भी जुटी है, ताकि उनकी सेवाएं जारी रह सकें। सरकार ने अफवाहों से बचने की अपील की आईटी मंत्रालय ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों के आधार पर घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार की साइबर सुरक्षा टीम और विशेषज्ञ तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, गड़बड़ी के वास्तविक दायरे और संभावित प्रभाव को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

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